Blog

  • एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, हॉकी में 44 साल बाद गोल्ड, सॉफ्ट टेनिस और MMA में भी पहली बार मेडल

    एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, हॉकी में 44 साल बाद गोल्ड, सॉफ्ट टेनिस और MMA में भी पहली बार मेडल


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 भारत के लिए कई ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ यादगार बन गया। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 21 गोल्ड समेत 85 मेडल अपने नाम किए। खेलों के इस बड़े मंच पर भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐसे मुकाम हासिल किए जो इससे पहले देश के नाम नहीं थे। महिला हॉकी में लंबे इंतजार के बाद गोल्ड मेडल मिला तो वहीं मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स और सॉफ्ट टेनिस जैसे खेलों में भी भारत ने पहली बार पदक जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

    सबसे बड़ी उपलब्धियों में भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रदर्शन रहा। सलीमा टेटे की कप्तानी में टीम ने शानदार खेल दिखाया और फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने महिला हॉकी में 44 साल का इंतजार खत्म कर दिया। भारतीय टीम ने इससे पहले 1982 में एशियन गेम्स में महिला हॉकी का गोल्ड जीता था। इसके बाद लंबे समय तक देश को इस सफलता का इंतजार करना पड़ा। 2026 में मिली यह जीत भारतीय हॉकी के लिए बेहद खास बन गई।

    मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भी भारत ने इतिहास रचा। सुचिका तारियाल ने महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर एशियन गेम्स में भारत को इस खेल का पहला पदक दिलाया। सुचिका ने प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन किया। हालांकि सेमीफाइनल में हार के कारण वह फाइनल तक नहीं पहुंच सकीं लेकिन उनका ब्रॉन्ज मेडल भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया।

    सॉफ्ट टेनिस में भी भारत ने पहली बार पदक जीता। इस खेल को एशियन गेम्स में शामिल किए जाने के बाद भारतीय खिलाड़ी जय मीणा ने पुरुष वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। इसी तरह रोइंग में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने डबल स्कल्स में भारत को पहला मेडल दिलाया।

    स्क्वैश में अनाहत सिंह ने इतिहास रच दिया। वह एशियन गेम्स के स्क्वैश सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। भले ही वह गोल्ड मेडल जीतने से चूक गईं लेकिन सिल्वर मेडल के साथ उन्होंने नया इतिहास बनाया। पोल वॉल्ट में बरनिका इलांगोवन ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत को इस स्पर्धा में एशियन गेम्स का पहला पदक दिलाया।

    वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू का इंतजार भी खत्म हुआ। उन्होंने एशियन गेम्स के इतिहास में अपना पहला मेडल जीता और सिल्वर अपने नाम किया। वहीं सावन बरवाल ने मैराथन में सिल्वर मेडल जीतकर 1982 के बाद भारत को इस स्पर्धा में पहला पदक दिलाया। इन उपलब्धियों ने साबित किया कि भारतीय खिलाड़ी अब पारंपरिक खेलों के साथ नए खेलों में भी लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं।

  • ऑस्ट्रेलिया को लगा बड़ा झटका, पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहला टेस्ट मिस कर सकते हैं कैमरून ग्रीन

    ऑस्ट्रेलिया को लगा बड़ा झटका, पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहला टेस्ट मिस कर सकते हैं कैमरून ग्रीन


    नई दिल्ली। मेड में पहला टेस्ट मुकाबला शुरू होने वाला है। इस अहम मुकाबले से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम की चिंता बढ़ गई है। स्टार ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन के पहले टेस्ट से बाहर बैठने की संभावना जताई जा रही है। ग्रीन फिलहाल पेट की मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या से उबर रहे हैं और उनकी फिटनेस को लेकर टीम कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

    कैमरून ग्रीन को यह चोट साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले के दौरान लगी थी। बताया गया कि हुक शॉट खेलने के प्रयास में उनके पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आया था। इसके बाद ग्रीन को ऑस्ट्रेलिया के दो दिवसीय वार्म अप मुकाबले में भी नहीं उतारा गया। उन्हें फिलहाल केवल हल्की फिजिकल कंडीशनिंग तक सीमित रखा गया है। ऐसे में पहले टेस्ट में उनकी उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    ग्रीन की चोट ऑस्ट्रेलिया के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह टीम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अहम भूमिका निभाते हैं। हालिया वनडे सीरीज के दौरान भी उन्हें कंधे में दर्द की समस्या थी जिसके कारण उनकी गेंदबाजी का वर्कलोड सीमित किया गया था। अब पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों प्रभावित हो सकते हैं।

