Blog

  • आज का राशिफल 7 अक्टूबर: मेष से मीन तक जानें किसकी खुलेगी किस्मत, किसे रहना होगा आज सावधान

    आज का राशिफल 7 अक्टूबर: मेष से मीन तक जानें किसकी खुलेगी किस्मत, किसे रहना होगा आज सावधान


    नई दिल्ली। 7 अक्टूबर का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीद और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। आज ग्रहों की स्थिति के प्रभाव से कुछ जातकों को करियर और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं जबकि कुछ लोगों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। परिवार और रिश्तों के मामले में भी आज का दिन महत्वपूर्ण रह सकता है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए 7 अक्टूबर का दिन कैसा रहने वाला है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत के दम पर आगे बढ़ने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कर सकती है। किसी पुराने काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। कारोबारियों को नए संपर्कों से फायदा मिल सकता है। परिवार में किसी सदस्य की उपलब्धि से खुशी का माहौल बनेगा। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें।
    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत के दम पर आगे बढ़ने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कर सकती है। किसी पुराने काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। कारोबारियों को नए संपर्कों से फायदा मिल सकता है। परिवार में किसी सदस्य की उपलब्धि से खुशी का माहौल बनेगा। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें।

    वृषभ राशि के जातकों को आज आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। नौकरी करने वालों को अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है जो आगे चलकर लाभदायक साबित होगी। कारोबार में निवेश करने से पहले अच्छी तरह विचार करें। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।

    मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन नई योजनाओं की शुरुआत के लिए अच्छा रह सकता है। आपकी बातचीत करने की कला से कई काम आसान होंगे। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों में नजदीकी बढ़ेगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन प्रसन्न कर सकती है।

    कर्क राशि वालों को आज भावनाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में छोटी बात को लेकर तनाव हो सकता है लेकिन धैर्य से स्थिति संभल जाएगी। आर्थिक मामलों में खर्च बढ़ सकता है। घर के किसी बड़े सदस्य की सलाह आपके लिए उपयोगी रहेगी। यात्रा के दौरान सावधानी रखें।

    सिंह राशि के लिए आज का दिन उपलब्धियों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा होगी। कारोबार में नई डील मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। सामाजिक क्षेत्र में मान सम्मान बढ़ेगा। परिवार के साथ किसी खास कार्यक्रम की योजना बन सकती है।

    कन्या राशि वालों को आज योजनाबद्ध तरीके से काम करना लाभ देगा। नौकरी में लंबित काम पूरे हो सकते हैं। व्यापार में ग्राहकों से अच्छे संबंध बनेंगे। धन संबंधी मामलों में संतुलन बनाए रखें। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन आराम के लिए समय निकालना जरूरी होगा।

    तुला राशि वालों के लिए आज रिश्तों और करियर दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण दिन है। कार्यक्षेत्र में कोई नया अवसर सामने आ सकता है। साझेदारी के काम में लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में चल रहा कोई विवाद बातचीत से सुलझ सकता है। प्रेम जीवन में मधुरता आएगी।

    वृश्चिक राशि वालों को आज अपनी मेहनत पर भरोसा रखना चाहिए। किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। नौकरी बदलने का विचार कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। गुस्से पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

    धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन भाग्य का साथ देने वाला रह सकता है। नई योजना पर काम शुरू कर सकते हैं। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कारोबार में लाभ के संकेत हैं। परिवार के साथ यात्रा की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य को लेकर दिन सामान्य रहेगा।

    मकर राशि वालों को आज मेहनत का परिणाम मिलने लगेगा। रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग मिलेगा। धन कमाने के नए रास्ते सामने आ सकते हैं। परिवार में सुख शांति बनी रहेगी। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ें।

    कुंभ राशि के लिए आज का दिन मिला जुला रह सकता है। काम का दबाव बढ़ सकता है लेकिन आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। आर्थिक मामलों में अनावश्यक खर्च से बचें। मित्रों से महत्वपूर्ण सलाह मिल सकती है। प्रेम संबंधों में गलतफहमी से बचने के लिए खुलकर बातचीत करें।

    मीन राशि वालों के लिए आज सकारात्मक बदलाव का दिन रह सकता है। करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। कारोबार में नए संपर्क फायदा पहुंचा सकते हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं। परिवार के लोगों का सहयोग मिलेगा। मन को शांत रखने के लिए आध्यात्मिक गतिविधियों में समय देना लाभदायक रहेगा। कुल मिलाकर 7 अक्टूबर का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीद और आगे बढ़ने के अवसर लेकर आ सकता है।

