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  • जी-20 मंच पर भारत की मजबूत आर्थिक कूटनीति: अमेरिका के साथ ग्रोथ एजेंडे पर सहमति, कई देशों ने बढ़ाई आर्थिक साझेदारी में रुचि

    जी-20 मंच पर भारत की मजबूत आर्थिक कूटनीति: अमेरिका के साथ ग्रोथ एजेंडे पर सहमति, कई देशों ने बढ़ाई आर्थिक साझेदारी में रुचि


    नई दिल्ली । जी-20 की बैठक में भारत ने वैश्विक आर्थिक विकास और वित्तीय संतुलन को लेकर अपना स्पष्ट और मजबूत रुख पेश किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत अमेरिकी अध्यक्षता के तहत जी-20 में आर्थिक विकास वैश्विक असंतुलन को दूर करने और वित्तीय साक्षरता बढ़ाने जैसे प्रमुख मुद्दों पर अमेरिका के साथ पूरी तरह सहमत है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ हुई सकारात्मक और रचनात्मक द्विपक्षीय बैठक के बाद सीतारमण ने कहा कि नई दिल्ली और वाशिंगटन वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक जैसी सोच रखते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी अध्यक्षता ने विकास को प्राथमिकता दी है और वैश्विक आर्थिक असंतुलन को गंभीर चुनौती के रूप में सामने रखा है। साथ ही वित्तीय साक्षरता को भी विशेष महत्व दिया गया है और भारत इन सभी विषयों पर खुली और निष्पक्ष चर्चा का समर्थन करता है।

    वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक विकास जी-20 के वित्तीय ट्रैक का केंद्रीय विषय है और दुनिया की बदलती आर्थिक परिस्थितियों में वैश्विक असंतुलन को दूर करना भी बेहद जरूरी हो गया है। भारत चाहता है कि जी-20 के सदस्य देश उन सभी चुनौतियों पर गंभीर और व्यापक चर्चा करें जो अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। सीतारमण ने अमेरिकी अध्यक्षता द्वारा इन मुद्दों को प्राथमिकता देने की सराहना करते हुए कहा कि भारत एशविले में चल रही चर्चाओं में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है। उनका कहना है कि वैश्विक स्तर पर मजबूत आर्थिक सहयोग और बेहतर समन्वय के बिना आने वाली चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव नहीं होगा।

    जी-20 बैठक के दौरान सीतारमण ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर अलग से बातचीत भी की। उन्होंने इस बैठक को बेहद सकारात्मक और रचनात्मक बताया। हालांकि बैठक के विस्तृत मुद्दों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई लेकिन उनके बयान से यह साफ संकेत मिला कि आर्थिक विकास को प्राथमिकता देने और वैश्विक अर्थव्यवस्था में मौजूद असंतुलन को कम करने के विषय पर भारत और अमेरिका के बीच व्यापक सहमति बनी है। यह सहमति ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब दुनिया कई आर्थिक और भू राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है।

    वित्त मंत्री ने जी-20 बैठक के दौरान पोलैंड कतर दक्षिण कोरिया और रूस के प्रतिनिधियों के साथ भी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने कहा कि सभी देशों के प्रतिनिधियों के पास भारत की आर्थिक स्थिति और विकास से जुड़े तथ्य मौजूद थे और वे भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। कुछ देशों के साथ आगे आर्थिक और वित्तीय संवाद की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। दक्षिण कोरिया के साथ इस साल के अंत में विशेष संवाद होगा जबकि कतर के साथ भी आर्थिक सहयोग को लेकर आगे बातचीत की जाएगी।

    भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था ने भी जी-20 मंच पर देश की स्थिति को मजबूती दी है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि वित्तीय और पेशेवर सेवा क्षेत्र में 12.1 प्रतिशत का विस्तार दर्ज किया गया। सीतारमण ने इन आंकड़ों को वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक मजबूती का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियां सामने आने पर सरकार भारत को बेहतर और लाभकारी स्थिति में बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी।

    वित्त मंत्री की विदेश यात्रा की शुरुआत कनाडा से हुई जहां उन्होंने वहां के वित्त मंत्री के साथ बातचीत की। इसके बाद वह निवेश और वित्तीय एजेंसियों से चर्चा के लिए शिकागो पहुंचीं और फिर जी-20 बैठक में भाग लेने के लिए एशविले गईं। यहां कार्यक्रम पूरे होने के बाद वह न्यूयॉर्क में उन अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से मुलाकात करेंगी जो भारतीय बाजार में अपनी भागीदारी बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। जी-20 मंच पर भारत की सक्रिय भागीदारी और कई देशों के साथ बढ़ते आर्थिक संवाद से यह संकेत मिल रहा है कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

  • ग्रोथ के आंकड़ों पर सियासत गर्म, निर्मला सीतारमण बोलीं भारत की अर्थव्यवस्था को मृत कहना करोड़ों मेहनतकश भारतीयों का अपमान

    ग्रोथ के आंकड़ों पर सियासत गर्म, निर्मला सीतारमण बोलीं भारत की अर्थव्यवस्था को मृत कहना करोड़ों मेहनतकश भारतीयों का अपमान


