Blog

  • गमले या आंगन में उगाएं जामुन का पेड़, पौधा लगाने से लेकर खाद-पानी और प्रूनिंग तक जानें आसान देखभाल के तरीके

    गमले या आंगन में उगाएं जामुन का पेड़, पौधा लगाने से लेकर खाद-पानी और प्रूनिंग तक जानें आसान देखभाल के तरीके

    नई दिल्ली । घर के आंगन, किचन गार्डन या बड़े गमले में फलदार पौधे लगाने का शौक रखने वालों के लिए जामुन का पौधा एक अच्छा विकल्प हो सकता है। जामुन गर्म जलवायु में अच्छी तरह विकसित होने वाला फलदार पेड़ है और उचित देखभाल मिलने पर लंबे समय तक बढ़ता रहता है। मानसून के दौरान मिट्टी में नमी रहने के कारण पौधे को नई जगह पर स्थापित होने में मदद मिल सकती है। हालांकि पौधा लगाने से पहले जगह, मिट्टी, पानी और धूप से जुड़ी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।

    घर पर जामुन उगाने के लिए बीज के बजाय अच्छी नर्सरी से स्वस्थ पौधा लेना अधिक सुविधाजनक हो सकता है। बीज से तैयार पौधे को फल देने में ज्यादा समय लग सकता है, जबकि अच्छी किस्म का ग्राफ्टेड या नर्सरी से प्राप्त पौधा अपेक्षाकृत जल्दी फल देने की स्थिति में पहुंच सकता है। पौधा खरीदते समय उसकी किस्म, उम्र और फल आने की संभावित अवधि की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

    जामुन का पौधा लगाने के लिए ऐसी जगह का चुनाव करें जहां रोजाना पर्याप्त मात्रा में धूप पहुंचती हो। सीधी धूप मिलने से पौधे की बढ़त बेहतर हो सकती है। अगर इसे जमीन में लगाया जा रहा है तो आसपास पर्याप्त खुली जगह होना जरूरी है, क्योंकि समय के साथ जामुन का पेड़ काफी बड़ा हो सकता है। इसे दीवार, पाइप, फर्श या दूसरी स्थायी संरचनाओं से उचित दूरी पर लगाना बेहतर रहता है।

    मिट्टी का चुनाव भी पौधे की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है। जामुन के पौधे के लिए ऐसी मिट्टी बेहतर रहती है जिसमें पानी आसानी से निकल सके। जिस मिट्टी में लंबे समय तक पानी जमा रहता है, वहां जड़ों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। पौधा लगाने से पहले मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद या कंपोस्ट मिलाने से मिट्टी की संरचना बेहतर करने और शुरुआती पोषण देने में मदद मिल सकती है।

    जमीन में पौधा लगाने के लिए उसकी जड़ों के आकार से थोड़ा बड़ा गड्ढा तैयार करें। गड्ढे में मिट्टी और कंपोस्ट का मिश्रण डालकर पौधे को सावधानी से रखें। इस दौरान जड़ों को मोड़ने या दबाने से बचें। पौधा लगाने के बाद आसपास की मिट्टी को हल्के हाथ से दबाएं और पर्याप्त पानी दें। हालांकि शुरुआती दिनों में मिट्टी को लगातार बहुत ज्यादा गीला रखने से बचना चाहिए।

    अगर जामुन का पौधा गमले में लगाना चाहते हैं तो सामान्य छोटे गमले के बजाय बड़ा और मजबूत कंटेनर चुनना बेहतर रहेगा। गमले के नीचे पानी की निकासी के लिए पर्याप्त छेद होने चाहिए। जैसे-जैसे पौधे की जड़ें और आकार बढ़ें, जरूरत के अनुसार उसे बड़े कंटेनर में स्थानांतरित किया जा सकता है। गमले में उगाए गए पौधे के लिए धूप और पानी की मात्रा पर विशेष नजर रखना जरूरी है।

    नए लगाए गए पौधे को शुरुआत में नियमित सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन हर बार पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी परत की नमी जांचना बेहतर है। यदि मिट्टी पहले से नम है तो तुरंत पानी देने की आवश्यकता नहीं होती। पौधे के स्थापित होने के बाद पानी की जरूरत मौसम, मिट्टी और पौधे की स्थिति के अनुसार बदल सकती है।

    अच्छी ग्रोथ के लिए समय-समय पर जैविक कंपोस्ट या उपयुक्त खाद दी जा सकती है। बहुत अधिक खाद देने से बचना चाहिए। सूखी, कमजोर और आपस में रगड़ खाने वाली शाखाओं को समय-समय पर हटाने से पौधे का आकार व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है। फल आने का समय जामुन की किस्म, पौधे की उम्र, मौसम और देखभाल पर निर्भर करता है। इसलिए पौधा लगाते समय धैर्य रखना जरूरी है। सही पौधा, पर्याप्त धूप, अच्छी जल निकासी और संतुलित देखभाल के साथ घर में लगाया गया जामुन का पौधा आने वाले वर्षों में फलदार पेड़ का रूप ले सकता है।

