Category: State

  • सूरजकुंड मेले में झूला गिरा, इंस्पेक्टर की मौत, 11 पर्यटक जख्मी

    सूरजकुंड मेले में झूला गिरा, इंस्पेक्टर की मौत, 11 पर्यटक जख्मी


    फरीदाबाद।
    फरीदाबाद (Faridabad) में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले (International Surajkund Fair) में शनिवार को झूला गिरने से हरियाणा पुलिस (Haryana Police) के एक इंस्पेक्टर की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य पर्यटक घायल हो गए। घायलों में से नौ को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और तीन अन्य को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हरियाणा सरकार ने घटना की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। हादसे के बाद मेला स्थल को खाली करवा लिया गया है।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री तथा पर्यटन मंत्री ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। फरीदाबाद के जिला उपायुक्त से रविवार सुबह तक जांच रिपोर्ट मांग ली गई है। सूरजकुंड में शनिवार को एक के बाद एक दो हादसे हुए हैं।

    सूरजकुंड मेले में शनिवार व रविवार को अन्य दिनों के मुकाबले भारी भीड़ रहती है। आज शाम यहां गेट गिरने से एक बच्चा व एक युवा घायल हो गए। बताया जा रहा है गेट नंबर दो हिल रहा था। ऐसे में मेला प्रबंधन के कर्मचारी गेट को ठीक कर रहे थे। उन्होंने लोगों को उस तरफ जाने से रोका हुआ था। इस दौरान हवा के झोंके के साथ गेट गिर गया। वहां से गुजर रहे सेक्टर-28 निवासी सुमित मल्होत्रा घायल हो गए। उन्हें बादशाह खान अस्पताल लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इसमें एक बच्चे को भी मामूली चोट आई।

    अभी मेला आयोजक इस स्थिति को सामान्य कर ही रहे थे कि मेला परिसर में लगा तूफानी नामक झूला टूट गया। झूले में 18 लोग सवार थे। झूला टूटने से मेला परिसर में भगदड़ मच गई। इस हादसे में पुलिस कर्मचारियों सहित एक दर्जन लोग जख्मी हो गए। हादसे का शिकार हुए झूले की चेन पुरानी होने के कारण यह घटना हुई है। हादसे के बाद यहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस बल ने हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र को खाली करवा लिया।

    फरीदाबाद के उपायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि झूला टूटने की घटना में कुल 13 लोग घायल हुए हैं, जिसमें नौ लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि तीन लोगों का बादशाह खान सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। लोगों को बचाते हुए हरियाणा पुलिस के एक पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की जान चली गई, जो पलवल में तैनात थे और यहां मेला डयूटी पर आए हुए थे। झूला टूटने के बाद लोगों को बचाने के प्रयास में उनकी जान चली गई। इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। टूरिज्म विभाग द्वारा डेली इंस्पेक्शन रिपोर्ट बनाई जा रही थी। वेंडर की लापरवाही की जांच की जाएगी और दोषी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा।

    इस बीच हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि आज शाम 39वें सूरजकुण्ड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026 के दौरान झूला क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ। पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हमारी सबकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। सभी घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन की जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार पूरी तत्परता के साथ घायलों तथा उनके परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

  • उड़ान भरते ही विमान के इंजन में लगी आग… कोलकाता एयरपोर्ट पर करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग, बड़ा हादसा टला

    उड़ान भरते ही विमान के इंजन में लगी आग… कोलकाता एयरपोर्ट पर करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग, बड़ा हादसा टला


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल के कोलकाता एयरपोर्ट (Kolkata Airport) पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब तुर्की एयरलाइंस (Turkish Airlines) की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान (International Flight) को बीच में ही इमरजेंसी लैंडिंग (Emergency Landing) करानी पड़ी। काठमांडू से इस्तांबुल जा रहे इस विमान के दाहिने इंजन में आग लगने की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद पायलट ने कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचित किया। विमान में कुल 236 लोग सवार थे।


    इमरजेंसी लैंडिंग के बाद राहत की सांस

    एजेंसी के अनुसार, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग नेताजी सुभाषचंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NSCBI) पर बुधवार को दोपहर 2.49 बजे कराई गई। लैंडिंग के बाद सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं और अब विमान की सघन तकनीकी जांच की जा रही है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि विमान को एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया है और विमान की स्थिति का पता लगाने के लिए एक विस्तृत तकनीकी निरीक्षण चल रहा है।


