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  • दूषित पानी और संक्रमण से बच्चों की मौत का मामला गरमाया, दिग्विजय बोले- दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई

    दूषित पानी और संक्रमण से बच्चों की मौत का मामला गरमाया, दिग्विजय बोले- दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई


    भोपाल। बालाघाट जिले के आदिवासी विकासखंड बिरसा में बच्चों की मौत और बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने का मामला गंभीर होता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस पूरे मामले पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने कथित दूषित पानी और संक्रमण से पैदा हुई बीमारियों की राज्य स्तर पर जांच कराने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। दिग्विजय सिंह ने मृत बच्चों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कराने की भी मांग रखी है।

    दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में दावा किया है कि बिरसा क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह के दौरान 11 आदिवासी बच्चों की बीमारी से मौत हुई है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से अब तक सात बच्चों की मौत की पुष्टि किए जाने की बात पत्र में कही गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चार अन्य बच्चों की मौत की जानकारी सामने नहीं लाई जा रही है। उनके मुताबिक बालाघाट जिला चिकित्सालय में 100 से अधिक बच्चों को भर्ती कराया गया है और इनमें कई बच्चों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।

    बिरसा क्षेत्र के कई गांवों में बुखार और संक्रमण से लोग परेशान बताए जा रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने पत्र में कहा है कि मलेरिया, निमोनिया, सर्दी-खांसी और चर्म रोग जैसी बीमारियों का असर कई गांवों में देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित बोंदारी, कुंडेकसा और कोरका से जुड़े टोले-मजरों में बीमारी को लेकर डर का माहौल बताया गया है। पत्र के मुताबिक कई परिवारों में बच्चे तेज बुखार से जूझ रहे हैं।

    दिग्विजय सिंह ने आदिवासी नेता शुभम उईके के हवाले से जिला अस्पताल की स्थिति का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार अस्पताल का बच्चा वार्ड बीमार बच्चों से भर गया है। उन्होंने बोंदारी गांव के समारू धुर्वे के बच्चों साहिल और नामिन की निमोनिया से मौत का जिक्र करते हुए कहा कि बीमारी ने कई गरीब परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। वहीं अन्य प्रभावित परिवारों के बच्चों की मौत का भी पत्र में उल्लेख किया गया है।

    इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रभावित परिवारों से मिलने और उपचार की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से चर्चा करने की बात भी सामने आई है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति में शामिल बैगा आदिवासी परिवारों के सामने बीमारी ने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने इसे केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और साफ पानी की उपलब्धता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि स्वास्थ्य मंत्री और प्रमुख सचिव के साथ चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम प्रभावित गांवों का दौरा करे। उन्होंने संक्रमित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाकर बच्चों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही प्रत्येक मृत बच्चे के परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग रखी है।

    दिग्विजय सिंह ने गंभीर रूप से बीमार बच्चों को जरूरत पड़ने पर एयरलिफ्ट कर नागपुर, रायपुर या भोपाल के बेहतर चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराने और उनका पूरा इलाज राज्य सरकार की ओर से कराने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और राज्य स्तरीय जांच के बाद यदि किसी विभाग या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।

  • पहली बार भारत में टी20 सीरीज की मेजबानी करेगा अफगानिस्तान, अरुण जेटली स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें

    पहली बार भारत में टी20 सीरीज की मेजबानी करेगा अफगानिस्तान, अरुण जेटली स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने भारत और अफगानिस्तान के बीच प्रस्तावित तीन मैचों की टी20 सीरीज की तारीखों पर मुहर लगा दी है। इस सीरीज के सभी मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। दोनों टीमों के बीच पहला टी20 मुकाबला 13 सितंबर को होगा, जबकि दूसरा मैच 15 सितंबर और तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को खेला जाएगा। इस सीरीज के साथ भारत और अफगानिस्तान की टीमें तीनों फॉर्मेट में एक-दूसरे के खिलाफ द्विपक्षीय मुकाबला करती नजर आएंगी।

    इस सीरीज की सबसे खास बात यह है कि अफगानिस्तान पहली बार भारत की जमीन पर टी20 सीरीज में भारतीय टीम की मेजबानी करेगा। दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं और अफगानिस्तान क्रिकेट ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान तेजी से बनाई है। उसके कई खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट फैंस के बीच काफी लोकप्रिय हैं और आईपीएल में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।

    बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने सीरीज को लेकर कहा कि बोर्ड अफगानिस्तान में क्रिकेट के विकास का समर्थन करने और उसके खिलाड़ियों को उच्च स्तर पर मुकाबला करने के अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने द्विपक्षीय सीरीज को दोनों टीमों के लिए नियमित रूप से मजबूत विपक्षी टीमों के खिलाफ खेलने और महत्वपूर्ण अनुभव हासिल करने का माध्यम बताया। उन्होंने भारत में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का स्वागत करते हुए दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों को और मजबूत करने की बात कही।

    बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी इस सीरीज को दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच पिछले कुछ वर्षों में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले हैं। अफगानिस्तान के खिलाड़ी भारत में क्रिकेट फैंस के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं। सैकिया ने 2018 में भारत की ओर से अफगानिस्तान को उसके ऐतिहासिक पहले टेस्ट के लिए मेजबानी देने को दोनों देशों के क्रिकेट सफर का अहम पड़ाव बताया।

