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  • तपती धूप में शहीद को नमन: सियाचिन के वीर कैप्टन प्रताप सिंह की याद में मेरठ में सेना ने बांटा शरबत

    तपती धूप में शहीद को नमन: सियाचिन के वीर कैप्टन प्रताप सिंह की याद में मेरठ में सेना ने बांटा शरबत



    मेरठ। मेरठ में 43 डिग्री की भीषण गर्मी के बीच सेना के जवानों ने सियाचिन के वीर शहीद कैप्टन प्रताप सिंह को अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि दी। बसंतर रेजीमेंट के जवानों ने सड़क पर राहगीरों को शरबत पिलाकर न सिर्फ लोगों की प्यास बुझाई, बल्कि शहीद के बलिदान को भी याद किया। इस दौरान लोगों ने सेना के इस मानवीय और प्रेरणादायक प्रयास की जमकर सराहना की।

    26 मई 1988 को सियाचिन ग्लेशियर के बाना पोस्ट पर तैनात कैप्टन प्रताप सिंह ने दुश्मन की घुसपैठ को नाकाम करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। ऑपरेशन के दौरान हुए माइंस ब्लास्ट में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने अंतिम सांस तक साहस दिखाते हुए दुश्मन की मदद के लिए लगाई गई रस्सी की सीढ़ी को काट दिया, जिससे घुसपैठ पूरी तरह विफल हो गई। उनकी इसी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।

    सेना के जवानों ने कहा कि शहीद सिर्फ इतिहास नहीं होते, बल्कि वे हर जवान और हर नागरिक के लिए प्रेरणा होते हैं। इसी भावना के तहत जवानों ने आम लोगों के बीच जाकर सेवा का संदेश दिया और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान सड़क से गुजर रहे लोग भी रुके और जवानों के साथ शहीद को नमन किया।

  • UP BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल तय, सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष बदलने की तैयारी; शीर्ष नेतृत्व में 50% तक बदलाव संभव

    UP BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल तय, सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष बदलने की तैयारी; शीर्ष नेतृत्व में 50% तक बदलाव संभव



    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यूपी बीजेपी का पुनर्गठन अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसे आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इस बदलाव में राज्य इकाई से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक व्यापक परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

    संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी
    सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी की यूपी इकाई में लगभग 50 प्रतिशत तक शीर्ष पदाधिकारियों में बदलाव संभव है। पार्टी का फोकस संगठन को अधिक मजबूत, सक्रिय और चुनावी दृष्टि से प्रभावी बनाने पर है।

    इसके साथ ही सभी क्षेत्रीय इकाइयों के अध्यक्षों को भी बदले जाने की संभावना जताई जा रही है। कुछ मौजूदा पदाधिकारियों को राज्य इकाई में जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि नए चेहरों को क्षेत्रीय नेतृत्व सौंपा जाएगा।

    नई टीम का खाका तैयार
    जानकारी के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक बदलाव को लेकर गहन मंथन किया है। प्रदेश स्तर पर नए पदाधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लग सकती है।

    पार्टी का उद्देश्य ऐसे नेताओं को आगे लाना है जिनका संगठनात्मक अनुभव मजबूत हो और जो बूथ स्तर तक पार्टी को सक्रिय करने में सक्षम हों।

    मोर्चों में भी बदलाव संभव
    बीजेपी अपने विभिन्न मोर्चों जैसे युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, एससी मोर्चा, एसटी मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा में भी नए अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है। इन मोर्चों की भूमिका चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    चुनावी रणनीति के तहत पुनर्गठन
    सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव केवल संगठनात्मक नहीं बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा है। पार्टी जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नई टीम तैयार कर रही है।

    बीजेपी का मानना है कि नए और युवा चेहरों को आगे लाने से संगठन में ऊर्जा आएगी और विपक्ष की रणनीति का बेहतर मुकाबला किया जा सकेगा।

    पहले भी हुए थे जिला स्तर पर बदलाव
    पार्टी पहले ही राज्य के करीब 95 संगठनात्मक जिलों में बड़े बदलाव कर चुकी है। कई जिला अध्यक्षों को हटाकर नए लोगों को जिम्मेदारी दी गई है।

