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  • ट्रंप ने एआई को बताया भविष्य की ताकत, चीन की जासूसी, शी जिनपिंग और कनाडा के नेताओं पर भी खुलकर बोले

    ट्रंप ने एआई को बताया भविष्य की ताकत, चीन की जासूसी, शी जिनपिंग और कनाडा के नेताओं पर भी खुलकर बोले

    नई दिल्ली ।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयरलैंड से अमेरिका लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चीन, कनाडा और व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने एआई को लेकर अमेरिका की स्थिति को मजबूत बताया, वहीं चीन और कनाडा के साथ संबंधों पर भी अपनी बात रखी।

    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लेकर ट्रंप ने कहा कि उनका रवैया अब तक ठीक रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने चीन के साथ सही व्यवहार किया है। चीन की ओर से अमेरिका की जासूसी किए जाने से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने कहा कि चीन अमेरिका पर नजर रखता है, लेकिन अमेरिका भी चीन की जानकारी लेता है।

    ट्रंप ने अमेरिकी बाजार में चीनी कारों की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने चीनी कारों को अमेरिका में आने की अनुमति नहीं दी है। इसके पीछे उन्होंने चीन के सामान पर लगाए गए भारी टैक्स को प्रमुख कारण बताया। ट्रंप के अनुसार, इन उत्पादों पर टैक्स 100 से 150 प्रतिशत तक रहा है।

    उन्होंने यूरोप का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां विदेशी कारों की वजह से परेशानी बढ़ रही है। इसके विपरीत अमेरिका में अभी ऐसी स्थिति नहीं बनी है। ट्रंप ने इस संदर्भ में अमेरिकी बाजार में चीनी वाहनों के प्रवेश को लेकर अपनी नीति का संकेत दिया।

    बोइंग के विमानों से जुड़े सौदे के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि वह इसे पूरा करेंगे। उन्होंने अपनी बातचीत और कारोबारी शैली का जिक्र करते हुए कहा कि वह हर डील पूरी कर लेते हैं। इस दौरान उन्होंने व्यापार से जुड़े अपने रुख को भी स्पष्ट किया।

    कनाडा के साथ संबंधों को लेकर ट्रंप ने कहा कि वहां की सरकार के साथ काम करना उनके लिए मुश्किल है। हालांकि उन्होंने कनाडा के आम लोगों और वहां के नेताओं के बीच अंतर करते हुए कहा कि उन्हें कनाडा के लोगों से कोई परेशानी नहीं है। उनके मुताबिक, कनाडा के लोग अच्छे हैं, लेकिन वहां के नेताओं के साथ काम करना आसान नहीं है।

    ट्रंप ने दावा किया कि कनाडा अब अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा ने लंबे समय तक अमेरिका से फायदा उठाया, लेकिन अब स्थिति बदल गई है और ऐसा नहीं हो रहा है।

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर ट्रंप ने इसे भविष्य की महत्वपूर्ण ताकत के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि जिस देश का एआई सबसे आगे होगा, वही आगे रहेगा। ट्रंप ने दावा किया कि इस क्षेत्र में अमेरिका काफी आगे है।

    जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह खुद एआई का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्होंने इसका जवाब हां में दिया। हालांकि, उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि वह एआई का इस्तेमाल किस काम के लिए करते हैं।

    ट्रंप की इस बातचीत में एआई के साथ-साथ चीन और कनाडा के साथ अमेरिका के संबंधों को लेकर उनका मौजूदा रुख भी सामने आया। चीन के साथ जासूसी और व्यापार, कनाडा के साथ बातचीत तथा एआई में अमेरिकी बढ़त जैसे मुद्दों पर उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।

  • चित्रकूट में चाय दुकान पर अचानक भिड़े दो पक्ष पुरानी रंजिश में जमकर मारपीट और तोड़फोड़ CCTV में कैद हुई पूरी घटना

    चित्रकूट में चाय दुकान पर अचानक भिड़े दो पक्ष पुरानी रंजिश में जमकर मारपीट और तोड़फोड़ CCTV में कैद हुई पूरी घटना


    सतना । सतना जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र में रविवार देर शाम चाय की एक दुकान पर पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट के साथ दुकान में तोड़फोड़ शुरू हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें कुछ युवक दुकान के बाहर आपस में मारपीट करते और सामान में तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

    घटना चित्रकूट के स्फटिक शिला मोड़ पर स्थित मनोहर चाय दुकान की बताई जा रही है। रविवार शाम कुछ युवक बोलेरो और ओमनी वैन से वहां पहुंचे थे। इसके बाद किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर दुकान के बाहर रखा सामान तोड़ दिया गया। इस दौरान दुकान में मौजूद ब्रजनारेश सिंह ने युवकों को तोड़फोड़ करने से रोकने की कोशिश की। आरोप है कि उनके रोकने पर युवक और अधिक नाराज हो गए और उन्होंने ब्रजनारेश सिंह पर डंडे से हमला कर दिया।

    पिता पर हमला होते देख उनके बेटे अंकित सिंह ने बीच बचाव किया और उन्हें बचाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। दुकान के आसपास मौजूद लोगों ने भी घटना देखी। कुछ देर तक चले विवाद के बाद मामला शांत हुआ लेकिन तब तक दुकान के बाहर रखा सामान क्षतिग्रस्त हो चुका था। घटना की सूचना पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

