Category: State

  • सीएम योगी से झगड़ लूंगा, पर आपको मंत्री बनवा दूंगा,अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का तीखा पलटवार

    सीएम योगी से झगड़ लूंगा, पर आपको मंत्री बनवा दूंगा,अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का तीखा पलटवार



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर बेहद सख्त और व्यंग्यात्मक अंदाज में हमला बोला है। यह पूरा विवाद अखिलेश यादव के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे पर सवाल उठाए थे।

    अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि यूपी में नए मंत्रियों के नाम तय होने के बाद भी उनके विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि सरकार में मंत्रालयों और विभागों के बंटवारे में देरी की वजह अंदरूनी खींचतान और कमीशन का विवाद है। अखिलेश ने यह भी कहा था कि नए मंत्री सिर्फ “दर्शक दीर्घा” में बैठे नजर आ रहे हैं और फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।

    इसके जवाब में ओमप्रकाश राजभर ने पहले अवधी भाषा में एक तीखा पोस्ट किया और फिर उसे हिंदी में भी साझा किया। उन्होंने अखिलेश यादव पर निजी और राजनीतिक दोनों तरह के तंज कसे। राजभर ने कहा कि अखिलेश के भाई के निधन के बाद उन्हें कुछ समय तक राजनीति से दूर रहकर शोक मनाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय वे लगातार राजनीतिक बयान दे रहे हैं।

    राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा कि अखिलेश “परिवार में गमी” के बावजूद राजनीति कर रहे हैं और दूसरों के घर की चिंता कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश को कम से कम तेरहवीं तक राजनीति से दूरी बनाए रखनी चाहिए थी।

    बात यहीं नहीं रुकी। ओमप्रकाश राजभर ने आगे व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव को मंत्री पद की इतनी इच्छा है, तो वे सुभासपा जॉइन कर लें। उन्होंने दावा किया कि वह खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी झगड़ लेंगे, लेकिन अखिलेश को किसी न किसी विभाग का मंत्री जरूर बनवा देंगे।

    उन्होंने यह भी कहा कि बेगाने मंत्रिमंडल में अखिलेश “दीवाने” बन रहे हैं और बिना वजह सरकार के फैसलों पर टिप्पणी कर रहे हैं।

    इस पूरे विवाद ने यूपी की सियासत में एक बार फिर गरमाहट बढ़ा दी है। जहां अखिलेश यादव सरकार पर निशाना साध रहे हैं, वहीं ओमप्रकाश राजभर उनके बयानों का कड़ा और चुटीला जवाब दे रहे हैं।

  • गोरखपुर के रेस्टोरेंट में छाई ‘रोबो दीदी’, टेबल तक पहुंचा रहीं खाना, ग्राहक बोले- मजा आ गया!

    गोरखपुर के रेस्टोरेंट में छाई ‘रोबो दीदी’, टेबल तक पहुंचा रहीं खाना, ग्राहक बोले- मजा आ गया!




    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक रेस्टोरेंट इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां ग्राहकों को खाना परोसने का काम कोई वेटर या वेट्रेस नहीं, बल्कि एक रोबोट कर रहा है। रामगढ़ ताल इलाके के नौका विहार स्थित सोबो रेस्टोरेंट में ‘रोबो दीदी’ नाम की यह रोबोट वेट्रेस लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

    रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहक ‘रोबो दीदी’ को देखकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। यह रोबोट टेबल तक जाकर खाना सर्व करती है, ग्राहकों का हालचाल पूछती है और जरूरत का सामान पहुंचाती है। खासकर बच्चे और महिलाएं इसके साथ सेल्फी लेने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

    रेस्टोरेंट के मालिक निखिल ने बताया कि उन्हें यह आइडिया चंडीगढ़ से मिला था। पहले चीन से ऐसे रोबोट मंगाने की योजना थी, लेकिन ज्यादा खर्च और तकनीकी दिक्कतों के कारण उन्होंने हैदराबाद की एक कंपनी से संपर्क किया। वहीं से इस रोबोट को तैयार कराकर गोरखपुर लाया गया।

    उन्होंने बताया कि फिलहाल ‘रोबो दीदी’ का इस्तेमाल 20 फीसदी क्षमता के साथ किया जा रहा है। इसे रिमोट और डिवाइस दोनों के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। रेस्टोरेंट प्रबंधन का कहना है कि रोबोट आने के बाद ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है और लोग खासतौर पर इसे देखने पहुंच रहे हैं।

