Category: State

  • बंगाल: TMC में सब कुछ ठीक नहीं…. टूट की अटकलें तेज…. 50 MLA छोड़ सकते हैं पार्टी !

    बंगाल: TMC में सब कुछ ठीक नहीं…. टूट की अटकलें तेज…. 50 MLA छोड़ सकते हैं पार्टी !


    कोलकाता।
    तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress- TMC ) में सब ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने सोमवार को ही दो विधायकों को निष्कासित कर दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ, जब पार्षदों लगातार पद छोड़ रहे हैं। वहीं, टीएमसी के कार्यक्रमों से बड़े नेता दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। अब अटकलें ये भी हैं कि टीएमसी के 50 विधायक (50 MLAs) टूट सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।

    संघवाद प्रतिदिन की रिपोर्ट के अनुसार, अटकलें हैं कि 50 विधायक तृणमूल कांग्रेस छोड़ सकते हैं और पार्टी टूट सकती है। विधायकों के निष्कासन के बाद टीएमसी के बाद विधानसभा में सदस्यों की संख्या 78 पर आ गई है। चर्चाएं हैं कि रिताब्रता बनर्जी और संदीपन साहा के जरिए नई तृणमूल बनाई जा सकती है। हालांकि, इसे लेकर किसी भी नेता ने सार्वजनिक रूप से अब तक कुछ नहीं कहा है।


    महाराष्ट्र जैसा होगा हाल

    अगर टीएमसी के 50 विधायक अलग होकर दूसरा धड़ बनाते हैं तो बंगाल में महाराष्ट्र की राजनीति का रीकैप देखने को मिल सकता है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना से जब एकनाथ शिंदे (अब उप मुख्यमंत्री) विधायकों के साथ अलग हुए थे, तो ठाकरे ने शिवसेना का नाम और चिह्न गंवा दिए थे। ऐसा ही दिग्गज नेता शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ हुआ था।


    क्यों 2 विधायकों पर हुआ ऐक्शन

    दोनों विधायकों को भेजे गए पत्र में कहा गया है, ‘अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के संज्ञान में सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से यह बात लाई गई है कि तृणमूल की तरफ से नामित उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होने के बावजूद आप पार्टी के अधिकृत नेतृत्व द्वारा बुलाई गई बैठकों में शामिल होने में बार-बार विफल रहे हैं और आपने खुद को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल किया है।’

    पार्टी उपाध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है, ‘यह भी पाया गया है कि आप ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और आपने ऐसे बयान दिए हैं, जो तृणमूल कांग्रेस के हितों के प्रतिकूल हैं।’ पत्र में कहा गया है कि मामले पर समुचित विचार-विमर्श के बाद ‘तृणमूल कांग्रेस के सक्षम प्राधिकारी ने आपको पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने का फैसला किया है।’


    शुभेंदु अधिकारी ने किया 2 विधायकों का जिक्र

    मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दो टीएमसी विधायकों का जिक्र किया था। इनमें हावड़ा के उलुबेरिया पूर्व सीट जीतने वाले रीताब्रत बनर्जी और मध्य कोलकाता के एंटाली से विधायक संदीपन साहा थे। उन्होंने कहा था कि इनकी तरफ से दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर ही विधानसभा सचिवालय ने शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता घोषित करने के लिए तृणमूल विधायक दल के जाली हस्ताक्षर का मामला हरे स्ट्रीट पुलिस थाने में दर्ज कराया था।

    मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह जांच भाजपा द्वारा शुरू नहीं की गई थी। यह तृणमूल कांग्रेस के दो विधायकों द्वारा 27 मई को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की कार्रवाई थी। विधायकों ने आरोप लगाया था कि छह मई को हुई उनकी पार्टी की बैठक में विपक्ष के नेता के चयन के संबंध में कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया था। उन्होंने शिकायत की थी कि 70 विधायकों द्वारा हस्ताक्षरित उनकी पार्टी का समर्थन पत्र फर्जी और मनगढंत है, जिसमें से 14 हस्ताक्षर बड़े अक्षरों में किए गए हैं।’

