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  • विद्युत जामवाल का खतरनाक योगा चैलेंज देख फैंस रह गए दंग, 15 मिनट तक रोकी सांस और बताया सफलता का राज

    विद्युत जामवाल का खतरनाक योगा चैलेंज देख फैंस रह गए दंग, 15 मिनट तक रोकी सांस और बताया सफलता का राज


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल अपनी जबरदस्त फिटनेस और मुश्किल फिजिकल ट्रेनिंग के लिए पहचाने जाते हैं। सोशल मीडिया पर भी वह अक्सर योगा और एक्सरसाइज से जुड़े ऐसे वीडियो शेयर करते रहते हैं जिन्हें देखकर फैंस हैरान रह जाते हैं। हालांकि हाल ही में मुंबई में आयोजित एक स्पेशल स्ट्रीट फाइटर इवेंट में विद्युत ने जो किया उसने वहां मौजूद लोगों को भी चौंका दिया। अभिनेता ने स्टेज पर करीब 15 मिनट तक सांस रोककर खड़े रहने का अभ्यास किया। इस दौरान उनका शरीर कांपता दिखाई दिया और उनकी आंखों में पानी भी आ गया। विद्युत को इस हालत में देखकर वहां मौजूद फैंस कुछ देर के लिए घबरा गए।

    दरअसल स्ट्रीट फाइटर में विद्युत जामवाल धलसिम का किरदार निभा रहे हैं। यह किरदार योगा में माहिर बताया गया है और इसी वजह से विद्युत ने स्टेज पर अपनी योगा प्रैक्टिस और मानसिक नियंत्रण की झलक दिखाई। उन्होंने काफी देर तक सांस रोककर खुद को स्थिर रखने की कोशिश की। इस दौरान उनके शरीर पर इसका असर भी नजर आया लेकिन उन्होंने अपना अभ्यास पूरा किया।

    अपनी इस मेडिटेशन प्रैक्टिस के बाद विद्युत ने बताया कि इसके पीछे पतंजलि योग सूत्र से जुड़ी एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया। अभिनेता के मुताबिक इस तरह की प्रैक्टिस ने उनकी जिंदगी में कई महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल करने में मदद की है। वह इस तकनीक को युवाओं के साथ भी साझा कर चुके हैं। विद्युत के लिए योगा सिर्फ फिटनेस का जरिया नहीं बल्कि मानसिक मजबूती और अनुशासन का भी हिस्सा है।

    विद्युत ने इस मौके पर युवाओं को एक खास संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हर कोई लगातार किसी न किसी लक्ष्य के पीछे भाग रहा है। किसी को कुछ हासिल करना है तो कोई किसी दूसरे काम को पूरा करने की कोशिश में लगा हुआ है। ऐसे माहौल में लोगों को कभी कभी खुद को रोकने और शांत रहने की जरूरत होती है। उनके मुताबिक धैर्य रखना भी एक बड़ी क्षमता है और इंसान को हर समय नतीजे के पीछे भागने के बजाय कुछ समय रुककर खुद पर ध्यान देना चाहिए।

    अभिनेता ने युवाओं से कहा कि उन्हें थोड़ा रुकना और स्थिर रहना सीखना चाहिए। विद्युत का मानना है कि लगातार भागदौड़ के बीच कुछ पल खुद के साथ बिताना इंसान को कई महत्वपूर्ण चीजें समझने में मदद कर सकता है। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि इसी तरह की स्थिरता और धैर्य उन्हें कई उपलब्धियों तक पहुंचाने में मददगार रहा है।

    विद्युत जामवाल इन दिनों अपने हॉलीवुड डेब्यू को लेकर भी चर्चा में हैं। वह स्ट्रीट फाइटर फिल्म में धलसिम की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म में उनका फिजिकल अंदाज और योगा से जुड़ा अनुभव उनके किरदार के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से फिटनेस और मार्शल आर्ट्स पर काम करने वाले विद्युत को इस भूमिका के लिए अपनी शारीरिक क्षमता का भी पूरा इस्तेमाल करना पड़ा है।

    स्ट्रीट फाइटर 16 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है। फिल्म अंग्रेजी के साथ हिंदी तमिल और तेलुगु भाषाओं में भी दर्शकों के सामने आएगी। अब विद्युत के फैंस उनकी इस फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। वहीं 15 मिनट तक सांस रोकने वाला उनका यह कारनामा एक बार फिर साबित करता है कि अभिनेता अपनी फिटनेस और योगा प्रैक्टिस को लेकर कितने गंभीर हैं।

  • मिनिमलिज्म अपनाकर घर को बनाएं सरल और व्यवस्थित, कम सामान से मिलेगी ज्यादा शांति