    पार्टी अब उन पदाधिकारियों का मूल्यांकन कर रही है जिन्होंने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने में बेहतर प्रदर्शन किया हैयूपी बीजेपी का यह संभावित फेरबदल आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को नई दिशा देने की कोशिश माना जा रहा है। इससे राज्य में पार्टी की चुनावी रणनीति और अधिक आक्रामक और मजबूत होने की उम्मीद है।

  • बरेली में बकरीद पर कड़ी ट्रैफिक व्यवस्था: रूट डायवर्जन लागू, भारी वाहनों पर रोक, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

    बरेली में बकरीद पर कड़ी ट्रैफिक व्यवस्था: रूट डायवर्जन लागू, भारी वाहनों पर रोक, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम



    बरेली। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर बरेली में यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। शहर में 28 मई को सुबह 5 बजे से लेकर कार्यक्रम समाप्ति तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। त्योहार के दौरान भीड़ और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन भी लागू किया जाएगा।

    भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन
    एडवाइजरी के अनुसार दिल्ली, रामपुर और नैनीताल की ओर से आने वाले भारी वाहनों को झुमका तिराहा बाईपास, बिल्वाधाम, नवदिया झादा और इन्वर्टिस तिराहा के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।

    वहीं बदायूं की ओर से आने वाले वाहनों को सुबह 7 बजे से पहले मंशाराम, बुखारा और कैंट मार्ग से शहर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।इसके अलावा दिल्ली और रामपुर की तरफ से आने वाली रोडवेज बसों को झुमका तिराहा से मिनी बाईपास, इन्वर्टिस तिराहा, डेलापीर और 100 फुटा रोड होते हुए सेटेलाइट बस स्टेशन तक भेजा जाएगा।

    चौकी चौराहा से मिनी बाईपास होकर डेलापीर मजार की ओर जाने वाले सभी भारी वाहन और बसें पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी।

    प्रशासन की अपील
    यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं। साथ ही वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है, जिसमें दोपहिया पर तीन सवारी न बैठाना, स्टंटबाजी से बचना, तेज गति से वाहन न चलाना और प्रेशर हॉर्न का उपयोग न करना शामिल है।

    सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
    बकरीद को लेकर प्रशासन ने शहर में 41 कुर्बानी स्थलों को चिन्हित किया है और वहां कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने मिलकर साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। जिले में कुल 2423 मस्जिदों और 179 ईदगाहों में नमाज अदा की जाएगी। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें कोतवाली, कैंट, किला, प्रेमनगर, सुभाषनगर, बारादरी और इज्जतनगर क्षेत्र प्रमुख हैं।

  • प्रेमानंद महाराज की तबीयत में सुधार, दूर-दूर से पहुंचे भक्त बोले- ‘गुरुदेव स्वस्थ होने तक इंतजार करेंगे’

    प्रेमानंद महाराज की तबीयत में सुधार, दूर-दूर से पहुंचे भक्त बोले- ‘गुरुदेव स्वस्थ होने तक इंतजार करेंगे’




    नई दिल्ली। प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ने के बाद देशभर से वृंदावन पहुंचे भक्त लगातार उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। पिछले 10 दिनों से पदयात्रा और सार्वजनिक दर्शन बंद होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। भक्तों का कहना है कि उन्हें अपने गुरुदेव और राधारानी पर पूरा भरोसा है और वे स्वस्थ होकर फिर से भक्तों के बीच लौटेंगे।

    करीब 1400 किलोमीटर दूर Kolkata से वृंदावन पहुंचीं श्रद्धालु जूही भावनी ने कहा कि महाराज जी अभी दर्शन नहीं दे रहे हैं तो भी कोई बात नहीं, वे यहीं रुककर इंतजार करेंगी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें विश्वास है कि राधारानी की कृपा से प्रेमानंद महाराज जल्द स्वस्थ होंगे और फिर भक्तों को आशीर्वाद देंगे। इसी तरह राजस्थान, असम, बिहार, हरियाणा और उत्तराखंड समेत कई राज्यों से भक्त वृंदावन पहुंच रहे हैं।

