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  • तेज लाउडस्पीकर से आमजन परेशान, जयपुर के परकोटा इलाके को लेकर विधानसभा में गूंजा मामला

    तेज लाउडस्पीकर से आमजन परेशान, जयपुर के परकोटा इलाके को लेकर विधानसभा में गूंजा मामला

    जयपुर।  राजस्थान की राजधानी जयपुर में मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों की तेज आवाज को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। बुधवार को राजस्थान विधानसभा के शून्यकाल के दौरान हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाते हुए परकोटा क्षेत्र की कई मस्जिदों में नियमों से अधिक तेज आवाज में चल रहे लाउडस्पीकरों पर आपत्ति जताई।

    विधायक ने सदन में कहा कि परकोटा इलाके में कुछ मस्जिदों पर बड़े और अधिक संख्या में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं, जिनकी आवाज निर्धारित ध्वनि मानकों से कहीं अधिक है। इससे आसपास रहने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    नींद और पढ़ाई हो रही प्रभावित
    बालमुकुंद आचार्य ने बताया कि तेज आवाज के कारण स्थानीय लोगों की नींद प्रभावित हो रही है और विद्यार्थियों की पढ़ाई में भी व्यवधान आ रहा है। उन्होंने इसे आम नागरिकों के स्वास्थ्य और मौलिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताया।

    विधायक ने यह भी कहा कि कई बार स्थानीय लोग मस्जिद प्रबंधन से लाउडस्पीकर की आवाज कम करने का अनुरोध करते हैं, लेकिन अक्सर इस पर विवाद की स्थिति बन जाती है। इस संबंध में प्रशासन को पहले भी कई शिकायतें दी जा चुकी हैं, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस और स्थायी कार्रवाई नहीं हो सकी है।

    रमजान के दौरान अतिरिक्त लाउडस्पीकरों पर चिंता
    विधायक ने विशेष रूप से रमजान माह के दौरान लगाए जाने वाले अतिरिक्त लाउडस्पीकरों पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि लाउडस्पीकरों के उपयोग को लेकर स्पष्ट नीति बनाई जाए, जिसमें तय समय और कानूनी ध्वनि सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि यदि नियमों का उल्लंघन होता है तो प्रशासन को कानून के तहत कार्रवाई करते हुए ऐसे लाउडस्पीकरों को हटाना चाहिए।

    ‘यह धर्म नहीं, आमजन की शांति का मुद्दा’
    बालमुकुंद आचार्य ने सदन में स्पष्ट किया कि यह मामला किसी धर्म विशेष के विरोध से जुड़ा नहीं है, बल्कि आम जनता की शांति, स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता से संबंधित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आमजन में असंतोष बढ़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

    अन्य विधायकों ने भी जताई चिंता
    इस मुद्दे पर सदन में मौजूद अन्य विधायकों ने भी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि जयपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई शहरी इलाकों में लाउडस्पीकरों की तेज आवाज एक गंभीर समस्या बन चुकी है। विधायकों ने सरकार से मांग की कि मौजूदा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और आम लोगों की शिकायतों को प्राथमिकता दी जाए।

    गौरतलब है कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों की आवाज को लेकर पहले भी कई बार विवाद और मांगें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। विधायक बालमुकुंद आचार्य ने एक बार फिर प्रशासन से अपील की है कि कानून के दायरे में रहकर लाउडस्पीकरों की आवाज नियंत्रित की जाए, ताकि आम नागरिक बिना किसी परेशानी के सामान्य जीवन जी सकें।

  • CG News: रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के घर धर्मांतरण का खुलासा, चंगाई सभा की आड़ में चल रहा था खेल

    CG News: रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के घर धर्मांतरण का खुलासा, चंगाई सभा की आड़ में चल रहा था खेल



    नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में कथित धर्मांतरण का बड़ा मामला सामने आया है। गांधीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चंगाई सभा की आड़ में ईसाई मतांतरण कराने के आरोप में सरगुजा पुलिस ने सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो (66) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अंबिकापुर के नमनाकला स्थित उनके निवास पर बीते कई महीनों से प्रत्येक रविवार को नियमित रूप से चंगाई सभा आयोजित की जा रही थी।

    हर रविवार जुटती थी भीड़, बिना अनुमति हो रहा था आयोजन
    पुलिस जांच में सामने आया है कि ओमेगा टोप्पो के घर में हर रविवार बड़ी संख्या में लोग जुटते थे। इन सभाओं के लिए किसी प्रकार की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी। एक रजिस्टर भी बरामद किया गया है, जिसमें सभा में शामिल होने वालों के नाम और हस्ताक्षर दर्ज थे।

    हिंदुवादी संगठनों के विरोध के बाद हुआ खुलासा
    25 जनवरी (रविवार) को चंगाई सभा की सूचना मिलने पर हिंदुवादी संगठनों से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे। उस समय घर के बाहर कई वाहन खड़े थे और भीतर करीब 50 से 60 लोग कथित प्रार्थना सभा में शामिल थे।

    संगठनों का आरोप है कि सभा के दौरान

    हिंदू धर्म के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थीं

    लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन दिया जा रहा था

    कम से कम 4–5 लोगों का मतांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा था

    इसके बाद मामले की सूचना गांधीनगर थाना पुलिस को दी गई।

    पुलिस को रोका गया, रजिस्टर किया गया जब्त
    सूचना पर गांधीनगर पुलिस टीम नायब तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंची। आरोप है कि आयोजकों ने पुलिस को सभा स्थल के भीतर प्रवेश करने से रोक दिया।
    ओमेगा टोप्पो ने पुलिस से पहचान पत्र और जांच आदेश की प्रति मांगी, जबकि अन्य लोगों ने कहा कि प्रार्थना समाप्त होने के बाद ही बातचीत की जाएगी।हालांकि पुलिस ने मौके से सभा में शामिल लोगों का रजिस्टर जब्त कर लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि चंगाई सभा लंबे समय से नियमित रूप से आयोजित की जा रही थी।

    इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
    हिंदुवादी संगठन से जुड़े रोशन तिवारी की रिपोर्ट पर गांधीनगर पुलिस ने ओमेगा टोप्पो समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270 और 299
    छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की धारा 5 (क)के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

    थाने से लौटने के बाद हुई गिरफ्तारी
    पुलिस के अनुसार पूछताछ के लिए थाने बुलाए जाने के बाद ओमेगा टोप्पो बिना सूचना दिए लौट गई थीं। इसके बाद गांधीनगर पुलिस ने दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया।
    थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और चंगाई सभा से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

  • छत्तीसगढ़ में बिजली कनेक्शन के नाम पर साइबर ठगी, एपीके फाइल से खाते हुए खाली

    छत्तीसगढ़ में बिजली कनेक्शन के नाम पर साइबर ठगी, एपीके फाइल से खाते हुए खाली


    रायपुर। छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधियों ने बिजली उपभोक्ताओं को निशाना बनाकर ठगी का नया तरीका अपनाया है। नए बिजली कनेक्शन के डिमांड भुगतान के नाम पर व्हाट्सएप के जरिए एपीके फाइल भेजकर मोबाइल फोन हैक किए जा रहे हैं और उपभोक्ताओं के बैंक खाते खाली किए जा रहे हैं। इस खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने उपभोक्ताओं के लिए एडवाइजरी जारी की है और सतर्क रहने की अपील की है।

    कंपनी के कार्यपालक निदेशक वीके साय ने बताया कि ठग उपभोक्ताओं को व्हाट्सएप पर संदिग्ध फाइल भेजते हैं और उसे डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। जैसे ही उपभोक्ता फाइल डाउनलोड करता है, उसका मोबाइल हैक हो जाता है और खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा कभी भी कोई एपीके फाइल नहीं भेजी जाती और न ही उपभोक्ताओं से इसे डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।

