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  • पश्चिम बंगाल का नाम बदलने की तैयारी, सरकार विधानसभा में लाएगी बिल

    पश्चिम बंगाल का नाम बदलने की तैयारी, सरकार विधानसभा में लाएगी बिल


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘पश्चिम बंग’ करने की तैयारी फिर तेज हो गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा है कि राज्य सरकार जल्द विधानसभा में नाम परिवर्तन से जुड़ा विधेयक पेश करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि यह बिल अगले विधानसभा सत्र में लाया जा सकता है।

    समिक भट्टाचार्य ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य का नाम ‘बंगाल’ या ‘वेस्ट बंगाल’ रखने के बजाय ‘पश्चिम बंग’ किया जाएगा। उनके मुताबिक, इस नाम का उद्देश्य राज्य को उसके इतिहास और पहचान से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द इस दिशा में विधायी प्रक्रिया शुरू करेगी।

    वाराणसी में बनेगा ‘पश्चिम बंग भवन’
    समिक भट्टाचार्य ने वाराणसी में ‘पश्चिम बंग भवन’ बनाने की योजना की भी जानकारी दी। उनके मुताबिक, यह भवन राज्य के संस्कृति और पर्यटन विभाग, केंद्र सरकार तथा कूचबिहार के पूर्व राजपरिवार के वंशजों के सहयोग से तैयार किया जाएगा।

    यह भवन केवल सांस्कृतिक केंद्र के तौर पर ही नहीं, बल्कि बंगाल से वाराणसी आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए भी उपयोग किया जाएगा। प्रस्ताव में सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ अन्य सुविधाएं विकसित करने की बात कही गई है।

    भाजपा नेता ने वाराणसी और बंगाल के बीच पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कूचबिहार के राजपरिवार से जुड़े इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि राजपरिवार ने 1836 में बनारस कालीबाड़ी की आधारशिला रखी थी और इसके बाद वहां दो मंदिरों का निर्माण कराया गया था।

    पहले भी कई बार उठा है नाम बदलने का मुद्दा
    पश्चिम बंगाल का नाम बदलने का मुद्दा नया नहीं है। 1999 में ज्योति बसु के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार ने राज्य का नाम ‘पश्चिम बंग’ करने का प्रस्ताव विधानसभा में रखा था। बाद में ‘बांग्ला’ नाम को लेकर भी चर्चा हुई और प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया, लेकिन राजनीतिक सहमति और केंद्र की मंजूरी नहीं मिलने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

    2011 में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद यह मुद्दा दोबारा उठा। ममता बनर्जी सरकार ने भी ‘पश्चिम बंग’ नाम का प्रस्ताव रखा था। उस समय यह तर्क दिया गया था कि अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम में राज्य का नाम काफी नीचे आने के कारण राष्ट्रीय बैठकों में पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधियों को अपनी बारी के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। सर्वदलीय बैठक में प्रस्ताव का समर्थन भी हुआ, लेकिन केंद्र की मंजूरी नहीं मिली।

    इसके बाद 2016 में नाम बदलने की प्रक्रिया फिर शुरू हुई। उस समय बंगाली में ‘बांग्ला’, अंग्रेजी में ‘बंगाल’ और हिंदी में ‘बंगाल’ नाम रखने का प्रस्ताव सामने आया। वर्ष 2018 में विधानसभा ने सर्वसम्मति से राज्य का नाम केवल ‘बांग्ला’ रखने का प्रस्ताव पारित किया था।

    हालांकि, केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। नाम परिवर्तन के लिए संवैधानिक प्रक्रिया का पालन जरूरी होने की बात सामने आई। साथ ही भाजपा के एक वर्ग ने ‘बांग्ला’ नाम की ‘बांग्लादेश’ से समानता को लेकर भी आपत्ति जताई थी।

    अब आगे क्या होगा?
    समिक भट्टाचार्य ने अब एक बार फिर ‘पश्चिम बंग’ नाम का प्रस्ताव सामने रखा है। हालांकि, केवल राज्य विधानसभा में विधेयक पेश और पारित होने से नाम तुरंत नहीं बदलेगा। राज्य का नाम बदलने के लिए संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे केंद्र और संसद की भूमिका भी होगी। मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्ताव को विधानसभा स्तर से आगे बढ़कर केंद्र की प्रक्रिया और संसद की मंजूरी से गुजरना होगा। इसलिए फिलहाल पश्चिम बंगाल का आधिकारिक नाम ‘पश्चिम बंग’ नहीं हुआ है; यह नाम बदलने की प्रस्तावित प्रक्रिया का हिस्सा है।

