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  • लखनऊ सैलून मैनेजर सुसाइड केस: रत्ना सिंह मामले में बड़ा एक्शन, मालिक की पत्नी मुंबई से गिरफ्तार

    लखनऊ सैलून मैनेजर सुसाइड केस: रत्ना सिंह मामले में बड़ा एक्शन, मालिक की पत्नी मुंबई से गिरफ्तार


    नई दिल्ली। लखनऊ में सैलून मैनेजर रत्ना सिंह आत्महत्या मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। इस मामले में लगातार नए खुलासे और पुलिस कार्रवाई सामने आ रही है। गोरखपुर की रहने वाली 32 वर्षीय रत्ना सिंह लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित मानसून सैलून में मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। कुछ दिन पहले उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी।

    आत्महत्या से पहले रत्ना सिंह ने 26 सेकंड का एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने सैलून मालिक शरद सिंह, उनकी पत्नी पल्लवी जोशी समेत कुछ अन्य लोगों पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया।

    परिजनों ने आरोप लगाया कि रत्ना सिंह को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गईं और उन्होंने यह कदम उठाया। घटना के बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर न्याय की मांग की, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया।

    मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शरद सिंह सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उनकी पत्नी पल्लवी जोशी को मुंबई से हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की पुष्टि की है और जांच जारी है।

    कार्रवाई के तहत संबंधित सैलून और उससे जुड़े प्रतिष्ठानों पर प्रशासन ने सीलिंग की कार्रवाई की है। साथ ही आरोपियों की संपत्तियों पर भी बुलडोजर एक्शन लिया गया है, जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई है।

    पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रत्ना सिंह पर लंबे समय से दबाव बनाया जा रहा था। वहीं अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस मामले में एक होटल मैनेजर को पहले ही देवरिया से गिरफ्तार किया जा चुका था।

    रत्ना सिंह के पिता रेलवे कर्मचारी हैं और परिवार का राजनीतिक व सामाजिक जुड़ाव भी बताया जा रहा है। परिजनों ने सभी दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि उनकी बेटी को न्याय मिलना चाहिए।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और सभी डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। यह मामला न केवल लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • कानपुर में सनसनी: मां का कटा हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचा ITBP जवान, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    कानपुर में सनसनी: मां का कटा हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचा ITBP जवान, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप



    कानपुर। कानपुर में एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ITBP जवान विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। यह मामला कथित तौर पर निजी अस्पताल की लापरवाही और पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने से जुड़ा बताया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, विकास सिंह की मां को 13 मई को सांस लेने में दिक्कत होने पर कानपुर के जीटी रोड स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन लगाए जाने से उनके दाहिने हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया, जिसके बाद हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

    परिजनों के मुताबिक, स्थिति बिगड़ने पर महिला को दूसरे अस्पताल पारस हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने संक्रमण को रोकने के लिए हाथ काटने की सलाह दी। इसके बाद 17 मई को महिला का दाहिना हाथ ऑपरेशन के जरिए काटना पड़ा।

    इसी घटना से आहत ITBP जवान विकास सिंह का आरोप है कि यह स्थिति कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण बनी। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह कई बार थाना रेल बाजार में शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

    इसी से नाराज होकर वह कथित सबूत के तौर पर अपनी मां का कटा हुआ हाथ थर्माकोल बॉक्स में रखकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। इस घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया और मामला तुरंत उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आ गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को जांच के निर्देश दिए हैं। अब पूरे प्रकरण की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा, जो यह तय करेगा कि इलाज में लापरवाही हुई थी या नहीं।

    जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे अस्पताल और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीज सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • बहराइच की 23 वर्षीय नैना बनीं प्रेरणा: लंदन में मिला महिला सशक्तिकरण पुरस्कार, किंग चार्ल्स से की मुलाकात

    बहराइच की 23 वर्षीय नैना बनीं प्रेरणा: लंदन में मिला महिला सशक्तिकरण पुरस्कार, किंग चार्ल्स से की मुलाकात




