Blog

  • Bihar Assembly Election: बिहार चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची PK की जन सुराज पार्टी

    Bihar Assembly Election: बिहार चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची PK की जन सुराज पार्टी


    नई दिल्ली । बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी और कानूनी घमासान तेज हो गया है। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज पार्टी ने राज्य में हुए विधानसभा चुनाव को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की है। पार्टी ने चुनाव के दौरान महिलाओं को सीधे ₹10,000 ट्रांसफर किए जाने को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए इसे अवैध करार दिया है और नए सिरे से विधानसभा चुनाव कराने की मांग की है।

    सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार
    जन सुराज पार्टी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ इस मामले की शुक्रवार को सुनवाई करेगी। याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई है।

    10 हजार रुपये ट्रांसफर पर उठे सवाल

    याचिका में कहा गया है कि चुनाव से ठीक पहले और मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू रहने के दौरान राज्य सरकार की ओर से महिला मतदाताओं को ₹10,000 का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण किया गया, जो चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला कदम है। पार्टी का दावा है कि इससे 25 से 35 लाख महिला वोटर्स प्रभावित हुईं, जो सीधे तौर पर भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है।

    संविधान के कई अनुच्छेदों के उल्लंघन का आरोप

    जन सुराज पार्टी ने कोर्ट से यह घोषित करने की मांग की है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चुनावी अवधि में नए लाभार्थियों को जोड़ना और उन्हें भुगतान करना संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 112, 202 और 324 का गंभीर उल्लंघन है। साथ ही, चुनाव आयोग को इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश देने की भी अपील की गई है।

    जीविका दीदियों की तैनाती पर भी आपत्ति

    याचिका में यह मुद्दा भी उठाया गया है कि दो चरणों में कराई गई वोटिंग के दौरान जीविका स्वयं सहायता समूह की करीब 1.8 लाख महिला लाभार्थियों को पोलिंग बूथों पर तैनात किया गया, जो निष्पक्ष चुनाव की भावना के खिलाफ है। पार्टी ने इसे अवैध और अनुचित बताया है।

    दोबारा चुनाव की मांग

    जन सुराज पार्टी ने चुनाव में कथित भ्रष्ट आचरणों का हवाला देते हुए बिहार में फिर से विधानसभा चुनाव कराने की मांग की है। साथ ही, पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह एस. सुब्रमण्यम बालाजी बनाम तमिलनाडु सरकार 2013 मामले में दिए गए निर्देशों को लागू कराए और मुफ्त योजनाओं व डीबीटी स्कीम्स पर स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश तय करे।

    बढ़ेगा सियासी तापमान

    इस याचिका के बाद बिहार की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में बिहार की सियासत की दिशा तय कर सकता है।

  • विरासत में मिला क्रिकेट छोड़ क्यों बॉलीवुड में आए अंगद बेदी, इन फिल्मों के लिए होती है चर्चा

    विरासत में मिला क्रिकेट छोड़ क्यों बॉलीवुड में आए अंगद बेदी, इन फिल्मों के लिए होती है चर्चा


    नई दिल्ली । अभिनेता अंगद बेदी आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। उनके जन्मदिन पर आइए आपको बताते हैं बॉलीवुड में उनकी शुरुआत से लेकर अब तक के सफर के बारे में।भारतीय क्रिकेट कप्तान रहे बिशन सिंह बेदी के बेटे अंगद बेदी का आज यानी 6 फरवरी को जन्मदिन है। अंगद बेदी को उनकी फिल्मों से फैंस पहचानते हैं। विरासत में मिला क्रिकेट छोड़ अंगद ने बॉलीवुड में अपना सिक्का आजमाने की कोशिश की है। आइए उनके जन्मदिन के खास दिन पर आपको बताते हैं उनकी निजी जिंदगी से लेकर बॉलीवुड तक के सफर के बारे में।
    खुद कही थी ये बात

    अंगद बेदी ने एक इंटरव्यू में खुद कहा था कि मुझे लगता है कि काम ही सबसे ज्यादा जरूरी है। हर इंसान की एक ऐसी पर्सनालिटी बननी चाहिए कि लोग आपके काम से कनेक्ट कर सकें। मैं लाइफ में बेचारा बनकर नहीं रहना चाहता। अंगद ने बताया कि 17 साल की उम्र में उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें अभिनेता बनना है इसके बाद उन्होंने चचेरे भाी की डिफेंस कॉलोनी में एक दुकान में जाकर अमिताभ बच्चन की फिल्में देखना शुरू किया। इन्हीं फिल्मों को देखकर एक्टिंग के प्रति अंगद का रुझान और बढ़ गया।