    मिनिमलिज्म अपनाकर घर को बनाएं सरल और व्यवस्थित, कम सामान से मिलेगी ज्यादा शांति


    नई दिल्ली: मिनिमलिज्म एक ऐसी जीवनशैली है, जिसमें अनावश्यक उपभोग और दिखावे से दूर रहकर जरूरी और उपयोगी चीजों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। घर के संदर्भ में इसका मतलब कम लेकिन उपयोगी सामान रखना और रहने की जगह को खुला, हवादार तथा व्यवस्थित बनाए रखना है। इसका उद्देश्य सिर्फ घर में सामान की संख्या घटाना नहीं, बल्कि ऐसी जीवनशैली अपनाना है जो रोजमर्रा के जीवन को सरल बनाए। जब घर में जरूरत से ज्यादा चीजें नहीं होतीं, तो जगह अधिक खुली दिखाई देती है और आसपास का वातावरण भी व्यवस्थित महसूस होता है। इस तरह घर की व्यवस्था का असर मन की शांति और स्पष्टता पर भी पड़ सकता है।

    घर को मिनिमलिस्ट बनाने की शुरुआत डिक्लटरिंग से की जा सकती है। इसके लिए घर के हर हिस्से की जांच करके उन चीजों को अलग करना चाहिए, जिनका इस्तेमाल पिछले छह महीने या एक साल से नहीं हुआ है। इसके बाद सामान खरीदते समय मात्रा के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है। बहुत सारी सस्ती और अनुपयोगी वस्तुएं जमा करने के बजाय चुनिंदा, टिकाऊ और अच्छी गुणवत्ता वाली चीजों को प्राथमिकता दी जा सकती है। इससे घर में अनावश्यक सामान जमा होने से बचता है और मौजूद वस्तुओं को व्यवस्थित रखना भी आसान होता है। मिनिमलिज्म का उद्देश्य घर को खाली करना नहीं, बल्कि केवल उन वस्तुओं को रखना है जो वास्तव में जरूरी और उपयोगी हैं।

    घर की जगह का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए मल्टी-पर्पज फर्नीचर भी उपयोगी हो सकता है। ऐसे फर्नीचर का चुनाव किया जा सकता है जो एक से अधिक काम में आए, जैसे स्टोरेज वाला बेड या फोल्डेबल डाइनिंग टेबल। इससे सीमित जगह में ज्यादा सामान फैलने से बचाया जा सकता है। इसके साथ ही घर में प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा के आने के रास्ते खुले रखना भी महत्वपूर्ण है। दीवारों पर हल्के रंगों का इस्तेमाल कमरे को अपेक्षाकृत बड़ा और शांत दिखाने में मदद कर सकता है। इस तरह कम सामान, उपयोगी फर्नीचर और खुली जगह मिलकर घर को अधिक व्यवस्थित और सहज बना सकते हैं।

    मिनिमलिज्म का असर घर की व्यवस्था के साथ मानसिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। घर में सामान कम होने से उसकी सफाई और देखभाल में लगने वाला समय भी कम हो जाता है। साफ-सुथरा और व्यवस्थित वातावरण तनाव कम करने और ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकता है। मिनिमलिज्म हमें यह समझने की दिशा में ले जाता है कि भौतिक वस्तुओं की संख्या को बढ़ाना ही बेहतर जीवन का आधार नहीं है। कम सामान के साथ भी जरूरतों के अनुसार सुविधाजनक जीवन जिया जा सकता है। इसलिए मिनिमलिज्म को किसी मजबूरी या दिखावे के बजाय एक सचेत जीवनशैली के रूप में अपनाया जा सकता है, जो घर को सरल, व्यवस्थित और शांत बनाने में मदद करती है।

  • क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 बंद होगा या नहीं, रवी गुप्ता ने खोला राज, बोलीं अभी कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं

    क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 बंद होगा या नहीं, रवी गुप्ता ने खोला राज, बोलीं अभी कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं


    नई दिल्ली। टीवी की दुनिया के चर्चित सीरियल क्योंकि (TV serial)सास भी कभी बहू थी 2 (Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2)को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा हो रही है। खबरें सामने आ रही हैं कि एकता कपूर का यह लोकप्रिय शो जल्द ही ऑफ एयर हो सकता है। इस खबर के सामने आने के बाद शो देखने वाले दर्शकों के बीच भी हलचल बढ़ गई है। वहीं सीरियल की स्टार कास्ट भी इस तरह की चर्चाओं से हैरान है। अब शो में दामिनी का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस रवी गुप्ता ने सीरियल के बंद होने की खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और साफ किया है कि फिलहाल उन्हें ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।