    बहराइच। बहराइच जिले के रिसिया ब्लॉक के पटेल नगर गांव की रहने वाली 23 वर्षीय नैना ने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। उन्हें लंदन के प्रतिष्ठित रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित ‘द किंग्स ट्रस्ट सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में अमल क्लूनी महिला सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    इस सम्मान समारोह के दौरान नैना को ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स III और क्वीन कैमिला से मिलने का भी अवसर मिला। यह उपलब्धि उनके जीवन की कठिन यात्रा और सामाजिक बदलाव के लिए किए गए कार्यों का परिणाम मानी जा रही है।

    नैना का बचपन संघर्षों से भरा रहा। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए खेतों में काम करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखने का प्रयास किया और गांव के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी शिक्षा का खर्च निकाला।

    बाद में आगा खान फाउंडेशन और द किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल की संयुक्त पहल ‘प्रोजेक्ट लहर’ ने उनकी मदद की, जिसके जरिए वे दोबारा स्कूल लौटीं, स्कॉलरशिप हासिल की और अपनी पढ़ाई पूरी की।

    वर्तमान में नैना किशोर लड़कियों के लिए लाइफ स्किल्स कोच के रूप में काम कर रही हैं। वह बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाने के साथ-साथ लड़कियों की शिक्षा और उनके अधिकारों के लिए लगातार जागरूकता फैला रही हैं। उनके प्रयासों से सैकड़ों लड़कियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है।

    पुरस्कार मिलने के बाद नैना ने कहा कि उनके जीवन के संघर्ष ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बने। उन्होंने यह सम्मान सभी युवतियों को समर्पित करते हुए कहा कि कभी हार नहीं माननी चाहिए और अपने जीवन की सफलता की कहानी खुद लिखनी चाहिए।

    नैना की यह उपलब्धि न केवल बहराइच बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन गई है, जो यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

  • लखनऊ में मेडिकल स्टोर बंद: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में व्यापारियों का बड़ा प्रदर्शन

    लखनऊ में मेडिकल स्टोर बंद: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में व्यापारियों का बड़ा प्रदर्शन



    लखनऊ। लखनऊ में बुधवार को मेडिकल स्टोरों की बंदी से आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर के अमीनाबाद, चौक, चारबाग समेत प्रमुख दवा बाजारों में सुबह से ही अधिकांश दुकानें शटर डाउन रहीं। इस बंदी का असर पूरे प्रदेश में देखा गया, जहां अनुमानित रूप से लाखों मेडिकल स्टोर बंद रहे।

    यह बंदी ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स के विरोध में की गई है। दवा व्यापारियों का आरोप है कि ऑनलाइन कंपनियां बिना पर्याप्त जांच और फार्मासिस्ट की निगरानी के दवाएं बेच रही हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। साथ ही फर्जी प्रिस्क्रिप्शन और भारी डिस्काउंटिंग से पारंपरिक दवा कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।

    इस विरोध प्रदर्शन के तहत ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इसी के समर्थन में लखनऊ केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन समेत विभिन्न संगठनों ने भी बंद को समर्थन दिया।

    व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए स्लीपिंग पिल्स, पेन किलर्स और अन्य नियंत्रित दवाओं की आसान उपलब्धता चिंता का विषय है, जिससे युवाओं में दुरुपयोग की आशंका बढ़ रही है। साथ ही अत्यधिक डिस्काउंटिंग को भी नियमों के खिलाफ बताते हुए उन्होंने सप्लाई चेन में गड़बड़ी और नकली दवाओं की संभावना जताई है।

    एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि यह केवल व्यापार का मुद्दा नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी पर्चों के आधार पर दवाएं बेची जा रही हैं, जिससे गलत उपचार और गंभीर दुष्प्रभाव का खतरा बढ़ सकता है।

    हालांकि, संगठनों ने स्पष्ट किया है कि बंद के बावजूद इमरजेंसी और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि गंभीर मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो।

    दवा व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू किए जाएं, फार्मासिस्ट की निगरानी अनिवार्य की जाए और फर्जी प्रिस्क्रिप्शन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

  • चित्रकूट में पीएम स्वनिधि योजना पर सख्ती: 460 आवेदन बैंक में लंबित, एक सप्ताह में निपटाने के आदेश

    चित्रकूट में पीएम स्वनिधि योजना पर सख्ती: 460 आवेदन बैंक में लंबित, एक सप्ताह में निपटाने के आदेश



