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  • सागर में बेकाबू टैंकर का कहर: दुकानों और घरों में घुसा, तेंदूपत्ता तोड़ने जा रहा युवक चपेट में आया; ड्राइवर फरार

    सागर में बेकाबू टैंकर का कहर: दुकानों और घरों में घुसा, तेंदूपत्ता तोड़ने जा रहा युवक चपेट में आया; ड्राइवर फरार


    सागर सागर जिले के खुरई रोड स्थित ग्राम जरुआखेड़ा में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज रफ्तार बेकाबू टैंकर सड़क किनारे बनी दुकानों और घरों में जा घुसा। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के लोग दहशत में बाहर निकल आए। दुर्घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

    जानकारी के अनुसार घटना सागर-खुरई रोड पर झंडापुरा मुहाल इलाके में हुई। गुरुवार सुबह सड़क पर तेज गति से दौड़ रहा एक कैप्सूल टैंकर अचानक अनियंत्रित हो गया। देखते ही देखते टैंकर सड़क किनारे बनी दो दुकानों और घरों को तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दुकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और घरों में रखा सामान भी बिखर गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए।

    इसी दौरान अशोक अहिरवार नाम का युवक तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल की ओर जा रहा था। वह सड़क किनारे से गुजर ही रहा था कि अचानक बेकाबू टैंकर की चपेट में आ गया। टक्कर लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए उसे बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टैंकर काफी तेज रफ्तार में था और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से भाग निकला। लोगों ने चालक को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया।

    घटना की सूचना मिलते ही जरुआखेड़ा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त इलाके का निरीक्षण करने के बाद टैंकर को जब्त कर लिया है। मामले में प्रकरण दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

    हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि सागर-खुरई रोड पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार हादसों का कारण बन रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। लोगों ने क्षेत्र में स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

  • सागर में ईद-उल-अजहा पर उमड़ा जनसैलाब: ईदगाह में जगह कम पड़ी, सड़कों पर अदा हुई नमाज

    सागर में ईद-उल-अजहा पर उमड़ा जनसैलाब: ईदगाह में जगह कम पड़ी, सड़कों पर अदा हुई नमाज


    सागर  सागर में गुरुवार को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार पूरी श्रद्धा, सादगी और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही शहर की ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। मुस्लिम समाज के लोगों ने विशेष नमाज अदा कर देश की खुशहाली, अमन-चैन और तरक्की की दुआ मांगी। ईद की नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी, जिससे पूरे शहर में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला।

    मोतीनगर चौराहे के पास लेहदरा नाका स्थित ईदगाह मैदान में सुबह से हजारों की संख्या में लोग पहुंचने लगे थे। भीड़ इतनी ज्यादा रही कि ईदगाह परिसर में जगह कम पड़ गई। इसके बाद बड़ी संख्या में नमाजियों ने भोपाल रोड पर बैठकर नमाज अदा की। सड़क पर एक साथ हजारों लोगों के सजदे में झुकने का दृश्य बेहद भावुक और आकर्षक नजर आया। नमाज के दौरान पूरा इलाका अल्लाहु अकबर की सदाओं से गूंज उठा।

    कटरा बाजार स्थित जामा मस्जिद सहित शहर की अन्य मस्जिदों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। मस्जिदों के अंदर जगह भरने के बाद लोग बाहर सड़कों और गलियों में कतारबद्ध होकर नमाज पढ़ते नजर आए। नमाज के बाद बच्चों और युवाओं में खास उत्साह दिखाई दिया। लोग एक-दूसरे से हाथ मिलाकर और गले लगकर ईद की शुभकामनाएं देते रहे।

    त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। शहर के संवेदनशील इलाकों, ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति न बने।

    ईद-उल-अजहा को इस्लाम धर्म में कुर्बानी और त्याग के पर्व के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहिम अपने पुत्र हजरत इस्माइल को अल्लाह के हुक्म पर कुर्बान करने जा रहे थे, लेकिन अल्लाह ने उनकी आस्था और समर्पण से प्रसन्न होकर हजरत इस्माइल को जीवनदान दे दिया। इसी घटना की याद में हर साल बकरीद मनाई जाती है।

