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  • कांग्रेस सांसद थरूर फोन पर बात करते हुए संसद की सीढ़ियों पर लड़खड़ाकर गिरे… अखिलेश यादव ने संभाला

    कांग्रेस सांसद थरूर फोन पर बात करते हुए संसद की सीढ़ियों पर लड़खड़ाकर गिरे… अखिलेश यादव ने संभाला

    नई दिल्ली। संसद (Parliament) के बजट सत्र (Budget Session) में इन दिनों हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच बुधवार को एक दिलचस्प घटना घटी, जिसने सोशल मीडिया पर सुर्खियाँ बटोरीं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Congress MP Shashi Tharoor) संसद भवन की सीढ़ियों पर फोन पर बात करते हुए लड़खड़ा गए और गिरते हुए नजर आए। हालांकि, इस दौरान समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने तुरंत उनकी मदद की और उन्हें सहारा देकर गिरने से बचाया।

    वीडियो में देखा जा सकता है कि शशि थरूर जैसे ही बैलेंस खोते हैं, अखिलेश यादव पास खड़े होते हुए तेजी से उनकी ओर बढ़ते हैं और उन्हें सहारा देते हैं। साथ ही एक महिला सुरक्षा अधिकारी भी तुरंत मदद के लिए पहुंची। अखिलेश ने शशि थरूर को कुछ समय तक सहारा दिया और फिर उन्हें कुछ सीढ़ियाँ नीचे उतारा।

    https://twitter.com/ShashiTharoor/status/2019102516416479508
    इस घटना के बाद शशि थरूर ने ट्विटर (अब एक्स) पर एक शायराना अंदाज में पोस्ट किया, “जिस दिए को, तूफां में जलना होगा, उसे संभल संभल कर चलना होगा। मैं ठीक हूं।” सोशल मीडिया पर इस सजीव और संवेदनशील मदद की काफी सराहना हो रही है, और लोग अखिलेश यादव की सहज शिष्टाचार की तारीफ कर रहे हैं।

    इससे पहले, शशि थरूर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया था। उन्होंने यह आरोप लगाया कि सरकार ने इस मुद्दे पर अतिशयोक्तिपूर्ण प्रतिक्रिया दी, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई।

  • अनिल अंबानी ने SC को दिया वचन, बोले- 'ED-CBI जांच के बीच देश नहीं छोड़ूंगा

    अनिल अंबानी ने SC को दिया वचन, बोले- 'ED-CBI जांच के बीच देश नहीं छोड़ूंगा


    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को रिलायंस कम्युनिकेशंस (Reliance Communications- RCom) और अनिल धीरभाई अंबानी ग्रुप (Anil Dhirubhai Ambani Group-ADAG) से जुड़े ₹40,000 करोड़ के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में एक कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया और साथ ही उद्योगपति अनिल अंबानी ( (Anil Ambani) को एक अहम वचन देने को कहा कि वे बिना अनुमति के भारत नहीं छोड़ेंगे।

    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ई.ए.एस. सरमा के वकील, प्रशांत भूषण ने चिंता व्यक्त की कि धोखाधड़ी के बड़े पैमाने को देखते हुए मुख्य आरोपी, अनिल अंबानी, देश छोड़कर भाग सकते हैं। इस पर अंबानी के वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत को आश्वस्त किया कि “मेरे मुवक्किल का देश छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। वे प्रतिदिन अपने कार्यालय जाते हैं और मैं वचन देता हूं कि वे बिना अदालत की अनुमति के विदेश नहीं जाएंगे।”

    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अदालत को याद दिलाया कि पहले भी एक वचन दिया गया था, लेकिन वह व्यक्ति अंततः देश से भाग गया था। सरकार ने बताया कि अंबानी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर पहले से जारी है, ताकि उनके विदेश जाने के प्रयास को रोका जा सके।

    मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों द्वारा की गई देरी पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट 2020 में आई थी, लेकिन CBI ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने में 2025 तक का समय लिया।

    अदालत ने जांच एजेंसी से निर्देश दिया कि बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत के हर मामले के लिए अलग-अलग FIR दर्ज की जाए। इसके अलावा, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि बैंक अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए कानूनी अनुमति की आवश्यकता नहीं है और यदि कोई अधिकारी धोखाधड़ी या साजिश में शामिल है, तो उसे तुरंत कार्रवाई का सामना करना चाहिए।


