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  • महिला टी20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान महामुकाबला आज, हेड टू हेड रिकॉर्ड में टीम इंडिया का दबदबा

    महिला टी20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान महामुकाबला आज, हेड टू हेड रिकॉर्ड में टीम इंडिया का दबदबा


    मध्‍य प्रदेश । आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें रविवार को होने वाले भारत और पाकिस्तान के बहुप्रतीक्षित मुकाबले पर टिकी हैं। पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच यह मुकाबला बर्मिंघम के प्रतिष्ठित Edgbaston में खेला जाएगा। दोनों देशों के बीच होने वाला कोई भी क्रिकेट मैच विशेष महत्व रखता है, लेकिन विश्व कप के मंच पर इसकी रोमांचकता और भी बढ़ जाती है।

    इतिहास पर नजर डालें तो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय महिला टीम का पाकिस्तान के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 16 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से 13 मैचों में जीत India Women’s Cricket Team के खाते में गई है। वहीं, पाकिस्तान की टीम केवल तीन मुकाबलों में ही जीत दर्ज कर सकी है। यही कारण है कि आगामी मुकाबले में भी भारतीय टीम को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

    दोनों टीमों की पिछली भिड़ंत 2024 महिला टी20 विश्व कप में हुई थी, जहां भारतीय टीम ने पाकिस्तान को छह विकेट से हराया था। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी मनोवैज्ञानिक बढ़त के साथ मैदान पर उतरेंगी। हालांकि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता और पाकिस्तान भी भारत को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है।

    भारतीय टीम की बल्लेबाजी की शुरुआत एक बार फिर Smriti Mandhana और Shafali Verma के कंधों पर होगी। दोनों बल्लेबाज इंग्लैंड की परिस्थितियों में पहले भी प्रभावशाली प्रदर्शन कर चुकी हैं। पाकिस्तान के खिलाफ स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। उन्होंने 10 पारियों में 239 रन बनाए हैं। दूसरी ओर, शेफाली वर्मा ने सीमित अवसरों में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से प्रभावित किया है और पाकिस्तान के खिलाफ चार मैचों में 121 रन बनाए हैं।

    मध्यक्रम में भारतीय कप्तान Harmanpreet Kaur की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। टीम प्रबंधन को उम्मीद होगी कि कप्तान बड़े मुकाबले में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए टीम को मजबूती प्रदान करेंगी। वहीं, Jemimah Rodrigues के ऊपर मध्यक्रम को संभालने और पारी को गति देने की जिम्मेदारी होगी। विकेटकीपर बल्लेबाज Richa Ghosh से भी फिनिशर की भूमिका में एक और तेजतर्रार पारी की उम्मीद की जा रही है।

    गेंदबाजी विभाग में भारत की नई गेंद की जिम्मेदारी Renuka Singh और Kranti Goud संभाल सकती हैं। इसके अलावा युवा तेज गेंदबाज Nandini Sharma को मौका मिलता है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी। स्पिन विभाग में Radha Yadav, Shreyanka Patil और Sree Charani भारतीय टीम की बड़ी ताकत साबित हो सकती हैं।

    दूसरी ओर पाकिस्तान की कप्तान Fatima Sana शानदार फॉर्म में हैं। हाल ही में उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ तेज अर्धशतक लगाकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का प्रदर्शन किया था। गेंदबाजी में अनुभवी Diana Baig भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती पेश कर सकती हैं।

    कुल मिलाकर, आंकड़े और हालिया प्रदर्शन भारत के पक्ष में दिखाई देते हैं, लेकिन भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में अक्सर दबाव और परिस्थितियां परिणाम को प्रभावित करती हैं। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों को एक रोमांचक और यादगार मुकाबले की उम्मीद रहेगी।

  • मां थीं बॉक्सिंग के खिलाफ, समाज की बंदिशों को तोड़कर निकहत जरीन बनीं दो बार की विश्व चैंपियन

    मां थीं बॉक्सिंग के खिलाफ, समाज की बंदिशों को तोड़कर निकहत जरीन बनीं दो बार की विश्व चैंपियन


    नई दिल्ली । भारतीय महिला मुक्केबाजी की चमकती सितारा Nikhat Zareen आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। दो बार की विश्व चैंपियन बन चुकी निकहत ने न केवल रिंग में अपने मुक्कों का दम दिखाया, बल्कि उन सामाजिक बाधाओं को भी तोड़ा, जो अक्सर लड़कियों के सपनों के रास्ते में दीवार बनकर खड़ी हो जाती हैं। उनकी सफलता की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और सामाजिक दबावों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।