  • शेयर बाजार में आज बनेगा तेजी या गिरावट का माहौल? 11 अगस्त को इन फैक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर

    शेयर बाजार में आज बनेगा तेजी या गिरावट का माहौल? 11 अगस्त को इन फैक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर


    नई दिल्ली । 11 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत सावधानी और सतर्कता के साथ होने की उम्मीद है। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी ने दिनभर उतार चढ़ाव के बीच कारोबार किया और अंत में लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। ऐसे में मंगलवार के कारोबार में निवेशकों की नजर घरेलू संकेतों के साथ वैश्विक बाजारों के रुख विदेशी निवेशकों की गतिविधियों कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी रहेगी। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा माहौल में एकतरफा तेजी की उम्मीद करने के बजाय सेक्टर और शेयर आधारित कारोबार ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।

    निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि बाजार फिलहाल संवेदनशील स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है। पिछले सप्ताह के तकनीकी संकेतों में निफ्टी के लिए करीब 24150 से 24050 का क्षेत्र अहम सपोर्ट जोन माना गया था जबकि 24400 से 24450 के आसपास का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध के तौर पर देखा गया। यदि बाजार इन स्तरों के ऊपर मजबूती बनाए रखता है तो खरीदारी का रुझान बढ़ सकता है जबकि कमजोरी की स्थिति में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।

    11 अगस्त को बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रह सकती है। पिछले सत्र में पीएसयू बैंक इंडेक्स पर दबाव देखने को मिला था इसलिए इस सेक्टर में कारोबार करते समय सावधानी जरूरी होगी। दूसरी ओर रियल्टी सेक्टर में मजबूती ने बाजार को कुछ सहारा दिया। ऐसे में जिन सेक्टरों में लगातार खरीदारी दिखाई दे रही है उनमें अवसर तलाशे जा सकते हैं लेकिन किसी भी शेयर में केवल तेजी देखकर जल्दबाजी में पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है।

    बाजार की दिशा तय करने में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी। अगर विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बढ़ती है तो बाजार पर दबाव बन सकता है वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी गिरावट को सीमित करने में मदद कर सकती है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिलने वाले संकेत भी भारतीय बाजार की शुरुआती चाल को प्रभावित कर सकते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारतीय अर्थव्यवस्था और उन कंपनियों के लिए चिंता का कारण बन सकती है जिनकी लागत ईंधन पर निर्भर करती है।

    कंपनियों के तिमाही नतीजे भी इस समय बाजार के लिए अहम ट्रिगर बने हुए हैं। बेहतर कमाई और मजबूत भविष्य के संकेत देने वाली कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिल सकती है जबकि कमजोर नतीजों वाली कंपनियों में दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को सिर्फ इंडेक्स की दिशा देखने के बजाय कंपनियों के नतीजों और उनके कारोबारी प्रदर्शन पर भी नजर रखनी चाहिए। सप्ताह के लिए बाजार के आउटलुक में भी कॉरपोरेट अर्निंग्स और मैक्रो आर्थिक परिस्थितियों को महत्वपूर्ण माना गया है।

    कुल मिलाकर 11 अगस्त को शेयर बाजार में तेजी और गिरावट दोनों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है। बाजार अगर महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों के ऊपर बना रहता है तो धीरे धीरे खरीदारी लौट सकती है जबकि कमजोर वैश्विक संकेत विदेशी बिकवाली या अहम सपोर्ट टूटने की स्थिति में दबाव बढ़ सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए धैर्य रखना जोखिम का सही आकलन करना और बिना पूरी जानकारी के किसी शेयर में बड़ा दांव लगाने से बचना बेहतर रणनीति हो सकती है। यह बाजार विश्लेषण सामान्य जानकारी के लिए है इसे निवेश की सलाह न माना जाए और निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना उचित है।

  • भोपाल में पुलिस आरक्षक को बनाया बंधक! रातभर कार में घुमाया और जंगल में फेंकने की दी धमकी

    भोपाल में पुलिस आरक्षक को बनाया बंधक! रातभर कार में घुमाया और जंगल में फेंकने की दी धमकी


    भोपाल । भोपाल में नाइट गश्त के दौरान खुले में शराब पी रहे दो युवकों को रोकना एक पुलिस आरक्षक के लिए बेहद खतरनाक साबित हुआ। शाहपुरा थाना क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों ने जब कार में शराब पी रहे युवकों को थाने चलने के लिए कहा तो आरोपियों ने आरक्षक को ही अपनी कार में बैठा लिया और थाने ले जाने के बजाय उसे रातभर शहर में घुमाते रहे। इस दौरान आरक्षक के साथ मारपीट की गई और उसे जंगल में ले जाकर फेंकने की धमकी भी दी गई। हालांकि आरक्षक ने हिम्मत और सूझबूझ दिखाते हुए अपने साथी को मोबाइल से लाइव लोकेशन भेज दी जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

