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  • अभिषेक शर्मा का तूफानी अंदाज, पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का सातवां कारनामा, टी20 इंटरनेशनल में बने नंबर-1 बल्लेबाज

    अभिषेक शर्मा का तूफानी अंदाज, पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का सातवां कारनामा, टी20 इंटरनेशनल में बने नंबर-1 बल्लेबाज


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ गुरुवार को क्राइस्टचर्च के हैगली ओवल में खेले जा रहे टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में अभिषेक ने अपनी पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर इतिहास रच दिया। यह सातवीं बार था जब उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाया। इस उपलब्धि के साथ अभिषेक इस प्रारूप में सबसे ज्यादा बार पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज और पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता को चर्चा में ला दिया है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में अभिषेक को भारतीय पारी की छठी गेंद पर स्ट्राइक मिली। सामने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी थे लेकिन अभिषेक ने बिना समय गंवाए गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचा दिया। टी20 क्रिकेट में पहली गेंद से ही बड़े शॉट खेलने के लिए पहचाने जाने वाले अभिषेक ने इस छक्के के साथ अपने रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जोड़ ली। इस मामले में अफगानिस्तान के शफीकुल्लाह शिनवारी छह बार पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाने के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव पांच बार ऐसा कर चुके हैं।

    मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट के नुकसान पर 225 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने नाबाद 82 रन की शानदार पारी खेली जबकि फिन एलन ने 45 रन और बेवॉन जैकब्स ने 31 रन का योगदान दिया। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और निर्धारित 20 ओवर में रन गति को तेज बनाए रखा। भारत के सामने जीत के लिए बड़ा लक्ष्य था और ऐसे में सलामी बल्लेबाजों से तेज शुरुआत की उम्मीद थी।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए केवल 35 गेंदों में 93 रन जोड़ दिए। अभिषेक ने 12 गेंदों में तीन छक्कों और दो चौकों की मदद से 29 रन बनाए। दूसरी ओर संजू सैमसन ने 33 गेंदों में चार छक्कों और आठ चौकों की मदद से 67 रन की शानदार पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को शुरुआती ओवरों में मजबूत स्थिति में पहुंचाया और बड़े लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीदों को बढ़ाया।

    अभिषेक और संजू की जोड़ी ने इस मुकाबले में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। दोनों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान पांचवीं बार 50 या उससे अधिक रन की ओपनिंग साझेदारी की। इससे पहले अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने 2025 में पांच बार यह कारनामा किया था। वहीं रोहित शर्मा और केएल राहुल की जोड़ी ने 2021 में पांच बार 50 से अधिक रन की शुरुआती साझेदारी की थी। रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी ने 2018 में चार बार ऐसा किया था।

    इस मुकाबले में अर्धशतक लगाने वाले संजू सैमसन ने भी एक खास उपलब्धि हासिल की। वह 2026 में भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 50 से अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए। इस सूची में सूर्यकुमार यादव 2022 में 11 अर्धशतकों के साथ शीर्ष पर हैं जबकि विराट कोहली ने 2022 में और अभिषेक शर्मा ने 2026 में नौ नौ बार 50 से अधिक रन बनाए हैं। संजू सैमसन और ईशान किशन 2026 में आठ आठ बार यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। इस तरह न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रिकॉर्ड के साथ साझेदारी में भी अपनी आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन किया।

  • पाकिस्तान ने भारत में खेलने से किया इनकार, इंटरनेशनल मास्टर्स वर्ल्ड कप से हटे डिफेंडिंग चैंपियन

    पाकिस्तान ने भारत में खेलने से किया इनकार, इंटरनेशनल मास्टर्स वर्ल्ड कप से हटे डिफेंडिंग चैंपियन

    नई दिल्ली । पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अपनी ओवर-50 क्रिकेट टीम को भारत में होने वाले इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह टूर्नामेंट जनवरी 2027 में भारत में आयोजित होना है। पाकिस्तान के इस फैसले के बाद उसकी टीम प्रतियोगिता से हट गई है।

    खास बात यह है कि पाकिस्तानी टीम पिछले साल श्रीलंका में आयोजित इस टूर्नामेंट की विजेता रही थी और अब उसे अपने खिताब का बचाव करने का मौका नहीं मिलेगा। बुधवार, 21 अक्टूबर को पाकिस्तान की ओर से इस फैसले की जानकारी साझा की गई। टीम के हटने के बाद आयोजकों को प्रतियोगिता में उसकी जगह किसी दूसरी टीम को शामिल करने की व्यवस्था करनी होगी।

    पाकिस्तान की टीम की भागीदारी को लेकर पहले भारतीय आयोजकों और टूर्नामेंट प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिए गए थे। पाकिस्तान वेटरंस क्रिकेट एसोसिएशन (पीवीसीए) को भरोसा दिलाया गया था कि टीम के खिलाड़ियों को समय पर वीजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही भारत में खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए उच्च स्तर के इंतजाम करने की बात भी कही गई थी।