    रेस्टोरेंट की मैनेजर सुकन्या के मुताबिक, ‘रोबो दीदी’ को फॉरवर्ड, लेफ्ट और राइट जैसे कमांड देकर कंट्रोल किया जाता है। यह ग्राहकों से बातचीत भी करती है और उनके ऑर्डर टेबल तक पहुंचाती है। लोगों को इसका अंदाज काफी पसंद आ रहा है।

    रेस्टोरेंट पहुंचे ग्राहकों का कहना है कि यह उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव है। कई लोगों ने इसे तकनीक और मनोरंजन का शानदार मेल बताया। सोशल मीडिया पर भी ‘रोबो दीदी’ के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे रेस्टोरेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।

  • गोरखपुर में दर्दनाक घटना: इंजीनियर ने पत्नी से विवाद के बाद फांसी लगाकर दी जान

    गोरखपुर में दर्दनाक घटना: इंजीनियर ने पत्नी से विवाद के बाद फांसी लगाकर दी जान



    नई दिल्ली। गोरखपुर में एक 33 वर्षीय इंजीनियर ने पत्नी से चल रहे विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान कुशीनगर निवासी प्रद्युमन यादव के रूप में हुई है, जो इंदौर की एक निजी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे।

    जानकारी के अनुसार, प्रद्युमन यादव की शादी 2017 में अर्पिता यादव से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई और पत्नी मायके जाकर रहने लगी। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया और मामला दहेज उत्पीड़न तक पहुंच गया, जो पिछले 6 सालों से कोर्ट में विचाराधीन था।

    परिजनों के अनुसार, लगातार विवाद और मानसिक तनाव के कारण प्रद्युमन काफी परेशान रहने लगे थे। बीते दिनों कोर्ट की तारीख पर आने के बाद वे गोरखपुर पहुंचे थे और फिर अपने बहनोई के घर हाटा में रुके थे। इसके बाद वह कुसमी जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर दर्शन के लिए गए।

    इसी दौरान उन्होंने करीब 1 मिनट 48 सेकंड का एक वीडियो रिकॉर्ड कर अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर डाला, जिसमें उन्होंने भावुक होकर अपनी परेशानी साझा की। वीडियो में उन्होंने कहा कि वह अब पूरी तरह टूट चुके हैं और पत्नी के विवादों से परेशान हैं।

    वीडियो में उन्होंने अपने परिवार को संबोधित करते हुए कहा—“भाई, माफ करना… अब माता-पिता को समझा देना कि उनका अब एक ही बेटा है।” साथ ही उन्होंने अपनी बेटी को भी संदेश दिया और भावुक शब्दों में कहा कि वह अब और नहीं सह सकते।

    सबसे दर्दनाक पल वह था जब उन्होंने फंदे की ओर इशारा करते हुए कहा—“देखो मेरा सेहरा तैयार है, मैं अब जा रहा हूं।” इसके बाद उन्होंने पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी।

    घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामला घरेलू विवाद और मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत होता है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

  • हमीरपुर में शादी बनी विवाद की वजह: दूल्हे ने ससुर को मारा थप्पड़, दुल्हन ने लौटाई बारात

    हमीरपुर में शादी बनी विवाद की वजह: दूल्हे ने ससुर को मारा थप्पड़, दुल्हन ने लौटाई बारात

    हमीरपुर। हमीरपुर में एक शादी समारोह उस समय हंगामे और विवाद में बदल गया जब बारातियों और घरातियों के बीच कहासुनी के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना सुमेरपुर ब्लॉक के विदोखर पुरई गांव की है, जहां महोबा से आई बारात के दौरान खुशियों का माहौल अचानक तनाव में बदल गया।

    जानकारी के अनुसार, द्वारचार और रस्मों के बाद जनवासे में कुछ महिलाएं पारंपरिक तरीके से डांस कर रही थीं। इसी दौरान कुछ बाराती भी उनके साथ जबरन डांस करने लगे, जिससे माहौल असहज हो गया। जब महिलाओं ने दूरी बनाई तो बारातियों ने उनके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की, जिसका घरातियों ने विरोध किया।

    विरोध करने पर विवाद और बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने लगी। इसी दौरान दूल्हे पर आरोप है कि उसने दुल्हन के पिता को थप्पड़ मार दिया, जिससे माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। घटना से आहत होकर दुल्हन संजना ने तुरंत शादी से इनकार कर दिया और फेरे लेने से मना कर दिया।

    दुल्हन का कहना था कि जब उसके पिता के साथ अभद्रता हुई तो वह यह शादी आगे नहीं कर सकती। इसके बाद दोनों पक्षों में सुलह की कोशिश भी की गई, लेकिन बात नहीं बन सकी।

    सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी। अंततः बारात को बिना दुल्हन के वापस लौटना पड़ा। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे शादी में हुई गंभीर लापरवाही और बदसलूकी का नतीजा बता रहे हैं।

  • प्रयागराज में पर्यटकों को बड़ी राहत: राही पर्यटक आवासों में 25% छूट की घोषणा

    प्रयागराज में पर्यटकों को बड़ी राहत: राही पर्यटक आवासों में 25% छूट की घोषणा



    प्रयागराज । प्रयागराज में पर्यटन विभाग ने पर्यटकों को आकर्षित करने और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब जिले के राही पर्यटक आवासों में ठहरने पर पर्यटकों को 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। यह योजना इसी माह से लागू होने जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, प्रयागराज में पर्यटन विभाग के दो प्रमुख राही पर्यटक आवास संचालित हैं, जिनमें Triveni Darshan Tourist Bungalow (बोट क्लब, पाल क्षेत्र) और Rahi Ilavart Hotel (सिविल लाइंस) शामिल हैं। इन दोनों स्थानों पर पर्यटक अब कम कीमत में ठहर सकेंगे।

    पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य लोगों को विदेश यात्रा के बजाय भारत के भीतर ही धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों की ओर आकर्षित करना है। प्रयागराज जैसे तीर्थ और सांस्कृतिक शहर में पर्यटन को नई गति देने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    इस योजना के तहत न केवल ठहरने की सुविधा सस्ती होगी, बल्कि रेस्टोरेंट और अन्य सेवाओं में भी विशेष छूट देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन विभाग को रेस्टोरेंट एसोसिएशन के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से प्रयागराज आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।

  • कानपुर में दरोगा पर युवक को थर्ड डिग्री देने का आरोप, 40 सेकेंड में 15 थप्पड़ जड़ने का दावा

    कानपुर में दरोगा पर युवक को थर्ड डिग्री देने का आरोप, 40 सेकेंड में 15 थप्पड़ जड़ने का दावा


    कानपुर। कानपुर में एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां एक दरोगा पर युवक को थर्ड डिग्री देने और बेरहमी से मारपीट करने के आरोप लगे हैं। पीड़ित युवक कमल कश्यप, जो राम नारायण बाजार स्थित एक इलेक्ट्रिक दुकान में काम करता है, ने आरोप लगाया है कि उसे चोरी के शक में बहाने से चौकी बुलाकर बुरी तरह पीटा गया।

    जानकारी के अनुसार, युवक को एक मुखबिर और उसके साथी के जरिए पटकापुर चौकी ले जाया गया, जहां चौकी इंचार्ज प्रशांत सिंह सोमवंशी पर आरोप है कि उन्होंने पूछताछ के दौरान महज 30 से 40 सेकेंड में युवक के गालों पर लगभग 15 थप्पड़ मारे। इसके बाद आरोप है कि उसकी उंगलियों में सूजा फंसाकर उसे जमीन पर दबाया गया और जूतों से प्रताड़ित किया गया। इस दौरान मौजूद मुखबिर और उसका साथी कथित तौर पर पूरे घटनाक्रम पर हंसते रहे और दरोगा को उकसाते रहे।

    पीड़ित का यह भी आरोप है कि जब उसने खुद को बेकसूर बताया तो मारपीट और तेज कर दी गई। बाद में करीब तीन घंटे तक चौकी में रखने के बाद उसे छोड़ा गया। इस घटना की जानकारी जब इलाके के व्यापारियों को मिली तो वे चौकी पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज की मांग की, लेकिन उन्हें वहां से वापस लौटा दिया गया।

    इसके बाद शुक्रवार को राम नारायण बाजार के व्यापारियों ने घटना के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दीं और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और जांच का आश्वासन देकर स्थिति को शांत कराया।

    पीड़ित के अनुसार, घटना के दौरान चौकी में मौजूद मुखबिर ने यहां तक कहा कि “आंख में मिर्च डालो तो सच बताएगा”, जिससे पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। वहीं आरोप यह भी है कि दरोगा पहले भी सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाने को लेकर चर्चा में रह चुके हैं।

    फिलहाल मामले में एसीपी कोतवाली का कहना है कि लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश बना हुआ है।

  • प्रयागराज के दशहरी-लंगड़ा आम अब यूएई और ओमान को 50 हजार टन आम निर्यात की तैयारी, किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार

    प्रयागराज के दशहरी-लंगड़ा आम अब यूएई और ओमान को 50 हजार टन आम निर्यात की तैयारी, किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार



    प्रयागराज। प्रयागराज मंडल के मशहूर दशहरी, लंगड़ा और फजली आम की मिठास अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह अब विदेशों तक अपनी पहचान बनाएगी। इस बार प्रयागराज मंडल से करीब 50 हजार टन आम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान भेजने की तैयारी की जा रही है, जिससे किसानों और निर्यात कारोबार को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

    प्रयागराज मंडल के प्रयागराज, प्रतापगढ़ और कौशांबी जिलों में लगभग 2400 से 2500 हेक्टेयर क्षेत्र में आम की बागवानी की जाती है। यहां से हर साल करीब डेढ़ लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा निर्यात के लिए तैयार किया जाता है। खास बात यह है कि प्रयागराज जिले में अकेले ही 600 से 650 हेक्टेयर में आम की खेती होती है और यहां से लगभग 10 हजार टन से अधिक उत्पादन होता है।

    विदेशी बाजारों में यहां के आमों की मांग लगातार बढ़ रही है। दशहरी, लंगड़ा और फजली किस्मों को उनकी मिठास, सुगंध और गुणवत्ता के कारण खाड़ी देशों में काफी पसंद किया जा रहा है। इसी कारण हर साल लगभग 50 हजार टन आम यूएई और ओमान जैसे देशों में निर्यात किया जाता है।

    इसके साथ ही किसानों का रुझान अब नई प्रजातियों की ओर भी बढ़ रहा है। उद्यान विभाग के अनुसार अंबिका, अरुणिका, मल्लिका और बॉम्बे ग्रीन जैसी नई किस्में कम समय में तैयार होने और बेहतर उत्पादन के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। इन किस्मों की मांग न सिर्फ घरेलू बाजार में बल्कि विदेशों में भी बढ़ रही है।

    निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पैकिंग, ग्रेडिंग और कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। किसानों को बेहतर गुणवत्ता बनाए रखने और सुरक्षित पैकिंग के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जो खुसरो बाग सहित विभिन्न केंद्रों पर आयोजित किया जाता है।

    कुल मिलाकर, प्रयागराज मंडल के आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।

  • मेरठ में वलीमा फायरिंग कांड के इनामी बदमाशों का एनकाउंटर, तीन घायल गिरफ्तार पुलिस मुठभेड़ में बदमाशों के पैर में लगी गोली, हेड कांस्टेबल भी घायल

    मेरठ में वलीमा फायरिंग कांड के इनामी बदमाशों का एनकाउंटर, तीन घायल गिरफ्तार पुलिस मुठभेड़ में बदमाशों के पैर में लगी गोली, हेड कांस्टेबल भी घायल



    मेरठ। मेरठ में वलीमा समारोह के दौरान हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में फरार चल रहे 25-25 हजार के इनामी बदमाशों का पुलिस ने एनकाउंटर में पकड़ लिया है। यह कार्रवाई शनिवार तड़के लोहिया नगर और परतापुर पुलिस तथा स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में की गई, जिसमें तीनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    घटना मेरठ के स्टार हेरिटेज मंडप में हुई थी, जहां पुरानी रंजिश के चलते बदमाशों ने वलीमा की दावत के दौरान करीब दस राउंड फायरिंग की थी। इस हमले में एक मासूम समेत तीन लोग घायल हो गए थे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही थी।

    शनिवार तड़के पुलिस टीम बजौट में अंडरपास के पास चेकिंग कर रही थी, तभी बाइक सवार तीन संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी जुनैद उर्फ काला और हरीश गोली लगने से घायल हो गए, जबकि उनका साथी सुहेल मौके से भाग निकला।

    फरार आरोपी सुहेल को बाद में परतापुर पुलिस ने घेर लिया। खुद को घिरता देख उसने भी पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में उसके पैर में गोली लगी और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस पूरी मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल मोहित कुमार भी घायल हो गए।

    पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से अवैध हथियार, कारतूस और बाइक बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने वलीमा समारोह में रंजिश के चलते फायरिंग की थी, जिसमें राजा, इरफान और दो वर्षीय मासूम हम्माद घायल हुए थे।

    फिलहाल तीनों आरोपियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है। इस एनकाउंटर के बाद इलाके में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।

