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  • बॉलीवुड में रिकॉर्ड: भारत का एकमात्र मेल स्टार जिसने जीता बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड

    बॉलीवुड में रिकॉर्ड: भारत का एकमात्र मेल स्टार जिसने जीता बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड


    नई दिल्ली।भारत का इकलौता मेल एक्टर जिसे मिला बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड, रच दिया था अनोखा इतिहास
    आज हम आपको एक ऐसे मेल एक्टर के बारे में बताने वाले हैं जिन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था वो भी नेशनल नहीं बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर।

    बॉलीवुड एक्टर
    कई एक्टर्स अपने काम से ना सिर्फ भारत बल्कि विदेश में भी अपनी पहचान बनाते हैं। अब आज हम आपको एक ऐसे ही एक्टर के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने अपनी एक्टिंग से इंटरनेशनल अवॉर्ड जीता वो भी एक ऐसी कैटेगरी से जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।

    निर्मल पांडे
    जिस एक्टर की हम बात कर रहे हैं वह हैं निर्मल पांडे। निर्मल जिन्हें आपने कई हिंदी फिल्मों में विलन के रूप में देखा होगा। आज उनसे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा आपको बताते हैं।

    फिल्म दायरा
    निर्मल को एक बार बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था वो भी उनकी फिल्म दायरा के लिए। दरअसल, दायरा में निर्मल ने किन्नर का किरदार निभाया था। फिल्म में निर्मल के साथ सोनाली कुलकर्णी लीड रोल में थीं। दोनों एक्टर्स की काफी तारीफ हुई थी।

    बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड
    वहीं वैलेनसियनेस फिल्म फेस्टिवल फ्रांस 1997 में निर्मल और सोनाली को इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला था।

    लंदन में किया थिएटर
    निर्मल की बात करें तो उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में ग्रेजुएशन की। इसके बाद वह लंदन चले गए थिएटर के लिए।

    इस फिल्म से किया डेब्यू
    लंदन से वापस आने के बाद निर्मल ने फिर 1994 में आई शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन से डेब्यू किया था।

    इन हिट फिल्मों में किया काम
    निर्मल ने अपने करियर में प्यार किया तो डरना क्या, वन टू का फोर, हद कर दी आपने जैसी मूवीज में काम किया है।

    जल्द किया दुनिया को अलविदा
    निर्मल ज्यादा लाइफ नहीं जी सके और साल 2010 में 47 की उम्र में उनका निधन हो गया था। निर्मल के निधन के बाद उनकी आखिरी फिल्म लाहौर रिलीज हुई थी।

  • आईपीएल के इतिहास में किस टीम ने खेला सबसे ज्यादा मैच? सीएसके पर 2 साल का प्रतिबंध नहीं लगा तो बनी नंबर-1 टीम

    आईपीएल के इतिहास में किस टीम ने खेला सबसे ज्यादा मैच? सीएसके पर 2 साल का प्रतिबंध नहीं लगा तो बनी नंबर-1 टीम


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का आगाज होने में दो ही दिन का समय रह गया है। 19वें सीजन का पहला मैच 28 मार्च को डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। इस नए सीजन के आगाज से पहले हम आपके लिए आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीमों की लिस्ट लेकर आए हैं। इस लिस्ट में 5 बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स, जो आईपीएल के इतिहास की सबसे पुरानी टीमों में से एक हैं, वह फिलहाल लिस्ट में 6ठे पायदान पर है। अगर सीएसके पर दो साल का बैन नहीं लगा होता तो वह इस लिस्ट में नंबर-1 होती। चेन्नई के नाम आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा फाइनल खेलने का भी रिकॉर्ड है।

    6 टीमों ने खेले 250 से अधिक मैच
    आईपीएल के इतिहास में 6 टीमें ऐसी है जिन्होंने 250 से अधिक मैच खेले हैं। इसमें सीएसके 253 मैचों के साथ सबसे अखिरी पायदान पर हैं। वहीं उनके ऊपर दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, मुंबई इंडियंस, पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी टीमें हैं।

