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  • MC में मेयर की जंग: शिंदे गुट ने ढाई साल तक शिवसेना को मेयर पद देने का दावा, भाजपा-शिंदे में खींचतान

    MC में मेयर की जंग: शिंदे गुट ने ढाई साल तक शिवसेना को मेयर पद देने का दावा, भाजपा-शिंदे में खींचतान



    मुंबई। बीएमसी चुनावी नतीजों के बाद महाराष्ट्र की सियासत में नया उलझाव खड़ा हो गया है। भाजपा ने मुंबई में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरते हुए 89 वार्ड जीतकर पहली बार BMC मेयर के लिए मजबूत दावेदार बन गई है। लेकिन इसके बाद शिंदे गुट ने मेयर पद को लेकर नया दावा करके सियासी पेंच फंसाया है।

    सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट का दावा है कि 2026 शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी वर्ष है, इसलिए कम से कम ढाई साल शिवसेना का मेयर होना चाहिए। इसी मांग को लेकर भाजपा और शिंदे गुट के बीच खींचतान शुरू हो गई है।

    शिंदे गुट ने 29 पार्षदों को होटल में किया शिफ्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
    केंद्रीय रूप से भाजपा-शिंदे गुट की सीटों पर नजर रखने के लिए शिंदे गुट ने अपने 29 नए पार्षदों को बांद्रा के होटल ताज लैंड्स एंड में शिफ्ट कर दिया है। होटल के बाहर कड़ा पहरा भी लगाया गया है।
    यह कदम हॉर्स-ट्रेडिंग रोकने और पार्षदों को पार्टी लाइन में बनाए रखने के उद्देश्य से बताया जा रहा है।

    शिंदे गुट ने बताया है कि सभी 29 पार्षदों को बुधवार दोपहर 3 बजे तक होटल में बने रहने का निर्देश दिया गया है और इसके बाद भी उन्हें कम से कम 3 दिन होटल में ही रहना होगा।

    उद्धव गुट ने लगाया बड़ा आरोप, कहाशिंदे खुद नहीं चाहते भाजपा का मेयर बने
    इसी बीच उद्धव ठाकरे के गुट (UBT) के सांसद संजय राउत ने दावा किया कि शिंदे खुद नहीं चाहते कि BMC में भाजपा का मेयर बने, इसलिए वे अपने पार्षदों को होटल में रखे हुए हैं।
    उनका कहना है कि शिंदे गुट भाजपा को मेयर पद नहीं दिलाने की कोशिश कर रहा है।

    वहीं उद्धव गुट ने यह भी संकेत दिए कि अगर “भगवान चाहें” तो उनकी पार्टी का मेयर बन सकता है, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं।

  • बिजली वितरण कंपनियों की बड़ी वापसी: वर्षों के घाटे के बाद 2024-25 में 2,701 करोड़ का मुनाफा

    बिजली वितरण कंपनियों की बड़ी वापसी: वर्षों के घाटे के बाद 2024-25 में 2,701 करोड़ का मुनाफा


    नई दिल्ली।देश की विद्युत वितरण कंपनियों के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। कई वर्षों तक लगातार घाटे में रहने के बाद अब बिजली वितरण कंपनियां दोबारा मुनाफे में लौट आई हैं। विद्युत मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में देश की वितरण कंपनियों ने सामूहिक रूप से 2,701 करोड़ रुपए का कर पश्चात मुनाफा PAT दर्ज किया है। इसे बिजली वितरण क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    विद्युत मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि राज्य विद्युत बोर्डों के विभाजन और निगमीकरण के बाद से वितरण कंपनियां लंबे समय तक घाटे से जूझती रही हैं। हालांकि अब स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिला है। मंत्रालय के अनुसार, जहां वित्त वर्ष 2023-24 में वितरण कंपनियों को 25,553 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था, वहीं वित्त वर्ष 2013-14 में यह घाटा 67,962 करोड़ रुपए तक पहुंच गया था। ऐसे में 2024-25 में मुनाफे में वापसी इस क्षेत्र के लिए एक नया अध्याय है।

