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  • Kerala: 10 माह की बच्ची ने 5 लोगों को दी नई जिंदगी… हादसे में मौत के बाद पैरेंट्स ने किया अंगदान

    Kerala: 10 माह की बच्ची ने 5 लोगों को दी नई जिंदगी… हादसे में मौत के बाद पैरेंट्स ने किया अंगदान


    तिरुवनंतपुरम।
    केरल (Kerala) से एक बेहद भावुक करने वाली कहानी सामने आई है। यहां पर हादसे में 10 महीने की एक बच्ची (10 Months Girl) बुरी तरह से घायल हो गई। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद उसके पैरेंट्स ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसके मुरीद प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister) समेत तमाम सेलेब्स भी हो गए हैं। बच्ची के माता-पिता ने उसका अंगदान करने का फैसला किया। उनके इस फैसले की बदौलत पांच लोगों को नई जिंदगी मिली है। इस बच्ची का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी भी मौजूद रहे।


    कौन थी आलिन शेरिन

    जिस बच्ची का अंगदान किया गया, उसका नाम आलिन शेरिन है। उसके माता-पिता का नाम अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन है। यह लोग केरल के पाथनमथिट्टा जिले के रहने वाले हैं। पांच फरवरी को आलिन अपनी मां और दादा-दादी के साथ यात्रा कर रही थी। इसी दौरान गलत दिशा से आ रही कार ने उनके वाहन में टक्कर मार दी। इस हादसे में आलिन को बेहद गंभीर चोटें आईं। वहीं, उसकी मां और दादा-दादी भी गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआत में आलिन को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए कोच्चि ले जाया गया। बहुत कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और डॉक्टरों ने 12 फरवरी को उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।


    बताया गया ग्रीन कॉरिडोर

    महज दस महीने की बेटी को खोकर आलिन के माता-पिता गहरे दुख में थे। लेकिन इसी दौरान उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जो नजीर बन गया। दोनों ने तय किया कि वह अपनी बच्ची का अंगदान करेंगे। इसके बाद हेल्थकेयर सिस्टम, पुलिस और आम लोगों ने गजब का तालमेल दिखाया। चूंकि सिविल एविएशन रूल्स के चलते रात में हेलिकॉप्टर ट्रांसफर संभव नहीं था। इसलिए केरल सरकार ने एंबुलेंस के जरिए अंगों को भेजने का फैसला किया। आनन-फानन में कोच्चि से तिरुवनंतपुरम के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।


    किसे दिए गए अंग

    इसके लिए कड़े ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए गए। पूरे रास्ते में मैनुअल सिग्नलिंग की व्यवस्था की गई। इसके जरिए 230 किलोमीटर की दूरी मात्र 3 घंटे और 20 मिनट में तय हुई। इसके बाद सुरक्षित तरीके सभी अंग गंतव्य तक पहुंचे। यहां पर एक निजी अस्पताल में छह साल की बच्ची को लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। वहीं, किडनी सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक 10 साल के बच्चे को लगाया गया। हार्ट वॉल्व तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज कैंपस को ट्रांसफर किया गया, जबकि कॉर्निया एक निजी अस्पताल के आई बैंक को डोनेट कर दिया गया।


    सबने की तारीफ

    महज 10 महीने की उम्र में बच्ची की दु:खद मौत और उसके माता-पिता द्वारा अंगदान के फैसले की केरल समेत तमाम जगहों पर तारीफ हुई। केरल के राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर ने कहाकि वह बच्ची के माता-पिता के इस फैसले बहुत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जिससे दूसरों को जीवन मिला है। अभिनेता कमल हासन ने भी पैरेंट्स को संबोधित एक भावुक संदेश लिखा। इस संदेश में उन्होंने लिखा कि बेबी आलिन पांच बच्चों को जिंदगी देकर गई है। अभिनेता मोहनलाल ने भी आलिन को लिटिल एंजेल कहा।

  • J&K में ‘म्यूल खातों’ के बढ़ते नेटवर्क का भंडाफोड़… राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में धन के दुरुपयोग की आशंका

    J&K में ‘म्यूल खातों’ के बढ़ते नेटवर्क का भंडाफोड़… राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में धन के दुरुपयोग की आशंका


