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  • पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में 9 लाख रुपये लगाने पर हर महीने 5,550 रुपये मिलेंगे, जानिए पूरा हिसाब और नियम

    पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में 9 लाख रुपये लगाने पर हर महीने 5,550 रुपये मिलेंगे, जानिए पूरा हिसाब और नियम

    नई दिल्ली ।बचत की रकम को सुरक्षित जगह निवेश कर नियमित आय हासिल करने की योजना बना रहे लोगों के लिए पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम एक विकल्प है। इस योजना में एकमुश्त राशि जमा करने के बाद निवेश पर मिलने वाले ब्याज का भुगतान हर महीने किया जा सकता है। बाजार से जुड़े निवेश विकल्पों की तुलना में यह योजना उन लोगों के लिए उपयोगी मानी जाती है, जो नियमित आय के साथ अपेक्षाकृत स्थिर निवेश व्यवस्था चाहते हैं।

    पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम यानी MIS छोटी बचत योजनाओं के तहत संचालित होती है। इन योजनाओं में निवेश को सरकारी समर्थन प्राप्त होता है। यही वजह है कि जोखिम को लेकर सतर्क रहने वाले निवेशकों, खासकर नियमित आय चाहने वाले लोगों के बीच ऐसी योजनाओं में रुचि बनी रहती है। हालांकि किसी भी निवेश से पहले लागू नियमों और ब्याज दरों की जानकारी देखना जरूरी है।

    इस योजना में फिलहाल 7.4 फीसदी सालाना ब्याज दर का उल्लेख किया गया है। इसमें मिलने वाला ब्याज मासिक आधार पर लिया जा सकता है। निवेशक को शुरुआत में कम से कम 1,000 रुपये से खाता खोलने की सुविधा मिलती है। योजना में व्यक्तिगत खाते के साथ संयुक्त खाता खोलने का विकल्प भी उपलब्ध है।

    मंथली इनकम स्कीम में निवेश की अधिकतम सीमा भी निर्धारित है। व्यक्तिगत यानी सिंगल अकाउंट में निवेशक अधिकतम 9 लाख रुपये तक जमा कर सकता है। वहीं संयुक्त खाते में अधिकतम 15 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है। निवेश की राशि के आधार पर हर महीने मिलने वाली ब्याज आय अलग-अलग होगी।

    अगर कोई निवेशक सिंगल अकाउंट में अधिकतम 9 लाख रुपये जमा करता है और 7.4 फीसदी की ब्याज दर लागू रहती है, तो सालाना ब्याज के आधार पर उसकी मासिक आय करीब 5,550 रुपये बनती है। इस तरह पांच साल की अवधि के दौरान ब्याज से नियमित मासिक भुगतान प्राप्त किया जा सकता है। वहीं संयुक्त खाते में 15 लाख रुपये निवेश करने पर इसी दर से मासिक ब्याज करीब 9,250 रुपये बैठता है।

    इस गणना में यह समझना जरूरी है कि 5,550 रुपये या 9,250 रुपये की रकम मूल निवेश पर मिलने वाला मासिक ब्याज है। मूलधन और ब्याज की वास्तविक प्राप्ति योजना के नियमों और चुने गए भुगतान विकल्प के अनुसार होगी। निवेशक अपनी जरूरत के मुताबिक ब्याज की राशि प्राप्त करने का तरीका चुन सकता है।

    MIS की परिपक्वता अवधि पांच साल निर्धारित है। इसका मतलब है कि योजना को तय अवधि तक जारी रखने पर निवेशक को निर्धारित नियमों के अनुसार निवेशित राशि से संबंधित लाभ मिलता है। यह व्यवस्था खासतौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जिन्हें एकमुश्त बचत से नियमित नकदी प्रवाह की जरूरत होती है।

    हालांकि, निवेश करने से पहले समय से पहले खाता बंद कराने से जुड़े नियमों को समझना भी जरूरी है। उपलब्ध नियमों के अनुसार, खाता खुलने के एक से तीन साल के भीतर बंद कराने पर मूलधन का 2 फीसदी हिस्सा काटा जा सकता है। वहीं तीन साल पूरे होने के बाद और पांच साल से पहले खाता बंद कराने पर 1 फीसदी की कटौती का प्रावधान बताया गया है।

