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  • 20 अगस्त को शनि बदलेंगे नक्षत्र, बुध के रेवती में प्रवेश से 5 राशियों के बनेंगे धन-करियर में लाभ के योग

    20 अगस्त को शनि बदलेंगे नक्षत्र, बुध के रेवती में प्रवेश से 5 राशियों के बनेंगे धन-करियर में लाभ के योग


    नई दिल्ली। साल 2026 का अगस्त महीना ज्योतिषीय घटनाओं के लिहाज से खास रहने वाला है। इस महीने 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगने वाला है। इससे कुछ दिन पहले ही 20 अगस्त को शनिदेव रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे। रेवती नक्षत्र को 27वां और अंतिम नक्षत्र माना जाता है तथा इसके स्वामी बुध ग्रह हैं।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक शनि के नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग हो सकता है। कुछ राशियों के लिए यह बदलाव आर्थिक स्थिति, करियर और रुके हुए कार्यों के लिहाज से लाभकारी माना जा रहा है।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि वालों को नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। आमदनी में वृद्धि के योग हैं और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रहेगा। परिवार में सुख-शांति का माहौल बनेगा। सामाजिक स्तर पर भी आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि के जातकों के लिए कमाई के नए साधन बनने के संकेत हैं। जमीन, मकान या वाहन खरीदने की योजना पूरी हो सकती है। नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में अच्छे अवसर मिलने की संभावना है। इससे आर्थिक स्थिति के साथ सुख-सुविधाओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

    तुला राशि
    तुला राशि वालों के लिए समय अनुकूल रहने की संभावना है। लंबे समय से अटके काम गति पकड़ सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। पुराने कर्ज से राहत मिलने के योग हैं। परिवार में कोई शुभ या मांगलिक आयोजन भी हो सकता है।

    धनु राशि
    धनु राशि के जातकों को मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है। आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी। करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। इन अवसरों का लाभ मिलने से आर्थिक स्थिति भी मजबूत होने के संकेत हैं।

    मकर राशि
    मकर राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यों में सफलता मिलने के योग बनेंगे। पुराने निवेश से अच्छा लाभ प्राप्त हो सकता है। नौकरी या कारोबार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान नए अवसरों का लाभ उठाने का मौका मिलेगा।

  • MP के 48 जिलों में सूखे जैसे हालात, 46% तक कम बारिश, जबलपुर में धान के खेतों में पड़ी दरारें

    MP के 48 जिलों में सूखे जैसे हालात, 46% तक कम बारिश, जबलपुर में धान के खेतों में पड़ी दरारें


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसूनी सीजन में कम बारिश होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। प्रदेश के 55 में से 48 जिलों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। इन जिलों में सामान्य से 1 से 46 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश की कमी का असर जलस्रोतों के साथ-साथ खरीफ फसलों पर भी दिखाई देने लगा है। जबलपुर में धान के खेतों में दरारें पड़ गई हैं, जबकि उज्जैन संभाग में सोयाबीन की फसल पर इल्ली का असर देखा जा रहा है।

    हालांकि, मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई है। इससे बारिश की कमी कुछ हद तक दूर होने की उम्मीद है।

    पूर्वी MP में 23% कम बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में बारिश की कमी 1 से 46 प्रतिशत तक है।

    वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में औसत से 16 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी बारिश सामान्य से कम रही है।

    सिर्फ 7 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    प्रदेश में केवल बड़वानी, ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 39 इंच तक मानी जाती है।

    धान और सोयाबीन की फसल पर असर
    कम बारिश वाले क्षेत्रों में खरीफ सीजन की प्रमुख फसल सोयाबीन, धान और मक्का है। सब्जियों की खेती भी होती है, लेकिन बारिश की कमी से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

    जबलपुर के पाटन क्षेत्र में धान के खेतों में नमी की कमी के कारण दरारें पड़ने लगी हैं। यहां अब तक करीब 16.3 इंच बारिश हुई है, जबकि इस अवधि तक 23.6 इंच बारिश होनी चाहिए थी।

