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  • चित्रकूट में पीएम स्वनिधि योजना पर सख्ती: 460 आवेदन बैंक में लंबित, एक सप्ताह में निपटाने के आदेश

    चित्रकूट में पीएम स्वनिधि योजना पर सख्ती: 460 आवेदन बैंक में लंबित, एक सप्ताह में निपटाने के आदेश



    चित्रकूट । चित्रकूट में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की धीमी प्रगति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एडीएम न्यायिक अरुण कुमार यादव ने बैंक प्रतिनिधियों और नगर निकायों के ईओ के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित आवेदनों पर नाराजगी जताई और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

    जानकारी के अनुसार, वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में नगर निकायों को कुल 885 वेंडरों को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके तहत नगर पालिका कर्वी सहित नगर पंचायत मऊ, मानिकपुर और राजापुर में बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडरों ने आवेदन किया था।

    हालांकि अब तक केवल 124 लाभार्थियों को ही बैंक से 15 हजार रुपये का लोन मिल पाया है, जबकि 460 आवेदन अभी भी विभिन्न बैंकों में लंबित पड़े हैं। लंबित मामलों के कारण योजना की प्रगति प्रभावित हो रही है और लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है।

    बैठक में एडीएम न्यायिक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी बैंक एक सप्ताह के भीतर लंबित आवेदनों का निस्तारण करें और पात्र वेंडरों को जल्द से जल्द ऋण उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने नगर निकायों को भी निर्देशित किया कि वे अपने-अपने लक्ष्यों को समय पर पूरा करें और लाभार्थियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रगति में सुधार न होने पर संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी।

    यह योजना छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडरों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, लेकिन लंबित आवेदनों के कारण इसकी रफ्तार पर असर पड़ा है।

  • रायबरेली में राहुल गांधी का मोदी-शाह पर तीखा हमला: बोले- देश को बेच दिया, ये लोग गद्दार हैं

    रायबरेली में राहुल गांधी का मोदी-शाह पर तीखा हमला: बोले- देश को बेच दिया, ये लोग गद्दार हैं



    रायबरेली। रायबरेली में आयोजित एक जनसभा के दौरान कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को लेकर कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि देश को गलत दिशा में ले जाया जा रहा है।

    राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले समय में देश में आर्थिक संकट और महंगाई और बढ़ सकती है, जिससे आम जनता पर भारी असर पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होगी और किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

    उन्होंने अपने भाषण में यह भी कहा कि देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग जनता की समस्याओं से ध्यान भटका रहे हैं और नीतियां आम लोगों के हित में नहीं बनाई जा रही हैं।

    जनसभा के दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए आगे आएं और अपनी आवाज को मजबूत करें। उन्होंने यह भी कहा कि देश में आने वाले समय में आर्थिक स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है, जिसका असर सीधे आम जनता पर पड़ेगा।

    इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और इस मुद्दे पर सियासी प्रतिक्रिया भी तेज होने की संभावना है।

  • चित्रकूट में अनोखी पहल: चीफ जस्टिस समेत जज और स्टाफ साइकिल से पहुंचे कोर्ट, दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

    चित्रकूट में अनोखी पहल: चीफ जस्टिस समेत जज और स्टाफ साइकिल से पहुंचे कोर्ट, दिया पर्यावरण बचाने का संदेश



    चित्रकूट । चित्रकूट में पर्यावरण संरक्षण का एक अनोखा संदेश देखने को मिला जब प्रधान न्यायाधीश राकेश कुमार यादव अपने सहयोगी जजों और स्टाफ के साथ साइकिल से न्यायालय पहुंचे। इस पहल में सिविल जज अंशुमान यादव समेत अन्य कर्मचारी भी शामिल रहे और सभी ने मिलकर साइकिल चलाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।

    जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम सुबह करीब छह बजे शुरू हुआ और सभी लोग साइकिल से यात्रा करते हुए लगभग साढ़े छह बजे न्यायालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लोगों को ईंधन बचाने और प्रदूषण कम करने के लिए साइकिल के उपयोग को अपनाने का संदेश दिया।

    न्यायालय पहुंचने के बाद प्रधान न्यायाधीश राकेश कुमार यादव ने अधिवक्ताओं, शहरवासियों और वादकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण और ईंधन संकट को देखते हुए साइकिल का उपयोग एक महत्वपूर्ण और आवश्यक कदम है।

    उन्होंने यह भी कहा कि साइकिल न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद करती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। इसके उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलती है।

    जजों और स्टाफ की इस पहल को न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों ने सराहा और इसे एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि छोटी दूरी के लिए मोटर वाहनों के बजाय साइकिल का उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।

    यह पहल पर्यावरण जागरूकता की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम मानी जा रही है, जो समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराती है।

  • बंगालः फाल्टा उपचुनाव में CM शुभेन्दु की पहली सभा…. बोले- कहां है पुष्पा, अब दिखाई नहीं दे रहा?