  • MP से मानसून की विदाई, फिर भी 3 दिन बारिश, जबलपुर-रीवा समेत 16 जिलों में आज अलर्ट

    MP से मानसून की विदाई, फिर भी 3 दिन बारिश, जबलपुर-रीवा समेत 16 जिलों में आज अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन प्रदेश के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण अगले तीन दिन पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर जारी रह सकता है। बुधवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल समेत 16 जिलों में गरज-चमक, आंधी और बारिश का अनुमान है, जबकि भोपाल, इंदौर समेत पश्चिमी हिस्से में दिन में तेज धूप और रात में ठंडक बनी रहेगी।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में पिछले दो दिन से मौसम बदला हुआ है। कई इलाकों में बादल छाए रहे और रिमझिम बारिश हुई। मंगलवार को रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भी बारिश दर्ज की गई। मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी बनी हुई है, जिसके प्रभाव से बारिश की स्थिति बन रही है।

    आज इन 16 जिलों में बारिश का अनुमान
    अगले 24 घंटे के दौरान जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। 8 और 9 अक्टूबर को भी प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसके बाद 10 अक्टूबर को मौसम सिस्टम के कमजोर पड़ने की संभावना है।

    भोपाल-इंदौर में धूप, रात में बढ़ेगी ठंडक
    पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज इसके उलट रहेगा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में दिन के समय तेज धूप खिलने की संभावना है। हालांकि, रात में ठंडक बनी रहेगी।

    प्रदेश में रात का तापमान भी लगातार नीचे जा रहा है। बीती रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 18 डिग्री, छिंदवाड़ा में 18.2 डिग्री, शाजापुर में 18.3 डिग्री और अमरकंटक-करौंदी में 18.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, दिन में ग्वालियर का तापमान 37 डिग्री के पार बना हुआ है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 साल के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों का ट्रेंड देखने को मिलता है। इस बार भी मौसम का मिजाज इसी तरह रहने का अनुमान है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने के साथ दिन में धूप तेज हुई है, जबकि रात में ठंडक बढ़ी है।

    100 दिन सक्रिय रहा मानसून
    मध्य प्रदेश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून 100 दिन सक्रिय रहा। 24 जून को मानसून ने प्रदेश में प्रवेश किया था और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से इसकी विदाई हो गई।

    मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले 1.5 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में ओवरऑल सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश हुई। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा।

    पूर्वी हिस्से के इन जिलों में कम बारिश
    जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग को मिलाकर पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा रहा। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई।

    पश्चिमी MP में 9 से 51% तक कम पानी
    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

    25 जिलों में मानसून का कोटा पूरा
    प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का कोटा पूरा रहा। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर शामिल हैं। इसके अलावा आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में सामान्य बारिश हुई।

    30 जिलों में सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के बाकी 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    मानसून की विदाई के बाद अब प्रदेश में मौसम दो अलग-अलग रंग दिखा रहा है। पूर्वी जिलों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से बारिश का दौर चल रहा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में दिन गर्म और रातें ठंडी हो रही हैं। 10 अक्टूबर के बाद सिस्टम कमजोर पड़ने के साथ बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

  • फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज, स्कूलों में भीड़ और शिक्षकों की कमी से सड़कों पर उतरे छात्र

    फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज, स्कूलों में भीड़ और शिक्षकों की कमी से सड़कों पर उतरे छात्र

    नई दिल्ली ।फ्रांस की राजधानी पेरिस से शुरू हुआ शिक्षा व्यवस्था में सुधार का छात्र आंदोलन अब देश के कई हिस्सों तक फैल गया है। स्कूलों में बढ़ती छात्र संख्या, कक्षाओं की कमी, शिक्षकों की कमी और अन्य सुविधाओं के अभाव को लेकर छात्र सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं। लेंस शहर में एक स्कूल के पास हुए धमाके में 15 साल का एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। एक अन्य छात्र के सिर में आंसू गैस का गोला लगने और जबड़े में दो जगह फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है।

    आंदोलन से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 190 छात्र घायल हुए हैं, जबकि पुलिस ने लगभग 5 हजार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में करीब 85 प्रतिशत छात्र नाबालिग बताए गए हैं। छात्र संगठनों ने मंगलवार को होने वाले आंदोलन में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की थी। कई शिक्षक संगठनों ने भी प्रदर्शन को समर्थन देने का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुपात में कक्षाएं, शिक्षक और दूसरी जरूरी सुविधाएं नहीं बढ़ाई गई हैं।

