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  • आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले, लेकिन ट्रॉफी से हमेशा दूर रहे ये खिलाड़ी

    आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले, लेकिन ट्रॉफी से हमेशा दूर रहे ये खिलाड़ी


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलना हर क्रिकेटर का सपना होता है, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे हैं जिन्होंने लाखों फैंस के बीच शानदार प्रदर्शन के बावजूद कभी खिताबी मुकाबला जीतने का सुख नहीं देखा। आइए जानते हैं ऐसे दिग्गज खिलाड़ियों के नाम।

    1. एबी डिविलियर्स
    दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने आईपीएल में 184 मैच खेले, लेकिन कभी फाइनल जीतने वाली टीम का हिस्सा नहीं बन सके। उन्होंने दिल्ली और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेला।

    2. संजू सैमसन
    संजू सैमसन ने आईपीएल में 178 मैच खेलते हुए भी खिताबी मुकाबला नहीं जीता। वह 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेल रहे हैं, लेकिन फाइनल जीत का अनुभव अभी तक नहीं मिला।

    3. युजवेंद्र चहल
    भारत के युजवेंद्र चहल 175 मुकाबलों में फाइनल जीतने में सफल नहीं रहे। आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स के साथ फाइनल तक पहुंचे, लेकिन खिताब जीत नहीं सके।

    4. अमित मिश्रा
    तीन हैट्रिक लेने वाले इकलौते गेंदबाज अमित मिश्रा ने 162 मैच खेलते हुए आज तक आईपीएल खिताबी टीम में जगह नहीं बनाई। उन्होंने कई बड़ी टीमों की तरफ से खेला।

    5. अक्षर पटेल
    अक्षर पटेल ने 163 मैच खेलते हुए भी फाइनल जीतने वाली टीम का हिस्सा नहीं बने। आईपीएल 2025 में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी करते हुए भी खिताबी जीत हाथ नहीं लगी।

    6. केएल राहुल
    टीम इंडिया के बल्लेबाज केएल राहुल ने 146 मैच खेले, लेकिन आईपीएल में एक बार भी चैंपियन टीम का हिस्सा नहीं बने।

    7. क्रिस गेल
    कैरेबियाई दिग्गज क्रिस गेल ने 142 मैच खेलते हुए भी खिताबी टीम का हिस्सा नहीं बन पाए।

    8. ग्लेन मैक्सवेल
    ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल 141 मैच खेल चुके हैं, लेकिन फाइनल जीतने वाली टीम में शामिल नहीं हुए।

    9. संदीप शर्मा
    अपनी लहराती गेंदों के लिए प्रसिद्ध संदीप शर्मा 138 मैच खेलकर भी आईपीएल खिताब जीतने में सफल नहीं हुए। उन्होंने कुल 146 विकेट लिए।

    10. ऋषभ पंत
    भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने 126 मैच खेलते हुए भी आईपीएल फाइनल नहीं जीता। वह आईपीएल 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स द्वारा 27 करोड़ रुपये में खरीदे गए थे।

  • 5 दिग्गज क्रिकेटर्स जिन्होंने कभी आईपीएल में नहीं खेला, लेकिन बने हैं यादगार

    5 दिग्गज क्रिकेटर्स जिन्होंने कभी आईपीएल में नहीं खेला, लेकिन बने हैं यादगार


    नई दिल्ली। आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) में खेलना हर क्रिकेटर का सपना होता है। लीग में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की किस्मत रातों-रात चमकती है, लेकिन कुछ ऐसे दिग्गज खिलाड़ी भी रहे, जिन्हें कभी आईपीएल खेलने का मौका नहीं मिला।

    1. जेम्स एंडरसन
    इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का नाम उन खिलाड़ियों में शामिल है जिन्हें आईपीएल का अवसर नहीं मिला। 42 साल की उम्र में उन्होंने ऑक्शन में हिस्सा लिया, लेकिन किसी टीम ने उन्हें खरीदा नहीं। एंडरसन टेस्ट क्रिकेट में 700 से ज्यादा विकेट लेने वाले एकमात्र तेज गेंदबाज हैं।

    2. स्टुअर्ट ब्रॉड
    इंग्लिश तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड को भी आईपीएल खेलने का मौका नहीं मिला। 2011 में पंजाब किंग्स ने उन्हें खरीदा था, लेकिन चोट के कारण ब्रॉड टूर्नामेंट से बाहर हो गए। इसके बाद उन्होंने आईपीएल से दूरी बना ली और टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता दी।

