Category: State

  • भोपाल में बेकाबू कार का कहर: नशे में धुत चालक ने कई वाहनों को मारी टक्कर, पेड़ से टकराकर रुकी कार

    भोपाल में बेकाबू कार का कहर: नशे में धुत चालक ने कई वाहनों को मारी टक्कर, पेड़ से टकराकर रुकी कार




    भोपाल।
     भोपाल के टीटी नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर कई वाहनों को टक्कर मारती हुई आखिरकार एक पेड़ से जा टकराई। यह घटना नानके पेट्रोल पंप के पास दोपहर करीब 3:45 बजे की है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने कार चालक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार चालक नशे की हालत में था और लापरवाही से वाहन चला रहा था। पेड़ से टकराने से पहले कार ने दो से तीन अन्य वाहनों को टक्कर मारी, जिससे सड़क पर हड़कंप मच गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।

    घटना की सूचना मिलते ही टीटी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। पुलिस ने भीड़ से चालक को छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। आरोपी चालक की पहचान हरीश मालवीय के रूप में हुई है, जो एमपी 04 जेडए 2299 नंबर की कार चला रहा था।

    टीटी नगर थाना पुलिस के एसआई राघवेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि आरोपी चालक अत्यधिक नशे में था। वह नानके पेट्रोल पंप से जवाहर चौक की ओर जा रहा था, इसी दौरान उसने नियंत्रण खो दिया और रास्ते में खड़े व चल रहे दो से तीन वाहनों को टक्कर मार दी।

    इसके बाद उसकी कार सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

    पुलिस के अनुसार, इस घटना में करीब 6 से 7 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और किसी की हालत गंभीर नहीं है। अत्यधिक नशे में होने के कारण आरोपी चालक खुद के बारे में भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कार की रफ्तार और ज्यादा होती, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था। घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित रहा।

    फिलहाल पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ नशे में वाहन चलाने, लापरवाही से गाड़ी चलाने और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था या नहीं और वाहन की स्थिति क्या थी।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नशे की हालत में वाहन चलाना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि दूसरों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। इस घटना को लेकर इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

  • मेरे पिता का नाम नहीं मिटाया जा सकता, रितेश देशमुख ने रवींद्र चव्हाण की विवादित टिप्पणी पर किया करारा पलटवार

    मेरे पिता का नाम नहीं मिटाया जा सकता, रितेश देशमुख ने रवींद्र चव्हाण की विवादित टिप्पणी पर किया करारा पलटवार


    मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महाराष्ट्र इकाई अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बारे में विवादित टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में गर्माहट बढ़ा दी है। चव्हाण ने सोमवार को कहा था कि विलासराव देशमुख की यादें उनके गृह नगर लातूर से मिटा दी जाएंगी। इस बयान के बाद कांग्रेस और एनसीपी समेत कई दलों ने कड़ी आपत्ति जताई।

    इस विवाद पर रितेश देशमुख, जो कि विलासराव देशमुख के बेटे और बॉलीवुड अभिनेता हैं, ने मंगलवार को भावुक लेकिन स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक वीडियो बयान जारी करते हुए कहा, मैं हाथ जोड़कर कहना चाहता हूं कि जो लोग जनता के लिए जीते हैं, उनके नाम लोगों के दिलों में गहरी छाप छोड़ जाते हैं। लिखे हुए को मिटाया जा सकता है, लेकिन दिलों पर पड़ी गहरी छाप को नहीं मिटाया जा सकता।

    रितेश का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और उनके समर्थन में लोग सामने आए।

    विलासराव देशमुख महाराष्ट्र के कद्दावर नेताओं में से एक थे। उन्होंने लातूर से कई बार विधायक का चुनाव जीता, दो बार राज्य के मुख्यमंत्री पद पर कार्य किया और केंद्र सरकार में भी मंत्री रहे। उनके योगदान को महाराष्ट्र के विकास और प्रशासनिक स्थिरता के लिए याद किया जाता है। ऐसे में उनके नाम और विरासत को लेकर की गई टिप्पणी ने स्वाभाविक रूप से लोगों की भावनाओं को आहत किया।