    मामले में दुकान संचालक अंकित सिंह की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। चित्रकूट थाना प्रभारी नीलेश तिवारी के मुताबिक विवाद के पीछे दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। शिकायत के आधार पर वरुण तिवारी और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की जानकारी जुटाने के साथ विवाद की वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

    घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की जांच को भी दिशा मिली है। फुटेज में कुछ युवक दुकान के बाहर मारपीट और तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। पुलिस इसी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों की पहचान फुटेज और जांच के आधार पर होगी उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने सोमवार सुबह मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और शिकायत में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    चाय दुकान पर हुए इस विवाद ने आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया। पुरानी रंजिश के चलते शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में मारपीट और तोड़फोड़ तक पहुंच गया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। दो आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी है।

  • मसूद अजहर पर पाकिस्तान ने बढ़ाया इनाम, FIA की नई सूची में 70 लाख रुपये का इनाम और गिरफ्तारी वारंट जारी

    मसूद अजहर पर पाकिस्तान ने बढ़ाया इनाम, FIA की नई सूची में 70 लाख रुपये का इनाम और गिरफ्तारी वारंट जारी


    नई दिल्ली ।
    पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई का दावा करते हुए उसे गिरफ्तार करने के लिए वारंट जारी किया है। पाकिस्तान की जांच एजेंसी फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी FIA की नई मोस्ट वांटेड सूची में मसूद अजहर पर 70 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब अक्टूबर में एफएटीएफ की बैठक प्रस्तावित है।

    FIA की नई सूची में मसूद अजहर को वांछित बताया गया है। पाकिस्तान का कहना है कि वह देश से गायब है और अफगानिस्तान में छिपा हुआ है। वहीं, भारतीय खुफिया एजेंसियों से जुड़ी जानकारी में उसके पाकिस्तान में छिपे होने की संभावना जताई गई है। पिछले कुछ महीनों में ऐसी जानकारी सामने आने का दावा किया गया है कि वह पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह इलाके में हो सकता है।

    मसूद अजहर पर इससे पहले भी पाकिस्तान की ओर से इनाम घोषित किया जा चुका है। वर्ष 2021 में FIA ने उस पर 50 लाख रुपये का इनाम रखा था। अब पांच साल बाद इस रकम में 20 लाख रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे कुल इनाम 70 लाख रुपये हो गया है।

    FIA की नई मोस्ट वांटेड सूची में 26/11 मुंबई हमले से जुड़े 19 लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। इन लोगों पर हमले में अलग-अलग तरह से मदद करने के आरोप लगाए गए हैं। कुछ पर हमलावरों को समुद्र के रास्ते मुंबई पहुंचाने में सहायता करने का आरोप है, जबकि कुछ पर हमले के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

    नई सूची में 17 लोगों की तस्वीरें और उनके काम से जुड़ी जानकारी दी गई है। वहीं दो लोगों के नाम सूची में मौजूद होने के बावजूद उनकी तस्वीर और संगठन से संबंधित विवरण हटा दिए गए हैं। तुर्बत के मोहम्मद खान पर हमलावरों को मुंबई पहुंचाने वाली नाव उपलब्ध कराने का आरोप लगाया गया था। नई सूची में उसके नाम के साथ तस्वीर और अन्य जानकारी नहीं दी गई है।

    बहावलनगर के अब्दुल रहमान का नाम भी सूची में मौजूद है, लेकिन उसकी तस्वीर और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी जानकारी हटा दी गई है। वर्ष 2021 की पुरानी सूची में दोनों के बारे में अधिक विवरण मौजूद था।

    नई सूची में 11 ऐसे लोगों के नाम भी हैं, जिन पर हमलावरों को दो नावों के जरिए समुद्र पार कराने में मदद करने का आरोप लगाया गया है। इनमें मुहम्मद अमजद खान, शाहिद गफूर, मुहम्मद उस्मान, अतीक उर रहमान, रियाज अहमद, मुहम्मद मुश्ताक, मुहम्मद नईम, अब्दुल शकूर, मुहम्मद साबिर सल्फी, मुहम्मद उस्मान और शकील अहमद शामिल हैं।

    इसके अलावा छह लोगों पर हमले के लिए आर्थिक मदद देने का आरोप लगाया गया है। मुहम्मद इफ्तिखार अली पर VOIP कनेक्शन के लिए करीब 70 हजार पाकिस्तानी रुपये खर्च करने का आरोप है। मोहम्मद जिया पर 80 हजार रुपये, मोहम्मद अब्बास नासिर पर 2.53 लाख रुपये, जावेद इकबाल पर 1.86 लाख रुपये और मुख्तार अहमद पर करीब 2.98 लाख रुपये देने का आरोप है। अहमद सईद पर करीब 21 लाख रुपये देने का आरोप लगाया गया है।

