Blog

  • पाक के बलूचिस्तान में कोस्ट गार्ड कैंप पर बड़ा हमला, 30 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे जाने का BLA का दावा

    पाक के बलूचिस्तान में कोस्ट गार्ड कैंप पर बड़ा हमला, 30 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे जाने का BLA का दावा


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों पर बड़े हमले का दावा किया गया है। प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कहा है कि उसके लड़ाकों ने ग्वादर जिले के जीवानी क्षेत्र में स्थित पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स के एक कैंप को निशाना बनाते हुए आत्मघाती हमला किया। संगठन के अनुसार, इस हमले में 30 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

    यह दावा द बलूचिस्तान पोस्ट की एक रिपोर्ट में सामने आया है। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने अब तक हमले या हताहतों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में इन दावों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन नहीं हो सका है।

    BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच के नाम से जारी बयान में कहा गया है कि हमले को संगठन की विशेष इकाई माजिद ब्रिगेड ने अंजाम दिया। बयान के मुताबिक, जीवानी के पनवान इलाके में स्थित पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स की एक सुविधा पर पहले घुसपैठ की गई और उसके बाद आत्मघाती हमला किया गया।

    ग्वादर जिला रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यहां चीन के सहयोग से विकसित किया जा रहा प्रमुख बंदरगाह परियोजना संचालित हो रही है। BLA ने इस कार्रवाई को अपने लंबे अभियान का हिस्सा बताते हुए इसे ‘फिदायीन’ हमला करार दिया है।

    बलूच लिबरेशन आर्मी पिछले कई वर्षों से बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना, अर्धसैनिक बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाती रही है। हाल के समय में क्षेत्र में उग्रवादी गतिविधियों में तेजी देखी गई है, जहां सुरक्षा बलों, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और सरकारी संस्थानों पर लगातार हमले किए गए हैं। संगठन लंबे समय से बलूचिस्तान के लिए अधिक स्वायत्तता और प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय नियंत्रण की मांग करता रहा है।

    BLA को पाकिस्तान सहित कई देशों ने आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है। यह संगठन पहले भी बलूचिस्तान में सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर कई बड़े हमलों और आत्मघाती विस्फोटों को अंजाम दे चुका है। फिलहाल इस ताजा हमले और हताहतों की संख्या को लेकर पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

  • होर्मुज की सुरक्षा पर फ्रांस का बड़ा कदम, माइनहंटर युद्धपोत तैनात, ब्रिटेन-ओमान के साथ मिलकर संभालेगा मोर्चा

    होर्मुज की सुरक्षा पर फ्रांस का बड़ा कदम, माइनहंटर युद्धपोत तैनात, ब्रिटेन-ओमान के साथ मिलकर संभालेगा मोर्चा


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में हालिया कूटनीतिक घटनाक्रम के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवागमन सुनिश्चित करने के लिए फ्रांस ने बड़ा कदम उठाया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जानकारी दी कि उनके देश ने क्षेत्र में बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने वाले विशेष युद्धपोत (माइन काउंटरमेजर्स) तैनात किए हैं। साथ ही ब्रिटेन और फ्रांस ने ओमान के सहयोग से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आवश्यकता पड़ने पर बहुराष्ट्रीय मिशन तैनात करने की प्रतिबद्धता जताई है।

    राष्ट्रपति मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि फ्रांस ने पश्चिम एशिया में दो माइनहंटर जहाज भेजे हैं। इनके साथ दो फ्रिगेट और एक मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट भी तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि ये सभी संसाधन सहयोगी देशों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन बहाल करने और समुद्री यातायात की सुरक्षा मजबूत करने का काम करेंगे।

    मैक्रों के अनुसार, 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनका कहना है कि इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता को मजबूती मिली है।

    फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने बताया कि ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद से बातचीत के बाद फ्रांस ने अपनी सैन्य तैनाती में बदलाव किया है। इसके तहत एयरक्राफ्ट कैरियर शार्ल द गॉल को उसके होम पोर्ट टूलों वापस भेजा जा रहा है, जबकि माइन काउंटरमेजर्स जहाज और उनके साथ मौजूद सुरक्षा बल क्षेत्र में तैनात रहेंगे तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगे।

    उधर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और राष्ट्रपति मैक्रों ने शुक्रवार को जारी संयुक्त बयान में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और यहां सभी देशों के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पूरी दुनिया के हित से जुड़ा विषय है।

