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  • सुप्रीम कोर्ट की दिल्ली पुलिस को सख्त हिदायत, रात 10 बजे भी महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करें

    सुप्रीम कोर्ट की दिल्ली पुलिस को सख्त हिदायत, रात 10 बजे भी महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करें

    नई दिल्ली ।देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं। हाल में स्लीपर बस और दक्षिण दिल्ली के एक पार्क में हुई बलात्कार की घटनाओं का उल्लेख करते हुए अदालत ने पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। पुलिस को जमीनी स्तर पर ऐसा माहौल तैयार करना होगा, जिसमें यौन अपराध करने की प्रवृत्ति रखने वाले लोगों के मन में कानून का डर हो और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि अपराधियों के मन में ऐसा सख्त खौफ पैदा किया जाए कि वे इस तरह के अपराध को दोबारा करने के बारे में सोचने से भी डरें। अदालत ने कहा कि जब तक असामाजिक तत्वों को यह भरोसा नहीं होगा कि ऐसे अपराध करने पर उन्हें बख्शा नहीं जाएगा, तब तक राजधानी की स्थिति में सुधार मुश्किल है। कोर्ट ने पुलिस से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आने वाले हफ्तों में ऐसी कोई वीभत्स घटना दोबारा न हो।

    दक्षिण दिल्ली के एक पार्क में हुए गैंगरेप मामले को लेकर भी अदालत ने पुलिस से तीखे सवाल किए। कोर्ट ने कहा कि घटना से पहले स्थानीय लोगों ने पुलिस को असामाजिक तत्वों के बारे में चेतावनी दी थी। ऐसे में अदालत ने सवाल उठाया कि समय रहते उचित कार्रवाई क्यों नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिल्ली में एक वॉर रूम बनाने के संबंध में भी जानकारी मांगी और सुरक्षा व्यवस्था को इस स्तर तक मजबूत करने को कहा कि रात 10 बजे सड़क पर चलने वाली महिला भी खुद को सुरक्षित महसूस करे।

    अदालत ने यौन अपराधों से जुड़े संदिग्धों पर निगरानी के लिए यौन अपराधियों के राष्ट्रीय डेटाबेस के इस्तेमाल का सुझाव भी दिया। इसके अलावा दिल्ली में मौजूद हजारों अनधिकृत खाने-पीने की जगहों का मुद्दा भी उठाया गया। अदालत के अनुसार, ऐसी जगहों पर अवैध रूप से शराब परोसे जाने और असामाजिक तत्वों के जमा होने की बात सामने आती है। कोर्ट ने इस व्यवस्था पर भी पुलिस का ध्यान आकर्षित किया और सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कार्रवाई पर जोर दिया।

    जस्टिस पारदीवाला ने वर्ष 2012 के निर्भया मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस वीभत्स घटना से पहले भी दोषियों ने ऐसी ही जगहों पर खान-पान किया था। सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेजों के आसपास मंडराने वाले मनचलों और शोहदों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। अदालत के निर्देशों का मुख्य जोर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस की जमीनी कार्रवाई मजबूत करने, सुरक्षा चूक रोकने और यौन अपराधों की प्रवृत्ति रखने वाले लोगों के बीच कानून का प्रभावी डर पैदा करने पर रहा।

  • बिहार दरोगा मेंस परीक्षा रद्द होने पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेड तोड़े तो पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    बिहार दरोगा मेंस परीक्षा रद्द होने पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेड तोड़े तो पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    नई दिल्ली ।बिहार में 1799 पदों के लिए होने वाली दरोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ सोमवार को पटना में अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। अलग-अलग जिलों से पहुंचे अभ्यर्थी गांधी मैदान में एकत्र हुए और वहां से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी जब जेपी गोलंबर के पास पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। छात्रों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।

    प्रदर्शन सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे गांधी मैदान से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में दरोगा भर्ती के अभ्यर्थी वहां जुटे और जेपी गोलंबर की तरफ मार्च करने लगे। जेपी गोलंबर के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, जिससे मौके पर भगदड़ की स्थिति बन गई। प्रशासन की ओर से कहा गया कि इस तरह के प्रदर्शन से आम लोगों और यातायात व्यवस्था पर असर पड़ रहा था।

