सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार
10 हजार रुपये ट्रांसफर पर उठे सवाल
संविधान के कई अनुच्छेदों के उल्लंघन का आरोप
जीविका दीदियों की तैनाती पर भी आपत्ति
दोबारा चुनाव की मांग
बढ़ेगा सियासी तापमान

10 हजार रुपये ट्रांसफर पर उठे सवाल
संविधान के कई अनुच्छेदों के उल्लंघन का आरोप
जीविका दीदियों की तैनाती पर भी आपत्ति
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बढ़ेगा सियासी तापमान

अंगद बेदी ने एक इंटरव्यू में खुद कहा था कि मुझे लगता है कि काम ही सबसे ज्यादा जरूरी है। हर इंसान की एक ऐसी पर्सनालिटी बननी चाहिए कि लोग आपके काम से कनेक्ट कर सकें। मैं लाइफ में बेचारा बनकर नहीं रहना चाहता। अंगद ने बताया कि 17 साल की उम्र में उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें अभिनेता बनना है इसके बाद उन्होंने चचेरे भाी की डिफेंस कॉलोनी में एक दुकान में जाकर अमिताभ बच्चन की फिल्में देखना शुरू किया। इन्हीं फिल्मों को देखकर एक्टिंग के प्रति अंगद का रुझान और बढ़ गया।
एक इंटरव्यू के दौरान अंगद बेदी ने बताया कि उन्होंने बॉलीवुड में काम करने के लिए 18 साल की उम्र में बाल कटवा लिए थे इस बात से उनके पिता इतने नाराज हो गए थे कि 20 साल तक उनसे बात ही नहीं की थी। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने उन दोनों की सुलह करवाई थी।
ऐसे हुई नेहा से मुलाकात
अंगद बेदी ने साल 2018 में नेहा धूपिया से शादी कर ली थी। दोनों की शादी दिल्ली में हुई। खबरों की मानें तो अंगद से शादी से पहले ही नेहा प्रेग्नेंट हो गईं थीं। नेहा और अंगद ने अपने माता-पिता को शादी के बारे में बताने के बाद 72 घंटों में शादी कर ली थी। कपल के एक बेटा और एक बेटी है। अंगद से शादी के पांच महीने बाद ही नेहा धूपिया ने बेटी को जन्म दिया था। वहीं साल 2021 में उन्होंने अपने बेटे गुरिक सिंह धूपिया बेदी का स्वागत किया। इन फिल्मों में नजर आए अंगद बेदीअंगद बेदी को उनकी फिल्म डियर जिंदगीटाइगर जिंदा हैघूमरगुंजन सक्सेनासूरमा जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। अंगद बेदी ने बहुत सी फिल्मों में काम किया हालांकि वे अभी तक किसी फिल्म में मुख्य किरदार के रुप में काम नहीं कर पाए हैं।

इस विवाद की शुरुआत 1 फरवरी को हुई जब पाकिस्तान सरकार ने ऐलान किया कि पाकिस्तान की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा तो लेगी लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले में मैदान पर नहीं उतरेगी। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी। इसके तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ओर से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को चेतावनी दी गई कि मैच न खेलने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। हालांकि इसके बाद से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक बार फिर यह दोहराया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह मुकाबला नहीं होगा। इससे अटकलों को और हवा मिली है कि यह फैसला सिर्फ क्रिकेट बोर्ड का नहीं बल्कि सीधे सरकार का है। अगर ऐसा है तो आईसीसी के लिए भी स्थिति बेहद जटिल हो जाती है क्योंकि किसी सदस्य देश की टीम का सरकारी आदेश के तहत मैच से हटना एक गंभीर मामला माना जाता है।
हालांकि क्रिकेट की दुनिया में पाकिस्तान के फैसलों को लेकर अनिश्चितता कोई नई बात नहीं है। पिछले साल एशिया कप के दौरान भी ऐसा देखा गया था जब आखिरी वक्त पर पाकिस्तान अपने पहले के रुख से पलट गया था। इसी वजह से यह माना जा रहा है कि मौजूदा बॉयकॉट का ऐलान अंतिम फैसला नहीं भी हो सकता। लेकिन अगर पाकिस्तान सरकार अपने फैसले पर अड़ी रहती है तो इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मुकाबले का रद्द होना लगभग तय माना जा रहा है।
क्रिकबज की एक रिपोर्ट के मुताबिक आईसीसी और उसके सदस्य किसी भी तरह की काम से गैरहाजिरी को हल्के में नहीं लेंगे। अगर पाकिस्तान टीम मैच नहीं खेलती है तो उस पर भारी जुर्माना अंक कटौती या भविष्य के टूर्नामेंट्स को लेकर सख्त कार्रवाई संभव है। हालांकि यह सजा बाद की प्रक्रिया है फिलहाल फोकस मैच के भविष्य पर टिका है।
कुछ सूत्रों का यह भी दावा है कि दोनों पक्षों के बीच बैक-चैनल बातचीत चल रही है और बीच-बचाव की कोशिशें जारी हैं लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच पाकिस्तानी मीडिया में यह खबर फैली कि आईसीसी चेयरमैन जय शाह और सीईओ संजोग गुप्ता मुंबई में जियोस्टार के मालिक मुकेश अंबानी से मिले हैं। चूंकि जियोस्टार टी20 वर्ल्ड कप का आधिकारिक ब्रॉडकास्टर है इसलिए इस मुलाकात को मैच को लेकर बड़े फैसले से जोड़कर देखा गया।
हालांकि इस दावे पर भी सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि जय शाह और संजोग गुप्ता इस समय इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के निमंत्रण पर इटली के मिलान में मौजूद हैं जहां वे 145वें IOC सत्र में हिस्सा ले रहे हैं। आज तारीख 5 फरवरी है और मैच 15 फरवरी को होना है। ऐसे में सवाल अब भी वही है क्या यह खामोशी किसी बड़े समझौते की आहट है या फिर क्रिकेट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक के रद्द होने की भूमिका? जवाब आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा।

