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  • आधे मानसून में ही पिछड़ी बारिश, प्रदेश के 49 जिले प्रभावित; तीन दिन का अलर्ट बढ़ाएगा राहत की उम्मीद

    आधे मानसून में ही पिछड़ी बारिश, प्रदेश के 49 जिले प्रभावित; तीन दिन का अलर्ट बढ़ाएगा राहत की उम्मीद


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण कई जिलों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक केवल 16.3 इंच वर्षा हुई है, जबकि इस समय तक करीब 20 इंच बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी लगभग 3.7 इंच पानी की कमी दर्ज की गई है। इसका असर खेती, जलाशयों और भूजल स्तर पर भी दिखाई देने लगा है।

    प्रदेश के 55 जिलों में से 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। केवल छह जिलों में ही औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। राजधानी भोपाल में सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि इंदौर में 2 प्रतिशत, उज्जैन में 14 प्रतिशत और जबलपुर में 29 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। राहत की बात केवल ग्वालियर के लिए है, जहां अब तक सामान्य से 7 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

    भोपाल, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में अपेक्षाकृत बेहतर बारिश हुई है। इससे साफ है कि पूरे प्रदेश में मानसून का वितरण संतुलित नहीं रहा है।

    हालांकि पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिली। सीधी जिले में सबसे अधिक करीब 3 इंच वर्षा दर्ज की गई। ग्वालियर में 2.3 इंच, दतिया में 2 इंच, रीवा में 1.8 इंच, सतना में 1.2 इंच और शिवपुरी में लगभग 1 इंच बारिश हुई। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, धार, नर्मदापुरम, पन्ना, श्योपुर, शाजापुर, मंडला, टीकमगढ़, बालाघाट और छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

    मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए राहत भरी संभावना जताई है। विभाग के अनुसार प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, विदिशा, धार, खरगोन, झाबुआ, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, सागर और कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। यदि यह मौसम प्रणाली मजबूत बनी रही तो अगले कुछ दिनों में लगातार अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे अब तक की बारिश की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि अगस्त का महीना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यदि इस दौरान अच्छी वर्षा होती है तो खरीफ फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा।

  • भोपाल में गूंजेगी BRICS देशों की सांस्कृतिक एकता, आज घोषणा पत्र से लेकर भव्य महोत्सव तक कई अहम आयोजन

    भोपाल में गूंजेगी BRICS देशों की सांस्कृतिक एकता, आज घोषणा पत्र से लेकर भव्य महोत्सव तक कई अहम आयोजन


    भोपाल भोपाल में आयोजित BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन गुरुवार को सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 8 अगस्त तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में BRICS सदस्य और भागीदार देशों के प्रतिनिधि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संग्रहालयों के विकास, रचनात्मक उद्योगों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को नई मजबूती देना और साझा विरासत के संरक्षण के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करना है।

    दूसरे दिन कार्य समूहों की ओर से तैयार की गई सिफारिशों पर विचार किया जाएगा, जो आगामी मंत्रिस्तरीय बैठक में संस्कृति मंत्रियों के लिए आधार तैयार करेंगी। इन चर्चाओं के जरिए BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में साझा सहमति विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

    सम्मेलन के दौरान कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर परिसर में तीन विशेष प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इनमें ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट मौसम और प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत शामिल हैं। इन प्रदर्शनों के माध्यम से भारत की समृद्ध पांडुलिपि परंपरा, समुद्री सांस्कृतिक संपर्क, प्राचीन सभ्यताओं के बीच संबंध और सांस्कृतिक कूटनीति की विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है। इन प्रदर्शनियों को आम लोगों के लिए भी खोला गया है ताकि नागरिक भी भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देख सकें।

    सम्मेलन में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों के लिए मध्य प्रदेश की पारंपरिक मेहमाननवाजी भी विशेष आकर्षण बनी हुई है। दोपहर और रात्रिभोज में दाल-बाफले, निमोना, रिकमच, गुइया की सब्जी, चंबल का थोपा, चंदिया, बड़ा तथा कोदो-कुटकी जैसे मिलेट आधारित पारंपरिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की पसंद को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी और ओरिएंटल व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है।

