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  • न्यू ईयर 2026 पर भोपाल की सड़कों पर हाई अलर्ट, नशा ड्राइविंग के खिलाफ सख्त अभियान

    न्यू ईयर 2026 पर भोपाल की सड़कों पर हाई अलर्ट, नशा ड्राइविंग के खिलाफ सख्त अभियान


    भोपाल। नए साल की दस्तक से ठीक पहले भोपाल की सड़कों पर यातायात पुलिस अलर्ट मोड में है। नववर्ष 2026 से पहले होने वाले समारोहों और पार्टियों के मद्देनज़र पुलिस ने नशे में वाहन चलाने से होने वाले हादसों और युवाओं की बढ़ती मौतों को रोकने के लिए सघन अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर 48 चेकिंग पॉइंट लगाए गए हैं, जहां दोपहिया, चारपहिया, ऑटो और टैक्सी चालकों की शराब सेवन की जांच ब्रीथ एनालाइजर से की जा रही है।
    पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से की जा रही है।

    आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में हर साल सड़क हादसों में एक लाख 20 हजार से ज्यादा लोग घायल होते हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित 15 से 30 साल के युवाओं का आयु वर्ग है, जो कुल दुर्घटना पीड़ितों का 61 प्रतिशत है।

    इसके बाद 31 से 45 वर्ष के लोग 25 प्रतिशत, 46 से 60 वर्ष के 9 प्रतिशत और 60 वर्ष से अधिक के केवल 2 प्रतिशत लोग शामिल हैं। इंदौर, भोपाल और जबलपुर में सबसे ज्यादा सड़क हादसे हुए हैं, जहां तेज रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और नशे में वाहन चलाना मुख्य कारण बने हैं।

    नगरीय यातायात पुलिस ने कहा कि नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। दोषी पाए जाने पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

    पुलिस ने अब तक एक दर्जन से अधिक चालकों पर कार्रवाई की है। नववर्ष की पूर्व संध्या और 1 जनवरी को जिलेभर में लगभग चार दर्जन स्थानों पर चेकिंग प्वाइंट सक्रिय रहेंगे, जिसमें यातायात पुलिस के साथ जिले के थाने का बल भी शामिल होगा ताकि किसी भी तरह की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    भोपाल पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे नशे की हालत में वाहन न चलाएं। एक छोटी सी गलती न केवल चालक की, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की जान भी खतरे में डाल सकती है। साथ ही पुलिस ने कहा कि यातायात नियमों का पालन कर लोग अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। किसी भी असुविधा या मदद के लिए यातायात नियंत्रण कक्ष के नंबर 0755-2677340 या 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।

  • तेजू भैया से रंगदारी मांगने की हिम्मत कौन कर गया? थाने में दर्ज कराया केस, मच गया सियासी शोर

    तेजू भैया से रंगदारी मांगने की हिम्मत कौन कर गया? थाने में दर्ज कराया केस, मच गया सियासी शोर


    नई दिल्ली । पटनाः जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप ने अपने ही दल के पूर्व प्रवक्ता रहे संतोष रेणु यादव के खिलाफ सचिवालय थाना में गंभीर आरोपों के साथ मामला दर्ज कराया. तेज प्रताप ने आरोप लगाया है कि उन्हें धमकी दी गई और उनसे रंगदारी की मांग की गई है. इस शिकायत के सामने आते ही राजधानी की राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया. तेज प्रताप की शिकायत के मुताबिक, संतोष रेणु यादव द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था और फोन कॉल के जरिए रंगदारी की मांग की गई. साथ ही उन्हें राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई.
    सचिवालय थाना पुलिस ने इस मामले में आवेदन के आधार पर सनहा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है. दूसरी ओर, संतोष रेणु यादव ने भी पलटवार करते हुए बेऊर थाना में आवेदन देकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई थी. उन्होंने आरोप लगाया है कि राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है. संतोष रेणु यादव का कहना है कि उन्हें झूठे आरोपों में उलझाकर बदनाम किया जा रहा है और उनकी जान को खतरा है. उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है.
    संतोष रेणु यादव क्या बोले?

