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  • पर्यावरण संरक्षण और समाजिक जिम्मेदारी पर बल, उद्योग और शासन के बीच सहयोग का उदाहरण बना अभियान

    पर्यावरण संरक्षण और समाजिक जिम्मेदारी पर बल, उद्योग और शासन के बीच सहयोग का उदाहरण बना अभियान


    नई दिल्ली। भोपाल। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास पर हाल ही में आयोजित विशेष वृक्षारोपण अभियान में विजयन त्रिशूल डिफेंस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड VTDS के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक साहिल लुथरा आमंत्रित अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में श्री चौहान की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक हैजिन्होंने वर्षों से व्यक्तिगत स्तर पर भी वृक्षारोपण को एक सतत आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया है।

    शिवराज सिंह चौहान देशभर में हरित आवरण बढ़ानेजलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता फैलाने और नागरिकों को प्रकृति से जोड़ने के लिए जाने जाते हैं। उनके एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियानों से यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण केवल नीतियों तक सीमित नहींबल्कि जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए।इस अवसर पर साहिल लुथरा ने कहायह मेरे लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है कि मैं ऐसे वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा बनाजो न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है बल्कि समाज में सामूहिक जिम्मेदारी का भी एहसास कराता है। ऐसे प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

    साहिल लुथरा ने VTDS में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता पर भी प्रकाश डाला और बताया कि यह केवल विचार नहींबल्कि कंपनी की संरचित नीतियों और कार्यप्रणालियों का हिस्सा है। उन्होंने कहाराष्ट्र-निर्माण केवल रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने तक सीमित नहीं हैबल्कि प्रकृति और संसाधनों के संरक्षण के साथ संतुलित विकास सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।

    VTDS ने साहिल लुथरा के नेतृत्व में भारत में स्वदेशी लघु हथियारों और गोला-बारूद के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली हैजिनमें लंदन के हाउस ऑफ कॉमन्स में यंग लीडरविज़नरी इन डिफेन्स लीडरशिप 2025और ईटी एज 40 अंडर 40 जैसे सम्मान शामिल हैं।यह वृक्षारोपण अभियान उद्योगशासन और पर्यावरण संरक्षण के बीच सहयोग का एक सशक्त उदाहरण है। यह दिखाता है कि राष्ट्र की सुरक्षाआर्थिक प्रगति और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एक साझा दृष्टि के अंतर्गत एक साथ आगे बढ़ सकता है।

  • सर्दियों में रूखी और बेजान त्वचा से छुटकारा पाएं, अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे

    सर्दियों में रूखी और बेजान त्वचा से छुटकारा पाएं, अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे



    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम जितना सुहावना होता है, उतना ही त्वचा के लिए चुनौतीपूर्ण भी। ठंडी हवाएं, कम नमी और धूप की कमी त्वचा की प्राकृतिक नमी को छीन लेती हैं, जिससे स्किन रूखी, खिंची हुई और बेजान नजर आने लगती है। कई लोगों को इस दौरान खुजली, फटना और जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, थोड़ी सी समझदारी और सही घरेलू देखभाल से सर्दियों में भी त्वचा को मुलायम, स्वस्थ और चमकदार बनाए रखा जा सकता है।

    मॉइस्चराइजिंग है सबसे जरूरी कदम
    सर्दियों में त्वचा को अतिरिक्त नमी की जरूरत होती है।

    नहाने के तुरंत बाद शरीर और चेहरे पर नारियल तेल या बादाम तेल लगाने से स्किन लंबे समय तक हाइड्रेटेड रहती है। ये तेल त्वचा को पोषण देने के साथ-साथ ड्राइनेस को भी दूर करते हैं। अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा रूखी है, तो रात में सोने से पहले हल्की मालिश करना बेहद फायदेमंद साबित होता है।

    शहद और दूध से पाएं नेचुरल ग्लो
    शहद एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है, जो त्वचा की नमी को लॉक करता है और उसे सॉफ्ट बनाता है। हफ्ते में दो से तीन बार चेहरे पर शुद्ध शहद लगाकर 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धोने से स्किन में निखार आता है।

    शहद में थोड़ी मात्रा में कच्चा दूध मिलाकर लगाने से त्वचा की रंगत और भी बेहतर होती है।