    FIA के मुताबिक 26/11 हमले से जुड़े ये लोग करीब 18 साल से फरार हैं। वहीं भारतीय खुफिया सूत्रों का दावा है कि इनमें से कई पाकिस्तान में ही मौजूद हैं। भारत का कहना है कि केवल नाम मोस्ट वांटेड सूची में शामिल करना पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। पाकिस्तान की 2021 की सूची में 1,330 मोस्ट वांटेड आतंकियों के नाम थे, जबकि नई सूची में यह संख्या बढ़कर 1,804 हो गई है।

  • मोदी-जिनपिंग मुलाकात के बाद LAC पर चीन ने घटाई PLA की तैनाती, गलवान झड़प के बाद पहली बार डि-एस्केलेशन

    मोदी-जिनपिंग मुलाकात के बाद LAC पर चीन ने घटाई PLA की तैनाती, गलवान झड़प के बाद पहली बार डि-एस्केलेशन

    नई दिल्ली ।भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर लंबे समय से जारी सैन्य तनाव के बीच चीनी सेना की तैनाती में कमी सामने आई है। रक्षा मंत्रालय की 2025-26 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में उत्तरी सीमा के सामने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी PLA की तैनाती में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक भारतीय सेना की स्थिति मजबूत है और वह किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

    रिपोर्ट में भारत और चीन के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर जारी संपर्क का सीमा की स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कही गई है। इसमें वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोआर्डिनेशन और भारत-चीन सीमा से संबंधित स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव वार्ता का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इन प्रयासों से उत्तरी सीमा पर स्थिरता लाने में मदद मिली है।

    यह घटनाक्रम 2024 में दोनों देशों के बीच हुई डिसएंगेजमेंट प्रक्रिया के बाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक चीन ने अब भारतीय पक्ष की डि-एस्केलेशन से जुड़ी शर्त को भी स्वीकार किया है। डि-एस्केलेशन के तहत सीमा पर तैनात सैनिकों की संख्या कम की जाती है। हालांकि सैनिकों को पूरी तरह पीछे स्थित बैरकों में भेजने की प्रक्रिया यानी डि-इंडक्शन अभी बाकी है। इसके बाद ही LAC पर 2020 की गलवान घाटी की झड़प से पहले जैसी स्थिति बहाल होने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।

    रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन की कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड में करीब 14 से 15 हजार सैनिक हो सकते हैं। इसमें पैदल सेना के साथ मैकेनाइज्ड कॉलम, बख्तरबंद वाहन, तोपखाना, एयर डिफेंस सिस्टम और ड्रोन वॉरफेयर से जुड़ी इकाइयां शामिल होती हैं। रिपोर्ट में LAC पर चीन की करीब 10 कंबाइंड ब्रिगेड की तैनाती का उल्लेख किया गया है, जिससे वहां बड़ी संख्या में चीनी सैनिकों की मौजूदगी का संकेत मिलता है।

    हालांकि सीमा पर तैनाती में कमी के बावजूद भारत के लिए चिंता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार PLA के करीब डेढ़ लाख सैनिक भारतीय सीमा के करीब ट्रेनिंग क्षेत्रों में भी तैनात हैं। इन क्षेत्रों से सैनिकों को जरूरत पड़ने पर LAC की ओर तेजी से भेजा जा सकता है। इसी वजह से भारतीय सेना चीन से डि-इंडक्शन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।

    गलवान घाटी में 2020 की झड़प के समय अकेले पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन के करीब एक लाख सैनिक तैनात बताए गए थे। इसके बाद पिछले छह वर्षों में 3488 किलोमीटर लंबी LAC पर चीन की सैन्य तैनाती में कमी आई है।

    इसी बीच अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबानसिरी क्षेत्र में पिछले एक महीने से भारत और चीन की सेनाओं के बीच फेस-ऑफ की स्थिति बनी हुई है। गतिरोध दूर करने के लिए दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की दो बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन क्षेत्र में तनाव अभी बरकरार है।

    रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सीमा पर स्थिरता के लिए जारी संवाद और उच्चस्तरीय संपर्क महत्वपूर्ण रहे हैं। भारत-चीन संबंधों में सैन्य स्तर की बातचीत के साथ राजनीतिक और कूटनीतिक संपर्कों को भी सीमा पर स्थिति सुधारने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।

  • जबलपुर में घर के अंदर सांप ने उड़ाई परिवार की नींद ढाई फीट लंबे बुल स्नेक को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा

    जबलपुर में घर के अंदर सांप ने उड़ाई परिवार की नींद ढाई फीट लंबे बुल स्नेक को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा


    जबलपुर। जबलपुर के गढ़ा बाजार इलाके में एक कच्चे मकान में पिछले तीन दिनों से सांप की मौजूदगी ने पूरे परिवार की चिंता बढ़ा दी थी। कभी वॉशरूम तो कभी रसोई और कभी बिस्तर पर दिखाई देने वाले सांप के कारण परिवार के लोग डर के माहौल में रहने को मजबूर थे। सांप करीब ढाई फीट लंबा था और उसका रंग बादामी बताया गया है। उसके शरीर पर पीले रंग की गोल धारियां दिखाई दे रही थीं। लगातार तीन दिन तक घर के अलग अलग हिस्सों में नजर आने के बाद परिवार ने आखिरकार सर्प और वन्य प्राणी विशेषज्ञ से मदद मांगी।