    हाल ही में प्रेमानंद महाराज का एक भावुक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि “हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। चिंता मत करिए, खूब नाम जप करो।” इस संदेश के बाद भक्तों और शिष्यों में चिंता और भावुकता दोनों बढ़ गई। हालांकि आश्रम से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अब उनकी तबीयत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और वे केवल चुनिंदा शरणागत शिष्यों से ही मुलाकात कर रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि प्रेमानंद महाराज लंबे समय से गंभीर किडनी बीमारी से जूझ रहे हैं। वर्ष 2006 में उन्हें पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज का पता चला था। उनकी दोनों किडनियां प्रभावित हैं और सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस किया जाता है। वृंदावन स्थित उनके फ्लैट में ही डायलिसिस की विशेष व्यवस्था बनाई गई है। कई बार उनकी डायलिसिस प्रक्रिया 4 से 5 घंटे तक चलती है।

    Vrindavan स्थित केली कुंज आश्रम के सेवादारों ने ऑन कैमरा कुछ भी बोलने से इनकार किया, लेकिन ऑफ कैमरा उन्होंने बताया कि महाराज जी फिलहाल एकांत भजन और साधना में लीन हैं। उन्होंने भक्तों से अपील की कि महाराज जी के पूरे संदेश को ध्यान से सुनें और उनके भाव को समझें।

    राजस्थान के पाली से आए श्रद्धालु जालम सिंह ने कहा कि गुरुदेव शरीर से दूर हो सकते हैं, लेकिन उनके बताए मार्ग पर चलने से वे हर भक्त के हृदय में हमेशा मौजूद रहेंगे। वहीं असम से आए भक्त ओमप्रकाश ने कहा कि प्रेमानंद महाराज उनके लिए सर्वस्व हैं और सभी भक्त उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

    17 मई से प्रेमानंद महाराज की प्रसिद्ध रात्रि पदयात्रा भी स्थगित है। हर रोज हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए पहुंचते थे। सामान्य दिनों में करीब 20 हजार भक्त पदयात्रा में शामिल होते थे, जबकि बड़े आयोजनों में यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती थी। हालांकि कुछ दिन पहले वे अपने आश्रम से निकलकर वराह घाट स्थित संत गोविंद शरण महाराज के दर्शन करने भी पहुंचे थे, जिससे भक्तों को उनके स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद मिली है।

    प्रेमानंद महाराज का जीवन भी बेहद प्रेरणादायक माना जाता है। कानपुर के अखरी गांव में जन्मे अनिरुद्ध कुमार पांडे ने महज 13 वर्ष की उम्र में घर छोड़ दिया था। बाद में वे वृंदावन पहुंचे और राधा-कृष्ण भक्ति में लीन होकर राधावल्लभी परंपरा के प्रमुख संतों में शामिल हो गए। आज देशभर में करोड़ों लोग उन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में मानते हैं।

  • शादी के अगले दिन फरार हुई ‘लुटेरी दुल्हन’, लाखों के जेवर लेकर भागी, पुलिस ने घंटों में दबोचा

    शादी के अगले दिन फरार हुई ‘लुटेरी दुल्हन’, लाखों के जेवर लेकर भागी, पुलिस ने घंटों में दबोचा



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में फिल्मी अंदाज में ‘लुटेरी दुल्हन’ का मामला सामने आया है। शादी के अगले ही दिन दुल्हन लाखों रुपये के जेवर समेटकर फरार हो गई, लेकिन पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कुछ ही घंटों में दुल्हन, उसकी मां और रिश्ता कराने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी की गई ज्वेलरी भी बरामद कर ली है।

    मामला छपार थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का है। पीड़ित मांगेराम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी मुलाकात घुमावटी गांव निवासी रविंद्र से हुई थी। रविंद्र ने उसके बेटे के लिए सोनाक्षी नाम की युवती का रिश्ता बताया। परिवार ने बातचीत के बाद रिश्ता तय कर दिया। आरोप है कि शादी तय कराने के नाम पर मोटी रकम भी ली गई थी।

    10 मई को हरिद्वार के एक मैरिज होम में दोनों की शादी हिंदू रीति-रिवाज से कराई गई। शादी में दुल्हन को सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान दिया गया। परिवार खुश था, लेकिन शादी के अगले ही दिन नई नवेली दुल्हन अचानक घर से गायब हो गई। जब परिजनों ने तलाश की तो पता चला कि घर में रखी ज्वेलरी भी गायब है। इसके बाद परिवार के होश उड़ गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    छपार पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कथित लुटेरी दुल्हन सोनाक्षी, उसकी मां कामिनी और बिचौलिया महिला आशा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने चोरी की गई ज्वेलरी भी बरामद कर ली।

