उच्च शिक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया
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नारायणपुर महिला कॉलेज में पीएम-उषा फंड से बिना टेंडर के करोड़ों की खरीदी, प्राचार्य समेत पांच निलंबित
रायपुर । छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के महिला कॉलेज में पीएम-उषा फंड से बिना टेंडर के करोड़ों रुपये की खरीदी करने का मामला सामने आया है जिसे लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। इस वित्तीय अनियमितता और खरीदी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में कॉलेज के प्राचार्य और तीन सहायक प्राध्यापकों समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह मामला महासमुंद जिले के बाद सामने आया है, जहां भी इसी तरह की अनियमितताएं पाई गई थीं। अब नारायणपुर जिले में भी बिना निविदा टेंडर प्रक्रिया अपनाए पीएम-उषा फंड से खरीदी की गई है जिससे विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।क्या है पूरा मामलानारायणपुर जिले के नवीन वीरांगना रमोतिन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय में पीएम उषा फंड से खरीदी किए गए उपकरणों और सामग्रियों को लेकर सवाल उठ रहे थे। नियमों के अनुसार, जब सरकारी फंड से किसी प्रकार की खरीदारी होती है तो टेंडर प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होता है लेकिन इस मामले में यह प्रक्रिया पूरी तरह से नजरअंदाज की गई। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र कुमार पटेल और सहायक प्राध्यापकों भूषण जय गोयल, किशोर कुमार कोठारी, हरीश चंद बैद और नोहर राम को निलंबित कर दिया है। विभाग ने इन आरोपियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करने का फैसला किया है।उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि विभाग लगातार भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में कड़ी कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी फंड का सही उपयोग हो और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सभी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएं। यह मामला उन लाखों छात्रों और शिक्षकों के लिए एक बड़ा संदेश है जिनका भविष्य सरकारी योजनाओं और फंड्स पर निर्भर करता है। इसके अलावा इससे यह भी साबित होता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी तरह के गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। -

बिहार कांग्रेस चीफ राजेश राम का बड़ा बयान, हमारे विधायक पूरी तरह एकजुट, राजनीति में जो होता है वो कहीं नहीं जाता
नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मची है। हाल ही में बिहार कांग्रेस चीफ राजेश राम ने जेडीयू के दावों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि कांग्रेस के सभी छह विधायक पूरी तरह एकजुट हैं। जेडीयू ने दावा किया था कि कांग्रेस के कुछ विधायक एनडीए के संपर्क में हैं, लेकिन राजेश राम ने इसे पूरी तरह खारिज किया और राजनीति की बारीकियों पर भी अपनी राय रखी।विधायक एकजुट, जेडीयू के दावे पर सख्त प्रतिक्रिया
राजेश राम ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमारे जो छह विधायक हैं, वे सभी एकजुट हैं। राजनीति में जो की जाती है वह अक्सर छिपी रहती है और जो कही जाती है, उसका पता किसी को नहीं चलता। आप कह सकते हैं कि जेडीयू और बीजेपी के विधायक हमारे संपर्क में हैं, लेकिन यह सिर्फ अफवाहें हैं।वास्तविकता यह है कि मेरे विधायक पूरी तरह साथ हैं।”उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में बुलाई गई बैठक में सिर्फ तीन विधायक ही उपस्थित हुए थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अन्य विधायक अलग हैं। राजेश राम ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस संगठन मजबूत और एकजुट है और आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और भी स्पष्ट होगी।
राजनीति की बारीकियां: जो होता है वह कहीं नहीं जाता”