  • कर्नाटक HC की सख्त टिप्पणी…. कहा- मिडिल-ईस्ट की तरह हाथ-पैर काटे… तभी लोग मानेंगे कानून

    कर्नाटक HC की सख्त टिप्पणी…. कहा- मिडिल-ईस्ट की तरह हाथ-पैर काटे… तभी लोग मानेंगे कानून


    बेंगलुरु।
    देश में अपराध के मामले जिस तरह से बढ़ रहे हैं और लोग कानून को हल्के में ले रहे हैं, उस पर कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। एक रेप आरोपी की जमानत याचिका (Bail Petition) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बेहद सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि लोकतंत्र में लोग अपने अधिकारों का गलत फायदा उठा रहे हैं। अगर खाड़ी (मिडिल-ईस्ट-Middle East) देशों की तरह अपराधियों के हाथ-पैर काटने जैसी कड़ी सजा दी जाए, शायद तभी लोग कानून का पालन करना सीखेंगे।


    ‘कानून ने अपने दांत खो दिए हैं’

    कर्नाटक हाई कोर्ट के जस्टिस आर. नटराज की बेंच 23 वर्षीय रेप आरोपी गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसी दौरान जस्टिस नटराज ने बेहद तल्ख मौखिक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा, “हम अपराधियों से सख्ती से नहीं निपट रहे हैं, इसी वजह से कानून ने अपने दांत खो दिए हैं (प्रभावहीन हो गया है)। मिडिल-ईस्ट के उलट यहां अपराध करना बहुत आसान हो गया है। अगर हाथ या पैर काट दिए जाएं, तो शायद तभी लोगों को समझ आएगा कि कानून का पालन करना है। क्योंकि हमारे यहां लोकतंत्र है, इसलिए हर कोई इसे हल्के में लेता है।”

    ‘नमक खाया है, तो पानी पीना पड़ेगा’
    जज ने आरोपी को फिलहाल जमानत देने से इनकार करते हुए कहा, “अगर आपने नमक खाया है, तो पानी पीना ही पड़ेगा। उसे (आरोपी को) और चार-पांच दिन वहीं रहने दो। उसे जेल की आदत पड़ने दो। क्या पता, अगर उसे सजा हो गई तो वापस वहीं जाना पड़ सकता है।” कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 जून की तारीख तय की है।


    क्या है पूरा मामला?

    आरोपी गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) का छात्र है और रेप के आरोप में 5 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, पीड़िता और आरोपी मणिपाल में क्लासमेट थे। जुलाई 2023 में आरोपी ने लड़की से अपने प्यार का इजहार किया था, जिसे शुरुआत में लड़की ने भी मान लिया, लेकिन बाद में शक होने पर उसने आरोपी से दूरी बना ली।

    शिकायत के अनुसार, 12 सितंबर 2023 को आरोपी रिश्ते पर बात करने के बहाने लड़की को अपने फ्लैट पर ले गया और वहां उसकी इच्छा के खिलाफ उसका यौन उत्पीड़न किया। इस घटना से पीड़िता गहरे सदमे और डिप्रेशन में चली गई, जिसके लिए उसने केएमसी (KMC) मणिपाल में अपना इलाज भी कराया।

    पीड़िता ने पहले बेंगलुरु में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) का दरवाजा खटखटाया और फिर उडुपी महिला पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 375(ए) और 376 के तहत केस दर्ज कराया।

    बचाव पक्ष की क्या रही दलील?
    बचाव पक्ष की वकील अयानतिका मंडल ने कोर्ट में दलील दी कि उनका मुवक्किल लगभग 2 महीने से जेल में बंद है और उसने कोई अपराध नहीं किया है। वकील की तरफ से यह भी तर्क दिया गया कि ये आरोप करीब 3 साल पुरानी घटना से जुड़े हैं और अगर आरोपी को आगे भी जेल में रखा गया, तो इससे उसका पेशेवर भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल कोई राहत नहीं दी है।

