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  • BMC मतदान 2026: सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, मतदाताओं के लिए पिंक बूथ और वरिष्ठ नागरिक टीमें..

    BMC मतदान 2026: सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, मतदाताओं के लिए पिंक बूथ और वरिष्ठ नागरिक टीमें..


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव 2026 के लिए मतदान सुबह से जारी है और यह शाम 5:30 बजे तक चलेगा। मुंबई समेत राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में मतदान होना है, जिसमें बृहन्मुंबई नगर निगमBMC विशेष रूप से राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। मुंबई के 227 वार्डों में कुल 1,700 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जबकि शहर के 1.03 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं।मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। मुंबई पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई है, वाहनों की जांच की जा रही है और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए महिलाओं द्वारा संचालित पिंक पोलिंग बूथ बनाए गए हैं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मदद के विशेष प्रबंध किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके परिवार ने मतदान कर अपनी स्याही लगी उंगलियां दिखाई। फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने जनता से मतदान करने की अपील की। इसी तरह, वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम ने मतदान के बाद अपने अनुभव साझा किए और मुंबई में पहली बार वोट डालने का महत्व बताया।बॉलीवुड सेलेब्स और राजनीतिक दिग्गज भी मतदान में सक्रिय रहे। सलमान खान के पिता और प्रसिद्ध लेखक सलीम खान ने माउंट मेरी चर्च में पोलिंग बूथ पर वोट डाला। शिवसेनायूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे, उनकी पत्नी रश्मि और बेटे आदित्य ठाकरे भी मतदान केंद्र पहुंचे। मुंबई में एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे अपने परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे और उन्होंने मार्कर पेन से मतदान के तरीके पर सवाल उठाए, साथ ही मतदान प्रक्रिया में हेराफेरी की चेतावनी दी।

    मतदाता अनुभव और शिकायतें

    कुछ मतदाताओं ने मतदान के दौरान समस्याओं की शिकायत की। शिवसेनायूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं था और उन्हें दूसरे पोलिंग सेंटर पर भेजा गया। इसके अलावा, कल्याण से एमएनएस उम्मीदवार उर्मिला तांबे ने आरोप लगाया कि उंगलियों पर लगी स्याही मिटाने की शिकायतें सत्ताधारी पार्टी की मदद के लिए हो रही हैं।हालांकि निर्वाचन आयोग के पीआरओ ने बताया कि मार्कर पेन का इस्तेमाल नई बात नहीं है। आयोग ने कहा कि 2012 से यह तरीका अपनाया जा रहा है और स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान के बाद उंगलियों पर निशान लगाने के लिए पारंपरिक रूप से मार्कर पेन का उपयोग किया जाता है।मतगणना 16 जनवरी 2026 को होगी। सुरक्षा, पारदर्शिता और मतदाता सुविधा को लेकर किए गए कदमों के बावजूद चुनाव में बढ़ते राजनीतिक दाव-पेंच और मतदान प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

  • सिर्फ 4 दिन के लिए! IndiGo में न्यू ईयर फ्लाइट सेल, बचत का मौका बच्चों और बड़े यात्रियों के लिए

    सिर्फ 4 दिन के लिए! IndiGo में न्यू ईयर फ्लाइट सेल, बचत का मौका बच्चों और बड़े यात्रियों के लिए


    नई दिल्ली। IndiGo एयरलाइंस ने नए साल की शुरुआत में यात्रियों के लिए खास Sale Into 2026 फ्लाइट ऑफर की घोषणा की है। इस सेल में न सिर्फ वयस्क यात्रियों के लिए, बल्कि छोटे बच्चों के लिए भी बेहद आकर्षक ऑफर शामिल है। एयरलाइन के मुताबिक घरेलू उड़ानों पर यदि यात्री IndiGo के डायरेक्ट चैनल यानी आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से टिकट बुक करते हैं तो 0 से 24 महीने तक के बच्चे सिर्फ 1 रुपये में यात्रा कर सकते हैं।इस ऑफर का फायदा उठाने के लिए चेक-इन के समय बच्चे की उम्र साबित करने के लिए दस्तावेज दिखाना आवश्यक है। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र अस्पताल का डिस्चार्ज पेपर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट या पासपोर्ट मान्य होगा। यदि सही दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो बच्चे के टिकट का पूरा किराया देना पड़ेगा।

    किफायती टिकट और सीमित अवधि की बुकिंग

    IndiGo की यह न्यू ईयर सेल 13 जनवरी से 16 जनवरी 2026 तक बुकिंग के लिए उपलब्ध रहेगी। इस दौरान घरेलू उड़ानों के लिए किराया ₹1,499 से और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ₹4,499 से शुरू होगा। ये सभी किराए ऑल-इनक्लूसिव वन-वे हैं। इसके अलावा, चुनिंदा घरेलू रूट्स पर प्रीमियम IndiGoStretch उड़ानों के टिकट ₹9,999 से शुरू होंगे, जिसमें यात्रियों को अधिक आराम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।