    उज्जैन संभाग में भी सोयाबीन की फसल पर इल्ली का असर सामने आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कम बारिश के बीच फसल में कीट प्रकोप ने परेशानी और बढ़ा दी है।

    अगले 3 दिन बारिश की उम्मीद
    मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में प्रदेश के उत्तरी हिस्से के कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, टीकमगढ़, छतरपुर और सागर में भारी बारिश का अलर्ट है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में हल्की बारिश होने की संभावना है।

    अब तक 19% बारिश कम
    मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 16.3 इंच (419.5 मिमी) बारिश हुई है, जबकि इस अवधि तक 20.5 इंच (519.8 मिमी) पानी गिरना चाहिए था। इस लिहाज से प्रदेश में करीब 4.2 इंच यानी 19 प्रतिशत बारिश कम हुई है। बारिश की यह कमी अब जलस्रोतों के साथ खेती पर भी साफ दिखाई देने लगी है।

  • रफ्तार ने छीनी जिंदगी, अतीक अहमद के बेटे अबान की दर्दनाक मौत; आखिरी बार बोला- 'मुझे बचा लो'

    रफ्तार ने छीनी जिंदगी, अतीक अहमद के बेटे अबान की दर्दनाक मौत; आखिरी बार बोला- 'मुझे बचा लो'


    नई दिल्ली। माफिया अतीक अहमद के परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गुरुवार सुबह प्रयागराज से झांसी जा रहे अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे 21 वर्षीय अबान अहमद की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वह अपने बड़े भाई अली से मिलने झांसी जेल जा रहा था। रास्ते में झांसी से करीब 70 किलोमीटर पहले पूंछ थाना क्षेत्र में उनकी तेज रफ्तार क्रेटा कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार पांचों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर ही अबान और उसके साथी सोनू ने दम तोड़ दिया जबकि तीन अन्य घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के समय कार की रफ्तार काफी तेज थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन कई फीट हवा में उछलकर सड़क पर दूर तक घिसटता चला गया। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सभी लोग अंदर फंस गए। आसपास मौजूद लोगों और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़कर घायलों को बाहर निकाला।

    घटना के प्रत्यक्षदर्शी दीपक यादव ने बताया कि सबसे पहले वह मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने लोहे की रॉड की मदद से कार का दरवाजा तोड़ा और अंदर फंसे अबान को बाहर निकालने की कोशिश की। उनके अनुसार अबान के मुंह से खून निकल रहा था और उसने धीमी आवाज में कहा मुझे बचा लो। इसके कुछ ही क्षण बाद वह बेहोश हो गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

    हादसे की वजह को लेकर दो अलग-अलग बातें सामने आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हाईवे पर अचानक एक बछड़ा आ गया था। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने कार मोड़ी और संतुलन बिगड़ने से वाहन डिवाइडर से टकरा गया। वहीं घायल उमर अहमद का कहना है कि सड़क पर पड़ी ईंट के कारण कार अनियंत्रित हुई और हादसा हुआ। पुलिस दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।

    फॉरेंसिक जांच के दौरान कार से सिगरेट के पैकेट जूते और दो अंग्रेजी उपन्यास भी बरामद हुए हैं। माना जा रहा है कि अबान ये सामान अपने बड़े भाई अली के लिए लेकर जा रहा था जो इस समय झांसी जेल में बंद है। दुर्घटना के समय अबान आगे की सीट पर बैठा था जबकि उसका साथी जैद वाहन चला रहा था। हल्की बारिश के कारण सड़क भी फिसलन भरी बताई जा रही है जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई।

    अबान अतीक अहमद का सबसे छोटा बेटा था। परिवार पहले ही कई बड़े झटके झेल चुका है। वर्ष 2023 में उसके भाई असद की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। उसी वर्ष अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में पुलिस सुरक्षा के बीच हत्या कर दी गई थी। फिलहाल परिवार के अन्य सदस्य अलग-अलग कानूनी मामलों में जेल में हैं जबकि अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अब भी फरार है।