    मामला गढ़ा बाजार में पुराने स्टेट बैंक के पास जवाहर लाल सेन के घर का है। रविवार सुबह करीब 10 बजे जवाहर लाल सेन ने सर्प और वन्य प्राणी विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को सांप के घर में छिपे होने की सूचना दी। जानकारी मिलते ही गजेंद्र दुबे मौके पर पहुंचे और काफी सावधानी के साथ सांप की तलाश शुरू की। कुछ देर की मशक्कत के बाद उन्होंने सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। सांप के पकड़े जाने के बाद परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।

    सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे के मुताबिक पकड़ा गया सांप गनैता प्रजाति का है जिसे बुल स्नेक भी कहा जाता है। यह सांप जहरीला नहीं होता लेकिन इसका स्वभाव काफी गुस्सैल और आक्रामक माना जाता है। खतरा महसूस होने या छेड़छाड़ किए जाने पर यह पीछे हटने के बजाय हमला करने की कोशिश कर सकता है। यही वजह है कि घर में सांप दिखाई देने के बाद परिवार के लोगों ने खुद उसे पकड़ने का प्रयास नहीं किया और विशेषज्ञ को बुलाकर सुरक्षित रेस्क्यू कराया।

    विशेषज्ञ के अनुसार इस सांप के करीब 50 दांत होते हैं। इसका भोजन मुख्य रूप से छिपकली चिड़िया के अंडे और चूहों के बच्चे होते हैं। भोजन की तलाश में ऐसे सांप कई बार आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। खासकर मौसम में उमस बढ़ने के दौरान सांप ठंडी और सुरक्षित जगहों की तलाश करते हैं। इसी वजह से वे ईंट गिट्टी कचरे के ढेर और घर के आसपास मौजूद अंधेरी जगहों में छिप सकते हैं।

    सांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे उसके प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में छोड़ दिया गया। विशेषज्ञ ने लोगों से अपील की कि घर के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें। ईंट गिट्टी और कचरे के ढेर को लंबे समय तक जमा करके न रखें क्योंकि ऐसी जगहें सांपों के छिपने का ठिकाना बन सकती हैं। घर की नालियों में फिनाइल डालने के साथ दीवारों में मौजूद दरारों को भी बंद करने की सलाह दी गई है।

    विशेषज्ञ ने यह भी कहा कि यदि घर या आसपास सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सांप को छेड़ने से वह आक्रामक हो सकता है और ऐसी स्थिति में किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। बेहतर है कि सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए तुरंत प्रशिक्षित सर्प विशेषज्ञ या संबंधित विभाग को सूचना दी जाए। गढ़ा में तीन दिन तक परिवार के लिए परेशानी बने सांप के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद अब घरवालों ने राहत की सांस ली है।

  • जबलपुर में साहित्य संवाद में भाषा और समाज के बदलते रिश्तों पर मंथन महाभोज और राग दरबारी के किरदारों ने खींचा ध्यान

    जबलपुर में साहित्य संवाद में भाषा और समाज के बदलते रिश्तों पर मंथन महाभोज और राग दरबारी के किरदारों ने खींचा ध्यान


    जबलपुर । जबलपुर में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित साहित्य संवाद में भाषा और समाज के बदलते रिश्तों पर गंभीर चर्चा हुई। कार्यक्रम में साहित्यकारों और इतिहासकारों ने इस बात पर विचार रखा कि समय के साथ समाज की सोच उसकी परिस्थितियां और जीवनशैली बदलती रहती है और इन बदलावों का सीधा असर भाषा और साहित्य पर भी दिखाई देता है। वक्ताओं ने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है बल्कि वह अपने समय के समाज की तस्वीर भी सामने रखता है। किसी दौर को समझने के लिए उस दौर में लिखे गए साहित्य को पढ़ना बेहद जरूरी है।

    संवाद के दौरान हिंदी साहित्य की चर्चित रचनाओं और उनके यादगार किरदारों को भी चर्चा के केंद्र में रखा गया। मन्नू भंडारी के उपन्यास महाभोज के दा साहब और श्रीलाल शुक्ल के राग दरबारी के रूपन बाबू जैसे पात्रों का उदाहरण देते हुए वक्ताओं ने बताया कि साहित्य में गढ़े गए किरदार केवल कहानी का हिस्सा नहीं होते बल्कि वे अपने समय की सामाजिक व्यवस्था राजनीतिक परिस्थितियों और लोगों की मानसिकता को भी सामने लाते हैं। इन पात्रों के जरिए उस दौर के समाज में मौजूद जटिलताओं और बदलावों को समझने का अवसर मिलता है।

    कार्यक्रम में साहित्य और लेखन के लिए पढ़ने की आदत को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। साहित्यकारों ने कहा कि बेहतर लेखन केवल शब्दों को जोड़ने से नहीं आता बल्कि इसके लिए लगातार पढ़ना और अलग अलग विषयों को समझना जरूरी है। किताबें व्यक्ति को नई जानकारी देने के साथ उसके विचारों को विस्तार देती हैं। पढ़ने से भाषा समृद्ध होती है और किसी विषय को देखने का नजरिया भी व्यापक होता है। यही कारण है कि पुराने साहित्य और क्लासिक किताबों की उपयोगिता आज के दौर में भी बनी हुई है।