    अभ्यर्थियों का मुख्य विरोध 1799 पदों के लिए आयोजित मुख्य परीक्षा को रद्द किए जाने को लेकर है। करीब 10 हजार अभ्यर्थियों ने यह मेंस परीक्षा पास की थी। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि कुछ लोगों की शिकायतों के आधार पर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने पूरी परीक्षा रद्द कर दी। उनका कहना है कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी या भ्रष्टाचार हुआ था तो उसकी जांच कर दोषी अभ्यर्थियों या संबंधित परीक्षा केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी। छात्रों का तर्क है कि पूरी परीक्षा रद्द करने से उन अभ्यर्थियों को भी नुकसान हो रहा है, जिन्होंने मेहनत से परीक्षा पास की थी।

    अभ्यर्थियों ने अपनी चार महीने की तैयारी और भविष्य को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि मुख्य परीक्षा पास करने के बाद वे पिछले करीब चार महीने से शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। कई अभ्यर्थियों के अनुसार उनकी उम्र सीमा समाप्त हो चुकी है या समाप्त होने के करीब है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले छात्रों के लिए पटना में रहकर लगातार तैयारी करना और परिवार से बार-बार आर्थिक मदद लेना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंचने के बाद मुख्य परीक्षा रद्द होने से उनके सामने भविष्य को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है।

    प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपनी मांग के समर्थन में चुनाव प्रक्रिया का उदाहरण भी दिया। उनका कहना है कि यदि किसी एक या दो मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी मिलती है तो पूरे राज्य का चुनाव रद्द नहीं किया जाता, बल्कि संबंधित बूथ पर दोबारा मतदान कराया जाता है। इसी आधार पर छात्रों ने सवाल उठाया कि परीक्षा में गड़बड़ी की स्थिति में पूरी परीक्षा रद्द करने के बजाय संबंधित स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अभ्यर्थियों ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि जब तक मुख्य परीक्षा रद्द करने का आदेश वापस लेकर शारीरिक परीक्षा की नई तारीख घोषित नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

  • घर में सुख शांति और समृद्धि के लिए अपनाएं ये वास्तु टिप्स, मुख्य द्वार से बेडरूम तक जानें किन बातों का रखें ध्यान

    घर में सुख शांति और समृद्धि के लिए अपनाएं ये वास्तु टिप्स, मुख्य द्वार से बेडरूम तक जानें किन बातों का रखें ध्यान


    नई दिल्ली। घर केवल ईंट और दीवारों से बनी जगह नहीं होता बल्कि यह परिवार के सुख शांति और सकारात्मक माहौल से जुड़ा स्थान माना जाता है। वास्तु शास्त्र में घर की दिशा कमरे की व्यवस्था और वस्तुओं को रखने के स्थान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता के अनुसार घर में चीजों को सही दिशा और व्यवस्थित तरीके से रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर हो सकता है। यही वजह है कि लोग नया घर बनाते समय या पुराने घर में बदलाव करते समय वास्तु से जुड़े नियमों का ध्यान रखते हैं।

    घर के मुख्य द्वार को वास्तु में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता के अनुसार मुख्य प्रवेश द्वार साफ सुथरा और रोशनी वाला होना चाहिए। दरवाजे के आसपास बेकार सामान या कूड़ा जमा नहीं करना चाहिए। प्रवेश द्वार पर पर्याप्त प्रकाश रखने और नियमित सफाई करने से घर का वातावरण भी बेहतर बना रहता है। घर के दरवाजे की आवाज यदि बहुत अधिक आती है तो उसकी मरम्मत कराना भी उचित माना जाता है क्योंकि वास्तु में इसे सकारात्मक वातावरण के लिए अच्छा नहीं माना जाता।

    वास्तु के अनुसार घर का उत्तर और पूर्व दिशा विशेष महत्व रखती है। इन दिशाओं में पर्याप्त रोशनी और खुली जगह रखना शुभ माना जाता है। घर में खिड़कियां और प्राकृतिक रोशनी आने की व्यवस्था होने से वातावरण हवादार और आरामदायक रहता है। भारी सामान रखने के लिए दक्षिण और पश्चिम दिशा को अपेक्षाकृत उपयुक्त माना जाता है। हालांकि घर की बनावट और उपलब्ध जगह के अनुसार फर्नीचर की व्यवस्था अलग हो सकती है।

    रसोई को लेकर भी वास्तु में कई मान्यताएं हैं। सामान्य तौर पर दक्षिण पूर्व दिशा को अग्नि तत्व से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए इस दिशा को रसोई के लिए उपयुक्त माना जाता है। रसोई में गैस चूल्हा और पानी के स्थान को व्यवस्थित रखने की सलाह दी जाती है। सिंक और चूल्हे के बीच पर्याप्त दूरी रखना व्यावहारिक रूप से भी सुविधाजनक हो सकता है। रसोई को साफ रखना घर के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए सबसे जरूरी है।