    इस उपलब्धि पर केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह वितरण क्षेत्र की चिंताओं को दूर करने के लिए किए गए लगातार प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों के कारण संभव हो पाई है। मंत्री के मुताबिक, भारत न केवल अपनी बल्कि वैश्विक विकास यात्रा को भी गति दे रहा है, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका बेहद अहम है।मनोहर लाल ने आगे कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र में जरूरी सुधारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि यह क्षेत्र देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सके और विकसित भारत के लक्ष्य में अपना योगदान दे सके।

    सरकार के अनुसार, पिछले एक दशक में विद्युत मंत्रालय ने देशभर में वितरण कंपनियों के प्रदर्शन को सुधारने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। नीतिगत पहलों के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार संवाद किया गया है। खासतौर पर 2025 में गंगटोक, मुंबई, बेंगलुरु, चंडीगढ़ और पटना में आयोजित ऊर्जा मंत्रियों के क्षेत्रीय सम्मेलनों के दौरान वितरण क्षेत्र में सुधारों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।मंत्रालय का कहना है कि नियमित समीक्षा, संवाद और निगरानी ने वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति सुधारने में अहम भूमिका निभाई है। अब इस मुनाफे के साथ सरकार को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में बिजली वितरण क्षेत्र और अधिक मजबूत होकर देश के आर्थिक विकास को नई ऊर्जा देगा।

  • महंगी ड्राई क्लीनिंग को कहें बाय-बाय! इन 5 आसान ट्रिक्स से घर पर धोएं पफर जैकेट; नहीं खराब होगी रूई

    महंगी ड्राई क्लीनिंग को कहें बाय-बाय! इन 5 आसान ट्रिक्स से घर पर धोएं पफर जैकेट; नहीं खराब होगी रूई


    नई दिल्ली । पफर जैकेट की बनावट अन्य कपड़ों से अलग होती है, इसलिए इसे धोने के लिए विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। अगर आप इसे सामान्य कपड़ों की तरह धो देंगे, तो इसकी रूई के गुच्छे बन सकते हैं और जैकेट अपनी गर्माहट और शेप खो सकती है। नीचे दिए गए तरीकों को अपनाकर आप इस जोखिम को कम कर सकते हैं।

    सफाई से पहले ‘केयर लेबल’ जरूर देखे

    किसी भी पफर जैकेट को पानी में डालने से पहले उसके अंदर की तरफ लगे केयर लेबल को ध्यान से पढ़ें। अगर उस पर ‘Dry Clean Only’ लिखा है, तो घर पर रिस्क न लें। यदि उस पर मशीन या हैंड वॉश का विकल्प है, तभी आगे बढ़ें। धोने से पहले सभी जिप बंद कर दें और पॉकेट खाली कर लें।

    जिद्दी दागों का ‘स्पॉट ट्रीटमेंट

    पूरी जैकेट को गीला करने से पहले कॉलर, कफ और दाग-धब्बों वाली जगहों पर ध्यान दें। एक पुराने टूथब्रश और माइल्ड डिटर्जेंट की मदद से दाग वाली जगह को हल्के हाथों से रगड़ें। इससे जैकेट को मशीन में ज्यादा देर तक नहीं घुमाना पड़ेगा और गंदगी भी साफ हो जाएगी।

    लिक्विड डिटर्जेंट और ठंडे पानी का प्रयोग

    पफर जैकेट के लिए कभी भी पाउडर डिटर्जेंट का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसके कण जैकेट की रूई में फंस सकते हैं। हमेशा माइल्ड लिक्विड डिटर्जेंट और ठंडे पानी का चुनाव करें। गर्म पानी जैकेट के बाहरी फैब्रिक को नुकसान पहुँचा सकता है और उसकी चमक फीकी कर सकता है।