    नई दिल्ली । एशविले में जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया है जिसमें उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को मृत अर्थव्यवस्था बताया था। सीतारमण ने कहा कि ऐसे बयान केवल सरकार की आलोचना नहीं हैं बल्कि उन करोड़ों भारतीय नागरिकों की मेहनत को भी कमतर आंकते हैं जिनके प्रयासों से देश लगातार आर्थिक प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब भारत मजबूत विकास दर दर्ज कर रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिल रहा है तब देश की अर्थव्यवस्था को नकारात्मक रूप से पेश करना तथ्यों से अलग तस्वीर दिखाने जैसा है।

    वित्त मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और सरकार से सवाल पूछना उसका अधिकार और जिम्मेदारी दोनों हैं। सरकार की नीतियों की आलोचना करना भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है लेकिन राजनीतिक विरोध के दौरान देश के नागरिकों की मेहनत और आर्थिक उपलब्धियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार से असहमति रखने का पूरा अधिकार है लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति में आम नागरिकों के योगदान को कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।

    सीतारमण ने भारत की आर्थिक स्थिति के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2026-27 वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि फाइनेंशियल और प्रोफेशनल सर्विस सेक्टर में 12.1 प्रतिशत का विस्तार देखने को मिला है। इसके साथ ही देश का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 700 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंचना भी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है।

    वित्त मंत्री ने कहा कि ये आंकड़े केवल कागजों पर दर्ज उपलब्धियां नहीं हैं बल्कि इसके पीछे देश के करोड़ों नागरिकों की कड़ी मेहनत और उनकी महत्वाकांक्षाएं हैं। भारत के लोग अपनी व्यक्तिगत प्रगति के साथ देश को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाने में भी योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बाहरी चुनौतियों के बावजूद भारत का आर्थिक प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है और यह देश की क्षमता को दर्शाता है।

    राहुल गांधी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीतारमण ने कांग्रेस में मौजूद अर्थशास्त्रियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में कई ऐसे लोग हैं जो आर्थिक आंकड़ों और वास्तविक तथ्यों को समझते हैं। इसलिए मजबूत विकास दर और अन्य सकारात्मक संकेतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था को मृत कहना हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत हो सकती है और सरकार की नीतियों पर सवाल भी उठाए जा सकते हैं लेकिन इससे देश की पूरी आर्थिक प्रगति को नकारा नहीं जा सकता।

    सीतारमण ने मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कारोबार और निवेश को आसान बनाने के लिए 1000 से अधिक कानूनों को हटाया है और लगभग 40000 नियमों को सरल बनाया गया है। केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग तथा उद्योग और व्यापार जगत के साथ लगातार संवाद को भी आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण बताया गया।

    उन्होंने भरोसा जताया कि पहली तिमाही का मजबूत प्रदर्शन पूरे वित्तीय वर्ष के लिए सकारात्मक संकेत है। आने वाली तिमाहियों में भी भारत की विकास गति बनाए रखने की उम्मीद है। जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से होने वाली बातचीत में भी भारत की आर्थिक संभावनाओं और निवेश अवसरों पर जोर दिया जा रहा है। सीतारमण के बयान के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि आर्थिक आंकड़ों और विकास के मुद्दे पर राजनीतिक बहस के बीच देश की प्रगति को किस नजरिए से देखा जाना चाहिए।

  • ग्लोबल वार्मिंग का खतरनाक असर: समुद्र का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर, मुंबई-कोलकाता समेत करोड़ों लोगों के भविष्य पर संकट

    ग्लोबल वार्मिंग का खतरनाक असर: समुद्र का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर, मुंबई-कोलकाता समेत करोड़ों लोगों के भविष्य पर संकट


    नई दिल्ली । संयुक्त राष्ट्र की नई चेतावनी ने ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे को एक बार फिर दुनिया के सामने गंभीर रूप से रख दिया है। समुद्र का लगातार बढ़ता जलस्तर अब केवल छोटे द्वीपीय देशों की समस्या नहीं रह गया है बल्कि भारत समेत दुनिया के बड़े और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण शहर भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि समुद्र के बढ़ते जलस्तर का असर भारत के कोलकाता और मुंबई जैसे महानगरों पर भी पड़ सकता है जहां लाखों लोगों के जीवन और संपत्ति पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

    रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग के कारण ग्लेशियर और बर्फ की विशाल परतें तेजी से पिघल रही हैं जबकि समुद्र का पानी गर्म होने के कारण उसका फैलाव भी बढ़ रहा है। इन दोनों कारणों से समुद्र का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है। वर्ष 2024 में समुद्र के जलस्तर में सालाना बढ़ोतरी करीब छह मिलीमीटर दर्ज की गई जो अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में से एक बताई गई है। यह आंकड़ा भले ही छोटा दिखाई दे लेकिन लंबे समय में इसका असर करोड़ों लोगों के जीवन पर पड़ सकता है।

