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  • महोबा में महाफर्जीवाड़ा: जिंदा दिव्यांग को कागजों में मृत दिखाकर 4.5 बीघा जमीन हड़पी, राजस्व विभाग पर गंभीर सवाल

    महोबा में महाफर्जीवाड़ा: जिंदा दिव्यांग को कागजों में मृत दिखाकर 4.5 बीघा जमीन हड़पी, राजस्व विभाग पर गंभीर सवाल


    नई दिल्ली। Mahoba में एक चौंकाने वाला जमीन घोटाला सामने आया है, जहां एक जीवित दिव्यांग युवक को कागजों में मृत घोषित कर उसकी 4.5 बीघा जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़प ली गई। मामला चरखारी कोतवाली क्षेत्र के सूपा गांव का बताया जा रहा है।

    पीड़ित जहीर अहमद, जो मानसिक रूप से दिव्यांग हैं, के नाम दर्ज जमीन को कथित तौर पर राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से दूसरे व्यक्ति के नाम कर दिया गया। आरोप है कि इसी गांव के कुछ लोगों ने समान नाम वाले एक मृत व्यक्ति के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर यह पूरा फर्जीवाड़ा किया।

    कैसे हुआ पूरा फर्जीवाड़ा?
    जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने मृत जहीर अहमद उर्फ जहीर खान के मृत्यु प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करते हुए जीवित जहीर अहमद की जमीन को अपने नाम ट्रांसफर करा लिया। इस प्रक्रिया में लेखपाल और कानूनगो की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रिकॉर्ड में पीड़ित की पत्नी और तीन बेटों का भी जिक्र कर दिया गया, जबकि वह अविवाहित हैं।

    खुलासा कैसे हुआ?
    पूरा मामला तब सामने आया जब पीड़ित के परिजन जमीन की खतौनी निकलवाने पहुंचे। दस्तावेजों में अलग नाम देखकर परिवार के होश उड़ गए। शिकायत और विरोध के बाद प्रशासन ने जल्दबाजी में रिकॉर्ड सुधार कर जमीन दोबारा जहीर अहमद के नाम दर्ज कर दी।

    जांच के आदेश
    मामले की शिकायत जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से की गई है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और संबंधित एसडीएम को जांच सौंपी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगाा। 

  • यूपी में सपा सरकार बनी तो पहले 90 दिन में ये करेंगे: अखिलेश यादव का बड़ा प्लान

    यूपी में सपा सरकार बनी तो पहले 90 दिन में ये करेंगे: अखिलेश यादव का बड़ा प्लान



    नई दिल्ली। अखिलेश यादव ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अगर राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो पहले 90 दिनों के भीतर कई अहम फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने यह बात PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) ऑडिट को लेकर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।इस बैठक में Dimple Yadav और Shivpal Singh Yadav समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

    90 दिन में क्या होगा प्लान?
    अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार बनने पर सबसे पहले 69,000 शिक्षक भर्ती मामले में “न्याय” दिलाने का काम किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि 90 दिनों के भीतर जातिगत जनगणना कराने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।

    आरक्षण और भर्ती को लेकर आरोप
    प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार आरक्षण व्यवस्था में गड़बड़ी कर रही है और भर्तियों में PDA वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने 69,000 शिक्षक भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें आरक्षण नियमों का सही पालन नहीं हुआ।

    बीजेपी पर तीखा हमला
    सपा प्रमुख ने कहा कि आरक्षण को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और इसे उन्होंने “संवैधानिक अधिकारों पर हमला” बताया। उन्होंने दावा किया कि PDA समाज को नौकरियों से वंचित किया जा रहा है और इसे लेकर सपा सरकार बनने पर सख्त कदम उठाएगी।

    सपा का दावा: नई नीति का रोडमैप तैयार
    अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी ने PDA आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर एक विस्तृत डॉक्यूमेंट तैयार किया है, जिसे भविष्य की सरकार में लागू किया जाएगा

  • रायबरेली में राहुल गांधी का तीखा हमला, संविधान को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप

    रायबरेली में राहुल गांधी का तीखा हमला, संविधान को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप

    नई दिल्ली। रायबरेली के लोधवारी में आयोजित बहुजन स्वाभिमान सभा और अन्य कार्यक्रमों में Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार, Bharatiya Janata Party और Rashtriya Swayamsevak Sangh पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने संविधान को देश की आत्मा बताते हुए आरोप लगाया कि इसे कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है। राहुल गांधी ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर कहा कि यह केवल किताब नहीं बल्कि देश के महान नेताओं के त्याग और बलिदान का प्रतीक है।

    राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में आर्थिक संकट गहराने वाला है और आने वाले समय में आम जनता पर महंगाई का भारी असर पड़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर देश के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नीतियों के कारण किसानों और गरीबों की स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ रहा है और विश्वविद्यालयों तक में प्रभाव देखा जा रहा है।

