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  • मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का आरोप, अधेड़ मोहम्मद अबरार गिरफ्तार; पुलिस ने निकाला जुलूस, FIR दर्ज

    मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का आरोप, अधेड़ मोहम्मद अबरार गिरफ्तार; पुलिस ने निकाला जुलूस, FIR दर्ज


    मध्य प्रदेश:
    के मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अधेड़ व्यक्ति ने मंदसौर बस स्टैंड परिसर में गाय के साथ रेप किया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया और मामला पुलिस तक पहुंचा। कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोपी की पहचान मोहम्मद अबरार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मंदसौर जिले के नाहरगढ़ क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि मंदसौर बस स्टैंड परिसर में आरोपी मोहम्मद अबरार द्वारा गाय के साथ कुकृत्य किया गया। घटना की जानकारी लोगों को मिलने के बाद इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आरोपी को हिरासत में लिया। इसके बाद उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया। घटना सार्वजनिक स्थान पर सामने आने के कारण बस स्टैंड क्षेत्र में लोगों के बीच इसकी चर्चा रही और मामले को लेकर आक्रोश भी दिखाई दिया।

    पुलिस ने आरोपी का जुलूस भी निकाला। आरोपी को पुलिस की निगरानी में ले जाते हुए उसका जुलूस निकाला गया। इस दौरान पुलिसकर्मी उसे अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए। आरोपी के जुलूस का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस उसे अपने साथ लेकर जाती हुई नजर आ रही है। घटना के बाद पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई की भी चर्चा हो रही है। आरोपी को हिरासत में लिए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    आरोपी मोहम्मद अबरार मूल रूप से मंदसौर जिले के नाहरगढ़ क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी बस स्टैंड परिसर में किस परिस्थिति में पहुंचा और घटना किस तरह हुई। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी पुलिस की जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।

    कोतवाली पुलिस ने मोहम्मद अबरार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा रही। पुलिस घटना से संबंधित तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।

  • महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति और MVA में बगावत, आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ उतरे असंतुष्ट नेता

    महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति और MVA में बगावत, आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ उतरे असंतुष्ट नेता


    नई दिल्ली
    : महाराष्ट्र में 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन की समयसीमा खत्म होते ही सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। दोनों गठबंधनों के असंतुष्ट दावेदारों ने अपने ही दलों के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ नामांकन दाखिल किया है। इसके साथ ही गठबंधन में शामिल दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर भी मतभेद दिखाई दिए हैं। कुछ जगहों पर सहयोगी दलों ने एक-दूसरे की सीट पर दावा करते हुए अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं।

    78 सदस्यीय महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए यह द्विवार्षिक चुनाव हो रहा है। इनमें पुणे संभाग स्नातक, नागपुर संभाग स्नातक, पुणे संभाग शिक्षक, छत्रपति संभाजीनगर संभाग स्नातक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। वहीं, एमवीए में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) शामिल हैं।

    नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने सुधाकर कोहले को मैदान में उतारा है। हालांकि, भाजपा के भीतर भी असंतोष सामने आया है। पार्टी के पूर्व विधान परिषद सदस्य अनिल सोले ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। इससे इस सीट पर मुकाबला गठबंधन के अंदरूनी समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो गया है।

    अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने अदिति पोहरे को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, महायुति की ओर से शिवसेना के मौजूदा विधान परिषद सदस्य किरण सरनाइक चुनाव मैदान में हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस के उम्मीदवार के बावजूद शिवसेना (यूबीटी) ने दत्तात्रेय लहाने को भी उम्मीदवार बनाया है। शिवसेना (यूबीटी) की ओर से छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर दिलीप घुगे को भी उम्मीदवार बनाया गया है।