    चित्रकूट । चित्रकूट में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की धीमी प्रगति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एडीएम न्यायिक अरुण कुमार यादव ने बैंक प्रतिनिधियों और नगर निकायों के ईओ के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित आवेदनों पर नाराजगी जताई और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

    जानकारी के अनुसार, वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में नगर निकायों को कुल 885 वेंडरों को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके तहत नगर पालिका कर्वी सहित नगर पंचायत मऊ, मानिकपुर और राजापुर में बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडरों ने आवेदन किया था।

    हालांकि अब तक केवल 124 लाभार्थियों को ही बैंक से 15 हजार रुपये का लोन मिल पाया है, जबकि 460 आवेदन अभी भी विभिन्न बैंकों में लंबित पड़े हैं। लंबित मामलों के कारण योजना की प्रगति प्रभावित हो रही है और लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है।

    बैठक में एडीएम न्यायिक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी बैंक एक सप्ताह के भीतर लंबित आवेदनों का निस्तारण करें और पात्र वेंडरों को जल्द से जल्द ऋण उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने नगर निकायों को भी निर्देशित किया कि वे अपने-अपने लक्ष्यों को समय पर पूरा करें और लाभार्थियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रगति में सुधार न होने पर संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी।

    यह योजना छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडरों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, लेकिन लंबित आवेदनों के कारण इसकी रफ्तार पर असर पड़ा है।

  • रायबरेली में राहुल गांधी का मोदी-शाह पर तीखा हमला: बोले- देश को बेच दिया, ये लोग गद्दार हैं

    रायबरेली में राहुल गांधी का मोदी-शाह पर तीखा हमला: बोले- देश को बेच दिया, ये लोग गद्दार हैं



    रायबरेली। रायबरेली में आयोजित एक जनसभा के दौरान कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को लेकर कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि देश को गलत दिशा में ले जाया जा रहा है।

    राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले समय में देश में आर्थिक संकट और महंगाई और बढ़ सकती है, जिससे आम जनता पर भारी असर पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होगी और किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

    उन्होंने अपने भाषण में यह भी कहा कि देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग जनता की समस्याओं से ध्यान भटका रहे हैं और नीतियां आम लोगों के हित में नहीं बनाई जा रही हैं।

    जनसभा के दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए आगे आएं और अपनी आवाज को मजबूत करें। उन्होंने यह भी कहा कि देश में आने वाले समय में आर्थिक स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है, जिसका असर सीधे आम जनता पर पड़ेगा।

    इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और इस मुद्दे पर सियासी प्रतिक्रिया भी तेज होने की संभावना है।

  • चित्रकूट में अनोखी पहल: चीफ जस्टिस समेत जज और स्टाफ साइकिल से पहुंचे कोर्ट, दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

    चित्रकूट में अनोखी पहल: चीफ जस्टिस समेत जज और स्टाफ साइकिल से पहुंचे कोर्ट, दिया पर्यावरण बचाने का संदेश



    चित्रकूट । चित्रकूट में पर्यावरण संरक्षण का एक अनोखा संदेश देखने को मिला जब प्रधान न्यायाधीश राकेश कुमार यादव अपने सहयोगी जजों और स्टाफ के साथ साइकिल से न्यायालय पहुंचे। इस पहल में सिविल जज अंशुमान यादव समेत अन्य कर्मचारी भी शामिल रहे और सभी ने मिलकर साइकिल चलाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।

    जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम सुबह करीब छह बजे शुरू हुआ और सभी लोग साइकिल से यात्रा करते हुए लगभग साढ़े छह बजे न्यायालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लोगों को ईंधन बचाने और प्रदूषण कम करने के लिए साइकिल के उपयोग को अपनाने का संदेश दिया।

    न्यायालय पहुंचने के बाद प्रधान न्यायाधीश राकेश कुमार यादव ने अधिवक्ताओं, शहरवासियों और वादकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण और ईंधन संकट को देखते हुए साइकिल का उपयोग एक महत्वपूर्ण और आवश्यक कदम है।

    उन्होंने यह भी कहा कि साइकिल न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद करती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। इसके उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलती है।

    जजों और स्टाफ की इस पहल को न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों ने सराहा और इसे एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि छोटी दूरी के लिए मोटर वाहनों के बजाय साइकिल का उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।

    यह पहल पर्यावरण जागरूकता की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम मानी जा रही है, जो समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराती है।

  • बंगालः फाल्टा उपचुनाव में CM शुभेन्दु की पहली सभा…. बोले- कहां है पुष्पा, अब दिखाई नहीं दे रहा?

