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  • सीधी में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर पलटा रेत से भरा हाइवा; क्लीनर की दर्दनाक मौत

    सीधी में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर पलटा रेत से भरा हाइवा; क्लीनर की दर्दनाक मौत

    सीधी । मध्यप्रदेश में तेज रफ्तार वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सीधी जिले से सामने आया है जहां देर रात रेत से लदा एक अनियंत्रित हाइवा ट्रक पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में ट्रक के क्लीनर की मौके पर ही दबने से मौत हो गई जबकि ड्राइवर की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

    गांधी चौक इलाके में मची अफरा-तफरी यह हादसा सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांधी चौक से अस्पताल चौक की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेत से भरा हाइवा ट्रक काफी तेज रफ्तार में था। जैसे ही वह गांधी चौक बाजार क्षेत्र के पास पहुँचा चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया और ट्रक बीच सड़क पर ही पलट गया। टक्कर और पलटने की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग सहम गए।

    क्लीनर की मौके पर मौत ड्राइवर की हालत नाजुक हादसे में हाइवा के क्लीनर की ट्रक के नीचे दबने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं ट्रक का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और राहत कार्य शुरू किया। घायल ड्राइवर को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर कर दिया गया है।

    जांच में जुटी पुलिस मंगलवार सुबह घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाया ताकि यातायात सुचारु हो सके। सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा केवल रफ्तार की वजह से हुआ या वाहन में कोई तकनीकी खराबी आई थी।

  • शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स 300 अंक फिसला; निफ्टी में 100 अंकों की गिरावट

    शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स 300 अंक फिसला; निफ्टी में 100 अंकों की गिरावट

    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। सेंसेक्स कारोबारी सत्र के दौरान करीब 300 अंक गिरकर 82950 के स्तर पर आ गया जबकि निफ्टी लगभग 100 अंकों की गिरावट के साथ 25,450 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में यह दबाव मुख्य रूप से कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली के कारण आया।बीएसई के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में से 24 शेयर नुकसान में रहे जबकि केवल 6 शेयरों में हल्की तेजी दर्ज हुई। कंज्यूमर टेक और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों पर सबसे अधिक दबाव देखा गया। जोमैटो और बजाज फाइनेंस के शेयरों में 3 प्रतिशत तक गिरावट आई जिसने सूचकांकों पर अतिरिक्त दबाव डाला।

    एशियाई बाजारों से भी अनुकूल संकेत नहीं मिले। जापान का निक्केई इंडेक्स 1.22% गिरकर 52931 पर बंद हुआ, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.075% टूटकर 26,543 पर रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट 0.30% गिरकर 4,101 पर बंद हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ 4,905 पर बना रहा, लेकिन इसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर नहीं दिखा।अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी रही। 16 जनवरी को डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.17% गिरकर 49,359 पर बंद हुआ। नैस्डेक और एसएंडपी-500 में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में यह नरमी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को सीमित कर रही है।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधि बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। 19 जनवरी को FIIs ने भारतीय शेयर बाजार से ₹3,262 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों DIIs ने ₹4,234 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को आंशिक सहारा दिया। दिसंबर 2025 में भी FIIs ने ₹34,350 करोड़ की बिकवाली की थी, जबकि DIIs ने ₹79,620 करोड़ का निवेश किया था, जिसने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाया।

    पिछले कारोबारी सत्र में भी सेंसेक्स 324 अंक गिरकर 83,246 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 108 अंक टूटकर 25,585 पर बंद हुआ। लगातार गिरावट से अल्पकालिक निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है।बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों की दिशा, विदेशी निवेशकों का रुख और प्रमुख आर्थिक संकेतक बाजार की चाल तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों को चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और सरकारी अपडेट तथा राष्ट्रीय-आंतरराष्ट्रीय खबरों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

  • एमपी में सियासी घमासान: प्रीतम लोधी के बयान पर कांग्रेस का 'मुंहतोड़' पलटवार गौमांस

    एमपी में सियासी घमासान: प्रीतम लोधी के बयान पर कांग्रेस का 'मुंहतोड़' पलटवार गौमांस