    14 जून 1996 को तेलंगाना के Nizamabad में जन्मीं निकहत जरीन का बचपन सामान्य परिवार में बीता। उनके परिवार में खेलों का माहौल जरूर था, लेकिन बॉक्सिंग को लेकर सभी की सोच एक जैसी नहीं थी। निकहत के चाचा बॉक्सिंग कोच थे और वे उनके भाइयों को प्रशिक्षण देते थे। यहीं से निकहत की रुचि भी इस खेल की ओर बढ़ी। हालांकि, जब उन्होंने खुद बॉक्सर बनने की इच्छा जताई तो परिवार के कई सदस्य इसके पक्ष में नहीं थे। उनकी मां भी नहीं चाहती थीं कि बेटी मुक्केबाजी जैसे कठिन और जोखिम भरे खेल में करियर बनाए। केवल उनके पिता ने उनका साथ दिया और उनके सपनों को पंख देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    महज 13 वर्ष की उम्र में निकहत ने तय कर लिया था कि उन्हें बॉक्सिंग में ही अपना भविष्य बनाना है। पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कठिन परिश्रम और अनुशासन को अपना हथियार बनाया। शुरुआती दौर में उन्होंने अपने चाचा से प्रशिक्षण लिया और धीरे-धीरे स्थानीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी।

    उनकी मेहनत का पहला बड़ा परिणाम 2011 में देखने को मिला, जब उन्होंने महिला जूनियर और यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। इसके बाद 2014 में यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल कर उन्होंने अपने प्रतिभाशाली खिलाड़ी होने का प्रमाण दिया।

    हालांकि सफलता की राह आसान नहीं थी। करियर के महत्वपूर्ण दौर में कंधे की गंभीर चोट ने उन्हें बड़ा झटका दिया। दाहिने कंधे की हड्डी टूटने के कारण उन्हें सर्जरी करानी पड़ी और लगभग एक वर्ष तक रिंग से दूर रहना पड़ा। कई खिलाड़ियों का करियर ऐसी परिस्थितियों में प्रभावित हो जाता है, लेकिन निकहत ने हार नहीं मानी। कठिन पुनर्वास प्रक्रिया के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में फिर से पदक जीतना शुरू कर दिया।

    साल 2021 में बैंकॉक में आयोजित एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपनी वापसी का दमदार संकेत दिया। इसके बाद 2022 उनके करियर का स्वर्णिम वर्ष साबित हुआ। तुर्किये के इस्तांबुल में आयोजित विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर पहली बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इसी वर्ष उन्होंने Commonwealth Games 2022 में भी स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया।

    निकहत का विजय अभियान यहीं नहीं रुका। 2023 में उन्होंने लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। वह भारतीय दिग्गज मुक्केबाज Mary Kom के बाद विश्व चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनीं। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2022 में प्रतिष्ठित Arjuna Award से सम्मानित किया।

    आज निकहत जरीन केवल एक सफल खिलाड़ी नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल बन चुकी हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में स्थायी नहीं बन सकती।

  • भारत-अफगानिस्तान पहले वनडे पर बारिश का खतरा, धर्मशाला का मौसम बढ़ा सकता है टीम इंडिया की चिंता

    भारत-अफगानिस्तान पहले वनडे पर बारिश का खतरा, धर्मशाला का मौसम बढ़ा सकता है टीम इंडिया की चिंता


    नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज शनिवार को होने जा रहा है, लेकिन मुकाबले से पहले मौसम सबसे बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित Himachal Pradesh Cricket Association Stadium में खेले जाने वाले पहले वनडे पर बारिश का साया मंडरा रहा है। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों को आशंका है कि कहीं मौसम इस रोमांचक मुकाबले का मजा किरकिरा न कर दे।

    मौसम रिपोर्ट के अनुसार धर्मशाला में शनिवार को बारिश की संभावना काफी अधिक बताई जा रही है। दिन और शाम दोनों समय बादल छाए रहने और बारिश होने की आशंका जताई गई है। शुक्रवार को भी धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई थी, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की खबरें भी सामने आई थीं। ऐसे हालात में मैदान और आउटफील्ड की स्थिति भी मैच पर असर डाल सकती है। यदि बारिश लगातार होती है तो ओवरों में कटौती या मैच रद्द होने जैसी स्थिति भी बन सकती है।

