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  • इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को भेजा प्रशंसा पत्र, स्वस्थ होने के बाद यरुशलम आने का दिया न्योता

    इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को भेजा प्रशंसा पत्र, स्वस्थ होने के बाद यरुशलम आने का दिया न्योता

    नई दिल्ली: इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को प्रशंसा पत्र भेजकर उनकी बहादुरी और सूझबूझ के लिए आभार व्यक्त किया है। राष्ट्रपति ने 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई के विमान को सुरक्षित उतारने और उसमें सवार यात्रियों को बड़े खतरे से बचाने के लिए कैप्टन मच्छार की सराहना की। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि गंभीर खतरे के बीच कैप्टन ने जिस साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया, वह प्रशंसनीय है। राष्ट्रपति ने उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना भी की। कैप्टन मच्छार को यह पत्र अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ के दौरान मिला। राष्ट्रपति हर्जोग ने उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद यरुशलम आने का निमंत्रण दिया है। इस पत्र के जरिए उन्होंने कैप्टन के प्रति इजरायल की कृतज्ञता व्यक्त की और उनकी बहादुरी को भारत तथा इजरायल के बीच ऐतिहासिक संबंधों से भी जोड़ा।

    अपने पत्र में राष्ट्रपति हर्जोग ने गंभीर खतरे के समय कैप्टन मच्छार द्वारा बनाए रखे गए संयम की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने लिखा कि दर्द के बावजूद परिस्थितियों का सामना करने, अपने जीवन पर मंडरा रहे तत्काल खतरे से लड़ने और सही निर्णय लेने की क्षमता कैप्टन के मजबूत चरित्र और असाधारण साहस को दर्शाती है। राष्ट्रपति के अनुसार, इस घटना में कैप्टन ने जिस तरह चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में जिम्मेदारी निभाई, वह उनके व्यक्तित्व की मजबूती का प्रमाण है। पत्र में उन्होंने कैप्टन के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए भरोसा जताया कि वह धीरे-धीरे अपनी रिकवरी पूरी करेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि वह उनके पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद यरुशलम में स्वागत करने और इजरायल के लोगों की ओर से आभार तथा सम्मान व्यक्त करने के लिए उत्सुक हैं।

    इस सप्ताह की शुरुआत में राष्ट्रपति हर्जोग ने एक समारोह के दौरान कैप्टन मच्छार को राष्ट्रपति पुरस्कार देने का इरादा भी जाहिर किया था। यह समारोह उड़ान में सवार छह इजरायली नागरिकों की वीरता को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था। इन नागरिकों को असैन्य वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर हर्जोग ने घोषणा की कि कैप्टन मच्छार के चोटों से उबरने के बाद उन्हें भी राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। कैप्टन को यह सम्मान देने का निर्णय विमान को सुरक्षित उतारने और यात्रियों को गंभीर खतरे से बचाने में उनकी भूमिका के संदर्भ में लिया गया है। फिलहाल वह अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। राष्ट्रपति का पत्र उन्हें इसी दौरान मिला, जिसमें उनकी बहादुरी की सराहना के साथ जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दी गई हैं।

    राष्ट्रपति हर्जोग ने कैप्टन मच्छार की वीरता को भारत और इजरायल के पुराने संबंधों का हिस्सा बताते हुए एक सदी से अधिक समय पहले पवित्र भूमि में लड़ने वाले भारतीय सैनिकों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कैप्टन की बहादुरी उन्हें उन भारतीय सैनिकों की प्रतिष्ठित पंक्ति में शामिल करती है, जिन्होंने एक सौ साल से अधिक समय पहले पवित्र भूमि के शहरों को मुक्त कराने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली थी। राष्ट्रपति के मुताबिक, उन सैनिकों ने इजरायल के इतिहास में स्थायी स्थान बनाया और कैप्टन मच्छार भी अब दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक जुड़ाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन गए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह घटना भारत गणराज्य और इजरायल के बीच आपसी गर्मजोशी तथा संबंधों को और मजबूत करेगी।

    पत्र के अंतिम हिस्से में राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा कि कैप्टन मच्छार संयुक्त अरब अमीरात में अपने मित्रों और साझेदारों की देखरेख में हैं। उन्होंने उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि वह कैप्टन के स्वस्थ होकर ताकत हासिल करने के बाद यरुशलम में उनका स्वागत करना चाहते हैं। राष्ट्रपति ने इसे इजरायल की ओर से आभार और सम्मान व्यक्त करने का अवसर बताया। कैप्टन मच्छार को भेजे गए पत्र और उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार देने की घोषणा के जरिए इजरायल ने विमान को सुरक्षित उतारने में उनके साहस तथा यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों को सम्मान दिया है।

  • 10 साल बाद टीवी पर लौटीं कांची कौल, पति शब्बीर अहलूवालिया के साथ नए रियलिटी शो में शुरू किया करियर का नया अध्याय

    10 साल बाद टीवी पर लौटीं कांची कौल, पति शब्बीर अहलूवालिया के साथ नए रियलिटी शो में शुरू किया करियर का नया अध्याय

    नई दिल्ली । अभिनेत्री कांची कौल ने करीब 10 साल के लंबे अंतराल के बाद टेलीविजन पर वापसी की है। वह रियलिटी शो ‘पति पत्नी और पंगा’ में अपने पति और अभिनेता शब्बीर अहलूवालिया के साथ नजर आ रही हैं। छोटे पर्दे पर वापसी को लेकर कांची उत्साहित हैं। उनका कहना है कि बीते एक दशक में जिंदगी, काम और महत्वाकांक्षाओं को लेकर उनका नजरिया काफी बदल गया है। ऐसे में वह अपने पुराने दौर को दोहराने के बजाय एक नए अनुभव के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं।

