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  • जबलपुर के भेड़ाघाट में पर्यटकों को मिलेगी नौका विहार की सुविधा, नर्मदा उत्सव के लिए विशेष इंतजाम, सुरक्षा पर प्रशासन का जोर

    जबलपुर के भेड़ाघाट में पर्यटकों को मिलेगी नौका विहार की सुविधा, नर्मदा उत्सव के लिए विशेष इंतजाम, सुरक्षा पर प्रशासन का जोर


    जबलपुर। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट में नर्मदा उत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस उत्सव से पहले नगर परिषद पंचवटी क्षेत्र में नौका विहार की सुविधा दोबारा शुरू करने जा रही है। बरसात के कारण बंद नौका विहार सोमवार से शुरू करने की तैयारी की गई है। इसके साथ ही पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। नगर परिषद ने नौका विहार के लिए 300 लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई हैं। वहीं पंचकोसी यात्रा और नर्मदा परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त लाइफ जैकेट भी मंगाई गई हैं।
    भेड़ाघाट अपनी प्राकृतिक सुंदरता और नर्मदा नदी के मनमोहक दृश्यों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां स्थित पंचवटी क्षेत्र में नौका विहार पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। बरसात के दौरान नदी के जलस्तर और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए नौका विहार बंद कर दिया गया था। अब मौसम और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इसे फिर से शुरू करने की तैयारी की गई है। नौका विहार शुरू होने से यहां आने वाले पर्यटक नर्मदा के प्राकृतिक सौंदर्य का करीब से आनंद ले सकेंगे।
    24 और 25 अक्टूबर को होने वाले नर्मदा उत्सव को लेकर नगर परिषद की ओर से आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। नौकाओं की व्यवस्था से लेकर साफ सफाई और पर्यटकों की सुविधाओं तक विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। नगर परिषद अध्यक्ष चतुर सिंह लोधी ने बताया कि उत्सव को देखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने लोगों से भेड़ाघाट पहुंचकर नौका विहार और नर्मदा उत्सव का आनंद लेने की अपील भी की है।
    नौका विहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसके लिए 300 लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं ताकि नौकाओं में बैठने वाले लोगों को सुरक्षा उपकरण मिल सकें। पंचकोसी यात्रा और नर्मदा परिक्रमा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस क्षेत्र में पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त लाइफ जैकेट भी मंगाई गई हैं। प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक यात्राओं और पर्यटन गतिविधियों के दौरान लोगों को आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध रहें।
    पंचकोसी यात्रा के दौरान पंचवटी से भेड़ाघाट के बीच नौकाओं का संचालन किया जाता है। इस दौरान नौकाओं में गोताखोरों की टीम भी तैनात रहती है ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। नदी में नौका विहार के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण होता है। लाइफ जैकेट का इस्तेमाल और नौका संचालकों के निर्देशों का पालन संभावित दुर्घटनाओं से बचाव में मदद कर सकता है।
    नगर परिषद अध्यक्ष चतुर सिंह लोधी के अनुसार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से नौका विहार शुरू करने से पहले जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। नर्मदा उत्सव के दौरान भेड़ाघाट में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। ऐसे में साफ सफाई सुरक्षा और यातायात सहित सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखना जरूरी होगा।
    नौका विहार दोबारा शुरू होने और नर्मदा उत्सव की तैयारियों के साथ भेड़ाघाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आस्था के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन की तैयारियों के बीच पर्यटकों से भी अपील है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और नर्मदा की पवित्रता बनाए रखने में सहयोग दें।

  • यश की फिल्म टॉक्सिक की ओटीटी डील पर संकट, 150 करोड़ के पुराने ऑफर के मुकाबले अब 30 करोड़ की चर्चा

    यश की फिल्म टॉक्सिक की ओटीटी डील पर संकट, 150 करोड़ के पुराने ऑफर के मुकाबले अब 30 करोड़ की चर्चा

    नई दिल्ली: अभिनेता यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ की ओटीटी रिलीज और डिजिटल अधिकारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सिनेमाघरों में इसका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहने की खबरों के बाद अब इसके डिजिटल सौदे पर सबकी नजर है। यश ने इस फिल्म के जरिए लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर वापसी की थी। फिल्म में उनका नया अंदाज और कई बोल्ड दृश्य भी चर्चा का विषय बने थे। इसके बावजूद बॉक्स ऑफिस पर फिल्म वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाई, जैसी उम्मीद की जा रही थी। अब दर्शक इसकी ओटीटी रिलीज की तारीख और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के बारे में जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