    कांग्रेस ने रवींद्र चव्हाण के बयान की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यह सत्ता के अहंकार और दिवंगत नेता के योगदान को कमतर आंकने का प्रयास है। पार्टी ने कहा कि इस तरह के बयान राजनीतिक मर्यादाओं और देशमुख की विरासत के प्रति अज्ञानता को दर्शाते हैं।

    इसी विवाद में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) भी कूद पड़ी। पार्टी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक ने कहा कि दिवंगत नेताओं को लेकर नैतिक मर्यादा का पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा, “विलासराव देशमुख लातूर से कई बार चुनाव जीत चुके हैं, महाराष्ट्र के कई बार मुख्यमंत्री रहे और केंद्र में मंत्री भी। दिवंगत आत्माओं के बारे में बोलते समय मर्यादा बनाए रखना सभी के लिए जरूरी है।

    किसी के नाम या विरासत को मिटाने की बात करना उचित नहीं।

    इस पूरे विवाद ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर लोग रितेश देशमुख के समर्थन में आए और दिवंगत नेता के योगदान की सराहना कर रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना यह दर्शाती है कि नेता चाहे चले जाएं, लेकिन उनकी विरासत और कार्य आज भी लोगों के दिलों में जिंदा रहती है।

    रितेश देशमुख का यह बयान केवल एक बेटे की भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की भावना का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्होंने विलासराव देशमुख के नेतृत्व और कार्यों को नज़दीक से देखा और अनुभव किया। इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि राजनीति में बयान देते समय भाषा और मर्यादा का ध्यान रखना कितना आवश्यक है।

    फिलहाल, रवींद्र चव्हाण या बीजेपी की महाराष्ट्र इकाई की तरफ से कोई औपचारिक सफाई नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारे इस मामले पर लगातार चर्चा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद का राजनीतिक नतीजा क्या होता है और मर्यादा के विषय में कोई पहल की जाती है या नहीं।
  • Bihar: समस्तीपुर के पास डिरेल हुआ मालगाड़ी का टैंक वैगन…

    Bihar: समस्तीपुर के पास डिरेल हुआ मालगाड़ी का टैंक वैगन…


    समस्तीपुर।
    बिहार (Bihar) में मालगाड़ी (Freight Train) एक बार फिर बेपटरी हो गई। समस्तीपुर-खगड़िया रेलखंड (Samastipur-Khagaria railway section) पर रुसेराघाट रेलवे स्टेशन के समीप सोमवार की शाम मालगाड़ी का टैंक वैगन डिरेल (Tank Wagon Derailed) हो गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई, हालांकि किसी तरह की जान-माल की क्षति नहीं हुई। जानकारी के अनुसार मालगाड़ी समस्तीपुर से खगड़िया की ओर जा रही थी। घटना की सूचना मिलते ही रुसेराघाट स्टेशन के अधिकारियों ने समस्तीपुर रेल मंडल को अवगत कराया। इसके बाद समस्तीपुर से पहुंचे रेल अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टैंक वैगन के पहिये में तकनीकी खराबी आने के कारण यह हादसा हुआ। वैगन को दुरुस्त करने का कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया है, ताकि रेल परिचालन जल्द सामान्य किया जा सके। गड़बड़ी के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। मंडल के पीआरओ आरके सिंह ने बताया कि रुसेराघाट स्टेशन के समीप मालगाड़ी का टैंक वैगन डिरेल हुआ था।

    आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला में एक मालगाड़ी के आठ डिब्बों के पटरी से उतरने के कारण हावड़ा-पटना मार्ग पर रेल सेवाएं बाधित रहीं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यहां मालगाड़ी के आठ डिब्बों के पटरी से उतरने के कारण कई एक्सप्रेस और अन्य ट्रेन का समय पुनर्निर्धारित किया गया था। पूर्वी रेलवे के आसनसोल डिवीजन के अंतर्गत लाहाबोन और सिमुलतला रेलवे स्टेशन के बीच हुई दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

  • उत्तराखंड 99 क्विंटल राशन खराब होने के मामले में सरकार ने गठित की जांच कमेटी कोर्ट ने 18 फरवरी तक रिपोर्ट देने का दिया आदेश