    3. एलिस्टर कुक
    इंग्लैंड के टेस्ट दिग्गज बल्लेबाज एलिस्टर कुक को टी20 का फॉर्मेट पसंद नहीं आया। कुक इंग्लैंड की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं और उन्होंने अपने करियर में 12,472 रन बनाए। आईपीएल में खेलने का अवसर उन्हें कभी नहीं मिला।

    4. मुशफिकुर रहीम
    बांग्लादेश के विकेटकीपर-बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने कई बार आईपीएल ऑक्शन में भाग लिया, लेकिन किसी भी टीम ने उन्हें नहीं खरीदा। रहीम टी20 और वनडे में बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं, फिर भी आईपीएल में उनका नाम शामिल नहीं हुआ।

    5. रीजा हेंड्रिक्स
    साउथ अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज रीजा हेंड्रिक्स कई अन्य टी20 लीग में खेल चुके हैं, लेकिन आईपीएल में किसी भी टीम का भरोसा नहीं जीत सके।

  • अजय कुमार शर्मा: जम्मू-कश्मीर को रणजी चैंपियन बनाने वाले कोच, 36 की उम्र में लगा बैन

    अजय कुमार शर्मा: जम्मू-कश्मीर को रणजी चैंपियन बनाने वाले कोच, 36 की उम्र में लगा बैन


    नई दिल्ली। जीवन में हमेशा वैसा नहीं होता है जैसा हम चाहते हैं। कभी इच्छा और जरूरत से ज्यादा मिल जाता है, तो कभी प्रतिभा और क्षमता से कम मौके मिलते हैं, और कभी-कभी कहानी ऐसे समाप्त होती है जिसका अंदाजा भी नहीं रहता। अजय कुमार शर्मा की कहानी ऐसी ही है।

    अजय कुमार शर्मा का जन्म 3 अप्रैल, 1964 को दिल्ली में हुआ था। बचपन से उन्हें क्रिकेट खेलने का शौक था। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों क्षेत्र में प्रतिभावान थे, इसलिए जूनियर स्तर से मौके मिलते चले गए।

    दाएं हाथ से मध्यक्रम की बल्लेबाजी और बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करने वाले अजय को 1984-85 सत्र में दिल्ली के लिए डेब्यू का मौका मिला। उन्होंने गेंद और बल्ले से प्रभावित किया, लेकिन भारतीय टीम में मौके के लिए उन्हें 4 साल का इंतजार करना पड़ा।

    अजय शर्मा ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए जनवरी 1988 में टेस्ट और वनडे में डेब्यू किया था। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच नवंबर 1993 में खेला था। इस दौरान उन्होंने 1 टेस्ट और 31 वनडे खेले। टेस्ट की 2 पारियों में उन्होंने 53 रन बनाए। वहीं 27 वनडे पारियों में 3 अर्धशतक की मदद से 424 रन बनाने के साथ ही 15 विकेट लिए। वनडे में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने की वजह से उन्हें ड्रॉप कर दिया गया। 1993 में टीम से ड्रॉप होने के बाद फिर उन्हें कभी राष्ट्रीय टीम में वापस आने का मौका नहीं मिला।

    अजय शर्मा का घरेलू करियर लंबा रहा है। दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले शर्मा ने 129 प्रथम श्रेणी मैचों की 166 पारियों में 38 शतक और 36 अर्धशतक की मदद से 10,120 रन बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 259 रन था। इसके अलावा 87 विकेट भी उनके नाम रहे।

    113 लिस्ट ए मैचों की 97 पारियों में 2 शतक और 20 अर्धशतक की मदद से उन्होंने 2,814 रन बनाए। सर्वाधिक स्कोर नाबाद 135 रहा। लिस्ट ए में उनके 108 विकेट भी दर्ज हैं। 1999-2000 में वे रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। उनका 31वां शतक भी एक रिकॉर्ड था। 1996-97 में वे रणजी ट्रॉफी के एक सीजन में 1000 रन बनाने वाले सिर्फ तीसरे बल्लेबाज बने थे।

    घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे शर्मा 2000 में फिक्सर्स के साथ संपर्क रखने के दोषी पाए गए और उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया। इस प्रतिबंध के साथ ही 36 साल की उम्र में उनका करियर समाप्त हो गया।

    2014 में बीसीसीआई ने अजय शर्मा पर लगे फिक्सिंग के आरोप हटा दिए। इसके बाद शर्मा कोचिंग के क्षेत्र आए। अजय शर्मा ने कोचिंग के क्षेत्र में बड़ा कीर्तिमान हासिल किया है। अपनी कोचिंग में उन्होंने पहली बार जम्मू-कश्मीर को रणजी ट्रॉफी का चैंपियन बनाया है। शर्मा की कहानी हमें सिखाती है कि जीवन की दिशा कभी-भी और कहीं से भी बदली जा सकती है। इसके लिए स्पष्ट लक्ष्य और मेहनत निरंतर कठिन परिश्रम जरुरी है।

  • लिएंडर पेस ने भारत में ऑस्ट्रेलिया के राजदूत से की मुलाकात, फिलिप ग्रीन ने साझा की तस्वीर

    लिएंडर पेस ने भारत में ऑस्ट्रेलिया के राजदूत से की मुलाकात, फिलिप ग्रीन ने साझा की तस्वीर


    नई दिल्ली।दिग्गज भारतीय टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने भारत में ऑस्ट्रेलिया के राजदूत फिलिप ग्रीन से मुलाकात की। ग्रीन ने पेस के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की और ऑस्ट्रेलिया में बिताए गए समय को याद किया।

    ग्रीन ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, “टेनिस के दिग्गज लिएंडर पेस के साथ ऑस्ट्रेलिया में बिताए सालों और अब हम इसे कहां ले जाते हैं, इस पर बहुत अच्छी बातचीत हुई। वह भारत-ऑस्ट्रेलिया खेलों के मिश्रण को लेकर बहुत महत्वाकांक्षी हैं।” पेस मुलाकात के लिए ऑस्ट्रेलिया उच्चायोग पहुंचे थे।

    लिएंडर पेस की उपलब्धियां
    पेस भारत के सफलतम और लोकप्रिय टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं। वह भारत के एकमात्र टेनिस खिलाड़ी हैं जिनके नाम टेनिस ओलंपिक पदक है। उन्होंने 1996 अटलांटा ओलंपिक में पुरुष एकल में कांस्य पदक जीता।

    मिक्स डबल्स में पेस के प्रमुख जीतें:

    ऑस्ट्रेलियन ओपन: 2003, 2010, 2015
    फ्रेंच ओपन: 2016
    विंबलडन: 1999, 2003, 2010, 2015
    यूएस ओपन: 2008, 2015

    डबल्स में पेस की प्रमुख जीतें:

    ऑस्ट्रेलियन ओपन: 2012
    फ्रेंच ओपन: 1999, 2001, 2009
    यूएस ओपन: 2006, 2009, 2013

    राजनीति में सक्रियता
    पेस राजनीति में भी सक्रिय हैं। पश्चिम बंगाल में अप्रैल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। पेस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य हैं, और उन्होंने 31 मार्च 2026 को भाजपा की सदस्यता ली थी। सदस्य बनने के बाद पेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इससे पहले पेस पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सदस्य थे।

  • 26 पर 4 विकेट फिर आया रिजवी तूफान LSG को अपने ही खिलाड़ी ने दी मात

    26 पर 4 विकेट फिर आया रिजवी तूफान LSG को अपने ही खिलाड़ी ने दी मात

    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में एक ऐसा नाम तेजी से सुर्खियों में आया जिसने मुश्किल हालात में अपनी टीम को जीत दिलाकर सभी का ध्यान खींच लिया यह नाम है Sameer Rizvi का जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ मैच का रुख बदल दिया जब Delhi Capitals की टीम केवल 26 रन पर 4 विकेट गंवाकर संकट में थी तब रिजवी ने मोर्चा संभाला और 70 रनों की दमदार पारी खेल टीम को जीत तक पहुंचाया

    समीर रिजवी का जन्म 6 दिसंबर 2003 को हुआ और वे उत्तर प्रदेश से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं उन्होंने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था और अंडर 19 स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है उनकी बल्लेबाजी शैली काफी हद तक Suresh Raina से मिलती है जिसके कारण उन्हें सोशल मीडिया पर दाएं हाथ का सुरेश रैना भी कहा जाता है

