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  • IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें

    IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें


    नई दिल्ली। IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें
    बेंगलुरु। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के स्वामित्व में बदलाव की खबरों ने क्रिकेट प्रेमियों में हलचल मचा दी है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदर पूनावाला ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में संकेत दिए कि वह RCB के लिए “मजबूत और प्रतिस्पर्धी” बोली लगाने जा रहे हैं।

    पूनावाला ने अपने पोस्ट में लिखा: “आने वाले कुछ महीनों में मैं आईपीएल की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक RCB के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बोली पेश करूंगा।” हालांकि उन्होंने बोली की समय-सीमा या संभावित राशि का जिक्र नहीं किया।

    आईपीएल 2026 की शुरुआत 26 मार्च से प्रस्तावित है, इसलिए यह प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी।

    RCB की बिक्री की पृष्ठभूमि:
    ‘फोर्ब्स इंडिया’ के अनुसार, RCB का मूल्य लगभग 105 मिलियन डॉलर है। मौजूदा मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (यूएसएल) है, जो डियाजियो की भारतीय इकाई है। टीम के चार जून 2025 को हुए जीत समारोह में हुई भगदड़ में 11 प्रशंसकों की मौत के बाद बिक्री प्रक्रिया को तेज किया गया था। बता दें कि यूनाइटेड स्पिरिट्स ने 2016 में विजय माल्या के कारोबार के पतन के बाद RCB को अधिग्रहित किया था। 

    https://twitter.com/adarpoonawalla/status/2014318866147742087

    घरेलू मुकाबलों का स्थान भी सवालों में:
    पूनावाला के बयान के साथ ही अटकलें लगाई जा रही हैं कि आईपीएल 2026 में RCB अपने घरेलू मुकाबले बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर खेल सकती है। पुणे, मुंबई और रायपुर ने टीम से अपने शहर में मैचों की मेजबानी के लिए संपर्क किया है।
    कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KCSA) ने RCB से बेंगलुरु में ही मैच आयोजित करने का आग्रह किया है।

    RCB ने कहा, “अभी कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर और विचार करने की जरूरत है। हम सभी सुझावों और पहलुओं पर गौर कर रहे हैं, ताकि टीम और प्रशंसकों के हित में जिम्मेदार निर्णय लिया जा सके।”

    अन्य संभावित दावेदार:
    पूनावाला के अलावा, विजय किरागंदूर की होम्बले फिल्म्स कंपनी भी RCB के स्वामित्व की दौड़ में मानी जा रही है। होम्बले फिल्म्स ‘केजीएफ’ और ‘कांतारा’ जैसी सुपरहिट फिल्मों की निर्माता है।

  • खरगे का मोदी पर हमला, कहा- "चायवाला सिर्फ नाटक, मनरेगा खत्म करना गरीबों पर वार"

    खरगे का मोदी पर हमला, कहा- "चायवाला सिर्फ नाटक, मनरेगा खत्म करना गरीबों पर वार"


    नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे वोट पाने के लिए खुद को “चाय वाला” बताते हैं, लेकिन वास्तविकता में यह सिर्फ राजनीति का नाटक है। उन्होंने केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ और मनरेगा (MGNAREGA) के संभावित बदलावों पर भी चिंता जताई।

    खरगे ने कांग्रेस के ‘रचनात्मक कांग्रेस’ प्रकोष्ठ के कार्यक्रम ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ को संबोधित करते हुए कहा, “वोट पाने के लिए कहते हैं, मैं चायवाला हूँ। क्या उन्होंने कभी चाय बनाई? क्या उन्होंने कभी केतली उठाकर रेल के डिब्बों में लोगों को चाय पिलाई? यह सब सिर्फ नाटक है। गरीबों को सताना उनकी आदत बन चुकी है।”

    उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी चुनाव प्रचार में व्यस्त है और असल काम के मामले में पिछड़ रही है। खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों की तुलना पंडित नेहरू के बड़े प्रोजेक्ट्स से करते हुए कहा, “देश को बताओ, मोदी जी ने ऐसा कौन सा काम किया जो इतिहास में याद रखा जाएगा?”