    नई दिल्ली।
    सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में ‘म्यूल खातों’ (‘Mule Accounts’) के लगातार बढ़ते नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों को आशंका है कि इन खातों के माध्यम से भेजे गए धन का उपयोग अलगाववादी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों (Separatist and Anti-National Activities) के लिए किया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि तीन साल में इस क्षेत्र में 8,000 से अधिक संचालित ‘म्यूल खातों’ की पहचान की गई है। साथ ही इनसे लेन-देन रोक दिया गया है, जिससे धन शोधन के एक जटिल नेटवर्क का खुलासा हुआ है। उन्होंने इन खातों को साइबर अपराध श्रृंखला में ‘सबसे कमजोर, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण कड़ी’ बताया। क्योंकि इन खातों के बिना हेर-फेर किए गए पैसे का क्रिप्टोकरेंसी में बदलना और इसका पता लगाना असंभव होगा।


    एजेंसियों को भी हिदायत

    अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य कानून लागू करने वाली एजेंसियों को बैंकों के साथ परामर्श करने के लिए कहा है। ताकि ‘म्यूल खातों’ की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाया जा सके और ऐसी वित्तीय धोखाधड़ी को सुविधाजनक बनाने वाले बिचौलियों की पहचान की जा सके। अधिकारियों को संदेह है कि एनआईए द्वारा 2017 में जम्मू-कश्मीर में अवैध धन के प्रवाह पर की गई कार्रवाई के बाद, राष्ट्रविरोधी तत्व ‘डिजिटल हवाला’ के एक नए मॉडल की ओर रुख कर सकते हैं, जिसमें बिचौलियों द्वारा प्राप्त राशि का उपयोग देश के खिलाफ गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।


    ऐसे करता है काम

    आमतौर पर, ‘म्यूल खाते’ उपलब्ध कराने वाला बिचौलिया व्यक्ति न तो पीड़ितों से संपर्क करता है और न ही फर्जी लिंक भेजता है। इसके बजाय, उनकी भूमिका गुप्त लेकिन महत्वपूर्ण होती है। वे ऐसे खातों की निरंतर आपूर्ति की व्यवस्था और रख-रखाव करते हैं, जिनका उपयोग साइबर अपराधी अपनी पहचान उजागर किए बिना ठगी गए पैसे को प्राप्त पाने और ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। ये ‘म्यूल खाते’ अक्सर आम लोगों के होते हैं, जिन्हें कमीशन और न्यूनतम जोखिम के आश्वासन का लालच दिया जाता है। उन्हें यह कहकर अपने बैंक खातों का पूरा नियंत्रण, जिसमें नेट बैंकिंग विवरण भी शामिल हैं, सौंपने के लिए राजी किया जाता है कि इन खातों का उपयोग थोड़े समय के लिए किया जाएगा।


    बड़ी रकम की लेन-देन

    अक्सर एक ही साइबर अपराधी को एक समय में 10 से 30 म्यूल खाते उपलब्ध कराए जाते हैं। इतना ही नहीं कई मामलों में, बैंक खाते फर्जी कंपनियों के नाम पर खोले जाते हैं, ताकि एक ही दिन में 40 लाख रुपए जैसी बड़ी रकम का लेन-देन बिना किसी संदेह के करना संभव हो जाता है। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और अन्य कानून लागू करने वाली एजेंसियों का मानना है कि ‘म्यूल खाते’ उपलब्ध कराने वाले बिचौलिये सीधे तौर पर पीड़ित को शिकार नहीं बनाते, लेकिन कमीशन लेकर धन शोधन में अहम भूमिका निभाते हैं, जिसमें धोखाधड़ी से प्राप्त धन को तेजी से कई खातों में स्थानांतरित किया जाना और पकड़े जाने से बचने के लिए इसे छोटे-छोटे लेन-देन में विभाजित करना शामिल है।

  • ओडिशा में रिश्ते को शर्मसार करने वाला मामला… पिता ने ढाई साल के बेटे को 1 लाख रुपये में बेचा

    ओडिशा में रिश्ते को शर्मसार करने वाला मामला… पिता ने ढाई साल के बेटे को 1 लाख रुपये में बेचा


