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  • 'हिन्दू फारसी शब्द, धर्मग्रंथों में कहीं नहीं', दिग्विजय सिंह क्यों निकाल रहे सनातन यात्रा?

    'हिन्दू फारसी शब्द, धर्मग्रंथों में कहीं नहीं', दिग्विजय सिंह क्यों निकाल रहे सनातन यात्रा?


    मुंबई।
    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने जा रहे हैं। यह यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या तक जाएगी। यात्रा से पहले दिग्विजय सिंह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने इसके उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने दावा किया कि ‘हिन्दू’ शब्द फारसी भाषा से आया है और वेद, पुराण तथा उपनिषदों में इसका उल्लेख नहीं मिलता।

    वीडियो में दिग्विजय सिंह ने विश्व हिंदू परिषद (VHP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विनायक दामोदर सावरकर को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘हिन्दू’ शब्द के इस्तेमाल के जरिए हिंदुओं और मुसलमानों तथा हिंदुओं और सिखों के बीच खाई पैदा की गई।

    ‘धर्मग्रंथों में हिन्दू शब्द का इस्तेमाल नहीं’

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि आजकल लोग ‘हिन्दू धर्म’ की जगह ‘सनातन धर्म’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जब से उन्होंने सनातन धर्म शब्द का इस्तेमाल करना शुरू किया, तब से और अधिक लोगों ने भी इस शब्द का प्रयोग शुरू किया है।

    उन्होंने कहा कि ‘हिन्दू’ शब्द फारसी भाषा का है और भारतीय धर्मग्रंथों में इसका उल्लेख नहीं मिलता। दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि वेदों, पुराणों और उपनिषदों में कहीं भी हिन्दू शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ है।

    80 साल की उम्र में उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा

    दिग्विजय सिंह ने वीडियो की शुरुआत में कहा कि लोग उनसे सवाल करते हैं कि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनके लिए उम्र मायने नहीं रखती और वह खुद को अभी 50 साल का महसूस करते हैं।

    उन्होंने बताया कि यात्रा उज्जैन के शिवधाम से अयोध्या के रामधाम तक जाएगी। उनके मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म के वास्तविक अर्थ, उसके मूल विचार और उसके महत्व को लोगों तक पहुंचाना है।

    VHP और सावरकर पर लगाए आरोप

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश में सनातन धर्म को लगातार ‘हिन्दू-हिन्दू’ कहने की परंपरा के लिए विश्व हिंदू परिषद और दामोदर सावरकर को जिम्मेदार माना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी प्रक्रिया के कारण हिंदुओं और मुसलमानों तथा हिंदुओं और सिखों के बीच विभाजन पैदा हुआ।

    उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी ने सनातन धर्म को अपनाया और उसे अपने जीवन में उतारा।

    ‘पूरी दुनिया को अपना बंधु मानता है सनातन’

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म की मूल भावना में पूरी दुनिया को अपना बंधु मानने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म प्राणियों के कल्याण और अधर्म के नाश की बात करता है तथा विश्व के कल्याण की कामना करता है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि विश्व हिंदू परिषद और RSS मिलकर सनातन धर्म के इस मूल उद्देश्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ में सनातन धर्म का उद्देश्य और महत्व लोगों को बताया जाएगा। यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या पहुंचेगी।

  • नवरात्रि 2026 में नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को चढ़ाएं अलग-अलग भोग, जानें किस दिन क्या अर्पित करें

    नवरात्रि 2026 में नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को चढ़ाएं अलग-अलग भोग, जानें किस दिन क्या अर्पित करें

    नई दिल्ली । शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी और नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। नवरात्रि का समापन 19 अक्टूबर को होगा, जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना के साथ उन्हें अलग-अलग भोग अर्पित करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी के प्रत्येक स्वरूप को उसकी मान्यता के अनुसार भोग चढ़ाया जाता है और श्रद्धालु सुख, शांति, समृद्धि तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

    नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन माता को देसी घी अर्पित करने की परंपरा बताई जाती है। भक्त माता की पूजा कर सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना होती है और उन्हें शक्कर का भोग लगाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में शक्कर को संयम, तप और शुभता से जोड़कर देखा जाता है। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। इस दिन माता को दूध या खीर का भोग लगाने की परंपरा है और भक्त घर में सुख-शांति तथा सकारात्मकता की कामना करते हैं।

    नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। इस दिन माता को मालपुए का भोग अर्पित किया जाता है। घर पर बनाए गए सात्विक मालपुए से भी भोग लगाने की परंपरा बताई जाती है। पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना होती है और उन्हें केले का भोग लगाया जाता है। पूजा के बाद केले को प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की मान्यता है। छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है और उन्हें शहद अर्पित किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में शहद को मधुरता और शुभता से जोड़ा जाता है।

    सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना होती है। इस दिन माता को गुड़ का भोग लगाया जाता है। भक्त जीवन की बाधाएं दूर होने और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं। आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है और उन्हें नारियल का भोग अर्पित करने की परंपरा है। कई घरों में अष्टमी के दिन कन्या पूजन भी किया जाता है। नवरात्रि के अंतिम यानी नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना होती है। इस दिन माता को तिल का भोग लगाया जाता है और भक्त सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना करते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं में भोग को केवल किसी खाद्य सामग्री के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि इसे देवी के प्रति श्रद्धा और समर्पण का भाव माना जाता है। इसलिए भोग तैयार करते समय साफ-सफाई और सात्विकता का ध्यान रखने की परंपरा है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और पूजा पद्धतियों में भोग से जुड़ी परंपराएं अलग हो सकती हैं। इसलिए ऊपर बताए गए भोग प्रचलित धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं और इन्हें अनिवार्य नियम नहीं माना जाता। श्रद्धालु अपने परिवार और स्थानीय पूजा परंपरा के अनुसार भी माता को भोग अर्पित कर सकते हैं।

  • MP में Air कनेक्टिविटी के बड़े विस्तार की तैयारी, 10 एयरपोर्ट… 230 विधानसभा में बनेंगे स्थायी हेलीपैड

    MP में Air कनेक्टिविटी के बड़े विस्तार की तैयारी, 10 एयरपोर्ट… 230 विधानसभा में बनेंगे स्थायी हेलीपैड


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में हवाई कनेक्टिविटी (Air Connectivity) को बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी है. मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) के नेतृत्व वाली सरकार प्रदेश में एयरपोर्ट (Airport), एयरस्ट्रिप और हेलीपैड का नेटवर्क मजबूत कर रही है. सरकार की योजना के तहत आने वाले समय में प्रदेश में 10 एयरपोर्ट, हर 150 किमी पर एयरपोर्ट, हर 75 किमी पर एयरस्ट्रिप और हर 45 किमी पर हेलीपैड विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    इतना ही नहीं, प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड विकसित करने की योजना है. सरकार का दावा है कि इससे आम नागरिकों के साथ-साथ स्वास्थ्य, आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन और निवेश को भी बेहतर हवाई संपर्क मिलेगा।

    अभी MP में कितने एयरपोर्ट हैं?
    मध्य प्रदेश में फिलहाल 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक एयरस्ट्रिप और करीब 220 हेलीपैड हैं. साल 2023-24 में प्रदेश में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो के 5 प्रमुख एयरपोर्ट संचालित थे। इसके बाद रीवा, दतिया और सतना को जोड़कर एयरपोर्ट की संख्या 8 हो गई. अब उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं. इनके तैयार होने के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी।


    5 नए एयरपोर्ट की मंजूरी का इंतजार

    राज्य सरकार पांच नए एयरपोर्ट विकसित करने के प्रस्ताव पर भी काम कर रही है. इनकी स्वीकृति केंद्र सरकार के स्तर पर प्रक्रियाधीन है. इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है. इसके अलावा उड़ान योजना के तहत प्रदेश की 10 मौजूदा एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है. इनमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं।


    हर 45 किमी पर हेलीपैड का लक्ष्य

    सरकार प्रदेश में हवाई सुविधाओं को जिला मुख्यालयों तक सीमित रखने के बजाय ज्यादा व्यापक नेटवर्क तैयार करना चाहती है. इसके तहत हर 150 किमी पर एयरपोर्ट, 75 किमी पर एयरस्ट्रिप और 45 किमी पर हेलीपैड विकसित करने की योजना है। साथ ही प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे आपात स्थिति, वीआईपी मूवमेंट, मेडिकल इमरजेंसी और दूरदराज के क्षेत्रों तक तेज पहुंच में मदद मिलने की उम्मीद है।


    एयर एंबुलेंस से अब तक 186 मरीजों को मदद

    मध्य प्रदेश में पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा 29 मई 2024 से संचालित है. आयुष्मान कार्डधारियों को प्रदेश के भीतर और प्रदेश से बाहर सरकारी तथा आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों तक निःशुल्क हवाई परिवहन की सुविधा दी जाती है. गैर-आयुष्मान हितग्राहियों को प्रदेश के सरकारी अस्पताल तक निःशुल्क और प्रदेश के बाहर निर्धारित दरों पर यह सुविधा उपलब्ध है. सरकार के अनुसार अब तक 186 मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को इस सेवा का लाभ मिल चुका है।


    हेली टूरिज्म से उज्जैन, ओंकारेश्वर और चंदेरी तक पहुंच आसान

    मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा भी शुरू की गई है. इसके तहत आध्यात्मिक, हेरिटेज और वाइल्डलाइफ पर्यटन के लिए अलग-अलग सेक्टर निर्धारित किए गए हैं।
    – आध्यात्मिक पर्यटन: इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर
    – हेरिटेज पर्यटन: भोपाल-चंदेरी-ओरछा
    – वाइल्डलाइफ पर्यटन: जबलपुर-मैहर-चित्रकूट-कान्हा-बांधवगढ़

    चंदेरी और ओरछा में जॉय राइड की सुविधा भी उपलब्ध है. सरकार के मुताबिक अब तक 5,200 से ज्यादा यात्रियों ने हेली सेवा का इस्तेमाल किया है और 680 से अधिक जॉय राइड संचालित की जा चुकी हैं।


    इंदौर से अबूधाबी की सीधी उड़ान

    मध्य प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी भी लगातार बढ़ रही है. इंदौर से पहले दुबई के लिए हवाई संपर्क स्थापित हुआ और अब अबूधाबी के लिए सीधी उड़ान शुरू हुई है. इंदौर-अबूधाबी सीधी उड़ान मध्य प्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत वित्त पोषित प्रदेश की पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान बताई गई है. करीब 3 घंटे 15 मिनट की इस उड़ान से मध्य प्रदेश का खाड़ी क्षेत्र से सीधा हवाई संपर्क मजबूत हुआ है।


    सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में नया एयरपोर्ट

    सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन के दताना-मताना एयरपोर्ट का विकास महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आरसीएस उड़ान 5.2 के तहत शुरुआती चरण में 1,800 मीटर लंबा रनवे विकसित किया जा रहा है. भविष्य में इसे बढ़ाकर 2,700 मीटर किया जाएगा. एयरपोर्ट के तैयार होने के बाद सिंहस्थ के दौरान देशभर से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिल सकता है।


    MP को मिलेगा अपना सरकारी विमान

    मध्य प्रदेश सरकार के बेड़े में नया शासकीय विमान भी शामिल होने जा रहा है. सरकार के मुताबिक अभी चार्टर्ड विमान के इस्तेमाल पर होने वाला खर्च ज्यादा है. नया सरकारी विमान मिलने के बाद विमान संचालन पर होने वाला मासिक खर्च करीब एक-तिहाई रह जाने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार कोविड-19 के दौरान प्रदेश का विमान रेमडेसिविर जैसी जरूरी दवाओं की आपूर्ति करते समय ग्वालियर में क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद से राज्य सरकार चार्टर्ड विमान का इस्तेमाल कर रही है।

    MP का हवाई नेटवर्क कितना बड़ा होने वाला है?
    मध्य प्रदेश सरकार की योजना सिर्फ नए एयरपोर्ट बनाने तक सीमित नहीं है. एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप, हेलीपैड, एयर एंबुलेंस, हेली टूरिज्म और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को एक साथ विस्तार देने की तैयारी है। 10 एयरपोर्ट + 75 किमी पर एयरस्ट्रिप + 45 किमी पर हेलीपैड + 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड का यह नेटवर्क आने वाले वर्षों में प्रदेश की कनेक्टिविटी को नया स्वरूप दे सकता है. खासतौर पर सिंहस्थ-2028, मेडिकल इमरजेंसी, पर्यटन और निवेश के लिहाज से इसे अहम माना जा रहा है।

  • हॉलीवुड सितारों पर भारी पड़े अजय देवगन, दृश्यम द कन्क्लूजन ने ओपनिंग वीकेंड में रचा बड़ा रिकॉर्ड

    हॉलीवुड सितारों पर भारी पड़े अजय देवगन, दृश्यम द कन्क्लूजन ने ओपनिंग वीकेंड में रचा बड़ा रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। अजय देवगन की फिल्म दृश्यम द कन्क्लूजन ने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने बॉलीवुड के साथ साथ हॉलीवुड में भी चर्चा तेज कर दी है। 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में पहुंची इस सस्पेंस थ्रिलर को लेकर पहले से ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह था और रिलीज के बाद फिल्म ने कमाई के मामले में भी अपनी पकड़ मजबूत कर ली। सबसे खास बात यह रही कि फिल्म ने अपने ओपनिंग वीकेंड में कई बड़ी हॉलीवुड फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए दुनिया भर में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का स्थान हासिल किया।

    दृश्यम द कन्क्लूजन ने भारत में पहले दिन करीब 62 करोड़ रुपये की नेट कमाई के साथ शुरुआत की। इसके बाद शनिवार और रविवार को भी फिल्म की कमाई की रफ्तार बनी रही। तीन दिनों में फिल्म ने भारत में लगभग 176.50 करोड़ रुपये की नेट कमाई की जबकि इसका ग्रॉस कलेक्शन करीब 211.80 करोड़ रुपये बताया गया। विदेशों में भी फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।

    नॉर्थ अमेरिका में फिल्म को अमेरिका और कनाडा के 500 से ज्यादा सिनेमाघरों में रिलीज किया गया। यहां फिल्म ने शुरुआती दिनों में करीब 2.7 मिलियन डॉलर की कमाई की। वहीं यूरोप और खाड़ी देशों समेत दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से फिल्म ने 3.4 मिलियन डॉलर से ज्यादा का कलेक्शन किया। रविवार तक फिल्म की वैश्विक कमाई करीब 28.4 मिलियन डॉलर यानी लगभग 273 करोड़ रुपये बताई गई।

    दृश्यम द कन्क्लूजन की सबसे बड़ी चर्चा हॉलीवुड फिल्मों के साथ इसकी तुलना को लेकर हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म ने इसी वीकेंड रिलीज हुई टॉम क्रूज की फिल्म डिगर को पीछे छोड़ दिया। डिगर की ग्लोबल ओपनिंग करीब 20 मिलियन डॉलर रही। इसके मुकाबले अजय देवगन की फिल्म ने बेहतर शुरुआत करते हुए अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
    दृश्यम द कन्क्लूजन की सबसे बड़ी चर्चा हॉलीवुड फिल्मों के साथ इसकी तुलना को लेकर हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म ने इसी वीकेंड रिलीज हुई टॉम क्रूज की फिल्म डिगर को पीछे छोड़ दिया। डिगर की ग्लोबल ओपनिंग करीब 20 मिलियन डॉलर रही। इसके मुकाबले अजय देवगन की फिल्म ने बेहतर शुरुआत करते हुए अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