    मुंबई इंडियंस ने खेले सबसे ज्यादा IPL मैच
    5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस के नाम आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा 277 मैच खेलने का रिकॉर्ड है। MI इस दौरान 151 मैच जीती, वहीं 122 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। मुंबई इंडियंस आईपीएल के इतिहास में 150 से अधिक मैच जीतने वाली भी एकमात्र टीम है।

    आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीमें
    मुंबई इंडियंस के बाद इस लिस्ट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु है, जिन्होंने आईपीएल में 271 मैच खेले हैं। वहीं दिल्ली कैपिटल्स ने 266, कोलकाता नाइट राइडर्स ने 265, पंजाब किंग्स ने 263 और चेन्नई सुपर किंग्स ने 253 मैच खेले हैं।

    राजस्थान रॉयल्स ने खेले कितने मैच?
    2008 से आईपीएल का हिस्सा रहीं आईपीएल की सभी टीमों में से राजस्थान रॉयल्स एकमात्र ऐसी टीम है जिसने 250 से कम मैच खेले हैं। आरआर ने इस रंगारंग लीग में अभी तक 236 मैच खेले हैं, जिसमें 114 में उन्हें जीत मिली है, वहीं 115 में हार का सामना करना पड़ा है। राजस्थान पर भी आईपीएल में 2 साल का बैन लगा था।

  • मोहम्मद कैफ बोले: कप्तानी विवाद में हार्दिक के साथ न्याय होना चाहिए

    मोहम्मद कैफ बोले: कप्तानी विवाद में हार्दिक के साथ न्याय होना चाहिए

    नई दिल्ली। मुंबई इंडियंस में सूर्यकमार यादव को कप्तान बनाने की चर्चाओं को लेकर कैफ ने क्रिस श्रीकांत और अश्विन से एकदम उलट बात कही है। उन्होंने कहा है कि मुंबई इंडियंस को इतनी जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए। फ्रेंचाइजी यह ध्यान रखे कि जैसा उन्होंने रोहित के साथ किया था वैसा ही हार्दिक के साथ ना हो जाए।
    आईपीएल 2026 के लिए मुंबई इंडियंस की कप्तानी हार्दिक पांड्या के हाथों में है। हालांकि, सूर्यकुमार यादव के टी-20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने और हार्दिक पांड्या के बतौर कप्तान पिछले दो सीजन में अच्छा प्रदर्शन ना करने के कारण कई लोगों को ऐसा लगता है कि सूर्यकुमार यादव को आगामी सीजन के लिए मुंबई इंडियंस की कप्तानी करनी चाहिए।
    हाल ही में 1983 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा कि हार्दिक को या तो खुद सूर्यकुमार यादव को कप्तानी दे देनी चाहिए या अब सही समय आ गया है जब फ्रेंचाइजी को सूर्यकुमार यादव को कप्तान बना देना चाहिए। यह मुंबई इंडियंस के लिए काफी अच्छा होगा। बीते दिनों अश्विन ने भी कुछ ऐसी ही बात कही थी। पूर्व भारतीय स्पिनर ने अपने यूट्यूब चैनल पर खेल पत्रकार विमल कुमार के साथ चर्चा के दौरान कहा था कि सूर्यकुमार यादव को मुंबई इंडियस का कप्तान बनना चाहिए था।