    IBC का दुरुपयोग:

    सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर भी चिंता जताई कि दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) का इस्तेमाल परिसंपत्तियों को कम मूल्य पर खरीदने के लिए किया जा रहा है। प्रशांत भूषण ने तर्क दिया कि RCom पर ₹47,000 करोड़ का बकाया था, लेकिन उसकी संपत्तियां केवल ₹430 करोड़ में (मुकेश अंबानी की कंपनी द्वारा) खरीदी गईं। अदालत ने इसे IBC का दुरुपयोग करार दिया और कहा कि नीलामी प्रक्रिया पूर्व-नियोजित लगती है।


    ईडी का बयान:

    ईडी ने अदालत को सूचित किया कि अब तक 204 संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है, जिनकी कीमत लगभग ₹12,012 करोड़ है। हाल ही में, रिलायंस ग्रुप के पूर्व निदेशक पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया गया है, जो 7 फरवरी तक हिरासत में रहेंगे। अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले की खुद निगरानी करेगा और जांच एजेंसियों को चार सप्ताह के भीतर ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। इस प्रकार, सुप्रीम कोर्ट ने इस गंभीर मामले में कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया और जांच एजेंसियों को शीघ्रता से कार्रवाई करने की हिदायत दी है।

  • शुक्र के उदय के बाद फरवरी से शुरू होंगी मांगलिक शादियाँ..

    शुक्र के उदय के बाद फरवरी से शुरू होंगी मांगलिक शादियाँ..


    नई दिल्ली । जनवरी का महीना बीतते-बीतते विवाह की तैयारियों के लिए उत्साहित परिवारों के लिए निराशाजनक रहा क्योंकि शास्त्र सम्मत नियमों के अनुसार, शुक्र तारे के अस्त होने पर कोई भी मांगलिक कार्य शुरू नहीं किया जा सकता। ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि 12 दिसंबर 2025 को अस्त हुआ शुक्र तारा अब उदय हो चुका है और इसके चार दिन बाद यानी उसके ‘युवाकाल’ में प्रवेश करते ही मांगलिक कार्य शुरू किए जा सकते हैं।

    शुक्र ग्रह का उदय होने और युवाकाल में प्रवेश करने से विवाह मुहूर्त स्वाभाविक रूप से शुभ हो जाते हैं। इसी कारण जनवरी का महीना विवाह के लिए अनुपयुक्त रहा, लेकिन फरवरी के आगमन के साथ परिवारों ने अब अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं। शादी-ब्याह के लिए 2026 में कुल 12 रिकॉर्ड मुहूर्त उपलब्ध होंगे, जो हर परिवार की योजना को आसान बना देंगे।

    ज्योतिष के अनुसार, ये मुहूर्त केवल विवाह के लिए ही नहीं बल्कि अन्य मांगलिक कार्य जैसे संतान पूजा, गृह प्रवेश और नामकरण संस्कार के लिए भी शुभ माने जाते हैं। परिवार अब बैंड-बाजा, बारात, मेहमानों की सूची और रस्मों की तैयारी में जुट सकते हैं। इस साल विवाह मुहूर्त आने से सभी आयोजन शुभ और मंगलमय होंगे।

    शादी की तैयारियों में जुटे परिवारों के लिए यह समय खास महत्व रखता है क्योंकि मांगलिक कार्यों का शुभ समय परिवारों को आर्थिक और सामाजिक लाभ भी दिला सकता है। इसलिए ज्योतिष सलाहकार यह कहते हैं कि फरवरी से शादियों का सिलसिला पूरी तरह से शुरू हो जाएगा और सभी रस्में बिना किसी बाधा के संपन्न होंगी।

    इस वर्ष कुल 12 विवाह मुहूर्त आए हैं, जिन्हें देखकर कई परिवारों ने अपनी शादी-ब्याह की तिथियों का चयन कर लिया है। मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त आने से परिवारों की खुशी दोगुनी हो गई है। अब बैंड-बाजा, बारात और रंग-बिरंगी रस्मों के लिए हर कोई उत्साहित है और यह फरवरी से पूरे जोश के साथ शुरू होगा।

