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  • राज्यसभा में विपक्ष की मांग पर बढ़ी सियासी तल्खी, सभापति ने रिजिजू से सरकार को संदेश देने का किया आग्रह

    राज्यसभा में विपक्ष की मांग पर बढ़ी सियासी तल्खी, सभापति ने रिजिजू से सरकार को संदेश देने का किया आग्रह


    नई दिल्ली
    । राज्यसभा में गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने गृह मंत्री की उपस्थिति की मांग उठाई, जिस पर सभापति ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से विपक्ष की भावना सरकार तक पहुंचाने का आग्रह किया। हालांकि इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद स्पष्ट रूप से सामने आए और लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित होती रही।

    सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी आवश्यक है। इस पर सभापति ने स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार का निर्देश नहीं, बल्कि विपक्ष की ओर से रखा गया अनुरोध है। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री से कहा कि विपक्ष की इस भावना और मांग को सरकार के समक्ष रखा जाना चाहिए ताकि इस पर उचित निर्णय लिया जा सके।

    इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह तय करना सरकार का अधिकार है कि किस दिन कौन-सा मंत्री सदन में उपस्थित रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री की उपस्थिति को लेकर निर्देश नहीं दिए जा सकते। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उस समय सदन में प्रश्नकाल चल रहा था और लगातार हो रहे व्यवधान के कारण प्रश्नकाल की कार्यवाही प्रभावित हो रही है, जिससे महत्वपूर्ण संसदीय कार्य बाधित हो रहे हैं।

    सभापति ने एक बार फिर हस्तक्षेप करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने किसी मंत्री को निर्देश देने का प्रयास नहीं किया है। उन्होंने केवल अपनी बात और विपक्ष की भावना सदन के सामने रखी है। सभापति ने संसदीय कार्य मंत्री से दोहराया कि विपक्ष के अनुरोध को सरकार तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी के दायरे में आता है और इसी भावना से उन्होंने यह आग्रह किया है।

    सदन में इस दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच संसदीय नियमों को लेकर भी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्हें संसदीय नियमों की जानकारी है और उन्हें नियम सिखाने की आवश्यकता नहीं है। इसके जवाब में किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी सदस्य पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल राज्यसभा के नियमों का उल्लेख किया है और सदन की कार्यवाही हमेशा निर्धारित नियमों के अनुरूप ही संचालित होनी चाहिए।

    रिजिजू ने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष वरिष्ठ और सम्मानित सदस्य हैं तथा सरकार उनके अनुभव का सम्मान करती है। हालांकि उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि किसी भी संसदीय मांग या तर्क के समर्थन में संबंधित नियमों का उल्लेख किया जाना आवश्यक होता है। इस बीच सभापति लगातार सभी सदस्यों से व्यवस्था बनाए रखने और प्रश्नकाल को सुचारु रूप से चलने देने की अपील करते रहे।

    लगातार शोर-शराबे और व्यवधान के कारण सदन की सामान्य कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। सभापति ने कई बार सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और संसदीय गरिमा बनाए रखने का अनुरोध किया, लेकिन हंगामा जारी रहा। अंततः लगातार बाधा उत्पन्न होने के कारण राज्यसभा की कार्यवाही निर्धारित समय तक के लिए स्थगित कर दी गई। पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति और संवाद की आवश्यकता को रेखांकित किया।

  • जेपीएससी भर्ती विवाद पर छात्र नेता देवेंद्र महतो का बड़ा बयान, मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल रहेगी जारी

    जेपीएससी भर्ती विवाद पर छात्र नेता देवेंद्र महतो का बड़ा बयान, मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल रहेगी जारी

    नई दिल्ली । झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र महतो ने स्पष्ट किया है कि उनका अनशन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर उनके अनशन खत्म करने की खबरें चलाई जा रही हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि उन्होंने केवल सलाह के बाद पानी पीना शुरू किया है। उनका कहना है कि भूख हड़ताल पहले की तरह जारी रहेगी और मांगें पूरी होने तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।

    देवेंद्र महतो ने कहा कि उन्होंने समाजसेवी सोनम वांगचुक की सलाह का सम्मान करते हुए केवल पानी ग्रहण किया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने छात्रों और आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि आंदोलन से जुड़ी गलत या भ्रामक जानकारी साझा न करें, क्योंकि इससे छात्रों के संघर्ष पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