    संतोष रेणु यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं. माधव सेवा के अध्यक्ष के रूप में लगातार काम कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि तेज प्रताप द्वारा उन्हें बदनाम करने और झूठे केस में फंसाने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि वे कानून में भरोसा रखते हैं और सच सामने आएगा. दोनों पक्षों की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस भी अलर्ट मोड में आ गई है. सिटी एसपी (पश्चिमी) पटना भानु प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों तरफ से लिखित आवेदन मिले हैं. पुलिस ने दोनों मामलों में सनहा दर्ज कर लिया है और सभी आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
    क्या है पूरा मामला
    पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है. सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पार्टी के अंदर ही इतना बड़ा विवाद कैसे खड़ा हो गया. दरअसल, जनशक्ति जनता दल से जुड़े नेता तेज प्रताप ने सचिवालय थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए संतोष रेणु यादव पर धमकी देने और रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है. वहीं, संतोष रेणु यादव ने बेऊर थाना में आवेदन देकर कहा है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और उनकी जान को खतरा है. दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अब पूरे मामले पर सबकी नजर पुलिस की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है.
  • तेज प्रताप यादव ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत, रंगदारी और धमकी का आरोप

    तेज प्रताप यादव ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत, रंगदारी और धमकी का आरोप


    नई दिल्ली ।तेज प्रताप यादव की ओर से पुलिस को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि संतोष रेणु यादव लगातार फोन कॉल के जरिए उन पर दबाव बना रहे थे। आरोप है कि उनसे मोटी रकम की रंगदारी मांगी गई और मांग पूरी न होने पर राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। तेज प्रताप ने इसे अपनी सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    सचिवालय थाना पुलिस ने तेज प्रताप यादव के आवेदन के आधार पर सनहा दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कॉल डिटेलमैसेज और अन्य सबूतों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड में है।

    संतोष रेणु यादव का पलटवार

    दूसरी ओरआरोपी बनाए गए संतोष रेणु यादव ने भी तेज प्रताप के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने पटना के बेऊर थाना में आवेदन देकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। संतोष रेणु यादव का आरोप है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और झूठे मामलों में उलझाकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

    संतोष रेणु यादव ने क्या कहा

    मीडिया से बातचीत में संतोष रेणु यादव ने कहा कि वे लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं और माधव सेवा नामक संगठन के अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका रंगदारी या धमकी से कोई लेना-देना नहीं है। उनका कहना है कि वे कानून में विश्वास रखते हैं और जांच में सच्चाई सामने आएगी।

    पुलिस का आधिकारिक बयान

    इस पूरे मामले पर पटना सिटी एसपी पश्चिमी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुए हैं। पुलिस ने दोनों शिकायतों पर सनहा दर्ज कर ली है और निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

    पार्टी के भीतर विवाद ने बढ़ाई सियासी गर्मी

    इस घटनाक्रम ने राजद के अंदरूनी समीकरणों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी के भीतर आपसी मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं। तेज प्रताप यादव जैसे बड़े नेता द्वारा अपनी ही पार्टी के पूर्व प्रवक्ता पर लगाए गए आरोपों ने विपक्ष को भी हमला बोलने का मौका दे दिया है।

    अब सबकी नजर पुलिस जांच पर


    फिलहाल पूरे मामले में सस्पेंस बना हुआ है। एक तरफ तेज प्रताप यादव के गंभीर आरोप हैंतो दूसरी ओर संतोष रेणु यादव खुद को निर्दोष बता रहे हैं। अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और यह मामला आगे किस दिशा में जाता है।तेज प्रताप यादव से कथित रंगदारी मांगने का मामला सिर्फ एक कानूनी विवाद नहींबल्कि बिहार की राजनीति में नया सियासी तूफान बनकर उभरा है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस मुद्दे को और गर्मा सकती हैं।