    शयनकक्ष में भी अनावश्यक सामान जमा करने से बचना चाहिए। बिस्तर के नीचे कबाड़ या लंबे समय से इस्तेमाल न होने वाली वस्तुएं रखने के बजाय जगह को खाली रखना बेहतर होता है। कमरे में हल्की और आरामदायक रोशनी तथा पर्याप्त हवा आने की व्यवस्था नींद और आराम के लिए उपयोगी हो सकती है। दर्पण को बिस्तर के ठीक सामने लगाने से बचने की सलाह कई वास्तु परंपराओं में दी जाती है।

    घर के पूजा स्थल को साफ और शांत स्थान पर रखना चाहिए। पूजा के स्थान पर नियमित सफाई करें और वहां अनावश्यक सामान जमा न होने दें। पौधे लगाने की बात करें तो घर में हरियाली वातावरण को सुंदर और ताजा बनाने में मदद करती है। सूखे और मुरझाए पौधों को घर में लंबे समय तक रखना उचित नहीं माना जाता क्योंकि इससे घर की सुंदरता भी प्रभावित होती है।

    सबसे जरूरी बात यह है कि वास्तु से जुड़े उपायों को आस्था और परंपरा के रूप में देखा जाना चाहिए। घर में सुख शांति बनाए रखने के लिए साफ सफाई पर्याप्त रोशनी अच्छा वेंटिलेशन और व्यवस्थित जीवनशैली का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। बिना सोचे समझे किसी बड़े निर्माण परिवर्तन या तोड़फोड़ के बजाय विशेषज्ञ की सलाह और घर की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखना बेहतर है। सकारात्मक माहौल के लिए घर को साफ व्यवस्थित और शांत रखना सबसे आसान और उपयोगी उपायों में से एक है।

  • SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का CEC ज्ञानेश कुमार को नोटिस, निलंबन से इनकार; कानून टूटा तो फैसलों पर रोक संभव

    SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का CEC ज्ञानेश कुमार को नोटिस, निलंबन से इनकार; कानून टूटा तो फैसलों पर रोक संभव

    नई दिल्ली ।स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR से जुड़े फैसलों में कथित एकतरफा कार्रवाई के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नोटिस जारी किया है। हालांकि, अदालत ने उन्हें निलंबित करने की मांग पर फिलहाल तत्काल अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। अदालत ने चुनाव आयोग से यह स्पष्ट करने को कहा है कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसले संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सर्वसम्मति या बहुमत से लिए गए थे या नहीं।

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि केवल किसी समाचार रिपोर्ट के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि चुनाव आयोग में फैसले एकतरफा तरीके से लिए गए। अदालत ने कहा कि इस मामले में उसे चुनाव आयोग से प्रमाणित जानकारी और संबंधित रिकॉर्ड की आवश्यकता है। पीठ ने चुनाव आयोग के फैसलों की प्रक्रिया को लेकर उसके जवाब को महत्वपूर्ण माना।

    मामला चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से कथित तौर पर उठाई गई आपत्तियों से जुड़ा है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पिछले 10 महीनों में मतदाता सूची, मतदाता पंजीकरण और आयोग की तकनीकी प्रणालियों से संबंधित मामलों में कम से कम 14 मौकों पर आपत्तियां दर्ज की गईं। हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा है कि मसौदा चरण में सवाल, सुझाव और आपत्तियां उठना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के अनुसार, SIR की समय-सारणी से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।

    सुप्रीम कोर्ट के सामने मुख्य सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग के फैसले पूरी संस्था की संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार लिए गए या मुख्य चुनाव आयुक्त ने अकेले उन शक्तियों का इस्तेमाल किया, जो आयोग के सामूहिक निर्णय से संबंधित हैं। पीठ ने स्पष्ट किया कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर होने चाहिए। अदालत ने कहा कि यदि रिकॉर्ड से पता चलता है कि संबंधित फैसले न तो सर्वसम्मति से और न ही बहुमत से लिए गए, तो वह उन फैसलों पर रोक लगाने या उन्हें प्रभावित करने वाला आदेश दे सकती है।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता से यह भी पूछा कि क्या वह अपनी मांग के समर्थन में समाचार रिपोर्ट पर निर्भर कर रहा है। पीठ ने कहा कि किसी रिपोर्ट के सही, आंशिक रूप से सही या गलत होने की संभावना हो सकती है। इसलिए केवल मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तत्काल आदेश जारी नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि वह चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और संबंधित रिकॉर्ड देखना चाहेगी। यदि रिकॉर्ड से कानून या निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो अदालत उचित कार्रवाई पर विचार कर सकती है।