    भूख हड़ताल के पांचवें दिन देवेंद्र महतो की तबीयत में गिरावट भी देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि लगातार उपवास के कारण शरीर में कमजोरी बढ़ गई है और अधिक देर तक बोलने पर सीने में तकलीफ महसूस होती है। उठने-बैठने में भी उन्हें सहारे की आवश्यकता पड़ रही है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही है। जांच के दौरान उनके रक्तचाप की स्थिति पहले की तुलना में कुछ बेहतर बताई गई है, लेकिन शारीरिक कमजोरी अभी भी बनी हुई है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि उनका मनोबल पूरी तरह मजबूत है और वह छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

    छात्र संगठनों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाना चाहिए ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को 16 मांगों का प्रस्ताव सौंपा है। इनमें प्रमुख मांग विवादित परीक्षाओं को रद्द कर निष्पक्ष जांच कराना, भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और सरकारी व्यवस्था के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया संचालित करना शामिल है। इसके अलावा अभ्यर्थियों ने यह भी मांग की है कि चयन प्रक्रिया के सभी चरण पहले से स्पष्ट किए जाएं ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

    छात्रों ने आयोगों में निष्पक्ष और स्वतंत्र अधिकारियों की नियुक्ति की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि भर्ती संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखना आवश्यक है। आंदोलन में शामिल छात्रों का दावा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच पूरे राज्य में इस आंदोलन को लेकर व्यापक चर्चा बनी हुई है और बड़ी संख्या में छात्र लगातार प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।

  • झांसी सड़क हादसे में अतीक अहमद के बेटे अबान अहमद की मौत, डिवाइडर से टकराई कार, तीन लोगों की गई जान

    झांसी सड़क हादसे में अतीक अहमद के बेटे अबान अहमद की मौत, डिवाइडर से टकराई कार, तीन लोगों की गई जान

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में गुरुवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद समेत तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा पूंछ थाना क्षेत्र के हाईवे पर उस समय हुआ, जब प्रयागराज से झांसी जा रही एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार में कुल छह लोग सवार थे। सभी लोग झांसी जिला कारागार में बंद अली अहमद से मिलने के लिए जा रहे थे। बताया जा रहा है कि सफर के दौरान हाईवे पर अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया, जिसके बाद कार तेज गति से डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों को गंभीर चोटें आईं।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को तत्काल एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद अबान अहमद समेत तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक झांसी जेल में बंद अली अहमद से मिलने के लिए परिवार और परिचित नियमित रूप से आते-जाते रहे हैं। अली अहमद को पिछले वर्ष प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल से स्थानांतरित कर झांसी जिला कारागार भेजा गया था। इसी सिलसिले में परिवार के सदस्य झांसी की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया।

    पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में दुर्घटना के कई संभावित कारणों पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा तेज रफ्तार, चालक को झपकी आने, वाहन के तकनीकी खराब होने या टायर फटने जैसी किसी वजह से हुआ। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

    पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। दुर्घटना के बाद मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। इस घटना के बाद अतीक अहमद के परिवार में एक बार फिर शोक का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

    सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना गंभीर दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनता है। ऐसे मामलों में वाहन की तकनीकी स्थिति, चालक की सतर्कता और यातायात नियमों का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास जारी है।

  • सीजेपी प्रदर्शन के दौरान बढ़ीं चोरी की वारदातें, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से सैकड़ों संदिग्ध पुलिस के रडार पर

    सीजेपी प्रदर्शन के दौरान बढ़ीं चोरी की वारदातें, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से सैकड़ों संदिग्ध पुलिस के रडार पर


    नई दिल्ली ।
    राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर आयोजित विशाल विरोध प्रदर्शन के दौरान आपराधिक तत्वों द्वारा चोरी और जेबतराशी की घटनाओं को अंजाम देने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान 177 से अधिक चोरी की शिकायतें दर्ज की गई हैं। इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी के बाद दिल्ली पुलिस ने अत्याधुनिक फेस रिकॉग्निशन सिस्टम की मदद से व्यापक अभियान चलाकर 717 संदिग्धों को चिन्हित किया है।