    सैकिया के मुताबिक भारत ने हाल ही में जून में अफगानिस्तान की टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए मेजबानी की थी। अब तीन मैचों की टी20 सीरीज के साथ दोनों टीमें क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में आमने-सामने होंगी। ऐसे में सितंबर में होने वाली यह सीरीज दोनों टीमों के खिलाड़ियों के लिए अपनी तैयारियों को परखने का अच्छा मौका होगी।

    अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मीरवाइज अशरफ ने भी सीरीज को अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत में द्विपक्षीय सीरीज की मेजबानी करना अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि है और बीसीसीआई के सहयोग को वह काफी महत्व देते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सीरीज क्रिकेट के साथ-साथ व्यावसायिक और तकनीकी स्तर पर भी दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।

    भारत और अफगानिस्तान के बीच मुकाबले पिछले कुछ वर्षों में खासे प्रतिस्पर्धी रहे हैं। अफगानिस्तान की टीम अपनी स्पिन गेंदबाजी और आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारतीय टीम को कई बार कड़ी चुनौती दे चुकी है। ऐसे में दिल्ली की पिच और परिस्थितियों में होने वाले तीनों मुकाबलों में क्रिकेट फैंस को रोमांचक टक्कर देखने की उम्मीद है। तीन मैचों की यह सीरीज दोनों देशों के बीच क्रिकेट रिश्तों को नई मजबूती देने के साथ खिलाड़ियों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का बड़ा मंच बनेगी।

    मैचों की तारीख

    पहला टी20: 13 सितंबर 2026
    दूसरा टी20: 15 सितंबर 2026
    तीसरा टी20: 17 सितंबर 2026
    स्थान: अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम, दिल्ली

  • महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई, 434 आयुर्वेदिक दवा निर्माताओं की जांच के बाद 135 को शोकॉज नोटिस, 10 लाइसेंस रद्द

    महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई, 434 आयुर्वेदिक दवा निर्माताओं की जांच के बाद 135 को शोकॉज नोटिस, 10 लाइसेंस रद्द

    नई दिल्ली ।महाराष्ट्र में आयुर्वेदिक दवा निर्माताओं के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने सख्त कार्रवाई की है। राज्यभर में लाइसेंस प्राप्त 434 आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली इकाइयों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अलग-अलग स्तर पर नियमों का उल्लंघन और निर्माण प्रक्रिया से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आने के बाद 135 निर्माताओं को शोकॉज नोटिस जारी किए गए हैं।

    FDA की इस कार्रवाई का उद्देश्य आयुर्वेदिक दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है। जिन कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर स्पष्टीकरण देने और निर्धारित नियमों के अनुपालन की दिशा में आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

    जांच अभियान के दौरान ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 और शेड्यूल टी के तहत निर्धारित प्रावधानों के पालन की जांच की गई। शेड्यूल टी में आयुर्वेदिक, सिद्ध और यूनानी दवाओं के लिए गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस यानी GMP से जुड़े मानक निर्धारित हैं।

    निरीक्षण में कुछ इकाइयों में योग्य या स्वीकृत तकनीकी कर्मचारियों की कमी सामने आई। ऐसी स्थिति भी पाई गई जहां आवश्यक तकनीकी स्टाफ की पर्याप्त मौजूदगी के बिना दवा निर्माण किया जा रहा था। कई कंपनियों में गुणवत्ता नियंत्रण विभाग अपेक्षित तरीके से काम नहीं कर रहे थे।

    कुछ निर्माण इकाइयों में दवाओं के उत्पादन और परीक्षण के लिए जरूरी मशीनरी तथा उपकरणों की भी कमी पाई गई। इसके अलावा साफ-सफाई से जुड़े मानकों में खामियां, बैच उत्पादन के रिकॉर्ड का अभाव और कच्चे माल से संबंधित दस्तावेजों में अनियमितताएं सामने आईं।

    जांच के दौरान कुछ उत्पादों के लेबल पर गलत निर्माण तिथियां दर्ज होने की बात भी सामने आई। कच्चे माल और तैयार उत्पादों की जांच से जुड़े रिकॉर्ड तथा परीक्षण व्यवस्था में भी कमियां पाई गईं। कुछ निर्माताओं के पास कच्चे माल का उचित रिकॉर्ड नहीं था और कुछ निर्माण इकाइयों का लेआउट स्वीकृत व्यवस्था के अनुरूप नहीं पाया गया।

    तकनीकी कर्मचारियों और श्रमिकों की मेडिकल जांच से जुड़े रिकॉर्ड का अभाव भी निरीक्षण में सामने आया। इसके अलावा कुछ कंपनियों में कर्मचारियों को दी गई ट्रेनिंग का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। कंट्रोल सैंपल और मास्टर फॉर्मूला रिकॉर्ड जैसे महत्वपूर्ण गुणवत्ता नियंत्रण दस्तावेज भी कुछ इकाइयों में नहीं मिले।

