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  • युद्ध खत्म होते ही कच्चा तेल धड़ाम….. 78 डॉलर के करीब आए दाम, जानिए आज के फ्यूल रेट!

    युद्ध खत्म होते ही कच्चा तेल धड़ाम….. 78 डॉलर के करीब आए दाम, जानिए आज के फ्यूल रेट!


    नई दिल्ली।
    ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध (Iran-US War) खत्म हो चुका है। इस खबर के बाद कच्चे तेल के दाम (Crude oil Prices) धड़ाम हो गए हैं। ब्रेंट क्रूड के भाव 1.53 प्रतिशत लुढ़क कर 78.33 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इस बीच भारत (India) की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी कर दी हैं। भारत की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल करीब ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर बिक रहा है। आज फ्यूल के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।


    पड़ोसी देशों में कम हो गए पेट्रोल के रेट

    ग्लोबल पेट्रोल प्राइस के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में पेट्रोल की औसत कीमत 130.82 रुपये लीटर से घटकर 126.84 रुपये पर आ गई है। चीन में भी पेट्रोल सस्ता हुआ है। अब यहां पेट्रोल की कीमत 132.81 रुपये से घटकर 125.36 रुपये लीटर पर आ गया है। नेपाल में पेट्रोल भी पेट्रोल की कीमत 136.41 रुपये से 135.47 रुपये लीटर पर आ गई है।

    बांग्लादेश में पेट्रोल की कीमत 112.68 रुपये से कम होकर 111.51 रुपये पर आ गई है। जबकि, भूटान में आज पेट्रोल 109.73 रुपये पर स्थिर है। श्रीलंका में पेट्रोल के दाम 142.00 रुपये से घटकर 139.58 रुपये पर पहुंच गया है। म्यांमार में पेट्रोल 140.20 रुपये से घटकर अब 118.37 रुपये लीटर पर आ गया है।


    भारत के अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट

    राजधानी जयपुर में पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 97.78 रुपये लीटर है। पटना में 1 लीटर पेट्रोल का दाम 112.70 रुपये और डीजल का दाम 99.87 रुपये है। लखनऊ में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत आज 102.05 रुपये और डीजल 99.28 रुपये लीटर है। अयोध्या में पेट्रोल 102.4 और डीजल 97.87 रुपये लीटर है।

    इंदौर में आज एक लीटर पेट्रोल की कीमत 114.61 और डीजल की 99.70 रुपये है। भोपाल में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 114.65 रुपये और डीजल की 99.74 पर है। रायपुर पेट्रोल 107.96 और डीजल 101.17 रुपये लीटर है। बीजापुर में पेट्रोल 109.69 रुपये और डीजल 102.99 रुपये है।


    युद्ध खत्म होने के डील पर साइन

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत तेहरान को अपने एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को कम करना होगा और बदले में उस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध हटा लिए जाएंगे, जिससे ईरान तुरंत अपना तेल खुलकर बेच सकेगा।

    एपी के मुताबिक ट्रंप ने बुधवार को वर्साय में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ डिनर के दौरान एक फिजिकल कॉपी पर साइन किए। वर्साय वही महल है, जहां सदियों से कई ऐतिहासिक समझौतों पर साइन किए गए हैं, जिनसे युद्ध या जमीन से जुड़े विवाद खत्म हुए हैं।

    व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में साइनिंग सेरेमनी की योजना बनाई थी, लेकिन अब इसका भविष्य अनिश्चित है, क्योंकि अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान से अलग-अलग जानकारी मिल रही है।

  • हिमाचल प्रदेश….. चंबा-मसरूंड मार्ग पर 500 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, 7 लोगों की मौत

    हिमाचल प्रदेश….. चंबा-मसरूंड मार्ग पर 500 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, 7 लोगों की मौत


    चंबा।
    हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के चंबा जिले (Chamba district) में वीरवार को चंबा-मसरूंड मार्ग (Chamba-Masrund Road) पर छतरूंड के समीप एक बोलेरो (Bolero) अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई (500-Meter-Feep Gorge) में जा गिरी, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।