    टेलीविजन पर वापसी को लेकर अपनी सोच साझा करते हुए कांची ने कहा कि पहले जहां थे, वहां लौटने और आज जो इंसान बन चुके हैं, उसके रूप में आगे बढ़ने में अंतर होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने पुराने समय को दोबारा जीने के इरादे से वापस नहीं आई हैं। उनके लिए यह वापसी एक नई शुरुआत और नए अनुभव का हिस्सा है। पिछले 10 वर्षों में मिले अनुभवों ने उनके काम करने के तरीके, महत्वाकांक्षाओं और जिंदगी को देखने के नजरिए में बदलाव किया है। कांची इन बदलावों को अपने सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती हैं।

    अभिनेत्री के मुताबिक, ‘पति पत्नी और पंगा’ के माध्यम से उन्हें दर्शकों से एक अलग अंदाज में जुड़ने का अवसर मिल रहा है। वह इस नए अनुभव को लेकर रोमांचित हैं। जिंदगी के इस पड़ाव पर वह अपने सफर का आनंद लेना चाहती हैं और अपनी सहज सोच पर भरोसा करते हुए ऐसे काम करना चाहती हैं, जो वास्तव में उनके दिल के करीब हों। उनके बयान से स्पष्ट है कि इस वापसी को वह केवल पुराने करियर की निरंतरता के रूप में नहीं, बल्कि अपने वर्तमान व्यक्तित्व के अनुरूप नए अवसर के तौर पर देख रही हैं।

    कांची कौल और शब्बीर अहलूवालिया को एक बार फिर साथ देखना उनके प्रशंसकों के लिए खास है। दोनों इस रियलिटी शो में पति-पत्नी के रूप में हिस्सा ले रहे हैं। करीब एक दशक तक टेलीविजन से दूर रहने के बाद कांची की वापसी ने उनके दर्शकों के बीच नई दिलचस्पी पैदा की है। शो में वास्तविक जीवन के जोड़ों के रिश्तों और शादीशुदा जिंदगी से जुड़े अनुभवों को मनोरंजक तरीके से प्रस्तुत किया जाता है।

    ‘पति पत्नी और पंगा’ के नए सीजन की मेजबानी अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे बहल और कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी कर रहे हैं। कार्यक्रम में शामिल जोड़ों को कई मजेदार और अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन गतिविधियों के माध्यम से शादीशुदा जिंदगी के रोजमर्रा के अनुभवों को मनोरंजन के अंदाज में सामने लाया जाता है।

    इस सीजन में कांची कौल और शब्बीर अहलूवालिया के अलावा राहुल वैद्य और दिशा परमार, अर्जुन बिजलानी और नेहा स्वामी बिजलानी, दीपिका सिंह और रोहित राज गोयल, दिव्यांका त्रिपाठी दहिया और विवेक दहिया भी शामिल हैं। इनके साथ मनोज तिवारी और सुरभि तिवारी तथा अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।

    स्टोरी वीवर्स कलेक्टिव के निर्माण में तैयार इस शो का प्रीमियर 10 अक्टूबर को हुआ। ‘पति पत्नी और पंगा’ का प्रसारण हर शनिवार और रविवार को जियोहॉटस्टार पर किया जाता है। कांची कौल के लिए यह वापसी दर्शकों के साथ नए तरीके से जुड़ने और अपने बदले हुए नजरिए के साथ मनोरंजन की दुनिया में आगे बढ़ने का अवसर है।

  • मध्य प्रदेश के कायमोर प्लांट में अदाणी सीमेंट ने 15,000 सीमेंट बैग से बनाई मां दुर्गा की 70 फीट ऊंची आकृति

    मध्य प्रदेश के कायमोर प्लांट में अदाणी सीमेंट ने 15,000 सीमेंट बैग से बनाई मां दुर्गा की 70 फीट ऊंची आकृति


    नई दिल्ली ।
    नवरात्रि और दुर्गा पूजा 2026 के अवसर पर अदाणी सीमेंट ने मध्य प्रदेश के कायमोर प्लांट में मां दुर्गा को समर्पित एक अनूठी कलाकृति तैयार की है। 15,000 सीमेंट बैग की मदद से बनाई गई इस विशाल आकृति के माध्यम से आस्था, शक्ति और विश्वास का संदेश देने का प्रयास किया गया है। कंपनी की इस पहल को ‘जहां विश्वास, वहां शक्ति’ नाम दिया गया है। इस रचना की खासियत इसका आकार और इसे तैयार करने का तरीका है, जिसमें हजारों सीमेंट बैग मिलकर देवी दुर्गा की एक विशाल छवि बनाते हैं।

    यह कलाकृति 70 फीट लंबी और 70 फीट चौड़े क्षेत्र में तैयार की गई है। इसमें अंबुजा सीमेंट और एसीसी के बैगों का इस्तेमाल करते हुए कुल 750 टन सीमेंट का प्रतीकात्मक उपयोग किया गया। इस पूरी रचना को आकार देने में लगभग 12,600 मानव-घंटों का सामूहिक श्रम लगा। कर्मचारियों ने सीमेंट बैगों को निर्धारित स्थानों पर व्यवस्थित करके देवी की आकृति तैयार की। इस प्रक्रिया में अलग-अलग बैगों को इस तरह रखा गया कि वे मिलकर एक संपूर्ण और स्पष्ट छवि का रूप ले सकें।