    पिता हो गए थे नाराज

    एक इंटरव्यू के दौरान अंगद बेदी ने बताया कि उन्होंने बॉलीवुड में काम करने के लिए 18 साल की उम्र में बाल कटवा लिए थे इस बात से उनके पिता इतने नाराज हो गए थे कि 20 साल तक उनसे बात ही नहीं की थी। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने उन दोनों की सुलह करवाई थी।

    ऐसे हुई नेहा से मुलाकात

    अंगद बेदी ने साल 2018 में नेहा धूपिया से शादी कर ली थी। दोनों की शादी दिल्ली में हुई। खबरों की मानें तो अंगद से शादी से पहले ही नेहा प्रेग्नेंट हो गईं थीं। नेहा और अंगद ने अपने माता-पिता को शादी के बारे में बताने के बाद 72 घंटों में शादी कर ली थी। कपल के एक बेटा और एक बेटी है। अंगद से शादी के पांच महीने बाद ही नेहा धूपिया ने बेटी को जन्म दिया था। वहीं साल 2021 में उन्होंने अपने बेटे गुरिक सिंह धूपिया बेदी का स्वागत किया। इन फिल्मों में नजर आए अंगद बेदीअंगद बेदी को उनकी फिल्म डियर जिंदगीटाइगर जिंदा हैघूमरगुंजन सक्सेनासूरमा जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। अंगद बेदी ने बहुत सी फिल्मों में काम किया हालांकि वे अभी तक किसी फिल्म में मुख्य किरदार के रुप में काम नहीं कर पाए हैं।

  • India vs Pakistan पर सस्पेंस गहराया: तूफान से पहले की खामोशी या T20 वर्ल्ड कप का महामुकाबला होगा रद्द?

    India vs Pakistan पर सस्पेंस गहराया: तूफान से पहले की खामोशी या T20 वर्ल्ड कप का महामुकाबला होगा रद्द?


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 में होने वाले भारत-पाकिस्तान महामुकाबले को लेकर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। 15 फरवरी को प्रस्तावित इस हाई-वोल्टेज मैच से ठीक दस दिन पहले हालात ऐसे बन चुके हैं कि यह कहना मुश्किल हो गया है कि यह खामोशी तूफान से पहले की शांति है या फिर मैच के रद्द होने का साफ संकेत। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे मामले पर आईसीसी बीसीसीआई और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड तीनों की ओर से सार्वजनिक तौर पर चुप्पी साध ली गई है।

    इस विवाद की शुरुआत 1 फरवरी को हुई जब पाकिस्तान सरकार ने ऐलान किया कि पाकिस्तान की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा तो लेगी लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले में मैदान पर नहीं उतरेगी। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी। इसके तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ओर से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को चेतावनी दी गई कि मैच न खेलने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। हालांकि इसके बाद से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक बार फिर यह दोहराया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह मुकाबला नहीं होगा। इससे अटकलों को और हवा मिली है कि यह फैसला सिर्फ क्रिकेट बोर्ड का नहीं बल्कि सीधे सरकार का है। अगर ऐसा है तो आईसीसी के लिए भी स्थिति बेहद जटिल हो जाती है क्योंकि किसी सदस्य देश की टीम का सरकारी आदेश के तहत मैच से हटना एक गंभीर मामला माना जाता है।

    हालांकि क्रिकेट की दुनिया में पाकिस्तान के फैसलों को लेकर अनिश्चितता कोई नई बात नहीं है। पिछले साल एशिया कप के दौरान भी ऐसा देखा गया था जब आखिरी वक्त पर पाकिस्तान अपने पहले के रुख से पलट गया था। इसी वजह से यह माना जा रहा है कि मौजूदा बॉयकॉट का ऐलान अंतिम फैसला नहीं भी हो सकता। लेकिन अगर पाकिस्तान सरकार अपने फैसले पर अड़ी रहती है तो इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मुकाबले का रद्द होना लगभग तय माना जा रहा है।