राजेश राम ने राजनीति की जटिलताओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “मैं लगातार दो टर्म में विधायक रहा हूं। लगातार यह चलता रहता है कि विधायक टूटने की बातें होती रहती हैं, लेकिन जो टूटने वाला होता है, उसका पता नहीं चलता। वोटों की चोरी या राजनीतिक चालाकियां इतनी सूक्ष्म होती हैं कि जनता को पता ही नहीं चलता।राजेश राम का यह बयान यह दर्शाता है कि कांग्रेस संगठनात्मक मजबूती और विधायक एकता पर पूरी तरह ध्यान दे रही है और किसी भी अफवाह या राजनीतिक दबाव से प्रभावित नहीं होगी।सीएम नीतीश कुमार की यात्रा पर तीखी टिप्पणी
राजेश राम ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की हालिया यात्रा पर भी टिप्पणी की और कहा, “इसका कोई मतलब नहीं है। बिहार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। ऐसे में यात्रा निकालने से कोई फायदा नहीं होगा। जनता परेशान है और उन्हें वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।”इस बयान से स्पष्ट होता है कि कांग्रेस का फोकस केवल राजनीतिक आरोपों या शोर-शराबे में फंसने पर नहीं है, बल्कि जनता और संगठन को मजबूत करने पर है।
खरमास के बाद नई सोच के साथ संगठन को मजबूत करेंगे
राजेश राम ने आगे कहा, “आज 12 बजे रात के बाद खरमास खत्म हो जाएगा। इसके बाद हम नई सोच के साथ पार्टी संगठन को मजबूत करेंगे। कई ऐसी योजनाएं और पहलें होंगी, जो पार्टी और जनता दोनों के बीच सकारात्मक प्रभाव डालेंगी।”इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस खरमास के बाद सक्रिय राजनीति में उतरने की तैयारी कर रही है। राजेश राम का जोर संगठन और विधायक एकता पर है, ताकि पार्टी आगामी चुनावों में मजबूत स्थिति में रहे।सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया
राजेश राम के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे कांग्रेस की मजबूती और ईमानदारी के संकेत के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे चुनावी रणनीति के तहत दिया गया बयान मान रहे हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राजेश राम का यह बयान बिहार की सियासत में कांग्रेस की स्थिति को स्पष्ट करने वाला है। उन्होंने साफ कर दिया कि पार्टी किसी भी तरह की राजनीतिक अफवाहों या जेडीयू के दावों से प्रभावित नहीं होगी।
कुल मिलाकर, राजेश राम का बयान यह साबित करता है कि कांग्रेस के विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और पार्टी संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में गंभीर है। खरमास खत्म होने के बाद पार्टी की नई पहल और रणनीति बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैराजनीतिक हलचल और बयानबाजी के बीच, राजेश राम ने साफ संदेश दिया है कि कांग्रेस संगठनात्मक मजबूती और विधायक एकता पर ही अपनी प्राथमिकता रखती है, और यह आने वाले चुनावों में उसका बड़ा फायदा साबित हो सकता है।
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मैं तुम्हें लात मारूंगा, UP और बिहार के लोगों को राज ठाकरे की चेतावनी; और क्या कहा
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश और बिहार के अप्रवासियों को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर महाराष्ट्र में रह रहे अन्य राज्यों के लोग स्थानीय भाषा हिंदी का सम्मान नहीं करेंगे, तो उन्हें ‘लात मारकर’ बाहर किया जाएगा। इस बयान के साथ ही राज ठाकरे ने भाषा संरक्षण और स्थानीय अधिकारों पर अपनी सख्त नीति को स्पष्ट किया। रविवार को उन्होंने अपने चचेरे भाई और शिवसेना के वरिष्ठ नेता उद्धव ठाकरे के साथ मिलकर मुंबई में एक रैली में हिस्सा लिया। ध्यान रहे कि बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव 15 जनवरी को होने जा रहे हैं, ऐसे में यह बयान चुनावी माहौल को और गर्मा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने अपने बयान को और तीखा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाले लोगों को यह समझना चाहिए कि हिंदी उनकी मातृभाषा नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मुझे किसी भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन अगर हिंदी को जबरन थोपा गया, तो मैं आपको लात मारकर बाहर कर दूंगा।”