    भुवनेश्वर।
    ओडिशा पुलिस (Odisha Police) ने शनिवार को ढाई साल के एक बच्चे को बचाया, जिसे उसके पिता ने एक व्यक्ति को 1 लाख रुपये में बेच दिया था। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि आरोपी पिता और खरीदने वाले व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। नीलगिरी अधिसूचित क्षेत्र परिषद (Nilgiri Notified Area Council) के अंतर्गत बारिसाही गांव की यह घटना तब सामने आई, जब एक वायरल वीडियो (Viral Video) में पिता को संभावित खरीदार के साथ सौदेबाजी करते हुए दिखाया गया है। इसके बाद एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने नीलगिरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

    वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। नीलगिरी के उपमंडल पुलिस अधिकारी प्रमोद कुमार मलिक ने कहा, ‘बच्चे को चिमिनीभाटी क्षेत्र से बचाया गया और उसे बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया। आगे की जांच जारी है।’ उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में दो लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने पिता की पहचान पेशे से राजमिस्त्री राकेश कुमार बेहेरा उर्फ ​​कुआ के रूप में की है जिसने कथित तौर पर पहली किस्त के रूप में 50,000 रुपये प्राप्त किए थे।


    आरोपी ने क्या कहा

    राकेश कुमार बेहेरा ने आर्थिक तंगी को इस कदम का कारण बताया। उसने पत्रकारों को बताया, ‘हमारे चार बच्चे हैं और हमें उनका पालन-पोषण करने में कठिनाई हो रही है। एक परिचित व्यक्ति ने खरीदार का इंतजाम किया और मैंने बच्चे को उसे सौंप दिया।’ पुलिस सूत्रों के अनुसार, बेहेरा ने दो बार शादी की थी और जिस बच्चे को कथित तौर पर बेचा गया था वह उससे अलग रह रही उसकी दूसरी पत्नी का है।

    ओडिशा के गंजाम जिले में शनिवार को चोरी के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि यह घटना जिले के भंजनगर पुलिस थाना क्षेत्र के सरदुला गांव में हुई। मृतक की पहचान 37 वर्षीय बनधर प्रधान के रूप में हुई है, जो कंधमाल जिले के जी. उदयगिरि पुलिस थाना क्षेत्र के कुरुमिंगिया गांव का निवासी था। अपर पुलिस अधीक्षक रंजन कुमार डे ने बताया, ‘प्रधान को शनिवार तड़के बचाया गया और भंजनगर के उप-मंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।’ प्रधान और दो अन्य लोग सरदुला निवासी सुशांत गौड़ा के बंद घर में लूटपाट में शामिल थे। उसने बताया कि भागते समय प्रधान गिर गया और उसका पैर टूट गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने उसकी बिजली के खंभे से बांधकर पिटाई की।

  • अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद किया बड़ा ऐलान, बनाएंगे नई राजनीतिक पार्टी

    अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद किया बड़ा ऐलान, बनाएंगे नई राजनीतिक पार्टी

    नई दिल्ली। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने अब राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखने का बड़ा ऐलान किया है। 13 फरवरी 2026 को विजय एकादशी के शुभ अवसर पर वृंदावन में बांके बिहारी जी के दर्शन के बाद उन्होंने घोषणा की कि सनातनी समाज के साथ मिलकर वे नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। उनका कहना है कि यह पार्टी वर्तमान व्यवस्था से अलग अपनी पहचान के साथ काम करेगी।

    अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि उनका उद्देश्य सनातनी समाज को राजनीतिक रूप से एक मजबूत विकल्प देना है। उन्होंने कहा, “जिस तरह सम्मान के साथ अपना दल, निषाद पार्टी और राजभर पार्टी काम कर रही हैं, उसी तरह हम अपनी सनातनी पहचान के साथ राजनीतिक रूप से सक्रिय होंगे। इसके लिए हमें गठबंधन करना पड़े या अकेले चुनाव लड़ना पड़े, हम इसके लिए तैयार हैं।”

    उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही वे भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष नई पार्टी के लिए आवेदन करेंगे। उन्होंने सनातनी समाज के लोगों का आभार जताया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

    अलंकार अग्निहोत्री का यह कदम उनके इस्तीफे के बाद लगातार चर्चा में रहा। बीते महीने उन्होंने यूजीसी एक्ट और अन्य मुद्दों पर विरोध जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि उनका इस्तीफा तत्काल स्वीकार नहीं किया गया और उन्हें सस्पेंड कर जांच प्रक्रिया शुरू की गई थी।