    सभा के दौरान राहुल गांधी ने सामाजिक न्याय और पिछड़ों के अधिकारों की बात करते हुए वीरा पासी जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की ताकत संविधान है और इसे बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। अपने संबोधन में उन्होंने उद्योगपतियों का जिक्र करते हुए किसानों की समस्याओं पर सरकार की अनदेखी का आरोप लगाया।

    एक अन्य कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कांग्रेस के दिवंगत नेता योगेंद्र मिश्र के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और पार्टी की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिवार हर परिस्थिति में अपने साथियों और उनके परिवारों के साथ खड़ी है।

     राहुल गांधी ने अमेठी से अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए कार्यकर्ताओं का आभार भी व्यक्त किया और भविष्य में फिर आने की बात कही।

  • झांसी में गर्मी और बिजली कटौती से बिगड़ रही लोगों की नींद, बढ़े मानसिक तनाव के मरीज

    झांसी में गर्मी और बिजली कटौती से बिगड़ रही लोगों की नींद, बढ़े मानसिक तनाव के मरीज



    झांसी । झांसी में भीषण गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती लोगों के स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाल रही है। रात के समय बिजली न आने और तेज गर्मी के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे चिड़चिड़ापन, बेचैनी और तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

    जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन के अनुसार ओपीडी में आने वाले मानसिक रोगियों में हर चौथा मरीज नींद की कमी से जुड़ी समस्याओं से परेशान है। काउंसलिंग के दौरान यह सामने आया है कि अधिकतर लोग या तो गर्मी के कारण सो नहीं पा रहे हैं या फिर रात में बिजली कटौती उनकी नींद बाधित कर रही है।

    डॉक्टरों का कहना है कि पर्याप्त नींद न मिलने से मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है। इससे मेनिया, पैनिक डिसऑर्डर और इनसोमनिया (अनिद्रा) जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। मेनिया की स्थिति में व्यक्ति अत्यधिक उत्तेजित हो जाता है, बहुत अधिक या बहुत कम बोलता है, मूड स्विंग होता है और व्यवहार असामान्य हो जाता है।

    वहीं पैनिक डिसऑर्डर के मरीजों में बार-बार घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना और सांस फूलने जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं।

    इनसोमनिया के मरीज अधिक सोचने लगते हैं और छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन और गुस्सा दिखाने लगते हैं।

    डॉक्टरों के अनुसार नींद की कमी का असर केवल मानसिक ही नहीं बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। लगातार नींद न पूरी होने से मरीजों में तनाव बढ़ता जा रहा है और कई लोग सामान्य बातचीत में भी आक्रामक व्यवहार करने लगे हैं।

    फिलहाल विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं, पर्याप्त पानी पिएं और जितना संभव हो नींद का नियमित समय बनाए रखें, ताकि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर रखा जा सके।

  • झांसी से मैहर तक साइकिल यात्रा पर निकला भक्त, मऊरानीपुर में हुआ भव्य स्वागत

    झांसी से मैहर तक साइकिल यात्रा पर निकला भक्त, मऊरानीपुर में हुआ भव्य स्वागत



    झांसी। झांसी से आस्था और भक्ति का अनोखा उदाहरण सामने आया है, जहां भोले कुशवाहा नाम के एक श्रद्धालु मैहर माता के दर्शन के लिए साइकिल यात्रा पर निकल पड़े हैं। यह यात्रा उन्होंने मंगलवार सुबह 8 बजे झांसी से शुरू की थी और लगातार आगे बढ़ते हुए बुधवार को मऊरानीपुर पहुंचे।

    जानकारी के अनुसार, भोले कुशवाहा पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मैहर माता मंदिर तक पहुंचने का संकल्प लेकर निकले हैं। उनका कहना है कि वह माता रानी के दर्शन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।

    मऊरानीपुर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनकी हौसला-अफजाई की और उनके संकल्प व आस्था की सराहना की।

    भोले कुशवाहा ने बताया कि वह यह यात्रा अपनी स्वेच्छा से कर रहे हैं और इसमें उन्हें माता रानी पर गहरी आस्था है। उनका कहना है कि शास्त्रों में तीर्थ यात्रा के कई माध्यम बताए गए हैं, लेकिन वह साइकिल और पैदल यात्रा को अधिक आध्यात्मिक मानते हैं।

    भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद उनकी यह यात्रा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। रास्ते में जहां भी वह रुकते हैं, लोग उनकी भक्ति भावना और दृढ़ संकल्प को सलाम कर रहे हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की यात्राएं समाज में सकारात्मक संदेश देती हैं और युवाओं को आस्था व अनुशासन की प्रेरणा मिलती है। फिलहाल भोले कुशवाहा की यह यात्रा आगे बढ़ रही है और लोग उनके सुरक्षित एवं सफल यात्रा पूर्ण होने की कामना कर रहे हैं।