    संयुक्त बयान के अनुसार, ओमान ने अपने समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने के लिए ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने यह भी दोहराया कि वे क्षेत्रीय स्थिरता, सभी देशों की संप्रभुता के सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

  • 30 जुलाई से शुरू होगा सावन का पावन महीना, जानिए कब पड़ेंगे चारों सावन सोमवार

    30 जुलाई से शुरू होगा सावन का पावन महीना, जानिए कब पड़ेंगे चारों सावन सोमवार


    नई दिल्ली। भगवान शिव की आराधना और भक्ति का सबसे पवित्र माने जाने वाला सावन माह इस वर्ष 30 जुलाई 2026 से शुरू हो रहा है। हिंदू धर्म में इस महीने का विशेष धार्मिक महत्व है, क्योंकि पूरा सावन भगवान भोलेनाथ की उपासना को समर्पित माना जाता है। इस दौरान देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है और भक्त व्रत, पूजा-अर्चना तथा जलाभिषेक कर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

    सावन में चार सोमवार का रहेगा विशेष संयोग
    सावन के सोमवार का व्रत अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो श्रद्धालु श्रद्धा और नियमपूर्वक सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। वर्ष 2026 के सावन माह में कुल चार सोमवार पड़ेंगे।

    सावन सोमवार की तिथियां इस प्रकार हैं:

    प्रथम सोमवार – 3 अगस्त 2026
    द्वितीय सोमवार – 10 अगस्त 2026
    तृतीय सोमवार – 17 अगस्त 2026
    चतुर्थ सोमवार – 24 अगस्त 2026

    क्यों खास माना जाता है सावन?
    सावन केवल धार्मिक आस्था का महीना ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना और आत्मिक शांति का भी प्रतीक माना जाता है। वर्षा ऋतु के बीच हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह समय भगवान शिव की उपासना के लिए अनुकूल माना जाता है। पूरे महीने शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है और श्रद्धालु जल, दूध, दही, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा तथा चंदन अर्पित कर भोलेनाथ को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।

    पूजा के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
    सावन में सात्विक जीवनशैली अपनाने का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु इस दौरान तामसिक भोजन से परहेज करते हैं और सोमवार के दिन व्रत रखकर भगवान शिव का ध्यान करते हैं। कई भक्त पूरे दिन निराहार रहते हैं, जबकि कुछ फलाहार ग्रहण कर व्रत का पालन करते हैं।

    पूजा के समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है। इसके साथ ही शिव चालीसा का पाठ और रुद्राभिषेक करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

  • एमपी में मानसून सक्रिय, 19 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, बड़वानी-खंडवा में रेड वार्निंग

    एमपी में मानसून सक्रिय, 19 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, बड़वानी-खंडवा में रेड वार्निंग


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इंदौर और उज्जैन सहित 19 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। बड़वानी और खंडवा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जहां अगले 24 घंटे में करीब 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं इंदौर, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर और पांढुर्णा में भारी बारिश होने की संभावना है।

    इसके अलावा नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, भोपाल, रायसेन, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा।

    बीते 24 घंटे में कई जिलों में झमाझम बारिश
    मानसून की सक्रियता के चलते पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर में सबसे अधिक करीब सवा दो इंच बारिश दर्ज की गई। मंडला में लगभग पौने दो इंच, भोपाल में डेढ़ इंच तथा बालाघाट में सवा इंच वर्षा हुई।

    इसके अलावा बैतूल, नर्मदापुरम, दतिया, रतलाम और शिवपुरी में पौन इंच, जबकि दमोह, धार और पचमढ़ी में करीब आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सतना, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया, गुना, ग्वालियर और रायसेन में भी अच्छी बारिश हुई।

    बारिश से तापमान में आई गिरावट
    लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेशभर में दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि इंदौर में 30 डिग्री, ग्वालियर में 33.6 डिग्री, उज्जैन में 32 डिग्री और जबलपुर में 28.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सबसे कम अधिकतम तापमान मलाजखंड में 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नरसिंहपुर, सागर, दमोह, रायसेन, मंडला, छिंदवाड़ा, गुना, धार और बैतूल में भी अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित
    शुक्रवार को भोपाल में सुबह से रुक-रुककर बारिश होती रही। वहीं उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में रातभर हुई तेज बारिश से शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे घाटों पर स्थित कई मंदिर पानी में डूब गए। ग्वालियर में भी सुबह तेज बारिश दर्ज की गई। उधर, रतलाम जिले के शिवपुर गांव में खेतों में पानी भर जाने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

