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  • पेपर लीक बवाल के बीच तमिलनाडु के CM विजय बोले- 'NEET बंद हो… 12वीं के नंबर पर मिले एडमिशन

    पेपर लीक बवाल के बीच तमिलनाडु के CM विजय बोले- 'NEET बंद हो… 12वीं के नंबर पर मिले एडमिशन


    नई दिल्ली।
    नीट (NEET-UG 2026) परीक्षा को लेकर देशभर में बवाल मचा है. पेपर लीक (Paper Leak) के आरोपों ने सबको परेशान कर दिया है. इसी बीच तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (Chief Minister C. Joseph Vijay) ने बुधवार को अपनी बात मजबूती से रखी है. विजय ने साफ कहा है कि ‘मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए नीट परीक्षा बंद होनी चाहिए’. उनका कहना है कि ‘छात्रों को 12वीं के नंबरों के आधार पर ही मेडिकल में एडमिशन मिले’. इससे हर बच्चे को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिलेगा।

    मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया (X) पर परीक्षा के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की खबरों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. विजय ने याद दिलाया कि साल 2024 में भी पेपर लीक हुआ था और 6 राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसकी जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई. उन्होंने आगे कहा कि इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णन की कमेटी ने सुधार के लिए 95 सुझाव भी दिए थे, लेकिन हैरानी की बात है कि महज दो साल के भीतर ही फिर से पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद्द करनी पड़ी. ऐसे में सीएम विजय का मानना है कि इस तरह की घटनाएं उन लाखों बच्चों का भरोसा तोड़ देती हैं, जो डॉक्टर बनने का सपना लिए दिन-रात मेहनत में जुटे रहते हैं।

    तमिलनाडु काफी समय से नीट का विरोध कर रहा है. मुख्यमंत्री का कहना है कि जब इतने सुधारों के बाद भी सिस्टम सुरक्षित नहीं हो पा रहा, तो राज्यों को यह छूट मिलनी चाहिए कि वे 12वीं की मेरिट के आधार पर अपने यहां की सीटें भर सकें. साफ है कि अगर परीक्षा का सिस्टम ही सुरक्षित नहीं होगा, तो छात्रों का भविष्य खतरे में बना रहेगा।


    पेपर लीक मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई?

    नीट परीक्षा को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब धांधली की खबरों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर दी. अब इस पूरे मामले की जांच CBI कर रही है. सीबीआई और राजस्थान पुलिस ने मिलकर कई राज्यों में छापेमारी की है. इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच में पता चला है कि परीक्षा से पहले ही एक ‘गेस पेपर’ सोशल मीडिया और कोचिंग सेंटरों के जरिए छात्रों तक पहुंच गया था.

    जांच एजेंसियों ने जयपुर, गुरुग्राम और नासिक जैसे शहरों में एक्शन लेते हुए आरोपियों को पकड़ा है.आरोपियों को पकड़ने के साथ ही पुलिस ने उनके ठिकानों से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस भी अपने कब्जे में लिए हैं. कोशिश यह है कि इस पूरे नेटवर्क और पेपर लीक की जड़ तक पहुंचा जा सके. जांच टीम अब इन डिवाइसों की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक का यह खेल कहां से शुरू हुआ और इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं. मकसद सिर्फ आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है, ताकि आगे चलकर किसी भी परीक्षा में ऐसी धांधली न हो और बच्चों का भरोसा बना रहे.