    पुणे स्नातक सीट से भाजपा की स्मिता जाधव ने नामांकन दाखिल किया है। वह ‘पुधारी’ समूह के अध्यक्ष एवं संपादक योगेश जाधव की पत्नी हैं। इसी तरह पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के कौस्तुभ गावड़े ने नामांकन दाखिल किया है। उनकी सहयोगी शिवसेना के मंगेश चिवटे ने भी इसी सीट से नामांकन दाखिल किया है। इससे महायुति के भीतर भी सीट को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है।

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में सीट बंटवारे का मुद्दा गठबंधन सहयोगियों के बीच बातचीत से सुलझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राकांपा के पास छत्रपति संभाजीनगर स्नातक और पुणे स्नातक, दो सीटें थीं और पार्टी को उम्मीद थी कि पुणे सीट उसे मिलेगी। तटकरे के मुताबिक इस मुद्दे पर पहले पार्टी के भीतर चर्चा होगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री तथा भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस से भी बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान बातचीत और आपसी सौहार्द से निकाला जा सकता है।

  • पोहा ठेले से शुरू हुआ विवाद पुलिस तक पहुंचा, नशे में महिला ने SI को चप्पल से मारने की कोशिश, VIDEO वायरल

    पोहा ठेले से शुरू हुआ विवाद पुलिस तक पहुंचा, नशे में महिला ने SI को चप्पल से मारने की कोशिश, VIDEO वायरल


    शिवपुरी । शिवपुरी के माधव चौक पर सोमवार सुबह उस समय हंगामा मच गया जब एक महिला ने पोहा ठेले पर पहुंचकर जमकर विवाद किया। महिला का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह ठेला संचालक के साथ गाली गलौज करती और हाथ में चप्पल लेकर मारने की कोशिश करती नजर आ रही है। मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर पहुंचे यातायात थाने के सब इंस्पेक्टर से भी महिला उलझ गई। आरोप है कि महिला ने SI को भी चप्पल से मारने का प्रयास किया। घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

    पोहा ठेला संचालक पप्पू कुशवाह के अनुसार महिला सुबह उसके ठेले पर पहुंची थी और नशे की हालत में नजर आ रही थी। ठेले पर पहुंचने के बाद वह अचानक गाली गलौज करने लगी। महिला के व्यवहार से आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। ठेला संचालक के मुताबिक महिला ने ठेले पर रखे सामान को भी फेंकने की कोशिश की। विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद दूसरे ठेले वाले ने महिला को रोकने का प्रयास किया लेकिन वह उससे भी उलझ गई।

    बताया जा रहा है कि महिला ने इसी दौरान अपनी चप्पल हाथ में ले ली और सामने मौजूद लोगों के साथ बदतमीजी करने लगी। आसपास लोगों की भीड़ जमा होने लगी। कुछ लोगों ने महिला को शांत कराने की कोशिश की लेकिन उसका हंगामा जारी रहा। मामला बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही यातायात थाने के SI इंतजार हुसैन मौके पर पहुंचे और महिला को समझाने का प्रयास किया।

    हालांकि पुलिस अधिकारी के मौके पर पहुंचने के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ। महिला SI इंतजार हुसैन से भी उलझ गई और आरोप है कि उसने चप्पल से उन्हें मारने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारी ने स्थिति को संभालने की कोशिश की लेकिन महिला का हंगामा जारी रहा। इसी दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    SI इंतजार हुसैन के अनुसार महिला को समझाने के बाद वह कोतवाली पहुंचे और वहां से महिला पुलिसकर्मी को साथ लेकर दोबारा मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक महिला वहां से जा चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने महिला की तलाश और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।

    फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और मौके पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला की पहचान क्या है और आखिर किस वजह से उसने पोहा ठेले पर विवाद शुरू किया था। माधव चौक जैसे व्यस्त इलाके में हुए इस हंगामे के बाद कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि महिला की स्थिति और विवाद की वास्तविक वजह को लेकर पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। फिलहाल पुलिस ने वायरल वीडियो को जांच का आधार बनाया है और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • राहुल गांधी की हिरासत पर भड़के शशि थरूर, जर्मनी में होने के कारण प्रदर्शन से रहे दूर