    रिजवी ने मात्र 11 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और मेरठ की गांधीबाग अकादमी में अभ्यास किया उनके मामा तनकीब अख्तर ने उन्हें ट्रेनिंग दी और क्रिकेट को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित किया बचपन में ही उनकी प्रतिभा इतनी खास थी कि एक मैच के दौरान उनकी फील्डिंग देखकर खुद सुरेश रैना भी प्रभावित हो गए और उन्हें प्रोत्साहित किया

    शुरुआत में रिजवी ओपनिंग बल्लेबाज थे लेकिन बाद में उनकी स्पिन के खिलाफ मजबूत बल्लेबाजी को देखते हुए उन्हें मिडिल ऑर्डर में भेजा गया जहां उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई हालांकि उनका सफर आसान नहीं रहा साल 2020 में उनके पिता को ब्रेन हैमरेज हुआ जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई इसके बावजूद उन्होंने क्रिकेट से ध्यान नहीं हटाया और लगातार मेहनत करते रहे

    उनकी असली पहचान 2023 की यूपी टी20 लीग में बनी जहां उन्होंने 455 रन बनाकर सबको प्रभावित किया इस दौरान उन्होंने 47 गेंदों में शतक भी जड़ा उनकी इसी विस्फोटक बल्लेबाजी ने आईपीएल फ्रेंचाइजियों का ध्यान अपनी ओर खींचा

    आईपीएल 2024 की नीलामी में MS Dhoni की टीम Chennai Super Kings ने उन पर 8.40 करोड़ रुपये खर्च कर बड़ा भरोसा जताया उन्होंने अपने डेब्यू मैच की पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर शानदार शुरुआत की हालांकि एक सीजन के बाद टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया

    इसके बाद 2025 में Delhi Capitals ने उन्हें 95 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया और अब उन्होंने इस भरोसे को सही साबित करते हुए मैच जिताऊ पारी खेली खास बात यह रही कि उन्होंने उसी क्षेत्र की टीम Lucknow Super Giants के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया जहां से वे घरेलू क्रिकेट खेलते हैं

    समीर रिजवी की यह पारी सिर्फ एक जीत नहीं बल्कि उनके संघर्ष मेहनत और आत्मविश्वास की कहानी भी है जिस तरह उन्होंने दबाव में खेलते हुए मैच खत्म किया उसने यह साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल चुका है आने वाले समय में यह युवा खिलाड़ी और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है

  • IPL 2026: पारी की शुरुआत रणनीति का हिस्सा – LSG-DC मैच के बाद ऋषभ पंत का बड़ा बयान

    IPL 2026: पारी की शुरुआत रणनीति का हिस्सा – LSG-DC मैच के बाद ऋषभ पंत का बड़ा बयान


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले गए मुकाबले में एक बड़ा सरप्राइज देखने को मिला, जब कप्तान ऋषभ पंत खुद पारी की शुरुआत करने उतरे। आमतौर पर मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने वाले पंत का यह फैसला चर्चा का विषय बन गया।

    रणनीति के तहत लिया गया फैसला

    मैच के बाद ऋषभ पंत ने साफ किया कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि टीम की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था। उन्होंने बताया कि टीम चाहती थी कि निकोलस पूरन को मिडिल ओवर में उतारा जाए, ताकि वह आक्रामक भूमिका निभा सकें।

    लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन का था प्लान

    पंत ने कहा कि ओपनिंग में लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन बनाकर विपक्षी टीम को अपने लेफ्ट-आर्म स्पिनर, खासकर अक्षर पटेल, का असरदार इस्तेमाल करने से रोका जा सकता था। हालांकि, उनके जल्दी आउट हो जाने से यह रणनीति पूरी तरह सफल नहीं हो।

    ओपनिंग जारी रख सकते हैं पंत

    भविष्य में भी ओपनिंग करने के सवाल पर ऋषभ पंत ने संकेत दिए कि वह टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी जारी रख सकते हैं, अगर टीम की ज़रूरत रही।

    पहले मैच में फ्लॉप रही रणनीति

    हालांकि, इस मुकाबले में पंत का यह प्रयोग सफल नहीं रहा। वह 9 गेंद पर सिर्फ 7 रन बनाकर आउट हो गए। उनके जल्दी विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई।