    हालांकि मौसम की चुनौती के बावजूद दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान में उतरेंगी। भारतीय टीम इस सीरीज में कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी के बावजूद संतुलित नजर आ रही है। स्टार बल्लेबाज Virat Kohli हैमस्ट्रिंग चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो चुके हैं। उनके स्थान पर युवा बल्लेबाज Yashasvi Jaiswal को टीम में शामिल किया गया है। वहीं ऑलराउंडर Hardik Pandya भी चोट से उबर रहे हैं और इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं।

    ऐसे में कप्तान Rohit Sharma पर सभी की निगाहें रहेंगी। अफगानिस्तान के खिलाफ रोहित का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेले गए वनडे मुकाबलों में शानदार औसत से रन बनाए हैं और एक शतक भी उनके नाम दर्ज है। धर्मशाला की बल्लेबाजी के अनुकूल परिस्थितियों में उनसे एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है।

    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में Shubman Gill और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी अहम भूमिका निभाएगी। वहीं नंबर तीन पर Ishan Kishan को मौका मिल सकता है। उपकप्तान Shreyas Iyer से मध्यक्रम में बड़ी जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा होगी। इसके अलावा KL Rahul हाल के दिनों में अच्छी लय में रहे हैं और टीम को उनसे भी बड़ी उम्मीदें हैं।

    इस सीरीज की एक और खास बात युवा खिलाड़ियों को मिला मौका है। Prince Yadav, Harsh Dubey और Gurnoor Brar को पहली बार भारतीय वनडे टीम में शामिल किया गया है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि इनमें से किस खिलाड़ी को पदार्पण का अवसर मिलता है।

    गेंदबाजी विभाग में Arshdeep Singh के नेतृत्व में भारतीय आक्रमण मैदान पर उतरेगा। उनका साथ Prasidh Krishna दे सकते हैं। धर्मशाला की पिच तेज गेंदबाजों को मदद देने के लिए जानी जाती है, ऐसे में भारतीय गेंदबाज शुरुआती ओवरों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    अब सभी की निगाहें मौसम पर टिकी हैं। यदि बारिश बाधा नहीं बनती है तो क्रिकेट प्रेमियों को भारत और अफगानिस्तान के बीच एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

  • महिला टी20 विश्व कप में रिकॉर्डों की बारिश, डैन व्याट ने सारा टेलर को छोड़ा पीछे; इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत

    महिला टी20 विश्व कप में रिकॉर्डों की बारिश, डैन व्याट ने सारा टेलर को छोड़ा पीछे; इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत


    नई दिल्ली । आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के उद्घाटन मुकाबले में मेजबान England Women’s Cricket Team ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Sri Lanka Women’s Cricket Team को 87 रन से पराजित कर टूर्नामेंट में धमाकेदार शुरुआत की। बर्मिंघम के Edgbaston में खेले गए इस मुकाबले में केवल जीत ही नहीं, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी बने, जिनमें सबसे प्रमुख नाम डैन व्याट का रहा।

    इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में एक विकेट खोकर 219 रन बनाए। यह महिला टी20 विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा टीम स्कोर बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड भी इंग्लैंड के नाम था, जिसने 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ 213 रन बनाए थे। टीम की इस उपलब्धि में सलामी बल्लेबाज डैन व्याट की भूमिका सबसे अहम रही।

    डैन व्याट ने 62 गेंदों पर नाबाद 105 रन की विस्फोटक पारी खेली। अपनी इस शतकीय पारी के दौरान उन्होंने कई व्यक्तिगत उपलब्धियां भी हासिल कीं। वह महिला टी20 विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली तीसरी बल्लेबाज बन गई हैं। इस मामले में उन्होंने इंग्लैंड की पूर्व स्टार बल्लेबाज सारा टेलर को पीछे छोड़ दिया। टेलर के नाम विश्व कप में 541 रन दर्ज थे, जबकि व्याट अब 593 रन तक पहुंच चुकी हैं।

    व्याट की यह पारी महिला टी20 विश्व कप इतिहास की चौथी सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी भी बन गई है। इंग्लैंड की ओर से टूर्नामेंट में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड Heather Knight के नाम है, जिन्होंने 2020 में नाबाद 108 रन बनाए थे। वहीं विश्व कप इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड Meg Lanning के नाम दर्ज है, जिन्होंने 126 रन बनाए थे।

    डैन व्याट ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। वह महिला टी20 विश्व कप में सर्वाधिक शतक लगाने वाली संयुक्त रूप से दूसरी बल्लेबाज बन गई हैं। उनके नाम अब तीन शतक दर्ज हैं। इस सूची में शीर्ष स्थान यूएई की बल्लेबाज Esha Oza के पास है, जिन्होंने पांच शतक लगाए हैं।