    क्रिकबज की एक रिपोर्ट के मुताबिक आईसीसी और उसके सदस्य किसी भी तरह की काम से गैरहाजिरी को हल्के में नहीं लेंगे। अगर पाकिस्तान टीम मैच नहीं खेलती है तो उस पर भारी जुर्माना अंक कटौती या भविष्य के टूर्नामेंट्स को लेकर सख्त कार्रवाई संभव है। हालांकि यह सजा बाद की प्रक्रिया है फिलहाल फोकस मैच के भविष्य पर टिका है।

    कुछ सूत्रों का यह भी दावा है कि दोनों पक्षों के बीच बैक-चैनल बातचीत चल रही है और बीच-बचाव की कोशिशें जारी हैं लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच पाकिस्तानी मीडिया में यह खबर फैली कि आईसीसी चेयरमैन जय शाह और सीईओ संजोग गुप्ता मुंबई में जियोस्टार के मालिक मुकेश अंबानी से मिले हैं। चूंकि जियोस्टार टी20 वर्ल्ड कप का आधिकारिक ब्रॉडकास्टर है इसलिए इस मुलाकात को मैच को लेकर बड़े फैसले से जोड़कर देखा गया।

    हालांकि इस दावे पर भी सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि जय शाह और संजोग गुप्ता इस समय इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के निमंत्रण पर इटली के मिलान में मौजूद हैं जहां वे 145वें IOC सत्र में हिस्सा ले रहे हैं। आज तारीख 5 फरवरी है और मैच 15 फरवरी को होना है। ऐसे में सवाल अब भी वही है क्या यह खामोशी किसी बड़े समझौते की आहट है या फिर क्रिकेट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक के रद्द होने की भूमिका? जवाब आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा।

  • 6 साल बाद बॉलीवुड में कदम रख रहीं प्रियंका चोपड़ा, क्या फिर दिखेंगी ऋतिक और शाहरुख की फ्रेंचाइजी फिल्मों में?

    6 साल बाद बॉलीवुड में कदम रख रहीं प्रियंका चोपड़ा, क्या फिर दिखेंगी ऋतिक और शाहरुख की फ्रेंचाइजी फिल्मों में?


    नई दिल्ली।बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी कामयाबी का परचम लहराने वाली प्रियंका चोपड़ा एक बार फिर भारतीय फिल्म गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। करीब 6 साल के लंबे इंतजार के बाद प्रियंका एसएस राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म वाराणसी के जरिए बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं लेकिन इस कमबैक से ज्यादा चर्चा अब उनकी पुरानी और सफल फ्रेंचाइजी फिल्मों डॉन 3 और कृष 4 को लेकर हो रही है। हाल ही में अपनी फिल्म वाराणसी के प्रचार के दौरान इंटरनेशनल मीडिया आउटलेट ScreenRant से बातचीत करते हुए प्रियंका से जब इन दोनों फिल्मों के बारे में सीधा सवाल किया गया तो उनके जवाब ने फैंस की धड़कनें तेज कर दीं। प्रियंका ने शरारती मुस्कान के साथ कहा कि वह फिलहाल इस बारे में बात करने के लिए अधिकृत हैं या नहीं उन्हें नहीं पता। उनकी इस रहस्यमयी चुप्पी पर पास ही मौजूद को-स्टार महेश बाबू ने चुटकी लेते हुए कहा कि इसका मतलब साफ है कि पर्दे के पीछे कुछ तो पक रहा है।

    हालांकि प्रियंका ने बड़ी ही समझदारी से बात को घुमाते हुए कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान वाराणसी पर है जो 6 साल बाद भारत में उनकी पहली फिल्म होने वाली है। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि उन्होंने डॉन 3 और कृष 4 का हिस्सा होने की खबरों को सिरे से नकारा भी नहीं है। डॉन फ्रेंचाइजी की बात करें तो प्रियंका इसके शुरुआती दोनों भागों में शाहरुख खान के साथ अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा चुकी हैं। फरहान अख्तर की इस सीरीज में उनका ‘जंगली बिल्ली’ वाला अवतार आज भी फैंस के जेहन में ताजा है। हालांकि डॉन 3 को लेकर हाल के दिनों में कई बदलाव देखने को मिले हैं जहाँ पहले रणवीर सिंह और कियारा आडवाणी के नाम सामने आए थे लेकिन अब समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। ऐसे में प्रियंका की संभावित एंट्री ने फिल्म के प्रति उत्सुकता को दोगुना कर दिया है।