    बंगालः फाल्टा उपचुनाव में CM शुभेन्दु की पहली सभा…. बोले- कहां है पुष्पा, अब दिखाई नहीं दे रहा?


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Shubhendu Adhikari) ने डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली फाल्टा विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव (Falta By-Election) से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee.) पर करारा हमला बोला है। शनिवार को भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पोंडा के समर्थन में फाल्टा में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर कई बड़े एलान किए। मुख्यमंत्री बनने के बाद इस क्षेत्र में यह उनकी पहली जनसभा थी।

    शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी के फाल्टा उम्मीदवार जहांगीर खान (Jahangir Khan) को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें घोषित कुख्यात अपराधी करार दिया। उन्होंने कहा, “2019 के चुनाव बाद हुई हिंसा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राज्य के 19 सबसे कुख्यात अपराधियों की सूची जारी की थी। भतीजे के संरक्षण में पलने वाला यह जहांगीर खान उसी सूची में शामिल था। अब इस तथाकथित ‘पुष्पा’ को मेरे भरोसे छोड़ दीजिए, जो अब कहीं दिखाई भी नहीं दे रहा है। वह अब मेरी जिम्मेदारी है और मैं खुद उसका मामला देखूंगा।”


    क्या था ‘पुष्पा’ और ‘सिंघम’ का विवाद?

    चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक 2011 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा (IPS Ajay PAl Sharma) ने मतदाताओं को धमकाने की शिकायत के बाद जहांगीर खान के घर और दफ्तर का दौरा किया था। इस पर टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने पलटवार करते हुए कहा था कि “अगर वह सिंघम हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं।” मुख्यमंत्री ने इसी बयान पर तंज कसा है।

    मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि जब से बंगाल के राजनीतिक पटल पर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का उदय हुआ है, तब से पिछले एक दशक में डायमंड हार्बर और फाल्टा के लोग स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए हैं।

    उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, “अब बंगाल का परिदृश्य बदल चुका है। फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई 2026 को होने वाला पुनर्मतदान यहां के लोगों को उनका लोकतांत्रिक अधिकार वापस दिलाएगा। मैं फाल्टा के मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे भाजपा उम्मीदवार को 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से विजयी बनाएं।” इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से कानून अपने हाथ में न लेने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की अपील की।


    फाल्टा में दोबारा चुनाव क्यों?

    चुनाव आयोग ने फाल्टा में 29 अप्रैल को हुए मतदान को ईवीएम (EVM) से छेड़छाड़ और मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसी गंभीर अनियमितताओं की शिकायतों के बाद रद्द कर दिया था।

    भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ (Leaps and Bounds) कंपनी से जुड़ी संपत्तियों की फाइलें मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा, “मैंने कोलकाता नगर निगम से फाइलें मांगी थीं। अब मेरे पास दक्षिण 24 परगना जिले के आमताला में एक आलीशान दफ्तर सहित इस कंपनी की 24 संपत्तियों की पूरी सूची और विवरण है। बहुत जल्द इन सभी संपत्तियों के खिलाफ गहन जांच शुरू की जाएगी।”


    5 साल पुराने मामले भी खुलेंगे

    चुनाव के बाद डर के मारे पलायन कर चुके लोगों की वापसी को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकार सभी की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगी, लेकिन यह सशर्त होगी। उन्होंने कहा, “2021 की चुनाव बाद हुई हिंसा में भाजपा के 57 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी और 12,500 एफआईआर दर्ज की गई थीं। यदि इन फरार लोगों में से किसी का भी नाम उन एफआईआर में आरोपी के रूप में दर्ज है, तो उन्हें घर लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हम उन्हें बालों से घसीटकर जेल की सलाखों के पीछे भेजेंगे।”

    मुख्यमंत्री ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भले ही राजनीतिक अपराध 5 साल या उससे अधिक पुराने क्यों न हों, उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कर अपराधियों को तुरंत जेल भेजा जाए।