हालांकि प्रियंका ने बड़ी ही समझदारी से बात को घुमाते हुए कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान वाराणसी पर है जो 6 साल बाद भारत में उनकी पहली फिल्म होने वाली है। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि उन्होंने डॉन 3 और कृष 4 का हिस्सा होने की खबरों को सिरे से नकारा भी नहीं है। डॉन फ्रेंचाइजी की बात करें तो प्रियंका इसके शुरुआती दोनों भागों में शाहरुख खान के साथ अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा चुकी हैं। फरहान अख्तर की इस सीरीज में उनका ‘जंगली बिल्ली’ वाला अवतार आज भी फैंस के जेहन में ताजा है। हालांकि डॉन 3 को लेकर हाल के दिनों में कई बदलाव देखने को मिले हैं जहाँ पहले रणवीर सिंह और कियारा आडवाणी के नाम सामने आए थे लेकिन अब समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। ऐसे में प्रियंका की संभावित एंट्री ने फिल्म के प्रति उत्सुकता को दोगुना कर दिया है।
दूसरी तरफ कृष 4 को लेकर भी कयासों का बाजार गर्म है क्योंकि ऋतिक रोशन के साथ प्रियंका की केमिस्ट्री इस फ्रेंचाइजी की जान रही है। खबर है कि इस बार ऋतिक रोशन खुद निर्देशन की कमान संभाल सकते हैं और ऐसे में प्रियंका का पुराने किरदार में लौटना फैंस के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं होगा। फिलहाल प्रियंका की प्राथमिकता राजामौली की वाराणसी है जिसमें महेश बाबू ‘रुद्र’ के एक बेहद शक्तिशाली अवतार में नजर आने वाले हैं। फिल्म का फर्स्ट लुक पहले ही इंटरनेट पर वायरल हो चुका है जिसमें महेश बाबू हाथ में त्रिशूल लिए बैल पर सवार नजर आ रहे हैं। इस फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन भी अहम भूमिका में हैं। अब देखना यह है कि क्या प्रियंका वाकई अपने पुराने किलों यानी डॉन और कृष को फिर से फतह करने की तैयारी कर चुकी हैं।