    टेनिस बॉल’ ट्रिक सबसे कारगर तरीका

    यदि आप जैकेट को मशीन में सुखा रहेतो ड्रायर में जैकेट के साथ 2-3 साफ टेनिस बॉल डाल दें। जैसे-जैसे मशीन घूमेगी, ये बॉल जैकेट से टकराएंगी और अंदर जमी हुई रूई को फेंटकर उसे फिर से फुला देंगी। इससे रूई के गुच्छे नहीं बनेंगे और जैकेट पिचकने से बच जाएगी।

    सुखाने का सही तरीका

    अगर आप ड्रायर का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो जैकेट को कभी भी निचोड़ें नहीं। इसे एक तौलिये पर सपाट बिछाकर सुखाएं। धूप में सीधे टांगने के बजाय इसे छांव में सुखाना बेहतर है। सूखने के दौरान हर 1-2 घंटे में जैकेट को हाथों से थपथपाएं ताकि अंदर की रूई अपनी सही जगह पर वापस आ जाए। पफर जैकेट पर कभी भी फैब्रिक सॉफ्टनर या ब्लीच का उपयोग न करें, क्योंकि ये जैकेट के वाटर-रेसिस्टेंट कोटिंग और अंदर के फाइबर को नष्ट कर सकते हैं।

  • नेशनल सिक्योरिटी कानूनों पर पूर्व CJI की चेतावनी,इनोसेंस को गिल्ट न बनाएं प्री-ट्रायल जेल सजा नहीं हो सकती

    नेशनल सिक्योरिटी कानूनों पर पूर्व CJI की चेतावनी,इनोसेंस को गिल्ट न बनाएं प्री-ट्रायल जेल सजा नहीं हो सकती


    जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने न्याय व्यवस्था, बेल सिस्टम और भ्रष्टाचार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर बात की। ‘आइडियाज ऑफ जस्टिस’ सत्र में उमर खालिद के मामले से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वे अब जज के रूप में नहीं, बल्कि एक नागरिक के तौर पर बोल रहे हैं।

    पूर्व CJI ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को दोषसिद्धि से पहले जमानत मिलना अधिकार का विषय है, क्योंकि भारतीय कानून ‘इनोसेंस की पूर्वधारणा’ यानी निर्दोषता की धारणा पर आधारित है।उन्होंने कहा,प्री-ट्रायल बेल कभी सजा नहीं हो सकती।

    अगर कोई व्यक्ति 5–7 साल अंडरट्रायल रहकर अंत में बरी हो जाए, तो उसके खोए हुए समय की भरपाई कैसे होगी?

    बेल कब रोकी जा सकती है, सरल उदाहरण से समझाया
    चंद्रचूड़ ने बेल डिनाय करने की स्थितियों को आसान भाषा में समझाते हुए कहा कि बेल न देने के तीन क्लासिक एक्सेप्शन होते हैं
    आरोपी छूटने के बाद अपराध दोहरा सकता हो (जैसे सीरियल रेप या मर्डर केस)
    आरोपी भाग जाने की आशंका हो। आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता होउन्होंने स्पष्ट कहा,अगर ये तीनों परिस्थितियां मौजूद नहीं हैं, तो बेल नियम है, अपवाद नहीं।

    नेशनल सिक्योरिटी कानूनों पर चिंता
    पूर्व CJI ने कहा कि आज की बड़ी समस्या यह है कि नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े कानून ‘निर्दोषता’ की जगह ‘दोष’ की धारणा को बैठा देते हैं।

    उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अदालतों को यह जांचना चाहिए कि, क्या वाकई नेशनल सिक्योरिटी का मामला बनता हैक्या डिटेंशन प्रोपोर्शनल है। वरना लोग सालों तक जेल में सड़ते रहते हैं।