    कांग्रेस ने उनके भाषण के वीडियो और उद्धरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए। पोस्ट में लिखा गया है कि मोदी और अमित शाह देश के लिए काम नहीं करते, सिर्फ चुनाव प्रचार में लगे रहते हैं। मनरेगा और मजदूरों के हितों के मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    https://twitter.com/INCIndia/status/2014260487098335309?s=20

    भाजपा का पलटवार:
    खरगे के बयान पर भाजपा नेता टॉम वडक्कन ने जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साधारण परिवार से आते हैं और इसे नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेता शाही परिवारों से हैं, और वे इस विशेषाधिकार को नकार नहीं सकते।

    बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले मोदी अक्सर कहते थे कि उनके पिता वडनगर स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे और बचपन में उन्होंने पिता की मदद की। कांग्रेस नेताओं ने इस पर कई बार राजनीतिक विवाद खड़े किए हैं, जबकि भाजपा कांग्रेस को “वंशवादी” कहकर पलटवार करती रही है।

    खरगे ने चेतावनी दी कि कांग्रेस पूरे देश में मनरेगा बचाने के लिए आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा, “मनरेगा को खत्म करना सिर्फ कमजोर तबकों पर हमला नहीं है, बल्कि महात्मा गांधी की जन-स्मृति और ग्राम स्वराज की सोच पर हमला है। कोई दल इसका नाम बदलने की हिमाकत करे, देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।”

  • रिमी सेन का खुलासा जॉन अब्राहम के एक्टिंग करियर को लेकर, कहा- बेहद चालाकी से छुपाते थे कमजोरी

    रिमी सेन का खुलासा जॉन अब्राहम के एक्टिंग करियर को लेकर, कहा- बेहद चालाकी से छुपाते थे कमजोरी


    नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री रिमी सेन ने हाल ही में जॉन अब्राहम के शुरुआती करियर और उनकी एक्टिंग को लेकर खुलासा किया। रिमी सेनजिन्होंने जॉन अब्राहम के साथ धूम 4 में काम किया हैने बताया कि जॉन को एक्टिंग नहीं आती थी और वह इसे बड़ी समझदारी से छुपाते थे।

    रिमी सेन ने कहा कि जॉन ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी और शुरुआती दिनों में लोग कहते थे कि उन्हें एक्टिंग नहीं आती। हालांकि जॉन ने कभी इस पर कुछ नहीं कहा और हमेशा अपने काम में पूरी मेहनत की। उन्होंने ऐसे रोल्स चुने जिसमें उन्हें ज्यादा एक्टिंग नहीं करनी पड़ती थीजैसे एक्शन फिल्मों में। रिमी के अनुसार जॉन ने अपनी समझदारी का इस्तेमाल कर ऐसी फिल्में चुनीं जिसमें वह अच्छे लगें और लोग उनकी एक्टिंग की कमियों पर सवाल न कर सकें।

    रिमी ने आगे बताया कि धीरे-धीरे जब जॉन को लोकप्रियता मिली और लोग उन्हें पहचानने लगेतो उन्होंने एक्टिंग सीखना शुरू किया। कैमरे के सामने लगातार काम करने से एक्सपीरियंस आया और इसके बाद जॉन ऐसे रोल्स लेने लगे जिनमें उन्हें एक्टिंग का मौका मिलता। रिमी कहती हैं कि जॉन अपनी लिमिटेशन्स को अच्छी तरह जानते हैं और इसी वजह से उन्होंने अपने करियर को सफल बनाया।

    रिमी ने कहा कि उन्हें जॉन पर्सनली जानती हैं और वह उन्हें एक इंटेलिजेंट एक्टर मानती हैं। जॉन ने अपने करियर में न केवल एक्टिंग बल्कि प्रोडक्शन और बिजनेस में भी हाथ आजमाया और कई हिट फिल्में दी हैं।रिमी ने अपने खुद के करियर के फैसलों के बारे में भी बात की और बताया कि उन्होंने क्यों फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर दुबई शिफ्ट होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि दुबई एक स्वागत करने वाला शहर हैयहां 95 प्रतिशत आबादी प्रवासियों की है और बाकी अमीराती लोग हैंयही वजह थी कि उन्होंने नई जिंदगी की शुरुआत वहां की।