    इस स्थापना की सबसे खास बात यह है कि जमीन से देखने पर सीमेंट के बैग अलग-अलग इकाइयों की तरह नजर आते हैं, लेकिन ऊंचाई से देखने पर उनका संयोजन मां दुर्गा की विशाल आकृति में बदल जाता है। इस कलाकृति में देवी का मुकुट, आंखें, दस भुजाएं और उनका व्यापक स्वरूप बारीकी से उकेरा गया है। अलग-अलग हिस्सों में व्यवस्थित किए गए बैगों के माध्यम से देवी की पूरी छवि तैयार की गई है। इस तरह यह रचना छोटे-छोटे तत्वों के सामूहिक संयोजन से एक बड़ी कलात्मक प्रस्तुति बनाने का उदाहरण पेश करती है।

    कंपनी ने कलाकृति को तैयार करने की पूरी प्रक्रिया और उसके अंतिम स्वरूप को एक डिजिटल फिल्म में दर्ज किया है। इसमें शुरुआत में कर्मचारियों को जमीन पर सीमेंट बैग व्यवस्थित करते हुए दिखाया गया है। इसके बाद कैमरा धीरे-धीरे ऊपर उठता है और अलग-अलग बैगों से बनी मां दुर्गा की पूरी आकृति सामने आती है। इस फिल्म में निर्माण प्रक्रिया के साथ कलाकृति का हवाई दृश्य भी शामिल किया गया है। इसे डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया पर साझा करने की योजना है।

    अदाणी सीमेंट के अनुसार, इस अभियान में उसके दो प्रमुख ब्रांड अंबुजा सीमेंट और एसीसी को एक साझा रचनात्मक मंच पर प्रस्तुत किया गया है। अभियान में ‘शक्ति’ को अंबुजा सीमेंट की मजबूती के वादे से जोड़ा गया है, जबकि ‘विश्वास’ एसीसी की नौ दशकों पुरानी विश्वसनीयता और विरासत का प्रतीक है। मां दुर्गा की छवि को इस प्रस्तुति का केंद्र बनाया गया है, जिन्हें शक्ति, संरक्षण और आस्था का प्रतीक माना जाता है।

    कंपनी का कहना है कि इस पहल के जरिए सीमेंट को केवल भवन और बुनियादी ढांचे के निर्माण से जुड़ी सामग्री के रूप में नहीं, बल्कि विश्वास, शक्ति और समर्पण जैसी भावनाओं से जोड़कर भी प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। नवरात्रि और दुर्गा पूजा के अवसर पर तैयार की गई यह कलाकृति परंपरा और सामूहिक प्रयास के महत्व को रेखांकित करती है। साथ ही, यह अंबुजा सीमेंट और एसीसी की पहचान को एक साथ सामने लाने का माध्यम भी बनी है।

  • महंगाई के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमत और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर रहेगी बाजार की नजर, आठ हफ्ते बाद सेंसेक्स-निफ्टी में लौटी तेजी

    महंगाई के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमत और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर रहेगी बाजार की नजर, आठ हफ्ते बाद सेंसेक्स-निफ्टी में लौटी तेजी


    नई दिल्ली:
    भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला सप्ताह अहम रहने वाला है। निवेशकों की नजर भारत और अमेरिका से जारी होने वाले आर्थिक आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर रहेगी। इन कारकों के साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियां बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं। अमेरिका में महंगाई, घरों की बिक्री और खुदरा बिक्री से जुड़े आंकड़े जारी होंगे। वहीं, भारत में खुदरा और थोक महंगाई, बेरोजगारी, व्यापार संतुलन तथा विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े सामने आएंगे। इन आंकड़ों से आर्थिक स्थिति के बारे में संकेत मिल सकते हैं, जिन पर निवेशकों की प्रतिक्रिया बाजार में उतार-चढ़ाव के रूप में दिखाई दे सकती है। बीते सप्ताह भारतीय बाजार में तेजी दर्ज की गई थी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों साप्ताहिक आधार पर बढ़त के साथ बंद हुए, जो आठ सप्ताह बाद पहली बार हुआ। ऐसे में आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशक पिछले सप्ताह की तेजी के साथ नए आर्थिक संकेतों पर भी नजर रखेंगे।

    कच्चे तेल की कीमत अगले सप्ताह बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारकों में शामिल रहेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। तेल की कीमतों में बदलाव का असर निवेशकों की धारणा और बाजार की गतिविधियों पर पड़ सकता है। इस बीच रूस से डीजल की आपूर्ति को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी चर्चा में है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी बातचीत सफल रही है। उनके मुताबिक, रूस अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में तुरंत तीन लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा। इसके बाद नवंबर में पांच लाख टन और उसके तुरंत बाद दस लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। इस घोषणा के संभावित प्रभाव को लेकर बाजार की नजर बनी रह सकती है। जानकारों के मुताबिक, रूस से डीजल की आपूर्ति बढ़ने से वैश्विक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, कीमतों की वास्तविक दिशा बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

    अगले सप्ताह निवेशकों के लिए अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी एक अहम संकेतक रहेगी। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड लगातार पांच प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है। निवेशक इसके स्तर और इसमें होने वाले बदलावों पर नजर रखेंगे। इसके साथ अमेरिका के महंगाई आंकड़े, खुदरा बिक्री और घरों की बिक्री से जुड़े आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में भूमिका निभा सकते हैं। भारत में खुदरा और थोक महंगाई के आंकड़ों के अलावा बेरोजगारी, व्यापार संतुलन और विदेशी मुद्रा भंडार की जानकारी भी जारी होने वाली है। इन आंकड़ों के आधार पर निवेशक घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति का आकलन कर सकते हैं। कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव के बीच इन आर्थिक संकेतकों पर बाजार की प्रतिक्रिया आने वाले सप्ताह में देखने को मिल सकती है।

    बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स 562.63 अंक यानी 0.78 प्रतिशत की तेजी के साथ 72,472.33 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में 98.50 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की मजबूती रही और यह 22,520.45 के स्तर पर बंद हुआ। आठ सप्ताह बाद यह पहला मौका था, जब दोनों प्रमुख सूचकांक साप्ताहिक आधार पर बढ़त के साथ बंद हुए। क्षेत्रवार प्रदर्शन में बीएसई टेलीकॉम सबसे आगे रहा और इसमें 3.72 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। बीएसई एफएमसीजी में 2.43 प्रतिशत, बीएसई पीएसयू बैंक में 2.31 प्रतिशत, बीएसई फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.03 प्रतिशत और बीएसई आईटी में 0.76 प्रतिशत की बढ़त रही। हालांकि, सभी क्षेत्रों में तेजी नहीं रही। बीएसई रियल्टी में 4.19 प्रतिशत और बीएसई मेटल में 4.18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई यूटिलिटी 2.48 प्रतिशत, बीएसई कमोडिटीज 2.46 प्रतिशत और बीएसई पावर 2.22 प्रतिशत कमजोर हुए। आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा तय करने में आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक संकेतों की भूमिका अहम रह सकती है।

  • रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के बाद नुसरत भरूचा ने अस्पताल से साझा की पहली तस्वीर, लिखा- पिक्चर अभी बाकी है दोस्त

    रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के बाद नुसरत भरूचा ने अस्पताल से साझा की पहली तस्वीर, लिखा- पिक्चर अभी बाकी है दोस्त

    नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के बाद अस्पताल से अपनी पहली तस्वीर साझा की है। बाली में छुट्टियों के दौरान हुए हादसे में उन्हें गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें मुंबई लाया गया और यहां उनकी सर्जरी हुई। अभिनेत्री की सेहत को लेकर चिंतित प्रशंसकों के बीच उनकी इस पोस्ट को पहला सार्वजनिक अपडेट माना जा रहा है। नुसरत ने सोशल मीडिया पर अस्पताल के कमरे से एक तस्वीर साझा की। इसके साथ उन्होंने जिंदगी को देखने के अपने नजरिए में आए बदलाव का जिक्र करते हुए लिखा, “हमेशा से सनसेट यानी सूर्यास्त के पीछे भागती रही हूं, और बस ऐसे ही… मेरा नजरिया बदल गया। लेकिन, पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त।” अभिनेत्री ने इस संदेश के जरिए अपने इलाज की विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन उनकी पोस्ट से उनके प्रशंसकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    नुसरत ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर यह तस्वीर साझा की थी। तस्वीर में अस्पताल के कमरे में एक बड़ी खिड़की के पास खाली रिक्लाइनिंग व्हीलचेयर दिखाई दे रही है। खिड़की के बाहर सूर्यास्त का दृश्य नजर आ रहा है। तस्वीर के साथ लिखे संदेश में अभिनेत्री ने सूर्यास्त को देखने के अपने पुराने शौक और हादसे के बाद बदले नजरिए का उल्लेख किया। उनका “पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त” वाला संदेश उनके प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। हादसे के बाद से प्रशंसक उनकी सेहत को लेकर लगातार चिंतित थे। ऐसे में अस्पताल से आई इस तस्वीर को उनके स्वास्थ्य से जुड़ा पहला सार्वजनिक संकेत माना जा रहा है। हालांकि, अभिनेत्री ने अपनी मौजूदा स्थिति, सर्जरी के नतीजे या आगे के इलाज को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।

    जानकारी के अनुसार, नुसरत काम के सिलसिले में बाली गई थीं। बाद में यह यात्रा काम के साथ छुट्टियां बिताने का अवसर भी बन गई। इसी दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया, जिसमें उनकी रीढ़ की हड्डी में चोट आई। उनकी टीम ने बाद में रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर होने की पुष्टि की थी। चोट लगने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मुंबई लाया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई। मुंबई पहुंचने के बाद अभिनेत्री के कुछ वीडियो भी सामने आए थे, जिनमें वह ऑक्सीजन सपोर्ट पर दिखाई दी थीं। इसके बाद अस्पताल से उनकी कोई तस्वीर सामने नहीं आई थी। अब उनकी नई पोस्ट से प्रशंसकों को उनके बारे में जानकारी मिली है, हालांकि उनकी रिकवरी को लेकर कोई विस्तृत चिकित्सकीय अपडेट उपलब्ध नहीं है।

    कामकाज की बात करें तो नुसरत भरूचा जल्द ही अभिनेता टाइगर श्रॉफ के साथ एक फिल्म में नजर आ सकती हैं। दोनों पहली बार किसी फिल्म में साथ काम करते दिखाई देंगे। हालांकि, इस परियोजना के शीर्षक और कलाकारों से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में अभिनेत्री की आगामी फिल्म को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। नुसरत इससे पहले भी विदेश में मुश्किल परिस्थिति का सामना कर चुकी हैं। साल 2023 में वह इजराइल में उस समय फंस गई थीं, जब वहां इजराइल-हमास युद्ध शुरू हुआ था। वह तेल अवीव में एक फिल्म महोत्सव में शामिल होने गई थीं। उस दौरान बम धमाकों और सायरन की आवाज के बीच उन्हें एक बेसमेंट में शरण लेनी पड़ी थी। भारतीय दूतावास और सरकार के प्रयासों के बाद 8 अक्टूबर 2023 को उन्हें सुरक्षित मुंबई वापस लाया गया था।