    रवी गुप्ता के मुताबिक सोशल मीडिया के जरिए इस तरह की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं। उन्होंने बताया कि जिस तरह दर्शक शो के बंद होने की अफवाह सुन रहे हैं उसी तरह कलाकार भी इन खबरों को सुनकर ही जानकारी हासिल कर रहे हैं। उनका कहना है कि अभी तक शो की स्टार कास्ट को यह नहीं बताया गया है कि क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 को बंद किया जा रहा है। ऐसे में फिलहाल इसके ऑफ एयर होने की खबर को सिर्फ अफवाह के तौर पर ही देखा जा रहा है।

    शो के बंद होने की चर्चाओं पर बात करते हुए रवी गुप्ता ने यह भी कहा कि क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 ने शानदार प्रदर्शन किया है। उनके मुताबिक शो लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और अपनी जगह मजबूत बनाए हुए है। उन्होंने माना कि किसी भी टीवी शो के सफर में उतार चढ़ाव आते रहते हैं लेकिन इसके बावजूद यह सीरियल टॉप परफॉर्मर बना हुआ है। ऐसे में अचानक शो के बंद होने की खबर उनके लिए भी किसी हैरानी से कम नहीं है।

    रवी गुप्ता ने यह भी बताया कि टीवी इंडस्ट्री में अफवाहों का दौर कोई नई बात नहीं है। कई बार कलाकारों को मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए अपने ही शो से जुड़ी बातें पता चलती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरें कहां से शुरू होती हैं यह कहना मुश्किल है लेकिन अफवाहें इंडस्ट्री का हिस्सा बन चुकी हैं। उनके मुताबिक इनमें से कई खबरें बाद में सही साबित नहीं होती हैं।

    एक्ट्रेस ने यह भी साफ किया कि वह फिलहाल शो के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं में ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहतीं। उनका कहना है कि वह इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनकर खुश हैं और अपने काम पर फोकस करना चाहती हैं। अगर शो को बंद किया जाना होगा तो इसकी आधिकारिक जानकारी कलाकारों तक भी पहुंच जाएगी। ऐसे में अफवाहों के आधार पर परेशान होने की जरूरत नहीं है।

    क्योंकि सास भी कभी बहू थी टीवी के सबसे चर्चित सीरियल्स में से एक रहा है और इसके दूसरे सीजन को भी दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। यही वजह है कि शो से जुड़ी छोटी से छोटी खबर भी सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन जाती है। फिलहाल रवी गुप्ता के बयान से इतना जरूर साफ है कि शो के ऑफ एयर होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। अब दर्शकों को यह जानने के लिए किसी आधिकारिक ऐलान का इंतजार करना होगा कि KSBKBT 2 का सफर आगे जारी रहेगा या फिर कहानी को जल्द ही विराम दिया जाएगा।

  • Jailer 2 Trailer ने बढ़ाई फैंस की धड़कनें, रजनीकांत के टाइगर अवतार पर आया जबरदस्त रिएक्शन

    Jailer 2 Trailer ने बढ़ाई फैंस की धड़कनें, रजनीकांत के टाइगर अवतार पर आया जबरदस्त रिएक्शन


    नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत एक बार फिर अपने चर्चित किरदार टाइगर के साथ बड़े पर्दे पर धमाकेदार वापसी के लिए तैयार हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म Jailer 2 का ट्रेलर सोमवार रात रिलीज कर दिया गया। ट्रेलर सामने आते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रजनीकांत के फैंस लंबे समय से फिल्म के अगले पार्ट का इंतजार कर रहे थे और अब ट्रेलर ने उनकी उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। खास बात यह है कि फिल्म की कहानी को वहीं से आगे बढ़ाया जा रहा है जहां Jailer की कहानी खत्म हुई थी।

    Jailer का पहला पार्ट साल 2023 में रिलीज हुआ था और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की थी। करीब 200 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में 600 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन किया था। फिल्म की सफलता ने इसे उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्मों में शामिल कर दिया था। रजनीकांत के दमदार अंदाज और टाइगर के किरदार को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। ऐसे में दूसरे पार्ट से भी दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ी हुई हैं।

    Jailer 2 के ट्रेलर में रजनीकांत एक बार फिर टाइगर के अंदाज में नजर आ रहे हैं। उनके किरदार में वही स्वैग और दबदबा दिखाई देता है जिसने पहले पार्ट में दर्शकों को खूब प्रभावित किया था। ट्रेलर से संकेत मिलता है कि इस बार कहानी पहले से ज्यादा बड़े स्तर पर आगे बढ़ने वाली है। रजनीकांत का स्क्रीन प्रेजेंस ट्रेलर की सबसे बड़ी खासियतों में से एक नजर आ रहा है। उनकी एंट्री और संवादों को लेकर फैंस के बीच खास उत्साह देखने को मिल रहा है।