    स्पीडी ट्रायल नहीं तो आर्टिकल 21 का उल्लंघन
    चंद्रचूड़ ने कहा कि भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली की सबसे बड़ी समस्या यह है कि ट्रायल समय पर पूरे नहीं होते।अगर ट्रायल रीजनेबल टाइम में खत्म नहीं होता, तो यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्पीडी ट्रायल के अधिकार का उल्लंघन है। भले ही कोई कानून बेल से मना करे, लेकिन संविधान सर्वोच्च है।

    उमर खालिद का जिक्र
    उन्होंने कहा कि उमर खालिद को करीब 5 साल जेल में हो चुके हैं।मैं अपनी कोर्ट की आलोचना करने में झिझक रहा हूं, क्योंकि कुछ समय पहले तक मैं इसी संस्थान का नेतृत्व कर रहा था।

    लेकिन सिद्धांत साफ हैंअगर ट्रायल आगे नहीं बढ़ सकता, तो बेल ही नियम है, शर्तें लगाई जा सकती हैं।

    जिला अदालतों में बेल न देने की प्रवृत्ति चिंताजनकपूर्व CJI ने कहा कि हाईकोर्ट और जिला अदालतों में बेल न देने की आदत बन गई है, जो चिंता का विषय है।उन्होंने बताया कि जिला अदालतें न्याय प्रणाली का पहला इंटरफेस हैं, लेकिन वहां जज बेल देने से डरते हैं।जजों को लगता है कि बेल दी तो उनकी नीयत पर सवाल उठेंगेखासतौर पर फाइनेंशियल फ्रॉड जैसे मामलों में। नतीजा यह है कि केस सीधे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पहुंचते हैं। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट में हर साल करीब 70 हजार मामले आ रहे हैं।

    जजों पर नैतिक दबाव से डर का माहौल
    चंद्रचूड़ ने कहा कि यदि कोई जिला जज गलत बेल देता है, तो उसे कानूनी तरीके से रिवर्स किया जाना चाहिए, लेकिन मोरल प्रेशर नहीं बनाना चाहिए।

    हाईकोर्ट की छोटी-सी टिप्पणी भी किसी जज का करियर तबाह कर सकती है। प्रमोशन रुक जाता है। इससे ऐसा इकोसिस्टम बनता है, जहां जज डर के माहौल में काम करते हैं।

    करप्शन पर स्पष्ट संदेश
    पूर्व CJI ने अंत में कहा, मैं भ्रष्टाचार को जस्टिफाई नहीं कर रहा, लेकिन सच यह है कि जज भी उसी समाज से आते हैं, जहां करप्शन है।हालांकि जज से समाज से कहीं ऊंचे नैतिक मानदंडों की अपेक्षा की जाती है। करप्शन रोकने के लिए जवाबदेही तय करने वाला प्रभावी सिस्टम जरूरी है।गलत फैसले को तुरंत करप्ट कह देना आसान है, लेकिन सच को समझना ज्यादा जरूरी है।”

  • बोर्ड परीक्षा में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस: कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, नकल पर कड़ी नजर, छात्रों की सुविधा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता

    बोर्ड परीक्षा में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस: कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, नकल पर कड़ी नजर, छात्रों की सुविधा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता



    भिंड। जिले में आगामी 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में कलेक्टर भिंड की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में केंद्राध्यक्ष एवं सहायक केंद्राध्यक्षों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों के जीवन का अहम पड़ाव होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुविधा, परीक्षा की पारदर्शिता और नकलमुक्त वातावरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    कलेक्टर ने माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर बैठने की समुचित व्यवस्था, निर्बाध बिजली, स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी केंद्र नहीं होना चाहिए, जहां विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी हो।

    नकल पर सख्ती दिखाते हुए कलेक्टर ने कहा कि नकल चाहे किसी भी रूप में हो, उसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए केंद्राध्यक्षों को स्वयं सतर्क रहने और परीक्षा ड्यूटी में लगे समस्त स्टाफ को पूरी तरह अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए। प्रश्न पत्र वितरण से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन तक प्रत्येक चरण में कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए।