    पैसिफिक आइलैंड्स फोरम लीडर्स की 55वीं बैठक के दौरान जारी रिपोर्ट में दक्षिण एशिया के निचले डेल्टा क्षेत्रों को विशेष रूप से संवेदनशील बताया गया है। भारत के कोलकाता और मुंबई के साथ बांग्लादेश की राजधानी ढाका जैसे बड़े शहरों में समुद्र का जलस्तर बढ़ने से बड़े पैमाने पर विस्थापन का खतरा पैदा हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इन क्षेत्रों में 1.4 करोड़ से अधिक लोगों के घर स्थायी रूप से पानी की चपेट में आने का जोखिम है। हालांकि इस स्थिति के लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई गई है लेकिन चेतावनी साफ है कि यदि जलवायु परिवर्तन की रफ्तार नहीं रोकी गई तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने कहा है कि समुद्र का बढ़ता जलस्तर केवल तटीय क्षेत्रों की जमीन और इमारतों को प्रभावित करने वाली समस्या नहीं है। इसका सीधा असर लोगों की सेहत खाद्य सुरक्षा मानवाधिकार और सांस्कृतिक पहचान पर भी पड़ सकता है। जब किसी समुदाय को अपनी पुश्तैनी जमीन और घर छोड़ने पड़ते हैं तो वह केवल एक स्थान नहीं खोता बल्कि अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान भी खो सकता है। यही कारण है कि सरकारों को समुद्र के बढ़ते जलस्तर को अपनी विकास और शहरी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना होगा।

    रिपोर्ट में हिमालय के ग्लेशियरों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। दक्षिण एशिया में बड़ी संख्या में ग्लेशियर होने के कारण हिमालयी क्षेत्र को तीसरा ध्रुव भी कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार अगले 15 से 20 वर्षों में ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने से दक्षिण एशिया में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। इसके बाद पानी की उपलब्धता में कमी और सूखे जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका है जिससे खेती और खाद्य सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ सकता है।

    दुनिया भर में करीब 77 करोड़ लोग ऐसे तटीय इलाकों में रहते हैं जो समुद्र के उच्च ज्वार स्तर से पांच मीटर से भी कम ऊंचाई पर हैं। समुद्र का जलस्तर बढ़ने से इन क्षेत्रों में रहने वाली आबादी के साथ परिवहन ऊर्जा जल आपूर्ति इमारतों और भूजल संसाधनों पर भी खतरा बढ़ रहा है। अनुमान है कि दुनिया भर में करीब 1.8 ट्रिलियन डॉलर मूल्य के इंफ्रास्ट्रक्चर पर इसका जोखिम मंडरा रहा है।

    संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट दुनिया के लिए साफ संदेश है कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की नहीं बल्कि वर्तमान की चुनौती बन चुका है। अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो समुद्र का बढ़ता पानी आने वाले वर्षों में महानगरों से लेकर छोटे तटीय समुदायों तक की तस्वीर बदल सकता है।

  • फर्जी IAS मामले में नया VIDEO वायरल: विधानसभा में प्रोबेशनर होने का दावा, कथित ठगी के बाद अब सहेलियों की भूमिका पर सवाल

    फर्जी IAS मामले में नया VIDEO वायरल: विधानसभा में प्रोबेशनर होने का दावा, कथित ठगी के बाद अब सहेलियों की भूमिका पर सवाल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में फर्जी IAS बनकर कथित तौर पर लोगों को ठगने के आरोप में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत से जुड़े नए VIDEO सामने आने के बाद पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। अशोकनगर के चंदेरी से शुरू हुए इस मामले की कड़ियां अब भोपाल तक पहुंच चुकी हैं और विधानसभा परिसर में बनाए गए एक VIDEO ने तृप्ति की कथित फर्जी अफसर वाली पहचान पर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। VIDEO में तृप्ति अपनी दो सहेलियों के साथ विधानसभा परिसर के बाहर घूमती और ब्लॉग बनाती नजर आ रही है। लाल साड़ी में दिखाई दे रही तृप्ति को उसकी एक सहेली सीनियर अधिकारी बताती है जबकि तृप्ति खुद को प्रोबेशनर बताते हुए मजाक में कहती नजर आती है कि उनकी हरकतों को देखकर कोई उन्हें अधिकारी नहीं मानेगा।

    विधानसभा परिसर के बाहर शूट किए गए VIDEO में तृप्ति की सहेली कहती है कि वे विधानसभा अटेंड करने आई हैं और उन्होंने अपना पहला ब्लॉग बनाने का फैसला किया है। बातचीत के दौरान तृप्ति और उसकी सहेलियों के बीच हंसी मजाक भी होता है। एक सहेली कहती है कि वे दोनों प्रोबेशनर्स हैं जबकि तृप्ति पहले से उनकी सीनियर हैं। तृप्ति भी इस बातचीत में खुद को सीनियर बताते हुए अपनी सहेलियों के साथ दोस्ताना व्यवहार करने की बात कहती है। यह VIDEO सामने आने के बाद पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या ऐसे वीडियो और सोशल मीडिया गतिविधियों का इस्तेमाल लोगों के बीच खुद को असली सरकारी अधिकारी साबित करने के लिए किया जाता था।

    तृप्ति पर आरोप है कि वह अलग अलग जगहों पर खुद को IAS अधिकारी और मध्य प्रदेश पर्यटन निगम की बड़ी अधिकारी बताकर लोगों का भरोसा जीतती थी। चंदेरी में उसके खिलाफ चार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 9 लाख 80 हजार रुपए लेने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने तृप्ति और उसके भाई सुधांशु सिंह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच के दौरान भोपाल में भी उसके खिलाफ 39 लाख 17 हजार रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया। शिकायत के अनुसार एक व्यक्ति से होटल और रिसॉर्ट की संपत्ति लीज पर दिलाने के नाम पर 35 लाख 30 हजार रुपए और नौकरी लगवाने के नाम पर 3 लाख 87 हजार रुपए लिए गए।