    योजना में ब्याज से मिलने वाली आय को मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर लेने का विकल्प भी बताया गया है। ऐसे में निवेशक अपनी वित्तीय जरूरत के अनुसार भुगतान का तरीका चुन सकता है। हालांकि निवेश से पहले मौजूदा ब्याज दर, निवेश सीमा, समयपूर्व निकासी और अन्य नियमों की ताजा जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।

  • सोमवार व्रत से मिलेगा महादेव का आशीर्वाद, सुबह से शाम तक ऐसे करें पूजा और इन जरूरी नियमों का रखें ध्यान

    सोमवार व्रत से मिलेगा महादेव का आशीर्वाद, सुबह से शाम तक ऐसे करें पूजा और इन जरूरी नियमों का रखें ध्यान


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि सोमवार के दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान शिव की पूजा करने और व्रत रखने से महादेव की कृपा प्राप्त होती है। खासतौर पर सावन के सोमवार का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। माना जाता है कि इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करने और पूरे विधि विधान से पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। कई भक्त सुख समृद्धि पारिवारिक शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से सोमवार का व्रत रखते हैं। वहीं अविवाहित लोग मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति और विवाहित लोग दांपत्य जीवन में सुख शांति के लिए भी यह व्रत करते हैं।

    सोमवार व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए और साफ कपड़े पहनने के बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद घर के मंदिर में या किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग का अभिषेक करना शुभ माना जाता है। सबसे पहले शिवलिंग पर स्वच्छ जल अर्पित करें। इसके बाद दूध दही शहद और गंगाजल से अभिषेक किया जा सकता है। हालांकि पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री शुद्ध और सात्विक होनी चाहिए। अभिषेक के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र धतूरा और पुष्प अर्पित करें। भगवान शिव को बेलपत्र बेहद प्रिय माना जाता है इसलिए बेलपत्र चढ़ाते समय श्रद्धा और भक्ति का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

    पूजा के दौरान भगवान शिव के साथ माता पार्वती गणेश जी और भगवान कार्तिकेय का भी स्मरण किया जा सकता है। इसके बाद धूप दीप जलाकर भगवान शिव की आरती करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें। सोमवार व्रत में महामृत्युंजय मंत्र या भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करना भी शुभ माना जाता है। भक्त अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुसार मंत्र जाप कर सकते हैं। पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करें और दिनभर भगवान शिव का ध्यान करते हुए सात्विक आहार का पालन करें।

    सोमवार व्रत में भोजन को लेकर अलग अलग परंपराएं हैं। कुछ लोग पूरे दिन निर्जल व्रत रखते हैं जबकि कुछ लोग फलाहार करते हैं। फल दूध दही मखाना कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन और सेंधा नमक का सेवन कई व्रत रखने वाले लोग करते हैं। अपनी शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार ही व्रत का पालन करना उचित माना जाता है। व्रत के दौरान अनाज नमक की सामान्य किस्म और तामसिक भोजन से परहेज किया जाता है।

    शाम के समय दोबारा भगवान शिव की पूजा और आरती करने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। व्रत खोलते समय सबसे पहले भगवान शिव को भोग लगाएं और फिर प्रसाद ग्रहण करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार के दिन क्रोध झूठ निंदा और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। इस दिन जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना भी शुभ माना जाता है।

    ध्यान रखें कि सोमवार व्रत की विधि और नियम अलग अलग क्षेत्रों तथा परिवारों की परंपराओं के अनुसार कुछ अलग हो सकते हैं। इसलिए व्रत करते समय अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं का भी ध्यान रखना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात श्रद्धा संयम और सकारात्मक भावना के साथ भगवान शिव की आराधना करना है।

  • उच्च राशि में गुरु की ‘अमृत दृष्टि’, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर-कारोबार में मिल सकता है बड़ा लाभ

    उच्च राशि में गुरु की ‘अमृत दृष्टि’, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर-कारोबार में मिल सकता है बड़ा लाभ


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धन-संपत्ति, संतान, धर्म और भाग्य का कारक ग्रह माना जाता है। जब बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में स्थित होते हैं, तो ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार उनके शुभ प्रभाव और भी प्रबल हो जाते हैं। गुरु की पांचवीं, सातवीं और नौवीं दृष्टि को विशेष फलदायी माना गया है।

    मान्यता है कि गुरु जिस भाव में विराजमान होते हैं, उससे भी अधिक शुभ प्रभाव उनकी दृष्टि से मिलने वाले भावों पर पड़ सकता है। इस समय उच्च राशि में स्थित गुरु की तीन दिव्य दृष्टियां तीन राशियों के लिए विशेष लाभकारी मानी जा रही हैं। इससे करियर, कारोबार और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव के योग बन सकते हैं।