    दूसरी तरफ कृष 4 को लेकर भी कयासों का बाजार गर्म है क्योंकि ऋतिक रोशन के साथ प्रियंका की केमिस्ट्री इस फ्रेंचाइजी की जान रही है। खबर है कि इस बार ऋतिक रोशन खुद निर्देशन की कमान संभाल सकते हैं और ऐसे में प्रियंका का पुराने किरदार में लौटना फैंस के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं होगा। फिलहाल प्रियंका की प्राथमिकता राजामौली की वाराणसी है जिसमें महेश बाबू ‘रुद्र’ के एक बेहद शक्तिशाली अवतार में नजर आने वाले हैं। फिल्म का फर्स्ट लुक पहले ही इंटरनेट पर वायरल हो चुका है जिसमें महेश बाबू हाथ में त्रिशूल लिए बैल पर सवार नजर आ रहे हैं। इस फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन भी अहम भूमिका में हैं। अब देखना यह है कि क्या प्रियंका वाकई अपने पुराने किलों यानी डॉन और कृष को फिर से फतह करने की तैयारी कर चुकी हैं।

  • गंभीर का मास्टरमाइंड और सूर्या का 'स्काई' अवतार: टी20 विश्व कप में खिताब बचाने उतरेगी कोच-कप्तान की यह बेमिसाल जोड़ी

    गंभीर का मास्टरमाइंड और सूर्या का 'स्काई' अवतार: टी20 विश्व कप में खिताब बचाने उतरेगी कोच-कप्तान की यह बेमिसाल जोड़ी

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में एक नई और आक्रामक युग की शुरुआत हो चुकी है। राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा की सफल विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी अब गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव के कंधों पर है। 72 घंटे से भी कम समय में भारतीय टीम टी20 विश्व कप में अपने खिताब को बचाने के अभियान का आगाज करेगी, और दुनिया भर की नजरें उस केमिस्ट्री पर टिकी हैं जो मैदान के बाहर गंभीर के दिमाग में पकती है और मैदान के अंदर सूर्या के बल्ले से आकार लेती है।

    आंकड़े दे रहे हैं गवाही नतीजों के लिहाज से देखें तो गंभीर और सूर्या की जोड़ी अब तक अपराजेय सी नजर आई है। 39 मैचों में 31 जीत और लगभग 80 प्रतिशत का जीत का रिकॉर्ड यह बताने के लिए काफी है कि इन दोनों की फ्रीक्वेंसी एक ही धुन पर बज रही है। भारतीय क्रिकेट में अक्सर कप्तान को जनरल माना जाता रहा है, जैसा रवि शास्त्री और विराट कोहली के दौर में था। लेकिन टी20 प्रारूप के बदलते मिजाज ने अब ‘फुटबॉल मैनेजर’ शैली की कोचिंग की मांग की है। यहाँ गंभीर एक रणनीतिकार की भूमिका में हैं और सूर्या उस योजना को शत-प्रतिशत मैदान पर उतारने वाले ‘एक्जीक्यूटर’ हैं।

    पुराना रिश्ता, नई इबारत इन दोनों का रिश्ता आज का नहीं है। सूर्यकुमार यादव को पहली बार वैश्विक पहचान तब मिली थी जब वे गौतम गंभीर की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए फिनिशर की भूमिका निभा रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि सूर्या का मशहूर नाम ‘स्काई’ (SKY) भी उन्हें गंभीर ने ही दिया था। यह भारतीय क्रिकेट का एक खुला राज है कि 2024 में हार्दिक पंड्या के ऊपर सूर्यकुमार को टी20 की कप्तानी दिलाने में गंभीर की अहम भूमिका रही थी। गंभीर को पता था कि सूर्या जैसा निडर खिलाड़ी ही उनकी आक्रामक रणनीति को अंजाम दे सकता है।