    दवा निर्माण के दौरान क्रॉस-कंटामिनेशन रोकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की कमियां भी सामने आईं। क्रॉस-कंटामिनेशन की स्थिति में एक उत्पाद या कच्चे पदार्थ का दूसरे उत्पाद में अनजाने में मिलना दवा की गुणवत्ता और सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।

    सबसे गंभीर मामलों में FDA ने 10 आयुर्वेदिक दवा निर्माताओं के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए। इन इकाइयों में ऐसी कमियां पाई गईं जिन्हें दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता के लिए गंभीर माना गया। कार्रवाई का उद्देश्य ऐसी निर्माण प्रक्रियाओं पर रोक लगाना है जिनसे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका हो सकती है।

    महाराष्ट्र FDA ने आयुर्वेदिक दवा निर्माताओं को स्पष्ट किया है कि पारंपरिक आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण मान्यता प्राप्त संदर्भ ग्रंथों और निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए। वहीं पेटेंट और प्रोप्राइटरी आयुर्वेदिक दवाओं के लिए निर्धारित गुणवत्ता नियंत्रण आवश्यकताओं का पालन जरूरी है।

    राज्यभर में चलाया गया यह निरीक्षण अभियान आयुर्वेदिक दवा निर्माण क्षेत्र में नियामकीय अनुपालन मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। FDA ने संकेत दिया है कि शेड्यूल टी के GMP मानकों का पालन नहीं करने वाली इकाइयों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इससे निर्माताओं पर गुणवत्ता नियंत्रण, दस्तावेजीकरण, स्वच्छता और सुरक्षित उत्पादन व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

  • ग्रीन-वेबस्टर पर जताया भरोसा, स्टार्क-बुमराह वाली तिकड़ी तैयार; बांग्लादेश टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की XI घोषित

    ग्रीन-वेबस्टर पर जताया भरोसा, स्टार्क-बुमराह वाली तिकड़ी तैयार; बांग्लादेश टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की XI घोषित


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 13 अगस्त से डार्विन में खेला जाएगा। इस मुकाबले के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान कर दिया है। कप्तान पैट कमिंस ने टीम में कैमरून ग्रीन और ब्यू वेबस्टर दोनों ऑलराउंडरों को जगह देकर टीम के संतुलन पर भरोसा जताया है। वहीं तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड और विकेटकीपर बल्लेबाज जोश इंग्लिस को पहले टेस्ट की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली है।

    ऑस्ट्रेलिया की टीम में जेक वेदराल्ड और ट्रेविस हेड पारी की शुरुआत करेंगे। इसके बाद मार्नस लाबुशेन तीसरे नंबर पर और अनुभवी स्टीव स्मिथ चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। कप्तान पैट कमिंस के मुताबिक कैमरून ग्रीन को नंबर पांच पर बल्लेबाजी के लिए उतारा जाएगा। इसके बाद विकेटकीपर एलेक्स कैरी और ब्यू वेबस्टर मध्यक्रम को मजबूती देंगे।

    कमिंस ने टीम चयन के बारे में बताया कि ऑस्ट्रेलिया को कैरी और वेबस्टर का छठे और सातवें नंबर का संयोजन पसंद है। वहीं ग्रीन को इन दोनों से पहले बल्लेबाजी कराने का फैसला किया गया है। टीम प्रबंधन मिडिल ऑर्डर में ऐसा संयोजन तैयार करना चाहता है जिससे बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी विकल्प मौजूद रहें। ग्रीन और वेबस्टर दोनों ऑलराउंड क्षमता के कारण टीम को अतिरिक्त संतुलन देते हैं।

    गेंदबाजी विभाग में ऑस्ट्रेलिया के पास बेहद अनुभवी और मजबूत आक्रमण है। कप्तान पैट कमिंस के साथ मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड तेज गेंदबाजी की कमान संभालेंगे। इन तीनों के अनुभव के सामने बांग्लादेश के बल्लेबाजों के लिए चुनौती आसान नहीं होगी। वहीं स्पिन विभाग में अनुभवी नाथन लियोन की वापसी हुई है। एशेज सीरीज के दौरान चोटिल होने के बाद लियोन अब टेस्ट टीम में लौट रहे हैं और उनकी मौजूदगी ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी आक्रमण को और मजबूत करेगी।

    स्कॉट बोलैंड को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने का फैसला हालांकि चर्चा का विषय बना हुआ है। कमिंस ने खुद माना कि बोलैंड का चयन नहीं होना उनके लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह हमेशा बेहद मुश्किल फैसला होता है और बोलैंड की टीम में अहमियत बनी हुई है। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने संकेत दिया कि आने वाले व्यस्त टेस्ट कार्यक्रम में बोलैंड को लगातार मौके मिल सकते हैं।

    जोश इंग्लिस को भी पहले टेस्ट में जगह नहीं मिली है और एलेक्स कैरी विकेटकीपर की भूमिका निभाएंगे। ऑस्ट्रेलिया ने इस टीम के जरिए अपने अनुभव और ऑलराउंड विकल्पों का अच्छा संतुलन बनाने की कोशिश की है। दूसरी ओर बांग्लादेश के लिए ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में इस मजबूत टीम के खिलाफ मुकाबला बड़ी चुनौती होगा।