    इंग्लैंड की बल्लेबाजी के दौरान अंतिम ओवर भी रिकॉर्डबुक में दर्ज हो गया। टीम ने आखिरी ओवर में 26 रन बटोरे, जो महिला टी20 विश्व कप इतिहास का संयुक्त रूप से दूसरा सबसे महंगा ओवर माना जा रहा है। श्रीलंका की गेंदबाज Malki Madara इस ओवर में इंग्लिश बल्लेबाजों के निशाने पर रहीं। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में 51 रन देकर एक विकेट लिया। यह महिला टी20 विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे महंगा गेंदबाजी स्पेल है। इस सूची में पहला स्थान भारतीय गेंदबाज Shikha Pandey के नाम है, जिन्होंने 2020 में चार ओवर में 52 रन खर्च किए थे।

    हालांकि श्रीलंका की हार के बीच भी एक रिकॉर्ड दर्ज हुआ। टीम की बल्लेबाज Nilakshi de Silva और मलकी मदारा ने आठवें विकेट के लिए 39 रन की साझेदारी की। यह महिला टी20 विश्व कप इतिहास में आठवें या उससे नीचे के विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी मानी जा रही है।

    गेंदबाजी में इंग्लैंड की ओर से फ्रेया केम्प ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने विश्व कप पदार्पण मुकाबले में 21 रन देकर चार विकेट हासिल किए। इस उपलब्धि के साथ वह महिला टी20 विश्व कप डेब्यू मैच में चार विकेट लेने वाली चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हो गईं। उनके प्रदर्शन ने इंग्लैंड की जीत को और भी यादगार बना दिया।

    महिला टी20 विश्व कप 2026 का पहला मुकाबला इस तरह रिकॉर्डों, ऐतिहासिक उपलब्धियों और शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शनों के लिए लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

  • महिला टी20 विश्व कप 2026 में इंग्लैंड का ऐतिहासिक धमाका, रिकॉर्ड 219 रन बनाकर श्रीलंका को 87 रन से रौंदा

    महिला टी20 विश्व कप 2026 में इंग्लैंड का ऐतिहासिक धमाका, रिकॉर्ड 219 रन बनाकर श्रीलंका को 87 रन से रौंदा


    नई दिल्ली । आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का आगाज मेजबान England Women’s Cricket Team के ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ हुआ। बर्मिंघम स्थित Edgbaston में खेले गए टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में इंग्लैंड ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए Sri Lanka Women’s Cricket Team को 87 रन के बड़े अंतर से पराजित कर दिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने महिला टी20 विश्व कप इतिहास में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। सलामी बल्लेबाज Amy Jones और Danni Wyatt-Hodge ने पहले विकेट के लिए 135 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत आधार दिया। एमी जोन्स ने 38 गेंदों में 53 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें कई आकर्षक शॉट देखने को मिले। उनके आउट होने के बाद भी इंग्लैंड की रनगति पर कोई असर नहीं पड़ा।

    दूसरे छोर पर डैनी व्याट ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने 62 गेंदों में नाबाद 105 रन बनाए। अपनी इस यादगार पारी में उन्होंने 13 चौके और एक छक्का लगाया। उनका स्ट्राइक रेट 169 से अधिक रहा, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है। मध्यक्रम में कप्तान Nat Sciver-Brunt ने भी विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी की और सिर्फ 22 गेंदों में नाबाद 46 रन ठोक दिए। उनकी पारी में छह चौके और एक छक्का शामिल रहा।

    इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में केवल एक विकेट खोकर 219 रन बनाए। यह महिला टी20 विश्व कप के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड भी इंग्लैंड के नाम था, जब उसने 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ 213 रन बनाए थे।

    220 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखाई दी। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण टीम कभी भी लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ती नजर नहीं आई। श्रीलंका की ओर से Nilakshi de Silva ने सर्वाधिक 39 रन बनाए, जबकि Harshitha Samarawickrama ने 29 रन का योगदान दिया। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सकी और पूरी टीम 132 रन पर सिमट गई।

    गेंदबाजी में इंग्लैंड की ओर से फ्रेया केम्प ने सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने मात्र 22 रन देकर चार विकेट झटके और मैच का रुख पूरी तरह इंग्लैंड की ओर मोड़ दिया। इस उपलब्धि के साथ वह महिला टी20 विश्व कप में पदार्पण मैच में चार विकेट लेने वाली चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हो गईं। इसके अलावा Sophie Ecclestone और Charlie Dean ने दो-दो विकेट लिए, जबकि Lauren Bell और Linsey Smith को एक-एक सफलता मिली।

