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  • खिताबी मुकाबले के बाद हाई वोल्टेज ड्रामा स्पेन अर्जेंटीना के खिलाड़ियों में झड़प मैदान पर मारपीट से मचा हड़कंप

    खिताबी मुकाबले के बाद हाई वोल्टेज ड्रामा स्पेन अर्जेंटीना के खिलाड़ियों में झड़प मैदान पर मारपीट से मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल जहां स्पेन की ऐतिहासिक जीत के लिए याद रखा जाएगा वहीं मैच समाप्त होने के बाद मैदान पर हुए विवाद ने भी पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम किया लेकिन अंतिम सीटी बजने के कुछ ही क्षण बाद जश्न का माहौल तनाव में बदल गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई जो देखते ही देखते धक्का मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गई। इस घटना ने विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर खेल भावना को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए।

    रिपोर्ट के अनुसार मैच समाप्त होने के बाद अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस अपनी टीम की हार के बाद बेहद भावुक और गुस्से में नजर आए। इसी दौरान उनकी स्पेन के खिलाड़ियों से तीखी बहस हुई जो जल्द ही शारीरिक झड़प में बदल गई। बताया गया कि उन्होंने स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया का गला पकड़कर धक्का दिया। स्थिति बिगड़ती देख अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी को मैदान में आकर खिलाड़ियों के बीच बचाव करना पड़ा ताकि मामला और न बढ़े।

    विवाद केवल यहीं तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पेरेडेस ने स्पेन के युवा मिडफील्डर गावी को भी जमीन पर गिरा दिया और उनके चेहरे पर हाथ रखकर धक्का दिया। इसके अलावा यह भी आरोप लगा कि उन्होंने गावी की ओर अपना बूट भी चलाने की कोशिश की। इसी दौरान अर्जेंटीना के डिफेंडर नहुएल मोलिना पर भी स्पेन के खिलाड़ियों के साथ आक्रामक व्यवहार करने का आरोप लगा। कहा गया कि उन्होंने पहले एक स्पेनिश खिलाड़ी के पेट में मुक्का मारा और बाद में स्पेन के कप्तान रोड्री की ओर भी मुक्का चलाने की कोशिश की। हालांकि रोड्री ने संयम बनाए रखा और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने का प्रयास किया।

    इस घटना की फुटबॉल जगत में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलन शियरर ने प्रसारण के दौरान इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि हार का दर्द अपनी जगह है लेकिन मैदान पर हिंसक व्यवहार की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार खिलाड़ियों को खेल भावना का सम्मान करना चाहिए और हार को भी गरिमा के साथ स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम सीटी के बाद अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया बेहद निराशाजनक रही।

    विवाद यहीं समाप्त नहीं हुआ। रिपोर्टों के अनुसार पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान भी अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ियों के व्यवहार पर सवाल उठे। दावा किया गया कि जब स्पेन के खिलाड़ी विश्व कप ट्रॉफी और पदक ग्रहण कर रहे थे तब अर्जेंटीना के कई खिलाड़ी समारोह की ओर पीठ करके खड़े रहे। इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी स्टुअर्ट पियर्स ने भी इस दृश्य पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों से बेहतर खेल भावना की उम्मीद की जाती है।

    स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 साल बाद विश्व कप का खिताब अपने नाम किया लेकिन फाइनल के बाद हुई यह घटना खेल से अधिक विवादों की वजह बन गई। अब फुटबॉल प्रेमियों की नजर इस बात पर रहेगी कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर आगे क्या कदम उठाते हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मौके पर खिलाड़ियों का संयम और खेल भावना ही किसी भी महान टीम की असली पहचान होती है।

  • स्पेन की जीत का देशभर में जश्न अर्जेंटीना की हार पर छलका फैंस का दर्द बोले फाइनल में बेहतर साबित हुई स्पेनिश टीम

    स्पेन की जीत का देशभर में जश्न अर्जेंटीना की हार पर छलका फैंस का दर्द बोले फाइनल में बेहतर साबित हुई स्पेनिश टीम


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन की ऐतिहासिक जीत ने दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों के बीच उत्साह और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला। स्पेन ने रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस जीत के बाद भारत के कई शहरों में स्पेन समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया जबकि अर्जेंटीना की हार ने उसके प्रशंसकों को निराश कर दिया। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक फुटबॉल प्रेमियों की प्रतिक्रियाएं पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रहीं।