    वृश्चिक राशि
    गुरु कर्क राशि में रहते हुए वृश्चिक राशि के पंचम भाव पर अपनी पांचवीं दृष्टि डाल रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक यह समय विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अनुकूल हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों की निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होगी और सही रणनीति से आर्थिक लाभ के अवसर बन सकते हैं। शेयर बाजार या रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने के योग हैं। संतान पक्ष से कोई अच्छी खबर मिल सकती है, जिससे परिवार में खुशी का माहौल बनेगा।

    मकर राशि
    मकर राशि के सप्तम भाव पर गुरु की सातवीं समसप्तक दृष्टि पड़ रही है। सप्तम भाव को व्यापार और साझेदारी से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में नए कारोबारी सौदे तय होने और साझेदारी में काम करने वालों को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। कार्यस्थल पर आपकी स्थिति मजबूत हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से प्रमोशन के रास्ते खुल सकते हैं। निजी जीवन की बात करें तो वैवाहिक रिश्तों में चल रहा तनाव कम हो सकता है और आपसी तालमेल बेहतर होने की उम्मीद है।

    मीन राशि
    मीन राशि के स्वामी स्वयं बृहस्पति हैं। इस राशि के नवम भाव पर गुरु की नौवीं दृष्टि पड़ रही है। नवम भाव को भाग्य, धर्म और लंबी यात्राओं से संबंधित माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार गुरु की यह दृष्टि लंबे समय से अटके कामों में गति ला सकती है। सरकारी और कानूनी मामलों में सफलता के रास्ते खुल सकते हैं। मनचाही जगह नौकरी ट्रांसफर या विदेश से संबंधित कोई अवसर भी मिल सकता है। कारोबारी नए प्रोजेक्ट शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। धार्मिक यात्राओं के योग बनने के साथ किसी बड़े गुरु या अनुभवी व्यक्ति का मार्गदर्शन भी मिल सकता है।

  • जंगल से ‘गुलेल’ की तरह मिसाइल-ड्रोन लॉन्च कर रहे हूती, सऊदी की तेल फैसिलिटी पर हमला

    जंगल से ‘गुलेल’ की तरह मिसाइल-ड्रोन लॉन्च कर रहे हूती, सऊदी की तेल फैसिलिटी पर हमला


    नई दिल्ली। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब और यमन के रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का वीडियो जारी किया है। फुटेज में हूती लड़ाके खुले मैदानों और जंगल जैसे इलाकों से एक के बाद एक मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करते दिखाई दे रहे हैं। लॉन्चिंग का तरीका ऐसा नजर आता है, मानो किसी गुलेल से निशाना साधकर प्रोजेक्टाइल छोड़ा जा रहा हो। हूतियों की ओर से यह वीडियो ऐसे समय जारी किया गया है, जब संगठन ने सऊदी अरब की एक अहम तेल सुविधा और यमन के मोखा बंदरगाह को निशाना बनाने का दावा किया है।

    जिजान में अरामको रिफाइनरी से जुड़ी सुविधा पर ड्रोन हमला
    हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि हमलों में सऊदी सैनिकों की मौजूदगी वाले इलाकों और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया। इसी दौरान सऊदी अरब के जिजान में स्थित अरामको रिफाइनरी से जुड़ी एक सुविधा पर ड्रोन हमला किए जाने का भी दावा किया गया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने एक सुविधा में आग लगने की पुष्टि की। हालांकि, आग पर बाद में काबू पा लिया गया। घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

    मोखा बंदरगाह पर हमले में 7 लोगों की मौत
    हूतियों के हमले का दूसरा बड़ा निशाना यमन का मोखा बंदरगाह बना। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के नियंत्रण में है और लाल सागर के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के करीब स्थित है। यमनी सरकार से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई। मृतकों में चार सैनिक और तीन नागरिक शामिल हैं। वहीं, 30 नागरिकों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हमले में बंदरगाह की इमारतों, पियर्स और वहां रखे सामान को नुकसान पहुंचा।