  • Moringa Oil Benefits : प्रदूषण और तेज धूप से खराब होती स्किन के लिए आयुर्वेदिक सुरक्षा कवच

    Moringa Oil Benefits : प्रदूषण और तेज धूप से खराब होती स्किन के लिए आयुर्वेदिक सुरक्षा कवच

    नई दिल्ली । बदलती जीवनशैली बढ़ता प्रदूषण तेज धूप मानसिक तनाव और असंतुलित खानपान का सबसे पहला असर चेहरे की त्वचा पर दिखाई देने लगता है। कम उम्र में झुर्रियां एज स्पॉट्स पिगमेंटेशन और रूखी बेजान त्वचा अब आम समस्या बनती जा रही है। ऐसे में लोग महंगे केमिकल युक्त उत्पादों की ओर रुख करते हैं लेकिन लंबे समय में ये त्वचा को और नुकसान पहुंचा सकते हैं। आयुर्वेद में प्राकृतिक तेलों को त्वचा की सेहत के लिए सबसे सुरक्षित और असरदार माना गया है जिनमें मोरिंगा तेल खास स्थान रखता है।

    मोरिंगा को आयुर्वेद में शोभांजन कहा गया है। इसके पत्ते फल छाल और बीज औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। मोरिंगा के सूखे बीजों से निकाला गया तेल त्वचा के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार यह तेल त्वचा के दोषों को संतुलित करता है और भीतर से स्किन को स्वस्थ बनाता है।

    वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार मोरिंगा तेल में ओलिक एसिड विटामिन ए सी और ई फ्लेवोनॉयड्स और पॉलीफेनॉल जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व त्वचा को पोषण देने के साथ उसे समय से पहले बूढ़ा होने से बचाते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

    चेहरे पर पड़ने वाले काले धब्बे और एज स्पॉट्स मुख्य रूप से धूप प्रदूषण और कोलेजन की कमी के कारण होते हैं। मोरिंगा तेल इन समस्याओं पर सीधे काम करता है। विटामिन सी त्वचा में कोलेजन निर्माण को बढ़ावा देता है जिससे स्किन की कसावट बनी रहती है और दाग धब्बे धीरे धीरे हल्के होने लगते हैं। नियमित रूप से चेहरे पर हल्के हाथों से इसकी मालिश करने से यह त्वचा की गहराई तक पहुंचकर असर दिखाता है।

    आयुर्वेद में एज स्पॉट्स को पित्त दोष के असंतुलन से जोड़ा जाता है। मोरिंगा तेल में ठंडक देने वाले गुण होते हैं जो त्वचा की गर्मी को शांत करते हैं और पित्त दोष को संतुलित करने में सहायक होते हैं। इससे पिगमेंटेशन और सन डैमेज की समस्या में राहत मिलती है। नहाने के बाद या रात में सोने से पहले कुछ बूंदें चेहरे पर लगाने से त्वचा लंबे समय तक मुलायम और चमकदार बनी रहती है।

    मोरिंगा तेल केवल दाग धब्बों तक सीमित नहीं है। इसके एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण मुंहासों जलन एलर्जी और लालिमा में भी राहत देते हैं। यह त्वचा की प्राकृतिक नमी को बनाए रखता है जिससे रूखापन और खिंचाव कम होता है। फटे होंठ बेजान त्वचा और धूप से झुलसी स्किन के लिए भी इसे लाभकारी माना जाता है।

  • आयुष मंत्रालय की सलाह: चियासीड्स से रखें दिल दुरुस्त, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल रहेगा संतुलित

    आयुष मंत्रालय की सलाह: चियासीड्स से रखें दिल दुरुस्त, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल रहेगा संतुलित


    नई दिल्ली । चियासीड्स को आज के समय में पोषण का पावरहाउस माना जाता है। छोटे आकार के ये बीज सेहत के लिए कई तरह से लाभकारी साबित होते हैं। खासतौर पर हृदय स्वास्थ्य के लिहाज से चियासीड्स का नियमित सेवन बेहद उपयोगी माना गया है। फाइबर ओमेगा थ्री फैटी एसिड और प्रोटीन से भरपूर चियासीड्स न केवल दिल को मजबूत बनाते हैं बल्कि पाचन सुधारने और वजन नियंत्रित रखने में भी सहायक होते हैं।

    भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भी चियासीड्स को हृदय रोगों से बचाव के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक विकल्प मानता है। मंत्रालय के अनुसार इन छोटे काले बीजों में मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं। इनमें प्रचुर मात्रा में ओमेगा थ्री फैटी एसिड पाए जाते हैं जो हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और रक्त संचार को बेहतर करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

    चियासीड्स में मौजूद ओमेगा थ्री फैटी एसिड विशेष रूप से अल्फा लिनोलेनिक एसिड के रूप में पाए जाते हैं। यह फैटी एसिड शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। इससे धमनियों में जमा होने वाली चर्बी कम होती है और ब्लॉकेज का खतरा घटता है। यही कारण है कि चियासीड्स को हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव में उपयोगी माना जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग नियमित रूप से चियासीड्स का सेवन करते हैं उनमें कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित बना रहता है। इसके साथ ही ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी यह बीज सहायक होता है। चियासीड्स में पोटैशियम मैग्नीशियम और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है जो रक्त वाहिकाओं को आराम देने में मदद करती है। इससे दिल पर दबाव कम पड़ता है और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या नियंत्रित रहती है।

    चियासीड्स का सेवन बेहद आसान है। रोजाना एक से दो चम्मच चियासीड्स पर्याप्त माने जाते हैं। इन्हें रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाया जा सकता है। इसके अलावा दही स्मूदी सलाद दलिया ओट्स या फलों के साथ मिलाकर भी सेवन किया जाता है। पानी में भिगोने पर चियासीड्स जेल जैसी बनावट बना लेते हैं जो पेट के लिए लाभकारी होती है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है।

    इसके साथ ही चियासीड्स में फाइबर प्रोटीन कैल्शियम आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने ऊर्जा देने और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। संतुलित आहार के साथ चियासीड्स को दिनचर्या में शामिल करना सेहत के लिए एक समझदारी भरा कदम माना जाता है।

  • गुरुवार का राशिफल

    मेष राशि :- शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। नौकरी में सावधानीपूर्वक कार्य करें। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। अर्थपक्ष मजबूत रहेगा। शुभांक-3-5-7

    वृष राशि :- अपने अधीनस्थ लोगों से कम सहयोग मिलेगा। बाहरी सहयोग की अपेक्षा रहेगी। सलाह उपयोगी सिद्घ होगी। विपरीत परीस्थितियों में भी हानि नहीं होगी। आवेश में आना आपके हित में नहीं होगा इसलिए व्यवहार व वाणी पर नियत्रंण रखें। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। शुभांक-5-6-9

    मिथुन राशि :- व्यापार व नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी। आलस्य का त्याग करें। कार्यसिद्घि होने में देर नहीं लगेगी। आर्थिक लाभ उत्तम रहेगा। शैक्षणिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्य पर वार्ता होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। लेन-देन में अस्पष्टता ठीक नहीं। स्त्री-संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। शुभांक-2-6-8

    कर्क राशि :- समय पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने का प्रयास होंगे। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। पुराने मित्र से मिलन होगा। शुभांक-4-6-7

    सिंह राशि :- पैतृक सम्पत्ति से लाभ। मेहमानों का आगमन होगा। राजकीय कार्यों से लाभ। पुरानी गलती का पश्चाताप होगा। विद्यार्थियों को लाभ। दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। परिवारजनों का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। शुभांक-3-5-8

    कन्या राशि :- जीवनसाथी अथवा यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। एकाकी वृत्ति त्यागें। हित के काम में आ रही बाधा मध्याह्न पश्चात् दूर हो जाएगी। अपने काम आसानी से बनते चले जाएंगे। साथ ही आगे के लिए रास्ता भी बन जाएगा। कार्य सफल होंगे। शुभांक-2-5-7

    तुला राशि :- प्रसन्नता के साथ सभी जरूरी कार्य बनते नजर आएंगे। मनोरथ सिद्घि का योग है। सभा-गोष्ठियों में सम्मान मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। कई प्रकार के हर्ष उल्लास के बीच आनन्ददायक दिन रहेगा। आमोद-प्रमोद का दिन होगा और व्यावसायिक प्रगति भी होगी। शुभांक-6-8-9