    फिल्म के डिजिटल अधिकारों को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, सिनेमाघरों में रिलीज से पहले कई बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने ‘टॉक्सिक’ के ओटीटी राइट्स के लिए करीब 150 करोड़ रुपये तक की पेशकश की थी। बताया जा रहा है कि यश ने इससे अधिक रकम मिलने की उम्मीद में इन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद फिल्म को किसी पक्के ओटीटी समझौते के बिना सिनेमाघरों में रिलीज किए जाने की चर्चा सामने आई। ऐसे में डिजिटल अधिकारों का सौदा फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन से जुड़ी परिस्थितियों के आधार पर तय होने की संभावना जताई गई थी। हालांकि, निर्माताओं या संबंधित स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की ओर से इन पुराने प्रस्तावों के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    अब ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ZEE5 ने फिल्म के डिजिटल स्ट्रीमिंग अधिकार हासिल करने के लिए करीब 30 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया है। यह रकम रिलीज से पहले चर्चा में रहे 150 करोड़ रुपये के कथित प्रस्ताव से काफी कम है। इस अंतर के कारण फिल्म की ओटीटी डील को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, 30 करोड़ रुपये के प्रस्ताव और पहले बताए गए 150 करोड़ रुपये के ऑफर की शर्तों की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि फिल्म के डिजिटल अधिकारों की कीमत में वास्तव में इतनी गिरावट आई है या दोनों प्रस्ताव अलग-अलग शर्तों पर आधारित थे।

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ZEE5 के कथित प्रस्ताव में भुगतान से जुड़ी एक खास शर्त शामिल हो सकती है। इसके तहत प्लेटफॉर्म आधी रकम पहले देने और बाकी भुगतान को पे-पर-व्यू मॉडल से जोड़ने का विकल्प रख सकता है। इस व्यवस्था में दर्शकों को फिल्म देखने के लिए सामान्य सदस्यता के अलावा अलग से भुगतान करना पड़ सकता है। हालांकि, इस भुगतान व्यवस्था को लेकर भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। न तो ZEE5 और न ही फिल्म की टीम ने प्रस्ताव की रकम या भुगतान की शर्तों की पुष्टि की है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत किसी समझौते तक पहुंची है या डिजिटल अधिकारों को लेकर चर्चा अभी जारी है।

    गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी ‘टॉक्सिक’ में यश के साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी और तारा सुतारिया भी नजर आएंगी। फिल्म को लेकर शुरुआती चर्चाओं में कलाकारों की मौजूदगी और यश के नए अंदाज को लेकर उत्सुकता रही थी। अब इसके डिजिटल अधिकारों से जुड़ी खबरों ने ओटीटी रिलीज को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। फिलहाल फिल्म की स्ट्रीमिंग तारीख, अंतिम प्लेटफॉर्म और डिजिटल सौदे की रकम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए 30 करोड़ रुपये के प्रस्ताव और पे-पर-व्यू भुगतान की जानकारी को अपुष्ट रिपोर्ट के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

  • 1993 मुंबई ब्लास्ट मामले में हथियार रखने पर संजय दत्त ने मानी गलती, आज भी फैसले को लेकर है पछतावा

    1993 मुंबई ब्लास्ट मामले में हथियार रखने पर संजय दत्त ने मानी गलती, आज भी फैसले को लेकर है पछतावा

    नई दिल्ली: अभिनेता संजय दत्त ने 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दौरान अपने घर में अवैध हथियार रखने के मामले को लेकर एक बार फिर अपनी गलती स्वीकार की है। उन्होंने इस फैसले पर अफसोस जताते हुए कहा कि उस समय अगर उन्होंने अपने दिल की आवाज सुनी होती, तो शायद वह ऐसा कदम नहीं उठाते। इस मामले में संजय दत्त को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा था और उन्हें जेल की सजा भी काटनी पड़ी थी। अभिनेता ने माना कि उस समय लिया गया उनका फैसला गलत था और उन्हें इसके गंभीर परिणामों का अंदाजा नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि जिस देश में कोई व्यक्ति रहता है, वहां के कानूनों की जानकारी होना जरूरी है।

    शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ में बातचीत के दौरान संजय दत्त ने उस घटना को याद किया। उन्होंने कहा कि जब उन्हें हथियार रखने के मामले की गंभीरता का पता चला, तब उनका दिल उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए कह रहा था। इसके बावजूद उन्होंने अपने दिमाग की बात सुनी और यह सोचकर हथियार रखने का फैसला किया कि एक सप्ताह तक उन्हें अपने पास रखने में क्या नुकसान होगा। संजय दत्त ने कहा कि गलती उनकी थी और अगर उस समय उन्होंने अपने मन की चेतावनी को गंभीरता से लिया होता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। उनके मुताबिक, उस फैसले के इतने गंभीर नतीजे सामने आएंगे, इसका उन्हें पहले अंदाजा नहीं था।