    इन आश्वासनों के बाद पीवीसीए ने अपनी सरकार और क्रिकेट बोर्ड से भारत जाकर टूर्नामेंट खेलने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, तमाम तैयारियों और आश्वासनों के बावजूद पाकिस्तान की टीम को भारत आने की मंजूरी नहीं मिल सकी। इस फैसले के कारण टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी समाप्त हो गई है।

    पाकिस्तान वेटरंस क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख फवाद एजाज ने बुधवार को बताया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उनकी टीम को भारत जाकर खेलने की अनुमति देने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि आयोजकों को पहले ही टीम के हटने की सूचना दे दी गई है, ताकि वे समय रहते किसी दूसरी टीम को शामिल करने की व्यवस्था कर सकें।

    फवाद एजाज के मुताबिक, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी इस संबंध में स्पष्ट कर दिया था कि टीम को भारत में खेलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख भी हैं। बोर्ड और संबंधित मंत्रालयों से हरी झंडी नहीं मिलने के कारण पिछले संस्करण की विजेता टीम को टूर्नामेंट से पीछे हटना पड़ा। इस तरह खिलाड़ियों की भागीदारी का फैसला अंततः बोर्ड और सरकार की अनुमति पर निर्भर रहा।

    भारत में किसी प्रतियोगिता में भाग लेने से पाकिस्तान की किसी टीम के इनकार का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने भी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में खेलने के लिए भारत आने से मना कर दिया था। उस समय पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश की टीम को प्रतियोगिता में शामिल किया गया था।

    अब इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट वर्ल्ड कप से पाकिस्तान की ओवर-50 टीम के हटने के बाद आयोजकों को फिर से वैकल्पिक टीम की व्यवस्था करनी होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की जगह किस टीम को शामिल किया जाएगा, इसका नाम सामने नहीं आया है। आयोजकों को टूर्नामेंट की तैयारियों के बीच इस खाली स्थान को भरने की व्यवस्था करनी होगी, ताकि प्रतियोगिता का कार्यक्रम प्रभावित न हो।

    भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से राजनीतिक तनाव और खराब संबंधों का असर खेल आयोजनों पर भी दिखाई देता रहा है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज लंबे समय से नहीं खेली जा रही हैं। ऐसे में भारतीय और पाकिस्तानी टीमें आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) या एशियाई स्तर के बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में ही एक-दूसरे के खिलाफ खेलती हैं।

    इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट वर्ल्ड कप से पाकिस्तान की टीम के हटने का फैसला भी इसी व्यापक पृष्ठभूमि में चर्चा का विषय बना है। हालांकि, इस मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से टीम को भारत आने की अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आई है। टूर्नामेंट में पाकिस्तान की अनुपस्थिति के बाद अब आयोजकों के सामने उसकी जगह दूसरी टीम को शामिल करने की जिम्मेदारी है।

  • Ind vs NZ: टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, ईशान किशन के पास कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका

    Ind vs NZ: टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, ईशान किशन के पास कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका


    क्राइस्टचर्च।
    ईशान किशन (Ishan Kishan) के पास न्यूजीलैंड (New Zealand) के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज (Five-match T20I series) में बल्ले से धमाल मचाने के साथ कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है. भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज T20 इंटरनेशनल में 2000 रन पूरे करने से सिर्फ 46 रन दूर हैं. इसके अलावा वह सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) और पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान (Mohammad Rizwan) के रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज गुरुवार (22 अक्टूबर) से शुरू होगी. पहला मुकाबला क्राइस्टचर्च (Christchurch) में खेला जाएगा. ईशान इस साल शानदार फॉर्म में हैं और नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है।


    1-सूर्या का रिकॉर्ड तोड़ने से सिर्फ 7 रन दूर

    ईशान किशन ने अब तक 66 T20 इंटरनेशनल मैचों की 66 पारियों में 31.51 के एवरेज और 148.81 के स्ट्राइक रेट से 1,954 रन बनाए हैं. इसमें एक शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 103 रन है।

    ईशान इस साल T20 इंटरनेशनल में 34 पारियों में 37.35 की औसत और 172.06 के स्ट्राइक रेट से 1,158 रन बना चुके हैं. उनके नाम एक शतक और सात अर्धशतक हैं. अब वह सिर्फ सात रन बनाते ही सूर्यकुमार यादव को पीछे छोड़ देंगे. सूर्या ने 2022 में 1,164 रन बनाए थे, जो एक कैलेंडर ईयर में किसी भारतीय बल्लेबाज के सबसे ज्यादा T20I रन का रिकॉर्ड है।


