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  • शिवपुरी में त्योहार से पहले ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा एक्शन, दुकानदारों को चेतावनी और पार्किंग सुधारने के निर्देश

    शिवपुरी में त्योहार से पहले ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा एक्शन, दुकानदारों को चेतावनी और पार्किंग सुधारने के निर्देश


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में दीपावली के त्योहार से पहले बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार रात कलेक्टर अर्पित वर्मा ने पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के साथ शहर की प्रमुख सड़कों और बाजार क्षेत्रों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ माधवचौक से कोर्ट रोड और गांधी चौक क्षेत्र तक पैदल चलकर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान सड़क किनारे दुकानों के बाहर रखे सामान और स्टॉल को हटवाया गया। दुकानदारों को साफ चेतावनी दी गई कि सड़क पर अतिक्रमण कर यातायात बाधित करने की कोशिश न करें।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रेम स्वीट्स सहित कई दुकानदारों को दुकानों के बाहर सड़क की जगह का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने सड़क पर रखे स्टॉल और अन्य सामान को हटवाया ताकि वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे। प्रशासन का मुख्य फोकस दीपावली के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए जाम की स्थिति को रोकना है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख मार्गों पर किसी भी स्थिति में यातायात बाधित नहीं होना चाहिए।

    कोर्ट रोड पर पिछले कुछ दिनों से हाथ ठेले लगाने पर रोक लगाई गई है। इसके बाद सड़क पहले की तुलना में ज्यादा खुली और व्यवस्थित नजर आ रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर कुछ व्यापारियों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कार्रवाई से जुड़े व्यापारियों ने कलेक्टर अर्पित वर्मा का फूल माला पहनाकर सम्मान किया। व्यापारियों की ओर से यह सम्मान शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए की जा रही कार्रवाई के समर्थन के तौर पर देखा गया।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सिर्फ अतिक्रमण हटाने पर ही जोर नहीं दिया बल्कि पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजार क्षेत्रों में वाहनों की पार्किंग व्यवस्थित तरीके से कराई जाए ताकि सड़क पर बेतरतीब वाहन खड़े न हों। दीपावली के दौरान खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग बाजार पहुंचेंगे। ऐसे में यदि सड़क किनारे वाहन खड़े रहे और दुकानों के बाहर सामान फैला रहा तो यातायात व्यवस्था बिगड़ सकती है।

    कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दीपावली से पहले ही सभी प्रमुख बाजारों और मार्गों की व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए। जहां भी सड़क पर अतिक्रमण दिखाई दे वहां कार्रवाई की जाए। साथ ही पार्किंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को बाजार तक पहुंचने और वापस लौटने में परेशानी न हो। प्रशासन की कोशिश है कि त्योहार के दौरान शहर के मुख्य मार्ग खुले रहें और यातायात सुचारु रूप से चलता रहे।

    दीपावली को लेकर बाजारों में अगले कुछ दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सड़क किनारे अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों और ठेला संचालकों को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है। अब प्रशासन की नजर इस बात पर रहेगी कि कार्रवाई के बाद दोबारा सड़क पर अतिक्रमण न हो और त्योहार के दौरान शिवपुरी के बाजारों में लोगों को जाम की परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • राशन दुकान में चोरी का सनसनीखेज मामला, चौकीदार ने दो आरोपियों को पहचानने का किया दावा, मौके पर मिला मोबाइल

    राशन दुकान में चोरी का सनसनीखेज मामला, चौकीदार ने दो आरोपियों को पहचानने का किया दावा, मौके पर मिला मोबाइल


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र के तिलातिली गांव में सरकारी राशन दुकान से अनाज चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। देर रात हुई इस घटना में अज्ञात लोगों ने राशन दुकान के ताले तोड़कर वहां रखा अनाज निकाल लिया। आरोपी दुकान से तीन बोरी चावल और एक बोरी गेहूं लेकर फरार हो गए। घटना के दौरान दुकान की सुरक्षा के लिए तैनात चौकीदार मौके पर पहुंच गया जिसके बाद उसकी आरोपियों के साथ झूमाझटकी भी हुई। बताया जा रहा है कि चौकीदार के पहुंचने से आरोपी घबरा गए और वहां से भागने लगे। इसी दौरान उनका एक मोबाइल फोन मौके पर छूट गया। आरोपी तीन पहिया वाहन से मौके से फरार होने में सफल रहे।