  • आज का राशिफल 4 जुलाई: किस राशि पर होगी मां लक्ष्मी की कृपा, किसे बरतनी होगी सावधानी, जानें पूरे दिन का भविष्यफल

    आज का राशिफल 4 जुलाई: किस राशि पर होगी मां लक्ष्मी की कृपा, किसे बरतनी होगी सावधानी, जानें पूरे दिन का भविष्यफल


    नई दिल्ली। 4 जुलाई का दिन ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के लिए नई शुरुआत और महत्वपूर्ण फैसलों का संकेत लेकर आया है। कुछ लोगों को करियर और व्यापार में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं तो कुछ राशियों को आर्थिक मामलों और पारिवारिक संबंधों में संयम बरतने की सलाह दी गई है। आज का दिन मेहनत करने वालों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है जबकि जल्दबाजी और गुस्से से नुकसान होने की भी संभावना है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल।

    मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्साह और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन मिलने के संकेत हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    वृषभ राशि वालों को आज खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    मिथुन राशि के लिए दिन लाभदायक रहेगा। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।

    कर्क राशि वालों को आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला नहीं लेना चाहिए। पारिवारिक मामलों में धैर्य रखें। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी।

    सिंह राशि के जातकों के लिए यात्रा के योग बन रहे हैं। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। निवेश करने से पहले पूरी जानकारी अवश्य लें। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

    कन्या राशि वालों को आज मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होंगे। व्यापार में लाभ होगा और दांपत्य जीवन सुखद रहेगा।

    तुला राशि के लिए दिन सामान्य रहेगा। किसी भी विवाद से दूरी बनाए रखें। आर्थिक मामलों में सोच समझकर निर्णय लें। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और खानपान संतुलित रखें।

    वृश्चिक राशि वालों को आज करियर में नई उपलब्धि मिल सकती है। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। परिवार में शुभ समाचार मिलने के योग हैं।

    धनु राशि के जातकों के लिए दिन भाग्यशाली रहेगा। नई योजनाएं सफल होंगी और व्यापार में लाभ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी तथा मानसिक शांति का अनुभव होगा।

    मकर राशि वालों को आज कार्यों में थोड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है लेकिन धैर्य से सभी समस्याओं का समाधान मिलेगा। जीवनसाथी का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा।

    कुंभ राशि के लिए दिन शुभ रहेगा। नौकरी और व्यापार में प्रगति के संकेत हैं। पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। मित्रों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सफलता और सम्मान दिलाने वाला रहेगा। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

    कुल मिलाकर 4 जुलाई का दिन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। मेहनत ईमानदारी और संयम के साथ किए गए कार्य सफलता दिला सकते हैं। आर्थिक मामलों में सतर्कता और पारिवारिक रिश्तों में मधुर व्यवहार पूरे दिन को बेहतर बनाएगा।

  • 16वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन को मिली वैश्विक सराहना, रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग और आर्थिक संबंधों को नई दिशा मिलने पर जापानी मीडिया का जोर

    16वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन को मिली वैश्विक सराहना, रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग और आर्थिक संबंधों को नई दिशा मिलने पर जापानी मीडिया का जोर

    नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच आयोजित 16वें वार्षिक शिखर सम्मेलन को लेकर जापानी मीडिया ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विभिन्न समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग में लगातार बढ़ती साझेदारी को क्षेत्रीय स्थिरता और दीर्घकालिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण बताया है। विश्लेषणों में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत और जापान के संबंध पहले की तुलना में अधिक व्यापक और मजबूत होते जा रहे हैं।

    शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की और भविष्य में सहयोग को और विस्तार देने पर सहमति जताई। बातचीत में आर्थिक सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने, ऊर्जा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, उन्नत प्रौद्योगिकी और रक्षा क्षेत्र में साझेदारी जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे। दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