  • .पूजा-पाठ और त्योहारों को लेकर विवाद में पति पर पत्नी की हत्या का आरोप, राजगढ़ में कुल्हाड़ी से हमला कर वारदात को दिया अंजाम

    .पूजा-पाठ और त्योहारों को लेकर विवाद में पति पर पत्नी की हत्या का आरोप, राजगढ़ में कुल्हाड़ी से हमला कर वारदात को दिया अंजाम

    मध्य प्रदेश: के राजगढ़ जिले में धार्मिक मान्यताओं और पूजा-पाठ को लेकर पति-पत्नी के बीच चल रहा विवाद एक गंभीर आपराधिक घटना में बदल गया। गुराड़खेड़ा गांव में रामबाबू गुर्जर पर अपनी पत्नी गायत्रीबाई गुर्जर (36) की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या करने का आरोप है। घटना शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे की बताई गई है। वारदात के बाद आरोपी पति के फरार होने की जानकारी सामने आई है। यह घटना राजगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र की है। मृतका के पिता ने बताया कि गायत्रीबाई ने घटना से पहले फोन कर अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी। उसने पिता से जल्द आने के लिए कहा था और आशंका व्यक्त की थी कि उसका पति उसे मार देगा। इस फोन कॉल के बाद हुई वारदात से परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।

    परिजनों के मुताबिक, रामबाबू और गायत्रीबाई के बीच भगवान में आस्था रखने, पूजा-पाठ करने और त्योहार मनाने को लेकर अक्सर विवाद होता था। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि रामबाबू अपनी पत्नी के पूजा करने पर आपत्ति जताता था। वह उससे कहता था कि भगवान को नहीं मानना चाहिए और भगवान ही सब कुछ नहीं हैं। परिवार के अनुसार, गायत्रीबाई धार्मिक गतिविधियों में रुचि रखती थी, जबकि पति को उसके पूजा-पाठ और त्योहार मनाने से परेशानी थी। यह भी बताया गया कि रामबाबू अधिकतर समय घर से बाहर रहता था। परिजनों ने धार्मिक मान्यताओं को लेकर होने वाले विवाद को इस घटना की पृष्ठभूमि बताया है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    शुरुआती जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह गायत्रीबाई पर कुल्हाड़ी से चार वार किए गए। उसकी पीठ पर तीन और गर्दन पर एक वार किया गया था। हमले में महिला की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। राजगढ़ कोतवाली थाना प्रभारी मंजू मखेनिया के मुताबिक, पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल की टीम को बुलाया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी रामबाबू गुर्जर की तलाश शुरू कर दी है। जांच में घटना से जुड़े तथ्यों और पारिवारिक विवाद की परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है।

    गुराड़खेड़ा गांव राजगढ़ कोतवाली थाने से करीब 32 किलोमीटर दूर स्थित है। गांव राजस्थान की सीमा से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गायत्रीबाई का शव उसके पिता को सौंप दिया गया। शनिवार शाम करीब 5:30 बजे शव जिला अस्पताल पहुंचा था। मृतका के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा गब्बर 14 साल का है, जबकि छोटा बेटा धनराज आठ साल का है। मां की मौत के बाद दोनों बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • विराट-अनुष्का 2023 से 2026 तक आठ बार पहुंचे प्रेमानंद महाराज के आश्रम, 5 करोड़ रुपये के दावे को क्रिकेटर के प्रवक्ता ने बताया निराधार

    विराट-अनुष्का 2023 से 2026 तक आठ बार पहुंचे प्रेमानंद महाराज के आश्रम, 5 करोड़ रुपये के दावे को क्रिकेटर के प्रवक्ता ने बताया निराधार

    नई दिल्ली: क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा का संत प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए वृंदावन जाना एक बार फिर चर्चा में है। इसकी वजह विराट को आश्रम ले जाने के लिए पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा, जिन्हें फलाहारी महाराज के नाम से भी जाना जाता है, ने यह दावा किया था। इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखे जाने की जानकारी भी सामने आई। हालांकि, विराट कोहली के प्रवक्ता ने इस दावे को गलत, निराधार और तथ्यहीन बताते हुए खारिज कर दिया। उनके मुताबिक, विराट प्रेमानंद महाराज के दर्शन गहरी आस्था और श्रद्धा के कारण करते हैं, न कि किसी आर्थिक समझौते के तहत। इस दावे को साबित करने वाला कोई सार्वजनिक भुगतान रिकॉर्ड या स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाण भी सामने नहीं आया है। विवाद के बीच विराट और अनुष्का की आध्यात्मिक यात्राओं का सिलसिला फिर चर्चा में आ गया है।

    विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की प्रेमानंद महाराज से पहली सार्वजनिक रूप से सामने आई मुलाकात 4 जनवरी 2023 को हुई थी। दोनों अपनी बेटी वामिका के साथ वृंदावन पहुंचे थे। इस यात्रा के दौरान उन्होंने पहले बाबा नीम करोली के आश्रम में दर्शन किए और फिर प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाकर सत्संग सुना और आशीर्वाद लिया। उस समय उनकी यात्रा निजी रखी गई थी, लेकिन बाद में तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह जानकारी सार्वजनिक हुई। करीब दो साल बाद 10 जनवरी 2025 को दोनों अपने बच्चों वामिका और अकाय के साथ दोबारा आश्रम पहुंचे। उस समय विराट ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपने प्रदर्शन को लेकर चर्चा में थे। मुलाकात के दौरान प्रेमानंद महाराज ने उनसे पूछा कि क्या उनका मन प्रसन्न है। विराट ने मुस्कुराकर हां में जवाब दिया। अनुष्का ने भी महाराज से बातचीत में कहा कि उन्हें प्रेम भक्ति चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछली मुलाकात में वह कुछ सवाल पूछना चाहती थीं, लेकिन दूसरे लोगों ने वही सवाल पहले पूछ लिए थे।