    अभिनेता ने इस मामले के दौरान अपने परिवार को हुई परेशानी का भी जिक्र किया। संजय दत्त के मुताबिक, इस घटना ने उनके और उनके परिवार के लिए मुश्किल हालात पैदा कर दिए थे। कानूनी कार्रवाई के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा और कई साल तक इस मामले के परिणामों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर कानूनों को समझने और उनका पालन करने की अहमियत बताई। संजय दत्त ने स्पष्ट किया कि उस समय लिया गया फैसला उनकी गलती थी और आज भी उन्हें उसका पछतावा है। उनके बयान से यह भी सामने आया कि वह उस घटना को अपने जीवन के ऐसे फैसले के रूप में देखते हैं, जिसके परिणाम उनकी अपेक्षा से कहीं अधिक गंभीर साबित हुए।

    संजय दत्त ने बातचीत में अपने पिता सुनील दत्त से जुड़ा भावुक पल भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब पुलिस उन्हें हथकड़ी पहना रही थी, तब उनके पिता रोने लगे थे। बेटे के साथ इस तरह की कार्रवाई होते देख सुनील दत्त भावुक हो गए थे। संजय दत्त ने उस समय अपने पिता को संभालने की कोशिश की और उन्हें भरोसा दिलाया कि यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है तथा उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। हालांकि, पिता को इस स्थिति में देखकर संजय दत्त भी भावुक हो गए थे। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें खुद को मजबूत दिखाना पड़ा, ताकि उनके पिता को हिम्मत दे सकें। यह घटना उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी कठिन रही।

    कामकाज की बात करें तो संजय दत्त फिल्म ‘धुरंधर’ में चौधरी असलम की भूमिका निभा चुके हैं। इस फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों का प्यार मिला। अब वह ‘खलनायक रिटर्न्स’ और अजय देवगन की फिल्म ‘रेंजर’ में नजर आने वाले हैं। पुराने मामले को याद करते हुए संजय दत्त ने अपनी गलती स्वीकार की और कानून की जानकारी रखने की जरूरत पर जोर दिया। उनके बयान में उस फैसले को लेकर पछतावा और उसके गंभीर परिणामों की स्वीकारोक्ति प्रमुख रही।

  • शिवपुरी में नवरात्रि पर ट्रैफिक प्लान लागू, रात 10 बजे तक फिजिकल रोड पर कार और भारी वाहनों की एंट्री बंद

    शिवपुरी में नवरात्रि पर ट्रैफिक प्लान लागू, रात 10 बजे तक फिजिकल रोड पर कार और भारी वाहनों की एंट्री बंद


    शिवपुरी। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन माता की प्रतिमाएं लेने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शिवपुरी में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। शहर के फिजिकल क्षेत्र में रविवार को सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक कुछ प्रमुख मार्गों पर कार टैक्सी और भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सड़क पर जाम की स्थिति से बचने के लिए यह व्यवस्था लागू की है। इस दौरान फिजिकल रोड पर केवल दोपहिया वाहन ही चल सकेंगे। वहीं नवरात्रि के दौरान इस मार्ग पर डीजे वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। ऐसे में माता की प्रतिमाएं लेने जाने वाले लोगों और इस क्षेत्र से गुजरने वाले वाहन चालकों को बदले हुए ट्रैफिक रूट का ध्यान रखना होगा।

    जानकारी के अनुसार शिवपुरी के फिजिकल रोड पर कई मूर्तिकार माता की प्रतिमाएं तैयार करते हैं। नवरात्रि शुरू होने से पहले और पहले दिन जिले के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां प्रतिमाएं लेने पहुंचते हैं। इसके कारण सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ जाती है और भीड़ के चलते यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी स्थिति को देखते हुए यातायात पुलिस ने फिजिकल क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने का निर्णय लिया है ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो और प्रतिमाएं लेने आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से अपना काम पूरा कर सकें।

    नई व्यवस्था के तहत पुराने बस स्टैंड से फिजिकल होते हुए आकाशवाणी और पीजी कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर कार टैक्सी और भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। इस सड़क पर केवल दोपहिया वाहन चालकों को जाने की अनुमति होगी। सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक लागू इस व्यवस्था के दौरान चार पहिया वाहन चालकों को निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना होगा। इससे फिजिकल रोड पर भीड़ को नियंत्रित करने और वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    यातायात पुलिस के मुताबिक धर्मवीर घाटी से फिजिकल रोड की ओर भी केवल दोपहिया वाहन ही जा सकेंगे। कार और अन्य चार पहिया वाहनों के साथ भारी वाहन चालकों को दो बत्ती होते हुए परशुराम तिराहे के रास्ते आगे जाना होगा। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे प्रतिबंधित मार्ग पर जाने की कोशिश न करें और अपनी यात्रा के दौरान वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। इससे अनावश्यक जाम से बचा जा सकेगा और दूसरे वाहन चालकों को भी परेशानी नहीं होगी।