    पिछली गलतियों को ना दोहराए मुंबई इंडियंस
    इन सब चर्चाओं के बीच पूर्व भारतीय बल्लेबाज और दुनिया के सबसे बेहतरीन फील्डरों में से एक मोहम्मद कैफ ने क्रिस श्रीकांत और अश्विन से एकदम उलट बात कही है। उन्होंने कहा है कि मुंबई इंडियंस को इतनी जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए। कैफ ने यह भी जोडा कि फ्रेंचाइजी यह ध्यान रखे कि जैसा उन्होंने रोहित शर्मा के साथ किया था वैसा ही हार्दिक के साथ ना हो जाए। इससे टीम में अस्थिरता आती है और प्रदर्शन पर साफ असर पड़ता है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने अपने यूट्यब चैनल पर पांच बार के चैंपियन क्लब से हार्दिक के साथ धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया और पिछली गलतियों को न दोहराने की चेतावनी दी। उन्होंने पिछले सीजन में टीम को प्लेऑफ में काफी आगे तक ले जाने के बाद एक लीडर के रूप में हार्दिक पांड्या की प्रगति का समर्थन किया।

    हार्दिक के साथ रोहित जैसा बर्ताव ना हो
    कैफ ने कहा “मुझे नहीं लगता कि मुंबई इंडियंस को वही गलती दोबारा करनी चाहिए। रोहित शर्मा को हटाकर हार्दिक पांड्या को टीम में शामिल करने के बाद उनका प्रदर्शन खराब रहा। हार्दिक पांड्या अब अपनी भूमिका में सहजता से ढल रहे हैं। उन्होंने पिछले साल क्वालीफायर 2 खेला था। इसलिए, कप्तान के तौर पर हार्दिक पांड्या ने अच्छा काम किया।” अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए, कैफ ने मुंबई इंडियंस को जल्दबाजी में नेतृत्व संबंधी निर्णय लेने के खिलाफ आगाह किया, यह बताते हुए कि रुझान कितनी तेजी से बदलते हैं और चेतावनी दी कि सूर्यकुमार जैसे अगले बड़े विकल्प का पीछा करने से बार-बार अस्थिरता आ सकती है। उन्होंने कहा कि “सूर्यकुमार यादव एक विकल्प हैं, लेकिन हार्दिक के साथ वैसा बर्ताव नहीं होना चाहिए जैसा उन्होंने रोहित शर्मा के साथ किया था। उन्होंने कहा था कि अब हमारे पास हार्दिक पांड्या हैं, जिन्होंने गुजरात को चैंपियन बनाया, इसलिए अब वही कप्तान बनेंगे। उस समय हार्दिक चर्चा का विषय थे और उन्हें आगे बढ़ा दिया गया था। अब सूर्यकुमार यादव चर्चा का विषय हैं। अगले साल कोई और होगा, तो क्या आप सूर्या को हटा देंगे?”

  • दर्द-बुखार से लेकर 1000 से ज्यादा जरूरी दवाएं होंगी महंगी…. 1 अप्रैल से बढ़ जाएंगी कीमतें

    दर्द-बुखार से लेकर 1000 से ज्यादा जरूरी दवाएं होंगी महंगी…. 1 अप्रैल से बढ़ जाएंगी कीमतें


    नई दिल्ली।
    आम लोगों की जेब पर एक और असर पड़ने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से पेरासिटामोल (Paracetamol), एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) और अन्य जरूरी दवाओं के दाम बढ़ने जा रहे हैं। सरकार ने आवश्यक दवाओं (Necessary Medicines) की राष्ट्रीय सूची (NLEM) में शामिल दवाओं की कीमतों में करीब 0.6% तक बढ़ोतरी की अनुमति दे दी है। यह बढ़ोतरी 1000 से ज्यादा आवश्यक दवाओं पर लागू होगी।

    राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (National Pharmaceutical Pricing Authority-NPPA) ने बताया, “वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार विभाग में आर्थिक सलाहकार कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आंकड़ों के आधार पर, वर्ष 2025 के दौरान वर्ष 2024 की समान अवधि की तुलना में WPI में वार्षिक बदलाव (+) 0.64956% है।” समायोजित कीमतें NLEM की 1,000 से अधिक दवाओं पर लागू होंगी।