    सागर में इस बार भी ईद का त्योहार भाईचारे, आपसी सौहार्द और शांति का संदेश देकर गया। नमाज के दौरान लोगों ने देश की तरक्की, समाज में प्रेम और आपसी एकता बनाए रखने की दुआ की।

  • UP में भी ट्विशा जैसा मामला…. लखनऊ में फांसी पर फंदे पर लटकी मिली नवविवाहिता …

    UP में भी ट्विशा जैसा मामला…. लखनऊ में फांसी पर फंदे पर लटकी मिली नवविवाहिता …


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) से दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां ठाकुरगंज इलाके (Thakurganj area) में एक 29 साल की नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. सोमवार सुबह ससुराल में श्वेता सिंह नाम की महिला का शव फंदे से लटका मिला. घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस ने मामले में पति, सास-ससुर समेत 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


    बीमार मां के देखकर गई थी श्वेता

    ठाकुरगंज के विश्वनगर मल्हाई टोला की रहने वाली श्वेता सिंह की शादी 22 नवंबर 2025 को काशी विहार निवासी शिवम सिंह उर्फ भूपेंद्र सिंह से हुई थी. भूपेंद्र एक लैब में काम करता है. श्वेता की मां सविता सिंह एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं, जिन्हें देखने शनिवार रात श्वेता मायके आई थी और फिर ससुराल लौट गई. रविवार सुबह करीब 11 बजे अचानक मायके वालों को फोन आया कि श्वेता ने खुदकुशी कर ली है. भाई का कहना है कि जब तक वे मौके पर पहुंचे, ससुराल वाले शव को फंदे से उतारकर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर ले जा चुके थे।


    विदाई में दामाद ने ससुर से पकड़वाए थे पैर

    श्वेता तीन बहनों में सबसे छोटी और सबकी लाडली थी. बहनों ने रोते हुए बताया कि अपनी हैसियत से बढ़कर धूमधाम से शादी की थी, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि 6 महीने में ही यह हश्र होगा. बड़ी बहन ने आरोप लगाया कि शादी के दिन ही दूल्हे भूपेंद्र ने दहेज की बड़ी मांग रख दी थी. जब मांग पूरी नहीं हो सकी, तो वह इतना नाराज हुआ कि विदाई के दौरान श्वेता को किसी से मिलने तक नहीं दिया. उस वक्त दामाद को समझाने के लिए श्वेता के बुजुर्ग पिता ने उसके पैर तक पकड़ लिए थे, लेकिन उसकी बेरहमी कम नहीं हुई।


    स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग कर रहे थे ससुराल वाले

    परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले लगातार श्वेता को कम दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे. पति भूपेंद्र लगातार मायके से मिले सोफे और बेड की निंदा करता था और दहेज में स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग कर रहा था।

    बहन ने बताया, 24 मई को जब श्वेता से मुलाकात हुई थी, तो उसके शरीर पर कोई चोट नहीं थी. लेकिन ट्रॉमा सेंटर में जब हमने उसकी लाश देखी, तो उसके पैरों पर गंभीर चोट और खून के निशान थे.” श्वेता की बहनों ने बताया कि सास और ननद भी उसे लगातार ताने देती थीं. जब श्वेता यह बातें बताती, तो परिजनों ने इसे आम घरेलू अनबन समझकर एडजस्ट करने को कहा, जिसका उन्हें अब बेहद अफसोस है।