    CSPDCL ने उपभोक्ताओं को चेताया है कि वे हमेशा अधिकारिक चैनलों से ही भुगतान करें। कंपनी किसी भी 10 अंकों के निजी मोबाइल नंबर से भुगतान लिंक नहीं भेजती। केवल CSPDCL-एस आईडी से आधिकारिक संदेश ही मान्य होते हैं। भुगतान केवल MOR बिजली एप, ATP केंद्र, आधिकारिक वेबसाइट या बिजली कार्यालय में ही करना चाहिए।

    उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क करें या नजदीकी वितरण केंद्र को सूचना दें। कंपनी ने चेतावनी दी है कि फर्जी एपीके फाइल डाउनलोड करने पर मोबाइल हैक होने के साथ-साथ बैंक खाते से पैसे भी चोरी हो सकते हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ठग लगातार नई तकनीक अपनाकर लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। बिजली कनेक्शन और बिल भुगतान जैसे सामान्य मामलों में भी उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी अज्ञात लिंक या फाइल पर क्लिक न करें।

    CSPDCL ने यह भी बताया कि इस तरह के मामलों में विभाग सक्रिय रूप से निगरानी रख रहा है और साइबर अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहा है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक चैनलों का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वितरण केंद्र या टोल फ्री नंबर पर दें।

    इस चेतावनी के बावजूद कई उपभोक्ता अब भी धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल और बैंक सुरक्षा के लिए दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (Two-Factor Authentication), मजबूत पासवर्ड और एंटीवायरस ऐप का इस्तेमाल जरूरी है। बिजली उपभोक्ताओं को अपने मोबाइल और बैंक खातों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना ही सबसे प्रभावी तरीका है।

    इस एडवाइजरी से स्पष्ट हो गया है कि छत्तीसगढ़ में बिजली कनेक्शन के नाम पर होने वाली साइबर ठगी गंभीर रूप ले चुकी है और उपभोक्ताओं को अपनी सावधानी बढ़ाने की आवश्यकता है। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि ऐसे मामलों की नियमित निगरानी की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • छत्तीसगढ़ के जांबाजों का सम्मान: 77वें गणतंत्र दिवस पर 10 पुलिसकर्मियों को मिलेगा 'सराहनीय सेवा पदक'

    छत्तीसगढ़ के जांबाजों का सम्मान: 77वें गणतंत्र दिवस पर 10 पुलिसकर्मियों को मिलेगा 'सराहनीय सेवा पदक'


    रायपुर । 77वें गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के गौरवशाली अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के 10 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस यानी सराहनीय सेवा पदक के लिए चुना है। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों प्रदान किया जाएगा। यह पदक उन जांबाजों को दिया जा रहा है जिन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा, साहस और कार्यकुशलता से राज्य की कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में मिसाल पेश की है।

    इन 10 जांबाजों के नाम सराहनीय सेवा पदक

    सराहनीय सेवाओं के लिए चयनित अधिकारियों की सूची में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर जमीनी स्तर पर तैनात जांबाज शामिल हैं ध्रुव गुप्ता: आईजी पुलिस मुख्यालय रायपुर। प्रशांत ठाकुर: डीआईजी एवं एसएसपी, सूरजपुर। श्वेता राजमणी: कमांडेंट, 19वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल जगदलपुर। रवि कुमार कुर्रे पुलिस अधीक्षक जिला कोरिया। कौशिल्या भट्ट: निरीक्षक पुलिस मुख्यालय, रायपुर। रोहित कुमार झा: सहायक महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय, रायपुर। कमलेश कुमार मिश्रा: निरीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय। दल सिंह नामदेव: प्लाटून कमांडर। महेन्द्र कुमार पाठक: उप निरीक्षक जिला नारायणपुर।मनोज कुमार साहू: सहायक उप निरीक्षक जिला बस्तर। क्यों दिया जा रहा है यह सम्मान