    ऐड-ऑन सेवाओं पर छूट

    IndiGo सिर्फ फ्लाइट टिकट पर ही नहीं बल्कि अपनी लोकप्रिय 6E ऐड-ऑन सेवाओं पर भी जबरदस्त छूट दे रहा है। फास्ट फॉरवर्ड सेवा पर 70% तक छूट, प्रीपेड एक्स्ट्रा बैगेज पर 50% तक छूट, और स्टैंडर्ड सीट सेलेक्शन पर 15% तक छूट दी जा रही है। इसके अलावा चुनिंदा घरेलू रूट्स पर इमरजेंसी XL (एक्स्ट्रा लेगरूम) सीटें सिर्फ ₹500 में उपलब्ध होंगी।

    कहां और कैसे करें बुकिंग

    यात्री इंडिगो की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप, AI-पावर्ड असिस्टेंट 6ESkai, WhatsApp नंबर +91 70651 45858, या चुनिंदा ट्रैवल पार्टनर वेबसाइट और ऐप के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि ऑफर सीमित अवधि के लिए है और जल्दी बुकिंग करने पर ही यात्री इसका पूरा लाभ उठा सकते हैं।यह सेल यात्रियों को कम खर्च में यात्रा का मौका देती है और छोटे बच्चों के साथ सफर करना पहले से कहीं ज्यादा आसान और किफायती बनाती है। ऐसे में परिवार और बच्चे के साथ घरेलू यात्रा करने वालों के लिए यह ऑफर एक शानदार अवसर साबित हो सकता है।

  • लालू यादव को सर्वोच्च सम्मान देने की मांग, पोस्टर विवाद में लिखी लाइन-‘हमारे भगवान’

    लालू यादव को सर्वोच्च सम्मान देने की मांग, पोस्टर विवाद में लिखी लाइन-‘हमारे भगवान’

    नई दिल्ली बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव को भारत रत्न देने की मांग उठ रही है. आरजेडी कार्यालय के बाहर इस मांग को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं, जिनपर लालू यादव को ‘गरीबों का मसीहा’ बताया गया है. इन पोस्टर्स पर लालू यादव और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगी है.

    इसके साथ पोस्टर्स पर लिखा है, ‘गरीबों के मसीहा हमारे भगवान. भारत सरकार से अपने आदरणीय नेता के लिए एक मांग. लालू प्रसाद यादव को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए.’ बताया जा रहा है कि ये पोस्टर RJD अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश सचिव राजेंद्र रजक द्वारा लगाए गए हैं.

    ‘समाजवादी आंदोलन के अनमोल रत्न लालू यादव’

    बता दें, पहले भी RJD की तरफ से लालू यादव को भारत रत्न देने की मांग की जाती रही है. हालांकि, पहली बार पोस्टर लगाकर ऐसी मांग उठाई गई है. पार्टी की तरफ से ये कहा जाता रहा है कि समाजवादी आंदोलन के बचे अनमोल रत्न लालू यादव भारत रत्न के योग्य हैं, जिन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में सामाजिक न्याय की राजनीति को नई दिशा दी.

    बता दें, समाजवादी पृष्ठभूमि के स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह और स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर को नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में ही भारत रत्न दिया गया है. लालू यादव भी समाजवादी पृष्ठभूमि से हैं.

    नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की हुई थी मांग

    यह मांग ऐसे समय में जोर पकड़ रही है जब कुछ दिन पहले ही जदयू नेता KC त्यागी ने सीएम नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की थी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी. हालांकि, जदयू ने उनके बयान से किनारा कर लिया था.

  • ईरान का हवाई क्षेत्र बंद, रायपुर परिवार समेत कई यात्रियों की अंतरराष्ट्रीय यात्रा टली

    ईरान का हवाई क्षेत्र बंद, रायपुर परिवार समेत कई यात्रियों की अंतरराष्ट्रीय यात्रा टली


    नई दिल्ली। इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य और राजनीतिक तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर दिखाई देने लगा है। सुरक्षा कारणों को हवाला देते हुए ईरान ने अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इस फैसले से भारत से पश्चिमी देशों की ओर जाने वाली कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बीच रास्ते में ही वापस लौटना पड़ा, जिससे यात्रियों में भारी असुविधा और असमंजस पैदा हुआ।