    स्पेन की ऐतिहासिक जीत के बाद केरल के कोझिकोड जिले के कुट्टियाडी में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। स्पेन के समर्थक सड़कों पर उतर आए और ढोल नगाड़ों के साथ नाचते गाते हुए अपनी खुशी का इजहार किया। जगह जगह आतिशबाजी की गई और समर्थकों ने स्पेन के झंडे लहराते हुए अपनी टीम की शानदार जीत का स्वागत किया। लंबे समय बाद विश्व कप ट्रॉफी जीतने की खुशी ने प्रशंसकों के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया।

    दूसरी ओर अर्जेंटीना के समर्थकों के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। मुंबई में कई फुटबॉल प्रेमी मैच खत्म होने के बाद मायूस दिखाई दिए। कुछ प्रशंसकों ने माना कि कप्तान लियोनेल मेसी से जिस स्तर के प्रदर्शन की उम्मीद थी वह फाइनल मुकाबले में देखने को नहीं मिला। उनका कहना था कि स्पेन के मजबूत डिफेंस ने मेसी को खुलकर खेलने का अवसर ही नहीं दिया जिसके कारण अर्जेंटीना अपनी आक्रामक रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर सका। हालांकि कई प्रशंसकों ने यह भी स्वीकार किया कि पूरी प्रतियोगिता में अर्जेंटीना ने शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल तक पहुंचना भी बड़ी उपलब्धि रही।

    मेघालय की राजधानी शिलांग में भी फुटबॉल का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। राज्य सरकार की ओर से आयोजित विशेष स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रेमी शामिल हुए और विशाल स्क्रीन पर फाइनल मुकाबले का आनंद लिया। मैच समाप्त होते ही स्पेन समर्थकों ने खुशी का इजहार किया जबकि अर्जेंटीना के प्रशंसकों ने अपनी टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए तालियां बजाईं। इस दौरान दोनों टीमों की जर्सी पहने हुए प्रशंसक खेल भावना का शानदार उदाहरण पेश करते नजर आए।

    भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त मुहम्मद रियाज हमीदुल्लाह ने भी फाइनल मुकाबले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अर्जेंटीना से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन स्पेन ने पूरे मैच में अधिक संतुलित और प्रभावशाली खेल दिखाया। उनके अनुसार स्पेन ने जिस अनुशासन और रणनीति के साथ मुकाबला खेला उसी का परिणाम रहा कि टीम विश्व चैंपियन बनने में सफल रही।

    दिल्ली के फुटबॉल प्रेमियों ने भी स्पेन के प्रदर्शन की खुलकर सराहना की। कई प्रशंसकों का मानना था कि स्पेन ने पूरे मैच में गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और बेहतर अवसर तैयार किए। वहीं कुछ अर्जेंटीना समर्थकों ने कहा कि उनकी टीम ने फाइनल में जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक रणनीति अपनाई और आखिरी दस मिनट में ही आक्रामक खेल दिखाने की कोशिश की जिससे वापसी का मौका नहीं बन सका।

    स्पेन की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विश्व फुटबॉल में मजबूत रणनीति अनुशासित डिफेंस और धैर्य सबसे बड़ी ताकत होते हैं। वहीं अर्जेंटीना की हार के बावजूद उसके समर्थकों ने टीम का हौसला बढ़ाते हुए भविष्य में और मजबूत वापसी की उम्मीद जताई। फाइनल के बाद भारत में देखने को मिला यह उत्साह इस बात का प्रमाण है कि फुटबॉल के प्रति भारतीय प्रशंसकों का जुनून लगातार बढ़ रहा है।

  • एम्बाप्पे का गोल्डन रिकॉर्ड दो लगातार विश्व कप में गोल्डन बूट जीतने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बने फ्रांस के कप्तान

    एम्बाप्पे का गोल्डन रिकॉर्ड दो लगातार विश्व कप में गोल्डन बूट जीतने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बने फ्रांस के कप्तान


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का समापन स्पेन की ऐतिहासिक खिताबी जीत के साथ हुआ लेकिन व्यक्तिगत उपलब्धियों की बात करें तो सबसे बड़ी चर्चा फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे के नाम रही। अपनी विस्फोटक फॉर्म और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर एम्बाप्पे ने इस टूर्नामेंट में गोल्डन बूट अपने नाम किया और इसके साथ ही विश्व फुटबॉल के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। लगातार दूसरे विश्व कप में गोल्डन बूट जीतने वाले वह दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले कोई भी फुटबॉलर लगातार दो विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने का सम्मान हासिल नहीं कर पाया था।