    घटना 8 और 9 अगस्त की दरमियानी रात की बताई जा रही है। शाहपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक सुंदर पटेल और आरक्षक मयंक ठाकुर नाइट रूटीन ड्यूटी पर थे। गश्त के दौरान दोनों पुलिसकर्मी दाना पानी रेस्टोरेंट के सामने पहुंचे। यहां उन्हें एक कार में दो युवक शराब पीते हुए दिखाई दिए। पुलिसकर्मियों ने दोनों युवकों से पूछताछ की और उन्हें थाने चलने के लिए कहा।

    इसके बाद आरक्षक मयंक ठाकुर बाइक से थाने की ओर निकल गए जबकि आरक्षक सुंदर पटेल दोनों युवकों की कार में बैठ गए। पुलिस के मुताबिक कार में सवार भूपेंद्र शर्मा और ऋषि नामदेव ने आरक्षक को शाहपुरा थाने ले जाने के बजाय कार को दूसरी दिशा में दौड़ा दिया। आरक्षक को कुछ समझ आता उससे पहले ही दोनों आरोपी उसे लेकर एमपी नगर की तरफ निकल गए।

    कार के भीतर आरक्षक के साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने उसे जंगल में ले जाकर फेंकने की धमकी भी दी। खतरे को भांपते हुए सुंदर पटेल ने किसी तरह अपने साथी आरक्षक को मोबाइल से अपनी लाइव लोकेशन शेयर कर दी। जब आरोपियों को इसका पता चला तो उन्होंने आरक्षक के साथ दोबारा मारपीट शुरू कर दी। इसके बावजूद आरक्षक ने हिम्मत नहीं छोड़ी।

    आरक्षक मयंक ठाकुर को मिली लोकेशन के आधार पर उन्होंने बाइक से कार का पीछा शुरू कर दिया। आरोपी गणेश मंदिर होते हुए डीबी मॉल की तरफ पहुंचे। जीजी फ्लाईओवर के पास ट्रैफिक और पुलिस की घेराबंदी के कारण कार की रफ्तार धीमी हुई। इसी मौके का फायदा उठाकर सुंदर पटेल ने कार का दरवाजा खोला और बाहर कूद गए। आरोपियों ने कार रोकी और उन्हें फ्लाईओवर के पास उतारकर वहां से फरार हो गए।

    घटना के बाद पुलिस ने कार के नंबर और आसपास लगे CCTV कैमरों की मदद से दोनों आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भूपेंद्र शर्मा और ऋषि नामदेव को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ अपहरण शासकीय कार्य में बाधा डालने मारपीट और धमकी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार भूपेंद्र शर्मा मूल रूप से गंजबासौदा का रहने वाला है और उसके खिलाफ विदिशा में हत्या के प्रयास का मामला पहले से दर्ज है। वह हाल ही में कोलार इलाके में रहने आया था। दूसरा आरोपी ऋषि नामदेव बावड़िया कला क्षेत्र का निवासी बताया गया है। दोनों आरोपी ड्राइवरी का काम करते हैं। पुलिस के मुताबिक घटना में इस्तेमाल कार एक ट्रैवल्स कंपनी से अटैच है।

    शाहपुरा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में अपहरण शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब घटना के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आरोप सिद्ध होने पर संबंधित धाराओं के तहत आरोपियों को कई वर्षों तक की सजा और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

  • मंगलवार को ऐसे करें हनुमान जी की पूजा, संकट होंगे दूर और पूरी होंगी मनोकामनाएं; जानें आसान उपाय

    मंगलवार को ऐसे करें हनुमान जी की पूजा, संकट होंगे दूर और पूरी होंगी मनोकामनाएं; जानें आसान उपाय


    नई दिल्ली । मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि विधान से बजरंगबली की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायता मिलती है। हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है और भक्त मानते हैं कि सच्ची श्रद्धा से उनका स्मरण करने वाले व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी साहस मिलता है। मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में दर्शन करने और पूजा पाठ करने की विशेष परंपरा है।

    हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करना शुभ माना जाता है। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर पूजा स्थान की सफाई करें और भगवान हनुमान की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। पूजा के दौरान मन को शांत रखते हुए बजरंगबली का ध्यान करना चाहिए। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि हनुमान चालीसा के नियमित पाठ से मन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ता है।

    मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है। भक्त लाल फूल और लाल वस्त्र भी अर्पित कर सकते हैं। कई स्थानों पर बजरंगबली को गुड़ और चने का भोग लगाने की परंपरा है। पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री हमेशा श्रद्धा और स्वच्छता के साथ अर्पित करनी चाहिए। पूजा के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों और जरूरतमंद लोगों में बांटना शुभ माना जाता है।

    मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंत्रों का जाप करना भी विशेष फलदायी माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार हनुमान मंत्र या राम नाम का जाप कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में भगवान हनुमान को भगवान श्रीराम का परम भक्त बताया गया है इसलिए राम नाम का स्मरण भी हनुमान भक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। पूजा के दौरान क्रोध और नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए तथा मन में सेवा और सद्भाव की भावना बनाए रखनी चाहिए।

    मंगलवार को कुछ लोग व्रत भी रखते हैं। व्रत रखने वाले व्यक्ति अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार फलाहार या सात्विक भोजन कर सकते हैं। किसी भी व्रत में शरीर की जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी है। धार्मिक आस्था के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

    हनुमान जी की पूजा केवल पूजा सामग्री तक सीमित नहीं मानी जाती। जरूरतमंदों की मदद करना बुजुर्गों का सम्मान करना पशु पक्षियों के प्रति दया रखना और दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करना भी सकारात्मक जीवनशैली का हिस्सा है। मंगलवार के दिन सेवा और दान करने की परंपरा भी कई भक्तों में देखने को मिलती है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार के दिन नशे और गलत आदतों से दूर रहना चाहिए। किसी का अपमान करने झूठ बोलने या क्रोध में किसी को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए। माना जाता है कि सच्ची भक्ति वही है जिसमें पूजा के साथ आचरण में भी सकारात्मक बदलाव दिखाई दे।

    कुल मिलाकर मंगलवार का दिन हनुमान भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन स्वच्छता श्रद्धा संयम और सकारात्मक सोच के साथ बजरंगबली की पूजा करने से मन को शांति और आत्मबल मिलने की अनुभूति हो सकती है। हालांकि पूजा के नियम और मान्यताएं अलग अलग परंपराओं में भिन्न हो सकती हैं इसलिए इन्हें धार्मिक आस्था और परंपरा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

  • आजादी के वक्त भोपाल में हुआ था बड़ा फैसला, 14 अगस्त की रात 8:15 बजे बदली तस्वीर; 10 दिन तक दुनिया से छिपी रही बात

    आजादी के वक्त भोपाल में हुआ था बड़ा फैसला, 14 अगस्त की रात 8:15 बजे बदली तस्वीर; 10 दिन तक दुनिया से छिपी रही बात


    भोपाल  भारत में मुस्लिम रियासतों की स्वतंत्र पहचान और स्वायत्तता सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी सोच के चलते नवाब भोपाल को भारत और पाकिस्तान दोनों से अलग एक स्वतंत्र रियासत के रूप में बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन आजादी के साथ बदलते राजनीतिक समीकरणों ने उनकी योजनाओं को धीरे धीरे कमजोर कर दिया।

    पाकिस्तान के साथ संभावित राजनीतिक रास्ते को लेकर भी कोशिशें की गईं लेकिन यह योजना सफल नहीं हो सकी। दूसरी ओर स्वतंत्र रियासत के रूप में भोपाल का अस्तित्व बनाए रखना भी लगातार मुश्किल होता जा रहा था। ऐसे राजनीतिक दबाव के बीच आखिरकार 14 अगस्त 1947 की रात करीब 8 बजकर 15 मिनट पर नवाब हमीदुल्ला खान ने भारतीय संघ में शामिल होने के लिए इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन पर हस्ताक्षर कर दिए। इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर होते ही संवैधानिक रूप से भोपाल भारत का हिस्सा बन गया।

    हालांकि यह पूर्ण विलय नहीं था। इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन के तहत भोपाल ने रक्षा विदेश मामले और संचार जैसे महत्वपूर्ण विषय भारत सरकार को सौंपे थे जबकि आंतरिक प्रशासन कानून व्यवस्था और शासन की जिम्मेदारी नवाब के पास ही बनी रही। यानी संवैधानिक स्तर पर भोपाल भारत से जुड़ चुका था लेकिन रियासत के भीतर नवाबशाही का प्रभाव तत्काल खत्म नहीं हुआ था।

    इस फैसले को लेकर एक दिलचस्प पहलू यह भी था कि नवाब ने हस्ताक्षर करने के बाद तत्काल इसकी सार्वजनिक घोषणा नहीं करने का अनुरोध किया। उन्होंने गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंटबेटन से करीब 10 दिन तक इस फैसले को गोपनीय रखने की इच्छा जताई। माउंटबेटन ने उनकी बात स्वीकार कर ली थी। हालांकि यह खबर लंबे समय तक छिपी नहीं रह सकी। भारत सरकार के स्टेट्स डिपार्टमेंट के सचिव वीपी मेनन इस पूरी प्रक्रिया से परिचित थे। बाद में उन्होंने अपनी पुस्तक द स्टोरी ऑफ द इंटिग्रेशन ऑफ द इंडियन स्टेट्स में रियासतों के एकीकरण की प्रक्रिया का विस्तार से उल्लेख किया।

