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  • शेयर बाजार में तेजी का माहौल, जूनिपर ग्रीन एनर्जी की दमदार लिस्टिंग ने निवेशकों का बढ़ाया उत्साह

    शेयर बाजार में तेजी का माहौल, जूनिपर ग्रीन एनर्जी की दमदार लिस्टिंग ने निवेशकों का बढ़ाया उत्साह

    नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान सकारात्मक रुख देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 250 अंकों की बढ़त के साथ 78,850 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि निफ्टी भी मामूली तेजी के साथ 24,650 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में शुरुआती घंटे में निवेशकों की ओर से बैंकिंग और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। कारोबार के दौरान निवेशकों का रुझान चुनिंदा बड़े शेयरों की ओर अधिक दिखाई दिया, जिससे बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहा।

    आज के कारोबार में बैंकिंग कंपनियों के शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। इसके साथ ही ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में भी निवेशकों ने भरोसा दिखाया। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू स्तर पर मजबूत निवेश गतिविधियों और चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी के कारण बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है। हालांकि वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के चलते निवेशक सतर्क भी नजर आए और सीमित दायरे में कारोबार जारी रहा।

    इसी बीच रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र की कंपनी जूनिपर ग्रीन एनर्जी ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कंपनी का शेयर राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज पर 245 रुपये और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 242 रुपये के स्तर पर सूचीबद्ध हुआ। यह कंपनी के 225 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक रहा। मजबूत लिस्टिंग ने उन निवेशकों को शुरुआती दिन ही लाभ दिया जिन्होंने कंपनी के सार्वजनिक निर्गम में निवेश किया था।

    कंपनी का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम 30 जुलाई से 3 अगस्त के बीच निवेशकों के लिए खुला था। इस इश्यू का प्राइस बैंड 214 से 225 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। निवेशकों की अच्छी भागीदारी के चलते इस निर्गम को लगभग 7.97 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं और निवेशकों के सकारात्मक रुख का लाभ कंपनी को सूचीबद्ध होने के पहले ही दिन मिला।

    दूसरी ओर एशियाई बाजारों में कमजोरी का माहौल देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग सभी प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की सतर्कता और विभिन्न आर्थिक संकेतकों का असर एशियाई बाजारों पर स्पष्ट रूप से नजर आया। वहीं अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान मिला-जुला प्रदर्शन दर्ज किया गया, जहां डाउ जोन्स बढ़त के साथ बंद हुआ जबकि नैस्डैक और एसएंडपी 500 में हल्की गिरावट रही।

    विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर डालें तो हाल के सात कारोबारी दिनों में उन्होंने कुल 2,703 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की है। हालांकि ताजा कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशकों की ओर से सीमित बिकवाली दर्ज की गई, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी ने बाजार को संतुलित बनाए रखा। पिछले कारोबारी दिन भी सेंसेक्स 152 अंकों की बढ़त के साथ 78,581 के स्तर पर बंद हुआ था। लगातार दूसरे दिन शुरुआती तेजी ने यह संकेत दिया कि निवेशकों का भरोसा अभी भी घरेलू बाजार में बना हुआ है और आगामी कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेतों के साथ-साथ कॉर्पोरेट गतिविधियों पर भी बाजार की नजर रहेगी।

  • मध्यप्रदेश के IAS राहुल जैन की वैश्विक मंच पर एंट्री, IMF मुख्यालय में सीनियर एडवाइजर नियुक्त

    मध्यप्रदेश के IAS राहुल जैन की वैश्विक मंच पर एंट्री, IMF मुख्यालय में सीनियर एडवाइजर नियुक्त


    भोपाल। मध्यप्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राहुल जैन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। भारत सरकार ने उन्हें अमेरिका के वाशिंगटन डीसी स्थित इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (आईएमएफ) के कार्यालय में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (इंडिया) के सीनियर एडवाइजर के पद पर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ राहुल जैन वैश्विक आर्थिक संस्थान में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख अधिकारियों में शामिल हो जाएंगे। उनकी यह प्रतिनियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्षों के लिए होगी।