  • यूपी लेखपाल भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, ओबीसी वैकेंसी बढ़ने के बाद शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया

    यूपी लेखपाल भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, ओबीसी वैकेंसी बढ़ने के बाद शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया


    लखनऊ।उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत और अवसर की बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग UPSSSC ने लेखपाल भर्ती 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस भर्ती के तहत राज्य में कुल 7994 लेखपाल पदों पर नियुक्ति की जाएगी। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।इस भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत ओबीसी वर्ग की रिक्तियों में संशोधन और पदों की संख्या बढ़ाए जाने के बाद हुई है। आयोग ने हाल ही में संशोधित श्रेणीवार वैकेंसी जारी करते हुए नया नोटिफिकेशन प्रकाशित किया था जिसके बाद आवेदन प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया।

    संशोधित वैकेंसी के बाद शुरू हुई भर्ती

    लेखपाल पदों को भरने की मांग काफी समय से की जा रही थी। विभिन्न अभ्यावेदन और आरक्षण से जुड़े संशोधनों के बाद UPSSSC ने ओबीसी वर्ग की रिक्तियों में बढ़ोतरी की। संशोधित आंकड़ों के अनुसार कुल 7994 पदों में से 3208 पद सामान्य वर्ग के लिए और 2158 पद अन्य पिछड़ा वर्ग OBC के लिए निर्धारित किए गए हैं। शेष पद अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और अन्य आरक्षित श्रेणियों में विभाजित किए गए हैं।

    कौन कर सकता है आवेदन

    इस भर्ती में वही उम्मीदवार आवेदन के पात्र होंगे जिन्होंने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी PET-2025 सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिना PET स्कोर के किसी भी अभ्यर्थी का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। PET-2025 में प्राप्त अंकों के आधार पर ही मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

    आवेदन की तारीख और माध्यम

    लेखपाल भर्ती 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 29 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन या किसी अन्य वेबसाइट के माध्यम से किया गया फॉर्म मान्य नहीं होगा। उम्मीदवारों को अंतिम तिथि से पहले आवेदन पूरा करने की सलाह दी गई है।

    ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

    अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए सबसे पहले UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाना होगा।वेबसाइट के होमपेज पर लाइव विज्ञापन सेक्शन में लेखपाल भर्ती2025 से संबंधित लिंक दिखाई देगा।इस लिंक पर क्लिक करने के बाद उम्मीदवार को PET-2025 का रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज कर लॉगइन करना होगा।लॉगइन करते ही PET आवेदन में दर्ज की गई व्यक्तिगत जानकारी स्क्रीन पर स्वतः दिखाई देगी।इसके बाद अभ्यर्थी को अपनी शैक्षणिक योग्यता और अन्य आवश्यक विवरण भरने होंगे।फोटो और हस्ताक्षर पहले सेअपलोड रहेंगे जिनमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा।सभी जानकारियां भरने के बाद घोषणा पत्र स्वीकार कर फॉर्म सबमिट करना होगा।

    आवेदन शुल्क कितना है

    आवेदन शुल्क सभी वर्गों के उम्मीदवारों के लिए समान रखा गया है। सामान्य ओबीसी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति-सभी श्रेणियों के लिए आवेदन शुल्क 25 रुपये निर्धारित किया गया है। शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड क्रेडिट कार्ड नेट बैंकिंग यूपीआई या एसबीआई ई-चालान के माध्यम से किया जा सकता है।

    आगे की प्रक्रिया

    आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग मुख्य परीक्षा की तारीख एडमिट कार्ड और चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी अलग से जारी करेगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अपडेट संशोधन या सूचना के लिए नियमित रूप से UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए लेखपाल भर्ती 2025 को एक बड़ा अवसर माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय बाद इतने बड़े पैमाने पर राजस्व विभाग में नियुक्तियां होने जा रही हैं।