    ग्रीन के पहले टेस्ट से बाहर होने की स्थिति में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के उनके साथी कूपर कोनोली को प्लेइंग इलेवन में जगह मिल सकती है। कोनोली एक बैटिंग ऑलराउंडर हैं और मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी के साथ लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं। डरबन की परिस्थितियों को देखते हुए उनका चयन ऑस्ट्रेलिया के लिए उपयोगी विकल्प साबित हो सकता है।

    ग्रीन हाल के समय में बल्ले से अच्छी फॉर्म में भी नजर आए हैं। उन्होंने डार्विन में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मुकाबले में शानदार शतक लगाया था। इस सीरीज में वह स्टीव स्मिथ के साथ ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल रहे थे। ऐसे में उनका बाहर होना टीम के बल्लेबाजी क्रम के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है।

    रिपोर्ट के अनुसार ग्रीन की नजर दूसरे या तीसरे टेस्ट में वापसी पर हो सकती है। हालांकि उनकी अंतिम उपलब्धता उनकी फिटनेस और मेडिकल आकलन पर निर्भर करेगी। उनकी अनुपस्थिति की स्थिति में ब्यू वेबस्टर को भी प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह मजबूत करने का मौका मिलेगा। ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज सैम हार्पर और अनुभवी निक मैडिनसन को भी शामिल किया गया है।

    अब सबकी नजर ग्रीन की फिटनेस रिपोर्ट पर होगी। ऑस्ट्रेलिया नहीं चाहेगा कि जल्द वापसी के प्रयास में उनकी चोट और गंभीर हो जाए। इसलिए पहले टेस्ट में उन्हें आराम देने का फैसला लिया जाता है या नहीं यह मुकाबले से पहले टीम मैनेजमेंट के लिए सबसे अहम सवाल बना हुआ है।

  • मध्यप्रदेश में MSP पर खरीफ फसलों की खरीद की तैयारी, 3 लाख 5 हजार से अधिक किसानों का पंजीयन, जानें जरूरी नियम

    मध्यप्रदेश में MSP पर खरीफ फसलों की खरीद की तैयारी, 3 लाख 5 हजार से अधिक किसानों का पंजीयन, जानें जरूरी नियम


    मध्यप्रदेश।
    में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन जारी है। अब तक 3 लाख 5 हजार 82 किसान अपना पंजीयन करा चुके हैं। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से निर्धारित समय सीमा में पंजीयन कराने का आह्वान किया है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। पंजीयन व्यवस्था को किसानों के लिए सहज और सुगम बनाया गया है और प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं।

    अब तक जबलपुर संभाग में 1 लाख 47 हजार 824, रीवा संभाग में 94 हजार 384, शहडोल संभाग में 21 हजार 456, नर्मदापुरम संभाग में 16 हजार 398, सागर संभाग में 16 हजार 155 और भोपाल संभाग में 8 हजार 599 किसानों ने पंजीयन कराया है। किसानों के लिए नि:शुल्क पंजीयन की व्यवस्था ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों के अलावा सहकारी समितियों तथा सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर की गई है।

    सशुल्क पंजीयन की सुविधा एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर उपलब्ध है। प्रति पंजीयन 50 रुपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। पंजीयन के दौरान किसान के भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध होगी। इन श्रेणियों के सभी किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।

    किसानों की सुविधा के लिए जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केंद्रों को भी क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसान अपना मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक अपडेट करा सकें। इस काम के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केंद्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर को बैंक खाते से लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ समन्वय किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिए पंजीयन के दौरान ही मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन और जेआईटी पोर्टल के माध्यम से एक रुपये का लेनदेन कराया जाएगा।

    पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। यह सत्यापन आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन तभी होगा, जब उसके भू-अभिलेख के खाते और खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। नाम में अंतर होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा और सत्यापन के बाद ही ऐसा पंजीयन मान्य होगा।

  • भोपाल में दिवाली से पहले पटाखा फैक्ट्री सील, तय सीमा से ज्यादा विस्फोटक सामग्री मिली