    नवरात्रि के दौरान फिजिकल रोड पर डीजे वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। यातायात प्रभारी रणवीर यादव ने बताया कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखना और सड़क पर यातायात को सुरक्षित बनाए रखना है।

    नवरात्रि के पहले दिन माता की प्रतिमाएं लेने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण शिवपुरी के फिजिकल क्षेत्र में यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को घर से निकलने से पहले अपने मार्ग की जानकारी रखने और पुलिस के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। खासतौर पर कार टैक्सी और भारी वाहन चालकों को सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक लागू प्रतिबंधों का ध्यान रखना चाहिए। बदले हुए ट्रैफिक रूट का पालन करने से न केवल जाम की समस्या कम होगी बल्कि श्रद्धालुओं को भी माता की प्रतिमाएं लेने में सुविधा मिल सकेगी।

  • शिवपुरी में माता के पंडाल में डीजे बंद कराने पर बवाल, पुलिसकर्मियों पर लाठी चलाने का आरोप, देर रात थाने का घेराव

    शिवपुरी में माता के पंडाल में डीजे बंद कराने पर बवाल, पुलिसकर्मियों पर लाठी चलाने का आरोप, देर रात थाने का घेराव


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में शारदीय नवरात्रि के दौरान माता के पंडाल में डीजे बंद कराने और सड़क से जाम हटवाने को लेकर विवाद हो गया। फिजिकल थाना क्षेत्र में रविवार देर रात हुए इस घटनाक्रम के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों ने दो पुलिसकर्मियों पर शराब के नशे में लाठियां चलाने और मारपीट करने का आरोप लगाया। घटना से नाराज लोग फिजिकल थाने पहुंच गए और घेराव कर दोनों पुलिसकर्मियों को हटाने की मांग करने लगे। दूसरी ओर थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मियों के शराब पीने और मारपीट करने के आरोपों को निराधार बताया है। देर रात करीब डेढ़ बजे तक थाने पर हंगामा चलता रहा जिसके बाद स्थिति शांत हुई।

    जानकारी के मुताबिक फिजिकल थाने से कुछ ही दूरी पर माता की प्रतिमा स्थापित करने के लिए पंडाल तैयार किया जा रहा था। रविवार रात करीब 11 बजे सड़क पर डीजे लगाया गया था। पंडाल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और डीजे बजने के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी। देखते ही देखते वहां जाम जैसी स्थिति बन गई। इसी बीच रात करीब 12:30 बजे दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। वे डीजे बंद कराने और सड़क से जाम हटवाने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद लोगों के बीच विवाद होने की बात सामने आई।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचते ही लाठियां चलानी शुरू कर दीं और लोगों के साथ मारपीट की। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी शराब के नशे में थे। घटना के बाद दोनों पुलिसकर्मी अपना वाहन लेकर वहां से चले गए। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी बढ़ गई। लोगों ने पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की।

    घटना से नाराज लोग फिजिकल थाने पहुंच गए और वहां घेराव कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि माता के पंडाल में आए श्रद्धालुओं के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। उन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों को थाने से हटाने की मांग उठाई। थाने के बाहर लोगों की भीड़ जुटने और हंगामे की सूचना मिलने के बाद अन्य थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया। देर रात तक पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच घटनाक्रम को लेकर तनाव बना रहा। करीब डेढ़ बजे तक चले हंगामे के बाद मामला शांत हुआ।

    इस पूरे मामले में फिजिकल थाना प्रभारी अवनीश सिंह राठौड़ ने अलग पक्ष रखा। उनके अनुसार पुलिसकर्मी रात करीब 12 बजे गश्त पर निकले थे। इस दौरान सड़क पर डीजे बजने और जाम लगने की स्थिति सामने आई। रात काफी हो जाने के कारण पुलिस ने डीजे बंद करने और रास्ता खाली कराने के लिए कहा था। थाना प्रभारी के मुताबिक इस कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध किया जिसके बाद विवाद की स्थिति बनी।

    थाना प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया कि माता का पंडाल एक स्थान पर था जबकि डीजे दूसरी जगह लगाया गया था। उन्होंने पुलिसकर्मियों के शराब के नशे में होने और लोगों के साथ मारपीट करने के आरोपों को निराधार बताया। इस तरह मामले में स्थानीय लोगों के आरोप और पुलिस की ओर से दिया गया पक्ष अलग-अलग हैं।

    नवरात्रि के दौरान धार्मिक आयोजन और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होता है। वहीं ऐसे आयोजनों के दौरान पुलिस और आम लोगों के बीच संवाद तथा संयम भी जरूरी है। शिवपुरी की इस घटना में विवाद की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार देर रात थाने पर हुआ हंगामा शांत हो गया लेकिन पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों को लेकर मामला चर्चा में है।