    मिसाइल और ड्रोन के साथ मानवरहित नाव का भी दावा
    हूतियों ने इन हमलों को सऊदी ड्रोन के यमन के हज्जाह और सादा प्रांतों में घुसने की कार्रवाई का जवाब बताया है। यमनी सेना के मुताबिक, हमले में मिसाइल और ड्रोन के अलावा विस्फोटकों से लदी एक मानवरहित नाव के इस्तेमाल की कोशिश भी की गई। जारी वीडियो में हूती लड़ाकों को अलग-अलग स्थानों से मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करते हुए दिखाया गया है। इससे संगठन की हमले करने की रणनीति और इस्तेमाल किए जा रहे हथियारों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

    2022 के बाद फिर बढ़ सकती है क्षेत्रीय अशांति
    इन घटनाओं ने यमन में 2022 के बाद से बनी अपेक्षाकृत शांत स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोखा बंदरगाह बाब-अल-मंदेब के नजदीक है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। ऐसे में यदि इलाके में हूती हमले और जवाबी सैन्य कार्रवाई बढ़ती है, तो इसका असर केवल यमन और सऊदी अरब तक सीमित नहीं रहेगा। लाल सागर के समुद्री व्यापार मार्गों के साथ-साथ क्षेत्र की शिपिंग और ऊर्जा सुरक्षा पर भी इसका असर पड़ सकता है।

  • MP में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, भोपाल समेत कई जिलों में रातभर बरसे बादल, 21 जिलों में अलर्ट

    MP में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, भोपाल समेत कई जिलों में रातभर बरसे बादल, 21 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे समय से कम बारिश के बाद अब मानसून ने जोर पकड़ लिया है। मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। रविवार से कई जिलों में हालात बिगड़े और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। राजधानी भोपाल में शनिवार रात से शुरू हुई बारिश सोमवार सुबह तक जारी रही। कभी तेज तो कभी रुक-रुककर हो रही बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया है।

    रायसेन रोड स्थित पटेल नगर, सिटी की वसुंधरा कॉलोनी और शिवनगर समेत कई इलाकों में पानी भर गया। सोमवार सुबह VIP रोड पर बीच सड़क पेड़ गिरने से जाम की स्थिति बन गई। प्रदेश के 21 जिलों में आज हैवी रेन का अलर्ट जारी किया गया है।

    5 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
    मौसम केंद्र (IMD) के मुताबिक, सोमवार को राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट है।

    कई जिलों में तेज बारिश का दौर
    भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, रतलाम, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    रायसेन में रामलीला मैदान जलमग्न
    रायसेन में बीती रात से हो रही तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। शहर का रामलीला मैदान भी पानी में डूब गया है। लगातार बारिश से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    शुजालपुर में बारिश से किसानों को राहत की उम्मीद
    शुजालपुर में सोमवार तड़के करीब 3 बजे से तेज बारिश शुरू हुई। मानसून सीजन में यह पहला मौका है जब यहां इतनी तेज बारिश का दौर आया है। इससे किसानों और व्यापारियों की चिंता कुछ कम हुई है। आधा सावन बीतने के बावजूद कम बारिश के कारण शुजालपुर की नेवज और जमधड़ नदियों में पानी की धार नहीं चल पा रही थी। अब बारिश के बाद नदी-नालों में पानी आने की उम्मीद बढ़ी है।

    सीहोर में नदी-नाले उफान पर
    सीहोर के श्यामपुर क्षेत्र में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात मूसलाधार बारिश हुई। इसके बाद नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और कई घरों में पानी घुसने की आशंका बनी हुई है। सीहोर में रात करीब 12 बजे से तेज बारिश लगातार जारी है। सीवन नदी चद्दर पुल के ऊपर से बह रही है, जबकि सीटू नाला भी मछली पुल के ऊपर से पानी बहा रहा है।

    विदिशा में सड़कों पर भरने लगा पानी
    विदिशा में रविवार से रुक-रुककर बारिश हो रही है। सोमवार सुबह बारिश ने जोर पकड़ा, जिसके चलते शहर की सड़कों पर पानी भरने लगा। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • Aaj Ka Rashifal 10 August 2026: सावन के दूसरे सोमवार 3 राशियों पर बरसेगी भोलेनाथ की कृपा, धन लाभ के साथ खुलेंगे तरक्की के रास्ते

    Aaj Ka Rashifal 10 August 2026: सावन के दूसरे सोमवार 3 राशियों पर बरसेगी भोलेनाथ की कृपा, धन लाभ के साथ खुलेंगे तरक्की के रास्ते