    भोपाल में दिवाली से पहले पटाखा फैक्ट्री सील, तय सीमा से ज्यादा विस्फोटक सामग्री मिली

    भोपाल जिले। में दिवाली से पहले पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के भंडारण को लेकर प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में बैरसिया क्षेत्र के ग्राम बांदीखेड़ी में संचालित एक पटाखा फैक्ट्री का जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। जांच के दौरान फैक्ट्री परिसर में लाइसेंस या निर्धारित क्षमता के मुकाबले अधिक विस्फोटक सामग्री रखी मिली। इसके साथ ही फैक्ट्री के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई अनियमितताएं भी अधिकारियों के सामने आईं।

    फैक्ट्री की जांच के लिए एसडीएम बैरसिया शिवांगी बघेल, एसडीओपी वैशाली सिंह, तहसीलदार दुर्गा पटले और गुनगा थाना प्रभारी रिंकू जाटव की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान परिसर में रखी विस्फोटक सामग्री की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही फैक्ट्री में अपनाई जा रही सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक विस्फोटक सामग्री रखे जाने की बात सामने आई।

    प्रशासन के अनुसार, फैक्ट्री परिसर में जितनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखने की अनुमति निर्धारित थी, उससे अधिक सामग्री वहां मौजूद मिली। जांच के दौरान केवल भंडारण की मात्रा से जुड़ी अनियमितता ही सामने नहीं आई, बल्कि फैक्ट्री की सुरक्षा और संचालन व्यवस्था से संबंधित अन्य कमियां भी अधिकारियों ने पाईं। इन परिस्थितियों को देखते हुए संयुक्त टीम ने मौके पर ही फैक्ट्री को सील करने की कार्रवाई की।

    जिला प्रशासन के मुताबिक, निरीक्षण में सामने आई अनियमितताएं विस्फोटक अधिनियम, 1884 और विस्फोटक नियम, 2008 के प्रावधानों से संबंधित पाई गईं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विस्फोटक सामग्री के निर्माण, इस्तेमाल, रखरखाव और भंडारण के दौरान निर्धारित कानूनी और सुरक्षा प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है। फैक्ट्री में तय सीमा से अधिक सामग्री पाए जाने के साथ सुरक्षा और संचालन व्यवस्था में मिली कमियों को भी इसी संदर्भ में देखा गया।

    अधिकारियों के अनुसार, पटाखों और अन्य विस्फोटक सामग्री से जुड़े प्रतिष्ठानों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी जनसुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। इसी वजह से निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए फैक्ट्री को सील किया गया। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बांदीखेड़ी स्थित फैक्ट्री पर की गई कार्रवाई इसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। दिवाली से पहले पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े प्रतिष्ठानों की व्यवस्था की जांच के दौरान प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने निर्धारित सीमा, सुरक्षा और संचालन से संबंधित प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए निरीक्षण किया।

  • SBI शाखा में टिफिन को लेकर हुआ विवाद फायरिंग तक पहुंचा, गार्ड की बंदूक जब्त कर पूछताछ शुरू

    SBI शाखा में टिफिन को लेकर हुआ विवाद फायरिंग तक पहुंचा, गार्ड की बंदूक जब्त कर पूछताछ शुरू


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर में रविवार रात एसबीआई की एसीबी शाखा में टिफिन कम आने को लेकर हुआ विवाद अचानक फायरिंग तक पहुंच गया। घटना के बाद बैंक परिसर में अफरा तफरी मच गई। गोली चलने की आवाज सुनकर वहां मौजूद लोग घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर छिप गए। सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी गार्ड को हिरासत में लेकर उसकी बंदूक जब्त कर ली। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    जानकारी के मुताबिक रविवार रात करीब 9 बजे बैंक शाखा में फर्नीचर का काम चल रहा था। इसी दौरान टिफिन सेंटर संचालक विपिन नेमा अपने दो बच्चों के साथ मजदूरों और सुरक्षा गार्ड के लिए टिफिन लेकर बैंक पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि टिफिन की संख्या को लेकर गार्ड राजकुमार नाराज हो गया। उसका कहना था कि टिफिन कम आए हैं। इसी बात को लेकर उसकी विपिन नेमा से बहस शुरू हो गई।