  • मां की भक्ति तभी सार्थक जब महिलाओं का हो सम्मान, शिवराज ने रील शेयर कर देशवासियों से कही बड़ी बात

    मां की भक्ति तभी सार्थक जब महिलाओं का हो सम्मान, शिवराज ने रील शेयर कर देशवासियों से कही बड़ी बात


    भोपाल। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए महिलाओं के सम्मान का संदेश दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक रील साझा कर लोगों से अपील की कि मां दुर्गा की पूजा अर्चना और व्रत उपवास के साथ घर परिवार और समाज में बेटियों बहनों तथा माताओं का सम्मान करना भी अपनी जिम्मेदारी समझें। शिवराज ने कहा कि यदि हम अपनी बेटी बहन और मां का सम्मान नहीं करते हैं तो मां की उपासना का कोई लाभ नहीं है। उनका यह संदेश नवरात्रि के धार्मिक महत्व के साथ महिलाओं के प्रति सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी को भी रेखांकित करता है।
    शिवराज सिंह चौहान ने अपने संदेश में कहा कि नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री की आराधना को समर्पित है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालु मां की भक्ति में लीन रहते हैं और व्रत उपवास रखकर परिवार की सुख समृद्धि तथा खुशहाली की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हमें अपनी अंतरात्मा और हृदय से यह भी विचार करना चाहिए कि हम अपने आसपास की महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। पूजा पाठ के वास्तविक अर्थ को जीवन में उतारना और दूसरों के प्रति सम्मान का भाव रखना भी जरूरी है।
    केंद्रीय मंत्री ने अपने संदेश में बहनों भाइयों और बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी लोग नवरात्रि के दौरान व्रत रखें उपवास करें और मां की उपासना करें लेकिन इसके साथ ही अपनी बेटियों बहनों और माताओं को पूरा सम्मान भी दें। उन्होंने कहा कि बेटियां देवियों के समान हैं और बहनों तथा माताओं में भी देवी का स्वरूप देखा जाता है। ऐसे में हर व्यक्ति को अपने जीवन में महिलाओं के सम्मान को सर्वोपरि रखने का संकल्प लेना चाहिए।
    शिवराज सिंह चौहान की अपील का मुख्य संदेश यही रहा कि देवी आराधना केवल मंदिरों में पूजा करने या धार्मिक परंपराओं का पालन करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसका प्रभाव हमारे व्यवहार और विचारों में भी दिखाई देना चाहिए। परिवार में बेटियों को सम्मान देना उनकी बात सुनना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देना सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। इसी तरह बहनों और माताओं के प्रति आदर का भाव रखना भी आवश्यक है। महिलाओं की गरिमा और उनके अधिकारों का सम्मान करने से ही समाज में सकारात्मक वातावरण बन सकता है।
    नवरात्रि के दौरान देशभर में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। मंदिरों में विशेष अनुष्ठान होते हैं और श्रद्धालु भक्ति भाव से माता के दर्शन करते हैं। ऐसे अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मूल्यों को जोड़ते हुए लोगों से महिलाओं के सम्मान का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने अपने संदेश के अंत में मां शैलपुत्री से सभी पर कृपा और आशीर्वाद बनाए रखने की कामना की तथा देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए जय माता दी कहा।
    उनका संदेश इस बात पर जोर देता है कि त्योहारों की सार्थकता तभी बढ़ती है जब उनसे मिलने वाली सीख को रोजमर्रा के जीवन में अपनाया जाए। नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के साथ बेटियों बहनों और माताओं को सम्मान देना तथा उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

  • मां दुर्गा की भक्ति में डूबा मध्य प्रदेश, कहीं चांदी से सजा माता का गर्भगृह तो कहीं तड़के 3 बजे से दर्शन के लिए लगी कतारें

    मां दुर्गा की भक्ति में डूबा मध्य प्रदेश, कहीं चांदी से सजा माता का गर्भगृह तो कहीं तड़के 3 बजे से दर्शन के लिए लगी कतारें