    यह मामला पटना निवासी राकेश कुमार सिंह की ओर से दायर जनहित याचिका के बाद सामने आया। याचिका में सवाल उठाया गया है कि क्या CEC ज्ञानेश कुमार व्यक्तिगत रूप से उन शक्तियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कानून और संविधान के तहत पूरे चुनाव आयोग से संबंधित हैं। इसमें Form 6 में कथित तौर पर बिना अनुमति बदलाव, मतदाता सूची के डेटाबेस को केंद्रीकृत करने और ECINet सिस्टम के जरिए नाम बहाल नहीं किए जाने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इन आरोपों पर अंतिम स्थिति चुनाव आयोग के जवाब और अदालत के सामने पेश किए जाने वाले रिकॉर्ड के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने CEC के निलंबन की मांग पर अंतरिम राहत नहीं दी है।

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  • इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया बढ़ेगा, मंगलवार से नए शुल्क लागू होंगे

    इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया बढ़ेगा, मंगलवार से नए शुल्क लागू होंगे


    नई दिल्ली ।
    देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी एटीएफ की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। एयरलाइन के अनुसार, नई दरें मंगलवार से बुक होने वाली सभी उड़ानों पर लागू होंगी। इससे हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के टिकट खर्च में बढ़ोतरी होगी। फ्यूल चार्ज घरेलू उड़ानों में तय दूरी के आधार पर और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में रूट तथा क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग रखा गया है।

    एयरलाइन के मुताबिक, ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। हाल ही में एटीएफ की कीमतों में महीने-दर-महीने 14 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते एटीएफ की लागत पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। एयरलाइन ने बताया कि एविएशन टरबाइन फ्यूल उसकी परिचालन लागत का एक बड़ा हिस्सा है। इसलिए ईंधन की कीमत बढ़ने का असर एयरलाइन की लागत संरचना और नेटवर्क के संचालन पर पड़ रहा है।

    घरेलू उड़ानों के लिए 500 किलोमीटर तक की दूरी पर 375 रुपये का फ्यूल चार्ज लगाया जाएगा। 501 से 1,000 किलोमीटर तक की उड़ानों के लिए यह शुल्क 600 रुपये होगा। 1,001 से 1,500 किलोमीटर की दूरी वाली उड़ानों पर 900 रुपये, 1,501 से 2,000 किलोमीटर की उड़ानों पर 1,150 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली उड़ानों पर 1,300 रुपये का फ्यूल चार्ज लिया जाएगा। इस तरह घरेलू उड़ानों के लिए शुल्क दूरी बढ़ने के साथ अलग-अलग निर्धारित किया गया है।

    अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी अलग-अलग शुल्क तय किया गया है। सार्क क्षेत्र में 500 किलोमीटर तक की दूरी वाली उड़ानों पर 1,000 रुपये और 500 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली उड़ानों पर 3,000 रुपये का फ्यूल चार्ज लगेगा। वहीं, साउथ-ईस्ट एशिया, जीसीसी, मिडिल ईस्ट और नॉर्थ व ईस्ट एशिया जाने वाली उड़ानों के लिए 5,500 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। अफ्रीका और यूरोप जाने वाली उड़ानों पर फ्यूल चार्ज 6,000 रुपये होगा।

    एयरलाइन ने कहा है कि बढ़ती ईंधन लागत की पूरी भरपाई करने के लिए फ्यूल चार्ज में इससे अधिक बढ़ोतरी की जरूरत हो सकती थी, लेकिन यात्रियों पर पड़ने वाले असर को कम रखने के लिए अपेक्षाकृत सीमित बदलाव किया गया है। एयरलाइन के अनुसार, ईंधन की लागत में लगातार हो रही वृद्धि के कारण यह शुल्क बढ़ाना जरूरी हुआ है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी बीते तीन महीनों में करीब 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में इस वृद्धि का असर एयरलाइन के परिचालन खर्च पर पड़ रहा है। नई फ्यूल चार्ज दरों के लागू होने के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों के यात्रियों को टिकट बुक करते समय अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