    चयनित पुलिसकर्मियों ने अपने करियर के दौरान कई चुनौतीपूर्ण मोर्चों पर खुद को साबित किया है नक्सल मोर्चे पर सफलता: कई अधिकारियों ने बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियानों और शांति बहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रशासनिक सुधार पुलिस मुख्यालय में तैनात अधिकारियों को उनकी अनुकरणीय कार्यशैली और संगठनात्मक सुधारों के लिए सम्मानित किया जा रहा है। अनुशासन और समर्पण: यह पदक उन कर्मियों को मिलता है जिनकी सेवा का रिकॉर्ड दागमुक्त और संसाधनपूर्ण रहा हो।

    राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक

    सराहनीय सेवा पदकों के अलावा, छत्तीसगढ़ के डीजी जेल हिमांशु गुप्ता को ‘विशिष्ट सेवाओं’ के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा, जो पुलिस सेवा का सर्वोच्च सम्मान है।

  • गणतंत्र दिवस 2026: छत्तीसगढ़ के खाकी वीरों का सम्मान, डीजी हिमांशु गुप्ता समेत 25 अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक

    गणतंत्र दिवस 2026: छत्तीसगढ़ के खाकी वीरों का सम्मान, डीजी हिमांशु गुप्ता समेत 25 अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक


    रायपुर। गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर छत्तीसगढ़ पुलिस और जेल विभाग के लिए दोहरी खुशी की खबर सामने आई है। राज्य के 25 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक से नवाजा जाएगा। इनमें जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता का नाम प्रमुखता से शामिल है, जिन्हें ‘विशिष्ट सेवाओं’ के लिए सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य के 14 जांबाज पुलिसकर्मियों को वीरता पुरस्कार देने की भी घोषणा की गई है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और चुनौतीपूर्ण अभियानों में उनके अदम्य साहस का प्रमाण है।

    राज्यपाल प्रदान करेंगे सम्मान

    इन सभी सम्मानित अधिकारियों और कर्मियों को सोमवार, 26 जनवरी 2026 को रायपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका द्वारा राष्ट्रपति पदक प्रदान किए जाएंगे।

    प्रमुख सम्मान और नामचीन चेहरे

    केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, छत्तीसगढ़ के पुलिस बेड़े में इन नामों की धूम है विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक: * हिमांशु गुप्ता जेल सुधारों और लंबी विशिष्ट सेवा के लिए।सराहनीय सेवाओं के लिए पदक प्रमुख नाम ध्रुव गुप्ता आईजी अअवि पुलिस मुख्यालय। प्रशांत ठाकुर डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर।श्वेता राजमणी सेनानी, 19वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल छसबल जगदलपुर। रवि कुमार कुर्रे: एसपी कोरिया। कौशिल्या भट्ट निरीक्षक पुलिस मुख्यालय। रोहित कुमार झा: सहायक उपनिरीक्षक पुलिस मुख्यालय। कमलेश कुमार मिश्रा: निरीक्षक, विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय।

    14 जांबाजों को वीरता पुरस्कार

    इस वर्ष छत्तीसगढ़ के 14 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया जाना राज्य की सुरक्षा रणनीति के लिए बड़ी उपलब्धि है। ये पुरस्कार विशेष रूप से उन जवानों को दिए जा रहे हैं जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अद्वितीय शौर्य का प्रदर्शन किया है।

    गौरवशाली क्षण

    गणतंत्र दिवस पर मिलने वाले ये पदक न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण पर राष्ट्रीय मुहर हैं। विभाग में इस घोषणा के बाद उत्साह का माहौल है और इसे युवा पुलिसकर्मियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।