    आंदोलन के बीच फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्तियन लेकोर्नू ने छात्रों और शिक्षकों की समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने का ऐलान किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि हिंसक प्रदर्शन के मामले में सरकार की ओर से नरमी नहीं बरती जाएगी। शिक्षा मंत्री एडुआर जॉफ्रे ने बताया कि आंदोलन शुरू होने के बाद से 24 स्कूलों में बड़े स्तर पर तोड़फोड़ की गई और कुछ स्कूलों को आग के हवाले भी किया गया।

    इस आंदोलन की शुरुआत 21 सितंबर को पेरिस के एक स्कूल से हुई थी। छात्रों ने स्कूल में स्टाफ और संसाधनों की कमी को दूर करने की मांग उठाई थी। जब उनकी मांगें पूरी हुईं तो संबंधित छात्रों ने हड़ताल खत्म कर दी, लेकिन तब तक आंदोलन दूसरे इलाकों तक पहुंच चुका था। धीरे-धीरे इसका विस्तार कॉलेज और विश्वविद्यालयों तक भी हो गया। पिछले दो दशकों में फ्रांस के माध्यमिक स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ी है, जबकि उसके अनुपात में शिक्षकों की संख्या नहीं बढ़ सकी है। इस अवधि में छात्रों की संख्या करीब ढाई लाख बढ़ने की बात सामने आई है।

    फ्रांस में 2010 में करीब साढ़े 8 लाख बच्चों का जन्म हुआ था, जो 1980 के दशक के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा बताया गया है। बच्चों के जन्म में इस बढ़ोतरी के पीछे 30 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में बढ़ी प्रजनन दर को प्रमुख कारण बताया गया है। 2010 में जन्मे बच्चे अब करीब 15 से 16 साल के हो चुके हैं और हाई स्कूलों में पढ़ रहे हैं। छात्रों की संख्या बढ़ने के बावजूद स्कूलों में कक्षाओं, सुविधाओं और शिक्षकों की संख्या उसी अनुपात में नहीं बढ़ी।

    फ्रांस में जारी विरोध केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है। सरकारी कर्मचारी, फायर फाइटर, शिक्षक और स्वास्थ्यकर्मी भी वेतन बढ़ोतरी समेत अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। देश इस समय ईरान और यूक्रेन युद्ध की वजह से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। फ्रांस पर करीब 4 ट्रिलियन डॉलर का सरकारी कर्ज बताया गया है, जो उसकी सालाना अर्थव्यवस्था के करीब 119 प्रतिशत के बराबर है। आबादी के बूढ़े होने के कारण पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकारी खर्च भी लगातार बढ़ रहा है।

  • भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 685 अंक चढ़ा, निफ्टी 0.98 प्रतिशत बढ़कर 22,776 पर बंद

    भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 685 अंक चढ़ा, निफ्टी 0.98 प्रतिशत बढ़कर 22,776 पर बंद

    नई दिल्ली । पिछले सप्ताह लगातार चार कारोबारी सत्रों में गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में अब लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली है। मंगलवार को घरेलू बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी की बैठक के नतीजों से पहले बाजार में खरीदारी का रुख मजबूत रहा। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 685.34 अंक यानी 0.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,067.81 पर बंद हुआ।

    एनएसई निफ्टी 50 भी मंगलवार को 220.35 अंक यानी 0.98 प्रतिशत चढ़कर 22,776.10 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी 50 में ट्रेंट, बीएसई, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले इंडिया और एचयूएल के शेयरों में सबसे अधिक तेजी रही। दूसरी ओर कोल इंडिया, टेक महिंद्रा, मैक्स हेल्थ, टीएमपीवी, अल्ट्राटेक सीमेंट, अपोलो हॉस्पिटल और आईटीसी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इस तरह बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती बनी रही।

    व्यापक बाजार की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 1.08 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 1.56 प्रतिशत चढ़ा। सेक्टरवार कारोबार में निफ्टी केमिकल, निफ्टी फार्मा, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी हेल्थकेयर में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। इसके विपरीत निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली।

    इस सप्ताह अब तक बाजार में तेजी का असर भी दिखाई दे रहा है। सेंसेक्स इस सप्ताह 1,000 से अधिक अंक चढ़ चुका है, जबकि निफ्टी 50 ने पिछले दो कारोबारी सत्रों में 300 से अधिक अंक जोड़े हैं। आरबीआई एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हुई है और इसके नतीजे 7 अक्टूबर को आने वाले हैं। बाजार की नजर अब मौद्रिक नीति समिति के फैसले पर बनी हुई है। बैठक के परिणाम से पहले बाजार में लगातार दो सत्रों की तेजी देखने को मिली है।