    वृश्चिक राशि :- स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। कुछ कार्य भी सिद्घ होंगे। व्यर्थ की दौड़़-भाग से यदि बचा जाए तो अच्छा है। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। आय के अच्छे योग बनेगें। संतान की उन्नति के योग हैं। शुभांक-5-6-8

    धनु राशि :- आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। आगे बढऩे के अवसर लाभकारी सिद्घ होंगे। कोई प्रिय वस्तु या नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। सभाओं में मान-सम्मान बढ़ेगा। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। माता पक्ष से विशेष लाभ। पुराने मित्र से मिलन होगा। आत्मङ्क्षचतन करें। शुभांक-4-6-8

    मकर राशि :- लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगे। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। कारोबारी काम में बाधा बनी रहेगी। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। शुभांक-3-6-9

    कुंभ राशि :- पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। मित्र से मिलन होगा। शुभांक-1-5-8

    मीन राशि :- धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। लाभ में आशातीत वृद्घि तय हैं मगर नकारात्मक रुख न अपनाएं। किसी पुराने संकल्प को पुरा कर लेने का दिन हैं। ”आगे-आगे गौरख जागे” वाली कहावत चरितार्थ होगी। निष्ठा से किया गया कार्य पराक्रम व आत्मविश्वास बढ़ाने वाला होगा। इच्छित कार्य सफल होंगें। शुभांक-1-6-9
  • PM मोदी 7–8 फरवरी को जाएंगे मलेशिया, रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत

    PM मोदी 7–8 फरवरी को जाएंगे मलेशिया, रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत


    नई दिल्‍ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 और 8 फरवरी 2026 को मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर मलेशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर यह प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया की तीसरी यात्रा होगी, वहीं दूसरी ओर अगस्त 2024 में भारत मलेशिया संबंधों को समग्र रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिए जाने के बाद उनकी यह पहली मलेशिया यात्रा होगी। ऐसे में इस दौरे से दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    विदेश मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच व्यापक द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस बातचीत में भारत-मलेशिया संबंधों के सभी अहम पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। दोनों नेता न केवल अब तक हुए सहयोग की समीक्षा करेंगे, बल्कि भविष्य में आपसी हितों के लिए सहयोग की नई रूपरेखा भी तय करेंगे।

    द्विपक्षीय वार्ता के साथ विविध कार्यक्रम

    प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी। वे मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी संवाद करेंगे। मलेशिया में भारतीय प्रवासियों की बड़ी और प्रभावशाली आबादी है, जो दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री उद्योग और व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे, जिससे व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को और बढ़ावा मिलने की संभावना है।

    इस यात्रा के दौरान 10वां भारत-मलेशिया सीईओ फोरम आयोजित किया जाना भी तय है। यह मंच दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट नेताओं को एक साथ लाएगा, जहां वे निवेश के नए अवसरों, व्यापारिक साझेदारियों और आर्थिक सहयोग को लेकर विचार-विमर्श करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फोरम भारत-मलेशिया आर्थिक संबंधों को और मजबूती देने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों की मजबूत नींव

    भारत और मलेशिया के रिश्ते केवल कूटनीतिक या आर्थिक नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे ऐतिहासिक, सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों की गहरी नींव है। सदियों पुराने संपर्कों के चलते दोनों देशों के बीच आपसी समझ और विश्वास का स्तर हमेशा ऊंचा रहा है। मलेशिया में लगभग 29 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दुनिया में भारतीय प्रवासियों का तीसरा सबसे बड़ा समुदाय है। यह प्रवासी समुदाय दोनों देशों के रिश्तों को सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाता है।
    भारतीय मूल के लोग मलेशिया की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजनीति और संस्कृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि भारत और मलेशिया के रिश्तों में पीपल-टू-पीपल कॉन्टैक्ट एक केंद्रीय तत्व रहा है।

    बहुआयामी और विस्तारशील संबंध

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत-मलेशिया संबंध बहुआयामी हैं और समय के साथ लगातार विस्तार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की इस आगामी यात्रा के दौरान व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, समुद्री सहयोग, डिजिटल और वित्तीय प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की व्यापक समीक्षा की जाएगी।