    अलग मिजाज, एक लक्ष्य निजी तौर पर दोनों ध्रुवों की तरह अलग हैं। गंभीर दिल्ली के एक समृद्ध व्यावसायिक परिवार से आते हैं और स्वभाव से बेहद गंभीर और ‘नो-नॉनसेन्स’ खिलाड़ी रहे हैं। वहीं सूर्या मुंबई के मध्यमवर्गीय परिवार से हैं और मैदान पर बेहद शांत और हंसमुख नजर आते हैं। लेकिन इस सामाजिक-आर्थिक अंतर के बावजूद दोनों का ‘क्रिकेटिंग डीएनए’ एक है। दोनों ही पक्के राष्ट्रवादी हैं और हार न मानने की जिद्द उनके चरित्र का मुख्य हिस्सा है। गंभीर जानते हैं कि उन्हें सहवाग जैसी नैसर्गिक प्रतिभा नहीं मिली थी, इसलिए उन्होंने कड़ी मेहनत से अपनी जगह बनाई। ठीक उसी तरह सूर्या ने भी लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट में संघर्ष किया और अपनी जगह छीनी।

    अब विश्व कप के महामंच पर गंभीर का गेम प्लान तैयार है और सूर्या को बस अपनी उस आजादी के साथ खेलना है जिसके लिए वे जाने जाते हैं। अगर यह जुगलबंदी अपने पूरे शबाब पर रही, तो भारत को अपना विश्व कप खिताब बचाने से रोकना नामुमकिन होगा।

  • दिशा पाटनी संग अफेयर की चर्चाओं पर पहली बार बोले सिंगर तलविंदर, क्या मिल गया बॉलीवुड को नया कपल?

    दिशा पाटनी संग अफेयर की चर्चाओं पर पहली बार बोले सिंगर तलविंदर, क्या मिल गया बॉलीवुड को नया कपल?


    नई दिल्ली।बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी और मशहूर सिंगर तलविंदर सिंह सिद्धू के बीच बढ़ती नजदीकियों ने इन दिनों हर तरफ सुर्खियां बटोर रखी हैं। काफी समय से दोनों को एक साथ देखे जाने के बाद अब आखिरकार तलविंदर सिंह ने इन चर्चाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ी है जिससे फैंस के बीच उत्साह और असमंजस दोनों बढ़ गए हैं। एक हालिया इंटरव्यू के दौरान जब तलविंदर से दिशा के साथ उनके कथित अफेयर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बेहद ही दिलचस्प और सधे हुए अंदाज में अपनी बात रखी। तलविंदर ने खुलासा किया कि उनकी और दिशा की पहली मुलाकात एक्ट्रेस नुपुर सेनन और सिंगर स्टेबिन बेन की शादी से ठीक पहले हुई थी और उस वक्त उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह मुलाकात इंटरनेट पर इस कदर तहलका मचा देगी।

    तलविंदर के मुताबिक जैसे ही उनकी साथ वाली तस्वीरें वायरल हुईं उन्हें एहसास हुआ कि लोग उन्हें एक कपल के तौर पर देख रहे हैं। रिश्ते की सच्चाई पर बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि वे फिलहाल एक-दूसरे को जानने और समझने की कोशिश कर रहे हैं यानी अभी चीजें शुरुआती दौर में हैं। उन्होंने न तो रिश्ते को पूरी तरह स्वीकार किया और न ही इसे अफवाह बताकर खारिज किया। दिलचस्प मोड़ तब आया जब तलविंदर से सीधे तौर पर उनके प्यार के बारे में पूछा गया। उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि उन्हें तो हर दिन प्यार होता है और वह इस वक्त भी प्यार की गिरफ्त में हैं। हालांकि उन्होंने यह रहस्य बरकरार रखा कि वह प्यार दिशा पाटनी ही हैं या कोई और।

    गौरतलब है कि इन दोनों की बॉन्डिंग सबसे पहले नुपुर सेनन की शादी के फंक्शन में नजर आई थी जिसके बाद उन्हें एयरपोर्ट और मुंबई के विभिन्न कार्यक्रमों में साथ देखा गया। दिशा की बेस्ट फ्रेंड मौनी रॉय का तलविंदर के साथ मस्ती करना भी इस बात की गवाही देता है कि सिंगर अब दिशा के करीबी सर्कल का हिस्सा बन चुके हैं। तलविंदर जो हमेशा मास्क के पीछे अपना चेहरा छिपाकर रखते हैं और एक प्राइवेट इंसान माने जाते हैं उनका इस तरह खुलकर बोलना दिशा के फैंस के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो दिशा पाटनी अपनी प्रोफेशनल लाइफ में भी काफी व्यस्त हैं। हाल ही में फिल्म कंगुआ में नजर आने के बाद अब वह जल्द ही फिल्म ओ रोमियो में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी के साथ दिखाई देंगी। इसके अलावा वह वेलकम टू द जंगल जैसी बड़ी फिल्मों का भी हिस्सा हैं। अब देखना यह होगा कि दिशा और तलविंदर का यह ‘डिस्कवरी फेज’ कब आधिकारिक रिश्ते में तब्दील होता है।

  • कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में अब CBSE अंकों को मिलेगी मान्यता: भारतीय छात्रों के लिए खुला अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का द्वार; रिसर्च के लिए बनेगा CAS सेंटर

    कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में अब CBSE अंकों को मिलेगी मान्यता: भारतीय छात्रों के लिए खुला अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का द्वार; रिसर्च के लिए बनेगा CAS सेंटर


    नई दिल्ली/कैम्ब्रिज। विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना संजोए भारतीय छात्रों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों में गिने जाने वाले कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने भारतीय शिक्षा प्रणाली, विशेषकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE के स्तर को वैश्विक मान्यता प्रदान की है। अब CBSE से 12वीं कक्षा पास करने वाले मेधावी छात्र अपने बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के चुनिंदा अंडरग्रेजुएट UG कोर्सेज में प्रवेश के लिए सीधे आवेदन कर सकेंगे। यह कदम न केवल भारतीय छात्रों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारतीय स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता पर मुहर भी लगाता है।

    वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिभा की पहचान इससे पहले कई विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने के लिए भारतीय छात्रों को जटिल प्रक्रियाओं और अतिरिक्त प्रवेश परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ता था। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के इस फैसले ने उस बाधा को काफी हद तक कम कर दिया है। यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डेबोरा प्रेंटिस ने इस महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि भारतीय छात्रों में अद्भुत प्रतिभा और जुनून है। कैम्ब्रिज इस मेधा को पहचानते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना चाहता है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि केवल 12वीं के अंक ही प्रवेश का एकमात्र आधार नहीं होंगे; छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा निर्धारित अन्य मापदंडों और शर्तों को भी पूरा करना होगा, लेकिन बोर्ड अंकों को मान्यता मिलना प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सुलभ बना देगा।

    शैक्षणिक संबंधों को नई दिशाCAS की स्थापना भारत और कैम्ब्रिज के बीच इन शैक्षणिक संबंधों को और गहरा बनाने के लिए यूनिवर्सिटी ने कैम्ब्रिज इंडिया सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज शुरू करने का भी निर्णय लिया है। यह केंद्र रिसर्च, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आधुनिक शिक्षा पद्धतियों के संगम के रूप में कार्य करेगा। CAS का मुख्य उद्देश्य भारत की तेजी से उभरती ‘नॉलेज इकोनॉमी’ को वैश्विक शिक्षा नेटवर्क से जोड़ना है। इस सेंटर के माध्यम से न केवल छात्रों को, बल्कि भारतीय रिसर्च स्कॉलर्स और शिक्षकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध करने और दुनिया भर के विशेषज्ञों के साथ काम करने का बेहतरीन मंच मिलेगा।

    भविष्य की राह हुई आसान कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का यह कदम भविष्य में अन्य वैश्विक संस्थानों के लिए भी एक मिसाल पेश करेगा। इससे भारतीय छात्रों के लिए करियर के नए और रोमांचक रास्ते खुलेंगे। यह पहल उन हजारों परिवारों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है जो अपने बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा दिलाने का सपना देखते हैं। जानकारों का मानना है कि इस फैसले से भारतीय स्कूली शिक्षा की साख दुनिया भर में बढ़ेगी और वैश्विक विश्वविद्यालयों में भारतीय चेहरों की मौजूदगी पहले से कहीं अधिक प्रभावी और सशक्त होगी।

  • रणबीर कपूर का खुलासा: डरावना था एनिमल का किरदार लेकिन डायरेक्टर के भरोसे ने फिल्म को बनाया यादगार

    रणबीर कपूर का खुलासा: डरावना था एनिमल का किरदार लेकिन डायरेक्टर के भरोसे ने फिल्म को बनाया यादगार