    दूध और मलाई से हटाएं डेड स्किन
    कच्चे दूध में रुई भिगोकर चेहरे पर हल्के हाथों से लगाने से त्वचा साफ और कोमल होती है। वहीं, मलाई में नींबू की कुछ बूंदें मिलाकर लगाने से डेड स्किन हटती है और स्किन की नमी बरकरार रहती है। यह उपाय खासतौर पर बहुत रूखी त्वचा वालों के लिए कारगर है।

    एलोवेरा जेल देगा ठंडक और नमी
    एलोवेरा जेल सर्दियों में त्वचा के लिए रामबाण माना जाता है। यह स्किन को ठंडक देता है और ड्राइनेस को कम करता है। रात में सोने से पहले चेहरे पर एलोवेरा जेल लगाकर छोड़ दें और सुबह हल्के पानी से धो लें, इससे त्वचा तरोताजा महसूस होती है।

    खानपान और पानी भी है जरूरी
    सर्दियों में लोग अक्सर कम पानी पीते हैं, जिससे त्वचा और ज्यादा रूखी हो जाती है। दिन में कम से कम 7–8 गिलास पानी जरूर पिएं। इसके साथ ही हरी सब्जियां, मौसमी फल, ड्राई फ्रूट्स और विटामिन E से भरपूर आहार त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं।

    इन गलतियों से रहें दूर
    सर्दियों में बहुत गर्म पानी से नहाने और हार्श साबुन के इस्तेमाल से बचें, क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है। हल्के फेसवॉश और नियमित घरेलू देखभाल अपनाकर आप सर्दियों में भी अपनी त्वचा को स्वस्थ, मुलायम और दमकता बनाए रख सकते हैं।

  • भोपाल: केंद्रीय जेल की महिला प्रहरी पर जानलेवा हमला; सिर पर वार कर बीच सड़क पर फेंका फरार आरोपी की तलाश शुरू

    भोपाल: केंद्रीय जेल की महिला प्रहरी पर जानलेवा हमला; सिर पर वार कर बीच सड़क पर फेंका फरार आरोपी की तलाश शुरू


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने केंद्रीय जेल में पदस्थ एक महिला प्रहरी कमला शर्मा पर जानलेवा हमला कर दिया। वारदात इतनी बर्बर थी कि हमले के बाद लहूलुहान हालत में महिला को बीच सड़क पर फेंक दिया गया। इस हमले में कमला शर्मा के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    हमले की वजह 4 लाख की ठगी और पुरानी रंजिश पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले का मुख्य आरोपी अमन खान है जो पीड़िता की साथी जेल प्रहरी का बेटा ही है। बताया जा रहा है कि घायल कमला शर्मा का पोता और आरोपी अमन खान आपस में दोस्त थे। अमन खान ने कमला शर्मा के पोते को बहला-फुसलाकर उससे 4 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी। इस मामले में कमला शर्मा ने कुछ दिन पहले ही अमन के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने उन पर यह जानलेवा हमला किया। वारदात के बाद से आरोपी फरार है जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।

    आज की अन्य बड़ी खबरें

    जबलपुर में स्टेट GST का छापा: 1.11 करोड़ की वसूली जबलपुर में लोहा और सीमेंट व्यापारियों के बीच हड़कंप मच गया जब स्टेट जीएसटी की टीम ने 3 फर्मों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच के दौरान कर चोरी पकड़े जाने पर विभाग ने मौके पर ही 1 करोड़ 11 लाख रुपये की वसूली की है।

    विधायक पर पत्थर से हमला 3 के खिलाफ मामला दर्ज प्रदेश में कानून व्यवस्था का हाल यह है कि अब जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं। एक ताजा मामले में बदमाशों ने एक विधायक के वाहन पर पत्थर से हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में 3 नामजद बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

    नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ अपनों का ही मोर्चा सत्ता के गलियारों में भी खींचतान जारी है। एक नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ उनकी ही पार्टी कांग्रेस के पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए भ्रष्टाचार और तानाशाही के आरोप लगाए हैं।
  • फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली

    फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली


    नई दिल्ली। दिसंबर 2025 की शुरुआत में इंडिगो एयरलाइंस द्वारा बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और लेटलतीफी ने देशभर के हवाई यात्रियों को भारी असुविधा में डाल दिया। 3 से 5 दिसंबर के बीच नए संचालन नियमों के कारण इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि 1,852 फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं। इन घटनाओं से करीब 3 लाख से अधिक  यात्री प्रभावित हुए।
    DGCA ने एयरलाइन पर कुल ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया। इसमें मूल जुर्माना ₹1.80 करोड़ और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन FDTLनियमों का 68 दिनों तक पालन न करने पर प्रतिदिन ₹30 लाख के हिसाब से अतिरिक्त ₹20.40 करोड़ की पेनाल्टी शामिल थी।

    हालांकि लोकलसर्कल्स के ताजा सर्वे में यह सामने आया है कि देश के 292 जिलों से 31,000 से अधिक हवाई यात्रियों ने हिस्सा लिया। इसमें 61% यात्रियों का मानना था कि यह जुर्माना भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है और एयरलाइन की जवाबदेही तय नहीं करता। वहीं 21% यात्रियों ने DGCA की कार्रवाई को सही ठहराया, जबकि 18% ने कोई स्पष्ट राय नहीं दी।

    सर्वे में यात्रियों ने केवल फ्लाइट रद्द होने तक की परेशानी ही नहीं बताई, बल्कि एयरलाइन के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। कई यात्रियों का आरोप था कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद उन्हें नियमों के तहत मिलने वाला कैश रिफंड नहीं दिया गया, बल्कि ट्रैवल वाउचर थमाए गए। यात्रियों का कहना है कि वाउचर उनकी तत्काल जरूरतों को पूरा नहीं करते और सभी के लिए उपयोगी नहीं हैं।इंडिगो एयरलाइंस ने कहा कि वह DGCA के सभी निर्देशों का पालन करेगी और हालिया घटनाओं के बाद आंतरिक स्तर पर संचालन, सिस्टम और प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।

    एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल आर्थिक जुर्माने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। जब तक यात्रियों के अधिकारों को सख्ती से लागू नहीं किया जाता और नियामक निगरानी मजबूत नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।यह मामला एयरलाइन संचालन और नियामक जवाबदेही के बीच संतुलन की जरूरत को रेखांकित करता है, साथ ही हवाई यात्रियों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में सुधार की मांग को भी उजागर करता है।

  • MP में तकनीकी क्रांति: अब रोबोट और 'अमृत रेखा' ऐप रोकेंगे पानी का प्रदूषण; इंदौर की त्रासदी

    MP में तकनीकी क्रांति: अब रोबोट और 'अमृत रेखा' ऐप रोकेंगे पानी का प्रदूषण; इंदौर की त्रासदी


    भोपाल । मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में अब पानी की शुद्धता और पाइपलाइन की सेहत की निगरानी इंसान नहीं बल्कि रोबोट करेंगे। इंदौर में दूषित पानी से हुई जनहानि के बाद सबक लेते हुए नगरीय प्रशासन विभाग ने जल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सुरक्षा कवच तैयार किया है। सरकार ने अमृत रेखा पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया है जिसके माध्यम से राज्य की जल आपूर्ति प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाया जा रहा है। अमृत रेखा ऐप: पाइपलाइन का ‘डिजिटल एक्स-रे’ अमृत रेखा पोर्टल पर प्रदेश के सभी 413 नगरीय निकायों के वाटर सप्लाई और सीवेज नेटवर्क की मैपिंग अपलोड की जाएगी।
    इस ऐप के जरिए अधिकारी रियल-टाइम में यह देख पाएंगे कि पाइपलाइन कहाँ से गुजर रही है और कहाँ सीवर लाइन के साथ क्रॉसिंग पॉइंट है। इससे उन संभावित क्षेत्रों का पहले से पता चल जाएगा जहाँ लीकेज की वजह से पानी दूषित होने का खतरा सबसे ज्यादा है। रोबोटिक डिटेक्शन: लीकेज का सटीक समाधान नई व्यवस्था के तहत जमीन के अंदर बिछी पुरानी और जटिल पाइपलाइनों के अंदर छोटे रोबोट भेजे जाएंगे। ये रोबोट सेंसर और कैमरों की मदद से उन बारीक दरारों और लीकेज का भी पता लगा लेंगे जो मानवीय आंखों से देखना संभव नहीं होता। यह तकनीक न केवल पानी की बर्बादी रोकेगी बल्कि सीवेज के गंदे पानी को पीने के पानी में मिलने से भी रोकेगी।