    यह मुकाबला रिकॉर्डों के लिहाज से भी खास रहा। दोनों टीमों ने मिलकर कुल 351 रन बनाए, जो महिला टी20 विश्व कप इतिहास में दोनों पारियों का दूसरा सबसे बड़ा संयुक्त स्कोर है। इससे पहले 2018 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए मुकाबले में कुल 354 रन बने थे।

  • साइल लारिन ने बचाई कनाडा की लाज, फीफा वर्ल्ड कप में बोस्निया के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ

    साइल लारिन ने बचाई कनाडा की लाज, फीफा वर्ल्ड कप में बोस्निया के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में सह-मेजबान Canada National Football Team ने अपने पहले मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए महत्वपूर्ण अंक हासिल किया। टोरंटो में खेले गए रोमांचक मुकाबले में कनाडा और Bosnia and Herzegovina National Football Team के बीच मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। मैच के नायक रहे कनाडा के अनुभवी स्ट्राइकर साइल लारिन, जिन्होंने अंतिम चरण में गोल दागकर अपनी टीम को हार से बचा लिया।

    टोरंटो के खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बोस्निया और हर्जेगोविना ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। शुरुआती मिनटों में उन्होंने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और कनाडा के रक्षात्मक विभाग पर लगातार दबाव बनाया।

    पहले हाफ में बोस्निया को कॉर्नर किक के जरिए सफलता मिली। Sead Kolasinac द्वारा आगे बढ़ाई गई गेंद पर Jovo Lukic ने शानदार हेडर लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद कनाडा पर दबाव और बढ़ गया।

    गोल खाने के बाद कनाडा ने जवाबी हमले तेज किए। टीम के स्टार फॉरवर्ड Jonathan David ने बराबरी का बेहतरीन मौका बनाया, लेकिन बोस्निया के गोलकीपर Nikola Vasilj ने शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम की बढ़त बरकरार रखी। इसके बाद Tani Oluwaseyi भी एक आसान अवसर को गोल में नहीं बदल सके।

    दूसरे हाफ में कनाडा ने पूरी ताकत के साथ वापसी की कोशिश की। लगातार हमलों के बीच ओलुवासेयी का एक हेडर गोल के करीब पहुंचा, लेकिन डिफेंडर Nikola Katic ने उसे रोक दिया। वहीं, Richie Laryea के संभावित गोल को भी कोलासिनाक ने गोललाइन से क्लियर कर दिया।

    हालांकि बोस्निया भी लगातार जवाबी हमले करता रहा। कनाडा के गोलकीपर Maxime Crepeau ने कई महत्वपूर्ण बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। विशेष रूप से Ermedin Demirovic के खतरनाक प्रयास को रोकना मैच का अहम क्षण साबित हुआ।

    जब ऐसा लग रहा था कि बोस्निया जीत दर्ज कर लेगा, तभी कनाडा के मुख्य कोच Jesse Marsch का रणनीतिक बदलाव काम आ गया। 76वें मिनट में मैदान पर उतारे गए साइल लारिन ने केवल दो मिनट बाद ही मैच का रुख बदल दिया। Promise David के शानदार पास पर लारिन ने गेंद को नियंत्रित किया और सटीक फिनिश के साथ गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया।

    स्टॉपेज टाइम में लारिन के पास कनाडा को जीत दिलाने का सुनहरा अवसर भी था, लेकिन Tarik Muharemovic ने उनका प्रयास विफल कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों ने जीत के लिए प्रयास किए, लेकिन कोई भी निर्णायक गोल नहीं कर सकी।

    इस ड्रॉ के साथ कनाडा ने विश्व कप इतिहास में अपना पहला अंक हासिल किया और घरेलू दर्शकों के सामने आत्मविश्वास से भरी शुरुआत की। वहीं बोस्निया और हर्जेगोविना को भी कठिन मुकाबले से एक महत्वपूर्ण अंक मिला।

  • डैनी व्याट के तूफानी शतक से इंग्लैंड की धमाकेदार शुरुआत, श्रीलंका को 87 रन से रौंदा

    डैनी व्याट के तूफानी शतक से इंग्लैंड की धमाकेदार शुरुआत, श्रीलंका को 87 रन से रौंदा