    बंगालः फाल्टा उपचुनाव में CM शुभेन्दु की पहली सभा…. बोले- कहां है पुष्पा, अब दिखाई नहीं दे रहा?


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Shubhendu Adhikari) ने डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली फाल्टा विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव (Falta By-Election) से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee.) पर करारा हमला बोला है। शनिवार को भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पोंडा के समर्थन में फाल्टा में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर कई बड़े एलान किए। मुख्यमंत्री बनने के बाद इस क्षेत्र में यह उनकी पहली जनसभा थी।

    शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी के फाल्टा उम्मीदवार जहांगीर खान (Jahangir Khan) को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें घोषित कुख्यात अपराधी करार दिया। उन्होंने कहा, “2019 के चुनाव बाद हुई हिंसा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राज्य के 19 सबसे कुख्यात अपराधियों की सूची जारी की थी। भतीजे के संरक्षण में पलने वाला यह जहांगीर खान उसी सूची में शामिल था। अब इस तथाकथित ‘पुष्पा’ को मेरे भरोसे छोड़ दीजिए, जो अब कहीं दिखाई भी नहीं दे रहा है। वह अब मेरी जिम्मेदारी है और मैं खुद उसका मामला देखूंगा।”


    क्या था ‘पुष्पा’ और ‘सिंघम’ का विवाद?

    चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक 2011 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा (IPS Ajay PAl Sharma) ने मतदाताओं को धमकाने की शिकायत के बाद जहांगीर खान के घर और दफ्तर का दौरा किया था। इस पर टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने पलटवार करते हुए कहा था कि “अगर वह सिंघम हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं।” मुख्यमंत्री ने इसी बयान पर तंज कसा है।

    मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि जब से बंगाल के राजनीतिक पटल पर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का उदय हुआ है, तब से पिछले एक दशक में डायमंड हार्बर और फाल्टा के लोग स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए हैं।

    उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, “अब बंगाल का परिदृश्य बदल चुका है। फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई 2026 को होने वाला पुनर्मतदान यहां के लोगों को उनका लोकतांत्रिक अधिकार वापस दिलाएगा। मैं फाल्टा के मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे भाजपा उम्मीदवार को 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से विजयी बनाएं।” इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से कानून अपने हाथ में न लेने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की अपील की।


    फाल्टा में दोबारा चुनाव क्यों?

    चुनाव आयोग ने फाल्टा में 29 अप्रैल को हुए मतदान को ईवीएम (EVM) से छेड़छाड़ और मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसी गंभीर अनियमितताओं की शिकायतों के बाद रद्द कर दिया था।

    भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ (Leaps and Bounds) कंपनी से जुड़ी संपत्तियों की फाइलें मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा, “मैंने कोलकाता नगर निगम से फाइलें मांगी थीं। अब मेरे पास दक्षिण 24 परगना जिले के आमताला में एक आलीशान दफ्तर सहित इस कंपनी की 24 संपत्तियों की पूरी सूची और विवरण है। बहुत जल्द इन सभी संपत्तियों के खिलाफ गहन जांच शुरू की जाएगी।”


    5 साल पुराने मामले भी खुलेंगे

    चुनाव के बाद डर के मारे पलायन कर चुके लोगों की वापसी को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकार सभी की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगी, लेकिन यह सशर्त होगी। उन्होंने कहा, “2021 की चुनाव बाद हुई हिंसा में भाजपा के 57 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी और 12,500 एफआईआर दर्ज की गई थीं। यदि इन फरार लोगों में से किसी का भी नाम उन एफआईआर में आरोपी के रूप में दर्ज है, तो उन्हें घर लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हम उन्हें बालों से घसीटकर जेल की सलाखों के पीछे भेजेंगे।”

    मुख्यमंत्री ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भले ही राजनीतिक अपराध 5 साल या उससे अधिक पुराने क्यों न हों, उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कर अपराधियों को तुरंत जेल भेजा जाए।