  • छत्तीसगढ़ 9 इनामी माओवादियों ने हथियार डाले, रायपुर रेंज नक्सलियों से मुक्त

    छत्तीसगढ़ 9 इनामी माओवादियों ने हथियार डाले, रायपुर रेंज नक्सलियों से मुक्त


    रायपुर। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को कुल 47 लाख रुपए के इनाम वाले 9 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही रायपुर पुलिस रेंज अब नक्सलियों की मौजूदगी से पूरी तरह मुक्त हो गई है। रायपुर रेंज के धमतरी और गरियाबंद जिलों तथा ओडिशा के नुआपड़ा जिले में सक्रिय सभी सूचीबद्ध कैडर या तो मारे गए हैं या सरेंडर कर चुके हैं। सरेंडर करने वाले माओवादी कैडरों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष हथियार भी सौंप दिए। आईजी अमरीश मिश्रा ने बताया कि आत्मसमर्पण के पीछे माओवादी विचारधारा से मोहभंग, जंगलों में जीवन की कठिनाइयां और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का बड़ा प्रभाव रहा। हालांकि बस्तर रेंज और राजनांदगांव के कुछ हिस्सों में अभी भी माओवादी गतिविधियां जारी हैं।

    इनामी माओवादियों का विवरण

    9 में से दो महिलाएं हैं। सीतानदी एरिया कमेटी की सचिव ज्योति उर्फ जैनी 28 और डिविजनल कमेटी सदस्य उषा उर्फ बलम्मा 45 पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था। बाकी छह कैडरों रामदास मरकाम 30 रोनी उर्फ उमा 25 निरंजन उर्फ पोडिया 25 सिंधु उर्फ सोमादी 25 पुनेम 18 पर 1 लाख रुपए का इनाम था।

    हथियारों की सौंपाई

    सरेंडर करने वाले माओवादियों ने दो इंसास राइफल, दो एसएलआर, एक कार्बाइन और एक मजल-लोडिंग बंदूक सहित कई हथियार पुलिस को सौंपे।

    छत्तीसगढ़ में बढ़ता आत्मसमर्पण

    इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में कुल 189 माओवादियों ने हथियार डाले हैं। 19 जनवरी को 45 लाख के इनाम वाले 9 माओवादियों ने गरियाबंद में सरेंडर किया था, जबकि 15 जनवरी को बीजापुर में 52 माओवादी 1.41 करोड़ से अधिक के इनाम ने आत्मसमर्पण किया। सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2025 में अब तक 1500 से अधिक माओवादियों ने हथियार डाले हैं।

  • बस्तर की आस्था पर प्रहार: मां दंतेश्वरी मंदिर में देर रात सेंधमारी, मुख्य द्वार का ताला तोड़ अंदर घुसे चोर

    बस्तर की आस्था पर प्रहार: मां दंतेश्वरी मंदिर में देर रात सेंधमारी, मुख्य द्वार का ताला तोड़ अंदर घुसे चोर


    जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग की अधिष्ठात्री देवी और लाखों लोगों की अटूट आस्था का केंद्र मां दंतेश्वरी मंदिर में चोरी की एक दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। 24 जनवरी की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मुख्य फाटक का ताला तोड़ दिया और भीतर प्रवेश कर गए। इस घटना ने न केवल मंदिर की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि पूरे बस्तर संभाग के श्रद्धालुओं में आक्रोश और शोक की लहर पैदा कर दी है।

    घटना का खुलासा शनिवार सुबह उस वक्त हुआ जब मंदिर के पुजारी और प्रबंधन समिति के सदस्य नित्य पूजन के लिए मंदिर पहुंचे। मुख्य द्वार को क्षतिग्रस्त और ताले टूटे देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह और आसपास के कमरों की स्थिति को देखते हुए प्राथमिक रूप से इसे चोरी का प्रयास माना जा रहा है, हालांकि चोरों ने मंदिर की पवित्रता को भारी ठेस पहुंचाई है।