    जांच में यह भी सामने आया है कि तृप्ति के पास कथित तौर पर सरकारी पहचान से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामग्री मौजूद थी। पुलिस को CBI लिखा पहचान पत्र और सरकारी लेटरहेड जैसे दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा भारत सरकार लिखा एक इनोवा वाहन भी पुलिस जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन चीजों का इस्तेमाल लोगों पर सरकारी अधिकारी होने का प्रभाव डालने के लिए किया जाता था या नहीं।

    पुलिस जांच में मंत्रालय और IAS अधिकारियों के नामों की सूची मिलने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि तृप्ति जरूरत पड़ने पर अधिकारियों के नाम लेकर खुद को उनके करीब बताती थी जिससे लोगों का भरोसा आसानी से जीता जा सके। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इस कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था और कितने लोग इसके प्रभाव में आए।

    भोपाल के मामले में शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेने के बाद न तो होटल रिसॉर्ट की लीज दिलाई गई और न ही नौकरी लग सकी। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर केवल 1 लाख रुपए लौटाए गए जबकि बाकी रकम को लेकर विवाद बढ़ने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले में तृप्ति के भाई और अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

    विधानसभा परिसर के VIDEO सामने आने के बाद अब पुलिस की नजर तृप्ति के पूरे नेटवर्क पर है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि उसकी सहेलियों और अन्य सहयोगियों को कथित फर्जी पहचान के बारे में कितनी जानकारी थी। चंदेरी से भोपाल तक फैले मामलों और विधानसभा परिसर के VIDEO ने इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में पुलिस पूछताछ और जांच से इस कथित फर्जी IAS नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।

  • 1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए, सीएम मोहन यादव बोले- सफलता को सिर पर न चढ़ाएं और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें

    1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए, सीएम मोहन यादव बोले- सफलता को सिर पर न चढ़ाएं और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें


    भोपाल । भोपाल में आयोजित लैपटॉप वितरण कार्यक्रम मेधावी विद्यार्थियों के लिए यादगार बन गया जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक साथ 1 लाख 21 हजार से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की बड़ी पहल की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 10 विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से लैपटॉप सौंपे जबकि 1 लाख 21 हजार 804 पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को केवल अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं रहने बल्कि जीवन की हर चुनौती से सीखते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता मिलने पर उसे सिर पर नहीं चढ़ाना चाहिए और असफलता आने पर निराश होकर रुकने के बजाय अपनी गलतियों से सीखकर नई शुरुआत करनी चाहिए। विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य तय करने और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ नॉलेज और स्किल्स को मजबूत करना भी आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए विद्यार्थियों के सामने जीवन के बदलते दौर का उदाहरण रखा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिलने वाले लड्डू के लिए भी तरसना पड़ता था लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के संसाधन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज सीखोगे तो कल कमाओगे। उनके अनुसार लैपटॉप केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं बल्कि डिजिटल लर्निंग ई-लाइब्रेरी और उच्च शिक्षा के नए अवसरों तक पहुंचने का माध्यम है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्थर और मूर्तिकार का उदाहरण देकर विद्यार्थियों को संघर्ष का महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा कि जिस पत्थर में छेनी और हथौड़ी की चोट सहने की क्षमता होती है वही आगे चलकर सुंदर मूर्ति बनता है और सम्मान पाता है। जीवन की कठिनाइयां भी इंसान को इसी तरह मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी ही हार सकता है लेकिन जीत का सपना भी वही देखता है जो मुकाबला करने का साहस रखता है।

    लैपटॉप योजना के विस्तार पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इसकी शुरुआत कभी केवल 473 विद्यार्थियों से हुई थी लेकिन आज इसका दायरा बढ़कर 1 लाख 21 हजार से अधिक मेधावी विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने अपने भविष्य के सपने भी साझा किए। 12वीं में 97.2 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले धीरेंद्र सिंह मुंडेला ने बताया कि वह पहले यूपीएससी की तैयारी करना चाहते हैं और आगे चलकर राजनीति में आकर देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं। वहीं 95 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली हिमांशी पाठक ने नौकरी करने के साथ भविष्य में अपना व्यवसाय शुरू करने और नौकरी देने वाली बनने की इच्छा जताई।

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि केवल डॉक्टर इंजीनियर और वकील बनने का सपना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि अच्छे किसान और योग्य राजनेता भी समाज और देश की जरूरत हैं। उन्होंने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्राचार्यों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर मार्गदर्शन से कमजोर शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थी भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

    स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का भरोसा बढ़ा है और ड्रॉपआउट दर में लगातार कमी आई है। वर्ष 2025-26 में करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों ने 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं जबकि पिछले वर्ष यह संख्या लगभग 92 हजार थी। उन्होंने कहा कि लैपटॉप योजना से अब तक करीब 6 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं और सरकार इस योजना पर लगभग 1620 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। साथ ही करीब 18 हजार रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी भी आगे बढ़ाई जा रही है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर माहौल मिल सके।

