Category: State

  • महाराष्ट्र के 15 नगर निगमों में महिला महापौर तय, BMC को लेकर सियासी घमासान

    महाराष्ट्र के 15 नगर निगमों में महिला महापौर तय, BMC को लेकर सियासी घमासान


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र की नगर निगम राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। राज्य के 29 नगर निगमों में से 15 नगर निगमों में महिला महापौर तय हो गई हैं। गुरुवार को मुंबई में शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसल की मौजूदगी में लॉटरी प्रणाली के जरिए महापौर पदों के लिए आरक्षण की घोषणा की गई। इस फैसले के साथ ही राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट ने विशेष रूप से बृहन्मुंबई महानगरपालिका को लेकर नियम बदलने का आरोप लगाया है।
    लॉटरी प्रक्रिया के तहत 29 नगर निगमों में से 16 महापौर पद अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। शेष 13 पद सामान्य वर्ग के लिए रखे गए हैं। महिला आरक्षण के 50 प्रतिशत नियम के तहत 15 नगर निगमों में महिला महापौर का चयन सुनिश्चित हुआ है। मुंबई नगर निगम में यह छठा अवसर होगा जब किसी महिला को महापौर बनने का मौका मिलेगा।

    हालांकि इस फैसले को लेकर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई है। पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि पिछले दो कार्यकालों में मुंबई के महापौर सामान्य वर्ग से चुने गए थे। ऐसे में इस बार OBC या ST वर्ग को अवसर मिलना चाहिए था। उनका आरोप है कि सरकार ने लॉटरी से ठीक पहले नियमों में बदलाव किया और इसकी जानकारी किसी भी राजनीतिक दल को नहीं दी गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया।विवाद केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। परभणी नगर निगम में भी महिला महापौर के आरक्षण को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उद्धव शिवसेना का कहना है कि वहां आरक्षण रोटेशन के सिद्धांत का पालन नहीं किया गया। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि यदि जरूरत पड़ी तो वह चुनाव आयोग और न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।

    लॉटरी के नतीजों के अनुसार ठाणे नगर निगम में महापौर पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। कल्याण डोंबिवली में अनुसूचित जनजाति वर्ग को यह पद मिलेगा। वहीं मुंबई पुणे नागपुर नासिक और पिंपरी चिंचवड़ जैसे बड़े शहरों में महापौर पद सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। चंद्रपुर नगर निगम में लगातार पांचवीं बार महिला महापौर चुनी जाएगी जो अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड माना जा रहा है।अब अगला चरण नामांकन प्रक्रिया का होगा। जल्द ही महापौर चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी। इसके बाद नगर निगम की विशेष बैठक में पार्षदों द्वारा मतदान के जरिए महापौर का चुनाव होगा। मतदान से पहले सभी राजनीतिक दल अपने पार्षदों को व्हिप जारी करेंगे। पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान करने पर पार्षद की सदस्यता रद्द किए जाने का प्रावधान है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण से स्थानीय राजनीति में महिला नेतृत्व को मजबूती मिलेगी। लेकिन आरक्षण रोटेशन और नियमों में बदलाव को लेकर उठे सवाल आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नया टकराव पैदा कर सकते हैं। खासकर BMC जैसे प्रभावशाली नगर निगम में यह मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है।

  • मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास

    मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास


    मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस के अवसर पर इन राज्यों के नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के ये राज्य न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध हैं, बल्कि देश की एकता और विविधता का भी सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने कामना की कि आने वाले वर्षों में ये राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करें और यहां के नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और उल्लास बना रहे।

    मेघालय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य भारत का गौरव है। पर्वतमालाओं से घिरा, हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर मेघालय अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघालय की सांस्कृतिक विविधता और पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवनशैली देश के अन्य हिस्सों के लिए प्रेरणास्रोत है।मणिपुर को लेकर उन्होंने कहा कि यह राज्य भारत के गहने के रूप में प्रसिद्ध है। मणिपुर की कला, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मणिपुर की पहचान उसकी अद्वितीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और सामाजिक समरसता से जुड़ी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य शांति, विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