    डार्विन टेस्ट के बाद दोनों टीमें सीरीज के दूसरे मुकाबले में भिड़ेंगी। ऑस्ट्रेलिया की नजर घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर सीरीज में बढ़त बनाने पर होगी, जबकि बांग्लादेश मजबूत कंगारू टीम को चुनौती देकर सीरीज की शुरुआत यादगार बनाना चाहेगा।

    ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग XI

    जेक वेदराल्ड, ट्रेविस हेड, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, कैमरून ग्रीन, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), ब्यू वेबस्टर, मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस (कप्तान), नाथन लियोन, जोश हेजलवुड।

  • 85 टेस्ट के अनुभवी रहाणे अब बताएंगे क्रिकेट की बारीकियां, श्रीलंका सीरीज से कमेंट्री बॉक्स में एंट्री

    85 टेस्ट के अनुभवी रहाणे अब बताएंगे क्रिकेट की बारीकियां, श्रीलंका सीरीज से कमेंट्री बॉक्स में एंट्री


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने मैदान को अलविदा कहने के बाद अब क्रिकेट से जुड़ी अपनी नई पारी शुरू करने की तैयारी कर ली है। 38 वर्षीय रहाणे भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज से कमेंट्री की दुनिया में कदम रखेंगे। भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाना है और इसी मुकाबले से रहाणे कमेंट्री बॉक्स में अपनी नई भूमिका निभाते नजर आएंगे।

    रहाणे ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था। 30 जुलाई 2026 को क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद अब वह अपने लंबे खेल अनुभव को एक अलग अंदाज में क्रिकेट फैंस तक पहुंचाएंगे। टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले रहाणे अब बल्ले की जगह माइक के जरिए खेल की रणनीतियों और बारीकियों पर अपनी राय साझा करेंगे।

    कमेंट्री में डेब्यू को लेकर रहाणे ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि भारत के श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट कमेंट्री में डेब्यू करने को लेकर वह उत्साहित हैं। उनके मुताबिक टेस्ट क्रिकेट खेल का शिखर है और इतने वर्षों तक इस फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद अब खेल को एक अलग नजरिए से देखना उनके लिए सौभाग्य की बात है। रहाणे ने यह भी कहा कि वह अपने अनुभव को फैंस के साथ साझा करना चाहते हैं और उन फैसलों तथा रणनीतियों को समझाने की कोशिश करेंगे जो टेस्ट मैच की दिशा तय करते हैं।

    रहाणे का कमेंट्री में पदार्पण इसलिए भी खास है क्योंकि उनका क्रिकेट करियर मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट से गहराई से जुड़ा रहा है। उन्होंने 2013 में टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए डेब्यू किया था। इससे पहले 2011 में उन्होंने वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जुलाई 2023 में टेस्ट मैच के रूप में आया था।

    अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 144 पारियों में 12 शतक और 26 अर्धशतक की मदद से 5,077 रन बनाए। वनडे क्रिकेट में उनके नाम 3 शतक और 24 अर्धशतक के साथ 2,962 रन दर्ज हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने एक अर्धशतक की मदद से 375 रन बनाए।

    रहाणे की पहचान भारतीय क्रिकेट में एक भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाज के तौर पर रही है। मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य के साथ बल्लेबाजी करने और टीम को संभालने की उनकी क्षमता ने उन्हें खास पहचान दिलाई। अब वही अनुभव कमेंट्री के दौरान उनके लिए सबसे बड़ा हथियार होगा। टेस्ट क्रिकेट की रणनीति, बल्लेबाजों की तकनीक, गेंदबाजों की योजना और मैच के दौरान लिए जाने वाले फैसलों पर उनकी राय फैंस के लिए दिलचस्प हो सकती है।

    भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज से रहाणे की नई भूमिका की शुरुआत ऐसे समय हो रही है जब वह खुद हाल ही में पेशेवर क्रिकेट से अलग हुए हैं। मैदान पर वर्षों के अनुभव के बाद अब कमेंट्री बॉक्स में उनका नजरिया क्रिकेट प्रेमियों को खेल को और करीब से समझने का मौका दे सकता है। ऐसे में रहाणे के फैंस के लिए यह उनके पसंदीदा क्रिकेटर को एक नए अंदाज में देखने का खास मौका होगा।

  • बाबर आजम ने लगाई 5 पायदान की छलांग, ICC टेस्ट रैंकिंग में टॉप-10 में एंट्री; भारत के 2 बल्लेबाज भी टॉप-10 में

    बाबर आजम ने लगाई 5 पायदान की छलांग, ICC टेस्ट रैंकिंग में टॉप-10 में एंट्री; भारत के 2 बल्लेबाज भी टॉप-10 में