    मुंडन संस्कार में शामिल होकर लौट रहे थे घर

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, बोलेरो (एचपी-01सी-2581) में ग्राम महल पंचायत के सपरोठ गांव के छह लोग, जिनमें तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल थे और वाहन का चालक सवार था। ये सभी लोग काकड़ोथा गांव में आयोजित एक मुंडन संस्कार में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान छतरूंड के पास अनियंत्रित होकर वाहन सड़क से लुढ़क गया और खाई में समा गया। खाई की गहराई लगभग 500 मीटर बताई जा रही है।


    राहत एवं बचाव कार्य

    हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे। तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। गहरी खाई से सभी सात शवों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के कारणों की पुष्टि हो सके।


    जांच शुरू, कारणों की पड़ताल जारी

    प्रशासन ने इस भीषण हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सड़कों की स्थिति, वाहन की गति, या किसी अन्य यांत्रिक खराबी जैसे संभावित कारणों की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने सपरोठ पंचायत में मातम का माहौल बना दिया है।


    पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा की चिंता

    चंबा जैसे पहाड़ी जिलों में इस तरह के सड़क हादसे कोई नई बात नहीं हैं। संकरे और घुमावदार रास्ते, तीव्र ढलानें और कई बार खराब सड़क की स्थिति, इन सभी कारणों से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा के उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और सड़कों की स्थिति को सुधारा जाए।

  • PM मोदी कल PM-VBRY के तहत वितरित करेंगे 2400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    PM मोदी कल PM-VBRY के तहत वितरित करेंगे 2400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) शुक्रवार को विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) (Pradhan Mantri Viksit Bharat Rojgar Yojana-PM-VBRY) के तहत करीब 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे।

    केंद्र सरकार की इस खास योजना का मकसद देश में नए रोजगार पैदा करना, नौकरियों को औपचारिक रूप देना और युवाओं की कार्यक्षमता को बढ़ाना है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस योजना का लक्ष्य हर क्षेत्र के श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंचाना है। योजना के जरिये अब तक देशभर में 15 लाख नए रोजगार के मौके तैयार किए जा चुके हैं। पीएम-वीबीआरवाई को इस तरह बनाया गया है कि यह श्रमिकों और नियोक्ताओं (कंपनियों) दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करे।


    पहली नौकरी पर मिलेंगे 15,000

    योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे उन्हें अपने कॅरियर की शुरुआत में महत्वपूर्ण मदद मिलती है।

    वहीं, जो कंपनियां अपने यहां अतिरिक्त रोजगार पैदा करती हैं, उन्हें हर नए कर्मचारी पर प्रति माह 3,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, ताकि निरंतर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले। विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियां चार साल तक , जबकि अन्य सभी क्षेत्रों की कंपनियां दो साल तक इसका लाभ उठा सकती हैं।

    दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम को पीएम नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे और डिजिटल माध्यम से राशि वितरित करेंगे। इसके बाद देशभर के कार्यालय ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे और अपने अधीन जिलों के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र देंगे। ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से आईजीपी में होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रदेशभर से 1200 कर्मचारियों और 300 कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। अन्य सभी कर्मचारियों को उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी। लखनऊ परिक्षेत्र के छह जिलों से योजना के तहत 4800 कंपनियों ने पंजीकरण कराया है। 60 हजार नए कर्मचारी जोडे़ गए हैं और 1.3 लाख कर्मी दोबारा सेवा में आए हैं।

  • RS चुनावः झारखंड से 2 सीट और 3 उम्मीदवार… आज मतदान के बाद शाम तक साफ हो जाएगी तस्वीर

    RS चुनावः झारखंड से 2 सीट और 3 उम्मीदवार… आज मतदान के बाद शाम तक साफ हो जाएगी तस्वीर


    रांची।
    झारखंड में राज्यसभा की 2 सीटों के लिए आज वोटिंग होनी है. मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक विधानसभा परिसर में बने मतदान केंद्र पर होगा. शाम तक रिजल्ट भी आ जाएगा. झारखंड की दो सीटों पर तीन उम्मीदवार होने की वजह से चुनाव दिलचस्प हो गया है।