    त्रिपुरा के संदर्भ में डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह राज्य माँ त्रिपुरसुंदरी की कृपा से अभिसिंचित है और अपने नैसर्गिक सौंदर्य के लिए सुविख्यात है। उन्होंने त्रिपुरा की सांस्कृतिक परंपराओं ऐतिहासिक धरोहरों और जनजीवन की सरलता को सराहा। मुख्यमंत्री के अनुसार, त्रिपुरा ने सीमित संसाधनों के बावजूद विकास और सामाजिक संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का भी उल्लेख किया और कहा कि बाबा महाकाल से यही मंगलकामना है कि प्रकृति की गोद में बसे ये तीनों राज्य निरंतर प्रगति करें। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्यों के समन्वय से पूर्वोत्तर भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आने वाला समय इन राज्यों के लिए और अधिक अवसर लेकर आएगा।

    राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मुख्यमंत्री के इस संदेश को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में क्षेत्रीय पहचान के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।स्थापना दिवस के अवसर पर मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सरकारी आयोजनों और जनउत्सव की तैयारियां की गई हैं। इन आयोजनों के माध्यम से राज्यों की विकास यात्रा, सांस्कृतिक धरोहर और भविष्य की योजनाओं को जनता के सामने रखा जा रहा है।

  • CG: बीजापुर में नक्सलियों ने की पूर्व सरपंच की हत्या, गांव में दहशत का माहौल

    CG: बीजापुर में नक्सलियों ने की पूर्व सरपंच की हत्या, गांव में दहशत का माहौल


    बीजापुर।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर जिले (Bijapur district) में खौफनाक घटना सामने आई है। यहां नक्सलियों (Naxalites) ने मंगलवार देर शाम को एक पूर्व सरपंच भीमा मडकम (Former Sarpanch Bhima Madkam) की निर्मम हत्या कर दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पूर्व सरपंच का बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार किया जायेगा।

    मिली जानकारी के अनुसार पामेड़ थाना क्षेत्र (Pamed police station area) के कावरगट्टा गांव में हथियारबंद नक्सलियों ने पूर्व सरपंच मडकम पर उस समय गोलियां चलायी, जब वह अपने खेत में काम कर रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक यह नक्सलियों के द्वारा की गई हत्या है। इस हत्या के बारे में पुलिस ने कल शाम पत्रकारों को बताया था लेकिन यह जानकारी नहीं दी कि नक्सलियों के द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया था। चश्मदीद ग्रामीण इस हत्या को नक्सलियों के द्वारा की गई हत्या बता रहे हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के समय खेत में कुछ अन्य ग्रामीण भी मौजूद थे। नक्सली अचानक वहां पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के भीमा मडकम को निशाना बनाया। गोली लगने के तुरंत बाद ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर घटनास्थल से फरार हो गए।

    पुलिस ने बताया कि पूर्व सरपंच मडकम उसी दिन दंतेवाड़ा जिले के बचेली से अपने गांव लौटे थे। गांव के नजदीक ही वह अपने खेतों पर काम कर रहे थे तभी नक्सलियों ने गोली मारकर उनकी जान ले ली। यह पहली बार नहीं है जब उन पर नक्सलियों ने हमला किया, इससे पहले भी वह एक हमले में चमत्कारिक रूप से बच गए थे। मृतक का शव कल देर शाम गांव तक लाया गया।

    इस घटना के बाद से गांव में भय और तनाव का माहौल है। इस हत्या के पीछे के ठोस कारणों का पता लगाया जा रहा है। पामेड़ थाने की पुलिस इस हत्याकांड की जांच करेगी। पुलिस के मुताबिक गांव के आसपास सुरक्षा कड़ी की गई है।

  • टिकट नहीं मिला तो बगावत की हद पार: NCP विधायक के दफ्तर के बाहर बेटे ने किया पेशाब महाराष्ट्र की सियासत गरमाई

    टिकट नहीं मिला तो बगावत की हद पार: NCP विधायक के दफ्तर के बाहर बेटे ने किया पेशाब महाराष्ट्र की सियासत गरमाई

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में जिला परिषद चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं लेकिन लातूर जिले से सामने आई एक घटना ने सियासी विरोध की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक और पूर्व मंत्री संजय बंसोडे के स्थानीय कार्यालय के बाहर एक युवक द्वारा खुलेआम पेशाब किए जाने की घटना ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी बल्कि आम जनता को भी हैरान कर दिया।
    यह पूरी घटना बुधवार 21 जनवरी की बताई जा रही है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।मामला लातूर जिले की उदगीर तहसील का है जहां आगामी जिला परिषद चुनावों के लिए टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया। जानकारी के अनुसार उदगीर के निदेबन क्षेत्र से जुड़े सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता मधुकर एकुरकेकर को 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनाव के लिए NCP की ओर से उम्मीदवार नहीं बनाया गया। इसी फैसले से नाराज होकर उनके बेटे नितिन एकुरकेकर ने विरोध का ऐसा तरीका अपनाया जिसने सबको चौंका दिया।