    कोर्ट ने रेड्डी को जमानत देने से इनकार करते हुए टिप्पणी की, “अगर आप नमक खाते हैं, तो आपको पानी भी पीना होगा। उसे चार-पांच दिन और रहने दीजिए। उसे जेल की आदत डालने दीजिए। कौन जानता है, अगर आपको सजा हुई तो आपको वापस जाना पड़ सकता है।” अदालत ने रेड्डी की जमानत याचिका पर राज्य को नोटिस जारी किया और निर्देश दिया कि इस मामले पर आगे विचार के लिए 8 जून को सुनवाई की जाए।

  • CM बनने से पहले तीखे तेवर… डीके शिवकुमार बोले- गुजरात नहीं ले जाने दूंगा कर्नाटक का हक

    CM बनने से पहले तीखे तेवर… डीके शिवकुमार बोले- गुजरात नहीं ले जाने दूंगा कर्नाटक का हक


    बेंगलुरु।
    डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) कर्नाटक (Karnataka) के अगले मुख्यमंत्री (Chief Minister) बनने वाले हैं। हालांकि मुख्यमंत्री बनने से पहले ही उन्होंने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहाकि सरकार में आते ही वह तय करेंगे कि कर्नाटक का हक गुजरात नहीं चला जाए। शिवकुमार ने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bangalore) की खिताबी जीत के बाद यह बयान दिया है। गौरतलब है आरसीबी ने आईपीएल के खिताबी मुकाबले में गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है।


    गुजरात पर प्रभाव के इस्तेमाल का आरोप

    डीके शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत में कहाकि कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) को आईपीएल फाइनल की मेजबानी करनी थी। राज्य सरकार ने भी इसकी अनुमति दी थी। लेकिन गुजरात ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया और फाइनल की मेजबानी कर्नाटक से छीन ली। बुधवार को कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रहे डीके ने कहाकि यह हमारे क्रिकेट प्रशंसकों को निराश कर सकता है। हम जरूरी कदम उठा रहे हैं ताकि यह फिर कभी न हो। हालांकि, इसमें कुछ समय लगेगा।


    अहमदाबाद में हुआ था फाइनल

    आरसीबी और जीटी के बीच यह फाइनल मुकाबला गुजरात के अहमदाबाद शहर स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत पर राजधानी बेंगलुरु और कर्नाटक के अन्य शहरों में जश्न का माहौल है। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने पिछले महीने अहमदाबाद को आईपीएल फाइनल की मेजबानी के लिए नए वेन्यू के तौर पर चुना था। इससे पहले बेंगलुरु को इस फाइनल की मेजबानी करनी थी। लेकिन सांसदों और विधायकों के लिए टिकटों की मांग को लेकर विवाद के बाद यह फैसला लिया गया।


    दिल्ली पहुंच गए डीके

    गौरतलब है कि कर्नाटक के भावी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया राज्य के अगले मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने के लिए पार्टी आलाकमान से चर्चा करेंगे। सूत्रों का कहना है कि दोनों नेता मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया सोमवार दोपहर दिल्ली पहुंचे। शिवकुमार बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कांग्रेस नेतृत्व के कहने पर सिद्धरमैया के इस्तीफा देने के बाद वह इस जिम्मेदारी को संभालने जा रहे हैं।


    कब है शपथ ग्रहण

    कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शिवकुमार तीन जून को शाम चार बजकर पांच मिनट पर लोक भवन परिसर में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस दौरान कुछ विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। शिवकुमार को शनिवार को औपचारिक रूप से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 मंत्रियों को शामिल किए जाने का प्रावधान है।

  • गाजियाबाद में जघन्य वारदात: पहले बुलाया, फिर चाकू से हमला-नाबालिग की मौत से बवाल

    गाजियाबाद में जघन्य वारदात: पहले बुलाया, फिर चाकू से हमला-नाबालिग की मौत से बवाल


    उत्तर प्रदेश। गाजियाबाद जिले के खोड़ा इलाके में बकरीद के दिन एक दर्दनाक और जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। 17 वर्षीय युवक सूर्या प्रताप की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।

    जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सूर्या प्रताप अपने दोस्तों के साथ मौजूद था, तभी किसी बात को लेकर दूसरे पक्ष के युवकों से उसका विवाद हो गया। शुरुआती कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान एक युवक ने चाकू निकालकर सूर्या पर हमला कर दिया और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया।

    गंभीर रूप से घायल सूर्या को तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए नोएडा के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

    परिजनों ने इस मामले में कई लोगों को नामजद करते हुए आरोप लगाया है कि यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा है। उनका कहना है कि पहले युवक को बुलाया गया और फिर उस पर जानलेवा हमला किया गया। परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों और कुछ संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

    शॉर्ट डिस्क्रिप्शन:

    गाजियाबाद के खोड़ा में 17 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और पुलिस बल तैनात किया गया।

  • यूपी में मौतों के आंकड़ों पर बवाल, अफसर के विदेश दौरे से उठे सवाल

    यूपी में मौतों के आंकड़ों पर बवाल, अफसर के विदेश दौरे से उठे सवाल


    उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान से हुई भीषण जनहानि के बीच राज्य प्रशासन में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 13 मई को प्रदेश के कई जिलों में आए तूफान और आंधी के कारण 117 लोगों की मौत हुई, जबकि कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया था। इसी गंभीर स्थिति के बीच राज्य के राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद के विदेश दौरे पर जाने की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।

    सूत्रों के अनुसार, राहत कार्यों की समीक्षा और प्रभावित परिवारों को मुआवजा वितरण से जुड़ी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत आयुक्त से तलब की थी। लेकिन जब अपेक्षित रिपोर्ट समय पर नहीं मिली, तो जांच में यह सामने आया कि राहत आयुक्त डॉ. यशोद 15 मई से 23 मई तक लगभग 9 दिनों के लिए विदेश यात्रा पर थे। इससे आपदा प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    13 मई को प्रदेश में आए आंधी-तूफान ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई थी। पेड़ गिरने, तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं में सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए और 117 लोगों की जान चली गई थी। ऐसे संवेदनशील समय में शीर्ष राहत अधिकारी के अनुपस्थित रहने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर असंतोष गहराता जा रहा है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल से सीधे जवाब तलब किया है। यह माना जा रहा है कि यह पहली बार है जब किसी वरिष्ठ अधिकारी की छुट्टी मंजूरी को लेकर सीएम ने सीधे मुख्य सचिव से स्पष्टीकरण मांगा है। सीएम ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जब प्रदेश आपदा जैसी स्थिति से गुजर रहा था, तब इतने महत्वपूर्ण पद पर तैनात अधिकारी की विदेश यात्रा को कैसे मंजूरी दी गई।

    सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहले ही बिना आवश्यक कारण के विदेश यात्राओं से बचने की अपील की गई थी, ऐसे में राज्य में गंभीर आपदा के दौरान इस तरह की अनुमति देना उचित नहीं था।

    वहीं, मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अपनी ओर से सफाई देते हुए कहा है कि राहत आयुक्त की विदेश यात्रा की अनुमति प्रधानमंत्री की अपील से पहले ही स्वीकृत कर दी गई थी, इसलिए उस समय नियमों के तहत उन्हें रोका नहीं जा सकता था।

    इस पूरे मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य में पहले ही प्राकृतिक आपदा से भारी नुकसान हो चुका है और अब इस विवाद ने सरकार के भीतर जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

  • सहारनपुर में दिन में छाया अंधेरा, तेज आंधी-तूफान से यूपी में तबाही-कई जिलों में अलर्ट

    सहारनपुर में दिन में छाया अंधेरा, तेज आंधी-तूफान से यूपी में तबाही-कई जिलों में अलर्ट


    उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश में नौतपा के दौरान मौसम ने अचानक करवट ले ली है और पिछले दो दिनों से आंधी-तूफान, बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में आसमान में घने बादल छाए रहे और कई स्थानों पर रुक-रुककर बारिश दर्ज की गई। ठंडी हवाओं के कारण गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन मौसम का यह बदलाव कई जिलों में भारी तबाही का कारण बन गया है।

    सहारनपुर में शनिवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक मौसम पूरी तरह बदल गया। तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई और कुछ ही समय में आसमान में काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, दृश्यता काफी कम हो गई और सड़कें भीग गईं। यह बदलाव अचानक होने के कारण लोग असहज और सतर्क नजर आए।

    मौसम विभाग ने पूरे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें से लगभग 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के अनुसार यह मौसम प्रणाली अगले तीन दिनों यानी 2 जून तक सक्रिय रह सकती है, जिससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा।

    इस मौसम परिवर्तन का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ा है। प्रदेश में कई जगहों पर अधिकतम तापमान में लगभग 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। जहां कुछ दिन पहले बांदा में तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर लगभग 37 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह गिरावट अस्थायी राहत तो है, लेकिन आंधी-तूफान के कारण खतरा बढ़ गया है।

    बीते गुरुवार रात और शुक्रवार को भी पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई जिलों में तेज बारिश और आंधी देखने को मिली थी। कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा और टिनशेड उड़ गए। पेड़ गिरने की घटनाएं भी बड़े पैमाने पर सामने आईं। चित्रकूट में तेज आंधी के कारण लगभग 500 तोतों की मौत की भी सूचना है, जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया।

    प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से अब तक कुल 31 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान बुंदेलखंड क्षेत्र में हुआ है, जहां हमीरपुर, बांदा, महोबा, उरई और जालौन जैसे जिलों में कई लोगों की जान गई। इसके अलावा कौशांबी, सहारनपुर, देवरिया, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बलिया, महाराजगंज, मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर और रामपुर जैसे जिलों में भी जानमाल का नुकसान हुआ है।

    मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी भरी हवाओं के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी इस मौसम परिवर्तन का कारण है। विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी यूपी और तराई क्षेत्रों में तूफान का खतरा सबसे अधिक है, जहां हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

    राज्य सरकार ने हालात पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा सावधानी बरतें।

  • आगरा में टिफनी ट्रम्प का ताजमहल दौरा, नक्काशी देख बोलीं-इतना सुंदर मार्बल कहां से आया

    आगरा में टिफनी ट्रम्प का ताजमहल दौरा, नक्काशी देख बोलीं-इतना सुंदर मार्बल कहां से आया

    उत्तर प्रदेश आगरा में शनिवार को एक खास और चर्चित नजारा देखने को मिला जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी टिफनी ट्रम्प अपने पति माइकल बॉऊलोस के साथ ताजमहल पहुंचीं। चार्टर्ड विमान से खेरिया एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह सीधे होटल न जाकर अपने काफिले के साथ ताजमहल के लिए रवाना हो गईं। ताजमहल परिसर में पहुंचते ही उन्होंने करीब एक घंटे तक विश्व प्रसिद्ध इस धरोहर की भव्यता और नक्काशी को करीब से निहारा।

    गोल्फ कार्ट के जरिए परिसर में प्रवेश करने के बाद टिफनी और उनके पति ने ताजमहल के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया। इस दौरान दोनों काफी उत्साहित और खुश नजर आए। टिफनी ने गाइड रमेश दीवान से ताजमहल में इस्तेमाल हुए संगमरमर और उसकी नक्काशी को लेकर कई सवाल पूछे। उन्होंने विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की कि इतनी बारीक और आकर्षक नक्काशी कैसे तैयार की गई और यह मार्बल कहां से लाया गया।

    गाइड ने उन्हें बताया कि ताजमहल में इस्तेमाल हुआ प्रमुख संगमरमर भारत के ही विभिन्न क्षेत्रों से लाया गया था, जबकि जड़ाई और नक्काशी में प्रयुक्त बहुमूल्य पत्थर अफ्रीका, यमन और अन्य देशों से मंगाए गए थे। यह जानकारी सुनकर टिफनी ने आश्चर्य और प्रशंसा दोनों जताई।