    घटना के बाद गांव में भी इसकी जानकारी तेजी से फैल गई। राशन दुकान के चौकीदार रंजीत यादव ने पुलिस को घटना की जानकारी दी और दावा किया कि उसने चोरी करने आए दो लोगों को पहचान लिया है। चौकीदार के मुताबिक उसने सीताराम कुशवाह और मोहन कुशवाह को मौके पर देखा था। पुलिस अब चौकीदार द्वारा बताए गए नामों के आधार पर भी मामले की जांच कर रही है। मौके से मिला मोबाइल फोन भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है। पुलिस मोबाइल की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि फोन किसका है और घटना के समय वह किन लोगों के संपर्क में था।

    राशन दुकान के सेल्समैन छत्रपाल यादव ने भी दुकान से अनाज चोरी होने की पुष्टि की है। उनके मुताबिक दुकान में रखा सरकारी राशन गायब मिला है। घटना के बाद बदरवास थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

    इस मामले में पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटनाक्रम की पूरी कड़ी को समझने में जुटी है। बदरवास थाना प्रभारी नवीन यादव ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि यह पूरा घटनाक्रम वास्तव में राशन दुकान में चोरी से जुड़ा है या फिर इसके पीछे दो पक्षों के बीच हुआ कोई विवाद है। पुलिस चौकीदार के बयान के साथ ही मौके से मिले मोबाइल और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

    सरकारी राशन दुकान से अनाज चोरी का मामला होने के कारण पुलिस के सामने यह भी चुनौती है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान जल्द से जल्द की जाए और चोरी गए राशन का पता लगाया जाए। फिलहाल पुलिस घटनास्थल से मिले सुरागों और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राशन दुकान में चोरी की घटना किस तरह हुई और इसमें कौन लोग शामिल थे।

  • नवरात्र शुरू होने से पहले निपटा लें ये 5 जरूरी काम, पूजा में बाधा से बचने के लिए अभी कर लें तैयारी

    नवरात्र शुरू होने से पहले निपटा लें ये 5 जरूरी काम, पूजा में बाधा से बचने के लिए अभी कर लें तैयारी

    नई दिल्ली: शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले हैं। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू होगी और इसके बाद लगातार नौ दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। नवरात्र के दौरान पूजा में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कुछ जरूरी तैयारियां पहले ही पूरी करने की सलाह दी जाती है। इनमें घर की साफ-सफाई से लेकर पूजा सामग्री जुटाने और ऐसे काम पूरे करने तक की बातें शामिल हैं, जिन्हें नवरात्र के दौरान करना वर्जित माना जाता है।

    नवरात्र से पहले सबसे पहले पूरे घर की अच्छी तरह सफाई करने की बात कही गई है। घर के कोने-कोने की सफाई के साथ टूटी-फूटी और कबाड़ की चीजों को भी बाहर कर देना चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल की भी अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। भगवान के वस्त्र और पूजा के बर्तनों को धोकर साफ करने के साथ पूजा सामग्री रखने की जगह को भी व्यवस्थित करना जरूरी बताया गया है। पूजा स्थल पर मौजूद निर्माल्य को हटा देना चाहिए और जो पूजा सामग्री खत्म हो गई है, उसकी सूची बनाकर उसे पहले ही खरीद लेना चाहिए।

    यदि नवरात्र में अखंड ज्योति जलानी है या घटस्थापना करनी है, तो उससे जुड़ी सभी जरूरी सामग्री एक दिन पहले ही लाकर रख लेने की सलाह दी गई है। पूजा के लिए साफ चौकी की व्यवस्था भी पहले कर लेनी चाहिए, ताकि नवरात्र के पहले दिन पूजा की तैयारियों में जल्दबाजी न करनी पड़े। घर की सफाई और पूजा स्थल की व्यवस्था पहले से पूरी होने पर नौ दिनों तक पूजा-पाठ के दौरान जरूरी चीजें आसानी से उपलब्ध रह सकती हैं।

    नवरात्र से पहले घर में रखी तामसिक चीजों को हटाने की भी बात कही गई है। इनमें लहसुन-प्याज, नॉनवेज और शराब जैसी चीजें शामिल हैं। यदि किसी कारण से इन्हें घर से पूरी तरह हटाना संभव न हो, तो इन्हें अलग स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। इन्हें पूजा स्थल या उस जगह के पास नहीं रखना चाहिए, जहां भोग तैयार किया जाता है। जिन घरों में नॉनवेज भोजन बनाया जाता है, वहां भोग, प्रसाद और व्रत का भोजन तैयार करने के लिए अलग बर्तनों की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। नॉनवेज बनाने वाले बर्तनों में भोग या व्रत का भोजन नहीं बनाना चाहिए।