    बताया जा रहा है कि नितिन एकुरकेकर ने पार्टी नेतृत्व पर अन्याय का आरोप लगाते हुए NCP विधायक संजय बंसोडे के कार्यालय के बाहर पेशाब कर अपना आक्रोश जाहिर किया। यही नहीं उन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो खुद अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया। कुछ ही घंटों में यह वीडियो वायरल हो गया और देखते ही देखते राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा मच गया। हालांकि विवाद बढ़ता देख नितिन ने बाद में यह वीडियो अपने अकाउंट से हटा लिया।

    वीडियो सामने आने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी दो धड़ों में बंटी नजर आईं। बड़ी संख्या में लोगों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर की गई शर्मनाक और अशोभनीय हरकत बताया। उनका कहना है कि राजनीतिक असहमति जताने के कई संवैधानिक और सभ्य तरीके होते हैं लेकिन इस तरह का कृत्य न केवल व्यक्ति विशेष बल्कि पूरे राजनीतिक तंत्र की छवि को नुकसान पहुंचाता है। वहीं कुछ लोगों ने इसे पार्टी नेतृत्व के प्रति कार्यकर्ताओं की हताशा और गुस्से का प्रतीक बताया हालांकि उन्होंने भी इस तरीके का समर्थन नहीं किया।

    इस घटना ने NCP को भी असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर असंतोष की बातें पहले भी सामने आती रही हैं लेकिन इस तरह का सार्वजनिक और आपत्तिजनक विरोध पहली बार देखने को मिला है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं दलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती हैं और मतदाताओं के बीच गलत संदेश भी भेजती हैं।कुल मिलाकर लातूर की यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ते तनाव गुटबाजी और असंतोष की तस्वीर पेश करती है। सवाल यह है कि क्या राजनीतिक दल समय रहते अपने कार्यकर्ताओं की नाराजगी को संभाल पाएंगे या फिर आने वाले दिनों में सियासत का तापमान और चढ़ता नजर आएगा।

  • Delhi की इस कॉलोनी में 8 माह से जमा है गंदा पानी, नरकीय जीवन जीने को मजबूर लोग… भड़की कांग्रेस

    Delhi की इस कॉलोनी में 8 माह से जमा है गंदा पानी, नरकीय जीवन जीने को मजबूर लोग… भड़की कांग्रेस


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) की किराड़ी विधानसभा (Kirari Assembly) के शर्मा एन्क्लेव (Sharma Enclave) में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। पिछले आठ महीनों से कॉलोनी की गलियों में सीवर का गंदा पानी जमा है जिससे करीब ढाई हजार लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। निवासियों का कहना है कि अन्य इलाकों का गंदा पानी (Dirty water) यहां आकर जमा हो रहा है लेकिन निकासी के लिए सीवर लाइन नहीं है। कांग्रेस ने हालात बयां करता हुए VIDEO पोस्ट करते हुए दिल्ली सरकार पर जोरदार हमला बोला है।


    10 हजार लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर

    दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बुधवार को किराड़ी विधानसभा के शर्मा एन्क्लेव का दौरा किया। देवेंद्र यादव ने इलाके में भारी जलभराव और घरों के भीतर दूषित पानी जमा होने की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी की लापरवाही के कारण यहां के 10 हजार लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।


    पानी की निकासी पूरी तरह बंद

    दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि शर्मा एन्क्लेव के निवासियों की शिकायतें मिलने के बाद वह उनकी दयनीय स्थिति देखने आए हैं। आलम यह है कि कॉलोनी की हर गली प्रदूषित पानी से भरी हुई है। हैरानी की बात यह है कि लोग ऐसी खराब परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। इस कॉलोनी में पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई है।


    150 गलियों में 3 से 4 फीट पानी

    देवेंद्र यादव ने यह भी दावा किया कि कॉलोनी की लगभग 150 गलियों में 3 से 4 फीट पानी भरा होने से यहां की 10 हजार की आबादी प्रभावित है। कई घरों के अंदर पानी चला गया है। हालात इतने खराब हैं कि बहुत सारे लोग घर छोड़कर पलायन कर गए हैं। कुछ लोग बचे हैं जो बीमारियों का सामना कर रहे हैं। यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री और दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर तत्काल दखल देने की मांग की है।