    वक्ताओं ने मौजूदा दौर में सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा की। उन्होंने माना कि इन माध्यमों ने कहानी और घटनाओं को देखने और समझने का तरीका काफी बदल दिया है। विजुअल माध्यम किसी घटना या कहानी को तुरंत सामने ला सकते हैं लेकिन किताबें पाठक को उसके भीतर उतरकर सोचने और परिस्थितियों को अलग नजरिए से समझने का अवसर देती हैं। साहित्य के माध्यम से समाज की बारीकियों को जिस गहराई से महसूस किया जा सकता है वह केवल दृश्य माध्यमों से हमेशा संभव नहीं होता।

    साहित्य संवाद में युवाओं की भागीदारी भी देखने को मिली। युवाओं ने साहित्यकारों और इतिहासकारों के साथ हिंदी साहित्य की किताबों कहानियों और चर्चित पात्रों को लेकर बातचीत की। उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि पुराने साहित्य में दिखाई देने वाला समाज आज के दौर से किस तरह अलग है और किन परिस्थितियों में बदलाव आया है। संवाद के दौरान साहित्य को वर्तमान पीढ़ी से जोड़ने पर भी विचार हुआ।

    वक्ताओं ने कहा कि समय बदलने के बावजूद अच्छा साहित्य अपनी प्रासंगिकता नहीं खोता। कई दशक पहले लिखी गई किताबें आज भी पाठकों को प्रभावित करती हैं क्योंकि उनमें समाज और मनुष्य के व्यवहार से जुड़े ऐसे सवाल मौजूद होते हैं जो समय के साथ खत्म नहीं होते। साहित्य पुरानी पीढ़ियों के अनुभवों से जोड़ने के साथ वर्तमान को समझने की दृष्टि भी देता है। इसलिए भाषा और साहित्य को मजबूत बनाए रखने के लिए पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना जरूरी है।

  • मुस्लिम बॉलीवुड और टीवी स्टार्स भी मनाते हैं गणेश चतुर्थी, सलमान से सारा अली खान तक बप्पा की भक्ति में रहते हैं लीन

    मुस्लिम बॉलीवुड और टीवी स्टार्स भी मनाते हैं गणेश चतुर्थी, सलमान से सारा अली खान तक बप्पा की भक्ति में रहते हैं लीन

    Bollywood Ganpati Celebration: गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही पूरा देश भक्ति के रंग में रंग जाता है। हवाओं में ‘गणपति बाप्पा मोरिया’ की गूंज होती है और हर तरफ एक अलग ही पॉजिटिव वाइब देखने को मिलती है। भारत में त्यौहार सिर्फ किसी एक धर्म के नहीं होते, बल्कि ये सबको आपस में जोड़ने का काम करते हैं। हमारी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री यानी बॉलीवुड और टीवी जगत में भी यह खूबसूरती साफ दिखाई देती है। स्क्रीन पर अपने अभिनय से दिल जीतने वाले कई मुस्लिम सेलेब्स हर साल अपने घरों में गणपति बप्पा का स्वागत बहुत ही धूमधाम से करते हैं। वे न सिर्फ अपने घर में बप्पा की स्थापना करते हैं, बल्कि पूरे विधि-विधान से पूजा और आरती भी करते हैं।

    सलमान खान

    बॉलीवुड के ‘दबंग’ यानी सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट में हर साल गणेश चतुर्थी का त्योहार बहुत ही ग्रैंड लेवल पर मनाया जाता है। सलमान की मां सुशीला चरक (सलमा खान) और पूरा खान परिवार बप्पा का स्वागत बहुत ही भक्ति-भाव से करता है। सलमान खान खुद आरती करते हैं, ढोल-नगाड़ों पर डांस करते हैं और विसर्जन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उनके घर का गणेशोत्सव पूरे बॉलीवुड में फेमस है।

    शाहरुख खान

    बॉलीवुड के ‘किंग’ शाहरुख खान भी हर साल अपने घर ‘मन्नत’ में गणपति बाप्पा को लेकर आते हैं। शाहरुख अपने छोटे बेटे अबराम और पूरे परिवार के साथ मिलकर बप्पा की पूजा करते हैं। सोशल मीडिया पर जब भी वे बप्पा के साथ अपनी फोटो शेयर करते हैं, तो फैंस उनके इस सेक्युलर अंदाज़ और सोच की जमकर तारीफ करते हैं। शाहरुख का मानना है कि हर त्यौहार हमें खुशियां और प्यार बांटना सिखाता है।

    सारा अली खान

    यंग जनरेशन की फेवरेट एक्ट्रेस सारा अली खान हमेशा से ही अपनी धार्मिक आस्था को लेकर खुलकर बात करती हैं। सारा हर साल अपने घर पर गणपति बाप्पा की मूर्ति स्थापित करती हैं और पीले या लाल पारंपरिक कपड़ों में बप्पा की पूजा करती हैं। वह लालबागचा राजा के दर्शन करने भी जाती हैं। सारा के लिए गणेश चतुर्थी का मतलब बप्पा से आशीर्वाद लेना और घर में पॉजिटिविटी लाना है।