राज ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि बाहर से आने वाले लोग हर दिशा से महाराष्ट्र में प्रवेश कर रहे हैं और यहां के स्थानीय लोगों का हक छीन रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर महाराष्ट्र की जमीन और भाषा दोनों हाथ से निकल गईं, तो यहां के मूल निवासियों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है और भाषा व पहचान का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है।
राज ठाकरे ने अपने संबोधन में भावनात्मक और सख्त लहजे में कहा कि यह चुनाव मराठी मानुष के लिए आखिरी मौका है। उन्होंने चेतावनी दी, “अगर आज भी मौका चूक गए, तो फिर खत्म हो जाओगे। मराठी और महाराष्ट्र के अस्तित्व के लिए अब एकजुट होने का समय है।” उन्होंने कहा कि मुंबई यूं ही नहीं मिली, इसके पीछे कई लोगों की कुर्बानियां हैं, और अगर आज चुप रहे तो आने वाली पीढ़ियों को क्या जवाब देंगे।
इसके साथ ही राज ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सुबह 6 बजे से तैनात बीएलए पूरी तरह तैयार, अलर्ट और चौकस रहें, किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई व्यक्ति दोबारा वोट डालने की कोशिश करता है, तो उसे तुरंत बाहर कर दिया जाए। यह बयान चुनावी माहौल में और अधिक तीखापन ले आया है और महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ा रहा है।
राज ठाकरे ने रैली में तीखे और भावनात्मक अंदाज़ में कहा कि यह चुनाव मराठी मानुष के अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा, “अगर अब भी मौका हाथ से निकल गया, तो फिर सब खत्म हो जाएगा। मराठी और महाराष्ट्र को बचाने के लिए आज एकजुट होना ही होगा।” उन्होंने याद दिलाया कि मुंबई किसी एक की नहीं, बल्कि बलिदानों से बनी है, और अगर आज आवाज़ नहीं उठाई गई तो आने वाली पीढ़ियों को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।
इसके साथ ही राज ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं को सख्त संदेश देते हुए कहा कि सुबह 6 बजे से तैनात बीएलए पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी पर रहें, पूरी तरह अलर्ट और चौकस रहें, किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर कोई व्यक्ति दोबारा वोट डालने की कोशिश करता है, तो उसे तुरंत बाहर किया जाए। राज ठाकरे के इस बयान ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है और महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है -

J&K: पाकिस्तान से सटे बॉर्डर इलाकों में उड़ते देखे गए संदिग्ध ड्रोन… सर्च ऑपरेशन जारी
जम्मू। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में इंटरनेशनल बॉर्डर (आईबी) (International Border – IB) और लाइन ऑफ कंट्रोल (Line of Control – LoC) के पास कई फॉरवर्ड इलाकों में रविवार शाम को सुरक्षा बलों ने संदिग्ध ड्रोन (Suspicious drone) की हलचल देखी। उन्होंने बताया कि सभी उड़ने वाली चीजें पाकिस्तान की तरफ से आई थीं, और कुछ मिनट तक भारतीय इलाके के ऊपर मंडराने के बाद वापस चली गईं।अधिकारियों के अनुसार, फॉरवर्ड इलाकों में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखने के बाद सुरक्षा बलों ने जमीन पर तलाशी अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि राजौरी में LoC के पास नौशेरा सेक्टर की रखवाली कर रहे सेना के जवानों ने शाम करीब 6.35 बजे गनिया-कलसियां गांव के ऊपर ड्रोन की हलचल देखने के बाद मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की।
राजौरी जिले के टेरियाथ के खब्बर गांव में शाम 6.35 बजे एक और ड्रोन देखा गया। अधिकारियों ने बताया कि चमकती रोशनी वाली यह उड़ने वाली चीज कालाकोट के धर्मसाल गांव की तरफ से आई और भरख की ओर चली गई। उन्होंने बताया कि सांबा के रामगढ़ सेक्टर में चक बबराल गांव के ऊपर शाम करीब 7.15 बजे चमकती रोशनी वाली ड्रोन जैसी एक चीज़ कई मिनट तक मंडराती हुई देखी गई। पुंछ जिले में LoC के पास मनकोट सेक्टर में शाम 6.25 बजे तैन की तरफ से टोपा की ओर एक और ड्रोन जैसी चीज जाती हुई देखी गई।