    शाम को रविंद्र भवन में आयोजित होने वाला BRICS सांस्कृतिक महोत्सव सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसमें सदस्य और भागीदार देशों के कलाकार अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोककलाओं और विभिन्न देशों की सांस्कृतिक झलकियों से सजा यह कार्यक्रम सांस्कृतिक एकता और वैश्विक सद्भाव का संदेश देगा।

    7 अगस्त को BRICS देशों के संस्कृति मंत्री औपचारिक रूप से सम्मेलन में शामिल होंगे। इस अवसर पर आयोजित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में सर्वे भवन्तु सुखिनः की मंगल कामना के साथ भारतीय संगीत की विविध परंपराओं का प्रदर्शन होगा। साथ ही BRICS पीस सॉन्ग के जरिए सदस्य देशों की सांस्कृतिक विविधता और एकता को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग की भव्य प्रस्तुति अमृतस्य मध्य प्रदेश में भीमबेटका, सांची, खजुराहो, उज्जैन, ओंकारेश्वर, नर्मदा और प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति को नृत्य और संगीत के जरिए जीवंत किया जाएगा।

    8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में तीसरी BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी, जिसमें सांस्कृतिक सहयोग को लेकर साझा घोषणा पत्र को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक के बाद विदेशी प्रतिनिधिमंडल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का भ्रमण करेगा, जहां उन्हें बौद्ध विरासत, योग, ध्यान और विशेष लाइट एंड साउंड शो का अनुभव कराया जाएगा। सम्मेलन के समापन के बाद 9 अगस्त को इच्छुक प्रतिनिधियों के लिए भीमबेटका शैलाश्रयों के भ्रमण की भी व्यवस्था की गई है, जिससे वे भारत की प्रागैतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से परिचित हो सकें।

  • प्लास्टिक के 10-20 रुपये के नोट कब आएंगे? आरबीआई गवर्नर ने फील्ड ट्रायल और लॉन्च प्लान पर दी अहम जानकारी

    प्लास्टिक के 10-20 रुपये के नोट कब आएंगे? आरबीआई गवर्नर ने फील्ड ट्रायल और लॉन्च प्लान पर दी अहम जानकारी

    नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक देश में पॉलिमर यानी प्लास्टिक बैंक नोटों को प्रचलन में लाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल जारी है। इन परीक्षणों के नतीजों का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद ही इन्हें बड़े स्तर पर बाजार में उतारने का अंतिम फैसला लिया जाएगा। यदि सभी परीक्षण सफल रहते हैं तो वित्त वर्ष 2027-28 तक इन नोटों को चरणबद्ध तरीके से जारी किए जाने की संभावना है।

    आरबीआई के अनुसार, पॉलिमर नोटों का परीक्षण देश के विभिन्न क्षेत्रों और अलग-अलग जलवायु परिस्थितियों में किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ये नोट भारतीय मौसम, लगातार उपयोग और दैनिक लेनदेन की परिस्थितियों में कितने टिकाऊ और प्रभावी साबित होते हैं। परीक्षण के दौरान नोटों की मजबूती, घिसाव, सुरक्षा और परिचालन संबंधी कई पहलुओं का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है।

    केंद्रीय बैंक का मानना है कि पॉलिमर नोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक समय तक उपयोग योग्य रहते हैं। विशेष रूप से 10 और 20 रुपये जैसे छोटे मूल्यवर्ग के नोटों का लेनदेन सबसे अधिक होता है, जिसके कारण वे जल्दी खराब हो जाते हैं। ऐसे में पॉलिमर सामग्री से बने नोट लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं और बार-बार नए नोट छापने की आवश्यकता भी कम हो सकती है। इससे नोटों की छपाई और प्रतिस्थापन पर होने वाले खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।

    सरकार पहले ही 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे चुकी है। पायलट परियोजना के तहत दोनों मूल्यवर्ग के बड़ी संख्या में नोट जारी कर विभिन्न परिस्थितियों में उनकी उपयोगिता का परीक्षण किया जा रहा है। इन परीक्षणों से प्राप्त आंकड़ों और अनुभवों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