    ब्रैड पिट की फिल्म हार्ट ऑफ द बीस्ट भी इस वीकेंड की ग्लोबल कमाई में दृश्यम द कन्क्लूजन से पीछे रही। फिल्म ने अपने दूसरे सप्ताहांत में करीब 28 मिलियन डॉलर का कलेक्शन किया। वहीं रेजिडेंट ईविल ने लगभग 24.5 मिलियन डॉलर की कमाई के साथ टॉप 5 में जगह बनाई। इस सूची में सबसे ऊपर ऐनी हैथवे और डकोटा जॉनसन की फिल्म वेरिटी रही जिसने करीब 62.6 मिलियन डॉलर का वैश्विक कारोबार किया।

    दृश्यम द कन्क्लूजन का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है। फिल्म में अजय देवगन के साथ तब्बू श्रिया सरन जयदीप अहलावत प्रकाश राज इशिता दत्ता और रजत कपूर जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी को लेकर निर्माताओं ने इसे सीरीज की आखिरी कड़ी के तौर पर पेश किया है। इसी वजह से इसका नाम दृश्यम 3 रखने के बजाय दृश्यम द कन्क्लूजन रखा गया है।

    फिल्म की सफलता यह दिखाती है कि मजबूत कहानी और लोकप्रिय फ्रेंचाइजी के दम पर भारतीय सिनेमा अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ी फिल्मों के सामने अपनी जगह बना सकता है। अब आने वाले दिनों में देखना दिलचस्प होगा कि दृश्यम द कन्क्लूजन अपनी शुरुआती रफ्तार को कितना आगे ले जा पाती है।

  • Ind vs WI : पहला टी-20 आज लखनऊ में…. टीम में संजू सैमसन को फिर मौका, वैभव सूर्यवंशी बाहर

    Ind vs WI : पहला टी-20 आज लखनऊ में…. टीम में संजू सैमसन को फिर मौका, वैभव सूर्यवंशी बाहर


    लखनऊ।
    आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 (Aichi-Nagoya Asian Games 2026) में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब टीम इंडिया (Team India) की नजरें वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ टी20 सीरीज (T20 Series) पर हैं. दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर (मंगलवार) को लखनऊ (Lucknow) के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से शुरू होगा।

    भारतीय टीम ने हाल ही में एशियन गेम्स के मेन्स क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. फाइनल में अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने बल्ले से अहम योगदान दिया था. वहीं शिवम दुबे ने ऑलराउंड खेल दिखाया था।


    कप्तान श्रेयस अय्यर पर बड़ी जिम्मेदारी

    टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे. एशियन गेम्स में भी अय्यर की अगुवाई में भारत ने गोल्ड जीता था. अब उनकी कोशिश वेस्टइंडीज के खिलाफ भी जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करने की होगी. हालांकि, वेस्टइंडीज को हल्के में नहीं लिया जा सकता. वनडे सीरीज में भारत ने 2-1 से जीत दर्ज की, लेकिन तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत हासिल की थी. ऐसे में कैरेबियाई टीम टी20 सीरीज में मजबूत वापसी करना चाहेगी।


    संजू-अभिषेक कर सकते हैं ओपनिंग

    पहले टी20 के लिए संभावित प्लेइंग-11 में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी जा सकती है. नंबर-3 पर ईशान किशन उतर सकते हैं. इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा मध्यक्रम को मजबूती देंगे. एशियन गेम्स के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करने वाले अभिषेक और तिलक पर एक बार फिर नजरें रहेंगी।


    शिवम दुबे और नीतीश रेड्डी देंगे ऑलराउंड विकल्प

    मध्यक्रम में शिवम दुबे और नीतीश कुमार रेड्डी टीम को बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी का विकल्प भी देंगे. वहीं अक्षर पटेल स्पिन ऑलराउंडर की भूमिका में नजर आ सकते हैं. गेंदबाजी में कुलदीप यादव मुख्य स्पिनर होंगे, जबकि तेज गेंदबाजी की कमान अर्शदीप सिंह संभाल सकते हैं. दूसरे तेज गेंदबाज के तौर पर प्रिंस यादव को मौका मिलने की संभावना है।


    कोच गंभीर का वैभव पर बड़ा बयान

    टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में कहा, ‘वैभव बहुत प्रतिभाशाली हैं और अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन कभी-कभी आपको अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है क्योंकि हम ड्रेसिंग रूम में वह सुरक्षा का माहौल बनाना चाहते हैं।


    गोल्ड के बाद अब टी20 सीरीज पर नजर

    एशियन गेम्स में पाकिस्तान को हराकर गोल्ड जीतने के बाद टीम इंडिया के सामने अब नई चुनौती वेस्टइंडीज की है. लखनऊ में होने वाला पहला टी20 ना सिर्फ पांच मैचों की सीरीज का आगाज होगा, बल्कि गोल्ड मेडल मैच के बाद भारतीय टीम के नए अभियान की शुरुआत भी करेगा।


    पहले टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग-11:
    संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव.


    पहले टी20 में वेस्टस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग-11:
    शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, शिमरॉन हेटमायर, अकील हुसैन, गुडाकेश मोती, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड और शमर स्प्रिंगर.