    राहुल गांधी की हिरासत पर भड़के शशि थरूर, जर्मनी में होने के कारण प्रदर्शन से रहे दूर

    नई दिल्ली ।कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताते हुए सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। देर रात राहुल गांधी और अन्य नेताओं को रिहा कर दिया गया। प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके शशि थरूर ने कहा कि राहुल गांधी के साथ कथित हाथापाई की तस्वीरें देखकर वह बेहद परेशान हैं।

    शशि थरूर ने कहा कि ऐसे समय में विरोध प्रदर्शन करना उन नागरिकों के साथ खड़े होने जैसा है, जिनके संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार के रुख को शर्मनाक बताया। थरूर ने यह भी कहा कि वह प्रदर्शन स्थल पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उनका समर्थन विपक्षी आंदोलन के साथ है। उन्होंने अपने संदेश में न्याय मिलने की उम्मीद भी जताई।

    प्रदर्शन में खुद शामिल नहीं होने को लेकर शशि थरूर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि वह जर्मनी में एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए गए हुए हैं। उनके अनुसार, करीब चार महीने पहले बर्लिन में आयोजित होने वाली इस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने का वादा किया था। इसी प्रतिबद्धता के कारण वह दिल्ली के प्रदर्शन में नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि वह दूर रहकर ही अपना समर्थन दे सकते हैं, लेकिन उनकी भावनात्मक मौजूदगी प्रदर्शन कर रहे नेताओं के साथ है।

    इससे पहले मंगलवार को इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर मार्च निकाला था। पुलिस ने संसद मार्ग पर नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के सामने विपक्षी सांसदों को रोक दिया। इसके बाद कई सांसद सड़क पर धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और कांग्रेस तथा सहयोगी दलों के कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए। यह धरना दोपहर करीब 12:20 बजे शुरू हुआ और कई घंटे तक जारी रहा।

    धरने के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची से जुड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के सांसद निर्वाचन आयुक्तों से मिलना चाहते हैं। राहुल गांधी के मुताबिक, करीब 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्तों से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब आठ बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से करीब 260 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी, जिनमें 10 सांसद भी शामिल थे। हिरासत में लिए गए नेताओं में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, के. सुरेश, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और इमरान प्रतापगढ़ी के अलावा तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन और समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्ला नदवी भी शामिल थे। नेताओं को किंग्सवे कैंप ले जाया गया और करीब दो घंटे बाद रात 10 बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को रिहा कर दिया गया।

  • मजदूरी से लौटते वक्त बुझ गया घर का चिराग, ट्रैक्टर से गिरकर 11 साल की अनन्या की मौत, चालक फरार

    मजदूरी से लौटते वक्त बुझ गया घर का चिराग, ट्रैक्टर से गिरकर 11 साल की अनन्या की मौत, चालक फरार


    भोपाल । शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 11 साल की बच्ची की जान चली गई। अनन्या जाटव अपनी मां के साथ खेत पर भुट्टा तोड़ने की मजदूरी करने गई थी। दिनभर काम करने के बाद जब वह अन्य मजदूरों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली से घर लौट रही थी तभी रास्ते में अचानक हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि घर लौटते समय अनन्या ट्रैक्टर पर चढ़ने का प्रयास कर रही थी तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे जा गिरी। इसी दौरान ट्रैक्टर का पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से कुचल जाने के कारण बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।

    हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। इस बीच ट्रैक्टर चालक मौके की गंभीरता को देखते हुए वाहन लेकर वहां से फरार हो गया। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया। जिस बच्ची के साथ उसकी मां दिनभर खेत में मजदूरी कर घर लौट रही थी उसी बच्ची की रास्ते में दर्दनाक मौत हो गई। घटना ने परिवार के साथ साथ आसपास के लोगों को भी झकझोर दिया।