    तकनीकी जांच से मालूम होगा, क्या था असल कारण

    NSCBI एयरपोर्ट के निदेशक ने पुष्टि की कि विमान की तकनीकी जांच जारी है, ताकि यह पता चल सके कि इंजन में वास्तव में आग लगी थी या यह केवल एक चेतावनी संकेत (warning alert) था। एविएशन सूत्रों के अनुसार, उड़ान के दौरान इंजन से जुड़ी किसी भी तरह की चेतावनी को गंभीरता से लिया जाता है और पायलट की सतर्कता की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।

    सतर्कता से बचा बड़ा खतरा
    इस घटना के बाद, अब यह तय किया जाएगा कि विमान की तकनीकी जांच के बाद इसे फिर से उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी या यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान की जाएगी। तुर्की एयरलाइंस की ओर से इस घटना पर अभी तक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, और इसके बारे में अधिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

  • Tamil Nadu में भाजपा को झटका… अन्नामलाई ने चुनाव से पहले प्रभारी पद से दिया इस्तीफा

    Tamil Nadu में भाजपा को झटका… अन्नामलाई ने चुनाव से पहले प्रभारी पद से दिया इस्तीफा


    चेन्नई।
    तमिलनाडु (Tamil Nadu:) की सियासत में बड़ी हलचल मच गई है। भाजपा (BJP) के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई (Annamalai) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने पिता की बिगड़ती सेहत का हवाला देते हुए तमिलनाडु के छह विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव प्रभारी पद से इस्तीफा (Resignation Post Election In-charge) लिया। अन्नामलाई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस निर्णय की जानकारी तमिलनाडु भाजपा नेतृत्व को दे दी है और उनकी स्थिति को समझते हुए वह इस समय अपने पिता के पास रहना चाहते हैं।

    अन्नामलाई ने कहा, “मेरे पिता डायलिसिस पर हैं और उनके इलाज और देखभाल का जिम्मा लेना मेरी प्राथमिकता है। इस कारण से मैं फिलहाल यात्रा करने की स्थिति में नहीं हूं। मैंने पार्टी नेतृत्व से अनुरोध किया है कि वे इन छह विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी किसी अन्य नेता को सौंप दें।”

    अन्नामलाई को जिन छह विधानसभा क्षेत्रों का चुनाव प्रभारी बनाया गया था, वे हैं – सिंगानल्लूर, विरुगमबाक्कम (चेन्नई), करैक्कुडी, श्रीवैकुंटम, मदुरै (दक्षिण), और पद्मनाभपुरम (कन्याकुमारी)। अन्नामलाई ने यह भी स्पष्ट किया कि वे भविष्य में पार्टी की किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि पार्टी उनके स्थान पर किसी अन्य नेता को नियुक्त कर सकती है।

    अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद राजनीतिक सियासत भी तेज हो गई। किल्लियूर के कांग्रेस विधायक राजेश कुमार ने इस फैसले पर तंज कसते हुए कहा, “उन्हें चुनावी बुखार चढ़ गया था, और इसीलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया। मुझे लगता है कि चुनावी हार के डर से ही उन्होंने यह कदम उठाया है।” उन्होंने कहा, “कन्याकुमारी में भाजपा का कमल नहीं खिलेगा, चाहे वे कोई भी कदम उठाएं।”

  • उमर अब्दुल्ला बोले- Ind vs Pak मैचों को युद्ध जैसा दिखाने की वजह से होते हैं विवाद

    उमर अब्दुल्ला बोले- Ind vs Pak मैचों को युद्ध जैसा दिखाने की वजह से होते हैं विवाद


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Chief Minister Omar Abdullah) ने मंगलवार को पाकिस्तान (Pakistan) के टी20 विश्व कप (T20 World Cup) से भारत (India) के खिलाफ मैच बहिष्कार को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने इसे खेल और राजनीति के जटिल रिश्ते का परिणाम बताया। उमर अब्दुल्ला के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच मैचों को अक्सर युद्ध की तरह पेश किया जाता है, जिससे खेल को राजनीति से जोड़ने की प्रवृत्ति और विवादों का कारण बनती है।