    उन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं की सीलिंग और अनसीलिंग प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि केंद्राध्यक्षों की सूची का पुनः परीक्षण कर केवल योग्य, अनुभवी और जिम्मेदार अधिकारियों को ही यह दायित्व सौंपा जाए।

    कलेक्टर ने सहायक केंद्राध्यक्षों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे मुख्य केंद्राध्यक्ष के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करें। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

    उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी परीक्षा केंद्र से यदि लापरवाही या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, परीक्षा प्रभारी सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

  • भोपाल के युवक के साथ राजस्थान में हैवानियत: बंधक बनाकर पीटा, बीयर की बोतल में पेशाब पिलाने का आरोप

    भोपाल के युवक के साथ राजस्थान में हैवानियत: बंधक बनाकर पीटा, बीयर की बोतल में पेशाब पिलाने का आरोप



    भोपाल। प्यार की तलाश में राजस्थान गए भोपाल के एक 18 वर्षीय युवक के साथ रूह कंपा देने वाली बर्बरता का मामला सामने आया है। युवक को न सिर्फ तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, बल्कि अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए उसे बीयर की बोतल में भरकर कथित तौर पर पेशाब पिलाया गया। आरोपियों ने इस खौफनाक कृत्य का वीडियो बनाकर पीड़ित के परिजनों को भेजकर उन्हें डराने की कोशिश की है।
    हनीट्रैप जैसा जाल: प्रेमिका ने कॉल कर बुलाया था गांव
    मामला भोपाल के कोलार इलाके का है। पीड़ित युवक का प्रेम-प्रसंग झालावाड़ (राजस्थान) के दांगीपुरा क्षेत्र की एक युवती से चल रहा था। युवती कुछ दिन पहले भोपाल आई थी, जिसे उसके परिजन समझा-बुझाकर वापस ले गए थे। साजिश के तहत तीन दिन पहले युवती से ही युवक को कॉल करवाया गया और उसे मिलने के लिए राजस्थान बुलाया गया। जैसे ही युवक वहां पहुँचा, युवती के परिजनों और ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और बंधक बना लिया।

    वीडियो भेजकर दी चुनौती, दहल गए परिजन
    हैरानी की बात यह है कि आरोपियों के मन में कानून का कोई खौफ नहीं था। उन्होंने युवक को पीटते हुए और उसे जबरन तरल पदार्थ (पेशाब) पिलाते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे युवक के परिवार को भेज दिया। वीडियो देखने के बाद रविवार दोपहर बदहवास परिजन कोलार थाने पहुँचे और मदद की गुहार लगाई।

    एक्शन में पुलिस: MP से राजस्थान तक घेराबंदी
    मामले की गंभीरता और युवक की जान को खतरा देखते हुए भोपाल पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला:
    इंटरस्टेट को-ऑर्डिनेशन: कोलार पुलिस ने तुरंत राजगढ़ की कालीपीठ पुलिस से संपर्क साधा, क्योंकि यह इलाका राजस्थान बॉर्डर से सटा है।

    रेस्क्यू ऑपरेशन: कोलार टीआई संजय सोनी के मुताबिक, राजगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम झालावाड़ के दांगीपुरा के लिए रवाना कर दी गई है।

    प्राथमिकता: पुलिस का पहला लक्ष्य युवक को सुरक्षित मुक्त कराना और उसे उपचार दिलाना है। राजस्थान पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है।युवक की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है।

    हालांकि घटना राजस्थान की है, लेकिन हमने अपनी टीमें रवाना कर दी हैं और राजस्थान पुलिस के समन्वय से आरोपियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    युवक की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है। हालांकि घटना राजस्थान की है, लेकिन हमने अपनी टीमें रवाना कर दी हैं और राजस्थान पुलिस के समन्वय से आरोपियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। संजय सोनी, थाना प्रभारी, कोलार (भोपाल)
  • मध्यप्रदेश में सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