    ट्रेलर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कई फैंस रजनीकांत को दोबारा टाइगर के रूप में देखकर उत्साहित नजर आ रहे हैं। दर्शकों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या Jailer 2 भी पहले पार्ट की तरह बॉक्स ऑफिस पर बड़ा रिकॉर्ड बना पाएगी। कुछ लोगों को फिल्म का एक्शन और रजनीकांत का अंदाज पसंद आया है तो कई दर्शक इसे बड़े पर्दे पर देखने के लिए अभी से उत्सुक नजर आ रहे हैं।

    Jailer की सफलता में रजनीकांत के अलावा फिल्म के दमदार एक्शन और मनोरंजन का भी बड़ा योगदान रहा था। फिल्म ने दर्शकों को एक्शन के साथ ऐसा मनोरंजन दिया था जिसकी वजह से सिनेमाघरों में इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला। अब दूसरे पार्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती पहले पार्ट की सफलता को दोहराने की होगी। फिल्म को लेकर पहले से बनी उम्मीदों के बीच ट्रेलर ने फैंस को एक बार फिर सिनेमाघरों तक पहुंचने का कारण दे दिया है।

    फिलहाल Jailer 2 के ट्रेलर को लेकर जिस तरह का उत्साह दिखाई दे रहा है उससे साफ है कि रजनीकांत का स्टारडम आज भी बरकरार है। टाइगर के रूप में उनकी वापसी ने फैंस की पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। अब असली परीक्षा फिल्म की रिलीज के बाद होगी जब पता चलेगा कि Jailer 2 दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है और क्या रजनीकांत एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका करने में कामयाब होते हैं।

  • कौन बनेगा करोड़पति 18 ने बढ़ाई अमिताभ बच्चन की परेशानी, बिग बी ने सोशल मीडिया पर किया खुलासा

    कौन बनेगा करोड़पति 18 ने बढ़ाई अमिताभ बच्चन की परेशानी, बिग बी ने सोशल मीडिया पर किया खुलासा


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन अपनी शानदार अदाकारी और दमदार आवाज के साथ अपनी सक्रियता के लिए भी जाने जाते हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह लगातार फिल्मों और टीवी शो की शूटिंग में व्यस्त रहते हैं। इन दिनों अमिताभ बच्चन कौन बनेगा करोड़पति 18 को होस्ट कर रहे हैं और इसी व्यस्त शेड्यूल के बीच उन्होंने अपनी एक परेशानी का खुलासा किया है। बिग बी ने बताया कि काम की व्यस्तता के कारण उन्हें पर्याप्त नींद लेने का समय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया और अपने ब्लॉग के जरिए इस बारे में अपने विचार साझा किए हैं।

    अमिताभ बच्चन ने देर रात अपने ब्लॉग पर लिखा कि रात की नींद इंसानी शरीर के लिए सबसे बेहतर रिपेयर मैकेनिज्म है। हालांकि उनका कहना है कि वह इस जरूरी आराम के लिए पर्याप्त समय निकालने के लिए संघर्ष करते हैं। लगातार शूटिंग और काम की व्यस्तता के बीच उनकी दिनचर्या काफी व्यस्त बनी हुई है। ऐसे में उन्होंने तय किया कि अब वह समय पर सोने और सुबह जल्दी उठकर काम शुरू करने की कोशिश करेंगे।

    बिग बी ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि उनका दिमाग लगातार विचारों और नए आइडिया से भरा रहता है। उनके अंदर अपने लक्ष्यों को हासिल करने और तय मंजिल तक पहुंचने का जुनून बना रहता है। यही सोच उन्हें लगातार काम करने के लिए प्रेरित करती है। हालांकि इसके साथ ही वह यह भी महसूस कर रहे हैं कि शरीर को आराम देना उतना ही जरूरी है। अमिताभ ने संकेत दिया कि लगातार काम के बीच अब उन्हें अपनी नींद और आराम पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

    अमिताभ बच्चन की यह बात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह इन दिनों KBC 18 की शूटिंग में काफी व्यस्त हैं। शो में वह कंटेस्टेंट्स के साथ बातचीत करते हैं उनके सवालों का जवाब देते हैं और अपने खास अंदाज से दर्शकों का मनोरंजन करते हैं। शो की शूटिंग के साथ उनकी फिल्मों से जुड़ी जिम्मेदारियां भी जारी हैं। यही वजह है कि उनका शेड्यूल काफी व्यस्त बना हुआ है।

    इससे पहले KBC के एक हालिया एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने अपनी घुटने की चोट के बारे में भी जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि शूटिंग के दौरान वह फिसलकर गिर गए थे और उनके घुटने में चोट लग गई थी। शो में आते समय उन्होंने अपनी सीट की ओर दौड़ने की कोशिश की लेकिन इसके बाद उन्हें बैठना पड़ा। उन्होंने बताया कि आमतौर पर वह शो के दौरान बीच में खड़े होकर अपनी बात रखते हैं लेकिन उस दिन घुटने की चोट के कारण ऐसा करना उनके लिए मुश्किल था।