  • आज का राशिफल 6 अक्टूबर, ग्रहों की चाल बदलेगी इन राशियों का दिन, जानिए मेष से मीन तक कैसा रहेगा भाग्य

    आज का राशिफल 6 अक्टूबर, ग्रहों की चाल बदलेगी इन राशियों का दिन, जानिए मेष से मीन तक कैसा रहेगा भाग्य


    नई दिल्ली। 6 अक्टूबर का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज ग्रहों की स्थिति के प्रभाव से कुछ लोगों को कामकाज में सफलता मिल सकती है तो कुछ राशियों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। नौकरी करने वालों के लिए दिन नई जिम्मेदारियां लेकर आ सकता है जबकि कारोबार से जुड़े लोगों को किसी पुराने संपर्क से फायदा मिलने के संकेत हैं। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय को लेकर चर्चा हो सकती है और मन की उलझन भी दूर हो सकती है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कर सकती है। कोई रुका हुआ काम पूरा होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। कारोबार में जल्दबाजी से बचें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। वृषभ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में लाभ मिल सकता है। पुराने निवेश या किसी पुराने संपर्क से फायदा मिलने की संभावना है। हालांकि अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो जल्दबाजी में फैसला न लें।

    मिथुन राशि के लिए दिन व्यस्त रह सकता है। कार्यस्थल पर एक साथ कई जिम्मेदारियां मिलने से दबाव बढ़ सकता है लेकिन आपकी समझदारी से काम पूरे होंगे। व्यापारियों को नई डील मिल सकती है। कर्क राशि वालों को आज परिवार से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है। घर में माहौल अच्छा रहेगा। धन संबंधी मामलों में सोच समझकर निर्णय लेना बेहतर होगा। किसी करीबी व्यक्ति से मन की बात साझा करने से तनाव कम हो सकता है।

    सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और आपके काम की सराहना हो सकती है। कारोबार में विस्तार की योजना बना रहे हैं तो आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। कन्या राशि वालों को आज अपनी योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए। किसी पुराने विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और आराम के लिए भी समय निकालें।

    तुला राशि के लिए आज का दिन रिश्तों के लिहाज से खास रह सकता है। जीवनसाथी के साथ बातचीत से किसी पुराने मतभेद को दूर किया जा सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रह सकती है। वृश्चिक राशि के लोगों को काम में नई चुनौती मिल सकती है। मेहनत अधिक करनी पड़ेगी लेकिन इसका परिणाम भी सकारात्मक मिल सकता है। धन उधार देने से पहले अच्छी तरह विचार करें।

    धनु राशि वालों के लिए आज यात्रा या किसी नए व्यक्ति से मुलाकात लाभदायक हो सकती है। नौकरी और कारोबार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। मकर राशि के जातकों को अपने खर्च और भविष्य की योजनाओं के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा। कार्यक्षेत्र में किसी वरिष्ठ व्यक्ति की सलाह उपयोगी साबित हो सकती है।

    कुंभ राशि के लिए आज का दिन रचनात्मक कामों के लिए अच्छा रह सकता है। नई योजना पर काम शुरू करने का अवसर मिलेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। मीन राशि वालों को आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए। कार्यक्षेत्र में धैर्य बनाए रखें और आर्थिक मामलों में सावधानी से कदम उठाएं। कुल मिलाकर 6 अक्टूबर का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीद और अवसर लेकर आ सकता है। हालांकि राशिफल को सामान्य ज्योतिषीय संकेतों के रूप में ही देखना चाहिए और महत्वपूर्ण फैसले अपनी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लेने चाहिए।

  • MP में चक्रवाती सिस्टम का असर, जबलपुर-रीवा-शहडोल में 4 दिन बारिश की संभावना

    MP में चक्रवाती सिस्टम का असर, जबलपुर-रीवा-शहडोल में 4 दिन बारिश की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम के कारण जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में अगले चार दिन बारिश का दौर रहने का अनुमान है। मंगलवार को पन्ना, सतना, रीवा समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जबकि भोपाल और इंदौर में दिन में तेज धूप और रात में ठंडक रहेगी।

    मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। 7 और 8 अक्टूबर को भी इन इलाकों में बारिश हो सकती है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में चक्रवाती सिस्टम के साथ पश्चिमी विक्षोभ का असर भी बना हुआ है।

