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  • अमेज़न सेल में सेनहाइज़र के प्रीमियम ऑडियो प्रोडक्ट्स पर 60 प्रतिशत तक छूट

    अमेज़न सेल में सेनहाइज़र के प्रीमियम ऑडियो प्रोडक्ट्स पर 60 प्रतिशत तक छूट

    भोपाल। प्रीमियम ऑडियो उत्पाद बनाने वाली वैश्विक कंपनी सेनहाइज़र ने अमेज़न की आगामी सेल के दौरान अपने चुनिंदा उत्पादों पर विशेष छूट देने की घोषणा की है। ग्राहक 8 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाली सेल में कंपनी के चुनिंदा हेडफोन, माइक्रोफोन और इन-ईयर मॉनिटर्स पर 60 प्रतिशत तक की छूट का लाभ उठा सकेंगे।
    मोमेंटम 4
    सेनहाइज़र के मोमेंटम 4 के साथ बेहतरीन ऑडियोफाइल साउंड का अनुभव करें। यह हेडफोन असाधारण आराम और सेनहाइज़र की सिग्नेचर हाई-फिडेलिटी ऑडियो क्वालिटी के लिए तैयार किया गया है। सेनहाइज़र के ऑडियोफाइल-प्रेरित 42 मिमी ट्रांसड्यूसर सिस्टम से लैस यह डिवाइस समृद्ध और स्पष्ट ध्वनि प्रदान करता है। इसके साथ एडैप्टिव नॉइज़ कैंसलेशन और ट्रांसपेरेंसी मोड जैसी सुविधाएं मिलती हैं, जो आपके आसपास के माहौल के अनुसार अपने आप समायोजित हो जाती हैं। आप सेनहाइज़र स्मार्ट कंट्रोल ऐप के माध्यम से बिल्ट-इन ईक्यू, प्रीसेट्स, साउंड मोड्स और साउंड पर्सनलाइजेशन की मदद से अपने सुनने के अनुभव को अपनी पसंद के अनुसार अनुकूलित कर सकते हैं। यह डिवाइस 60 घंटे तक की बैटरी लाइफ और फास्ट चार्जिंग सुविधा प्रदान करता है। साथ ही, चार डिजिटल बीमफॉर्मिंग माइक्रोफोन्स और ऑटोमैटिक विंड नॉइज़ सप्रेशन की मदद से क्रिस्टल-क्लियर कॉलिंग का अनुभव मिलता है। पैडेड हेडबैंड और गहरे कुशन वाले ईयरपैड्स के साथ इसका हल्का डिजाइन पूरे दिन आरामदायक उपयोग सुनिश्चित करता है। यह प्रोडक्ट रुपये 34,990 के एमआरपी के मुकाबले रुपये 17,990 (बैंक डिस्काउंट सहित) की विशेष कीमत पर उपलब्ध है।

    प्रोफाइल यूएसबी माइक्रोफोन/प्रोफाइल स्ट्रीमिंग सेट
    सेनहाइज़र प्रोफाइल यूएसबी माइक्रोफोन के साथ स्टूडियो-क्वालिटी ऑडियो रिकॉर्ड करें। यह एक प्रीमियम यूएसबी-सी कंडेंसर माइक्रोफोन है, जिसे पॉडकास्टर्स, स्ट्रीमर्स, वॉइसओवर आर्टिस्ट्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए तैयार किया गया है। इसमें कार्डियोइड कंडेंसर कैप्सूल दिया गया है, जो बेहतरीन ऑफ-ऐक्सिस रिजेक्शन के साथ प्रोफेशनल साउंड प्रदान करता है।