    नई दिल्ली। आईसीसी की ओर से बुधवार को जारी ताजा टेस्ट रैंकिंग में पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज और कप्तान बाबर आजम ने शानदार वापसी करते हुए टॉप-10 में जगह बना ली है। वेस्टइंडीज दौरे पर बल्ले से किए गए प्रभावशाली प्रदर्शन का बाबर को सीधा फायदा मिला है। उन्होंने पांच पायदान की छलांग लगाते हुए टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग में 10वां स्थान हासिल कर लिया है। खास बात यह है कि टॉप-10 में शामिल होने वाले वह पाकिस्तान के इकलौते बल्लेबाज हैं।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में बाबर आजम ने चार पारियों में 193 रन बनाए थे। इस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक निकले। लगातार अच्छी बल्लेबाजी के बाद उनकी रैंकिंग में सुधार हुआ और वह पांच स्थान ऊपर पहुंच गए। बाबर की टॉप-10 में वापसी को पाकिस्तान क्रिकेट के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से उनके प्रदर्शन और रैंकिंग को लेकर चर्चा होती रही है।

    टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड पहले स्थान पर बने हुए हैं। इंग्लैंड के हैरी ब्रूक दूसरे और अनुभवी जो रूट तीसरे नंबर पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ चौथे स्थान पर हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के टेंबा बावुमा पांचवें पायदान पर हैं। श्रीलंका के कामिंडु मेंडिस छठे और भारत के शुभमन गिल सातवें स्थान पर हैं। न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र आठवें और भारत के यशस्वी जायसवाल नौवें नंबर पर हैं। बाबर आजम 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं श्रीलंका के दिनेश चांदीमल एक स्थान फिसलकर 11वें नंबर पर पहुंच गए और टॉप-10 से बाहर हो गए।

    गेंदबाजों की रैंकिंग में भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का दबदबा कायम है। बुमराह टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 पर बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के मैट हेनरी दूसरे और ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क तीसरे स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस चौथे और दक्षिण अफ्रीका के मार्को जानसेन पांचवें पायदान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के स्कॉट बोलैंड छठे स्थान पर हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के कगिसो रबाडा को एक स्थान का फायदा हुआ है और वह सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के नोमान अली एक स्थान नीचे खिसके हैं। ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड नौवें और नाथन लियोन 10वें स्थान पर हैं। टॉप-10 में ऑस्ट्रेलिया के पांच गेंदबाज शामिल हैं।

    ऑलराउंडरों की रैंकिंग में भारत के रवींद्र जडेजा का दबदबा बरकरार है। वह नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर हैं। दक्षिण अफ्रीका के मार्को जानसेन दूसरे और ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क तीसरे नंबर पर हैं। बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज चौथे और ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस पांचवें स्थान पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर छठे और भारत के वाशिंगटन सुंदर सातवें पायदान पर हैं। इंग्लैंड के गस एटकिंसन आठवें, वेस्टइंडीज के जस्टिन ग्रिव्स नौवें और इंग्लैंड के जो रूट 10वें नंबर पर हैं।

    भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो बल्लेबाजी में शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल टॉप-10 में मौजूद हैं, जबकि गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह का शीर्ष स्थान कायम है। ऑलराउंडरों की सूची में रवींद्र जडेजा के अलावा वाशिंगटन सुंदर भी शीर्ष 10 में शामिल हैं। ऐसे में ताजा रैंकिंग में भारत, पाकिस्तान और अन्य टेस्ट खेलने वाले देशों के खिलाड़ियों के बीच मुकाबला लगातार दिलचस्प बना हुआ है।

  • 6 सितंबर से शुरू होगा बिग बॉस 20, नए जीवनदान कॉन्सेप्ट के साथ प्रतियोगियों को मिल सकता है गेम में अतिरिक्त मौका

    6 सितंबर से शुरू होगा बिग बॉस 20, नए जीवनदान कॉन्सेप्ट के साथ प्रतियोगियों को मिल सकता है गेम में अतिरिक्त मौका

    नई दिल्ली ।सलमान खान एक बार फिर लोकप्रिय रियलिटी शो बिग बॉस के नए सीजन के साथ दर्शकों के बीच लौटने के लिए तैयार हैं। बिग बॉस 20 को लेकर पहले से ही काफी उत्सुकता बनी हुई है और अब नए प्रोमो ने शो के इस सीजन में होने वाले एक बड़े बदलाव की झलक दिखा दी है। इस बार मेकर्स ने एक्स्ट्रा जीवनदान का कॉन्सेप्ट पेश किया है, जो प्रतियोगियों के गेम खेलने के तरीके और घर में बने रहने की रणनीति को प्रभावित कर सकता है।

    नए सीजन के प्रोमो में सलमान खान ने भी इस खास ट्विस्ट के बारे में संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि बिग बॉस में हर साल गेम बदलता है, लेकिन इस बार केवल गेम में बदलाव नहीं होगा, बल्कि उसे खेलने का तरीका भी बदलने वाला है। सलमान ने जीवनदान को लेकर यह भी कहा कि सुनने में यह जितना सीधा लगता है, वास्तव में उतना आसान नहीं है। उनके इस बयान ने नए कॉन्सेप्ट को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।

    सलमान खान ने शो के नए प्रोमो की झलक अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा की है। प्रोमो के साथ उन्होंने बताया कि सभी घरवालों के लिए दो जिंदगियों का वरदान होगा। इसी के साथ उन्होंने बिग बॉस 20 के 6 सितंबर से शुरू होने की जानकारी भी दी। नए सीजन में सलमान खान एक बार फिर शो की मेजबानी करते दिखाई देंगे।