    जानकारी के अनुसार, 14 जनवरी की देर रात मुंबई से उड़ान भरने वाली कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स का मार्ग तय रूट के अनुसार तेहरान एयरस्पेस से होकर गुजरना था। हालांकि, उड़ान के कुछ घंटे बाद ईरान की ओर से एयरस्पेस बंद करने की सूचना मिलने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने सभी संबंधित विमानों को मुंबई लौटने के निर्देश दिए। सुबह करीब 4 बजे ये फ्लाइट्स वापस मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड हुईं, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।इन उड़ानों में रायपुर निवासी करोबारी महावीर तालेड़ा और उनका परिवार भी शामिल थे, जो न्यूयॉर्क जा रहे थे। महावीर ने बताया कि फ्लाइट ने समय पर उड़ान भरी थी, लेकिन दो घंटे बाद पायलट ने घोषणा की कि तकनीकी और सुरक्षा कारणों से विमान को वापस ले जाया जा रहा है। अचानक लिए गए इस फैसले से यात्रियों में चिंता और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हुई।

    मुंबई एयरपोर्ट पर लौटने के बाद यात्रियों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। महावीर के अनुसार, यात्रियों के ठहरने और आगे की यात्रा के विकल्पों की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। कई यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें रिफंड या वैकल्पिक फ्लाइट के बारे में तुरंत कोई जानकारी नहीं दी गई, जिससे नाराजगी बढ़ी।एयर इंडिया ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन ने बताया कि ईरान के एयरस्पेस बंद होने के कारण कुछ उड़ानों को वैकल्पिक रूट से संचालित किया जा रहा है, जिससे देरी हो सकती है। वहीं, कुछ रूट ऐसे हैं जहां बदलाव संभव न होने के कारण उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

    इंडिगो ने भी अपनी एडवाइजरी में कहा कि ईरान के हवाई क्षेत्र बंद होने से कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ सकता है। एयरलाइंस ने यात्रियों से अपील की है कि वे फ्लाइट की स्थिति अपनी एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर से पहले जांच लें।विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान हालात में अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अनिश्चितता बनी हुई है। ईरान और इजराइल के बीच तनाव से जुड़े हालात कब सामान्य होंगे, इसका अभी कोई निश्चित अनुमान नहीं है। यात्रियों को अपनी यात्रा के दौरान धैर्य बनाए रखने और सभी अपडेट लगातार जांचने की सलाह दी जा रही है।

  • भोपाल में ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन की टक्कर, 5 की मौत: सभी मृतक एक ही परिवार के

    भोपाल में ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन की टक्कर, 5 की मौत: सभी मृतक एक ही परिवार के


    नई दिल्ली। भोपाल के बैरसिया थाना इलाके में बुधवार रात करीब साढ़े 9 बजे एक भयावह सड़क हादसा हुआ। सिरोंज के एक ही परिवार के 15 लोग लोडिंग वाहन में नर्मदापुरम जा रहे थे, जहां किसी परिजन की अंतिम क्रिया होने वाली थी। इसी दौरान ठाकुर लाल सिंह स्कूल के पास सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से उनकी गाड़ी की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में लोडिंग वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार कई लोग अंदर ही फंस गए।
    जान-माल का नुकसान
    हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान इस प्रकार है
    लक्ष्मीबाई अहिरवार
    बबली बाई
    हरि बाई
    दीपक
    मुकेश
    इसके अलावा 9 लोग घायल हुए हैं। ट्रैक्टर सवार 3 लोग भी चोटिल हुए। सभी घायलों को बैरसिया शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    घटना के पीछे वजह
    बैरसिया के एसडीएम आशुतोष शर्मा, एएसपी नीरज चौरसिया और टीआई वीरेंद्र सेन ने मौके पर पहुंचकर घायलों का हाल जाना और अस्पताल में उचित इलाज के निर्देश दिए। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।

    हालांकि, पुलिस ने कहा कि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।

    परिवार की यात्रा और हादसे का शोक
    लोडिंग वाहन में सवार परिवार नर्मदापुरम किसी परिजन की अंतिम क्रिया में शामिल होने जा रहा था। ट्रक और लोडिंग वाहन की भिड़ंत ने पूरे परिवार को अंधेरे में छोड़ दिया। यह हादसा सड़क सुरक्षा और तेज गति के खतरों को फिर से उजागर करता है।इसी तरह इंदौर में शुक्रवार को भी सड़क हादसा हुआ था, जिसमें पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा बच्चन (26) की मौत हुई थी। पुलिस के अनुसार कार चालक शराब के नशे में 130–140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चला रहा था।

  • टेलीग्राम फ्रॉड का नया मामला: आसान कमाई का झांसा देकर छात्र से लाखों की ठगी

    टेलीग्राम फ्रॉड का नया मामला: आसान कमाई का झांसा देकर छात्र से लाखों की ठगी


    ग्वालियर में ऑनलाइन ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पार्ट-टाइम जॉब और आसान मुनाफे का झांसा देकर एक छात्र से करीब 3.50 लाख रुपए हड़प लिए गए। यह मामला शहर के मुरार थाना क्षेत्र का है, जहां साइबर ठगों ने टेलीग्राम ऐप का उपयोग करके पीड़ित को फंसाया। मुरार थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पीड़ित छात्र अमन कुशवाह मुरार के लाल टिपारा इलाके का रहने वाला है और बीबीए की पढ़ाई कर रहा है। अमन के मुताबिक कुछ दिन पहले उसके मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें पार्ट-टाइम ऑनलाइन काम से कमाई का दावा किया गया था। मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद वह सीधे टेलीग्राम ऐप से जुड़ गया और एक ग्रुप में शामिल हो गया।