    13 मई 2025 को विराट और अनुष्का फिर प्रेमानंद महाराज के पास पहुंचे। इस बार दोनों ने उनके साथ एकांत में बातचीत की। यह मुलाकात विराट के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के ठीक बाद हुई थी। इसके बाद 16 दिसंबर 2025 को दोनों दोबारा आश्रम पहुंचे और जमीन पर बैठकर सत्संग सुना। इस दौरान अनुष्का भावुक नजर आईं। उन्होंने महाराज से कहा था कि वे उनके हैं। जवाब में महाराज ने समझाया कि सभी श्रीजी के हैं। फरवरी 2026 में दोनों फिर वृंदावन पहुंचे और आम श्रद्धालुओं के बीच बैठकर सत्संग में शामिल हुए। अप्रैल 2026 में भी उन्होंने आश्रम पहुंचकर महाराज का आशीर्वाद लिया। इन मुलाकातों में दोनों का सादगी से सत्संग में शामिल होना भी चर्चा में रहा।

    विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के बाद 2 जून 2026 को विराट और अनुष्का फिर प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे। दोनों ने वहां सत्संग सुना और आध्यात्मिक बातचीत में हिस्सा लिया। इसके बाद 22 जुलाई 2026 को दोनों श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे। बारिश के कारण रास्तों पर कीचड़ था, फिर भी दोनों नंगे पैर आश्रम से बाहर निकलते दिखाई दिए। उनके हाथों में प्रसाद था और चेहरे पर मास्क लगा हुआ था। वहां मौजूद लोगों का उन्होंने ‘राधे-राधे’ कहकर अभिवादन किया। जनवरी 2023 से जुलाई 2026 तक दोनों की आठ सार्वजनिक रूप से सामने आई मुलाकातों की जानकारी सामने आ चुकी है। इन यात्राओं में कभी वे बच्चों के साथ पहुंचे, तो कभी सत्संग और एकांत बातचीत में शामिल हुए।

    पांच करोड़ रुपये के दावे के सामने आने के बाद विराट के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए किसी तरह की आर्थिक डील नहीं हुई थी। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि विराट से जुड़े ऐसे दावों को आगे बढ़ाने से पहले उनकी तथ्यात्मक जांच की जाए। फिलहाल इस कथित भुगतान के समर्थन में कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाण सामने नहीं आया है। वहीं, विराट और अनुष्का की वृंदावन यात्राओं का सिलसिला पिछले साढ़े तीन वर्षों से सार्वजनिक रूप से चर्चा में रहा है। इस पूरे मामले में एक ओर पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा है, जबकि दूसरी ओर विराट की टीम ने इसे स्पष्ट रूप से नकारा है। ऐसे में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इसे स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

  • ग्वालियर के डबरा में 8 करोड़ की जमीन के विवाद में गोलीबारी, संदीप परिहार की मौत, मौके से करीब 50 कारतूस बरामद

    ग्वालियर के डबरा में 8 करोड़ की जमीन के विवाद में गोलीबारी, संदीप परिहार की मौत, मौके से करीब 50 कारतूस बरामद

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में टेकनपुर के पास शुक्रवार शाम जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच गोलीबारी हुई। करीब आधे घंटे तक चली इस घटना में संदीप परिहार की मौत हो गई। बताया गया है कि संदीप भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य आलोक शर्मा के भाई नवीन शर्मा का कर्मचारी था। गोलीबारी के दौरान उसके पेट में चार गोलियां लगीं। पुलिस उसे घायल अवस्था में एक स्कूल के अंदर से बरामद कर अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरे पक्ष के एक युवक के भी गोली लगने से घायल होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विवाद हाईवे से लगी चार बीघा जमीन को लेकर था, जिसकी कीमत करीब आठ करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    यह जमीन टेकनपुर बस स्टैंड के पास पुरानी रोड पर स्थित है। इसे लेकर नवीन शर्मा और श्याम गुर्जर के बीच विवाद चल रहा था। जानकारी के मुताबिक, नवीन शर्मा का पिछले तीन वर्षों से इस जमीन पर कब्जा था। शुक्रवार को वहां बाउंड्री वॉल बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान श्याम गुर्जर पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ने पर गोलीबारी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और वहां से गुजर रहे लोगों के अनुसार, घटनास्थल पर लगातार गोलियां चलाई गईं। बताया गया कि करीब आधे घंटे तक चली फायरिंग में बड़ी संख्या में राउंड दागे गए। घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

    जमीन के स्वामित्व को लेकर भी पहले से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब पांच महीने पहले जमीन की रजिस्ट्री श्याम गुर्जर और विनय गुर्जर के नाम कराई गई थी। रजिस्ट्री के बाद जमीन का नामांतरण भी हो गया था। इससे पहले करीब आठ महीने पूर्व जमीन का इकरारनामा किए जाने के समय भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। बताया गया है कि यह जमीन पहले डबरा निवासी हरीबाबू सेठ की थी, जिसे गुर्जर पक्ष ने खरीद लिया था। इसके बावजूद जमीन पर कब्जे और निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। शुक्रवार को बाउंड्री वॉल के निर्माण के दौरान यही विवाद गोलीबारी तक पहुंच गया।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। तलाशी के दौरान संदीप परिहार स्कूल के अंदर घायल अवस्था में मिला। उसके पेट में चार गोलियां लगी थीं। पुलिस उसे ग्वालियर लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल पर खड़ी थार गाड़ी पर भी गोलियों के निशान मिले हैं। पुलिस ने इस गाड़ी से करीब 50 कारतूस बरामद किए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात जयराज कुबेर और आसपास के थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए। दूसरे पक्ष के एक युवक के घायल होने की जानकारी की भी चर्चा रही, लेकिन पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई थी।