    प्रदर्शन और मार्च के दौरान सबसे अधिक शिकायतें कीमती स्मार्टफोन्स, पर्स और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के गायब होने से संबंधित प्राप्त हुई हैं। विशेषकर जब जंतर-मंतर और आसपास के मुख्य मार्गों पर प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा चरम पर था, तब शातिर जेबतराशों ने अव्यवस्था का फायदा उठाकर दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया। पीड़ित नागरिकों की लगातार आती शिकायतों को देखते हुए स्थानीय थाना पुलिस और विशेष शाखाओं ने संयुक्त रूप से मामले की पड़ताल शुरू की है।

    जांच प्रक्रिया के तहत दर्ज एफआईआर और ऑनलाइन ई-दर्ज रिपोर्टों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कई नागरिकों ने सीधे तौर पर चोरी का मामला दर्ज कराया, जबकि कुछ ने अपने कीमती सामान के खोने की सूचना दर्ज कराई है। प्राथमिक आकलन के आधार पर पुलिस का मानना है कि गुमशुदगी की अधिकांश घटनाएं संगठित जेबतराशी गिरोहों का परिणाम हो सकती हैं, जिसके चलते सभी मामलों का एक साथ अध्ययन किया जा रहा है।

    वारदातों को सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस ने तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया है। कार्यक्रम स्थल और पहुंच मार्गों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त फुटेज को फेस रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्कैन किया गया। इस डिजिटल जांच के दौरान हजारों चेहरों का मिलान पुलिस के पुराने आपराधिक डेटाबेस से कराया गया, जिसके बाद 717 संदिग्ध व्यक्तियों की संदिग्ध उपस्थिति और संलिप्तता की पुष्टि हुई है।

    पहचाने गए संदिग्धों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई समर्पित टीमों का गठन किया गया है। चिन्हित किए गए आरोपियों के रिकॉर्ड और उनके संबंधित इलाकों की पुलिस इकाइयों के साथ डेटा साझा किया गया है। अधिकारियों का मुख्य लक्ष्य चोरी किए गए मोबाइल और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की जल्द से जल्द बरामदगी सुनिश्चित करना तथा भीड़ का फायदा उठाने वाले ऐसे अंतरराज्यीय गिरोहों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।

    फिलहाल तकनीकी साक्ष्यों और सीडीआर के आधार पर संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। सुरक्षा तंत्र ने बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भाग लेने वाले नागरिकों से अपनी निजी वस्तुओं के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के उपरांत दोषी पाए जाने वाले सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी धाराओं के तहत निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

  • आईएसआई समर्थित नेटवर्क की दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हमले की साजिश पंजाब पुलिस ने विफल की।

    आईएसआई समर्थित नेटवर्क की दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हमले की साजिश पंजाब पुलिस ने विफल की।

    नई दिल्ली । पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से सीमा पार संचालित एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े दो अलग-अलग आतंकी मॉड्यूल को निष्क्रय करते हुए राजधानी दिल्ली में एक संभावित भीषण हमले की योजना को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। जांच अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार यह नेटवर्क काफी समय से देश के विभिन्न संवेदनशील हिस्सों में समानांतर गतिविधियां चलाने का प्रयास कर रहा था।

    प्रारंभिक तफ्तीश में इस बात की पुष्टि हुई है कि इस साजिश का मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर क्षेत्र में एकत्रित हुए छात्र आंदोलनकारियों को निशाना बनाना था। आतंकियों की मंशा भीड़भाड़ वाले इलाके में अफरा-तफरी और अशांति फैलाकर व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करने की थी। सुरक्षा बलों द्वारा सही समय पर की गई त्वरित और सटीक कार्रवाई के चलते किसी भी तरह की अनहोनी घटना को होने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इस सिलसिले में विभिन्न स्थानों से कुल नौ संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों में चार नाबालिग भी शामिल पाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल आकाओं द्वारा मोहरे के रूप में किया जा रहा था। तलाशी अभियान के दौरान संदिग्धों के कब्जे से कई अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद और आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गई हैं। पूछताछ में सामने आया है कि इन सभी को सरहद पार बैठे हैंडलरों के माध्यम से लगातार दिशा-निर्देश प्राप्त हो रहे थे।