    पूरे टूर्नामेंट में एम्बाप्पे ने अपनी तेज रफ्तार शानदार फिनिशिंग और आक्रामक खेल से विरोधी टीमों के डिफेंस को लगातार परेशान किया। उन्होंने विश्व कप 2026 में कुल 10 गोल दागे और 4 गोल में अपने साथियों की मदद करते हुए असिस्ट भी किए। उनकी यही निरंतरता उन्हें गोल्डन बूट का सबसे बड़ा दावेदार बनाती रही और अंत में उन्होंने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार पर कब्जा जमाकर अपनी महानता को फिर साबित कर दिया।

    विश्व कप के दौरान गोल्डन बूट की दौड़ बेहद रोमांचक रही। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी भी शानदार लय में थे और उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 8 गोल किए। फाइनल मुकाबले से पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि यदि मेसी स्पेन के खिलाफ गोल करते हैं तो वह एम्बाप्पे को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। हालांकि स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति ने मेसी को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और वह फाइनल में गोल करने में सफल नहीं हो सके। इसी के साथ एम्बाप्पे ने गोल्डन बूट की रेस में अपनी बढ़त बरकरार रखी।

    फ्रांस ने भले ही विश्व कप का खिताब नहीं जीता लेकिन तीसरे स्थान के लिए इंग्लैंड के खिलाफ हुए मुकाबले में एम्बाप्पे ने दो शानदार गोल दागकर अपने अभियान का शानदार अंत किया। इन दो गोलों ने उन्हें न केवल मेसी से आगे पहुंचाया बल्कि विश्व कप इतिहास के सबसे सफल गोल स्कोरर का रिकॉर्ड भी उनके नाम कर दिया। अब एम्बाप्पे के नाम फीफा विश्व कप में कुल 22 गोल दर्ज हो चुके हैं जबकि लियोनेल मेसी 21 गोल के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। यह उपलब्धि बताती है कि एम्बाप्पे ने बेहद कम उम्र में विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर कितनी बड़ी छाप छोड़ी है।

    दूसरी ओर विश्व कप का खिताब स्पेन के नाम रहा जिसने फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 16 साल बाद फिर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। दोनों टीमों के बीच निर्धारित समय तक कोई गोल नहीं हुआ और मुकाबला अतिरिक्त समय तक पहुंचा। आखिरकार फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल करते हुए स्पेन को दूसरी बार विश्व चैंपियन बना दिया। इस हार के साथ अर्जेंटीना का लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया।

    भले ही फ्रांस ट्रॉफी नहीं जीत सका लेकिन किलियन एम्बाप्पे ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि वह मौजूदा दौर के सबसे प्रभावशाली फुटबॉलरों में शामिल हैं। लगातार दो विश्व कप में गोल्डन बूट जीतना और विश्व कप इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बनना उनकी महान उपलब्धियों में शामिल हो गया है। आने वाले वर्षों में भी दुनिया की नजरें इस स्टार स्ट्राइकर के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी।

  • फेरान टोरेस बने स्पेन के महानायक एक्स्ट्रा टाइम के गोल ने अर्जेंटीना से छीना विश्व कप का ताज 16 साल बाद फिर गूंजा स्पेन का परचम

    फेरान टोरेस बने स्पेन के महानायक एक्स्ट्रा टाइम के गोल ने अर्जेंटीना से छीना विश्व कप का ताज 16 साल बाद फिर गूंजा स्पेन का परचम


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल फुटबॉल इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में शामिल हो गया जहां स्पेन ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए इस हाई वोल्टेज मुकाबले में दोनों टीमों ने जीत के लिए आखिरी सांस तक संघर्ष किया लेकिन आखिरकार एक्स्ट्रा टाइम में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी फेरान टोरेस ने वह गोल दाग दिया जिसने स्पेन को 16 साल बाद फिर दुनिया का सरताज बना दिया। इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 की अपनी ऐतिहासिक सफलता को दोहराते हुए विश्व फुटबॉल में एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित कर दी।

    फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही स्पेन ने शानदार खेल दिखाया और गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। स्पेनिश खिलाड़ियों ने लगातार आक्रामक फुटबॉल खेलते हुए अर्जेंटीना के गोल पर कई हमले किए लेकिन गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज बार बार दीवार बनकर सामने आए। उन्होंने कई बेहतरीन बचाव करते हुए अर्जेंटीना को लंबे समय तक मुकाबले में बनाए रखा। दूसरी ओर अर्जेंटीना की टीम अपने स्टार खिलाड़ियों के बावजूद स्पेन के मजबूत डिफेंस को भेदने में सफल नहीं हो सकी। कप्तान लियोनेल मेसी को स्पेनिश डिफेंडरों ने पूरे मुकाबले में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया जिससे अर्जेंटीना का आक्रमण लगातार दबाव में रहा।

    निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमों के बीच कोई गोल नहीं हो सका। मुकाबला जितना आगे बढ़ता गया उतना ही रोमांच और तनाव बढ़ता गया। स्टॉपेज टाइम में अर्जेंटीना को बड़ा झटका तब लगा जब मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज को दूसरा येलो कार्ड मिलने के बाद मैदान छोड़ना पड़ा। इसके बाद अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम में केवल 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा जिससे स्पेन को अतिरिक्त बढ़त मिल गई।

    एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में वह पल आया जिसका इंतजार स्पेन के करोड़ों प्रशंसक कर रहे थे। निको विलियम्स के शानदार हेडर से मिली गेंद को फेरान टोरेस ने बेहतरीन तरीके से नियंत्रित किया और बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। अर्जेंटीना के गोलकीपर मार्टिनेज इस बार भी पूरी कोशिश के बावजूद गेंद को रोक नहीं सके। यही गोल मैच का फैसला साबित हुआ और पूरा स्टेडियम स्पेन के समर्थकों की खुशी से गूंज उठा।

    गोल करने के बाद भी स्पेन ने अपना आक्रमण जारी रखा और एक बार फिर गेंद को जाल में पहुंचाया लेकिन फाउल के कारण गोल को अमान्य घोषित कर दिया गया। इसके बावजूद स्पेनिश खिलाड़ियों ने संयम नहीं खोया और अंतिम सीटी बजने तक अर्जेंटीना को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। दूसरी ओर अर्जेंटीना ने आखिरी क्षणों तक बराबरी की कोशिश की लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उसकी हर रणनीति विफल साबित हुई।

    पूरे टूर्नामेंट में स्पेन का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम एक भी मुकाबला नहीं हारी और लगातार संतुलित आक्रमण तथा मजबूत रक्षात्मक खेल के दम पर फाइनल तक पहुंची। फाइनल में भी उसी आत्मविश्वास और अनुशासन का प्रदर्शन करते हुए स्पेन ने विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। वहीं 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार खिताब जीतने का सपना पूरा नहीं कर सकी। इस जीत के साथ स्पेन ने दुनिया को यह संदेश दिया कि उसकी नई पीढ़ी विश्व फुटबॉल पर लंबे समय तक राज करने का दम रखती है।

  • घाटे से उबरने की तैयारी कर रही Air India, अगले 18 महीनों में बेड़े में जुड़ेंगे 50-60 नए विमान

    घाटे से उबरने की तैयारी कर रही Air India, अगले 18 महीनों में बेड़े में जुड़ेंगे 50-60 नए विमान


    नई दिल्‍ली । एयरलाइन सेक्‍टर के इतिहास में टाटा ग्रुप की तरफ से एअर इंडिया का अध‍िग्रहण करना सबसे बड़ी डील में एक रहा. घाटे में चल रही एयरलाइन को फ‍िर से प्रॉफ‍िट में लाने के लि‍ए टाटा ग्रुप ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम चला रहा है. हालांकि, ग्‍लोबल लेवल पर एयरलाइन इंडस्‍ट्री को प्रभावित करने वाली कई घटनाओं के बाद एअर इंडिया का यह मिशन सही रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. एअर इंडिया ग्रुप के एक अध‍िकारी के अनुसार एयरलाइन आने वाले डेढ़ साल के अंदर अपने बेड़े में 50 से 60 नए और आधुन‍िक व‍िमान शामिल करने जा रही है.