    राहुल जैन मध्यप्रदेश कैडर के वर्ष 2005 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में केंद्र सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। नई नियुक्ति के तहत उनकी मौजूदा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति समयपूर्व समाप्त कर दी जाएगी, जिसके बाद वह वाशिंगटन डीसी में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

    भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने अखिल भारतीय सेवाओं के 11 अधिकारियों की विदेशों में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दी है। इन्हीं नियुक्तियों में राहुल जैन का नाम भी शामिल है। वह आईएमएफ में इस पद पर कार्यरत केरल कैडर के वर्ष 2000 बैच के आईएएस अधिकारी आनंद सिंह का स्थान लेंगे।

    आईएमएफ जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक वित्तीय संस्था में सीनियर एडवाइजर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस पद पर अधिकारी सदस्य देशों की आर्थिक नीतियों, वित्तीय सुधारों, वैश्विक आर्थिक सहयोग और रणनीतिक निर्णयों से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण सलाह और समन्वय का कार्य करते हैं। ऐसे में राहुल जैन की नियुक्ति न केवल उनके प्रशासनिक अनुभव की पहचान है, बल्कि भारतीय प्रशासनिक सेवा और मध्यप्रदेश कैडर के लिए भी गौरव का विषय मानी जा रही है।

    यह लगातार दूसरा अवसर है जब मध्यप्रदेश कैडर का कोई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वाशिंगटन डीसी में महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाएगा। इससे पहले वर्ष 2024 में 1998 बैच के आईएएस अधिकारी निकुंज श्रीवास्तव को विश्व बैंक (वर्ल्ड बैंक) में सीनियर एडवाइजर के रूप में नियुक्त किया गया था। प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी निकुंज श्रीवास्तव वर्तमान में भी वाशिंगटन डीसी में प्रतिनियुक्ति पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

    अब राहुल जैन की नियुक्ति से मध्यप्रदेश कैडर के दो वरिष्ठ अधिकारी दुनिया की दो सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं विश्व बैंक और आईएमएफ में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाते नजर आएंगे। यह उपलब्धि न केवल राज्य प्रशासनिक सेवा की क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करती है, बल्कि भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता का भी प्रमाण मानी जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल जैन का प्रशासनिक अनुभव, वित्तीय और कॉर्पोरेट मामलों की गहरी समझ तथा केंद्र सरकार में विभिन्न जिम्मेदार पदों पर किया गया कार्य उन्हें इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय भूमिका के लिए उपयुक्त बनाता है। उनकी नियुक्ति भारत और आईएमएफ के बीच सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक मंच पर भारत की भूमिका को भी नई मजबूती दे सकती है।

  • बांग्लादेश के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन के आवास पर पथराव और आगजनी की कोशिश, जांच में जुटी पुलिस

    बांग्लादेश के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन के आवास पर पथराव और आगजनी की कोशिश, जांच में जुटी पुलिस

    नई दिल्ली । बांग्लादेश में गहराते राजनीतिक संकट के बीच पूर्व राष्ट्रीय क्रिकेट कप्तान शाकिब अल हसन के मगुरा स्थित पैतृक आवास पर अज्ञात उपद्रवियों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने उनके मकान पर जमकर पथराव किया, जिससे खिड़कियों के कांच टूट गए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी और पूरे इलाके में सुरक्षा के सख्त इंतजाम कर दिए गए हैं। राहत की बात यह रही कि घटना के समय घर के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।

    प्राथमिक जांच के अनुसार, हमलावरों ने मकान के मुख्य प्रवेश द्वार को भी निशाना बनाया और वहां आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उपद्रवियों की पहचान के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, हालांकि अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

    शाकिब अल हसन बांग्लादेश के एक प्रमुख खिलाड़ी होने के साथ-साथ हालिया वर्षों में सक्रिय राजनीति का हिस्सा भी रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के शासनकाल में आम चुनाव लड़ा था और संसद सदस्य चुने गए थे। खेल के साथ-साथ राजनीति में उनकी भागीदारी के कारण वे अक्सर विभिन्न सार्वजनिक चर्चाओं और विवादों के केंद्र में रहे हैं। देश में हुए बड़े तख्तापलट के बाद से ही उनका राजनीतिक करियर और व्यक्तिगत जीवन काफी संवेदनशील स्थिति में बना हुआ है।