    शेयर बाजार में इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को भी एक वजह माना जा रहा है। हालिया तेजी के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। कुछ मध्य पूर्वी देशों की ओर से कच्चे तेल की नई आपूर्ति शुरू होने के बाद कीमतों में यह नरमी देखने को मिली है। कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर बाजार की धारणा पर भी पड़ रहा है।

    वैश्विक संकेतों से भी घरेलू बाजार को समर्थन मिला। बाजार से जुड़े एक विशेषज्ञ के अनुसार, ग्लोबल संकेतों के सहारे लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त बनी रही। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी सुधार दर्ज किया गया। मंगलवार को अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में 0.50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। घरेलू बाजार में आरबीआई एमपीसी के नतीजों से पहले खरीदारी और वैश्विक संकेतों के बीच प्रमुख सूचकांकों ने दिन का कारोबार बढ़त के साथ समाप्त किया।

  • निमिषा ठाकुरिया मौत मामले में आरोपी आशिक अली पुलिस फायरिंग में घायल, हिरासत से भागने की कोशिश का दावा

    निमिषा ठाकुरिया मौत मामले में आरोपी आशिक अली पुलिस फायरिंग में घायल, हिरासत से भागने की कोशिश का दावा

    नई दिल्ली ।गुवाहाटी विश्वविद्यालय की छात्रा निमिषा ठाकुरिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में आरोपी आशिक अली मंगलवार तड़के पुलिस फायरिंग में घायल हो गया। घटना धारापुर इलाके में करीब 3:30 बजे हुई। पुलिस का दावा है कि हिरासत में रहने के दौरान आशिक अली ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद उसे रोकने के लिए पुलिस ने गोली चलाई। फायरिंग में उसके दाहिने पैर में दो गोलियां लगीं और दोनों आर-पार निकल गईं।

    गोली लगने के बाद आशिक अली को इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। उसे सुबह करीब 5:35 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, उसके शरीर के किसी दूसरे हिस्से में चोट के निशान नहीं मिले हैं। उसकी हालत को लेकर अस्पताल की ओर से इससे अधिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    आशिक अली के दाहिने पैर में दो स्थानों पर गोली लगी। इनमें एक गोली घुटने के नीचे और दूसरी पिंडली में लगी। दोनों गोलियां पैर को पार करते हुए बाहर निकल गईं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को हिरासत से बाहर ले जाने के दौरान उसने भागने की कोशिश की थी। इसके बाद उसे रोकने के लिए पुलिस ने फायरिंग की।

    आशिक अली की आठ दिन की पुलिस रिमांड मंगलवार को खत्म होनी थी। रिमांड पूरी होने के बाद उसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी यानी CJM की अदालत में पेश किया जाना था। पुलिस फायरिंग की घटना रिमांड खत्म होने से कुछ घंटे पहले हुई। पुलिस का कहना है कि आरोपी को हिरासत से बाहर ले जाते समय उसने भागने की कोशिश की थी और इसी दौरान गोली चलाई गई।

    निमिषा ठाकुरिया की मौत का मामला 25 सितंबर को सामने आया था। धारापुर स्थित रुद्राक्ष होमस्टे से गुवाहाटी विश्वविद्यालय की छात्रा का शव बरामद हुआ था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, निमिषा अपने कथित प्रेमी आशिक अली के साथ होमस्टे गई थी। वहां एक कमरे के भीतर युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने आशिक अली को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू की थी। इसके बाद उसे पुलिस रिमांड पर रखा गया।

    अब रिमांड खत्म होने से ठीक पहले आशिक अली के पुलिस फायरिंग में घायल होने से मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस के मुताबिक, फायरिंग हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान हुई। घटना की परिस्थितियों को लेकर आगे की जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि उस समय वास्तव में क्या हुआ था। फिलहाल आशिक अली अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है और उसके दाहिने पैर में लगी दो गोलियों का इलाज किया जा रहा है।

  • बिग बॉस 20 में काजी तौकीर की तबीयत बिगड़ी, डेंगू और शो से बाहर होने की खबरों पर टीम ने सफाई दी

    बिग बॉस 20 में काजी तौकीर की तबीयत बिगड़ी, डेंगू और शो से बाहर होने की खबरों पर टीम ने सफाई दी