    दिन में गर्मी, रात में बढ़ी ठंडक

    प्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन मौसम में बदलाव का दौर अभी जारी है। दिन में आसमान साफ रहने से कई शहरों में तेज धूप निकल रही है और अधिकतम तापमान 37 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है। वहीं, रात के तापमान में गिरावट से ठंडक महसूस होने लगी है।

    बीती रात इंदौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद बैतूल में 17.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 17.6 डिग्री, पचमढ़ी में 18 डिग्री और अमरकंटक में 18.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 साल के आंकड़ों को देखें तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों का असर देखने को मिलता है। इस बार भी मौसम का ट्रेंड इसी तरह रहने का अनुमान है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने से धूप तेज हुई है, जबकि रात में ठंडक बढ़ गई है।

    100 दिन सक्रिय रहा मानसून

    मध्य प्रदेश में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 100 दिन सक्रिय रहा। मानसून ने 24 जून को प्रदेश में दस्तक दी थी और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से इसकी विदाई हो गई।

    मानसून सीजन में प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले 1.5 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में ओवरऑल सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।

    पूर्वी MP में ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कम बारिश

    बारिश के आंकड़ों में प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में अंतर देखने को मिला। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा।

    जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग को मिलाकर पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा रहा। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य की तुलना में 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    इन 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    प्रदेश के बाकी 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    मानसून की विदाई के बाद अब प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पश्चिमी और मध्य हिस्सों में जहां दिन में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस हो रही है, वहीं रात के तापमान में गिरावट ने ठंडक बढ़ा दी है। दूसरी ओर, पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

  • BSF जवान की दाढ़ी बनी विवाद की वजह, ट्रिम करने से इनकार के बाद ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति; हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की

    BSF जवान की दाढ़ी बनी विवाद की वजह, ट्रिम करने से इनकार के बाद ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति; हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की


    नई दिल्ली: सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान खुर्शीद अहमद खान की दाढ़ी रखने की अनुमति को लेकर शुरू हुआ विवाद हाई कोर्ट तक पहुंच गया। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। खान ने 16 जून 2023 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत कमांडेंट, 50 बटालियन BSF, प्रहरिनगर, तुरा, मेघालय ने उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की अर्जी स्वीकार कर उन्हें तत्काल प्रभाव से यूनिट की सेवा से हटा दिया था। खान मार्च 1998 में BSF में भर्ती हुए थे। 6 जनवरी 2018 को उन्हें ठीक से कटी-छंटी दाढ़ी रखने की अनुमति दी गई थी, लेकिन शर्त थी कि दाढ़ी साफ-सुथरी और निर्धारित तरीके से ट्रिम रहे। खान का कहना था कि 16 जून 2023 को यह अनुमति अचानक वापस ले ली गई, जिससे परेशान होकर उन्होंने उसी दिन स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन कर दिया।

    खान के मुताबिक, उनकी सेवानिवृत्ति की अर्जी उसी दिन स्वीकार कर ली गई। बाद में उन्होंने आवेदन वापस लेने की कोशिश की, लेकिन उनका अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया। 5 जुलाई 2023 के आदेश में उन्हें पेंशन लेने और ड्यूटी पर वापस नहीं लौटने का निर्देश दिया गया। इसके बाद 19 जुलाई 2024 को BSF महानिदेशक को दी गई उनकी अर्जी पर भी विचार नहीं किया गया। खान ने आरोप लगाया कि दाढ़ी रखने की अनुमति वापस लेना बदले की भावना से किया गया और उनकी सेवानिवृत्ति वास्तव में स्वैच्छिक नहीं थी। दूसरी ओर, BSF ने कहा कि 2018 में दी गई अनुमति कुछ शर्तों के साथ थी। 16 जून 2023 को खान बिना ट्रिम की हुई लंबी दाढ़ी और खराब हालत में पाए गए, जिसे बल के नियमों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ बताया गया। BSF के अनुसार, खान ने दाढ़ी ट्रिम करने से इनकार किया, जिसके बाद अनुमति वापस ली गई।