आंकड़े दे रहे हैं गवाही नतीजों के लिहाज से देखें तो गंभीर और सूर्या की जोड़ी अब तक अपराजेय सी नजर आई है। 39 मैचों में 31 जीत और लगभग 80 प्रतिशत का जीत का रिकॉर्ड यह बताने के लिए काफी है कि इन दोनों की फ्रीक्वेंसी एक ही धुन पर बज रही है। भारतीय क्रिकेट में अक्सर कप्तान को जनरल माना जाता रहा है, जैसा रवि शास्त्री और विराट कोहली के दौर में था। लेकिन टी20 प्रारूप के बदलते मिजाज ने अब ‘फुटबॉल मैनेजर’ शैली की कोचिंग की मांग की है। यहाँ गंभीर एक रणनीतिकार की भूमिका में हैं और सूर्या उस योजना को शत-प्रतिशत मैदान पर उतारने वाले ‘एक्जीक्यूटर’ हैं।
पुराना रिश्ता, नई इबारत इन दोनों का रिश्ता आज का नहीं है। सूर्यकुमार यादव को पहली बार वैश्विक पहचान तब मिली थी जब वे गौतम गंभीर की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए फिनिशर की भूमिका निभा रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि सूर्या का मशहूर नाम ‘स्काई’ (SKY) भी उन्हें गंभीर ने ही दिया था। यह भारतीय क्रिकेट का एक खुला राज है कि 2024 में हार्दिक पंड्या के ऊपर सूर्यकुमार को टी20 की कप्तानी दिलाने में गंभीर की अहम भूमिका रही थी। गंभीर को पता था कि सूर्या जैसा निडर खिलाड़ी ही उनकी आक्रामक रणनीति को अंजाम दे सकता है।
अलग मिजाज, एक लक्ष्य निजी तौर पर दोनों ध्रुवों की तरह अलग हैं। गंभीर दिल्ली के एक समृद्ध व्यावसायिक परिवार से आते हैं और स्वभाव से बेहद गंभीर और ‘नो-नॉनसेन्स’ खिलाड़ी रहे हैं। वहीं सूर्या मुंबई के मध्यमवर्गीय परिवार से हैं और मैदान पर बेहद शांत और हंसमुख नजर आते हैं। लेकिन इस सामाजिक-आर्थिक अंतर के बावजूद दोनों का ‘क्रिकेटिंग डीएनए’ एक है। दोनों ही पक्के राष्ट्रवादी हैं और हार न मानने की जिद्द उनके चरित्र का मुख्य हिस्सा है। गंभीर जानते हैं कि उन्हें सहवाग जैसी नैसर्गिक प्रतिभा नहीं मिली थी, इसलिए उन्होंने कड़ी मेहनत से अपनी जगह बनाई। ठीक उसी तरह सूर्या ने भी लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट में संघर्ष किया और अपनी जगह छीनी।
अब विश्व कप के महामंच पर गंभीर का गेम प्लान तैयार है और सूर्या को बस अपनी उस आजादी के साथ खेलना है जिसके लिए वे जाने जाते हैं। अगर यह जुगलबंदी अपने पूरे शबाब पर रही, तो भारत को अपना विश्व कप खिताब बचाने से रोकना नामुमकिन होगा।

तलविंदर के मुताबिक जैसे ही उनकी साथ वाली तस्वीरें वायरल हुईं उन्हें एहसास हुआ कि लोग उन्हें एक कपल के तौर पर देख रहे हैं। रिश्ते की सच्चाई पर बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि वे फिलहाल एक-दूसरे को जानने और समझने की कोशिश कर रहे हैं यानी अभी चीजें शुरुआती दौर में हैं। उन्होंने न तो रिश्ते को पूरी तरह स्वीकार किया और न ही इसे अफवाह बताकर खारिज किया। दिलचस्प मोड़ तब आया जब तलविंदर से सीधे तौर पर उनके प्यार के बारे में पूछा गया। उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि उन्हें तो हर दिन प्यार होता है और वह इस वक्त भी प्यार की गिरफ्त में हैं। हालांकि उन्होंने यह रहस्य बरकरार रखा कि वह प्यार दिशा पाटनी ही हैं या कोई और।
गौरतलब है कि इन दोनों की बॉन्डिंग सबसे पहले नुपुर सेनन की शादी के फंक्शन में नजर आई थी जिसके बाद उन्हें एयरपोर्ट और मुंबई के विभिन्न कार्यक्रमों में साथ देखा गया। दिशा की बेस्ट फ्रेंड मौनी रॉय का तलविंदर के साथ मस्ती करना भी इस बात की गवाही देता है कि सिंगर अब दिशा के करीबी सर्कल का हिस्सा बन चुके हैं। तलविंदर जो हमेशा मास्क के पीछे अपना चेहरा छिपाकर रखते हैं और एक प्राइवेट इंसान माने जाते हैं उनका इस तरह खुलकर बोलना दिशा के फैंस के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं है।
वर्क फ्रंट की बात करें तो दिशा पाटनी अपनी प्रोफेशनल लाइफ में भी काफी व्यस्त हैं। हाल ही में फिल्म कंगुआ में नजर आने के बाद अब वह जल्द ही फिल्म ओ रोमियो में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी के साथ दिखाई देंगी। इसके अलावा वह वेलकम टू द जंगल जैसी बड़ी फिल्मों का भी हिस्सा हैं। अब देखना यह होगा कि दिशा और तलविंदर का यह ‘डिस्कवरी फेज’ कब आधिकारिक रिश्ते में तब्दील होता है।

वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिभा की पहचान इससे पहले कई विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने के लिए भारतीय छात्रों को जटिल प्रक्रियाओं और अतिरिक्त प्रवेश परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ता था। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के इस फैसले ने उस बाधा को काफी हद तक कम कर दिया है। यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डेबोरा प्रेंटिस ने इस महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि भारतीय छात्रों में अद्भुत प्रतिभा और जुनून है। कैम्ब्रिज इस मेधा को पहचानते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना चाहता है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि केवल 12वीं के अंक ही प्रवेश का एकमात्र आधार नहीं होंगे; छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा निर्धारित अन्य मापदंडों और शर्तों को भी पूरा करना होगा, लेकिन बोर्ड अंकों को मान्यता मिलना प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सुलभ बना देगा।
शैक्षणिक संबंधों को नई दिशाCAS की स्थापना भारत और कैम्ब्रिज के बीच इन शैक्षणिक संबंधों को और गहरा बनाने के लिए यूनिवर्सिटी ने कैम्ब्रिज इंडिया सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज शुरू करने का भी निर्णय लिया है। यह केंद्र रिसर्च, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आधुनिक शिक्षा पद्धतियों के संगम के रूप में कार्य करेगा। CAS का मुख्य उद्देश्य भारत की तेजी से उभरती ‘नॉलेज इकोनॉमी’ को वैश्विक शिक्षा नेटवर्क से जोड़ना है। इस सेंटर के माध्यम से न केवल छात्रों को, बल्कि भारतीय रिसर्च स्कॉलर्स और शिक्षकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध करने और दुनिया भर के विशेषज्ञों के साथ काम करने का बेहतरीन मंच मिलेगा।
भविष्य की राह हुई आसान कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का यह कदम भविष्य में अन्य वैश्विक संस्थानों के लिए भी एक मिसाल पेश करेगा। इससे भारतीय छात्रों के लिए करियर के नए और रोमांचक रास्ते खुलेंगे। यह पहल उन हजारों परिवारों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है जो अपने बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा दिलाने का सपना देखते हैं। जानकारों का मानना है कि इस फैसले से भारतीय स्कूली शिक्षा की साख दुनिया भर में बढ़ेगी और वैश्विक विश्वविद्यालयों में भारतीय चेहरों की मौजूदगी पहले से कहीं अधिक प्रभावी और सशक्त होगी।

रणबीर ने बताया कि एक अभिनेता के तौर पर उन्हें हमेशा से कुछ अलग करने की तलाश रहती है और ‘एनिमल’ की कहानी में उन्हें वह जोखिम नजर आया। हालांकि शुरुआत में वह डरे हुए थे लेकिन जैसे-जैसे संदीप ने उन्हें इस कहानी के पीछे के जज्बात और एक पिता के प्रति बेटे के पागलपन भरे प्यार को समझाया रणबीर का डर एक्साइटमेंट में बदल गया। उन्होंने कहा कि संदीप रेड्डी वांगा के काम करने का तरीका और उनका अटूट आत्मविश्वास ही वह मुख्य वजह थी जिसने उन्हें इस फिल्म के लिए ‘हां’ कहने पर मजबूर किया। उन्हें लगा कि अगर डायरेक्टर इस कहानी को इतनी ईमानदारी और जुनून के साथ पर्दे पर उतारना चाहता है तो उन्हें भी अपनी सीमाओं को तोड़ना ही होगा।
फिल्म के दौरान आने वाली शारीरिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए रणबीर ने उस यादगार क्लाइमेक्स सीन को याद किया जिसने पर्दे पर तहलका मचा दिया था। उन्होंने बताया कि बॉबी देओल के साथ शर्टलेस फाइट सीक्वेंस शूट करना उनके लिए सबसे कठिन अनुभव रहा। कड़ाके की ठंड में बिना कपड़ों के उस तीव्रता के साथ लड़ना न केवल शारीरिक रूप से थका देने वाला था बल्कि मानसिक तौर पर भी उस गुस्से को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती थी। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि एक्शन सीन्स की मौलिकता ने ही उन्हें इस प्रक्रिया का आनंद लेने के लिए प्रेरित किया।
रणबीर कपूर की यह फिल्म न केवल उनके करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बनी बल्कि इसने सिनेमाई दुनिया में एक नई बहस को भी जन्म दिया। फिल्म में रश्मिका मंदाना बॉबी देओल और तृप्ति डिमरी के किरदारों ने भी कहानी में जान फूंकी। अब जबकि दुनिया भर के दर्शक फिल्म के सीक्वल ‘एनिमल पार्क’ का इंतजार कर रहे हैं रणबीर अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘रामायण’ की तैयारी में जुट गए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि जिस अभिनेता ने खूंखार रणविजय बनकर दर्शकों को डराया वह अब भगवान राम के रूप में पर्दे पर क्या जादू बिखेरते हैं।

इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान
सावधानी: वैवाहिक जीवन में तनाव और साझेदारी के कामों में नुकसान हो सकता है। कार्यक्षेत्र में गुप्त शत्रु आपको नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर सकते हैं। वाणी पर नियंत्रण रखें। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण पारिवारिक सुख में कमी ला सकता है। सावधानी: माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। संपत्ति या वाहन से जुड़े विवादों में फंसने के योग बन रहे हैं। आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतेंअन्यथा धन हानि निश्चित है।
उपाय: कैसे बचें अशुभ प्रभाव से?