    जमकर बरसे राहुल गांधी
    वहीं राहुल गांधी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सिस्टम सत्ता के सामने बिक चुका है। सब एक-दूसरे की पीठ थपथपाते हैं और मिलकर जनता को रौंदते हैं। लालच की महामारी फैल चुकी है, जिसका सबसे डरावना चेहरा शहरी सड़न है। हर आम भारतीय की जिंदगी आज नर्क की यातना बन गई है। हमारा समाज इसलिए मर रहा है क्योंकि हमने इस सड़न को न्यू नॉर्मल मान लिया है – सुन्न, निशब्द, बेपरवाह… जवाबदेही मांगो वरना सड़न हर दरवाजे तक पहुंचेगी।

  • बीजापुर: नक्सलियों ने की पूर्व सरपंच की बेरहमी से हत्या; इलाके में फैला खौफ, पुलिस ने शुरू की सर्चिंग

    बीजापुर: नक्सलियों ने की पूर्व सरपंच की बेरहमी से हत्या; इलाके में फैला खौफ, पुलिस ने शुरू की सर्चिंग


    बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार देर शाम नक्सलियों ने गंगालूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव के पूर्व सरपंच भीमा मडकम की धारदार हथियार से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। नक्सलियों ने इस वारदात को तब अंजाम दिया जब पूर्व सरपंच अपने घर पर थे।

    वारदात के पीछे मुखबिरी का शक

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नक्सलियों का एक छोटा दल गांव पहुँचा और भीमा मडकम को घर से उठाकर कुछ दूर ले गया। वहां नक्सलियों ने उन पर पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाते हुए बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद नक्सलियों ने घटनास्थल के पास पर्चे भी फेंके हैं, जिनमें ग्रामीणों को चेतावनी दी गई है।

    दहशत में ग्रामीण

    इस हत्याकांड के बाद पूरे गांव और आसपास के अंचल में दहशत का माहौल है। नक्सलियों की धमक के कारण ग्रामीण कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लिया।

    आज होगा अंतिम संस्कार

    भीमा मडकम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। बुधवार को पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा जिसके बाद गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।

    वारदात के मुख्य बिंदु:

    मृतक भीमा मडकम पूर्व सरपंच ।, समय: मंगलवार देर शाम। स्थान बीजापुर जिला गंगालूर क्षेत्र। वजह नक्सलियों द्वारा मुखबिरी का शक। वर्तमान स्थिति इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती और सर्चिंग जारी।

  • सीतानदी अभयारण्य में बिखरी जैव विविधता की छटा: शावकों संग अठखेलियां करते दिखे तेंदुए, दुर्लभ वीडियो ने मोह लिया मन

    सीतानदी अभयारण्य में बिखरी जैव विविधता की छटा: शावकों संग अठखेलियां करते दिखे तेंदुए, दुर्लभ वीडियो ने मोह लिया मन

    धमतरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित ‘सीतानदी अभयारण्य’ एक बार फिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध वन्य जीवन के कारण सुर्खियों में है। सोमवार को इस अभयारण्य क्षेत्र से वन्यजीवों के कुछ ऐसे दुर्लभ और मनोहारी वीडियो सामने आए हैं, जिन्होंने प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव विशेषज्ञों को उत्साहित कर दिया है। इन वीडियो में जंगल की गहराई में छिपी जैव विविधता की एक शानदार झलक देखने को मिल रही है, जहाँ वन्य प्राणी अपने प्राकृतिक आवास में बेखौफ विचरण करते नजर आ रहे हैं।

    तेंदुए के कुनबे ने खींचा सबका ध्यान सामने आए वीडियो में सबसे खास नजारा एक तेंदुए के परिवार का है। वीडियो में दो वयस्क तेंदुए अपने शावक के साथ दिखाई दे रहे हैं। शावक को अपनी माँ के साथ सुरक्षित माहौल में अठखेलियां करते देखना इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि सीतानदी का यह घना जंगल वन्यजीवों के प्रजनन और उनके वंश वृद्धि के लिए पूरी तरह अनुकूल है। तेंदुओं का इस तरह अपने परिवार के साथ दिखना दुर्लभ माना जाता है और यह क्षेत्र में बेहतर ईको-सिस्टम का संकेत देता है।