  • स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए डाइट में शामिल करें ये फल! विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से त्वचा को मिलेगा पोषण

    स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए डाइट में शामिल करें ये फल! विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से त्वचा को मिलेगा पोषण


    नई दिल्ली। ग्लोइंग और हेल्दी स्किन हर किसी की चाहत होती है और इसके लिए लोग तरह तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि त्वचा की देखभाल केवल बाहर से किए जाने वाले स्किन केयर तक सीमित नहीं है। हमारी डाइट का भी त्वचा की सेहत पर असर पड़ता है। रोजाना की डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर फलों को शामिल करके शरीर को जरूरी विटामिन मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट मिल सकते हैं। ये पोषक तत्व त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। खासतौर पर कुछ फलों में मौजूद विटामिन सी विटामिन ए पानी और एंटीऑक्सीडेंट स्किन के लिए उपयोगी माने जाते हैं।

    संतरा और अन्य खट्टे फल त्वचा के लिए अच्छी डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। इनमें विटामिन सी पाया जाता है जो शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है। संतरे जैसे फलों में पानी की मात्रा भी अच्छी होती है जिससे शरीर को हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। नियमित रूप से मौसमी फलों का सेवन करना त्वचा के साथ साथ पूरे शरीर के लिए बेहतर डाइट का हिस्सा बन सकता है।

    पपीता भी उन फलों में शामिल है जिन्हें स्किन फ्रेंडली डाइट में जगह दी जा सकती है। इसमें विटामिन ए विटामिन सी और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। पपीते को नाश्ते या दिन के किसी दूसरे समय आसानी से खाया जा सकता है। इसके सेवन से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और संतुलित डाइट बनाए रखने में मदद मिलती है।

    तरबूज गर्म मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने वाला लोकप्रिय फल है। इसमें पानी की मात्रा काफी अधिक होती है। शरीर में पर्याप्त पानी होना त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में तरबूज को डाइट में शामिल करना खासतौर पर गर्म दिनों में अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे सीधे काटकर या फ्रूट बाउल के रूप में खाया जा सकता है।

    कीवी भी पोषक तत्वों से भरपूर फलों में गिना जाता है। इसमें विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं। इसलिए संतुलित डाइट में कीवी जैसे फलों को शामिल करना त्वचा के साथ संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

    स्ट्रॉबेरी और दूसरे बेरीज भी डाइट को पोषक बनाने का अच्छा विकल्प हैं। इनमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इन्हें दही के साथ या सीधे फल के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि किसी एक फल को त्वचा की सभी समस्याओं का इलाज नहीं माना जा सकता। हेल्दी स्किन के लिए संतुलित आहार पर्याप्त पानी अच्छी नींद नियमित शारीरिक गतिविधि और सही स्किन केयर रूटीन पर भी ध्यान देना जरूरी है।

    इसलिए अगर आप अपनी त्वचा को अंदर से पोषण देना चाहते हैं तो डाइट में अलग अलग रंग और प्रकार के फलों को शामिल करने की कोशिश करें। मौसमी और ताजे फलों को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प हो सकता है। साथ ही बहुत ज्यादा मीठे पैकेज्ड जूस की जगह साबुत फल खाना अधिक उपयोगी हो सकता है क्योंकि इससे फल में मौजूद फाइबर भी मिलता है।

  • भोपाल में सीलिंग ने बढ़ाया सियासी और कारोबारी पारा: सड़क पर व्यापारी, पुलिस से भिड़ंत, शहरव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    भोपाल में सीलिंग ने बढ़ाया सियासी और कारोबारी पारा: सड़क पर व्यापारी, पुलिस से भिड़ंत, शहरव्यापी आंदोलन की चेतावनी


    भोपाल । भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई ने मंगलवार को एक बार फिर व्यापारियों के गुस्से को भड़का दिया। शहर में सुबह से शुरू हुई कार्रवाई के बाद भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारी सड़कों पर उतर आए और सीलिंग अभियान को तुरंत बंद करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब व्यापारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने के लिए सीएम हाउस की ओर बढ़ने लगे और पुलिस ने उन्हें रोशनपुरा चौराहे के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।

    नगर निगम की टीम ने मंगलवार सुबह करीब 9 बजे से रहवासी क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। कोहेफिजा क्षेत्र में चाय लीला कैफे सहित होटल बुक शॉप और बेकरी जैसे प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों में नाराजगी फैल गई। कुछ संचालकों ने निगम की कार्रवाई से पहले ही अपने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद कर दिए लेकिन व्यापारिक संगठनों ने इसे कारोबारियों के लिए बड़ी परेशानी बताते हुए विरोध का फैसला किया।

    सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में व्यापारी न्यू मार्केट स्थित नानके पेट्रोल पंप के पास एकत्र हुए और वहां से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू किया। व्यापारियों का कहना था कि वे सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना चाहते हैं और सीलिंग की कार्रवाई बंद करने के साथ शहर में मास्टर प्लान लागू करने की मांग कर रहे हैं। जैसे ही प्रदर्शनकारी रोशनपुरा चौराहे के पास पहुंचे पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उनका रास्ता रोक दिया। इसके बाद कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की की स्थिति बन गई। इस दौरान कुछ व्यापारी नीचे गिर गए हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।