    चोरी गई सामग्री को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट के सदस्य फिलहाल मां दंतेश्वरी के आभूषणों, मुकुट और दान पेटी की राशि का मिलान करने में जुटे हैं। मुख्य पुजारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि मंदिर में कई प्राचीन और बहुमूल्य सामग्रियां हैं, जिनका आकलन करने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि चोर अपने साथ क्या-क्या ले जाने में सफल रहे। पुलिस ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    बस्तर पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वाड की भी मदद ली जा रही है ताकि अपराधियों का सुराग लगाया जा सके। जगदलपुर के नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा गुस्सा है, क्योंकि मां दंतेश्वरी का मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। प्रशासन ने जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

  • रहस्यमयी मामला: बंद कमरे में था प्रेमी, खोजबीन के दौरान एक आवाज से हुआ बड़ा खुलासा

    रहस्यमयी मामला: बंद कमरे में था प्रेमी, खोजबीन के दौरान एक आवाज से हुआ बड़ा खुलासा

    नई दिल्ली। यूपी के कानपुर में चकेरी क्षेत्र के एक गांव में फिल्मी वाकया हुआ। शुक्रवार को प्रेमिका के बुलाने पर प्रेमी उसके घर पहुंच गया। कुछ देर बाद ही प्रेमिका की आंटी (चाची ) पहुंची और युवक की आवाज सुनकर दरवाजा खटखटाया। युवती ने दरवाजा नहीं खोला। अंदर प्रेमी को बक्से में बंद कर ताला लगा दिया। चाची ने उसके भाई-मां को फोन कर बुला लिया। तब भी दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस बुलाई गई। करीब 45 मिनट बाद युवती ने दरवाजा खोला। अंदर घुसा युवक गायब था। तलाश के बीच बक्से में छटपटा रहे युवक की आवाज निकल गई। पुलिस ने ताला खुलवाकर उसे निकाला तो प्रेमी की सांस फूल रही थी। उससे पूछताछ की जा रही है।
    पुलिस के मुताबिक युवती का इलाके में रहने वाले युवक से पिछले कुछ सालों से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। शुक्रवार सुबह युवती का बड़ा भाई ट्रैक्टर लेकर बाहर चला गया। उसकी मां फैक्ट्री में काम करने चली गई। इस बीच अकेले होने पर युवती ने फोन कर प्रेमी को घर बुला लिया। कुछ देर बाद ही पड़ोस में रहने वाली आंटी उसके घर पहुंची और बाहर से युवक की आवाज सुनकर दरवाजा खटखटाने लगीं।
    युवती ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद आंटी ने युवती के भाई और मां के साथ ही पुलिस को फोन कर बुलाया। कुछ देर बाद युवती का भाई घर पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में भाई ने भी दरवाजा खटखटाते हुए देर तक आवाज लगाई तो युवती ने दरवाजा खोला। परिजनों ने अंदर किसी युवक के आने की बात पूछी तो युवती ने इनकार कर दिया। घर में खोजने पर भी वह नहीं मिला।

    तब तक प्रेमी को बक्से में कैद हुए एक घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका था। अंदर वह छटपटाने लगा। उसकी सांस फूल रही थी। उसकी कराह बक्से के अंदर सुनाई दी तो चाची व भाई ने युवती से चाभी मांगी। वह चाभी न देने पर अड़ी थी। बमुश्किल उसने चाभी दी। खोलने पर अंदर बुरी तरह हांफता हुआ प्रेमी निकला। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

  • रायपुर में शब्दों का महाकुंभ: 'आदि से अनादि तक' थीम के साथ रायपुर साहित्य उत्सव 2026 शुरू

    रायपुर में शब्दों का महाकुंभ: 'आदि से अनादि तक' थीम के साथ रायपुर साहित्य उत्सव 2026 शुरू

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आज से देश भर के जाने-माने शब्द-साधकों और बुद्धिजीवियों के जमावड़े का केंद्र बन गई है। शुक्रवार को बसंत पंचमी के पावन और शुभ अवसर पर रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य आगाज हुआ। आदि से अनादि तक की बेहद गहरी और प्रासंगिक केंद्रीय थीम पर आधारित इस तीन दिवसीय साहित्यिक महाकुंभ का शुभारंभ अतिथियों द्वारा ज्ञान की देवी मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