    प्रोमो की शुरुआत अखाड़े जैसे माहौल में दो योद्धाओं के बीच मुकाबले से होती है। दोनों के बीच टकराव के बाद सलमान खान की एंट्री होती है और वह इस सीजन के खास ट्विस्ट का खुलासा करते हैं। प्रोमो में एक्स्ट्रा जीवनदान को प्रतियोगियों के लिए अतिरिक्त अवसर के तौर पर पेश किया गया है।

    इस कॉन्सेप्ट के तहत प्रतियोगियों को गेम में टिके रहने का एक अतिरिक्त मौका मिलने की संभावना है। यदि किसी कंटेस्टेंट के सामने एलिमिनेशन जैसी स्थिति आती है, तो यह जीवनदान उसके सफर को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इसका इस्तेमाल किस नियम के तहत होगा और किन परिस्थितियों में प्रतियोगी इसका लाभ उठा सकेंगे।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सभी प्रतियोगियों को यह जीवनदान शुरुआत में ही उपलब्ध होगा या इसे किसी टास्क के जरिए हासिल करना पड़ेगा। यह भी साफ नहीं है कि इसका इस्तेमाल सीधे नॉमिनेशन के दौरान किया जा सकेगा या इसके लिए बिग बॉस की ओर से कोई विशेष प्रक्रिया निर्धारित होगी।

    अगर जीवनदान सीमित परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जाता है, तो प्रतियोगियों के लिए सही समय पर इसका उपयोग करना भी रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है। इससे घर के अंदर नॉमिनेशन, आपसी समीकरण और टास्क के दौरान लिए जाने वाले फैसलों पर असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, इन नियमों की वास्तविक तस्वीर शो शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

    बिग बॉस 20 का प्रीमियर 6 सितंबर को होगा। शो कलर्स टीवी पर प्रसारित होने के साथ जियो हॉटस्टार पर भी स्ट्रीम किया जाएगा। सलमान खान की वापसी और एक्स्ट्रा जीवनदान जैसे नए कॉन्सेप्ट ने सीजन की शुरुआत से पहले ही दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि घर के अंदर यह नया ट्विस्ट प्रतियोगियों के गेम को किस तरह प्रभावित करता है।

  • टीम इंडिया के खिलाफ श्रीलंका का बड़ा ऐलान, धनंजय डी सिल्वा संभालेंगे कमान; डिकवेला की हुई वापसी

    टीम इंडिया के खिलाफ श्रीलंका का बड़ा ऐलान, धनंजय डी सिल्वा संभालेंगे कमान; डिकवेला की हुई वापसी


    नई दिल्ली। भारत के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए श्रीलंका ने अपनी 16 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। दोनों देशों के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। श्रीलंकाई टीम की कमान ऑलराउंडर धनंजय डी सिल्वा को सौंपी गई है, जबकि कामिंदु मेंडिस उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। हालांकि सीरीज शुरू होने से पहले मेजबान टीम को बड़ा झटका लगा है। चोट के कारण कुशल मेंडिस और पाथुम निसांका पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।

    कुशल मेंडिस को 19 जुलाई को लंका प्रीमियर लीग के दौरान दाहिने हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। वह फिलहाल नेशनल हाई परफॉर्मेंस सेंटर में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं। दूसरी ओर पाथुम निसांका पिछले महीने लंदन में हुई कलाई की सर्जरी से उबर रहे हैं। दोनों बल्लेबाजों की गैरमौजूदगी श्रीलंका के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है, क्योंकि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ शीर्ष क्रम पर काफी दबाव रहेगा।

    इन दोनों खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद श्रीलंका ने अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला को टीम में वापस बुलाया है। डिकवेला ने आखिरी बार 2023 में टेस्ट मैच खेला था और उनके नाम 54 टेस्ट मैचों का अनुभव है। चयनकर्ताओं ने इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें अंजला बंदारा पर प्राथमिकता दी। बंदारा ने भारत के खिलाफ खेले गए अभ्यास मैच में हिस्सा लिया था।

    श्रीलंकाई टीम में एक नए चेहरे को भी मौका मिला है। भारत के खिलाफ अभ्यास मैच में तीन विकेट लेने वाले ऑफ स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर केशरा नुवांथा को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। वहीं कासुन रजिता और इसिथा विजेसुंदरा को टीम में जगह नहीं मिली है।

    निशान मदुश्का ने अभ्यास मैच में शानदार प्रदर्शन करके अपनी जगह मजबूत की है। उन्होंने भारत के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मुकाबले में 66 और नाबाद 63 रन की पारियां खेलीं। ऐसे में उनसे टेस्ट सीरीज में भी श्रीलंका को अच्छी शुरुआत दिलाने की उम्मीद होगी। मुख्य बल्लेबाजी क्रम में कप्तान धनंजय डी सिल्वा, उपकप्तान कामिंदु मेंडिस, दिनेश चंडीमल, लाहिरू उदारा, पासिंदु सोरियाबंदारा और सोनल दिनुशा शामिल हैं।