    इस ऐलान के साथ ही अलंकार अग्निहोत्री राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय होने की ओर बढ़ चुके हैं और उनकी नई पार्टी आगामी चुनावों में सनातनी समाज के लिए राजनीतिक विकल्प के रूप में सामने आ सकती है।

  • महाराष्ट्रः मनसे नेता देशपांडे ने उद्धव गुट के पार्षदों पर लगाए गंभीर आरोप… बोले- एक-एक करोड़ में बिके

    महाराष्ट्रः मनसे नेता देशपांडे ने उद्धव गुट के पार्षदों पर लगाए गंभीर आरोप… बोले- एक-एक करोड़ में बिके


    मुम्बई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) में पंचायत और नगर निकाय चुनाव (Panchayat and Municipal Elections) अब खत्म हो चुके हैं। चुनावों के खत्म होने के बाद ठाकरे बंधुओं की पार्टियों के बीच में एक बार फिर से तनाव देखने को मिल रहा है। राज ठाकरे (Raj Thackeray) की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता संदीप देशपांडे ने गुरुवार को आरोप लगाया कि चंद्रपुर में शिवसेना (उबाठा) के पार्षदों ने महापौर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन करने के लिए एक-एक करोड़ रुपये प्राप्त किए। हालांकि, उद्धव गुट (Uddhav Group) और भाजपा की तरफ से इन आरोपों को खारिज कर दिया गया है।

    महाविकास आघाडी (एमवीए) गठबंधन में शामिल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) के बीच उस समय से तनातनी चल रही है जब कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बावजूद, शिवसेना (उबाठा) पार्षदों के समर्थन से चंद्रपुर नगर निगम में भाजपा प्रत्याशी महापौर चुन लिया गया।

    राज ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे की मुंबई इकाई के अध्यक्ष देशपांडे ने उद्धव गुट को आड़े हाथों लिया। कल्याण डोंबिवली स्थानीय निकाय में मनसे नेताओं द्वारा शिवसेना शिंदे गुट का समर्थन करने पर संजय राउत द्वारा की गई आलोचना का जिक्र कते हुए उन्होंने कहा कि जब शिवसेना (उबाठा) भाजपा का समर्थन करती है तो उसे सही आचरण माना जाता है लेकिन जब मनसे ऐसा करती है तो उसे गलत ठहराया जाता है। देशपांडे ने दावा किया, “चंद्रपुर में शिवसेना (उबाठा) के प्रत्येक पार्षद को एक करोड़ रुपये मिले, इसके अलावा अन्य प्रस्ताव भी दिए गए। एक निर्दलीय पार्षद को 50 लाख रुपये दिए गए।”

    मुंबई में हुए निकाय चुनाव में शिवसेना (उबाठा) और मनसे ने गठबंधन करके चुनाव लड़ा था लेकिन वे भाजपा-शिवसेना गठजोड़ को बृहन्मुंबई महानगरपालिका पर नियंत्रण हासिल करने से नहीं रोक सके। शिवसेना (उबाठा) के चंद्रपुर जिला अध्यक्ष संदीप गिरहे ने कहा कि यदि देशपांडे पार्षदों को धन मिलने के आरोप का प्रमाण पेश कर दें तो वह इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने स्थानीय कांग्रेस नेताओं पर शिवसेना (उबाठा) नेतृत्व का अपमान करने का भी आरोप लगाया।

    देशपांडे ने संजय राउत पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि चंद्रपुर में हुए घटनाक्रम के दौरान क्या उन्हें अंधेरे में रखा गया था या उन्होंने आंखों पर पट्टी बांध रखी थी। वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि देशपांडे के आरोपों को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा और यह शिवसेना (उबाठा) और मनसे के बीच बढ़ती दूरी को दर्शाता है। इसी बीच, संजय राउत ने बृहस्पतिवार को मुंबई में मनसे प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की। राउत ने संवाददाताओं से कहा कि चंद्रपुर में हुए घटनाक्रम के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है और उसे स्थानीय शिवसेना (उबाठा) पार्षदों के साथ अधिक गंभीरता से चर्चा करनी चाहिए थी।

  • दरगाह परिसर में महाशिवरात्रि पूजा और हिंदू रिवाज रोकने की गुहार …SC ने किया सुनवाई से इनकार