    भोपाल। मध्यप्रदेश के राजनीतिक गलियारों में उस समय सरगर्मी बढ़ गई जब बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी के एक कथित विवादित बयान पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने लोधी को मर्यादा में रहने की नसीहत देते हुए चेतावनी दी है कि यदि भाषा पर संयम नहीं रखा गया तो कांग्रेस इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को सनातन विरोधी करार दिया है।

    मानक अग्रवाल की चेतावनी राजनीति का गिर रहा है स्तर बीजेपी विधायक के जूते वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मानक अग्रवाल ने कहा प्रीतम लोधी संयम बरतें और तमीज से बात करें। इस तरह की भाषा का प्रयोग करेंगे तो उन्हें भागने की जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि राजनीति का परिदृश्य गिरता जा रहा है और बीजेपी सरकार डॉ. अंबेडकर की सोच को दबाना चाहती है। ग्वालियर में 14 मार्च को होने वाले दलित संगठनों के कूच पर उन्होंने आगाह किया कि यदि शहर में अराजकता फैली तो उसकी जिम्मेदार केवल सरकार होगी।

    बीजेपी का बचाव आक्रोश निजी पर बरैया के बोल भी गलत बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने प्रीतम लोधी के बयान को उनका निजी मत बताया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि फूल सिंह बरैया की बातों से प्रदेश का एक-एक व्यक्ति आक्रोशित है। सिसौदिया ने कांग्रेस से अपील की कि वे दलित संगठनों के आंदोलन में बहरूपिया बनकर न घुसें और किसी भी प्रकार का उपद्रव न करें। उन्होंने दावा किया कि जितना सम्मान बीजेपी ने बाबा साहेब को दिया है उतना किसी ने नहीं दिया।

    गौमांस मामले पर घिरी सरकार दिग्विजय पर भी वार भोपाल नगर निगम BMC स्लॉटर हाउस गौमांस मामले में भी राजनीति गरमा गई है। मानक अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार खुद गौमांस का निर्यात करा रही है और SIT का गठन सिर्फ मामले को रफा-दफा करने के लिए किया गया है। उन्होंने महापौर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके जवाब में राजपाल सिसौदिया ने कहा कि सरकार गौवंश संरक्षण के लिए संकल्पित है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दिग्विजय सिंह के दौरों को लेकर भी दोनों दल भिड़ गए। जहाँ मानक अग्रवाल ने उनके एक्टिव होने को कांग्रेस के लिए फायदेमंद बताया वहीं बीजेपी ने उन्हें मिस्टर बंटाढार’ कहते हुए तंज कसा कि उनके सक्रिय होने से बची-कुची कांग्रेस भी खत्म हो जाएगी।

  • नई टैक्स व्यवस्था, कॉरपोरेट और व्यक्तिगत टैक्स में बदलाव: वित्त मंत्रालय ने अपडेट दी

    नई टैक्स व्यवस्था, कॉरपोरेट और व्यक्तिगत टैक्स में बदलाव: वित्त मंत्रालय ने अपडेट दी


    नई दिल्ली। बजट 2026-27 के पेश होने से ठीक पहले वित्त मंत्रालय ने पिछले बजट और वित्त अधिनियम 2025 के तहत किए गए अहम सुधारों का ब्योरा दिया। मंत्रालय ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि न्यू टैक्स रिजीम एनटीआरके तहत व्यक्तिगत और कॉरपोरेट टैक्स में बदलाव किए गए हैं।वित्त मंत्रालय के अनुसार नई व्यवस्था का मकसद टैक्स देने के बाद लोगों के हाथ में अधिक पैसा बचाना है। यह बदलाव वित्त वर्ष 2025-26 से लागू हो चुके हैं यानी आकलन वर्ष 2026-27 से इसका असर दिखेगा।

    इनकम टैक्स बिल 2025 को भी वित्त मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम बताया। छह दशक पुराने प्रत्यक्ष कर कानून को बदलने के लिए यह बिल लाया गया है। इसका उद्देश्य टैक्सपेयर्स को राहत देना निवेशकों का भरोसा बनाए रखना और टैक्स व्यवस्था को आसान बनाना है।कॉरपोरेट टैक्स में बदलाव के तहत जो कंपनियां तय की गई छूट और कटौतियों का लाभ नहीं लेती हैं उनके लिए टैक्स दर 22 प्रतिशत रखी गई है। वहीं नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए एक निश्चित अवधि तक टैक्स दर 15 प्रतिशत तय की गई है।