    भोपाल के इतिहास का सबसे दिलचस्प विरोधाभास यह था कि जिस समय महल के भीतर भारत से जुड़ने का ऐतिहासिक फैसला हो चुका था उसी समय शहर की सड़कों पर आजादी का जश्न मनाने की तैयारियां चल रही थीं। 15 अगस्त 1947 की सुबह भोपाल में सार्वजनिक अवकाश था। यादगार ए शाहजहानी पार्क में पंडित चतुरनारायण मालवीय की अध्यक्षता में प्रजामंडल की बड़ी सभा आयोजित हुई। आम लोग देश की आजादी का उत्सव मना रहे थे लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि एक रात पहले ही भोपाल के भविष्य को लेकर बड़ा संवैधानिक फैसला हो चुका है।

    इसके बाद 16 अगस्त को लॉर्ड माउंटबेटन ने भी भोपाल के इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन को मंजूरी दे दी। इस तरह भोपाल का भारत से संवैधानिक संबंध और मजबूत हुआ। हालांकि पूर्ण राजनीतिक एकीकरण की प्रक्रिया बाद में आगे बढ़ी और अंततः भोपाल रियासत का भारतीय संघ में पूरा विलय हुआ।

    भोपाल के भारत में शामिल होने की यह कहानी सिर्फ एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर की कहानी नहीं है बल्कि यह उस दौर के बदलते राजनीतिक समीकरणों स्वतंत्र रियासतों की चिंताओं और आजाद भारत के निर्माण की जटिल प्रक्रिया को भी सामने लाती है। 14 अगस्त 1947 की वह रात भोपाल के इतिहास में इसलिए खास बन गई क्योंकि उसी रात एक रियासत ने बदलते समय की वास्तविकता को स्वीकार करते हुए भारत के साथ अपने संवैधानिक रिश्ते की शुरुआत की।

  • JPSC-JSSC विवाद: लाठीचार्ज के विरोध में आज झारखंड बंद, 17वें दिन भी जारी छात्रों का आंदोलन

    JPSC-JSSC विवाद: लाठीचार्ज के विरोध में आज झारखंड बंद, 17वें दिन भी जारी छात्रों का आंदोलन


    रांची। झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन 17वें दिन भी जारी है। सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के बाद विवाद और बढ़ गया। छात्रों के समर्थन में बीजेपी ने मंगलवार, 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया है। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से शांति बनाए रखने और सरकार पर भरोसा रखने की अपील की है।

    आंदोलन के बीच JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते की गिरफ्तारी, तीन भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और 14वीं JPSC परीक्षा से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की ED जांच को मंजूरी जैसे कदम भी सामने आए हैं। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।

    विधानसभा घेराव में पुलिस से भिड़े छात्र
    JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा का घेराव करने पहुंचे थे। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कई छात्र विधानसभा के गेट तक पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

    घटना के दौरान कई छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई। तनाव के चलते विधानसभा की कार्यवाही भी प्रभावित हुई। बाद में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया। अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की देर शाम तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    छात्र नेता रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि छात्र पूरे दिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन शाम को पुलिस ने बल प्रयोग किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। उन्होंने दावा किया कि कुछ छात्रों के साथ मारपीट भी हुई। पासवान के मुताबिक, आंदोलन अब सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जन आंदोलन का रूप ले चुका है।

    सीएम सोरेन ने की शांति की अपील
    घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से सुन रही है। मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वरिष्ठ मंत्री लगातार छात्रों से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, सोरेन ने कुछ विपक्षी नेताओं पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप भी लगाया और छात्रों से किसी के बहकावे में नहीं आने की अपील की।

    लाठीचार्ज के खिलाफ बीजेपी का आज बंद
    10 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद बीजेपी ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार, 11 अगस्त को झारखंड बंद का ऐलान किया। रांची में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और बाबूलाल मरांडी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। बीजेपी नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए था। पार्टी ने प्रदेश के लोगों से बंद को समर्थन देने की अपील की है।

    राहुल गांधी ने भी उठाया लाठीचार्ज का मुद्दा
    छात्रों का आंदोलन अब राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग पर सवाल उठाते हुए झारखंड सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की। उनके बयान पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्यों में छात्रों के मुद्दे उठाते हैं, जबकि सहयोगी दलों की सरकार वाले राज्यों में उनका रुख अलग होता है।

    कांग्रेस की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि झारखंड सरकार में कांग्रेस भागीदार है, लेकिन JPSC-JSSC मामले में पार्टी किसी भी तरह से शामिल नहीं है। उन्होंने परीक्षाओं में गड़बड़ी की बात स्वीकार करते हुए छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया और लाठीचार्ज व आंसू गैस के इस्तेमाल को गलत बताया।