    कौन-कौन सी प्रमुख दवाओं पर पड़ेगा असर
    सूचीबद्ध (नियंत्रित) दवाओं के दामों में बदलाव की अनुमति साल में एक बार दी जाती है। आवश्यक दवाओं की सूची में पेरासिटामोल, बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन, खून की कमी (एनीमिया) की दवाएं, विटामिन और खनिज (मिनरल) जैसी दवाएं शामिल हैं। कोविड-19 के मध्यम से गंभीर रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं और स्टेरॉयड भी इस सूची में हैं।

    फार्मा उद्योग के एक अधिकारी के अनुसार, यह मामूली बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब ईरान युद्ध के कारण बढ़ती इनपुट यानी कच्चे माल की लागत ने उद्योग के मुनाफे के मार्जिन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।


    पैरासिटामोल में 25% और सिप्रोफ्लोक्सासिन में 30% बढ़ोतरी

    उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि चल रहे युद्ध के कारण कुछ प्रमुख एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रिएंट्स (APIs) और सॉल्वैंट्स के दाम काफी बढ़ गए हैं और यह बढ़ोतरी मुश्किल से ही कोई राहत देगी।

    उदाहरण के लिए, पिछले कुछ हफ्तों में APIs की कीमतों में औसतन 30-35% की वृद्धि हुई है। उद्योग अधिकारियों ने बताया कि ग्लिसरीन की कीमत 64% बढ़ गई है, जबकि पैरासिटामोल की कीमत 25% और सिप्रोफ्लोक्सासिन की कीमत 30% बढ़ गई है। पॉलीविनाइल क्लोराइड और एल्युमीनियम फॉयल जैसी पैकेजिंग सामग्री की कीमत में भी 40% की वृद्धि हुई है।


    फार्मा लॉबी ने क्या कहा

    एक फार्मा लॉबी समूह के प्रतिनिधि ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “ग्लिसरीन, प्रोपलीन ग्लाइकॉल, और हर लिक्विड दवा जैसे सिरप, ड्रॉप्स में इस्तेमाल होने वाले सॉल्वैंट्स महंगे हो गए हैं। इंटरमीडिएट्स के दाम भी काफी बढ़ गए हैं। इसे देखते हुए, हमें इससे बेहतर बढ़ोतरी की जरूरत है और हम NPPA के सामने अपना पक्ष रखेंगे।”

  • LPG संकट में भारत का ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा….जानें नौसेना होर्मुज से कैसे निकाल रही जहाज!

    LPG संकट में भारत का ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा….जानें नौसेना होर्मुज से कैसे निकाल रही जहाज!


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में LPG संकट के बीच ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा (Operation Energy Security) की शुरुआत की गई है। खबर है कि भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धपोत तैनात किए हैं। हालांकि, इसे लेकर सेना की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Iran’s Foreign Minister Abbas Araghchi) ने कहा है कि मित्र देशों के जहाजों को निकलने की अनुमति दी गई है, जिनमें भारत भी शामिल है।

    एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ऑपरेशन के तहत भारतीय नौसेना ने 5 से ज्यादा युद्धपोत तैनात किए हैं। ऑपरेशन का मकसद उन जलमार्गों और जहाजों को सुरक्षित करना है, जिनके जरिए एलपीजी, एलएजी और कच्चा तेल भारत पहुंच रहा है। माना जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग में भारत के लिए निकले 20 कार्गो फंस गए हैं।

    एक सूत्र ने बताया, ‘जब भारत आने वाला कोई मालवाहक जहाज इस स्ट्रेट को पार कर लेता है, तो ओमान की खाड़ी में तैनात नौसेना के युद्धपोत उस जहाज को सुरक्षा देते हैं और उसे संकटग्रस्त क्षेत्र से बाहर अरब सागर की ओर ले जाते हैं।’ वहीं, रिस्क एनालिस्ट मार्टिन कैली कहते हैं, ‘ऐसा लगता है कि ईरान चुनिंदा जहाजों को वेरिफिकेशन के बाद होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे रहा है, जो ईरानी जलक्षेत्र के अंदर जहाजों के ट्रांजिट के दौरान किया जाता है।’