    उत्तराखंड 99 क्विंटल राशन खराब होने के मामले में सरकार ने गठित की जांच कमेटी कोर्ट ने 18 फरवरी तक रिपोर्ट देने का दिया आदेश


    नई दिल्ली । उत्तराखंड हाई कोर्ट ने ऊधम सिंह नगर में 2021 में 99 क्विंटल अनाज के खराब होने के मामले में राज्य सरकार को तीन सदस्यीय जांच समिति गठित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने रिपोर्ट 18 फरवरी तक पेश करने का आदेश दिया है। याचिका में दोषियों से नुकसान की वसूली की मांग की गई थी। उत्तराखंड में राशन घोटाले पर हाई कोर्ट का हस्तक्षेप सरकार ने जांच कमेटी गठित की उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में 2021 में सस्ता गल्ला वितरण के दौरान 99 क्विंटल से अधिक अनाज के खराब होने के मामले पर अब उच्च न्यायालय ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
    इस मामले में राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। इस मामले में हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सरकार से इस घोटाले की जांच के लिए समिति गठित करने को कहा था जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया। अब राज्य सरकार को इस जांच कमेटी से रिपोर्ट 18 फरवरी से पहले पेश करने का निर्देश दिया गया है।

    99 क्विंटल राशन का हुआ था नुकसान

    2021 में ऊधम सिंह नगर जिले में सस्ता गल्ला योजना के तहत वितरित होने वाला 99 क्विंटल से अधिक अनाज रखरखाव के अभाव में खराब हो गया था। इस मामले में जिलाधिकारी ने दोषियों से नुकसान की वसूली का आदेश दिया था। हालांकि खाद्य आयुक्त ने इस आदेश को माफ कर दिया था जिसे लेकर हरिद्वार निवासी अभिजीत ने जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि यह घोटाला एक गंभीर मामला है और इसका सही तरीके से जांच होनी चाहिए। याचिका में कोर्ट से यह भी मांग की गई कि दोषियों से नुकसान की वसूली की जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए।

    सरकार ने गठित की तीन सदस्यीय जांच कमेटी

    उत्तराखंड सरकार ने अब इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है जो इस मामले की जांच करेगी। कोर्ट ने राज्य सरकार से 18 फरवरी तक जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।राज्य सरकार की तरफ से यह रिपोर्ट दायर की गई कि इस जांच कमेटी में राज्य के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है जो मामले की पूरी जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करेंगे।

    जनता की प्रतिक्रिया

    इस मामले को लेकर आम जनता में असंतोष देखा जा रहा है। लोग यह मानते हैं कि सस्ता गल्ला योजना के तहत जो अनाज गरीबों को मिलना था वह खराब हो गया और प्रशासन ने इस मामले में बहुत ही लापरवाही दिखाई। अब जनता का यह कहना है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और वसूली के आदेश को लागू किया जाए। उत्तराखंड सरकार को उम्मीद है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट से इस घोटाले का सच सामने आएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड: 20 जिलों में स्कूल बंद, भोपाल में समय बदला

    भोपाल में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड: 20 जिलों में स्कूल बंद, भोपाल में समय बदला


    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल में पिछले तीन दिनों से घना कोहरा और कड़ाके की ठंड का असर देखने को मिल रहा है। सोमवार सुबह 6 से 8 बजे के बीच विजिबिलिटी 20 से 50 मीटर तक ही रही, यानी कोहरा इतना घना था कि 20 मीटर दूर भी देख पाना मुश्किल था। इसी बीच, नन्हें बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। सुबह के समय स्कूल वैन और बसों द्वारा बच्चों को लेने के दौरान हादसे का खतरा भी बना रहा।
    कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की वजह से प्रदेश के 20 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। भोपाल ऐसा जिला है, जहां नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाओं की शुरुआत समय बदलकर सुबह 9.30 बजे कर दी गई, जबकि उच्च कक्षाओं (9वीं से 12वीं) के छात्रों को सामान्य समय पर स्कूल आना पड़ा।

    भोपाल में विशेष व्यवस्था
    भोपाल में नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल सोमवार से सुबह 9.30 बजे खुलेंगे। इसके पहले जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार ने आदेश जारी किया था।