    यह हमला उस वक्त हुआ जब शाकिब ने घटना से कुछ ही समय पहले एक वर्चुअल सम्मेलन में हिस्सा लिया था, जहां देश के मौजूदा हालात पर विचार-विमर्श किया जा रहा था। इस कार्यक्रम के तुरंत बाद उनके आवास पर हुए हमले को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे बिना जांच पूरी हुए किसी भी नतीजे पर पहुंचने से बच रहे हैं और सभी संभावित कोणों से मामले की पड़ताल की जा रही है।

    देश में सत्ता परिवर्तन के बाद से शाकिब अल हसन बांग्लादेश से बाहर ही रह रहे हैं। उनके खिलाफ कई नए आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए हैं, जिस पर उन्होंने पहले बयान दिया था कि पर्याप्त सुरक्षा मिलने की स्थिति में ही वे स्वदेश लौटने पर विचार करेंगे। फिलहाल वे विदेशों में आयोजित विभिन्न टी20 क्रिकेट लीगों में खेल रहे हैं। मध्य प्रदेश सहित दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं और खिलाड़ी की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

    इस घटना के बाद बांग्लादेशी खेल जगत और प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है ताकि किसी भी अन्य अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। अब हर किसी की निगाहें पुलिस जांच की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस हमले के पीछे छिपे वास्तविक चेहरों और उनकी मंशा का खुलासा हो सकेगा।

  • भोपाल से शुरू हुआ कैब ड्राइवरों का आंदोलन, उचित किराया नीति की मांग; प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी

    भोपाल से शुरू हुआ कैब ड्राइवरों का आंदोलन, उचित किराया नीति की मांग; प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी


    भोपाल। भोपाल में एक बार फिर ऑनलाइन कैब सेवाओं को लेकर विवाद गहरा गया है। भोपाल टैक्सी चालक संघ (भारतीय मजदूर संघ संबद्ध) ने आरोप लगाया है कि एग्रीगेटर कंपनियों ने टैक्सी चालकों के दबाव में आकर कुछ समय के लिए किराए में आंशिक बढ़ोतरी तो की, लेकिन बाद में बिना किसी सूचना के फिर पुराने किराए लागू कर दिए। संगठन का कहना है कि वर्तमान किराया बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों, वाहन रखरखाव और अन्य संचालन लागत के मुकाबले बेहद कम है, जिससे टैक्सी चालकों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

    संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले ने बताया कि 23, 24 और 25 जून को एयरपोर्ट राइड के बहिष्कार के बाद कंपनियों ने किराए में कुछ सुधार किया था। इससे टैक्सी चालकों को उम्मीद जगी थी कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। लेकिन कुछ ही समय बाद कंपनियां फिर पुराने किराया ढांचे पर लौट आईं, जिससे चालकों में भारी नाराजगी है।

    अपनी मांगों को लेकर संगठन ने 4 अगस्त को परिवहन मंत्री राव उदयप्रताप सिंह से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में टैक्सी किराया निर्धारण, एग्रीगेटर कंपनियों की कार्यप्रणाली, अवैध बाइक टैक्सी और निजी कारों के व्यावसायिक संचालन, प्लेटफॉर्म वर्कर्स के अधिकारों तथा अन्य व्यावहारिक समस्याओं को विस्तार से उठाया गया। संगठन का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में कंपनियां मनमाने तरीके से किराया तय कर रही हैं, जिससे ड्राइवरों की आय लगातार घट रही है।

    राजेश नागले के अनुसार, परिवहन मंत्री ने ज्ञापन का अध्ययन करने के बाद परिवहन आयुक्त और परिवहन सचिव के साथ चर्चा कर मंत्रालय स्तर पर संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित करने का भरोसा दिया है। संगठन को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस मामले में ठोस निर्णय लेकर टैक्सी चालकों की समस्याओं का समाधान करेगी।