    जापानी मीडिया रिपोर्टों में उल्लेख किया गया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की उपलब्धता जापान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे समय में भारत का विशाल बाजार, तेजी से विकसित होता विनिर्माण क्षेत्र और कुशल मानव संसाधन जापान के लिए एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक साझेदार के रूप में उभर रहे हैं। इसी कारण दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    विश्लेषणों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा को भी प्रमुख विषय बताया गया। रिपोर्टों के अनुसार जापान भारत को स्वतंत्र, खुला और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र की अवधारणा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोगी मानता है। क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और समुद्री मार्गों की सुरक्षा के संदर्भ में दोनों देशों के बीच सहयोग को भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।

    शिखर सम्मेलन के दौरान रक्षा सहयोग को लेकर भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा अभ्यासों को और मजबूत करने, नौसैनिक सहयोग बढ़ाने, रक्षा उपकरणों के विकास तथा आधुनिक सैन्य तकनीकों के आदान-प्रदान को गति देने पर जोर दिया। साथ ही रक्षा उत्पादन में सहयोग और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत संयुक्त परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में भी सकारात्मक प्रगति दर्ज की गई।

    बातचीत के दौरान ऊर्जा सुरक्षा और आवश्यक खनिज संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया। दोनों देशों ने वैश्विक आपूर्ति में आने वाली संभावित बाधाओं से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर सहमति जताई। इसके अलावा उच्च तकनीक आधारित संचार प्रणालियों और रक्षा उपकरणों से जुड़े सहयोग को भी नई गति देने का निर्णय लिया गया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और जापान के बीच लगातार मजबूत होते संबंध केवल द्विपक्षीय हितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता, आर्थिक विकास और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। हालिया शिखर सम्मेलन से स्पष्ट संकेत मिला है कि दोनों देश रणनीतिक विश्वास, साझा हितों और दीर्घकालिक सहयोग के आधार पर अपनी साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले समय में व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में इस सहयोग के और विस्तार की संभावना जताई जा रही है।

  • हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू' के मुरीद हुए यश, भावुक पोस्ट में कहा- मुश्किल राह चुनकर बनाया मुकाम, तुम पर गर्व है

    हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू' के मुरीद हुए यश, भावुक पोस्ट में कहा- मुश्किल राह चुनकर बनाया मुकाम, तुम पर गर्व है

    नई दिल्ली । अभिनेत्री हुमा कुरैशी की नई फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ को रिलीज के बाद दर्शकों के साथ-साथ फिल्मी सितारों का भी समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में अभिनेता यश ने फिल्म देखने के बाद हुमा कुरैशी और पूरी टीम की खुलकर प्रशंसा की है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए उनके संदेश ने फिल्म को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है। यश ने अपने संदेश में फिल्म निर्माण की चुनौतियों और हुमा की मेहनत का विशेष रूप से उल्लेख किया।

    यश ने कहा कि फिल्म निर्माण केवल पर्दे पर दिखाई देने वाली चमक तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके पीछे लंबे समय की मेहनत, कई कठिन फैसले और लगातार संघर्ष छिपा होता है। उनके अनुसार किसी अलग और चुनौतीपूर्ण विषय पर फिल्म बनाना आसान नहीं होता, लेकिन ‘बेबी डू डाई डू’ की पूरी टीम ने इस चुनौती को पूरी प्रतिबद्धता के साथ स्वीकार किया।

    अपने संदेश में यश ने विशेष रूप से हुमा कुरैशी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने आसान रास्ता चुनने के बजाय कठिन विषय पर काम कर अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने लिखा कि इस तरह के प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि धैर्य, साहस और दृढ़ विश्वास की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि “तुम पर गर्व है” जैसे शब्द भी उनकी मेहनत की पूरी प्रशंसा के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

    यश ने फिल्म की पूरी टीम को रिलीज के लिए शुभकामनाएं भी दीं और उम्मीद जताई कि दर्शक इस प्रयास को सकारात्मक रूप से स्वीकार करेंगे। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रशंसक भी दोनों कलाकारों के बीच पेशेवर सम्मान की सराहना कर रहे हैं।