    मृतक संदीप परिहार के भाई ने विनय गुर्जर, सोनेराम गुर्जर, लालो गुर्जर, बाबा और अन्य लोगों पर गोली मारने का आरोप लगाया है। पुलिस इन आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात जयराज कुबेर ने बताया कि जमीन विवाद के दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के समय तक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी। पुलिस की जांच में गोलीबारी की परिस्थितियों, बरामद कारतूसों और दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर चले आ रहे विवाद से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

  • 350 करोड़ की जमीन का विवाद फिर चर्चा में, अयोध्यापुरी मामले में कंपनी की रजिस्ट्री वैध, रहवासी संघ ने दी हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

    350 करोड़ की जमीन का विवाद फिर चर्चा में, अयोध्यापुरी मामले में कंपनी की रजिस्ट्री वैध, रहवासी संघ ने दी हाईकोर्ट जाने की चेतावनी


    इंदौर। शहर की अयोध्यापुरी कॉलोनी की करीब चार एकड़ बेशकीमती जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में जिला कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जिला न्यायाधीश डॉ. शुभ्रा सिंह की अदालत ने सिम्पलेक्स इन्वेस्टमेंट एंड मेगा फाइनेंस कंपनी के पक्ष में फैसला देते हुए अयोध्यापुरी रहवासी कल्याण संघ के दावों को खारिज कर दिया।
    विवादित जमीन की मौजूदा कीमत करीब 350 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अदालत ने 65 पेज के फैसले में देवी अहिल्या श्रमिक कामगार सहकारी संस्था की ओर से कंपनी के पक्ष में की गई रजिस्ट्री को वैध माना है। इस निर्णय के बाद फिलहाल जमीन के स्वामित्व को लेकर कंपनी की कानूनी स्थिति मजबूत हुई है। हालांकि रहवासी संघ ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है जिससे इस मामले में आगे भी कानूनी लड़ाई जारी रहने की संभावना है।
    अयोध्यापुरी की इस जमीन को लेकर विवाद का प्रमुख मुद्दा उसके स्वामित्व और सहकारी संस्था की ओर से किए गए हस्तांतरण की वैधता रहा है। अदालत में रहवासी कल्याण संघ की ओर से जमीन पर अपने दावे प्रस्तुत किए गए थे। वहीं कंपनी की ओर से जमीन की खरीद और रजिस्ट्री की प्रक्रिया को वैध बताया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने 24 फरवरी 2007 को कंपनी के पक्ष में हुई रजिस्ट्री को कानूनी रूप से वैध माना। फैसले के अनुसार संस्था की वार्षिक आमसभा में प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद जमीन बेचने की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
    अदालत ने विवादित अतिरिक्त जमीन पर संस्था के सदस्यों के व्यक्तिगत भूखंड होने के दावे को भी पर्याप्त दस्तावेजों के अभाव में स्वीकार नहीं किया। मामले में संस्था के पास कुल 6.75 लाख वर्गफीट जमीन होने का पक्ष रखा गया था। इसमें सदस्यों को प्लॉट आवंटित किए जाने के बाद बची हुई जमीन कंपनी को बेचे जाने की बात कही गई। रहवासी संघ की ओर से ऐसा ठोस दस्तावेज लेआउट या नक्शा प्रस्तुत नहीं किया जा सका जिससे विवादित अतिरिक्त जमीन पर किसी सदस्य का व्यक्तिगत भूखंड होना साबित हो सके।
    फैसले में संस्था और कंपनी के बीच हुए अनुबंध तथा रजिस्ट्री में धोखाधड़ी के पर्याप्त प्रमाण भी नहीं पाए गए। इसी आधार पर जमीन के हस्तांतरण को अवैध घोषित करने की मांग स्वीकार नहीं की गई। इस निर्णय के साथ जिला कोर्ट ने रहवासी संघ के दावों को खारिज कर दिया। हालांकि यह निचली अदालत का फैसला है और इसके खिलाफ उच्च अदालत में अपील की जा सकती है।
    इस मामले में प्रशासन और सहकारिता विभाग की भूमिका भी चर्चा में रही है। पूर्व कलेक्टर मनीष सिंह के कार्यकाल में विवादित जमीन की रजिस्ट्री निरस्त कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर पहल की गई थी। सहकारिता विभाग के माध्यम से कोर्ट में आवेदन भी दिया गया था। हालांकि सुनवाई के दौरान प्रशासन और विभाग की ओर से प्रभावी पक्ष नहीं रखे जाने का मामला सामने आया। अब फैसले के बाद प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।
    अयोध्यापुरी रहवासी कल्याण संघ के सचिव एमके सिंह ने फैसले पर असंतोष जताते हुए हाईकोर्ट जाने की बात कही है। उनका दावा है कि जमीन की पहली रजिस्ट्री संस्था के नाम हुई थी और कंपनी ने गलत तरीके से जमीन हासिल कर दोहरी रजिस्ट्री कराई। संघ का कहना है कि विवादित जमीन पर सदस्यों को प्लॉट आवंटित किए जाने हैं। इन दावों पर अब उच्च अदालत में सुनवाई होने की स्थिति बन सकती है।
    कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है कि अभी अदालत के आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। आदेश मिलने के बाद उसका अध्ययन किया जाएगा और फिर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि कानूनी आधार बनता है तो ऊपरी अदालत में अपील के विकल्प पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल जिला कोर्ट के फैसले ने कंपनी के पक्ष को मजबूती दी है लेकिन रहवासी संघ की प्रस्तावित अपील और प्रशासन के अगले कदम से 350 करोड़ रुपये की इस जमीन का विवाद आगे भी कानूनी चर्चा में बना रह सकता है।
  • अमिताभ बच्चन की 7 खास आदतें, हर रविवार नंगे पैर फैंस से मिलने से लेकर दो घड़ियां पहनने तक, जानिए बिग बी की जिंदगी के दिलचस्प किस्से