    जॉन अब्राहम की बात करें तो वह अपनी आखिरी फिल्म तेहरान में नजर आए थे जो पिछले साल रिलीज हुई थी। अब वह रोहित शेट्टी के साथ एक नई फिल्म करने वाले हैं। खबर है कि यह फिल्म पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की जिंदगी पर आधारित होगी।रिमी सेन के खुलासे से यह साफ हो गया है कि जॉन अब्राहम ने अपने करियर की शुरुआत में काफी मेहनत और समझदारी से काम किया। उन्होंने शुरुआती कमजोरियों को छुपायासही रोल्स चुने और धीरे-धीरे एक्टिंग में खुद को साबित किया।

  • राजनांदगांव-कलमना सेक्शन पर 14 ट्रेनें रद्द, निर्माण कार्य के चलते यात्रियों को अलर्ट

    राजनांदगांव-कलमना सेक्शन पर 14 ट्रेनें रद्द, निर्माण कार्य के चलते यात्रियों को अलर्ट


    नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने राजनांदगांव-कलमना रेल सेक्शन में तीसरी लाइन जोड़ने के निर्माण कार्य के कारण 24 जनवरी से 31 जनवरी तक कुल 14 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। यह कदम भविष्य में ट्रेन की रफ्तार बढ़ाने, भीड़ कम करने और ट्रैफिक सिस्टम बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

    रेलवे ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें। कुछ डेमू और मेमू ट्रेनें अपने तय स्टेशन तक नहीं पहुंचेंगी और रास्ते में ही समाप्त हो जाएंगी। यह सलाह आखिरी मिनट की परेशानी और समय की बर्बादी से बचाने के लिए दी गई है।

    कौन सी ट्रेनें प्रभावित हैं:
    58817 तुमसर रोड–पैसेंजर
    58816 तिरोडी–तुमसर रोड पैसेंजर
    58815 इतवारी–तिरोडी पैसेंजर
    58818 तिरोडी–तुमसर रोड पैसेंजर
    68715 बालाघाट–इतवारी–तिरोडी मेमू
    68714 इतवारी–बालाघाट मेमू
    68741 दुर्ग–गोंदिया मेमू
    68742 गोंदिया–दुर्ग मेमू
    68743 गोंदिया–इतवारी मेमू
    68744 इतवारी–गोंदिया मेमू
    68711 डोंगरगढ़–गोंदिया मेमू
    68712 गोंदिया–डोंगरगढ़ मेमू
    68713 गोंदिया–इतवारी मेमू
    68716 इतवारी–गोंदिया मेमू

    रेलवे ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है ताकि भविष्य में ट्रैफिक सुचारू रहे और यात्रा का समय कम हो। विशेष रूप से छोटे कस्बों के यात्रियों, दफ्तर जाने वाले लोगों और छात्रों को अपने सफर की योजना पहले से बनाकर चलने की सलाह दी गई है।

  • Oscars 2026: हॉरर थ्रिलर ‘सिनर्स’ ने तोड़ा रिकॉर्ड, 16 कैटिगरी में नॉमिनेशन

    Oscars 2026: हॉरर थ्रिलर ‘सिनर्स’ ने तोड़ा रिकॉर्ड, 16 कैटिगरी में नॉमिनेशन


    नई दिल्ली: ऑस्कर्स 2026 की फाइनल नॉमिनेशन लिस्ट का ऐलान हो चुका है और इस बार हॉलीवुड की हॉरर थ्रिलर फिल्म सिनर्स (Sinners) ने इतिहास रच दिया है। साल 2025 में रिलीज़ हुई इस फिल्म को 16 अलग-अलग कैटिगरीज में नॉमिनेट किया गया है जो अब तक किसी भी फिल्म के लिए सबसे ज्यादा नॉमिनेशन का रिकॉर्ड है।इससे पहले सबसे ज्यादा नॉमिनेशन का रिकॉर्ड तीन फिल्मों के नाम था। 1950 में रिलीज़ हुई ऑल अबाउट ईव 1997 की टाइटैनिक और 2016 की ला ला लैंड हर एक को 14 कैटिगरी में नॉमिनेट किया गया था। सिनर्स ने यह रिकॉर्ड तोड़कर अब तक की सबसे ज्यादा नॉमिनेटेड फिल्म बन गई है।