    अबान के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को प्रयागराज में अतीक अहमद की कब्र के पास ही अबान को सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों को सामने लाने वाला साबित हुआ है।

  • पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड का बड़ा दांव शानदार फॉर्म के दम पर डैन लॉरेंस की वापसी

    पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड का बड़ा दांव शानदार फॉर्म के दम पर डैन लॉरेंस की वापसी


    नई दिल्ली। इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों के लिए अपनी 16 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। टीम चयन में सबसे बड़ी खबर शानदार फॉर्म में चल रहे बल्लेबाजी ऑलराउंडर डैन लॉरेंस की वापसी है जबकि युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल चोट के कारण पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। इंग्लैंड ने अनुभव और मौजूदा प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए संतुलित टीम तैयार की है जिससे पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने की कोशिश की जाएगी।

    पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 19 अगस्त से लीड्स में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा टेस्ट 27 अगस्त से ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर होगा जबकि तीसरा और अंतिम मुकाबला 9 सितंबर से बर्मिंघम में आयोजित किया जाएगा। शुरुआती दो टेस्ट के लिए घोषित टीम में कई ऐसे खिलाड़ियों को मौका मिला है जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

    डैन लॉरेंस की वापसी उनके शानदार काउंटी चैंपियनशिप प्रदर्शन का इनाम मानी जा रही है। सरे की ओर से खेलते हुए उन्होंने इस सीजन में पांच शतक जड़े हैं और 788 रन बनाकर डिवीजन वन के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। लॉरेंस केवल भरोसेमंद बल्लेबाज ही नहीं बल्कि उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाज भी हैं। ऐसे में वह बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी टीम को अतिरिक्त विकल्प देंगे। माना जा रहा है कि वह मध्यक्रम में नंबर छह पर बल्लेबाजी करेंगे और जरूरत पड़ने पर गेंद से भी अहम भूमिका निभाएंगे।

    दूसरी ओर इंग्लैंड को जैकब बेथेल की गैरमौजूदगी का झटका लगा है। भारत के खिलाफ हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज के दौरान उनके दाहिने घुटने में चोट लग गई थी। मेडिकल टीम की निगरानी के बावजूद वह पूरी तरह फिट नहीं हो सके और इसी कारण उन्हें पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर रहना पड़ेगा। उनकी जगह जॉर्डन कॉक्स को शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी की जिम्मेदारी दी गई है। कॉक्स नंबर तीन पर उतरेंगे और टीम प्रबंधन को उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद होगी।

    टीम चयन में नए नियुक्त मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग और मार्कस ट्रेस्कोथिक की अहम भूमिका रही। हालांकि इस सीरीज में ट्रेस्कोथिक अंतरिम मुख्य कोच की जिम्मेदारी निभाएंगे जबकि फ्लेमिंग इसके बाद पूरी तरह टीम की कमान संभालेंगे। चयनकर्ताओं ने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं का संतुलन बनाए रखने की रणनीति अपनाई है।

    इंग्लैंड ने विकेटकीपर बल्लेबाज ओली पोप और तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स को भी टीम में वापस शामिल किया है। दोनों खिलाड़ी पिछली एशेज सीरीज के बाद पहली बार टेस्ट टीम का हिस्सा बने हैं। इसके अलावा सैम कुक और ओली रॉबिन्सन जैसे तेज गेंदबाजों को भी मौका दिया गया है जिससे गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत नजर आ रहा है। कप्तान जो रूट के नेतृत्व में टीम पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू मैदान पर जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करना चाहेगी।

    पाकिस्तान के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम:
    जो रूट कप्तान जोफ्रा आर्चर गस एटकिंसन शोएब बशीर हैरी ब्रूक ब्रायडन कार्स सैम कुक जॉर्डन कॉक्स बेन डकेट मैथ्यू फिशर एमिलियो गे डैन लॉरेंस ओली पोप ओली रॉबिन्सन जेमी स्मिथ और जोश टोंग।

  • युवा भारत पर मोहन भागवत का फोकस, जेनरेशन Z के साथ शिक्षा और नेतृत्व पर करेंगे खुला संवाद