  • बरेला में अचानक रुका CM मोहन यादव का काफिला, सड़क किनारे ढाबे पर पी चाय, फ्री कोचिंग देने वाले युवा का किया सम्मान

    बरेला में अचानक रुका CM मोहन यादव का काफिला, सड़क किनारे ढाबे पर पी चाय, फ्री कोचिंग देने वाले युवा का किया सम्मान


    जबलपुर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार रात मंडला से सड़क मार्ग के जरिए जबलपुर लौट रहे थे। इसी दौरान बरेला में उनका काफिला अचानक रुक गया। मुख्यमंत्री ने सड़क किनारे स्थित चाय की दुकान पर पहुंचकर चाय पी और स्थानीय लोगों से बातचीत की। करीब रात 10 बजे हुए इस अचानक चाय स्टॉप के दौरान मुख्यमंत्री के साथ भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने बच्चों को निशुल्क कोचिंग देने वाले युवा मयंक साहू का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया और उसके प्रयास की सराहना की।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंडला में आयोजित तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कार से डुमना विमानतल की ओर जा रहे थे। बरेला में शारदा माता मंदिर के सामने बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए जमा थे। जब मुख्यमंत्री की नजर लोगों पर पड़ी तो उन्होंने अपना काफिला रुकवा दिया। इसके बाद वे सड़क किनारे स्थित अग्रवाल होटल नाम की चाय की दुकान पर पहुंचे और वहां बैठकर चाय पी।

    मुख्यमंत्री के अचानक दुकान पर पहुंचने से वहां मौजूद लोग भी उत्साहित नजर आए। मुख्यमंत्री ने दुकान संचालक से बातचीत की और चाय के पैसे भी खुद चुकाए। इस दौरान स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मौके पर भाजपा के जबलपुर नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर और भाजपा दिव्यांगजन प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप रजक सहित अन्य नेता और अधिकारी मौजूद थे।

    इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला बरेला के सनराइज फैमिली ढाबे पर भी रुका। यहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने ढाबे पर भी चाय पी और संचालक परिवार से बातचीत की। यह ढाबा सास और बहू द्वारा मिलकर संचालित किया जाता है। मुख्यमंत्री ने ढाबा संचालक आरती दुबे और उनकी बहू सुरभि दुबे से मुलाकात कर परिवार के सदस्यों का हालचाल जाना।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने बरेला के बच्चों के लिए निशुल्क कोचिंग चलाने वाले युवा मयंक साहू को भी सम्मानित किया। डॉ. मोहन यादव ने मयंक को शॉल ओढ़ाया और बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के उसके प्रयास की तारीफ की। मयंक स्थानीय बच्चों को बिना किसी शुल्क के पढ़ाने का काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने उसके इस प्रयास को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए प्रोत्साहित किया।

    मुख्यमंत्री के इस अचानक रुकने से बरेला में मौजूद लोगों के लिए यह रात खास बन गई। आमतौर पर सुरक्षा घेरे और निर्धारित कार्यक्रमों के बीच चलने वाले मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के बीच रुककर चाय पी और उनसे बातचीत की। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में सामाजिक स्तर पर बच्चों की शिक्षा के लिए काम कर रहे युवा को सम्मान देकर उसका उत्साह भी बढ़ाया। मुख्यमंत्री का यह दौरा किसी निर्धारित कार्यक्रम के बजाय रास्ते में अचानक लिए गए इन छोटे पड़ावों के कारण चर्चा में रहा।

  • वेंटिलेटर पर थी 23 साल की दीक्षा, बोल नहीं पाई तो भाई के हाथ पर लिखे तीन नामों के संकेत, ससुराल पर गंभीर आरोप

    वेंटिलेटर पर थी 23 साल की दीक्षा, बोल नहीं पाई तो भाई के हाथ पर लिखे तीन नामों के संकेत, ससुराल पर गंभीर आरोप


    जबलपुर ।जबलपुर में 23 वर्षीय नवविवाहिता की इलाज के दौरान मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। मायके वालों ने दीक्षा पांडे की मौत को लेकर उसके पति अक्षय उर्फ सतीष मिश्रा सास उमा मिश्रा और ननद सोनम पर हत्या का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि शादी के करीब डेढ़ साल बाद भी बच्चा नहीं होने को लेकर दीक्षा को लगातार ताने दिए जा रहे थे। हालत बिगड़ने के बाद उसे जबलपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां वह वेंटिलेटर पर थी। बोलने की स्थिति में नहीं होने के कारण उसने भाई से लिखकर बातचीत करने की कोशिश की।