    नवरात्र के दौरान बाल और नाखून कटवाना वर्जित माना जाता है। खासतौर पर नवरात्र का व्रत रखने वाले लोगों को इन नौ दिनों में बाल और नाखून नहीं कटवाने की सलाह दी जाती है। इसलिए यह काम नवरात्र शुरू होने से पहले ही पूरा कर लेना बेहतर बताया गया है। इन तैयारियों के अलावा घटस्थापना के मुहूर्त की जानकारी भी पहले से रखना जरूरी है। 11 अक्टूबर 2026 को घटस्थापना के लिए सुबह का शुभ मुहूर्त 6:19 बजे से 10:12 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। नवरात्र की पूजा के लिए घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई तथा आवश्यक सामग्री की व्यवस्था पहले से करने से तैयारियों को समय पर पूरा किया जा सकता है।

  • नाना पाटेकर ने किसानों के परिवारों के लिए छोड़ दी थी 1.5 करोड़ की कार, मदद के लिए बांटने को दिए थे चेक

    नाना पाटेकर ने किसानों के परिवारों के लिए छोड़ दी थी 1.5 करोड़ की कार, मदद के लिए बांटने को दिए थे चेक

    नई दिल्ली: अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर के साथ उनके अभिनय करियर के अलावा सामाजिक कार्यों से जुड़े कई किस्से भी चर्चा में हैं। किसानों और उनके परिवारों की मदद से जुड़ा ऐसा ही एक प्रसंग सामने आया है। लेखक रणबीर पुष्प ने एक बातचीत में नाना पाटेकर के बारे में बताते हुए कहा था कि उनके बारे में लोगों ने कई बार गलत राय बनाई। उन्होंने उन दावों को भी गलत बताया था, जिनमें नाना पाटेकर के गुस्सैल स्वभाव की वजह से प्रोड्यूसर्स को नुकसान होने की बात कही जाती थी। इसी बातचीत में उन्होंने नाना के किसानों के प्रति संवेदनशील रवैये से जुड़ा एक किस्सा साझा किया था।

    रणबीर पुष्प के मुताबिक, एक दिन नाना पाटेकर न्यूज देख रहे थे। इस दौरान उन्होंने किसानों की आत्महत्या से जुड़ी खबर देखी, जिसमें एक पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ था। उस समय नाना अगले दिन करीब 1.5 करोड़ रुपये की लग्जरी कार खरीदने वाले थे और खरीदारी से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। लेकिन किसानों के परिवार की स्थिति देखने के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। उन्होंने तुरंत अपने दोस्त को फोन किया और कहा कि 15-15 हजार रुपये के चेक बनवाकर सभी किसानों को बांट दिए जाएं। इस किस्से के जरिए उनके किसानों के प्रति लगाव और जरूरतमंद परिवारों की मदद करने की सोच का उल्लेख किया गया था।

    नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे और उन्होंने NAAM फाउंडेशन की स्थापना की थी। किसानों की परेशानियों और उनके परिवारों की स्थिति को लेकर उनकी चिंता का जिक्र कई बार किया गया है। रणबीर पुष्प ने इसी संदर्भ में कहा था कि जो व्यक्ति किसानों के दुख को देखकर अपनी 1.5 करोड़ रुपये की कार खरीदने का फैसला बदल सकता है, वह किसी का बुरा कैसे सोच सकता है। किसानों के परिवारों की मदद से जुड़ा यह किस्सा नाना पाटेकर के सामाजिक सरोकारों को सामने रखता है।

    नाना पाटेकर के गुस्से से जुड़ा एक और किस्सा भी इसी बातचीत में बताया गया था। रणबीर पुष्प के मुताबिक, एक बार नाना ने किसी व्यक्ति को कार से प्लास्टिक की बोतल बाहर फेंकते हुए देखा। उन्होंने अपनी कार रोककर उस बोतल को उठाया। इसके बाद उन्होंने उस व्यक्ति की कार रुकवाई और शीशा नीचे करने को कहा। नाना ने उससे सवाल किया कि देश को साफ रखने की जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने गांधीजी का जिक्र करते हुए कहा था कि गांधीजी चले गए हैं, लेकिन लोग अब भी इस धरती पर हैं और एक नागरिक के तौर पर देश को साफ रखना उनकी जिम्मेदारी है। इस घटना में उनका गुस्सा सार्वजनिक जगहों पर स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी को लेकर था।