    BSF ने अदालत को बताया कि खान ने खुद परेड के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने की इच्छा जताई थी। कमांडेंट ने अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में उनसे इस बारे में बात की और पूछे जाने पर खान ने किसी दबाव या मजबूरी से इनकार किया था। इस प्रक्रिया का रिकॉर्ड भी रखा गया था। बल के मुताबिक, खान ने अपनी मां की बीमारी और मेडिकल कैटेगरी के कारण नौकरी की शर्तें पूरी करने में कठिनाई का भी हवाला दिया था। सक्षम अधिकारी ने उनके हालात, सेवा रिकॉर्ड और हाल के व्यवहार पर विचार करने के बाद तीन महीने की नोटिस अवधि में छूट देते हुए तुरा में तत्काल प्रभाव से उनका अनुरोध स्वीकार किया। BSF ने यह भी बताया कि खान के सेवा रिकॉर्ड में 13 प्रतिकूल प्रविष्टियां थीं, जिनमें बिना छुट्टी के अनुपस्थित रहना और नशे में होना शामिल था। वह स्थायी रूप से लो मेडिकल कैटेगरी में भी थे।

    हाई कोर्ट ने मामले में दाढ़ी रखने की अनुमति वापस लेने या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की वैधता पर सुनवाई नहीं की। अदालत ने BSF की अधिकार क्षेत्र संबंधी शुरुआती आपत्ति को स्वीकार करते हुए कहा कि खान ने सेवानिवृत्ति की अर्जी तुरा में दी थी और विवादित आदेश भी वहीं जारी हुआ था। यह क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। जस्टिस रजनीश ओसवाल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत किसी हाई कोर्ट में रिट याचिका तभी दाखिल की जा सकती है, जब मामले की कार्रवाई का पूरा या कोई महत्वपूर्ण हिस्सा उसके क्षेत्राधिकार में हुआ हो। अदालत को जम्मू-कश्मीर के भीतर ऐसा कोई आधार नहीं मिला। कोर्ट ने यह भी कहा कि BSF महानिदेशक का कार्यालय नई दिल्ली में होने मात्र से देश का कोई भी हाई कोर्ट मामले की सुनवाई नहीं कर सकता। याचिका शुरुआती चरण में खारिज कर दी गई और खान को संबंधित अधिकार क्षेत्र वाली अदालत में जाने की छूट दी गई।

  • Nobel Prize 2026: कार्ल डेसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को मेडिसिन का नोबेल

    Nobel Prize 2026: कार्ल डेसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को मेडिसिन का नोबेल


    नई दिल्ली: चिकित्सा के क्षेत्र में 2026 के नोबेल पुरस्कार की घोषणा 5 अक्टूबर को की गई। इस वर्ष फिजियोलॉजी या मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार कार्ल डेसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को दिया गया है। तीनों वैज्ञानिकों को लाइट-गेटेड आयन चैनल और ऑप्टोजेनेटिक्स से संबंधित उनकी खोजों और योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।
    उनके काम ने वैज्ञानिकों के लिए प्रकाश की मदद से तंत्रिका कोशिकाओं की गतिविधि को नियंत्रित करना संभव बनाया। इससे मस्तिष्क में अलग-अलग न्यूरॉन्स की गतिविधि को समझने और नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीक उपलब्ध हुई है। कार्ल डेसेरोथ अमेरिका की कैलिफोर्निया स्थित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं, जबकि पीटर हेगेमैन बर्लिन की हंबोल्ट यूनिवर्सिटी और जॉर्ज नागेल जर्मनी की वुर्जबर्ग यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं।

    इस शोध की शुरुआत क्लैमाइडोमोनस नामक एकल-कोशिका वाले शैवाल पर पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल के काम से हुई। दोनों वैज्ञानिकों ने शैवाल की सतह पर चैनलरोडोप्सिन नामक प्रोटीन की पहचान की। जब इस प्रोटीन पर नीली रोशनी पड़ती है तो यह एक चैनल खोलता है, जिसके जरिए आवेशित कण कोशिका के भीतर प्रवाहित होते हैं और विद्युत संकेत पैदा होता है।

    इसके बाद कार्ल डेसेरोथ ने चैनलरोडोप्सिन के जीन को चूहे की तंत्रिका कोशिकाओं में पहुंचाया। इससे नीली रोशनी की मदद से इन तंत्रिका कोशिकाओं में संकेत पैदा करना संभव हुआ। डेसेरोथ ने इस सफलता को 2005 में प्रकाशित किया और 2007 में यह दिखाया कि प्रकाश से नियंत्रित यह स्विच जीवित चूहे के मस्तिष्क में भी काम कर सकता है। आगे चलकर इसी तकनीक को ऑप्टोजेनेटिक्स के नाम से जाना गया।

