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  • जबलपुर में होटल में पति को दूसरी महिला संग देख भड़की पत्नी, मोबाइल चैट से मिला था मिलने का सुराग; जमकर थप्पड़बाजी

    जबलपुर में होटल में पति को दूसरी महिला संग देख भड़की पत्नी, मोबाइल चैट से मिला था मिलने का सुराग; जमकर थप्पड़बाजी


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश के जबलपुर में पति को दूसरी महिला के साथ होटल के कमरे में देखकर पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा। शारदा चौक स्थित होटल बैलेंसिंग रॉक में पत्नी ने कमरा खुलवाया तो अंदर पति और महिला को साथ देखकर हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद कहासुनी से थप्पड़बाजी तक पहुंच गया। होटल में अफरा-तफरी मचने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल किसी भी पक्ष ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

    मोबाइल चैट से मिला होटल में मिलने का सुराग

    जानकारी के मुताबिक, सविता यादव को अपने पति अरुण यादव और ज्योति कोरी के बीच संबंध होने का शक था। सविता का आरोप है कि दोनों के बीच करीब एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी दौरान मोबाइल चैट के जरिए उसे कथित तौर पर पता चला कि अरुण और ज्योति होटल में मिलने वाले हैं।

    इसके बाद सविता ने पति का पीछा किया और शारदा चौक स्थित होटल बैलेंसिंग रॉक पहुंच गई। पत्नी के मुताबिक, होटल के कमरा नंबर 103 में अरुण और ज्योति कोरी मौजूद थे।

    कमरा खुलते ही भड़की पत्नी, शुरू हुई थप्पड़बाजी

    सविता ने जब कमरे का दरवाजा खुलवाया और पति को दूसरी महिला के साथ देखा तो वह अपना आपा खो बैठी। इसके बाद कमरे के अंदर ही तीनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर सविता ने कथित तौर पर पति और ज्योति को थप्पड़ मारने शुरू कर दिए।

    होटल में हंगामा बढ़ता देख वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद होटल में चल रहा विवाद शांत हुआ।

    पति पर दूरी बनाने और महिला पर ब्लैकमेलिंग का आरोप

    सविता ने आरोप लगाया कि अरुण और ज्योति के बीच लंबे समय से संबंध थे। उसका दावा है कि दूसरी महिला के करीब आने के बाद पति उससे दूरी बनाने लगा था। पत्नी ने ज्योति कोरी पर अरुण को ब्लैकमेल करने का आरोप भी लगाया है।

    हालांकि, संबंधों और ब्लैकमेलिंग को लेकर लगाए गए ये आरोप फिलहाल सविता के दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से भी इन आरोपों की पुष्टि किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

    पुलिस बोली- अभी किसी ने शिकायत नहीं की

    घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच विवाद शांत कराया। पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल, होटल के कमरे में पति और दूसरी महिला की मौजूदगी को लेकर शुरू हुआ विवाद पुलिस तक पहुंच गया है। लेकिन औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं होने के कारण मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

  • उज्जैन में मां दुर्गा के स्वागत की तैयारी तेज, मिट्टी की प्रतिमाओं से सजेंगे पंडाल, 1000 स्थानों पर स्थापना को लेकर प्रशासन अलर्ट

    उज्जैन में मां दुर्गा के स्वागत की तैयारी तेज, मिट्टी की प्रतिमाओं से सजेंगे पंडाल, 1000 स्थानों पर स्थापना को लेकर प्रशासन अलर्ट