  • झांसी में भीषण गर्मी का रेड अलर्ट: तापमान 47°C तक पहुंचने की आशंका, हीटवेव से हाहाकार

    झांसी में भीषण गर्मी का रेड अलर्ट: तापमान 47°C तक पहुंचने की आशंका, हीटवेव से हाहाकार



    झांसी। झांसी में भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विज्ञान विभाग ने जिले में रेड अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि आने वाले समय में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, बुधवार की सुबह ही झांसी में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जो दिन बढ़ने के साथ और ज्यादा बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दोपहर के समय तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे हीटवेव का असर और तेज होगा।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि झांसी में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। दोपहर के समय धूप में बाहर जाने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है, ताकि लू से बचाव किया जा सके।

    पिछले कुछ दिनों से झांसी में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 29.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे रात में भी गर्मी का असर बना हुआ है।

    गर्मी और हीटवेव के कारण शहर में बिजली की मांग भी बढ़ गई है, जिससे कई इलाकों में अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे लोगों को दिन और रात दोनों समय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों से कहा गया है कि वे दोपहर के समय खेतों में काम करने से बचें और शरीर को पूरी तरह ढककर ही बाहर निकलें।

    फिलहाल मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम है, इसलिए लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है।

  • लखनऊ सैलून मैनेजर सुसाइड केस: रत्ना सिंह मामले में बड़ा एक्शन, मालिक की पत्नी मुंबई से गिरफ्तार

    लखनऊ सैलून मैनेजर सुसाइड केस: रत्ना सिंह मामले में बड़ा एक्शन, मालिक की पत्नी मुंबई से गिरफ्तार


    नई दिल्ली। लखनऊ में सैलून मैनेजर रत्ना सिंह आत्महत्या मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। इस मामले में लगातार नए खुलासे और पुलिस कार्रवाई सामने आ रही है। गोरखपुर की रहने वाली 32 वर्षीय रत्ना सिंह लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित मानसून सैलून में मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। कुछ दिन पहले उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी।

    आत्महत्या से पहले रत्ना सिंह ने 26 सेकंड का एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने सैलून मालिक शरद सिंह, उनकी पत्नी पल्लवी जोशी समेत कुछ अन्य लोगों पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया।

    परिजनों ने आरोप लगाया कि रत्ना सिंह को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गईं और उन्होंने यह कदम उठाया। घटना के बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर न्याय की मांग की, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया।

    मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शरद सिंह सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उनकी पत्नी पल्लवी जोशी को मुंबई से हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की पुष्टि की है और जांच जारी है।

    कार्रवाई के तहत संबंधित सैलून और उससे जुड़े प्रतिष्ठानों पर प्रशासन ने सीलिंग की कार्रवाई की है। साथ ही आरोपियों की संपत्तियों पर भी बुलडोजर एक्शन लिया गया है, जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई है।

    पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रत्ना सिंह पर लंबे समय से दबाव बनाया जा रहा था। वहीं अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस मामले में एक होटल मैनेजर को पहले ही देवरिया से गिरफ्तार किया जा चुका था।

    रत्ना सिंह के पिता रेलवे कर्मचारी हैं और परिवार का राजनीतिक व सामाजिक जुड़ाव भी बताया जा रहा है। परिजनों ने सभी दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि उनकी बेटी को न्याय मिलना चाहिए।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और सभी डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। यह मामला न केवल लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • कानपुर में सनसनी: मां का कटा हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचा ITBP जवान, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    कानपुर में सनसनी: मां का कटा हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचा ITBP जवान, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप



    कानपुर। कानपुर में एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ITBP जवान विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। यह मामला कथित तौर पर निजी अस्पताल की लापरवाही और पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने से जुड़ा बताया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, विकास सिंह की मां को 13 मई को सांस लेने में दिक्कत होने पर कानपुर के जीटी रोड स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन लगाए जाने से उनके दाहिने हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया, जिसके बाद हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

    परिजनों के मुताबिक, स्थिति बिगड़ने पर महिला को दूसरे अस्पताल पारस हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने संक्रमण को रोकने के लिए हाथ काटने की सलाह दी। इसके बाद 17 मई को महिला का दाहिना हाथ ऑपरेशन के जरिए काटना पड़ा।

    इसी घटना से आहत ITBP जवान विकास सिंह का आरोप है कि यह स्थिति कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण बनी। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह कई बार थाना रेल बाजार में शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