    ग्रुप में बताया गया कि होटल और अन्य व्यवसायिक संस्थानों को ऑनलाइन रेटिंग देनी होगी और इसके बदले अच्छा भुगतान मिलेगा। शुरुआत में अमन से केवल 300 रुपए जमा कराए गए और टास्क पूरा होने पर उसके अकाउंट में 500 रुपए ट्रांसफर कर दिए गए। यह छोटा मुनाफा अमन के भरोसे को मजबूत करने का जरिया बना।इसके बाद ठगों ने बड़े टास्क का ऑफर दिया और अमन से 5 हजार रुपए जमा कराए गए। जैसे-जैसे वह टास्क करता गया, उसके अकाउंट में रकम बढ़ती दिखाई देने लगी। हालांकि, जब उसने राशि निकालने की कोशिश की, तो ट्रांजैक्शन पूरा नहीं हो सका। ग्रुप एडमिन ने कहा कि रकम निकालने के लिए और पैसे जमा करना जरूरी है।

    अकाउंट में बढ़ती रकम के लालच में अमन बार-बार पैसे ट्रांसफर करता गया। अलग-अलग खातों में कुल 3.50 लाख रुपए भेजने के बावजूद उसे पैसा नहीं मिला। इसके अलावा, ठगों ने उस पर और पैसे जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया और टास्क अधूरे रहने पर कोर्ट केस में फंसाने की धमकी भी दी।तब जाकर अमन को ठगी का एहसास हुआ। उसने तुरंत मुरार थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार यह एक संगठित साइबर फ्रॉड का मामला है, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया गया है।

    मुरार थाना पुलिस ने बताया कि मामले की जांच में मोबाइल नंबर, बैंक खातों और टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे घर बैठे कमाई या बिना मेहनत मुनाफे के दावों से सतर्क रहें। किसी भी अनजान लिंक या ग्रुप से जुड़ने से पहले पूरी जांच करना बेहद जरूरी है।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फ्रॉड में ज्यादातर छात्र और युवा आसानी से फंस जाते हैं, क्योंकि शुरुआती छोटे मुनाफे का लालच उन्हें बड़ा नुकसान उठाने के लिए प्रेरित करता है। इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सतर्क रहने की जरूरत को उजागर किया है।

  • गोपाल भार्गव के सरकारी बंगले में मरीजों का आशियाना: भोपाल में बना प्ले स्कूल जैसा गेस्ट रूम

    गोपाल भार्गव के सरकारी बंगले में मरीजों का आशियाना: भोपाल में बना प्ले स्कूल जैसा गेस्ट रूम


    भोपाल। भोपाल के 74 बंगला क्षेत्र का बंगला नंबर बी-1, जो सागर जिले के रहली से विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का सरकारी आवास है, अब मरीजों का ठिकाना बन गया है। यह बंगला पहले मंत्री के रूप में भार्गव को आवंटित हुआ था, लेकिन अब यह बीमार बच्चों और मरीजों के लिए विशेष सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
    बच्चों के लिए प्ले स्कूल जैसा गेस्ट रूम
    गोपाल भार्गव की पुत्रवधु शिल्पी भार्गव ने इस बंगले में बीमार बच्चों, विशेषकर दिल से जुड़ी बीमारियों वाले बच्चों के लिए एक खास गेस्ट रूम तैयार कराया है। यह कमरे प्ले स्कूल की तरह सजाया गया है, जिसमें झूले, खिलौने और बच्चों के लिए विशेष बिस्तरों की व्यवस्था है। बच्चों का मनोबल बनाए रखने के लिए दीवारों पर रंग-बिरंगे कार्टून और आकर्षक पेंटिंग्स बनाई गई हैं।

    50 बिस्तरों के तीन हॉल
    बंगले में मरीजों के रहने के लिए तीन रेनोवेटेड हॉल बनाए गए हैं, जिनमें कुल 50 बिस्तरों की सुविधा है।

    मरीजों के आने-जाने, रुकने और इलाज के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। साथ ही एम्बुलेंस सेवा, भोजन और अस्पताल में इलाज कराने की पूरी सुविधा भी दी गई है।

    फ्री भोजन और खास मेन्यू
    बंगले में रहने वाले मरीजों के लिए सुबह नाश्ता, चाय और दो टाइम फ्री भोजन की सुविधा है। इस किचन को “गोपाल जी की रसोई” नाम दिया गया है। भोजन में मलाई कोफ्ता, मटर पनीर, पालक पनीर, बैगन भर्ता, आलू टमाटर, दाल मखनी, मूंग दाल, जीरा राइस, हलवा, खिचड़ी, गरम रोटियाँ, अचार, पापड़, चटनी और सलाद जैसी विविध और पौष्टिक डिशेज़ शामिल हैं।

