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  • पेट्रोल-डीजल पर बड़ी राहत: पेट्रोल 10 रुपये सस्ता, डीजल पर जीरो एक्साइज ड्यूटी, सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट

    पेट्रोल-डीजल पर बड़ी राहत: पेट्रोल 10 रुपये सस्ता, डीजल पर जीरो एक्साइज ड्यूटी, सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट


    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने फ्यूल संकट के बीच आम जनता को राहत दी है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये कर दी गई है, जबकि डीजल पर पूरी तरह जीरो कर दिया गया है। इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग 10 रुपये प्रति लीटर तक कम हो गई हैं।

    आज के डीजल-पेट्रोल के रेट
    दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77 / लीटर, डीजल ₹87.67 / लीटर
    नोएडा: पेट्रोल ₹94.85 / लीटर, डीजल ₹87.98 / लीटर
    मुंबई: पेट्रोल ₹103.54 / लीटर, डीजल ₹90.03 / लीटर

    राज्यों का वैट अलग से लागू होगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती के बाद पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

    शहरवार सबसे सस्ता फ्यूल
    पोर्ट ब्लेयर: ₹82.46 / लीटर
    ईटानगर: ₹90.87 / लीटर
    सिलवासा: ₹92.37 / लीटर

    सबसे सस्ता डीजल

    पोर्ट ब्लेयर: ₹78.05 / लीटर
    इटानगर: ₹80.38 / लीटर
    जम्मू: ₹81.32 / लीटर
    वैश्विक तेल संकट और कीमतें

    ब्रेंट क्रूड आज $107.10 और WTI क्रूड $93.73 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहे हैं। ईरान-इजरायल-अमेरिका के तनाव के बीच भी भारत सरकार ने घरेलू कीमतों में राहत दी है।

    सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट
    27 मार्च 2026 को भारत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बुलियन बाजार की कमजोरी, मजबूत अमेरिकी डॉलर और उच्च ट्रेजरी यील्ड के कारण सोना और चांदी सस्ते हुए हैं।

    सोने की कीमतें (10 ग्राम के लिए)

    शहर 24 कैरेट 22 कैरेट 18 कैरेट
    दिल्ली ₹1,44,690 ₹1,32,640 ₹10,855
    मुंबई ₹1,44,540 ₹1,32,490 ₹10,840
    चेन्नई ₹1,45,630 ₹1,33,490 ₹11,134
    बैंगलोर ₹1,44,540 ₹1,32,490 ₹10,840
    कोलकाता ₹1,44,540 ₹1,32,490 ₹10,840
    हैदराबाद ₹1,44,540 ₹1,32,490 ₹10,840

    पंपों पर भीड़ और मांग में इजाफा
    ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने बताया कि पिछले दो दिनों में फ्यूल की मांग 15% बढ़ी है। कुछ जगहों पर बिक्री औसत से 50% तक अधिक रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती के बाद लोग पंपों पर भीड़ जुटा रहे हैं।

  • मुरैना हादसा: बाइक सवार युवक की मौके पर मौत, अवैध रेत खनन पर फिर गरमाया मुद्दा

    मुरैना हादसा: बाइक सवार युवक की मौके पर मौत, अवैध रेत खनन पर फिर गरमाया मुद्दा


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है जहां अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली की टक्कर से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और अवैध रेत परिवहन को लेकर प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार यह हादसा टेंटरा थाना क्षेत्र के ग्राम बावड़ी पूरा के पास देर रात हुआ। एक युवक अपनी मोटरसाइकिल से गुजर रहा था तभी तेज रफ्तार से आ रही ट्रैक्टर ट्रॉली ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर ट्रॉली अवैध रूप से रेत लेकर जा रही थी। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

    लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत खनन और परिवहन जारी है लेकिन प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ऐसे अवैध वाहनों की वजह से सड़क पर चलना भी खतरनाक हो गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर ट्रैक्टर ट्रॉली चालक की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही प्रशासन अब अवैध रेत परिवहन पर सख्ती की बात कह रहा है।

    यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक अवैध खनन और लापरवाही के कारण निर्दोष लोगों की जान जाती रहेगी। जरूरत इस बात की है कि ऐसे मामलों में कड़ीकार्रवाई हो और दोषियों को सख्त सजा मिले ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

  • पेट्रोल और डीजल पर नियंत्रण: एक्साइज कटौती से युद्ध के समय उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