    इसी से नाराज होकर वह कथित सबूत के तौर पर अपनी मां का कटा हुआ हाथ थर्माकोल बॉक्स में रखकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। इस घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया और मामला तुरंत उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आ गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को जांच के निर्देश दिए हैं। अब पूरे प्रकरण की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा, जो यह तय करेगा कि इलाज में लापरवाही हुई थी या नहीं।

    जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे अस्पताल और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीज सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • बहराइच की 23 वर्षीय नैना बनीं प्रेरणा: लंदन में मिला महिला सशक्तिकरण पुरस्कार, किंग चार्ल्स से की मुलाकात

    बहराइच की 23 वर्षीय नैना बनीं प्रेरणा: लंदन में मिला महिला सशक्तिकरण पुरस्कार, किंग चार्ल्स से की मुलाकात




    बहराइच। बहराइच जिले के रिसिया ब्लॉक के पटेल नगर गांव की रहने वाली 23 वर्षीय नैना ने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। उन्हें लंदन के प्रतिष्ठित रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित ‘द किंग्स ट्रस्ट सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में अमल क्लूनी महिला सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    इस सम्मान समारोह के दौरान नैना को ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स III और क्वीन कैमिला से मिलने का भी अवसर मिला। यह उपलब्धि उनके जीवन की कठिन यात्रा और सामाजिक बदलाव के लिए किए गए कार्यों का परिणाम मानी जा रही है।

    नैना का बचपन संघर्षों से भरा रहा। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए खेतों में काम करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखने का प्रयास किया और गांव के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी शिक्षा का खर्च निकाला।

    बाद में आगा खान फाउंडेशन और द किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल की संयुक्त पहल ‘प्रोजेक्ट लहर’ ने उनकी मदद की, जिसके जरिए वे दोबारा स्कूल लौटीं, स्कॉलरशिप हासिल की और अपनी पढ़ाई पूरी की।

    वर्तमान में नैना किशोर लड़कियों के लिए लाइफ स्किल्स कोच के रूप में काम कर रही हैं। वह बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाने के साथ-साथ लड़कियों की शिक्षा और उनके अधिकारों के लिए लगातार जागरूकता फैला रही हैं। उनके प्रयासों से सैकड़ों लड़कियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है।

    पुरस्कार मिलने के बाद नैना ने कहा कि उनके जीवन के संघर्ष ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बने। उन्होंने यह सम्मान सभी युवतियों को समर्पित करते हुए कहा कि कभी हार नहीं माननी चाहिए और अपने जीवन की सफलता की कहानी खुद लिखनी चाहिए।

    नैना की यह उपलब्धि न केवल बहराइच बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन गई है, जो यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

  • लखनऊ में मेडिकल स्टोर बंद: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में व्यापारियों का बड़ा प्रदर्शन

    लखनऊ में मेडिकल स्टोर बंद: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में व्यापारियों का बड़ा प्रदर्शन



    लखनऊ। लखनऊ में बुधवार को मेडिकल स्टोरों की बंदी से आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर के अमीनाबाद, चौक, चारबाग समेत प्रमुख दवा बाजारों में सुबह से ही अधिकांश दुकानें शटर डाउन रहीं। इस बंदी का असर पूरे प्रदेश में देखा गया, जहां अनुमानित रूप से लाखों मेडिकल स्टोर बंद रहे।

    यह बंदी ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स के विरोध में की गई है। दवा व्यापारियों का आरोप है कि ऑनलाइन कंपनियां बिना पर्याप्त जांच और फार्मासिस्ट की निगरानी के दवाएं बेच रही हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। साथ ही फर्जी प्रिस्क्रिप्शन और भारी डिस्काउंटिंग से पारंपरिक दवा कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।

    इस विरोध प्रदर्शन के तहत ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इसी के समर्थन में लखनऊ केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन समेत विभिन्न संगठनों ने भी बंद को समर्थन दिया।

    व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए स्लीपिंग पिल्स, पेन किलर्स और अन्य नियंत्रित दवाओं की आसान उपलब्धता चिंता का विषय है, जिससे युवाओं में दुरुपयोग की आशंका बढ़ रही है। साथ ही अत्यधिक डिस्काउंटिंग को भी नियमों के खिलाफ बताते हुए उन्होंने सप्लाई चेन में गड़बड़ी और नकली दवाओं की संभावना जताई है।

    एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि यह केवल व्यापार का मुद्दा नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी पर्चों के आधार पर दवाएं बेची जा रही हैं, जिससे गलत उपचार और गंभीर दुष्प्रभाव का खतरा बढ़ सकता है।

    हालांकि, संगठनों ने स्पष्ट किया है कि बंद के बावजूद इमरजेंसी और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि गंभीर मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो।

    दवा व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू किए जाएं, फार्मासिस्ट की निगरानी अनिवार्य की जाए और फर्जी प्रिस्क्रिप्शन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।