    एम्बुलेंस सेवा और पंजीकरण
    हर रविवार को गढ़ाकोटा स्थित निज निवास गणनायक से तीन एम्बुलेंस भोपाल के लिए मरीजों को लेकर रवाना होती हैं।

    मरीजों का पंजीकरण गढ़ाकोटा में किया जाता है और भोपाल पहुंचते ही कर्मचारी आधार कार्ड, बीमारी की जानकारी और अस्पताल का नाम लेकर मरीजों को भर्ती कराते हैं।

    पूरी सुविधा निशुल्क
    गोपाल भार्गव के क्षेत्र के मरीजों को आने-जाने, रुकने, खाने और इलाज की पूरी सुविधा नि:शुल्क दी जाती है। इलाज आयुष्मान कार्ड या मुख्यमंत्री सहायता योजना के माध्यम से कराया जाता है। यदि इनसे मदद न मिले तो गोपाल भार्गव अपने निजी फंड से इलाज की व्यवस्था करते हैं।

    बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण
    शिल्पी भार्गव ने यह व्यवस्था बच्चों के मनोबल को ध्यान में रखकर बनाई है। उनका उद्देश्य था कि जब बच्चे इलाज के लिए आएं तो उन्हें डर या असहजता महसूस न हो। इसलिए गेस्ट रूम को प्ले स्कूल जैसा सजाया गया और वातावरण को अनुकूल बनाया गया।

    लंबे समय से चल रही व्यवस्था
    अभिषेक भार्गव ने बताया कि यह व्यवस्था 2004 से शुरू है, जब गोपाल भार्गव मंत्री थे। उस समय भी मरीजों के आने-जाने, रहने, खाने और इलाज की सुविधा दी जाती थी। अब यह प्रकल्प निजी स्तर पर जारी है।

    जीवन और मृत्यु के लिए भी सुविधा
    गोपाल भार्गव का परिवार न केवल इलाज, बल्कि मृत्यु और अंतिम संस्कार की सुविधा भी प्रदान करता है। मरीज की मृत्यु होने पर शव घर तक पहुंचाने की व्यवस्था, बरमान घाट पर अस्थि विसर्जन और पंडित व नाई की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

    निजी खर्च और धर्म
    इस पूरे प्रकल्प में सरकारी मदद सीमित है। बंगले में साज-सज्जा और मरीजों की सुविधाएं निजी खर्च से ही संचालित होती हैं। गोपाल भार्गव का धर्म और ध्येय वाक्य है, “निरंतर कर्म” और यह दर्शन उनके कार्यों में स्पष्ट दिखाई देता है।

    गोपाल भार्गव और उनके परिवार द्वारा स्थापित यह व्यवस्था न केवल बीमार बच्चों और मरीजों के लिए मददगार साबित हो रही है, बल्कि यह मानवता और सेवा का अद्वितीय उदाहरण भी पेश करती है।

  • जावेद अख्तर @80: गीतों और संवादों से हिंदी सिनेमा को नया मुकाम देने वाले शायर का सफर

    जावेद अख्तर @80: गीतों और संवादों से हिंदी सिनेमा को नया मुकाम देने वाले शायर का सफर

    नई दिल्ली जावेद अख्तर बर्थडे प्रसिद्ध लेखक, गीतकार और कवि जावेद अख्तर ने अपनी असाधारण कहानी और डायलॉग्स से भारतीय सिनेमा को आकार दिया है। पांच नेशनल फिल्म अवॉर्ड, पद्म श्री और पद्म भूषण जैसे पुरस्कार हासिल करने वाले जावेद अख्तर के शानदार करियर को किसी परिचय की जरूरत नहीं है। उनके 80वें जन्मदिन पर, आइए उनकी जिंदगी के उस पहलू को खंगाले जो उन्होंने खुद बयां किया था। आइए उस जावेद अख्तर को जानें जिन्होंने जमीन से उठकर आसमान की ऊंचाई की छुआ है।
    Javed Akhtar ने डॉक्यू-सीरीज़ ‘एंग्री यंग मेन’ के एक सेगमेंट में रोते हुए फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुआती संघर्षों को याद किया और बताया कि कैसे एक बार वह पैसे की कमी के कारण भूखे रह गए थे। उन्होंने यंग एज में पहली बार मुंबई आने पर जिन परिस्थितियों का सामना किया था, उस पर भी उन्होंने बात की और कहा कि उन्हें अक्सर लगता है कि वह उस विलासिता के लायक नहीं हैं जो अब उनके पास है।