    गेंदबाजी में श्रीलंका की नजर स्पिन पर भी रहेगी। प्रभात जयसूर्या स्पिन विभाग की अगुवाई करेंगे और उनके साथ रमेश मेंडिस तथा केशरा नुवांथा मौजूद रहेंगे। धनंजय डी सिल्वा और कामिंदु मेंडिस भी जरूरत पड़ने पर पार्ट टाइम गेंदबाजी का विकल्प देंगे। तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी असिथा फर्नांडो के कंधों पर होगी। उनका साथ लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो, मिलन रत्नायके और दिलशान मदुशंका देंगे।

    भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो के एसएससी ग्राउंड पर होगा। ऐसे में श्रीलंका अपने घरेलू मैदान का फायदा उठाकर भारतीय टीम को कड़ी चुनौती देने की कोशिश करेगा, जबकि टीम इंडिया सीरीज में मजबूत शुरुआत के इरादे से मैदान पर उतरेगी।

    श्रीलंका की 16 सदस्यीय टीम

    धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), कामिंदु मेंडिस (उपकप्तान), लाहिरू उदारा, निशान मदुश्का, दिनेश चंडीमल, पासिंदु सोरियाबंदारा, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशरा नुवांथा, मिलन रथनायके, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो और दिलशान मदुशंका।

  • सेबी प्रमुख ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन को बाजार सुधार बताया, कहा हेरफेर के सबूत नहीं मिले, भागीदारी बढ़ाना अब प्राथमिकता

    सेबी प्रमुख ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन को बाजार सुधार बताया, कहा हेरफेर के सबूत नहीं मिले, भागीदारी बढ़ाना अब प्राथमिकता


    नई दिल्ली ।भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने बुधवार को कहा कि शेयर बाजारों में हाल ही में लागू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में अब तक हेरफेर या किसी तरह की अनियमितता के प्रमाण नहीं मिले हैं। उन्होंने नई व्यवस्था को भारतीय पूंजी बाजार की संरचना में महत्वपूर्ण सुधार बताते हुए कहा कि इससे देश का बाजार वैश्विक मानकों के और करीब आएगा।

    मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में पांडे ने कहा कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन बाजार की माइक्रोस्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव है और नियामक इस व्यवस्था के पीछे मजबूती से खड़ा है। उनके मुताबिक दुनिया के कई प्रमुख बाजार पहले से इस तरह की प्रणाली का इस्तेमाल कर रहे हैं। जापान ने 2024 में इसे लागू किया था, जबकि हांगकांग, अमेरिका, जर्मनी, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में भी क्लोजिंग ऑक्शन जैसी व्यवस्था मौजूद है।

    सेबी प्रमुख ने कहा कि किसी शेयर के क्लोजिंग प्राइस का सही और निष्पक्ष निर्धारण पूंजी बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी कीमत के आधार पर कई प्रमुख शेयर सूचकांकों, पैसिव निवेश उत्पादों और म्यूचुअल फंडों की नेट एसेट वैल्यू तय होती है। ऐसे में दिन के अंतिम मूल्य को अधिक पारदर्शी तरीके से निर्धारित करने की जरूरत रहती है।

    नई व्यवस्था में नियमित कारोबार समाप्त होने के बाद 20 मिनट का विशेष क्लोजिंग ऑक्शन सेशन आयोजित किया जाता है। इस दौरान शेयरों की खरीद और बिक्री से जुड़े ऑर्डर एकत्र किए जाते हैं और उस स्तर पर क्लोजिंग प्राइस निर्धारित किया जाता है, जहां अधिकतम संभव मात्रा में सौदों का मिलान हो सके। इसका उद्देश्य बाजार बंद होने के समय किसी शेयर के उचित मूल्य का बेहतर निर्धारण करना है।

    इससे पहले क्लोजिंग प्राइस निर्धारित करने के लिए नियमित कारोबार के अंतिम 30 मिनट के दौरान हुए सौदों के भारित औसत मूल्य को आधार बनाया जाता था। नई व्यवस्था इसी प्रक्रिया का स्थान लेती है और अंतिम कीमत तय करने में ऑर्डर मिलान की प्रक्रिया को अधिक प्रमुख भूमिका देती है।

    पांडे ने कहा कि इस समय सेबी का मुख्य ध्यान नई प्रणाली में बाजार सहभागिता बढ़ाने पर है। कई ब्रोकरों की ओर से भी यह संकेत मिला है कि निवेशकों और अन्य बाजार प्रतिभागियों की भागीदारी को बढ़ाने की आवश्यकता है। नियामक का मानना है कि व्यवस्था की बेहतर समझ विकसित होने के साथ इसमें भागीदारी भी बढ़ सकती है।

    उन्होंने कहा कि क्लोजिंग ऑक्शन एक पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसमें बाजार गतिविधियां दिखाई देती हैं और उपलब्ध खरीद तथा बिक्री आदेशों के आधार पर निष्पक्ष मूल्य निर्धारित करने का प्रयास किया जाता है। सेबी इस व्यवस्था के संचालन की लगातार निगरानी कर रही है और बाजार से मिलने वाले फीडबैक का भी आकलन किया जा रहा है।