    ननद लगाती थी ताने वाले स्टेटस

    श्वेता की बहनों ने ससुराल वालों की क्रूरता की कई और परतें खोलीं. उन्होंने बताया कि भूपेंद्र को श्वेता का जॉब करना पसंद नहीं था और शादी के दौरान उसने श्वेता की नौकरी छुड़वा दी थी. हालांकि, श्वेता दोबारा नौकरी करना चाहती थी ताकि अपने पैरों पर खड़ी हो सके. इसके अलावा, घर में जब भी विवाद होता, तो श्वेता की ननद व्हाट्सएप स्टेटस लगाकर उसे और उसके परिवार को नीचा दिखाती थी. छोटी बहन ने ननद के उन विवादित व्हाट्सएप स्टेटस के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं, जिसमें लिखा था- ‘जो खुद सूअर और सूअर जैसे खानदान में रही हो, उसे सब वैसे ही नजर आते हैं.’ एक अन्य स्टेटस में ननद ने लिखा था कि ‘जिन लड़कियों को सास-ससुर या ननद पसंद नहीं, वे अनाथालय में शादी करें।

    पति, सास-ससुर और देवर ननद पर मामला दर्ज
    इस पूरे मामले पर पुलिस एक्शन में आ गई है. डीसीपी पश्चिम कमलेश कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार की तहरीर और गंभीर आरोपों के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है. डीसीपी कमलेश कुमार ने बताया कि मृतका के परिवार के आरोपों पर पति भूपेंद्र सिंह, ससुर कौशलेंद्र सिंह, सास रचना सिंह, देवर बंटी सिंह और ननद प्रिया सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और जांच के बाद आगे की सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।

  • मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल

    मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल



    नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर के पॉश इलाके पंचशील कॉलोनी में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक बर्थडे पार्टी के दौरान करोड़पति दामाद ने अपने ही ससुराल में अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में सास, सरहज और चाची सास समेत तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।

    सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया। वह हाथ में लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर वहीं खड़ा था। पुलिस ने हथियार जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया और घायल महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी अनंत मित्तल देहरादून का रहने वाला है और अपनी पत्नी से तलाक व बच्चे की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद के चलते ससुराल आया था। बर्थडे पार्टी के दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई।

    जानकारी के अनुसार आरोपी ने करीब 12 मिनट में 5 राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक गोली सास के कंधे में, दूसरी सरहज के पेट में लगी, जबकि बीच-बचाव करने आई चाची सास भी गोली लगने से घायल हो गईं। पुलिस ने मौके से 8 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

    एसएसपी के अनुसार, फायरिंग के दौरान रिवॉल्वर जाम हो गई, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। घटना के बाद पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की गहन जांच जारी है।

  • कानपुर सेंट्रल पर 24 घंटे ‘नो ट्रेन डे’, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में 6 की मौत; यूपी में बड़े घटनाक्रमों से हलचल

    कानपुर सेंट्रल पर 24 घंटे ‘नो ट्रेन डे’, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में 6 की मौत; यूपी में बड़े घटनाक्रमों से हलचल



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 21 जून को रेलवे और सड़क दोनों से जुड़ी बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 21 जून का दिन पूरी तरह ‘नो ट्रेन डे’ रहेगा, यानी 24 घंटे तक स्टेशन से कोई भी ट्रेन नहीं गुजरेगी। रेलवे की इंटरलॉकिंग व्यवस्था के चलते राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति, पुरुषोत्तम और दुरंतो जैसी प्रमुख ट्रेनों का रूट बदला गया है। ये सभी ट्रेनें अब चंदारी मार्ग से होकर गोविंदपुरी स्टेशन पर रुकेंगी। इससे पहले कोविड काल में ऐसा दृश्य देखने को मिला था, जब लंबे समय तक स्टेशन से ट्रेन संचालन बंद रहा था।

    इसी बीच उन्नाव जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहां बस पलटने से 6 लोगों की मौत हो गई और कई यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।

    वहीं प्रदेश में बिजली संकट और लापरवाही के मामलों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए जेई, एसडीओ और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों पर गाज गिराई है। उपभोक्ताओं की शिकायतों और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

    राजनीतिक मोर्चे पर भी हलचल देखने को मिली। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग महंगी गाड़ियों से आकर छोटी चीजें भी उठा लेते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं बकरीद और नमाज व्यवस्था को लेकर भाजपा सांसद राजकुमार चाहर के बयान ने भी राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में व्यवस्था और परंपराओं पर चर्चा जरूरी है, साथ ही बढ़ती महंगाई और तेल की कीमतों पर भी सरकार का रुख सामने रखा।

    कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां बुनियादी ढांचे से जुड़ी बड़ी व्यवस्थाएं बदली जा रही हैं, वहीं हादसे और राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है।

  • निराश्रित बच्चों ने रचा सफलता का इतिहास: यूपी के 213 बच्चों ने बोर्ड परीक्षा पास की, 107 ने 60% से ज्यादा अंक हासिल किए

    निराश्रित बच्चों ने रचा सफलता का इतिहास: यूपी के 213 बच्चों ने बोर्ड परीक्षा पास की, 107 ने 60% से ज्यादा अंक हासिल किए




    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील नीतियों और बाल कल्याण के लिए चल रही योजनाओं का असर उत्तर प्रदेश के बाल देखरेख संस्थानों में साफ नजर आने लगा है। इन संस्थानों में रह रहे निराश्रित बच्चों ने इस साल बोर्ड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया है। महिला कल्याण विभाग के संरक्षण में रह रहे कुल 213 बच्चों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है, जिनमें से 107 बच्चों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर प्रथम श्रेणी में अपनी जगह बनाई है।

    सरकार का कहना है कि ये परिणाम केवल परीक्षा का आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण हैं कि सही मार्गदर्शन, शिक्षा और माहौल मिलने पर कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चे भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। बाल देखरेख संस्थानों को अब सिर्फ आश्रय स्थल नहीं बल्कि एक मजबूत शैक्षणिक और संस्कारयुक्त वातावरण में बदला जा रहा है, जहां बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है।

    इन संस्थानों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन कोचिंग और नियमित शैक्षिक मार्गदर्शन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही अनुभवी शिक्षकों द्वारा लगातार पढ़ाई में सहायता दी जा रही है, ताकि बच्चे किसी भी विषय में पीछे न रहें। बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए काउंसलिंग और मोटिवेशनल सेशन भी नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित हो सके।

    महिला कल्याण विभाग की निदेशक सी. इंदुमति के अनुसार, कठिन परिस्थितियों के बावजूद बच्चों का यह प्रदर्शन बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक सहयोग के बिना भी इन बच्चों ने मेहनत और अनुशासन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है, जो पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।

    सरकार अब इन बच्चों के भविष्य को और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है। बोर्ड परीक्षा के बाद उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ये बच्चे आगे चलकर आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर देश के विकास में योगदान दे सकें।

  • भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को धमकी: ISI समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी का आतंकी नेटवर्क, रॉकेट लॉन्चर से उड़ाने की चेतावनी

    भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को धमकी: ISI समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी का आतंकी नेटवर्क, रॉकेट लॉन्चर से उड़ाने की चेतावनी

    लखनऊ। लखनऊ में भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को लेकर एक बड़ा और गंभीर सुरक्षा अलर्ट सामने आया है। जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर सक्रिय गैंगस्टर शहजाद भट्टी भारतीय यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को खुलेआम जान से मारने की धमकियां दे रहा है, जिसमें रॉकेट लॉन्चर और हैंड ग्रेनेड से हमला करने जैसी बातें शामिल हैं।

    सूत्रों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क उन भारतीय इन्फ्लुएंसरों को निशाना बना रहा है जो सोशल मीडिया पर गोरक्षा और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। आरोप है कि ये इन्फ्लुएंसर लगातार पाकिस्तानी सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स और गैंगस्टरों को चुनौती देते रहे हैं, जिसके बाद उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।

    इस पूरे मामले का खुलासा उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) की कार्रवाई के बाद हुआ है। एटीएस ने 23 अप्रैल को नोएडा से दो आरोपियों तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और समीर खान—को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि ये दोनों आरोपी शहजाद भट्टी के संपर्क में थे और भारत में स्लीपर सेल नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहे थे।