    ऑप्टोजेनेटिक्स ने न्यूरोसाइंस में शोध के तरीके को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस तकनीक की मदद से वैज्ञानिक प्रकाश के जरिए विशेष तंत्रिका कोशिकाओं को सक्रिय या निष्क्रिय कर सकते हैं। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि मस्तिष्क की अलग-अलग तंत्रिका कोशिकाएं याददाश्त, भावनाओं और व्यवहार में क्या भूमिका निभाती हैं।

    नोबेल समिति के अनुसार, यह तरीका अब दुनिया भर की प्रयोगशालाओं में मस्तिष्क के रहस्यों को समझने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तकनीक के संभावित चिकित्सकीय इस्तेमाल पर भी शोध जारी है और वैज्ञानिक दृष्टिबाधित लोगों में दृष्टि बहाल करने के लिए इसके उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन कर रहे हैं।

    फिजियोलॉजी या मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत से स्थापित मूल नोबेल पुरस्कारों में से एक है और मानवता के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक योगदान के लिए इसे 1901 से दिया जा रहा है। मेडिसिन नोबेल के लिए नामांकन का मूल्यांकन नोबेल समिति करती है और पुरस्कार का अंतिम निर्णय करोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली लेती है, जिसमें 50 प्रोफेसर शामिल हैं।

    2026 में मेडिसिन नोबेल की घोषणा स्टॉकहोम के पास सोलना स्थित करोलिंस्का इंस्टीट्यूट के नोबेल फोरम में की गई। यह इस वर्ष घोषित होने वाला पहला नोबेल पुरस्कार है। 2026 के नोबेल पुरस्कार की राशि तीनों विजेताओं के बीच समान रूप से बांटी जाएगी। अन्य पुरस्कारों की घोषणा 6 अक्टूबर को भौतिकी, 7 अक्टूबर को रसायन विज्ञान, 8 अक्टूबर को साहित्य, 9 अक्टूबर को शांति और 12 अक्टूबर को आर्थिक विज्ञान के लिए की जाएगी।
  • गौरव खन्ना के तलाक पर हर्ष गुजराल का मजाक पड़ा भारी, वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर भड़के फैंस

    गौरव खन्ना के तलाक पर हर्ष गुजराल का मजाक पड़ा भारी, वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर भड़के फैंस


    नई दिल्ली: ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के फिनाले में गौरव खन्ना की निजी जिंदगी को लेकर किया गया हर्ष गुजराल का मजाक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। शो के दौरान स्टैंडअप कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने गौरव के तलाक को लेकर टिप्पणी की, जिसका वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स ने उनकी आलोचना शुरू कर दी। फिनाले में अर्चना पूरन सिंह और उनके पति परमीत सेठी अपने शो ‘धमाल विद पति पत्नी और पंगा’ के सीजन 2 को प्रमोट करने पहुंचे थे। इस दौरान शो के होस्ट मुनव्वर फारूकी भी मौजूद थे। बातचीत के बीच हर्ष ने अर्चना से गौरव खन्ना को लेकर मजाक किया और कहा कि मौजूदा माहौल को देखते हुए गौरव को ‘पति पत्नी और पंगा’ में लेना चाहिए था।

    हर्ष की इस बात पर वहां मौजूद करण वाही, ऋत्विक धनजानी और फरहाना भट्ट हंसने लगे। इसके बाद मुनव्वर फारूकी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके शो में पंगा होता है, शो के बाहर नहीं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद गौरव खन्ना के फैंस ने हर्ष गुजराल को निशाने पर लेना शुरू कर दिया। हालांकि, गौरव खन्ना ने इस मजाक को लेकर नाराजगी नहीं दिखाई। उन्होंने बताया कि शो के दौरान हर्ष कई बार उनके साथ मजाक किया करते थे और चोट लगने के बाद जब गौरव घर लौट गए थे, तब भी हर्ष उनसे मजाक करते रहे थे।

    गौरव ने बताया कि हर्ष उनसे यह भी पूछते थे कि कहीं उनका मजाक उन्हें बुरा तो नहीं लग रहा है। गौरव ने कहा कि उन्होंने अर्चना पूरन सिंह से यह सीखा है कि खुद पर किए जाने वाले मजाक को भी हंसकर लेना चाहिए। उन्होंने हर्ष से यह भी कहा कि शो से बाहर आने के बाद भी उन्होंने उन्हें चर्चा में बनाए रखा और शायद उनका सेंस ऑफ ह्यूमर एक नए रूप में सामने आएगा। गौरव के इस शांत रवैये के बावजूद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने हर्ष की टिप्पणी को उचित नहीं माना और उनकी आलोचना की।