    सेबी प्रमुख के अनुसार नियामक विभिन्न हितधारकों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। यदि व्यवस्था में भागीदारी बढ़ाने या प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत महसूस होती है तो उन सुझावों पर विचार किया जाएगा। फिलहाल किसी हेरफेर के प्रमाण नहीं मिलने को उन्होंने बाजार के लिए सकारात्मक संकेत बताया।

    नई व्यवस्था का महत्व विशेष रूप से उन बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए भी माना जा रहा है, जिनके बड़े ऑर्डर अक्सर कारोबारी सत्र के अंतिम समय में निष्पादित होते हैं। नियामक की उम्मीद है कि अधिक भागीदारी और बेहतर समझ के साथ क्लोजिंग ऑक्शन सेशन भारतीय पूंजी बाजार में मूल्य निर्धारण को अधिक कुशल, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में मदद करेगा।

  • सात्विक-चिराग की जोड़ी ने दुनिया में बजाया भारत का डंका, कॉमनवेल्थ से एशियन गेम्स तक जीते बड़े खिताब

    सात्विक-चिराग की जोड़ी ने दुनिया में बजाया भारत का डंका, कॉमनवेल्थ से एशियन गेम्स तक जीते बड़े खिताब


    नई दिल्ली। भारतीय बैडमिंटन को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने वाली जोड़ियों में सात्विकसाईंराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का नाम सबसे आगे लिया जाता है। अपनी आक्रामक शैली और शानदार तालमेल के दम पर इस जोड़ी ने पुरुष डबल्स में भारत का दबदबा कायम किया है। सात्विकसाईंराज रंकीरेड्डी 13 अगस्त को 26 साल के होने जा रहे हैं और उनके जन्मदिन से पहले उनके शानदार करियर पर एक नजर डालें तो यह सफर संघर्ष, मेहनत और बड़ी उपलब्धियों से भरा नजर आता है।

    सात्विकसाईंराज रंकीरेड्डी का जन्म 13 अगस्त 2000 को आंध्र प्रदेश के अमलापुरम में हुआ था। उन्हें बैडमिंटन का जुनून परिवार से मिला। उनके पिता राज्य स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ी रहे हैं और सात्विक ने उन्हें तथा अपने बड़े भाई को खेलते देखकर इस खेल की ओर कदम बढ़ाया। कम उम्र में ही उन्होंने बैडमिंटन को गंभीरता से अपनाया और वर्ष 2014 में हैदराबाद की गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी से जुड़ गए। यहीं से उनके पेशेवर सफर को नई दिशा मिली।

    सात्विक ने डबल्स में करियर बनाने का फैसला किया और आगे चलकर उनकी जोड़ी चिराग शेट्टी के साथ बनी। दोनों ने वर्ष 2015 में साथ खेलना शुरू किया। शुरुआती दौर में ही दोनों के बीच तालमेल नजर आने लगा था। लगातार मेहनत और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ यह जोड़ी भारतीय बैडमिंटन की सबसे मजबूत जोड़ियों में शामिल होती चली गई।

    इस जोड़ी की बड़ी उपलब्धियों का सिलसिला 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स से तेज हुआ। गोल्ड कोस्ट में आयोजित प्रतियोगिता में सात्विक और चिराग ने मिश्रित टीम इवेंट में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद दोनों ने पुरुष डबल्स में भी लगातार शानदार प्रदर्शन किया और दुनिया की शीर्ष जोड़ियों को कड़ी चुनौती दी।

    2022 में बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स सात्विक और चिराग के करियर का बेहद खास पड़ाव साबित हुआ। दोनों ने पुरुष डबल्स में स्वर्ण पदक जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स के बैडमिंटन इतिहास में पुरुष डबल्स में यह भारत का पहला स्वर्ण पदक था। इस उपलब्धि ने दोनों को भारतीय खेल जगत में नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

    एशियन गेम्स में भी सात्विक और चिराग की जोड़ी ने भारत का गौरव बढ़ाया। 2022 एशियन गेम्स में दोनों ने पुरुष डबल्स का स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा भारतीय पुरुष टीम के साथ रजत पदक भी उनके खाते में आया। 2023 एशियन चैंपियनशिप में भी दोनों ने पुरुष डबल्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

    विश्व चैंपियनशिप में सात्विक और चिराग ने 2022 और 2025 में पुरुष डबल्स में कांस्य पदक जीते। थॉमस कप में भी सात्विक भारतीय टीम का हिस्सा रहे। 2022 में पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि 2026 थॉमस कप में टीम ने कांस्य पदक हासिल किया।

    सात्विकसाईंराज रंकीरेड्डी की उपलब्धियों को भारत सरकार ने भी सम्मान दिया है। उन्हें 2020 में अर्जुन पुरस्कार और 2023 में देश के सर्वोच्च खेल सम्मानों में शामिल खेल रत्न से सम्मानित किया गया। उनकी कहानी बताती है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत और मजबूत साझेदारी किस तरह किसी खिलाड़ी को विश्व स्तर तक पहुंचा सकती है। अब सात्विक और चिराग से भारतीय खेल प्रेमियों को आने वाले वर्षों में और भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलताओं की उम्मीद है।