    युवा भारत पर मोहन भागवत का फोकस, जेनरेशन Z के साथ शिक्षा और नेतृत्व पर करेंगे खुला संवाद


    नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत आज मुंबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी के दो हजार से अधिक विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस यानी आईआईएमयूएन की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश के सौ से अधिक शहरों से आए 11 से 19 वर्ष आयु वर्ग के छात्र शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी के विचारों को समझना नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देना और शिक्षा तथा समाज से जुड़े विषयों पर खुला संवाद स्थापित करना है।

    यह कार्यक्रम ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब हाल के महीनों में देश में शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर व्यापक बहस देखने को मिली। छात्र आंदोलनों और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों के बाद युवाओं के साथ यह संवाद काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस मंच पर नई पीढ़ी की अपेक्षाओं चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर खुलकर चर्चा होगी।

    मोहन भागवत इससे पहले भी कई बार युवाओं से संवाद के महत्व पर जोर दे चुके हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि आज की नई पीढ़ी सवाल पूछती है और उसे आदेश देने के बजाय बातचीत के माध्यम से समझना चाहिए। उनके अनुसार बदलते समय में संवाद ही सबसे प्रभावी माध्यम है जिसके जरिए समाज और युवा एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि किसी पर अपनी बात थोपने के बजाय विचारों का आदान प्रदान होना चाहिए ताकि सकारात्मक परिवर्तन संभव हो सके।

    कार्यक्रम के आयोजक आईआईएमयूएन के संस्थापक ऋषभ शाह के अनुसार यह मंच पिछले 15 वर्षों से छात्रों के बीच नेतृत्व संवाद और बहस की संस्कृति को बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है। संगठन भारत के 108 शहरों और 15 देशों में अपनी गतिविधियां संचालित करता है तथा अब तक करोड़ों छात्रों तक पहुंच बना चुका है। ऋषभ शाह ने बताया कि मोहन भागवत इससे पहले भी दो बार इस मंच पर छात्रों से संवाद कर चुके हैं और इस बार का निमंत्रण कई महीने पहले भेजा गया था जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।

    कार्यक्रम में शामिल छात्र विभिन्न सामाजिक शैक्षणिक और राष्ट्रीय विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं भी रख सकते हैं। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को केवल सुनना नहीं बल्कि उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देना भी है। आयोजकों का कहना है कि नेतृत्व तभी विकसित होता है जब युवाओं को खुलकर सोचने और अपनी राय व्यक्त करने का मंच मिले।

    इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भाजपा नेताओं ने इसे वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा बताया है और कहा है कि संघ लंबे समय से युवाओं के बीच संवाद और व्यक्तित्व निर्माण के कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। वहीं आयोजन में कुछ अन्य सार्वजनिक हस्तियों की मौजूदगी को लेकर भी चर्चा हुई लेकिन आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं बल्कि छात्रों के लिए आयोजित एक स्वतंत्र मंच है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते दौर में युवाओं से सीधे संवाद की पहल समाज और संस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शिक्षा तकनीक रोजगार और सामाजिक मूल्यों जैसे विषयों पर खुली बातचीत नई पीढ़ी के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने में मदद करती है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपनी सोच साझा करने का अवसर मिलता है और समाज को उनकी अपेक्षाओं को समझने का नया दृष्टिकोण भी प्राप्त होता है।

  • Arvind Kejriwal I आप का दावा, भारत में ब्लॉक हुआ केजरीवाल का इंस्टाग्राम अकाउंट, मेटा से मांगा जवाब

    Arvind Kejriwal I आप का दावा, भारत में ब्लॉक हुआ केजरीवाल का इंस्टाग्राम अकाउंट, मेटा से मांगा जवाब


    नई दिल्ली ।
    आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि उसके राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का इंस्टाग्राम अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया है। पार्टी का कहना है कि इस संबंध में उन्हें एक नोटिस भी मिला है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि अकाउंट को किस वजह से रोका गया और इसे दोबारा कब तथा कैसे बहाल किया जाएगा। इस दावे के बाद राजनीतिक हलकों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भूमिका और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

    अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कई बार संबंधित सोशल मीडिया कंपनी से फोन और ईमेल के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उनके अनुसार कंपनी ने न तो कार्रवाई का कारण बताया और न ही अकाउंट दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया की जानकारी दी।

    आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेताओं और लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई की जा रही है। पार्टी का कहना है कि विपक्षी नेताओं की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सेंसरशिप लागू करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    केजरीवाल ने दावा किया कि उन्हें कई ऐसे लोगों के संदेश और फोन कॉल भी मिले हैं, जिन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इसी तरह की कार्रवाई की शिकायत की है। उनका कहना है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति का भी अकाउंट इसी प्रकार बंद किया गया है, तो वह उनसे संपर्क करे ताकि ऐसे सभी मामलों को एक साथ उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस विषय पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और उपयोगकर्ताओं को यह जानने का अधिकार है कि उनके अकाउंट पर कार्रवाई किस आधार पर की गई।

    पार्टी का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आज राजनीतिक संवाद और जनसंपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। ऐसे में किसी भी सार्वजनिक प्रतिनिधि या आम नागरिक के अकाउंट पर कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। बिना स्पष्ट कारण बताए अकाउंट प्रतिबंधित किए जाने से कई तरह के सवाल खड़े होते हैं और इससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निष्पक्षता पर भी चर्चा शुरू हो जाती है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होने वाली कार्रवाई और उसके नियम लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। विभिन्न देशों में भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही, कंटेंट मॉडरेशन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस जारी है। भारत में भी इस प्रकार के मामलों पर समय-समय पर राजनीतिक दल अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देते रहे हैं।

    फिलहाल आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठा रही है और मेटा से स्पष्टीकरण की मांग कर रही है। दूसरी ओर, इस मामले में आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत बयान आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अकाउंट पर की गई कार्रवाई का वास्तविक कारण क्या है और आगे इसकी स्थिति क्या होगी।

  • PhonePe का बड़ा ऐलान, एक ही ऐप पर खुलेगी एफडी और 100 रुपये रोजाना से शुरू होगी डिजिटल आरडी

    PhonePe का बड़ा ऐलान, एक ही ऐप पर खुलेगी एफडी और 100 रुपये रोजाना से शुरू होगी डिजिटल आरडी


    नई दिल्ली ।
    डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करते हुए फोनपे ने अपने प्लेटफॉर्म पर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) डिस्ट्रीब्यूशन सेवा शुरू कर दी है। इस नई सुविधा के जरिए अब ग्राहक सीधे फोनपे ऐप पर विभिन्न बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों की एफडी योजनाओं की तुलना कर निवेश कर सकेंगे। इसके साथ ही कंपनी ने शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक के सहयोग से एक नया डिजिटल माइक्रो-सेविंग्स प्रोडक्ट ‘डेली रिकरिंग डिपॉजिट (डेली आरडी)’ भी लॉन्च किया है, जिसमें केवल 100 रुपये प्रतिदिन से बचत शुरू की जा सकती है।

    नई सुविधा का उद्देश्य निवेश प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और आसान बनाना है। अब ग्राहकों को अलग-अलग बैंकों की वेबसाइट या शाखाओं में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे एक ही ऐप पर उपलब्ध विभिन्न एफडी विकल्पों की तुलना कर अपनी जरूरत और निवेश अवधि के अनुसार उपयुक्त योजना चुन सकेंगे। इससे निवेश की प्रक्रिया तेज, सुविधाजनक और अधिक पारदर्शी बनने की उम्मीद है।

    फोनपे के अनुसार, ऐप के माध्यम से खोली गई एफडी पर भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के तहत डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) की व्यवस्था के अनुसार पात्र जमा राशि पर 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर भी मिलेगा। इसके अलावा उपयोगकर्ता एक ही प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग बैंकों की एफडी को आसानी से ट्रैक और प्रबंधित कर सकेंगे।