    नाना पाटेकर ने 75 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की और करीब 45 मिनट तक लगातार सीपीआर दिया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उन्हें पुनर्जीवित नहीं किया जा सका। उनके निधन के साथ हिंदी और मराठी सिनेमा के एक चर्चित अभिनेता का करियर समाप्त हुआ। नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उन्होंने 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अभिनय की शुरुआत की और आगे चलकर हिंदी तथा मराठी फिल्मों में पहचान बनाई। उन्होंने अपने करियर में तीन नेशनल अवॉर्ड जीते थे और 2013 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। ‘परिंदा’, ‘तिरंगा’, ‘वेलकम’, ‘अपहरण’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनके काम को जाना जाता है।

  • जंतर-मंतर प्रदर्शन में पुलिस से कथित मारपीट की जांच तेज, वीडियो फुटेज से प्रदर्शनकारियों की पहचान में जुटी दिल्ली पुलिस

    जंतर-मंतर प्रदर्शन में पुलिस से कथित मारपीट की जांच तेज, वीडियो फुटेज से प्रदर्शनकारियों की पहचान में जुटी दिल्ली पुलिस

    नई दिल्ली: जंतर-मंतर के पास कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों से कथित धक्का-मुक्की और मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस के सामने कई मोबाइल वीडियो और अन्य फुटेज आए हैं, जिनकी मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रदर्शन के दौरान किन लोगों की पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी या मारपीट हुई। इन वीडियो के जरिए प्रदर्शनकारियों की पहचान करने के साथ घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    जांच के दौरान पुलिस यह भी देख रही है कि घटना की शुरुआत किस तरह हुई और अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान क्या-क्या हुआ। सामने आए वीडियो में महिला पुलिस अधिकारियों और कांस्टेबलों के साथ कथित धक्का-मुक्की और मारपीट के दृश्य होने की बात कही गई है। पुलिस अन्य माध्यमों से मिले वीडियो और फुटेज की भी जांच कर रही है, ताकि घटनाओं का क्रम स्पष्ट किया जा सके और कथित तौर पर शामिल लोगों की पहचान की जा सके। मौजूदा जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की उन धाराओं के तहत FIR दर्ज होने की संभावना है, जिनमें सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने, उनके काम में बाधा डालने और ड्यूटी के दौरान उन्हें रोकने जैसे अपराध शामिल हैं। इस कार्रवाई से पहले पुलिस अलग-अलग वीडियो फुटेज का मिलान कर रही है। जांच का मुख्य फोकस प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हुई कथित बदसलूकी और मारपीट की घटनाओं तथा उनमें शामिल लोगों की पहचान पर है।

    यह मामला 7 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास हुए INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन से जुड़ा है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। विपक्षी नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने पुलिस बैरिकेड पार करके जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश की। राहुल गांधी ने बैरिकेड से लगे गेट को खोलने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।

    प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया और कहा कि कई विपक्षी नेता घायल हुए। प्रियंका गांधी भी प्रदर्शन के दौरान जमीन पर लेटी हुई नजर आईं। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी करने और जमीन पर गिराने का आरोप लगाया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट के आरोपों की अलग से जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस की ओर से सामने आए मामलों में पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और ड्यूटी में बाधा डालने से जुड़े पहलुओं को देखा जा रहा है। इससे पहले 6 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर भी दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की थी। पुलिस के अनुसार, INDIA ब्लॉक ने संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च की योजना बनाई थी, लेकिन इसके लिए आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी।

  • शेफाली बग्गा ने ED को सौंपे 1.20 करोड़ रुपये, महादेव बेटिंग ऐप प्रमोशन से मिली रकम की जांच में बड़ा खुलासा

    शेफाली बग्गा ने ED को सौंपे 1.20 करोड़ रुपये, महादेव बेटिंग ऐप प्रमोशन से मिली रकम की जांच में बड़ा खुलासा

    नई दिल्ली: टीवी प्रेजेंटर और बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट शेफाली बग्गा ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से प्राप्त रकम प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंप दी है। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप सिंडिकेट मामले की जांच के दौरान सामने आए विवरण के मुताबिक, शेफाली को अवैध बेटिंग ऐप के प्रमोशनल वीडियो बनाने के लिए कुल 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। पूछताछ के बाद उन्होंने एजेंसी को 1.20 करोड़ रुपये सौंप दिए। शेफाली ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि जिस ऐप का वह प्रचार कर रही थीं, वह अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।