    2-पाकिस्तानी बैटर मोहम्मद रिजवान भी निशाने पर

    ईशान किशन के निशाने पर पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान का रिकॉर्ड भी है. रिजवान ने 2021 में 29 पारियों में 1,326 T20I रन बनाए थे. इस दौरान उन्होंने एक शतक और 12 अर्धशतक लगाए थे. ईशान को टेस्ट खेलने वाले देशों के बल्लेबाजों के बीच एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा T20I रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए 139 रन और चाहिए।


    3-एक साल में 2000 T20 रन बनाने का मौका

    ईशान किशन इस साल सभी तरह के T20 मुकाबलों में भी जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने 49 मैचों की 49 पारियों में 38.26 की औसत और 175 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 1,760 रन बनाए हैं. इसमें एक शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच T20I मैचों के बाद दिसंबर में श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज भी खेली जानी है. ईशान को इस कैलेंडर ईयर में 2,000 T20 रन पूरे करने के लिए 240 रन और बनाने हैं. अब तक यह उपलब्धि वेस्टइंडीज के निकोलस पूरन (2,331 रन) और मोहम्मद रिजवान (2024 में 2,036 रन) हासिल कर चुके हैं. ईशान ऐसा करने वाले पहले भारतीय बन सकते हैं।


    न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की T20I टीम

    श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव।

  • Aus vs SA: कगिसो रबाड़ा के नाम बड़ी उपलब्धि… घरेलू मैदानों पर मात्र 7017 गेंदों पर झटक लिए 200 विकेट

    Aus vs SA: कगिसो रबाड़ा के नाम बड़ी उपलब्धि… घरेलू मैदानों पर मात्र 7017 गेंदों पर झटक लिए 200 विकेट


    गकेबरहा।
    साउथ अफ्रीकी तेज गेंदबाज (South African Fast Bowler) कगिसो रबाडा (Kagiso Rabada) ने टेस्ट क्रिकेट (Test cricket) में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. वह घरेलू मैदानों पर 200 टेस्ट विकेट लेने वाले साउथ अफ्रीका (South Africa) के चौथे गेंदबाज बन गए हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गकेबरहा टेस्ट में निक मैडिनसन और मिचेल स्टार्क को आउट करके रबाडा ने यह मुकाम हासिल किया. खास बात यह है कि उन्होंने महज 7017 गेंदों में 200 विकेट पूरे कर लिए, जो इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए किसी भी गेंदबाज द्वारा ली गई सबसे कम गेंदें हैं।

    कगिसो रबाडा ने अपने घरेलू मैदानों पर अब तक 38 टेस्ट मैचों में 202 विकेट हासिल किए हैं. इस दौरान उनका औसत 19.99 रहा है. उन्होंने 10 बार एक पारी में पांच विकेट और चार बार मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा किया है. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 112 रन देकर सात विकेट है. साउथ अफ्रीका के लिए घरेलू टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में डेल स्टेन 261 विकेट के साथ पहले स्थान पर हैं. मखाया एंटिनी ने 249 और शॉन पोलॉक ने 235 विकेट लिए हैं. रबाडा अब इस सूची में चौथे गेंदबाज हैं।

    मैचों के लिहाज से डेल स्टेन ने 37 टेस्ट में 200 घरेलू विकेट पूरे किए थे, जबकि कगिसो रबाडा को एक मैच ज्यादा लगा. हालांकि, गेंदों के मामले में रबाडा ने स्टेन को पीछे छोड़ दिया. स्टेन ने इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए 7751 गेंदें फेंकी थीं. रबाडा की उपलब्धि ऐसे समय आई, जब साउथ अफ्रीका ने दूसरे टेस्ट में शानदार वापसी की।

    मेजबान टीम ने ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में महज 99 रन पर समेटकर फॉलोऑन खेलने पर मजबूर कर दिया. रबाडा ने 12 ओवर्स में 33 रन देकर दो विकेट लिए. मार्को जानसेन ने 33 रन देकर पांच विकेट चटकाए, जबकि वियान मुल्डर को दो सफलता मिलीं. ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्टीव स्मिथ ने सबसे ज्यादा 28 रन बनाए. उन्होंने 88 गेंदों का सामना किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके।


    बावुमा का यादगार शतक

    इससे पहले साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी भी लड़खड़ा गई थी और टीम ने 110 रनों के स्कोर तक छह विकेट गंवा दिए थे. कप्तान टेम्बा बावुमा ने 334 गेंदों पर 179 रन बनाकर पारी को संभाला. मार्को जानसेन ने 85 रनों की पारी खेली और बावुमा के साथ सातवें विकेट के लिए 132 रन जोड़े. जानसेन के आउट होने के बाद साइमन हार्मर ने कप्तान का साथ दिया. दोनों के बीच आठवें विकेट के लिए 183 रनों की साझेदारी हुई. हार्मर ने 82 रन बनाए और साउथ अफ्रीका का स्कोर 425/9 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. ऑस्ट्रेलिया के लिए स्कॉट बोलैंड ने 81 रन देकर पांच विकेट लिए थे।