    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इन आरोपियों को लखनऊ, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र और बिहार की कई संवेदनशील जगहों पर हमले की ट्रेनिंग दी गई थी। इसमें हैंड ग्रेनेड जैसे हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी भी शामिल थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं।

    एटीएस को आरोपियों के मोबाइल से कई ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली हैं, जिनमें भारतीय इन्फ्लुएंसरों को धमकाया जा रहा है। इनमें गाजियाबाद के दो यूट्यूबर अभिषेक ठाकुर और दक्ष चौधरी का नाम विशेष रूप से सामने आया है। रिकॉर्डिंग में उन्हें रॉकेट लॉन्चर और ग्रेनेड से हमला करने की धमकी दी गई है, साथ ही बेहद आपत्तिजनक और हिंसक भाषा का इस्तेमाल भी किया गया है।

    बताया जा रहा है कि दोनों इन्फ्लुएंसर लंबे समय से सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और गोरक्षा व हिंदुत्व से जुड़े विषयों पर मुखर रहते हैं। इसी कारण उन्हें लगातार टारगेट किया जा रहा है। हालांकि पहले इन दोनों पर कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई भी हो चुकी है।

    एटीएस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क को गंभीरता से लिया जा रहा है और सोशल मीडिया पर सक्रिय बड़े इन्फ्लुएंसरों की सुरक्षा और गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। खासकर उन लोगों पर नजर रखी जा रही है जिनकी पोस्ट धार्मिक या वैचारिक रूप से संवेदनशील मानी जाती हैं।

    सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह मामला केवल ऑनलाइन धमकियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित आतंकी और स्लीपर सेल नेटवर्क की आशंका भी है, जिसकी गहन जांच जारी है।

  • प्रयागराज में SSC परीक्षा के दौरान बवाल: सर्वर फेल होते ही छात्रों का हंगामा, कंप्यूटर-कुर्सियां तोड़ीं और हाईवे जाम

    प्रयागराज में SSC परीक्षा के दौरान बवाल: सर्वर फेल होते ही छात्रों का हंगामा, कंप्यूटर-कुर्सियां तोड़ीं और हाईवे जाम


    नई दिल्ली। प्रयागराज में मंगलवार को SSC-GD भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ा हंगामा देखने को मिला, जब परीक्षा शुरू होते ही सर्वर फेल हो गया। तकनीकी खराबी से नाराज परीक्षार्थियों ने केंद्र पर जमकर बवाल किया और कंप्यूटर, कुर्सियां व अन्य फर्नीचर तोड़ दिए। इसके बाद छात्रों ने प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया, जिससे यातायात करीब आधे घंटे तक प्रभावित रहा।

    मामला सरायइनायत थाना क्षेत्र के अंदावा स्थित सुनीता सिंह सीता सिंह महाविद्यालय का है, जहां परीक्षा तीन शिफ्टों में आयोजित की जानी थी। पहली शिफ्ट सुबह 10 से 11 बजे निर्धारित थी। लगभग 600 परीक्षार्थियों के लिए व्यवस्था की गई थी, लेकिन करीब 450 ही परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। जैसे ही परीक्षा शुरू हुई, अचानक सर्वर डाउन हो गया, जिससे परीक्षा प्रक्रिया ठप पड़ गई और छात्र भड़क उठे।

    गुस्साए परीक्षार्थियों ने कमरे में रखे कंप्यूटर सिस्टम, कुर्सियां और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। कई छात्रों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और इसके बाद हाईवे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया।

    पुलिस के अनुसार, इस घटना में कई कंप्यूटर और क्लासरूम के फर्नीचर को नुकसान पहुंचा है। थाना प्रभारी संजय गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जिन छात्रों ने तोड़फोड़ की है, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तकनीकी टीम को भी बुलाया गया है ताकि सर्वर फेलियर की वजह का पता लगाया जा सके।

    SSC की ओर से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी गई है। रीजनल हेड आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित परीक्षा को रद्द कर दिया गया है और नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। उन्होंने परीक्षार्थियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