    उज्जैन । उज्जैन में नवरात्रि पर्व को लेकर उत्साह बढ़ने लगा है और शहर से लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दुर्गा उत्सव की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। दुर्गा पंडालों को सजाने के साथ ही आयोजक माता की प्रतिमाओं की स्थापना के लिए व्यवस्थाएं जुटा रहे हैं। मूर्ति निर्माण करने वाले कलाकार भी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं। इस बार उज्जैन में 4 फीट से लेकर 16 फीट तक की दुर्गा प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। अलग-अलग आकार और स्वरूपों में बनाई गई इन प्रतिमाओं के जरिए श्रद्धालुओं को मां दुर्गा के पारंपरिक और आकर्षक रूपों के दर्शन होंगे।
    मूर्ति कलाकार विजय पाल के अनुसार बंगाल और कोलकाता से आए कारीगर प्रतिमा निर्माण में जुटे हैं। यहां पारंपरिक स्वरूपों के साथ पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाई गई प्रतिमाएं भी तैयार की जा रही हैं। महिषासुर मर्दिनी के रूप में मां दुर्गा की प्रतिमाएं भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। कलाकारों को एक प्रतिमा तैयार करने में करीब चार से पांच दिन का समय लगता है। प्रतिमा की ऊंचाई डिजाइन और बारीक कारीगरी के अनुसार निर्माण में लगने वाला समय अलग-अलग हो सकता है।
    इस बार प्रतिमा निर्माण की लागत बढ़ने का असर कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। कलाकारों के मुताबिक कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण दुर्गा प्रतिमाओं के दाम लगभग 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इससे आयोजक समितियों को अपने बजट के अनुसार प्रतिमाओं का चयन करना पड़ रहा है। इसके बावजूद नवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं और आयोजन समितियों में उत्साह बना हुआ है। कई स्थानों पर पंडालों की सजावट और अन्य तैयारियां भी साथ-साथ की जा रही हैं।
    इस बार प्रतिमाओं के निर्माण में पर्यावरण का ध्यान रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। कलाकारों के अनुसार प्रतिमाओं के लिए कोलकाता से मिट्टी मंगाई जाती है। इन प्रतिमाओं को पूरी तरह मिट्टी से तैयार किया जा रहा है और इनमें प्लास्टर ऑफ पेरिस यानी पीओपी का इस्तेमाल नहीं किया जाता। प्रतिमाओं को रंगने के लिए प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाता है। इससे पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को कम करने में मदद मिल सकती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाएं पारंपरिक शिल्पकला और धार्मिक आस्था से भी जुड़ी हुई हैं।
    उज्जैन जिले में इस बार नवरात्रि के दौरान एक हजार से अधिक स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित किए जाने की तैयारी है। शहर के विभिन्न इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में आयोजन समितियां पंडालों की व्यवस्था करने में जुटी हैं। प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं बनाना भी आयोजकों के लिए जरूरी होगा। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पंडालों तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने भी समितियों से सावधानी बरतने की अपील की है।
    पुलिस और प्रशासन ने दुर्गा उत्सव समितियों को पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और निगरानी की व्यवस्था मजबूत रखने के लिए कहा है। इसके साथ ही देर रात तेज आवाज में डीजे नहीं बजाने की अपील भी की गई है। इसका उद्देश्य धार्मिक आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखना और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी से बचाना है। आयोजकों को सुरक्षा और अनुशासन से जुड़े निर्देशों का पालन करने की जरूरत होगी।
    कुल मिलाकर उज्जैन में नवरात्रि के स्वागत की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। एक हजार से अधिक स्थानों पर प्रतिमा स्थापना की तैयारी और 16 फीट तक की भव्य प्रतिमाएं इस बार के उत्सव को खास बना सकती हैं। पारंपरिक शिल्पकला के साथ पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं पर जोर और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की अपील से नवरात्रि आयोजन को व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।
  • CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट, हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए 10 जगहें तय

    CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट, हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए 10 जगहें तय


    नई दिल्ली।
    कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के ऐलान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रदर्शनकारियों की संभावित भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 35 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की जानकारी सामने आई है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने वाले लोगों को रखने के लिए 10 स्थान भी चिह्नित किए हैं।

    हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए 10 स्थान तय

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की आशंका को देखते हुए पहले से तैयारी की गई है। प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने वाले लोगों को रखने के लिए 10 स्थानों का चयन किया गया है। ये स्थान नई दिल्ली से दूर और राजधानी के बाहरी इलाकों में स्थित हैं।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन स्थानों में मॉडल टाउन स्थित छत्रसाल स्टेडियम, न्यू पुलिस लाइन, बवाना का राजीव गांधी स्टेडियम, नांगलोई का सूरजमल स्टेडियम और दक्षिण दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम तथा जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम शामिल हैं। इन स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

    कनॉट प्लेस के पास कुछ प्रदर्शनकारी हिरासत में

    समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शनिवार को कनॉट प्लेस इलाके में जनपथ के पास कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

    पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ऐसे लोगों पर भी नजर रख रही है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है या जिन पर लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाने की आशंका है। पुलिस अधिकारियों की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है।

    जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    CJP के दोबारा प्रदर्शन के ऐलान के बाद जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने संभावित भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।

    केंद्र सरकार की ओर से भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए जाने की जानकारी है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और अनधिकृत जमावड़े को रोकना है।

    प्रदर्शन से पहले हिरासत केंद्रों की व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाए जाने से राजधानी में सुरक्षा इंतजाम चर्चा में हैं।

  • मरीज के अटेंडर ने दीवार पर किया पेशाब, गुस्साए लोगों ने अस्पताल में घुसकर डॉक्टर-स्टाफ को पीटा

    मरीज के अटेंडर ने दीवार पर किया पेशाब, गुस्साए लोगों ने अस्पताल में घुसकर डॉक्टर-स्टाफ को पीटा


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर के मुरार इलाके में दीवार पर पेशाब करने को लेकर शुरू हुआ विवाद अस्पताल में मारपीट और तोड़फोड़ तक पहुंच गया। आरोप है कि पड़ोसी के घर की दीवार पर पेशाब करने की घटना से नाराज चार लोगों ने श्री साईं मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में घुसकर डॉक्टर और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। आरोपियों ने अस्पताल के मुख्य गेट का शीशा भी तोड़ दिया। घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। डॉक्टर की शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    दीवार पर पेशाब करने से शुरू हुआ विवाद

    घटना 8 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। पंचशील नगर निवासी डॉ. हिरदेश जाटव श्री साईं मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालक हैं। उनकी शिकायत के मुताबिक, घटना के समय वह और विनोद शर्मा अस्पताल में मौजूद थे। इसी दौरान अस्पताल में भर्ती एक मरीज का अटेंडर पड़ोस में रहने वाले दीपक किरार के मकान की दीवार पर पेशाब करके आया।

    इस बात से नाराज होकर दीपक किरार, बंटी किरार, कालू किरार और अन्नू किरार अस्पताल के बाहर पहुंच गए। आरोप है कि चारों ने वहां मौजूद स्टाफ के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद अस्पताल के मुख्य गेट का शीशा तोड़कर वे अंदर घुस आए और विवाद करने लगे।

    विरोध करने पर डॉक्टर और स्टाफ से मारपीट का आरोप

    डॉ. हिरदेश जाटव के अनुसार, जब उन्होंने और अस्पताल के कर्मचारियों ने आरोपियों को गाली-गलौज करने से रोका, तो वे कथित तौर पर जातिसूचक गालियां देने लगे। विरोध करने पर चारों ने डॉक्टर और स्टाफ के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना के दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

    शिकायत के मुताबिक, मारपीट में अस्पताल कर्मचारी सुनील कुशवाह के सिर के पिछले हिस्से में चोट आई। विवेक अहिरवार की बाईं कलाई और पीठ पर चोट लगी, जबकि अभिषेक चौरसिया के बाएं कान के पीछे सिर में चोट आई। करन बाल्मीक की कमर में भी चोट लगने की बात कही गई है।

    घटना के दौरान मौके पर मौजूद ललित मोहन शुक्ला, सागर राजावत और आसपास के अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद स्थिति को संभाला जा सका। अस्पताल में हुई मारपीट और तोड़फोड़ की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड होने की बात कही गई है।

    चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

    डॉ. हिरदेश जाटव की शिकायत पर मुरार थाना पुलिस ने दीपक किरार, बंटी किरार, कालू किरार और अन्नू किरार के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, तोड़फोड़ तथा एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना की जांच कर रही है। ग्वालियर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) जयराज कुबेर ने भी मामले को लेकर बयान दिया है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • दतिया में विधायक प्रीतम सिंह लोधी के समर्थक आपस में भिड़े, भाजपा सरकार के खिलाफ लगाए नारे

    दतिया में विधायक प्रीतम सिंह लोधी के समर्थक आपस में भिड़े, भाजपा सरकार के खिलाफ लगाए नारे