    सैफ अली खान

    पटौदी खानदान के नवाब और बेहतरीन एक्टर सैफ अली खान भी गणेशोत्सव को बहुत ही सादगी और प्यार से मनाते हैं। करीना कपूर खान और अपने बच्चों तैमूर व जेह के साथ मिलकर सैफ घर पर क्ले (मिट्टी) के गणपति बनाते हैं और उनकी पूजा करते हैं। सैफ का मानना है कि बच्चों को हर धर्म के त्यौहारों का सम्मान करना और उनसे जुड़ी अच्छी बातें सीखना बहुत जरूरी है।

    हिना खान

    टीवी और बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस हिना खान भी बप्पा की बहुत बड़ी भक्त हैं। हिना हर साल गणेश चतुर्थी के मौके पर अपने दोस्तों के घर बप्पा के दर्शन करने जाती हैं और सोशल मीडिया पर फैंस को विश भी करती हैं। मुश्किल से मुश्किल वक्त में भी हिना की बप्पा पर श्रद्धा कभी कम नहीं हुई और वे हमेशा बप्पा से सुख-शांति की प्रार्थना करती हैं।

    शहीर शेख

    टीवी के बेहद हैंडसम और मशहूर एक्टर शहीर शेख भी गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़े ही प्यार से मनाते हैं। अपनी पत्नी रुचिका कपूर के साथ मिलकर शहीर घर को दीयों और फूलों से सजाते हैं। शहीर का मानना है कि गणपति बाप्पा घर में खुशियां और नई शुरुआत की एनर्जी लाते हैं, इसलिए वे इस त्यौहार को हर साल खास बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते।

    जैन इमाम

    टीवी के पॉपुलर एक्टर जैन इमाम भी उन सितारों में शामिल हैं जो गणेशोत्सव की रौनक को दिल से एन्जॉय करते हैं। जैन अक्सर अपने दोस्तों के घर जाकर बप्पा की आरती में शामिल होते हैं और विसर्जन के दौरान जमकर डांस भी करते हैं। उनका मानना है कि बप्पा सभी के विघ्न हर लेते हैं और मुंबई की गणेश चतुर्थी की बात ही कुछ अलग है।

    अदा खान

    ‘नागिन’ फेम एक्ट्रेस अदा खान बप्पा की बहुत बड़ी फैन और भक्त हैं। अदा हर साल गणेश चतुर्थी पर अपने घर में इको-फ्रेंडली गणपति लाती हैं या फिर अपने करीबी दोस्तों के घर जाकर बप्पा के सामने माथा टेकती हैं। वे बप्पा के लिए मोदक बनाती हैं और बप्पा का आशीर्वाद लेकर ही अपने नए कामों की शुरुआत करती हैं।

    रक्षंदा खान

    टीवी की सीनियर और टैलेंटेड एक्ट्रेस रक्षंदा खान भी गणेश चतुर्थी को बहुत ही उत्साह के साथ सेलिब्रेट करती हैं। अपने पति सचिन त्यागी और परिवार के साथ मिलकर रक्षंदा घर में बप्पा का स्वागत करती हैं। वे इस त्योहार के जरिए अपने फैंस और समाज को एकता और भाईचारे का बहुत ही खूबसूरत मैसेज देती हैं।

    टीवी के अन्य मुस्लिम सेलेब्स का सपोर्ट

    इन बड़े सितारों के अलावा टीवी इंडस्ट्री के कई और मुस्लिम एक्टर्स और एक्ट्रेसेस भी हैं जो गणेशोत्सव के दौरान मुंबई के अलग-अलग पंडालों में जाकर बप्पा के दर्शन करते हैं। इनमें आमना शरीफ और अली गोनी जैसे सितारे भी शामिल हैं जो अपने दोस्तों के साथ बप्पा की भक्ति में लीन नजर आते हैं। यह दिखाता है कि मुंबई का गणेशोत्सव सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि एक ऐसा इमोशन है जो हर मजहब के इंसान को एक धागे में पिरो देता है।

  • ‘ट्रॉफी चोर’ के नारों से घिरे मोहसिन नकवी, भारत की महिला टीम ने भी ट्रॉफी लेने से किया इनकार

    ‘ट्रॉफी चोर’ के नारों से घिरे मोहसिन नकवी, भारत की महिला टीम ने भी ट्रॉफी लेने से किया इनकार

    नई दिल्ली । महिला एशिया कप 2026 का फाइनल फैंस के लिए लाइव सिनेमा साबित हुआ। पिछले साल मेंस एशिया कप में भारतीय टीम ने पाकिस्तान के गृह मंत्री और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी। अब भारत की बेटियों ने भी यही कदम उठाया, तो फैंस ने मैदान में ट्रॉफी चोर के नारे लगाए। जिसके बाद मोहसिन नकवी मैदान छोड़कर भागे और वीडियो वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से नकवी की इंटरनेशनल बेइज्जती हुई।

    महिला एशिया कप 2026 में पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई थी। फाइनल भारत और श्रीलंका के बीच हुआ, जिसमें हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने खिताबी जीत दर्ज की। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन पिछले साल की तरह इस बार भी चैंपियन टीम को ट्रॉफी सौंपने पहुंचे थे, लेकिन कौर एंड कंपनी ने उनसे ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। फैंस मैदान पर नकवी से ‘ट्रॉफी चोर-ट्रॉफी चोर’ के नारे लगाते दिखे, जिसके बाद नकवी मैदान से मुंह छिपाकर भागे।

    क्यों कहा ट्रॉफी चोर?