    यह पहली बार नहीं है जब इस परीक्षा को लेकर हंगामा हुआ हो। एक दिन पहले सोमवार को भी इसी परीक्षा केंद्र पर ओवरक्राउडिंग के कारण विवाद हुआ था, जहां सीटों से अधिक अभ्यर्थी पहुंचने पर छात्रों ने तोड़फोड़ की थी और हाईवे जाम कर दिया था।

    बताया जा रहा है कि परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को दी गई थी, लेकिन तकनीकी और प्रबंधन संबंधी खामियों के कारण लगातार अव्यवस्था देखने को मिल रही है। कई केंद्रों पर क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने की वजह से स्थिति और बिगड़ गई।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परीक्षाओं को दोबारा आयोजित किया जाएगा और सभी छात्रों को नए एडमिट कार्ड के साथ सूचना दी जाएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और परीक्षा व्यवस्था की खामियों की समीक्षा की जा रही है।

  • झांसी में भीषण गर्मी का कहर: 41℃ तापमान, लू से जनजीवन प्रभावित

    झांसी में भीषण गर्मी का कहर: 41℃ तापमान, लू से जनजीवन प्रभावित

    झांसी। झांसी में मंगलवार की सुबह से ही तेज गर्मी और लू ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह 10 बजे तक तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे शहर में भीषण गर्मी का असर साफ दिखाई देने लगा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से निकलते समय मुंह और सिर को कपड़े से ढककर बाहर निकलने को मजबूर हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार दोपहर तक हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं और तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। इसी वजह से जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिन के मध्य समय में हीटवेव का असर सबसे ज्यादा रहेगा, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

    गर्मी के कारण सुबह से ही शहर की सड़कों पर आवाजाही कम देखी गई। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे धूप से बचने के लिए सिर और चेहरे को ढककर चलते नजर आए। बाजारों और चौराहों पर दोपहर से पहले ही सन्नाटा जैसा माहौल बन गया, जिससे गर्मी की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिना जरूरत धूप में न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की गई है, क्योंकि इस मौसम में वे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।

    प्रशासन ने भी नागरिकों से सतर्क रहने और लू से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि गर्मी के इस प्रकोप में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • 114 बैंक खाते, करोड़ों का ट्रांजेक्शन और विदेशी नेटवर्क: झांसी में इंडोनेशियाई सिम और चाइनीज ऐप से साइबर ठगी, 7 आरोपी गिरफ्तार

    114 बैंक खाते, करोड़ों का ट्रांजेक्शन और विदेशी नेटवर्क: झांसी में इंडोनेशियाई सिम और चाइनीज ऐप से साइबर ठगी, 7 आरोपी गिरफ्तार



    झांसी। झांसी में साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी अभी फरार हैं। यह नेटवर्क चाइनीज वेबसाइटों, इंडोनेशियाई सिम कार्ड और हवाला चैनल के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहा था।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह ने 114 बैंक खातों का इस्तेमाल कर भारी पैमाने पर अवैध ट्रांजेक्शन किए। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और करोड़ों रुपये के डिजिटल लेनदेन से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। अब तक 4.35 करोड़ रुपये से अधिक की रकम फ्रीज की जा चुकी है।

    गिरोह लोगों को ऑनलाइन गेमिंग, सट्टा और निवेश के नाम पर फंसाता था। इसके बाद ठगी की रकम को पहले यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में बदला जाता था और फिर उसे अमेरिकी डॉलर व चीनी युआन में कन्वर्ट कर हवाला नेटवर्क के जरिए आगे भेज दिया जाता था।

    इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड इंदौर निवासी ध्रुव बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस के अनुसार गिरोह में शामिल सदस्य इंडोनेशिया की सिम का इस्तेमाल कर बैंक खातों को ऑपरेट करते थे और किराए पर लिए गए खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर करते थे।

    फिलहाल साइबर सेल और अन्य एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं, क्योंकि आशंका है कि यह गिरोह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशी साइबर नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है।