    ऑस्ट्रेलियाई टीम तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है. दूसरे टेस्ट में एक दिन का खेल बाकी रहते साउथ अफ्रीका के पास जीत दर्ज कर सीरीज बराबर करने का मौका है. कगिसो रबाडा की रिकॉर्ड उपलब्धि और गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन ने मेजबान टीम की उम्मीदों को मजबूत किया है।

  • एशियन पैरा गेम्स : शीतल-तोमन की जोड़ी ने तीरंदाजी में जीता स्वर्ण, सुवर्णा को डिस्कस थ्रो में मिला गोल्ड

    एशियन पैरा गेम्स : शीतल-तोमन की जोड़ी ने तीरंदाजी में जीता स्वर्ण, सुवर्णा को डिस्कस थ्रो में मिला गोल्ड


    आइची नागोया।
    एशियन पैरा गेम्स 2026 (Asian Para Games 2026) के चौथे दिन भारत (India) ने सुवर्णा राज (Suvarna Raj) के स्वर्ण और स्वाति चौधरी (Swati Chaudhary) के ऐतिहासिक रजत के साथ शानदार शुरुआत की। सुवर्णा ने महिला डिस्कस थ्रो एफ54 में 15.66 मीटर के थ्रो से स्वर्ण जीता। वहीं, स्वाति महिला डब्ल्यू1 तीरंदाजी में भारत का पहला पदक जीतने वाली खिलाड़ी बनीं। पैरा बैडमिंटन में भी भारत ने दो कांस्य पदक जीते और एक जोड़ी फाइनल में पहुंची। इसके साथ ही शीतल देवी और तोमन कुमार ने पैरा कंपाउंड मिक्स्ड टीम में स्वर्ण जीता।

    शीतल देवी और तोमन कुमार ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। भारतीय जोड़ी ने पैरा कंपाउंड मिक्स्ड टीम के फाइनल में इंडोनेशिया को 151-148 से हराकर खिताब अपने नाम किया। कड़े मुकाबले में दोनों ने संयम बनाए रखा और भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। नागोया में भारत के खाते में एक और स्वर्ण पदक जुड़ गया। शीतल देवी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सफलता में नया अध्याय जोड़ा। इस स्वर्ण पदक के साथ दोनों का ऐतिहासिक अभियान पूरा हुआ। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने रैंकिंग राउंड में 1,402 अंक का शानदार संयुक्त स्कोर बनाकर विश्व रिकॉर्ड तोड़ा था। फाइनल में जीत के साथ दोनों ने अपने दमदार प्रदर्शन पर स्वर्णिम मुहर लगा दी।

    सुवर्णा राज ने महिला डिस्कस थ्रो एफ54 स्पर्धा में 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 13.68 मीटर की दूरी हासिल की, जबकि दूसरे प्रयास में 15.09 मीटर तक डिस्कस फेंका। इसके बाद पांचवें प्रयास में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। ईरान की शाहिद हबीबी ने 15.45 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता। वह सुवर्णा से महज 21 सेंटीमीटर पीछे रहीं। वियतनाम की गुयेन थी न्गोक थuy ने 14.65 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।

    सुवर्णा राज भारत की अनुभवी पैरा एथलीट हैं और व्हीलचेयर का इस्तेमाल करती हैं। वह तीन एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और 2017 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। जनवरी 2026 में कैनबरा ट्रैक मीट में उन्होंने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण और शॉट पुट में रजत पदक जीता था। इसके बाद दुबई वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भी उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया।

    खेल के अलावा सुवर्णा दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुगम्यता के लिए भी काम करती हैं। वह भारत में 1,000 से अधिक सुगम्यता ऑडिट कर चुकी हैं और उन्हें 2015 में राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

    भारत ने पैरा बैडमिंटन में दो और कांस्य पदक अपने नाम किए। पुरुष एकल एसएल4 स्पर्धा में सुहास यथिराज और अभिजीत सुखुजा ने कांस्य पदक जीते। सुहास ने इंडोनेशिया के पैरालंपिक पदक विजेता फ्रेडी सेतियावान को कड़ी टक्कर दी, लेकिन तीन गेम तक चले मुकाबले में उन्हें 21-23, 21-8, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, अभिजीत को हमवतन नवीन शिवकुमार के खिलाफ 13-21, 15-21 से शिकस्त मिली। अब नवीन और सेतियावान फाइनल में आमने-सामने होंगे। इस तरह स्वर्ण पदक के मुकाबले में भारत का एक खिलाड़ी जरूर पहुंचेगा।

    भारत के खाते में बैडमिंटन का एक और कांस्य पदक जुड़ गया। संजना कुमारी ने महिला एकल एसएल3 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उन्हें सेमीफाइनल में जापान की शिनो कावाई के खिलाफ 7-21, 9-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ संजना का स्वर्ण पदक जीतने का सपना टूट गया, लेकिन उन्होंने कांस्य पदक के साथ प्रतियोगिता का समापन किया। नागोया में बैडमिंटन में भारत के पदकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।