    मध्यप्रदेश में सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

    विदिशा।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं महामार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विदिशा जिला मुख्यालय में शनिवार को सड़कों के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने यहां 4,400 करोड़ रुपए की सड़कों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर गडकरी ने 13,000 करोड़ रुपए की लागत से कोटा से दिल्ली-मुंबई तक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की भी घोषणा की।

    मध्यप्रदेश की सड़कों के विकास के लिए विशेष प्रावधान
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मांग पर मध्यप्रदेश की सड़क परियोजनाओं के लिए 1,600 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। इसमें से 400 करोड़ रुपए विशेष रूप से विदिशा संसदीय क्षेत्र की शहरी और आंतरिक सड़कों के निर्माण के लिए आवंटित किए जाएंगे।गडकरी ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से नई सड़कें बनाई जाएंगी जिससे प्रदेश के सभी हिस्सों में यातायात सुगम और तेज़ होगा।

    अत्याधुनिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का शिलान्यास
    इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने विदिशा में अत्याधुनिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का भी शिलान्यास किया। यह केंद्र सड़क सुरक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।नितिन गडकरी ने कहा कि प्रदेश में चारों ओर मजबूत सड़क नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे न केवल यातायात सुगमता बढ़ेगी, बल्कि उद्योग और व्यापार को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और जनता से कहा कि सड़क सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति जागरूकता बनाए रखना जरूरी है

  • मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में बवाल: पुलिस ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोका, पालकी खींची गई, स्नान से वंचित रहे

    मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में बवाल: पुलिस ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोका, पालकी खींची गई, स्नान से वंचित रहे



    प्रयागराज । प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के पावन स्नान के दौरान रविवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को पुलिस ने संगम जाने से रोक दिया। पुलिस ने भीड़ का हवाला देते हुए शंकराचार्य से रथ से उतरकर पैदल संगम जाने का अनुरोध किया, लेकिन उनके शिष्य इस बात पर सहमत नहीं हुए और पालकी आगे बढ़ाने लगे।

    इसी बात को लेकर पुलिस और शिष्यों के बीच पहले बहस हुई और फिर देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया।

    आरोप है कि इस दौरान एक साधु को चौकी में ले जाकर मारपीट भी की गई, जिससे संत समाज में नाराजगी फैल गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही शंकराचार्य स्वयं आक्रोशित हो गए और अपने शिष्यों की रिहाई की मांग पर अड़ गए। मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, हाथ जोड़कर अनुरोध भी किया, लेकिन शंकराचार्य नहीं माने। करीब दो घंटे तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा और संगम क्षेत्र में गहमागहमी रही।

    इसके बाद पुलिस ने शंकराचार्य के और समर्थकों को हिरासत में ले लिया और उनकी पालकी को खींचते हुए संगम से लगभग एक किलोमीटर दूर ले जाया गया। इस दौरान पालकी का एक हिस्सा टूट भी गया।

    पूरे घटनाक्रम के कारण शंकराचार्य मौनी अमावस्या का पवित्र स्नान नहीं कर पाए, जिससे उनके अनुयायियों में गहरा आक्रोश देखा गया।

    प्रशासन की ओर से बताया गया कि मौनी अमावस्या के कारण संगम तट पर श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ है। अब तक करीब 3 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं, जबकि प्रशासन का अनुमान है कि दिन खत्म होने तक यह संख्या 4 करोड़ तक पहुंच सकती है। भीड़ नियंत्रण के लिए मेला क्षेत्र में AI आधारित सिस्टम, CCTV कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। करीब 800 हेक्टेयर में फैले मेला क्षेत्र को 7 सेक्टरों में बांटा गया है और 8 किलोमीटर लंबे अस्थायी घाट बनाए गए हैं।