    खासतौर पर रक्षा और समुद्री सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी को रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत और मलेशिया का सहयोग बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा डिजिटल तकनीक, फिनटेक और स्टार्टअप जैसे उभरते क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।

    भविष्य की दिशा तय करेगी यात्रा

    प्रधानमंत्री मोदी की यह मलेशिया यात्रा न केवल मौजूदा सहयोग की समीक्षा का अवसर होगी, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भारत-मलेशिया संबंधों की दिशा और प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट करेगी। अगस्त 2024 में संबंधों को समग्र रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने के बाद यह यात्रा दोनों देशों के लिए उस साझेदारी को जमीन पर उतारने का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • राहुल गांधी ने संसद को बनाया बंधक, लोकसभा में BJP सांसद निशिकांत दुबे का तीखा हमला

    राहुल गांधी ने संसद को बनाया बंधक, लोकसभा में BJP सांसद निशिकांत दुबे का तीखा हमला


    नई दिल्‍ली । लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को लेकर भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने एक बड़ा और तीखा बयान दिया है। संसद के भीतर जारी गतिरोध और हंगामे के बीच निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि बीते कई दिनों से संसद का कामकाज पूरी तरह ठप है और इसके लिए सीधे तौर पर राहुल गांधी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद को बंधक बना लिया है, जिसकी वजह से देश से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है।

    निशिकांत दुबे ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी ऐसे विषय उठा रहे हैं जिनका न तो कोई ठोस आधार है और न ही कोई स्पष्ट संदर्भ। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन में जिस किताब का हवाला दिया है, वह आज तक प्रकाशित ही नहीं हुई है। भाजपा सांसद के मुताबिक, “जो किताब छपी ही नहीं, उसका संसद में जिक्र करना दर्शाता है कि उनकी बातें बे सिर-पैर की हैं और उनका कोई वास्तविक मतलब नहीं निकलता।”

    छपी ही नहीं किताब, फिर भी संसद में हंगामा

    निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी का रवैया गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ राहुल गांधी ऐसी किताबों का हवाला दे रहे हैं जो अस्तित्व में ही नहीं हैं, वहीं दूसरी ओर वे खुद ऐसी किताबें लेकर आए हैं जो वास्तव में प्रकाशित हो चुकी हैं, लेकिन भारत में प्रतिबंधित हैं या जिन पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना था कि अगर किताबों के आधार पर ही चर्चा करनी है, तो इन पुस्तकों पर भी बात होनी चाहिए।

    इन विवादित किताबों का किया जिक्र

    BJP सांसद निशिकांत दुबे ने इस दौरान कई चर्चित और विवादास्पद किताबों का नाम लिया। इनमें इंडिया इंडिपेंडेंट, एडवीना एंड नेहरू, द लाइफ ऑफ़ इंदिरा एंड नेहरू, नेहरू ए पॉलिटिकल बायोग्राफी, सीजफायर, द हर्ट ऑफ़ इंडिया नेपाल जैसी किताबें शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने कुछ अन्य पुस्तकों का भी उल्लेख किया, जिनमें रेड साड़ी, बोफोर्स गेट, एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर और इमरजेंसी रिटोल्ड प्रमुख हैं।

    निशिकांत दुबे का कहना था कि इन किताबों में इतिहास, राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई संवेदनशील विषयों का जिक्र है, लेकिन इन पर संसद में कभी विस्तार से चर्चा नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर राहुल गांधी किताबों के हवाले से सरकार को घेरना चाहते हैं, तो इन पुस्तकों के तथ्यों पर भी खुली बहस होनी चाहिए।

    सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा

    निशिकांत दुबे ने अपने बयान में आर्मी एक्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सेना से जुड़े किसी भी विषय पर किताब लिखने से पहले रक्षा मंत्रालय की अनुमति लेना अनिवार्य होता है। उन्होंने पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के बयान का हवाला देते हुए कहा कि “जनरल नरवणे खुद साफ कह चुके हैं कि भारत की एक इंच जमीन भी नहीं गई। इसके बावजूद एक “छोटी सी बात” को लेकर संसद को ठप कर दिया गया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना था कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर राजनीति करना देशहित में नहीं है। इसी वजह से वे चाहते हैं कि जिन किताबों में सेना, युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संदर्भ हैं, उन पर भी गंभीरता से चर्चा हो।