    आंकड़ों में सुधार की स्थिति नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा चलाए गए अभियान के तहत प्रदेश भर में पाइपलाइनों की गहन जांच की गई:चिह्नित लीकेज: राज्य भर में कुल 5,219 रिसाव के मामले सामने आए।तुरंत कार्रवाई: इनमें से 4,893 लीकेज को तत्काल प्रभाव से ठीक कर दिया गया है।सील्ड ट्यूबवेल भूजल स्रोतों की जांच के दौरान 58 ट्यूबवेल का पानी दूषित पाया गया जिन्हें प्रशासन ने तुरंत सील कर दिया ताकि लोग बीमार न पड़ें। इंदौर की घटना से लिया सबक हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण कई लोगों की मौत हो गई थी। इस त्रासदी ने जल वितरण प्रणाली की खामियों को उजागर किया था। ‘अमृत रेखा’ और रोबोटिक तकनीक के आने से अब पुरानी पाइपलाइनों के टूटने या उनमें सीवेज मिलने की स्थिति में सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा जिससे समय रहते समाधान किया जा सकेगा।

  • शंकराचार्य के अपमान पर जबलपुर में बवाल: कांग्रेस ने फूँका सीएम योगी का पुतला; मौनी अमावस्या स्नान विवाद

    शंकराचार्य के अपमान पर जबलपुर में बवाल: कांग्रेस ने फूँका सीएम योगी का पुतला; मौनी अमावस्या स्नान विवाद


    जबलपुर । प्रयागराज में मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को रोके जाने और उनके साथ हुए दुर्व्यवहार का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। इस घटना के विरोध में आज जबलपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। क्या है पूरा विवाद? बीते 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने परंपरागत राजसी स्नान शाही स्नान के लिए रथ पर सवार होकर संगम तट की ओर जा रहे थे।
    इसी दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उनके रथ को रोक दिया। इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। इस अपमान से आहत होकर शंकराचार्य ने संगम स्नान करने से इनकार कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। कांग्रेस का हमला: हिंदू आस्था और सनातन परंपरा पर प्रहार जबलपुर में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को साधु-संतों का घोर अपमान बताया। कांग्रेस पार्षद दल के सचेतक अयोध्या तिवारी ने कहा “एक तरफ भाजपा खुद को सनातन की रक्षक बताती है वहीं दूसरी तरफ देश के सर्वोच्च धर्मगुरुओं में से एक शंकराचार्य जी को उनके संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। योगी सरकार का यह व्यवहार अक्षम्य है।

    कांग्रेस पार्षद संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि मौनी अमावस्या जैसे पवित्र दिन पर संतों को रोकना और उनके शिष्यों के साथ बदसलूकी करना हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में माफी नहीं मांगी गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन केवल जबलपुर तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे। जबलपुर की सड़कों पर आज भारी गहमागहमी देखी गई और पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

  • सीधी में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर पलटा रेत से भरा हाइवा; क्लीनर की दर्दनाक मौत

    सीधी में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर पलटा रेत से भरा हाइवा; क्लीनर की दर्दनाक मौत

    सीधी । मध्यप्रदेश में तेज रफ्तार वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सीधी जिले से सामने आया है जहां देर रात रेत से लदा एक अनियंत्रित हाइवा ट्रक पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में ट्रक के क्लीनर की मौके पर ही दबने से मौत हो गई जबकि ड्राइवर की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

    गांधी चौक इलाके में मची अफरा-तफरी यह हादसा सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांधी चौक से अस्पताल चौक की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेत से भरा हाइवा ट्रक काफी तेज रफ्तार में था। जैसे ही वह गांधी चौक बाजार क्षेत्र के पास पहुँचा चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया और ट्रक बीच सड़क पर ही पलट गया। टक्कर और पलटने की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग सहम गए।

    क्लीनर की मौके पर मौत ड्राइवर की हालत नाजुक हादसे में हाइवा के क्लीनर की ट्रक के नीचे दबने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं ट्रक का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और राहत कार्य शुरू किया। घायल ड्राइवर को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर कर दिया गया है।

    जांच में जुटी पुलिस मंगलवार सुबह घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाया ताकि यातायात सुचारु हो सके। सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा केवल रफ्तार की वजह से हुआ या वाहन में कोई तकनीकी खराबी आई थी।

  • शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स 300 अंक फिसला; निफ्टी में 100 अंकों की गिरावट

    शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स 300 अंक फिसला; निफ्टी में 100 अंकों की गिरावट

    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। सेंसेक्स कारोबारी सत्र के दौरान करीब 300 अंक गिरकर 82950 के स्तर पर आ गया जबकि निफ्टी लगभग 100 अंकों की गिरावट के साथ 25,450 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में यह दबाव मुख्य रूप से कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली के कारण आया।बीएसई के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में से 24 शेयर नुकसान में रहे जबकि केवल 6 शेयरों में हल्की तेजी दर्ज हुई। कंज्यूमर टेक और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों पर सबसे अधिक दबाव देखा गया। जोमैटो और बजाज फाइनेंस के शेयरों में 3 प्रतिशत तक गिरावट आई जिसने सूचकांकों पर अतिरिक्त दबाव डाला।

    एशियाई बाजारों से भी अनुकूल संकेत नहीं मिले। जापान का निक्केई इंडेक्स 1.22% गिरकर 52931 पर बंद हुआ, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.075% टूटकर 26,543 पर रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट 0.30% गिरकर 4,101 पर बंद हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ 4,905 पर बना रहा, लेकिन इसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर नहीं दिखा।अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी रही। 16 जनवरी को डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.17% गिरकर 49,359 पर बंद हुआ। नैस्डेक और एसएंडपी-500 में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में यह नरमी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को सीमित कर रही है।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधि बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। 19 जनवरी को FIIs ने भारतीय शेयर बाजार से ₹3,262 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों DIIs ने ₹4,234 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को आंशिक सहारा दिया। दिसंबर 2025 में भी FIIs ने ₹34,350 करोड़ की बिकवाली की थी, जबकि DIIs ने ₹79,620 करोड़ का निवेश किया था, जिसने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाया।

    पिछले कारोबारी सत्र में भी सेंसेक्स 324 अंक गिरकर 83,246 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 108 अंक टूटकर 25,585 पर बंद हुआ। लगातार गिरावट से अल्पकालिक निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है।बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों की दिशा, विदेशी निवेशकों का रुख और प्रमुख आर्थिक संकेतक बाजार की चाल तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों को चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और सरकारी अपडेट तथा राष्ट्रीय-आंतरराष्ट्रीय खबरों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

  • एमपी में सियासी घमासान: प्रीतम लोधी के बयान पर कांग्रेस का 'मुंहतोड़' पलटवार गौमांस

    एमपी में सियासी घमासान: प्रीतम लोधी के बयान पर कांग्रेस का 'मुंहतोड़' पलटवार गौमांस


    भोपाल। मध्यप्रदेश के राजनीतिक गलियारों में उस समय सरगर्मी बढ़ गई जब बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी के एक कथित विवादित बयान पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने लोधी को मर्यादा में रहने की नसीहत देते हुए चेतावनी दी है कि यदि भाषा पर संयम नहीं रखा गया तो कांग्रेस इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को सनातन विरोधी करार दिया है।

    मानक अग्रवाल की चेतावनी राजनीति का गिर रहा है स्तर बीजेपी विधायक के जूते वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मानक अग्रवाल ने कहा प्रीतम लोधी संयम बरतें और तमीज से बात करें। इस तरह की भाषा का प्रयोग करेंगे तो उन्हें भागने की जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि राजनीति का परिदृश्य गिरता जा रहा है और बीजेपी सरकार डॉ. अंबेडकर की सोच को दबाना चाहती है। ग्वालियर में 14 मार्च को होने वाले दलित संगठनों के कूच पर उन्होंने आगाह किया कि यदि शहर में अराजकता फैली तो उसकी जिम्मेदार केवल सरकार होगी।

    बीजेपी का बचाव आक्रोश निजी पर बरैया के बोल भी गलत बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने प्रीतम लोधी के बयान को उनका निजी मत बताया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि फूल सिंह बरैया की बातों से प्रदेश का एक-एक व्यक्ति आक्रोशित है। सिसौदिया ने कांग्रेस से अपील की कि वे दलित संगठनों के आंदोलन में बहरूपिया बनकर न घुसें और किसी भी प्रकार का उपद्रव न करें। उन्होंने दावा किया कि जितना सम्मान बीजेपी ने बाबा साहेब को दिया है उतना किसी ने नहीं दिया।