    एअर इंडिया के सीओओ और एअर इंडिया एक्सप्रेस के चेयरमैन निपुण अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत के दौरान एअर इंडिया के रीस्‍ट्रक्‍चर‍िंग को लेकर जानकारी दी. उन्होंने माना क‍ि जनवरी 2022 में टाटा ग्रुप की तरफ से कमान संभालने के बाद से पिछले कुछ साल में मैनेजमेंट को काफी सीखने को मिला है. उन्‍होंने कहा क‍ि एयरलाइन इंडस्‍ट्री पिछले कुछ समय से क्राइस‍िस से गुजर रही है. इस बदलाव की यात्रा की शुरुआत हुई तब किसी ने भी ग्‍लोबल लेवल पर आने वाली इन बाधाओं का अनुमान नहीं लगाया था.

    कई घटनाओं से एयरलाइन की रफ्तार पर लगा ब्रेक
    सप्लाई चेन की ग्‍लोबल द‍िक्‍कतें, अलग-अलगी देशों के एयरस्पेस से जुड़े विवाद, तेल की कीमत में उतार-चढ़ाव और जियोपॉलिटिकल टेंशन जैसी कई अप्रत्याशित घटनाओं ने एयरलाइन की रफ्तार को प्रभावित करने की कोशिश की है. एयर इंड‍िया ने पिछले कुछ समय के दौरान कई गंभीर और दर्दनाक झटकों का सामना किया है. इन मुश्किलों और मीडिया में आ रही ऐसी खबरों के बीच, जिनमें कहा जा रहा था कि एयर इंड‍िया का ट्रांसफॉर्मेशन प्लान तय समय से पिछड़ सकता है, निपुण अग्रवाल ने स्थिति साफ की है.

    विमानों की मेंटीनेंस पर भारी खर्च क‍िया जा रहा
    एयर इंडिया ने पांच साल का जो खाका तैयार किया है, उसके तहत विमानों के आधुनिकीकरण से लेकर विमानों की मरम्मत और रखरखाव के क्षेत्र में भारी निवेश किया जा रहा है. एअर इंडिया ने करीब 600 नए विमानों का विशाल ऐतिहासिक ऑर्डर दे रखा है, जिसमें से अभी तक 10 प्रतिशत से भी कम विमानों की डिलीवरी हो पाई है. यह ऑर्डर बुक इतनी बड़ी है कि इसके तहत विमानों की सप्‍लाई अगले दशक के म‍िड यानी 2035 तक जारी रहेगी. अगले सात से आठ साल तक हर साल बेड़े में 50 से 60 नए विमान जोड़े जाएंगे.

    मौजूदा बेड़े को पूरी तरह बदलने की तैयारी
    इस रणनीति के तहत एयर इंड‍िया को हर साल 10 से 15 बड़े साइज के विमान (वाइड-बॉडी) और 45 से 50 छोटे साइज के नैरो-बॉडी व‍िमान की स्ट्रीम मिलती रहेगी. अगले 18 महीने के अंदर ग्रुप के पास करीब 60 नए विमान उपलब्ध होंगे. नए विमानों को शामिल करने के साथ ही एअर इंडिया अपने मौजूदा बेड़े को पूरी तरह बदलने में जुटी है. वाइड-बॉडी प्‍लेन को अगले दो से तीन साल में पूरी तरह नया रूप दे दिया जाएगा. कंपनी के बोइंग 787 (ड्रीमलाइनर) विमानों का नवीनीकरण अगले साल के म‍िड तक पूरा हो जाएगा, जबकि बोइंग 777 विमानों के केबिन को बदलने में थोड़ा अधिक समय लगेगा.

    अभी 290 से ज्‍यादा प्‍लेन का बेड़ा
    कंपनी को बोइंग मैक्स 8 विमानों की डिलीवरी लगातार मिल रही है और एअर इंडिया दुनिया की उन चुनिंदा एयरलाइंस में शामिल होगी, जिसे बोइंग मैक्स 10 विमानों की पहली खेप मिलेगी. मौजूदा समय में एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस के पास 290 से ज्‍यादा प्‍लेन का बेड़ा है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष और तेल की आसमान छूती कीमत के कारण एयरलाइन को अपनी कुछ इंटरनेशनल फ्लाइट और सर्व‍िस में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा था.