    यश और हुमा कुरैशी जल्द ही आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक’ में एक साथ स्क्रीन साझा करते नजर आएंगे। ऐसे में यश की ओर से मिली यह सार्वजनिक सराहना दोनों कलाकारों के बीच मजबूत पेशेवर संबंधों को भी दर्शाती है। फिल्म जगत में एक कलाकार द्वारा दूसरे कलाकार के काम की खुले तौर पर प्रशंसा को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    दूसरी ओर, ‘बेबी डू डाई डू’ की रिलीज ऐसे समय हुई है जब सिनेमाघरों में कई बड़ी फिल्में भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। इसके बावजूद फिल्म अपने अलग विषय और कलाकारों के प्रदर्शन के कारण चर्चा में बनी हुई है। शुरुआती प्रतिक्रियाओं में दर्शकों की राय अलग-अलग जरूर रही है, लेकिन फिल्म को लेकर लगातार बातचीत जारी है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि किसी फिल्म को लेकर दर्शकों के साथ-साथ उद्योग से जुड़े प्रमुख कलाकारों की सकारात्मक प्रतिक्रिया भी उसके प्रति उत्सुकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यश की ओर से मिली खुली सराहना के बाद ‘बेबी डू डाई डू’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।

    फिलहाल फिल्म को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया लगातार सामने आ रही है। आने वाले दिनों में बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन और व्यापक दर्शक प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि ‘बेबी डू डाई डू’ व्यावसायिक और समीक्षात्मक दोनों स्तरों पर कितना प्रभाव छोड़ने में सफल रहती है।

  • दिलजीत दोसांझ हमेशा साथ रखते हैं गुटका साहिब, जानिए सिख परंपरा में क्यों माना जाता है इसे आस्था और अनुशासन का प्रतीक

    दिलजीत दोसांझ हमेशा साथ रखते हैं गुटका साहिब, जानिए सिख परंपरा में क्यों माना जाता है इसे आस्था और अनुशासन का प्रतीक

    नई दिल्ली । प्रसिद्ध गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में साझा किया कि वह जब भी घर से बाहर निकलते हैं, अपने साथ गुटका साहिब अवश्य रखते हैं। उनका यह वक्तव्य एक बार फिर सिख परंपरा में गुटका साहिब के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को चर्चा का विषय बना रहा है। सिख समुदाय में इसे केवल एक प्रार्थना पुस्तिका नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में ईश्वर के स्मरण, अनुशासन और आध्यात्मिक संतुलन का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।

    गुटका साहिब आकार में छोटा और साथ रखने में सुविधाजनक धार्मिक ग्रंथ है। इसमें सिख धर्म की प्रमुख वाणियों और दैनिक पाठों का संकलन होता है। इसकी पोर्टेबल संरचना के कारण श्रद्धालु इसे यात्रा, कार्यस्थल या घर से बाहर रहते हुए भी आसानी से अपने साथ रख सकते हैं। यही कारण है कि अनेक सिख श्रद्धालुओं की तरह दिलजीत दोसांझ भी इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा मानते हैं।

    गुटका साहिब में सामान्यतः जापजी साहिब, जाप साहिब, तव-प्रसाद सवैये, रेहरास साहिब, कीर्तन सोहिला तथा अन्य महत्वपूर्ण वाणियों का संकलन शामिल होता है। अलग-अलग प्रकाशनों में इसकी सामग्री में कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन इसका मूल उद्देश्य श्रद्धालुओं को दैनिक प्रार्थनाओं के लिए एक सुविधाजनक और सम्मानजनक संकलन उपलब्ध कराना होता है। इससे व्यक्ति नियमित रूप से गुरबाणी का पाठ कर अपने आध्यात्मिक जीवन से जुड़ा रह सकता है।

    सिख परंपरा में प्रार्थना को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को संयम, सेवा, विनम्रता और सकारात्मक सोच के साथ जीने का मार्ग माना जाता है। सुबह, शाम और रात्रि के निर्धारित पाठ श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुशासन बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं। गुटका साहिब इन्हीं दैनिक पाठों को सरल और व्यवस्थित रूप में उपलब्ध कराता है, जिससे व्यस्त जीवन और यात्रा के दौरान भी नियमित प्रार्थना जारी रखी जा सके।

    सिख समुदाय में गुटका साहिब को अत्यंत सम्मान के साथ रखा जाता है। इसे हमेशा स्वच्छ स्थान पर रखने, आदरपूर्वक स्पर्श करने और पाठ के समय पूर्ण श्रद्धा बनाए रखने की परंपरा है। धार्मिक ग्रंथ के प्रति सम्मान को सिख आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है और श्रद्धालु इसके रख-रखाव से जुड़े धार्मिक मर्यादाओं का विशेष ध्यान रखते हैं।