    सुरक्षा तंत्र के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मॉड्यूल के कुछ सदस्यों ने पहले ही जंतर-मंतर पहुंचकर वहां का जायजा ले लिया था। उन्हें इस गतिविधि को अंजाम देने के लिए जरूरी संसाधन और सहायता मुहैया कराई जा रही थी। हालांकि, निरंतर निगरानी और खुफिया जानकारी के सटीक विश्लेषण के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर ली गई। इस घटनाक्रम के उपरांत दिल्ली समेत देश के अन्य संवेदनशील राज्यों में सुरक्षा ढांचा और मजबूत किया जा रहा है।

    जांच में यह पहलू भी उजागर हुआ है कि गिरोह के सदस्यों को विभिन्न रणनीतिक स्थानों और सुरक्षा बलों के काफिलों की गतिविधियों की रेकी करने का जिम्मा सौंपा गया था। वे अपने डिजिटल उपकरणों से गोपनीय वीडियो तैयार कर विदेशी हैंडलरों को भेज रहे थे। इस नेटवर्क का उद्देश्य केवल एक तात्कालिक हमला करना नहीं, बल्कि लंबे समय तक देश में अस्थिरता का माहौल बनाए रखना था, जिसके चलते अब जांच का दायरा कई अन्य राज्यों तक विस्तृत कर दिया गया है।

    मामले में नाबालिगों की मौजूदगी ने सुरक्षा विश्लेषकों की चिंता बढ़ा दी है। गिरोह के सरगना युवाओं और किशोरों को भड़काकर तथा पैसों का लालच देकर गैरकानूनी गतिविधियों में धकेल रहे थे। इसके अलावा, अवैध बैंकिंग मार्गों और हवाला के माध्यम से पैसों के लेन-देन की बात भी सामने आई है। वित्तीय जांच एजेंसियां इस पूरे फंडिंग नेटवर्क की तह तक जाने के लिए बैंक खातों और विदेशी संपर्कों की सूक्ष्म पड़ताल में जुटी हुई हैं।

    पुलिस और जांच एजेंसियां वर्तमान में गिरफ्तार किए गए सभी नौ आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर विस्तृत पूछताछ कर रही हैं। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अंतर-राज्यीय और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के कारण इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का समय पर पर्दाफाश संभव हो सका है। आने वाले दिनों में इस मामले की विस्तृत जांच के आधार पर कई अन्य महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां और नए तथ्य सामने आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

  • पहाड़ों की खूबसूरती का ट्रिप अब और आसान, IRCTC लाया गंगटोक-कालिम्पोंग-दार्जिलिंग का किफायती पैकेज

    पहाड़ों की खूबसूरती का ट्रिप अब और आसान, IRCTC लाया गंगटोक-कालिम्पोंग-दार्जिलिंग का किफायती पैकेज


    नई दिल्ली। अगर आप इस साल पहाड़ों की खूबसूरती के बीच सुकून भरी छुट्टियां बिताने का सपना देख रहे हैं तो इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन यानी IRCTC आपके लिए शानदार अवसर लेकर आया है। कंपनी का हिमालयन ट्रैंक्विलिटी रेल टूर पैकेज कम बजट में पूर्वोत्तर भारत के तीन बेहद खूबसूरत हिल स्टेशनों गंगटोक कालिम्पोंग और दार्जिलिंग की यादगार यात्रा कराने का मौका दे रहा है। इस पैकेज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यात्रियों को ट्रेन टिकट होटल स्थानीय परिवहन और कई अन्य सुविधाएं एक ही बुकिंग में मिल जाती हैं जिससे पूरी यात्रा आसान और आरामदायक बन जाती है।

    यह टूर हर रविवार को हावड़ा रेलवे स्टेशन से शुरू होता है। यात्री शाम को ट्रेन से रवाना होते हैं और अगले दिन सुबह न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचते हैं जहां से सड़क मार्ग से आगे की यात्रा शुरू होती है। पूरे कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि पर्यटक बिना किसी भागदौड़ के हर स्थान का भरपूर आनंद ले सकें। वापसी शनिवार को होती है और अगले दिन यात्री हावड़ा पहुंच जाते हैं।