    नौसेना का ऐक्शन

    रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी से निकलने वाले भारतीय कार्गो के संपर्क में नौसेना बनी रहती है। जहाज जब ईरान की सहमति से एक पॉइंट से गुजर जाता है, तो नौसेना के डेस्ट्रॉयर्स और फ्रिगेट्स कमान संभालते हैं। ये मिलकर जहाज को खतरे के क्षेत्र से बाहर निकालकर ले जाते हैं।


    भारत पहुंचे कई जहाज

    खबर है कि इस मिशन के चलते कई भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से भारत लौट आए हैं। इनमें एलपीजी लाने वाले पाइन गैस और जग वसंत का नाम शामिल है। दोनों मिलकर करीब 92 हजार टन एलपीजी लाए हैं।


    ईरान ने दिया भारतीय जहाजों को रास्ता

    मुंबई में ईरान के कॉन्सुलेट ने एक पोस्ट में कहा, ‘ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची: हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित मित्र देशों के लिए Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे दी है।


    इन लोगों की एलपीजी सप्लाई बंद करने की तैयारी

    पाइप के जरिये आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध होने पर भी इसकी सेवा नहीं लेने वाले उपभोक्ताओं की घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। सरकार ने आदेश जारी कर इसकी जानकारी दी है। यह कदम गैस नेटवर्क के विस्तार को तेज करने और एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि नोटिस मिलने के तीन महीने के भीतर ग्राहकों को पीएनजी अपनानी होगी, ऐसा न करने पर रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।

  • पाकिस्तान में सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटके से कांपी धरती, 4.6 मापी गई तीव्रता

    पाकिस्तान में सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटके से कांपी धरती, 4.6 मापी गई तीव्रता


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) में भूकंप (Earthquake) के तेज झटके लगे हैं. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी National Center for Seismology.- (NCS) के अनुसार, आज सुबह पाकिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र बलूचिस्तान के बारखान से लगभग 55 किलोमीटर उत्तर में स्थित था.


    सुबह-सुबह कांपी धरती

    एनसीएस के अनुसार, भूकंप 26 मार्च 2026 को सुबह 5:56 बजे (भारतीय समय) आया. भूकंप का केंद्र 30.394° उत्तरी अक्षांश और 69.534° पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया, जबकि इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी. भूकंप के झटके आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए, जिससे कुछ समय के लिए लोगों में दहशत फैल गई।


    जान-माल का नुकसान नहीं

    फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है. प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान एक भूकंप संभावित क्षेत्र में स्थित है, क्योंकि यह भारतीय, यूरेशियाई और अरब टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा के पास आता है, जिस कारण इस क्षेत्र में अक्सर भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जाती रहती हैं.


    क्यों आता है भूकंप?

    भूकंप पृथ्वी की सतह के अचानक कंपन को कहते हैं, जो जमीन के अंदर टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने, घर्षण या ऊर्जा मुक्त होने के कारण आता है. यह ऊर्जा शॉक वेव्स के रूप में फैलती है, जिससे जमीन हिलती है और इमारतें गिर सकती हैं. भूकंप को रिक्टर पैमाने पर मापा जाता है और इसके कारण भूस्खलन, सुनामी या आग जैसी आपदाएं आ सकती हैं.

    केंद्र (Epicenter): जमीन के अंदर वह स्थान जहां से भूकंप शुरू होता है, उसे ‘फोकस’ कहते हैं, और ठीक ऊपर सतह पर स्थित स्थान को ‘एपिसेंटर’ कहते हैं.


    भूकंप के दौरान क्या करें?

    मेज के नीचे छिपें और उसे पकड़ें. अगर संभव हो तो इमारतों से दूर, खुले मैदान में चले जाएं. लिफ्ट का प्रयोग न करें. भूकंप के दौरान हमेशा सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.