    व्यक्तिगत आयकर के मामले में भी नए टैक्स सिस्टम में स्लैब आसान और टैक्स दर कम कर दी गई हैं। छूट बढ़ाई गई है जिसके तहत 12 लाख रुपए तक की आय वाले लोगों को टैक्स नहीं देना होगा। सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए यह सीमा 12.75 लाख रुपए तक बढ़ाई गई है क्योंकि उन्हें 75000 रुपए की स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगी।फाइनेंस एक्ट 2025 के तहत धारा 10 23एफई के फायदे भी बढ़ाए गए हैं। इसके अनुसार योग्य सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड अब 31 मार्च 2030 तक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश कर सकते हैं और उन्हें डिविडेंड ब्याज और लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ एलटीसीजीपर टैक्स से छूट मिलेगी।

    इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर आईएफएससीसे जुड़े नियमों और अतिरिक्त कामकाज की तारीख भी फाइनेंस एक्ट 2025 के जरिए लागू कर दी गई हैं जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हैं। इसके अलावा अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स एआईएफके लिए कराधान की स्पष्टता भी सुनिश्चित की गई है। अब प्रतिभूतियों से होने वाली आय पर टैक्स नियम स्पष्ट हैं जिससे निवेशकों को भरोसा मिलेगा।कुल मिलाकर वित्त मंत्रालय ने यह संदेश दिया है कि सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में टैक्स सुधार निवेश प्रोत्साहन और सरल वित्तीय नियमों के जरिए आम नागरिक और निवेशकों दोनों को लाभ पहुंचाने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। बजट 2026-27 के दौरान इन नीतियों को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।

  • ग्वालियर JAH में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर: 700 आउटसोर्स कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गंदगी और अव्यवस्था के बीच सिसक रहे मरीज

    ग्वालियर JAH में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर: 700 आउटसोर्स कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गंदगी और अव्यवस्था के बीच सिसक रहे मरीज


    ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल के सबसे बड़े जीवनदायिनी संस्थान जयारोग्य अस्पताल JAH में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह पटरी से उतर गई हैं। अस्पताल की सुरक्षा सफाई और वार्ड व्यवस्था संभालने वाले लगभग 700 आउटसोर्स कर्मचारी मंगलवार से अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल पर चले गए हैं। ‘एजाइल सिक्युरिटी फोर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के अधीन काम करने वाले इन कर्मचारियों के अचानक मोर्चे पर उतरने से अस्पताल परिसर में कचरे के ढेर लग गए हैं वहीं स्ट्रेचर और वार्ड बॉय न मिलने के कारण मरीजों के परिजन उन्हें हाथों में उठाकर ले जाने को मजबूर हैं।

    वादाखिलाफी से फूटा कर्मचारियों का गुस्सा हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का आरोप है कि एजाइल कंपनी उनके हकों का शोषण कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है और पिछले 2 साल का एरियर भी बकाया है। कंपनी द्वारा बोनस का भुगतान भी नहीं किया गया है। कर्मचारियों के अनुसार नवंबर 2025 में भी उन्होंने इन्हीं मांगों को लेकर आंदोलन किया था तब कंपनी प्रबंधन ने लिखित आश्वासन देकर हड़ताल खत्म करवाई थी। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी जब वादा पूरा नहीं हुआ तो कर्मचारियों ने एक बार फिर ‘आर-पार’ की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

    अस्पताल की लाइफलाइन ठप मरीजों का बुरा हाल जयारोग्य अस्पताल में रोजाना हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुँचते हैं। हड़ताल के कारण सफाईकर्मी सुरक्षा गार्ड वार्ड बॉय स्ट्रेचर बॉय और फार्मेसी कर्मचारियों ने काम छोड़ दिया है। इसका सीधा असर अस्पताल की सफाई व्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ा है। ओटी OT और वार्डों में स्ट्रेचर न मिलने से गंभीर मरीजों को शिफ्ट करने में भारी परेशानी आ रही है। सुरक्षा गार्डों की अनुपस्थिति से अस्पताल की व्यवस्थाएं अनियंत्रित हो रही हैं और फार्मेसी काउंटर पर दवाओं के वितरण में भी बाधा आ रही है।

    मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन हड़ताली कर्मचारियों ने दोटूक शब्दों में कहा है कि इस बार वे केवल आश्वासन से नहीं मानेंगे। जब तक वेतन विसंगतियां दूर नहीं होतीं एरियर का भुगतान नहीं किया जाता और बोनस की राशि खाते में नहीं आती तब तक काम बंद रहेगा। दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्थाएं जुटाने की कोशिश कर रहा है लेकिन इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की कमी को पूरा करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। यदि यह गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ तो अंचल की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है।

  • नितिन नबीन: पटना से गुजरात तक मोदी के भरोसे का सफर, बने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

    नितिन नबीन: पटना से गुजरात तक मोदी के भरोसे का सफर, बने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष


    नई दिल्ली। नितिन नबीन का नाम इन दिनों भाजपा और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय है। 45 वर्षीय नितिन नबीन निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। बिहार के पथ निर्माण मंत्री रह चुके नितिन की राजनीतिक यात्रा लंबी और भरोसेमंद रही है। पांच विधानसभा चुनाव जीतने, भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में शामिल होने और छत्तीसगढ़ प्रभारी बनने के बाद भी यह निर्णय कई लोगों के लिए चौंकाने वाला है।

    असल में नितिन नबीन पीएम नरेंद्र मोदी के करीब दो दशक पुराने विश्वासपात्र हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते मोदी से मिलने के लिए वह पटना से उड़कर जाते थे। बिहार में मोदी की आंख और कान बने नितिन नबीन ने पार्टी में कई अहम फैसलों और लोकसभा अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई।2009 में लुधियाना रैली इसका प्रमाण है। एनडीए द्वारा एलके आडवाणी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के दौरान आयोजित विशाल जनसभा में नीतीश कुमार की हिचकिचाहट के बावजूद नितिन नबीन के प्रयास से भाजपा के वरिष्ठ नेता उन्हें मनाने में सफल हुए। रैली में मंच पर नरेंद्र मोदी ने नीतीश का हाथ उठाकर सबके सामने दिखाया, जिससे नीतीश असहज हो गए।

    पटना में 2010 के बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सत्र के दौरान भी नितिन नबीन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोदी के प्रति आभार जताने के लिए पटना की दीवारों पर बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए, जिसमें स्थानीय बीजेपी यूनिट के नितिन और रामेश्वर चौरसिया की सक्रियता देखने को मिली। इस अभियान ने मोदी की लोकप्रियता बढ़ाई, लेकिन नीतीश कुमार इस पर नाराज हुए। अखबारों में छपी तस्वीरों ने उन्हें परेशान कर दिया और उन्होंने डिनर का कार्यक्रम रद्द कर दिया।

    इस पूरी कहानी से यह साफ है कि नितिन नबीन न केवल पार्टी के अंदर बल्कि मोदी के भरोसे के मामले में भी वर्षों से मजबूत स्थिति में रहे हैं। उनकी यह यात्रा पटना से गुजरात तक मोदी के विश्वास और भाजपा के संगठनात्मक काम में गहरे जुड़े रहने का उदाहरण है।आज राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर नितिन नबीन भाजपा में युवाओं और संगठनात्मक मजबूती दोनों के लिए बड़ी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। उनकी राजनीतिक समझ, मोदी के साथ लंबे समय से चलती मित्रता और बिहार में उनके अनुभव ने उन्हें यह बड़ा मंच दिलाया है।

  • राजपत्र के बाद शिंदे गुट ने खेला नया कार्ड, नगरसेवक होटल से निकले, गुट गठन रद्द!

    राजपत्र के बाद शिंदे गुट ने खेला नया कार्ड, नगरसेवक होटल से निकले, गुट गठन रद्द!