    भारत के 70 पदक, छठे स्थान पर देश

    एशियन पैरा गेम्स 2026 की पदक तालिका में भारत 15 स्वर्ण, 22 रजत और 33 कांस्य सहित कुल 70 पदक जीतकर छठे स्थान पर है। भारत को सबसे ज्यादा 43 पदक पैरा एथलेटिक्स में मिले हैं, जिनमें 14 स्वर्ण, 13 रजत और 16 कांस्य शामिल हैं। पैरा बैडमिंटन और पैरा तैराकी में छह-छह, पैरा टेबल टेनिस में पांच और पैरा शूटिंग में चार पदक मिले हैं। वहीं, पैरा तीरंदाजी, पैरा जूडो और पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत ने दो-दो पदक जीते हैं। पदक तालिका में चीन 249 पदकों (116 स्वर्ण) के साथ शीर्ष पर है, जबकि उज्बेकिस्तान 98 पदकों के साथ दूसरे और मेजबान जापान 106 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है। दक्षिण कोरिया 52 पदकों के साथ चौथे और ईरान 66 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर है। भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या ईरान के बराबर 15 है, लेकिन रजत पदक एक कम होने के कारण भारत छठे स्थान पर है।

  • कौन हैं पैरा तैराक शम्स आलम? जापान में यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार, आजीवन प्रतिबंध का खतरा

    कौन हैं पैरा तैराक शम्स आलम? जापान में यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार, आजीवन प्रतिबंध का खतरा


    नई दिल्ली। भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख पर जापान में एक महिला होटल कर्मचारी के साथ कथित यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के बाद जापानी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और बाद में उन्हें भारत वापस भेज दिया गया। 40 वर्षीय शम्स आलम को अब भारतीय पैरालंपिक समिति (PCI) की अनुशासनात्मक कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। उनके खिलाफ आजीवन प्रतिबंध लगाने पर जांच के बाद फैसला लिया जाएगा।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नागोया में भारतीय दल के साथ मौजूद PCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने घटना की पुष्टि की। अधिकारी ने कथित व्यवहार को निंदनीय बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी खिलाड़ी के ऐसे आचरण को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

    शम्स आलम पर आजीवन प्रतिबंध की मांग
    रिपोर्ट के मुताबिक, PCI के अधिकारी ने कहा कि शम्स आलम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने भारतीय दल की छवि और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने का हवाला देते हुए आजीवन प्रतिबंध की मांग की। हालांकि, इस संबंध में अंतिम फैसला जांच के बाद ही लिया जाएगा।

    होटल में हाउसकीपिंग के दौरान हुई घटना
    बताया जा रहा है कि यह घटना सोमवार को नागोया के फोर पॉइंट्स बाय शेरेटन होटल में हुई, जहां भारतीय पैरा तैराकी टीम ठहरी हुई थी। आरोप है कि घटना के समय एक महिला कर्मचारी शम्स आलम के कमरे में हाउसकीपिंग का काम कर रही थी।

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस उन्हें स्थानीय थाने ले गई। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने मामले को अदालत तक पहुंचने से रोकने के लिए प्रयास किए। इसके बाद लिखित माफी और शम्स आलम को तत्काल जापान छोड़ने के निर्देश दिए जाने की बात कही गई है। घटना के बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने होटल प्रबंधन और संबंधित महिला कर्मचारी से माफी भी मांगी।

    कौन हैं शम्स आलम शेख?
    मोहम्मद शम्स आलम शेख भारत के पैरा तैराक हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पैरा स्विमिंग में उनकी पहचान एक प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी के रूप में रही है।
    – विश्व रैंकिंग: वर्ल्ड पैरा स्विमिंग रिकॉर्ड के अनुसार, शम्स आलम पुरुषों की 100 मीटर बटरफ्लाई (S5) और 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक (SB4) स्पर्धाओं में दुनिया के नंबर-1 तैराक रह चुके हैं।
    – एशियाई पैरा गेम्स: उन्होंने 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
    – अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि: रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पिछले साल रेकजाविक इंटरनेशनल गेम्स में 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में स्वर्ण पदक जीता था। इस प्रदर्शन के दौरान भारतीय और एशियाई रिकॉर्ड बनाया था।

  • वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार, मुरली कार्तिक ने समझाई टीम इंडिया की हकीकत, संजू-अभिषेक को हटाना आसान नहीं

    वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार, मुरली कार्तिक ने समझाई टीम इंडिया की हकीकत, संजू-अभिषेक को हटाना आसान नहीं


    नई दिल्ली। आईपीएल में अपने बल्ले से तहलका मचाकर दुनियाभर में चर्चा बटोरने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के सामने अब एक नई चुनौती खड़ी है। कम उम्र में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करने के बाद हर क्रिकेट प्रेमी उन्हें भारतीय टीम की जर्सी में खेलते देखना चाहता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाना केवल प्रतिभा और बड़े स्कोर बनाने तक सीमित नहीं है। टीम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीम की रणनीति और सही मौके का इंतजार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। वैभव के लिए अब सबसे बड़ा इम्तिहान अपनी प्रतिभा साबित करने के साथ धैर्य बनाए रखने का है।