    तीसरे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नाथवानी है, जिनका समर्थन एनडीए कर रहा है. एनडीए के पास 24 विधायक हैं. इनमें बीजेपी के 21, AJSU, जेडीयू और LJP(R) का 1-1 विधायक है. वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के पास 34 विधायक हैं।

    राज्यसभा की सीट जीतने के लिए 28 विधायकों का समर्थन चाहिए. पहली सीट पर JMM उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की जीत तय है. लेकिन असली लड़ाई दूसरी सीट के लिए है. दूसरी सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी हैं. एनडीए को जीत के लिए सिर्फ 4 वोट और चाहिए, जबकि कांग्रेस के पास 14 वोट कम पड़ रहे हैं।

    राज्यसभा चुनाव के लिए इंडिया और एनडीए के बीच अपना कुनबा बचाना सबसे बड़ी चुनौती है. सोमवार को सीएम आवास पर कांग्रेस प्रभारी के राजू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात के बाद साफ कर दिया था कि गठबंधन की सरकार को समर्थन दे रहे सभी 56 विधायकों को 16 और 17 जून को सीएम हाउस में हाजिरी लगानी होगी. के राजू ने बताया था कि वहां डिनर के दौरान मॉक पोल भी होगा. विधायकों को भी शहर में ही रहने का निर्देश दिया गया है.

    इधर NDA ने भी अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए सभी 24 विधायकों को एक साथ रांची के रेडिसन ब्लू में रहने के निर्देश दिए है. दो दिन से विधायक यहीं हैं और यहीं से वोटिंग के लिए जाएंगे. यानी पॉलिटिक्स होटल में शिफ्ट हो गई है.

    जाहिर है ऐसा इसलिए किया गया है कि पोचिंग की संभावना न हो. एनडीए के नेता भी बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सोमवार को आयोजित गठबंधन के बैठक के बाद चौंकन्ना हो गए हैं. बैठक से 7विधायक नदारद थे. चंपई सोरेन समेत सरयू राय सरीखे नेता बैठक में नहीं थे।

    कांग्रेस के नेता भी आग में घी का काम ये कहकर डालते रहे कि NDA के तीन विधायक संपर्क में है. हालांकि बाद में चंपई सोरेन के साथ नाथवानी की तस्वीर सामने सोशल मीडिया पर आई और सरयू राय की भी तस्वीर देखने को मिली।


    इंडिया ब्लॉक के 56 विधायक, फिर क्यों चिंता?

    वहीं, कांग्रेस और JMM के दावे हैं कि जब हेमंत सरकार को 56 विधायकों का समर्थन है तो कहां चिंता का विषय है? 2सीट के लिए जीत के लिए 56 विधायकों की ही जरूरत है. लिहाजा दोनों सीट पर उनके ही उम्मीदवार जीतेंगे।

    दोनों गठबंधन ने बैठके की है. दोनों ने मॉक पोल भी किया है. संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्णा किशोर ने मंगलवार रात सीएम हाउस में बैठक के बाद बताया था कि दोनों सीट पर उनकी जीत होगी. मॉक पोल में कांग्रेस को 27 और JMM को 27 मत मिले थे.


    एनडीए को क्रॉस वोटिंग से उम्मीद

    इस बीच NDA की उम्मीदें कोर्स वोटिंग पर टिकी है और इंडिया ब्लॉक क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए हर कोशिश कर रहा है. इसी कोशिश पर उसकी जीत का दारोमदार है. एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी का कहना है कि भले ही 4 वोट कम है लेकिन झारखंड से वो 2008 और 2014 में भी राज्यसभा जा चुके हैं और सभी ने उनका काम देखा है. उनका कहना है कि अंतरात्मा की आवाज पर उन्हें जीत के लिए 28 वोट मिल जाएंगे।


    दो सीटों पर क्यों हो रहे हैं चुनाव?