    दिलजीत दोसांझ का गुटका साहिब को हमेशा अपने साथ रखना उनकी व्यक्तिगत आस्था और आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक माना जा सकता है। लगातार यात्राओं और व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद धार्मिक मूल्यों से जुड़े रहने की यह परंपरा अनेक सिख श्रद्धालुओं के जीवन में भी दिखाई देती है। गुटका साहिब उनके लिए केवल प्रार्थना का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और गुरु परंपरा से निरंतर जुड़े रहने का एक महत्वपूर्ण आधार भी है। इसी कारण यह सिख जीवनशैली और धार्मिक आचरण का एक सम्मानित एवं महत्वपूर्ण अंग माना जाता है।

  • केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन-पेंशन पर बड़ा अपडेट, 8वें वेतन आयोग का अगला पड़ाव भुवनेश्वर और कोलकाता; रिपोर्ट से पहले अंतिम चरण की परामर्श प्रक्रिया तेज

    केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन-पेंशन पर बड़ा अपडेट, 8वें वेतन आयोग का अगला पड़ाव भुवनेश्वर और कोलकाता; रिपोर्ट से पहले अंतिम चरण की परामर्श प्रक्रिया तेज

    नई दिल्ली । केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे 8वें वेतन आयोग ने अपनी परामर्श प्रक्रिया को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। सरकार को अंतिम रिपोर्ट सौंपने से पहले आयोग देश के विभिन्न हिस्सों में कर्मचारी संगठनों, मंत्रालयों और सरकारी विभागों से लगातार संवाद कर रहा है। इसी क्रम में अब आयोग की टीम ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर और पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का दौरा करेगी, जहां विभिन्न हितधारकों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जाएंगी।

    आयोग की अध्यक्षता कर रहीं न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में टीम हाल ही में लखनऊ में विभिन्न कर्मचारी संगठनों से चर्चा कर चुकी है। अब 6 और 7 जुलाई को भुवनेश्वर में रेलवे, रक्षा क्षेत्र और अन्य केंद्रीय कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श प्रस्तावित है। इसके बाद 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में पूर्वी भारत के कर्मचारी संगठनों और संबंधित पक्षों के साथ अंतिम दौर की बैठकों का आयोजन किया जाएगा।

    इन बैठकों का उद्देश्य विभिन्न विभागों और कर्मचारी वर्गों की मांगों, सुझावों और व्यावहारिक समस्याओं को सीधे समझना है। आयोग चाहता है कि अंतिम सिफारिशें तैयार करते समय सभी वर्गों की राय को समुचित महत्व दिया जाए। इसी कारण देश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर कर्मचारियों और उनके प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित किया जा रहा है।

    आयोग केवल कर्मचारी संगठनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और प्रशासनिक इकाइयों से भी विस्तृत जानकारी एकत्र कर रहा है। वेतन, भत्तों, पेंशन और अन्य वित्तीय दायित्वों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि सरकार पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय प्रभाव का वास्तविक आकलन किया जा सके। इस प्रक्रिया का उद्देश्य ऐसी संतुलित सिफारिशें तैयार करना है जो कर्मचारियों के हितों और सरकारी वित्तीय क्षमता, दोनों के अनुरूप हों।

    जानकारी के अनुसार अभी कई मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से आवश्यक आंकड़े आयोग को उपलब्ध नहीं कराए जा सके हैं। इसी वजह से संबंधित डेटा जमा करने की समय सीमा बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी गई है। आयोग का मानना है कि सभी आवश्यक सूचनाएं प्राप्त होने के बाद ही व्यापक और तथ्याधारित रिपोर्ट तैयार की जा सकेगी।

    रिपोर्ट की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए आयोग विशेषज्ञ सलाहकारों की सेवाएं भी ले रहा है। वित्तीय विश्लेषण, प्रशासनिक ढांचे और वेतन संरचना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों की राय शामिल की जा रही है, ताकि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यवहारिक और प्रभावी सिफारिशें तैयार की जा सकें। आयोग इस बात पर विशेष ध्यान दे रहा है कि अंतिम रिपोर्ट में किसी प्रकार की तथ्यात्मक त्रुटि या अधूरी जानकारी न रहे।

    मौजूदा कार्यप्रणाली को देखते हुए माना जा रहा है कि आयोग इस वर्ष अगस्त से दिसंबर के बीच अपनी अंतिम रिपोर्ट का मसौदा तैयार कर सकता है। इसके बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी, जिस पर संबंधित मंत्रालयों और केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विचार किया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद ही आयोग की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ऐसे में लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर अब आयोग की आगामी बैठकों और अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है, क्योंकि इन्हीं सिफारिशों के आधार पर भविष्य की वेतन और पेंशन संरचना तय होगी।