    जानकारी मिलने के बाद लुकवासा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने हादसे से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाई और दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अनन्या मजदूरी करने के बाद अन्य लोगों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान ट्रैक्टर पर चढ़ते वक्त वह नीचे गिर गई। गिरते ही वह वाहन के पहिए की चपेट में आ गई और उसकी जान चली गई।

    घटना के बाद पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार को कोलारस स्वास्थ्य केंद्र में बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस अब फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और ट्रैक्टर पर उस समय कितने लोग सवार थे।

    हादसे की जांच के दौरान पुलिस ट्रैक्टर चालक की पहचान और वाहन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। चालक के मिलने के बाद दुर्घटना के संबंध में उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि बच्ची ट्रैक्टर पर किस तरह चढ़ने की कोशिश कर रही थी और उसी दौरान उसका संतुलन कैसे बिगड़ा। घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता है क्योंकि मजदूर अक्सर खेतों से लौटने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली जैसे साधनों का इस्तेमाल करते हैं।

    अनन्या अपनी मां के साथ मजदूरी करके परिवार की मदद के लिए खेत पर गई थी लेकिन घर लौटने से पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। एक छोटी सी बच्ची की अचानक हुई मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र फरार चालक की तलाश और हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाना है।

  • CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का लंबा आंदोलन, मतदाता सूची विवाद पर देशभर में अभियान की तैयारी

    CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का लंबा आंदोलन, मतदाता सूची विवाद पर देशभर में अभियान की तैयारी


    नई दिल्ली ।
    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष का कहना है कि यह अभियान केवल एक-दो दिन का नहीं होगा, बल्कि लंबे समय तक जारी रहेगा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस के महासचिवों और प्रदेश अध्यक्षों से इस मुद्दे को लगातार उठाने और आंदोलन को व्यापक स्तर तक ले जाने को कहा है। मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च और आकाशवाणी भवन में धरने के बाद विपक्ष ने अपने आंदोलन को और तेज करने का संकेत दिया।

    इंडिया गठबंधन के कई दल करीब एक सप्ताह पहले हुई बैठक में मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे पर कई महीने तक अभियान चलाने का ऐलान कर चुके हैं। इसके बाद कांग्रेस ने सोमवार को एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को फिर से जुड़वाने के लिए एक महीने का अभियान शुरू करने की घोषणा की। विपक्षी दलों की ओर से इसे घर-घर तक पहुंचाने की तैयारी है। मंगलवार के मार्च में इंडिया गठबंधन के कई दलों की मौजूदगी के साथ बीजू जनता दल की भागीदारी भी दिखाई दी। विपक्ष इसे अपने अभियान के लिए व्यापक समर्थन के तौर पर देख रहा है।

    इस मुद्दे को राहुल गांधी पिछले एक साल से उठाते रहे हैं। विपक्ष ने पहली बार 7 अगस्त 2025 को इसे प्रमुखता से सामने रखा था। उस समय राहुल गांधी ने महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक का उदाहरण देते हुए मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठाए थे। इसके बाद विपक्षी दल लगातार इस विषय को अलग-अलग मंचों पर उठाते रहे। बाद में पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने की खबरों और चुनाव परिणामों के बाद विपक्ष ने इस मुद्दे पर और ज्यादा जोर दिया।

    विपक्षी रणनीतिकारों के मुताबिक, इस पूरे अभियान में एकजुटता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी विपक्षी दलों ने एक साथ कई मुद्दे उठाए थे। अब मतदाता सूची के मुद्दे पर भी अलग-अलग दलों के एक मंच पर आने से आंदोलन को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष का रुख है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो शीतकालीन सत्र के दौरान भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया जाएगा और संसद के भीतर विरोध और अधिक तीखा हो सकता है।