    कंपनी ने छोटे निवेशकों, युवाओं, मिलेनियल्स, जेन-जी और नियमित बचत की आदत विकसित करने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए डेली आरडी की शुरुआत की है। इस योजना में प्रतिदिन 100 रुपये से लेकर 1,000 रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। यह सुविधा यूपीआई ऑटोपे आधारित है, जिससे तय राशि स्वतः निवेश होती रहेगी और ग्राहकों को बार-बार भुगतान करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

    डेली आरडी की एक विशेषता यह भी है कि निवेशक जरूरत पड़ने पर केवल सात दिन बाद ही अपनी जमा राशि निकाल सकते हैं। यदि कोई ग्राहक लगातार 15 दिनों तक निवेश नहीं कर पाता है, तब भी उस पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। साथ ही, वह किसी भी समय अपना यूपीआई ऑटोपे मैंडेट बंद करने का विकल्प भी चुन सकता है। इससे यह योजना लचीली और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनती है।

    फोनपे का कहना है कि उसका उद्देश्य देश के अधिक से अधिक लोगों तक सुरक्षित और सरल डिजिटल निवेश सुविधाएं पहुंचाना है। कंपनी का मानना है कि फिक्स्ड डिपॉजिट लंबे समय से भारतीय परिवारों की पसंदीदा बचत योजना रही है और अब इसे पूरी तरह डिजिटल बनाकर निवेशकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा।

    एफडी या डेली आरडी शुरू करने के लिए ग्राहक फोनपे ऐप के होम स्क्रीन पर उपलब्ध “म्यूचुअल फंड्स एंड डिपॉजिट” सेक्शन में जाकर अपनी पसंद का विकल्प चुन सकते हैं। यहां सात दिन से लेकर दस वर्ष तक की अवधि वाली एफडी उपलब्ध होगी। निवेश प्रक्रिया के दौरान पैन और आधार के माध्यम से डिजिटल सत्यापन, नॉमिनी जोड़ने तथा यूपीआई या नेट बैंकिंग के जरिए भुगतान की सुविधा भी मिलेगी। कंपनी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर निवेश की गई राशि को निर्धारित नियमों के अनुसार समय से पहले भी निकाला जा सकेगा।

  • भारतीय कंपनियों के पहली तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर, बैंकिंग और मेटल सेक्टर की मजबूत बढ़त से बढ़ा कॉरपोरेट मुनाफा

    भारतीय कंपनियों के पहली तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर, बैंकिंग और मेटल सेक्टर की मजबूत बढ़त से बढ़ा कॉरपोरेट मुनाफा


    नई दिल्ली ।
    वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारतीय कॉरपोरेट क्षेत्र का प्रदर्शन बाजार की अपेक्षाओं से बेहतर रहा है। अप्रैल से जून 2026 की अवधि के दौरान बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं, धातु, सूचना प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों की मजबूत वृद्धि ने कंपनियों के समग्र मुनाफे को मजबूती दी। हालांकि तेल विपणन कंपनियों को ऊंची कच्चे तेल की कीमतों के कारण दबाव का सामना करना पड़ा, लेकिन अन्य प्रमुख क्षेत्रों के अच्छे प्रदर्शन से कुल आय पर इसका प्रभाव काफी हद तक संतुलित हो गया।

    तिमाही नतीजों के विश्लेषण से पता चलता है कि यदि तेल विपणन कंपनियों को अलग कर दिया जाए तो भारतीय कंपनियों की आय में सालाना आधार पर करीब 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों के दबाव के बावजूद अधिकांश कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है और परिचालन स्तर पर बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला है।

    प्रमुख क्षेत्रों में सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं का रहा, जहां आय में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। धातु क्षेत्र ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए करीब 53 प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल की। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 11 प्रतिशत और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे समग्र कॉरपोरेट आय को मजबूती मिली।