    बीजेपी के सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल खत्म हो रहा. दूसरी सीट शिबू सोरेन की थी, जिनका निधन हो चुका है. हालांकि, शिबू सोरेन अगर होते तो उनका कार्यकाल भी खत्म हो जाता।

  • MP सरकार को बड़ा झटका…. HC ने राज्य परिवहन प्राधिकरण के पुनर्गठन पर लगाई रोक

    MP सरकार को बड़ा झटका…. HC ने राज्य परिवहन प्राधिकरण के पुनर्गठन पर लगाई रोक


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश सरकार (Government of Madhya Pradesh) को राज्य परिवहन प्राधिकरण यानी एसटीए (State Transport Authority – STA) के पुनर्गठन मामले में बड़ा झटका लगा है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की ग्वालियर खंडपीठ (Gwalior Bench) ने 9 फरवरी 2026 को जारी पुनर्गठन संबंधी अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी है। सबसे अहम बात यह रही कि सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने खुद स्वीकार किया कि पूरी प्रक्रिया में कुछ कानूनी खामियां रह गई हैं। इन त्रुटियों को दूर करने के लिए सरकार ने हाईकोर्ट से तीन महीने का समय मांगा है। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनीष सिंह से भी जवाब तलब किया है।

    यह मामला हरिशंकर सिंह पटेल एवं अन्य द्वारा दायर याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के समक्ष पहुंचा था। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी और अधिवक्ता हिमांशु शर्मा ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि राज्य शासन ने मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत राज्य परिवहन प्राधिकरण की संरचना में परिवहन विभाग के सचिव को शामिल कर दिया है। याचिका में यह भी कहा गया कि संबंधित अधिकारी राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक का दायित्व भी संभाल रहे हैं, जिससे हितों के टकराव की स्थिति उत्पन्न होती है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि ऐसी व्यवस्था निष्पक्ष प्रशासनिक निर्णयों पर सवाल खड़े कर सकती है।

    सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से भी यह स्वीकार किया गया कि पुनर्गठन की प्रक्रिया में कुछ कानूनी कमियां रह गई हैं। शासन ने अदालत से इन कमियों को दूर करने के लिए तीन माह का समय देने का अनुरोध किया। इसके बाद हाईकोर्ट ने फिलहाल पुनर्गठन संबंधी अधिसूचना के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी।

    इस पूरे विवाद का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह सामने आया है कि याचिकाकर्ताओं, बस ऑपरेटरों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि पुनर्गठन की प्रक्रिया के जरिए राज्य परिवहन प्राधिकरण के कामकाज को ग्वालियर से भोपाल स्थानांतरित करने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन यही आशंका इस मामले के केंद्र में मानी जा रही है। यदि भविष्य में ऐसा होता है तो प्रदेशभर के बस ऑपरेटरों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों को नई प्रशासनिक व्यवस्था का सामना करना पड़ सकता है।

    बता दें कि राज्य परिवहन प्राधिकरण प्रदेश में बस परमिट जारी करने, रूट आवंटन करने और परिवहन नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लेने वाली प्रमुख संस्था है। ऐसे में हाईकोर्ट के इस आदेश को परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल पुनर्गठन की प्रक्रिया पर रोक लग गई है और अब सभी की निगाहें अदालत की अगली सुनवाई और सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब पर टिकी हुई हैं।

  • अभिषेक बनर्जी की 6 साल पुराने मामले में हो सकती है गिरफ्तारी… एमपी HC ने खारिज की याचिका

    अभिषेक बनर्जी की 6 साल पुराने मामले में हो सकती है गिरफ्तारी… एमपी HC ने खारिज की याचिका


    जबलपुर।
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) में तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) की करारी हार के बाद ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) चौतरफा मुसीबतों से घिरे हुए हैं। इस बीच अभिषेक बनर्जी पर गिरफ्तारी की तलावर लटक गई है। एक छह साल पुराने मानहानि के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। अदालत ने इसके लिए रास्ता साफ कर दिया है। अदालत का यह आदेश उस दिन आया जिस दिन सांसद के खिलाफ पश्चिम बंगाल में भी दो नए केस दर्ज किए गए हैं।

    ईडी समेत कई जांच एजेंसियों के रडार पर आए अभिषेक बनर्जी को जहां एक तरफ जनता के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है तो दूसरी तरफ उनके खिलाफ कई कानूनी मोर्चे भी खुल गए हैं। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने अभिषेक बनर्जी की याचिका को खारिज कर दिया और हाई कोर्ट से 12 नवंबर 2025 को मिले स्टे को हटा दिया। भोपाल में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने यह अरेस्ट वारंट जारी किया था। अदालत ने कहा, ‘पहले चरण में भी याचिकाकर्ता की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता की इस याचिका की कार्यवाही में कोई दिलचस्पी नहीं है। याचिकाकर्ता के पक्ष में दिए गए स्टे को भी हटाया जा रहा है।