    प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने तानाशाही बंद करो के नारे लगाकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। कई व्यापारी सशक्त आवाज व्यापारियों की आवाज लिखे बैनर पहनकर प्रदर्शन में पहुंचे। विरोध को अलग तरीके से दर्ज कराने के लिए व्यापारियों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए थाली शंख और डमरू भी बजाए। मौके पर मौजूद ACP अखिल पटेल ई रिक्शा पर चढ़कर व्यापारियों को समझाने और स्थिति को शांत करने की कोशिश करते नजर आए लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।

    भोपाल व्यापारी महासंघ संघर्ष समिति के अध्यक्ष नवीन सोनी ने कहा कि व्यापारी सरकार तक अपना ज्ञापन पहुंचाने आए हैं और उनकी सबसे बड़ी मांग सीलिंग की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को राहत देते हुए शहर में मास्टर प्लान लागू किया जाना चाहिए ताकि वर्षों से संचालित कारोबारियों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा न हो। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि अभी प्रदर्शन में भोपाल के केवल 10 प्रतिशत व्यापारी ही शामिल हुए हैं। यदि सीलिंग की कार्रवाई जारी रही तो शहर के सभी व्यापारी एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे और पूरे भोपाल में विरोध तेज किया जाएगा।

    सीलिंग कार्रवाई को लेकर बढ़ता विरोध अब नगर निगम और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। एक ओर निगम नियमों के तहत कार्रवाई जारी रखे हुए है तो दूसरी ओर व्यापारी इसे अपने कारोबार और भविष्य पर संकट बता रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासन इस विवाद का क्या समाधान निकालते हैं इस पर अब पूरे शहर की नजर बनी हुई है।

  • फैंस ने पूछा भाभी कैसी हैं तो विजय ने दिया रश्मिका का हेल्थ अपडेट, बोले प्यार हुआ, दिल टूटा और जिंदगी बदलती गई

    फैंस ने पूछा भाभी कैसी हैं तो विजय ने दिया रश्मिका का हेल्थ अपडेट, बोले प्यार हुआ, दिल टूटा और जिंदगी बदलती गई


    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता विजय देवरकोंडा ने हालिया इवेंट में अपनी निजी जिंदगी को लेकर खुलकर बातें कीं और अपने अनुभवों के जरिए फैंस को जिंदगी के कई रंग दिखाए। प्यार होने से लेकर दिल टूटने और शराब छोड़ने तक विजय ने अपनी जिंदगी के उतार चढ़ाव पर बात की। इस दौरान जब फैंस ने उनसे रश्मिका मंदाना की तबीयत को लेकर सवाल किया तो उन्होंने अभिनेत्री का हेल्थ अपडेट भी साझा किया। विजय ने बताया कि रश्मिका को चोट जरूर लगी थी लेकिन अब वह ठीक हो रही हैं और घर पर आराम करते हुए अपना समय बिता रही हैं।

    विजय देवरकोंडा एक फिल्म के प्रमोशनल इवेंट में पहुंचे थे जहां उनसे उनकी जिंदगी के सबसे रोमांचक पलों के बारे में सवाल किया गया। इस सवाल का जवाब देते हुए विजय ने किसी एक घटना को सबसे खास बताने के बजाय अपनी पूरी जिंदगी को ही रोमांच से भरी यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि उनका जन्म 1989 में हुआ और इसके बाद जिंदगी का हर साल अपने आप में अलग और रोमांचक रहा है। बातचीत के दौरान विजय ने अपने पुराने दिनों और शराब पीने की आदत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब वह शराब पीते थे लेकिन बाद में उन्होंने इसे छोड़ दिया। हालांकि उन्होंने शराब छोड़ने के पीछे की कोई खास वजह विस्तार से नहीं बताई।

    इवेंट में विजय ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी भावनाओं को भी बेहद दिलचस्प अंदाज में साझा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें प्यार हुआ और उनका दिल भी टूटा। विजय के इस अंदाज ने वहां मौजूद लोगों को हंसने और तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। उनकी बातों से साफ था कि वह जिंदगी के अच्छे और मुश्किल दोनों दौरों को एक अनुभव की तरह देखते हैं। प्यार दिल टूटना और जिंदगी में आगे बढ़ना उनके लिए ऐसी घटनाएं रहीं जिन्होंने उन्हें अलग अलग समय पर बहुत कुछ सिखाया।

    विजय की इस बातचीत के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई जब फैंस ने उनसे रश्मिका मंदाना के बारे में सवाल किया। फैंस ने मजाकिया अंदाज में उनकी भाभी की तबीयत के बारे में पूछा तो विजय ने जवाब देते हुए कहा कि वह ठीक हैं। उन्होंने बताया कि रश्मिका को चोट लगी थी लेकिन अब उनकी हालत बेहतर है और वह घर पर आराम कर रही हैं। विजय के इस जवाब के बाद रश्मिका और उनके फैंस को राहत मिली।

    विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की जोड़ी लंबे समय से सुर्खियों में रही है। दोनों ने फिल्म गीता गोविंदम और डियर कॉमरेड में साथ काम किया और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसके बाद दोनों की निजी जिंदगी को लेकर भी लगातार चर्चाएं होती रहीं। फैंस अक्सर दोनों के रिश्ते को लेकर सवाल करते हैं और उनकी हर सार्वजनिक गतिविधि पर नजर बनाए रखते हैं।