    छोटे बच्चों के लिए टाइमिंग बढ़ाने का मकसद उन्हें ठिठुरते हुए स्कूल जाने से बचाना है। लेकिन 9वीं से 12वीं के छात्रों को घने कोहरे के बीच स्कूल पहुंचना पड़ा।

    अभिभावक मयंक लिमये ने कहा, पूरे प्रदेश में तेज सर्दी और कोहरा छाया हुआ है। कई जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं, लेकिन भोपाल में बच्चों को ठंड और कोहरे में स्कूल भेजा गया। यह असुरक्षा का सवाल है।

    हादसे का डर
    सुबह के समय घना कोहरा रहने के कारण स्कूल वैन और बसें घर से बच्चों को लेने गईं।

    अभिभावकों का डर है कि कोहरे में वाहन दुर्घटना हो सकती है। उनका कहना है कि जब तक विजिबिलिटी सामान्य नहीं होती, स्कूल बंद रखना चाहिए।
    प्रदेश के 20 जिलों में छुट्टी की सूची
    इंदौर: कक्षा 1 से 8 तक, तीन दिन की छुट्टी।
    उज्जैन: नर्सरी से 5वीं तक, एक दिन छुट्टी।
    मंदसौर: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन छुट्टी।
    शाजापुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।
    विदिशा: नर्सरी से 5वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।
    ग्वालियर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्टी, 7 जनवरी से स्कूल।
    अशोकनगर: 5 जनवरी को स्कूल व आंगनबाड़ी बंद।
    रायसेन: नर्सरी से 5वीं तक, 7 जनवरी तक छुट्टी।
    आगर-मालवा: कक्षा 1 से 8 तक, दो दिन अवकाश (आंगनबाड़ी भी बंद)।
    भिंड: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन अवकाश।
    टीकमगढ़: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्टी।
    हरदा: नर्सरी से 8वीं तक, सोमवार को अवकाश।
    नीमच: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्टी।
    रतलाम: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी दो दिन अवकाश।
    राजगढ़: कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में दो दिन अवकाश।
    मंडला: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी दो दिन अवकाश, आंगनबाड़ी बंद।
    जबलपुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी दो दिन अवकाश, आंगनबाड़ी बंद; परीक्षाएं यथावत।
    दमोह: प्री-प्राइमरी से 8वीं तक एक दिन अवकाश, आंगनबाड़ी बंद।
    डिंडौरी: नर्सरी से 5वीं, 5–6 जनवरी दो दिन अवकाश।
    नर्मदापुरम: 6–7 जनवरी कक्षा 8वीं तक छुट्टी।
    भोपाल में घने कोहरे और ठंड के बीच बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। जबकि अन्य जिलों में स्कूल पूरी तरह बंद किए गए हैं, राजधानी में केवल छोटे बच्चों के समय में बदलाव किया गया। अभिभावक और शिक्षक उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन भविष्य में मौसम की गंभीरता को देखते हुए और भी सावधानी बरते।
  • KKR विवाद के बाद BJP नेता संगीत सोम को बम से उड़ाने की धमकी, बंगाली भाषा में आया मैसेज

    KKR विवाद के बाद BJP नेता संगीत सोम को बम से उड़ाने की धमकी, बंगाली भाषा में आया मैसेज


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीजेपी नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम को 5 जनवरी 2026 को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी का मैसेज बंगाली भाषा में उनके व्हाट्सएप नंबर पर भेजा गया, और इसमें समाचार चैनल को भी उड़ाने की बात कही गई है। संगीत सोम ने तुरंत मेरठ पुलिस को इसकी जानकारी दी और व्हाट्सएप मैसेज तथा कॉल डिटेल की जानकारी भी दी। इस धमकी के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

    संगीत सोम जो बीजेपी के तेजतर्रार नेताओं में शुमार हैं हाल ही में आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेकर शाहरुख़ खान के खिलाफ बयानबाजी करने की वजह से चर्चा में थे। बीजेपी नेता ने शाहरुख़ खान पर आरोप लगाया था कि उन्होंने बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल करके देश के खिलाफ गद्दारी की है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी और बाद में KKR ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया था।