    संघ ने मांग की है कि मध्यप्रदेश में टैक्सी संचालन के लिए अलग से स्पष्ट किराया नीति बनाई जाए और एग्रीगेटर कंपनियों को उसी के अनुरूप किराया तय करने के लिए बाध्य किया जाए। संगठन का कहना है कि राज्य में ऐसी कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं होने के कारण कंपनियां अपनी सुविधानुसार किराया निर्धारित कर रही हैं, जिसका सीधा नुकसान टैक्सी चालकों को उठाना पड़ रहा है।

    ज्ञापन में मोटर वाहन अधिनियम-2025 की कुछ व्यवस्थाओं पर भी आपत्ति जताई गई है। संगठन का आरोप है कि कंपनियां इन्हीं प्रावधानों का हवाला देकर किराए में मनमानी कर रही हैं। इसके अलावा पैनिक बटन और जीपीएस जैसे सुरक्षा उपकरणों के नाम पर ड्राइवरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का मुद्दा भी उठाया गया है। संघ का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा, जबकि इनके खर्च का भार चालकों को उठाना पड़ रहा है।

    संगठन ने एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के माध्यम से कथित रूप से संचालित अवैध बाइक टैक्सी और निजी कारों के व्यवसायिक उपयोग पर भी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इससे वैध टैक्सी चालकों के रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और प्रतिस्पर्धा असंतुलित हो गई है।

    फिलहाल संगठन ने सरकार को समस्याओं के समाधान के लिए समय देने की बात कही है और टैक्सी चालकों से धैर्य बनाए रखने तथा एकजुट रहने की अपील की है। हालांकि स्पष्ट चेतावनी भी दी गई है कि यदि तय समयावधि में मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन केवल भोपाल तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेशभर के टैक्सी चालक संगठनों को साथ लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल और व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

  • सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी, अगस्त के छह दिनों में निवेशकों को मिला मजबूत तेजी का संकेत

    सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी, अगस्त के छह दिनों में निवेशकों को मिला मजबूत तेजी का संकेत


    नई दिल्ली ।
    घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव प्रति 10 ग्राम ₹2,735 बढ़कर ₹1,48,361 पर पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमत ₹931 की बढ़त के साथ ₹2,25,493 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। अगस्त महीने की शुरुआत से अब तक केवल छह दिनों के भीतर सोना ₹5,501 और चांदी ₹7,198 महंगी हो चुकी है। लगातार बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों और आभूषण खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    देश के प्रमुख शहरों में भी सोने के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। दिल्ली, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना लगभग ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया है। भोपाल, पटना और अहमदाबाद में भी कीमतें लगभग इसी स्तर पर बनी हुई हैं, जबकि मुंबई, कोलकाता और रायपुर में भाव कुछ कम रहने के बावजूद रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास बने हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि पूरे देश में सर्राफा बाजार में तेजी का माहौल कायम है।

    कैरेट के आधार पर भी सोने की कीमतों में उल्लेखनीय अंतर देखने को मिला। 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,48,361, 22 कैरेट का ₹1,35,899, 18 कैरेट का ₹1,11,271 और 14 कैरेट सोने का भाव ₹86,791 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। शुद्धता के अनुसार कीमतों में यह अंतर उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत और बजट के अनुरूप विकल्प चुनने का अवसर देता है।

    यदि पूरे वर्ष के प्रदर्शन पर नजर डालें तो वर्ष 2026 में अब तक सोने की कीमत में लगभग ₹15 हजार की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। वर्ष 2025 के अंतिम कारोबारी दिन सोने का भाव करीब ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर ₹1.48 लाख के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि चांदी की कीमत साल की शुरुआत की तुलना में अभी भी कुछ नीचे बनी हुई है। वर्ष के दौरान दोनों धातुओं ने अपने उच्चतम स्तर भी छुए थे, जिसके बाद कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तर पर भी सोना और चांदी लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बने हुए हैं। उनका सुझाव है कि निवेश एकमुश्त करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से किया जाए, जिससे कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सके। उनका अनुमान है कि यदि वैश्विक और घरेलू परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो वर्ष के अंत तक सोना ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.80 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।