    प्रोफाइल शानदार वोकल
    क्लैरिटी देता है और अनचाहे बैकग्राउंड नॉइज़ को कम करता है। गेन, मिक्स और वॉल्यूम के लिए आसान ऑनबोर्ड कंट्रोल्स, सॉफ्ट-टच म्यूट बटन, रियल-टाइम हेडफोन मॉनिटरिंग और सटीक पोजिशनिंग के लिए एडजस्टेबल सेल्फ-लॉकिंग टिल्ट मैकेनिज्म के साथ, यह मैकओएस, विंडोज, आईपैडओएस और एंड्रॉइड डिवाइसेज पर आसान प्लग-एंड-प्ले परफॉर्मेंस देता है। प्रोफाइल यूएसबी माइक्रोफोन रुपये 12,900 के एमआरपी के मुकाबले रुपये 6,990 (जीएसटी सहित) की ऑफर कीमत पर उपलब्ध है, यानी 46% की छूट। वहीं, प्रोफाइल स्ट्रीमिंग सेट रुपये 19,900 के एमआरपी के मुकाबले रुपये 11,990 (जीएसटी सहित) की ऑफर कीमत पर उपलब्ध है, यानी 40% की छूट।
    मोमेंटम ट्रू वायरलेस 4
    सेनहाइज़र के मोमेंटम ट्रू वायरलेस 4 के साथ नेक्स्ट-जेन ऑडियो का अनुभव करें, जो सिग्नेचर साउंड, लॉसलेस ऑडियो और भविष्य के लिए तैयार तकनीक का बेहतरीन संयोजन पेश करता है। ट्रू रिस्पॉन्स ट्रांसड्यूसर सिस्टम से लैस यह डिवाइस 24-बिट/96 किलोहर्ट्ज़ हाई-फिडेलिटी साउंड प्रदान करता है। इसमें एडैप्टिव नॉइज़ कैंसलेशन, ट्रांसपेरेंसी मोड और स्मार्ट कंट्रोल ऐप के जरिए पर्सनलाइज्ड ऑडियो की सुविधा मिलती है। यह 30 घंटे तक का प्लेबैक टाइम, क्यूआई वायरलेस चार्जिंग, आसान टच कंट्रोल्स और 6-माइक्रोफोन सेटअप के जरिए क्रिस्टल-क्लियर कॉलिंग का अनुभव प्रदान करता है। इसका स्लीक डिजाइन पूरे दिन आरामदायक उपयोग के लिए तैयार किया गया है। अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल के दौरान यह प्रोडक्ट रुपये s29,990 के एमआरपी के मुकाबले रुपये 14,990 (बैंक डिस्काउंट सहित) की ऑफर कीमत पर उपलब्ध है।
    एचडी 490 प्रो / एचडी 490 प्रो प्लस
    सटीकता के साथ काम करने वाले क्रिएटर्स के लिए तैयार किया गया सेनहाइज़र एचडी 490 प्रो ओपन-बैक डिजाइन और अल्ट्रा-वाइड साउंडस्टेज के साथ अनकलर्ड फ्रीक्वेंसी रिस्पॉन्स प्रदान करता है, जिससे साउंड को सटीक और बारीकी के साथ रीप्रोड्यूस किया जा सकता है। इसका लो-फ्रीक्वेंसी सिलेंडर सिस्टम स्पष्ट और बेहतर लो-एंड साउंड देता है, जबकि दो इंटरचेंजेबल ईयर-पैड सेट प्रोड्यूसिंग और मिक्सिंग, दोनों के लिए उपयुक्त हैं। इसका हल्का और बिना दबाव वाला एर्गोनोमिक डिजाइन लंबे समय तक स्टूडियो सेशंस के दौरान आरामदायक अनुभव देता है, जबकि इसका ओपन-फ्रेम आर्किटेक्चर रेजोनेंस और डिस्टॉर्शन को कम करने में मदद करता है। एचडी 490 प्रो रुपये 40,000 के एमआरपी के मुकाबले रुपये 24,490 (जीएसटी सहित) की ऑफर कीमत पर उपलब्ध है, यानी 39% की छूट। यह एचडी 490 प्रो प्लस वेरिएंट में भी उपलब्ध है, जो अतिरिक्त एक्सेसरीज के साथ समान प्रोफेशनल-ग्रेड ऑडियो परफॉर्मेंस प्रदान करता है और स्टूडियो सेटअप को और बेहतर बनाता है। एचडी 490 प्रो प्लस रुपये 45,000 के एमआरपी के मुकाबले रुपये 27,990 (जीएसटी सहित) की ऑफर कीमत पर उपलब्ध है, यानी 38% की छूट।
    एचबीडी 630
    पारखी ऑडियोफाइल्स के लिए तैयार किया गया सेनहाइज़र एचडीबी 630 क्लोज्ड-बैक डिजाइन और 42 मिमी ऑडियोफाइल-ट्यून किए गए ट्रांसड्यूसर को एक साथ लाता है, जो नेचुरल और विस्तृत साउंड के साथ जीवंत मिड्स और वाइड साउंडस्टेज प्रदान करता है। एपीटीएक्स एचडी और एपीटीएक्स अडैप्टिव के सपोर्ट के साथ-साथ यूएसबी-सी और एनालॉग कनेक्टिविटी की सुविधा इसे 24-बिट/96 किलोहर्ट्ज़ तक हाई-रिज़ॉल्यूशन ऑडियो सुनने में सक्षम बनाती है। इसके साथ दिया गया बीटीडी 700 ब्लूटूथ यूएसबी-सी डोंगल हाई-रिज़ॉल्यूशन वायरलेस ऑडियो की सुविधा देता है। वहीं, एडवांस्ड पैरामेट्रिक इक्वलाइज़र और क्रॉसफीड फीचर यूजर्स को अपने सुनने के अनुभव को अपनी पसंद के अनुसार सटीक रूप से तैयार करने की सुविधा देते हैं। एडैप्टिव नॉइज़ कैंसलेशन बिना साउंड की स्पष्टता से समझौता किए आसपास के व्यवधानों को कम करने में मदद करता है, जबकि 60 घंटे तक की बैटरी लाइफ लंबे समय तक सुनने के लिए पर्याप्त सुविधा प्रदान करती है। अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल के दौरान एचडीबी 630 रुपये 36,490 (बैंक डिस्काउंट सहित) की ऑफर कीमत पर उपलब्ध है।
    एमकेई 600
    सेनहाइज़र एमकेई 600 के साथ अपने वीडियो शूट्स में फोकस्ड और प्रोफेशनल-ग्रेड ऑडियो शामिल करें। यह एक हाईली डायरेक्शनल शॉटगन माइक्रोफोन है, जिसे चुनौतीपूर्ण फिल्ममेकिंग परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया है। इसका सुपर कार्डियोइड/लोबार पिकअप पैटर्न कैमरे की दिशा से आने वाली आवाज़ को कैप्चर करता है और साइड्स व पीछे से आने वाले नॉइज़ को प्रभावी रूप से कम करता है। इसका स्विचेबल लो-कट फिल्टर हवा से होने वाले नॉइज़ को कम करने में मदद करता है, जबकि फैंटम या बैटरी पावरिंग कैमरों और कैमकॉर्डर्स के साथ उपयोग में अतिरिक्त सुविधा और लचीलापन प्रदान करती है। मजबूत ऑल-मेटल हाउसिंग के साथ तैयार किया गया एमकेई 600 फोम विंडशील्ड, शॉक माउंट और कैमरा अडैप्टर केबल के साथ आता है, जिससे यह अलग-अलग लोकेशन पर रिकॉर्डिंग के लिए पूरी तरह तैयार रहता है। एमकेई600 रुपये 31,900 के एमआरपी के मुकाबले रुपये 21,990 (जीएसटी सहित) की ऑफर कीमत पर उपलब्ध है, यानी 31% की छूट।

  • अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर सियासी घमासान, रामलला के दर्शन नहीं करने को लेकर संतों और भाजपा नेताओं ने उठाए सवाल

    अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर सियासी घमासान, रामलला के दर्शन नहीं करने को लेकर संतों और भाजपा नेताओं ने उठाए सवाल

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर भाजपा नेताओं और संतों ने सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव बीते दिन पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शामिल होने अयोध्या पहुंचे थे। हालांकि, उनके राम मंदिर में रामलला के दर्शन नहीं करने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर समेत भाजपा नेताओं ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा।

    उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस तरह की राजनीति की जा रही है, उससे खुद अखिलेश यादव के सशंकित होने का संकेत मिलता है। राजभर ने कहा कि यदि अखिलेश यादव अयोध्या गए थे, तो उन्हें हनुमानगढ़ी और भगवान राम के दर्शन भी कर लेने चाहिए थे। उनके मुताबिक, ऐसा करने से इस तरह के सवाल खड़े नहीं होते। राजभर ने श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन स्थल पर नारेबाजी को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जहां भागवत कथा हो रही है, वहां अखिलेश यादव के लोग नारेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि भागवत कथा के स्थान को राजनीतिक मंच बनाना अखिलेश यादव को ही शोभा देता है।

    उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इस मामले में समाजवादी पार्टी को आत्मावलोकन करने की सलाह दी। भाजपा नेता ने सपा पर मुस्लिम तुष्टिकरण और जाति के नाम पर वोट मांगने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति करने वाले लोग उत्तर प्रदेश में सफल नहीं होंगे। पाठक ने अयोध्या में प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल करने का दावा भी किया। उनके बयान से स्पष्ट है कि भाजपा नेता अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को आगामी चुनावों के राजनीतिक संदर्भ में देख रहे हैं।

    भाजपा नेता राकेश त्रिपाठी ने भी अखिलेश यादव के दौरे को लेकर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने सत्ता में रहते हुए अयोध्या को भुला दिया था। त्रिपाठी ने कहा कि योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद अयोध्या में 50 हजार से अधिक की परियोजनाएं आई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर भाजपा का मंदिर नहीं है, लेकिन अयोध्या पहुंचने के बावजूद अखिलेश यादव रामलला के दर्शन करने नहीं गए। उनके बयान में अयोध्या के विकास और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों को लेकर सपा की भूमिका पर सवाल उठाए गए।

    अखिलेश यादव के राम मंदिर में दर्शन नहीं करने को लेकर संतों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। अयोध्या दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के मंच से भगवान कृष्ण और न्याय की बात की, लेकिन राम के बारे में कुछ नहीं कहा। यह बात संतों को खटकी और उनके दौरे को लेकर सवाल उठने लगे। इस तरह धार्मिक आयोजन में उनकी मौजूदगी और रामलला के दर्शन नहीं करने का मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

    उत्तर प्रदेश में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नेताओं के दौरे और बयानों को चुनावी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर उठे सवालों के बीच भाजपा नेताओं ने सपा की राजनीतिक रणनीति और धार्मिक मुद्दों पर उसके रुख को निशाने पर लिया है। वहीं, इस पूरे विवाद का केंद्र अखिलेश यादव का भागवत कथा में शामिल होना और रामलला के दर्शन नहीं करना बना हुआ है।

  • दोस्त को आखिरी ऑडियो भेजकर फंदे पर झूला नेपाल का युवक, भोपाल में नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

    दोस्त को आखिरी ऑडियो भेजकर फंदे पर झूला नेपाल का युवक, भोपाल में नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मिला शव, जांच में जुटी पुलिस


    भोपाल । भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक युवक और नाबालिग लड़की की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों के शव एक बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में फंदे पर लटके मिले। मृतक युवक की उम्र 22 वर्ष बताई गई है और वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला था। वहीं उसके साथ मृत मिली लड़की 16 वर्ष की थी और हबीबगंज क्षेत्र की निवासी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    पुलिस के मुताबिक युवक की पहचान अमन सारूमगर के रूप में हुई है। वह अरेरा कॉलोनी के ई-7 क्षेत्र में एक बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में रहता था। उसकी मां उसी बंगले में खाना बनाने का काम करती थीं। अमन अपने पिता के साथ भोपाल में 11 नंबर क्षेत्र स्थित गणेश मंदिर के पास फास्ट फूड का ठेला भी लगाता था। परिवार में उसका एक बड़ा भाई और छोटी बहन हैं। बताया गया है कि करीब एक सप्ताह पहले उसका परिवार नेपाल गया था। परिवार के बाहर होने के कारण अमन घर में अकेला रह रहा था।

    घटना से पहले गुरुवार शाम अमन ने अपने दोस्त आर्यन से शराब लाने के लिए कहा था। दोस्त शराब पहुंचाने के बाद अपने कमरे पर लौट गया। रात करीब आठ बजे अमन ने उसे मोबाइल पर एक ऑडियो संदेश भेजा। इस संदेश में उसने दोस्त के प्रति आभार जताया और अलविदा कहा। संदेश सुनकर आर्यन को किसी अनहोनी की आशंका हुई और वह तुरंत अमन के कमरे पर पहुंचा। हालांकि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। जब उसने खिड़की से अंदर झांककर देखा तो अमन और लड़की फंदे पर लटके मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।