    आंकड़ों में पंत की ओपनिंग

    करीब एक दशक लंबे टी20 करियर में ऋषभ पंत ने सिर्फ 23 बार पारी की शुरुआत की है, जबकि आईपीएल में वे सिर्फ 7 बार ओपनिंग की है। यह खुलता है कि यह भूमिका उनके लिए नई नहीं, लेकिन रेगुलर भी नहीं है।

    मैच का हाल

    लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम 18.4 ओवर में 141 रन पर सिमट गई। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने 17.1 ओवर में 145 रन बनाकर 6 विकेट से मुकाबला जीत लिया।

    अगली चुनौती

    अब लखनऊ सुपर जायंट्स का अगला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 5 अप्रैल को खेला जाएगा।

  • IPL 2026: SRH के सामने कड़ी चुनौती, KKR को उसके घर में हराना आसान नहीं

    IPL 2026: SRH के सामने कड़ी चुनौती, KKR को उसके घर में हराना आसान नहीं


    नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का छठा मुकाबला गुरुवार को ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमों को अपने-अपने पहले मैच में हार मिली थी, ऐसे में इस मुकाबले के सीजन की पहली जीत का दावा बेहद अहम हो गया है।

    होम ग्राउंड पर केकेआर का पलड़ा भारी

    कोलकाता नाइट राइडर्स अपने घरेलू मैदान पर हमेशा मजबूत टीम बनी हुई है। आंकड़ों में यह भी लिखा है कि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ केकेआर का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए 30 मुकाबलों में केकेआर ने 19 जीत दर्ज की हैं, जबकि एसआरएच को 10 मैचों में सफलता मिली है।

    कैप्टन पैट कमिंस की गैरमौजूदगी बड़ी चिंता

    SRH की सबसे बड़ी समस्या उनके नियमित कप्तान पैट कमिंस की शिकायत है। उनकी गैरमौजूदगी टीम की सदस्यता और लीडरशिप दोनों को प्रभावित कर रही है, जिससे टीम का बैलेंस बैलेंस देखने को मिल रहा है।

    शीर्ष क्रम की ख़राब फॉर्म से बेहतर मुश्किल

    SRH के लिए ट्रैविस हेड और अभिषेक शर्मा की फॉर्म चिंता का विषय है। दोनों ओपनर्स के हाल के मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया जा सका। यदि ये दोनों बैटरियां जल्दी आउट होती हैं, तो टीम बड़े स्कोर तक पहुंच कर संघर्ष कर सकती है।

    मध्य क्रम भी नहीं दे पा रहा साथ

    हेनरिक क्लासेन जैसे पॉकेटमार बल्लेबाज भी हाल के दिनों में अपनी लय में नजर नहीं आए हैं। मिडिल ऑर्डर की यही कमज़ोरी SRH के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

    ईशान किशन पर टिकी विवरण

    SRH के लिए राहत की बात यह है कि ईशान किशन शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले मैच में 80 रन की तूफानी पारी खेली थी। केकेआर की टीम के खिलाफ भी बड़ी पारी की उम्मीद है।

    ऑनलाइन खेलना आश्चर्यजनक होगा

    SRH के नामांकन में जयदेव उनादकट, हर्षल पटेल और ईशान मलिंगा को जिम्मेदारी लेनी होगी। केकेआर मजबूत टीम के खिलाफ सिर्फ बल्लेबाजी नहीं, बल्कि बल्लेबाजी और फील्डिंग में भी बेहतरीन प्रदर्शन जरूरी है।

    प्लांट का कोम्पोट क्या है?

    केकेआर को घरेलू फ्लोरिडा लाभ का लाभ मिलेगा, जबकि एसआरएच को अपने विभाग में सुधार करना होगा। अगर हैदराबाद ने यह मैच जीता है, तो उन्हें ऑलराउंड प्रदर्शन करना होगा।

  • IPL 2026 अपडेट: शुरुआती मुकाबलों के बाद टॉप-4 में जगह बनाने वाली टीमें

    IPL 2026 अपडेट: शुरुआती मुकाबलों के बाद टॉप-4 में जगह बनाने वाली टीमें


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 19वें सीजन में सभी 10 टीमों ने अपने-अपने पहले मुकाबले खेले हैं। शुरुआती मैचों के बाद अंक तालिका ने दिलचस्प रूप ले लिया है, जहां कुछ टीमें दमदार शुरुआत के साथ टॉप-4 में जगह बनाने में सफल रही हैं, जबकि कुछ को अभी लंबा सफर तय करना है।