    ED ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप सिंडिकेट मामले में छत्तीसगढ़ की रायपुर कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। चार्जशीट में शेफाली बग्गा का भी उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि उन्हें महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप सिंडिकेट से जुड़े लोगों से ऐप के प्रचार के बदले रकम मिली थी, जिसे उन्होंने बाद में एजेंसी को सौंप दिया। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जांच के दौरान सामने आई जानकारी के अनुसार, किसी व्यक्ति द्वारा सिंडिकेट से प्राप्त अपराध की आय को खुद एजेंसी के पास लौटाने का यह पहला ऐसा मामला हो सकता है। शेफाली की सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फैन फॉलोइंग भी है।

    इस मामले में ED ने कुल 42 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इनमें Ebix ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग भी शामिल हैं। एजेंसी ने विकास गर्ग को पहले गिरफ्तार किया था और उनकी गिरफ्तारी से पहले करीब 940 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की गई थी। आरोप है कि विकास गर्ग महादेव बेटिंग सिंडिकेट से अपराध के जरिए प्राप्त रकम को मास्टरमाइंड हरिशंकर तिब्रेवाल के माध्यम से अपनी कंपनियों तक पहुंचा रहे थे। जांच के मुताबिक, तिब्रेवाल ने FPI और बॉन्ड के जरिए महादेव बेटिंग सिंडिकेट और स्काई एक्सचेंज बेटिंग सिंडिकेट से प्राप्त सैकड़ों करोड़ रुपये की कथित अपराध की आय को विकास गर्ग की कंपनियों में भेजा।

    जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि विकास गर्ग और हरिशंकर तिब्रेवाल ने कुछ अन्य लोगों के जरिए इस रकम का इस्तेमाल गर्ग की कई सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों की कीमतों में हेरफेर करने के लिए किया। विकास गर्ग दिल्ली भाजपा के सदस्य थे, लेकिन गिरफ्तारी सामने आने के बाद उन्हें पार्टी से हटा दिया गया। इसी मामले में EaseMyTrip के प्रमोटर निशांत पिट्टी के खिलाफ भी चार्जशीट दायर की गई है। उन पर हरिशंकर तिब्रेवाल से मिली करीब 59 करोड़ रुपये की कथित अपराध की कमाई को आगे बढ़ाने का आरोप है।

    महादेव बेटिंग सिंडिकेट की जांच के दौरान ED ने कई बॉलीवुड हस्तियों को भी समन भेजे थे। इनमें अभिनेता, अभिनेत्री, परफॉर्मर और गायक शामिल रहे हैं। जांच के अनुसार, कुछ लोगों ने सिंडिकेट के प्रमोटरों या उनके सहयोगियों के निमंत्रण पर विदेशों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था, जबकि कुछ पर वीडियो और क्लिप के जरिए महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट का प्रचार करने का आरोप है। ED की लेटेस्ट चार्जशीट के मुताबिक, सिंडिकेट में अपराध से हुई कुल आय 75,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है और एजेंसी को आशंका है कि वास्तविक रकम इससे भी ज्यादा हो सकती है। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत कई प्रमोटर अब भी फरार हैं। मामले में अब तक ED छह चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

  • रवींद्र जडेजा ने चीफ सेलेक्टर पद पर पूछा आवेदन का तरीका, लेकिन मौजूदा नियमों के चलते नहीं बन सकते चयनकर्ता

    रवींद्र जडेजा ने चीफ सेलेक्टर पद पर पूछा आवेदन का तरीका, लेकिन मौजूदा नियमों के चलते नहीं बन सकते चयनकर्ता


    नई दिल्ली:
    अजीत अगरकर का भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर के तौर पर कार्यकाल खत्म होने के बाद नए चयनकर्ता की तलाश शुरू हो गई है। बीसीसीआई ने चीफ सेलेक्टर के पद के लिए आवेदन मंगाए हैं और इसी बीच रवींद्र जडेजा की एक टिप्पणी ने इस नियुक्ति को लेकर चर्चा को और दिलचस्प बना दिया। बोर्ड की ओर से आवेदन प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी साझा किए जाने के बाद जडेजा ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है। उनके इस कमेंट के बाद उनके चीफ सेलेक्टर बनने की चर्चा शुरू हो गई।