    अमिताभ बच्चन के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह लगातार फिल्मों में भी सक्रिय हैं। उन्हें हाल ही में टी जे ज्ञानवेल की फिल्म वेट्टैयन में देखा गया था। इसके अलावा वह नाग अश्विन की चर्चित फिल्म कल्कि 2898 AD के सीक्वल कल्कि 2 की शूटिंग में भी व्यस्त हैं। इस फिल्म में उनके साथ प्रभास और कमल हासन जैसे बड़े कलाकार नजर आएंगे। ऐसे में साफ है कि बिग बी के पास काम की कोई कमी नहीं है। हालांकि उनकी हालिया पोस्ट यह जरूर बताती है कि लगातार काम के बीच आराम और नींद के लिए समय निकालना उनके लिए अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।

  • अगले 33 दिन 6 राशियों के लिए खास, गुरु की कृपा से धन, करियर और परिवार में बदलाव के संकेत

    अगले 33 दिन 6 राशियों के लिए खास, गुरु की कृपा से धन, करियर और परिवार में बदलाव के संकेत


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, सौभाग्य, धर्म, विस्तार और धन का कारक माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, गुरु की स्थिति में बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है। वर्तमान में गुरु चंद्रमा की राशि में विराजमान हैं, जिससे अगले 33 दिनों का समय वृषभ, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए खास माना जा रहा है।

    ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, चंद्रमा की राशि में गुरु का संचरण मानसिक शांति, आर्थिक मजबूती और विचारों में बदलाव से जुड़ा माना जाता है। इस अवधि में अटके काम आगे बढ़ने और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव के योग बताए जा रहे हैं।

    वृषभ राशि: आर्थिक स्थिति में सुधार
    वृषभ राशि के जातकों के लिए अगले 33 दिन आर्थिक लिहाज से अनुकूल माने जा रहे हैं। आय के नए रास्ते खुल सकते हैं और कहीं पैसा अटका हुआ है तो उसके वापस मिलने की संभावना बन सकती है। परिवार के साथ धार्मिक यात्रा का योग भी बन सकता है।

    कर्क राशि: नौकरी में नई जिम्मेदारी
    कर्क राशि वालों पर गुरु की विशेष कृपा रहने की ज्योतिषीय मान्यता है। इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ सकता है और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकता है। कारोबार करने वालों को भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं।

    कन्या राशि: करियर और पढ़ाई में प्रगति
    कन्या राशि के जातकों के लिए यह अवधि करियर और शिक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सफलता मिलने के योग बताए जा रहे हैं। निवेश के लिए भी यह समय अनुकूल माना गया है और इससे भविष्य में लाभ मिलने की संभावना जताई गई है।

    वृश्चिक राशि: अटके काम होंगे पूरे
    वृश्चिक राशि के जातकों के जीवन में चल रही परेशानियां और उथल-पुथल कम होने के संकेत हैं। गुरु की कृपा से लंबे समय से अटके कामों में गति आ सकती है। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ सकती है और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के लिहाज से भी सुधार के संकेत बताए जा रहे हैं।

    धनु राशि: कारोबार में विस्तार के योग
    धनु राशि के स्वामी स्वयं बृहस्पति हैं। इसलिए ज्योतिषीय मान्यता में गुरु का यह गोचर इस राशि के लिए विशेष माना जाता है। कारोबार में विस्तार के नए अवसर मिल सकते हैं। भाग्य का साथ मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने और मानसिक शांति मिलने के योग हैं।

    मीन राशि: सफलता और पारिवारिक सुख
    मीन राशि के जातकों के लिए अगले 33 दिन शुभ परिणाम देने वाले माने जा रहे हैं। नौकरी और व्यवसाय में सफलता के अवसर बन सकते हैं। पारिवारिक जीवन में खुशहाली आने के साथ घर-परिवार के लोगों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा।

    ज्योतिषीय मान्यता क्या कहती है?
    ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को शुभ ग्रहों में प्रमुख स्थान दिया गया है और इसे ज्ञान, धन, शिक्षा, संतान, धर्म तथा विस्तार से जोड़ा जाता है। इसी आधार पर गुरु की अनुकूल स्थिति को इन छह राशियों के लिए आर्थिक, करियर और पारिवारिक मामलों में सकारात्मक बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं; इनके आधार पर होने वाले परिणामों को निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता।

  • रणबीर कपूर की रामायण के सेट पर लगी आग, समय रहते बुझाई गई लपटें, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    रणबीर कपूर की रामायण के सेट पर लगी आग, समय रहते बुझाई गई लपटें, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