    धार्मिक भावनाओं का सम्मान

    अक्टूबर 2025 में दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप में मां काली की खंडित मूर्ति को पुलिस द्वारा कैदी वैन में रखने के विवाद का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा, “जिस पुलिस अधिकारी ने मां काली की मूर्ति को जेल वैन के अंदर रखा, उसके लिए बंगाल में कोई जगह नहीं है। हिंदू देवी-देवताओं के अपमान और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी सभी पुलिस फाइलें दोबारा खोली जाएंगी।”


    विशेष विकास पैकेज का एलान

    अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फाल्टा की जनता के लिए भाजपा के चुनावी घोषणा-पत्र के वादों से अलग एक विशेष विकास पैकेज देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें सत्ता की कुर्सी सिर्फ बैठने के लिए नहीं बल्कि न्याय के लिए सौंपी है और वे राज्य में न्याय का शासन स्थापित करके रहेंगे।

  • झांसी सड़क हादसा: सगाई से 3 दिन पहले दुल्हन और भाई की दर्दनाक मौत, ट्रक से टकराई बाइक

    झांसी सड़क हादसा: सगाई से 3 दिन पहले दुल्हन और भाई की दर्दनाक मौत, ट्रक से टकराई बाइक



    नई दिल्ली। झांसी में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें सगाई से सिर्फ 3 दिन पहले होने वाली दुल्हन और उसके सगे भाई की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों बाइक से अपनी बड़ी बहन के घर जा रहे थे, तभी पूंछ थाना क्षेत्र के झांसी–कानपुर हाईवे पर मबूसा ओवरब्रिज के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से उनकी बाइक टकरा गई।

    टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार दोनों भाई-बहन करीब 10 मीटर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों को मोंठ सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि बाइक की स्पीड लगभग 80 किमी प्रति घंटा थी और ट्रक सड़क पर बिना किसी चेतावनी के खड़ा था, जिससे यह हादसा हुआ।

    मृतका शिवानी (22) जालौन के कैलाशी देवी महाविद्यालय से बीए की छात्रा थी और उसकी शादी तय हो चुकी थी। 20 मई को उसकी सगाई होनी थी और घर में तैयारियां चल रही थीं। वहीं उसका भाई ईशू (19) 12वीं का छात्र था। दोनों अपने साथ कुछ कैश और गहने लेकर बहन के घर जा रहे थे, ताकि आगे शादी की तैयारियों में शामिल हो सकें।

    हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक की तलाश शुरू कर दी है और परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया।

  • बदायूं: निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक से गिरा सांड, दर्दनाक मौत; लापरवाही पर उठे सवाल

    बदायूं: निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक से गिरा सांड, दर्दनाक मौत; लापरवाही पर उठे सवाल


    बदायूं । बदायूं के किसरुआ गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन ओवरहेड पानी की टंकी पर चढ़े एक आवारा सांड की गिरकर मौत हो गई। यह पूरी घटना आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के मुताबिक, गांव में जल निगम की ओर से ओवरहेड पानी की टंकी का निर्माण कार्य चल रहा था। टंकी का ढांचा लगभग 60 से 70 फीट की ऊंचाई तक बन चुका था, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। इसी दौरान शनिवार तड़के एक आवारा सांड किसी तरह खुली सीढ़ियों के रास्ते टंकी के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया।

    सांड को इतनी ऊंचाई पर देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश की। कुछ लोगों ने हरा चारा दिखाकर उसे नीचे लाने का प्रयास किया, जबकि अन्य लोग आवाज लगाकर उसे शांत करने की कोशिश करते रहे।

    काफी देर तक सांड टंकी पर इधर-उधर घूमता रहा, लेकिन इसी दौरान वह नीचे उतरने लगा। बताया जा रहा है कि उतरते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 40 फीट की ऊंचाई से सीधे जमीन पर गिर पड़ा। गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद मौके पर सन्नाटा पसर गया और ग्रामीण इस दर्दनाक हादसे को लेकर चर्चा करते नजर आए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    स्थानीय लोगों ने जल निगम और संबंधित विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा घेरा और उचित बैरिकेडिंग होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

    फिलहाल इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

  • सीएम योगी से झगड़ लूंगा, पर आपको मंत्री बनवा दूंगा,अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का तीखा पलटवार

    सीएम योगी से झगड़ लूंगा, पर आपको मंत्री बनवा दूंगा,अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का तीखा पलटवार



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर बेहद सख्त और व्यंग्यात्मक अंदाज में हमला बोला है। यह पूरा विवाद अखिलेश यादव के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे पर सवाल उठाए थे।

    अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि यूपी में नए मंत्रियों के नाम तय होने के बाद भी उनके विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि सरकार में मंत्रालयों और विभागों के बंटवारे में देरी की वजह अंदरूनी खींचतान और कमीशन का विवाद है। अखिलेश ने यह भी कहा था कि नए मंत्री सिर्फ “दर्शक दीर्घा” में बैठे नजर आ रहे हैं और फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।

    इसके जवाब में ओमप्रकाश राजभर ने पहले अवधी भाषा में एक तीखा पोस्ट किया और फिर उसे हिंदी में भी साझा किया। उन्होंने अखिलेश यादव पर निजी और राजनीतिक दोनों तरह के तंज कसे। राजभर ने कहा कि अखिलेश के भाई के निधन के बाद उन्हें कुछ समय तक राजनीति से दूर रहकर शोक मनाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय वे लगातार राजनीतिक बयान दे रहे हैं।

    राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा कि अखिलेश “परिवार में गमी” के बावजूद राजनीति कर रहे हैं और दूसरों के घर की चिंता कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश को कम से कम तेरहवीं तक राजनीति से दूरी बनाए रखनी चाहिए थी।

    बात यहीं नहीं रुकी। ओमप्रकाश राजभर ने आगे व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव को मंत्री पद की इतनी इच्छा है, तो वे सुभासपा जॉइन कर लें। उन्होंने दावा किया कि वह खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी झगड़ लेंगे, लेकिन अखिलेश को किसी न किसी विभाग का मंत्री जरूर बनवा देंगे।

    उन्होंने यह भी कहा कि बेगाने मंत्रिमंडल में अखिलेश “दीवाने” बन रहे हैं और बिना वजह सरकार के फैसलों पर टिप्पणी कर रहे हैं।

    इस पूरे विवाद ने यूपी की सियासत में एक बार फिर गरमाहट बढ़ा दी है। जहां अखिलेश यादव सरकार पर निशाना साध रहे हैं, वहीं ओमप्रकाश राजभर उनके बयानों का कड़ा और चुटीला जवाब दे रहे हैं।

  • गोरखपुर के रेस्टोरेंट में छाई ‘रोबो दीदी’, टेबल तक पहुंचा रहीं खाना, ग्राहक बोले- मजा आ गया!

    गोरखपुर के रेस्टोरेंट में छाई ‘रोबो दीदी’, टेबल तक पहुंचा रहीं खाना, ग्राहक बोले- मजा आ गया!




    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक रेस्टोरेंट इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां ग्राहकों को खाना परोसने का काम कोई वेटर या वेट्रेस नहीं, बल्कि एक रोबोट कर रहा है। रामगढ़ ताल इलाके के नौका विहार स्थित सोबो रेस्टोरेंट में ‘रोबो दीदी’ नाम की यह रोबोट वेट्रेस लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

    रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहक ‘रोबो दीदी’ को देखकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। यह रोबोट टेबल तक जाकर खाना सर्व करती है, ग्राहकों का हालचाल पूछती है और जरूरत का सामान पहुंचाती है। खासकर बच्चे और महिलाएं इसके साथ सेल्फी लेने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

    रेस्टोरेंट के मालिक निखिल ने बताया कि उन्हें यह आइडिया चंडीगढ़ से मिला था। पहले चीन से ऐसे रोबोट मंगाने की योजना थी, लेकिन ज्यादा खर्च और तकनीकी दिक्कतों के कारण उन्होंने हैदराबाद की एक कंपनी से संपर्क किया। वहीं से इस रोबोट को तैयार कराकर गोरखपुर लाया गया।

    उन्होंने बताया कि फिलहाल ‘रोबो दीदी’ का इस्तेमाल 20 फीसदी क्षमता के साथ किया जा रहा है। इसे रिमोट और डिवाइस दोनों के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। रेस्टोरेंट प्रबंधन का कहना है कि रोबोट आने के बाद ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है और लोग खासतौर पर इसे देखने पहुंच रहे हैं।

    रेस्टोरेंट की मैनेजर सुकन्या के मुताबिक, ‘रोबो दीदी’ को फॉरवर्ड, लेफ्ट और राइट जैसे कमांड देकर कंट्रोल किया जाता है। यह ग्राहकों से बातचीत भी करती है और उनके ऑर्डर टेबल तक पहुंचाती है। लोगों को इसका अंदाज काफी पसंद आ रहा है।