    जो निवेशक भौतिक सोना या चांदी खरीदने के बजाय बाजार आधारित विकल्प चाहते हैं, उनके लिए गोल्ड और सिल्वर ETF भी एक प्रभावी माध्यम माने जा रहे हैं। इन योजनाओं में निवेश शेयर बाजार की तरह डीमैट खाते के माध्यम से किया जा सकता है। इसमें वास्तविक धातु की डिलीवरी नहीं मिलती, बल्कि निवेशक को उस समय के बाजार मूल्य के अनुसार लाभ या हानि प्राप्त होती है। कम राशि से निवेश शुरू करने की सुविधा के कारण यह विकल्प छोटे निवेशकों के बीच भी लगातार लोकप्रिय हो रहा है।

  • रांची छात्र आंदोलन के बीच सीआईडी की बड़ी कार्रवाई, पांच और गिरफ्तार; वार्ता को लेकर सक्रिय हुई हेमंत सरकार

    रांची छात्र आंदोलन के बीच सीआईडी की बड़ी कार्रवाई, पांच और गिरफ्तार; वार्ता को लेकर सक्रिय हुई हेमंत सरकार

    नई दिल्ली । झारखंड में प्रतियोगी परीक्षा में कथित धांधली को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। एक तरफ जहां जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई तेज कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच वार्ता के रास्ते तलाशने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। आपराधिक जांच विभाग यानी सीआईडी ने इस प्रकरण में पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस मामले में अब तक हुई गिरफ्तारियों का दायरा और बढ़ गया है।

    इस हालिया कार्रवाई में परीक्षा आयोजन से जुड़े एक पूर्व अधिकारी के कार्यालय में तैनात कर्मचारी, कुछ अभ्यर्थी और बिचौलिए पुलिस की गिरफ्त में आए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और जब्त दस्तावेजों के आधार पर यह गिरफ्तारियां की गई हैं। सीआईडी की टीमें पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से लगातार विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

    इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरे मामले पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आंदोलनकारी छात्रों से संवाद की पेशकश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी जायज मांगों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।

    दूसरी ओर, आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे बंद कमरे में वार्ता के पक्षधर नहीं हैं। छात्रों की मांग है कि बातचीत किसी सार्वजनिक मंच पर हो या फिर पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों के सामने पूरी पारदर्शिता बनी रहे। कुछ छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि मुख्यमंत्री को स्वयं अनशन स्थल पर आकर छात्रों की समस्याएं सुननी चाहिए और तुरंत समाधान की घोषणा करनी चाहिए।

    प्रदर्शन स्थल पर अनशन पर बैठे छात्रों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आंदोलनकारी मुख्य रूप से विवादित परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और भविष्य की भर्ती परीक्षाओं के लिए सख्त कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। मध्य प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों के छात्र संगठन भी झारखंड के इस घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं और लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन को समर्थन मिल रहा है।

    संभावित विधानसभा घेराव और प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बने इस गतिरोध का नतीजा क्या निकलता है, इस पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं।

  • 18 महीने बाद जेल से बाहर आए RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, कोर्ट ने 10 लाख के मुचलके पर दी जमानत

    18 महीने बाद जेल से बाहर आए RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, कोर्ट ने 10 लाख के मुचलके पर दी जमानत


    भोपाल। आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को आखिरकार करीब 18 महीने बाद जेल से राहत मिल गई। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद बुधवार रात करीब 10:20 बजे उन्हें भोपाल सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। फरवरी 2025 से न्यायिक हिरासत में बंद सौरभ शर्मा की रिहाई की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जेल के बाहर परिजन और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। लंबे समय से चर्चाओं में रहे इस बहुचर्चित मामले में हाईकोर्ट का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सौरभ शर्मा की नियमित जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें 10 लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। कोर्ट ने सौरभ शर्मा को ट्रायल कोर्ट की प्रत्येक सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इसके अलावा बिना न्यायालय की अनुमति के देश छोड़ने पर रोक लगाई गई है। साथ ही उन्हें किसी भी गवाह को प्रभावित करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने या जांच को प्रभावित करने जैसी किसी भी गतिविधि से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और संबंधित एजेंसियां चार्जशीट दाखिल कर चुकी हैं। ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन गवाहों और दस्तावेजों की संख्या काफी अधिक होने के कारण मुकदमे के जल्द समाप्त होने की संभावना कम है। ऐसे में किसी आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें नियमित जमानत देने का निर्णय लिया।