  • मुरैना में किन्नर के घर 30 लाख की डकैती, बदमाश फरसी में बात कर रहा था

    मुरैना में किन्नर के घर 30 लाख की डकैती, बदमाश फरसी में बात कर रहा था


    मुरैना।मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के अंबाह में शनिवार रात एक बड़ी डकैती की घटना सामने आई। किन्नर राबिया के घर 8 से 10 नकाबपोश और हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर 22 तोला सोना 4 किलो चांदी और करीब 4 लाख रुपये नकद समेत कुल लगभग 30 लाख रुपये का माल लूट लिया।

    हथियारबंद बदमाशों की वारदात
    सूत्रों के अनुसार रात करीब 2 बजे बदमाशों ने छत के रास्ते घर में प्रवेश किया। गैस कटर से छत का दरवाजा काटकर अंदर घुसे और दूसरी मंजिल से सीधे नीचे आए। उन्होंने घर में मौजूद राबिया और तीन अन्य किन्नर चेलों को कट्टे की नोक पर बंधक बना लिया।

    सीसीटीवी और फरसी में बातचीत
    लूटपाट के दौरान बदमाशों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले लिया ताकि उनकी पहचान नहीं हो सके। जानकारी मिली है कि बदमाश फरसी में बात कर रहे थे जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि उनका कोई बाहरी गिरोह से संबंध हो सकता है।

    पुलिस जांच में जुटी
    मुरैना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम और स्थानीय थाने के अधिकारी घर का मुआयना कर रहे हैं। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और जल्द ही बदमाशों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का आश्वासन दिया है।

  • जबलपुर में रफ्तार का कहर: तेज कार ने 12 मजदूरों को रौंदा, 2 की मौके पर मौत, 7 की हालत नाजुक

    जबलपुर में रफ्तार का कहर: तेज कार ने 12 मजदूरों को रौंदा, 2 की मौके पर मौत, 7 की हालत नाजुक



    जबलपुर। जबलपुर में रविवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। बरेला थाना क्षेत्र के एकता चौक पर तेज रफ्तार कार ने सड़क डिवाइडर की रेलिंग साफ कर रहे 12 मजदूरों को कुचल दिया। इस भीषण हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
    घायलों में से 7 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। सभी को तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।

    जानकारी के मुताबिक, हादसा दोपहर करीब 2 बजे हुआ। मजदूर डिवाइडर में लगी लोहे की जालियों की सफाई का काम पूरा करने के बाद सड़क किनारे बैठकर लंच कर रहे थे। इसी दौरान बरेला से जबलपुर की ओर आ रही तेज रफ्तार सफेद कार ने अचानक नियंत्रण खो दिया और मजदूरों को टक्कर मारते हुए मौके से फरार हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एकता चौक के पास करीब 24 मजदूर काम कर रहे थे।

    भोजन के समय अचानक कार के चपेट में आने से चारों ओर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और डायल 108 को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनिल पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भिजवाया।

    घायल मजदूर महंत उइके ने बताया कि कार इतनी तेज थी कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। “अचानक कार सामने आई और हमारे साथियों को कुचलते हुए भाग गई। जब तक कुछ समझ पाते, कई लोग सड़क पर लहूलुहान पड़े थे,” उन्होंने बताया।

    बरेला थाना प्रभारी अनिल पटेल ने बताया कि फरार कार चालक की तलाश तेज कर दी गई है। आसपास लगे CCTV कैमरों और टोल नाकों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    रीवा में भी सड़क हादसा, एक की मौत
    उधर, रीवा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के हिनौता मोड़ पर भी रविवार को एक और दर्दनाक हादसा हुआ। तेज रफ्तार एम्बुलेंस ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिसमें ज्ञानेंद्र रावत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुलदीप रावत गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का इलाज अस्पताल में जारी है।लगातार हो रहे इन हादसों ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।