    दतिया।
    मध्य प्रदेश के दतिया में भाजपा के पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी के समर्थक एसपी कार्यालय के घेराव के दौरान आपस में ही भिड़ गए। प्रदर्शन के दौरान माइक पर नारे लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते खींचतान और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। हालात बिगड़ते देख विधायक को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए गए। शुक्रवार को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा।

    दरअसल, शिक्षा विभाग के सब इंजीनियर भूपेंद्र कुमार राजपूत के साथ 15 सितंबर को हुई मारपीट के विरोध में विधायक प्रीतम सिंह लोधी गुरुवार दोपहर अपने समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता मामले को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। इसी बीच माइक पर नारे लगाने को लेकर समर्थकों के बीच विवाद हो गया।

    माइक छीनने को लेकर शुरू हुई झूमाझटकी

    बताया जाता है कि प्रदर्शन के दौरान एक युवक हाथ में माइक लेकर विधायक प्रीतम सिंह लोधी को ‘चंबल टाइगर’ बताते हुए उनके समर्थन में नारे लगाने लगा। इसी दौरान युवक ने दतिया से कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी।

    इस पर भीड़ में मौजूद एक अन्य समर्थक ने आगे बढ़कर युवक के हाथ से माइक छीन लिया। माइक को लेकर दोनों के बीच खींचतान शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद धक्का-मुक्की और झूमाझटकी में बदल गया। समर्थकों के बीच बढ़ते विवाद को देखकर विधायक प्रीतम सिंह लोधी को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों का हुजूम आगे बढ़ा।

    भाजपा सरकार के खिलाफ भी लगे मुर्दाबाद के नारे

    घटना के दौरान समर्थकों के बीच विवाद के साथ भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। सामने आए वीडियो में माइक को लेकर समर्थकों के बीच खींचतान होती दिखाई दे रही है। माइक छीने जाने से नाराज युवक ने ‘भाजपा सरकार मुर्दाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।

    एसपी कार्यालय के घेराव के दौरान विधायक के समर्थकों के बीच हुई इस घटना और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा।

  • भीषण आग पर लगेगी लगाम, मध्य प्रदेश के 21 शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेंगे आधुनिक फायर ब्रिगेड वाहन, जानिए खास खूबियां

    भीषण आग पर लगेगी लगाम, मध्य प्रदेश के 21 शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेंगे आधुनिक फायर ब्रिगेड वाहन, जानिए खास खूबियां