    पॉलिमर नोटों में आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा। इनमें पारदर्शी विंडो, उन्नत सुरक्षा फीचर और नकली नोटों की पहचान आसान बनाने वाली तकनीक शामिल हो सकती है। इससे जालसाजी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही नोटों की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा।

    आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कागजी मुद्रा को पूरी तरह बंद करने की कोई योजना नहीं है। पॉलिमर नोट जारी होने के बाद भी मौजूदा कागजी नोट कानूनी रूप से मान्य रहेंगे और दोनों प्रकार की मुद्रा समानांतर रूप से प्रचलन में रहेगी। इससे लोगों को नए नोटों को अपनाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और नकदी व्यवस्था पर किसी प्रकार का अचानक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फील्ड ट्रायल सफल रहता है तो भारत भी उन देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा, जहां पॉलिमर मुद्रा का व्यापक उपयोग किया जाता है। इससे नोटों की उम्र बढ़ाने, नकली मुद्रा पर अंकुश लगाने और नकदी प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल सभी की नजर फील्ड ट्रायल के परिणामों और आरबीआई के अंतिम निर्णय पर बनी हुई है।

  • 'खोसला का घोसला 2' की स्टारकास्ट संग अनुपम खेर की रील हुई वायरल, सोशल मीडिया पर मिला जबरदस्त प्यार

    'खोसला का घोसला 2' की स्टारकास्ट संग अनुपम खेर की रील हुई वायरल, सोशल मीडिया पर मिला जबरदस्त प्यार

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की एक हालिया सोशल मीडिया रील ने इंटरनेट पर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस रील ने 150 मिलियन से अधिक व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे पूरी स्टारकास्ट बेहद उत्साहित नजर आ रही है। इस शानदार उपलब्धि के बाद अनुपम खेर ने शूटिंग के समय का एक अनदेखा बिहाइंड द सीन्स वीडियो प्रशंसकों के साथ साझा किया।

    अनुपम खेर ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि जब इस छोटी-सी रील की शूटिंग चल रही थी, तब पूरी टीम ने इसे किसी बड़ी फिल्म के क्लाइमैक्स की तरह बेहद गंभीरता और समर्पण के साथ फिल्माया था। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि शूटिंग के दौरान किसी को भी यह अनुमान नहीं था कि यह साधारण सा वीडियो इतना बड़ा रिकॉर्ड बना देगा। सेट पर मौजूद एक सदस्य ने इस पूरे वाकये को चुपचाप रिकॉर्ड कर लिया था।

    इस वायरल वीडियो में अनुपम खेर के साथ बमन ईरानी, प्रवीण डब्बास और रणवीर शौरी भी नजर आ रहे हैं। चारों वरिष्ठ कलाकारों की आपसी केमिस्ट्री और बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और कलाकारों के सहज अंदाज की सराहना कर रहे हैं।

    अभिनेता ने अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दर्शकों का प्यार ही किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की प्रतिक्रियाएं पूरी टीम को भविष्य में और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करती हैं। अनुपम खेर ने फैंस से बिहाइंड द सीन्स वीडियो देखकर शूटिंग की मस्ती का आनंद लेने का आग्रह भी किया।

    इस रील के वायरल होने से बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘खोसला का घोसला 2’ को लेकर भी दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है। वर्षो बाद इस हिट फिल्म की मूल स्टारकास्ट को एक साथ देखकर प्रशंसकों की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। मध्य प्रदेश समेत देशभर में सिनेमा प्रेमियों के बीच इस फिल्म के सीक्वल को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

    इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि इस रील की ऐतिहासिक सफलता ने आने वाली फिल्म के लिए एक बेहतरीन माहौल तैयार कर दिया है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शक इसके सिनेमाघरों में आने का इंतजार कर रहे थे और अब इस वायरल कंटेंट ने प्रचार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

  • टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा

    टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा


    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचने वाले इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर ने भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने के बाद बटलर ने कहा कि भविष्य में यदि कोई खिलाड़ी उनका रिकॉर्ड तोड़ सकता है तो वह 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी हैं। बटलर का यह बयान युवा भारतीय खिलाड़ी की प्रतिभा और उसके उज्ज्वल भविष्य पर बड़ी मुहर माना जा रहा है।

    द हंड्रेड टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ दिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में बटलर ने कहा कि सबसे ज्यादा टी20 रन बनाने वाला खिलाड़ी कहलाना उनके लिए बेहद खास एहसास है लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि एक दिन यह रिकॉर्ड कोई और खिलाड़ी तोड़ेगा और संभवतः वह खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी होंगे।

    बटलर ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सोचना बेहद रोमांचक है कि उन्होंने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं लेकिन रिकॉर्ड हमेशा टूटने के लिए ही बनते हैं। उनके अनुसार वैभव सूर्यवंशी में इतनी क्षमता है कि वह भविष्य में इस उपलब्धि को अपने नाम कर सकते हैं। दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज से मिली यह तारीफ युवा भारतीय बल्लेबाज के लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं मानी जा रही।

    वैभव सूर्यवंशी ने पिछले एक वर्ष में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को लगातार प्रभावित किया है। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी विस्फोटक शैली से अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने वाले खिलाड़ियों में शामिल वैभव ने अपने शुरुआती मुकाबलों में ही शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि उनमें बड़े मंच पर खेलने का आत्मविश्वास और क्षमता दोनों मौजूद हैं।

    हाल के मुकाबलों में वैभव ने तेज गति से रन बनाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 श्रृंखला में बेहद कम गेंदों में अर्धशतक जड़कर सबका ध्यान खींचा था। इसके अलावा एक अन्य मुकाबले में उन्होंने दमदार पारी खेलते हुए शानदार स्कोर बनाया और टीम की जीत में अहम योगदान दिया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास दोनों साफ दिखाई देते हैं।

    घरेलू टी20 लीग में भी वैभव का प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना रहा। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए और कई यादगार पारियां खेलीं। उनकी तेज रन बनाने की क्षमता और लंबे शॉट लगाने की कला ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया सितारा बना दिया है।

    दूसरी ओर जोस बटलर भी इस समय शानदार फॉर्म में हैं। रिकॉर्ड बनाने वाले मुकाबले में उन्होंने केवल 20 गेंदों में 51 रन की तूफानी पारी खेली जिसमें दो चौके और छह शानदार छक्के शामिल रहे। इस पारी के साथ उन्होंने टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज का स्थान हासिल किया। बटलर के नाम अब 14833 टी20 रन दर्ज हैं जबकि कीरोन पोलार्ड 14803 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इस सूची में वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    बटलर की यह भविष्यवाणी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है। यदि वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखते हैं तो आने वाले वर्षों में वह न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में अपनी जगह बना सकते हैं।

  • चीन में होने वाले जूनियर एशिया कप के लिए तैयार भारत, शिलेइमा चानू को मिली टीम की कमान

    चीन में होने वाले जूनियर एशिया कप के लिए तैयार भारत, शिलेइमा चानू को मिली टीम की कमान


    नई दिल्ली। हॉकी इंडिया ने एएचएफ जूनियर एशिया कप 2026 के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया है। यह प्रतिष्ठित महाद्वीपीय टूर्नामेंट 30 अगस्त से 13 सितंबर तक चीन में आयोजित होगा, जहां एशिया की सर्वश्रेष्ठ जूनियर टीमें खिताब के लिए मुकाबला करेंगी। भारतीय टीम में 18 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जबकि दो खिलाड़ियों को वैकल्पिक सदस्य के रूप में चुना गया है। टीम की कमान मिडफील्डर खाइदेम शिलेइमा चानू को सौंपी गई है, जिन पर टूर्नामेंट में भारत को मजबूत प्रदर्शन दिलाने की जिम्मेदारी होगी।