    प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह ऐसे परिवारों को निशाना बनाता था जिनके बेटों की शादी किसी कारण से नहीं हो पा रही थी या उम्र ज्यादा हो चुकी थी। पहले भरोसा जीतकर शादी तय कराई जाती थी और फिर शादी के एक-दो दिन बाद दुल्हन जेवर लेकर फरार हो जाती थी। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और यह भी जांच कर रही है कि अब तक कितने परिवार इस ठगी का शिकार बन चुके हैं।

  • ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला चोरी! सीएम योगी ने सुनाया लखनऊ का दिलचस्प किस्सा

    ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला चोरी! सीएम योगी ने सुनाया लखनऊ का दिलचस्प किस्सा



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने एक मजेदार लेकिन गंभीर उदाहरण देते हुए बताया कि लोग महंगी कारों में घूमते हैं, लेकिन नगर निगम द्वारा लगाए गए 45 रुपये के गमले तक चोरी कर ले जाते हैं। सीएम योगी की यह टिप्पणी सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे।

    दरअसल, मुख्यमंत्री लखनऊ नगर निगम के “स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ” अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 413 करोड़ रुपये की विभिन्न जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने साफ-सफाई और शहर की सुंदरता बनाए रखने में नागरिकों की जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया।

    सीएम योगी ने कहा कि शहर को साफ और सुंदर बनाए रखना सिर्फ नगर निगम, महापौर, पार्षद या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर का कूड़ा कूड़ेदान में डालें, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें, नालियों में कचरा न फेंकें और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं।

    इसी दौरान मुख्यमंत्री ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा लगाए गए गमलों को लोग चोरी कर ले जाते हैं। उन्होंने बताया, “हमने देखा कि एक बहुत महंगी कार आई और उसमें बैठे लोग 45 रुपये का गमला उठाकर ले गए। सीसीटीवी कैमरों में सब रिकॉर्ड हो गया। जितना पैसा उस कार में तेल भराने में लग रहा होगा, उतने में कई नए गमले आ जाते।”

    मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा कि एक समय उनके मन में आया कि गमला चोरी करने वालों की तस्वीर चौराहे पर लगवा दी जाए, ताकि लोगों को समझ में आए कि छोटी लालच की वजह से शहर की सुंदरता को नुकसान पहुंचाना ठीक नहीं है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जो पैसा विकास कार्यों पर खर्च करती है, वह किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि जनता का पैसा होता है। इसलिए उसकी रक्षा करना और सही उपयोग सुनिश्चित करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के विजन के अनुसार जनता का पैसा जनता के हित में खर्च किया जा रहा है और इसी वजह से प्रदेश में विकास साफ दिखाई दे रहा है।

    सीएम योगी का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आ गया, जहां लोग इसे मजेदार अंदाज में साझा कर रहे हैं, लेकिन साथ ही सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी पर गंभीर संदेश भी बता रहे हैं।

  • अयोध्या में राम दरबार की पहली वर्षगांठ पर भक्ति का महासागर, मंगला आरती से गूंजा मंदिर परिसर

    अयोध्या में राम दरबार की पहली वर्षगांठ पर भक्ति का महासागर, मंगला आरती से गूंजा मंदिर परिसर

    नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर परिसर स्थित राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के माहौल में मनाई जा रही है। सुबह मंगला आरती के साथ शुरू हुए कार्यक्रमों का सिलसिला देर रात तक जारी रहेगा। पूरे मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है और देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं, संतों और धर्माचार्यों की मौजूदगी से अयोध्या पूरी तरह राममय नजर आ रही है।

    सुबह 4 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी का विशेष अभिषेक किया गया। शंख, घंटों और घड़ियाल की गूंज के बीच मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। संत-महंत और श्रद्धालु हाथ जोड़कर पूजा-अर्चना में शामिल हुए और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

    अभिषेक के बाद भगवान को पीतांबर वस्त्र धारण कराए गए और विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और राम नाम संकीर्तन का दौर लगातार जारी है। श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए। दोपहर में भगवान श्रीराम को 56 भोग अर्पित किया जाएगा, जिसमें देशभर के पारंपरिक व्यंजन शामिल रहेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान कथा व्यास सत्यनारायण दास और शिवम पांडेय भगवान श्रीराम की लीलाओं का वर्णन करेंगे। वहीं दक्षिण भारत से आए कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए रामभक्ति का रंग और गहरा करेंगे।