    इस पूरे घोटाले को लेकर देशभर के छात्रों में भारी गुस्सा है. कई शहरों में छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि परीक्षा के इस सिस्टम को सुधारा जाए. छात्रों का कहना है कि ऐसी धांधली से मेहनत करने वाले बच्चों का करियर बर्बाद होता है. फिलहाल 22 लाख से ज्यादा मेडिकल छात्र इस विवाद की वजह से परेशान हैं. वे बस इस इंतजार में हैं कि आगे क्या होगा और उन्हें इंसाफ कब मिलेगा।

  • UP: 46 साल पुराने 1980 हत्या मामले में पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार दोषी करार, एमपी-एमएलए कोर्ट का बड़ा फैसला

    UP: 46 साल पुराने 1980 हत्या मामले में पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार दोषी करार, एमपी-एमएलए कोर्ट का बड़ा फैसला


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में एक बेहद पुराने और चर्चित हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट के जज योगेश कुमार तृतीय ने 1980 के प्रयागराज कचहरी परिसर में हुए दिनदहाड़े हत्या मामले में पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार लोगों को दोषी करार दिया है।

    यह मामला करीब 46 साल पुराना है, जिसमें आरोप है कि प्रयागराज कचहरी परिसर के भीतर ही एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में विजय मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया था। बताया जाता है कि विजय मिश्रा भदोही जिले से विधायक रह चुके हैं और सपा तथा निषाद पार्टी से भी राजनीतिक सफर कर चुके हैं। वर्तमान में वे जेल में बंद हैं।

    कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद अब सजा पर फैसला बाकी है। विशेष अदालत जल्द ही सभी दोषियों की सजा का ऐलान करेगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के गंभीर हत्या मामलों में उम्रकैद या कठोर कारावास की सजा हो सकती है।

    फैसले के बाद कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।

  • बांदा: गजनी गांव में श्रीमद् भागवत कथा का पांचवां दिन सम्पन्न, रामाशीष महाराज ने बताया भक्ति और सत्कर्म का महत्व

    बांदा: गजनी गांव में श्रीमद् भागवत कथा का पांचवां दिन सम्पन्न, रामाशीष महाराज ने बताया भक्ति और सत्कर्म का महत्व




    नई दिल्ली। बांदा के तिंदवारी क्षेत्र के ग्राम गजनी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का पांचवां दिन श्रद्धा और भक्ति के माहौल में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पूज्य रामाशीष महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जीवन में भक्ति, धर्म और सत्कर्मों के महत्व पर प्रकाश डाला।

    उन्होंने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य भगवान की भक्ति और अच्छे कर्मों के माध्यम से मोक्ष की ओर अग्रसर होना है। कथा स्थल पर भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    यह धार्मिक आयोजन श्री अशोक सिंह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और आध्यात्मिक संदेशों से लाभान्वित हो रहे हैं।

  • महोबा में शादी की खुशियां मातम में बदलीं: ट्रक ने दुल्हन के दो भाइयों को रौंदा, मौके पर दर्दनाक मौत

    महोबा में शादी की खुशियां मातम में बदलीं: ट्रक ने दुल्हन के दो भाइयों को रौंदा, मौके पर दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली। महोबा के पसवारा गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को रौंद दिया, जिससे दुल्हन के सगे भाई और ममेरे भाई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोनों युवक शादी समारोह के लिए जनरेटर में डीजल लेने जा रहे थे, तभी यह भीषण हादसा हो गया।

    जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के प्रकाश बम्हौरी गांव निवासी संतोष प्रजापति की बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं। हमीरपुर के देव गांव से बारात आनी थी और घर में रस्में पूरी हो रही थीं। इसी दौरान दुल्हन का भाई रामनरेश (22) और उसका ममेरा भाई नवाब (19) बाइक से डीजल लेने महोबा जा रहे थे।

    पसवारा गांव के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामनरेश दूर जा गिरा, जबकि नवाब ट्रक के पहियों में फंस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक ने वाहन रोकने के बजाय रफ्तार और बढ़ा दी, जिससे नवाब सड़क पर घिसटता हुआ बुरी तरह कुचल गया।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने आरोपी चालक पर सख्त कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की है।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, ट्रक को कब्जे में लेकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

  • आगरा में यमुना हादसा: घाट पर नहाने उतरे छह युवक-युवतियां और किशोर डूबे, चार की मौत से मचा कोहराम