    नई दिल्ली।भारतीय सिनेमा के इतिहास में साल 2023 की सबसे चर्चित और विवादित फिल्म ‘एनिमल’ ने रणबीर कपूर को एक ऐसे मुकाम पर खड़ा कर दिया है जहाँ उनकी अदाकारी की चर्चा सरहदों के पार भी हो रही है। हाल ही में फिल्म के जापान प्रीमियर से पहले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रणबीर ने अपनी इस यात्रा के कई अनकहे पहलुओं को साझा किया। उन्होंने बड़ी बेबाकी से यह स्वीकार किया कि जब डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा ने उन्हें पहली बार फिल्म की स्क्रिप्ट सुनाई थी तो वह खुद अपने ही किरदार रणविजय से काफी डर गए थे। उन्हें महसूस हुआ था कि यह किरदार कोई आम हीरो नहीं है बल्कि इसमें एक गहरा अंधेरा और खतरनाक जुनून छिपा है।

    रणबीर ने बताया कि एक अभिनेता के तौर पर उन्हें हमेशा से कुछ अलग करने की तलाश रहती है और ‘एनिमल’ की कहानी में उन्हें वह जोखिम नजर आया। हालांकि शुरुआत में वह डरे हुए थे लेकिन जैसे-जैसे संदीप ने उन्हें इस कहानी के पीछे के जज्बात और एक पिता के प्रति बेटे के पागलपन भरे प्यार को समझाया रणबीर का डर एक्साइटमेंट में बदल गया। उन्होंने कहा कि संदीप रेड्डी वांगा के काम करने का तरीका और उनका अटूट आत्मविश्वास ही वह मुख्य वजह थी जिसने उन्हें इस फिल्म के लिए ‘हां’ कहने पर मजबूर किया। उन्हें लगा कि अगर डायरेक्टर इस कहानी को इतनी ईमानदारी और जुनून के साथ पर्दे पर उतारना चाहता है तो उन्हें भी अपनी सीमाओं को तोड़ना ही होगा।

    फिल्म के दौरान आने वाली शारीरिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए रणबीर ने उस यादगार क्लाइमेक्स सीन को याद किया जिसने पर्दे पर तहलका मचा दिया था। उन्होंने बताया कि बॉबी देओल के साथ शर्टलेस फाइट सीक्वेंस शूट करना उनके लिए सबसे कठिन अनुभव रहा। कड़ाके की ठंड में बिना कपड़ों के उस तीव्रता के साथ लड़ना न केवल शारीरिक रूप से थका देने वाला था बल्कि मानसिक तौर पर भी उस गुस्से को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती थी। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि एक्शन सीन्स की मौलिकता ने ही उन्हें इस प्रक्रिया का आनंद लेने के लिए प्रेरित किया।

    रणबीर कपूर की यह फिल्म न केवल उनके करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बनी बल्कि इसने सिनेमाई दुनिया में एक नई बहस को भी जन्म दिया। फिल्म में रश्मिका मंदाना बॉबी देओल और तृप्ति डिमरी के किरदारों ने भी कहानी में जान फूंकी। अब जबकि दुनिया भर के दर्शक फिल्म के सीक्वल ‘एनिमल पार्क’ का इंतजार कर रहे हैं रणबीर अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘रामायण’ की तैयारी में जुट गए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि जिस अभिनेता ने खूंखार रणविजय बनकर दर्शकों को डराया वह अब भगवान राम के रूप में पर्दे पर क्या जादू बिखेरते हैं।

  • शनि की राशि में साल का पहला सूर्य ग्रहण: 17 फरवरी को मचेगी खगोलीय हलचल; इन 3 राशियों पर टूटेगा मुसीबतों का पहाड़!

    शनि की राशि में साल का पहला सूर्य ग्रहण: 17 फरवरी को मचेगी खगोलीय हलचल; इन 3 राशियों पर टूटेगा मुसीबतों का पहाड़!