    टॉप पर राजस्थान, शानदार जीत का मिला फायदा

    राजस्थान रॉयल्स ने अपने पहले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हराकर अंक तालिका में पहला स्थान हासिल किया है। टीम का नेट रन रेट भी मजबूत है, जो उन्हें अन्य टीमों से आगे रखता है।

    RCB दूसरे नंबर पर, जीत से आत्मविश्वास बढ़ा

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने सनराइजर्स हैदराबाद को 6 विकेट से हराकर दूसरे स्थान पर कब्जा जमाया है। टीम की बैलेंस्ड रैंकिंग उन्हें शुरुआती बढ़त दिला रही है।

    दिल्ली कैपिटल्स तीसरे स्थान पर

    दिल्ली कैपिटल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 6 विकेट से हराते हुए तीसरे स्थान पर जगह बनाई है। इस जीत में टीम के मिडिल ऑर्डर ने शानदार भूमिका निभाई।

    मुंबई इंडियंस चौथे स्थान पर

    मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स को हराकर चौथा स्थान हासिल किया है। टीम की बल्लेबाजी ने अच्छा प्रदर्शन किया और जीत सुनिश्चित की।

    मिड टेबल में पंजाब, बाकी टीमों को झटका

    पंजाब किंग्स पांचवें स्थान पर है, जिसने गुजरात टाइटन्स को करीबी मुकाबले में हराया। वहीं हारने वाली टीमों में गुजरात टाइटन्स छठे, कोलकाता नाइट राइडर्स सातवें, लखनऊ सुपर जायंट्स आठवें, सनराइजर्स हैदराबाद नौवें और चेन्नई सुपर किंग्स दसवें स्थान पर हैं।

    सभी के 2-2 अंक, रन रेट से तय रैंकिंग

    अब तक खेले गए 5 मुकाबलों में जीत दर्ज करने वाली सभी टीमों के 2-2 अंक हैं। ऐसे में अंक तालिका में स्थान का नेट रन रेट के आधार पर किया गया है, जिससे शुरुआती चरण में ही प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी नजर आ रही है।

    अभी लंबा है टूर्नामेंट

    सीजन अभी शुरुआती दौर में है और सभी टीमों के पास वापसी का पूरा मौका है। जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, अंक तालिका में लगातार बदलाव देखने को मिलेंगे।

  • “जर्सी पहनते ही लक्ष्य सिर्फ देश की जीत” – एश्ले गार्डनर का जुनून भरा बयान

    “जर्सी पहनते ही लक्ष्य सिर्फ देश की जीत” – एश्ले गार्डनर का जुनून भरा बयान


    नई दिल्ली। एशले गार्डनर ने साफ कहा है कि राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनने के बाद उनका एकमात्र लक्ष्य अपने देश के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना होता है। ऑस्ट्रेलिया महिला टीम इस समय वेस्टइंडीज महिला के दौरे पर है और शानदार प्रदर्शन करते हुए टी20 सीरीज के बाद वनडे सीरीज में भी 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है।

    क्लीन स्वीप पर ऑस्ट्रेलिया की नजर

    तीसरे और अंतिम वनडे से पहले एशले गार्डनर ने कहा कि टीम का पूरा फोकस आखिरी मैच यूएई सीरीज को क्लीन स्वीप करने पर है। उन्होंने साफ किया कि खिलाड़ी आराम करने के बजाय अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने पर ध्यान दे रहे हैं।

    ‘जर्सी पहनना ही जिम्मेदारी बढ़ जाती है’

    गार्डनर ने कहा, “जब भी हम देश की जर्सी पहनते हैं, तो हमारा लक्ष्य सिर्फ जीतना होता है। हम चाहते हैं कि सीजन का अंत शानदार तरीकों से हो और हम अपनी सफलता का जश्न मनाएं।” उन्होंने यह भी बताया कि सीजन के बाद टीम को लंबा ब्रेक मिलने वाला है, जिससे खिलाड़ी तरोताजा होकर वापसी करेंगे।