    नई दिल्ली । आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में मेजबान England Women’s Cricket Team ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार जीत के साथ की है। बर्मिंघम के Edgbaston Cricket Ground में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने श्रीलंका को 87 रन के बड़े अंतर से हराकर टूर्नामेंट में अपने इरादे साफ कर दिए। इस जीत की सबसे बड़ी नायिका रहीं स्टार बल्लेबाज Danni Wyatt-Hodge, जिन्होंने नाबाद शतकीय पारी खेलकर मैच को एकतरफा बना दिया।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 219 रन बनाए। यह स्कोर महिला टी20 विश्व कप के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर भी बन गया। इंग्लैंड की बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और श्रीलंकाई गेंदबाजों को दबाव में बनाए रखा।

    इंग्लैंड को मजबूत शुरुआत दिलाने में Amy Jones और डैनी व्याट की जोड़ी ने अहम भूमिका निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 135 रन की शानदार साझेदारी की। एमी जोन्स ने 38 गेंदों पर 53 रन की उपयोगी पारी खेली, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल रहा।

    हालांकि मैच की सबसे बड़ी आकर्षण डैनी व्याट की विस्फोटक बल्लेबाजी रही। उन्होंने श्रीलंका के गेंदबाजी आक्रमण की जमकर खबर लेते हुए 62 गेंदों में नाबाद 105 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने 13 चौके और एक छक्का लगाया। यह पारी न केवल उनके करियर की यादगार पारियों में शामिल हो गई, बल्कि इंग्लैंड को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में भी निर्णायक साबित हुई।

    मध्यक्रम में कप्तान Nat Sciver-Brunt ने भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल 22 गेंदों में नाबाद 46 रन बनाकर श्रीलंकाई गेंदबाजों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। अंतिम ओवरों में उनके आक्रामक खेल ने इंग्लैंड को 200 रन के पार पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    220 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी Sri Lanka Women’s Cricket Team की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान Chamari Athapaththu केवल 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और टीम कभी भी लक्ष्य के करीब पहुंचती नजर नहीं आई।

    श्रीलंका की ओर से Nilakshi de Silva ने सबसे अधिक 39 रन बनाए, जबकि Harshitha Samarawickrama ने 29 रन का योगदान दिया। हालांकि अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी करने में नाकाम रहीं।

    गेंदबाजी में इंग्लैंड की ओर से Freya Kemp ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार विकेट झटके। वहीं Sophie Ecclestone और Charlie Dean ने दो-दो विकेट हासिल किए। इस शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के दम पर श्रीलंका की पूरी टीम 132 रन पर सिमट गई।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में मजबूत शुरुआत की है और खिताब की दावेदारी को भी मजबूती से पेश किया है। वहीं श्रीलंका को अगले मुकाबलों में वापसी के लिए अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में सुधार करना होगा।

  • IND vs AFG: ईशान किशन की एंट्री तय, प्रिंस यादव कर सकते हैं डेब्यू; पहले वनडे में रोहित शर्मा पर रहेंगी निगाहें

    IND vs AFG: ईशान किशन की एंट्री तय, प्रिंस यादव कर सकते हैं डेब्यू; पहले वनडे में रोहित शर्मा पर रहेंगी निगाहें


    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला शनिवार को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) स्टेडियम में खेला जाएगा। यह सीरीज टीम इंडिया के लिए सिर्फ एक और द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारियों और नए खिलाड़ियों की परीक्षा भी मानी जा रही है। मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा।

    सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम को दो बड़े झटके लगे हैं। स्टार बल्लेबाज Virat Kohli और स्टार ऑलराउंडर Hardik Pandya चोट के कारण पूरी श्रृंखला से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में कप्तान Shubman Gill के सामने संतुलित और मजबूत प्लेइंग इलेवन चुनने की चुनौती होगी।

    हालांकि भारतीय टीम के पास युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण मौजूद है। टीम प्रबंधन की नजर अब उन खिलाड़ियों पर होगी जो इस अवसर को भुनाकर भविष्य के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहते हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम ईशान किशन का है, जिन्हें विराट कोहली की अनुपस्थिति में नंबर-3 पर बल्लेबाजी का मौका मिल सकता है।

    रोहित-गिल पर होगी मजबूत शुरुआत की जिम्मेदारी
    भारतीय पारी की शुरुआत अनुभवी कप्तान Rohit Sharma और शुभमन गिल करते दिखाई दे सकते हैं। दोनों बल्लेबाज वनडे क्रिकेट में भारत की सबसे भरोसेमंद ओपनिंग जोड़ी माने जाते हैं। रोहित अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से तेज शुरुआत देना चाहेंगे, जबकि शुभमन गिल कप्तानी के साथ-साथ बल्ले से भी अहम योगदान देने की कोशिश करेंगे।