    नई दिल्ली। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या के दिन लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसारयह ग्रहण शनि की स्वामित्व वाली राशि कुंभ में लगेगा। शनि और सूर्य के बीच शत्रुता का भाव होने के कारणशनि की राशि में सूर्य का पीड़ित होना कई जातकों के लिए मानसिकआर्थिक और शारीरिक कष्ट का कारण बन सकता है।

    ग्रहण का समय और दृश्यता
    भारतीय समयानुसारयह ग्रहण शाम 5:31 बजे शुरू होगा और रात 7:57 बजे समाप्त होगा। हालांकियह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगाजिसके कारण यहाँ सूतक काल के नियम प्रभावी नहीं होंगे। लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसारभले ही ग्रहण दिखाई न देइसका ग्रहों के गोचर पर प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है।

    इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान

    कुंभ राशि चूंकि ग्रहण इसी राशि में लग रहा हैइसलिए सबसे अधिक प्रभाव कुंभ जातकों पर ही पड़ेगा।सावधानी: मानसिक तनाव बढ़ सकता है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां घेर सकती हैं। बनते हुए काम बिगड़ सकते हैंइसलिए किसी भी बड़े निवेश या निर्णय से अभी बचें। सिंह राशि सूर्य सिंह राशि का स्वामी है। अपने स्वामी ग्रह का शत्रु राशि कुंभ में ग्रहण ग्रस्त होना सिंह राशि वालों के लिए शुभ नहीं है।

    सावधानी: वैवाहिक जीवन में तनाव और साझेदारी के कामों में नुकसान हो सकता है। कार्यक्षेत्र में गुप्त शत्रु आपको नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर सकते हैं। वाणी पर नियंत्रण रखें। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण पारिवारिक सुख में कमी ला सकता है। सावधानी: माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। संपत्ति या वाहन से जुड़े विवादों में फंसने के योग बन रहे हैं। आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतेंअन्यथा धन हानि निश्चित है।

    उपाय: कैसे बचें अशुभ प्रभाव से?

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसारग्रहण के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए ग्रहण काल के दौरान और बाद में ये कार्य करने चाहिए: दान: ग्रहण के बाद काले तिलगुड़ या सात अनाज का दान करें। जाप: ‘ओम सूर्याय नम: और शनि मंत्र ‘ओम शं शनैश्चराय नम:का जाप करें। शुद्धिकरण: ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर घर में गंगाजल का छिड़काव करें।

  • अजित पवार का वायरल वीडियो: रेखा के सामने बोले अमिताभ बच्चन हैं सबसे पसंदीदा अभिनेता..

    अजित पवार का वायरल वीडियो: रेखा के सामने बोले अमिताभ बच्चन हैं सबसे पसंदीदा अभिनेता..


    नई दिल्ली। 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार एक विमान दुर्घटना में निधन हो गए। यह घटना पूरे देश में शोक और चिंता की लहर फैलाने वाली थी। वे बारामती में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे और उनका विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें उनके साथ कुल पांच लोगों की मौत हो गई।

    इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मंच पर अजित पवार, बॉलीवुड की पावर सिंगर आशा भोसले और सदाबहार अभिनेत्री रेखा एक साथ दिखाई दे रहे हैं। वहां मौजूद दर्शकों के सामने जब उनसे उनकी पसंद-नापसंद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा पसंद अमिताभ बच्चन हैं।

    इसके बाद उन्होंने रेखा को अपनी पसंदीदा अभिनेत्री बताया और साझा किया कि उन्हें अमिताभ-रेखा की फिल्में ‘मुकद्दर का सिकंदर’ और ‘घर’ बेहद पसंद हैं। रेखा इस बात पर मुस्कुरा उठीं और दर्शक भी इस पल को देखकर उत्साहित नजर आए।यह वीडियो अब एक्स (पहले ट्विटर) पर तेजी से शेयर हो रहा है और फैंस अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कई लोग इसे भावनात्मक और यादगार पल बता रहे हैं, तो कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स इसे चर्चा का विषय बना रहे हैं।

    अमिताभ बच्चन और रेखा की ऑन-स्क्रीन जोड़ी 1970 और 1980 के दशक में बेहद लोकप्रिय थी। दोनों ने ‘सिलसिला’, ‘मिस्टर नटवरलाल’, ‘सुहाग’, ‘गंगा की सौगंध’ और ‘दो अनजाने’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया।

    अजित पवार के निधन पर देश के कई बड़े सितारों ने भी शोक व्यक्त किया। अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार कमल हासन सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। उनके निधन के बाद महाराष्ट्र में तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया और बारामती में उनका अंतिम संस्कार बड़े सम्मान के साथ संपन्न हुआ।