    जडेजा की टिप्पणी सामने आने के बाद यह सवाल भी उठा कि क्या वह वास्तव में चीफ सेलेक्टर के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि मौजूदा नियमों के मुताबिक ऐसा संभव नहीं है। बीसीसीआई के नियमों के अनुसार कोई सक्रिय क्रिकेटर चयन समिति या किसी प्रशासनिक पद पर नियुक्त नहीं हो सकता। चीफ सेलेक्टर पद के लिए उम्मीदवार का सभी तरह के क्रिकेट से कम से कम पांच साल पहले संन्यास लेना भी जरूरी है। ऐसे में जडेजा की मौजूदा स्थिति उन्हें इस पद के लिए योग्य नहीं बनाती।

    रवींद्र जडेजा ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन वह अभी टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सक्रिय हैं। इसके अलावा वह इंडियन प्रीमियर लीग में भी खेल रहे हैं। इसलिए सभी तरह के क्रिकेट से संन्यास लेने की निर्धारित शर्त को वह पूरा नहीं करते हैं। जडेजा का आवेदन प्रक्रिया को लेकर किया गया कमेंट ऐसे समय में आया, जब नए चीफ सेलेक्टर की नियुक्ति को लेकर चर्चा चल रही है। इसी वजह से उनकी मजाकिया टिप्पणी ने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा।

    अजीत अगरकर ने 2023 में चीफ सेलेक्टर का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान चयन समिति ने भारतीय टीम के साथ कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। भारत ने उनके कार्यकाल में टी20 वर्ल्ड कप 2024, चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीते। भारतीय टीम 2023 के क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल तक भी पहुंची। इसके अलावा टीम ने इस दौरान दो एशिया कप खिताब और दो एशियन गेम्स गोल्ड मेडल भी जीते। अगरकर के कार्यकाल को भारतीय क्रिकेट के लिए सफल माना गया।

    कार्यकाल खत्म होने के बाद अगरकर के योगदान को भी याद किया गया। उनके कार्यकाल में भारतीय टीम की उपलब्धियों का जिक्र किया गया और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने भी अगरकर के लिए संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि अगरकर के तीन आईसीसी खिताब उनकी सोच और टीम को हमेशा प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। गंभीर ने यह भी कहा कि इतिहास अगरकर के साथ और ज्यादा न्याय करेगा। अब अगरकर के बाद नए चीफ सेलेक्टर की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जबकि जडेजा की टिप्पणी को मौजूदा नियमों के कारण सिर्फ मजाक के तौर पर देखा जा रहा है।

  • ‘दृश्यम-3’ देखने के बाद घर लौटा PG डॉक्टर, मां से की बात फिर EX-गर्लफ्रेंड के फ्लैट पर पहुंचकर कर दी फायरिंग

    ‘दृश्यम-3’ देखने के बाद घर लौटा PG डॉक्टर, मां से की बात फिर EX-गर्लफ्रेंड के फ्लैट पर पहुंचकर कर दी फायरिंग


    भोपाल । भोपाल में एक्स गर्लफ्रेंड डॉक्टर श्वेता ठाकुर पर फायरिंग करने वाले पीजी डॉक्टर नवीन रोहिला की वारदात से पहले की गतिविधियों से मामले की कई कड़ियां सामने आई हैं। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक फायरिंग से कुछ घंटे पहले नवीन अपने दोस्तों के साथ दृश्यम-3 फिल्म देखने गया था। फिल्म देखने के बाद वह रात करीब 9:30 बजे घर लौटा और मां से वीडियो कॉल पर बातचीत की। परिवार से बातचीत के दौरान उसकी गतिविधियां सामान्य नजर आ रही थीं। इसके कुछ समय बाद वह श्वेता के फ्लैट पर पहुंचा जहां दोनों के बीच विवाद हुआ और नवीन ने कथित तौर पर तीन राउंड फायर कर दिए।

    फायरिंग में श्वेता की जान बाल बाल बची। पुलिस के मुताबिक गोली उसकी कनपटी को छूकर निकल गई। इस दौरान बीच बचाव करने पहुंचे श्वेता के कजिन अभिषेक ठाकुर को भी गोली लग गई। घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। फायरिंग करने के बाद नवीन ने खुद भी आत्महत्या की कोशिश की। वह घायल अवस्था में मिला जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसके सीने हाथ और पेट पर छर्रे लगने जैसे घाव मिले हैं। फिलहाल उसका सीटी स्कैन और अन्य चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि नवीन और श्वेता के बीच करीब सात साल से संबंध थे। नवीन मूल रूप से राजगढ़ का रहने वाला है और करीब सात साल से भोपाल में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात श्वेता से हुई थी। नवीन ने आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज से बीएचएमएस की पढ़ाई पूरी की और फिलहाल पीजी सेकंड ईयर में अध्ययन कर रहा था। श्वेता भी डॉक्टर है और दोनों के बीच लंबे समय से संबंध होने की बात सामने आई है।