    नई दिल्ली । आज 10 अगस्त 2026 को सावन का दूसरा सोमवार है और धार्मिक दृष्टि से यह दिन बेहद खास माना जा रहा है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और सोमवार के दिन शिव आराधना का महत्व और भी बढ़ जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज कुछ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में लाभ मिल सकता है जबकि कई लोगों के लिए नौकरी कारोबार और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं। खासतौर पर मेष वृषभ और कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन धन लाभ और तरक्की के लिहाज से अच्छा रहने की संभावना है।

    मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से राहत देने वाला हो सकता है। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद बन सकती है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। अधिकारियों की ओर से सहयोग मिलने के साथ नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। कारोबार करने वालों के लिए कोई नया सौदा लाभ का कारण बन सकता है। परिवार में किसी शुभ समाचार से माहौल खुशनुमा रहेगा। सावन के दूसरे सोमवार पर भगवान शिव का जलाभिषेक करना आपके लिए शुभ फलदायी माना जा सकता है।

    वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन धन लाभ के कई अवसर लेकर आ सकता है। आय के नए साधन बनने के संकेत हैं और पुराने निवेश से भी लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि आर्थिक मामलों में किसी भी तरह का जोखिम लेने से पहले अच्छी तरह विचार करना जरूरी होगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापारियों को पुराने संपर्कों से फायदा मिल सकता है। दांपत्य जीवन में आपसी समझ और प्रेम बढ़ेगा। आज परिवार के साथ धार्मिक गतिविधियों में शामिल होना मानसिक शांति दे सकता है।

    कर्क राशि के जातकों के लिए सावन का दूसरा सोमवार विशेष शुभ रह सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं और रुके हुए काम दोबारा गति पकड़ सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में किसी नई योजना पर काम शुरू करने का अवसर मिल सकता है। परिवार के किसी सदस्य से महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है। धन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करें और पर्याप्त आराम लें।

    मिथुन राशि वालों के लिए दिन सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है। कामकाज में व्यस्तता बढ़ेगी लेकिन मेहनत का परिणाम भी प्राप्त होगा। सिंह राशि के जातकों को करियर में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कन्या राशि वालों के रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। तुला राशि के जातकों को खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। वृश्चिक राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में सफलता के योग बन रहे हैं। धनु राशि के लोगों को यात्रा या काम से जुड़ा कोई नया अवसर मिल सकता है। मकर राशि वालों को पुराने निवेश से फायदा हो सकता है। कुंभ राशि के जातकों को रिश्तों में मधुरता बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। मीन राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है और कोई शुभ समाचार मन प्रसन्न कर सकता है।

    सावन के दूसरे सोमवार पर सभी राशि के जातक अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं। शिवलिंग पर जल अर्पित करना और भगवान शिव का ध्यान करना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ माना जाता है। हालांकि राशिफल सामान्य ज्योतिषीय आकलन पर आधारित होता है और इसे निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए। आर्थिक या अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय अपनी परिस्थितियों और उचित सलाह को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।

  • सावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त को, 6 साल बाद बन रहे शुभ संयोग में जानें पूजा विधि और शिव आराधना का सही तरीका

    सावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त को, 6 साल बाद बन रहे शुभ संयोग में जानें पूजा विधि और शिव आराधना का सही तरीका

    नई दिल्ली ।सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान आने वाले सोमवार को शिव भक्तों के लिए खास महत्व प्राप्त होता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और बेलपत्र, फूल, धतूरा, फल तथा प्रसाद अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इस वर्ष सावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त को पड़ रहा है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस बार सावन के दूसरे सोमवार का महत्व इसलिए और बढ़ गया है क्योंकि सोमवार के साथ प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। उपलब्ध धार्मिक जानकारी के अनुसार, ऐसा शुभ संयोग करीब छह साल बाद बन रहा है। शिव भक्तों के लिए सोमवार और प्रदोष दोनों ही भगवान शिव की उपासना से जुड़े महत्वपूर्ण अवसर माने जाते हैं।

    सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेने की परंपरा है। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करके शिवलिंग पर जल अर्पित किया जाता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दूध या अन्य पूजन सामग्री से अभिषेक भी कर सकते हैं।

    पूजा के दौरान भगवान शिव को बेलपत्र, शमी, कनेर, धतूरा, चावल और फूल अर्पित किए जाते हैं। इसके साथ धूप और दीप जलाकर भगवान शिव की आराधना की जाती है। फल, पान, सुपारी और प्रसाद भी पूजा में शामिल किए जा सकते हैं। श्रद्धालु पूरे दिन व्रत रखते हुए भगवान शिव का स्मरण और मंत्र जाप करते हैं।