    मुंबई। नगर विकास विभाग की राजपत्र अधिसूचना के बाद शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की राजनीतिक रणनीति में अचानक बदलाव देखने को मिला है। अधिसूचना जारी होते ही शिंदे गुट के नगरसेवकों की एंट्री और रिकॉर्डिंग प्रक्रिया टल गई।
    सूत्रों के अनुसार, सोमवार को नवनिर्वाचित नगरसेवकों को कोंकण भवन जाकर अपने गुट के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी थी, लेकिन राजपत्र अधिसूचना के बाद यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। इसके बाद शिंदे गुट ने फिलहाल इस प्रक्रिया से दूरी बनाना उचित समझा है।

    दस्तावेज पार्टी के पासक्या है संकेत?
    इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है कि शिंदे गुट ने अपने सभी नवनिर्वाचित नगरसेवकों के मूल दस्तावेज अपने पास रख लिए हैं।

     शिंदे गुट किसी बड़े राजनीतिक मोड़ या नई चाल की तैयारी कर रहा है।

    ताज लैंड्स एंड होटल से चेकआउट
    इसी बीच, बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में ठहरे सभी शिवसेना नगरसेवकों को चेकआउट करने के निर्देश दिए गए। चौथे दिन आखिरकार सभी 29 नगरसेवकों को होटल से छुट्टी मिल गई। ये सभी पार्षद 17 जनवरी से होटल में ठहरे हुए थे, लेकिन अब अचानक उन्हें वापस बुला लिया गया। राजनीतिक गलियारों में इसे रणनीतिक वापसी के रूप में देखा जा रहा है।

    बेलापुर में गुट गठन कार्यक्रम भी रद्द
    नवी मुंबई के बेलापुर में गुट गठन (ग्रुप फॉर्मेशन) के लिए जो कार्यक्रम तय था, वह भी फिलहाल रद्द कर दिया गया।

    इस फैसले से स्पष्ट है कि शिंदे गुट अंदरखाने अपनी रणनीति पर फिर से विचार-विमर्श कर रहा है और किसी भी घोषणा से पहले सभी विकल्पों को परख रहा है।

    अब सबकी नजरें दिल्ली बैठक पर
    अब सभी की निगाहें दिल्ली में होने वाली अहम बैठक पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद शिवसेना की आगे की राजनीतिक दिशा और रणनीति साफ हो सकती है। पार्टी फिलहाल चुप्पी साधे हुए है, लेकिन आने वाले घंटों में कोई बड़ा फैसला सामने आने की संभावना को पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता।
    राजनीतिक हलकों में इस बदलाव को बड़ी चाल माना जा रहा है। अब देखना होगा कि क्या शिंदे गुट किसी नए मोड़ पर जाएगा या यह सिर्फ रणनीतिक इंतजार हैयह सवाल अब दिल्ली बैठक के बाद ही साफ हो पाएगा।

  • गर्लफ्रेंड के शौक और अय्याशी के लिए बने लुटेरे: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दंपती को लूटने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार, 500 कैमरों ने खोला राज

    गर्लफ्रेंड के शौक और अय्याशी के लिए बने लुटेरे: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दंपती को लूटने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार, 500 कैमरों ने खोला राज


    रतलाम। अपनी प्रेमिकाओं पर पैसे उड़ाने और शराब की लत को पूरा करने के लिए अपराध की राह चुनने वाले एक शातिर गिरोह का रतलाम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक दंपती के साथ डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले छह आरोपियों को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में दो शादीशुदा हैं जबकि चार कुंवारे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि लूट की रकम का बड़ा हिस्सा आरोपियों ने अपनी अय्याशी और गर्लफ्रेंड पर खर्च कर दिया। पुलिस ने इनके पास से लूटा गया कुछ माल और वारदात में इस्तेमाल बाइक जब्त की है।

    अवैध कट से पीछा कर दंपती को बनाया निशाना वारदात 5 जनवरी 2026 की है जब सांवलिया रूंडी निवासी राकेश मईड़ा अपनी पत्नी संगीता के साथ बाइक पर सवार होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के वालारूंडी क्षेत्र में एक अवैध कट से दाखिल हुए थे। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार छह बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू किया। सुनसान जगह देखकर बदमाशों ने दंपती के आगे अपनी बाइक अड़ा दी और डरा-धमकाकर उन्हें रोक लिया। लुटेरों ने दंपती से 23 हजार 900 रुपये नकद मोबाइल फोन और चांदी की दो चूड़ियां लूट लीं और फरार हो गए। चूंकि आरोपियों की संख्या पांच से अधिक थी इसलिए पुलिस ने इसे डकैती की श्रेणी में रखते हुए मामला दर्ज किया।