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश में आगजनी की बड़ी घटनाओं से निपटने और राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के लिए अग्निशमन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। प्रदेश के 16 नगर निगमों और पांच प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में 12 हजार लीटर पानी की क्षमता वाले 21 आधुनिक वाटर बाउजर तैनात किए जाएंगे। मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी ने इन वाहनों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन वाहनों के मिलने से शहरी इलाकों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में भी आग लगने की स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
    इन आधुनिक वाहनों को विशेष रूप से बड़ी आग की घटनाओं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा। इनमें हाई प्रेशर पंप वाटर मॉनिटर और फोम सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी। इनकी सहायता से आग पर पानी और फोम की तेज बौछार डालकर उसे नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। बहुमंजिला इमारतों औद्योगिक इकाइयों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर आग लगने की स्थिति में ये वाहन उपयोगी साबित हो सकते हैं।
    योजना के तहत ग्वालियर भोपाल इंदौर जबलपुर उज्जैन देवास मुरैना सतना सागर रतलाम रीवा कटनी सिंगरौली छिंदवाड़ा बुरहानपुर और खंडवा नगर निगमों को आधुनिक वाटर बाउजर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा पीथमपुर मंडीदीप बानमोर मालनपुर और मेघनगर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के चलते आग से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधनों की जरूरत रहती है।
    इन वाटर बाउजर की क्षमता 12 हजार लीटर होगी और इनका कुल भार करीब 28 टन रहने का उल्लेख किया गया है। वाहनों में 304 ग्रेड स्टेनलेस स्टील से बने टैंक लगाए जाएंगे। टैंक के भीतर 10 कंपार्टमेंट और बाफल प्लेट्स होंगी जो वाहन चलते समय पानी के बहाव को नियंत्रित करने में मदद करेंगी। इससे वाहन का संतुलन बनाए रखने और संचालन को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।
    वाहनों में हाई प्रेशर सेंट्रीफ्यूगल पंप लगाए जाएंगे। सामान्य दबाव पर ये पंप प्रति मिनट 3000 लीटर पानी उपलब्ध कराने में सक्षम होंगे जबकि हाई प्रेशर मोड में इनकी क्षमता 250 लीटर प्रति मिनट होगी। सामान्य मोड में दबाव 10 किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर और हाई प्रेशर मोड में 40 किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर निर्धारित किया गया है। अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार इन सुविधाओं का इस्तेमाल कर आग बुझाने की कार्रवाई की जा सकेगी।
    आधुनिक वाटर बाउजर में जीपीएस मोबाइल डेटा टर्मिनल लाइट मास्ट और ऑटोमैटिक प्राइमिंग सिस्टम जैसी तकनीकी सुविधाएं भी दी जाएंगी। जीपीएस से वाहन की लोकेशन जानने में मदद मिलेगी जबकि लाइट मास्ट रात के समय या कम रोशनी वाले स्थानों पर बचाव कार्यों को आसान बना सकता है। वाटर मॉनिटर के जरिए आग की ओर पानी की तेज बौछार छोड़ी जा सकेगी।
    योजना में केवल वाहन खरीदने पर ही जोर नहीं दिया गया है बल्कि कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था भी रखी गई है। अनुबंध होने के 10 महीने के भीतर वाहनों की आपूर्ति पूरी करने का लक्ष्य है। इसके बाद 12वें महीने तक संबंधित नगरीय निकायों के अग्निशमन कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक संबंधित फायर स्टेशन पर कम से कम दो प्रायोगिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें वाहन चलाने उपकरणों के इस्तेमाल रखरखाव और आपातकालीन परिस्थितियों में कार्रवाई करने की जानकारी दी जाएगी।
    बड़े वाटर बाउजर के साथ प्रदेश के 90 नगरीय निकायों के लिए 111 मिनी वाटर टेंडर खरीदने की प्रक्रिया भी चल रही है। इनकी क्षमता 550 लीटर होगी जिसमें 500 लीटर पानी और 50 लीटर फोम शामिल रहेगा। छोटे आकार के ये वाहन संकरी गलियों घनी बस्तियों और ऐसे स्थानों पर पहुंचने में मदद करेंगे जहां बड़े फायर ब्रिगेड वाहनों को ले जाना मुश्किल होता है।
    ग्वालियर इंदौर भोपाल जबलपुर और उज्जैन नगर निगमों को तीन-तीन मिनी वाटर टेंडर देने की योजना है। अन्य नगर निगमों को दो-दो वाहन मिलेंगे जबकि शेष नगरीय निकायों के लिए भी वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। बड़े वाटर बाउजर और छोटे मिनी टेंडर की खरीद से प्रदेश में अग्निशमन संसाधनों का विस्तार करने की तैयारी है। हालांकि इन व्यवस्थाओं का वास्तविक लाभ वाहनों की समय पर आपूर्ति कर्मचारियों के प्रशिक्षण और जरूरत के समय त्वरित तैनाती पर निर्भर करेगा।
  • MBBS छात्रों जितना स्टाइपेंड मांग रहे आयुष डॉक्टर, जबलपुर में 200 विद्यार्थियों ने निकाला कैंडल मार्च, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

    MBBS छात्रों जितना स्टाइपेंड मांग रहे आयुष डॉक्टर, जबलपुर में 200 विद्यार्थियों ने निकाला कैंडल मार्च, आंदोलन तेज करने की चेतावनी