    नई दिल्ली। रणबीर कपूर और यश स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म की कहानी से लेकर स्टारकास्ट और भव्य सेट तक हर चीज दर्शकों का ध्यान खींच रही है। इसी बीच फिल्म के सेट से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने शूटिंग से जुड़े लोगों और फिल्म इंडस्ट्री में चिंता बढ़ा दी है। रामायण की शूटिंग वाली जगह के बाहर एक टेंट में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते वहां आग की लपटें दिखाई देने लगीं जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि आग को समय रहते काबू में कर लिया गया और इसे आसपास के इलाके में फैलने से रोक दिया गया। इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की खबर नहीं है। सेट पर मौजूद लोगों को भी सुरक्षित बताया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग फिल्म के मुख्य शूटिंग सेट के भीतर नहीं बल्कि उसके बाहर लगाए गए एक टेंट में लगी थी। इसके बावजूद घटना ने बड़े फिल्म सेटों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

    फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज यानी FWICE ने भी इस घटना की पुष्टि की है। संगठन के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने बताया कि कुछ दिन पहले भी आसपास के एक स्थान पर आग लगने की घटना हुई थी। इसके बाद FWICE की ओर से फिल्म निर्माताओं और प्रोड्यूसर्स से संपर्क कर सेट पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने की अपील की गई थी। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि बड़े फिल्म सेट पर बड़ी संख्या में कलाकार तकनीकी कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद रहते हैं।

    बीएन तिवारी के मुताबिक इस घटना में किसी को चोट नहीं आई और नुकसान भी सीमित रहा लेकिन इसे फिल्म यूनिट के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रोडक्शन टीमों से अपील की कि आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजामों की नियमित जांच की जाए और छोटी सी लापरवाही को भी नजरअंदाज न किया जाए।

    रामायण को लेकर दर्शकों में पहले से ही जबरदस्त उत्सुकता है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश फिल्म में रावण की भूमिका में दिखाई देंगे। वहीं रवि दुबे लक्ष्मण का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में अरुण गोविल भी अहम भूमिका में हैं और वह राजा दशरथ के किरदार में दिखाई देंगे।

    अरुण गोविल का रामायण से पुराना और खास रिश्ता रहा है। उन्होंने रामानंद सागर की लोकप्रिय रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाई थी। यही वजह है कि उनकी इस फिल्म में मौजूदगी को लेकर भी दर्शकों के बीच खास उत्साह बना हुआ है।

    फिल्म का पहला पार्ट 8 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने की जानकारी दी गई है। रिलीज से पहले सेट पर हुई आग की यह घटना भले ही बड़ी दुर्घटना में तब्दील नहीं हुई लेकिन इसने एक बार फिर फिल्म निर्माण के दौरान सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने की जरूरत सामने ला दी है।

  • ईरान में ‘लेडी गुरिल्ला’ की तैयारी! अमेरिका-इजरायल से जंग के लिए महिलाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग

    ईरान में ‘लेडी गुरिल्ला’ की तैयारी! अमेरिका-इजरायल से जंग के लिए महिलाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग


    वाशिंगटन।
    अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान महिलाओं को सैन्य प्रशिक्षण दे रहा है। तेहरान में हिजाब और बुर्का पहने महिलाओं को स्वचालित राइफल, पिस्टल और रॉकेट लॉन्चर चलाने का अभ्यास कराया जा रहा है। ईरान की इस पहल को संभावित युद्ध की स्थिति में जमीनी हमले से निपटने की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

    ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य गतिविधियां बढ़ने और दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे को चेतावनी दिए जाने के बीच तेहरान में महिलाओं की सैन्य ट्रेनिंग की तस्वीरें सामने आई हैं। राजधानी के इमाम हुसैन स्क्वायर में महिलाओं को हथियारों के साथ निशानेबाजी का अभ्यास करते देखा गया।

    राइफल से लेकर रॉकेट लॉन्चर तक की ट्रेनिंग

    तेहरान के सैन्य प्रशिक्षण केंद्र में ईरानी महिलाओं को स्वचालित राइफल चलाने के साथ-साथ छोटी पिस्टल और रॉकेट लॉन्चर के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाएं कमांडो प्रशिक्षकों के निर्देशों का पालन करती नजर आती हैं।

    उन्हें बताया जा रहा है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से जमीनी सैनिक ईरान में प्रवेश करते हैं तो ऐसी स्थिति में किस तरह मुकाबला किया जा सकता है। प्रशिक्षण का जोर केवल हथियार चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में अपने परिवार और आसपास के इलाके की रक्षा के लिए तैयार करने पर भी है।

