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  • बुंदेलखंड राज्य की मांग पर गरमाई राजनीति: आजाद क्रांति पार्टी ने चित्रकूट से फूंका आंदोलन का बिगुल, गांव-गांव तक जाएगा अभियान

    बुंदेलखंड राज्य की मांग पर गरमाई राजनीति: आजाद क्रांति पार्टी ने चित्रकूट से फूंका आंदोलन का बिगुल, गांव-गांव तक जाएगा अभियान



    नई दिल्ली(New Delhi)।
    चित्रकूट में एक बार फिर बुंदेलखंड अलग राज्य निर्माण की मांग ने जोर पकड़ लिया है। इस बार आजाद क्रांति पार्टी ने इस मुद्दे को खुलकर उठाते हुए आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी ने साफ कहा है कि अब यह लड़ाई सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जमीन पर उतरकर पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में व्यापक आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा। इसके लिए सभी जनपदों में प्रदर्शन किए जाएंगे और इसमें महिलाओं की भागीदारी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया है।

    मुख्यालय कर्वी स्थित पटवारी का हाता, कुबेरगंज में पार्टी कार्यालय के शुभारंभ के मौके पर प्रदेश अध्यक्ष राजीव श्रीवास्तव (मेजर) ने कहा कि पार्टी ने अपना स्पष्ट एजेंडा तय कर लिया है और जल्द ही बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक जितनी भी सरकारें और राजनीतिक दल आए हैं, उन्होंने बुंदेलखंड के लोगों को सिर्फ आश्वासन देकर गुमराह किया है और क्षेत्र के विकास के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि बुंदेलखंड लंबे समय से पिछड़ेपन, बेरोजगारी, पलायन और पानी की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन राजनीतिक दलों ने इसे सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि अब जनता को जागरूक कर एक मजबूत आंदोलन खड़ा किया जाएगा ताकि अलग राज्य की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखा जा सके।

    इस मौके पर महिला सेना की प्रदेश अध्यक्ष सीमा निगम ने भी संगठन की भूमिका को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी आंदोलन महिलाओं की भागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकता। बुंदेलखंड राज्य निर्माण के आंदोलन में महिलाओं की शुरू से ही अहम भूमिका रही है और आगे भी वे कंधे से कंधा मिलाकर इस लड़ाई में शामिल रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने अपने संविधान में महिलाओं को 40 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

    जिलाध्यक्ष रश्मि सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण की लड़ाई को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए महिलाओं को जागरूक करने के अभियान चलाए जाएंगे और उन्हें आंदोलन से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए तहसील स्तर से लेकर वार्ड और बूथ स्तर तक महिलाओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं, ताकि आंदोलन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल सके।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें पुनीता खरे, सुरेंद्र सिंह खंगार, रेनू देवी, पलक सिंह, गोमती, केशकली, प्रीति देवी, काजल, संगीता देवी, रूपा त्रिपाठी, गुड्डन, शिवप्यारी, रानी देवी, मधु, ऊषा, सरोज, रन्नू, सरिता, रीता, कविता, आरती, विमला, अनुराधा सहित कई लोग शामिल रहे।

    कुल मिलाकर आजाद क्रांति पार्टी ने एक बार फिर बुंदेलखंड अलग राज्य के मुद्दे को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सक्रिय कर दिया है और आने वाले समय में क्षेत्र में इसको लेकर बड़े आंदोलनों की संभावना जताई जा रही है।

  • अलीगढ़ में बड़ा हादसा टला: ट्रेनी एयरक्राफ्ट की खेत में इमरजेंसी लैंडिंग, पायलट ने दिखाई सूझबूझ

    अलीगढ़ में बड़ा हादसा टला: ट्रेनी एयरक्राफ्ट की खेत में इमरजेंसी लैंडिंग, पायलट ने दिखाई सूझबूझ



    नई दिल्ली(New Delhi)।
    उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में मंगलवार को एक बड़ा विमान हादसा टल गया जब धनीपुर स्थित फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर से उड़ान भरने के बाद एक 2 सीटर ट्रेनी एयरक्राफ्ट में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। उड़ान के कुछ ही मिनटों बाद पायलट को विमान के सिस्टम में गड़बड़ी का संकेत मिला, जिसके बाद उसने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए आपात स्थिति में लैंडिंग का निर्णय लिया।