    एपिसोड का यह हिस्सा सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने गौरव की निजी जिंदगी को मजाक का हिस्सा बनाए जाने पर आपत्ति जताई। एक यूजर ने कहा कि हर निजी टिप्पणी सिर्फ इसलिए मजेदार नहीं हो जाती क्योंकि सामने वाला व्यक्ति उसे सहजता से लेता है। वहीं, कुछ लोगों ने गौरव की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसी स्थिति में भी जिस तरह शांति बनाए रखी, वह उनके व्यवहार और सोच को दर्शाता है। कई फैंस ने गौरव का समर्थन किया और कहा कि उन्होंने इस तरह की ट्रोलिंग के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया। दूसरी ओर, कुछ यूजर्स ने हर्ष गुजराल के मजाक को हद से आगे बताया और उनकी आलोचना की।

  • शेयर बाजार में चार दिन बाद लौटी तेजी, सेंसेक्स 473 अंक चढ़ा; निफ्टी 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद

    शेयर बाजार में चार दिन बाद लौटी तेजी, सेंसेक्स 473 अंक चढ़ा; निफ्टी 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद


    नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार ने लगातार चार दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए सोमवार को बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी की आशंकाएं कम होने और वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया। प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों में 0.66 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 472.77 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 72,382.47 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 में 133.80 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की बढ़त रही और यह 22,555.75 के स्तर पर बंद हुआ।

    निफ्टी 50 में आईटीसी के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही और इसमें 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। इसके बाद बीएसई, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, इटरनल, एनटीपीसी और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। दूसरी ओर, एचसीएल टेक, मैक्स हेल्थ, एचडीएफसी बैंक, अपोलो हॉस्पिटल, एशियन पेंट्स, इंफोसिस और सन फार्मा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बाजारों में भी खरीदारी का रुझान रहा। निफ्टी मिडकैप में 0.67 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.47 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

    सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी एफएमसीजी ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी फार्मा कमजोर रहे। एक मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद कुछ राहत भरी रिकवरी देखने को मिली। इस बढ़त को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका के कमजोर जॉब्स डेटा के बाद ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी की उम्मीद कम होने से समर्थन मिला। इन परिस्थितियों ने वैश्विक बाजारों में धारणा को बेहतर किया, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।

    हालांकि, दिन के उच्चतम स्तर से बाजार में आई गिरावट से संकेत मिलता है कि निवेशक अभी भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। ऊंची वैश्विक बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेश की लगातार निकासी और भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर बाजार में सतर्कता बनी हुई है। एक्सपर्ट ने कहा कि फाइनेंशियल, आईटी और कंज्यूमर सेक्टर के शेयर बाजार को सहारा दे रहे हैं, जबकि कुछ चुनिंदा आईटी और हेल्थकेयर शेयरों में कमजोरी व्यापक स्तर पर भरोसे की कमी को दर्शाती है। ऐसे में निवेशकों को आगे कमाई की संभावनाओं पर ध्यान देने और बाजार की रिकवरी के पीछे भागने के बजाय गिरावट के दौरान चुनिंदा शेयरों में खरीदारी करने पर विचार करना चाहिए।

  • चाइना ओपन में इगा स्वियातेक का धमाका, एक सेट और दो ब्रेक से पिछड़ने के बाद डोना वेकिक को हराकर राउंड ऑफ 16 में पहुंचीं

    चाइना ओपन में इगा स्वियातेक का धमाका, एक सेट और दो ब्रेक से पिछड़ने के बाद डोना वेकिक को हराकर राउंड ऑफ 16 में पहुंचीं


    नई दिल्ली। चाइना ओपन में छह बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन इगा स्वियातेक ने शानदार वापसी करते हुए राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। पोलैंड की स्टार खिलाड़ी ने राउंड ऑफ 32 के रोमांचक मुकाबले में 30वीं वरीयता प्राप्त क्रोएशिया की डोना वेकिक को शिकस्त दी। मुकाबले की शुरुआत स्वियातेक के लिए मुश्किल रही और वह पहले सेट में हार गईं। इसके बाद दूसरे सेट में भी वह 2-5 से पीछे थीं। एक समय ऐसा लग रहा था कि मुकाबला उनके हाथ से निकल जाएगा लेकिन स्वियातेक ने अपना खेल बदला और शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया।