    सोशल मीडिया पर भी राहुल गांधी पर निशाना

    निशिकांत दुबे ने एक दिन पहले राहुल गांधी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पूर्व में ट्विटर पर भी एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए लिखा था कि वे अपने नाना पंडित जवाहरलाल नेहरू के तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल करियप्पा के बारे में दिए गए विचार जरूर पढ़ें। इसके साथ ही उन्होंने जनरल थिमय्या का पत्र, फील्ड मार्शल मानेकशॉ का पत्र और मथाई जी की किताब का भी जिक्र किया।उन्होंने पोस्ट में लिखा कि ये सभी दस्तावेज और किताबें बेहद खतरनाक हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से इन्हें हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से अपील की कि वे कम से कम राष्ट्रीय सुरक्षा का तो लिहाज करें।

    सियासी माहौल और तेज होता टकराव

    निशिकांत दुबे के इस बयान के बाद संसद के भीतर और बाहर सियासी माहौल और गरमा गया है। एक तरफ BJP राहुल गांधी पर संसद को बाधित करने का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष सरकार पर सवाल उठाने की अपनी रणनीति पर अड़ा हुआ है। फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में संसद का गतिरोध कैसे खत्म होता है और क्या इन आरोप-प्रत्यारोप के बीच सदन का कामकाज पटरी पर लौट पाता है या नहीं।

  • भारत–सऊदी सुरक्षा सहयोग को नई धार: NSA डोभाल और सऊदी समकक्ष के बीच हुई अहम चर्चा

    भारत–सऊदी सुरक्षा सहयोग को नई धार: NSA डोभाल और सऊदी समकक्ष के बीच हुई अहम चर्चा


    नई दिल्‍ली । भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बुधवार को रियाद में अपने सऊदी समकक्ष मूसाएद बिन मोहम्मद अल-ऐबन से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षाआतंकवाद से निपटने और आपसी हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अजीत डोभाल और सऊदी अरब के विदेश राज्य मंत्री, कैबिनेट सदस्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. मूसाएद बिन मोहम्मद अल-ऐबन के बीच हुई यह बैठक बेहद सकारात्मक और उपयोगी” रही। पोस्ट के अनुसार, बातचीत में भारत सऊदी संबंधों के विभिन्न आयामों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    आधिकारिक दौरे पर रियाद पहुंचे डोभाल

    अजीत डोभाल मंगलवार को एक आधिकारिक दौरे पर सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे थे। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनका स्वागत सऊदी अरब में भारत के राजदूत सुहेल एजाज खान और सऊदी विदेश मंत्रालय में राजनीतिक मामलों के उप मंत्री सऊद अल-साती ने किया। डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत और सऊदी अरब के बीच सुरक्षा और काउंटर टेररिज्म सहयोग लगातार गहराता जा रहा है।

    रणनीतिक साझेदारी के तहत सुरक्षा सहयोग पर जोर

    गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही भारत और सऊदी अरब ने रियाद में स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप काउंसिल के तहत पॉलिटिकल, काउंसलर और सिक्योरिटी कोऑपरेशन कमेटी के अंतर्गत सिक्योरिटी वर्किंग ग्रुप की तीसरी बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच चल रहे द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग की व्यापक समीक्षा की गई थी और भविष्य की दिशा तय करने पर सहमति बनी थी।

    आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ साझा रणनीति

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने आतंकवाद का मुकाबला करने से जुड़ी मौजूदा और उभरती चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया। इसमें उग्रवाद और कट्टरपंथ से निपटना, आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकना, आतंकवादी उद्देश्यों के लिए टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग को नियंत्रित करना और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध व आतंकवाद के बीच बढ़ते संबंधों जैसे मुद्दे शामिल रहे।

    ने बताया कि भारत और सऊदी अरब के अधिकारियों ने द्विपक्षीय कानूनी और न्यायिक सहयोग को और मजबूत करने तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की। इसका उद्देश्य आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