    ईरानी महिला राहेलेह गदीरी ने कहा कि यह कहना कि किसी व्यक्ति को बिल्कुल डर नहीं लगता, सही नहीं होगा। लेकिन अगर लोग पहले से तैयार हों और उन्हें आपातकालीन या युद्ध जैसी परिस्थितियों में दुश्मन का सामना करने तथा अपने परिवार और मोहल्ले की रक्षा करने का तरीका पता हो, तो डर और घबराहट का असर कम किया जा सकता है।

    ‘ईरान को गौरवान्वित करने के लिए तैयार’

    गदीरी ने कहा कि वे व्यवस्था और अपने नेता के साथ खड़ी हैं और हर क्षेत्र में ईरान को फिर से गौरवान्वित करने के लिए प्रयास कर रही हैं।

    उन्होंने कहा कि अगर इस बार वास्तव में युद्ध होता है तो उनकी इच्छा है कि यह निर्णायक युद्ध साबित हो और दुश्मनों की हार हो। उन्होंने ईरान के गौरव को बनाए रखने की बात भी कही।

    IRGC और बसीज की निगरानी में तैयारी

    ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और बसीज रेजिस्टेंस फोर्स से जुड़े ढांचे के तहत महिलाओं को हथियारों की ट्रेनिंग दिए जाने की बात सामने आई है।

    ईरानी सुरक्षा तंत्र की सोच यह है कि अगर किसी विदेशी सेना की ईरान में जमीनी घुसपैठ होती है तो स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित नागरिक बल प्रतिरोध में भूमिका निभा सकते हैं। इसी रणनीति के तहत महिलाओं को भी हथियार चलाने और संभावित गुरिल्ला संघर्ष के लिए तैयार किया जा रहा है।

    ईरान में महिलाओं पर सामाजिक और कानूनी पाबंदियों को लेकर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस होती रही है। ऐसे में सैन्य प्रशिक्षण में महिलाओं की भागीदारी की ये तस्वीरें ईरान की युद्धकालीन तैयारियों के एक अलग पहलू को सामने लाती हैं।

  • ईरान से कारोबार करने वाले विदेशी वित्तीय संस्थानों पर अमेरिका की सख्ती, बिना चेतावनी कार्रवाई की चेतावनी

    ईरान से कारोबार करने वाले विदेशी वित्तीय संस्थानों पर अमेरिका की सख्ती, बिना चेतावनी कार्रवाई की चेतावनी


    वाशिंगटन।
    ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए अमेरिका ने उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को चेतावनी दी है, जो अब भी ईरान या उसके वित्तीय क्षेत्र के साथ कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा है कि प्रतिबंधित ईरानी वित्तीय संस्थानों के साथ लेन-देन जारी रखने वाले विदेशी संस्थानों पर बिना किसी पूर्व सूचना के कार्रवाई की जा सकती है।

    अमेरिकी वित्त विभाग के मुताबिक, विदेशी वित्तीय संस्थानों को ईरान से जुड़े ऐसे कारोबारी संबंधों और गतिविधियों को तत्काल समाप्त करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। खास तौर पर प्रतिबंधित ईरानी संस्थाओं से जुड़े लेन-देन अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आने पर संबंधित विदेशी संस्थानों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

    अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था से कटने का खतरा

    अमेरिकी ट्रेजरी ने हालिया कार्रवाई में ईरान से जुड़े वित्तीय नेटवर्क और प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाले चैनलों को निशाना बनाया है। विभाग ने कहा है कि ईरान की ओर से प्रतिबंधों से बचने या अवैध वित्तीय गतिविधियों को सुविधा देने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जा सकती है।

    अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ परिस्थितियों में विदेशी वित्तीय संस्थानों पर द्वितीयक प्रतिबंध (Secondary Sanctions) लगाए जा सकते हैं। इसके तहत अमेरिकी अधिकारियों के पास ऐसे विदेशी संस्थानों के अमेरिका में कॉरेस्पॉन्डेंट या पेयेबल-थ्रू खातों पर रोक लगाने या कड़ी शर्तें लगाने का अधिकार है, यदि वे प्रतिबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं की ओर से महत्वपूर्ण लेन-देन जानबूझकर करते या करवाते हैं।

    ईरान की आर्थिक गतिविधियों पर बढ़ रहा दबाव

    अमेरिकी वित्त विभाग ने हाल के दिनों में ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज की है। 1 अक्टूबर को अमेरिका ने ईरान से जुड़े एक शैडो बैंकिंग नेटवर्क को निशाना बनाते हुए उसके खिलाफ प्रतिबंध लगाए और वित्तीय संस्थानों को उससे संबंधित संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तथा रिपोर्टिंग के लिए अलर्ट जारी किया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए ईरान और अन्य प्रतिबंधित पक्षों के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था तक पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही थी।