    भारत का फुल स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, नमन धीर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और मयंक यादव।


    वेस्टइंडीज का स्क्वॉड:
    शाई होप (कप्तान), रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, शिमरॉन हेटमायर, अकील हुसैन, आमिर जंगू, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड और शमर स्प्रिंगर।


    टी20 सीरीज का फुल शेड्यूल

    पहला टी20: 6 अक्टूबर 2026 (लखनऊ)
    दूसरा टी20: 9 अक्टूबर 2026 (रांची)
    तीसरा टी20: 11 अक्टूबर 2026 (इंदौर)
    चौथा टी20: 14 अक्टूबर 2026 (हैदराबाद)
    पांचवां टी20: 17 अक्टूबर 2026 (बेंगलुरु)

  • भारत-US ट्रेड डील में फंसा पेंच…. निर्मला सीतारमण बोलीं- आगे कुछ और देना- लेना दोनों पक्षों के लिए मुश्किल

    भारत-US ट्रेड डील में फंसा पेंच…. निर्मला सीतारमण बोलीं- आगे कुछ और देना- लेना दोनों पक्षों के लिए मुश्किल


    नई दिल्ली।
    भारत और अमेरिका (India and America) के बीच ट्रेड डील (Trade Deal) को लेकर लंबे समय से चल रही बातचीत अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां दोनों देशों के लिए एक-दूसरे से नई रियायत हासिल करना आसान नहीं दिख रहा. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को इस मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में कहा कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है, जहां इसके आगे कुछ और देना या लेना दोनों पक्षों के लिए बहुत मुश्किल होगा।

    भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत फरवरी 2025 से चल रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की वॉशिंगटन में हुई मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई थी. दोनों देशों ने 2030 तक आपसी कारोबार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था.

    ट्रेड डील में कहां फंसी बात?

    म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब तक हुई बातचीत काफी कड़ी रही है और दोनों पक्षों ने अपने-अपने हितों को ध्यान में रखते हुए समझौते पर चर्चा की है. उनके मुताबिक, मौजूदा स्थिति से आगे बढ़कर ज्यादा देना या लेना भारत और अमेरिका दोनों के लिए काफी मुश्किल होगा. सीतारमण ने यह भी कहा कि वह यह मानना चाहेंगी कि दोनों देश बातचीत में एक ‘प्लैटो’ (Plateau) पर पहुंच गए हैं. यानी अब समझौते के अगले चरण में पहुंचने के लिए दोनों पक्षों को अपनी मौजूदा स्थिति से आगे बढ़ना होगा, जो आसान नहीं है.


    अंतरिम समझौते पर सहमति

    दोनों देश एक साल से ज्यादा समय से बड़े व्यापार समझौते से पहले अंतरिम समझौते पर भी काम कर रहे हैं. फरवरी 2026 में भारत और अमेरिका ने इस अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट के लिए एक फ्रेमवर्क का ऐलान किया था. उस समय यह भी साफ किया गया था कि व्यापक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए आगे और बातचीत की जरूरत होगी. इसके बाद पूरे 2026 में दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रही, लेकिन अब तक अंतिम समझौता नहीं हो सका है. अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमीसन ग्रीर ने 1 अक्टूबर को भी कहा था कि ट्रेड डील अभी करीब नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह साफ किया था कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है।


    टैरिफ-मार्केट एक्सेस बड़े मुद्दे

    बातचीत के मौजूदा दौर में टैरिफ, बाजार तक पहुंच और दोनों देशों के बीच बड़े व्यापार असंतुलन जैसे मुद्दे अहम बने हुए हैं. यानी मामला सिर्फ आयात शुल्क (Import Duty) तक सीमित नहीं है, बल्कि कई बड़े आर्थिक मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिश हो रही है. इसी सिलसिले में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अमेरिका के दौरे पर थे. इस दौरान दोनों देशों के बीच अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बातचीत हुई।

    अभी डील फाइनल नहीं हुई
    फिलहाल वित्त मंत्री के बयान से यह स्पष्ट है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील अभी अंतिम रूप नहीं ले पाई है. निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि दोनों देशों के व्यापार में फिलहाल भारत फायदे में हैं और अमेरिका अपने पुराने नुकसान की भरपाई करने और इस व्यापारिक अंतर को कम करने की कोशिश में जुटा है. वित्त मंत्री ने व्यापार घाटा कम करने के लिए अमेरिका द्वारा बार-बार टैरिफ बढ़ाने के तरीके पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आमतौर पर ऐसे मामले बातचीत से ही सुलझाए जाते हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा बहुत बड़ा है, फिर भी इसे सिर्फ भारी टैक्स लगाकर ठीक नहीं किया जा सकता, इसके लिए आपसी बातचीत और लेन-देन का रास्ता अपनाना होगा।