    अमिताभ बच्चन की 7 खास आदतें, हर रविवार नंगे पैर फैंस से मिलने से लेकर दो घड़ियां पहनने तक, जानिए बिग बी की जिंदगी के दिलचस्प किस्से

    नई दिल्ली: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन 11 अक्टूबर को अपना 84वां जन्मदिन मना रहे हैं। शानदार अभिनय और दमदार आवाज के लिए पहचाने जाने वाले अमिताभ ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार किरदार निभाए हैं। पर्दे पर अपनी अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता की निजी जिंदगी से जुड़ी कुछ आदतें भी उन्हें चर्चा में रखती हैं। प्रशंसकों से मिलने का उनका खास अंदाज, लगातार ब्लॉग लिखना और काम के प्रति अनुशासन उनकी दिनचर्या के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। उनके जन्मदिन के मौके पर ऐसी ही कुछ आदतों और जीवन के अनुभवों पर नजर डालना दिलचस्प है, जिनमें प्रशंसकों के प्रति उनका जुड़ाव और मुश्किल समय में वापसी की कहानी भी शामिल है।

    अमिताभ बच्चन की सबसे चर्चित परंपराओं में से एक मुंबई स्थित उनके बंगले जलसा के बाहर प्रशंसकों से मुलाकात करना है। हर रविवार उनके चाहने वाले उनसे मिलने की उम्मीद में बंगले के बाहर इकट्ठा होते हैं। अमिताभ लंबे समय से इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं और कई बार प्रशंसकों से मिलने के लिए नंगे पैर बाहर आते हैं। उनके इस अंदाज को प्रशंसकों के प्रति स्नेह और सम्मान से जोड़कर देखा जाता है। इसके अलावा, अमिताभ सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्होंने अप्रैल 2008 में अपना ब्लॉग शुरू किया था, जिसके माध्यम से वह अपने विचार, अनुभव और जीवन से जुड़ी बातें साझा करते हैं। व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद ब्लॉग लेखन उनके लिए प्रशंसकों से जुड़े रहने का एक माध्यम बना हुआ है। किसी के काम की सराहना करने के लिए हाथ से पत्र लिखना और गुलदस्ता भेजना भी उनकी खास आदतों में शामिल बताया जाता है।

    अमिताभ बच्चन से जुड़ी एक अन्य दिलचस्प बात यह है कि वह दोनों हाथों से लिख सकते हैं। इस क्षमता को अंग्रेजी में एम्बिडेक्सट्रस कहा जाता है। इसके अलावा, उन्हें कई बार एक साथ दो घड़ियां पहने हुए भी देखा गया है। हालांकि, वह ऐसा किस वजह से करते हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है। उनकी दिनचर्या और फिटनेस को लेकर भी चर्चा होती रहती है। व्यस्त कार्यक्रम के बीच काम के लिए समय निकालना और अलग-अलग परियोजनाओं में सक्रिय रहना उनके कार्य अनुशासन को दर्शाता है। फिल्मों के साथ टेलीविजन कार्यक्रम ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में भी वह लगातार नजर आते रहे हैं। लंबे करियर के बाद भी विभिन्न माध्यमों पर उनकी सक्रियता बनी हुई है। उनके काम करने के तरीके और समय की पाबंदी को लेकर भी अक्सर बातें होती हैं।

    अमिताभ बच्चन के जीवन में कठिन दौर भी आया। 1990 के दशक में उनकी कंपनी अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी एबीसीएल को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा था। इस मुश्किल समय के बाद उन्होंने फिल्मों में वापसी की और ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के माध्यम से टेलीविजन पर भी नई पहचान बनाई। उनका करियर कई उतार-चढ़ाव से गुजरा है, लेकिन उन्होंने काम जारी रखा और मनोरंजन जगत में अपनी सक्रियता बनाए रखी। उनके जीवन की यह यात्रा उनके पेशेवर संघर्ष का अहम हिस्सा है। प्रशंसकों के बीच उनकी लोकप्रियता के साथ-साथ उनकी काम के प्रति प्रतिबद्धता भी चर्चा में रहती है।

    जन्मदिन के मौके पर अमिताभ बच्चन की इन आदतों और अनुभवों की चर्चा उनके व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को सामने लाती है। जलसा के बाहर प्रशंसकों से मुलाकात की परंपरा उनके प्रशंसकों के साथ लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव को दिखाती है, जबकि ब्लॉग लेखन उन्हें अपने विचार सीधे साझा करने का अवसर देता है। दोनों हाथों से लिखने की क्षमता, एक साथ दो घड़ियां पहनने का अंदाज और हाथ से पत्र लिखकर दूसरों की सराहना करना उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातें हैं। वहीं, आर्थिक मुश्किलों के बाद फिल्मों और टेलीविजन में वापसी उनके लंबे पेशेवर सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।