    आगरा में यमुना हादसा: घाट पर नहाने उतरे छह युवक-युवतियां और किशोर डूबे, चार की मौत से मचा कोहराम

    नई दिल्ली। आगरा के बल्केश्वर घाट पर मंगलवार सुबह यमुना नदी में नहाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जिसमें छह युवक-युवतियां और एक किशोर डूब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से पांच लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन इलाज के दौरान तीन की मौत हो गई, जबकि दो घंटे की मशक्कत के बाद किशोर का शव भी बरामद हुआ।

    जानकारी के अनुसार, तेज गर्मी के चलते सभी लोग यमुना में नहाने उतरे थे, तभी अचानक गहरे पानी में चले जाने से एक के बाद एक सभी डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

    रेस्क्यू टीम ने कड़ी मेहनत के बाद पांच लोगों को बाहर निकाला और उन्हें एसएन अस्पताल भेजा गया, जहां कान्हा, महक और रिया की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं 11 वर्षीय विक्की का शव बाद में यमुना से बरामद किया गया।

    घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया जब विक्की का शव बाहर निकाला गया और उसके पिता बिलख पड़े। उन्होंने बताया कि चार बेटियों के बाद बड़ी मन्नत से मिला एक बेटा भी हादसे में खो दिया।

    डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

  • महोबा में युवती ने सल्फास खाकर दी जान देने की कोशिश, हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर

    महोबा में युवती ने सल्फास खाकर दी जान देने की कोशिश, हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर


    नई दिल्ली। महोबा कोतवाली क्षेत्र के पचपहरा गांव में एक 23 वर्षीय युवती द्वारा सल्फास का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है। गंभीर हालत में परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।

    जानकारी के अनुसार, वीरसिंह की पुत्री पिंकी यादव ने यह कदम उठाया, हालांकि उसने ऐसा क्यों किया, इस बारे में अभी स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। परिजनों ने भी घटना के पीछे की वजह बताने से इनकार कर दिया है, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है।

    अस्पताल प्रशासन के मुताबिक युवती की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसे विशेषज्ञ उपचार की जरूरत है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है।

    कोतवाली प्रभारी मनीष पांडेय ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

  • महोबा में तेज रफ्तार डंपर का कहर, दो ममेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, चालक फरार

    महोबा में तेज रफ्तार डंपर का कहर, दो ममेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, चालक फरार



    नई दिल्ली। महोबा में तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो ममेरे भाइयों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जबकि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के लवकुशनगर क्षेत्र के ग्राम प्रकाश बम्हौरी निवासी 21 वर्षीय रामनरेश अपने 19 वर्षीय ममेरे भाई नवाब के साथ महोबा डीजल लेने आए थे। दोनों मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे बाइक से वापस अपने गांव लौट रहे थे।

    इसी दौरान शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पसवारा के पास स्थित इंडस वैली पब्लिक स्कूल के समीप तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दोनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिससे सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    प्रभारी निरीक्षक शहर कोतवाली मनीष पांडेय ने बताया कि डंपर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया है, जिसकी तलाश के लिए टीम लगाई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • चित्रकूट विश्वविद्यालय में भव्य दीक्षा समारोह, 2377 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, रामभद्राचार्य ने दिया प्रेरक संदेश

    चित्रकूट विश्वविद्यालय में भव्य दीक्षा समारोह, 2377 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, रामभद्राचार्य ने दिया प्रेरक संदेश


    नई दिल्ली। चित्रकूट स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में नवम दीक्षा समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें कुल 2377 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर दिव्यांग विद्यार्थियों की उपलब्धियों की विशेष सराहना की गई और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया गया।

    समारोह में 140 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 6 विद्यार्थियों को कुलाधिपति पदक तथा 50 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के आजीवन कुलाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने की।

    मुख्य अतिथि नरेंद्र कश्यप ने दिव्यांग विद्यार्थियों की मेहनत और सफलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय समाज में प्रेरणा का केंद्र बन रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास और वैश्विक पहचान दिलाने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