    ईशान किशन के पास बड़ा मौका
    नंबर-3 की भूमिका में ईशान किशन सबसे मजबूत दावेदार नजर आ रहे हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के कारण वह टीम के बल्लेबाजी क्रम में संतुलन भी जोड़ते हैं। उनकी आक्रामक शैली मध्यक्रम पर दबाव कम कर सकती है और टीम को तेज रन गति बनाए रखने में मदद मिलेगी।

    नंबर-4 पर उपकप्तान Shreyas Iyer का खेलना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज KL Rahul पांचवें नंबर पर उतर सकते हैं। राहुल की भूमिका युवा बल्लेबाजों को संभालने और पारी को आगे बढ़ाने की होगी।

    नीतीश और प्रिंस पर खास नजर
    हार्दिक पंड्या की गैरमौजूदगी में ऑलराउंडर Nitish Kumar Reddy के लिए यह बड़ा अवसर साबित हो सकता है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा।

    वहीं तेज गेंदबाजी विभाग में सबसे ज्यादा चर्चा युवा गेंदबाज Prince Yadav को लेकर है। आईपीएल में प्रभावित करने के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है और धर्मशाला में उनके वनडे डेब्यू की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो यह उनके करियर का सबसे यादगार पल होगा।

    स्पिन विभाग में कुलदीप-सुंदर अहम
    स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी Kuldeep Yadav और Washington Sundar पर होगी। कुलदीप अफगान बल्लेबाजों के खिलाफ अपनी फिरकी से बड़ा असर डाल सकते हैं, जबकि सुंदर बल्ले और गेंद दोनों से टीम को संतुलन देंगे।

    भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन
    रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और प्रसिद्ध कृष्णा।

  • FIFA World Cup 2026: टोरंटो में रंगारंग ओपनिंग सेरेमनी का जलवा, नोरा फतेही की धमाकेदार परफॉर्मेंस ने जीता दिल

    FIFA World Cup 2026: टोरंटो में रंगारंग ओपनिंग सेरेमनी का जलवा, नोरा फतेही की धमाकेदार परफॉर्मेंस ने जीता दिल


    नई दिल्ली। फीफा विश्व कप 2026 का रोमांच मैदान के साथ-साथ मंच पर भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को कनाडा के टोरंटो स्थित बीएमओ फील्ड में आयोजित टूर्नामेंट की दूसरी ओपनिंग सेरेमनी ने दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भव्य रोशनी, संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के शानदार प्रदर्शन ने इस आयोजन को विश्व कप के सबसे यादगार पलों में शामिल कर दिया।

    इस रंगारंग समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण बॉलीवुड अभिनेत्री और वैश्विक कलाकार नोरा फतेही रहीं। जैसे ही नोरा मंच पर पहुंचीं, पूरा स्टेडियम तालियों और उत्साह से गूंज उठा। उन्होंने फीफा विश्व कप 2026 के आधिकारिक गीत ‘Siir Siir’ पर दमदार प्रस्तुति दी। अपनी जबरदस्त ऊर्जा, आकर्षक डांस मूव्स और शानदार मंचीय उपस्थिति से नोरा ने हजारों दर्शकों का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर भी उनकी परफॉर्मेंस के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और प्रशंसक उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।

    ‘Siir Siir’ गीत संगीत निर्माता संजॉय और फ्रांसीसी गायक वेगेड्रीम के सहयोग से तैयार किया गया है। यह गीत फीफा विश्व कप 2026 के आधिकारिक म्यूजिक प्रोजेक्ट का हिस्सा है और टूर्नामेंट के आधिकारिक एल्बम में भी शामिल किया गया है। नोरा की प्रस्तुति ने इस गीत को नई पहचान देने का काम किया और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

    समारोह में कनाडा की सांस्कृतिक विविधता और विरासत को भी बेहद खूबसूरत अंदाज में प्रस्तुत किया गया। विश्व कप ट्रॉफी की विशाल मोजेक-शैली की प्रस्तुति ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। रोशनी और तकनीक के शानदार समन्वय ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने इस दृश्य का भरपूर आनंद लिया।

    कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध कनाडाई गायिका अलानिस मॉरिसेट ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया, जिसने माहौल को भावुक और गौरवपूर्ण बना दिया। वहीं हॉलीवुड अभिनेता विल अर्नेट ने दुनिया भर से आए फुटबॉल प्रशंसकों का स्वागत किया और विश्व कप के जश्न को नई ऊंचाई दी।

    ओपनिंग सेरेमनी में कई अन्य अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने भी अपने प्रदर्शन से समां बांधा। माइकल बब्ले, एलेसिया कारा, जेसी रेयेज, एलियाना और विलियम प्रिंस जैसे कलाकारों ने मंच पर शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत, संस्कृति और खेल के इस अद्भुत संगम ने विश्व कप के उत्सव को और अधिक खास बना दिया।