  • EPFO का बड़ा डिजिटल बदलाव, UPI से सीधे बैंक खाते में मिलेगा PF का पैसा, जानिए नई सुविधा से जुड़े सभी अहम नियम और फायदे

    EPFO का बड़ा डिजिटल बदलाव, UPI से सीधे बैंक खाते में मिलेगा PF का पैसा, जानिए नई सुविधा से जुड़े सभी अहम नियम और फायदे

    नई दिल्ली । कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए एक नई डिजिटल सुविधा शुरू करने की तैयारी में है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारी अपने भविष्य निधि खाते को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई से जोड़ सकेंगे और स्वीकृत पीएफ क्लेम की राशि सीधे अपने पंजीकृत बैंक खाते में प्राप्त कर सकेंगे। इस बदलाव का उद्देश्य पीएफ निकासी प्रक्रिया को अधिक तेज, सरल और पूरी तरह डिजिटल बनाना है।

    नई व्यवस्था को लागू करने के लिए ईपीएफओ अपने नए डिजिटल प्लेटफॉर्म EPFO 2.01 पर काम कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म केंद्रीकृत आईटी प्रणाली के तहत विकसित किया जा रहा है, जिससे विभिन्न सेवाओं को एकीकृत किया जा सके। इसके माध्यम से क्लेम प्रोसेसिंग, भुगतान और अन्य ऑनलाइन सेवाओं को पहले की तुलना में अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

    नई सुविधा के तहत खाताधारक अपने ईपीएफ खाते को यूपीआई से लिंक कर सकेंगे। क्लेम स्वीकृत होने के बाद राशि सीधे उनके पंजीकृत बैंक खाते में भेजी जाएगी। बैंक खाते में पैसा आने के बाद खाताधारक अपनी सुविधा के अनुसार यूपीआई भुगतान, बैंक शाखा या एटीएम के माध्यम से राशि का उपयोग या निकासी कर सकेंगे। इससे अलग से किसी विशेष भुगतान व्यवस्था की आवश्यकता नहीं रहेगी।

    हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी तेज रही कि ईपीएफओ अपने खाताधारकों को अलग एटीएम कार्ड जारी करेगा। हालांकि नई व्यवस्था में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। खाताधारकों को किसी नए कार्ड की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि राशि सीधे उनके मौजूदा बैंक खाते में पहुंचेगी और वे अपने सामान्य बैंक एटीएम कार्ड या डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे।

    इसी बीच ईपीएफओ पोर्टल के अपग्रेडेशन को लेकर भी कई उपयोगकर्ताओं को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा। नए सिस्टम को लागू करने के दौरान पोर्टल कुछ समय के लिए धीमा रहा और कई सेवाएं प्रभावित हुईं। बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं के एक साथ लॉगिन करने से भी तकनीकी दबाव बढ़ा। अब पोर्टल सामान्य रूप से काम कर रहा है, हालांकि नए प्लेटफॉर्म को पूरी तरह स्थिर होने में अभी कुछ और समय लग सकता है।

    नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि प्लेटफॉर्म पूरी तरह सक्रिय होने के बाद खाताधारकों को पीएफ निकासी से जुड़ी प्रक्रियाओं में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। डिजिटल सत्यापन, तेज क्लेम प्रोसेसिंग और कम कागजी कार्रवाई के कारण दावों का निपटान अपेक्षाकृत कम समय में किया जा सकेगा। इससे कर्मचारियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम होगी।

    नई प्रणाली के तहत खाताधारकों को अपने पीएफ खाते से निर्धारित नियमों के अनुसार राशि निकालने की सुविधा भी अधिक सरल रूप में उपलब्ध होगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सभी सेवाओं के एकीकृत होने से क्लेम की स्थिति जानना, भुगतान की निगरानी करना और अन्य ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेना भी आसान होगा।

    ईपीएफओ का मानना है कि यह बदलाव सामाजिक सुरक्षा सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। नई तकनीक के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव देने का लक्ष्य रखा गया है। प्लेटफॉर्म पूरी तरह संचालित होने के बाद करोड़ों खाताधारकों को पीएफ निकासी और अन्य सेवाओं में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।