    भगवान शिव की पूजा में ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप विशेष रूप से किया जाता है। इसे शिव का सरल और प्रमुख मंत्र माना जाता है। श्रद्धालु पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप अपनी श्रद्धा के अनुसार कर सकते हैं।

    सावन सोमवार के साथ प्रदोष व्रत का संयोग होने के कारण इस दिन शिव आराधना का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। प्रदोष व्रत भी भगवान शिव को समर्पित होता है और प्रदोष काल में शिव पूजा करने की परंपरा है। ऐसे में भक्त सोमवार की पूजा के साथ प्रदोष काल में भी भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं।

    इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी किया जाता है। मंत्र है, “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥” धार्मिक मान्यताओं में इस मंत्र को भगवान शिव की उपासना से जुड़ा महत्वपूर्ण मंत्र माना गया है।

    सावन सोमवार के अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। कई श्रद्धालु इस दिन उपवास रखते हैं और पूरे दिन सात्विक जीवनशैली का पालन करते हैं।

    धार्मिक परंपराओं के अनुसार, भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पूजा में दिखावे के बजाय श्रद्धा और भक्ति को महत्व दिया जाता है। इसलिए श्रद्धालु अपनी सुविधा और सामर्थ्य के अनुसार पूजा सामग्री का उपयोग कर सकते हैं। व्रत रखने वाले लोगों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए।

    10 अगस्त का दूसरा सावन सोमवार इसलिए विशेष माना जा रहा है क्योंकि इस दिन सोमवार और प्रदोष व्रत का संयोग बताया जा रहा है। श्रद्धालु सुबह से शिव पूजा के साथ दिनभर भगवान शिव का स्मरण कर सकते हैं और प्रदोष काल में भी विधिपूर्वक आराधना कर सकते हैं।

  • क्या माचा टी सच में घटाती है वजन? जानिए फैट बर्न और मेटाबॉलिज्म पर इसका असली असर

    क्या माचा टी सच में घटाती है वजन? जानिए फैट बर्न और मेटाबॉलिज्म पर इसका असली असर

    नई दिल्ली । माचा टी पिछले कुछ वर्षों में हेल्थ और फिटनेस से जुड़ी चर्चाओं में तेजी से लोकप्रिय हुई है। खासतौर पर वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के बीच इसे ऐसी ड्रिंक के तौर पर देखा जाता है, जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर फैट बर्न करने में मदद कर सकती है। सोशल मीडिया पर इसके कई तरह के दावे भी सामने आते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार माचा को वजन घटाने का चमत्कारी उपाय मानना सही नहीं है।

    माचा और सामान्य ग्रीन टी एक ही पौधे कैमेलिया साइनेंसिस से तैयार होती हैं, लेकिन दोनों के इस्तेमाल का तरीका अलग है। ग्रीन टी में पत्तियों को गर्म पानी में भिगोकर उनका अर्क लिया जाता है और बाद में पत्तियां अलग कर दी जाती हैं। वहीं माचा में विशेष तरीके से तैयार की गई चाय की पत्तियों को बारीक पाउडर में बदलकर पानी में मिलाया जाता है। इस वजह से माचा पीने वाले व्यक्ति पूरी पत्ती का सेवन करते हैं।

    पूरी पत्ती के सेवन के कारण माचा में कैटेचिन, खासकर ईजीसीजी, कैफीन और अन्य एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड मिल सकते हैं। इन तत्वों को शरीर में ऊर्जा खर्च और फैट ऑक्सीडेशन से जोड़कर देखा गया है। कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में कैटेचिन और कैफीन के संयोजन से ऊर्जा खर्च में मामूली बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। हालांकि इसका प्रभाव इतना बड़ा नहीं माना जाता कि केवल माचा पीने से तेजी से वजन कम हो जाए।

    माचा में मौजूद कैफीन और ईजीसीजी शारीरिक गतिविधि के दौरान शरीर द्वारा ऊर्जा के इस्तेमाल और फैट के ऑक्सीडेशन को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। कैफीन सतर्कता बढ़ाने में भी मदद कर सकता है, जिससे कुछ लोगों को व्यायाम के दौरान सक्रिय रहने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा माचा में एल-थियानाइन नामक अमीनो एसिड भी होता है, जो कैफीन के प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित करने से जुड़ा माना जाता है।