    स्वियातेक ने पहला सेट 4-6 से गंवाया। इसके बाद दूसरे सेट में भी उनकी मुश्किलें कम नहीं हुईं। वेकिक ने आक्रामक खेल जारी रखा और स्वियातेक को दो बार अपनी सर्विस गंवानी पड़ी। स्कोर 2-5 होने के बाद स्वियातेक पर मैच से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा था। लेकिन यहीं से उन्होंने मुकाबले की दिशा बदल दी।

    पोलिश खिलाड़ी ने लगातार दबाव बनाते हुए वेकिक की सर्विस दो बार तोड़ी और स्कोर 5-5 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने अपनी अपनी सर्विस बचाई और दूसरा सेट टाईब्रेकर तक पहुंच गया। यहां स्वियातेक ने ऐसा दबदबा बनाया कि वेकिक एक भी अंक हासिल नहीं कर सकीं। स्वियातेक ने टाईब्रेकर 7-0 से जीतकर मुकाबले में वापसी की उम्मीद जगा दी।

    दूसरे सेट की इस शानदार जीत के बाद निर्णायक सेट में स्वियातेक का आत्मविश्वास साफ नजर आया। तीसरे सेट की शुरुआत दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे की सर्विस तोड़कर की। इसके बाद मुकाबला कुछ समय तक बराबरी का रहा। लेकिन 3-2 के स्कोर पर स्वियातेक ने वेकिक की सर्विस तोड़कर बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस बरकरार रखी और एक बार फिर वेकिक की सर्विस तोड़कर निर्णायक सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया।

    इस तरह स्वियातेक ने करीब 2 घंटे 40 मिनट चले मुकाबले में 4-6 7-6 और 6-2 से जीत दर्ज की। मैच के बाद उन्होंने माना कि शुरुआत में वह काफी नाराज थीं। उन्हें लग रहा था कि उनका खेल पूरी तरह खराब नहीं था लेकिन कुछ गलतियों की वजह से वह मुश्किल स्थिति में पहुंच गई थीं। दूसरे सेट के दौरान उन्होंने अपने खेल में बदलाव किया और उसी का फायदा उन्हें मिला।

    अब राउंड ऑफ 16 में स्वियातेक का सामना अमेरिकी खिलाड़ी इवा जोविक से होगा। जोविक ने राउंड ऑफ 32 में कामिला राखिमोवा को सीधे सेटों में 6-1 और 7-5 से हराया है। स्वियातेक के सामने अब इस लय को बरकरार रखने की चुनौती होगी। बीजिंग में उनका पिछला प्रदर्शन भी शानदार रहा है क्योंकि वह 2023 में चाइना ओपन का खिताब जीत चुकी हैं। ऐसे में उनकी नजर इस बार भी खिताब की दौड़ में आगे बढ़ने पर होगी।

  • GST के अगले चरण से कारोबार और आसान होगा, रिफंड प्रक्रिया सरल बनेगी; PM मोदी ने निवेश बढ़ने की उम्मीद जताई

    GST के अगले चरण से कारोबार और आसान होगा, रिफंड प्रक्रिया सरल बनेगी; PM मोदी ने निवेश बढ़ने की उम्मीद जताई

    नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी सुधारों का अगला चरण कारोबारियों के लिए अनुपालन प्रक्रिया को और आसान बनाएगा। इसके साथ ही रिफंड प्रक्रिया को सरल और तेज करने पर जोर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री के अनुसार, इन सुधारों से उद्योग जगत का विश्वास बढ़ने, निवेश को प्रोत्साहन मिलने और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह बात वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस लेख का उल्लेख करते हुए कही, जिसमें जीएसटी सुधारों के अगले चरण की रूपरेखा बताई गई है। जीएसटी में प्रक्रिया सुधारों का उद्देश्य कारोबारियों के लिए अनुपालन को आसान बनाना और लागत कम करना है।