    शुरुआत में विवाद केवल टिफिन को लेकर था लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में गार्ड ने अपनी बंदूक उठा ली और फायरिंग कर दी। अचानक बैंक परिसर में गोली चलने से वहां मौजूद लोगों में डर फैल गया। कुछ लोग खुद को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर छिप गए। घटना के बाद बैंक परिसर में कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।

    फायरिंग की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने गार्ड को हिरासत में लिया और उसके पास मौजूद बंदूक को जब्त कर लिया। इसके बाद आरोपी को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और विवाद के दौरान वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ था।

    पुलिस ने घटना के समय बैंक में मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि फायरिंग की पूरी वजह सामने आ सके। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गोली किस दिशा में चली और इससे किसी व्यक्ति को नुकसान तो नहीं पहुंचा।

    फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। टिफिन कम मिलने जैसी छोटी बात से शुरू हुआ विवाद हथियार चलाने तक कैसे पहुंचा यह जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस की जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

  • कूनो में मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया, भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 60 हुई

    कूनो में मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया, भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 60 हुई

    मध्य प्रदेश। के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में प्रोजेक्ट चीता के तहत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। भारतीय धरती पर जन्मी 32 महीने की मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इन शावकों के जन्म के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इनमें 41 चीते ऐसे हैं, जिनका जन्म भारतीय धरती पर हुआ है। कूनो में चीतों की नई पीढ़ी का यह विस्तार देश में चीता संरक्षण और पुनर्स्थापना अभियान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

    KJP21, मुखी और KGP12 के बाद भारतीय धरती पर जन्मी तीसरी मादा चीता है, जिसने देश में शावकों को जन्म दिया है। इस तरह कूनो में अब भारतीय धरती पर जन्मे चीतों की अगली पीढ़ी के विस्तार की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा है। पांचों शावकों को स्वस्थ बताया गया है। शावकों का जन्म प्रोजेक्ट चीता के तहत चलाए जा रहे संरक्षण और निगरानी प्रयासों के बीच हुआ है।

    इन पांच शावकों का जन्म एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि भी लेकर आया है। इनके पिता बोत्सवाना से भारत लाए गए नर चीता हैं। शावकों के जन्म के साथ भारत में बोत्सवाना वंशावली की शुरुआत हुई है। इससे देश में बढ़ती चीता आबादी में एक नई आनुवंशिक वंशावली शामिल हुई है। इस घटनाक्रम को चीता पुनर्स्थापना अभियान के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    भारतीय धरती पर चीतों की एक और पीढ़ी का जन्म प्रोजेक्ट चीता की यात्रा में एक नया अध्याय है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता संरक्षण के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन, लगातार निगरानी और संरक्षण संबंधी प्रयास किए जा रहे हैं। KJP21 से जन्मे पांच शावकों का स्वस्थ होना इन प्रयासों के बीच एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। इससे कूनो में चीता आबादी के विस्तार की दिशा में चल रहे अभियान को भी आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रोजेक्ट चीता से जुड़े पशु चिकित्सकों, वन अधिकारियों, मैदानी अमले, प्रबंधन टीम और सभी सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने चीता पुनर्स्थापना के प्रयासों में शामिल लोगों के समर्पण और प्रतिबद्धता की सराहना की। कूनो में पांच नए शावकों के जन्म के साथ भारत में चीतों की संख्या 60 तक पहुंच गई है। इनमें भारतीय धरती पर जन्मे 41 चीते शामिल हैं। शावकों के आगमन को देश में चीता संरक्षण और पुनर्स्थापना के प्रयासों के क्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

  • MP News: 3,357 कर्मचारियों की पदोन्नति, 44 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति, अगले साल 1 लाख भर्तियों का लक्ष्य

    MP News: 3,357 कर्मचारियों की पदोन्नति, 44 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति, अगले साल 1 लाख भर्तियों का लक्ष्य


    भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के पदोन्नत शासकीय सेवकों द्वारा आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में कर्मचारियों और उनके परिवारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। इस दौरान विभिन्न विभागों के 44 दिवंगत शासकीय सेवकों के आश्रित सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति केवल उनके लिए खुशी का विषय नहीं है, बल्कि सरकार के लिए भी संतोष की बात है कि वह अपने अधिकारी-कर्मचारियों के हितों की चिंता कर रही है।