इससे पहले, शुक्रवार रात को, सुरक्षा बलों ने सांबा जिले में बॉर्डर के पास घगवाल के पालूरा गांव में पाकिस्तान से आए एक ड्रोन द्वारा गिराए गए हथियारों का जखीरा बरामद किया। उन्होंने बताया कि बरामदगी में दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल था। बता दें कि मई महीने में भी पाकिस्तान की ओर से कई ड्रोन भारतीय सीमा में आए थे। तब भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें नाकाम कर दिया था। भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था और चार दिनों तक दोनों देशों में बड़ा संघर्ष देखने को मिला। इसके बाद, फिर दोनों देशों के बीच सीजफायर का फैसला हो गया।
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पीएम मोदी बोले- सोमनाथ को तोड़ने वाले इतिहास के पन्नों में सिमट गए, मंदिर और भारत आज भी अडिग
गुजरात। गुजरात के सोमनाथ मंदिर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ऐतिहासिक और प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लगभग 1000 साल पहले जब आक्रमणकारियों ने सोमनाथ मंदिर को तोड़ने की कोशिश की थी, तब उन्हें लगा कि उन्होंने हिंदुस्तान की शक्ति को खत्म कर दिया, लेकिन आज वही मंदिर खड़ा है और उसकी ध्वजा गर्व से फहरा रही है। पीएम मोदी ने चेतावनी दी कि दुर्भाग्य से आज भी देश में ऐसी ताकतें मौजूद हैं, जो मंदिरों के पुनर्निर्माण और देश की एकता का विरोध करती हैं।मोदी ने याद दिलाया कि जब स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की शपथ ली, तब भी उन्हें रोकने की कोशिश हुई। 1951 में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के मंदिर में शामिल होने पर आपत्ति जताई थी। मोदी ने कहा कि देशवासियों को आज भी ऐसी ताकतों से सतर्क और एकजुट रहने की आवश्यकता है, जो देश को बांटने में लगी हैं।पीएम मोदी ने मंदिर में लगभग 30 मिनट तक पूजा-अर्चना की। उन्होंने शिवलिंग पर जल चढ़ाया, पंचामृत से अभिषेक किया और फूल अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने कहा कि 1026 में पहले आक्रमण के बाद गजनवी ने सोमनाथ का वजूद मिटाने की कोशिश की थी, लेकिन मंदिर फिर से पुनर्निर्मित हुआ।
इसके बाद खिलजी ने मंदिर को फिर तोड़ा, लेकिन जूनागढ़ के राजाओं ने इसे पुनः खड़ा किया। मोदी ने स्पष्ट किया कि न तो सोमनाथ नष्ट हुआ और न ही भारत।पीएम ने कहा कि आज जब सोमनाथ मंदिर के आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ और इसके पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे हो रहे हैं, तो यह हमें हमारे गौरवशाली इतिहास और आस्था की शक्ति की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि यहां 72 घंटे तक अनवरत ओमकार और मंत्रोच्चार चलता रहा और इस हजार साल की गाथा को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यह केवल समय और अनुभव ही संकलित कर सकता है।
सद्भावना ग्राउंड में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह अद्भुत समय और वातावरण है। समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज और भक्तों की उपस्थिति इस दिव्य उत्सव को और भव्य बना रही है। मोदी ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सेवा का अवसर मिला।
उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारत अपने गौरव को नई बुलंदियों तक ले जाएगा और गरीबी, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के खिलाफ लगातार लड़ाई जारी रखेगा।पीएम मोदी ने कहा कि जिस देश के पास अपनी विरासत होती है, वह उस पर गर्व करता है। लेकिन स्वतंत्रता के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उस विरासत को भूलने की कोशिश की। सोमनाथ मंदिर ने यह साबित कर दिया कि आस्था, साहस और विश्वास किसी भी आघात के सामने टिक सकते हैं।
सोमनाथ में पूजा-अर्चना और रैली के बाद पीएम मोदी ने रोड शो भी किया और लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने एकजुटता, स्वाभिमान और देशभक्ति का संदेश दोहराया।
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ग्वालियर समेत MP के 7 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, 20 जिले कोहरे की चपेट में; 3 दिन बाद फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड
नई दिल्ली! मध्यप्रदेश ठिठुर रहा है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में शीतलहर का असर महसूस हो रहा है। रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, प्रदेश के 20 से अधिक जिले सुबह कोहरे की चपेट में हैं।मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन तीन दिन बाद फिर से कड़ाके की ठंड शुरू होगी। रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना में सर्द हवाएं चलेंगी, जिससे दिन का तापमान भी सामान्य से कम रहेगा।
सुबह के समय ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रायसेन, शाजापुर, देवास, सीहोर, गुना, अशोकनगर और विदिशा में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा।
सबसे ठंडा पचमढ़ी, पारा 5.8 डिग्री
शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, यहां तापमान 7 डिग्री तक गिरा।20 से अधिक जिलों में कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित हुई।भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी, खजुराहो, नौगांव, मंडला, उमरिया, रीवा, राजगढ़, रायसेन, दतिया, मलाजखंड, दमोह, सतना, छिंदवाड़ा, खंडवा, सीधी, खरगोन और टीकमगढ़ में तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बढ़ेगी ठंड
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले दो दिन ठंड और कोहरे का असर जारी रहेगा। यह सिस्टम आगे बढ़ने के बाद तापमान में गिरावट और तेज ठंड ला सकता है। वर्तमान में उत्तर-पश्चिम भारत पर समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम हवाएं 252 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से बह रही हैं, जिसका असर मध्यप्रदेश पर भी देखा जा रहा है।कोहरे से ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित
दिल्ली से प्रदेश में आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग कोहरा के कारण प्रभावित हो रही है। खासकर मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल और जन शताब्दी जैसी ट्रेनें लगातार लेट हो रही हैं। मालवा एक्सप्रेस भोपाल में 5 से 6 घंटे तक देरी से पहुंच रही है।जनवरी में कड़ाके की ठंड का रिकॉर्ड
इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी के रिकॉर्ड टूटे हैं। जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। भोपाल में इस साल ठंड ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर और जनवरी में प्रदेश में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट आती है।एमपी के बड़े शहरों में ठंड का ट्रेंड
भोपाल में जनवरी में रात का तापमान 0.6 डिग्री तक पहुंच चुका है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और भोपाल में दिन में भी ठंड का असर रहता है। पिछले 10 साल के आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर और जनवरी में सर्द हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड और कोहरा सामान्य है। -

‘भारत रत्न नीतीश कुमार’ केसी त्यागी की मांग पर जीतन राम मांझी ने जताया समर्थन
नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग चर्चा का विषय बन गई है। जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि समाजवादी आंदोलन के बचे अनमोल रत्न नीतीश कुमार इस सर्वोच्च सम्मान के योग्य हैं। त्यागी ने पत्र में लिखा कि नीतीश कुमार ने समाज सेवा, किसानों और हाशिए पर गए लोगों को संगठित करने में अनमोल योगदान दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से निवेदन किया कि करोड़ों लोगों की उम्मीदों को देखते हुए नीतीश कुमार को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए, ताकि उनके योगदान का इतिहास लंबे समय तक सराहा जाए।हमें पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने फैसले से सबको चौंकाते हुए बिहार के मुख्यमंत्री को भारत रत्न से नवाजेंगे।” उन्होंने कहा कि यह सम्मान नीतीश कुमार के जीवन और राजनीति में किए गए योगदान को सही मायने में दर्शाएगा।विशेषज्ञों का कहना है कि नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग कोई नई बात नहीं है। पहले भी कई नेताओं और समर्थकों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। उनका मानना है कि नीतीश कुमार के लंबे समय तक किए गए समाजसेवी और राजनीतिक प्रयासों को देखते हुए यह सम्मान उनके व्यक्तित्व और योगदान का सही मूल्यांकन होगा।