    अंबा प्रसाद ने मामले की CBI जांच की मांग की। उनका तर्क है कि शिक्षा, गृह और पुलिस विभाग मुख्यमंत्री के अधीन हैं और JPSC का गठन भी सरकार की सिफारिश पर होता है। ऐसे में CID की जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं।

    सरकार तीन परीक्षाएं कर चुकी है रद्द
    सरकार JPSC-JSSC विवाद के बीच तीन भर्ती परीक्षाएं रद्द करने का फैसला पहले ही ले चुकी है। इनमें 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भी शामिल है। सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच ED से कराने की मांग भी स्वीकार कर ली है। हालांकि, छात्र संगठन अभी भी CBI जांच की मांग पर कायम हैं।

    पूर्व JPSC चेयरमैन एल खियांग्ते गिरफ्तार
    विवाद के बीच JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते को CID ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले 3 अगस्त को उनसे करीब 7 घंटे तक पूछताछ की गई थी। यह कार्रवाई JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत हुई। इसी मामले में CID ने राज्यभर में 18 स्थानों पर छापेमारी भी की थी।

    22 जुलाई 2026 को CID की छापेमारी के बाद खियांग्ते ने JPSC चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि निष्पक्ष जांच के लिए पद छोड़ना उचित है। खियांग्ते पर JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा के लिए पहले से ब्लैकलिस्टेड कंपनी TSR Data Processing Limited (TDPL) को काम देने का आरोप है। प्रदर्शनकारी छात्र TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। रविवार को JPSC के तीन सदस्यों ने भी इस्तीफा दिया था।

    मुख्य सचिव पद से रिटायर होने के बाद बने थे चेयरमैन
    एल खियांग्ते राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद पिछले साल फरवरी में JPSC के चेयरमैन नियुक्त हुए थे। उन पर झारखंड में कई परीक्षाओं के संचालन का ठेका TDPL को देने का आरोप है। TDPL को JSSC ने कथित अनियमितताओं के चलते ब्लैकलिस्ट किया था। इसके बावजूद एजेंसी को परीक्षा संबंधी काम दिए जाने को लेकर सवाल उठे हैं। TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने आरोप लगाया था कि खियांग्ते ने ठेका देने के बदले 2 करोड़ रुपये और सभी भुगतानों पर 20 फीसदी कमीशन की मांग की थी। हालांकि, ये आरोप हैं और झारखंड CID की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

    अभय तिवारी के पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र
    विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों के हाथों में अभय तिवारी के पोस्टर भी नजर आए। छात्र उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। CID के अनुसार, अभय तिवारी पहले TDPL में मार्केटिंग मैनेजर था और बाद में गोड्डा जिले में ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर बना। जांच एजेंसी के मुताबिक, परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में उसका नाम सामने आया है।

    अभय तिवारी पर आरोप है कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं में ‘गारंटीड सिलेक्शन’ का दावा कर अभ्यर्थियों से 25 से 40 लाख रुपये तक मांगता था। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है। प्रदर्शनकारियों के पोस्टरों में उसके कथित रिश्तेदारों के अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में चयन और रैंक का भी दावा किया गया।

    अब बातचीत से निकलेगा रास्ता या बढ़ेगा आंदोलन?
    JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्र अभी भी CBI जांच समेत अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। सरकार बातचीत और परीक्षा व्यवस्था में सुधार का भरोसा दे रही है, जबकि बीजेपी ने लाठीचार्ज के विरोध में बंद का ऐलान कर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे में मंगलवार के झारखंड बंद और सरकार-छात्र संगठनों के बीच आगे होने वाली बातचीत पर सबकी नजर रहेगी। अब यह देखना अहम होगा कि सरकार की ओर से उठाए गए कदम आंदोलन को शांत कर पाते हैं या छात्रों का प्रदर्शन और व्यापक रूप लेता है।

  • एमपी में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम का असर लगातार देखने को मिल रहा है। मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से पिछले दो दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। राजधानी भोपाल में 24 घंटे के दौरान करीब 7 इंच वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई कॉलोनियों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। नदियों और नालों के उफान पर आने से कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा।

    भारी बारिश का असर सीहोर, शाजापुर, विदिशा, मंडला और राजगढ़ जिलों में भी देखने को मिला। राजगढ़ के ब्यावरा क्षेत्र में रेलवे अंडरपास में पानी भरने से करीब 25 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। विदिशा में बाढ़ के पानी में फंसे 17 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं राजगढ़ में नाले में एक ईको वैन बह जाने से तीन बच्चों और दो महिलाओं सहित नौ लोगों की मौत हो गई।

    सीहोर जिले में भीलाखेड़ी नदी के पास एक मकान में एक ही परिवार के 10 लोग पानी से घिर गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    आज इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार के लिए नीमच, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना है।