    सौरभ शर्मा का नाम दिसंबर 2024 में उस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना था, जब लोकायुक्त, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग ने उनके ठिकानों पर संयुक्त कार्रवाई की थी। जांच के दौरान भोपाल के मेंडोरी क्षेत्र में खड़ी एक इनोवा कार से करीब 11 करोड़ रुपए नकद और 52 किलोग्राम सोना बरामद किया गया था। जांच एजेंसियों ने इस कार और बरामद संपत्ति का संबंध सौरभ शर्मा से जोड़ा था। इसके बाद उनकी और उनके सहयोगियों की कथित अघोषित संपत्तियों को लेकर कई बड़े खुलासे सामने आए थे।

    हालांकि जांच के दौरान सौरभ शर्मा लगातार इस बात से इनकार करते रहे कि मेंडोरी से बरामद नकदी और सोना उनका है। उन्होंने पूछताछ में इन संपत्तियों पर अपना स्वामित्व स्वीकार नहीं किया। यही कारण है कि आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों के सामने अब भी यह चुनौती बनी हुई है कि बरामद कैश और सोने के वास्तविक मालिक की पहचान कर अपनी जांच को अंतिम रूप दिया जाए।

    फिलहाल हाईकोर्ट से मिली जमानत के बाद सौरभ शर्मा को अस्थायी राहत जरूर मिल गई है, लेकिन उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अब इस बहुचर्चित मामले की निगाहें ट्रायल कोर्ट की आगामी सुनवाई और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी रहेंगी।

  • मेटा के एआई मॉडल ने टेस्टिंग के दौरान बाहरी सिस्टम में लगाई सेंध, इंटरनेट कनेक्शन की गड़बड़ी बनी वजह

    मेटा के एआई मॉडल ने टेस्टिंग के दौरान बाहरी सिस्टम में लगाई सेंध, इंटरनेट कनेक्शन की गड़बड़ी बनी वजह

    नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती क्षमताओं के बीच एक नया मामला सामने आया है, जिसने एआई सुरक्षा और परीक्षण प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। मेटा ने खुलासा किया है कि उसके एक एआई मॉडल ने साइबर सिक्योरिटी परीक्षण के दौरान अनजाने में इंटरनेट तक पहुंच बना ली और इसके बाद एक बाहरी सर्विस सिस्टम की सुरक्षा कमजोरी का फायदा उठाकर उसमें अनधिकृत प्रवेश कर लिया। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह घटना परीक्षण के दौरान हुई तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम थी और इसकी विस्तृत जांच जारी है।

    कंपनी के अनुसार यह घटना उसके हाल ही में जारी किए गए एआई मॉडल ‘म्यूज स्पार्क 1.1’ के परीक्षण के दौरान हुई। परीक्षण के लिए तैयार किए गए विशेष वातावरण में एक गलत कॉन्फिगरेशन के कारण मॉडल इंटरनेट से कनेक्ट हो गया। सामान्य परिस्थितियों में इस प्रकार के परीक्षण पूरी तरह नियंत्रित और सीमित नेटवर्क पर किए जाते हैं, लेकिन तकनीकी त्रुटि के चलते मॉडल बाहरी नेटवर्क तक पहुंच गया। इसके बाद उसने एक थर्ड पार्टी सर्विस में मौजूद सुरक्षा कमजोरी का उपयोग करते हुए अनधिकृत पहुंच प्राप्त कर ली।