    जानकारी के अनुसार, यह ट्रेनी एयरक्राफ्ट नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। उड़ान भरने के बाद जैसे ही विमान ने सामान्य ऊंचाई हासिल की, उसी दौरान तकनीकी दिक्कत सामने आई। पायलट ने हालात को समझते हुए नजदीकी खुले क्षेत्र की तलाश शुरू की ताकि सुरक्षित लैंडिंग कराई जा सके और किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।

    कुछ ही देर बाद पायलट ने हरदुआगंज क्षेत्र के गांव चंगेरी के पास एक खाली खेत को सुरक्षित लैंडिंग के लिए चुना। बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी उसने विमान को नियंत्रित करते हुए खेत में सफलतापूर्वक इमरजेंसी लैंडिंग कराई। लैंडिंग के दौरान विमान को हल्का नुकसान जरूर पहुंचा, लेकिन सबसे बड़ी राहत यह रही कि पायलट पूरी तरह सुरक्षित रहा और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    घटना के बाद जैसे ही विमान खेत में उतरा, आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। अचानक विमान को खेत में उतरता देख इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

    पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और एयर ट्रैफिक अथॉरिटी तथा फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर को भी इसकी जानकारी दी गई। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी को घटना का कारण माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए विशेषज्ञ टीम द्वारा जांच की जा रही है। विमान को भी सुरक्षित रूप से जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।

    धनीपुर स्थित फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर में इस तरह की ट्रेनिंग फ्लाइट्स नियमित रूप से कराई जाती हैं, जहां पायलटों को विभिन्न परिस्थितियों में विमान संचालन का अभ्यास कराया जाता है। ऐसे में यह घटना भी एक ट्रेनिंग फ्लाइट के दौरान हुई, जिसमें पायलट की त्वरित प्रतिक्रिया और सही निर्णय ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।

    स्थानीय लोगों ने भी पायलट की सूझबूझ की सराहना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते इमरजेंसी लैंडिंग नहीं कराई जाती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही तकनीकी खराबी के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।

    अलीगढ़ की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आपात स्थिति में पायलट की सूझबूझ और त्वरित निर्णय कितने महत्वपूर्ण होते हैं। समय रहते सही फैसला लेकर एक संभावित बड़े विमान हादसे को टाल दिया गया।

  • लखनऊ मेयर विवाद: हाई कोर्ट के आदेश के बाद सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को दिलाई गई शपथ, मेयर के अधिकार पहले ही सीज

    लखनऊ मेयर विवाद: हाई कोर्ट के आदेश के बाद सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को दिलाई गई शपथ, मेयर के अधिकार पहले ही सीज




    नई दिल्ली(New Delhi)।
    लखनऊ नगर निगम में लंबे समय से चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आखिरकार सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ दिला दी गई। यह शपथ मेयर सुषमा खर्कवाल द्वारा हाई कोर्ट के आदेश के बाद कराई गई, क्योंकि अदालत ने समय सीमा तय करते हुए शपथ न दिलाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

    दरअसल, पार्षद निर्वाचित होने के करीब 5 महीने बाद भी ललित किशोर तिवारी को शपथ नहीं दिलाई गई थी। मामला लगातार हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश जारी किया था कि 29 मई तक हर हाल में शपथ दिलाई जाए, अन्यथा मेयर को कोर्ट में पेश होना पड़ेगा और व्यक्तिगत हलफनामा देना होगा।

    कोर्ट ने इस मामले में मेयर सुषमा खर्कवाल के अधिकार भी सीज कर दिए थे, जिससे प्रशासनिक स्तर पर दबाव और बढ़ गया था। गुरुवार को आए आदेश के बाद मामला और तेज हो गया और रविवार को मेयर ने स्वयं सपा पार्षद को शपथ दिलाई।

    जानकारी के अनुसार, मेयर ने पहले अपनी तबीयत खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी थी, लेकिन शनिवार को डिस्चार्ज होने के बाद उन्होंने शपथ प्रक्रिया पूरी करने की पुष्टि की।

    यह पूरा विवाद 2023 के नगर निकाय चुनाव से जुड़ा है। वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज-3 में भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार शुक्ला ने सपा प्रत्याशी ललित किशोर तिवारी को हराया था। बाद में सपा प्रत्याशी ने भाजपा उम्मीदवार पर शपथ पत्र में गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी।