    अब्दुल्ला ने कहा, “भारत और पाकिस्तान के मैचों को हमेशा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। आप इसे कभी भी सामान्य मैच की तरह कवर नहीं करते।” उन्होंने कहा कि जब दूसरे देशों के खिलाफ मैच होते हैं, तो उस पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबलों को बेहद नाटकीय रूप से प्रस्तुत किया जाता है, जिससे ऐसे विवादों की स्थिति उत्पन्न होती है।

    इस बीच, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर वह 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। पाकिस्तान ने यह फैसला अपनी सरकार के निर्देश पर लिया है, लेकिन उसने औपचारिक रूप से इस बारे में ICC को कोई जानकारी नहीं दी है।


    प्रसारक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का खतरा

    सूत्रों के मुताबिक, अगर पाकिस्तान ने मैच का बहिष्कार किया, तो टूर्नामेंट के आधिकारिक प्रसारक जियोस्टार की ओर से कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, ICC पाकिस्तान का सालाना राजस्व हिस्सा (लगभग 3.5 करोड़ डॉलर) रोक सकता है। पीसीबी (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) के एक सूत्र ने बताया कि बोर्ड ने इस मामले पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से पहले कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली थी, लेकिन वे इसके गंभीर परिणामों के लिए तैयार हैं।

  • अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड…. CBI ने 'वीआईपी' पर दर्ज किया केस

    अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड…. CBI ने 'वीआईपी' पर दर्ज किया केस


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) के बहुचर्चित अंकिता भंडारी (Ankita Bhandari) हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) (Central Bureau of Investigation – CBI) ने कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका की जांच के लिए दिल्ली स्थित अपनी एससी-2 यूनिट में मामला दर्ज किया है। यह मुकदमा अज्ञात ‘वीआईपी’ पर दर्ज किया गया है, और अब सीबीआई इस हत्याकांड से जुड़ी सभी पुरानी जानकारियों की छानबीन करेगी।

    अंकिता भंडारी के माता-पिता ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी। अंकिता के पिता ने साफ तौर पर कहा था कि उनकी बेटी की हत्या एक ‘वीआईपी’ की वजह से हुई, जिसकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है। उनके आग्रह पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी। इसके बाद सीबीआई ने पुलिस से इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली और अब एक विशेष टीम देहरादून पहुंच चुकी है।


    सीबीआई का टेकओवर: अब पुलिस से जांच ली अपने हाथ में

    सीबीआई की विशेष टीम ने राज्य पुलिस से केस से जुड़े सभी दस्तावेज और साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए हैं। सीबीआई का मुख्य ध्यान इस समय पुलिस द्वारा की गई जांच और उससे जुड़े तथ्यों, विशेष रूप से कथित ‘वीआईपी’ की पहचान और भूमिका की जांच पर केंद्रित होगा।


    हत्याकांड की टाइमलाइन

    यह मामला 18 सितंबर 2022 को शुरू हुआ, जब ऋषिकेश स्थित वंतारा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम कर रही अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई। लगभग एक सप्ताह बाद, 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव चीला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिज़ॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।


    वायरल वीडियो और ऑडियो के बाद मामला फिर सुर्खियों में

    इस मामले ने उस समय और अधिक तूल पकड़ा, जब सोशल मीडिया पर कुछ कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप वायरल हो गए। इनमें ज्वालापुर से एक पूर्व भाजपा विधायक की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने एक ‘वीआईपी’ की संलिप्तता का उल्लेख किया था। इसके बाद राज्यभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए, और सीबीआई जांच की मांग जोर पकड़ने लगी। वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2026 को इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। अब सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने कथित ‘वीआईपी’ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, और जांच तेज कर दी है।

    अंकिता के माता-पिता इस वक्त सीबीआई से यह उम्मीद लगाए हुए हैं कि जांच में सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। परिवार का मानना है कि अब जब सीबीआई ने मामले को अपने हाथ में लिया है, तो इस केस में नई दिशा में जांच हो सकती है और तथ्यों की गहराई से छानबीन की जा सकती है। यह जांच इस हत्याकांड के बाकी रहस्यों को उजागर करने और न्याय की उम्मीदों को पंख देने का एक बड़ा कदम हो सकता है।

  • न्यायालय ने कहा केवल अदालत को है सजा देने का अधिकार पुलिस नहीं कर सकती एनकाउंटर