    दरगाह परिसर में महाशिवरात्रि पूजा और हिंदू रिवाज रोकने की गुहार …SC ने किया सुनवाई से इनकार


    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार (12 फरवरी) को कर्नाटक (Karnataka) स्थित अलंद लाडले मशाइक दरगाह (Aland Ladle Mashaikh Dargah) प्रबंधन की उस अर्जी पर सुनवाई करने से मना कर दिया जिसमें जिसमें दरगाह परिसर में हिंदू महाशिवरात्रि पूजा (Mahashivratri Puja) और दूसरे हिंदू रीति-रिवाजों पर रोक लगाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी।

    दरगाह मैनेजमेंट ने भारत के संविधान के आर्टिकल 32 के तहत अर्जी दी थी, जो उन पार्टियों को राहत के लिए सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने की इजाज़त देता है जिनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। दरगाह प्रबंधन याचिका में दावा किया था कि दरगाह के धार्मिक स्वरूप को बदलने के लिए हर साल रणनीतिक तरीके से पूजा की अनुमति लेने की कोशिश की जा रही है। प्रबंधन ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप कर दरगाह के मूल धार्मिक चरित्र को बनाए रखने की भी मांग की थी।

    हालांकि, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एससी शर्मा की पीठ ने कहा कि इस तरह के मामलों में पहले हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने भी टिप्पणी की थी कि हर मामला सीधे अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट लाना उचित नहीं है, क्योंकि इससे यह संदेश जाता है कि हाई कोर्ट प्रभावी नहीं हैं। जब कल चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची के सामने यह मामला आया, तो इस बेंच ने यह भी सवाल उठाया था कि पहले हाई कोर्ट जाने के बजाय आर्टिकल 32 की पिटीशन क्यों फाइल की गई।


    क्या है विवाद?

    यह विवाद उस दरगाह से जुड़ा है जो 14वीं सदी के सूफी संत हजरत शेख अलाउद्दीन अंसारी (लाडले मशाइक) और 15वीं सदी के हिंदू संत राघव चैतन्य से संबंधित मानी जाती है। दरगाह परिसर में राघव चैतन्य शिवलिंग नाम से पहचानी जाने वाली एक संरचना भी मौजूद बताई जाती है। ऐतिहासिक रूप से इस स्थल पर हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय पूजा-अर्चना करते रहे हैं, हालांकि 2022 में यहां पूजा अधिकार को लेकर तनाव की स्थिति बनी थी।


    पिछले साल हाई कोर्ट ने दी थी पूजा की इजाजत

    गौरतलब है कि कर्नाटक हाई कोर्ट ने 2025 में 15 हिंदू श्रद्धालुओं को महाशिवरात्रि पर पूजा की अनुमति दी थी, जो भारी सुरक्षा के बीच सम्पन्न हुई थी। इससे पहले भी कोर्ट के आदेश पर सीमित संख्या में पूजा कराई गई थी। दरगाह प्रबंधन का कहना था कि बार-बार अंतरिम आदेश लेकर धार्मिक स्थल के स्वरूप को बदलने की कोशिश की जा रही है, जो Places of Worship (Special Provisions) Act, 1991 के खिलाफ हो सकता है। इस कानून के तहत 15 अगस्त 1947 को किसी धार्मिक स्थल की जो स्थिति थी, उसे बनाए रखना जरूरी माना गया है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद इस मामले में आगे की कानूनी लड़ाई हाई कोर्ट में होने की संभावना जताई जा रही है। यह मामला धार्मिक अधिकार, ऐतिहासिक दावों और कानून के संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

  • Greater Noida में बड़े पैमाने पर चल रहा धर्मांतरण का खेल… हिन्दुओं को लालच देकर बनाया जा रहा ईसाई

    Greater Noida में बड़े पैमाने पर चल रहा धर्मांतरण का खेल… हिन्दुओं को लालच देकर बनाया जा रहा ईसाई


    ग्रेटर नोएडा।
    गौतम बुद्ध नगर जिले (Gautam Buddha Nagar District) में धर्मांतरण (Conversion.) के लिए लोगों को प्रलोभन देकर उकसाने का मामला पिछले पन्द्रह साल से चल रहा है। दादरी (Dadri) से इसकी शुरुआत हुई जो धीरे-धीरे कस्बे से निकलकर शहर की ओर बढ़ रहा है। हिंदू संगठनों का कहना है कि पुलिस इसमें कार्रवाई करती है लेकिन, इसकी जड़ तक नहीं पहुंच पाती। इससे यह मामला अब बड़े स्तर पर पहुंच गया है।