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर मुरली कार्तिक ने वैभव की मौजूदा स्थिति पर अपनी राय रखते हुए कहा है कि क्रिकेट में हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को तुरंत प्लेइंग इलेवन में जगह मिल जाए यह जरूरी नहीं है। कई बार खिलाड़ियों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ता है और इस सच्चाई को स्वीकार करना उनके करियर का अहम हिस्सा होता है। कार्तिक के मुताबिक किसी खिलाड़ी को केवल इसलिए टीम से बाहर नहीं किया जा सकता कि कोई दूसरा युवा खिलाड़ी अधिक रोमांचक प्रतिभा के रूप में सामने आया है। चयन के पीछे ठोस वजह और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।

    भारतीय टीम में ओपनिंग की जगह को लेकर इस समय मुकाबला काफी दिलचस्प है। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे स्थापित खिलाड़ियों के रहते वैभव के लिए तुरंत नियमित जगह बनाना आसान नहीं होगा। दोनों खिलाड़ी 2026 टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में केवल एक युवा खिलाड़ी को मौका देने के लिए मौजूदा संयोजन में बदलाव करना टीम प्रबंधन के लिए आसान फैसला नहीं होगा।

    मुरली कार्तिक ने भी इस बात पर जोर दिया कि केवल बदलाव करने के लिए बदलाव नहीं करना चाहिए। उनका मानना है कि भारतीय ओपनिंग जोड़ी के प्रदर्शन में उतार चढ़ाव जरूर रहा है लेकिन इसी जोड़ी ने टीम को कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में जीत भी दिलाई है। ऐसे में कुछ मैचों के प्रदर्शन के आधार पर स्थापित खिलाड़ियों को बाहर करना सही रणनीति नहीं मानी जा सकती। टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों के पिछले योगदान और भविष्य की योजनाओं दोनों को ध्यान में रखकर फैसला लेना होता है।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यशस्वी जायसवाल का उदाहरण भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रतिभाशाली बल्लेबाज होने के बावजूद सीमित ओवरों की टीम में नियमित जगह हासिल करना आसान नहीं होता। टीम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों और टीम संयोजन के कारण कई बार अच्छे खिलाड़ी को भी अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इससे यह साफ होता है कि प्रतिभा किसी खिलाड़ी को पहचान दिला सकती है लेकिन नियमित अवसर हासिल करने के लिए परिस्थितियों का साथ देना भी जरूरी है।

    कार्तिक के मुताबिक कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर वैभव से इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे होंगे। इसका अर्थ यह नहीं है कि युवा बल्लेबाज टीम की योजनाओं से बाहर हैं। बल्कि उन्हें सही समय पर अवसर देने और भविष्य के लिए तैयार रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है। वैभव को इस दौरान अपनी फिटनेस तकनीक और बल्लेबाजी की निरंतरता पर ध्यान देना होगा ताकि मौका मिलने पर वह प्रभावशाली प्रदर्शन कर सकें।

    दूसरी ओर संजू सैमसन का हालिया प्रदर्शन वैभव के लिए प्रतिस्पर्धा को और कठिन बना रहा है। टी20 विश्व कप 2026 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे संजू ने अपने पिछले दस मैचों में चार अर्धशतक लगाए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में भी उनके प्रदर्शन ने टीम में उनकी दावेदारी को मजबूत किया है। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे विकल्पों की मौजूदगी से भारतीय टीम के पास शीर्ष क्रम में कई विकल्प उपलब्ध हैं।

    ऐसे में वैभव सूर्यवंशी को समझना होगा कि आईपीएल की सफलता उनके करियर की बड़ी उपलब्धि जरूर है लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबी पारी खेलने के लिए धैर्य और निरंतरता भी जरूरी है। कम उम्र में मिली लोकप्रियता उनके लिए अवसरों के दरवाजे खोल सकती है लेकिन दबाव को संभालना और अपने मौके का पूरा फायदा उठाना ही उन्हें आगे बढ़ाएगा। फिलहाल उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती इंतजार के इस दौर में खुद को तैयार रखना है क्योंकि टीम इंडिया में जगह बनाने की असली परीक्षा अभी बाकी है।

  • पहले बल्ले से बरसे अराफात मिन्हास, फिर गेंद से उड़ाई इंग्लैंड की धज्जियां, पाकिस्तान ने दर्ज की धमाकेदार जीत

    पहले बल्ले से बरसे अराफात मिन्हास, फिर गेंद से उड़ाई इंग्लैंड की धज्जियां, पाकिस्तान ने दर्ज की धमाकेदार जीत


    नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम को युवा ऑलराउंडर अराफात मिन्हास के रूप में एक ऐसा खिलाड़ी मिला है जिसने अपने दमदार प्रदर्शन से इंग्लैंड की मजबूत टीम को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। रावलपिंडी में खेले गए वनडे ट्राई सीरीज के मुकाबले में 21 वर्षीय मिन्हास ने पहले बल्ले से 59 रन की अहम पारी खेली और फिर गेंदबाजी में छह विकेट चटकाकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी को तहस नहस कर दिया। उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 87 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने टूर्नामेंट में अपनी दूसरी जीत दर्ज की और मिन्हास ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    20 अक्टूबर को रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही और पारी की पहली ही गेंद पर गस एटकिंसन ने फखर जमां को आउट कर दिया। सैम अयूब भी केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद बाबर आजम ने 52 गेंदों पर 34 रन बनाए लेकिन वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। सलमान अली आगा भी 16 रन बनाकर आउट हो गए। पाकिस्तान ने महज 59 रन के स्कोर पर चार विकेट गंवा दिए थे और टीम मुश्किल में नजर आ रही थी।

    ऐसे समय में हसन नवाज और साद बेग ने पारी को संभालने की जिम्मेदारी उठाई। दोनों बल्लेबाजों ने उपयोगी साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकालने का प्रयास किया। साद बेग ने 35 रन बनाए जबकि हसन नवाज ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 74 गेंदों पर 79 रन ठोक दिए। उनकी पारी में पांच चौके और चार छक्के शामिल रहे। हसन नवाज के आउट होने के बाद अराफात मिन्हास ने मोर्चा संभाला और 58 गेंदों पर 59 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में नौ चौके लगाए और फहीम अशरफ के साथ सातवें विकेट के लिए 72 रन की अहम साझेदारी की। फहीम ने 25 गेंदों पर 39 रन बनाकर पाकिस्तान की रन गति तेज की। कप्तान शाहीन आफरीदी के उपयोगी योगदान से पाकिस्तान ने 50 ओवर में नौ विकेट पर 302 रन बनाए।

    303 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने तेज शुरुआत की। टॉम बैंटन और बेन डकेट ने पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़कर पाकिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। डकेट ने 45 रन बनाए जबकि बैंटन ने 53 गेंदों पर 57 रन की पारी खेली। हारिस रऊफ ने डकेट को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा और इसके बाद अराफात मिन्हास ने बैंटन को पवेलियन भेज दिया। मिन्हास ने इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को भी केवल पांच रन पर आउट कर दिया। इसके बाद इंग्लैंड की पारी लड़खड़ाने लगी। जो रूट ने 33 रन बनाए लेकिन नसीम शाह ने उन्हें बोल्ड कर दिया। हारिस रऊफ ने सैम करन को 27 रन पर आउट करके इंग्लैंड की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

    इसके बाद अराफात मिन्हास पूरी तरह इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर हावी हो गए। उन्होंने जॉर्डन कॉक्स और जेमी ओवर्टन को आउट करने के बाद विल जैक्स और आदिल राशिद के विकेट भी झटक लिए। इस तरह उन्होंने छह विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मिन्हास ने 8.4 ओवर में केवल 40 रन देकर छह विकेट हासिल किए। हारिस रऊफ को दो और नसीम शाह को एक विकेट मिला। इंग्लैंड की पूरी टीम 38.4 ओवर में 215 रन पर सिमट गई और पाकिस्तान ने मुकाबला 87 रन से जीत लिया। बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन करने वाले अराफात मिन्हास ने साबित कर दिया कि वह पाकिस्तान क्रिकेट के लिए भविष्य में एक अहम ऑलराउंडर बन सकते हैं।

  • Ind W vs ZIM W: तीसरे T-20 में भारत ने जिम्बाब्वे को 92 रन से हराया…. सीरीज 3-0 से जीती

    Ind W vs ZIM W: तीसरे T-20 में भारत ने जिम्बाब्वे को 92 रन से हराया…. सीरीज 3-0 से जीती


    रायपुर।
    भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian Women’s Cricket Team) ने रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए तीसरे और आखिरी टी20 मुकाबले (Third and Final T20 Match) में जिम्बाब्वे (Zimbabwe) को 92 रनों के बड़े अंतर से मात दे दी है. इस शानदार जीत के साथ ही टीम इंडिया ने तीन मैचों की टी20 सीरीज पर 3-0 से कब्जा जमाते हुए शानदार अंदाज में क्लीन स्वीप कर लिया है।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत तेज रही. सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (Shafali Verma) और अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) ने टीम को तेज शुरुआत दिलाई. अनुष्का ने 20 गेंदों में 28 रनों की पारी खेली, जबकि शेफाली वर्मा ने महज 37 गेंदों पर 69 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 5 छक्के शामिल रहे।

    शेफाली और हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) के बीच हुई 84 रनों की शानदार साझेदारी ने पारी को मजबूत रफ्तार दी. इसके बाद पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात कर दी. हरमनप्रीत ने महज 41 गेंदों में नाबाद 91 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 शानदार चौके और 5 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे।

    उन्होंने अपनी इस नाबाद पारी के दम पर भारत को निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 216 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया. जिम्बाब्वे की तरफ से बिलव्ड बिजा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट चटकाए, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों को रोकने में नाकामयाब रहीं.