    न्यायालय ने कहा केवल अदालत को है सजा देने का अधिकार पुलिस नहीं कर सकती एनकाउंटर

    नई दिल्ली। प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की हाफ एनकाउंटर प्रथा पर गहरी चिंता और तीखी नाराजगी व्यक्त की है। न्यायालय ने इस मामले में प्रदेश के डीजीपी और गृह सचिव को तलब किया है और स्पष्ट जवाब देने को कहा है। हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के पैरों या शरीर के किसी अन्य हिस्से में गोली मारने के संबंध में कोई मौखिक या लिखित निर्देश दिए गए हैं।

    जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने यह आदेश मिर्जापुर के राजू उर्फ राजकुमार समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसी मुठभेड़ अब नियमित होती जा रही हैं और कथित तौर पर इसका उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करना या आरोपियों को सबक सिखाना हो सकता है।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस आरोपी के पैरों में गोली मारकर इसे मुठभेड़ बताती है और यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। न्यायालय ने कहा कि संविधान के अनुसार किसी भी व्यक्ति को सजा देने का अधिकार केवल अदालत के पास है पुलिस के पास नहीं है। कोर्ट ने चिंता जताई कि छोटे मोटे अपराधों जैसे चोरी के मामलों में भी पुलिस एनकाउंटर का सहारा ले रही है।

    कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसे निर्देश जारी किए गए और उनका पालन किया गया तो संबंधित जिले के पुलिस प्रमुख यानी SP SSP या कमिश्नर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट की अवमानना के लिए जिम्मेदार होंगे। इस स्थिति में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे निर्देश और प्रथाएं कानून व्यवस्था के नाम पर अनुचित और असंवैधानिक हैं।अदालत ने यह भी कहा कि हाफ एनकाउंटर प्रथा से न केवल आरोपी का जीवन खतरे में पड़ता है बल्कि यह पुलिस के प्रति आम जनता के विश्वास को भी प्रभावित करती है। न्यायालय ने डीजीपी और गृह सचिव से पूछा कि इस तरह के निर्देश किसी प्रकार से नीति या प्रशिक्षण का हिस्सा तो नहीं बन गए।

    हाईकोर्ट के आदेश के बाद यूपी पुलिस में हलचल मची है और सभी वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में लिखित रूप से स्पष्ट जवाब देने की तैयारी में हैं। पुलिस विभाग का कहना है कि कानून का पालन किया जाएगा और भविष्य में किसी भी प्रकार की असंवैधानिक कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।इस आदेश को पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका के बीच जवाबदेही और संवैधानिक अधिकारों की सीमा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • MP: इंदौर में दूषित पानी से एक और मरीज की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हुई

    MP: इंदौर में दूषित पानी से एक और मरीज की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हुई


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (​​Indore city) के भागीरथपुरा क्षेत्र (Bhagirathpura area) में दूषित पानी (Contaminated Water) पीने से फैली बीमारी के कारण शुक्रवार को एक और मरीज की मौत हो गई। इसके बाद क्षेत्र में दूषित पानी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।

    मृतक की पहचान 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, एकनाथ सूर्यवंशी को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद 29 दिसंबर 2025 को पहले शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उन्हें 3 जनवरी 2026 को बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया। यहां 4 जनवरी को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया। उनका इलाज करीब 30 दिनों तक चला, जिसमें वे 25 दिन से अधिक समय तक वेंटिलेटर पर रहे। गुरुवार शाम को परिजन अपनी सहमति से उन्हें डिस्चार्ज कराकर घर ले गए थे, जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई।

    डॉक्टरों के मुताबिक एकनाथ सूर्यवंशी की दोनों किडनियां फेल हो चुकी थीं, लिवर खराब था और बीमारी का असर हार्ट और ब्रेन तक पहुंच गया था। दूषित पानी के कारण ज्यादातर मरीजों में मल्टी ऑर्गन फेल्योर की स्थिति बनी।

    इंदौर में हुई इस मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा 31 पहुंच गया है। मृतकों में उर्मिला यादव (69), नंदलाल पाल (75), उमा कोरी (31), मंजूला (74), ताराबाई कोरी (60), गोमती रावत (50), सीमा प्रजापत (50) जीवन लाल बरेडे (80), अव्यान साहू (5 माह), शंकर भाया (70), संतोष बिगोलिया (72), अरविंद लिखर (40), गीताबाई (60), अशोक लाल पंवार (70), ओमप्रकाश शर्मा (69), हरकुंवर बाई (75), रामकली, सुमित्रा बाई (50), श्रवण खुपराव (81), हीरालाल (65), सुनीता वर्मा (49), कमला बाई (59), भगवानदास (64), शुभद्राबाई (78), हेमंत गायकवाड़ (51), विद्या बाई (82), बद्री प्रसाद (63), राजाराम बौरासी (75), खूबचंद (63), लक्ष्मी रजक (62) और एकनाथ सूर्यवंशी (75) शामिल हैं।