    पेट्रोल और डीजल पर नियंत्रण: एक्साइज कटौती से युद्ध के समय उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत


    नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी के फैसले को आम जनता ने सराहते हुए कहा कि इससे युद्ध के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को रोकने में मदद मिलेगी।
    राजकोट के अवि मकवाना ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी कम करना एक अच्छा फैसला है। इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को रोकने में मदद मिलेगी और यह छोटे व्यापारियों के भी बड़ी राहत है, क्योंकि ईंधन की कीमत में बदलाव का सीधा असर व्यापार पर पड़ता है।

    वहीं, केयूर अनोरकट ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के युद्ध के कारण पूरी दुनिया में पेट्रोल,डीजल और गैस की भारी कम हो गई है। हाल ही में पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान और श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल के दाम में भारी वृद्धि देखी गई है। वहीं, मोदी सरकार ने महंगाई को काबू में रखने के लिए पेट्रोल और डीजल में 10-10 रुपए एक्साइज ड्यूटी को कम किया है। इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को रोकने में मदद मिलेगी।

    संगरूर में पंजाब पेट्रोलियम एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विनोद बंसल ने आईएएनएस से कहा कि सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को 10-10 रुपए घटाया गया है। इससे आम जनता के लिए कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन यह तेल कंपनियों के लिए बड़ी राहत है और इससे नुकसान में कुछ हद तक कमी करने में मदद मिलेगी और युद्ध के कारण जो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़नी थी, उसे टाला जा सकेगा। उन्होंने आगे बताया कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। ऊपर से लगातार आपूर्ति जारी है।

    सुखदीप सिंह ने कहा कि सरकार का एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला एक अच्छा फैसला है और इससे आम जनता को किसी न किसी रूप में इसका लाभ होगा। इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी से उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी।

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की गई है। इससे उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी। इससे पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो कि पहले 13 रुपए प्रति लीटर थी। डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम होकर शून्य हो गई है, जो कि पहले 10 रुपए प्रति लीटर थी।

    वित्त मंत्री ने पोस्ट में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लागत में उतार-चढ़ाव से बचाया जाए।

  • सीजेआई सूर्यकांत का बड़ा कदम: हाईकोर्ट में जजों की जल्द बहाली और महिला प्रतिनिधित्व पर जोर

    सीजेआई सूर्यकांत का बड़ा कदम: हाईकोर्ट में जजों की जल्द बहाली और महिला प्रतिनिधित्व पर जोर


    नई दिल्ली:
    देश की न्यायपालिका में जजों के खाली पदों और लंबित मामलों की समस्या किसी से छिपी नहीं है. सुनवाई का बारी आने तक कई मामलों में न्याय मिलने में लंबा समय लग जाता है. यही नहीं, न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी भी हमेशा चर्चा का विषय रही है. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सीजेआई सूर्यकांत ने बड़ा कदम उठाया है.

    सीजेआई ने हाल ही में देश के सभी 25 हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को विस्तृत पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने हाईकोर्ट्स में जजों की जल्द नियुक्ति करने का निर्देश दिया और महिला जजों के प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देने पर जोर दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी जज के रिटायर होने तक खाली पद का इंतजार न किया जाए, बल्कि नियुक्ति की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी जाए ताकि न्यायपालिका में काम बाधित न हो.

    सीजेआई सूर्यकांत ने हाईकोर्ट कॉलेजियम से आग्रह किया है कि वे महिलाओं के लिए नियुक्तियों पर गंभीरता से विचार करें. उन्होंने कहा कि यह अपवाद नहीं बल्कि नियम होना चाहिए कि योग्य और मेधावी महिला वकीलों को उच्च न्यायपालिका में स्थान मिले. इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि जिन महिला वकीलों का संबंध संबंधित राज्यों से है लेकिन वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही हैं, उन्हें भी इस दिशा में देखा जाना चाहिए.

    महिला जजों की नियुक्तियों में सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिला है. वर्तमान में कई हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के रूप में महिलाएं कार्यरत हैं. उदाहरण के लिए, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 18 महिला जज काम कर रही हैं, जबकि मद्रास और बॉम्बे हाईकोर्ट में लगभग एक दर्जन महिला जज अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. जिला स्तर पर न्यायिक अधिकारियों में भी लगभग 36.3 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं, जिसे सीजेआई ने पीढ़ीगत बदलाव का संकेत बताया है.

    केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा फरवरी में लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2014 के बाद से हाईकोर्ट में 170 महिला जजों की नियुक्ति हुई है, जिनमें से 96 पिछली पांच वर्षों में हुईं. वहीं, सुप्रीम कोर्ट में कुल 6 महिला जज नियुक्त हुई हैं. वर्तमान में देश के सभी हाईकोर्ट में कुल 116 महिला जज कार्यरत हैं. हाईकोर्ट में 1122 स्वीकृत पदों में से 308 पद खाली हैं, जबकि कार्यरत जजों की संख्या 814 है. सुप्रीम कोर्ट में 33 जज हैं, जिनमें फिलहाल एक महिला शामिल हैं.

    सीजेआई सूर्यकांत का यह पत्र न्यायपालिका में सुधार और महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. उनका कहना है कि न्यायपालिका में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी समय की मांग है और इसके लिए उच्च न्यायालयों को सक्रिय और त्वरित कदम उठाने चाहिए. इस पहल से न केवल जजों के खाली पदों की समस्या हल होगी, बल्कि न्यायपालिका में महिलाओं की भूमिका भी मजबूत होगी और लंबित मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया तेज होगी.

    यह कदम देश की न्यायपालिका में नए युग की शुरुआत का संकेत देता है, जिसमें महिला प्रतिनिधित्व और कार्यकुशलता को प्राथमिकता दी जाएगी.

  • खरगोन में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: 7 हजार की रिश्वत लेते ASI रंगे हाथों गिरफ्तार

    खरगोन में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: 7 हजार की रिश्वत लेते ASI रंगे हाथों गिरफ्तार


    खरगोन । मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में लोकायुक्त संगठन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पुलिस अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कसरावद थाना में पदस्थ कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक रविंद्र कुमार गुरु को 7 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया।

    लोकायुक्त पुलिस के अनुसार ग्राम चंदावड़ तहसील भगवानपुरा निवासी 69 वर्षीय श्यामलाल उपाध्याय ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ दर्ज एक शिकायत के निराकरण के बदले आरोपी अधिकारी उनसे 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।

    शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस इंदौर मामले की जांच की और योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। तय रणनीति के तहत जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 7 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई एक बार फिर दर्शाती है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती बढ़ाई जा रही है और लोकायुक्त संगठन लगातार ऐसे मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

    साथ ही यह घटना आम नागरिकों को भी यह संदेश देती है कि यदि उनसे किसी भी सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगी जाती है तो वे बिना डर के शिकायत करें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।

  • IPL में नया नियम: Like For Like और रिप्लेसमेंट के बदलाव, जानिए क्या बदला

    IPL में नया नियम: Like For Like और रिप्लेसमेंट के बदलाव, जानिए क्या बदला


    नई दिल्ली। इस साल IPL 2026 कुछ नए नियमों के साथ शुरू हो रही है, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा का विषय है Like For Like नियम और रिप्लेसमेंट नियमों में बदलाव। 28 मार्च से शुरू होने वाली इस लीग में कई फ्रेंचाइज़ियों के खिलाड़ी चोटिल होने के कारण बाहर हो गए हैं, जिससे रिप्लेसमेंट विकल्प महत्वपूर्ण बन गया है।

    Like For Like नियम क्या है?

    Like For Like नियम के तहत:

    कोई खिलाड़ी यदि टीम से बाहर होता है, तो उसके रिप्लेसमेंट की सैलरी बाहर गए खिलाड़ी से ज्यादा नहीं हो सकती। इसका मुख्य उद्देश्य सैलरी कैप को बनाए रखना है। रिप्लेसमेंट खिलाड़ी को जरूरी नहीं कि वही रोल निभाना पड़े, यानी अगर कोई गेंदबाज बाहर हुआ है, तो फ्रेंचाइज़ी बल्लेबाज भी रिप्लेसमेंट के तौर पर चुन सकती है। चोट या स्वास्थ्य कारणों से रिप्लेसमेंट आने वाला खिलाड़ी उस पूरे संस्करण में खेल सकता है, लेकिन अगले संस्करण के लिए टीम उसे रिटेन कर सकती है। इस नियम से नीलामी में अनसोल्ड खिलाड़ी भी टीम में खेलने का मौका पा सकते हैं।

    रजिस्टर्ड अनसोल्ड खिलाड़ियों को मिलेगा मौका

    चोटिल खिलाड़ियों की जगह टीम केवल पूल में उपलब्ध रजिस्टर्ड खिलाड़ियों से ही रिप्लेसमेंट चुन सकती है।