    यात्रा का पहला पड़ाव कालिम्पोंग होता है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता शांत वातावरण रंग बिरंगे फूलों की नर्सरी और बौद्ध मठों के लिए प्रसिद्ध है। यहां का शांत माहौल शहर की भीड़भाड़ से दूर कुछ यादगार पल बिताने का अवसर देता है। इसके बाद पर्यटक सिक्किम की राजधानी गंगटोक पहुंचते हैं जहां हिमालय की बर्फीली चोटियां आकर्षण का केंद्र रहती हैं। एमजी मार्ग बौद्ध मठ और शानदार व्यू प्वाइंट इस शहर की पहचान हैं और यहां का साफ सुथरा वातावरण हर पर्यटक को प्रभावित करता है।

    यात्रा का अंतिम पड़ाव दार्जिलिंग होता है जिसे पहाड़ों की रानी भी कहा जाता है। विश्व प्रसिद्ध चाय बागान कंचनजंघा का अद्भुत दृश्य दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे और ब्रिटिश काल की विरासत इस शहर को खास बनाती है। यहां की ठंडी हवाएं और प्राकृतिक नजारे हर पर्यटक के सफर को यादगार बना देते हैं।

    इस पैकेज की शुरुआती कीमत लीन सीजन में ट्रिपल शेयरिंग के आधार पर 29150 रुपए प्रति व्यक्ति रखी गई है जबकि पीक सीजन में यही कीमत 31450 रुपए प्रति व्यक्ति होगी। डबल और सिंगल शेयरिंग के लिए अलग अलग किराया निर्धारित किया गया है। बच्चों के लिए भी अलग शुल्क तय किया गया है ताकि परिवार अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प चुन सके।

    पैकेज में यात्रियों को थर्ड एसी श्रेणी का कन्फर्म ट्रेन टिकट होटल में ठहरने की सुविधा स्थानीय पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए एसी वाहन प्रतिदिन नाश्ता और डिनर ट्रैवल इंश्योरेंस तथा लागू करों का लाभ मिलेगा। इससे यात्रियों को बार बार अलग अलग बुकिंग करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरा सफर अधिक सुविधाजनक रहेगा।

    हालांकि दोपहर का भोजन ट्रेन में मिलने वाला भोजन एंट्री टिकट बोटिंग पैराग्लाइडिंग राफ्टिंग कैमरा शुल्क लॉन्ड्री मिनरल वाटर और अन्य व्यक्तिगत खर्च पैकेज में शामिल नहीं हैं। यदि मौसम खराब होने भूस्खलन सड़क बंद होने या किसी अन्य अप्रत्याशित कारण से अतिरिक्त खर्च आता है तो उसका भुगतान यात्रियों को स्वयं करना होगा।

    अगर आप बिना किसी योजना की परेशानी के हिमालय की खूबसूरत वादियों में यादगार छुट्टियां बिताना चाहते हैं तो IRCTC का यह टूर पैकेज बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। परिवार दोस्तों या जीवनसाथी के साथ प्रकृति की गोद में बिताए गए ये पल लंबे समय तक आपकी यादों का हिस्सा बने रहेंगे।

  • भोपाल के कलियासोत में पौधारोपण अभियान पर उठे गंभीर सवाल, नए पौधे लगाने के चक्कर में उजड़े पुराने पेड़

    भोपाल के कलियासोत में पौधारोपण अभियान पर उठे गंभीर सवाल, नए पौधे लगाने के चक्कर में उजड़े पुराने पेड़

    मध्य प्रदेश।  की राजधानी भोपाल में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे पौधारोपण अभियान पर एक बड़ी लापरवाही ने सवालिया निशान लगा दिए हैं। भोपाल के कलियासोत क्षेत्र में नए पौधे रोपने की आड़ में वर्षों पुराने और फलदायी हरे-भरे पेड़ों को काटे जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कार्य योजना के तहत केवल सूखी झाड़ियों को साफ किया जाना था, परंतु लापरवाही बरतते हुए विकसित पेड़ों पर भी आरी चला दी गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पौधारोपण स्थल पर नीम, शीशम और गूलर जैसे पर्यावरण के लिए बेहद उपयोगी और घने पेड़ पहले से मौजूद थे। कटाई के बाद वहां केवल कटे हुए पेड़ों के ठूंठ ही दिखाई दे रहे हैं, जबकि बेशकीमती लकड़ियों को रातों-रात हटा दिया गया। इस मनमानी से आक्रोशित क्षेत्रवासियों ने पर्यावरण संरक्षण के नाम पर हो रहे इस नुकसान का जमकर विरोध किया और प्रशासनिक अधिकारियों से दोषियों पर सख्त कदम उठाने की मांग की।