    नई दिल्ली । 
    बिग बॉस 20 में नजर आ रहे सिंगर काजी तौकीर की तबीयत पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं है। उन्हें बुखार और कमजोरी की शिकायत बताई गई है। इसी बीच उनके डेंगू से संक्रमित होने और इलाज के लिए बिग बॉस के घर से बाहर ले जाए जाने की खबरें सामने आईं। कुछ रिपोर्ट्स में उनके शो से बाहर होने की बात भी कही गई। इन चर्चाओं के बीच काजी तौकीर की टीम ने उनकी सेहत और शो में उनकी मौजूदगी को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।

    काजी की टीम की ओर से जारी बयान के मुताबिक, वह पिछले कुछ दिनों से बिग बॉस हाउस में बुखार से परेशान हैं। तबीयत खराब होने के बावजूद जब भी उन्हें अवसर मिल रहा है, वह जरूरी आराम कर रहे हैं। हाल ही में उन्हें कुछ कमजोरी महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें मेडिकल रूम ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने उनकी जांच की। टीम ने बताया कि काजी फिलहाल बिग बॉस हाउस के अंदर ही हैं और शो से बाहर नहीं हुए हैं।

    टीम ने यह भी बताया कि काजी की सेहत को लेकर बिग बॉस की टीम के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है। आराम करने के बावजूद वह घर की गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। वह अन्य सदस्यों का मनोरंजन करने के साथ घर में अपनी सकारात्मकता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। टीम ने उनकी इसी सक्रियता को उनके स्वभाव का हिस्सा बताया है।

    काजी तौकीर की तबीयत को लेकर सबसे अधिक चर्चा उनके डेंगू से पीड़ित होने की खबरों की रही। सामने आई कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि उन्हें डेंगू हो गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि बिग बॉस के सेट पर उनके इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें घर से बाहर ले जाया गया। हालांकि, काजी की टीम की ओर से जारी बयान में डेंगू होने की पुष्टि नहीं की गई है।

    टीम के बयान से यह साफ किया गया है कि काजी को बुखार और कमजोरी की समस्या है और इसी वजह से उन्हें मेडिकल रूम में डॉक्टर से जांच करानी पड़ी। साथ ही टीम ने उनके शो से बाहर होने की चर्चाओं को भी खारिज किया है। काजी अभी बिग बॉस के घर में मौजूद हैं और अपनी तबीयत के बावजूद शो की गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।

    काजी तौकीर लंबे समय से संगीत की दुनिया में सक्रिय हैं। साल 2005 में रियलिटी सिंगिंग शो फेम गुरुकुल जीतने के बाद उन्हें पहचान मिली थी। इसके बाद कैटरीना कैफ अभिनीत फिल्म के गाने ‘अफगान जलेबी’ से उन्हें और लोकप्रियता मिली। संगीत के क्षेत्र में पहचान बनाने के बाद अब वह बिग बॉस 20 में बतौर कंटेस्टेंट नजर आ रहे हैं।

    बिग बॉस 20 में काजी तौकीर उन कंटेस्टेंट्स में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी मौजूदगी से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है। शो के दौरान होस्ट सलमान खान भी कई मौकों पर काजी के व्यवहार और अलग-अलग परिस्थितियों को संभालने के तरीके पर प्रतिक्रिया दे चुके हैं। फिलहाल उनकी तबीयत को लेकर टीम ने बुखार और कमजोरी की जानकारी दी है, जबकि डेंगू और शो से बाहर होने की खबरों की पुष्टि नहीं की गई है।

  • विश्व बैंक ने भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत किया, घरेलू मांग और सेवाओं से मजबूत रहेगी अर्थव्यवस्था

    विश्व बैंक ने भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत किया, घरेलू मांग और सेवाओं से मजबूत रहेगी अर्थव्यवस्था

    नई दिल्ली: विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर अपना अनुमान बढ़ा दिया है। ताजा साउथ एशिया इकोनॉमिक अपडेट रिपोर्ट में विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है। रिपोर्ट में भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती के पीछे मजबूत घरेलू मांग, औद्योगिक गतिविधियों में विस्तार और सेवा क्षेत्र की निरंतर मजबूती को प्रमुख आधार बताया गया है। वैश्विक स्तर पर मौजूद अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास गति मजबूत बनी रहने की बात कही गई है।