    यह पूल न्यू प्लेयर्स का शॉर्टलिस्टेड लिस्ट होता है।
    BCCI पूरी सूची सार्वजनिक नहीं करता, केवल शॉर्टलिस्ट किए गए नाम सामने आते हैं।
    ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने नीलामी में हिस्सा लिया लेकिन नहीं बिके, उनके लिए यह नया मौका है।
    क्यों है यह नियम चर्चा का केंद्र?
    यह नियम फ्रेंचाइज़ियों को सैलरी कैप के भीतर टीम संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
    अनसोल्ड खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिलना और टीमों को चोटिल खिलाड़ियों की जगह भरने का विकल्प इसे रोचक और रणनीतिक बनाता है।
    इससे IPL में टीम प्रबंधन और रणनीति में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

  • शादी की खुशियां मातम में बदलीं: भाइयों के बीच 'गन्ने के पैसों' का विवाद बना बहन का काल, जहर खाकर दी जान

    शादी की खुशियां मातम में बदलीं: भाइयों के बीच 'गन्ने के पैसों' का विवाद बना बहन का काल, जहर खाकर दी जान


    बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जहाँ एक ओर परिवार में बेटी के हाथ पीले करने की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही थीं और घर में मंगल गीतों की गूंज होनी थी वहीं अब वहाँ चीख-पुकार और मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है। आमला थाना क्षेत्र के खरपड़ा खेड़ी गांव में एक युवती ने पारिवारिक कलह से तंग आकर मौत का रास्ता चुन लिया जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 वर्षीय बबली बघेल की शादी आगामी 28 अप्रैल को तय हुई थी। घर में शादी का कार्ड बंटने से लेकर मेहमानों के स्वागत तक की रूपरेखा तैयार की जा रही थी। खुशियों के इस माहौल के बीच घर की आर्थिक स्थिति और शादी के खर्चों को लेकर उपजा विवाद अंततः एक बड़ी त्रासदी में बदल गया। पुलिस सूत्रों और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विवाद की जड़ में गन्ने की फसल की बिक्री से मिली राशि थी।

    बताया जा रहा है कि युवती के बड़े भाई ने हाल ही में गन्ने की फसल बेची थी जिसका पैसा घर आया था। नियत योजना के अनुसार इसी राशि से बबली की शादी की खरीदारी और अन्य इंतज़ाम किए जाने थे। इसी बीच छोटे भाई ने शादी के खर्चों के नाम पर बड़े भाई से पैसों की मांग शुरू कर दी जिसे लेकर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी हो गई। धीरे-धीरे यह मामूली बहस एक उग्र विवाद में तब्दील हो गई और घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    बबली जो अपनी आँखों में सुनहरे भविष्य के सपने सजाए बैठी थी अपने भाइयों को आपस में लड़ते देख गहरे मानसिक आघात में चली गई। उसने बीच-बचाव करने और दोनों को समझाने की पुरजोर कोशिश की कि उसकी शादी की खुशियों में इस तरह का झगड़ा शोभा नहीं देता लेकिन भाइयों के बीच अहं और पैसों की लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही थी। भाइयों की जिद और घर के बिगड़ते हालात से आहत होकर बबली ने गुरुवार को आत्मघाती कदम उठाते हुए घर में रखा जहर खा लिया।

    जब तक परिजनों को इस बात की भनक लगी और उसे उपचार के लिए ले जाया गया तब तक काफी देर हो चुकी थी। बबली की मौत की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। जिस आंगन में मंडप सजने वाला था वहाँ अब उसकी अर्थी को कंधा देने की तैयारी हो रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपसी कलह और आवेश में लिए गए फैसले न केवल रिश्तों को खत्म करते हैं बल्कि मासूमों की जान के दुश्मन भी बन जाते हैं।

  • बॉलीवुड में फ्लॉप हीरो, साउथ में है सुपरस्टार का दर्जा, फिल्मों और बिजनेस से बनाया 1400 करोड़ का नेटवर्थ

    बॉलीवुड में फ्लॉप हीरो, साउथ में है सुपरस्टार का दर्जा, फिल्मों और बिजनेस से बनाया 1400 करोड़ का नेटवर्थ