    हालांकि वजन और मेटाबॉलिज्म पर सिर्फ एक पेय का प्रभाव सीमित होता है। शरीर की कैलोरी जरूरत और ऊर्जा खर्च उम्र, आनुवंशिकता, मांसपेशियों की मात्रा, हार्मोन, खान-पान और शारीरिक गतिविधि जैसे कई कारकों पर निर्भर करते हैं। इसलिए माचा को संतुलित डाइट और नियमित व्यायाम का विकल्प नहीं माना जा सकता।

    वजन कम करने के लिए लंबे समय तक कैलोरी की जरूरत से कम ऊर्जा लेना, पर्याप्त प्रोटीन और पौष्टिक भोजन करना, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और लगातार स्वस्थ आदतें बनाए रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है। यदि कोई व्यक्ति मीठे या अधिक कैलोरी वाले पेय की जगह बिना चीनी वाली माचा टी लेता है, तो इससे कुल कैलोरी सेवन कम करने में मदद मिल सकती है।

    माचा की मात्रा को लेकर भी सावधानी जरूरी है। सामान्य स्वस्थ वयस्कों के लिए रोजाना एक से दो सर्विंग सीमित मात्रा में लेना आमतौर पर व्यावहारिक माना जाता है, लेकिन इसमें मौजूद कैफीन को ध्यान में रखना चाहिए। अधिक सेवन से कुछ लोगों में बेचैनी, नींद में परेशानी, सिरदर्द, दिल की धड़कन तेज होने या पाचन संबंधी दिक्कत जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी समस्या वाले लोगों और नियमित रूप से कुछ दवाएं लेने वालों को माचा को रोजाना की डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है। कुल मिलाकर, माचा एक पौष्टिक पेय का हिस्सा हो सकती है, लेकिन स्वस्थ वजन हासिल करने और बनाए रखने की सफलता किसी एक ड्रिंक पर नहीं, बल्कि संतुलित खान-पान और नियमित जीवनशैली पर निर्भर करती है।

  • नर्मदा उफान पर, घाट-मंदिर जलमग्न; छोटे पुल-रपटे डूबे, जोहिला बांध के पांच गेट खुले

    नर्मदा उफान पर, घाट-मंदिर जलमग्न; छोटे पुल-रपटे डूबे, जोहिला बांध के पांच गेट खुले


    उमरिया।
    मंडला जिले में पिछले 24 घंटे से हो रही तेज बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से नर्मदा किनारे स्थित मंदिर और घाट जलमग्न हो गए हैं। मंडला शहर का छोटा रपटा पुल भी पूरी तरह डूब गया है और पानी पुल के ऊपर से बह रहा है।

    नर्मदा में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। माहिष्मती घाट, सहस्रधारा सहित प्रमुख घाटों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। लोगों को नदी के पास जाने, नहाने और जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने से रोका जा रहा है।

    पांच-छह छोटे पुल और रपटे जलमग्न

    लगातार बारिश के कारण जिले के करीब पांच-छह छोटे पुल और रपटे भी जलमग्न होने की सूचना है। प्रशासन ने ऐसे स्थानों पर बैरिकेडिंग कर आवागमन बंद कराया है। चौकीदारों की तैनाती के साथ पुलिस और होमगार्ड की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।

    जोहिला बांध के पांच गेट खुले

    उमरिया जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण जोहिला बांध का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए बांध प्रबंधन ने रविवार को इस मानसून में पहली बार एक साथ पांच गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की। गेट खुलने के बाद तेज बहाव के साथ पानी बाहर निकल रहा है।

    बांध प्रबंधन के अनुसार गेट क्रमांक दो को दो मीटर, तीन को तीन मीटर, चार को तीन मीटर, पांच को दो मीटर और छह को दो मीटर तक खोला गया है। पांचों गेट से कुल 12 मीटर पानी की निकासी की जा रही है। इससे करीब 50 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड की दर से बाहर निकल रहा है।

    बांध देखने पहुंच रहे लोग

    जोहिला बांध के पांच गेट एक साथ खोले जाने की सूचना के बाद आसपास के लोग बांध का नजारा देखने पहुंचने लगे हैं। पाली निवासी शिवम गुप्ता ने बताया कि इससे पहले एक और दो गेट खुले थे, लेकिन पांच गेटों से एक साथ पानी निकलते देखना अलग अनुभव है।