    गौमांस मामले पर घिरी सरकार दिग्विजय पर भी वार भोपाल नगर निगम BMC स्लॉटर हाउस गौमांस मामले में भी राजनीति गरमा गई है। मानक अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार खुद गौमांस का निर्यात करा रही है और SIT का गठन सिर्फ मामले को रफा-दफा करने के लिए किया गया है। उन्होंने महापौर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके जवाब में राजपाल सिसौदिया ने कहा कि सरकार गौवंश संरक्षण के लिए संकल्पित है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दिग्विजय सिंह के दौरों को लेकर भी दोनों दल भिड़ गए। जहाँ मानक अग्रवाल ने उनके एक्टिव होने को कांग्रेस के लिए फायदेमंद बताया वहीं बीजेपी ने उन्हें मिस्टर बंटाढार’ कहते हुए तंज कसा कि उनके सक्रिय होने से बची-कुची कांग्रेस भी खत्म हो जाएगी।

  • नई टैक्स व्यवस्था, कॉरपोरेट और व्यक्तिगत टैक्स में बदलाव: वित्त मंत्रालय ने अपडेट दी

    नई टैक्स व्यवस्था, कॉरपोरेट और व्यक्तिगत टैक्स में बदलाव: वित्त मंत्रालय ने अपडेट दी


    नई दिल्ली। बजट 2026-27 के पेश होने से ठीक पहले वित्त मंत्रालय ने पिछले बजट और वित्त अधिनियम 2025 के तहत किए गए अहम सुधारों का ब्योरा दिया। मंत्रालय ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि न्यू टैक्स रिजीम एनटीआरके तहत व्यक्तिगत और कॉरपोरेट टैक्स में बदलाव किए गए हैं।वित्त मंत्रालय के अनुसार नई व्यवस्था का मकसद टैक्स देने के बाद लोगों के हाथ में अधिक पैसा बचाना है। यह बदलाव वित्त वर्ष 2025-26 से लागू हो चुके हैं यानी आकलन वर्ष 2026-27 से इसका असर दिखेगा।

    इनकम टैक्स बिल 2025 को भी वित्त मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम बताया। छह दशक पुराने प्रत्यक्ष कर कानून को बदलने के लिए यह बिल लाया गया है। इसका उद्देश्य टैक्सपेयर्स को राहत देना निवेशकों का भरोसा बनाए रखना और टैक्स व्यवस्था को आसान बनाना है।कॉरपोरेट टैक्स में बदलाव के तहत जो कंपनियां तय की गई छूट और कटौतियों का लाभ नहीं लेती हैं उनके लिए टैक्स दर 22 प्रतिशत रखी गई है। वहीं नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए एक निश्चित अवधि तक टैक्स दर 15 प्रतिशत तय की गई है।

    व्यक्तिगत आयकर के मामले में भी नए टैक्स सिस्टम में स्लैब आसान और टैक्स दर कम कर दी गई हैं। छूट बढ़ाई गई है जिसके तहत 12 लाख रुपए तक की आय वाले लोगों को टैक्स नहीं देना होगा। सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए यह सीमा 12.75 लाख रुपए तक बढ़ाई गई है क्योंकि उन्हें 75000 रुपए की स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगी।फाइनेंस एक्ट 2025 के तहत धारा 10 23एफई के फायदे भी बढ़ाए गए हैं। इसके अनुसार योग्य सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड अब 31 मार्च 2030 तक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश कर सकते हैं और उन्हें डिविडेंड ब्याज और लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ एलटीसीजीपर टैक्स से छूट मिलेगी।

    इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर आईएफएससीसे जुड़े नियमों और अतिरिक्त कामकाज की तारीख भी फाइनेंस एक्ट 2025 के जरिए लागू कर दी गई हैं जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हैं। इसके अलावा अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स एआईएफके लिए कराधान की स्पष्टता भी सुनिश्चित की गई है। अब प्रतिभूतियों से होने वाली आय पर टैक्स नियम स्पष्ट हैं जिससे निवेशकों को भरोसा मिलेगा।कुल मिलाकर वित्त मंत्रालय ने यह संदेश दिया है कि सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में टैक्स सुधार निवेश प्रोत्साहन और सरल वित्तीय नियमों के जरिए आम नागरिक और निवेशकों दोनों को लाभ पहुंचाने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। बजट 2026-27 के दौरान इन नीतियों को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।