    मामला गरमाने के बाद भोपाल नगर निगम प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मौके की जांच कराई। शुरुआती जांच में संबंधित कार्य एजेंसी और ठेकेदार की घोर लापरवाही उजागर हुई, जिसके बाद ठेकेदार पर साढ़े तीन लाख रुपये का भारी जुर्माना आयद किया गया है। इसके अतिरिक्त, इस बात की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है कि कार्य स्थल पर तैनात अधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षण में कोई ढिलाई बरती गई थी या नहीं।

    पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि नए पौधे लगाने के उत्साह में पुराने और छायादार पेड़ों को नष्ट करना किसी भी दृष्टि से तर्कसंगत नहीं है। एक परिपक्व पेड़ स्थानीय जैव विविधता, पक्षियों के आवास और क्षेत्र में ऑक्सीजन के स्तर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे विकसित पेड़ों को काटकर नए छोटे पौधे लगाना पर्यावरण संतुलन को लंबे समय के लिए प्रभावित कर सकता है।

    नागरिकों ने मांग उठाई है कि मध्य प्रदेश के शहरी इलाकों में किसी भी पौधारोपण परियोजना को शुरू करने से पहले विशेषज्ञों द्वारा भू-मूल्यांकन अनिवार्य किया जाए। स्थानीय प्रशासन को स्पष्ट गाइडलाइन जारी करनी चाहिए ताकि केवल बाधक झाड़ियों को ही हटाया जाए और प्राकृतिक संपदा को कोई क्षति न पहुंचे। लोगों का मानना है कि केवल आंकड़े पूरे करने के लिए की जाने वाली ऐसी कार्रवाइयों से पर्यावरण को लाभ मिलने के बजाय भारी नुकसान पहुंचता है।

    फिलहाल नगर निगम की इस दंडात्मक कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश में यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि विभागीय जांच पूरी होने के बाद इसमें जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या गाज गिरती है। वहीं, स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में पौधारोपण अभियानों के दौरान कड़ी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

  • कड़े मुकाबले में श्रेया कालरा ने जीता 'लॉकअप सीजन 2' का खिताब, शिवांगी जोशी को पीछे छोड़ा

    कड़े मुकाबले में श्रेया कालरा ने जीता 'लॉकअप सीजन 2' का खिताब, शिवांगी जोशी को पीछे छोड़ा

    नई दिल्ली । चर्चित और बहुचर्चित रियलिटी शो ‘लॉकअप सीजन 2’ का धमाकेदार समापन हो गया है, जिसमें श्रेया कालरा ने शानदार जीत दर्ज करते हुए विजेता की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। हफ्तों तक चले कड़े मुकाबले, अनगिनत टास्क, रणनीतियों और दर्शकों के भारी समर्थन के दम पर श्रेया ने इस सीजन का खिताब हासिल किया। ग्रैंड फिनाले के बेहद रोमांचक पलों में उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी शिवांगी जोशी को पीछे छोड़कर यह ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की।

    ग्रैंड फिनाले के दौरान दोनों मुख्य दावेदारों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। पूरे सीजन में अपने मजबूत इरादों, बेहतरीन रणनीति और टास्क के प्रति समर्पण से श्रेया कालरा ने अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। जैसे ही फिनाले के मंच पर विजेता के रूप में श्रेया के नाम का ऐलान हुआ, पूरा सेट तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। शो में शामिल अन्य सह-प्रतियोगियों ने भी उन्हें गले लगाकर इस बड़ी जीत की बधाई दी।