    हॉस्टल में मिली सिम और 500 कैमरों का जाल एसपी अमित कुमार के निर्देशन और प्रशिक्षु डीएसपी अनीशा जैन के नेतृत्व में गठित टीम ने इस चुनौतीपूर्ण मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर भागने के रास्तों तक करीब 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसी बीच पुलिस को एक अहम सुराग मिला। लूटे गए मोबाइल की सिम सागोद रोड स्थित एक हॉस्टल के पास सक्रिय पाई गई। जब पुलिस वहां पहुँची तो पता चला कि एक छात्र उस सिम का इस्तेमाल कर रहा है जिसे वह सिम सड़क पर गिरी हुई मिली थी। इस सुराग ने पुलिस को आरोपियों के हुलिए और उनके भागने की दिशा की पुष्टि कर दी।

    तालाब किनारे झोपड़ी में छिपा था गिरोह कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपी बांगरोद क्षेत्र में एक तालाब की पाल पर झोपड़ियां बनाकर छिपे हुए हैं। पुलिस ने दबिश देकर कैलाश फतेहसिंह उर्फ फतिया दिनेश उर्फ कालू बाबूलाल सतीश और लखन को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे लूट के पैसों से शराब पीते थे और अपनी गर्लफ्रेंड्स के महंगे शौक पूरे करते थे। पुलिस को आरोपियों के पास से महज 6,350 रुपये ही बरामद हुए क्योंकि शेष राशि वे अय्याशी में उड़ा चुके थे। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण पुलिस ने बाजना और बांसवाड़ा राजस्थान क्षेत्र के रहने वाले आरोपियों को जेल भेज दिया है। इनमें कैलाश 24 फतेहसिंह 25 दिनेश 22 बाबूलाल 20 सतीश 24 और लखन 20 शामिल हैं। इनके पास से पुलिस ने चांदी की चूड़ियां कीमत 6 हजार और वारदात में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की है। एसपी अमित कुमार ने इस सफलता के लिए टीम की सराहना की है।

  • हाय-हाय से गूँजा स्टेडियम! गौतम गंभीर पर फैंस का गुस्सा, विराट कोहली ने भी दिया जवाब-वायरल वीडियो बना विवाद

    हाय-हाय से गूँजा स्टेडियम! गौतम गंभीर पर फैंस का गुस्सा, विराट कोहली ने भी दिया जवाब-वायरल वीडियो बना विवाद


    नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में समाप्त हुई तीन मैचों की वनडे सीरीज ने खेल के साथ-साथ फैंस की नाराजगी का भी नया चेहरा दिखाया। न्यूजीलैंड ने 2-1 से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर भारत में पहली बार वनडे सीरीज जीतने का रिकॉर्ड बनाया। इस हार के बाद फैंस का गुस्सा टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर पर निकला, और इसी का असर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दिखा।

    वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?

    https://twitter.com/mukesh4official/status/2013497593154650568

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि मैदान पर मौजूद गौतम गंभीर को देखकर स्टैंड्स में बैठे दर्शकों ने ‘हाय-हाय’ के नारे लगाए।
    वीडियो में यह भी दिखता है कि विराट कोहली इस नारेबाजी के दौरान क्राउड की ओर कुछ बोलते हुए नजर आते हैं, जिससे यह क्लिप और भी चर्चा में आ गई।

    कोहली ने क्या कहाअपशब्द बोले?
    वायरल वीडियो में कोहली को क्राउड की तरफ मुंह करके कुछ बोलते हुए देखा जा सकता है, और देखने में ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने कुछ अपशब्द कहे हों।
    लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कोहली ने वास्तव में क्या कहा, इसलिए इसे पुष्टि के साथ नहीं बताया जा सकता।

    न्यूजीलैंड ने भारत में पहली बार जीती वनडे सीरीज
    यह सीरीज भारतीय क्रिकेट के लिए निराशाजनक रही। सीरीज का पहला मैच भारत ने 4 विकेट से जीता, लेकिन बाद के दोनों मैचों में न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर 2-1 से सीरीज अपने नाम की।
    पिछले साल कीवियों ने भारत को टेस्ट सीरीज में 3-0 से व्हाइटवॉश किया था, और इस बार भी भारतीय टीम का प्रदर्शन फैंस की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।