    विपक्षी दलों ने केवल संसद और चुनाव आयोग तक सीमित रहने के बजाय आंदोलन को देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की योजना बनाई है। इंडिया गठबंधन की ओर से पांच बड़ी रैलियों का भी ऐलान किया गया है। इसके साथ ही कांग्रेस का एक महीने का अभियान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को लेकर लोगों तक पहुंचने पर केंद्रित रहेगा। विपक्षी नेताओं का मानना है कि इस मुद्दे को स्थानीय स्तर तक ले जाने से मतदाताओं की शिकायतों और आपत्तियों को सामने लाने में मदद मिलेगी।

    विपक्ष एसआईआर को लेकर आम मतदाताओं में पैदा हुई कथित असहजता को भी अपने अभियान का आधार बना रहा है। विपक्षी रणनीतिकारों का दावा है कि मतदाता सूची में नाम हटने और जुड़ने से जुड़े सवालों के कारण चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच चिंता बनी हुई है। इसी वजह से आंदोलन को लंबे समय तक चलाने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल विपक्ष का अभियान संसद, चुनाव आयोग, देशव्यापी कार्यक्रमों और घर-घर संपर्क के जरिए आगे बढ़ाने की योजना पर केंद्रित है।

  • MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की आहट, पांढुर्णा SP बदले, जल्द हटेंगे कई कलेक्टर और SP, संभागायुक्त भी रडार पर

    MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की आहट, पांढुर्णा SP बदले, जल्द हटेंगे कई कलेक्टर और SP, संभागायुक्त भी रडार पर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़े फेरबदल की तैयारी के बीच पांढुर्णा के पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्र परिहार को हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पांढुर्णा दौरे के ठीक दो दिन बाद मंगलवार देर रात गृह विभाग की ओर से तबादला आदेश जारी किया गया। परिहार को अब पुलिस मुख्यालय में एआईजी की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह विदिता धनखड़ को पांढुर्णा का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसानों ने उनका काफिला रोककर अपनी समस्याएं सामने रखी थीं। इसी घटना के बाद पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे और अब एसपी के तबादले को उससे जोड़कर देखा जा रहा है।

    दरअसल 4 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पांढुर्णा पहुंचे थे। दौरा पूरा करने के बाद जब मुख्यमंत्री वापस लौट रहे थे तब किसानों ने रास्ते में उनका काफिला रोक लिया। किसानों के हाथों में सूखी और मुरझाई हुई फसलें थीं। किसानों ने जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने के साथ कृषि कर्ज माफ करने की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी। अचानक सामने आई इस स्थिति के बाद मुख्यमंत्री अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री के काफिले को इस तरह रोके जाने की घटना को सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर माना गया। अब पांढुर्णा एसपी प्रकाश चंद्र परिहार के तबादले के बाद इसे उसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।

    गृह विभाग के आदेश के अनुसार प्रकाश सिंह परिहार को पांढुर्णा एसपी के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में एआईजी बनाया गया है। वहीं सेनानी दूसरी वाहिनी एसएएफ ग्वालियर में पदस्थ विदिता धनखड़ को पांढुर्णा का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी श्रुतकीर्ति सोमवंशी को वर्तमान जिम्मेदारी के साथ दूसरी वाहिनी एसएएफ ग्वालियर के सेनानी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

    पांढुर्णा एसपी के तबादले के साथ ही प्रदेश में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की चर्चा भी तेज हो गई है। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में करीब 50 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए जा सकते हैं। इस सूची में कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हो सकते हैं। सरकार की ओर से अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा के बाद यह बदलाव किए जाने की तैयारी है।

    सूत्रों के मुताबिक कुछ पुलिस अधीक्षकों के नियमित रूप से कार्यालय नहीं जाने और कामकाज को लेकर शिकायतें भी सरकार तक पहुंची हैं। ऐसे अधिकारियों को कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की श्रेणी में रखकर जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है। सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप काम नहीं करने वाले कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर भी तबादले की गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।