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयुष चिकित्सा पद्धति की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान फिलहाल 9,383 रुपए मासिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है जो मौजूदा समय में उनके खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। वे इसे बढ़ाकर एमबीबीएस छात्रों के बराबर 21,500 रुपए करने की मांग कर रहे हैं। अपनी मांग को लेकर विद्यार्थियों ने शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज से झंडा चौक तक कैंडल मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में करीब 150 से 200 छात्र शामिल हुए। झंडा चौक पहुंचकर विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाई और स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर अपनी आवाज उठाई।
    प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि आयुष और एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति की पढ़ाई करने वाले छात्रों के स्टाइपेंड में अंतर नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक दोनों ही क्षेत्रों के विद्यार्थी प्रशिक्षण के दौरान मेहनत करते हैं और चिकित्सा सेवाओं से जुड़ी जिम्मेदारियों को समझते हुए अपना अनुभव बढ़ाते हैं। ऐसे में प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाली आर्थिक सहायता में समानता होनी चाहिए। विद्यार्थियों ने समान काम के लिए समान आर्थिक लाभ की मांग उठाते हुए कहा कि मौजूदा स्टाइपेंड से पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्चों का प्रबंधन करना मुश्किल हो रहा है।
    छात्रों के मुताबिक महंगाई के कारण भोजन आवास और अन्य जरूरी जरूरतों पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में 9,383 रुपए की मासिक राशि में सभी आवश्यक खर्चों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण बन गया है। उनका मानना है कि स्टाइपेंड बढ़ने से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और वे अपनी पढ़ाई तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। विद्यार्थियों का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा के दौरान आर्थिक दबाव कम होना जरूरी है ताकि वे अपनी शैक्षणिक जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकें।
    कैंडल मार्च के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी का सहयोग भी मिला है। विद्यार्थियों के अनुसार आयुष मंत्रालय के स्तर पर भी स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर बातचीत की गई है। इसके बावजूद अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से इस मांग को उठा रहे हैं लेकिन निर्णय नहीं होने के कारण उन्हें विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
    विद्यार्थियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि स्टाइपेंड बढ़ाने के मुद्दे पर जल्द निर्णय लिया जाए। उनका कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाली आर्थिक सहायता उनकी जरूरतों के अनुरूप होनी चाहिए। विद्यार्थियों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जल्द कोई सकारात्मक निर्णय सामने आएगा।
    प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। फिलहाल उनकी प्रमुख मांग वर्तमान 9,383 रुपए के स्टाइपेंड को बढ़ाकर 21,500 रुपए करना है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग विद्यार्थियों की मांग पर क्या निर्णय लेता है और स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक आदेश कब तक जारी होता है।
  • दुर्गा पंडाल लगाने पर सड़क पर संग्राम, कांग्रेस नेता की पुलिस को खुली चुनौती, TI बोले- यातायात रोकने की अनुमति नहीं

    दुर्गा पंडाल लगाने पर सड़क पर संग्राम, कांग्रेस नेता की पुलिस को खुली चुनौती, TI बोले- यातायात रोकने की अनुमति नहीं