  • सावन 2026 की शुरुआत कब होगी? जानें सही तारीख, चारों सावन सोमवार और पूजा का महत्व

    सावन 2026 की शुरुआत कब होगी? जानें सही तारीख, चारों सावन सोमवार और पूजा का महत्व


    नई दिल्ली। भगवान शिव को समर्पित सावन (श्रावण) का महीना हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने शिव भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। हर वर्ष सावन की शुरुआत को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता रहती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में सावन कब से शुरू होगा, कितने सावन सोमवार पड़ेंगे और इस महीने का धार्मिक महत्व क्या है।

    सावन 2026 कब से शुरू होगा?
    द्रिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में सावन मास 29 जुलाई (बुधवार) से प्रारंभ होकर 28 अगस्त (शुक्रवार) यानी रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगा।

    सावन के चार सोमवार
    उत्तर भारत की मान्यता के अनुसार इस वर्ष सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे-
    – पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
    – दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
    – तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
    – चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026

    क्या है सावन का धार्मिक महत्व?
    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए सावन मास में कठोर तप किया था। इसी महीने समुद्र मंथन के दौरान निकले विष का पान कर भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा की थी, जिसके कारण उन्हें नीलकंठ कहा गया। विष की तीव्रता कम करने के लिए देवताओं ने शिवजी का जलाभिषेक किया था। तभी से सावन में शिवलिंग पर जल अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है। इस माह देशभर से लाखों कांवड़िए पवित्र नदियों से जल लाकर शिव मंदिरों में भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।

    सावन में ऐसे करें शिव पूजा
    प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शिवलिंग पर गंगाजल या शुद्ध जल अर्पित करें। फिर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें तथा अंत में दोबारा शुद्ध जल चढ़ाएं।

    इसके बाद चंदन का तिलक लगाकर भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत, सफेद पुष्प और शमी के पत्ते अर्पित करें। माता पार्वती को सिंदूर और श्रृंगार सामग्री चढ़ाएं। धूप-दीप प्रज्ज्वलित कर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। अंत में सावन सोमवार व्रत कथा का श्रवण या पाठ कर शिव आरती करें।

    सावन में किए जाने वाले प्रमुख उपाय
    आर्थिक समृद्धि के लिए हर सोमवार या प्रतिदिन शिवलिंग पर गन्ने का रस अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे धन प्राप्ति के योग मजबूत होते हैं।

    मनचाहा जीवनसाथी और वैवाहिक सुख के लिए कुंवारी कन्याएं तथा विवाहित महिलाएं केसर मिश्रित दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें और माता पार्वती को चुनरी अर्पित करें।

    मानसिक शांति और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे शनि दोष का प्रभाव भी कम होता है।

    करियर और व्यापार में उन्नति के लिए भगवान शिव को शहद अर्पित करें तथा 21 बेलपत्रों पर चंदन से “राम” लिखकर चढ़ाएं। इसे सफलता और प्रगति का शुभ उपाय माना जाता है।

  • FIFA फाइनल की ट्रॉफी सेरेमनी में डोनाल्ड ट्रंप की भारी फजीहत, जश्न के बीच मंच से किनारे किए गए

    FIFA फाइनल की ट्रॉफी सेरेमनी में डोनाल्ड ट्रंप की भारी फजीहत, जश्न के बीच मंच से किनारे किए गए


    नई दिल्‍ली । फीफा मेन्स फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल मैच एक बड़े ड्रामे के साथ खत्म हुआ. न्यू यॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में वर्ल्ड कप ट्रॉफी सेरेमनी के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लोगों की गुस्से भरी हूटिंग का सामना करना पड़ा. लोगों ने हताशा भरी आवाजों के साथ उनका वेलकम किया.

    फीफा वर्ल्ड कप में इस बार स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर जीत का ताज अपने नाम किया. इस दौरान जैसे ही ट्रंप और फीफा प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए मैदान पर उतरे, दर्शकों ने गुस्से में हूटिंग शुरू कर दी. हालांकि, ये हूटिंग ज्यादा देर नहीं चली. जब राष्ट्रपति ट्रंप और इन्फेंटिनो ने फाइनल खेलने वाले खिलाड़ियों और कोचों को मेडल पहनाना शुरू किया, तब तक दर्शकों का गुस्सा शांत हो चुका था और हूटिंग पूरी तरह रुक गई. इसके बाद दोनों नेताओं ने विनर टीम को वर्ल्ड कप ट्रॉफी सौंपी.