    शाम को मां सरयू की 5051 बत्तियों से भव्य महाआरती होगी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सरयू तट पर फूल बंगला झांकी भी सजाई जाएगी, जो आकर्षण का केंद्र रहेगी। शाम 5 बजे से 7 बजे तक भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा।

    इसके अलावा राम मंदिर परिसर स्थित मां दुर्गा मंदिर के शिखर पर 29 मई को ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में साध्वी ऋतम्भरा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। दुर्गा वाहिनी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से जुड़ी पदाधिकारी भी आयोजन में मौजूद रहेंगी।

    राम दरबार की पहली वर्षगांठ पर अयोध्या में श्रद्धा, संस्कृति और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

  • वृंदावन में हिमांगी सखी का बड़ा बयान: प्रेमानंद महाराज के लिए भावुक अपील, CJP और धार्मिक मुद्दों पर भी रखी खुली राय

    वृंदावन में हिमांगी सखी का बड़ा बयान: प्रेमानंद महाराज के लिए भावुक अपील, CJP और धार्मिक मुद्दों पर भी रखी खुली राय






    नई दिल्ली। मथुरा के वृंदावन में मंगलवार को वैष्णव किन्नर अखाड़ा की जगद्गुरु शंकराचार्य हिमांगी सखी ने बांके बिहारी मंदिर में दर्शन किए और परिक्रमा कर आस्था प्रकट की। दर्शन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में संत प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और उन्हें वर्तमान समय का एक प्रभावशाली भक्ति संत बताया। उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज कम समय में जिस तरह लोगों के बीच लोकप्रिय हुए हैं, वह भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का बड़ा उदाहरण है।

    हिमांगी सखी ने भावुक होते हुए कहा कि वे अपने ठाकुर जी से प्रार्थना करेंगी कि संत प्रेमानंद महाराज की उम्र उन्हें मिल जाए, ताकि वे लंबे समय तक समाज को भक्ति मार्ग पर प्रेरित कर सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे संतों की आज के समय में बहुत आवश्यकता है जो लोगों को आध्यात्मिकता और सकारात्मक दिशा दे सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर संत प्रेमानंद महाराज के वीडियो देखकर उनका मन भावुक हो जाता है और भक्ति भाव और मजबूत होता है।

    इस दौरान उन्होंने हाल के दिनों में चर्चित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर भी अपनी राय रखी। हिमांगी सखी ने कहा कि यह युवाओं द्वारा उठाया गया एक प्रतीकात्मक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य समाज में व्याप्त गंदगी, भ्रष्टाचार और कमियों को उजागर करना बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जैसे जीव जिस तरह गंदगी की मौजूदगी का संकेत देते हैं, उसी तरह यह आंदोलन भी व्यवस्था में सुधार की ओर इशारा करता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि समाज में बदलाव के लिए आलोचना और सवाल जरूरी हैं, और यदि कोई समूह कमियों को उजागर कर रहा है तो उसे सकारात्मक तरीके से देखा जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आंदोलन को मर्यादा और कानून के दायरे में रहकर ही आगे बढ़ना चाहिए।

    इसके बाद उन्होंने धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। हिमांगी सखी ने कहा कि देश में कई धार्मिक मामलों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहे हैं, जिन्हें संवाद और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए हल किया जाना चाहिए। उन्होंने ज्ञानवापी, भोजशाला और अन्य विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों का समाधान समयबद्ध तरीके से होना चाहिए ताकि समाज में अनावश्यक तनाव न बढ़े।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन और न्याय व्यवस्था मिलकर काम करें तो ऐसे संवेदनशील मुद्दों को आसानी से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ मामलों में अदालत के फैसले आ चुके हैं, लेकिन कई मुद्दे अब भी लंबित हैं, जिन पर जल्द निर्णय की आवश्यकता है।

    अपने बयान के अंतिम हिस्से में उन्होंने कहा कि वे सनातन परंपरा और धार्मिक आस्था के लिए हमेशा आवाज उठाती रहेंगी और जरूरत पड़ने पर आगे भी अपने विचार व्यक्त करेंगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाना है।

    वृंदावन में उनके इस दौरे और बयानों के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया है, जबकि कुछ ने इसे अलग-अलग नजरिए से देखा है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और स्थिति सामान्य बनी हुई है।

  • लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कला इलाके में स्थित एक पुराने ढांचे को लेकर जारी विवाद

    लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कला इलाके में स्थित एक पुराने ढांचे को लेकर जारी विवाद



    नई दिल्ली। एक बार फिर तनाव का कारण बन गया है। स्थानीय स्तर पर इस स्थल को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जिनकी वजह से इलाके में सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता बढ़ गई है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन सख्त कदम उठाते हुए किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन पर रोक लगा दी है और पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।

    जानकारी के अनुसार, मंगलवार को कुछ संगठनों ने इस विवादित स्थल पर सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा के आयोजन का ऐलान किया था। वहीं दूसरी ओर, इसी क्षेत्र में बकरीद की नमाज को लेकर भी स्थिति संवेदनशील बन गई थी। दोनों ही पक्षों की गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई और तत्काल प्रभाव से दोनों धार्मिक कार्यक्रमों को अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

    स्थानीय स्तर पर यह विवाद काफी पुराना बताया जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि यह स्थान ऐतिहासिक रूप से एक प्राचीन किले का हिस्सा रहा है, जिसे बाद में धार्मिक स्थल के रूप में उपयोग किया गया। वहीं दूसरी ओर कुछ समुदायों का दावा है कि यह स्थल लंबे समय से धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। इन्हीं विरोधाभासी दावों के कारण यहां समय-समय पर तनाव की स्थिति उत्पन्न होती रही है।

    पिछले दिनों इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पासी समुदाय से जुड़े कुछ लोगों ने इसे महाराजा कंस पासी का प्राचीन किला बताते हुए ऐतिहासिक पहचान से जोड़ने की बात कही। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में पुराने गजेटियर और स्थानीय परंपराओं का भी हवाला दिया। इसके बाद क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों और प्रतीकात्मक आयोजनों को लेकर माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया।

    इसी विवाद के चलते पुलिस ने ‘लाखन आर्मी’ नामक संगठन के कुछ सदस्यों पर मामला दर्ज किया था, जिसके बाद संगठन ने विरोध प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी थी। संगठन के प्रमुख ने आरोप लगाया है कि उनके समुदाय की ऐतिहासिक पहचान को नजरअंदाज किया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सभी कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे हैं।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और खुफिया इकाइयों को सक्रिय कर दिया है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और किसी भी तरह की भीड़ जुटने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

    प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता क्षेत्र में शांति बनाए रखना है और किसी भी तरह की भड़काऊ गतिविधि को रोकना है। साथ ही दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश भी की जा रही है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

    कसमंडी कला का यह मामला अब केवल एक स्थानीय विवाद न रहकर संवेदनशील सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है, जिस पर प्रशासन की नजर लगातार बनी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह तनाव और बढ़ सकता है, इसलिए एहतियाती कदम उठाना जरूरी था।

  • मुजफ्फरनगर में फेरीवालों की पिटाई, भीड़ ने चाचा-भतीजे को पीटा; पुलिस ने बचाई जान

    मुजफ्फरनगर में फेरीवालों की पिटाई, भीड़ ने चाचा-भतीजे को पीटा; पुलिस ने बचाई जान




    नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर (नई मंडी कोतवाली क्षेत्र) की वसुंधरा कॉलोनी में रविवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब कपड़े की फेरी लगाने पहुंचे आमिर मलिक और जावेद को स्थानीय लोगों ने संदिग्ध समझकर पीट दिया। दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं और फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करते हैं।

    जानकारी के अनुसार, दोनों पहले भी कॉलोनी में सामान बेचने आ चुके थे और कुछ लोगों के बुलाने पर ही दोबारा वहां पहुंचे थे। लेकिन देर शाम और रात होने के कारण कुछ लोगों को उन पर शक हुआ, जिसके बाद भीड़ इकट्ठा हो गई और दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी गई।

    मारपीट में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें घायल अवस्था में दोनों दिखाई दे रहे हैं।सूचना मिलने पर नई मंडी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को भीड़ से बचाकर अपनी हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    पुलिस जांच में क्या आया सामने
    सीओ नई मंडी राजू कुमार साव के अनुसार, शुरुआती जांच में दोनों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। वे फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करते हैं और पहले भी इलाके में आ चुके हैं। पुलिस अब स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।