    नई दिल्ली: साउथ सिनेमा के सुपरस्टार राम चरण का नाम आज भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में खास पहचान रखता है. साउथ में ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले राम चरण का बॉलीवुड में सफर कुछ खास नहीं रहा, लेकिन उनकी मेहनत, डांसिंग स्किल और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें तेलुगु सिनेमा का जिंदा सितारा बना दिया. 27 मार्च 1985 को चेन्नई में जन्मे राम चरण अभिनेता चिरंजीवी के बेटे हैं. फिल्मी खानदान से आने के बावजूद राम चरण ने अपने करियर में कभी पिता के नाम का सहारा नहीं लिया. उन्होंने मुंबई के किशोर नमित कपूर एक्टिंग स्कूल में प्रशिक्षण लिया और पूरी मेहनत के साथ अभिनय की दुनिया में कदम रखा.

    राम चरण ने अपने करियर की शुरुआत साल 2007 में फिल्म ‘चिरुथा’ से की. पहले ही प्रयास में उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू का अवॉर्ड मिला. असली पहचान उन्हें साल 2009 में आई ‘मगधीरा’ से मिली. एसएस राजामौली की इस फिल्म में राम चरण ने डबल रोल निभाया और यह तेलुगु सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बन गई. इसके बाद उन्होंने ‘ऑरेंज’, ‘राचा’, ‘नायक’ और ‘येवादू’ जैसी कई सफल फिल्में दी, जिन्होंने उनकी स्टारडम को और मजबूत किया.

    लेकिन राम चरण का असली टर्निंग पॉइंट साल 2022 में रिलीज हुई ‘आरआरआर’ साबित हुई. जूनियर एनटीआर के साथ नजर आए राम चरण ने इस फिल्म में अपने अभिनय, डांस और स्क्रीन प्रेजेंस से पूरी दुनिया में नाम कमाया. 550 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 1,300 करोड़ से अधिक की कमाई की और इसका गाना ‘नाटू-नाटू’ ऑस्कर अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच गया. इस गाने की शूटिंग के दौरान राम चरण ने 12 दिन लगातार प्रैक्टिस की और घुटनों में चोट झेलते हुए भी मेहनत जारी रखी.

    हालांकि बॉलीवुड में उनका सफर उतना सफल नहीं रहा. साल 2013 में प्रियंका चोपड़ा और संजय दत्त के साथ ‘जंजीर’ के रीमेक में उन्होंने काम किया, लेकिन फिल्म फ्लॉप रही और बॉक्स ऑफिस पर अपना बजट भी नहीं वसूल कर पाई. यही कारण है कि राम चरण साउथ इंडस्ट्री में सुपरस्टार हैं लेकिन बॉलीवुड में उनकी किस्मत कुछ खास नहीं चली.

    कम ही लोग जानते हैं कि राम चरण सिर्फ अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक सफल बिजनेसमैन भी हैं. उन्होंने एयरलाइन कंपनी और पोलो राइडिंग क्लब जैसे कई कारोबार खड़े किए. उनकी मेहनत और बिजनेस स्किल्स ने उन्हें लगभग 1,370 से 1,400 करोड़ रुपए की संपत्ति दिलाई. फिल्मी खानदान की मेगा फैमिली से ताल्लुक रखने वाले राम चरण के चाचा पवन कल्याण और नागेंद्र बाबू भी तेलुगु सिनेमा के बड़े सितारे हैं, जबकि उनके कजिन अल्लू अर्जुन सुपरस्टार हैं. राम चरण की दो बहनें सुष्मिता और श्रीजा मीडिया से दूर रहती हैं.

    राम चरण की कहानी मेहनत, फिल्मी विरासत और अद्वितीय सफलता का उदाहरण है. बॉलीवुड में असफलता और साउथ में सुपरस्टार बनने का उनका सफर दर्शाता है कि सच्ची मेहनत और लगन किसी भी चुनौती को मात दे सकती है. ‘आरआरआर’ जैसी ग्लोबल हिट ने उन्हें सिर्फ साउथ का नहीं, बल्कि पूरे विश्व का स्टार बना दिया.