नीतीश कुमार की सादगी, समाज सेवा और समाजवादी आंदोलन में योगदान को देखकर समर्थक मानते हैं कि भारत रत्न उनके लिए उचित और न्यायसंगत सम्मान होगा। केसी त्यागी और जीतन राम मांझी की यह पहल दिखाती है कि बिहार में उनकी लोकप्रियता और उनके योगदान की राजनीतिक पार्टियों और नेताओं के बीच भी सराहना की जाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रस्ताव पर विचार कर सकते हैं और नीतीश कुमार को देश का सर्वोच्च सम्मान देने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। इस मांग से न केवल राजनीतिक समर्थन दिखता है, बल्कि जनता के बीच नीतीश कुमार की छवि और योगदान भी मजबूत होता है।
अंततः, केसी त्यागी की पहल और जीतन राम मांझी का समर्थन नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की दिशा में एक मजबूत संदेश है। यह मामला राजनीतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और आने वाले समय में इस पर और चर्चाएं होने की संभावना है।
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38 शिक्षकों पर गिरी गाज, डीईओ ने किया निलंबित, देखें लिस्ट
कांकेर । कांकेर जिले में शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए 38 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। इनमें से 29 महिला शिक्षक भी शामिल हैं। यह कार्रवाई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत की गई है, जिसके तहत अतिशेष शिक्षक थे, जिन्हें नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग करने के लिए कहा गया था। हालांकि इन शिक्षकों ने निर्धारित समय सीमा तक ज्वाइनिंग नहीं की, जिसके बाद विभाग ने यह कठोर कदम उठाया।युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया और निलंबन की वजह
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में शिक्षकों के समांतर समन्वय को सुनिश्चित करने के लिए युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत कई शिक्षक अतिशेष के रूप में सामने आए। विभाग ने इन अतिशेष शिक्षकों को जुलाई 2025 तक नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग करने का निर्देश दिया था। हालांकि, जनवरी 2026 तक जिले के 39 शिक्षकों ने नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग नहीं की, जिसके कारण शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए इन शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। निलंबन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि विभाग ने ज्वाइनिंग न करने को गंभीर उल्लंघन मानते हुए इसे अनुशासनहीनता के तौर पर लिया है।डीईओ की कार्रवाई
कांकेर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि यह कदम उन शिक्षकों के खिलाफ उठाया गया है जिन्होंने विभागीय निर्देशों का पालन नहीं किया। डीईओ ने कहा यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के तहत की गई है और संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर शिक्षकों को जानकारी दी गई थी। इन शिक्षकों के लिए अब कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।निलंबित शिक्षकों की सूची
निलंबन की सूची में 38 शिक्षकों के नाम शामिल हैं, जिनमें 29 महिला शिक्षक भी हैं। इन शिक्षकों के खिलाफ यह कार्रवाई उन्हें बार-बार चेतावनी देने के बावजूद ज्वाइनिंग न करने पर की गई है। यह कार्रवाई विभाग के अनुशासन और कार्यवाही की सख्त नीति को दर्शाती है।सम्बंधित अधिकारी और कदम
सरकारी शिक्षा विभाग ने न केवल इन शिक्षकों को निलंबित किया है बल्कि साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि भविष्य में ऐसी स्थितियां उत्पन्न न हों। विभाग ने इस निलंबन को एक संदेश के तौर पर लिया है, ताकि भविष्य में अन्य शिक्षक अपने दायित्वों का पालन करें और शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता बनी रहे। यह कदम शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उठाया गया है। शिक्षकों के कार्यों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने और विभागीय नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करने से यह स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। -