    पिछले साल सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय मेंस टीम ने एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताबी जीत दर्ज की थी। भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन नकवी खुद ही ट्रॉफी देने की जिद पर अड़े रहे। चैंपियन टीम इंडिया ट्रॉफी के इंतजार में रही, लेकिन नकवी ट्रॉफी लेकर लौट गए। जिसके चलते फैंस ने मोहसिन नकवी पर ट्रॉफी चोर का ठप्पा लगा दिया। ये दूसरी बार है, जब चैंपियन बनने के बाद भी भारत के पास ट्रॉफी नहीं है।

    भारत का शानदार प्रदर्शन

    भारतीय महिला टीम ने एशिया कप में धमाकेदार प्रदर्शन किया। टीम इंडिया फाइनल तक अजेय रही। टीम ने सभी 5 मुकाबलों में जीत दर्ज की। 2024 में भारतीय टीम को इसी श्रीलंका टीम ने फाइनल में करारी शिकस्त दी थी, लेकिन इस बार उस हार का हिसाब बराबर हो गया है। मेंस टीम ने फाइनल में बिना ट्रॉफी के जश्न मना लिया था, लेकिन महिला टीम जीत के बाद मैदान पर वापस नहीं आईं।

  • कई महीनों से पेट दर्द और उल्टी से परेशान थी किशोरी जांच में सामने आया बालों का बड़ा गुच्छा

    कई महीनों से पेट दर्द और उल्टी से परेशान थी किशोरी जांच में सामने आया बालों का बड़ा गुच्छा


    शिवपुरी । शिवपुरी के श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने 14 वर्षीय किशोरी का जटिल ऑपरेशन कर उसके पेट से बालों का बड़ा गुच्छा निकाला है। करीब 16×14 सेंटीमीटर आकार का यह बालों का गुच्छा पेट के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से में फैला हुआ था और छोटी आंत तक पहुंच गया था। करीब तीन घंटे तक चली ओपन सर्जरी के बाद किशोरी की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

    किशोरी को पिछले कई महीनों से लगातार पेट दर्द की शिकायत थी। इसके साथ ही उसे उल्टी होती थी और पेट भरा हुआ महसूस होता था। भूख भी काफी कम लग रही थी। लगातार बनी इन परेशानियों के बाद उसे 11 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान उसका हीमोग्लोबिन स्तर सिर्फ 7.8 ग्राम पाया गया। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे दो यूनिट खून चढ़ाया।

    इसके बाद किशोरी का सीटी स्कैन कराया गया। जांच में पेट के भीतर बड़े आकार का बालों का गुच्छा दिखाई दिया। साथ ही आंत में छेद होने की आशंका भी सामने आई। मरीज की स्थिति और पेट में मौजूद गुच्छे के आकार को देखते हुए डॉक्टरों ने सामान्य प्रक्रिया के बजाय ओपन सर्जरी करने का फैसला लिया।

    अधिष्ठाता डॉ. ईला गुजारिया के मार्गदर्शन और सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अनंत राखोंडे के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया। प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र सिंह नरवरिया के साथ पीजी डॉक्टर डॉ. महेश पाटीदार ने सर्जरी में हिस्सा लिया। एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता की देखरेख में करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन चला।

    डॉक्टरों के मुताबिक पेट में मौजूद बालों का गुच्छा इतना बड़ा हो चुका था कि उसे सामान्य एंडोस्कोपी के जरिए पूरी तरह निकालना मुश्किल था। इसी वजह से पेट खोलकर सर्जरी की गई और बालों के पूरे गुच्छे को बाहर निकाला गया। ऑपरेशन के बाद किशोरी की हालत स्थिर है और डॉक्टर उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

    प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान ने बताया कि बाल आसानी से पचते नहीं हैं। लंबे समय तक बाल निगलने पर वे पेट में जमा होते रहते हैं और धीरे धीरे एक ठोस गुच्छे का रूप ले लेते हैं। इसी स्थिति को ट्राइकोबेजोआर कहा जाता है। इस किशोरी के मामले में भी पेट के भीतर लंबे समय तक बाल जमा होने के कारण बड़ा गुच्छा बन गया था।

    असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र सिंह नरवरिया के मुताबिक ऐसी स्थिति कई बार ट्राइकोटिलोमेनिया यानी बाल तोड़ने की आदत और ट्राइकोफेजिया यानी बाल खाने या निगलने की आदत से जुड़ी हो सकती है। मानसिक तनाव और चिंता भी इसके पीछे एक कारण हो सकते हैं। ऐसे मामलों में केवल सर्जरी ही पर्याप्त नहीं मानी जाती बल्कि ऑपरेशन के बाद मरीज की निगरानी और जरूरत के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी महत्वपूर्ण होता है।