    शिलेइमा चानू इससे पहले भी भारतीय जूनियर महिला टीम की कप्तानी कर चुकी हैं और नए मुख्य कोच टिम व्हाइट के मार्गदर्शन में उन्होंने शानदार नेतृत्व क्षमता दिखाई है। टीम हाल ही में यूनाइटेड किंगडम के एक्सपोजर दौरे से लौटी है, जहां खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीमों के खिलाफ खेलने का अनुभव मिला। इस दौरे ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनकी तकनीकी और सामरिक तैयारियों को भी मजबूत किया है।

    जूनियर एशिया कप को एशियाई हॉकी की नई प्रतिभाओं के लिए सबसे बड़े मंचों में से एक माना जाता है। इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी भविष्य में सीनियर राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनने की मजबूत दावेदारी पेश करते हैं। यही वजह है कि भारतीय टीम इस टूर्नामेंट को केवल एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि भविष्य की तैयारी के रूप में भी देख रही है।

    मुख्य कोच टिम व्हाइट ने टीम चयन के बाद खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में खिलाड़ियों ने अपने खेल के हर पहलू पर लगातार काम किया है और एक टीम के रूप में काफी प्रगति की है। उनके अनुसार यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों के लिए एशिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ अपनी क्षमता साबित करने और बड़े सपनों की ओर कदम बढ़ाने का सुनहरा अवसर होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह टीम अनुशासन, आत्मविश्वास और सामूहिक प्रदर्शन के दम पर भारत को गौरवान्वित करेगी।

    भारतीय टीम में गोलकीपर के रूप में निधि और एंगिल हर्षा रानी मिंज को जगह मिली है। डिफेंस में पूजा साहू, सुप्रिया, पूजा मलिक, पार्वती टोपनो और मधु शामिल हैं। मिडफील्ड की जिम्मेदारी कप्तान खाइदेम शिलेइमा चानू के साथ तनुजा टोप्पो, बिनिमा धन, रोशनी आइंद और गीता यादव संभालेंगी। वहीं आक्रमण की कमान लालरिनपुई, पूर्णिमा यादव, सुखवीर कौर, कृष्णा शर्मा, सनिका चंद्रकांत माने और मधु सिदार के हाथों में होगी। एफ लालबियाक्सियामी और तनुश्री दिनेश कडू को वैकल्पिक खिलाड़ियों के रूप में टीम में रखा गया है।

    अब भारतीय टीम की नजर चीन में होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर खिताब जीतने पर होगी। युवा खिलाड़ियों से सजी यह टीम अनुभव और ऊर्जा का बेहतरीन मिश्रण लेकर मैदान में उतरेगी और भारतीय हॉकी के भविष्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।

  • टीम इंडिया का श्रीलंका के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, 2015 के बाद नहीं झेलनी पड़ी टेस्ट में हार

    टीम इंडिया का श्रीलंका के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, 2015 के बाद नहीं झेलनी पड़ी टेस्ट में हार


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त से होने जा रहा है। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और खिलाड़ियों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में उतरने वाली भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ उसका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। पिछले 11 वर्षों में टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ एक भी टेस्ट मुकाबला नहीं गंवाया है और अब उसकी नजर इस शानदार सिलसिले को आगे बढ़ाने पर होगी।

    भारत और श्रीलंका के बीच अब तक कुल 46 टेस्ट मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें भारतीय टीम ने 22 मैचों में जीत दर्ज की है जबकि श्रीलंका केवल 7 मुकाबले जीत सका है। दोनों टीमों के बीच 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। आंकड़े साफ बताते हैं कि लंबे समय से इस प्रतिद्वंद्विता में भारत का पलड़ा भारी रहा है। खास बात यह है कि वर्ष 2015 के बाद से श्रीलंका भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में जीत हासिल नहीं कर पाया है। पिछले 10 टेस्ट मुकाबलों में टीम इंडिया ने हार का स्वाद नहीं चखा और यही रिकॉर्ड उसे इस बार भी मनोवैज्ञानिक बढ़त देता है।

    हालांकि सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका भी लगा है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पूरी तरह फिट नहीं हो सके और चोट के कारण इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। बुमराह की गैरमौजूदगी भारतीय तेज आक्रमण के लिए चुनौती जरूर है लेकिन टीम प्रबंधन ने उनकी जगह जम्मू कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी को मौका दिया है। आकिब घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और जम्मू कश्मीर से भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास भी रच चुके हैं। अब सभी की नजर उनके प्रदर्शन पर रहेगी।