    सतना। शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होते ही मध्य प्रदेश में माता रानी की भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। रविवार 11 अक्टूबर को नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों में माता के जयकारे गूंजते रहे और भक्तों ने दर्शन पूजन कर परिवार की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। आगर मालवा के मां बगलामुखी मंदिर से लेकर उज्जैन के हरसिद्धि और गढ़ कालिका मंदिर तथा मैहर के मां शारदा धाम तक भक्तों में जबरदस्त उत्साह नजर आया। कई मंदिरों में तड़के ही पूजा अर्चना शुरू हो गई थी जबकि श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए।
    आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में मंगला आरती के साथ दर्शन की शुरुआत हुई। सुबह चार बजे से 11 बजे तक यहां 75 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने की जानकारी सामने आई है।
    नवरात्र के दौरान भक्तों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी भी की जा रही है। जिले के पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी के अनुसार मंदिर परिसर में पुलिस चौकी शुरू की जा रही है। यहां तैनात पुलिसकर्मी मंदिर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े।
    धार्मिक नगरी उज्जैन में भी नवरात्र के पहले दिन विशेष उत्साह देखने को मिला। यहां प्रसिद्ध हरसिद्धि मंदिर और गढ़ कालिका मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं नीमच जिले के भादवा माता मंदिर में घट स्थापना से पहले महाआरती की गई। मालवा की वैष्णो देवी के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर में नवरात्र के अवसर पर भक्तों की आवाजाही बनी रही।
    सतना जिले के मैहर स्थित मां शारदा धाम में भी शारदीय नवरात्र मेले का आगाज हो गया। रविवार तड़के तीन बजे मंदिर के पट खुलते ही परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन के लिए पहुंचने लगी। मैहर में नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में भक्त मां शारदा के दर्शन करने आते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है।
    बड़वानी जिले के सेंधवा स्थित मां बड़ी बिजासन माता मंदिर में नवरात्र को खास बनाने के लिए गर्भगृह की दीवारों को करीब 90 किलो चांदी से सजाया गया है। मंदिर की इस सजावट को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आकर्षण देखा जा रहा है। भोपाल के कर्फ्यू वाली मंदिर में भी सुबह से भक्त पूजा अर्चना में जुटे रहे। उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासनी शक्तिपीठ में नवरात्र के पहले दिन घट पूजन और स्थापना की गई।
    मंदसौर के नालछा माता मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यह मंदिर जिले के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल है। मंदिर की विशेष मान्यता है कि यहां भेरू और भवानी एक ही गादी पर विराजमान हैं। मंदिर के पुजारी गोविंद नागदा के अनुसार मान्यता है कि माता सुबह बाल्यावस्था दोपहर में युवावस्था और शाम को वृद्धावस्था के स्वरूप में दर्शन देती हैं।
    राजगढ़ के प्रसिद्ध जालपा माता मंदिर में भी सुबह की आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। घने जंगल के बीच ऊंची टेकरी पर स्थित इस मंदिर में कई भक्त करीब एक किलोमीटर की पहाड़ी चढ़कर दर्शन करने पहुंचे। मंदिर विवाह की तारीख तय करने की पारंपरिक पाती प्रथा के लिए भी जाना जाता है। मान्यता के अनुसार शुभ मुहूर्त नहीं मिलने पर परिवार ज्वार या गेहूं के दाने लेकर यहां पहुंचते हैं और पुजारी पारंपरिक तरीके से विवाह की तारीख बताते हैं।
    रीवा के करीब 450 वर्ष पुराने रानी तालाब कालिका मंदिर में सुबह साढ़े तीन बजे पट खोल दिए गए। चार बजे से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस के 25 जवान तैनात किए गए हैं। नवरात्र के पहले दिन प्रदेशभर के मंदिरों में उमड़ी भीड़ ने धार्मिक उत्साह और मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को एक बार फिर प्रदर्शित किया।

  • माफी मांगने के बाद भी नहीं रुकी पिटाई, भोपाल के स्कूल में चौथी के छात्र के साथ मारपीट का आरोप, पिता ने मांगी सख्त कार्रवाई

    माफी मांगने के बाद भी नहीं रुकी पिटाई, भोपाल के स्कूल में चौथी के छात्र के साथ मारपीट का आरोप, पिता ने मांगी सख्त कार्रवाई