    इस अवसर पर सुहास एलवाई और अजीत कुमार को मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों की बड़ी संख्या मौजूद रही।

    अपने संबोधन में रामभद्राचार्य ने कहा कि सच्ची दीक्षा वही है, जो व्यक्ति को केवल ज्ञान ही नहीं देती, बल्कि उसे राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए प्रेरित भी करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में अनुशासन, सेवा और समर्पण को अपनाने का आह्वान किया।

  • चित्रकूट में पारंपरिक खजूर झाड़ू उद्योग संकट में, प्लास्टिक झाड़ुओं ने छीनी कारीगरों की आजीविका

    चित्रकूट में पारंपरिक खजूर झाड़ू उद्योग संकट में, प्लास्टिक झाड़ुओं ने छीनी कारीगरों की आजीविका



    नई दिल्ली। चित्रकूट जिले में खजूर के पत्तों से बनने वाली पारंपरिक झाड़ू का रोजगार तेजी से खत्म होता जा रहा है, जिससे सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर संकट गहरा गया है। कभी यह काम गांव-गांव में स्थायी आमदनी का साधन था, लेकिन अब प्लास्टिक और फैशनेबल झाड़ुओं की बढ़ती मांग ने इस घरेलू उद्योग को लगभग कमजोर कर दिया है।

    पाठा क्षेत्र सहित कई गांवों में 100 से ज्यादा परिवार पीढ़ियों से खजूर की झाड़ू बनाकर जीवन यापन करते थे, लेकिन अब बाजार में इसकी मांग काफी कम हो गई है। पहले जहां यह झाड़ू बेहद सस्ते दाम पर बिकती थी, वहीं अब लागत बढ़ने के बावजूद बिक्री घटने से कारीगर परेशान हैं।

    कारीगरों का कहना है कि पहले खजूर के पत्ते आसानी से मिल जाते थे और झाड़ू बनाने का खर्च भी कम था, लेकिन अब कच्चे माल की कीमत बढ़ने से मुनाफा लगभग खत्म हो गया है। एक झाड़ू तैयार करने में कई दिन लगते हैं, लेकिन फिर भी उचित दाम नहीं मिल पा रहा है।

    स्थानीय कारीगरों और महिलाओं ने बताया कि प्लास्टिक झाड़ुओं की बढ़ती मांग ने उनके पारंपरिक काम को लगभग खत्म कर दिया है। इससे कई परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं और रोजगार का यह पुराना जरिया धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है।

  • शादी के 14 दिन बाद झांसी में नवविवाहिता की रहस्यमयी मौत, छत से गिरने पर उठा सवाल, पुलिस जांच तेज

    शादी के 14 दिन बाद झांसी में नवविवाहिता की रहस्यमयी मौत, छत से गिरने पर उठा सवाल, पुलिस जांच तेज



    नई दिल्ली। झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में शादी के महज 14 दिन बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है। घटना मिशन कंपाउंड इलाके की है, जहां दूसरी मंजिल से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    जानकारी के अनुसार, मृतका प्रियंका मिश्रा (30) गोरखपुर की रहने वाली थी और उसकी शादी 28 अप्रैल को झांसी निवासी शुभम से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, सोमवार को घर में एक पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, इसी दौरान प्रियंका दूसरी मंजिल से नीचे गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    पति शुभम का कहना है कि प्रियंका छत की मुंडेर पर बैठी थी और उसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गई। वहीं परिवार का दावा है कि यह एक हादसा था, जबकि मायके पक्ष ने मामले पर संदेह जताते हुए जांच की मांग की है।

    मृतका बीएड की पढ़ाई कर चुकी थी और उसकी मुलाकात पति शुभम से करीब डेढ़ साल पहले एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति के बाद हाल ही में विवाह हुआ था।

    घटना की सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पति समेत परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।