    विजय देवरकोंडा की इस बातचीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह अपनी जिंदगी के अनुभवों को छिपाने के बजाय खुलकर साझा करने से पीछे नहीं हटते। प्यार दिल टूटने और जिंदगी में आए बदलावों के बारे में उनका बेबाक अंदाज फैंस को पसंद आ रहा है। वहीं रश्मिका मंदाना की तबीयत को लेकर विजय के अपडेट ने उनके चाहने वालों को राहत दी है। अब फैंस की नजरें इस चर्चित जोड़ी के आने वाले प्रोजेक्ट्स और निजी जिंदगी से जुड़े अगले अपडेट पर बनी हुई हैं।

  • अक्षय कुमार और प्रियदर्शन फिर साथ, इस बार शिकारी के किरदार में दिखेंगे खिलाड़ी कुमार! 99वीं फिल्म से डायरेक्टर करेंगे बड़ा धमाका

    अक्षय कुमार और प्रियदर्शन फिर साथ, इस बार शिकारी के किरदार में दिखेंगे खिलाड़ी कुमार! 99वीं फिल्म से डायरेक्टर करेंगे बड़ा धमाका


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार और मशहूर फिल्म निर्देशक प्रियदर्शन की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर दर्शकों का मनोरंजन करने की तैयारी में है। हिंदी सिनेमा की सबसे सफल निर्देशक और अभिनेता जोड़ियों में शामिल अक्षय और प्रियदर्शन ने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दी हैं। अब दोनों एक नए और बेहद दिलचस्प प्रोजेक्ट के साथ लौटने वाले हैं जिसमें अक्षय कुमार का अंदाज पहले से काफी अलग नजर आ सकता है। इस फिल्म को खास बनाने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें अक्षय एक शिकारी के किरदार में दिखाई देंगे। प्रियदर्शन ने खुद इस नए किरदार को लेकर संकेत दिए हैं जिसके बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता काफी बढ़ गई है।

    बताया जा रहा है कि यह फिल्म प्रियदर्शन के निर्देशन करियर की 99वीं फिल्म होगी और इसी वजह से भी यह प्रोजेक्ट उनके लिए बेहद खास माना जा रहा है। अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की यह साथ में नौवीं फिल्म हो सकती है। दोनों की जोड़ी ने पहले भी कॉमेडी और सस्पेंस के मिश्रण के साथ दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया है। ऐसे में अब शिकारी के किरदार में अक्षय कुमार को देखने के लिए फैंस काफी उत्साहित हैं।

    प्रियदर्शन के अनुसार इस फिल्म में अक्षय का किरदार काफी दिलचस्प और अलग होगा। अक्षय कुमार इससे पहले कॉमेडी फिल्मों में कई तरह के यादगार किरदार निभा चुके हैं लेकिन प्रियदर्शन की फिल्म में शिकारी का उनका यह रूप दर्शकों के लिए बिल्कुल नया अनुभव साबित हो सकता है। हालांकि फिल्म की पूरी कहानी और अन्य किरदारों को लेकर अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन इस एक खुलासे ने ही सिनेमा प्रेमियों के बीच जबरदस्त चर्चा शुरू कर दी है।

    फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नई कॉमेडी थ्रिलर फिल्म का संभावित नाम विक्केड सनी हो सकता है। हालांकि फिल्म के निर्माताओं की तरफ से अभी तक टाइटल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि फिल्म का निर्माण टिप्स फिल्म्स के बैनर तले किया जा सकता है और इसकी शूटिंग दिसंबर 2026 से शुरू होने की संभावना है। मेकर्स इस प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर तैयार करने की योजना बना रहे हैं ताकि दर्शकों को कॉमेडी और थ्रिलर का एक अलग सिनेमाई अनुभव मिल सके।

    अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की साझेदारी का इतिहास हिंदी सिनेमा में बेहद शानदार रहा है। हेरा फेरी से लेकर गरम मसाला और भागम भाग तक दोनों ने कई ऐसी फिल्में दी हैं जिन्हें आज भी दर्शक बड़े चाव से देखते हैं। भूल भुलैया और दे दना दन जैसी फिल्मों में भी दोनों की रचनात्मक समझ देखने को मिली है। उनकी फिल्मों के कई दृश्य और संवाद आज भी सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हैं और मीम्स की दुनिया में लगातार इस्तेमाल किए जाते हैं।

    लंबे अंतराल के बाद इस जोड़ी ने फिर से कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर साथ काम किया है। भूत बंगला और हैवान के बाद अब नई फिल्म में अक्षय कुमार का शिकारी वाला किरदार दर्शकों के लिए एक और बड़ा सरप्राइज हो सकता है। अक्षय की शानदार कॉमिक टाइमिंग और प्रियदर्शन की सिचुएशनल कॉमेडी पहले भी बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई है। अब इसमें थ्रिलर और सस्पेंस का नया तड़का जुड़ने से उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