    फीफा विश्व कप 2026 के कनाडाई चरण की यह ओपनिंग सेरेमनी न केवल खेल प्रेमियों बल्कि संगीत और मनोरंजन जगत के प्रशंसकों के लिए भी एक अविस्मरणीय अनुभव बन गई। नोरा फतेही की शानदार प्रस्तुति और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की मौजूदगी ने इस आयोजन को वैश्विक आकर्षण का केंद्र बना दिया।

  • छोले-कुलचे की रेहड़ी से टीम इंडिया तक: जालंधर के अर्जुन राजपूत का अंडर-19 टीम में चयन, मेहनत ने बदली तकदीर

    छोले-कुलचे की रेहड़ी से टीम इंडिया तक: जालंधर के अर्जुन राजपूत का अंडर-19 टीम में चयन, मेहनत ने बदली तकदीर


    नई दिल्ली। कहते हैं कि सपनों की कोई आर्थिक सीमा नहीं होती। यदि इरादे मजबूत हों, मेहनत सच्ची हो और परिवार का साथ मिले, तो साधारण परिस्थितियों से निकलकर भी असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। पंजाब के जालंधर निवासी अर्जुन राजपूत की कहानी इसी जज्बे और संघर्ष की मिसाल बनकर सामने आई है। छोले-कुलचे की रेहड़ी लगाने वाले एक मेहनतकश पिता के बेटे अर्जुन ने भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में चयनित होकर अपने परिवार, शहर और प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है।

    जालंधर के राम नगर इलाके में रहने वाले अर्जुन राजपूत का चयन भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में हुआ है। अगले महीने 4 जुलाई को टीम श्रीलंका दौरे के लिए रवाना होगी, जहां अर्जुन पहली बार भारत की नीली जर्सी पहनकर मैदान में उतरेंगे। यह पल न केवल उनके लिए बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए गर्व और खुशी का अवसर है।

    अर्जुन एक प्रतिभाशाली ऑलराउंडर हैं। वह बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के साथ-साथ दाएं हाथ के ऑफ स्पिन गेंदबाज भी हैं। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून बचपन से ही दिखाई देने लगा था। उन्होंने महज आठ-नौ वर्ष की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने अपनी क्रिकेट यात्रा की शुरुआत हरभजन सिंह क्रिकेट अकादमी से की, जहां उन्हें कोच विक्रम सिद्धू का मार्गदर्शन मिला।

    अंडर-19 टीम में चयन के बाद अर्जुन ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का बेहद खास क्षण है। उन्होंने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है और वह श्रीलंका दौरे पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। अर्जुन ने भरोसा जताया कि टीम पूरे दमखम के साथ खेलेगी और ट्रॉफी जीतकर भारत लौटने का प्रयास करेगी।

    उन्होंने अपने माता-पिता के संघर्ष और त्याग को याद करते हुए कहा कि उनके पिता ने उनके सपनों को पूरा करने के लिए वर्षों तक कड़ी मेहनत की है। अर्जुन के अनुसार, उनके पिता डीएवी कॉलेज के बाहर छोले-कुलचे की रेहड़ी लगाते हैं और उन्होंने कभी भी बेटे की क्रिकेट यात्रा में आर्थिक कठिनाइयों को आड़े नहीं आने दिया। अर्जुन ने भावुक होकर कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी है कि वह अपने पिता के सपनों को पूरा करें और उन्हें गर्व महसूस कराएं।

    पिता होती राम के लिए यह उपलब्धि किसी सपने के सच होने से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि अर्जुन बचपन से ही क्रिकेट के प्रति समर्पित रहा है और दिन-रात मेहनत करता रहा। जब उन्हें बेटे के भारतीय अंडर-19 टीम में चयन की खबर मिली, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं अर्जुन की मां नन्ही देवी ने कहा कि यह पूरे परिवार के लिए बेहद भावुक और गर्व का पल है।

    अर्जुन की बहन किरण राजपूत ने भी कहा कि भाई ने वर्षों तक लगातार मेहनत की और कभी हार नहीं मानी। अब उसकी मेहनत का फल पूरे देश के सामने है। परिवार का सपना था कि अर्जुन भारतीय टीम की नीली जर्सी पहने और अब वह सपना साकार हो चुका है।

    अर्जुन राजपूत की यह सफलता उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास के सामने आर्थिक कठिनाइयां भी छोटी पड़ जाती हैं।