    संभावित फेरबदल केवल कलेक्टर और एसपी स्तर तक सीमित नहीं रहने वाला है। प्रशासनिक बदलाव की सूची में एक या दो संभागायुक्तों के नाम भी शामिल हो सकते हैं। वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। यदि यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल होता है तो आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के कई जिलों में प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था का चेहरा बदल सकता है।

  • गाजियाबाद में पुलिस भर्ती दौड़ के दौरान दो अभ्यर्थियों की मौत, 12 की तबीयत बिगड़ी

    गाजियाबाद में पुलिस भर्ती दौड़ के दौरान दो अभ्यर्थियों की मौत, 12 की तबीयत बिगड़ी


    नई दिल्ली ।
    गाजियाबाद के गोविंदपुरम स्थित पीएसी की 47वीं बटालियन के मैदान में उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान दो अभ्यर्थियों की मौत हो गई। यह घटना पांच और छह अक्टूबर को आयोजित दौड़ के दौरान हुई। मृतकों में मथुरा निवासी 26 वर्षीय अतुल कुमार और शामली निवासी 23 वर्षीय विवेक कुमार शामिल हैं। वहीं, मंगलवार को दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ने पर 12 अभ्यर्थियों को संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया। इनमें कुछ अभ्यर्थियों को सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द और कमजोरी की शिकायत हुई, जबकि तीन के पैर में फ्रैक्चर भी सामने आया।

    पुलिस के अनुसार, मथुरा जिले के गांव कारब निवासी अतुल कुमार पुत्र सतीश चंद्र 5 अक्टूबर को सिपाही भर्ती की दौड़ में शामिल हुए थे। दौड़ के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, शामली जिले के गांव पुरमाफी निवासी 23 वर्षीय विवेक कुमार पुत्र बालेंद्र सिंह की मंगलवार को दौड़ के बाद तबीयत बिगड़ गई। उन्हें संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

    एसीपी कविनगर अभय डागा के मुताबिक, दोनों अभ्यर्थियों की दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ी थी और इसी दौरान उनकी मौत हुई। मौत की सही वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पुलिस ने मामले में मौत के सटीक कारण का पता लगाने के लिए रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है।

    संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता के अनुसार, मंगलवार को 12 अभ्यर्थियों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। इनमें विवेक को मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया था। अन्य अभ्यर्थियों में किसी को सांस लेने में परेशानी हुई तो किसी ने सीने में दर्द और कमजोरी की शिकायत की। शामली निवासी अंकुर के दाएं पैर में परेशानी थी, जबकि मथुरा निवासी योगेश को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत के बाद उपचार दिया गया। गोविंदपुरम निवासी राहुल को सामान्य कमजोरी की शिकायत थी। भाविक और गौरव को सांस लेने में परेशानी हुई, जबकि सूरज को सीने में दर्द के बाद इमरजेंसी में इलाज दिया गया।

    मथुरा निवासी हेमेंद्र और बंटी को भी सांस संबंधी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया। मथुरा निवासी अंकित को सीने में दर्द होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया, जबकि सचिन को सांस लेने में परेशानी के कारण इमरजेंसी में भर्ती किया गया। इलाज के बाद कुछ अभ्यर्थियों की हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई, जबकि कुछ का उपचार जारी रहा। इससे पहले सोमवार को भी दौड़ के दौरान कई अभ्यर्थियों को चोट और तबीयत बिगड़ने के कारण अस्पताल पहुंचाया गया था। मेरठ निवासी गौरव और मुकीमपुर निवासी कृष्णा के पैर में फ्रैक्चर होने पर उन्हें रेफर किया गया था। मेरठ के भासुमा गांव निवासी सौरव भी गंभीर रूप से घायल हुए थे।

    यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती की दौड़ 3 से 9 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही है। 3, 5 और 6 अक्टूबर को पुरुष अभ्यर्थियों की दौड़ हुई, जिसमें प्रतिदिन करीब 875 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। 7 अक्टूबर को महिला अभ्यर्थियों की दौड़ निर्धारित है, जिसमें करीब 650 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। दौड़ के लिए सुबह पांच बजे से प्रवेश शुरू होता है और पूरी प्रक्रिया सुबह नौ बजे तक पूरी की जाती है। अतुल और विवेक के परिजन उन्हें पुलिस की वर्दी में देखने का सपना लेकर भर्ती में भेजे थे, लेकिन दोनों की मौत के बाद परिवारों में मातम छा गया।

  • डोसे में चूहा मिलने के बाद होटल मालिक से 25 लाख की वसूली मांग, दो आरोपी गिरफ्तार

    डोसे में चूहा मिलने के बाद होटल मालिक से 25 लाख की वसूली मांग, दो आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई। के बोरीवली वेस्ट स्थित एक होटल में डोसे के अंदर चूहा मिलने के बाद बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले ने नया मोड़ ले लिया। होटल मालिक ने आरोप लगाया कि वीडियो को दोबारा फैलाने और अन्य कार्रवाई की धमकी देकर उससे पैसे मांगे गए। बोरीवली पुलिस ने 5 अक्टूबर को इस मामले में FIR दर्ज की है। मामले में मानसी अमित आचार्य और किंजल सुभाष भाटिया को आरोपी बनाया गया है। यह पूरा मामला 24 सितंबर को राधाकृष्ण होटल-बुफे-फास्ट फूड में हुई घटना से जुड़ा है।

    जानकारी के अनुसार, 24 सितंबर को होटल में आए लोगों में से एक ने डोसा मंगाया था। आरोप है कि डोसे के अंदर चूहा मिलने के बाद उसका वीडियो बनाया गया। यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 28 सितंबर को होटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। लाइसेंस निलंबित होने के बाद होटल बंद रहा।

    होटल मालिक ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने उसका इस्तेमाल पैसे मांगने के लिए करना शुरू किया। शिकायत के मुताबिक, वीडियो को सोशल मीडिया पर और फैलाने तथा दूसरे कदम उठाने की धमकी दी गई। शुरुआत में होटल मालिक से 25 लाख रुपये मांगे गए थे। बाद में कथित तौर पर यह रकम घटाकर 20 लाख रुपये और फिर 15 लाख रुपये कर दी गई।

    आरोप है कि बातचीत के बाद आखिरकार 7 लाख रुपये में मामला तय करने की बात हुई। होटल मालिक ने इसमें से 1 लाख रुपये नकद बतौर टोकन देने का दावा किया। इसके बाद भी बाकी रकम को लेकर मांग जारी रही। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 30 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच उसे लगातार फोन कॉल और वाट्सऐप संदेशों के जरिए पैसे देने के लिए दबाव बनाया गया।

    होटल मालिक का आरोप है कि उसे लगातार चेतावनी दी जाती रही कि अगर बाकी रकम नहीं दी गई तो वायरल वीडियो को फिर से फैलाया जा सकता है और उसे अन्य नतीजे भी भुगतने पड़ सकते हैं। होटल मालिक ने 29 सितंबर को पुलिस से संपर्क किया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पैसों की मांग जारी रहने के दौरान आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई गई।

    5 अक्टूबर को पुलिस की योजना के तहत शिकायतकर्ता से बाकी 6 लाख रुपये की व्यवस्था करने को कहा गया। शाम करीब 5:45 बजे जब आरोपी कथित तौर पर यह रकम लेने पहुंचे, तब उन्हें गवाहों की मौजूदगी में पकड़ लिया गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) और धारा 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस की जांच अब केवल होटल में डोसे के अंदर चूहा मिलने की मूल घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके बाद हुई पैसों की मांग पर भी केंद्रित है। जांच में वायरल वीडियो, फोन कॉल, वाट्सऐप पर हुई बातचीत और नकद लेन-देन से जुड़े पहलुओं को देखा जा रहा है। होटल का लाइसेंस निलंबित किए जाने और उसके बाद पैदा हुए हालात की भी जांच की जा रही है। FIR में होटल मालिक की ओर से लगाए गए आरोप दर्ज हैं और पूरे मामले की जांच जारी है।