    जावेद अख्तर के संघर्ष भरे दिन
    डॉक्यू-सीरीज़ में जावेद अख्तर ने मुंबई में अपने शुरुआती दिनों के संघर्षों को याद किया था। लेखक और गीतकार ने बताया, ‘मैंने फैसला किया कि ग्रेजुएशन की पढ़ाई के बाद मैं बॉम्बे जाऊंगा और सहायक निर्देशक के रूप में काम करूंगा, वो भी गुरु दत्त या राज कपूर के साथ। मुझे यकीन था कि कुछ साल ऐसा करने के बाद, मैं निश्चित रूप से निर्देशक बन जाऊंगा।’

    रेलवे स्टेशन से पार्ट तक में सोते थे
    उन्होंने आगे कहा, ‘मैं ठीक पांच दिनों के लिए अपने पिता के घर में था और फिर मैं अपने आप चला गया। मैं कुछ दोस्तों के साथ रहता था, रेलवे स्टेशनों, पार्कों, स्टूडियो, गलियारों में, बेंचों पर सोता था। मैं दादर से बांद्रा तक पैदल जाता था क्योंकि मेरे पास बस किराए के लिए पैसे नहीं होते थे। कभी-कभी, मुझे ऐसा लगता था कि मैंने दो दिनों तक खाना नहीं खाया है। मैं हमेशा मन में सोचता था कि अगर एक दिन मेरे बारे में कोई जीवनी लिखी जाए, तो यह सुनहरा पल होना चाहिए।’

    पत्नी ने भी बताई कहानी
    उनकी पत्नी शबाना आज़मी ने उनके बुरे दौर से गुज़रने की एक कहानी याद की और कहा, ‘एक दिन उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने तीन दिनों से खाना नहीं खाया है। उन्होंने किसी के घर में रोशनी देखी और मन ही मन सोचा, ‘मैं इस तरह नहीं मरूंगा। समय बदल जाएगा।’

    नींद और भोजन के साथ खटपट
    जावेद अख्तर ने भी रोते हुए कहा, ‘वंचना दो तरह की होती है – नींद की और भोजन की – जो आप पर ऐसी छाप छोड़ती है जिसे आप कभी नहीं भूलते। मैं फाइव स्टार होटलों में, बड़े डबल बेड वाले सुइट्स में रुकता हूं और मैं पीछे मुड़कर देखता हूं कि कैसे मैं थर्ड क्लास के डिब्बे में बंबई आया, जिसमें बैठने के लिए भी जगह नहीं थी। मुझे याद है कि कैसे मेरी नींद गायब हो गई थी और मैं कितना थक गया था।

    नहीं था रहने को कमरा, न खाने को खाना
    उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे बस उस कमरे का एक छोटा सा हिस्सा चाहिए था जो अब मेरे पास है। वे लोग बहुत सारा खाना लाते हैं और मुझे हमेशा आश्चर्य होता है कि जिन दिनों मेरे पास खाने के लिए कुछ नहीं था, उन दिनों यह खाना कहां था। आज तक, मुझे ऐसा लगता है कि मैं इस खाने का हकदार नहीं हूं।’ जावेद अख्तर ने आगे कहा कि उन्हें एक दिन एहसास हुआ कि उनके पास पहनने के लिए कुछ नहीं है। उनके पास केवल एक पैंट बची थी।

  • ईरान पर हुआ हमला तो मुस्लिम देशों के टारगेट पर होंगे US मिलिट्री बेस?

    ईरान पर हुआ हमला तो मुस्लिम देशों के टारगेट पर होंगे US मिलिट्री बेस?