    विश्व बैंक के अनुसार, भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं को पिछले वर्षों में लागू किए गए कई महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधारों से मजबूती मिली है। इनमें श्रम संहिताओं का एकीकरण, वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी सुधार, टैरिफ युक्तिकरण और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता शामिल हैं। इसके अलावा भौतिक और डिजिटल अवसंरचना में बड़े निवेश को भी अर्थव्यवस्था की विकास क्षमता को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। इन सुधारों के बीच घरेलू मांग को आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख आधार माना गया है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि कृषि क्षेत्र में कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन व्यापक अर्थव्यवस्था में मौजूद मजबूती भारत को मौजूदा वित्त वर्ष में मजबूत विकास दर बनाए रखने में मदद कर सकती है। घरेलू मांग लगातार आर्थिक गतिविधियों को सहारा दे रही है और इसे भारत की अर्थव्यवस्था की प्रमुख ताकतों में शामिल किया गया है। औद्योगिक गतिविधियों में विस्तार और सेवा क्षेत्र की मजबूती भी आर्थिक वृद्धि को समर्थन दे रही है। हालांकि, आने वाले महीनों में कुछ बाहरी और मौसम संबंधी जोखिम विकास तथा महंगाई प्रबंधन के लिए चुनौती पैदा कर सकते हैं।

    विश्व बैंक ने ऊंची ऊर्जा कीमतों और अल नीनो से जुड़े प्रतिकूल मौसमीय प्रभावों को प्रमुख जोखिमों में शामिल किया है। भारत कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है, इसलिए ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी का असर महंगाई और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। वहीं, अल नीनो से जुड़े प्रतिकूल मौसम का असर कृषि क्षेत्र पर पड़ने की आशंका है। कृषि क्षेत्र पर दबाव का प्रभाव उन लोगों की आजीविका पर भी पड़ सकता है, जिनके लिए खेती आय का प्रमुख स्रोत है।

    दक्षिण एशिया के व्यापक आर्थिक परिदृश्य में भी विश्व बैंक ने वर्ष 2026 के लिए क्षेत्र की विकास दर का अनुमान बढ़ाया है। पहले 6.3 प्रतिशत के अनुमान के मुकाबले अब क्षेत्र की विकास दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव में भारत के अपेक्षा से बेहतर आर्थिक प्रदर्शन की प्रमुख भूमिका है। हालांकि, भारत को छोड़कर दक्षिण एशिया के बाकी देशों की विकास दर का अनुमान 4.1 प्रतिशत से घटाकर 3.6 प्रतिशत कर दिया गया है। इस कटौती का मुख्य कारण बांग्लादेश की विकास दर के अनुमान में की गई बड़ी कमी बताई गई है।

  • फ्लाईदुबई विमान में को-पायलट के हमले से कैप्टन स्मित की खोपड़ी में धंसी हड्डी, सऊदी अरब में हुई सर्जरी

    फ्लाईदुबई विमान में को-पायलट के हमले से कैप्टन स्मित की खोपड़ी में धंसी हड्डी, सऊदी अरब में हुई सर्जरी

    नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में को-पायलट के हमले से घायल कैप्टन स्मित की चोटों को लेकर गंभीर जानकारी सामने आई है। हमले में उनकी खोपड़ी की हड्डी टूट गई थी और उन्हें ‘डिप्रेस्ड फ्रैक्चर’ हुआ। इस स्थिति में खोपड़ी की टूटी हुई हड्डी का एक हिस्सा अंदर की ओर मस्तिष्क की तरफ धंस जाता है, जिससे मस्तिष्क पर दबाव पड़ सकता है और गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। हमले के दौरान कैप्टन स्मित को अत्यधिक रक्तस्राव और दर्द का सामना करना पड़ा। इसके अलावा उनके अंगों, छाती और ऊपरी पेट के हिस्से में भी गहरे घाव और चोटें आईं। हालांकि, अब उनकी स्थिति में सुधार होने की जानकारी है।

    घटना के तुरंत बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। इसके बाद कैप्टन स्मित को तत्काल चिकित्सा उपचार दिया गया। सऊदी अरब के अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनकी खोपड़ी की इमरजेंसी सर्जरी की। गंभीर चोट के बावजूद समय पर किए गए उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। सर्जरी के बाद उन्हें आगे की चिकित्सा देखभाल के लिए अबू धाबी ले जाया गया।