    स्वच्छंद विचरण करते वन्य जीव सोशल मीडिया और वन विभाग के गलियारों में चर्चा का विषय बने इन वीडियो में केवल तेंदुए ही नहीं, बल्कि जंगल के अन्य बाशिंदे भी अपने स्वाभाविक व्यवहार में नजर आ रहे हैं। कहीं कुछ वन्य प्राणी तेजी से जंगल की पगडंडियों को पार करते दिख रहे हैं, तो कहीं शांति से चरते हुए। कैमरों में कैद यह गतिविधियां बताती हैं कि मानवीय हस्तक्षेप कम होने और वन विभाग की मुस्तैदी के कारण यहाँ का वन्य जीवन सुरक्षित और खुशहाल है।

    पर्यटन और संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के वीडियो सामने आने से न केवल सीतानदी अभयारण्य के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में ईको-टूरिज्म को भी नया आयाम मिलेगा। जैव विविधता की यह झलक यह संदेश देती है कि यदि वनों को संरक्षित रखा जाए, तो लुप्तप्राय प्रजातियां भी फल-फूल सकती हैं। यह वीडियो वर्तमान में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता की एक छोटी सी लेकिन बेहद महत्वपूर्ण बानगी है।

  • बीजापुर में माओवादियों की साजिश का शिकार हुआ मासूम: IED विस्फोट की चपेट में आने से 20 वर्षीय आदिवासी युवक की मौत

    बीजापुर में माओवादियों की साजिश का शिकार हुआ मासूम: IED विस्फोट की चपेट में आने से 20 वर्षीय आदिवासी युवक की मौत


    बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में माओवादियों द्वारा बिछाए गए बारूदी जाल ने एक और मासूम ग्रामीण की जान ले ली है। जिले के कस्तुरीपाड गांव के पास हुए एक शक्तिशाली आईईडी IED विस्फोट में एक 20 वर्षीय आदिवासी युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर बस्तर के अंदरूनी इलाकों में ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माओवादियों द्वारा सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए लगाए गए ये विस्फोटक अब स्थानीय आदिवासियों के लिए काल बन रहे हैं।

    दैनिक कार्यों के दौरान हुआ हादसा पुलिस अधीक्षक एसपी कार्यालय से सोमवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना रविवार को घटित हुई। कस्तुरीपाड निवासी आयता कुहरामी 20 वर्ष अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए गांव के पास ही स्थित जंगली इलाके की ओर गया था। इसी दौरान रास्ते में माओवादियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए एक प्रेशर आईईडी पर उसका पैर पड़ गया। पैर पड़ते ही एक जबरदस्त धमाका हुआ, जिसकी चपेट में आने से आयता की मौके पर ही मौत हो गई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के पेड़ों को भी नुकसान पहुँचा है।

    इलाके में दहशत का माहौल इस घटना के बाद से कस्तुरीपाड और आसपास के गांवों में मातम और दहशत का माहौल व्याप्त है। मृतक आयता महज 20 वर्ष का था और अपने परिवार का सहारा था। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि माओवादी अक्सर सुरक्षाबलों को नुकसान पहुँचाने के लिए रास्तों और पगडंडियों पर विस्फोटक लगा देते हैं, लेकिन इनकी पहचान करना आम नागरिकों के लिए असंभव होता है। आए दिन होने वाले इन धमाकों के कारण अब ग्रामीण अपने ही खेतों और जंगलों में जाने से कतराने लगे हैं।

    पुलिस की अपील और सर्च ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षाबल मौके पर पहुँचे और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस प्रशासन ने इस कायराना हरकत की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगलों में अनजान रास्तों पर जाने से बचें और किसी भी संदिग्ध वस्तु दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। फिलहाल, इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है ताकि अन्य संभावित विस्फोटकों को समय रहते नष्ट किया जा सके।

  • धमतरी में ऑटोमेटिक ई-चालान का आतंक: 'उटपटांग' कट रहे चालानों से जनता त्रस्त, अब कलेक्टर करेंगे राहत की पहल

    धमतरी में ऑटोमेटिक ई-चालान का आतंक: 'उटपटांग' कट रहे चालानों से जनता त्रस्त, अब कलेक्टर करेंगे राहत की पहल

    धमतरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए लागू की गई हाईटेक ई-चालान प्रणाली अब आम जनता के लिए गले की फांस बन गई है। आरटीओ और यातायात विभाग द्वारा शुरू किए गए ऑटोमेटिक ऑनलाइन ई-चालान सिस्टम से वाहन चालक इस कदर परेशान हैं कि शिकायतों का अंबार लग गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब जिला प्रशासन ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करने के संकेत दिए हैं। लगातार मिल रही शिकायतों से खुद जिला कलेक्टर भी असहज महसूस कर रहे हैं और उन्होंने आम जनता को इस ‘तकनीकी प्रताड़ना’ से राहत दिलाने के लिए पहल शुरू कर दी है।