    अभिषेक बनर्जी की हो सकती है गिरफ्तारी

    अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जारी अरेस्ट वारंट पर लगी रोक को हटा दिया है। इससे बनर्जी की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश पुलिस जल्द ही पश्चिम बंगाल जाकर उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। यह भी संभव है कि एमपी पुलिस के ऐक्शन से पहले वह सुप्रीम कोर्ट जाकर राहत की मांग करें।


    6 साल पहले कोलकाता में दिया था बयान

    सांसद अभिषेक बनर्जी के अरेस्ट वारंट से स्टे हटाते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि आदेश की कॉपी तुरंत ट्रायल कोर्ट को भेजी जाए। यह मामला 6 साल पुराना है, जब नवंबर 2020 में एक चुनावी रैली के दौरान अभिषेक बनर्जी ने आकाश विजयवर्गीय के लिए कथित तौर पर ‘गुंडा’ वाला बयान दिया था। आकाश विजयवर्गीय ने एमपी-एमएलए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, जिसके बाद अभिषेक बनर्जी ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। याचिका में कहा गया था कि वह वर्तमान में एक सांसद हैं, ऐसे में उनके फरार होने की संभावना नहीं है। इस बीच पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेता अभिजीत दास की शिकायत पर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले में दो एफआईआर दर्ज की गई है।

  • 40 साल से पहले मेनोपॉज बना सकता है दिल का दुश्मन, महिलाओं में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बढ़ रहा खतरा

    40 साल से पहले मेनोपॉज बना सकता है दिल का दुश्मन, महिलाओं में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बढ़ रहा खतरा


    नई दिल्ली । महिलाओं के जीवन में मेनोपॉज एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, लेकिन यदि यह सामान्य उम्र से पहले शुरू हो जाए तो इसके गंभीर स्वास्थ्य परिणाम सामने आ सकते हैं। हाल ही में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने इस विषय को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। शोधकर्ताओं के अनुसार, 40 वर्ष की उम्र से पहले मेनोपॉज का अनुभव करने वाली महिलाओं में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा सामान्य महिलाओं की तुलना में काफी बढ़ जाता है।

    मेडिकल जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में 26 देशों की 1.11 लाख से अधिक महिलाओं के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोध में पाया गया कि जिन महिलाओं में 40 से 44 वर्ष की उम्र के बीच मेनोपॉज हुआ, उनमें सामान्य उम्र में मेनोपॉज होने वाली महिलाओं की तुलना में हृदय रोगों का खतरा 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निष्कर्ष महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चेतावनी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    भारत की स्थिति इस मामले में और भी चिंताजनक बताई गई है। अध्ययन में शामिल भारतीय महिलाओं के आंकड़ों से पता चला कि बड़ी संख्या में महिलाओं को समय से पहले या अपेक्षाकृत कम उम्र में मेनोपॉज का सामना करना पड़ रहा है। शोध के अनुसार लगभग 18 प्रतिशत महिलाओं में प्रीमैच्योर मेनोपॉज देखा गया, जबकि एक बड़ी संख्या 40 से 44 वर्ष की आयु में ही मेनोपॉज के चरण में पहुंच गई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारतीय महिलाओं को इस समस्या के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मेनोपॉज से पहले महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहता है, जो हृदय और रक्त वाहिकाओं को सुरक्षा प्रदान करता है। लेकिन जैसे-जैसे मेनोपॉज की प्रक्रिया शुरू होती है, एस्ट्रोजन का स्तर कम होने लगता है। इसके परिणामस्वरूप हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है। यही कारण है कि समय से पहले मेनोपॉज महिलाओं को कम उम्र में ही हृदय संबंधी समस्याओं की ओर धकेल सकता है।