    फिल्म की कहानी और निर्देशन के मामले में इसे व्यापक सराहना मिली है। सिनर्स के लेखक प्रोड्यूसर और डायरेक्टर रयान कूग्लेर हैं। फिल्म की स्टार कास्ट में माइकल बी. जॉर्डन जैक ओ’कोनेल और हैली स्टाइनफेल्ड जैसे नाम शामिल हैं।सिनर्स को कई अहम कैटिगरीज में नॉमिनेट किया गया है। इसमें शामिल हैं-बेस्ट पिक्चर बेस्ट डायरेक्टर बेस्ट ओरिजनल स्क्रीनप्ले बेस्ट एक्टर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर बेस्ट ओरिजनल स्कोर बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग सिनेमेटोग्राफी प्रोडक्शन डिजाइन कॉस्ट्यूम डिजाइन बेस्ट साउंड फिल्म एडिटिंग मेकअप एंड हेयरस्टाइलिंग कास्टिंग और बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स।

    भारत में भी सिनर्स को अच्छा रिस्पॉन्स मिला। वैम्पायर और हॉरर शौकीनों के बीच यह फिल्म खास पसंद की गई। sacnilk.com के अनुसार फिल्म ने भारत में नेट 10.47 करोड़ और ग्रॉस 12.5 करोड़ रुपये की कमाई की। वहीं दुनियाभर में इस फिल्म ने 368.3 मिलियन डॉलर का बिज़नेस किया।फिल्म की IMDb रेटिंग भी दर्शकों के अनुभव को दर्शाती है। सिनर्स को 7.5 रेटिंग मिली है और इसे आप जियो हॉटस्टार पर देख सकते हैं।

    इस बार की ऑस्कर्स नॉमिनेशन लिस्ट ने यह साफ कर दिया है कि हॉरर थ्रिलर फिल्में सिर्फ बॉक्स ऑफिस हिट नहीं बल्कि क्रिटिक्स की भी पसंद बन सकती हैं। सिनर्स ने फिल्म निर्माण निर्देशन और कहानी की दृष्टि से सभी मानकों को पार करते हुए इतिहास रच दिया है।सिनर्स की सफलता दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों के लिए एक संदेश है-फिल्म चाहे किसी भी जॉनर की हो अगर कहानी एक्टिंग और निर्देशन दमदार हो तो वह ऑस्कर्स जैसे बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकती है।

  • जी-राम-जी पर राहुल गांधी के बयान से भड़की BJP, लोकसभा नेता विपक्ष को बताया राम विरोधी

    जी-राम-जी पर राहुल गांधी के बयान से भड़की BJP, लोकसभा नेता विपक्ष को बताया राम विरोधी

    नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि कृषि कानून के मुद्दे पर किसानों ने एक साथ आकर सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया था। अगर हम मनरेगा के मुद्दे पर एक साथ आ जाते हैं, तो यह सरकार फिर से झुकने को मजबूर हो जाएगी और मनरेगा फिर से लागू होगी। मनरेगा के बदले में जी राम जी योजना लेकर आई केंद्र सरकार को इन दिनों नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के तीखे हमलों का सामना करना पड़ रहा है। लोकसभा नेता विपक्ष ने जी राम जी योजना के आलोचकों को एक साथ आने और भाजपा के इस कानून का विरोध करने की अपील की है। इतना ही नहीं इस योजना के विरोध में आए राहुल गांधी ने यहां तक कह दिया कि उन्हें इसके नाम की जानकारी नहीं है, उन्हें नहीं पता कि आखिर यह ‘जी राम जी’ क्या है।

    राहुल गांधी के इस बयान के सामने आने पर भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें भगवान राम का विरोधी करार दिया। दरअसल, इस योजना के समर्थकों के मुताबिक इस योजना में महात्मा गांधी का नाम हटाकर भगवान राम का नाम जोड़ा गया है, इसी वजह से कांग्रेस को इससे परेशानी हो रही है। भाजपा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी जिस तरीके से इस योजना के नाम का विरोध कर रहे हैं, वह कांग्रेस की राम और सनातन विरोधी मानसिकता को उजागर कर रहे हैं।