    कैप्टन रोड्री के ट्रॉफी उठाने से पहले मंच पर रहे ट्रंप
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस ऐतिहासिक फाइनल मैच को देखने के लिए हेलीकॉप्टर से स्टेडियम पहुंचे थे. मैच के बाद वो पोडियम पर स्पेन के खिलाड़ियों के साथ ही खड़े रहे. इसके बाद, जब स्पेन के कप्तान रोड्री सैकड़ों फोटोग्राफरों और कैमरों के सामने वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाने वाले थे, तब ट्रंप को फीफा चीफ ने मंच से एक किनारे किया.

    ग्रुप स्टेज में ट्रंप के एक फोन कॉल से मचा था बवाल
    दरअसल, ग्रुप स्टेज के एक मैच के दौरान अमेरिका का मुकाबला बोस्निया और हर्जेगोविना से था. इस मैच में अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को रेफरी ने रेड कार्ड दिखा दिया था. इस फैसले से नाराज होकर राष्ट्रपति ट्रंप ने सीधे फीफा प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो को फोन लगा दिया था. ट्रंप ने इन्फेंटिनो से बालोगुन को दिए गए रेड कार्ड के फैसले का दोबारा रिव्यू करने को कहा था.

    किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष के खेल के नियमों और फैसलों में सीधे दखल देने की इस कोशिश की दुनिया भर के फुटबॉल विशेषज्ञों और फैन्स ने तीखी आलोचना की थी. ऐसे में इस विवाद की गूंज फाइनल की अवॉर्ड सेरेमनी में भी साफ दिखाई दी. यही वजह थी कि फाइनल के दिन स्टेडियम में मौजूद फुटबॉल लवर्स उनके खिलाफ हूटिंग कर रहे थे.

  • 27 जुलाई से शनि होंगे वक्री, 11 दिसंबर तक इन 4 राशियों पर रहेगी विशेष कृपा

    27 जुलाई से शनि होंगे वक्री, 11 दिसंबर तक इन 4 राशियों पर रहेगी विशेष कृपा


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्मों के अनुसार फल देने वाला न्याय का देवता माना जाता है। शनि की चाल में होने वाला हर परिवर्तन सभी 12 राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया पर भी व्यापक प्रभाव डालता है। फिलहाल शनि देव मीन राशि में मार्गी (सीधी) चाल चल रहे हैं, लेकिन 27 जुलाई 2026 से उनकी चाल बदलने जा रही है।

    द्रिक पंचांग के अनुसार, 27 जुलाई 2026 को शनि मीन राशि में ही वक्री (उल्टी चाल) हो जाएंगे। यह स्थिति 11 दिसंबर 2026 तक बनी रहेगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि का यह वक्री काल सभी राशियों के लिए समान नहीं रहेगा। कुछ राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ फलदायी माना जा रहा है।

    मेष राशि
    मेष राशि के जातकों के लिए यह अवधि करियर और आर्थिक मामलों में लाभकारी रह सकती है। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में प्रगति के अवसर मिलेंगे और अटका हुआ धन वापस मिलने या अचानक आर्थिक लाभ होने की संभावना है। नौकरी से जुड़े लोगों को भी कोई सकारात्मक समाचार मिल सकता है।

    सिंह राशि
    सिंह राशि के लोगों के लिए यह समय सुख-सुविधाओं में वृद्धि करने वाला माना जा रहा है। घर, जमीन, संपत्ति या वाहन खरीदने की योजना पूरी हो सकती है। यदि लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां चल रही हैं, तो उनमें भी राहत मिलने के संकेत हैं।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आर्थिक दृष्टि से यह समय अनुकूल रहेगा। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और व्यापारियों को लाभदायक सौदे मिलने की संभावना है। व्यवसाय में मुनाफा बढ़ सकता है। परिवार में सौहार्द बना रहेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी।

    धनु राशि
    धनु राशि के लोगों को मानसिक तनाव और लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी और परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। घर का वातावरण सकारात्मक रहेगा तथा किसी शुभ समाचार की प्राप्ति भी हो सकती है।

    वक्री शनि के दौरान करें ये उपाय
    – शनिवार को दीपदान करें: प्रत्येक शनिवार शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसमें काले तिल अवश्य डालें।
    – हनुमान चालीसा का पाठ करें: शनिवार के दिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का नियमित पाठ करना शुभ माना जाता है।
    – दान और सेवा करें: गरीब, असहाय और मजदूर वर्ग के लोगों का सम्मान करें तथा अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, काले वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करें। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इससे शनि देव की कृपा प्राप्त होती है।