  • MP: मुरैना में भीषण हादसा… अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार 3 दोस्तों को मौत

    MP: मुरैना में भीषण हादसा… अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार 3 दोस्तों को मौत


    मुरैना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena district) में एक दर्दनाक सड़क हादसे (Road Accidents) ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 पर छौंदा पुल के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार 3 युवकों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान शिवम वर्मा ,विशाल वर्मा और अरुण प्रजापति निवासी रानीपुर के रूप में हुई है।


    माता के दर्शन को निकले थे 5 दोस्त, 3 एक्सीडेंट का शिकार

    जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर में रहकर मजदूरी का काम करने वाले 5 दोस्त दो अलग-अलग बाइक पर सवार होकर राजस्थान के करौली माता मंदिर दर्शन के लिए बुधवार को ग्वालियर से निकले थे। इसी दौरान मुरैना जिले के छौंदा नदी पुल के पास एक अज्ञात ट्रक ने लापरवाही पूर्वक चलाते हुए आगे चल रही एक बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। इस बाइक पर तीन युवक सवार थे।

    हादसे के दौरान दूसरी बाइक से पीछे आ रहे अन्य 2 साथियों ने दुर्घटना का शिकार हुए अपने दोस्तों की पहचान की और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है। सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव के अनुसार दो बाइक पर दोस्त करोली का रहे थे दर्शन के लिए लेकिन रास्ते में ही हादसा हो गया ट्रक को तलाश पुलिस टीम लगी है मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया गया है


    करौली माता के दर्शन करने जा रहे थे दोस्त

    बताया जा रहा है कि तीनों दोस्त ग्वालियर से बाइक पर सवार होकर करौली माता मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी और उनकी जिंदगी का सफर वहीं खत्म हो गया।


    तीन परिवारों के बुझ गए चिराग

    जानकारी के अनुसार शिवम वर्मा और विशाल वर्मा ग्वालियर में रहकर क्रमशः 10वीं और 11वीं की पढ़ाई कर रहे थे, जबकि अरुण प्रजापति मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। तीनों की मौत से उनके गांव रानीपुर में मातम पसरा हुआ है। हादसे की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर मुरैना जिला अस्पताल के मोर्चुरी हाउस भिजवाया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है।


    परिजनों का रो रोकर बुरा हाल

    घटना की जानकारी मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। वहीं, इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की समस्या को उजागर कर दिया है।

  • Bank Holiday: आज कई जगह राम नवमी की छुट्टी… इन शहरों में बंद रहेंगे बैक

    Bank Holiday: आज कई जगह राम नवमी की छुट्टी… इन शहरों में बंद रहेंगे बैक


    नई दिल्ली।
    आज यानी 26 मार्च को देश के कई हिस्सों में बैंकों की छुट्टी (Bank Holiday) है। यह हॉलीडे रामनवमी (Ram Navami) के अवसर पर घोषित किया गया है। इस दिन मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता समेत कई बड़े शहरों में बैंक शाखाएं (Bank Branches) बंद रहेंगी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलेंडर के अनुसार, आज इन प्रमुख शहरों अहमदाबाद, आइजोल, बेलापुर, चंडीगढ़, देहरादून, जयपुर, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर और शिमला में बैंक बंद रहेंगे।

    ध्यान दें कि बैंक छुट्टियां राज्य और स्थानीय त्योहारों के अनुसार अलग-अलग होती हैं, इसलिए पूरे देश में एक साथ बैंक बंद नहीं रहते। बता दें उत्तर प्रदेश में राम नवमी के लिए सरकार ने दो दिन का अवकाश घोषित किया है।