    क्या कहा था राहुल ने?
    इस योजना की शुरुआत से ही कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती नजर आ रही है। दिल्ली के जवाहर भवन में हुए एक सम्मेलन में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “यूपीए सरकार के समय आई मनरेगा योजना ने हर गरीब को रोजगार का अधिकार दिया था, इस अधिकार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खत्म करना चाहते हैं।”

    एक हो जाएं, तो पीछे हटेगी सरकार: राहुल गांधी
    इसके अलावा राहुल गांधी ने 2020 में संसद में पारित हुए विवादित कृषि कानूनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “कुछ समय पहले किसानों ने सरकार को काले कृषि कानून वापस लेने पर मजबूर किया था… अगर हम एकजुट हो जाएं, तो यह कायर हैं, मोदी जी पीछे हट जाएंगे और मनरेगा फिर से शुरू होगी।” राहुल के साथ मौजूद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस योजना को महात्मा गांधी की सार्वजनिक स्मृति का मिटाने का प्रयास बताया।

    गौरतलब है कि राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय पर सामने आई हैं, जब विपक्ष जी राम जी योजना को लेकर सरकार पर दवाब बनाने की कोशिश कर रही है। कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी सरकार की इस योजना के संबंध में विरोध के संकेत मिले। कर्नाटक विधानसभा में आज राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने राज्य सरकार द्वारा तैयार भाषण पढ़ने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि इस भाषण में जी राम जी योजना की आलोचना की गई थी। वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी कहा था कि उनकी सरकार ऐसा ही एक प्रस्ताव लेकर आएगी।

  • अनुराग कश्यप का गुस्सा बना ‘गुलाल’, 8 साल की मेहनत के बाद बनी कल्ट फिल्म..

    अनुराग कश्यप का गुस्सा बना ‘गुलाल’, 8 साल की मेहनत के बाद बनी कल्ट फिल्म..


    नई दिल्ली: बॉलीवुड के ऑफ-बीट और बोल्ड निर्देशक अनुराग कश्यप हमेशा अपनी कहानियों के लिए चर्चित रहे हैं। लेकिन उनकी एक खास फिल्म ऐसी है जो उनके जीवन के गुस्से और समाज में व्याप्त असमानताओं का नतीजा बनी। यह फिल्म है गुलाल जिसे बनाने में पूरे 8 साल लगे और यह आज भी दर्शकों की पसंदीदा फिल्मों में शामिल है।

    गुलाल की कहानी की शुरुआत हुई साल 2001 में। उस वक्त अनुराग कश्यप जीवन के ऐसे पड़ाव पर थे जब उन्हें हर चीज़ पर गुस्सा आता था। उन्होंने कहा कि उस साल सेंसर बोर्ड ने उनकी फिल्म को पांच सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया था और उन्हें महसूस हुआ कि वे हर चीज़ से नाराज हैं-चाहे वह नए राज्य बनना हो या प्यार में पड़ने की घटनाएं। इसी गुस्से और असंतोष ने उन्हें गुलाल बनाने की प्रेरणा दी।फिल्म की कहानी उन्हें तब मिली जब अभिनेता पंकज सारस्वत ने उन्हें राजा चौधरी से मिलवाया। राजा ने कॉलेज पॉलिटिक्स पर लिखी एक कहानी साझा की जिसे अनुराग ने पृष्ठभूमि देने का निर्णय लिया। इसके लिए वे जयपुर गए और वहां कई राजपरिवारों के सदस्यों से मुलाकात की। इन मुलाकातों ने फिल्म की कहानी को वास्तविकता और इतिहास से जोड़ने में मदद की।

    गुलाल की रिसर्च में अनुराग कश्यप ने इतिहासकार शारदा द्विवेदी रोमिला थापर और कई अन्य लेखकों के लेख पढ़े। उन्होंने भारत गणराज्य में राजपूतों की भूमिका और पटियाला रिपोर्ट जैसी ऐतिहासिक जानकारियों को फिल्म की कहानी में समाहित किया। इस तरह फिल्म की पटकथा तैयार हुई।फिल्म का संगीत भी खास रहा। जब अनुराग कश्यप फिल्म लिख रहे थे तब पीयूष मिश्रा ने संगीत की दुनिया में अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने फिल्म के लिए ऐसे गाने लिखे जो आज भी याद किए जाते हैं। शुरुआत में प्रोड्यूसर नहीं मिलने की वजह से फिल्म का निर्माण अटक गया लेकिन बाद में जी मोशन पिक्चर्स ने फिल्म को उठाया और आखिरकार यह रिलीज हो सकी।