    धार्मिक भावनाओं का सम्मान

    अक्टूबर 2025 में दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप में मां काली की खंडित मूर्ति को पुलिस द्वारा कैदी वैन में रखने के विवाद का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा, “जिस पुलिस अधिकारी ने मां काली की मूर्ति को जेल वैन के अंदर रखा, उसके लिए बंगाल में कोई जगह नहीं है। हिंदू देवी-देवताओं के अपमान और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी सभी पुलिस फाइलें दोबारा खोली जाएंगी।”


    विशेष विकास पैकेज का एलान

    अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फाल्टा की जनता के लिए भाजपा के चुनावी घोषणा-पत्र के वादों से अलग एक विशेष विकास पैकेज देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें सत्ता की कुर्सी सिर्फ बैठने के लिए नहीं बल्कि न्याय के लिए सौंपी है और वे राज्य में न्याय का शासन स्थापित करके रहेंगे।

  • झांसी सड़क हादसा: सगाई से 3 दिन पहले दुल्हन और भाई की दर्दनाक मौत, ट्रक से टकराई बाइक

    झांसी सड़क हादसा: सगाई से 3 दिन पहले दुल्हन और भाई की दर्दनाक मौत, ट्रक से टकराई बाइक



    नई दिल्ली। झांसी में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें सगाई से सिर्फ 3 दिन पहले होने वाली दुल्हन और उसके सगे भाई की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों बाइक से अपनी बड़ी बहन के घर जा रहे थे, तभी पूंछ थाना क्षेत्र के झांसी–कानपुर हाईवे पर मबूसा ओवरब्रिज के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से उनकी बाइक टकरा गई।

    टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार दोनों भाई-बहन करीब 10 मीटर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों को मोंठ सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि बाइक की स्पीड लगभग 80 किमी प्रति घंटा थी और ट्रक सड़क पर बिना किसी चेतावनी के खड़ा था, जिससे यह हादसा हुआ।

    मृतका शिवानी (22) जालौन के कैलाशी देवी महाविद्यालय से बीए की छात्रा थी और उसकी शादी तय हो चुकी थी। 20 मई को उसकी सगाई होनी थी और घर में तैयारियां चल रही थीं। वहीं उसका भाई ईशू (19) 12वीं का छात्र था। दोनों अपने साथ कुछ कैश और गहने लेकर बहन के घर जा रहे थे, ताकि आगे शादी की तैयारियों में शामिल हो सकें।

    हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक की तलाश शुरू कर दी है और परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया।

  • बदायूं: निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक से गिरा सांड, दर्दनाक मौत; लापरवाही पर उठे सवाल

    बदायूं: निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक से गिरा सांड, दर्दनाक मौत; लापरवाही पर उठे सवाल


    बदायूं । बदायूं के किसरुआ गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन ओवरहेड पानी की टंकी पर चढ़े एक आवारा सांड की गिरकर मौत हो गई। यह पूरी घटना आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के मुताबिक, गांव में जल निगम की ओर से ओवरहेड पानी की टंकी का निर्माण कार्य चल रहा था। टंकी का ढांचा लगभग 60 से 70 फीट की ऊंचाई तक बन चुका था, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। इसी दौरान शनिवार तड़के एक आवारा सांड किसी तरह खुली सीढ़ियों के रास्ते टंकी के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया।

    सांड को इतनी ऊंचाई पर देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश की। कुछ लोगों ने हरा चारा दिखाकर उसे नीचे लाने का प्रयास किया, जबकि अन्य लोग आवाज लगाकर उसे शांत करने की कोशिश करते रहे।

    काफी देर तक सांड टंकी पर इधर-उधर घूमता रहा, लेकिन इसी दौरान वह नीचे उतरने लगा। बताया जा रहा है कि उतरते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 40 फीट की ऊंचाई से सीधे जमीन पर गिर पड़ा। गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद मौके पर सन्नाटा पसर गया और ग्रामीण इस दर्दनाक हादसे को लेकर चर्चा करते नजर आए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    स्थानीय लोगों ने जल निगम और संबंधित विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा घेरा और उचित बैरिकेडिंग होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

    फिलहाल इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।