    अब तक अपने तिमाही परिणाम घोषित करने वाली निफ्टी की कई प्रमुख कंपनियों ने भी बाजार की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया है। औसतन कंपनियों के मुनाफे में लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि विश्लेषकों का अनुमान इससे काफी कम था। बड़ी संख्या में कंपनियां अपने अनुमानित लाभ से बेहतर नतीजे देने में सफल रहीं, जबकि अपेक्षाकृत कम कंपनियों के परिणाम अनुमान से कमजोर रहे।

    हालांकि सभी क्षेत्रों की स्थिति समान नहीं रही। तेल विपणन कंपनियों के अलावा सीमेंट, विमानन और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों पर लागत और मांग से जुड़ी चुनौतियों का असर देखने को मिला। विशेष रूप से कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने तेल विपणन कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बनाया, जिससे इन क्षेत्रों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।

    बाजार पूंजीकरण के आधार पर देखें तो बड़ी कंपनियों ने स्थिर प्रदर्शन करते हुए अपनी आय में वृद्धि दर्ज की। दूसरी ओर मिड-कैप कंपनियों के समग्र आंकड़ों में गिरावट दिखाई दी, जिसका प्रमुख कारण तेल विपणन कंपनियों का कमजोर प्रदर्शन रहा। हालांकि इन कंपनियों को अलग करने पर मिड-कैप श्रेणी की अधिकांश कंपनियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिससे स्पष्ट होता है कि व्यापक स्तर पर कारोबार की स्थिति सकारात्मक बनी हुई है।

    स्मॉल-कैप कंपनियों ने इस तिमाही में सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। इन कंपनियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें वित्तीय क्षेत्र की मजबूती और अनुकूल तुलनात्मक आधार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इससे यह संकेत मिलता है कि छोटे और मध्यम आकार के कारोबारों में भी कारोबारी गतिविधियां बेहतर हो रही हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पहली तिमाही के मजबूत नतीजों से निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है। हालांकि आने वाले महीनों में वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और पूंजी बाजार में बढ़ती गतिविधियां निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकती हैं। इसके बावजूद मौजूदा तिमाही के परिणाम भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट क्षेत्र की मजबूती का सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

  • Stock Market Closing: बैंकिंग शेयरों की तेजी और क्रूड ऑयल में नरमी से लगातार दूसरे दिन मजबूत हुआ भारतीय बाजार

    Stock Market Closing: बैंकिंग शेयरों की तेजी और क्रूड ऑयल में नरमी से लगातार दूसरे दिन मजबूत हुआ भारतीय बाजार

    नई दिल्ली । वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। निवेशकों की सकारात्मक धारणा, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के चलते प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 373.76 अंकों की बढ़त के साथ 78,954.76 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 11.35 अंक चढ़कर 24,636.00 पर पहुंच गया। निफ्टी का 24,600 के ऊपर बंद होना बाजार की मजबूती का संकेत माना जा रहा है।

    कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंतिम चरण में चुनिंदा हैवीवेट और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बढ़ने से सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। इससे पहले मंगलवार की गिरावट के बाद भी बाजार ने वापसी करते हुए लगातार दूसरे दिन बढ़त दर्ज की है। निवेशकों का मानना है कि घरेलू आर्थिक संकेतकों और वैश्विक परिस्थितियों में सुधार से आगे भी बाजार को समर्थन मिल सकता है।

    सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो पीएसयू बैंक शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, फाइनेंशियल सर्विसेज और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने भी सकारात्मक प्रदर्शन किया। दूसरी ओर मीडिया, रियल्टी, ऑटो, मेटल और आईटी सेक्टर में मुनाफावसूली के कारण गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद व्यापक बाजार में स्मॉलकैप शेयरों की मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा।

    निफ्टी 50 के प्रमुख शेयरों में एसबीआई, बीईएल, टाइटन, श्रीराम फाइनेंस, सिप्ला और इटरनल में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। वहीं पावर ग्रिड, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, टीसीएस और बजाज ऑटो के शेयर दबाव में रहे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल मजबूत मूलभूत आधार वाली कंपनियों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और पश्चिम एशिया में समुद्री व्यापार को सामान्य बनाने की दिशा में जारी कूटनीतिक प्रयासों ने बाजार की धारणा को मजबूत किया है। इससे महंगाई पर दबाव कम होने और कंपनियों की लागत घटने की उम्मीद बढ़ी है, जिसका सकारात्मक असर कॉर्पोरेट मुनाफे पर पड़ सकता है। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा बाजार में बना हुआ है।