    रेस्टोरेंट पहुंचे ग्राहकों का कहना है कि यह उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव है। कई लोगों ने इसे तकनीक और मनोरंजन का शानदार मेल बताया। सोशल मीडिया पर भी ‘रोबो दीदी’ के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे रेस्टोरेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।

  • गोरखपुर में दर्दनाक घटना: इंजीनियर ने पत्नी से विवाद के बाद फांसी लगाकर दी जान

    गोरखपुर में दर्दनाक घटना: इंजीनियर ने पत्नी से विवाद के बाद फांसी लगाकर दी जान



    नई दिल्ली। गोरखपुर में एक 33 वर्षीय इंजीनियर ने पत्नी से चल रहे विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान कुशीनगर निवासी प्रद्युमन यादव के रूप में हुई है, जो इंदौर की एक निजी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे।

    जानकारी के अनुसार, प्रद्युमन यादव की शादी 2017 में अर्पिता यादव से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई और पत्नी मायके जाकर रहने लगी। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया और मामला दहेज उत्पीड़न तक पहुंच गया, जो पिछले 6 सालों से कोर्ट में विचाराधीन था।

    परिजनों के अनुसार, लगातार विवाद और मानसिक तनाव के कारण प्रद्युमन काफी परेशान रहने लगे थे। बीते दिनों कोर्ट की तारीख पर आने के बाद वे गोरखपुर पहुंचे थे और फिर अपने बहनोई के घर हाटा में रुके थे। इसके बाद वह कुसमी जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर दर्शन के लिए गए।

    इसी दौरान उन्होंने करीब 1 मिनट 48 सेकंड का एक वीडियो रिकॉर्ड कर अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर डाला, जिसमें उन्होंने भावुक होकर अपनी परेशानी साझा की। वीडियो में उन्होंने कहा कि वह अब पूरी तरह टूट चुके हैं और पत्नी के विवादों से परेशान हैं।

    वीडियो में उन्होंने अपने परिवार को संबोधित करते हुए कहा—“भाई, माफ करना… अब माता-पिता को समझा देना कि उनका अब एक ही बेटा है।” साथ ही उन्होंने अपनी बेटी को भी संदेश दिया और भावुक शब्दों में कहा कि वह अब और नहीं सह सकते।

    सबसे दर्दनाक पल वह था जब उन्होंने फंदे की ओर इशारा करते हुए कहा—“देखो मेरा सेहरा तैयार है, मैं अब जा रहा हूं।” इसके बाद उन्होंने पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी।

    घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामला घरेलू विवाद और मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत होता है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

  • हमीरपुर में शादी बनी विवाद की वजह: दूल्हे ने ससुर को मारा थप्पड़, दुल्हन ने लौटाई बारात

    हमीरपुर में शादी बनी विवाद की वजह: दूल्हे ने ससुर को मारा थप्पड़, दुल्हन ने लौटाई बारात

    हमीरपुर। हमीरपुर में एक शादी समारोह उस समय हंगामे और विवाद में बदल गया जब बारातियों और घरातियों के बीच कहासुनी के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना सुमेरपुर ब्लॉक के विदोखर पुरई गांव की है, जहां महोबा से आई बारात के दौरान खुशियों का माहौल अचानक तनाव में बदल गया।

    जानकारी के अनुसार, द्वारचार और रस्मों के बाद जनवासे में कुछ महिलाएं पारंपरिक तरीके से डांस कर रही थीं। इसी दौरान कुछ बाराती भी उनके साथ जबरन डांस करने लगे, जिससे माहौल असहज हो गया। जब महिलाओं ने दूरी बनाई तो बारातियों ने उनके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की, जिसका घरातियों ने विरोध किया।

    विरोध करने पर विवाद और बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने लगी। इसी दौरान दूल्हे पर आरोप है कि उसने दुल्हन के पिता को थप्पड़ मार दिया, जिससे माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। घटना से आहत होकर दुल्हन संजना ने तुरंत शादी से इनकार कर दिया और फेरे लेने से मना कर दिया।

    दुल्हन का कहना था कि जब उसके पिता के साथ अभद्रता हुई तो वह यह शादी आगे नहीं कर सकती। इसके बाद दोनों पक्षों में सुलह की कोशिश भी की गई, लेकिन बात नहीं बन सकी।

    सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी। अंततः बारात को बिना दुल्हन के वापस लौटना पड़ा। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे शादी में हुई गंभीर लापरवाही और बदसलूकी का नतीजा बता रहे हैं।