    तेहरान। ईरान और अमेरिका में तनातनी चरम पर पहुंच गई है। आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका ईरान पर कभी भी सैन्य हमला कर सकता है। यही वजह है कि भारत समेत दुनिया भर के देशों ने अपने-अपने नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने को कहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस तनातनी को तब और बढ़ा दिया, जब उन्होंने ईरान में प्रदर्शनकारियों से अपना आंदोलन तेज करने का आह्वान किया और कहा कि मदद पहुंच रही है। इस बीच, ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया वह चुप नहीं बैठेगा और मध्य-पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर जवाही हमला करेगा।
    शायद यही वजह है कि अमेरिका ने मध्य-पूर्व में स्थित अपने मिलिट्री बेस से सैनिकों और कर्मियों को वापस बुलाने का फैसला किया है। ईरान ने अमेरिकी हमलों की आशंकाओं के मद्देनजर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर और तुर्की समेत मिडिल ईस्ट के कई देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो वह उनके देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाएगा।
    दुनिया भर में अमेरिका के सैन्य अड्डे: कहां, क्यों और कितने अहम?
    दुनिया भर में अमेरिका के सैन्य ठिकाने दो तरह हैं। पहला एयर बेस, जहां लड़ाकू विमान रखे जाते हैं और वहां से संचालित किए जाते हैं, और दूसरा नेवल बेस होते हैं, जहां युद्धपोत और नौसैनिक जहाज़ तैनात रहते हैं। जुलाई 2024 तक, अमेरिका के पास दूसरे देशों में कम से कम 128 सैन्य अड्डे हैं। इनमें सबसे बड़ा विदेशी अड्डा दक्षिण कोरिया का कैंप हम्फ्रीज़ है, जो क्षेत्रफल के लिहाज़ से अमेरिका का सबसे बड़ा ओवरसीज़ बेस माना जाता है। ब्राउन यूनिवर्सिटी के वॉटसन इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, 2001 के बाद 19 से 30 लाख अमेरिकी सैनिकों ने अफगानिस्तान और इराक युद्धों में सेवा दी इनमें से आधे से ज़्यादा सैनिक एक से अधिक बार इन युद्ध क्षेत्रों में भेजे गए।
    मिडिल-ईस्ट में कहां-कहां अमेरिकी सैन्य अड्डे?
    मध्य-पूर्व के करीब आधा दर्जन मुस्लिम देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डे हैं। इनमें सउदी अरब, कतर, UAE, बहरीन, तुर्की, इराक और जॉर्डन शामिल हैं। ये अमेरिकी सैन्य अड्डे मध्य-पूर्व और पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन बनाए रखते हैं। आतंकवाद विरोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाते हैं और ईरान, रूस और चीन जैसे देशों पर रणनीतिक दबाव बनाए रखते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल ईस्ट में अमेरिका के कुल 19 मिलिट्री बेस हैं। इनमें से हरेक सैन्य अड्डों पर करीब 40 से 50 हजार सैनिक तैनात हैं।

    बहरीन: बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (Fifth Fleet) का मुख्यालय है। यह बेड़ा खाड़ी क्षेत्रों खासकर लाल सागर, अरब सागर और हिंद महासागर के कुछ हिस्सों में नौसैनिक सुरक्षा और सैन्य अभियानों की निगरानी करता है। समुद्री रक्षा में यह बेड़ा काफी अहम माना जाता है।

    कतर: कतर की राजधानी दोहा के पास अल उदैद एयर बेस है, जो रेगिस्तान में 24 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह ईरान से करीब 190 KM की दूरी पर फारस की खाड़ी के किनारे स्थित है। यहां करीब 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्यालय है। यह कमांड मिस्र से कजाकिस्तान तक के बड़े क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों को संभालता है। पिछले साल जब अमेरिका ने ईरान के परमाणु सुविधा ठिकानों पर हमले किए थे तब ईरान ने कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। इस वजह से कतर पहले से ही सचेत है और अमेरिका पर हमले नहीं करने का दबाव बना रहा है।

    कुवैत: कुवैत में कई अमेरिकी सैन्य बेस हैं। कैंप आरिफजान यूएस आर्मी सेंट्रल कमांड का मुख्यालय है। वहां अली अल सलेम एयर बेस भी है, जो इराक सीमा से 40 किमी दूर, अलग-थलग और कठिन इलाके में स्थित है। कुवैत में ही कैंप ब्यूहरिंग सैन्य अड्डा भी है। 2003 के इराक युद्ध के दौरान ये अड्डा बना था। यह इराक और सीरिया भेजे जाने वाले सैनिकों का ट्रांज़िट बेस है।

    संयुक्त अरब अमीरात: UAE की राजधानी अबू धाबी के पास अल धफरा एयर बेस है, जो यूएई वायुसेना के साथ साझेदारी में है यहां से ISR और ड्रोन ऑपरेशंस किए जाते हैं। ISIS के खिलाफ अभियानों और क्षेत्रीय निगरानी में यह अड्डा अहम भूमिका निभाता रहा है। दुबई के जिबेल अली पोर्ट औपचारिक बेस नहीं है लेकिन पश्चिम एशिया में अमेरिकी नौसेना का सबसे बड़ा पोर्ट ऑफ कॉल है। यहां अक्सर अमेरिकी विमानवाहक पोत और युद्धपोत आते हैं

    इराक: पश्चिमी इराक के अनबार प्रांत में ऐन अल असद एयर बेस है। यह इराकी सुरक्षा बलों और नाटो मिशन को समर्थन देता है। 2020 में जनरल कासेम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए ईरान ने इस पर मिसाइल हमला किया था। इसके अलावा उत्तरी इराक के कुर्द क्षेत्र में एरबिल एयर बेस इराक में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है। यह अमेरिकी और सहयोगी देशों के प्रशिक्षण का केंद्र है। यह खुफिया जानकारी, लॉजिस्टिक्स और सैन्य योजना का अहम ठिकाना है।
    सऊदी अरब: सऊदी अरब के रियाद के दक्षिण में 60 किलोमीटर की दूरी पर प्रिंस सुल्तान एयर बेस है। यह क्षेत्र में हवाई और मिसाइल रक्षा अभियानों का समर्थन करता है। यहां पैट्रियट और THAAD जैसे उन्नत रक्षा सिस्टम तैनात हैं। सऊदी अरब में 2024 तक 2,321 अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सऊदी सेना के साथ अमेरिकी सेना समन्वय कर ऑपरेशन करती है।