    दीक्षा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर की रहने वाली थी। करीब डेढ़ साल पहले उसकी शादी छतरपुर निवासी अक्षय से हुई थी। अक्षय सीआरपीएफ में नागपुर में पदस्थ है। परिवार के मुताबिक 24 सितंबर को अक्षय दीक्षा को लेकर छतरपुर आया था। इसके बाद 27 सितंबर को परिवार के श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दोनों हटा थाना क्षेत्र के ग्राम पाटन स्थित चाचा ससुर के घर पहुंचे थे।

    मायके पक्ष के अनुसार 29 सितंबर की दोपहर दीक्षा अपनी मां से फोन पर बातचीत कर रही थी। इसी दौरान उसकी ननद सोनम से विवाद होने की बात सामने आई। भाई भूपेंद्र का आरोप है कि सोनम दीक्षा को जबरन घर से बाहर ले जाने लगी। परिवार का दावा है कि फोन पर बातचीत के दौरान उसकी मां ने दीक्षा की आवाज सुनी थी। इसके बाद कथित तौर पर उसका मुंह दबाने और गला दबाने की बात कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    घटना के बाद दीक्षा की हालत गंभीर बताई गई और उसे जबलपुर के बड़ेरिया प्राइम अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने स्थिति नाजुक होने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा। जानकारी मिलने के बाद उसका भाई भूपेंद्र झांसी से जबलपुर पहुंचा। दीक्षा बोल नहीं पा रही थी इसलिए भाई ने उससे लिखकर बातचीत करने की कोशिश की।

    भूपेंद्र के मुताबिक इसी दौरान दीक्षा ने अपनी हथेली पर पेन से S U और A अक्षर लिखे। मायके वालों ने इन अक्षरों को सोनम उमा और अक्षय के नाम से जोड़ते हुए दावा किया कि दीक्षा ने अपनी हालत के बावजूद आरोपियों की ओर संकेत करने की कोशिश की थी। परिवार ने इसे घटना से जुड़ा अहम संकेत बताया है। हालांकि इन अक्षरों का वास्तविक अर्थ क्या था और इन्हें किस संदर्भ में लिखा गया था यह जांच का विषय है।

    मायके पक्ष ने दीक्षा के गले पर निशान होने का भी दावा किया है। परिवार का आरोप है कि बच्चा नहीं होने की वजह से उसे ससुराल में मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। परिजनों के मुताबिक लगातार तनाव के कारण दीक्षा कुछ समय अपने पति के साथ नागपुर में रहने लगी थी। उनका आरोप है कि वहां रहने के दौरान भी उसे फोन के जरिए परेशान किया जाता था।

    दीक्षा को 30 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद तहसीलदार की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार सोमवार को झांसी में अंतिम संस्कार करेगा।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गोहलपुर थाना प्रभारी रीतेश पांडे के अनुसार घटनास्थल हटा थाना क्षेत्र में आता है। गोहलपुर पुलिस ने जीरो पर मर्ग कायम किया है और मर्ग डायरी जांच के लिए हटा थाने भेजी जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब परिवार के आरोपों के साथ घटनास्थल और मेडिकल साक्ष्यों की भी जांच करेगी।

  • NH-46 पर अचानक पलटा गुड़ से भरा मिनी ट्रक, 35 साल के हेल्पर की मौत, नींद का झोंका बना हादसे की वजह

    NH-46 पर अचानक पलटा गुड़ से भरा मिनी ट्रक, 35 साल के हेल्पर की मौत, नींद का झोंका बना हादसे की वजह


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में रविवार दोपहर नेशनल हाईवे 46 पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के कलोथरा गांव के पास गुड़ से भरा एक मिनी ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया और पलट गया। हादसे में वाहन में सवार हेल्पर की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद मिनी ट्रक का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार मिनी ट्रक क्रमांक MP 33 G 7642 गुड़ लेकर मुरैना से शिवपुरी की ओर आ रहा था। रविवार दोपहर कलोथरा गांव के पास अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया। इसके बाद मिनी ट्रक सड़क से नीचे उतरकर पलट गया। हादसा इतना जोरदार था कि वाहन का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठा हेल्पर अंदर फंस गया।