    माला गुप्ता ने बताया कि तेज बहाव के साथ बांध से निकलते पानी का दृश्य आकर्षक है। एक साथ पांच गेट खुलना आम तौर पर देखने को नहीं मिलता। हालांकि, बांध पर सुरक्षा कर्मी तैनात हैं और लोगों को पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्र से दूर रहने की हिदायत दी जा रही है।

    सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क

    बांध के गेट खुलने के बाद लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। लोगों को पानी के नजदीक जाने से रोका जा रहा है। प्रशासन और बांध प्रबंधन ने लोगों से तेज बहाव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने और सावधानी बरतने की अपील की है।

    प्रशासन ने नर्मदा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए भी लोगों से नदी और जलमग्न पुल-पुलियों से दूरी बनाए रखने को कहा है। संबंधित विभागों को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

  • खाने की चीजों में गंदगी मिलने पर दो कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड, FSSAI ने लिया सख्त एक्शन

    खाने की चीजों में गंदगी मिलने पर दो कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड, FSSAI ने लिया सख्त एक्शन

    नई दिल्ली ।देश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की दो खाद्य कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों में जिंदा कीड़े, फंगस, चूहे की बीट और गंदगी जैसी गंभीर खामियां मिलने की बात सामने आई है। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को देखते हुए दोनों कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

    जिन कंपनियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें उत्तर प्रदेश की वीकेसी नट्स प्राइवेट लिमिटेड और महाराष्ट्र की छेड़ा स्पेशियलिटीज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। संबंधित इकाइयों में खाद्य पदार्थों के उत्पादन और रखरखाव से जुड़े मानकों की जांच की गई थी। निरीक्षण के दौरान ऐसी परिस्थितियां सामने आईं, जिन्हें खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना गया।

    जांच के दौरान पिस्ता समेत कुछ खाद्य सामग्री में जिंदा कीड़े पाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा फंगस और चूहे की बीट मिलने की बात भी कही गई है। खाद्य पदार्थों के आसपास गंदगी की स्थिति भी निरीक्षण के दौरान सामने आई। ऐसे हालात में तैयार या संग्रहित खाद्य सामग्री की स्वच्छता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

    खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने इन खामियों को उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए संभावित खतरा माना है। खाद्य पदार्थों में कीड़े, फंगस या चूहों से जुड़ी गंदगी की मौजूदगी खाद्य स्वच्छता के बुनियादी मानकों के विपरीत है। इसी वजह से संबंधित कंपनियों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई की गई।

    खाद्य कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए उत्पादन परिसर की साफ-सफाई, कच्चे माल का सुरक्षित भंडारण, कीट नियंत्रण और तैयार उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी होता है। निरीक्षण के दौरान इन क्षेत्रों में गंभीर कमियां मिलने पर नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है। मौजूदा मामले में भी खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन में कमी को कार्रवाई का आधार बनाया गया है।

    उत्तर प्रदेश की वीकेसी नट्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में सूखे मेवों और अन्य खाद्य सामग्री से संबंधित जांच के दौरान गंभीर कमियां सामने आईं। पिस्ता में कीड़े और अन्य संदूषण से जुड़ी स्थिति को लेकर खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल उठे। इसके बाद कंपनी के लाइसेंस को निलंबित करने का फैसला लिया गया।

    महाराष्ट्र की छेड़ा स्पेशियलिटीज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की गई। जांच के दौरान खाद्य सामग्री और परिसर में स्वच्छता से जुड़ी खामियों की जानकारी सामने आई। जिंदा कीड़े, फंगस और चूहे की बीट जैसी स्थितियां मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीर चिंता जताई गई।

    प्राधिकरण की इस कार्रवाई को खाद्य कारोबारियों के लिए नियमों के पालन का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। खाद्य पदार्थों के उत्पादन से लेकर पैकेजिंग और भंडारण तक हर स्तर पर स्वच्छता और सुरक्षा मानकों को बनाए रखना जरूरी है। लापरवाही मिलने पर लाइसेंस निलंबन सहित अन्य नियामकीय कदम उठाए जा सकते हैं।

    खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में नियमित निरीक्षण का उद्देश्य उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री पहुंचाना है। दो कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए जाने की कार्रवाई इसी निगरानी प्रक्रिया का हिस्सा है। आने वाले समय में जांच के आधार पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ आगे की नियामकीय कार्रवाई भी हो सकती है।