  • सऊदी अरब में नागरिक उड़ानें असुरक्षित….. हूतियों ने चेतावनी के बाद मचा हड़कंप

    सऊदी अरब में नागरिक उड़ानें असुरक्षित….. हूतियों ने चेतावनी के बाद मचा हड़कंप


    नई दिल्ली।
    ईरान (Iran) के समर्थन वाले हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) के हवाई क्षेत्र को नागरिक उड़ानों (Civil flights) के लिए असुरक्षित बताते हुए चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार सऊदी हवाई समर्थन के साथ हूतियों के कब्जे वाले इलाकों पर जवाबी हमला कर रही है। यमन की सरकारी समाचार एजेंसी सबा ने बताया कि हूतियों की HOCC एजेंसी ने कहा कि सऊदी हवाई क्षेत्र सुरक्षित नहीं है और यह हमारी सेना की कार्रवाई का ठिकाना होगा। हालांकि, इस चेतावनी में पवित्र शहरों मक्का और मदीना के ऊपर के हवाई क्षेत्र को छूट दी गई है। यानी इन दोनों शहरों की ओर जाने वाली उड़ानों को इस चेतावनी से बाहर रखा गया है।

    सऊदी अरब और हूथियों के बीच जुलाई 2022 में हुआ समझौता टूटने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव फिर बढ़ गया था। पिछले महीने हूती विद्रोहियों ने यमन के पूरे लाल सागर तट पर कब्जा कर लिया और बाब अल-मंडेब स्ट्रेट को भी अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद से दोनों तरफ से हमले जारी हैं। संघर्ष विराम टूटने के बाद हूथी पड़ोसी सऊदी अरब पर भी हमले कर रहे हैं और उसके जहाजों पर समुद्री नाकाबंदी की घोषणा कर चुके हैं।

    इसी बीच यमन की सेना ने करीब 100 सऊदी लड़ाकू विमानों के साथ हूथी ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि यह जवाबी अभियान हूथियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेने के लिए चलाया जा रहा है। इसमें राजधानी सना भी शामिल है। यमनी सेना ने दावा किया है कि उसने अब तक 1,000 से ज्यादा हमले किए हैं।दूसरी ओर हूथी विद्रोहियों ने कहा है कि रविवार को उन्होंने यमन के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में तुरबाह शहर समेत और इलाकों पर कब्जा कर लिया है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं और जमीन पर स्थिति तेजी से बदल रही है।

    यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरियानी ने सोमवार को रॉयटर्स को बताया कि सऊदी समर्थन वाली यमनी सरकारी सेनाओं ने बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य पर प्रभावी नियंत्रण हासिल कर लिया है। उनके मुताबिक, सऊदी हवाई मदद से यमनी सेनाएं तट के साथ तेजी से आगे बढ़ीं और धुबाब इलाके की अहम जगहों पर कब्जा कर लिया। धुबाब जलडमरूमध्य के सबसे संकरे बिंदु पर स्थित है, इसलिए इस इलाके का सामरिक महत्व बहुत अधिक माना जाता है।मंत्री ने कहा कि यह जलमार्ग खासतौर पर सऊदी तेल निर्यात के लिए महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि इस साल फरवरी में पश्चिम एशिया में लड़ाई शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद पड़ा है। ऐसे में बाब अल-मंदब लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच समुद्री आवाजाही के लिए अहम रास्ता बन गया है।

    अल-एरियानी के अनुसार, यमनी सेना ने धुबाब पट्टी पर कब्जा कर लिया है और इलाके में बची हुई हूथी सेना को मुख्य बल से काट दिया है। उनका कहना है कि सरकारी बलों की बढ़त जारी है। हालांकि, एक अन्य सरकारी सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि जलडमरूमध्य के पास एक सैन्य अड्डे पर लड़ाई अभी भी चल रही है। इसका मतलब है कि पूरे इलाके पर पूरा नियंत्रण अभी पुष्ट नहीं हुआ है।

    हूथियों ने इन दावों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यमनी सेना को मैदान पर कोई खास फायदा नहीं हुआ है। दोनों पक्षों के बयान एक-दूसरे से अलग हैं और स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।फिलहाल यमन में लड़ाई फिर तेज हो गई है। एक तरफ सरकारी सेना सऊदी हवाई समर्थन के साथ आगे बढ़ने का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ हूथी नए इलाकों पर कब्जे और सऊदी हवाई क्षेत्र को असुरक्षित बताने की चेतावनी दे रहे हैं। बाब अल-मंदब जैसे संकरे और व्यस्त समुद्री रास्ते पर नियंत्रण की लड़ाई पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

  • भारत-स्विट्जरलैंड के बीच कई समझौतों पर बनी सहमति…. नौकरी से लेकर व्यापार तक हुई कई डील

    भारत-स्विट्जरलैंड के बीच कई समझौतों पर बनी सहमति…. नौकरी से लेकर व्यापार तक हुई कई डील


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सोमवार को भारत यात्रा (India Trip) पर आए स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पारमेलिन (Swiss President Guy Parmelin) से द्विपक्षीय वार्ता की। इस मौके पर हरित ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी, परिवहन, आवाजाही समेत कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। बैठक के बाद संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (एफ्टा) देशों के साथ हुए व्यापार समझौते से अगले 15 सालों में देश में सौ अरब डॉलर का निवेश आएगा और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

    एफ्टा यूरोपीय देशों का एक मुक्त व्यापार संगठन है जिसे 1960 में स्थापित किया गया था। इसमें चार देश स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बयान में कहा कि राष्ट्रपति पारमेलिन के सहयोग से एफ्टा देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू हुआ है। यह यूरोप के किसी भी आर्थिक समूह के साथ भारत का पहला समझौता है जो निवेश, नवाचार और साझा समृद्धि का दस्तावेज है।