    यह मामला इस बात की ओर भी ध्यान दिलाता है कि बच्चों और किशोरों में लंबे समय तक बने रहने वाले पेट दर्द उल्टी भूख कम लगना या पेट भरा रहने जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच होने से गंभीर स्थिति का पता लगाया जा सकता है और उचित उपचार शुरू किया जा सकता है।

  • सैफ अली खान पर हमले का असर आज भी कायम, चाकू देखते ही बदल जाता है रिएक्शन; बोले- किस्मत बहुत अच्छी थी

    सैफ अली खान पर हमले का असर आज भी कायम, चाकू देखते ही बदल जाता है रिएक्शन; बोले- किस्मत बहुत अच्छी थी

    नई दिल्ली । बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान पर उनके घर के भीतर जनवरी 2025 में जो हमला हुआ था, उससे वह अभी तक नहीं उबर पाए हैं। सैफ अली खान ने एक हालिया इंटरव्यू में बताया कि उन पर हुए अटैक की वजह से वह लगभग पैरालाइज्ड हो गए थे। सैफ अली खान ने बताया कि जिस वक्त वह खून से लथपथ थे, वह यही सोच रहे थे कि वह एक योद्धा की तरह मरना चाहते हैं। सैफ अली खान ने यह भी बताया कि कैसे उन्होंने इस घटना के बाद खुद को संभाला और आज तक चाकू को देखकर उनका रिएक्शन बदल जाता है।

    करीना को उबरने में थोड़ा वक्त लगा

    सैफ अली खान ने बातचीत में कहा, “हमने बहुत अच्छी तरह इस सबका सामना किया है। मुझे लगता है कि जो इंसान इस सबसे बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ, वह मेरी पत्नी (करीना कपूर खान) हैं। वह आमतौर पर बहुत संवेदनशील इंसान हैं। हम सब तो बहुत जल्दी इससे उबर गए। हालांकि यह बहुत बड़ी घटना थी। मैं भी अभी 100% इससे नहीं उबर पाया हूं, क्योंकि अगर आज भी मैं अपने सामने चाकू देख लेता हूं, तो इसकी वजह से मैं अचानक रिएक्ट कर जाता हूं।” सैफ ने यह भी बताया कि कैसे वह बहुत गंभीर नुकसान होने से बाल-बाल बचे हैं।

    सैफ ने कहा- बहुत अच्छी रही किस्मत

    सैफ अली खान ने बताया, “मैंने इसके बारे में सोचना शुरू किया। मेरी किस्मत बहुत अच्छी थी कि चाकू टूट गया। यह शायद चाकू से किए गए हमलों के इतिहास का सबसे खराब चाकू रहा होगा। अगर उसके पास कोई प्रॉपर रैम्बो नाइफ होता, तो मैं बच नहीं पाता। आप घुसेड़ दीजिए और यह कहीं भी आर-पार हो जाएगा। मुझे हर जगह कट लगे हुए थे, लेकिन मैं मरा नहीं। मैं बता नहीं सकता कि मैं कितना किस्मतवाला रहा हूं। लेकिन इसकी एक दूसरी साइड भी है, मेरा एक हिस्सा जानता है कि क्या हुआ था। मैं इस इंसान को भी खुशी खुशी माफ कर देता।”

    सैफ ने जताईं हमलावर के प्रति संवेदना

    सैफ अली खान ने अपने बाल-बाल बचने और अपनी सेहत की बात करते हुए ही, उन पर हमला करने वाले के प्रति भी संवेदना जाहिर की। एक्टर ने कहा- ये सब चीजें असमानता के चलते होती हैं। क्योंकि किसी को पैसों की बहुत सख्त जरूरत है। मुझे नहीं लगता कि उसे पता था कि वह कहां पर है और क्या कर रहा है। अगर उसे पता होता, तो यह होता ही नहीं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना रही है। उसकी किस्मत बहुत खराब थी, क्योंकि मुझे लगता है कि वह काफी वक्त तक बहुत ज्यादा दिक्कत में रहा। मैं लगभग पैरालाइज हो गया था।

    बदला है जिंदगी को लेकर नजरिया

    सैफ ने बताया कि वह कुछ वक्त तक अपने पैरों को महसूस नहीं कर पा रहे थे। उनकी स्पाइनल कॉर्ड बाल-बाल बची थी, लेकिन कटी नहीं थी। यकीन नहीं होता। जब सैफ अली खान से पूछा गया कि क्या इस हमले ने उनका जिंदगी को लेकर नजरिया बदला है? तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- शायद, क्योंकि कुछ तो है जो मेरे जेहन में रह गया, कि मुझे अपने परिवार और दोस्तों के लिए थोड़ा और अवेलिबल रहना चाहिए। मुझे याद है कि मैं हॉस्पिटल के बेड पर लेटा सोच रहा था कि मैं अपने दोस्तों के साथ बैठकर अच्छी वाइन पीना चाहता हूं।

    ‘एक योद्धा की मौत अच्छी होती है’

    सैफ अली खान बताया कि वह सोचा करते थे कि वह अपनी जिंदगी को एन्जॉय करना चाहते हैं। अच्छा होता कि मेरी जिंदगी खत्म हो गई होती, क्योंकि योद्धा की मौत अच्छी होती हैं। सैफ ने कहा कि वह लकवाग्रस्त होकर पड़े रहने से मर जाना पसंद करेंगे।