    जबलपुर ।  मध्य प्रदेश के जबलपुर में दुर्गा पंडाल लगाने को लेकर पुलिस और युवा कांग्रेस के पूर्व नगर अध्यक्ष जितिन राज के बीच विवाद सामने आया है। विजय नगर में शुक्रवार रात टेंट लगाने के दौरान शुरू हुई बहस कुछ ही देर में तीखी नोकझोंक में बदल गई। पुलिस का कहना था कि पंडाल का टेंट सड़क पर आ रहा है जिससे यातायात बाधित हो सकता है। इसलिए टेंट को पीछे करने के लिए कहा गया था। वहीं जितिन राज का तर्क था कि वह कई वर्षों से इसी स्थान पर दुर्गा प्रतिमा स्थापित करते आ रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने जितिन राज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। घटना के बाद दुर्गा पंडाल लगाने और सड़क पर धार्मिक आयोजनों की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
    जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात जितिन राज अपने समर्थकों के साथ विजय नगर में दुर्गा पंडाल के लिए टेंट लगवा रहे थे। इसी दौरान थाना प्रभारी धीरज कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने टेंट की स्थिति पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वह सड़क की ओर आ रहा है और इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने टेंट को पीछे करने के लिए कहा। इसी बात को लेकर जितिन राज और टीआई के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ता और पुलिस आमने-सामने आ गए।
    विवाद के दौरान जितिन राज ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से उसी स्थान पर दुर्गा प्रतिमा स्थापित करते आ रहे हैं और पहले भी यहां आयोजन होते रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि टेंट तो इसी जगह लगेगा और जिसे कार्रवाई करनी है वह कर सकता है। उनके इस बयान के बाद विवाद और बढ़ गया। जितिन राज ने भाजपा विधायक के जन्मदिन पर हुए एक कार्यक्रम का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप था कि उस दौरान मुख्य मार्ग पर करीब ढाई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा था लेकिन तब कार्रवाई को लेकर ऐसे सवाल नहीं उठाए गए।
    जितिन राज ने सवाल किया कि जबलपुर-अमरकंटक रोड पर भाजपा विधायक अशोक रोहाणी के जन्मदिन के आयोजन के दौरान यातायात बाधित होने पर क्या इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़क पर होने वाली गतिविधियों को लेकर नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए। हालांकि विधायक के जन्मदिन के आयोजन को लेकर लगाए गए उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
    दूसरी ओर थाना प्रभारी धीरज कुमार ने पुलिस की कार्रवाई का पक्ष रखते हुए कहा कि सड़क पर टेंट लगाने से यातायात प्रभावित हो रहा था। उनके मुताबिक पुलिस ने इसी वजह से टेंट पीछे करने के लिए कहा था। टीआई का आरोप है कि जितिन राज ने पुलिस के साथ बहस की और कार्रवाई करने की चुनौती दी। उन्होंने विवाद के दौरान गाली गलौज होने की बात भी कही। पुलिस का कहना है कि सड़क पर यातायात बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती और नियमों के अनुसार ही आयोजन की व्यवस्था होनी चाहिए।
    मौके पर काफी देर तक बहस चलने के बाद पुलिस ने जितिन राज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। कार्रवाई के पीछे सड़क पर टेंट लगाने से यातायात प्रभावित होने और पुलिस के साथ हुए विवाद को वजह बताया गया है। हालांकि मामले में लगाए गए आरोपों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं का अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
    यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब नवरात्र के दौरान शहर में कई स्थानों पर दुर्गा पंडाल और धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। ऐसे आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन के लिए अहम चुनौती होती है। अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और आयोजकों की आपत्तियों को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है इस पर नजर रहेगी
  • ऑटो में बैठना पड़ा भारी, 20 रुपए की जगह 20 हजार मांगने लगे बदमाश, विरोध पर यात्री की कमर में घोंपा चाकू

    ऑटो में बैठना पड़ा भारी, 20 रुपए की जगह 20 हजार मांगने लगे बदमाश, विरोध पर यात्री की कमर में घोंपा चाकू


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में दूसरे जिले से आए एक यात्री के साथ लूट और चाकूबाजी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ऑटो चालक और उसके साथी ने यात्री से तय किराए के 20 रुपए की जगह 20 हजार रुपए की मांग की। यात्री ने जब इतनी बड़ी रकम देने से इनकार किया तो दोनों ने उसके साथ गाली गलौज और मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर एक आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया और घायल यात्री की जेब से 500 रुपए निकाल लिए। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले में एक नाबालिग सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घायल यात्री की हालत गंभीर बताई गई है और उसका अस्पताल में इलाज जारी है।
    जानकारी के मुताबिक सिंगरौली जिले के माडा गांव में रहने वाले 25 वर्षीय दिलकेश शाह 9 अक्टूबर की रात करीब डेढ़ बजे जबलपुर पहुंचे थे। उन्हें यहां से महाराष्ट्र के पुणे जाना था। बस स्टैंड से तीन पत्ती चौक पहुंचने के बाद वह रेलवे स्टेशन जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक ऑटो में सवार होकर दो युवक वहां पहुंचे। दिलकेश ने उनसे रेलवे स्टेशन जाने का किराया पूछा तो चालक ने 20 रुपए बताया। किराया तय होने के बाद दिलकेश ऑटो में बैठ गए।
    करीब 15 मिनट बाद ऑटो स्टेशन रोड पर पहुंचा। दिलकेश जब ऑटो से उतरे और चालक को तय किए गए 20 रुपए देने लगे तो दोनों युवकों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने उनसे 20 हजार रुपए की मांग शुरू कर दी। दिलकेश ने जब कहा कि रेलवे स्टेशन तक जाने के लिए 20 रुपए किराया तय हुआ था तो इतनी बड़ी रकम क्यों दें। इस बात पर दोनों युवक भड़क गए और उनके साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट करने लगे।
    विवाद बढ़ने पर एक आरोपी ने चाकू निकाल लिया और पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। अपनी जान बचाने के लिए दिलकेश वहां से भागने लगे लेकिन नाबालिग आरोपी ने उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद उन पर चाकू से हमला कर दिया गया। चाकू दिलकेश की कमर में लगा जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने घायल यात्री की जेब से 500 रुपए भी निकाल लिए। इसी बीच दिलकेश की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे। भीड़ जुटती देख दोनों आरोपी मौके से भाग गए।
    घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल दिलकेश को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी। घटना दूसरे जिले से आए यात्री के साथ होने के कारण पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।
    सिविल लाइन थाना प्रभारी शशि धुर्वें के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि संबंधित नंबर का ऑटो शुभम बेन चलाता है। इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस लगातार उसकी तलाश करती रही और शनिवार सुबह एक पहाड़ी से शुभम बेन तथा उसके नाबालिग साथी को गिरफ्तार कर लिया।
    पुलिस के मुताबिक शुभम बेन की उम्र 26 वर्ष है और वह गोरखपुर क्षेत्र के मांडवा का निवासी है। संबंधित ऑटो नाबालिग की मां के नाम पर पंजीकृत बताया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चाकू और लूटे गए रुपए बरामद करने के साथ ऑटो भी जब्त कर लिया है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है। इस घटना ने शहर में यात्रियों की सुरक्षा और किराए के नाम पर होने वाली कथित जबरन वसूली को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
  • शिवपुरी के सुनाज गांव में दर्दनाक हादसा, मिट्टी से लदी ट्रॉली पर पलटा ट्रैक्टर, ड्राइवर की हालत गंभीर