    मुख्यमंत्री के अनुसार, कुल 3,357 शासकीय सेवकों को पदोन्नति मिली है। इनमें 1,725 अधिकारी-कर्मचारी, कृषि विपणन बोर्ड के 1,439 कर्मचारी और कृषि अभियांत्रिकी के 139 कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने सभी पदोन्नत शासकीय सेवकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ-साथ उन परिवारों की भी चिंता कर रही है, जिन्होंने असमय अपने किसी स्वजन को खोया है। इसी क्रम में अब तक करीब 300 अनुकंपा प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है और 44 युवाओं को सहायक वर्ग-3 के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जा रही है।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े बाकी लंबित प्रकरणों का भी जल्द निराकरण किया जाए और इन्हें शून्य लंबित मामलों की स्थिति तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि असमय अपने लोगों को खोने वाले परिवारों के दर्द को समझना जरूरी है। इसी संवेदनशीलता के साथ सरकार और संबंधित विभाग इन परिवारों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हर विभाग में कर्मचारियों की समय पर पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

    रोजगार को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मंडियों में 600 उपनिरीक्षकों सहित 1,500 से अधिक पदों पर नई भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि अब तक 85,000 नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। इसके साथ ही अगले वर्ष 1 लाख भर्तियों का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति और नई भर्ती की प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर सरकार का जोर है, ताकि कर्मचारियों से जुड़े मामलों का निपटारा समय पर हो सके और विभागों में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध रहे।

  • सीएम मोहन यादव ने SIR को बताया जरूरी, मतदाता सूची को विश्वसनीय बनाने नागरिकों से प्रक्रिया में भाग लेने की अपील

    सीएम मोहन यादव ने SIR को बताया जरूरी, मतदाता सूची को विश्वसनीय बनाने नागरिकों से प्रक्रिया में भाग लेने की अपील

    मध्यप्रदेश। के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत निर्वाचन आयोग की ओर से संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को जरूरी प्रक्रिया बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में प्रत्येक जागरूक मतदाता की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के अनुसार, लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय होना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता सूची के सत्यापन की इस प्रक्रिया में अपनी जिम्मेदारी निभाएं और विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से इस प्रक्रिया को समझने और निर्धारित नियमों के अनुसार अपनी जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता की भागीदारी केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि सही और विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में भी नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होने का आग्रह किया।

    SIR को लेकर मुख्यमंत्री ने नागरिकों से किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान नहीं देने को कहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जा रही है। फॉर्म 6 और घोषणा पत्र सहित प्रक्रिया से जुड़े प्रावधान निर्धारित हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे इस संबंध में केवल निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और तय प्रक्रिया पर ही भरोसा करें। उनका कहना है कि सही जानकारी के आधार पर प्रक्रिया में भाग लेना आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री ने 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं की उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, उन्हें मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य दर्ज कराना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपनी जानकारी और मतदाता सूची में दर्ज नाम की पुष्टि करने की अपील की। मुख्यमंत्री के अनुसार, मतदाता सूची में नाम की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करना नागरिक की जिम्मेदारी का हिस्सा है।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए हर जागरूक मतदाता की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया में सहयोग करें। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण को ऐसी प्रक्रिया बताया, जिसके माध्यम से मतदाता सूची को अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे भ्रम या अफवाहों से प्रभावित हुए बिना निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें और अपनी मतदाता संबंधी जानकारी की पुष्टि करें। साथ ही, उन्होंने युवाओं से भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।

  • मध्यप्रदेश में दिव्यांग यात्रियों को बस किराए में 50 प्रतिशत छूट, पूरा किराया लेने पर बस संचालक के खिलाफ होगी कार्रवाई

    मध्यप्रदेश में दिव्यांग यात्रियों को बस किराए में 50 प्रतिशत छूट, पूरा किराया लेने पर बस संचालक के खिलाफ होगी कार्रवाई

    मध्यप्रदेश: में यात्री बसों से सफर करने वाले दिव्यांग यात्रियों के लिए किराए में 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। इसके तहत दिव्यांग यात्रियों से निर्धारित किराए का आधा हिस्सा ही लिया जाना चाहिए। यदि किसी यात्री से नियम के विपरीत पूरा किराया वसूला जाता है तो वह इसकी शिकायत कर सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित जिला परिवहन अधिकारी या आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। दिव्यांगजनों के अधिकारों से जुड़े मामलों में आयुक्त कार्यालय शिकायतों की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकृत है।