    दुर्घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में सुभाषपुरा थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त केबिन में फंसे हेल्पर को बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज शिवपुरी ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    मृतक की पहचान 35 वर्षीय पूरन जाटव के रूप में हुई है। वह करमाज कला गांव का रहने वाला था और मिनी ट्रक पर हेल्पर का काम करता था। बताया गया है कि यह वाहन इंद्रजीत चावला के नाम पर है। हादसे के बाद परिवार में मातम का माहौल है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे की वजह चालक को नींद का झोंका आना हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी इसे अंतिम कारण नहीं माना है। दुर्घटना की वास्तविक वजह पता लगाने के लिए पुलिस घटनास्थल की जांच कर रही है। वाहन की स्थिति और सड़क से जुड़े पहलुओं को भी देखा जा रहा है।

    हादसे के बाद चालक के मौके से फरार होने के कारण पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्घटना के समय वाहन की गति कितनी थी और चालक की लापरवाही या किसी अन्य वजह से वाहन अनियंत्रित हुआ था या नहीं। इसके साथ ही पुलिस आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।

    NH-46 पर लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में मिनी ट्रक के पलटने से कुछ समय के लिए मौके पर भी अफरा तफरी की स्थिति बन गई। राहत और बचाव के बाद पुलिस ने वाहन को सुरक्षित करवाया। फिलहाल सुभाषपुरा पुलिस फरार चालक की तलाश कर रही है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।

  • अमेरिका दौरे पर अनुपम खेर ने रॉबर्ट डी नीरो से की मुलाकात, बोले- हर बार उनसे मिलना मेरे लिए खुशी की बात

    अमेरिका दौरे पर अनुपम खेर ने रॉबर्ट डी नीरो से की मुलाकात, बोले- हर बार उनसे मिलना मेरे लिए खुशी की बात

    नई दिल्ली ।अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों अपने नाटक ‘जाने पहचाने अनजाने’ के साथ अमेरिका और कनाडा के दौरे पर हैं। इसी दौरान उन्होंने हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और अपने करीबी दोस्त रॉबर्ट डी नीरो से उनके घर पर मुलाकात की। अनुपम खेर ने इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए और इसे अपने मौजूदा दौरे की खास यादों में शामिल बताया।

    अनुपम खेर ने मुलाकात से जुड़ी कुछ तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिनमें वह रॉबर्ट डी नीरो के साथ नजर आ रहे हैं। पोस्ट के साथ उन्होंने कहा कि अमेरिका आने के बाद अपने सबसे प्यारे दोस्त डी नीरो से मिले बिना उनका दौरा पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने रॉबर्ट डी नीरो को दुनिया के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक बताया और कहा कि उनसे मिलना हर बार उनके लिए खुशी की बात होती है।

    अनुपम खेर ने बताया कि अमेरिका और कनाडा में अपने म्यूजिकल प्ले ‘जाने पहचाने अनजाने’ के साथ चल रहे दौरे के बीच रॉबर्ट डी नीरो से हुई मुलाकात उनके लिए सबसे खास अनुभवों में से एक रही। उन्होंने अपने दोस्त के घर पहुंचने और उनके साथ समय बिताने को लेकर भी खुशी जाहिर की। दोनों की मुलाकात के दौरान उनके बीच दोस्ताना संबंध दिखाई दिए, जिसकी झलक अनुपम खेर की साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में भी नजर आई।

    अनुपम खेर ने रॉबर्ट डी नीरो को अपने घर पर आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने उनके घर पर मिले स्वादिष्ट भोजन का भी जिक्र किया। अनुपम के मुताबिक, दोनों के बीच हुई बातचीत और डी नीरो की ओर से दिया गया समय उनके लिए काफी मायने रखता है। उन्होंने कहा कि जब भी वह डी नीरो से मिलते हैं, तो उनके भीतर का प्रशंसक भी उतना ही उत्साहित होता है, जितना एक दोस्त अपने दोस्त से मिलकर होता है।

    अनुपम खेर ने रॉबर्ट डी नीरो के प्रति एक अभिनेता और इंसान, दोनों रूपों में सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि दुनिया के इस महान अभिनेता को अपना दोस्त कह सकते हैं। उन्होंने डी नीरो के परिवार का भी आभार जताया और कहा कि परिवार की मौजूदगी ने इस मुलाकात को उनके लिए और खूबसूरत याद बना दिया। अनुपम ने कहा कि वह इन पलों को अपने साथ लेकर जाएंगे और लंबे समय तक याद रखेंगे। उन्होंने डी नीरो की ओर से दिए गए कैप गिफ्ट के लिए भी धन्यवाद दिया और बताया कि यह उपहार उनके लिए बहुत मायने रखता है।