    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अमन और लड़की की पहचान करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और वे एक-दूसरे के करीब आ गए। लड़की दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। वह अपने परिवार की इकलौती बेटी बताई गई है। उसके पिता कपड़े की दुकान पर सेल्समैन का काम करते हैं और परिवार में उसका एक बड़ा भाई भी है। दोनों की मौत की खबर मिलने के बाद परिवारों में शोक का माहौल है।

    पुलिस जांच के दौरान अमन के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक प्रेगनेंसी टेस्ट किट की तस्वीर पोस्ट किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि इस तस्वीर का घटना से क्या संबंध है यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने फिलहाल इसे मौत की वजह घोषित नहीं किया है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

    जांच अधिकारी सी अजय दुबे के मुताबिक दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ऑडियो संदेश सहित घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किन परिस्थितियों में दोनों की मौत हुई। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • यूपी सरकार ने 455 लेखपालों को पदोन्नति देकर बनाया राजस्व निरीक्षक, ऑनलाइन डीपीसी से पूरी हुई चयन वर्ष 2025-26 की प्रक्रिया

    यूपी सरकार ने 455 लेखपालों को पदोन्नति देकर बनाया राजस्व निरीक्षक, ऑनलाइन डीपीसी से पूरी हुई चयन वर्ष 2025-26 की प्रक्रिया

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व प्रशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेश के 455 लेखपालों को पदोन्नति देकर राजस्व निरीक्षक यानी कानूनगो बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड ने चयन वर्ष 2025-26 के तहत ऑनलाइन विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया पूरी की। पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती से संबंधित आदेश जल्द जारी किए जाएंगे। इस निर्णय से राजस्व निरीक्षक संवर्ग में रिक्त पदों को भरने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड के चेयरमैन बीएल मीणा के अनुसार, पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न कराई गई। इसके तहत निर्धारित पात्रता मानकों और कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों के आधार पर उनकी पात्रता का परीक्षण किया गया। जांच के बाद कुल 455 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाया गया। ऑनलाइन डीपीसी के माध्यम से प्रक्रिया पूरी किए जाने से विभागीय पदोन्नति में पारदर्शिता और समयबद्धता को बढ़ावा मिला है। चयन प्रक्रिया में पात्रता और सेवा अभिलेखों को आधार बनाया गया।

    पदोन्नति के बाद राजस्व निरीक्षक संवर्ग में खाली पदों को भरने में सहायता मिलेगी। इससे तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व से जुड़े कार्यों की निगरानी और पर्यवेक्षण को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है। राजस्व निरीक्षक प्रशासनिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनकी जिम्मेदारियों में राजस्व कार्यों की निगरानी, अभिलेखों के रखरखाव और भूमि से संबंधित मामलों में विभागीय प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भूमिका निभाना शामिल है। ऐसे में पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती से क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली को गति मिल सकती है।

    भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण, जमीन की पैमाइश और राजस्व अभिलेखों से जुड़े कामों में भी इस पदोन्नति से तेजी आने की उम्मीद जताई गई है। तहसील स्तर पर राजस्व निरीक्षकों की भूमिका विभिन्न राजस्व कार्यों के पर्यवेक्षण और विभागीय प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होती है। पदोन्नति के बाद रिक्त पदों पर नियुक्ति होने से संबंधित कामकाज के संचालन में मदद मिल सकती है। हालांकि, पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती के आदेश अभी जारी होने बाकी हैं। आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित जानकारी स्पष्ट होगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजस्व मामलों के त्वरित और न्यायसंगत निस्तारण के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर देते रहे हैं। इसी दिशा में ऑनलाइन डीपीसी को कार्मिक प्रबंधन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और तकनीक के प्रभावी उपयोग की पहल के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से पूरा करने का उद्देश्य निर्धारित मानकों के अनुसार कर्मचारियों की पात्रता का परीक्षण करना और प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराना है।

    राज्य सरकार राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए विभागीय प्रक्रियाओं को तकनीक से जोड़ने पर जोर दे रही है। 455 लेखपालों की पदोन्नति इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे राजस्व निरीक्षक संवर्ग में रिक्त पदों को भरने के साथ तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर प्रशासनिक निगरानी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। अब पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती के आदेश जारी होने का इंतजार है, जिसके बाद वे अपने नए पद के अनुसार जिम्मेदारियां संभालेंगे।

  • पार्थिव पटेल के साथ खेलकर शुरू हुआ सफर, न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले जीत रावल ने लिया संन्यास

    पार्थिव पटेल के साथ खेलकर शुरू हुआ सफर, न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले जीत रावल ने लिया संन्यास


    नई दिल्ली। भारतीय मूल के न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज जीत रावल ने पेशेवर क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। 38 वर्षीय रावल का क्रिकेट सफर कई मायनों में खास रहा। गुजरात के अहमदाबाद में जन्मे रावल ने अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए न्यूजीलैंड का रुख किया और वहां अपनी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचे। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा नहीं रहा लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। क्रिकेट से विदाई के बाद अब वह चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपना काम जारी रखेंगे।

    जीत रावल का जन्म 22 सितंबर 1988 को अहमदाबाद में हुआ था। उनके पिता चाहते थे कि उनका बेटा एक दिन न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए खेले। इस सपने को साकार करने के लिए परिवार ने बड़ा फैसला लिया और न्यूजीलैंड में बस गया। रावल ने वहां क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाई और न्यूजीलैंड की अंडर-19 टीम तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में ऑकलैंड और नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स की ओर से खेलते हुए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उनके लिए न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं थी बल्कि उनके पिता के वर्षों पुराने सपने का पूरा होना भी था।

    नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स क्रिकेट एसोसिएशन को दिए गए इंटरव्यू में रावल ने अपने संन्यास के फैसले पर संतुष्टि जाहिर की। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के लिए खेलना उनका और उनके पिता का बचपन का सपना था। इस सपने को पूरा करने के लिए उनके पिता ने पूरे परिवार को न्यूजीलैंड ले जाने जैसा बड़ा कदम उठाया था। राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात रही। अब पेशेवर क्रिकेट को अलविदा कहते हुए वह अपने करियर के इस अध्याय को संतोष के साथ समाप्त करना चाहते हैं।

    रावल की कहानी का एक दिलचस्प पहलू भारत में बिताए उनके स्कूल के दिन भी हैं। न्यूजीलैंड जाने से पहले वह विद्यानगर स्कूल में पढ़ते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल से हुई थी। दोनों स्कूल क्रिकेट में साथ खेलते थे और पारी की शुरुआत करते थे। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि दोनों खिलाड़ी आगे चलकर अलग-अलग क्रिकेट सफर तय करेंगे। पार्थिव पटेल ने भारतीय टीम में अपनी पहचान बनाई जबकि रावल ने न्यूजीलैंड की टेस्ट टीम का प्रतिनिधित्व किया।

    रावल ने नवंबर 2016 में 28 वर्ष की उम्र में न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने देश के लिए 24 टेस्ट मैच खेले। टेस्ट की 39 पारियों में उनके बल्ले से एक शतक और सात अर्धशतकों की मदद से 1143 रन निकले। उन्हें न्यूजीलैंड की ओर से वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।

    प्रथम श्रेणी क्रिकेट में रावल ने 164 मैचों में 24 शतक और 50 अर्धशतक लगाते हुए 10432 रन बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर 256 रन रहा। लिस्ट ए क्रिकेट में उन्होंने 96 मैचों में 2714 रन बनाए जिसमें चार शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं 76 टी20 मुकाबलों में उन्होंने आठ अर्धशतकों के साथ 1484 रन बनाए। नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के क्रिकेट जनरल मैनेजर इयान सैंडब्रुक ने भी उन्हें अनुभवी खिलाड़ी और शानदार नेतृत्वकर्ता बताते हुए उनकी तारीफ की। उनके मुताबिक टीम को रावल के अनुभव और शांत नेतृत्व की कमी खलेगी। क्रिकेट से संन्यास के बाद रावल अब चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपना पेशेवर सफर आगे बढ़ाएंगे।

  • दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से रेल यातायात प्रभावित, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली कई ट्रेनें रद्द

    दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से रेल यातायात प्रभावित, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली कई ट्रेनें रद्द

    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन का असर रेल यात्रियों की आवाजाही पर पड़ने की संभावना है। प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे ने नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन आने वाली कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। इससे शनिवार को दिल्ली पहुंचने की योजना बना रहे यात्रियों को परेशानी हो सकती है। जिन लोगों ने 10 अक्टूबर के लिए ट्रेन का टिकट बुक कराया है, उन्हें घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

    रेलवे के मुताबिक, 10 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशन से रवाना होने वाली कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी। इस फैसले के दायरे में ऐसी ट्रेनें भी शामिल हैं, जिन्हें शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचना था। ऐसे में दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए अपनी ट्रेन से संबंधित जानकारी पहले से प्राप्त करना जरूरी है। इससे उन्हें स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन रद्द होने या यात्रा कार्यक्रम में बदलाव के कारण होने वाली असुविधा से बचने में मदद मिल सकती है।

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है। प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास भीड़ बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए कुछ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। रेलवे के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को संभावित परेशानियों से बचाने में मदद करना है। प्रदर्शन के दौरान संबंधित इलाकों में आवाजाही बढ़ने की आशंका के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।

    यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया जा रहा है। इसके चलते दिल्ली में रेल यात्रियों की आवाजाही पर भी असर पड़ने की संभावना बताई गई है। खासकर उन यात्रियों को अपनी यात्रा से जुड़ी जानकारी पर ध्यान देना चाहिए, जिन्हें शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचना है। ट्रेन रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को अपने कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। इसलिए स्टेशन के लिए रवाना होने से पहले ट्रेन की निर्धारित स्थिति की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है।

    यात्री अपनी ट्रेन के संचालन और रद्द होने से संबंधित जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) ऐप के माध्यम से देख सकते हैं। इन माध्यमों से यह पता लगाया जा सकता है कि संबंधित ट्रेन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रही है या उसे रद्द किया गया है। यात्रियों को केवल पुराने टिकट या पहले से तय समय पर निर्भर रहने के बजाय यात्रा से पहले उपलब्ध ताजा जानकारी जांचनी चाहिए। खासकर नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली ट्रेनों से सफर करने वाले लोगों को यह जांच कर लेनी चाहिए कि उनकी ट्रेन पर रद्दीकरण का असर पड़ा है या नहीं।

  • टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का तूफानी धमाका तय, सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम का रिकॉर्ड खतरे में

    टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का तूफानी धमाका तय, सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम का रिकॉर्ड खतरे में


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के पास रांची में इतिहास रचने का शानदार मौका है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार को पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में खेला जाएगा। इस मैच में अभिषेक की नजर अपने बल्ले से बड़ा कमाल करने पर होगी। वह पूर्व भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का ऐसा रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं जो टी20 क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेजी से रन बनाने की क्षमता को दर्शाता है। अगर अभिषेक रांची में अपने अंदाज में बल्लेबाजी करने में सफल रहे तो उनके नाम एक खास उपलब्धि दर्ज हो सकती है।