    मोदी ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड की मित्रता सदियों पुरानी है। 19वीं सदी में स्वामी विवेकानंद ने स्विस आल्प्स में हिमालय की झलक देखी थी। महात्मा गांधी ने भी स्विट्जरलैंड में समय बिताया और वहां के लोगों से संवाद किया। इन ऐतिहासिक यात्राओं की स्मृतियां हमारी मित्रता में गूंजती हैं। मोदी ने स्विट्जरलैंड के पार्मेलिन को भारत की तीन विशेष चीज़- गुलमर्ग, कोणार्क और येऊर तथा हाथ से नक्काशी किया कश्मीरी अखरोट की लकड़ी का दीवार पैनल भेंट किया।


    स्विस बाजार में पहुंच बढ़ेगी

    मोदी ने कहा कि बैठक में हमने अपनी साझेदारी को एक नई गति और नई ऊंचाई दी है। स्विट्जरलैंड के बाजार में भारत की पहुंच बढ़ाने और निवेश को सुगम बनाने के लिए अहम निर्णय लिए हैं। इससे कृषि, फार्मा, वस्त्र तथा इंजीनियरिंग सामानों का स्विट्जरलैंड को निर्यात बढ़ेगा।


    अनुसंधान पर जोर

    इस दौरान स्वास्थ्य, हरित ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्र में नए साझा अनुसंधान परियोजनाएं शुरू करने पर भी सहमति जताई गई। भारत के साइंस स्टार्टअप की क्षमता निर्माण के लिए ज्यूरिख विश्वविद्यालय के साथ समझौता किया गया है।


    वैश्विक शांति के लिए मिलकर काम करेंगे

    संयुक्त बयान में दोनों देशों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों, बातचीत और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। वे वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए मिलकर कार्य करेंगे। PM मोदी ने अगले वर्ष एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए स्विट्जरलैंड को शुभकामनाएं भी दीं। इस दौरान कहा कि दोनों देश एआई को जिम्मेदार, समावेशी और मानव-केंद्रित बनाने को बढ़ते रहेंगे।


    भारत स्विट्जरलैंड के बीच 5 प्रमुख समझौते

    प्रवासन और आवागमन साझेदारी पर समझौता हुआ। इसमें पांच साल तक के लिए बहु-प्रवेश वीजा का प्रावधान है, जिसमें प्रत्येक यात्रा पर छह महीने तक का प्रवास शामिल है। साथ ही नवीकरणीय एक वर्षीय छात्र परमिट भी शामिल है।

    युवा पेशेवरों के आदान-प्रदान पर समझौता (वाईपीएस)हुआ। इसका उद्देश्य युवा पेशेवरों के एक से दूसरे देश में अस्थायी रोजगार ग्रहण करने के काम को नियंत्रित करना है। इससे वे अपने क्षेत्र में पेशेवर और भाषायी कौशल को बढ़ा सकते हैं। वाईपीएस में प्रति देश प्रतिवर्ष तीन सौ लोगों का आदान-प्रदान शामिल है, जिसे बढ़ाकर पांच सौ किया जा सकता है।

    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और ज्यूरिख यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज के बीच नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यमिता में सहयोग के लिए कार्यान्वयन समझौता हुआ। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और नेटवर्किंग के माध्यम से प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप के लिए अकादमिक-उद्योग प्रशिक्षण कार्यक्रम को लागू करना है।

    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और स्विस राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन (एसएनएसएफ) के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य खोजपूर्ण वैज्ञानिक सहयोग का समर्थन करके, भविष्य में संयुक्त अनुसंधान के लिए साझेदारी का निर्माण करना है।

    संघीय आर्थिक कार्य, शिक्षा और अनुसंधान विभाग (ईएईआर) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच चिह्नित क्षेत्रों में परिवहन प्रौद्योगिकियों, गतिशीलता प्रणालियों और अवसंरचना के संवर्धन एवं सहयोग पर समझौता हुआ। इसका मकसद सतत अवसंरचना विकास में सहयोग को बढ़ावा देना है। इसमें ई-वाहनों, रोपवे, चक्रीय अर्थव्यवस्था, सुरंगों और अन्य परिवहन क्षेत्रों में प्रौद्योगिकियों और अवसंरचना को बढ़ाकर परिवहन और गतिशीलता प्रणालियों पर ध्यान दिया गया है।

  • नेपाल आपदा…. 40 दिन बाद रुका सर्च ऑपरेशन… 189 भारतीयों समेत 5000 से ज्यादा अब भी लापता

    नेपाल आपदा…. 40 दिन बाद रुका सर्च ऑपरेशन… 189 भारतीयों समेत 5000 से ज्यादा अब भी लापता


    काठमांडू।
    नेपाल (Nepal) में 26 अगस्त को आई भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ (Bhotekoshi-Trishuli flood) के 40 दिन बाद गैर-जरूरी खोज और बचाव अभियान (Search and Rescue Operations) रोक दिया गया है। बाढ़ में 1,455 लोगों की मौत हुई है, जबकि 5,285 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 189 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।

    फिलहाल नेपाल ने बाढ़ के बाद चलाए जा रहे गैर-जरूरी खोज और बचाव अभियानों को सोमवार को रोकने का फैसला किया। अब देश का ध्यान राहत और तलाश से आगे बढ़कर पुनर्निर्माण और पुनर्वास पर केंद्रित होगा।