    26 से 31 मार्च तक लंबी छुट्टियां, जानें पूरा शेड्यूल
    मार्च के आखिरी सप्ताह में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने वाला है। 26 मार्च से 31 मार्च के बीच लगातार छुट्टियों के कारण बैंक सिर्फ एक दिन ही खुलेंगे। ऐसे में ग्राहकों को अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लेने की सलाह दी जा रही है।

    दरअसल, 26 और 27 मार्च को रामनवमी के चलते कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 28 मार्च को महीने का चौथा शनिवार होने की वजह से देशभर में बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी। 29 मार्च को रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इन लगातार छुट्टियों के बाद 30 मार्च (सोमवार) को ही बैंक खुलेंगे।

    हालांकि, राहत सिर्फ एक दिन की ही है, क्योंकि 31 मार्च को महावीर जयंती के अवसर पर फिर से बैंक बंद रहेंगे। यानी 26 से 31 मार्च के बीच पूरे 6 दिनों में बैंक सिर्फ 30 मार्च को ही खुलेंगे। इस दौरान ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन शाखाओं से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए चेक क्लियरेंस, कैश डिपॉजिट या अन्य जरूरी बैंकिंग कार्यों के लिए ग्राहकों को पहले से योजना बनाने की जरूरत है।

    इससे पहले भी मार्च की शुरुआत में होली के मौके पर यूपी में लगातार 4 दिन बैंक बंद रहे थे, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर लंबी छुट्टियों का असर बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाला है।

    RBI कैलेंडर के मुताबिक मार्च में 18 छुट्टियां
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हर साल बैंक हॉलिडे कैलेंडर जारी करता है। इसके मुताबिक मार्च 2026 में कुल 18 बैंक छुट्टियां निर्धारित हैं, जिनमें त्योहारों के अलावा रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार भी शामिल हैं। इनमें से अधिकतर बित चुकी हैं।

    क्यों मनाई जाती है राम नवमी: राम नवमी भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है, जो भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। यह दिन देशभर में पूजा, व्रत और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

  • अप्रैल 2026 के व्रत त्योहारों की पूरी लिस्ट हनुमान जयंती से अक्षय तृतीया तक जानें सभी तिथियां

    अप्रैल 2026 के व्रत त्योहारों की पूरी लिस्ट हनुमान जयंती से अक्षय तृतीया तक जानें सभी तिथियां


    नई दिल्ली । मार्च माह के समापन के साथ ही अब अप्रैल 2026 की शुरुआत होने जा रही है जो धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। इस माह में जहां एक ओर चैत्र मास का समापन होगा वहीं दूसरी ओर पवित्र वैशाख माह का आरंभ भी होगा। इस पूरे महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं जिनका विशेष धार्मिक महत्व है और जिनका पालन करने से श्रद्धालुओं को पुण्य की प्राप्ति होती है।

    अप्रैल माह की शुरुआत के साथ ही 2 अप्रैल को हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा का व्रत मनाया जाएगा। यह दिन भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इसके अगले दिन 3 अप्रैल से वैशाख माह का आरंभ हो जाएगा जो हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है।

    महीने के प्रारंभिक दिनों में 5 अप्रैल को विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा जबकि 9 अप्रैल को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी और 10 अप्रैल को कालाष्टमी का व्रत मनाया जाएगा। इसके बाद 13 अप्रैल को वरुथिनी एकादशी का विशेष महत्व है जो भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इसी दिन वल्लभाचार्य जयंती भी मनाई जाएगी।

    14 अप्रैल को मेष संक्रांति के साथ सूर्य के राशि परिवर्तन का पर्व मनाया जाएगा जबकि 15 अप्रैल को मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत का संयोग रहेगा। 17 अप्रैल को वैशाख अमावस्या का दिन होगा जो पितरों के तर्पण और दान पुण्य के लिए विशेष माना जाता है।

    अप्रैल माह के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन किए गए शुभ कार्य और दान का फल अक्षय माना जाता है यानी कभी समाप्त नहीं होता। इसी दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाती है।