    पिछले सप्ताह कैप्टन स्मित को हवाई मार्ग से अबू धाबी लाया गया, जहां उन्हें एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां विशेष डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। परिवार को भी उनसे मिलने की अनुमति दे दी गई है। हमले के कारण उन्हें सिर के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई थीं, लेकिन फिलहाल उनके स्वास्थ्य में सुधार की जानकारी सामने आई है। उनकी खोपड़ी में हुआ डिप्रेस्ड फ्रैक्चर इस घटना में सामने आई सबसे गंभीर चोटों में शामिल है।

    यह घटना उस समय हुई जब 38 वर्षीय कैप्टन स्मित कॉकपिट में मौजूद थे। ओमान के को-पायलट हम्मामी द्वारा किए गए हमले के दौरान कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। तेजी से हो रहे रक्तस्राव और तेज दर्द के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद अन्य क्रू मेंबर और यात्री कॉकपिट के अंदर पहुंच सके। यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने स्थिति को संभालते हुए हमलावर सह-पायलट को काबू में किया।

    हमले के बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग और यात्रियों को बचाने में कैप्टन स्मित की भूमिका महत्वपूर्ण रही। गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने कॉकपिट में संघर्ष जारी रखा और विमान को सुरक्षित रखने की कोशिश की। घटना के बाद उन्हें पहले सऊदी अरब में चिकित्सा सहायता मिली और खोपड़ी की सर्जरी की गई। इसके बाद बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए उन्हें अबू धाबी के सैन्य अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

  • शाहरुख खान की ‘किंग’ में करीना कपूर की स्पेशल एंट्री, ‘डैडी कूल’ गाने से 15 साल बाद साथ आएगी जोड़ी

    शाहरुख खान की ‘किंग’ में करीना कपूर की स्पेशल एंट्री, ‘डैडी कूल’ गाने से 15 साल बाद साथ आएगी जोड़ी

    नई दिल्ली: शाहरुख खान की आगामी एक्शन फिल्म ‘किंग’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म से जुड़ा नया अपडेट करीना कपूर को लेकर सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीना कपूर फिल्म में स्पेशल भूमिका में नजर आ सकती हैं और शाहरुख खान के साथ एक खास गाने में स्क्रीन शेयर कर सकती हैं। अगर ऐसा होता है तो करीना कपूर और शाहरुख खान करीब 15 साल बाद एक साथ बड़े पर्दे पर दिखाई देंगे। दोनों की जोड़ी इससे पहले कई फिल्मों में नजर आ चुकी है और उनकी साथ में पिछली फिल्म 2011 में रिलीज हुई ‘रा.वन’ थी।

    बताया जा रहा है कि ‘किंग’ में करीना कपूर एक डांसर नंबर का हिस्सा बनेंगी। इस गाने का नाम ‘डैडी कूल’ बताया जा रहा है, जिसे बड़े स्तर पर फिल्माए जाने की तैयारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीना कपूर ने इस गाने की शूटिंग के लिए कथित तौर पर पांच दिन का समय दिया है। गाने की शूटिंग इसी महीने के अंत में दक्षिण अफ्रीका में होने की बात कही जा रही है। गाने को खास अंदाज में तैयार किया जा रहा है और निर्माताओं की कोशिश इसे फिल्म के यादगार हिस्सों में शामिल करने की है।

    ‘डैडी कूल’ गाने में शाहरुख खान और करीना कपूर का ऐसा अवतार देखने को मिलने की बात कही जा रही है, जिसे दर्शकों ने पहले नहीं देखा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गाने में एक भारतीय और एक अंतरराष्ट्रीय कलाकार का सहयोग भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कलाकार और गायक से जुड़ी जानकारी फिलहाल गोपनीय रखी गई है। इस गाने को सचिन-जिगर ने तैयार किया है और इसकी शूटिंग बड़े पैमाने पर करने की तैयारी की जा रही है।

    करीना कपूर और शाहरुख खान इससे पहले ‘कभी खुशी कभी गम’ और ‘डॉन’ जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने इन फिल्मों में देखा है। इसके बाद दोनों ‘रा.वन’ में साथ नजर आए थे, जो 2011 में रिलीज हुई थी। ऐसे में ‘किंग’ में उनकी वापसी होती है तो यह करीब 15 साल बाद दोनों का स्क्रीन रीयूनियन होगा। फिल्म में करीना की मौजूदगी और शाहरुख के साथ उनके गाने को लेकर अभी रिपोर्ट्स के आधार पर ही जानकारी सामने आई है।