    सूर्यकुमार यादव के नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदों का सामना करने के लिहाज से सबसे तेज दो हजार रन पूरे करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने केवल 1164 गेंदों पर यह मुकाम हासिल किया था। अब अभिषेक शर्मा इस रिकॉर्ड को चुनौती देने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। वह 63 मैचों की 62 पारियों में 997 गेंदों का सामना करते हुए 1947 रन बना चुके हैं। यानी दो हजार रन पूरे करने के लिए उन्हें केवल 53 रन और बनाने हैं। गेंदों के हिसाब से भी वह सूर्यकुमार से आगे निकलने की मजबूत स्थिति में हैं। यदि वह अगले कुछ ही गेंदों में जरूरी रन बना लेते हैं तो नया रिकॉर्ड कायम कर सकते हैं।

    अभिषेक की बल्लेबाजी शैली को देखते हुए इस उपलब्धि की संभावना पर खास नजर रहेगी। वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने और बड़े शॉट खेलने के लिए पहचाने जाते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी विरोधी टीम की रणनीति को शुरुआती ओवरों में ही बिगाड़ सकती है। हालांकि टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड बनाने के लिए रन बनाने के साथ विकेट पर टिके रहना भी जरूरी होता है। ऐसे में रांची में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए भी काफी अहम रहेगा।

    लखनऊ में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में अभिषेक शर्मा अच्छी लय में नजर आए थे। उन्होंने केवल 10 गेंदों पर 21 रन बनाए लेकिन अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। अब रांची में उनके पास पिछली पारी से आगे बढ़ने और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने का अवसर होगा। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद रहेगी कि वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को मुश्किल में डालेंगे और रिकॉर्ड के करीब पहुंचने के बजाय उसे अपने नाम कर लेंगे।

    इस रिकॉर्ड की दौड़ में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान भी शामिल हैं। बाबर ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो हजार रन पूरे करने के लिए 1289 गेंदों का सामना किया था। वहीं रिजवान ने यह उपलब्धि 1326 गेंदों में हासिल की थी। फिलहाल सूर्यकुमार यादव इस सूची में सबसे आगे हैं। यदि अभिषेक उनसे कम गेंदों में दो हजार रन पूरे कर लेते हैं तो वह इस सूची में शीर्ष स्थान हासिल कर लेंगे और बाबर तथा रिजवान की स्थिति भी नीचे खिसक जाएगी।

    अभिषेक शर्मा इस समय आईसीसी टी20 रैंकिंग में दूसरे स्थान पर हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें दुनिया के प्रमुख टी20 सलामी बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है। रांची का मुकाबला उनके लिए केवल सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने का मौका नहीं बल्कि व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने का भी बड़ा अवसर है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि क्या अभिषेक अपनी तेजतर्रार बल्लेबाजी से सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़कर भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ पाते हैं।

  • कुलदीप यादव के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका, T20 में 100 विकेट से बस 3 शिकार दूर, अर्शदीप-बुमराह जैसे दिग्गजों की सूची में मिलेगी जगह

    कुलदीप यादव के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका, T20 में 100 विकेट से बस 3 शिकार दूर, अर्शदीप-बुमराह जैसे दिग्गजों की सूची में मिलेगी जगह


    नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शुक्रवार को रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में खेला जाना है। इस मुकाबले में भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव के पास अपने अंतरराष्ट्रीय T20 करियर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका है। कुलदीप अब तक 97 विकेट ले चुके हैं और विकेटों का शतक पूरा करने के लिए उन्हें सिर्फ तीन विकेट की जरूरत है। अगर वह दूसरे T20 में यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं तो अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट में 100 विकेट पूरे करने वाले भारत के पांचवें गेंदबाज बन जाएंगे। ऐसे में रांची मुकाबले के दौरान उनकी गेंदबाजी पर खास नजर रहने वाली है।

    कुलदीप यादव ने लखनऊ में खेले गए पहले T20 मुकाबले में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। उन्होंने चार ओवर में 33 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे। इस प्रदर्शन के साथ उनके अंतरराष्ट्रीय T20 विकेटों की संख्या 97 पहुंच गई। आंकड़ों के मुताबिक कुलदीप ने 55 मैचों की 53 पारियों में ये विकेट लिए हैं। वह अब तक दो बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा भी कर चुके हैं। अपनी विविधतापूर्ण स्पिन गेंदबाजी और बल्लेबाजों को चकमा देने की क्षमता के कारण कुलदीप भारतीय टीम के अहम गेंदबाजों में गिने जाते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे मुकाबले में तीन विकेट लेकर वह अपने करियर में नया मील का पत्थर हासिल कर सकते हैं।

    अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट में भारत की ओर से 100 या उससे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अर्शदीप सिंह जसप्रीत बुमराह हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल शामिल हैं। इस सूची में अर्शदीप सिंह सबसे आगे हैं। उन्होंने 95 मैचों की 92 पारियों में 141 विकेट हासिल किए हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप ने अपनी स्विंग और डेथ ओवरों में सटीक गेंदबाजी से टीम इंडिया के लिए लगातार अहम भूमिका निभाई है।

    इस सूची में दूसरे स्थान पर जसप्रीत बुमराह हैं जिन्होंने 100 मैचों में 126 विकेट लिए हैं। बुमराह की यॉर्कर और अलग-अलग गति से गेंदबाजी करने की क्षमता उन्हें खास बनाती है। तीसरे स्थान पर हार्दिक पांड्या हैं। उन्होंने 138 मैचों में 114 विकेट हासिल किए हैं। हार्दिक अपनी तेज गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी योगदान देते हैं और टीम के लिए उपयोगी ऑलराउंडर हैं। चौथे स्थान पर अक्षर पटेल हैं जिन्होंने 108 मैचों में 111 विकेट लिए हैं। अक्षर की किफायती गेंदबाजी और दबाव में विकेट निकालने की क्षमता भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण रही है।