  • यूपी में 18 जून तक मानसून की दस्तक संभव, भीषण गर्मी और लू से बढ़ी परेशानी

    यूपी में 18 जून तक मानसून की दस्तक संभव, भीषण गर्मी और लू से बढ़ी परेशानी


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में मानसून इस बार 18 जून के आसपास दस्तक दे सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून केरल में 26 मई के करीब पहुंचेगा और वहां से आगे बढ़ते हुए 18 जून तक गोरखपुर के रास्ते यूपी में प्रवेश कर सकता है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने इसे संभावित तारीख बताया है और स्पष्टता मानसून की वास्तविक गति के आधार पर ही आएगी।

    लखनऊ स्थित मौसम वैज्ञानिक Atul Kumar Singh ने बताया कि मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए यह अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जब मानसून केरल से आगे बढ़ेगा, तभी इसकी सटीक तारीख तय की जा सकेगी।

    फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और तेज धूप के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्मी का असर तेज है और कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। झांसी और ललितपुर सहित करीब 8 जिलों में लू चलने की चेतावनी दी गई है।

    पिछले 24 घंटों में कुछ जिलों में हल्की बारिश जरूर दर्ज की गई है, लेकिन उससे गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिली। बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 47 डिग्री तक भी जा सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो चुका है, जिसके कारण अब दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहेंगी। हीटवेव की स्थिति और तेज होने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग ने यह भी बताया कि इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। इसके पीछे प्रशांत महासागर में अल नीनो जैसी परिस्थितियों का प्रभाव और उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फबारी को कारण माना जा रहा है, जिससे वर्षा प्रभावित हो सकती है।

    हालांकि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में मानसून अपेक्षाकृत बेहतर रहा था और सामान्य से 10 से 15 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन इस बार मौसम पैटर्न बदलने से बारिश कम होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कृषि और जलस्तर पर असर पड़ सकता है।

  • प्रयागराज में दिल दहला देने वाला हादसा: बच्चों को बचाते-बचाते जिंदा जल गई मां

    प्रयागराज में दिल दहला देने वाला हादसा: बच्चों को बचाते-बचाते जिंदा जल गई मां


    प्रयागराज। प्रयागराज में इंसानियत और मां की ममता की एक ऐसी दर्दनाक और साहसिक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। यहां एक मां ने अपने चार बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। यह घटना 12 मई की रात नैनी बाजार के चैंपियन गली इलाके में हुई, जहां एक क्रॉकरी कारोबारी के घर में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई।

    जानकारी के अनुसार, आग घर के फर्स्ट फ्लोर पर बने गोदाम से शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में पूरे मकान में फैल गई। उस समय घर की महिलाएं और बच्चे ऊपर की मंजिल पर फंस गए थे। नीचे से निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा और सभी लोग जान बचाने के लिए छत पर पहुंच गए। आग की लपटें और धुआं तेजी से बढ़ता जा रहा था, जिससे हालात बेहद भयावह हो गए।

    इसी दौरान मां ने असाधारण साहस दिखाते हुए अपने बच्चों को बचाने का फैसला किया। पहले उसने अपने एक साल के मासूम बच्चे को चादर में लपेटा और पड़ोसी की छत की ओर लगभग 12 फीट दूर उछाल दिया। पड़ोसियों ने किसी तरह बच्चे को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद छत पर रखी सीढ़ी का सहारा लेकर उसने अपनी दो बेटियों को भी पड़ोसी की छत पर सुरक्षित पहुंचा दिया।

    इसके बाद उसने अपने भतीजे को भी सीढ़ी के जरिए दूसरी छत पर भेजकर बचा लिया। इस तरह उसने चार बच्चों को सुरक्षित कर दिया, लेकिन इस दौरान आग और धुएं ने पूरी छत को घेर लिया था। लगातार बढ़ती लपटों और घने धुएं के कारण वह खुद बाहर नहीं निकल सकी और आग की चपेट में आ गई।

    कुछ ही देर में वह बुरी तरह झुलस गई और मौके पर ही गंभीर हालत में पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की टीम बाद में मौके पर पहुंची, लेकिन तंग गली होने के कारण राहत कार्य में काफी देर लगी। किसी तरह महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    बताया गया कि महिला का नाम अर्चना था, जिन्होंने अपने बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं की। उनकी 13 साल की बेटी भी इस हादसे में झुलस गई और आईसीयू में भर्ती है, जबकि अन्य परिजन भी घायल हुए हैं।

    फायर ब्रिगेड की करीब 12 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यह हादसा पूरे इलाके में शोक और सदमे का कारण बन गया है। लोगों का कहना है कि यह घटना मां के अद्भुत साहस और बलिदान की मिसाल है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।