    यात्रा के दौरान दिव्यांग यात्री को अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र या दिव्यांग कार्ड साथ रखना होगा। इसे प्रस्तुत करने के बाद निर्धारित किराए का 50 प्रतिशत लिया जाना चाहिए। यह सुविधा दिव्यांग यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन में सहूलियत देने के उद्देश्य से लागू है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बस संचालकों को निर्धारित नियम के मुताबिक ही किराया लेना चाहिए। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग प्रदेश में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के क्रियान्वयन से संबंधित कार्य करता है और दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के पालन की व्यवस्था करता है।

    दिव्यांग यात्री से पूरा किराया वसूले जाने का एक मामला रायसेन में सामने आया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय ने इसका संज्ञान लिया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिला परिवहन अधिकारी, रायसेन ने संबंधित बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार महादेव बस ट्रेवल्स के संचालक पर मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत जुर्माने की कार्रवाई की गई। इस मामले में हुई कार्रवाई के बाद दिव्यांग यात्रियों को मिलने वाली किराया रियायत के नियमों के पालन को लेकर सख्ती का संदेश गया।

    दिव्यांगजनों से कहा गया है कि वे आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आदेश की प्रति अपने जिले के जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत कर नियमों के पालन का आग्रह कर सकते हैं। यदि किसी बस संचालक या कंडक्टर द्वारा नियम के विपरीत पूरा किराया लिया जाता है तो यात्री संबंधित कार्यालय में शिकायत कर सकता है। शिकायत के समय यात्रा की तारीख, बस नंबर, रूट, बस संचालक का नाम, टिकट और उपलब्ध होने पर कंडक्टर की जानकारी रखना उपयोगी होगा। इससे मामले की जांच में सहायता मिल सकती है।

    भोपाल आरटीओ के अनुसार दिव्यांग यात्रियों को बस यात्रा के दौरान अपना वैध दिव्यांगता कार्ड साथ रखना चाहिए। यदि 50 प्रतिशत किराए की सुविधा देने से इनकार किया जाता है या पूरा किराया लिया जाता है तो टिकट और बस से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए। इसके बाद संबंधित परिवहन अधिकारी या आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय में शिकायत की जा सकती है। आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय को दिव्यांगजनों के अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों की जांच करने और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश या सिफारिश करने का अधिकार है।

  • स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन भारत पहुंचे, राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मू और नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में औपचारिक स्वागत

    स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन भारत पहुंचे, राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मू और नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में औपचारिक स्वागत

    नई दिल्ली ।स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन सोमवार को तीन दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। उनके आगमन के बाद राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। स्विस राष्ट्रपति को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। गाइ पार्मेलिन का यह दौरा भारत और स्विट्जरलैंड के बीच संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर जोर रहेगा। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से राजनयिक और आर्थिक संबंध हैं। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के साथ शिक्षा, विज्ञान और तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाता रहा है। ऐसे में गाइ पार्मेलिन का तीन दिवसीय दौरा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर माना जा रहा है।

    गाइ पार्मेलिन 7 अक्टूबर को दूसरे भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी ईएफटीए के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते यानी टीईपीए के लागू होने की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में भारत और ईएफटीए के बीच आर्थिक साझेदारी तथा कारोबारी संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। समझौते के लागू होने के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

    भारत और स्विट्जरलैंड के आर्थिक संबंधों में ईएफटीए की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईएफटीए देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संपर्क और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को भी महत्वपूर्ण माना गया है। आर्थिक मामलों के अलावा शिक्षा, विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में भी दोनों देशों के बीच लगातार संपर्क रहा है।

    गाइ पार्मेलिन का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और ईएफटीए के बीच आर्थिक साझेदारी से जुड़े सहयोग का नया चरण आगे बढ़ रहा है। टीईपीए के लागू होने की पहली वर्षगांठ के मौके पर होने वाला समृद्धि शिखर सम्मेलन दोनों पक्षों को समझौते की प्रगति और भविष्य के आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का अवसर देगा। राष्ट्रपति भवन में हुआ औपचारिक स्वागत और इसके बाद होने वाले उच्चस्तरीय कार्यक्रम भारत और स्विट्जरलैंड के बीच राजनीतिक संवाद तथा आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण गतिविधियों के रूप में देखे जा रहे हैं।