    कुलदीप यादव इस सूची में फिलहाल पांचवें स्थान पर बताए गए हैं। उनके बाद युजवेंद्र चहल का नाम आता है जिन्होंने 80 मैचों में 96 विकेट लिए हैं। वहीं भुवनेश्वर कुमार 87 मैचों में 90 विकेट लेकर भारत के सफल T20 गेंदबाजों में शामिल हैं। भुवनेश्वर की चार साल बाद न्यूजीलैंड सीरीज के लिए भारतीय टीम में वापसी भी चर्चा का विषय रही है। उनके पास भी भविष्य में विकेटों का शतक पूरा करने का अवसर हो सकता है।

    रांची में होने वाला दूसरा T20 कुलदीप यादव के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने के साथ भारतीय टीम की सीरीज में स्थिति मजबूत करने का भी मौका है। हालांकि रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए उन्हें मैदान पर तीन विकेट लेने होंगे। अब देखना होगा कि वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों के खिलाफ कुलदीप अपनी स्पिन का कितना असर दिखा पाते हैं और क्या वह इस मुकाबले में विकेटों का शतक पूरा कर इतिहास रचते हैं।

  • फोनपे और डीपीसीजीसी की साझेदारी से ओटीटी मंचों पर नियामकीय नियमों के पालन और शिकायत निवारण को मिलेगा बढ़ावा

    फोनपे और डीपीसीजीसी की साझेदारी से ओटीटी मंचों पर नियामकीय नियमों के पालन और शिकायत निवारण को मिलेगा बढ़ावा

    नई दिल्ली । डिजिटल भुगतान कंपनी फोनपे और डिजिटल पब्लिशर कंटेंट ग्रीवेंस काउंसिल (डीपीसीजीसी) ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य फोनपे के भुगतान गेटवे से जुड़ने वाले व्यापारियों के लिए स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) का प्रमाणन आसान बनाना, नियामकीय नियमों के पालन को प्रोत्साहित करना और इस संबंध में जागरूकता बढ़ाना है। इस पहल के माध्यम से ओवर-द-टॉप (ओटीटी) मंचों और ऑनलाइन कंटेंट के प्रकाशकों को लागू नियमों तथा शिकायत निवारण से संबंधित आवश्यकताओं की जानकारी देने पर जोर दिया जाएगा।

    भारत में लागू नियमों के अनुसार, ओटीटी मंचों और ऑनलाइन चुने गए कंटेंट के प्रकाशकों (ओसीसीपी) के लिए शिकायतों के निवारण के उद्देश्य से किसी मान्यता प्राप्त स्व-नियामक संगठन का सदस्य होना अनिवार्य है। फोनपे अपने व्यापारी पंजीकरण की प्रक्रिया में इस आवश्यकता को जरूरी शर्त के रूप में लागू करता है। ऐसे में एसआरओ की सदस्यता और प्रमाणन से जुड़ी जानकारी व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है। दोनों संस्थाओं के बीच हुए समझौते का उद्देश्य इस प्रक्रिया को समझने और पूरा करने में व्यापारियों की मदद करना है।

    डीपीसीजीसी सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत गठित दूसरे स्तर की स्व-नियामक संस्था है। यह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ पंजीकृत है। समझौते के जरिए फोनपे और डीपीसीजीसी ओटीटी मंचों तथा ऑनलाइन कंटेंट के प्रकाशकों के बीच नियामकीय नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संयुक्त रूप से काम करेंगे। दोनों संस्थाओं ने माना है कि इस क्षेत्र में काम करने वाले कई व्यापारियों को एसआरओ की सदस्यता और उससे संबंधित प्रक्रियाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं है। इसी कमी को दूर करने के लिए मौजूदा और नए व्यापारियों तक नियमों से जुड़ी जानकारी पहुंचाने की योजना है।

    इस संयुक्त पहल के तहत व्यापारियों को लागू नियामकीय आवश्यकताओं को समझने में सहायता मिलेगी। साथ ही, डीपीसीजीसी के माध्यम से उनके एसआरओ प्रमाणन की प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास किया जाएगा। इससे व्यापारियों को पंजीकरण के दौरान जरूरी शर्तों की जानकारी प्राप्त करने और उनका पालन करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साझेदारी का एक प्रमुख उद्देश्य तेजी से विस्तार कर रहे ओटीटी क्षेत्र में शिकायत निवारण व्यवस्था और स्व-नियमन से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में समझ बढ़ाना भी है। इस सहयोग से फोनपे की ऐसे भुगतान भागीदार के रूप में स्थिति मजबूत होने की उम्मीद जताई गई है, जो नियामकीय नियमों के पालन पर ध्यान देता है।

    इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. सुभो रे ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत स्थापित डीपीसीजीसी स्व-नियमन के माध्यम से ओटीटी मंचों से संबंधित शिकायतों और समस्याओं का प्रभावी समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, डीपीसीजीसी और फोनपे के बीच सहयोग से आचार संहिता के बेहतर अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्व-नियमन का दायरा बढ़ाने और इसके लाभ उद्योग के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने में सहायता मिल सकती है।