    15 साल से चल रहा धर्मांतरण का रैकेट

    दादरी कस्बे के गौतमपुरी मोहल्ले में करीब पन्द्रह साल पहले ईसाई धर्म के लोग दूसरे धर्म के लोगों को प्रलोभन देने के लिए रविवार को प्रार्थना सभा कराते थे। एक हिंदू संगठन से जुड़े पदाधिकारी ने बताया कि मोहल्ले में सार्वजनिक स्थल पर चोरी छिपे सभा आयोजित की जाती थी, लेकिन इस धर्मांतरण को लेकर लोग जागरुक नहीं थे। कोई विरोध भी नहीं करता था। एक लाख रुपये का प्रलोभन देकर धर्म के प्रति लोगों को उकसाया जाता था। उसे दौरान कुछ लोगों ने इसकी शिकायत भी की थी। पुलिस मौके पर पहुंचती थी। इसके बाद धर्म परिवर्तन कराने वाले लोग वहां से भाग जाते थे।


    सेक्टर डेल्टा दो में भी ऐसा मामला सामने आया था

    सेक्टर डेल्टा-2 में हिंदू परिवार की महिला को ईसाई धर्म अपनाने के लिए लालच देने पहुंचीं महिलाओं समेत चार के खिलाफ केस दर्ज किया गया। सभी आरोपी घर में हिंदू परिवार की महिला को धन का लालच देकर धर्मांतरण का दबाव बना रहे थे।

  • Rajasthan: दौसा में भीषण सड़क हादसा…. तेज रफ्तार कार ट्रेलर में घुसी, शादी से लौट रहे 6 दोस्तों की मौत

    Rajasthan: दौसा में भीषण सड़क हादसा…. तेज रफ्तार कार ट्रेलर में घुसी, शादी से लौट रहे 6 दोस्तों की मौत


    दौसा।
    राजस्थान के दौसा (Dausa, Rajasthan) में मंगलवार रात एक भयानक हादसा हो गया। एनएच-2 पर एक तेज रफ्तार कार (High Speed Car) ने नियंत्रण खोने के बाद ट्रेलर में टक्कर मार दी। भीषण हादसे में छह दोस्तों (Six Friends) की मौत हो गई। सभी एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे।

    हादसा जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर कैलाई गांव के पास रात करीब 11 बजे हुआ। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर सामने से आ रहे ट्रेलर में जा घुसी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रेलर में फंस गया और उसे क्रेन की मदद से बाहर निकालना पड़ा। कार में सवार सभी 6 युवक दौसा जिले के कालाखो गांव के रहने वाले थे। वे आभानेरी गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे।

    समारोह से लौटते समय जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर उनकी कार तेज गति में थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार अचानक अनियंत्रित हुई, डिवाइडर पार कर गई और दूसरी लेन में सामने से आ रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। कार में फंसे युवकों को बाहर निकालने के लिए क्रेन मंगवाई गई। कड़ी मशक्कत के बाद कार को ट्रेलर से अलग किया गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।


    चार की सिकंदरा अस्पताल में और दो की दौसा में मौत

    सिकंदरा अस्पताल में डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। दो अन्य गंभीर रूप से घायल युवकों को प्राथमिक उपचार के बाद दौसा जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से एक युवक ने दौसा में दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह हादसे में कुल छह युवकों की जान चली गई।


    23 से 26 साल के सभी दोस्त

    मृतकों की पहचान समय सिंह (25) पुत्र राम सिंह योगी, लोकेश (24) पुत्र गोवर्धन योगी, दिलखुश (24) पुत्र बनवारी योगी, मनीष (23) पुत्र हरिमोहन योगी, अंकित (26) पुत्र लालाराम बैरवा और नवीन (23) के रूप में हुई है।


    हादसे के बाद मचा कोहरा

    घटना के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई। एक साथ छह युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। देर रात ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच गए। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए गए।

  • असम के CM हिमंता के गोली चलाते वीडियो को कांग्रेस ने बताया नरसंहार का खुला आह्वान, कार्रवाई की मांग