    वित्त मंत्री ने बताया कि नई पीढ़ी के जीएसटी सुधारों में करदाताओं को राहत देने और अर्थव्यवस्था को गति देने पर ध्यान दिया जा रहा है। आगामी प्रक्रिया सुधारों में रजिस्ट्रेशन, रिटर्न फाइलिंग, रिफंड, विवाद निपटान और इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी आईटीसी से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर मुख्य जोर रहेगा। जीएसटी परिषद की सात अक्टूबर को होने वाली बैठक से पहले रखी गई रूपरेखा में अनुपालन में लगने वाले समय और लागत को कम करने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य कारोबारियों के लिए कागजी कार्रवाई घटाकर प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

    सुधारों के संदर्भ में सितंबर 2025 में लागू हुई दर युक्तिकरण प्रक्रिया के बाद जीएसटी संग्रह और कर योग्य आपूर्ति के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया गया है। सरकार का मानना है कि जीएसटी ने राजस्व संग्रह को मजबूत करने के साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भूमिका निभाई है। आगामी बदलाव प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। जीएसटी परिषद की लॉ कमेटी जीएसटी कानून और नियमों से जुड़े कानूनी मामलों की समीक्षा करती है तथा जरूरी संशोधनों और स्पष्टीकरणों की सिफारिश परिषद के समक्ष रखती है।

    आगामी जीएसटी परिषद की बैठक में कानून से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी विचार होने की संभावना है। प्रस्तावित चर्चा में जीएसटी कानून के उस प्रावधान की समीक्षा शामिल हो सकती है, जिसके तहत जांच के दौरान कुछ गंभीर मामलों में कर अधिकारियों को गिरफ्तारी का अधिकार मिलता है। यह विषय जीएसटी कानूनों के अपराधमुक्तिकरण से जुड़े व्यापक प्रस्तावों का हिस्सा बताया गया है। जीएसटी परिषद के दस्तावेजों में पहले भी कुछ अपराधों को अपराधमुक्त करने, अभियोजन की सीमा में बदलाव और कंपाउंडिंग प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा दर्ज है।

    वर्तमान व्यवस्था में सीजीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत आयुक्त को कुछ परिस्थितियों में गिरफ्तारी की अनुमति देने का अधिकार है, जब उन्हें यह विश्वास हो कि किसी व्यक्ति ने धारा 132 के तहत गंभीर अपराध किया है। प्रस्तावित सोच के तहत फर्जी चालान, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और फर्जी रिफंड दावों जैसे गंभीर मामलों में कार्रवाई सामान्य आपराधिक कानूनों के तहत किए जाने की व्यवस्था पर भी विचार हो सकता है। इसका उद्देश्य गंभीर धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई जारी रखते हुए अन्य करदाताओं के लिए अनुपालन व्यवस्था को अधिक सहज बनाना है। हालांकि, इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय संबंधित प्रक्रिया और जीएसटी परिषद के विचार-विमर्श के बाद ही होगा।

  • लाल परेड मैदान में कल 20 हजार से ज्यादा युवाओं से संवाद करेंगे CM मोहन यादव, जुबिन नौटियाल का कंसर्ट भी

    लाल परेड मैदान में कल 20 हजार से ज्यादा युवाओं से संवाद करेंगे CM मोहन यादव, जुबिन नौटियाल का कंसर्ट भी

    भोपाल ।  सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन छह अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड मैदान में किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 हजार से अधिक युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में युवा शक्ति से जुड़े विषयों पर संवाद और मार्गदर्शन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। कार्यक्रम में पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल और मुंबई के कबीर कैफे की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजन को लेकर उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने लाल परेड मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल, प्रदर्शनी कक्षों और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कॉन्क्लेव में युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसमें रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार, अनुसंधान और उभरती प्रौद्योगिकियों को प्रमुखता दी जाएगी। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को शिक्षा और रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के साथ उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी देने की व्यवस्था की गई है।

    कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और नवोदित उद्यमों की सहभागिता रहेगी। इनके माध्यम से युवाओं को रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में बदलती जरूरतों तथा उपलब्ध अवसरों से परिचित कराया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही युवा प्रतिभागियों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया है, जिसमें जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे की प्रस्तुतियां शामिल रहेंगी।

    आयोजन में 17 शासकीय विभागों और विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता रहेगी। उच्च शिक्षा, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, तकनीकी शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, आयुष तथा पुलिस एवं साइबर सुरक्षा से जुड़े विभाग इसमें शामिल होंगे। सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी युवाओं को देंगे। इस तरह कॉन्क्लेव में युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, उद्यमिता, नवाचार और तकनीक से जुड़े विषयों के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।