    इधर, भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। फिलहाल चार मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से तीन बॉम्बे हॉस्पिटल के आईसीयू में और एक अरविंदो हॉस्पिटल में इलाजरत है। इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब भी 24 घंटे संचालित है और दो एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। फिलहाल डायरिया के एक-दो हल्के मामले ही सामने आ रहे हैं, लेकिन हालात सुधरने के बावजूद क्षेत्र के रहवासी अब भी सहमे हुए हैं।

  • प्रेम बाईसा की मौत:सनातनी साध्वी को परेशान करने की साजिश, BJP विधायक का CBI जांच का समर्थन, राजनीति और आस्था दोनों में उठे सवाल

    प्रेम बाईसा की मौत:सनातनी साध्वी को परेशान करने की साजिश, BJP विधायक का CBI जांच का समर्थन, राजनीति और आस्था दोनों में उठे सवाल


    नई दिल्ली। कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल मचा दी है। अब इस मामले में बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने भी सीबीआई जांच की मांग का समर्थन किया है और कहा है कि भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह मांग जायज़ है।

    बालमुकुंद आचार्य का बयान
    जयपुर की हवा महल सीट से बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि वे आज ही राज्य के गृह राज्य मंत्री को पत्र सौंपेंगे और जांच की मांग को औपचारिक रूप देंगे।

    बालमुकुंद आचार्य ने यह भी कहा कि कुछ महीने पहले साध्वी के वीडियो और ब्लैकमेलिंग के मामले को भी इस जांच से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि यह पता लगाना जरूरी है कि सनातनी साध्वी को परेशान करने के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी।

    हालांकि  उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में राजस्थान पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। लेकिन अगर परिवार और भक्त संतुष्ट नहीं हैं, तो सीबीआई जांच पर विचार किया जाना चाहिए।

    राज्य के गृह राज्य मंत्री का बयान
    राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने जोधपुर में कहा कि साध्वी प्रेम बाईसा सनातन धर्म की प्रचारक थीं। उनकी मौत के बारे में कई तरह की बातें सामने आ रही हैं।
    परिवार का कहना है कि गलत इंजेक्शन लगाया गया, जबकि अस्पताल का दावा है कि वह मृत अवस्था में लाई गईं। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चाएँ तेज हैं।

    उन्होंने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं की जांच कर रही है और ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ किया जाएगा।
    उन्होंने यह भी कहा कि जांच निष्पक्ष, स्पष्ट और बिना किसी दबाव के होगी। परिवार की सहमति से पोस्टमार्टम भी किया गया है, लेकिन रिपोर्ट अभी उनके पास नहीं आई है।

    मामले की संवेदनशीलता
    साध्वी प्रेम बाईसा के भक्तों की आस्था उनके प्रति होना स्वाभाविक है। ऐसे में इस मामले में स्पष्टता और निष्पक्षता की मांग बढ़ रही हैपुलिस जांच के बाद ही इस मामले का असली सच सामने आएगा।

  • गाय का मांस बेचकर आप राम राज्य की स्थापना करेंगे, शंकराचार्य ने योगी सरकार को दिया 40 दिन का अल्टीमेटम

    गाय का मांस बेचकर आप राम राज्य की स्थापना करेंगे, शंकराचार्य ने योगी सरकार को दिया 40 दिन का अल्टीमेटम


    नई दिल्ली। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर सरकार गौ माता को राज्य माता घोषित नहीं करती है तो उसे छद्म हिंदू घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने गौ माता के मांस को भैंस का मांस बताकर बचाव किया, जो हिंदुत्व के खिलाफ है।