  • MP ट्रैवल मार्ट में दुनिया की नजर मध्य प्रदेश पर, 34 देशों के मेहमान और 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स करेंगे पर्यटन संभावनाओं पर मंथन

    MP ट्रैवल मार्ट में दुनिया की नजर मध्य प्रदेश पर, 34 देशों के मेहमान और 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स करेंगे पर्यटन संभावनाओं पर मंथन


    भोपाल । भोपाल में बुधवार से मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 का आगाज होने जा रहा है। कुशाभाऊ ठाकरे कंवेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले इस चार दिवसीय आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस ट्रैवल मार्ट में दुनिया के 34 से अधिक देशों के 100 से ज्यादा विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे। अमेरिका फ्रांस जापान इटली ब्रिटेन जर्मनी स्पेन ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया समेत कई देशों के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल राइटर्स मध्य प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को करीब से समझेंगे। आयोजन में देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 180 से ज्यादा घरेलू टूर ऑपरेटर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। इस तरह मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए एक बड़े बिजनेस टू बिजनेस मंच के रूप में सामने आएगा।

    इस आयोजन को मध्य प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि ट्रैवल मार्ट के दौरान प्रदेश में 1100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप दिया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र में होटल वेलनेस रिसॉर्ट लग्जरी टेंटेड कैंपिंग और इको टूरिज्म जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए 14 प्रमुख परियोजनाओं के लिए निजी निवेशकों को 252 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ अवार्ड दिए जाएंगे। इसके साथ ही पर्यटकों की सड़क यात्रा को ज्यादा सुविधाजनक सुरक्षित और बेहतर बनाने के उद्देश्य से तीन प्रमुख पर्यटन राजमार्गों पर आधुनिक मार्ग सुविधा केंद्र विकसित करने की दिशा में भी कदम उठाया जाएगा।

    इस पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण सीहोर जिले के रामगढ़ में प्रस्तावित 848.40 करोड़ रुपये का मेगा पर्यटन निवेश समझौता होगा। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और एआरएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच होने वाले इस समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स गोल्फ विला वेलनेस रिसॉर्ट लग्जरी होटल और उच्चस्तरीय आतिथ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परियोजना से मालवा और विंध्य क्षेत्र को पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही करीब 920 प्रत्यक्ष रोजगार और बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

    मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट का यह सातवां संस्करण है और इसे राज्य के पर्यटन क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा और रणनीतिक बी2बी नेटवर्किंग मंच बताया जा रहा है। आयोजन के जरिए विदेशी और घरेलू टूर ऑपरेटर्स को प्रदेश के पर्यटन स्थलों उत्पादों और अनुभवों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज हुई थी और कुल पर्यटक आंकड़ा 21.05 करोड़ तक पहुंच गया था। अब सरकार इस बढ़ती पर्यटक आवाजाही को वैश्विक निवेश आधुनिक अधोसंरचना और स्थानीय रोजगार के अवसरों में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

    ट्रैवल मार्ट में मध्य प्रदेश की संस्कृति और खानपान की झलक भी विदेशी मेहमानों को देखने को मिलेगी। इसके लिए मां की रसोई नाम से विशेष लाइव फूड काउंटर तैयार किया गया है। यहां मेहमानों को कोदो मेथी भात ज्वार बाजरे की रोटियां दाल बाफला मट्ठे के आलू चक्की का साग भुने भाटे का भर्ता और सिलबट्टे की ताजा चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे। इस आयोजन के जरिए मध्य प्रदेश अपने पर्यटन स्थलों के साथ अपनी संस्कृति खानपान और आतिथ्य परंपरा को भी दुनिया के सामने पेश करेगा।