  • उत्तराखंड घूमने का बना रहे हैं प्लान, इन शानदार जगहों की यात्रा कर बना लें सफर यादगार, पहाड़ों से लेकर तीर्थस्थलों तक सब कुछ खास

    उत्तराखंड घूमने का बना रहे हैं प्लान, इन शानदार जगहों की यात्रा कर बना लें सफर यादगार, पहाड़ों से लेकर तीर्थस्थलों तक सब कुछ खास


    नई दिल्ली। उत्तराखंड को देवभूमि के साथ साथ प्राकृतिक सुंदरता का खजाना भी कहा जाता है। यहां ऊंचे पहाड़ बर्फ से ढकी चोटियां घने जंगल शांत झीलें बहती नदियां और प्राचीन मंदिर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। अगर आप भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ दिन दूर रहकर प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं तो उत्तराखंड एक शानदार विकल्प हो सकता है। गर्मियों की छुट्टियों से लेकर सर्दियों के मौसम तक यहां अलग अलग जगहों का अपना खास आकर्षण देखने को मिलता है।

    ऋषिकेश से उत्तराखंड की यात्रा शुरू करना कई यात्रियों के लिए पसंदीदा विकल्प रहता है। गंगा किनारे बसा यह शहर आध्यात्मिक माहौल के साथ एडवेंचर गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है। यहां गंगा आरती देखने के साथ रिवर राफ्टिंग जैसी गतिविधियों का आनंद लिया जा सकता है। इसके बाद हरिद्वार की यात्रा की जा सकती है जहां गंगा घाटों का धार्मिक वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करता है। शाम के समय गंगा आरती का दृश्य यात्रा को यादगार बना सकता है।

    पहाड़ों की खूबसूरती का अनुभव करना हो तो मसूरी एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यहां पहाड़ी रास्तों के साथ खूबसूरत घाटियां और ठंडी हवा पर्यटकों को काफी पसंद आती है। माल रोड पर घूमना और आसपास के प्राकृतिक स्थानों की सैर करना यात्रा का हिस्सा बनाया जा सकता है। मसूरी के आसपास कई ऐसे स्थान भी हैं जहां से पहाड़ों और घाटियों का सुंदर नजारा दिखाई देता है।

    नैनीताल भी उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है। नैनी झील के आसपास बसा यह शहर परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है। यहां नौकायन के साथ आसपास की पहाड़ियों और बाजारों का आनंद लिया जा सकता है। सुबह और शाम के समय झील के आसपास का वातावरण खास तौर पर आकर्षक नजर आता है।

    अगर आप शांत और कम भीड़ वाली जगह तलाश रहे हैं तो औली की यात्रा की योजना बना सकते हैं। सर्दियों के मौसम में बर्फ से ढकी पहाड़ियां औली की खूबसूरती को और बढ़ा देती हैं। यहां से हिमालय की ऊंची चोटियों का शानदार दृश्य दिखाई देता है। एडवेंचर पसंद करने वाले यात्रियों के लिए यह जगह खास आकर्षण रखती है।

    उत्तराखंड की यात्रा धार्मिक स्थलों के बिना भी अधूरी मानी जाती है। केदारनाथ बद्रीनाथ गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे प्रमुख तीर्थ स्थल देशभर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। इन स्थानों की यात्रा मौसम और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर करनी चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है इसलिए यात्रा से पहले सड़क स्थिति मौसम और स्थानीय प्रशासन की सलाह की जानकारी लेना जरूरी है।

    उत्तराखंड घूमने के दौरान पर्यावरण का ध्यान रखना भी हर यात्री की जिम्मेदारी है। पहाड़ों में प्लास्टिक और कचरा न फैलाएं प्राकृतिक जलस्रोतों को गंदा न करें और स्थानीय नियमों का पालन करें। स्थानीय भोजन और हस्तशिल्प का अनुभव लेकर स्थानीय लोगों के रोजगार में भी योगदान दिया जा सकता है। इस तरह उत्तराखंड की यात्रा केवल खूबसूरत यादें ही नहीं बल्कि प्रकृति और संस्कृति को करीब से समझने का अवसर भी देती है।