    आने वाले समय में अक्षय कुमार और प्रियदर्शन के फैंस के लिए मनोरंजन की भरपूर खुराक तैयार है। पहले हैवान की रिलीज और उसके बाद दिसंबर में नए प्रोजेक्ट की संभावित शूटिंग इस जोड़ी को लगातार चर्चा में बनाए रख सकती है। प्रियदर्शन की 99वीं फिल्म में शिकारी के रूप में अक्षय कुमार आखिर किस तरह का किरदार निभाएंगे और विक्केड सनी की कहानी दर्शकों को कितना रोमांचित करेगी इसका जवाब फिल्म के आधिकारिक ऐलान और रिलीज के साथ ही मिलेगा। फिलहाल इतना तय है कि कॉमेडी और थ्रिलर के इस नए मेल ने दर्शकों की उत्सुकता को पहले ही काफी बढ़ा दिया है।

  • मैदान पर हार और ड्रेसिंग रूम में हाहाकार! पाकिस्तान ने एक साथ 7 खिलाड़ियों को किया रिलीज, नए चेहरों के भरोसे तीसरा टेस्ट

    मैदान पर हार और ड्रेसिंग रूम में हाहाकार! पाकिस्तान ने एक साथ 7 खिलाड़ियों को किया रिलीज, नए चेहरों के भरोसे तीसरा टेस्ट


    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम में बड़ा भूचाल आ गया है। लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद टीम प्रबंधन और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ऐसे फैसले लिए हैं जिनकी चर्चा क्रिकेट जगत में तेजी से हो रही है। सीरीज के बीच पाकिस्तान ने एक साथ 7 खिलाड़ियों को रिलीज कर दिया है जबकि कोचिंग स्टाफ में भी बड़े बदलाव की खबरों ने टीम के भीतर चल रही उथल पुथल को और बढ़ा दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान की टीम इस समय 0-2 से पीछे चल रही है और तीसरे तथा अंतिम टेस्ट से पहले टीम की तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आ रही है।

    पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा झटका यह है कि जिन खिलाड़ियों को टीम से बाहर किया गया है उनमें कई अनुभवी नाम शामिल हैं। सलमान अली आगा को भी रिलीज कर दिया गया है जो बाबर आजम की अनुपस्थिति में पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान टीम की कप्तानी कर चुके थे। पहले टेस्ट में कप्तानी करने के बाद उन्हें दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया और अब तीसरे टेस्ट से पहले उन्हें वापस घर भेज दिया गया है। अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान और ओपनर इमाम उल हक पर भी गाज गिरी है। इनके अलावा अली उस्मान आमिर जमाल मुहम्मद अवैस जफर और खुर्रम शहजाद को भी टीम से रिलीज कर दिया गया है।

    इन सात खिलाड़ियों की जगह नए चेहरों को टीम में शामिल किया गया है लेकिन यहां भी पाकिस्तान टीम के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नए खिलाड़ियों में से पांच ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण नहीं किया है। ऐसे में सीरीज के निर्णायक और अंतिम मुकाबले से पहले अनुभव और संतुलन दोनों ही पाकिस्तान के लिए बड़ी चिंता बन गए हैं। टीम पहले ही इंग्लैंड के खिलाफ दो मैच गंवा चुकी है और अब नए खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरने का फैसला कप्तान बाबर आजम के लिए किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं होगा।

    पाकिस्तान क्रिकेट टीम में मची इस उथल पुथल पर क्रिकेट विशेषज्ञ भी हैरान हैं। वरिष्ठ कमेंटेटर हर्षा भोगले ने पाकिस्तान क्रिकेट में हो रहे लगातार बदलावों पर प्रतिक्रिया देते हुए टीम की स्थिति को असामान्य बताया। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि पहले टेस्ट में कप्तानी करने वाले खिलाड़ी को दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया और फिर तीसरे टेस्ट से पहले उसे टीम से रिलीज कर दिया गया। इसके साथ ही कोचिंग स्टाफ में बदलाव और वरिष्ठ खिलाड़ियों के अचानक बाहर होने से टीम के भीतर की परिस्थितियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी कप्तान बाबर आजम के कंधों पर आ गई है। एक तरफ पाकिस्तान टीम सीरीज में 0-2 से पीछे है तो दूसरी तरफ ड्रेसिंग रूम में लगातार बदलाव खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और टीम संयोजन को प्रभावित कर सकते हैं। बाबर को न सिर्फ नए खिलाड़ियों के साथ मजबूत प्लेइंग इलेवन तैयार करनी होगी बल्कि टीम के भीतर स्थिरता भी कायम करनी होगी। कप्तान के तौर पर उन्हें खिलाड़ियों को एकजुट रखने के साथ अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन पर भी ध्यान देना होगा क्योंकि इंग्लैंड दौरे पर उनका बल्ला भी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं चला है।

    तीसरा टेस्ट पाकिस्तान के लिए केवल एक मैच नहीं बल्कि सम्मान बचाने की लड़ाई बन गया है। सात खिलाड़ियों की छुट्टी और नए चेहरों की एंट्री के बाद सबकी नजर बाबर आजम की रणनीति पर होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान इस बड़े फेरबदल को अपनी कमजोरी बनने देता है या फिर नए खिलाड़ियों के जोश के दम पर इंग्लैंड के खिलाफ वापसी कर सीरीज का अंत सम्मानजनक तरीके से करता है।