  • एमपी में आज दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट, 47 जिलों में हो सकती है हल्की बूंदाबांदी

    एमपी में आज दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट, 47 जिलों में हो सकती है हल्की बूंदाबांदी


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। प्रदेश के करीब 90 प्रतिशत हिस्से में 23 जुलाई तक हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान 4 से 5 जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने सोमवार को दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि भोपाल और इंदौर सहित 47 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं।

    मौसम केंद्र भोपाल (IMD) के अनुसार, जुलाई में पिछले 12 दिनों से प्रदेश में व्यापक स्तर पर भारी बारिश नहीं हुई है। इसका असर प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़ों पर साफ दिखाई दे रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    अब तक प्रदेश में 261.4 मिमी (10.3 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 311.8 मिमी (12.3 इंच) होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में भी वर्षा 10 प्रतिशत कम रही है।

    इन जिलों में बारिश का अलर्ट

    दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक, तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

    वहीं नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा में बादल छाए रहने का अनुमान है, हालांकि इन जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर नजर डालें तो 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 16 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • 20 जुलाई 2026 का राशिफल: सोमवार बनेगा भाग्योदय का दिन इन 4 राशियों के पूरे होंगे रुके काम धन और करियर में मिलेगा बड़ा लाभ

    20 जुलाई 2026 का राशिफल: सोमवार बनेगा भाग्योदय का दिन इन 4 राशियों के पूरे होंगे रुके काम धन और करियर में मिलेगा बड़ा लाभ


    नई दिल्ली । 20 जुलाई 2026 सोमवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर बनने वाला शिव योग कई राशियों के लिए शुभ परिणाम देने वाला है। इसके साथ हस्त नक्षत्र और अन्य शुभ योगों का प्रभाव भी दिनभर बना रहेगा जिससे करियर व्यापार आर्थिक मामलों और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह दिन नई शुरुआत निवेश और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए भी अनुकूल माना जा रहा है हालांकि कुछ राशियों को सावधानी और संयम बरतने की सलाह दी गई है।

    सोमवार को चंद्रमा कन्या राशि में रहेंगे जिससे कई लोगों की कार्य क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति मजबूत होगी। सुबह 10 बजकर 15 मिनट से 11 बजकर 15 मिनट तथा शाम 4 बजे से 6 बजे तक का समय शुभ कार्यों के लिए विशेष लाभकारी माना गया है जबकि राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण लेनदेन और नए कार्य शुरू करने से बचना बेहतर रहेगा।

    मेष राशि के लोगों को आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। अनावश्यक कर्ज लेने से बचना लाभदायक रहेगा जबकि व्यापार में रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना बन रही है। नौकरीपेशा लोगों को अपने लक्ष्य समय पर पूरे करने होंगे और परिवार में जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए सोमवार धन लाभ के संकेत लेकर आ सकता है। व्यापारिक यात्राएं सफल रहेंगी और बैंक लोन या वित्तीय योजनाओं में सकारात्मक समाचार मिल सकता है। नौकरी करने वालों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा जबकि प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।

    मिथुन राशि वालों के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। व्यापार में कानूनी मामलों और आर्थिक लेनदेन में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। कार्यस्थल पर विरोधियों की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी रहेगा। धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले भविष्य में लाभ देंगे।

    कर्क राशि के लोगों के लिए यह दिन नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। नया कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। मित्रों और रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा तथा करियर में आगे बढ़ने के अवसर बनेंगे। हालांकि शेयर बाजार में बड़ा निवेश करने से बचना उचित रहेगा।

    सिंह राशि के जातकों के लिए सोमवार सबसे अधिक शुभ रहने की संभावना है। शिव योग के प्रभाव से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और व्यापार में नए लाभ के अवसर मिल सकते हैं। ऑनलाइन कारोबार करने वालों के लिए विशेष सफलता के संकेत हैं। धन संबंधी योजनाएं सफल हो सकती हैं और करियर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

    ज्योतिषीय दृष्टि से सोमवार का दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जा रहा है जो मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। शुभ योगों का प्रभाव कई क्षेत्रों में सफलता दिला सकता है लेकिन जल्दबाजी और लापरवाही से बचना आवश्यक होगा। भगवान शिव की आराधना करना और जरूरतमंदों की सहायता करना इस दिन को और अधिक शुभ बना सकता है।