    तकनीक का अजीब व्यवहार और चालान की मार शहर के प्रमुख चौराहों पर लगाए गए हाईटेक कैमरे वाहन चालकों के लिए खौफ का कारण बन गए हैं। यह सिस्टम चलते वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन कर स्वतः ही चालान जनरेट कर देता है। वाहन चालकों का आरोप है कि यह प्रणाली कई बार बिना किसी ठोस यातायात उल्लंघन के ही भारी-भरकम चालान काट रही है। सोमवार को अपनी व्यथा सुनाते हुए कई चालकों ने बताया कि उन्हें ऐसे अपराधों के लिए उटपटांग चालान भेजे जा रहे हैं, जो उन्होंने किए ही नहीं। जब अचानक मोबाइल पर चालान का मैसेज पहुंचता है, तो वाहन चालक यह समझ ही नहीं पाते कि आखिर उनसे गलती कहाँ हुई।

    बढ़ता जन आक्रोश और प्रशासनिक सक्रियता बिना मानवीय हस्तक्षेप के कट रहे इन ऑनलाइन चालानों ने लोगों की जेब पर भारी बोझ डाल दिया है। कई मामलों में तो कैमरे की तकनीकी खराबी के कारण भी गलत चालान जारी होने की बात सामने आई है। रोजमर्रा के काम से घर से निकलने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह सिस्टम एक बड़ी मानसिक और आर्थिक परेशानी बन चुका है। कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुँच रही शिकायतों की बाढ़ ने प्रशासन को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

    कलेक्टर की पहल से जगी उम्मीद मामले की गंभीरता और जनता की नाराजगी को देखते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वे इस सिस्टम की समीक्षा करेंगे। शिकायतों के निवारण के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बनाने और गलत तरीके से कटे चालानों को रद्द करने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। कलेक्टर की इस सक्रियता से अब धमतरी की जनता को उम्मीद बंधी है कि उन्हें कैमरों की इस मनमानी से जल्द निजात मिलेगी और यातायात नियमों के नाम पर हो रही इस तकनीकी धांधली पर अंकुश लगेगा।

  • Bihar: RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक 25 जनवरी को, तेजस्वी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

    Bihar: RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक 25 जनवरी को, तेजस्वी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी


    पटना।
    राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) (Rashtriya Janata Dal – RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक (National Executive Important meeting) 25 जनवरी को पटना (Patna) में बुलाई गई है. यह बैठक पटना के एक बड़े होटल में आयोजित होगी, जिसमें पार्टी के भविष्य और संगठनात्मक बदलावों को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

    आरजेडी सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर विचार हो सकता है. अगर यह फैसला होता है तो तेजस्वी यादव को पार्टी के सभी बड़े और अहम निर्णय लेने का अधिकार मिल जाएगा।


    लालू यादव की उम्र और स्वास्थ्य बना वजह

    बताया जा रहा है कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है, ताकि संगठन की जिम्मेदारी युवा नेतृत्व के हाथों में सौंपी जा सके।


    चुनावी हार के बाद संगठन में बदलाव की तैयारी

    विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तेजस्वी यादव और उनकी टीम के फैसलों पर सवाल उठे थे. इसी पृष्ठभूमि में उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव सामने आया है, ताकि संगठन को नए सिरे से मजबूत किया जा सके।


    तेज प्रताप की वापसी की संभावना होगी खत्म

    अगर तेजस्वी यादव राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते हैं, तो पार्टी में तेज प्रताप यादव की वापसी की अटकलों पर भी विराम लग सकता है.


    सितंबर 2025 के बाद पहली बैठक

    सितंबर 2025 में आरजेडी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के बाद यह पहली बैठक होगी. बैठक की अध्यक्षता खुद लालू प्रसाद यादव करेंगे।


    करीब 200 नेता होंगे शामिल

    इस बैठक में 85 स्थायी सदस्यों को बुलाया गया है. इसके अलावा विशेष आमंत्रित सदस्यों को मिलाकर करीब 200 नेता राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होंगे. बिहार के अलावा दूसरे राज्यों से भी डेलीगेट्स के आने की संभावना है।