  • नोएडा एक्सप्रेसवे पर चलती हुई कार में लगी आग, बाल बाल बचा चालक

    नोएडा एक्सप्रेसवे पर चलती हुई कार में लगी आग, बाल बाल बचा चालक


    नोएडा।
    उत्तर प्रदेश के नोयडा में थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र के नोएडा एक्सप्रेसवे पर रविवार की देर रात को चलती हुई टाटा पंच कार में अज्ञात कारण से भयंकर आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। लोगों ने इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वालों के अनुसार सूचना देने के एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। इस घटना के चलते हाईवे पर देर रात को काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।

    मुख्यदमकल अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि मायचा गांव के रहने वाले भूपेंद्र अपनी टाटा पंच कार में सवार होकर रविवार की रात को नोएडा एक्सप्रेसवे के रास्ते ग्रेटर नोएडा से नोएडा जा रहे थे, तभी उनकी कार में अचानक आग लग गई। उन्होंने चलती कार से कूदकर अपनी जान बचाई। उन्होंने बताया कि आग की सूचना पाकर मौके पर दमकल विभाग की गाड़ी पहुंची, तथा आग पर काबू पाया। आग के चलते कार पूरी तरह से जल गई है। दमकल विभाग के अधिकारी आग लगने के कारण का पता लगा रहे हैं। वहीं इस घटना के चलते मौके पर अफरा- तफरी का माहौल हो गया। काफी वाहन चालक घटनास्थल के आसपास अपनी गाड़ियों को खड़ा करके वीडियो बनाने लगे। लोगों ने वीडियो में इस बात का जिक्र किया है की घटना की सूचना के 1 घंटे बाद दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची। इस घटना के चलते हाईवे पर देर रात को काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही।

  • PMC चुनाव में सियासी सरगर्मी,अजित पवार से नहीं बनी बात, शरद पवार गुट फिर MVA में वापसी के लिए तैयार

    PMC चुनाव में सियासी सरगर्मी,अजित पवार से नहीं बनी बात, शरद पवार गुट फिर MVA में वापसी के लिए तैयार


    नई दिल्ली। पुणे महानगरपालिका (PMC) चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शरद पवार गुट की एनसीपी (NCP-SP) ने अजित पवार गुट के साथ गठबंधन की बातचीत टूटने के बाद फिर से महाविकास आघाड़ी (MVA) के साथ वार्ता शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार ने शरद पवार गुट की प्रमुख मांगों को ठुकरा दिया और 68 सीटों का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया।

    पिछले सात दिनों से दोनों एनसीपी गुटों के बीच संभावित गठबंधन पर चर्चा चल रही थी, लेकिन बातचीत अंततः असफल रही।

    अजित पवार ने जोर देकर कहा कि शरद पवार गुट के समर्थित उम्मीदवार केवल ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न पर ही चुनाव लड़ें। शरद पवार गुट का कहना है कि यदि यह शर्त मान ली जाती तो पुणे शहर में उनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाता।

    अजित पवार ने 68 सीटों का प्रस्ताव ठुकराया
    अजित पवार ने तर्क दिया कि 2017 के PMC चुनाव में एनसीपी एकजुट थी, तब केवल 43 सीटें जीती थीं। इसलिए 68 सीटों की मांग अव्यवहारिक है।

    शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता ने कहा, अजित पवार की शर्तों को मान लेना हमारे लिए अस्वीकार्य था, क्योंकि इससे पुणे में हमारे उम्मीदवारों का अस्तित्व ही खत्म हो जाता।

    इस इनकार के बाद सुप्रिया सुले और जयंत पाटिल सहित NCP-SP के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि PMC चुनाव एमवीए के साथ मिलकर लड़ा जाएगा।