    शोध में यह भी सामने आया कि दक्षिण एशियाई देशों की महिलाओं में मेनोपॉज की औसत उम्र वैश्विक औसत से कम है। विशेषज्ञ इसके पीछे कई कारण बताते हैं, जिनमें लगातार बढ़ता तनाव, धूम्रपान, प्रदूषण, खराब खानपान, नींद की कमी, मधुमेह और जीवनशैली से जुड़ी अन्य समस्याएं शामिल हैं। इसके अलावा एनीमिया, पोषण की कमी, कम उम्र में विवाह और बार-बार गर्भधारण जैसे सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कारक भी महिलाओं में जल्दी मेनोपॉज की वजह बन सकते हैं।

    डॉक्टरों का मानना है कि समय से पहले मेनोपॉज का सामना करने वाली महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। हार्ट हेल्थ, ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की निगरानी के साथ-साथ मेनोपॉज संबंधी स्क्रीनिंग भी जरूरी है। समय रहते पहचान और उचित जीवनशैली अपनाकर हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    विशेषज्ञ महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और धूम्रपान से दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। क्योंकि स्वस्थ जीवनशैली ही समय से पहले मेनोपॉज और उससे जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मानी जाती है।

  • आज शेयर बाजार में रह सकती है तेजी की धार, निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और प्रमुख सेक्टरों पर

    आज शेयर बाजार में रह सकती है तेजी की धार, निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और प्रमुख सेक्टरों पर


    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत सकारात्मक माहौल के साथ होने की उम्मीद जताई जा रही है। बीते कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार ने मजबूती दिखाई है और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और घरेलू आर्थिक गतिविधियों में सुधार की उम्मीदें बाजार को मजबूती प्रदान कर सकती हैं। हालांकि दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद और लगातार बढ़ रही निवेश गतिविधियां शेयर बाजार को समर्थन दे रही हैं। विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी आज बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से खरीदारी जारी रहती है, तो बाजार में तेजी का रुख और मजबूत हो सकता है। वहीं किसी भी नकारात्मक वैश्विक संकेत का असर बाजार की चाल पर दिखाई दे सकता है।

    आज आईटी, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़े शेयर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। पिछले कुछ समय से आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली है, जबकि बैंकिंग सेक्टर भी बाजार को सहारा देता नजर आ रहा है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर भी निवेशकों की विशेष नजर रह सकती है।

    कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक मानी जा रही है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में कमी से महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है। इसका सकारात्मक असर शेयर बाजार की धारणा पर भी दिखाई देता है।

    विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही महत्वपूर्ण स्तरों के आसपास कारोबार कर रहे हैं। यदि बाजार शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में सफल रहता है, तो निवेशकों का उत्साह और बढ़ सकता है। हालांकि मुनाफावसूली के कारण बीच-बीच में दबाव भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में बाजार की दिशा दिनभर बदलती परिस्थितियों के अनुसार तय होगी।

    खुदरा निवेशकों के लिए सलाह दी जा रही है कि वे अफवाहों या त्वरित लाभ के लालच में निवेश करने के बजाय मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों का चयन करें। लंबी अवधि की निवेश रणनीति अपनाने वाले निवेशकों के लिए मौजूदा बाजार परिस्थितियां बेहतर अवसर प्रदान कर सकती हैं। वहीं अल्पकालिक निवेशकों को स्टॉप लॉस का उपयोग करते हुए सतर्कता बरतनी चाहिए।

    कुल मिलाकर आज का कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेतों के साथ शुरू हो सकता है। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और घरेलू स्तर पर निवेशकों का भरोसा कायम रहता है, तो बाजार में मजबूती का रुख देखने को मिल सकता है। हालांकि किसी भी अप्रत्याशित घटनाक्रम को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहना होगा।

  • आज का मौसम 18 जून 2026: एमपी में बारिश और आंधी के आसार, कई इलाकों में बदलेगा मौसम का मिजाज

    आज का मौसम 18 जून 2026: एमपी में बारिश और आंधी के आसार, कई इलाकों में बदलेगा मौसम का मिजाज


    मध्य प्रदेश । 18 जून 2026 को देशभर में मौसम का मिजाज अलग-अलग रंग दिखा सकता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जबकि मध्य भारत के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार बढ़ सकती है, जिससे कई राज्यों को गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।