    अमेरिकी ट्रेजरी की हालिया कार्रवाई से संकेत मिलता है कि वाशिंगटन सिर्फ ईरानी संस्थाओं को ही नहीं, बल्कि ईरान के साथ कारोबार को वित्तीय रूप से संभव बनाने वाले विदेशी नेटवर्क और संस्थानों पर भी दबाव बढ़ा रहा है।

  • जावेद अख्तर ने फिल्म इंडस्ट्री को घेरने वालों को दिया जवाब, बोले समाज जैसा होगा सिनेमा भी वैसा ही बनेगा

    जावेद अख्तर ने फिल्म इंडस्ट्री को घेरने वालों को दिया जवाब, बोले समाज जैसा होगा सिनेमा भी वैसा ही बनेगा


    नई दिल्ली। जावेद अख्तर अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं और इस बार उन्होंने फिल्मों में बढ़ती बोल्डनेस और वल्गर गानों को लेकर अपनी बात रखी है। फिल्म इंडस्ट्री पर अश्लील या आपत्तिजनक गाने बनाने के आरोप लगाने वालों को जवाब देते हुए जावेद अख्तर ने कहा कि सिनेमा समाज से अलग नहीं है। उनके मुताबिक जिस तरह का समाज होगा उसी तरह का मनोरंजन भी देखने को मिलेगा। उन्होंने इस बहस का जिम्मेदार केवल फिल्म इंडस्ट्री को मानने के बजाय दर्शकों की पसंद पर भी सवाल उठाया।

    एक इंटरव्यू के दौरान जावेद अख्तर से सवाल किया गया कि सिनेमा अक्सर यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से क्यों बचता है कि जब समाज सुधरेगा तब अच्छा कंटेंट बनेगा। इस सवाल के जवाब में उन्होंने सिनेमा की तुलना समाज की नब्ज से की। उन्होंने कहा कि अगर शरीर में बुखार है तो नब्ज में भी उसका असर दिखाई देगा। इसी तरह समाज में जिस तरह की प्रवृत्तियां मौजूद होंगी उनका असर फिल्मों और मनोरंजन की दुनिया में भी नजर आएगा।

    जावेद अख्तर ने अपनी बात समझाने के लिए पुराने दौर की फिल्मों का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि इसी समाज में दो बीघा जमीन बंदिनी सुजाता हीरा मोती और मदर इंडिया जैसी फिल्मों का निर्माण हुआ था। इन फिल्मों को दर्शकों ने पसंद भी किया। ऐसे में उनके मुताबिक सवाल यह होना चाहिए कि उसी समाज में समय के साथ ऐसी फिल्मों की जगह कुछ अलग तरह के कंटेंट ने कैसे बना ली।

    बोल्ड गानों को लेकर उन्होंने खास तौर पर दर्शकों की भूमिका पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि किसी विवादित या अश्लील गाने को बनाने में केवल एक व्यक्ति शामिल नहीं होता। उसे लिखने से लेकर संगीत तैयार करने गाने उसे फिल्माने और रिलीज करने तक कई लोग जुड़े होते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि अगर कुछ लोग ऐसा कंटेंट तैयार करते हैं तो समस्या उतनी बड़ी नहीं है लेकिन जब करोड़ों लोग उसी कंटेंट को पसंद करके उसे सुपरहिट बना देते हैं तब सवाल समाज की पसंद पर उठता है।

    जावेद अख्तर ने चोली के पीछे क्या है जैसे चर्चित गाने का उदाहरण देते हुए पूछा कि ऐसे गानों को फिल्म इंडस्ट्री अकेले हिट नहीं करा सकती। दर्शकों की पसंद और प्रतिक्रिया ही किसी गाने को लोकप्रिय बनाती है। उनके मुताबिक अगर दर्शक ऐसे कंटेंट को स्वीकार नहीं करेंगे तो उसे बनाने वालों के लिए भी उसे बार बार पेश करने की वजह कम हो जाएगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि दर्शकों की पसंद का असर गंभीर और अच्छे सिनेमा पर भी पड़ता है। जावेद अख्तर ने मशहूर फिल्ममेकर श्याम बेनेगल का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने शानदार और विचारोत्तेजक फिल्में बनाईं लेकिन सवाल यह है कि कितने दर्शकों ने उन्हें देखा और बड़े स्तर पर सफल बनाया।

    जावेद अख्तर की इस टिप्पणी ने एक बार फिर सिनेमा और समाज के रिश्ते को लेकर बहस शुरू कर दी है। उनका कहना है कि फिल्मों में बदलाव की चर्चा करते समय केवल कलाकारों और निर्माताओं को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है। दर्शकों की पसंद भी तय करती है कि आने वाले समय में सिनेमा किस दिशा में आगे बढ़ेगा।