    गुलाल बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही लेकिन इसके बावजूद इसने दर्शकों के बीच कल्ट फिल्म का दर्जा पा लिया। इसकी कहानी राजनीति और संगीत आज भी फिल्म प्रेमियों को आकर्षित करते हैं। IMDb पर इस फिल्म को 8 रेटिंग मिली है जो इसे और भी खास बनाती है।गुलाल सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि अनुराग कश्यप के गुस्से शोध और जुनून का परिणाम है। 8 साल की मेहनत और सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर तीव्र नजर ने इसे भारतीय सिनेमा की यादगार फिल्मों में शामिल कर दिया।

  • 27 जनवरी को बैंक बंद? यूनियनों की हड़ताल का ऐलान, जानिए कर्मचारियों की मुख्य मांगें

    27 जनवरी को बैंक बंद? यूनियनों की हड़ताल का ऐलान, जानिए कर्मचारियों की मुख्य मांगें

    नई दिल्ली। Bank Unions Strike: पूरे देश में 27 जनवरी 2026 को बैंकिंग व्यवस्था पर असर पड़ने की संभावना है. करीब आठ लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल करने वाले हैं. बैंक कर्मचारी पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर यह आंदोलन कर रहे हैं. इस आंदोलन में सरकारी, निजी, विदेशी, ग्रामीण और सहकारी बैंक सभी शामिल होंगे
    5 दिन के कार्य सप्ताह की मांग है हड़ताल की वजह
    बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के पीछे सप्ताह में 5 दिनों की कार्य दिवस की मांग है. जिसे लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है. भारतीय बैंक संघ की ओर से यह प्रस्ताव पिछले दो साल से सरकार के पास लंबित है, लेकिन अब तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है.

    यूनियनों के अनुसार, यह मांग 7 दिसंबर 2023 को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और भारतीय बैंक संघ के बीच हुए समझौते का हिस्सा थी. जिसे बाद में 8 मार्च 2024 के सेटलमेंट और जॉइंट नोट में भी दोहराया गया था.

    इस प्रस्ताव के तहत सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना काम का समय 40 मिनट बढ़ाने और सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने की बात कही गई है. यह मांग पूरी न होने के कारण बैंकों यूनियनों ने 27 जनवरी को पूरे देश में हड़ताल करने का फैसला लिया है.
    इन संगठनों ने दिया समर्थन
    देशभर में होने वाली यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के नेतृत्व में आयोजित की जा रही है. जो बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के नौ प्रमुख संगठनों का संयुक्त मंच है. इसमें ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन, ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन, नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन, बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन, इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस, नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स शामिल हैं.
    लगातार 4 दिन बंद रह सकते हैं बैंक

    जनवरी के आखिरी हफ्ते में ग्राहकों को बैंक से जुड़े कामों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. लगातार चार दिन बैंक बंद रहने की संभावना है. 24 जनवरी को चौथा शनिवार होने की वजह से बैंक बंद रहने वाले हैं. वहीं, 25 जनवरी को रविवार की साप्ताहिक छुट्टी होगी.

    26 जनवरी को गणतंत्र दिवस और 27 जनवरी को बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं. ऐसे में लोगों को पहले से अपनी बैंक के प्लान बना लेने की सलाह दी जा रही है.

  • T20 WC Drama: पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने बढ़ाई बहस, बांग्लादेश को दिया चेतावनी भरा संदेश

    T20 WC Drama: पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने बढ़ाई बहस, बांग्लादेश को दिया चेतावनी भरा संदेश

    नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर ने बातचीत में कहा कि भारत में सुरक्षा की किसी भी चिंता की आवश्यकता नहीं है। ICC स्तर के टूर्नामेंट में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम होते हैं और किसी प्रकार की चूक की संभावना लगभग नहीं होती। वासन ने विशेष रूप से बांग्लादेश के कप्तान लिटन दास का जिक्र किया और कहा कि उनकी कप्तानी को सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जाना चाहिए।