    टीम इंडिया के लिए एक राहत की खबर साई सुदर्शन की फिटनेस को लेकर भी सामने आई है। शुरुआती आशंकाओं के बावजूद उम्मीद जताई जा रही है कि वह पहले टेस्ट से पहले पूरी तरह फिट होकर टीम से जुड़ जाएंगे। यदि ऐसा होता है तो भारत की बल्लेबाजी और भी मजबूत नजर आएगी। शुभमन गिल के नेतृत्व में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन टीम को मजबूत बनाता है।

    सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। गाले की पिच पर स्पिन गेंदबाजों की भूमिका बेहद अहम रहती है इसलिए रवींद्र जडेजा कुलदीप यादव और मानव सुथार जैसे स्पिनरों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला जाएगा जहां भारत सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगा।

    भारतीय टीम के स्क्वॉड में शुभमन गिल कप्तान जबकि केएल राहुल उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। यशस्वी जायसवाल ऋषभ पंत साई सुदर्शन ध्रुव जुरेल रवींद्र जडेजा कुलदीप यादव मोहम्मद सिराज प्रसिद्ध कृष्णा गुरनूर बरार देवदत्त पडिक्कल सारांश जैन मानव सुथार और आकिब नबी टीम का हिस्सा हैं। युवा खिलाड़ियों और अनुभवी सितारों से सजी यह टीम श्रीलंका में एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर होगी कि क्या भारत अपना 11 साल का अजेय रिकॉर्ड कायम रखते हुए एक और टेस्ट सीरीज अपने नाम कर पाएगा।

  • पाकिस्तान की जीत से बदला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का गणित, वेस्टइंडीज को झटका

    पाकिस्तान की जीत से बदला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का गणित, वेस्टइंडीज को झटका


    नई दिल्ली। पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 विकेट से जीत दर्ज की और इसके साथ ही आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भी महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। इस जीत का सीधा फायदा पाकिस्तान को रैंकिंग में मिला और टीम एक स्थान ऊपर चढ़कर आठवें स्थान पर पहुंच गई। दूसरी ओर इस हार का खामियाजा वेस्टइंडीज को भुगतना पड़ा और कैरेबियाई टीम एक पायदान नीचे खिसककर नौवें यानी अंतिम स्थान पर पहुंच गई।

    पाकिस्तान के लिए यह जीत कई मायनों में खास रही। टीम ने न केवल तीन साल बाद विदेशी सरजमीं पर टेस्ट मैच जीता बल्कि डब्ल्यूटीसी में अपनी स्थिति भी मजबूत की। अब तक खेले गए छह टेस्ट मैचों में पाकिस्तान ने दो मुकाबलों में जीत दर्ज की है जबकि चार मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। इस जीत के बाद टीम का जीत प्रतिशत बढ़कर 22.22 हो गया है जिससे उसे अंक तालिका में लाभ मिला। दूसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान सबसे निचले स्थान पर था लेकिन अब उसने वेस्टइंडीज को पीछे छोड़ दिया है।

    वेस्टइंडीज की स्थिति इस हार के बाद और कमजोर हो गई है। टीम ने डब्ल्यूटीसी चक्र में अब तक 12 टेस्ट मुकाबले खेले हैं जिनमें केवल दो जीत दर्ज कर सकी है जबकि आठ मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। टीम का जीत प्रतिशत अब 20.83 रह गया है और इसी वजह से वह अंक तालिका में अंतिम स्थान पर पहुंच गई है। लगातार खराब प्रदर्शन ने कैरेबियाई टीम के लिए आगे की राह और कठिन बना दी है।

    मुकाबले की बात करें तो वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 344 रन बनाए थे और मजबूत शुरुआत की थी। इसके जवाब में पाकिस्तान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 387 रन बनाए और 43 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। पहली पारी में मिली यही बढ़त अंत में निर्णायक साबित हुई। दूसरी पारी में पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखेर दी।