    सुनवाई के बाद कोर्ट ने भाजपा प्रत्याशी का नामांकन रद्द करते हुए ललित किशोर तिवारी को विजेता घोषित किया था। इसके बावजूद शपथ न दिलाए जाने को लेकर मामला लगातार विवादों में रहा, जो अब जाकर कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हुआ।

  • सीबीआई जांच नहीं होती तो हो जाता एनकाउंटर: रिहा हुए बलिया के राज सिंह का सनसनीखेज दावा

    सीबीआई जांच नहीं होती तो हो जाता एनकाउंटर: रिहा हुए बलिया के राज सिंह का सनसनीखेज दावा

    बलिया। पश्चिम बंगाल सीएम के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड मामले में गलत पहचान के चलते गिरफ्तार किए गए बलिया के राज सिंह ने रिहाई के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले की सीबीआई जांच नहीं होती तो उनका एनकाउंटर तक हो सकता था।

    राज सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें एसओजी टीम ने बिना ठोस सबूत के अयोध्या से उठाया था और जबरन दबाव बनाया गया कि वह अपराध स्वीकार करें। उनके मुताबिक, पूछताछ के दौरान उन पर लगातार दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं कि “सच नहीं बताया तो एनकाउंटर कर दिया जाएगा।”

    उन्होंने बताया कि उनकी गिरफ्तारी के बाद परिवार ने लगातार उनके निर्दोष होने के सबूत पेश किए, जिनमें घर के सीसीटीवी फुटेज भी शामिल थे, जिससे यह साबित हुआ कि घटना के समय वह अपने घर पर मौजूद थे। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई और जांच में सामने आया कि असली आरोपी कोई और है।

    सीबीआई जांच में खुलासा होने के बाद राज सिंह को रिहा कर दिया गया, जबकि असली आरोपी राजकुमार सिंह उर्फ राज को बाद में मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया।

    रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में राज सिंह ने कहा कि अगर जांच एजेंसी बदलकर सीबीआई को नहीं सौंपी जाती, तो शायद सच सामने नहीं आ पाता और वह आज जिंदा नहीं होते। उन्होंने सीबीआई अधिकारियों का आभार जताया कि उन्होंने निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई।

    राज सिंह बलिया के आनंद नगर मोहल्ले के रहने वाले हैं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े बताए जाते हैं। इससे पहले उन पर एक अंडा व्यवसायी की हत्या के मामले में भी आरोप लग चुका है, जिसमें वे फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

    इस पूरे मामले ने पुलिस की शुरुआती जांच और एसओजी की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • सड़क पर नमाज विवाद: योगी सरकार के आदेश पर सियासत गरम, इकरा हसन का पलटवार

    सड़क पर नमाज विवाद: योगी सरकार के आदेश पर सियासत गरम, इकरा हसन का पलटवार



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के बयान के बाद जहां प्रशासनिक स्तर पर सख्ती देखी जा रही है, वहीं राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

    बीजेपी नेता Nazia Ilahi Khan ने सीएम योगी के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि धार्मिक इबादत दूसरों को असुविधा में डालकर नहीं होनी चाहिए और इसे उचित स्थानों पर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने सड़क पर नमाज को लेकर कड़ी टिप्पणी भी की।

    वहीं समाजवादी पार्टी सांसद Iqra Hasan ने सरकार के आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क पर नमाज का मुद्दा जरूरत से ज्यादा तूल दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह समाज में अनावश्यक तनाव पैदा करने की कोशिश है और सभी को संवैधानिक धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है।

    सीएम योगी ने स्पष्ट कहा है कि सड़कें सार्वजनिक आवागमन के लिए हैं, धार्मिक गतिविधियों के लिए नहीं, और ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • नाजिया इलाही खान का बयान: सीएम योगी को बताया फरिश्ता, सड़क पर नमाज को लेकर दिया समर्थन

    नाजिया इलाही खान का बयान: सीएम योगी को बताया फरिश्ता, सड़क पर नमाज को लेकर दिया समर्थन

    लखनऊ। लखनऊ में बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर दिए गए बयान का समर्थन किया है। उन्होंने सीएम योगी की सराहना करते हुए उन्हें “फरिश्ता” बताया और कहा कि वे समाज को सही दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं।