  • बालेन शाह ने संभाली नेपाल की कमान, प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण

    बालेन शाह ने संभाली नेपाल की कमान, प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण


    नई दिल्ली। नेपाल में राजनीतिक परिवर्तन का नया अध्याय शुरू हो गया है। पूर्व रैपर और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद (Nepal PM) की शपथ लेकर देश की कमान संभाल ली है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही नेपाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत मिला है।

    बालेन शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने हालिया चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 275 में से 182 सीटों पर जीत हासिल की। यह जीत न सिर्फ ऐतिहासिक रही, बल्कि पारंपरिक राजनीतिक दलों के लिए बड़ा झटका भी साबित हुई।

    कौन हैं बालेन शाह जो बने हैं Nepal PM?
    बालेन शाह राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता हैं। हाल ही में नेपाल में केपी शर्मा ओली की सरकार के खिलाफ GenZ के विद्रोह के बाद बालेन शाह चर्चा का केंद्र बन गए। उन्होंने GenZ द्वारा चलाए गए सत्ता विरोधी आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इसके बाद वह GenZ में काफी लोकप्रिय हो गए जिसका असर 5 मार्च 2026 को हुए आम चुनावों में देखने को मिला। RSP ने भारी बहुमत हासिल किया। पार्टी ने 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 182 सीटें जीतीं। बालेन ने खुद चार बार प्रधानमंत्री रह चुके केपी शर्मा ओली को उनके गढ़ झापा-5 सीट से भारी अंतर से हराया।

    रैपर से प्रधानमंत्री बनने तक का सफर
    बालेश शाह का जन्म 27 अप्रैल 1990 को हुआ था उन्होंने स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। राजनीति में कदम रखने से पहले ही वे युवाओं के बीच अच्छी खासी लोकप्रियता रखते थे। वे अपने गानों का इस्तेमाल सत्ता पर निशाना साधने के लिए किया करते थे। मई 2022 में उन्होंने राजनीति में पहला कदम रखा। उन्होंने मेयर पद पर जीत हासिल की। इसके बाद से ही वे समाज सुधारक की भूमिका में दिखने लगे थे। आज 4 साल के बाद वह नेपाल के प्रधानमंत्री बन गए।

  • फ्लाइट बुक करने से पहले सावधान! 50% उड़ानों में तकनीकी खराबी, संसदीय रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

    फ्लाइट बुक करने से पहले सावधान! 50% उड़ानों में तकनीकी खराबी, संसदीय रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता


    नई दिल्ली। हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। संसदीय समिति की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश की लगभग 50 प्रतिशत कमर्शियल फ्लाइट्स में तकनीकी खराबियां पाई गई हैं। इस रिपोर्ट ने एविएशन सेक्टर की सुरक्षा और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    क्या कहती है रिपोर्ट?
    रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 754 फ्लाइट्स का ऑडिट किया गया, जिनमें से 377 फ्लाइट्स में बार-बार तकनीकी खराबी पाई गई। यानी हर दूसरी फ्लाइट किसी न किसी तकनीकी समस्या से जूझ रही थी। IndiGo की 405 फ्लाइट्स का ऑडिट हुआ, जिनमें से 148 में खराबी मिली। Air India की 166 फ्लाइट्स में से 137 में बार-बार तकनीकी दिक्कत सामने आई। Air India Express की 101 फ्लाइट्स में से 54 में खराबी पाई गई।

    DGCA ऑडिट में सामने आईं गंभीर खामियां
    DGCA द्वारा 1 से 4 जुलाई 2025 के बीच किए गए ऑडिट में कई बड़ी कमियां सामने आईं पायलट ट्रेनिंग में कमी खासकर Boeing 787 और 777 विमानों में कुछ इंटरनेशनल फ्लाइट्स में पर्याप्त केबिन क्रू की कमी फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट का उल्लंघन कॉकपिट में अनधिकृत प्रवेश एक्सपायर्ड समय सीमा खत्म इमरजेंसी उपकरण का इस्तेमाल रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि DGCA में 48.3% पद खाली हैं। स्टाफ की कमी के कारण एविएशन सेक्टर की प्रभावी निगरानी करना मुश्किल हो रहा है, जिससे सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।

    एयरलाइंस पर कार्रवाई
    एयर इंडिया को 9 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए 2025 के अंत तक कुल 19 नोटिस अलग-अलग एयरलाइंस को भेजे गए संसदीय समिति ने कई जरूरी सुधार सुझाए हैं सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन बेहतर निगरानी तंत्र स्टाफ की भर्ती बढ़ाना यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि भारत में तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर के साथ-साथ सुरक्षा और निगरानी में सुधार बेहद जरूरी है। यात्रियों को भी टिकट बुक करते समय सतर्क रहने और एयरलाइन की सुरक्षा रिकॉर्ड पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।