    मेटा ने कहा कि परीक्षण प्रक्रिया एक स्वतंत्र साइबर सिक्योरिटी पार्टनर के सहयोग से संचालित की जा रही थी। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि तकनीकी सेटअप में हुई कॉन्फिगरेशन संबंधी गलती के कारण यह स्थिति बनी। कंपनी ने जोर देकर कहा कि यह किसी जानबूझकर किए गए साइबर हमले का मामला नहीं था, बल्कि परीक्षण वातावरण में हुई चूक के कारण उत्पन्न हुई अप्रत्याशित घटना थी। पूरे घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की जा रही है और सभी तथ्य सामने आने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी।

    यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब दुनिया भर की प्रमुख एआई कंपनियां अधिक सक्षम और स्वायत्त मॉडल विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं। पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान अन्य बड़ी एआई कंपनियों ने भी परीक्षण के दौरान अपने मॉडल्स द्वारा बाहरी सिस्टम तक अनपेक्षित पहुंच बनाने जैसी घटनाओं की जानकारी साझा की थी। इन घटनाओं ने यह सवाल और गहरा कर दिया है कि अत्यधिक सक्षम एआई मॉडल्स के परीक्षण के लिए वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है या नहीं।

    साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक एआई एजेंट अब केवल निर्देशों का पालन करने तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे नेटवर्क संरचना, सिस्टम की कमजोरियों और संभावित सुरक्षा खामियों की पहचान करने में भी पहले से अधिक सक्षम हो रहे हैं। यदि परीक्षण वातावरण पूरी तरह सुरक्षित और अलग-थलग न हो तो इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में बड़े जोखिम का कारण बन सकती हैं। यही वजह है कि नियंत्रित परीक्षण ढांचे, मजबूत नेटवर्क आइसोलेशन और बहुस्तरीय सुरक्षा उपायों की आवश्यकता लगातार बढ़ती जा रही है।

    घटना के बाद एआई सुरक्षा मानकों और परीक्षण प्रक्रियाओं की समीक्षा की मांग भी तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि नई पीढ़ी के एआई मॉडल्स की बढ़ती क्षमताओं को देखते हुए केवल पारंपरिक सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं होंगे। कंपनियों को अधिक कठोर परीक्षण प्रोटोकॉल, सुरक्षित नेटवर्क संरचना और स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट अपनाने होंगे ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल मेटा पूरे मामले की जांच में जुटा है और अंतिम निष्कर्ष आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

  • हेयर केयर में एलोवेरा का जादू डैंड्रफ से छुटकारा और बालों में आएगी शानदार चमक

    हेयर केयर में एलोवेरा का जादू डैंड्रफ से छुटकारा और बालों में आएगी शानदार चमक


    नई दिल्ली। स्वस्थ घने और चमकदार बाल हर किसी की पहली पसंद होते हैं। बदलती जीवनशैली बढ़ता प्रदूषण खराब खानपान और तनाव का सबसे ज्यादा असर बालों पर दिखाई देता है। बाल झड़ना रूसी होना दोमुंहे बाल और समय से पहले सफेद होने जैसी समस्याएं आज आम हो चुकी हैं। ऐसे में अगर आप प्राकृतिक तरीके से अपने बालों की देखभाल करना चाहते हैं तो एलोवेरा एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। सदियों से आयुर्वेद में एलोवेरा का उपयोग त्वचा और बालों की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। इसमें मौजूद विटामिन ए विटामिन सी विटामिन ई विटामिन बी 12 फोलिक एसिड और कई प्रकार के एंजाइम बालों को पोषण देने में मदद करते हैं।

    एलोवेरा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह स्कैल्प को गहराई से मॉइस्चराइज करता है। सूखी और बेजान स्कैल्प अक्सर रूसी और खुजली का कारण बनती है। एलोवेरा जेल लगाने से स्कैल्प को ठंडक मिलती है और उसकी प्राकृतिक नमी बनी रहती है। इससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और बाल टूटने की समस्या कम हो सकती है।

    अगर बाल तेजी से झड़ रहे हैं तो एलोवेरा जेल का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटियोलिटिक एंजाइम स्कैल्प की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करते हैं जिससे नए बालों की ग्रोथ के लिए बेहतर वातावरण बनता है। स्वस्थ स्कैल्प का सीधा असर बालों की मजबूती और लंबाई पर दिखाई देता है।