    नाजिया इलाही खान ने कहा कि धार्मिक इबादत का स्थान सड़क नहीं हो सकता और इसे मस्जिद, ईदगाह या घर जैसे स्थानों पर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धार्मिक गतिविधि से दूसरों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

    उन्होंने अपने बयान में धार्मिक ग्रंथों का हवाला देते हुए यह भी कहा कि इबादत का उद्देश्य शांति है, न कि किसी को असुविधा देना। नाजिया ने यह भी टिप्पणी की कि धार्मिक गतिविधियों को सार्वजनिक सड़कों पर करना उचित नहीं है।

    इस बयान के बाद उनका यह वीडियो और बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

  • वाराणसी: विश्वनाथ धाम मार्ग पर हेड कांस्टेबल ने महिला से मारपीट, वीडियो वायरल; पुलिस ने किया सस्पेंड

    वाराणसी: विश्वनाथ धाम मार्ग पर हेड कांस्टेबल ने महिला से मारपीट, वीडियो वायरल; पुलिस ने किया सस्पेंड


    वाराणसी । उत्तर प्रदेश के वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर-4 से करीब 50 मीटर दूर फूलमंडी क्षेत्र में हेड कांस्टेबल और एक महिला फूल विक्रेता के बीच विवाद मारपीट में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया।

    वीडियो में हेड कांस्टेबल राधेश्याम यादव महिला को पहले जमीन पर गिराकर पीटते हुए और बाद में बाल पकड़कर मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान महिला भी विरोध में लाठी से वार करती नजर आती है। मौके पर मौजूद लोग और श्रद्धालु घटना को देखते रहे, लेकिन बीच-बचाव की कोशिश सीमित रही।

    जानकारी के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल ने फूलमंडी में दुकानों को हटाने को कहा। इसी दौरान महिला दुकानदार से बहस बढ़ गई और मामला हिंसक झड़प में बदल गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार महिला लंबे समय से मंदिर क्षेत्र में फूल-माला बेचकर आजीविका चला रही थी। घटना के बाद वीडियो वायरल होने पर पुलिस प्रशासन ने जांच कराई और पीएसी ने आरोपी हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया।

    इसी बीच मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो को गलत तरीके से काशी विश्वनाथ धाम परिसर से जोड़ा जा रहा है, जबकि यह घटना मंदिर परिसर के अंदर की नहीं है। प्रशासन ने इसे भ्रामक बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

    साथ ही गेट नंबर-4 के बाहर अधिवक्ताओं से कथित अभद्रता और छिनैती के आरोपों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

  • शंकराचार्य ने किया ‘Go-LX’ का ऐलान, OLX की तर्ज पर अब ऑनलाइन खरीदी-बिक्री होंगी गायें

    शंकराचार्य ने किया ‘Go-LX’ का ऐलान, OLX की तर्ज पर अब ऑनलाइन खरीदी-बिक्री होंगी गायें



    नई दिल्ली। गोहत्या के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन चला रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अब एक नई डिजिटल पहल की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि “Go-LX” नाम की एक वेबसाइट तैयार की जा रही है, जो OLX की तर्ज पर काम करेगी, लेकिन इसका उद्देश्य गायों की खरीद और संरक्षण होगा।शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ‘Go-LX’ नाम से एक वेबसाइट लॉन्च करने का ऐलान किया है, जहां गायों की ऑनलाइन खरीद-बिक्री की जा सकेगी।
    इस पहल का उद्देश्य गायों को कटने से बचाना और गो-संरक्षण को बढ़ावा देना बताया गया है।

    शंकराचार्य के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर पशुपालक या व्यापारी अपनी गायों को बेचने के लिए विज्ञापन दे सकेंगे। वहीं गो-भक्त और गो-सेवक उन गायों को खरीदकर उनकी देखभाल करेंगे, खासकर उन गायों को जो दूध देना बंद कर चुकी हैं या जिन्हें कसाई को बेचा जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि कोई भी सच्चा हिंदू अपनी गाय को कटने के लिए नहीं बेच सकता और यह मंच गायों को कत्लखाने जाने से रोकने में मदद करेगा।

    शंकराचार्य ने यह भी दावा किया कि इस मुद्दे पर समाज के विभिन्न वर्गों, यहां तक कि मुस्लिम समाज के कुछ लोग भी गोहत्या बंदी के समर्थन में हैं। उनके अनुसार, यदि देश में गोहत्या और गोमांस सेवन पर रोक लगती है, तो सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास बढ़ेगा।