    शिकायत में क्या कहा गया

    संगीत सोम ने पुलिस को दिए गए अपनी शिकायत में बताया कि सुबह करीब 8 बजे उनके व्हाट्सएप पर एक बंगाली भाषा में धमकी भरा मैसेज आया। इस मैसेज में उन्हें और एक न्यूज चैनल को बम से उड़ाने की बात की गई। साथ ही फोन कॉल डिटेल भी पुलिस को भेजी गई ताकि आरोपी का पता लगाया जा सके।

    पुलिस का मानना है कि यह धमकी संभवतः संगीत सोम के हालिया बांग्लादेशी खिलाड़ी के खिलाफ बयान के बाद दी गई है। उन्होंने आईपीएल टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल करने पर शाहरुख़ खान को गद्दार करार दिया था। इसके बाद उनके समर्थकों में गुस्सा देखा जा रहा था और इसी बीच उन्हें धमकी मिल गई।

    क्या था KKR विवाद

    संगीत सोम ने आरोप लगाया था कि शाहरुख़ खान ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को अपनी आईपीएल टीम में शामिल करके भारतीय क्रिकेट का अपमान किया है। उन्होंने यह भी कहा था कि देश में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस और विरोध बढ़ा जिसके बाद KKR ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया था।

    इस बयानबाजी के बाद संगीत सोम के समर्थक और विरोधी दोनों ही सक्रिय हो गए थे। वहीं, इस विवाद के बाद उन्हें धमकी मिलने का मामला सामने आया है, जिससे यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है।

    पुलिस जांच की शुरुआत

    मेरठ पुलिस ने संगीत सोम की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह धमकी कैसे और क्यों दी गई इसका पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

    संगीत सोम का बयान

    संगीत सोम ने इस धमकी के बाद किसी भी प्रकार की चिंता जाहिर नहीं की है। उनका कहना है कि इस तरह की धमकियों से उन्हें डरने की जरूरत नहीं है और वे देश के हित में हमेशा अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास उन्हें डराने के बजाय और ज्यादा मजबूती से काम करने के लिए प्रेरित करते हैं।

    समर्थकों का गुस्सा
    संगीत सोम को मिली धमकी के बाद उनके समर्थकों में गुस्सा देखने को मिल रहा है। वे इसे उनके खिलाफ साजिश के रूप में देख रहे हैं और इसका विरोध कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों ने इस घटना की निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    अभी तक पुलिस की प्रतिक्रिया
    मेरठ पुलिस से अभी तक किसी आधिकारिक बयान की जानकारी नहीं मिली है लेकिन सूत्रों के मुताबिक पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। आरोपी की पहचान होने पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल वार्ड-31 की BJP पार्षद बृजला सचान को SDM का नोटिस, जाति प्रमाण पत्र पर जवाब तलब

    भोपाल वार्ड-31 की BJP पार्षद बृजला सचान को SDM का नोटिस, जाति प्रमाण पत्र पर जवाब तलब


    भोपाल। भोपाल नगर निगम के वार्ड-31 से भाजपा पार्षद बृजला सचान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। चुनाव के दौरान उपयोग किए गए जाति प्रमाण पत्र को लेकर दर्ज शिकायत पर टीटी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा ने पार्षद को नोटिस जारी किया है। नोटिस में 23 जनवरी तक जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय सीमा में जवाब नहीं देने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

    बृजला सचान को भोपाल की महापौर मालती राय की करीबी माना जाता है और वे कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके साथ नजर आती रही हैं।

    हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी राज सिंह को 1144 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। चुनाव में बृजला सचान को कुल 2722 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार राज सिंह को 1578 वोटों से संतोष करना पड़ा था।

    चुनाव परिणाम आने के बाद उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कोलार क्षेत्र के प्रियंका नगर निवासी शैलेष सेन ने पार्षद के निर्वाचन के दौरान प्रस्तुत जाति प्रमाण पत्र को संदिग्ध बताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की और अब एसडीएम द्वारा नोटिस जारी किया गया है।

    नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि 23 जनवरी को दोपहर 3 बजे पार्षद स्वयं या उनके द्वारा नियुक्त अधिवक्ता को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा।

    यदि निर्धारित समय पर न तो पार्षद और न ही उनका प्रतिनिधि उपस्थित होता है, तो प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर सकता है।