    नदियां उफान पर, कई पुल डूबे
    रायसेन जिले में लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। सांची रोड स्थित पगनेश्वर क्षेत्र और भोपाल रोड पर जाखा बेतवा नदी के छोटे पुल पानी में डूब गए। कई इलाकों में पानी खेतों तक पहुंच गया। मंगलवार सुबह तक जिले में रुक-रुककर बारिश जारी रही।

    बारिश की स्थिति को देखते हुए भोपाल और आगर-मालवा जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।

  • 11 अगस्त का राशिफल: किसी को धन लाभ तो किसी को करियर में नई जिम्मेदारी, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    11 अगस्त का राशिफल: किसी को धन लाभ तो किसी को करियर में नई जिम्मेदारी, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली । 11 अगस्त 2026 का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीद और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। ग्रहों की स्थिति के प्रभाव से कुछ जातकों को नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं तो कुछ लोगों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आज जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान का कारण बन सकता है इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले परिस्थितियों को अच्छी तरह समझना आपके लिए बेहतर रहेगा। कार्यक्षेत्र से लेकर परिवार और आर्थिक स्थिति तक आज कई राशियों के लिए दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है।

    मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन मेहनत और आत्मविश्वास से भरपूर रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कर सकती है। लंबे समय से अटका हुआ कोई काम आज पूरा होने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। आत्मविश्वास के साथ काम करने पर सफलता मिलने की संभावना है।

    वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक दृष्टि से दिन अच्छा रह सकता है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने के संकेत हैं। कारोबार से जुड़े लोगों को कोई नया और लाभकारी अवसर मिल सकता है। हालांकि पैसों से जुड़े फैसले सोच समझकर लेना बेहतर रहेगा।

    मिथुन राशि के जातकों का दिन व्यस्तता से भरा रह सकता है। काम का दबाव बढ़ सकता है लेकिन आपकी समझदारी और बेहतर योजना के कारण कई परेशानियां आसानी से दूर हो सकती हैं। एक साथ कई जिम्मेदारियां मिलने पर प्राथमिकता तय करके काम करना लाभकारी रहेगा।

    कर्क राशि वालों के लिए परिवार का सहयोग आज बड़ी ताकत बनेगा। घर में सुखद और सकारात्मक माहौल बना रह सकता है। नौकरी करने वाले लोगों को अपनी मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद है। परिवार के किसी सदस्य से महत्वपूर्ण सहयोग भी मिल सकता है।

    सिंह राशि के लिए आज का दिन करियर के लिहाज से खास रह सकता है। नई जिम्मेदारी मिलने के साथ पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत हैं। आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना हो सकती है और कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत हो सकती है।

    कन्या राशि के जातकों को आज अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। बिना सोचे समझे खरीदारी करने से बजट बिगड़ सकता है। जरूरी खर्च और गैरजरूरी खर्च के बीच अंतर करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

    तुला राशि वालों को रिश्तों और काम के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा। किसी करीबी व्यक्ति से मिली सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। बातचीत के जरिए पुराने मतभेद दूर करने का अवसर भी मिल सकता है।

    वृश्चिक राशि के जातकों को अपनी मेहनत का पूरा लाभ मिलने की उम्मीद है। व्यापार से जुड़े लोगों के सामने नई डील या कमाई का अवसर आ सकता है। किसी पुराने प्रयास का सकारात्मक परिणाम भी सामने आ सकता है।

    धनु राशि वालों के लिए यात्रा या किसी नए काम की शुरुआत के योग बन रहे हैं। नई योजना पर काम शुरू करने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना आपके लिए लाभकारी रहेगा। जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा।

    मकर राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ संबंध बेहतर हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है।

    कुंभ राशि वालों के लिए दिन मिलाजुला रहने वाला है। पुरानी चिंता कम हो सकती है लेकिन किसी जरूरी काम को पूरा करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। धैर्य बनाए रखना आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण रहेगा।

    मीन राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रहने वाला है। धन लाभ के साथ परिवार में खुशियां आने के संकेत हैं। लंबे समय से अटका हुआ कोई काम पूरा हो सकता है और मानसिक संतुष्टि भी मिल सकती है।

    कुल मिलाकर 11 अगस्त का दिन कई राशियों के लिए अवसरों और सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहा है। किसी को करियर में तरक्की मिल सकती है तो किसी के लिए धन लाभ के रास्ते खुल सकते हैं। हालांकि राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित होता है इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों को जरूर ध्यान में रखें।

  • कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, 77 लोगों की मौत, कई इमारतें क्षतिग्रस्त

    कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, 77 लोगों की मौत, कई इमारतें क्षतिग्रस्त