  • मथुरा में बारात के दौरान बवाल, डांस से शुरू हुआ विवाद पथराव तक पहुंचा

    मथुरा में बारात के दौरान बवाल, डांस से शुरू हुआ विवाद पथराव तक पहुंचा

    नई दिल्ली। मथुरा जिले के हाईवे थाना क्षेत्र के नरहौली गांव में बुधवार रात एक शादी समारोह अचानक हिंसा का मैदान बन गया। बरसाना से आई बारात में खुशियों का माहौल उस समय बिगड़ गया जब डांस के दौरान बारातियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और मामला देखते ही देखते पथराव तक पहुंच गया।

    जानकारी के अनुसार, बरसाना के भरनाकलां गांव से अशोक और कुलदीप की बारात नरहौली गांव में भगवान दास की बेटियों के घर पहुंची थी। रात करीब 10 बजे जब बारात चढ़ रही थी, तभी किसी बात को लेकर विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि डांस के दौरान एक पत्थर लगने के बाद तनाव और बढ़ गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई।

    स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम को भी उपद्रवियों का सामना करना पड़ा। थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी सहित कुछ पुलिसकर्मी भी इस झड़प में घायल हो गए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने कई थानों की फोर्स बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

    घटना के बाद भरतपुर रोड पर यातायात भी रोकना पड़ा, जिससे कुछ समय के लिए आवाजाही बाधित रही। पुलिस ने लाठीचार्ज कर दोनों पक्षों को तितर-बितर किया और देर रात तक स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।

    विवाद को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। एक पक्ष का कहना है कि बारात के दौरान गाली-गलौज और बग्गी में लात मारने से विवाद शुरू हुआ, जबकि दूसरे पक्ष का आरोप है कि बाराती आपस में ही डांस को लेकर भिड़ गए और विवाद दुकान तक पहुंचकर तोड़फोड़ में बदल गया।

    इस पूरे घटनाक्रम में शादी की रस्में भी पुलिस की मौजूदगी में पूरी कराई गईं ताकि मामला और न बिगड़े। एक महिला के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • हीट वेव से राहत देने सड़कों पर आर्टिफिशियल बारिश करा रहा नगर निगम

    हीट वेव से राहत देने सड़कों पर आर्टिफिशियल बारिश करा रहा नगर निगम

    नई दिल्ली।झांसी में गुरुवार को भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने शहर को तपते तंदूर में बदल दिया। मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जिले में रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद प्रशासन और नगर निगम भी अलर्ट मोड में नजर आए। दोपहर होते-होते सड़कें सूनी पड़ गईं और जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी सिर और चेहरा पूरी तरह ढंककर चलते दिखाई दिए।

    गर्मी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह के समय ही तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था, जबकि दिन में इसके 47 डिग्री तक जाने की संभावना जताई गई। फिलहाल जिले का अधिकतम तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है। लगातार बढ़ती गर्मी और हीट वेव के चलते आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

    लोगों को राहत पहुंचाने के लिए नगर निगम ने अनोखी पहल करते हुए शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर आर्टिफिशियल बारिश और फव्वारों की व्यवस्था शुरू की है। कई जगह पानी का छिड़काव कराया जा रहा है ताकि राहगीरों को झुलसाती गर्मी से कुछ राहत मिल सके। चौराहों पर लगाए गए फव्वारों के पास लोग कुछ देर रुककर राहत महसूस करते दिखाई दिए।

    पिछले पांच दिनों से झांसी के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बुधवार को भी अधिकतम तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जबकि न्यूनतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रात के समय भी गर्म हवाओं के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक हीट वेव का असर जारी रहने की चेतावनी दी है।

    भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि बेहद जरूरी काम होने पर ही लोग बाहर जाएं और पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ तथा अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। लोगों के मोबाइल फोन पर भी लगातार अलर्ट संदेश भेजे जा रहे हैं, जिनमें गर्मी से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।

    कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि दोपहर के समय खेतों में काम करने से बचें और शरीर को पूरी तरह ढककर ही बाहर निकलें। लगातार बढ़ते तापमान ने न सिर्फ शहरवासियों बल्कि किसानों और मजदूरों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।