    इसके अलावा 21 अप्रैल को आदि शंकराचार्य जयंती और सूरदास जयंती मनाई जाएगी जबकि 23 अप्रैल को गंगा सप्तमी का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। 24 अप्रैल को बगलामुखी जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी का संयोग रहेगा।

    महीने के अंतिम दिनों में 25 अप्रैल को सीता नवमी व्रत रखा जाएगा और 27 अप्रैल को मोहिनी एकादशी का महत्व रहेगा। इसके बाद 28 अप्रैल को प्रदोष व्रत और 30 अप्रैल को नृसिंह जयंती मनाई जाएगी जो भगवान विष्णु के अवतार से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है।

    वैशाख माह का विशेष महत्व भी इस पूरे महीने को और अधिक पावन बनाता है। इस दौरान गंगा स्नान दान पुण्य और भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस माह में किए गए धार्मिक कार्यों का फल अक्षय होता है और जीवन में सुख समृद्धि आती है।

    इस प्रकार अप्रैल 2026 का महीना आस्था भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है जिसमें अनेक महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करेंगे।

  • कमर दर्द सिर्फ मांसपेशियों का खिंचाव नहीं ये 4 गंभीर कारण भी हो सकते हैं जिम्मेदार

    नई दिल्ली: कमर दर्द आज के समय में एक आम समस्या बन चुका है लेकिन इसे हमेशा सिर्फ मांसपेशियों के खिंचाव तक सीमित मान लेना सही नहीं है। लंबे समय तक बैठने गलत पोस्चर और कम शारीरिक गतिविधि के कारण यह समस्या बढ़ जाती है। लेकिन जब दर्द लगातार बना रहे तो इसके पीछे कई गंभीर कारण भी हो सकते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

    विशेषज्ञों के अनुसार कमर दर्द का एक बड़ा कारण रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद डिस्क में आने वाली समस्या हो सकती है। यह डिस्क कुशन की तरह काम करती है और जब यह उभर जाती है या खराब हो जाती है तो रीढ़ पर दबाव बढ़ता है जिससे तेज और लगातार दर्द होने लगता है। इसे नजरअंदाज करना आगे चलकर और गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

    इसके अलावा रीढ़ की हड्डी में छोटे फ्रैक्चर भी कमर दर्द का कारण बन सकते हैं। इन फ्रैक्चर को कंप्रेशन फ्रैक्चर कहा जाता है जो हड्डियों को कमजोर और अस्थिर बना देते हैं। यह समस्या अक्सर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों में देखने को मिलती है जहां हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि सामान्य गतिविधियों जैसे खांसने या झुकने पर भी फ्रैक्चर हो सकता है।

    एक और गंभीर कारण है स्पाइनल स्टेनोसिस। इस स्थिति में रीढ़ की हड्डी के अंदर की जगह संकरी हो जाती है जिससे नसों पर दबाव पड़ता है। इसके चलते मरीज को जलन वाला दर्द पैरों में कमजोरी ऐंठन और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। कई बार यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति को मूत्र संबंधी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है।

    इसके अलावा अन्य कारणों में नसों का दबना चोट पुरानी सूजन या गलत जीवनशैली भी शामिल हो सकती है। लगातार एक ही जगह बैठना भारी वजन उठाना या गलत तरीके से झुकना भी कमर दर्द को बढ़ा सकता है। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते सही जांच कराई जाए और समस्या की जड़ को समझा जाए।

    डॉक्टर्स की सलाह के अनुसार अगर कमर दर्द कुछ दिनों से ज्यादा बना रहे या इसके साथ सुन्नपन कमजोरी या तेज जलन महसूस हो तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। सही समय पर इलाज और सही लाइफस्टाइल अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।

    कमर दर्द को हल्के में लेना कई बार बड़ी समस्या का कारण बन सकता है इसलिए जरूरी है कि इसे नजरअंदाज न करें और समय रहते इसका सही समाधान करें।