    आतंकवाद की कड़ी निंदा, हालिया हमलों का उल्लेख

    विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा दोहराई। इसमें सीमा पार आतंकवाद के साथ-साथ भारत में हुए हालिया आतंकवादी हमलों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया। बयान में 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले और 10 नवंबर, 2025 को नई दिल्ली में लाल किले के पास हुई आतंकवादी घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया गया।

    उच्चस्तरीय अधिकारियों की भागीदारी

    सिक्योरिटी वर्किंग ग्रुप की इस अहम बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव काउंटर टेररिज्म विनोद बहादे और सऊदी अरब की ओर से गृह मंत्रालय में लीगल अफेयर्स एवं इंटरनेशनल कोऑपरेशन के डायरेक्टर जनरल अहमद अल-ईसा ने की। बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ सुरक्षा और कूटनीतिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

    अगली बैठक भारत में होगी

    MEA के अनुसार, सिक्योरिटी वर्किंग ग्रुप की अगली बैठक आपसी सहमति से तय की गई तारीख पर भारत में आयोजित की जाएगी। यह बैठक भारत–सऊदी अरब के बीच बढ़ते रणनीतिक विश्वास और सुरक्षा साझेदारी को और मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगी।

  • ओडिशा में मानवता को शर्मसार, 9वीं की छात्रा से सहपाठियों ने किया गैंगरेप, वीडियो बनाकर दी धमकी

    ओडिशा में मानवता को शर्मसार, 9वीं की छात्रा से सहपाठियों ने किया गैंगरेप, वीडियो बनाकर दी धमकी


    भुवनेश्वर/बलांगीर । ओडिशा के बलांगीर जिले से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। यहां 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ उसी की कक्षा में पढ़ने वाले पांच छात्रों और एक अन्य युवक ने सामूहिक दुष्कर्म किया। इस जघन्य अपराध की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपियों ने न सिर्फ इस घटना को अंजाम दिया, बल्कि इसे वीडियो में रिकॉर्ड कर पीड़िता को धमकाया भी, ताकि वह किसी को कुछ न बता सके। हालांकि, आरोपियों की एक बड़ी चूक के कारण यह मामला उजागर हो गया, जब उनमें से एक ने वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया।

    पुलिस के अनुसार, यह घटना बलांगीर जिले के एक इलाके में हुई। पीड़िता और आरोपी सभी एक ही स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ते थे। बताया जा रहा है कि छात्रा को बहला-फुसलाकर एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया गया। इस दौरान एक अन्य युवक भी मौके पर मौजूद था, जिसने इस अपराध में सहयोग किया। घटना के बाद आरोपियों ने पूरी वारदात का वीडियो बनाया और छात्रा को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर उसने किसी को भी इस बारे में बताया तो वीडियो को सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

    डर और मानसिक दबाव के चलते नाबालिग छात्रा कुछ समय तक चुप रही। लेकिन मामला तब सामने आया, जब आरोपियों में से एक ने वही वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाल दिया। वीडियो वायरल होते ही यह पीड़िता के परिवार तक पहुंच गया। वीडियो देखकर परिवार सदमे में आ गया और तुरंत बेटी से सच्चाई जानने की कोशिश की। पूछे जाने पर छात्रा फूट-फूटकर रो पड़ी और पूरी घटना के साथ-साथ धमकियों के बारे में भी बताया।

    परिवार ने बिना किसी देरी के बलांगीर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज कर वीडियो को जब्त कर लिया गया। पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए इस मामले में पॉक्सो एक्ट समेत भारतीय दंड संहिता की कड़ी धाराएं लगाई गई हैं।

    बलांगीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा, “हम वीडियो में नजर आ रहे छह अपराधियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं। वीडियो फुटेज और पीड़िता के परिवार द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और आगे की जांच जारी है।” पुलिस ने यह भी कहा कि डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि अदालत में मजबूत केस पेश किया जा सके।

    इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों द्वारा इस तरह का अमानवीय कृत्य समाज के लिए बेहद चिंताजनक है और यह दर्शाता है कि बच्चों और किशोरों में नैतिक शिक्षा और संवेदनशीलता की कितनी कमी हो गई है।