    पुलिस के मुताबिक पिछले कुछ समय से दोनों के रिश्ते में अनबन चल रही थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि श्वेता रिश्ता खत्म कर किसी दूसरे युवक से शादी करना चाहती थी। पुलिस का कहना है कि नवीन इस फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रहा था। श्वेता के दूसरे युवकों से बातचीत करने को लेकर भी दोनों के बीच विवाद होता था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच फोन पर बहस होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद नवीन श्वेता के फ्लैट पर पहुंचा और वहां विवाद के बाद फायरिंग की घटना हुई।

    घटना से पहले नवीन की कुछ गतिविधियां सामान्य होने की बात परिवार की ओर से कही गई है। उसने अपनी भतीजी के लिए एक टॉय कार भी राजगढ़ कूरियर की थी। इसके बाद वह दोस्तों के साथ फिल्म देखने गया और घर लौटकर मां से वीडियो कॉल पर बात की। परिवार के मुताबिक बातचीत के दौरान ऐसा कोई संकेत नहीं मिला जिससे अंदाजा हो कि वह कुछ गंभीर कदम उठाने वाला है। इसके बाद अचानक हुई फायरिंग की घटना से परिवार भी स्तब्ध है।

    नवीन के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में उसकी मां भाई और भाभी हैं। अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल चैट और घटना से पहले की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और विवाद किस बात को लेकर बढ़ा। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल श्वेता और अभिषेक के घायल होने के साथ नवीन के भी अस्पताल में भर्ती होने से मामला गंभीर बना हुआ है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।

  • न्यूजीलैंड टीम में बीजे वॉटलिंग की वापसी, भारत सीरीज के बाद संभालेंगे बैटिंग कोच की बड़ी जिम्मेदारी

    न्यूजीलैंड टीम में बीजे वॉटलिंग की वापसी, भारत सीरीज के बाद संभालेंगे बैटिंग कोच की बड़ी जिम्मेदारी

    नई दिल्ली: न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बड़ा बदलाव हुआ है। पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज बीजे वॉटलिंग को न्यूजीलैंड पुरुष टीम का नया बैटिंग कोच नियुक्त किया गया है। वह मौजूदा बैटिंग कोच ल्यूक रोंची की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे। रोंची भारत के खिलाफ दिसंबर की शुरुआत में खत्म होने वाली टेस्ट सीरीज तक अपने पद पर बने रहेंगे। इसके बाद वॉटलिंग टीम की बल्लेबाजी से जुड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे और अपने नए सफर की शुरुआत करेंगे।

    41 वर्षीय बीजे वॉटलिंग 16 नवंबर से टीम के साथ जुड़कर ल्यूक रोंची के साथ काम शुरू करेंगे। इसे जिम्मेदारी संभालने से पहले का ट्रांजिशन पीरियड माना जा रहा है। इसके बाद न्यूजीलैंड के ऑस्ट्रेलिया दौरे से वॉटलिंग पूरी तरह बैटिंग कोच की भूमिका में नजर आएंगे। न्यूजीलैंड को ऑस्ट्रेलिया में चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इस तरह भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद टीम के बैटिंग कोच की जिम्मेदारी में बदलाव हो जाएगा।

    वॉटलिंग का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर 2021 में समाप्त हुआ था, लेकिन उनका क्रिकेट अनुभव काफी लंबा रहा है। उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए 75 टेस्ट, 28 वनडे और 5 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले। इन मैचों में उन्होंने कुल 4401 रन बनाए, जिसमें 8 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं। घरेलू क्रिकेट में भी उनका लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने न्यूजीलैंड, नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स और डरहम के लिए कुल 178 फर्स्ट क्लास मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 18 शतकों की मदद से 10034 रन बनाए। विकेटकीपर के तौर पर उनके नाम 450 कैच दर्ज हैं।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वॉटलिंग ने कोचिंग को अपने करियर का अगला हिस्सा बनाया। वह वेलिंगटन फायरबर्ड्स और नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के साथ काम कर चुके हैं। नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के मुख्य कोच के तौर पर उनका कार्यकाल खासा सफल रहा। उनकी कोचिंग में टीम ने 2024-25 में प्लंकेट शील्ड और 2025-26 में सुपर स्मैश का खिताब जीता। हालिया सफलता के बाद अब उन्हें न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम के साथ बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