    असम के CM हिमंता के गोली चलाते वीडियो को कांग्रेस ने बताया नरसंहार का खुला आह्वान, कार्रवाई की मांग


    नई दिल्ली।
    भाजपा (BJP) की असम इकाई (Assam Unit) द्वारा एक्स पर पोस्ट वीडियो को कांग्रेस (Congress) ने नरसंहार का खुला आह्वान बताया है। कांग्रेस ने दावा किया कि इसमें ‘अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्या’ दिखाई गई है, जो बेहद गंभीर है। साथ ही कहा कि न्यायपालिका को इसमें किसी भी तरह की नरमी बरते बिना कार्रवाई करनी चाहिए। अब हटाए जा चुके इस वीडियो में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) कथित तौर पर राइफल से दो लोगों पर निशाना साधकर गोली चलाते दिखाए गए थे। इनमें से एक व्यक्ति ने टोपी पहन रखी है, जबकि दूसरे की दाढ़ी है। वीडियो के कैप्शन में ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ लिखा गया था।

    कांग्रेस महासचिव ने क्या लिखा
    कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने इस मुद्दे पर भाजपा की कड़ी आलोचना करते हुए एक्स पर एक पोस्ट लिखी है। इसमें उन्होंने कहाकि भाजपा के एक आधिकारिक खाते से अल्पसंख्यकों की लक्षित और बहुत करीब से (पॉइंट ब्लैंक) हत्या दिखाने वाला वीडियो पोस्ट किया गया। यह नरसंहार का खुला आह्वान है-एक ऐसा सपना जिसे यह फासीवादी शासन दशकों से देखता रहा है। वेणुगोपाल ने कहा कि इसे सामान्य ‘ट्रोल’ सामग्री मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, बल्कि यह शीर्ष स्तर से फैलाया गया जहर है। इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से इसकी निंदा किये जाने या कोई कार्रवाई की उम्मीद नहीं है, लेकिन न्यायपालिका को जरूर कदम उठाना चाहिए और किसी तरह की नरमी नहीं बरतनी चाहिए।


    क्या अदालतें सो रही हैं

    कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री शर्मा को मुस्लिम पुरुषों पर गोली चलाते हुए दिखाने वाले वीडियो को केवल हटाना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहाकि यही असली भाजपा है। यह नफरत, जहर और हिंसा आपकी दी हुई है, मोदी। क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं? कांग्रेस की प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने भी एक्स पर कहाकि नरेन्द्र मोदी जी, आप ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करते हैं। लेकिन आपके नेता हिमंता बिस्वा सरमा का मुसलमानों को गोली मारते दिखाने वाला वीडियो भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक खाते से पोस्ट किया गया। उन्होंने कहाकि यह भारतीय संविधान पर हमला है। मुझे यह देखकर आश्चर्य होता है कि उच्चतम न्यायालय मूकदर्शक बना हुआ है। न्यायालय की चुप्पी और स्वतः संज्ञान न लेने से उसकी भूमिका पर सवाल उठते हैं।


    क्या बोलीं प्रियंका चतुर्वेदी

    शिवसेना (उबाठा) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहाकि भाजपा की असम इकाई के एक्स अकाउंट पर ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ शीर्षक से नफरत और लक्षित हिंसा से भरा वीडियो पोस्ट किया। विरोध के बाद इसे हटा दिया गया, लेकिन तब तक कई लोग इसे डाउनलोड कर आगे फैला चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ‘बेशर्मी’ से नफरत फैलाने वाले और राजनीतिक रूप से लक्षित करने के इस सबसे घृणित रूप को नजरअंदाज करेगा जो भाजपा के सामने असल में असहाय और बेकार है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी पोस्ट में कहाकि भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया है जो अल्पसंख्यकों की लक्षित, प्रत्यक्ष हत्या का महिमामंडन करता प्रतीत होता है।


    घृणित और परेशान करने वाला

    विपक्षी दल ने कहाकि यह बेहद घृणित और परेशान करने वाला है और इसे सामान्य ट्रोल सामग्री कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। यह सामूहिक हिंसा और नरसंहार का आह्वान है। इसमें कहा गया कि यह इस फासीवादी शासन के असली चेहरे का प्रतिबिंब है, जिसने दशकों से इस नफरत को पाला है और पिछले 11 वर्षों में इसे सामान्य बनाने की कोशिश की है। कांग्रेस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, समाज में अशांति और जहर फैलाने के इस कृत्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस ने एक अन्य पोस्ट में कहाकि नरेन्द्र मोदी ने अपने नेताओं को नफरत फैलाने की खुली छूट दे रखी है। भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से किया गया पोस्ट इसका सबूत है- जिसमें मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सरमा ‘पॉइंट-ब्लैंक’ पर अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं। ये बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है।