    वासन ने कहा, “बांग्लादेश को समझना चाहिए कि उनका कप्तान हिंदू है और इसे दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए, विवाद बढ़ाने के लिए नहीं।”

    ICC के लिए मैच शिफ्ट करना मुश्किल

    पूर्व खिलाड़ी ने साफ किया कि टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले मैचों को दूसरी जगह शिफ्ट करना ICC के लिए “लॉजिस्टिक नाइटमेयर” होगा। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप की तैयारियां काफी पहले से शुरू हो जाती हैं और इतने नजदीक जाकर बदलाव करना लगभग नामुमकिन है।

    उनका मानना है कि ICC किसी एक टीम की मांग पर पूरी योजना बदल नहीं सकता। यदि हर टीम अपनी सुविधा के हिसाब से फैसले करवाने लगे, तो बड़े टूर्नामेंट का आयोजन ही मुश्किल हो जाएगा।

    BCB और ICC के रुख में टकराव

    अतुल वासन ने यह भी कहा कि BCB की चिंताएं ICC के नजरिए से मेल नहीं खातीं। उन्होंने इशारों में कहा कि ICC ने बांग्लादेश को साफ संदेश दे दिया होगा — या तो तय शेड्यूल के अनुसार खेलें या फिर टूर्नामेंट से बाहर होने के लिए तैयार रहें।

    हालांकि, BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने दोहराया कि बोर्ड अपने रुख पर अडिग है और भारत में मैच खेलने के फैसले पर कायम है। ICC द्वारा अनुरोध खारिज किए जाने के बावजूद बांग्लादेश का रुख नहीं बदला है।

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत

    गौरतलब है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होगी और भारत तथा श्रीलंका संयुक्त रूप से मेजबानी करेंगे। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बांग्लादेश ICC के साथ कोई समझौता करता है या अपने रुख पर अडिग रहता है।

    निष्कर्ष:
    अतुल वासन की नसीहत साफ संदेश देती है — सुरक्षा पर कोई सवाल नहीं उठाना चाहिए और इसे दो देशों के बीच भरोसा बढ़ाने का अवसर बनाना चाहिए। वहीं, ICC और BCB के बीच चल रहा टकराव टूर्नामेंट के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रहा है।

  • नीमच में काल बना बेकाबू ट्रेलर: बाइक सवार दो युवकों को 50 फीट तक घसीटा, रूह कंपा देने वाले हादसे में दोनों की मौत

    नीमच में काल बना बेकाबू ट्रेलर: बाइक सवार दो युवकों को 50 फीट तक घसीटा, रूह कंपा देने वाले हादसे में दोनों की मौत


    नीमच । मध्य प्रदेश के नीमच जिले में गुरुवार रात एक ऐसा भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने प्रत्यक्षदर्शियों के कलेजे दहला दिए। कैंट थाना क्षेत्र के भरभड़िया फंटे पर एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सीमेंट से लदा यह भारी-भरकम ट्रेलर बाइक और उस पर सवार युवकों को करीब 50 फीट तक घसीटता चला गया। इस दर्दनाक मंजर में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, उनके शरीर ट्रेलर के टायरों के नीचे बुरी तरह कुचल गए।

    हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाइक को रौंदने के बाद बेकाबू ट्रेलर सड़क किनारे लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए पास के एक खेत में जा घुसा। इस दौरान ट्रेलर की चपेट में बिजली का खंभा भी आ गया, जिससे 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन में जोरदार स्पार्किंग हुई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि हाईटेंशन तार की चपेट में आने से कोई और बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन शॉर्ट सर्किट के धमाकों ने मौके पर मौजूद लोगों में दहशत भर दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही सीएसपी किरण चौहान और कैंट थाना प्रभारी निलेश अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रेलर के भारी वजन के नीचे शव इस कदर फंस गए थे कि उन्हें निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी। एम्बुलेंस और डायल 112 की टीम ने राहत कार्य करते हुए क्षत-विक्षत शवों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल भिजवाया। फिलहाल पुलिस के पास मृतकों की शिनाख्त को लेकर कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं मिले हैं, इसलिए बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भरभड़िया फंटे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर अनियंत्रित गति से चलने वाले भारी वाहनों के कहर को उजागर कर दिया है।