    ताजमहल परिसर में टिफनी और माइकल ने प्रसिद्ध “डायना बेंच” के पास भी समय बिताया, जहां दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर तस्वीरें खिंचवाईं। इसके अलावा उन्होंने अपने स्टाफ के साथ भी ग्रुप फोटो क्लिक करवाई। इस दौरान टिफनी नारंगी रंग की लंबी ड्रेस में और माइकल टी-शर्ट व ट्राउजर में नजर आए। दोनों ने धूप का चश्मा भी लगाया हुआ था, जिससे उनका लुक काफी कैजुअल और रिलैक्स्ड दिखाई दिया।

    दौरे के दौरान टिफनी ने वहां मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए हाथ जोड़कर धन्यवाद भी कहा। उनके साथ भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे दौरे में उनका साथ दिया।

    ताजमहल भ्रमण के बाद टिफनी और उनका काफिला होटल अमर विलास पैलेस पहुंचा, जहां से ताजमहल का नजारा सीधे दिखाई देता है। यहां वह कुछ समय विश्राम के बाद दोपहर का भोजन करेंगी और इसके बाद उनका काफिला राजस्थान के जैसलमेर के लिए रवाना होगा।

    यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प परिवार का कोई सदस्य ताजमहल पहुंचा हो। इससे पहले वर्ष 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपनी पत्नी मेलानिया ट्रम्प, बेटी इवांका ट्रम्प और दामाद जेरेड कुशनर के साथ ताजमहल का दौरा कर चुके हैं। अब करीब छह साल बाद परिवार का एक और सदस्य ताजनगरी की खूबसूरती का साक्षी बना है।

    ताजमहल का यह दौरा एक बार फिर इसकी वैश्विक लोकप्रियता और आकर्षण को दर्शाता है, जहां हर साल दुनिया भर से लाखों पर्यटक इसकी अनोखी सुंदरता को देखने आते हैं।

  • टीकमगढ़ में जंगल में मिला बुजुर्ग का शव: बेटे ने जताई हत्या की आशंका, गोली के निशान मिलने का दावा

    टीकमगढ़ में जंगल में मिला बुजुर्ग का शव: बेटे ने जताई हत्या की आशंका, गोली के निशान मिलने का दावा


    टीकमगढ़  टीकमगढ़ जिले के देहात थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब कई दिनों से लापता एक बुजुर्ग का शव जंगल में बरामद हुआ। मृतक की पहचान 65 वर्षीय हरचरण रैकवार के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल बन गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शरीर पर गोली जैसे निशान होने का दावा किया है। वहीं पुलिस मामले की हर पहलू से जांच में जुट गई है।

    जानकारी के अनुसार हरचरण रैकवार मंगलवार से लापता थे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार को श्रीनगर गांव के पास स्थित मुड़ापार जंगल में ग्रामीणों ने एक शव पड़ा देखा, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान हरचरण रैकवार के रूप में की।

    मृतक के बेटे रमेश रैकवार ने आरोप लगाया कि उनके पिता की कनपटी और कमर के पास गोली लगने जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या का मामला हो सकता है। बेटे के आरोपों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।

    घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाए और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी एकत्र करना शुरू किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    एसडीओपी राहुल कटरे ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला गोली मारकर हत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है और हर पहलू से जांच की जा रही है।

    जंगल में शव मिलने और गोली जैसे निशानों की चर्चा के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

    फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, क्योंकि उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। वहीं परिजन लगातार हत्या की आशंका जता रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

  • कटनी हाईवे पर दर्दनाक हादसा: केबिन में फंसे घायलों को ग्रामीणों ने निकाला, क्लीनर ने तोड़ा दम

    कटनी हाईवे पर दर्दनाक हादसा: केबिन में फंसे घायलों को ग्रामीणों ने निकाला, क्लीनर ने तोड़ा दम