    कोहली का बल्ला चला, लेकिन टीम हारी
    इस सीरीज में विराट कोहली ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 3 मैचों में 3 पारियों में 240 रन बनाए, औसत 80 के साथ। उनके बल्ले से 1 शतक और 1 अर्धशतक निकला।
    कोहली सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे, लेकिन टीम को हार से बचा नहीं पाए।

  • WPL 2026 पॉइंट्स टेबल: आरसीबी ने किया एकछत्र राज, 5 में 5 जीत के साथ पहले स्थान पर

    WPL 2026 पॉइंट्स टेबल: आरसीबी ने किया एकछत्र राज, 5 में 5 जीत के साथ पहले स्थान पर


    नई दिल्ली। WPL 2026 के चौथे सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी RCB का एकछत्र राज देखने को मिल रहा है। 5 मैचों में लगातार जीत दर्ज कर RCB ने 10 अंक जुटा लिए हैं और पहले ही प्लेऑफ्स में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस वक्त आरसीबी के पीछे कोई टीम उसकी चुनौती देने की स्थिति में नहीं है।19 जनवरी सोमवार को RCB ने अपना पांचवां मैच जीतकर बाकी सभी टीमों से एक कदम आगे निकलने का संकेत दे दिया। इसके साथ ही लीग फेज में आरसीबी के पास अभी 3 और मैच बाकी हैं, जो उन्हें और मजबूत नेट रन रेट और अंक दिलाने में मदद करेंगे।

    पॉइंट्स टेबल की स्थिति

    तालिका में दूसरे नंबर पर मुंबई इंडियंस है, लेकिन 5 मैचों के बाद उनके खाते में सिर्फ 4 अंक हैं। यूपी वॉरियर्स और गुजरात जायंट्स के भी 4-4 अंक हैं। हालांकि नेट रन रेट में मुंबई इंडियंस इन दोनों टीमों से बेहतर स्थिति में हैं। यूपी वॉरियर्स का नेट रन रेट -0.483 और गुजरात जायंट्स का -0.864 है, जो प्लेऑफ की दौड़ में उनकी परेशानी बन सकता है।

    दिल्ली कैपिटल्स का सफर अब तक संघर्षपूर्ण रहा है। 4 मैचों में सिर्फ एक जीत के साथ दिल्ली के खाते में केवल 2 अंक हैं और नेट रन रेट भी माइनस में है। कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स की टीम के लिए यह आवश्यक होगा कि बचे हुए मैचों में प्रदर्शन सुधार कर वे प्लेऑफ की रेस में बने रहें।टीमों के बीच अभी कम से कम 3-3 मैच बाकी हैं, इसलिए तालिका में बड़े बदलाव की संभावना बनी हुई है। हर टीम की कोशिश होगी कि वह हर मैच में जीत दर्ज करे, क्योंकि हार किसी टीम के प्लेऑफ की उम्मीदों को मुश्किल बना सकती है।

    आरसीबी की ताकत
    आरसीबी ने इस सीजन में न केवल लगातार जीत हासिल की है बल्कि नेट रन रेट +1.882 के साथ तालिका में सबसे ऊपर है। उनके शानदार प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि प्लेऑफ्स में RCB को टक्कर देना किसी के लिए आसान नहीं होगा।बाकी चार टीमें अपनी स्थिति सुधारने और प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए आखिरी तीन मैचों में हर संभव प्रयास करेंगी। इस सीजन की रोमांचक भिड़ंत दर्शकों के लिए बहुत उत्साहजनक साबित होने वाली है।

    WPL 2026 पॉइंट्स टेबल वर्तमान स्थिति:

    टीम मैच जीत हार नो रिजल्ट पॉइंट्स नेट रन रेट
    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 5 5 0 0 10 +1.882
    मुंबई इंडियंस 5 2 3 0 4 +0.151
    यूपी वॉरियर्स 5 2 3 0 4 -0.483
    गुजरात जायंट्स 5 2 3 0 4 -0.864
    दिल्ली कैपिटल्स 4 1 3 0 2 -0.856