    भारतीय रिजर्व बैंक के स्थिर नीतिगत रुख और आर्थिक विकास को लेकर सकारात्मक संकेतों ने भी निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है। बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में आई खरीदारी इसी भरोसे को दर्शाती है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में बेहतर कॉर्पोरेट नतीजों की संभावना निवेशकों को आकर्षित कर सकती है।

    हालांकि कुछ क्षेत्रों में मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन स्मॉलकैप और चुनिंदा वैल्यू शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। विशेष रूप से ऊर्जा, टेलीकॉम और रिटेल से जुड़े कारोबार में लंबी अवधि की संभावनाओं को देखते हुए निवेशकों ने खरीदारी जारी रखी। इससे बाजार का समग्र रुख सकारात्मक बना रहा और प्रमुख सूचकांक लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे।

  • स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, जनता से सुझाव लेने के लिए जल्द शुरू होगा पोर्टल

    स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, जनता से सुझाव लेने के लिए जल्द शुरू होगा पोर्टल

    उज्जैन। मध्यप्रदेश के पंचायत और नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। छठे मध्यप्रदेश वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने बताया कि जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से आम नागरिक भी स्थानीय निकायों के विकास और वित्तीय मजबूती के लिए अपने सुझाव दे सकेंगे। फिलहाल आयोग संभाग स्तर पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सुझाव जुटा रहा है।

    उज्जैन प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए पवैया ने बताया कि आयोग अब तक छह संभागों का दौरा कर चुका है। पहले चरण में सांसदों, विधायकों, नगरीय निकायों और पंचायतों के प्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों से सुझाव लिए जा रहे हैं। सभी नौ संभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसे राज्यपाल को सौंपा जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार स्थानीय निकायों को वित्तीय आवंटन करेगी।

    उन्होंने बताया कि अब तक कई उपयोगी सुझाव मिले हैं। इनमें प्रत्येक पंचायत और नगरीय निकाय में सोलर एनर्जी प्लांट स्थापित करने का सुझाव विशेष रूप से प्रभावी माना गया है। उनका कहना है कि वर्तमान में स्थानीय निकायों की बड़ी राशि स्ट्रीट लाइट और नल-जल योजनाओं के बिजली बिल पर खर्च होती है। यदि निकाय स्वयं बिजली उत्पादन करें तो न केवल उनका खर्च कम होगा, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी अर्जित कर सकेंगे। उन्होंने इंदौर नगर निगम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सोलर ऊर्जा और कचरे से बायोगैस बनाकर आय बढ़ाने की दिशा में सफल प्रयास किए जा रहे हैं।

    केंद्रीय वित्त आयोग की अनुदान राशि में कटौती के सवाल पर पवैया ने स्पष्ट किया कि फंड में कमी नहीं की गई है। बल्कि पहले की तुलना में अधिक राशि उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि अब अनुदान प्राप्त करने के लिए निकायों के कार्यों की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

    उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सुझाव लेने के बाद पंचायत और जनपद स्तर पर भी संवाद किया जाएगा। इसके बाद आम नागरिकों के सुझाव प्राप्त करने के लिए पोर्टल शुरू किया जाएगा। साथ ही आर्थिक विशेषज्ञों से भी परामर्श लिया जाएगा, ताकि स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने और विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाली प्रभावी सिफारिशें तैयार की जा सकें।

    बैठक के दौरान कई अन्य सुझाव भी सामने आए। नागदा-खाचरौद विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान ने ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के दौरान आवश्यक कच्चे कार्यों, जैसे मुरम और चूरी डालने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा। वहीं कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोस और महेश परमार ने भी आयोग के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत किए।