    जॉर्डन: जॉर्डन की राजधानी अम्मान से लगभग 100 किमी दूर अज़्राक में मुवाफ़क़ अल सल्टी एयर बेस है। यहां अमेरिकी वायुसेना की 332वीं एयर एक्सपेडिशनरी विंग तैनात है। यह सीरिया, लेबनान, इज़राइल, जॉर्डन और इराक क्षेत्र में निगरानी, हवाई अभियान और सैन्य समन्वय करती है।

    तुर्की: तुर्की और अमेरिका मिलकर दक्षिणी अदाना प्रांत में इंसिरलिक एयर बेस चलाते हैं। यहां अमेरिकी परमाणु हथियार रखे हैं। यहां से ISIS के खिलाफ गठबंधन को सहयोग दिया जाता है। तुर्की में 1465 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इनके अलावा पाकिस्तान, अफगानिस्तान, कजाकिस्तान, किरगिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान में भी अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं। कुल मिलाकर देखें तो ईरान को चारों तरफ से अमेरिकी सैन्य अड्डों ने घेर रखा है।

  • भारत कोकिंग कोल लिमिटेड का आईपीओ अब 19 जनवरी को स्टॉक एक्सचेंज में होगा सूचीबद्ध

    भारत कोकिंग कोल लिमिटेड का आईपीओ अब 19 जनवरी को स्टॉक एक्सचेंज में होगा सूचीबद्ध


    नई दिल्ली।  कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेडBCCL की शेयर बाजार में प्रस्तावित लिस्टिंग अब 16 जनवरी की बजाय 19 जनवरी 2026 को होगी। लिस्टिंग में यह बदलाव मुख्य रूप से बृहन्मुंबई नगर निगम BMC चुनावों के परिणामों के कारण किया गया है जिनकी घोषणा 16 जनवरी को होनी है। हालांकि तारीख बदली है लेकिन निवेशकों में आईपीओ को लेकर उत्साह और भरोसा जस का तस बना हुआ है।BCCL का आईपीओ हाल के वर्षों के सबसे चर्चित सरकारी आईपीओ में से एक रहा है। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल OFS आधारित था जिसके तहत कोल इंडिया ने कंपनी में अपनी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची है। लिस्टिंग के बाद भी कोल इंडिया की BCCL में हिस्सेदारी लगभग 90 प्रतिशत बनी रहेगी।

    आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला। बोली बंद होने तक यह इश्यू कुल 146 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ। कुल पब्लिक इश्यू का आकार करीब 1071 करोड़ रुपये था लेकिन इसकी मांग हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच गई। सब्सक्रिप्शन में संस्थागत निवेशकों ने सबसे ज्यादा भरोसा दिखाया जिनके लिए आरक्षित कोटा 300 गुना से अधिक भरा गया। इसके अलावा रिटेल कैटेगरी करीब 49 गुना शेयरहोल्डर कोटा लगभग 87 गुना और कर्मचारी वर्ग करीब 5 गुना सब्सक्राइब हुआ।ग्रे मार्केट की गतिविधियां भी इस आईपीओ के लिए सकारात्मक संकेत देती हैं। BCCL के शेयर इश्यू प्राइस के मुकाबले ग्रे मार्केट में करीब 60 प्रतिशत प्रीमियम पर कारोबार करते दिखे। इसका अर्थ यह है कि 19 जनवरी को लिस्टिंग के दिन शेयर मजबूत शुरुआत कर सकते हैं।BCCL देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनियों में शामिल है। वित्त वर्ष 202425 में देश के कुल कोकिंग कोल उत्पादन में कंपनी का योगदान लगभग 58 प्रतिशत रहा। इसका प्रमुख संचालन झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज क्षेत्र में होता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि BCCL आईपीओ की यह भारी सफलता PSU शेयरों पर निवेशकों के भरोसे की बहाली को दर्शाती है। इसका अर्थ है कि सरकारी कंपनियों के शेयरों में फिर से निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। बाजार विश्लेषक यह भी मानते हैं कि लिस्टिंग के दिन शेयर में सकारात्मक माहौल देखने को मिल सकता है खासकर तब जब ग्रे मार्केट में पहले ही मजबूत प्रीमियम नजर आ रहा है।कुल मिलाकर BCCL का आईपीओ न सिर्फ निवेशकों के लिए आकर्षक साबित हुआ है बल्कि यह संकेत देता है कि PSU सेक्टर में नए अवसर और निवेश की संभावनाएं मजबूत हैं। 19 जनवरी को स्टॉक एक्सचेंज में इसकी लिस्टिंग के बाद बाजार और निवेशकों के नजरिए पर इसके असर पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।