सरकारी राशन दुकान से 70 क्विंटल चावल गायब, 3 साल बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
कांकेर । कांकेर जिले के ग्राम मूंगवाल में स्थित सरकारी राशन दुकान से 70 क्विंटल चावल गायब हो गया है। यह चावल स्थानीय राशन कार्ड धारकों को वितरण के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन चावल के गायब होने की जानकारी के बावजूद अब तक किसी भी अधिकारी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। मामले की जांच के आदेश तो दिए गए हैं, लेकिन तीन साल का समय गुजरने के बावजूद अब तक जांच में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।सेल्समैन का बयान
दुकान के सेल्समैन, परमेश्वर तेता, ने कहा कि वह पिछले तीन साल से दुकान का संचालन कर रहे हैं और जब उन्हें यह दुकान सौंपी गई थी, तब से ही स्टॉक में कमी थी। उनका कहना है कि उन्होंने अधिकारियों को पहले ही इसकी जानकारी दे दी थी, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला है। सेल्समैन का दावा है कि उन्होंने किसी भी तरह के घोटाले या अनियमितताओं में शामिल होने की बात से इनकार किया और कहा कि स्टॉक की कमी का कारण दुकान की शुरुआत में ही था।
कलेक्टर का आश्वासन
कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें इस मामले में शिकायत मिली है और हम इसकी जांच कर रहे हैं। निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” कलेक्टर ने यह भी बताया कि वे इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और जांच के परिणाम के आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों को दंडित किया जाएगा।
सरपंच की शिकायत
ग्राम पंचायत के सरपंच, जैसारो कोर्राम ने भी इस मामले में खाद्य विभाग से शिकायत की है। उनका कहना है कि यह मामला ग्रामवासियों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है और अगर अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे उच्च अधिकारियों से इस मुद्दे को उठाएंगे यह मामला सरकारी राशन वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर घोटाले की ओर इशारा कर रहा है, जहां राशन कार्ड धारकों को निर्धारित चावल वितरित नहीं किया जा सका। इस मामले की तीन साल बाद भी सही से जांच नहीं हो पाई है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या सरकारी सिस्टम में यह तरह की अनियमितताएं सामान्य हो गई हैं। अब तक जांच की प्रक्रिया लंबी खींची गई है, लेकिन कलेक्टर के द्वारा जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे। -

छत से धक्का देकर छात्रा की हत्या, आरोपी अस्पताल छोड़कर फरार
भोपाल। भोपाल के चूनाभट्टी इलाके में हुई एक दर्दनाक घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है। एक छात्रा की इमारत की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई, और पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह हादसा दुर्घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई हत्या थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक तुषार (कपिल) ने छात्रा को विवाद के दौरान छत से धक्का देकर नीचे गिरा दिया। वारदात के बाद आरोपी ने ऐसा भ्रामक प्रयास किया कि किसी को उस पर शक न हो, और वह खुद मृतक छात्रा को अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक, घटना के दिन बीते बुधवार सुबह प्रिया कॉलेज जाने के बजाय अपने दोस्त तुषार के घर चली गई थी। तुषार चूना भट्टी इलाके की पारिका सोसाइटी में बने स्टे होम में केयर टेकर का काम करता है। दोपहर 12 बजे छात्रा की छत से गिरने की घटना हुई, और तुषार उसे अस्पताल छोड़कर भाग गया।
परिजनों का आरोप है कि यह मामला सिर्फ विवाद तक सीमित नहीं था, बल्कि एक साल से चले आ रहे प्रेम संबंध और उत्पीड़न का परिणाम है। पहले तुषार ईश्वर नगर में रहता था और प्रिया से उसकी दोस्ती थी, लेकिन अब मामला गंभीर रूप ले चुका है। पुलिस आरोपी की तलाश में पूरी तरह सक्रिय है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
यह मामला भोपाल में छात्रों और युवाओं के बीच सुरक्षा की संवेदनशीलता पर सवाल उठाता है, और स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सक्रिय जांच के लिए प्रेरित करता है।