    फोनपे के पेमेंट हेड दीप अग्रवाल ने कहा कि कंपनी की सभी सेवाओं में नियमों का पालन और ग्राहकों का भरोसा महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ओटीटी क्षेत्र का विस्तार हुआ है और इसकी पहुंच तेजी से बढ़ी है। डीपीसीजीसी के साथ समझौते से ओटीटी मंचों के बीच जागरूकता बढ़ाने और ग्राहकों की शिकायतों के निवारण से संबंधित नियमों की समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते ओटीटी क्षेत्र में नियामकीय अनुपालन, जागरूकता और भरोसे को मजबूत करने में योगदान देना है।

  • शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद आईपीओ से रिकॉर्ड फंड जुटाव, भारतीय कंपनियों ने जनवरी-सितंबर में 12.5 अरब डॉलर जुटाए

    शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद आईपीओ से रिकॉर्ड फंड जुटाव, भारतीय कंपनियों ने जनवरी-सितंबर में 12.5 अरब डॉलर जुटाए

    नई दिल्ली ।भारतीय कंपनियों ने वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ के माध्यम से रिकॉर्ड 12.5 अरब डॉलर जुटाए हैं। जनवरी से सितंबर तक जुटाई गई यह राशि 1980 से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस अवधि का अब तक का सबसे बड़ा फंड जुटाव है। खास बात यह है कि आईपीओ बाजार में यह मजबूती ऐसे समय देखने को मिली, जब व्यापक शेयर बाजार दबाव में रहा और निफ्टी में करीब 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि शेयर बाजार की कमजोरी के बावजूद कंपनियों के सार्वजनिक निर्गम के जरिए पूंजी जुटाने की गतिविधियां मजबूत बनी रहीं।

    जनवरी-सितंबर 2026 के दौरान कुल 220 आईपीओ बाजार में आए। पिछले वर्ष की समान अवधि में 268 आईपीओ जारी किए गए थे। इस तरह निर्गमों की संख्या में लगभग 17.9 प्रतिशत की कमी आई। इसके बावजूद कंपनियों ने कुल मिलाकर पिछले वर्ष की तुलना में 11.3 प्रतिशत अधिक राशि जुटाई। इसका प्रमुख कारण बड़े आकार के आईपीओ का बाजार में आना रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, औसत आईपीओ का आकार बढ़कर लगभग 5.7 करोड़ डॉलर हो गया, जबकि एक वर्ष पहले यह करीब 4.2 करोड़ डॉलर था। कुल जुटाई गई राशि का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा कुछ चुनिंदा बड़े निर्गमों से आया।

    सितंबर का महीना आईपीओ बाजार के लिए विशेष रूप से मजबूत रहा। इस महीने 34 मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए लगभग 39,380 करोड़ रुपये जुटाए गए। यह 2026 में किसी एक महीने के दौरान जुटाई गई सबसे बड़ी राशि रही। हालांकि, इस रकम का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस के माध्यम से आया। ओएफएस में मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचते हैं, इसलिए इससे प्राप्त धन का बड़ा हिस्सा सीधे कंपनियों के खाते में जाने के बजाय शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलता है। इस वजह से कुल आईपीओ राशि और कंपनियों को वास्तव में मिलने वाली नई पूंजी के बीच अंतर बना रहा।

    आईपीओ बाजार की मजबूती के विपरीत, व्यापक इक्विटी पूंजी बाजार में कुल फंड जुटाव कमजोर हुआ। फॉलो-ऑन ऑफरिंग्स और ब्लॉक डील्स सहित कुल इक्विटी कैपिटल मार्केट फंड जुटाव 1.7 प्रतिशत घटकर 40.8 अरब डॉलर रह गया। यह पिछले तीन वर्षों का सबसे निचला स्तर बताया गया है। इस दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई ने जनवरी से सितंबर के बीच भारतीय शेयर बाजार से अनुमानित 2.7 लाख करोड़ से 3 लाख करोड़ रुपये की निकासी की। इसके बावजूद घरेलू बाजार में उपलब्ध तरलता ने आईपीओ गतिविधियों को समर्थन दिया।

    लिस्टिंग के बाद निवेशकों को मिलने वाले लाभ में हालांकि कमी के संकेत सामने आए। सितंबर में आईपीओ का औसत लिस्टिंग प्रीमियम 15.1 प्रतिशत रहा, जबकि अगस्त में यह 24.4 प्रतिशत था। इसी तरह मीडियन लिस्टिंग लाभ अगस्त के 21.3 प्रतिशत से घटकर सितंबर में 5.9 प्रतिशत रह गया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि आईपीओ से पूंजी जुटाने की गतिविधि मजबूत रहने के बावजूद शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद मिलने वाला शुरुआती लाभ कम हुआ है। इससे नए निर्गमों में निवेश करने वाले लोगों के लिए लिस्टिंग प्रदर्शन पर ध्यान देना महत्वपूर्ण हो गया है।

    निवेश बैंकिंग उद्योग के आंकड़ों में भी मिली-जुली तस्वीर सामने आई। इक्विटी अंडरराइटिंग से मिलने वाली फीस नौ प्रतिशत घटकर 415.6 मिलियन डॉलर रह गई। इसके विपरीत, विलय और अधिग्रहण यानी एमएंडए से जुड़ी मजबूत गतिविधियों के कारण कुल निवेश बैंकिंग फीस दो प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 1.1 अरब डॉलर तक पहुंच गई। आगे आईपीओ बाजार की दिशा इस बात पर भी निर्भर करेगी कि निवेशकों की भागीदारी और लिस्टिंग से मिलने वाला लाभ किस स्तर पर बना रहता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 130 से अधिक कंपनियों के पास भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी से आईपीओ लाने की मंजूरी है। ऐसे में आने वाले महीनों में नए निर्गमों की गतिविधियों पर बाजार की नजर रहेगी।