    नई भूमिका मिलने पर वॉटलिंग ने खुशी जताई और मौजूदा टीम के साथ दोबारा जुड़ने को खास अवसर बताया। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में टीम और सपोर्ट स्टाफ की उपलब्धियों की तारीफ की और विश्वस्तरीय टीम में अपना योगदान देने को लेकर उत्साह जताया। न्यूजीलैंड के चीफ हाई परफॉर्मेंस ऑफिसर डैरिल गिब्सन ने भी उनकी नियुक्ति का समर्थन किया। उन्होंने वॉटलिंग के हालिया कोचिंग प्रदर्शन और मौजूदा खिलाड़ियों के साथ उनके अच्छे रिश्तों को अहम बताया। टेस्ट कप्तान टॉम लैथम ने भी वॉटलिंग की वापसी का स्वागत किया। उनके मुताबिक वॉटलिंग ने खेल के दिनों में टीम की पहचान को पूरी तरह अपनाया था और उनका जुनून, मेहनत तथा प्रतिबद्धता अब कोचिंग में भी दिखाई देगी।

  • 17 अक्टूबर को सूर्य का तुला राशि में गोचर, मेष समेत 5 राशियों को रिश्तों, धन और करियर में रहना होगा सावधान

    17 अक्टूबर को सूर्य का तुला राशि में गोचर, मेष समेत 5 राशियों को रिश्तों, धन और करियर में रहना होगा सावधान


    नई दिल्ली: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, नेतृत्व और पिता का कारक ग्रह माना जाता है। सूर्य के राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग तरह से पड़ने की मान्यता है। 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य करीब एक महीने तक तुला राशि में रहेंगे और 16 नवंबर 2026 को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं और वैदिक ज्योतिष में सूर्य को तुला राशि में नीच का माना जाता है। ऐसे में इस अवधि को कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

    मेष राशि वालों के लिए सूर्य का तुला गोचर रिश्तों और साझेदारी से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव ला सकता है। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर मतभेद की स्थिति बन सकती है। इस दौरान अहंकार के कारण परिस्थितियां बिगड़ने से बचना जरूरी होगा। धन से जुड़े फैसले भी सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है। किसी महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय में जल्दबाजी करने से परेशानी बढ़ सकती है।

    मिथुन राशि वालों को आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है। धन से जुड़ी योजनाओं में मनमुताबिक परिणाम नहीं मिलने से तनाव बढ़ सकता है। इस दौरान अनावश्यक खर्च सामने आने की संभावना भी बताई गई है। नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा। आर्थिक योजनाओं को लेकर सावधानी रखने से संभावित परेशानियों से बचा जा सकता है।

    कन्या राशि वालों के लिए सूर्य का तुला गोचर खर्च बढ़ाने वाला हो सकता है। गैरजरूरी चीजों पर धन खर्च होने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है और परिवार में किसी बात को लेकर तनाव की स्थिति बन सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत करते समय संयम रखना बेहतर रहेगा। इस अवधि में कामकाज और पारिवारिक मामलों के बीच संतुलन बनाए रखने पर ध्यान देना जरूरी होगा।

    धनु राशि वालों के लिए यह गोचर कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। काम बनते-बनते रुक सकते हैं और प्रयासों के बावजूद परिणाम मिलने में देरी हो सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। इस दौरान मानसिक तनाव और स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करने की सलाह दी गई है। वहीं कुंभ राशि वालों को निवेश और करियर से जुड़े फैसलों में विशेष सावधानी रखनी होगी। जोखिम भरे निवेश से बचना बेहतर रहेगा। कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विवाद परेशानी बढ़ा सकता है और मेहनत के अनुरूप सफलता मिलने में समय लग सकता है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य को मजबूत करने के लिए रोज सुबह सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित किया जा सकता है। जल में लाल फूल या रोली डालने की भी परंपरा है। रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। 17 अक्टूबर से शुरू होने वाले सूर्य के तुला गोचर के दौरान इन पांच राशियों को अपने रिश्तों, आर्थिक फैसलों, करियर और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।