    इस मामले में यह भी सामने आया है कि इससे पहले भी पार्षद बृजला सचान को दो बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़कर पार्षद ने जीत हासिल की।

    वहीं, जब इस पूरे मामले पर पार्षद बृजला सचान से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने खुद को व्यस्त बताते हुए फिलहाल कोई स्पष्ट जवाब देने से बचती नजर आईं। अब सबकी नजरें 23 जनवरी की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां पार्षद के जवाब के बाद ही यह तय हो पाएगा कि आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल हॉस्पिटल कांड: युवक की मौत पर परिजनों का हंगामा, डॉक्टर नदारद, नर्स करती रही CPR

    भोपाल हॉस्पिटल कांड: युवक की मौत पर परिजनों का हंगामा, डॉक्टर नदारद, नर्स करती रही CPR




    भोपाल।
    भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र स्थित अक्षय अस्पताल में इलाज के दौरान 32 वर्षीय युवक की मौत के बाद शनिवार देर रात जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ की। इस बीच एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक नर्स मरीज को सीपीआर देकर रिवाइव करने की कोशिश करती दिख रही है, जबकि वार्ड में कोई डॉक्टर मौजूद नजर नहीं आ रहा। यही वीडियो परिजनों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया है।

    जानकारी के अनुसार, बरखेड़ी निवासी विशाल जोगी को इलाज के लिए अक्षय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार शाम से ही उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी थी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार अस्पताल स्टाफ से सीनियर डॉक्टर को बुलाने की मांग की, लेकिन लंबे समय तक कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा। देर रात विशाल की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

    मृत्यु से पहले का जो वीडियो सामने आया है, उसमें साफ देखा जा सकता है कि अस्पताल के बेड पर लेटे विशाल को एक नर्स सीपीआर देकर बचाने का प्रयास कर रही है। आसपास मौजूद परिजन रोते-बिलखते दिखाई दे रहे हैं और वीडियो बना रहा व्यक्ति अस्पताल में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी का आरोप लगा रहा है। परिजनों का कहना है कि गंभीर स्थिति में भी अस्पताल में सिर्फ नर्स ही मौजूद थी, जबकि डॉक्टर और अन्य स्टाफ नजर नहीं आए।

    वहीं, अस्पताल स्टाफ की ओर से इस मामले में अलग ही दावा किया गया है। स्टाफ का कहना है कि विशाल की हालत पहले से ही बेहद गंभीर थी और इसकी जानकारी परिजनों को समय रहते दे दी गई थी। डॉक्टरों ने मरीज को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत ज्यादा बिगड़ने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, मौत के बाद करीब 30 से ज्यादा लोग एक साथ अस्पताल में आ गए और हंगामा करने लगे।

    अस्पताल स्टाफ का यह भी कहना है कि परिजनों और उनके साथ आए लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की।

    गुस्साए लोगों ने अस्पताल के कांच, कुर्सियां, बोर्ड और अन्य सामान तोड़ दिए। हालात बेकाबू होते देख अस्पताल का स्टाफ और गार्ड अपनी जान बचाने के लिए मौके से निकल गए। स्टाफ के अनुसार, उस वक्त अस्पताल में सिर्फ नाइट ड्यूटी पर तैनात दो सफाई कर्मचारी ही मौजूद रह गए थे।

    हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस को बुलाया गया। हबीबगंज थाना पुलिस के अनुसार, मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच सवाल यह उठ रहा है कि गंभीर मरीज की हालत में डॉक्टरों की मौजूदगी क्यों नहीं दिखी और क्या इलाज में वास्तव में लापरवाही बरती गई। अब पूरे मामले पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

  • अटल आवासीय विद्यालय में कक्षा 6 और 9 के लिए प्रवेश शुरूऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 31 जनवरी तक

    अटल आवासीय विद्यालय में कक्षा 6 और 9 के लिए प्रवेश शुरूऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 31 जनवरी तक