    नतीजतन, पुणे में तीनों पारंपरिक एमवीए सहयोगी दलकांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी-एसपीके बीच नई वार्ता शुरू हो गई है। हालांकि पिंपरी-चिंचवड़ में दोनों एनसीपी गुटों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना बनी हुई है।

    शरद पवार गुट की MVA में वापसी
    पहले शरद पवार गुट और अजित पवार के गठबंधन की संभावना ने एमवीए में दरार पैदा कर दी थी जिसके चलते कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) अलग होकर चुनाव लड़ने की योजना बना रहे थे। लेकिन अब एनसीपी-एसपी के एमवीए में लौटने से तीनों दलों के बीच समन्वय बैठकें फिर शुरू हो गई हैं।

    अजित पवार ने इस बीच शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे और पुणे में उनके नेतृत्व वाली शिवसेना नेताओं से संपर्क साधा। सूत्रों के मुताबिक एनसीपी की शिवसेना नेता उदय सामंत के साथ भी बातचीत चल रही है और अजित पवार समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

  • मुजफ्फरनगर तिलक लगाकर मीट राकेश टिकैत के बयान से मचा बवालबोले इनपर सुताई अभियान चलेगा

    मुजफ्फरनगर तिलक लगाकर मीट राकेश टिकैत के बयान से मचा बवालबोले इनपर सुताई अभियान चलेगा


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने चौंकाने वाला बयान दिया है. जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है. टिकैत ने खुद को हिंदू संगठन बताने वाले कुछ लोगों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अटल चौक पर तिलक लगाकर मीट खाते हैं और इससे एक राजनीतिक दल की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं. टिकैत ने इस दौरान कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एक दिन ‘सुताई अभियान’ चलाने जैसी टिप्पणी भी की. राकेश टिकैत का यह बयान अब सोशल मीडिया पर है.

    दरअसल मुजफ्फरनगर जिला कलेक्ट्रेट में प्रदूषण के मुद्दे को लेकर फैक्ट्री मालिकों और किसानों के बीच वार्ता आयोजित की गई थी. इसी दौरान मीडिया ने राकेश टिकैत से नगर के मीनाक्षी चौक का नाम बदलकर अटल चौक करने को लेकर सवाल किया. इस पर टिकैत ने कहा कि मीनाक्षी कौन थेयह कोई नहीं जानताजबकि अटल बिहारी वाजपेई को पूरा देश जानता है क्योंकि वे प्रधानमंत्री रहे हैं. उन्होंने चौक का नाम बदलने पर कोई आपत्ति नहीं जताई.

    हिन्दू संगठनों को लेकर जताई नाराजगी

    इसी बातचीत के दौरान राकेश टिकैत ने कथित हिंदू संगठनों को लेकर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदू संगठन का नाम लेकर अटल चौक पर तिलक लगाकर मीट खाते हैं और इससे बीजेपी की छवि खराब हो रही है. टिकैत ने कहा कि बीजेपी का कार्यकर्ता मीट नहीं खाता और ऐसे लोग जानबूझकर माहौल खराब कर रहे हैं.

    सुताई अभियान चलाने की बात कही
    किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा“नाम हिंदू संगठन का लेते हैं और अटल चौक पर जाकर मीट खाते हैं. एक-दो दिन में इनका सुताई अभियान भी चलेगा. जो वहां तिलक लगाकर मीट खाते हुए फंस जाएगाउस पर कार्रवाई होगी.” टिकैत ने आगे कहा कि ऐसे कृत्यों से देश की छवि विदेशों में खराब हो रही है और अलग-अलग समुदायों के बीच तनाव बढ़ रहा है. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और प्रशासन की नजर पूरे मामले पर बनी हुई है.
  • कर्नाटक में कांग्रेस का बुलडोज़र अभियान: 400 से ज्यादा मुस्लिमों के घर ढहाए, सियासत में गरमा गए पारे

    कर्नाटक में कांग्रेस का बुलडोज़र अभियान: 400 से ज्यादा मुस्लिमों के घर ढहाए, सियासत में गरमा गए पारे