    मध्य प्रदेश की बात करें तो राज्य के कई जिलों में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग पहले ही संकेत दे चुका है कि 17-18 जून के आसपास मानसून राज्य के दक्षिणी हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। ऐसे में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का प्रभाव देखने को मिल सकता है।

    राजधानी भोपाल सहित कई शहरों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कुछ क्षेत्रों में दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। वहीं जहां बारिश नहीं होगी, वहां उमस लोगों को परेशान कर सकती है। प्री-मानसून गतिविधियों के कारण तापमान में मामूली गिरावट भी दर्ज की जा सकती है।

    देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि कुछ इलाकों में तेज हवाओं और आंधी की चेतावनी भी जारी की गई है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों को भी मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है, ताकि खेती-बाड़ी के कार्यों की उचित योजना बनाई जा सके।

    कुल मिलाकर 18 जून का दिन मध्य प्रदेश में बदलते मौसम का संकेत दे सकता है। कई क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं से राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि कुछ इलाकों में गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।

  • गुरुवार के वास्तु टिप्स: इन आसान उपायों से बढ़ेगी सुख-समृद्धि, मिलेगा गुरु ग्रह का शुभ प्रभाव

    गुरुवार के वास्तु टिप्स: इन आसान उपायों से बढ़ेगी सुख-समृद्धि, मिलेगा गुरु ग्रह का शुभ प्रभाव


    नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र में सप्ताह के प्रत्येक दिन का अपना विशेष महत्व बताया गया है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष और वास्तु दोनों ही शास्त्रों में गुरु ग्रह को ज्ञान, समृद्धि, वैवाहिक सुख, संतान और आध्यात्मिक उन्नति का कारक माना गया है। ऐसे में गुरुवार के दिन किए गए कुछ सरल वास्तु उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और घर-परिवार में खुशहाली बढ़ा सकते हैं।

    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार गुरुवार की सुबह घर की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। विशेष रूप से पूजा स्थल और उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को साफ-सुथरा रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दिशा देवताओं की दिशा मानी जाती है और यहां स्वच्छता बनाए रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    गुरुवार के दिन घर के मंदिर में भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले फूल अर्पित करें। पूजा के दौरान घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। पीला रंग गुरु ग्रह का प्रतीक है, इसलिए इस दिन पीले वस्त्र पहनना और घर में पीले रंग की वस्तुओं का उपयोग करना लाभकारी माना जाता है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार गुरुवार को घर के मुख्य द्वार के आसपास साफ-सफाई रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मुख्य प्रवेश द्वार पर गंदगी या अव्यवस्था होने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। यदि संभव हो तो द्वार पर शुभ प्रतीक या रंगोली बनाकर घर के वातावरण को सकारात्मक बनाया जा सकता है।

    आर्थिक उन्नति के लिए गुरुवार के दिन हल्दी का विशेष महत्व माना गया है। घर के मंदिर में हल्दी अर्पित करना तथा पीली वस्तुओं का दान करना शुभ फलदायी माना जाता है। जरूरतमंदों को चने की दाल, पीले वस्त्र या केले का दान करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है और जीवन में शुभ परिणाम मिलने की मान्यता है।

    वास्तु के अनुसार गुरुवार को घर के उत्तर-पूर्व दिशा में भारी सामान रखने से बचना चाहिए। इस दिशा को खुला और साफ रखना बेहतर माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। साथ ही परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य भी बढ़ता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना और जल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। तुलसी का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण बनाए रखने में सहायक माना जाता है। हालांकि तुलसी के पत्ते तोड़ने से पहले स्थानीय परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं का ध्यान रखना चाहिए।

    गुरुवार के दिन अनावश्यक विवाद, कटु वचन और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का वातावरण जितना शांत और सकारात्मक होगा, उतनी ही शुभ ऊर्जा घर में बनी रहेगी।

    इन सरल वास्तु उपायों को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मकता, आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक सुख-शांति को बढ़ा सकता है। गुरुवार का दिन आध्यात्मिक और मानसिक उन्नति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इस दिन अच्छे कार्यों और सकारात्मक सोच को प्राथमिकता देना लाभकारी हो सकता है।