    नई कप्तान के साथ शानदार तालमेल

    ऑस्ट्रेलिया की उपकप्तान एशले गार्डनर ने टीम की कप्तान सोफी मोलिनक्स की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सोफी के नेतृत्व में टीम का माहौल बेहद पॉजिटिव और ऊर्जावान है। गार्डनर के अनुसार, सोफी मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह टीम में एनर्जी भरती हैं और खिलाड़ियों का खास ख्याल रखती हैं, जिससे टीम का प्रदर्शन बेहतर होता है।

    टीमवर्क और लीडरशिप पर फोकस

    उन्होंने कहा कि टीम और सपोर्ट स्टाफ के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कई समन्वय के बावजूद टीम एकजुट होकर आगे बढ़ रही है और लीडरशिप ग्रुप यह तय करने में सक्षम है कि कैसे पूरी स्क्वॉड पर पॉजिटिव प्रभाव डाला जाए।

    सीजन का शानदार अंत करने की तैयारी

    ऑस्ट्रेलिया महिला टीम का लक्ष्य अब इस दौरे का समापन यादगार तरीके से करना है। टीम चाहती है कि आखिरी मैच में भी क्लिनिकल प्रदर्शन कर जीत हासिल की जाए और पूरे दौरे को सफल बनाया जाए।

  • एलएसजी की सबसे बड़ी कमजोरी आई सामने, अभिनव मुकुंद बोले- निरंतरता की कमी

    एलएसजी की सबसे बड़ी कमजोरी आई सामने, अभिनव मुकुंद बोले- निरंतरता की कमी


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में लखनऊ सुपर जाइंट्स ने सबसे पहले दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 6 विकेट से हार झेलनी पड़ी। इस हार के बाद टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर अभिनव मुकुंद ने एलएसजी की सबसे बड़ी समस्या ‘निरंतरता की कमी’ बताई है।

    टीम की पहचान अभी भी साफ नहीं

    अभिनव मुकुंद ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में कहा कि एलएसजी अभी भी अपनी स्पष्ट पहचान बना रही है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि गुजरात टाइटंस का उदाहरण दिया गया है, जो 2022 में ही बनी टीम है, लेकिन अब उसकी रणनीति और खेल शैली के लिए जाना जाता है। मुकुंद के अनुसार, गुजरात अपनी गेंदबाजी और अनुभवी स्पिनरों पर भरोसा करता है, जबकि लखनऊ में ऐसी स्पष्ट रणनीति पर नजर नहीं पड़ती।

    शीर्ष क्रम मजबूत, लेकिन मध्य क्रम क्रमिक

    उन्होंने कहा कि मिचेल मार्श और एडेन मार्कराम जैसे खिलाड़ी टॉप नंबर में मजबूत हैं, लेकिन इसके बाद टीम में विश्वसनीयता की कमी नजर आ रही है। खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार एक जैसा नहीं रहता, जो टीम के लिए चिंता का विषय है।

    ऑनलाइन भी स्थिरता का अभाव

    मार्क वुड जैसे खिलाड़ी कभी-कभी मैच जिताने वाले प्रदर्शन करते हैं, लेकिन वह लगातार नहीं होते हैं। मुकुंद का मानना ​​है कि येही सुपरमार्केट टीम को पीछे छोड़ रही है।

    टीम कॉम्बिनेशन पर भी उठे सवाल

    दिल्ली के लॉज में एलएसजी का संतुलन भी बना हुआ है। टीम में सात बल्लेबाज और सिर्फ चार कलाकार शामिल हुए। मुकुंद ने इस फैसले को लॉटरी में शामिल किया था, खासकर तब जब दिगवेश राठी को टीम में शामिल नहीं किया गया था।

    मैच का हाल: 141 पर सेमी एलएसजी

    लखनऊ सुपर जाइंट्स की पूरी तरह से फ्लॉप रही और टीम 18.4 ओवर में 141 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने 17.1 ओवर में 145 रन बनाकर मुकाबला आसानी से जीत लिया।

    आगे की राह आसान नहीं

    एलएसजी का अगला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 5 अप्रैल को राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा। टीम को इस मैच में वापसी के लिए रणनीति और प्रदर्शन दोनों में सुधार करना होगा।

    अब तक का रिकॉर्ड

    2022 लीग में शामिल हुई लखनऊ सुपर जाइंट्स ने अब तक 58 मैचों में 30 जीत और 28 हार दर्ज की है। टीम दो बार प्लेऑफ़ में पहुंची है, लेकिन पिछले सीज़न में वह जगह पर रही थी।