    एलोवेरा बालों में प्राकृतिक चमक लाने का भी काम करता है। अगर बाल लगातार ड्राई और बेजान दिखते हैं तो सप्ताह में दो से तीन बार ताजा एलोवेरा जेल बालों और स्कैल्प पर लगाएं। लगभग तीस मिनट बाद किसी हल्के शैंपू से बाल धो लें। इससे बाल मुलायम चमकदार और आसानी से मैनेज होने लगते हैं।

    एलोवेरा का हेयर मास्क भी बेहद असरदार माना जाता है। इसके लिए एलोवेरा जेल में नारियल तेल या दही मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे बालों की जड़ों से लेकर सिरों तक लगाएं। कुछ देर बाद बाल धो लें। यह मिश्रण बालों को गहराई से पोषण देता है और रूखेपन को कम करने में मदद करता है। अगर डैंड्रफ की समस्या है तो एलोवेरा में थोड़ा सा नींबू का रस मिलाकर भी लगाया जा सकता है लेकिन संवेदनशील स्कैल्प वाले लोग पहले पैच टेस्ट जरूर करें।

    विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बाहरी देखभाल से ही बाल स्वस्थ नहीं बनते। संतुलित आहार पर्याप्त पानी अच्छी नींद और तनाव से दूरी भी बालों की सेहत के लिए जरूरी है। प्रोटीन आयरन बायोटिन और विटामिन से भरपूर भोजन बालों की ग्रोथ को बेहतर बनाने में मदद करता है। एलोवेरा इन सभी प्रयासों को और प्रभावी बना सकता है।

    अगर आपकी स्कैल्प पर किसी तरह का संक्रमण एलर्जी या गंभीर समस्या है तो एलोवेरा का इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। सही तरीके से और नियमित उपयोग करने पर एलोवेरा बालों को प्राकृतिक रूप से मजबूत घना मुलायम और चमकदार बनाने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि आज भी एलोवेरा को प्राकृतिक हेयर केयर का सबसे भरोसेमंद उपाय माना जाता है।

  • टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने अपने खेल के इस प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने के क्रम में उन्होंने वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बटलर की इस उपलब्धि से दुनिया भर के क्रिकेट जगत में उनके खेल कौशल की सराहना हो रही है।

    अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली के लिए मशहूर बटलर ने मैच की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने एक ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को न केवल एक आसान और महत्वपूर्ण जीत दिलाई, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी एक बड़ा मुकाम हासिल किया। उनकी इस मैच जिताऊ पारी की बदौलत टीम ने अंक तालिका में अपनी स्थिति को काफी मजबूत कर लिया है और लगातार मिल रही हार के सिलसिले पर भी विराम लगा दिया है।

    इस रिकॉर्ड को अपने नाम करने के बाद इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे कीर्तिमान हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व की बात होती है। बटलर ने खेल भावना का परिचय देते हुए यह भी कहा कि रिकॉर्ड बनते ही टूटने के लिए हैं और आने वाले समय में नई पीढ़ी के युवा खिलाड़ी इससे भी बड़े मुकाम तय करेंगे। उनके इस सकारात्मक रुख की खेल प्रेमियों ने काफी सराहना की।

    यह ऐतिहासिक उपलब्धि बटलर के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय से वह अपनी खराब फॉर्म को लेकर आलोचकों के निशाने पर थे। लगातार असफलताओं के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत और तकनीक पर काम करना जारी रखा। कठिन दौर से गुजरने के बाद की गई यह धमाकेदार वापसी उनके आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

    हालांकि टी20 क्रिकेट के इस शीर्ष स्थान के लिए आने वाले समय में मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है। कीरोन पोलार्ड अभी भी विभिन्न वैश्विक लीगों में सक्रिय हैं और उनके पास वापसी का मौका रहेगा। इसके अलावा एलेक्स हेल्स, डेविड वॉर्नर और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी इस रेस में ज्यादा पीछे न