    शिवपुरी के सुनाज गांव में दर्दनाक हादसा, मिट्टी से लदी ट्रॉली पर पलटा ट्रैक्टर, ड्राइवर की हालत गंभीर


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में मिट्टी से भरी ट्रॉली पर ट्रैक्टर पलटने से एक गंभीर हादसा हो गया। दुर्घटना में ट्रैक्टर चालक ट्रॉली के नीचे दब गया और उसे गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल मदद करते हुए चालक को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे शिवपुरी जिला अस्पताल से ग्वालियर रेफर कर दिया गया। वहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
    जानकारी के मुताबिक हादसा शुक्रवार शाम शिवपुरी जिले के सुनाज गांव में हुआ। ढेंकुआ गांव का रहने वाला रामवीर यादव ट्रैक्टर के साथ मिट्टी से भरी ट्रॉली लेकर जा रहा था। इसी दौरान करमई सड़क पर मिट्टी भराव का काम चल रहा था। बताया गया है कि रामवीर ट्रैक्टर को ऊंचाई वाली सड़क पर चढ़ाने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर का अगला हिस्सा अचानक ऊपर उठ गया और वाहन का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते ट्रैक्टर मिट्टी से भरी ट्रॉली पर पलट गया। इस हादसे में चालक रामवीर उसके नीचे दब गया।
    दुर्घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। लोगों ने बिना देर किए चालक को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। काफी प्रयास के बाद रामवीर को ट्रैक्टर और ट्रॉली के नीचे से निकाला गया। हादसे में उसे गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर मदद मिलने से उसे अस्पताल तक ले जाया जा सका।
    अस्पताल में डॉक्टरों ने घायल चालक का प्राथमिक उपचार किया। लेकिन उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल भेजा गया। वहां भी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। फिलहाल रामवीर का ग्वालियर में इलाज जारी है। उसकी हालत को लेकर आगे की जानकारी उपचार के दौरान सामने आ सकती है।
    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर का अगला हिस्सा ऊंचाई पर चढ़ाते समय उठने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि दुर्घटना की परिस्थितियों और वाहन के पलटने के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने घटना की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि सड़क पर मिट्टी भराव के काम के दौरान वाहन किस स्थिति में था और ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ने की वजह क्या रही।
    इस घटना ने एक बार फिर मिट्टी और निर्माण सामग्री से भरे ट्रैक्टर ट्रॉलियों को ऊंचाई वाली सड़कों पर ले जाने के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा है। ऐसे वाहनों को चढ़ाई पर ले जाते समय संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। खासकर जब ट्रॉली में भारी मिट्टी भरी हो तो चालक के लिए वाहन पर नियंत्रण बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घायल चालक का ग्वालियर में उपचार जारी है।