    कटनीकटनी जिले में गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर एक भीषण सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। नैगवा ग्राम के पास दो भारी ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर में एक ट्रक क्लीनर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना जबरदस्त था कि दोनों ट्रकों के केबिन बुरी तरह चकनाचूर हो गए और उनमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुरुवार को उमरिया से कटनी की ओर आ रहा एक लोडर ट्रक और कटनी से दूसरी दिशा में जा रहा हाइवा ट्रक नैगवा गांव के पास आमने-सामने भिड़ गए। टक्कर इतनी तेज थी कि दूर तक धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

    घटना की सूचना मिलते ही बड़वारा थाना प्रभारी के.के. पटेल अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की मदद से तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। ट्रकों के क्षतिग्रस्त केबिन में फंसे घायलों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो रहा था। काफी मशक्कत के बाद पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल पुलिस वाहन और एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़वारा पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल कटनी रेफर कर दिया। अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है।

    पुलिस प्रशासन ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान राजेंद्र कोल के रूप में हुई है, जो विजयराघवगढ़ क्षेत्र का निवासी था और ट्रक में क्लीनर के रूप में काम करता था। हादसे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित रहा। बाद में पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल कराया। घटना के बाद इलाके में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।

    प्राथमिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और वाहन नियंत्रण बिगड़ना माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

    इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार भारी वाहनों के खतरे को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने और भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण लगाने की मांग की है।

  • अंडरब्रिज से टपक रहा गंदा पानी, रेलवे पर लापरवाही के आरोप: राहगीरों की बढ़ी परेशानी

    अंडरब्रिज से टपक रहा गंदा पानी, रेलवे पर लापरवाही के आरोप: राहगीरों की बढ़ी परेशानी


    बीना  बीना के सागर गेट अंडरब्रिज में फैली गंदगी और ऊपर से लगातार टपक रहे गंदे पानी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से अंडरब्रिज से गिर रहे बदबूदार पानी के कारण वाहन चालकों, राहगीरों और स्थानीय रहवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन लगातार शिकायतों के बावजूद इस गंभीर समस्या की अनदेखी कर रहा है।

    अंडरब्रिज के ऊपर जमा गंदगी और जलभराव के कारण गंदा पानी नीचे सड़क पर टपक रहा है। इससे न केवल वहां से गुजरने वाले लोग परेशान हो रहे हैं, बल्कि रेलवे ट्रैक पर भी गंदा पानी जमा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई और मरम्मत का काम नहीं कराया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।

    कांग्रेस सेवादल शहर अध्यक्ष प्रमोद राय ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो आम नागरिकों के साथ आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि यह केवल गंदगी का मामला नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

    चेतन धाम कॉलोनी निवासी सुदर्शन जैन ने बताया कि रोज सुबह अंडरब्रिज से गुजरना किसी सजा से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि स्नान कर घर से निकलने के बाद जब इस गंदे पानी और बदबू से गुजरना पड़ता है, तो पूरा दिन खराब हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि इस रास्ते से बचना हो तो ओवरब्रिज से करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।

    गांधी वार्ड निवासी शिवकुमार अहिरवार ने कहा कि यह समस्या नई नहीं है। लंबे समय से गंदा पानी टपक रहा है, लेकिन रेलवे प्रशासन ने कभी स्थायी समाधान निकालने की कोशिश नहीं की। वहीं सिंधी कॉलोनी निवासी जन्नू लाल राय ने बताया कि अंडरब्रिज बनने के समय से ही यह दिक्कत बनी हुई है। नियमित सफाई नहीं होने के कारण ऊपर गंदगी जमा हो जाती है और फिर वही पानी नीचे रिसने लगता है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरब्रिज से गुजरना अब जोखिम भरा हो गया है। सड़क पर फैली गंदगी के कारण फिसलने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों ने मांग की है कि रेलवे प्रशासन तत्काल सफाई कराकर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करे, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही, जिससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।