    आगरा । आगरा के कोरई स्थित अटल आवासीय विद्यालय में आगामी सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह योजना प्रदेश सरकार की ओर से श्रमिक और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इच्छुक छात्र 31 जनवरी 2026 तक upbocw.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश परीक्षा 22 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगीजिसके परिणाम पर चयन किया जाएगा।
    इस प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी देते हुए उप श्रमायुक्त आगराश्री सियाराम ने बताया कि अटल आवासीय विद्यालय एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका मुख्य उद्देश्य श्रमिक वर्ग के बच्चों को शिक्षा का बेहतर अवसर प्रदान करना है। इस विद्यालय में छात्रों को सुरक्षित और अनुशासित वातावरण में पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
    इस योजना का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक समानता को प्रोत्साहित करना और बच्चों को सर्वश्रेष्ठ शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।आवेदन प्रक्रिया इच्छुक अभ्यर्थी को पहले upbocw.in पोर्टल पर जाकर अपना आवेदन पत्र भरना होगा। आवेदन पत्र भरने के बादअभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि पर प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की सुविधा भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
    पात्रता की शर्तें

    आवेदन करने वाले छात्रों का जन्म 2008 और 2010 के बीच होना चाहिए। अभ्यर्थी को प्रदेश के किसी भी क्षेत्र से होना चाहिए और वे श्रमिक या वंचित वर्ग से संबंधित होने चाहिए। कक्षा 6 और 9 में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले छात्रों का चयन प्रवेश परीक्षा के आधार पर किया जाएगा।अटल आवासीय विद्यालय का उद्देश्य न केवल बच्चों को बेहतर शिक्षा देना हैबल्कि उन्हें एक सुरक्षितसंरचित और अनुशासित माहौल में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करना है। यह योजना खासतौर पर उन बच्चों के लिए है जो शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर प्राप्त नहीं कर पाते हैं।जो छात्र इस अवसर का लाभ उठाना चाहते हैंवे जल्द से जल्द ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और आगामी प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार रहें।

  • अगर हम बोलने लगेंगे तो…' अजित पवार के हफ्ताखोरी वाले आरोप पर BJP प्रदेश अध्यक्ष का पलटवार

    अगर हम बोलने लगेंगे तो…' अजित पवार के हफ्ताखोरी वाले आरोप पर BJP प्रदेश अध्यक्ष का पलटवार


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में जैसे जैसे नगर निगम चुनाव सामने आ रहे हैं वैसे-वैसे राजनीतिक गठबंधन की जड़ें हिलती दिख रही है. ताजा बयान बाजी महायुति में शामिल एनसीपी की ओर से आया है. कोई और नहीं बल्कि खुद NCP अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने बीजेपी पर ही आरोप लगा दिए हैं.

    एनसीपी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने पुणे के पिंपरी चिंचवड़ इलाके में बीजेपी पर करप्शन और हफ्ताखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने कहा बीजेपी ने पिंपरी चिंचवड़ इलाके में जम कर पैसे लूटे. उन्होंने कहा कि बीजेपी हफ्ताखोरी करती है मेरे पास सबूत है. मुझ पर भी 70000 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया गया था और जिन्होंने आरोप लगाया मैं उन्हीं के साथ बैठा हूं. क्या वे सब आज मेरे साथ हैं या नहीं? मुझे बताओ…

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण की कड़ी प्रतिक्रिया
    अजीत पवार के आरोपों पर बीजेपी ने तुरंत पलटवार किया है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण ने कहा कि अगर बीजेपी बोलने लगी तो अजीत पवार मुश्किल में पड़ जाएंगे. उन्होंने कहा कि अजीत पवार को पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए. रविन्द्र चव्हाण ने आरोपों को चुनावी समय में दिया गया बयान बताया और इसे पूरी तरह अनुचित करार दिया.

    संबंधित एजेंसियों के पास जाना चाहिए था- रविन्द्र चव्हाण
    रविन्द्र चव्हाण ने कहा कि अजित पवार जैसा अनुभवी नेता अगर गंभीर आरोप लगाता है तो उसे मीडिया में बयानबाजी करने के बजाय संबंधित एजेंसियों के पास जाना चाहिए था. आईएएनएस के अनुसार उन्होंने कहा कि यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली पार्टी पर है. चव्हाण ने चेतावनी दी कि आरोप प्रत्यारोप की मर्यादा तय होनी चाहिए क्योंकि पलटवार हुआ तो अजीत पवार को ही ज्यादा परेशानी होगी.