    बोगोटा।
    दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार सुबह आए शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही हुई है। रिक्टर पैमाने पर 7.4 तीव्रता के भूकंप के झटकों से पश्चिमी कोलंबिया के कई इलाकों में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई स्थानों पर लोग मलबे में फंस गए। अब तक कम से कम 77 लोगों की मौत की सूचना है। राहत एवं बचाव कार्य जारी रहने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

    भूकंप का केंद्र चोको प्रांत में सैन जोस डेल पालमार के निकट बताया गया है। भूकंप के झटके राजधानी बोगोटा सहित देश के कई हिस्सों में महसूस किए गए। रिसाराल्दा प्रांत में सबसे अधिक जनहानि की सूचना सामने आई है। पेरेइरा, काली, मनिजालेस और बुएनावेंचुरा समेत कई शहरों में इमारतों को नुकसान पहुंचा है। कुछ स्थानों पर इमारतें गिरने के कारण लोग मलबे में दब गए।

    भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकलकर खुले स्थानों पर पहुंच गए। प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    आफ्टरशॉक्स का खतरा

    मुख्य भूकंप के बाद संभावित आफ्टरशॉक्स को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। प्रभावित क्षेत्रों में इमारतों की सुरक्षा जांच की जा रही है। नागरिकों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

    भूकंप के झटके कोलंबिया के अलावा पड़ोसी इक्वाडोर में भी महसूस किए गए। हालांकि शुरुआती जानकारी में वहां बड़े पैमाने पर नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर बनाए रखी है।

    राहत एजेंसियां लगातार नुकसान का आकलन कर रही हैं। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते बचाव अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर राजधानी बोगोटा और मेडेलिन से अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल भेजने की तैयारी भी की है।

  • Weather Alert: एमपी, यूपी, राजस्थान और हिमाचल में भारी बारिश से संकट, दिल्ली में 60 किलोमीटर प्रति घंटे हवाओं की चेतावनी

    Weather Alert: एमपी, यूपी, राजस्थान और हिमाचल में भारी बारिश से संकट, दिल्ली में 60 किलोमीटर प्रति घंटे हवाओं की चेतावनी

    नई दिल्ली । देश के कई राज्यों में मानसून की सक्रियता के कारण भारी बारिश, जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में लगातार बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं।

    राजस्थान के झालावाड़ में भारी बारिश के कारण मनोहर थाना क्षेत्र के झीकनी गांव स्थित सरकारी स्कूल में पानी भर गया। स्कूल में मौजूद 30 से अधिक विद्यार्थी पानी के बीच फंस गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। क्षेत्र में पानी की स्थिति को देखते हुए कालीसिंध बांध के 12 गेट भी खोले गए हैं।

    राजस्थान के बाड़मेर और बीकानेर में भी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बाड़मेर में रविवार रात करीब ढाई घंटे हुई तेज बारिश के बाद निचले इलाकों में दुकानों और घरों तक पानी पहुंच गया। श्रीडूंगरगढ़ में सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी जमा होने की जानकारी सामने आई है। कई प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर भी जलभराव हुआ।

    उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, शारदा और सरयू समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। फर्रुखाबाद और बिजनौर क्षेत्रों में गंगा का पानी हाईवे तक पहुंच गया है। कई सड़कें डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ है। करीब 40 गांवों के बाढ़ की चपेट में होने की जानकारी है।

    वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों तक पहुंचने वाले कई रास्ते जलमग्न हो गए हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर के छह प्रवेश द्वारों में से मुख्य गंगा द्वार को भी बढ़ते जलस्तर के कारण बंद किया गया है। मणिकर्णिका घाट तक पानी पहुंचने से अंतिम संस्कार और अन्य गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।

    मध्य प्रदेश में भी बारिश का असर कई जिलों में देखने को मिल रहा है। भोपाल में लगातार बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया है। डिंडौरी में नर्मदा नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने की स्थिति बनी हुई है। राजगढ़ में निर्माणाधीन पुल से एक कार बह जाने की घटना में नौ लोगों की मौत हुई, जबकि दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण 124 सड़कें बंद हैं और 255 बिजली ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं। मंडी में सबसे अधिक 51 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में 39 और शिमला में 13 सड़कें बंद होने से आवाजाही प्रभावित है। इस मानसून में प्रदेश में बारिश और अन्य संबंधित घटनाओं से बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है।

    सिक्किम में तेज बारिश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग दस पर मलबा आने से सड़क बंद हो गई। यह मार्ग सिक्किम को पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों, पर्यटकों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

    उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश का दौर जारी है और चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बताई गई है। वहीं बिहार के 12 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी है। ओडिशा में भी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के कारण 16 अगस्त तक भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

    दिल्ली में भी अगले कुछ घंटों के दौरान तेज आंधी और भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है। ऐसे में देश के कई हिस्सों में प्रशासन और स्थानीय लोगों को जलभराव, बाढ़ और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।