    भोपाल । भोपाल के फादर एग्नेल स्कूल में चौथी कक्षा के एक छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना 8 अक्टूबर की बताई जा रही है। छात्र के पिता उजेर अहमद ने गांधी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए स्कूल के प्रिंसिपल मनोहर काटा पर बेटे के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। पिता के मुताबिक घटना के बाद बच्चे के चेहरे और कंधे पर चोट के निशान दिखाई दिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि बच्चे को सुनने में परेशानी होने लगी और घर पहुंचने के बाद चक्कर आने से वह गिर गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्चे का हमीदिया अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है।
    बच्चे के पिता उजेर अहमद के अनुसार 8 अक्टूबर को उनका बेटा स्कूल से घर लौटा तो उसने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। बच्चे ने कथित तौर पर कहा कि स्कूल के प्रिंसिपल मनोहर काटा ने उसके साथ मारपीट की। पिता का कहना है कि मारपीट के दौरान बच्चा माफी मांगता रहा लेकिन इसके बावजूद पिटाई नहीं रुकी। घर पहुंचने पर जब परिजनों ने बच्चे की स्थिति देखी तो उन्हें उसके चेहरे और कंधे पर चोट के निशान नजर आए। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद बच्चे को कान से ठीक से सुनाई नहीं दे रहा था। इसके अलावा उसे चक्कर आने की शिकायत भी हुई जिसके बाद परिवार ने मामले को गंभीरता से लिया।
    पिता ने बताया कि घटना के दिन ही उन्होंने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया। उनके मुताबिक 8 अक्टूबर की रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच वह गांधी नगर थाने पहुंचे और शिकायत दी। उजेर अहमद का कहना है कि शिकायत के बाद से उन्हें जांच जारी होने और मेडिकल रिपोर्ट मंगाए जाने की जानकारी दी जा रही है। हालांकि उनके अनुसार अभी तक मामले में कार्रवाई को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। पिता ने पुलिस से मांग की है कि शिकायत पर गंभीरता से जांच की जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
    उजेर अहमद ने यह आरोप भी लगाया है कि स्कूल से जुड़े एक व्यक्ति ने फोन करके उनसे समझौता करने के लिए कहा। पिता का कहना है कि वह मामले में समझौता करने के बजाय निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उन्होंने संबंधित प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उसकी प्रति उपलब्ध कराने की मांग भी की है। उनका कहना है कि बच्चे की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और स्कूल में ऐसी घटना के आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
    इस मामले में फिलहाल स्कूल प्रबंधन और संबंधित प्रिंसिपल का पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में घटना को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट से ही चोटों की प्रकृति तथा घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामले में स्कूल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद घटनाक्रम की तस्वीर और साफ हो सकती है।
    स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन के तरीकों को लेकर यह मामला महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है। अभिभावक अपने बच्चों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा दिलाने की उम्मीद से स्कूल भेजते हैं। ऐसे में किसी छात्र के साथ मारपीट का आरोप सामने आने पर निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है। फिलहाल बच्चे के पिता ने कार्रवाई की मांग की है और अब इस मामले में पुलिस जांच तथा मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
  • रणबीर की रामायण दो अलग-अलग वर्जन में होगी रिलीज, इंग्लिश फिल्म से हट सकते हैं गाने, जानिए राम और रावण की जंग कब दिखेगी

    रणबीर की रामायण दो अलग-अलग वर्जन में होगी रिलीज, इंग्लिश फिल्म से हट सकते हैं गाने, जानिए राम और रावण की जंग कब दिखेगी


    नई दिल्ली। रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण रिलीज से पहले ही चर्चा में बनी हुई है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्सुकता है और अब इसके हिंदी तथा इंग्लिश वर्जन की अवधि को लेकर नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म के दोनों वर्जन के रनटाइम में करीब 30 मिनट का अंतर हो सकता है। अमेरिका में फिल्म को हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में रिलीज किए जाने की तैयारी बताई जा रही है। हालांकि फिल्म के निर्माताओं ने अभी तक रनटाइम से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
    वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की थिएटर चेन एएमसी की लिस्टिंग में रामायण के हिंदी और इंग्लिश वर्जन का उल्लेख किया गया है। इसमें हिंदी वर्जन का रनटाइम 3 घंटे 15 मिनट बताया गया है जबकि इंग्लिश वर्जन की अवधि 2 घंटे 45 मिनट बताई जा रही है। इस हिसाब से दोनों वर्जन के बीच आधे घंटे का अंतर होगा। हालांकि यह जानकारी रिपोर्ट और थिएटर लिस्टिंग पर आधारित है। निर्माताओं की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होने के कारण इसे अंतिम जानकारी नहीं माना जा सकता।
    फिल्म के दोनों वर्जन की अवधि में अंतर को लेकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इंग्लिश वर्जन में कुछ गानों को शामिल नहीं किया गया हो सकता है। भारतीय फिल्मों में गानों की अहम भूमिका होती है और रामायण जैसे बड़े प्रोजेक्ट में संगीत को लेकर भी दर्शकों की दिलचस्पी बनी हुई है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को ध्यान में रखकर इंग्लिश वर्जन की प्रस्तुति में कुछ बदलाव किए गए हों। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में गाने हटाए गए हैं या रनटाइम में अंतर की कोई दूसरी वजह है। इस बारे में निर्माताओं की पुष्टि का इंतजार है।
    निर्देशक नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही रामायण में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म की पहली झलक सामने आने के बाद से ही दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है। साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं जबकि रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में दिखाई देंगे। सनी देओल को हनुमान और यश को रावण के किरदार में दिखाए जाने की जानकारी सामने आई है। फिल्म की स्टारकास्ट को लेकर भी लगातार चर्चा हो रही है।
    रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म के पहले भाग में सीता हरण से लेकर हनुमान के प्रवेश तक की कहानी दिखाई जा सकती है। वहीं हनुमान और सुग्रीव की सेना से जुड़े हिस्सों को दूसरे भाग में दिखाए जाने की संभावना है। राम और रावण के बीच होने वाले युद्ध का प्रमुख हिस्सा भी दूसरे भाग में आने की चर्चा है। इस तरह कहानी को दो भागों में प्रस्तुत करने की योजना बताई जा रही है ताकि महाकाव्य के बड़े घटनाक्रम को विस्तार से दिखाया जा सके।
    रिपोर्ट में रामायण के पहले भाग की रिलीज 5 नवंबर 2026 को बताई गई है। इसके बाद दूसरे भाग को अगले साल दिवाली के आसपास रिलीज करने की योजना की चर्चा है। हालांकि रिलीज और रनटाइम से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए निर्माताओं की आधिकारिक घोषणा महत्वपूर्ण होगी। रणबीर कपूर की आने वाली फिल्मों में संजय लीला भंसाली की लव एंड वॉर भी शामिल है जिसमें वह आलिया भट्ट और विक्की कौशल के साथ नजर आएंगे। फिलहाल दर्शकों की नजर रामायण के नए अपडेट और इसके दोनों वर्जन की आधिकारिक जानकारी पर टिकी हुई है।
  • CJP प्रोटेस्ट पर प्रकाश राज का सरकार पर तीखा हमला, बोले तुम लोग डरे हुए हो ना, दिन-ब-दिन नंगे होते जाओगे