    बेंगलुरु।
    कर्नाटक कांग्रेस सरकार का बुलडोज़र अभियान अब राजनीति का नया विवाद बन गया है। 22 दिसंबर को सुबह 4 बजे कोगिलु गांव के फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में 400 से ज्यादा घरों को गिराया गया। अधिकांश प्रभावित परिवार मुस्लिम समुदाय से हैं। इस कार्रवाई से सैकड़ों लोग बेघर हो गए और ठंड में सड़कों पर या अस्थायी शेल्टरों में रात गुजारने को मजबूर हैं।कर्नाटक सरकार का कहना है कि ये घर उर्दू गवर्नमेंट स्कूल के पास झील किनारे सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से बने थे।
    निवासियों की आपत्ति
    स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया और पुलिस ने जबरदस्ती उन्हें बेदखल किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कई लोग 25 सालों से इलाके में रह रहे हैं और उनके पास वैध आधार कार्ड व वोटर आईडी हैं। निकाले गए ज्यादातर लोग प्रवासी और मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं।

    विरोध प्रदर्शन और सियासी हलचल
    इस कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के घर के पास भी प्रदर्शन हुआ।

    दलित संघर्ष समिति और कई अन्य संगठन भी इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं।

    केरल सरकार की निंदा
    पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इसे “अल्पसंख्यक विरोधी राजनीति” करार दिया। उन्होंने कहा कि डर और ज़बरदस्ती से शासन करने वाली सरकारें संवैधानिक मूल्यों और मानवीय गरिमा का उल्लंघन करती हैं। केरल के मंत्री वी शिवनकुट्टी ने इसे “अमानवीय कार्रवाई” बताया और कहा कि यह इमरजेंसी के दौर की याद दिलाती है।

    कर्नाटक उपमुख्यमंत्री का जवाब
    कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि यह इलाका अवैध कब्ज़े और कचरा फेंकने की जगह था, जिसे लैंड माफिया झुग्गी बस्ती में बदलने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोगों को नई जगह शिफ्ट करने का समय पहले ही दिया गया था। शिवकुमार ने पिनाराई विजयन पर तंज कसते हुए कहा कि नेताओं को ज़मीनी हकीकत जाने बिना टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

    यह मामला न केवल बेंगलुरु बल्कि पूरे कर्नाटक की राजनीति में गर्मागरम बहस का केंद्र बन गया है। कांग्रेस सरकार के बुलडोज़र अभियान ने शहर के गरीब और अल्पसंख्यक समुदायों को सीधे प्रभावित किया है, जबकि विपक्ष और पड़ोसी राज्यों ने इसे लोकतांत्रिक और मानवाधिकारों के दृष्टिकोण से सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

  • बागपत खाप पंचायत का सख्त फैसला,लड़कों पर हाफ पैंट और स्मार्टफोन की रोक, शादियों में फिजूल खर्च भी बर्दाश्त नहीं

    बागपत खाप पंचायत का सख्त फैसला,लड़कों पर हाफ पैंट और स्मार्टफोन की रोक, शादियों में फिजूल खर्च भी बर्दाश्त नहीं




    नई दिल्ली।
    बागपत खाप पंचायत ने समाज सुधार और सांस्कृतिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए बड़े और सख्त फैसले लिए हैं। बड़ौत की खाप पंचायत ने 18 साल से कम उम्र के लड़कों को स्मार्टफोन देने और हाफ पैंट पहनकर बाहर निकलने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके साथ ही शादियों में फिजूल खर्च और मैरिज होम में समारोह आयोजित करने पर भी पाबंदी की गई है। खाप चौधरियों ने स्पष्ट किया कि ये नियम अब लड़कियों और लड़कों दोनों पर समान रूप से लागू होंगे और इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी पर अनुशासन और सामाजिक संस्कारों का असर बढ़ाना है।