    जिम्बाब्वे की टीम 124 रनों पर सिमटी

    217 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम नियमित अंतराल पर अपने विकेट गंवाती चली गई. जिम्बाब्वे की ओर से शार्ने मायर्स ने संघर्ष करते हुए 49 गेंदों में 60 रन बनाए, जबकि बिलव्ड बीजा ने 44 रनों का योगदान दिया. इनके अलावा टीम की कोई भी अन्य बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं सकी. निर्धारित 20 ओवरों में जिम्बाब्वे की टीम 7 विकेट के नुकसान पर 124 रन ही बना पाई. भारतीय गेंदबाजों ने दमदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया.

    नंदिनी शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवरों में मात्र 18 रन देकर सबसे ज्यादा 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके. इसके अलावा क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, दीप्ति शर्मा और निकी प्रसाद को 1-1 सफलता हाथ लगी. इस तरह भारतीय टीम ने मुकाबले को 92 रनों से अपने नाम कर सीरीज का शानदार अंत किया.

  • टीम इंडिया की चयन समिति में बड़ा फेरबदल, अजीत अगरकर की जगह प्रज्ञान ओझा को जिम्मेदारी; रमेश पोवार की भी वापसी

    टीम इंडिया की चयन समिति में बड़ा फेरबदल, अजीत अगरकर की जगह प्रज्ञान ओझा को जिम्मेदारी; रमेश पोवार की भी वापसी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने पुरुष क्रिकेट टीम की चयन समिति में बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को नया चीफ सेलेक्टर नियुक्त किया है। वह अजीत अगरकर की जगह यह अहम जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके साथ ही पूर्व भारतीय क्रिकेटर और अनुभवी कोच रमेश पोवार को भी चयन समिति में शामिल किया गया है। नई नियुक्तियों के बाद भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की पांच सदस्यीय चयन समिति का पुनर्गठन पूरा हो गया है। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि नई समिति भविष्य की सीरीज और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए टीम इंडिया का चयन किस रणनीति के तहत करती है।

    प्रज्ञान ओझा को चयन समिति का अध्यक्ष बनाने के पीछे उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में टेस्ट मैचों की वरिष्ठता को आधार बताया गया है। बाएं हाथ के पूर्व स्पिन गेंदबाज ओझा ने भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है और अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई। अब उन्हें खिलाड़ियों के चयन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। चयन समिति का काम केवल टीम में खिलाड़ियों के नाम तय करना नहीं होता बल्कि टीम की जरूरतों घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन खिलाड़ियों की फिटनेस और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखकर सही संयोजन तैयार करना भी होता है। ऐसे में ओझा के सामने प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों को मौका देने और अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखने के बीच संतुलन कायम करने की चुनौती होगी।

    वहीं रमेश पोवार को चयन समिति में शामिल करना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पोवार भारतीय टीम के लिए दो टेस्ट और 31 वनडे मुकाबले खेल चुके हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने कोचिंग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रह चुके हैं। इसके अलावा मुंबई और गुजरात की टीमों के साथ भी कोच के रूप में काम कर चुके हैं। बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव भी उनके पास है। महिला टीम के साथ उनके कार्यकाल में भारत ने एशिया कप का खिताब जीता और कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक हासिल किया। उनके अनुभव से चयन समिति को खिलाड़ियों की तकनीक और प्रदर्शन का आकलन करने में मदद मिल सकती है।

    रमेश पोवार के नाम की सिफारिश बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति ने की। इस समिति में अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे शामिल थे। दोनों ने बीसीसीआई मुख्यालय में आवेदकों की स्क्रीनिंग और साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोवार के नाम पर सर्वसम्मति से सहमति जताई। इसके बाद उन्हें चयन समिति में शामिल करने की सिफारिश की गई।

    बीसीसीआई ने पूर्व चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के योगदान की भी जमकर सराहना की है। अगरकर ने जुलाई 2023 में चयन समिति के अध्यक्ष का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने तीन आईसीसी ट्रॉफियां और दो एशिया कप खिताब जीते। इसके अलावा भारत ने लगातार दो एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किए। इन उपलब्धियों के चलते उनके कार्यकाल को भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    नई चयन समिति में प्रज्ञान ओझा अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे जबकि शिव सुंदर दास आरपी सिंह अजय रात्रा और रमेश पोवार अन्य सदस्य होंगे। अब इस नई टीम के सामने भारतीय क्रिकेट की मजबूती बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम तैयार करने की जिम्मेदारी होगी।