    ‘किंग’ का सह-लेखन और निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण गौरी खान, सिद्धार्थ आनंद और ममता आनंद मिलकर कर रहे हैं। फिल्म रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और मारफ्लिक्स पिक्चर्स के बैनर तले बनाई जा रही है। फिल्म में शाहरुख खान के अलावा सुहाना खान, दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, रानी मुखर्जी, जयदीप अहलावत, अरशद वारसी और राघव जुयाल जैसे कलाकार नजर आएंगे। ‘किंग’ 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

  • जबलपुर की रैना यादव ने एशियन गेम्स में निभाई खास जिम्मेदारी, गोल्ड के बाद अब ओलंपिक जीत का सपना

    जबलपुर की रैना यादव ने एशियन गेम्स में निभाई खास जिम्मेदारी, गोल्ड के बाद अब ओलंपिक जीत का सपना


    जबलपुर । जबलपुर की रैना यादव ने भारतीय महिला हॉकी टीम की सहायक कोच के रूप में एशियन गेम्स में ऐतिहासिक सफलता का हिस्सा बनकर शहर का नाम रोशन किया है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 44 साल बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया और इसके साथ ही टीम ने ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद मंगलवार को जब रैना यादव जापान से बेंगलुरु होते हुए जबलपुर पहुंचीं तो शहर में उनका जोरदार स्वागत किया गया। परिवार के सदस्यों के साथ साथी खिलाड़ियों और शुभचिंतकों ने भी उन्हें बधाई दी।

    एशियन गेम्स में भारतीय टीम के प्रदर्शन के पीछे लंबे समय से की गई तैयारी और रणनीति की अहम भूमिका रही। रैना यादव ने बताया कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही टीम का लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट था। खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का पूरा ध्यान स्वर्ण पदक जीतने और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर था। टीम ने हर मुकाबले को इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए खेला और फाइनल तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

    फाइनल मुकाबला चीन की टीम के खिलाफ था। चीन पिछले ओलंपिक में रजत पदक जीत चुका था और इसलिए भारतीय टीम के सामने बड़ी चुनौती थी। रैना ने बताया कि टीम ने चीन के खिलाफ मुकाबले को लेकर पहले से रणनीति तैयार कर रखी थी। सेमीफाइनल में जब चीन और जापान आमने सामने थे तब भारतीय टीम चाहती थी कि चीन ही फाइनल में पहुंचे क्योंकि टीम की तैयारी चीन को ध्यान में रखकर की गई थी। चीन के फाइनल में पहुंचने के बाद खिलाड़ियों को अपनी तैयार रणनीति के मुताबिक खेलने का मौका मिला।

    रैना के मुताबिक फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में दबाव होना स्वाभाविक था लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने इस दबाव को सकारात्मक तरीके से लिया। टीम ने मैदान पर अपनी रणनीति को लागू किया और शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। इस जीत ने भारतीय महिला हॉकी के लिए एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की और ओलंपिक का टिकट भी पक्का किया।

    रैना ने बताया कि भारतीय महिला हॉकी टीम की तैयारी केवल किसी एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है। टीम का वर्ष 2028 तक का कार्यक्रम और मैच शेड्यूल पहले से तय है। खिलाड़ियों के लिए हर दिन अलग तरह की तैयारी होती है जिसमें तकनीकी और टैक्टिकल अभ्यास के साथ वीडियो सेशन स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग तथा रिकवरी पर भी ध्यान दिया जाता है। लंबे समय की योजना के अनुसार खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार किया जा रहा है।

    सहायक कोच के रूप में रैना का सफर भी मेहनत और तैयारी से जुड़ा रहा है। उन्होंने अप्रैल में हॉकी इंडिया के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था। इसके लिए उन्होंने लंबे समय तक खुद को तैयार किया। उनके पास इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन के विभिन्न स्तरों के कोर्स और कोचिंग से जुड़े प्रमाणपत्र हैं। इसके अलावा उन्होंने पटियाला से डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग भी किया है।

    रैना अपने सफर को संघर्षपूर्ण मानती हैं। उनका कहना है कि आगे बढ़ने के रास्ते में प्रोत्साहित करने वाले लोगों के साथ हतोत्साहित करने वाले लोग भी मिलते हैं लेकिन आलोचनाओं और मुश्किल परिस्थितियों ने उन्हें और मजबूती से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। एशियन गेम्स का स्वर्ण उनके सफर की बड़ी उपलब्धि है लेकिन अब उनकी नजर अगले बड़े लक्ष्य पर है। रैना का सपना 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ बेहतर प्रदर्शन करना और स्वर्ण पदक जीतना है।