    शंकराचार्य ने कहा कि अब सरकार को हिंदू होने का प्रमाण देना होगा और वे 40 दिन में यह प्रमाण देने को कह रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “गाय का मांस बेचकर आप डॉलर से राम राज्य की स्थापना करेंगे,” और यदि 10 मार्च तक गौ माता को राज्य माता घोषित नहीं किया गया तो वे दिल्ली नहीं जाएंगे बल्कि लखनऊ में संत महंत आचार्य इकट्ठा करके आगे का निर्णय लेंगे।

    अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा कि हिंदू होने की पहली शर्त गो रक्षा है और सरकार को बताना होगा कि उन्होंने गौ सेवा के लिए क्या किया। उन्होंने यूपी सरकार को महाराष्ट्र और नेपाल से सीखने की नसीहत दी और कहा कि भारत से गौ मांस का निर्यात अधिकतर उत्तर प्रदेश से होता है।

    उन्होंने कहा कि 24 घंटे में उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण माँगा गया था, जिसे उन्होंने जवाब दिया और अब योगी सरकार को 40 दिन में हिंदू होने का प्रमाण देना होगा। शंकराचार्य ने साफ कहा कि अगर सरकार यह प्रमाण नहीं दे पाती तो उसे “कालनेमि”, “ढोंगी” और “छद्म हिंदू” कहा जाएगा।

  • वृंदावन में बांकेबिहारी मंदिर के पास शुरू होगी मल्टीलेवल कार पार्किंग, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत

    वृंदावन में बांकेबिहारी मंदिर के पास शुरू होगी मल्टीलेवल कार पार्किंग, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत


    नई दिल्ली। वृंदावन में बांकेबिहारी मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। मंदिर के पास लंबे समय से पार्किंग की समस्या बनी हुई थी, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। भीड़भाड़ वाले समय में मंदिर के आसपास वाहन खड़े करने की जगह न मिल पाने के कारण स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की ओर से मल्टीलेवल कार पार्किंग निर्माण की योजना बनाई गई थी।
    इस पार्किंग को तैयार कर लिया गया है, लेकिन रास्ते को लेकर कुछ विवाद चल रहा था।

    हाल ही में नगर निगम के अधिकारियों और प्रशासन ने इस विवाद को सुलझा लिया है। नगर आयुक्त ने स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पार्किंग को जल्द से जल्द चालू किया जाए। उन्होंने कहा कि यह पार्किंग श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सुविधा साबित होगी और मंदिर आने वाले लोगों को पार्किंग की समस्या से निजात मिलेगी।

    मल्टीलेवल कार पार्किंग से न केवल वाहन सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि मंदिर के आसपास ट्रैफिक जाम और भीड़-भाड़ को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि पार्किंग का संचालन शुरू होने के बाद, श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अधिक आरामदायक और सुरक्षित अनुभव मिलेगा। इससे पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि वृंदावन देशभर के श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है।

    नगर निगम ने बताया कि पार्किंग की क्षमता पर्याप्त है और इसे आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुसार बनाया गया है। पार्किंग में सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा गार्ड और व्यवस्थित वाहन प्रवेश एवं निकास व्यवस्था भी की गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि श्रद्धालुओं के वाहन सुरक्षित रहें और उन्हें पार्किंग की वजह से किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने भी पार्किंग के निर्माण का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे मंदिर के आसपास की सड़कें जाम नहीं होंगी और क्षेत्र में यातायात सुचारू रहेगा। साथ ही, यह पार्किंग आसपास के व्यवसाय और दुकानदारी के लिए भी फायदेमंद साबित होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर आधुनिक पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं का अनुभव बेहतर हो और भीड़-भाड़ और अव्यवस्था की समस्या से छुटकारा मिल सके। बांकेबिहारी मंदिर जैसी प्रमुख धार्मिक जगहों पर यह कदम काफी सकारात्मक माना जा रहा है।

    इस पार्किंग के चालू होने से न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि मंदिर आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए भी यह राहत का संकेत है। नगर निगम ने आश्वासन दिया है कि पार्किंग के संचालन और प्रबंधन को प्रभावी ढंग से किया जाएगा और समय-समय पर इसमें सुधार भी किया जाएगा।

    इस प्रकार, वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को अब बड़ी राहत मिलने वाली है। पार्किंग के चालू होने से मंदिर दर्शन में आसानी होगी और श्रद्धालु अपनी यात्रा का आनंद आराम से ले सकेंगे। यह कदम न केवल मंदिर प्रशासन, बल्कि पूरे शहर के लिए लाभकारी साबित होगा।