    इस पूरे सीजन के दौरान दर्शकों को जबरदस्त ड्रामा, भावनात्मक पल, तीखी बहस और गहरी दोस्ती का अनोखा संगम देखने को मिला। फिनाले तक पहुंचने के लिए सभी प्रतियोगियों को कठिन शारीरिक और मानसिक चुनौतियों से गुजरना पड़ा। श्रेया कालरा ने विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और संयम बनाए रखा, जिसकी बदौलत वह अंत तक रेस में बनी रहीं और आखिरकार मुख्य ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाने में सफल रहीं।

    खिताब जीतने पर श्रेया कालरा को चमचमाती ट्रॉफी के साथ एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकद पुरस्कार राशि भी सौंपी गई। मनोरंजन जगत में श्रेया की इस बड़ी उपलब्धि को उनके करियर का एक नया और मजबूत मोड़ माना जा रहा है। हालांकि फिनाले में पहुंचीं शिवांगी जोशी और अन्य प्रतिभागियों ने भी अंत तक कड़ी चुनौती पेश की, जिससे शो का रोमांच अंतिम सेकंड तक बरकरार रहा।

    शो के अंतिम दौर में पहुंचे पांचों फाइनलिस्टों ने अपनी अनूठी शैली और खेल से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। हर प्रतियोगी ने दर्शकों को जोड़े रखने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन अंतिम वोटिंग और प्रदर्शन के आधार पर श्रेया कालरा बाजी मारने में कामयाब रहीं। मध्य प्रदेश समेत देशभर में फैली उनकी फैन फॉलोइंग सोशल मीडिया पर लगातार उन्हें शुभकामनाएं दे रही है।

    ‘लॉकअप सीजन 2’ के इस सफल समापन के बाद अब फैंस इसके अगले सीजन का इंतजार करने लगे हैं। इस प्रतिष्ठित रियलिटी शो को जीतने के बाद श्रेया कालरा के लिए एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कई नए और बड़े रास्ते खुलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

  • शेयर बाजार में तेजी का माहौल, जूनिपर ग्रीन एनर्जी की दमदार लिस्टिंग ने निवेशकों का बढ़ाया उत्साह

    शेयर बाजार में तेजी का माहौल, जूनिपर ग्रीन एनर्जी की दमदार लिस्टिंग ने निवेशकों का बढ़ाया उत्साह

    नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान सकारात्मक रुख देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 250 अंकों की बढ़त के साथ 78,850 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि निफ्टी भी मामूली तेजी के साथ 24,650 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में शुरुआती घंटे में निवेशकों की ओर से बैंकिंग और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। कारोबार के दौरान निवेशकों का रुझान चुनिंदा बड़े शेयरों की ओर अधिक दिखाई दिया, जिससे बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहा।

    आज के कारोबार में बैंकिंग कंपनियों के शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। इसके साथ ही ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में भी निवेशकों ने भरोसा दिखाया। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू स्तर पर मजबूत निवेश गतिविधियों और चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी के कारण बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है। हालांकि वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के चलते निवेशक सतर्क भी नजर आए और सीमित दायरे में कारोबार जारी रहा।

    इसी बीच रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र की कंपनी जूनिपर ग्रीन एनर्जी ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कंपनी का शेयर राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज पर 245 रुपये और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 242 रुपये के स्तर पर सूचीबद्ध हुआ। यह कंपनी के 225 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक रहा। मजबूत लिस्टिंग ने उन निवेशकों को शुरुआती दिन ही लाभ दिया जिन्होंने कंपनी के सार्वजनिक निर्गम में निवेश किया था।

    कंपनी का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम 30 जुलाई से 3 अगस्त के बीच निवेशकों के लिए खुला था। इस इश्यू का प्राइस बैंड 214 से 225 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। निवेशकों की अच्छी भागीदारी के चलते इस निर्गम को लगभग 7.97 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं और निवेशकों के सकारात्मक रुख का लाभ कंपनी को सूचीबद्ध होने के पहले ही दिन मिला।

    दूसरी ओर एशियाई बाजारों में कमजोरी का माहौल देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग सभी प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की सतर्कता और विभिन्न आर्थिक संकेतकों का असर एशियाई बाजारों पर स्पष्ट रूप से नजर आया। वहीं अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान मिला-जुला प्रदर्शन दर्ज किया गया, जहां डाउ जोन्स बढ़त के साथ बंद हुआ जबकि नैस्डैक और एसएंडपी 500 में हल्की गिरावट रही।

    विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर डालें तो हाल के सात कारोबारी दिनों में उन्होंने कुल 2,703 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की है। हालांकि ताजा कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशकों की ओर से सीमित बिकवाली दर्ज की गई, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी ने बाजार को संतुलित बनाए रखा। पिछले कारोबारी दिन भी सेंसेक्स 152 अंकों की बढ़त के साथ 78,581 के स्तर पर बंद हुआ था। लगातार दूसरे दिन शुरुआती तेजी ने यह संकेत दिया कि निवेशकों का भरोसा अभी भी घरेलू बाजार में बना हुआ है और आगामी कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेतों के साथ-साथ कॉर्पोरेट गतिविधियों पर भी बाजार की नजर रहेगी।

  • मध्यप्रदेश के IAS राहुल जैन की वैश्विक मंच पर एंट्री, IMF मुख्यालय में सीनियर एडवाइजर नियुक्त

    मध्यप्रदेश के IAS राहुल जैन की वैश्विक मंच पर एंट्री, IMF मुख्यालय में सीनियर एडवाइजर नियुक्त


    भोपाल। मध्यप्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राहुल जैन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। भारत सरकार ने उन्हें अमेरिका के वाशिंगटन डीसी स्थित इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (आईएमएफ) के कार्यालय में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (इंडिया) के सीनियर एडवाइजर के पद पर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ राहुल जैन वैश्विक आर्थिक संस्थान में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख अधिकारियों में शामिल हो जाएंगे। उनकी यह प्रतिनियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्षों के लिए होगी।

    राहुल जैन मध्यप्रदेश कैडर के वर्ष 2005 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में केंद्र सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। नई नियुक्ति के तहत उनकी मौजूदा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति समयपूर्व समाप्त कर दी जाएगी, जिसके बाद वह वाशिंगटन डीसी में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

    भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने अखिल भारतीय सेवाओं के 11 अधिकारियों की विदेशों में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दी है। इन्हीं नियुक्तियों में राहुल जैन का नाम भी शामिल है। वह आईएमएफ में इस पद पर कार्यरत केरल कैडर के वर्ष 2000 बैच के आईएएस अधिकारी आनंद सिंह का स्थान लेंगे।

    आईएमएफ जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक वित्तीय संस्था में सीनियर एडवाइजर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस पद पर अधिकारी सदस्य देशों की आर्थिक नीतियों, वित्तीय सुधारों, वैश्विक आर्थिक सहयोग और रणनीतिक निर्णयों से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण सलाह और समन्वय का कार्य करते हैं। ऐसे में राहुल जैन की नियुक्ति न केवल उनके प्रशासनिक अनुभव की पहचान है, बल्कि भारतीय प्रशासनिक सेवा और मध्यप्रदेश कैडर के लिए भी गौरव का विषय मानी जा रही है।

    यह लगातार दूसरा अवसर है जब मध्यप्रदेश कैडर का कोई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वाशिंगटन डीसी में महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाएगा। इससे पहले वर्ष 2024 में 1998 बैच के आईएएस अधिकारी निकुंज श्रीवास्तव को विश्व बैंक (वर्ल्ड बैंक) में सीनियर एडवाइजर के रूप में नियुक्त किया गया था। प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी निकुंज श्रीवास्तव वर्तमान में भी वाशिंगटन डीसी में प्रतिनियुक्ति पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

    अब राहुल जैन की नियुक्ति से मध्यप्रदेश कैडर के दो वरिष्ठ अधिकारी दुनिया की दो सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं विश्व बैंक और आईएमएफ में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाते नजर आएंगे। यह उपलब्धि न केवल राज्य प्रशासनिक सेवा की क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करती है, बल्कि भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता का भी प्रमाण मानी जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल जैन का प्रशासनिक अनुभव, वित्तीय और कॉर्पोरेट मामलों की गहरी समझ तथा केंद्र सरकार में विभिन्न जिम्मेदार पदों पर किया गया कार्य उन्हें इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय भूमिका के लिए उपयुक्त बनाता है। उनकी नियुक्ति भारत और आईएमएफ के बीच सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक मंच पर भारत की भूमिका को भी नई मजबूती दे सकती है।