    बड़ौत की इस पंचायत में खाप चौधरी सुभाष के नेतृत्व में समाज के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सख्त निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा कि आज के युवा हाफ पैंट पहनकर और स्मार्टफोन का दुरुपयोग करके सामाजिक मर्यादा की अवहेलना कर रहे हैं, इसलिए इसे रोकना जरूरी है। पंचायत ने यह भी निर्देश दिया कि विवाह समारोहों को गांव या घर में ही आयोजित किया जाए, ताकि फिजूल खर्च और समय दोनों की बचत हो सके।

    अब शादी के निमंत्रण व्हाट्सएप के माध्यम से भी स्वीकार किए जा सकते हैं, जिससे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए सामाजिक मर्यादा और परंपराओं का पालन किया जा सके।

    खाप पंचायत का यह कदम केवल बागपत तक सीमित नहीं रहेगा। राजस्थान की पंचायतों से प्रेरणा लेकर इसे पूरे उत्तर प्रदेश में लागू कराने की योजना बनाई जा रही है।

    खाप चौधरी ब्रजपाल सिंह ने कहा कि लड़कों के स्मार्टफोन और हाफ पैंट पर रोक को पूरे प्रदेश में लागू कराने का प्रयास किया जाएगा। खाप चौधरी ओमपाल सिंह ने जोड़ते हुए कहा कि समाज में लड़के और लड़कियां समान हैं, इसलिए नियम भी समान रूप से लागू होने चाहिए।

    बागपत की खाप पंचायत के इस सख्त फैसले ने सामाजिक और सांस्कृतिक मर्यादा के प्रति एक स्पष्ट संदेश दिया है। युवा पीढ़ी को अनुशासन में लाना, फिजूल खर्च रोकना और पारिवारिक व सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना इस कदम का मुख्य उद्देश्य है। खाप पंचायत के अनुसार, नियमों का पालन कराकर ही समाज और संस्कृति को बचाया जा सकता है। यह कदम वेस्ट यूपी में खाप पंचायतों द्वारा युवा और परिवारों पर सकारात्मक प्रभाव डालने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है और इसे पूरे प्रदेश में फैलाने की तैयारी की जा रही है।

  • Rajasthan: चूरू में ट्रेलर और कार के बीच सीधी भिड़ंत…5 लोगों की मौत, तीन घायल

    Rajasthan: चूरू में ट्रेलर और कार के बीच सीधी भिड़ंत…5 लोगों की मौत, तीन घायल


    जयपुर।
    राजस्थान (Rajasthan) राजस्थान के चूरू जिले (Churu District) में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे (Road Accident) ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सांडवा थाना क्षेत्र में ट्रेलर और एक एसयूवी की आमने-सामने टक्कर (collision Trailer and an SUV) में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, हादसा इतना भीषण था कि एसयूवी में सवार चार लोगों की मौके पर ही जान चली गई।

    सांडवा थाना प्रभारी चौथमल ने बताया कि एसयूवी में सवार लोग किसी पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए सांडवा आए थे। काउंसलिंग के बाद सभी लोग वापस लालगढ़ लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। टक्कर के बाद वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।


    तीन घायलों को बीकानेर रेफर

    मृतकों की पहचान उमेद सिंह (55), प्रह्लाद सिंह (35), दलिप सिंह (25) सभी निवासी लालगढ़, राजू कंवर (40) निवासी श्यामसर (नागौर) और नारायण राम (60) के रूप में हुई है। नारायण राम ने इलाज के दौरान बीकानेर के अस्पताल में दम तोड़ दिया। हादसे में घायल तीन लोगों को पहले सांडवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बीकानेर रेफर कर दिया गया।

    मामले की जांच जारी
    पुलिस ने बताया कि ट्रेलर चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। फिलहाल मृतकों के शवों को सांडवा सीएचसी के शवगृह में पोस्टमॉर्टम के लिए रखा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।