    यह फैसला प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन परिषद की बैठक में लिया गया। जिला आपदा प्रबंधन समितियों, राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) और बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने वाली टीमों की सिफारिशों के बाद यह निर्णय हुआ।


    5,285 लोग अब भी लापता

    नेपाल में 26 अगस्त को आई भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में 1,455 लोगों की मौत हुई, जबकि 5,285 लोग लापता हैं। लापता लोगों में 189 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय मूल के दर्जनों ऐसे लोग भी लापता हैं, जिनके पास दूसरे देशों के पासपोर्ट हैं।


    36 देशों के 606 विदेशी पर्यटक लापता

    नेपाल के पर्यटन विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ के बाद 36 देशों के 606 विदेशी पर्यटक अब भी लापता हैं।


    लापता विदेशी पर्यटकों में:

    – भारत के 189 नागरिक
    – अमेरिका के 65 नागरिक
    – मलेशिया के 55 नागरिक
    – यूक्रेन के 54 नागरिक
    – चीन के 37 नागरिक
    – ऑस्ट्रेलिया और लातविया के 33-33 नागरिक
    – ब्रिटेन के 32 नागरिक
    – कनाडा के 30 नागरिक
    – इसके अलावा 188 नेपाली पर्यटक भी लापता हैं।


    इन भारतीय राज्यों के लोग भी लापता

    भारतीय राज्यों से अलग-अलग जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक, लापता भारतीयों में सबसे ज्यादा लोग तमिलनाडु से हैं।
    – तमिलनाडु: 85
    – पश्चिम बंगाल: 37
    – गुजरात: 30
    – तेलंगाना: 25
    – उत्तर प्रदेश: 22
    – कर्नाटक: 13
    – आंध्र प्रदेश: 13
    – बिहार: 12
    – महाराष्ट्र: 10 से ज्यादा
    – ओडिशा: 4


    पुनर्निर्माण के लिए 35 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव

    नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन परिषद ने पुनर्निर्माण और पुनर्वास से जुड़े 504 कार्यक्रमों के लिए वित्त मंत्रालय से 559 अरब नेपाली रुपये (करीब 35,000 करोड़ रुपये) मंजूर करने की सिफारिश की है।

    ये कार्यक्रम विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों की ओर से प्रस्तुत किए गए हैं। वहीं, जिन परियोजनाओं की लागत अभी तय नहीं हुई है, उनके लिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी NDRRMA को दी गई है। अब नेपाल में बाढ़ के बाद चल रहे प्रयासों का फोकस लापता लोगों की तलाश से आगे बढ़कर प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण और पुनर्वास पर रहेगा।

  • कैबिनेट फेरबदल की अटकलें हुई तेज…. राज्यसभा चुनाव के बाद दो मंत्रियों का पत्ता कटना तय

    कैबिनेट फेरबदल की अटकलें हुई तेज…. राज्यसभा चुनाव के बाद दो मंत्रियों का पत्ता कटना तय


    नई दिल्ली।
    राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election 2026) की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने सोमवार को 8 और नामों का ऐलान कर दिया है। इसमें सबसे ज्यादा चर्चा बीएल वर्मा (BL Verma) और हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) को टिकट नहीं दिए जाने की है। खास बात है कि दोनों ही केंद्रीय मंत्री थे। साथ ही भाजपा ने अब तक ऐलान नहीं किया कि इन नेताओं की नई भूमिका क्या हो सकती है। दरअसल, ये ऐसे समय पर हुआ है जब कैबिनेट फेरबदल की अटकलें चल रही हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है और महज अटकलों का दौर चल रहा है।

    संविधान के अनुच्छेद 75(5) में कहा गया है कि एक मंत्री अगर लगातार 6 महीने तक किसी भी सदन का सदस्य नहीं रहता है, तो उन्हें पद छोड़ना पड़ता है। अब नवंबर में पुरी और वर्मा दोनों का ही कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में चर्चाएं तेज हो गईं हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले मंत्री परिषद में नए चेहरों की एंट्री हो सकती है। अभी तक औपचारिक रूप से इसे लेकर कुछ नहीं कहा गया है।


    4 नए मंत्रियों की एंट्री की तैयारी

    पीएम मोदी के टीम में 4 नए मंत्रियों की एंट्री हो सकती है। इसकी वजह पुरी, वर्मा, रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन की राज्यसभा में वापसी नहीं होना है। ये चारों ही एनडीए सरकार में मंत्री थे। बिट्टू रेल राज्य मंत्री थे। उन्होंने जुलाई में पद से इस्तीफा दे दिया था। दरअसल, जून में उनका राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें उच्च सदन के लिए नॉमिनेट नहीं किया था। दरअसल, चर्चाएं थीं कि बिट्टू अब सरकार से निकल कर पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं। राज्य में 2027 में चुनाव होने हैं।

    जून में ही जॉर्ज कुरियन भी राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं। केरल से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल कुरियन अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री थे। खास बात है कि कुरियन सरकार में अकेले ईसाई मंत्री थे। उन्होंने 9 जून 2024 को पदभार संभाला था। वह साल 1980 से भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े रहे हैं और पार्टी प्रवक्ता, केरल भाजपा के उपाध्यक्ष समेत कई अहम पदों पर रह चुके हैं।