    CJP प्रोटेस्ट पर प्रकाश राज का सरकार पर तीखा हमला, बोले तुम लोग डरे हुए हो ना, दिन-ब-दिन नंगे होते जाओगे


    नई दिल्ली। नई दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट को लेकर जारी हंगामे के बीच अभिनेता प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने संदेश में सरकार और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिशों पर सवाल उठाए हैं। प्रकाश राज ने बिना किसी राजनीतिक दल या नेता का नाम लिए कहा कि विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश करने वाले लोग खुद अपने डर के पीछे छिपे हुए हैं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है और इसे लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
    फिल्मों में अपने दमदार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले प्रकाश राज ने वीडियो में कहा कि युवाओं को उनके घरों और फ्लाइट से हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को विरोध करने की निर्धारित जगह तक पहुंचने से भी रोका जा रहा है। अभिनेता ने इस घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर इतनी सख्ती क्यों दिखाई जा रही है। उनके मुताबिक पुलिस और सुरक्षा बलों के जरिए लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है लेकिन इससे सवाल उठाने वाले लोगों की आवाज खत्म नहीं होगी।
    प्रकाश राज ने अपने संदेश में कहा कि विरोध करने वालों को गिरफ्तार करने या उनकी आवाज रोकने की कोशिश करने वाले वास्तव में अपने डर के पीछे कैद हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की आवाज को दबाने से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि सवाल उठाने वाली आवाजें और बुलंद हो सकती हैं। अभिनेता ने अपने वीडियो में यह भी कहा कि कोशिश कर ली जाए लेकिन विरोध करने वालों को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं होगा। उन्होंने लोकतंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि देश लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगा।
    प्रकाश राज ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के कैप्शन में नदी का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि आखिर किसी नदी को कब तक रोका जा सकता है। उनके इस संदेश को विरोध और असहमति की आवाज को लंबे समय तक दबा पाने की कोशिशों पर टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि यह एक लंबी लड़ाई है और वे सवाल पूछना जारी रखेंगे। उनके अनुसार समय के साथ विरोध करने वालों की आवाज और स्पष्ट होती जाएगी। इसी दौरान उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि संबंधित लोग दिन-ब-दिन बेनकाब होते जाएंगे।
    अभिनेता ने अपने संदेश के अंत में कहा कि खेल शुरू हो चुका है और देश सब कुछ देख रहा है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया तो कुछ यूजर्स ने उनकी टिप्पणी पर सवाल उठाए। एक यूजर ने पूछा कि वह होटल के कमरे में क्यों छिपे हुए हैं। वहीं दूसरे यूजर ने उन्हें दिल्ली आने की चुनौती देते हुए कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं को उनकी जरूरत है। कुछ अन्य लोगों ने भी उनके बयान पर असहमति जताते हुए टिप्पणी की।
    CJP प्रोटेस्ट को लेकर सामने आए इस घटनाक्रम ने विरोध प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। प्रकाश राज ने अपने वीडियो में लोकतंत्र और सवाल पूछने के अधिकार पर जोर दिया है। हालांकि हिरासत और प्रदर्शन को रोकने से जुड़े आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों का विस्तृत पक्ष इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए प्रदर्शन से जुड़े आधिकारिक बयान और अन्य पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी महत्वपूर्ण होंगी।