    इसमें आगे कहा गया है कि भाजपा सत्ता के लिए समाज में जहर घोल रही है, लोगों को हिंसा के लिए भड़का रही है। उसकी इस शर्मनाक करतूत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इससे पहले भी मोदी के लाडले हिमंता ने मुसलमानों के खिलाफ खुलेआम बयान देकर, उन्हें परेशान करने की बात कही थी। कांग्रेस ने कहाकि नफरत भाजपा के डीएनए में हैं। ऐसी विचारधारा देश के लिए जहर है, जिसे परोसने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

  • UP: आज राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होगा विधानसभा का बजट सत्र, पहले ही दिन लाए जाएंगे 11 विधेयक

    UP: आज राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होगा विधानसभा का बजट सत्र, पहले ही दिन लाए जाएंगे 11 विधेयक


    लखनऊ।
    यूपी विधानमंडल (UP Legislature) का बजट सत्र (Budget Session) सोमवार से शुरू हो रहा है। तय कार्यक्रम के मुताबिक बजट सत्र ((Budget Session) ) के लिए 20 फरवरी तक का कार्यक्रम जारी किया गया है। सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Governor Anandiben Patel) का अभिभाषण होगा। पहले दिन ही सदन में 11 विधेयक को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। विधानसभा का बजट सत्र हंगामी होने के आसार है। सपा और कांग्रेस ने सरकार को एसआईआर, प्रदेश की कानून व्यवस्था, केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका से किए जा रहे ट्रेड डील के मसले पर घेरने की तैयारी की है।


    यूपी सरकार का बजट 11 को

    विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार को 11 बजे शुरू होगा। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद अध्यादेशों, अधिसूचनाओं, नियमों आदि को सदन की पटल पर रखा जाएगा। मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही विधायक के निधन पर शोक बाद स्थगित हो जाएगी। इसके अगले दिन 11 फरवरी को यूपी सरकार का बजट आएगा।

    वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा बजट पढ़ा जाएगा। विधानसभा के बजट सत्र में विरोधी दलों ने जहां सरकार को घेरने की तैयारी की है, वहीं सरकार की ओर से जवाब देने के लिए पुरी तरह से मुस्तैद रहेगी। कुल मिलाकर बजट सत्र में जोरदार हंगामे के आसार हैं।

    उधर, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बजट सत्र से एक दिन पहले रविवार को विधायकों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा, अमेरिका के साथ ट्रेड डील से खेती किसानी पर संकट आएगा। सपा विधायक बजट सत्र में बढ़ती मंहगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी व अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे।


    एसआईआर का काम प्रभावित न हो : सीएम

    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विधायकों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में जुटे रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने रविवार को भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में कहा कि बजट सत्र के दौरान भी सभी विधायक अपना कार्यालय खोलें और एसआईआर का काम प्रभावित न होने दें। बैठक में दोनों उप मुख्यमंत्री, यूपी भाजपा के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और विधायकगण भी मौजूद रहे। ब्योरा P04

    सदस्यों को मौके देने के लिए देर शाम तक चलाएंगे सदन: सतीश महाना
    विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने दलीय नेताओं की बैठक में कहा है कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर देर शाम तक सदन की कार्यवाही संचालित की जाएगी, ताकि प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का अवसर मिल सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि पूर्व के इतिहास पर दृष्टि डाली जाए तो विगत चार वर्षों में इस विधानसभा में सर्वाधिक चर्चा हुई है। विधान सभा अध्यक्ष ने सभी दलों के नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने पक्ष को सदन में शालीनता एवं संसदीय मर्यादा के अंतर्गत रखें और प्रेमपूर्ण वातावरण में बहस करें।

    उन्होंने अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार पूर्व के सत्रों में सभी का सहयोग प्राप्त हुआ है, उसी प्रकार इस सत्र में भी सहयोग की आशा है। सतीश महाना की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।