    नया रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन के खुले और कलात्मक वातावरण में आयोजित यह महोत्सव अपनी ऐतिहासिकता और आधुनिकता के संगम के कारण पहले ही दिन चर्चा में आ गया है। 23 जनवरी से शुरू होकर 25 जनवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और देश की व्यापक साहित्यिक परंपराओं का अद्भुत मेल देखने को मिल रहा है। आयोजन स्थल की सजावट और साहित्यिक सत्रों की रूपरेखा ने राजधानी के साहित्यिक प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित किया है।

    इस तीन दिवसीय उत्सव की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देशभर से 120 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार दिग्गज कवि, मर्मज्ञ लेखक अनुभवी पत्रकार, प्रखर शिक्षाविद और चिंतक सहभागिता कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र के दौरान वक्ताओं ने आदि से अनादि तक विषय की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए कहा कि साहित्य ही वह सेतु है जो हमारी आदिम जड़ों को अनंत भविष्य से जोड़ता है।

    अगले दो दिनों तक पुरखौती मुक्तांगन के विभिन्न मंचों पर कविता पाठ, कहानी चर्चा, वैचारिक विमर्श छत्तीसगढ़ी साहित्य का भविष्य और पत्रकारिता की चुनौतियों जैसे विषयों पर गहन संवाद होगा। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के मंच न केवल स्थापित लेखकों को जगह देते हैं, बल्कि नए उभरते रचनाकारों को भी एक नई दृष्टि प्रदान करते हैं। वसंत की बयार के बीच शुरू हुए इस उत्सव ने रायपुर को साहित्यिक चेतना से सराबोर कर दिया है।

  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत माता के सच्चे सपूत थे : सीएम योगी..

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत माता के सच्चे सपूत थे : सीएम योगी..


    नई दिल्ली :लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर नेताजी सुभाष चौक हजरतगंज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि नेताजी भारत की आजादी का ऐसा नाम हैं जो प्रत्येक भारतीय के मन में सर्वोच्च सम्मान के साथ किसी भी विपरीत परिस्थिति में देशद्रोही तत्वों के सामने न झुकने का दृढ़ संकल्प उत्पन्न करता है भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी का नाम लेते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना स्वतः जाग्रत हो जाती है

    सीएम योगी ने कहा कि नेताजी ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी उनका आह्वान तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा भारत की आजादी का मंत्र बन गया उनका प्रत्येक शब्द स्वतंत्रता संग्राम का संदेश बन जाता था दिल्ली चलो का उद्घोष हर भारतीय को प्रेरित करता है उनका कदम कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा गीत आज भी भारतीय सेना के दीक्षांत समारोह में बड़ी शान से गाया जाता है नेताजी का योगदान महात्मा गांधी के नेतृत्व वाले आंदोलन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेताजी ने क्रांतिकारियों के सिरमौर के रूप में आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया भारत के अंदर और बाहर जाकर स्वतंत्रता के लिए जो संघर्ष किया वह अविस्मरणीय है जर्मनी जापान और अन्य देशों में जाकर उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया यह हमारे लिए प्रेरणा की गाथा है

    मुख्यमंत्री ने नेताजी के जीवन पर भी प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि नेताजी का जन्म 1897 में कटक में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार में हुआ बचपन में ही उन्हें उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन भेजा गया आईसीएस की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने अंग्रेजों की चाकरी करने से इनकार कर दिया और स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े उनका विराट व्यक्तित्व और देश के प्रति अमूल्य योगदान आज भी हम सबको प्रेरणा देता हैसीएम योगी ने कहा कि हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और उनके श्रीचरणों में प्रदेशवासियों की ओर से नमन करते हैं उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता और उनका आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रह