    वेस्टइंडीज दूसरी पारी में केवल 117 रन पर सिमट गई। टीम के पांच बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। पाकिस्तान की ओर से अली उस्मान और साजिद खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार चार विकेट अपने नाम किए। दोनों स्पिनरों ने लगातार दबाव बनाकर कैरेबियाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और पूरी टीम को जल्दी समेट दिया।

    75 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत भले ही थोड़ी धीमी रही लेकिन टीम ने बिना किसी परेशानी के केवल दो विकेट खोकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान बाबर आजम और अब्दुल्ला शफीक दोनों 24 24 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि अजान अवैस ने 18 रन का योगदान दिया। इमाम उल हक 9 रन बनाकर आउट हुए लेकिन तब तक जीत लगभग तय हो चुकी थी।

    यह जीत पाकिस्तान के आत्मविश्वास के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि टीम ने जुलाई 2023 के बाद पहली बार विदेशी धरती पर टेस्ट मुकाबला जीता है। इससे पहले पाकिस्तान ने श्रीलंका में आखिरी विदेशी टेस्ट जीत दर्ज की थी। बाबर आजम की कप्तानी में मिली इस सफलता ने टीम को नई ऊर्जा दी है और डब्ल्यूटीसी की अंक तालिका में भी उसकी स्थिति पहले से बेहतर हो गई है।

  • जोस बटलर का ऐतिहासिक कारनामा, टी20 क्रिकेट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने

    जोस बटलर का ऐतिहासिक कारनामा, टी20 क्रिकेट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचते हुए खुद को इस फॉर्मेट का सबसे सफल रन बनाने वाला बल्लेबाज बना दिया है। द हंड्रेड 2026 टूर्नामेंट में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और वेल्श फायर के बीच खेले गए मुकाबले में बटलर ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से न केवल टीम को शानदार जीत दिलाई बल्कि वेस्टइंडीज के दिग्गज कीरोन पोलार्ड का वर्षों पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इस उपलब्धि के साथ बटलर ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया।

    मुकाबले में वेल्श फायर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 155 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की टीम को कप्तान जोस बटलर ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने केवल 20 गेंदों में 51 रन की विस्फोटक पारी खेली जिसमें 2 चौके और 6 लंबे छक्के शामिल रहे। बटलर की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने विपक्षी गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। उनकी पारी की बदौलत टीम ने केवल एक विकेट खोकर 156 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया और 9 विकेट से शानदार जीत दर्ज की।

    इस अर्धशतकीय पारी के दौरान ही जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। अब उनके नाम इस फॉर्मेट में कुल 14833 रन दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने इस मामले में कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ दिया जिनके नाम 14803 रन थे। इस सूची में तीसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल हैं जिन्होंने टी20 क्रिकेट में 14562 रन बनाए हैं। यह उपलब्धि बटलर की निरंतरता और लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन का प्रमाण मानी जा रही है।

    इस मुकाबले में बटलर ने केवल बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि कप्तानी में भी अपनी छाप छोड़ी। नियमित कप्तान एडम मार्करम के निजी कारणों से उपलब्ध नहीं होने पर टीम की कमान बटलर को सौंपी गई थी। उनकी कप्तानी में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया और वेल्श फायर को 155 रन पर रोक दिया। टीम ने हर विभाग में संतुलित प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा।

    वेल्श फायर की ओर से फिल साल्ट ने 37 गेंदों में 48 रन की उपयोगी पारी खेली जबकि मैथ्यू शॉर्ट ने 47 गेंदों में 71 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके और 2 छक्के लगाए लेकिन अन्य बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके जिसके कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।

    मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की जीत में टिम सीफर्ट का योगदान भी बेहद अहम रहा। उन्होंने 36 गेंदों में नाबाद 62 रन की शानदार पारी खेली जिसमें 10 चौके शामिल थे। उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं पॉल वाल्टर ने भी 18 गेंदों में 37 रन बनाकर जीत को आसान बना दिया।

    जोस बटलर की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं बल्कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में उनकी महानता का भी प्रमाण है। लगातार आक्रामक बल्लेबाजी शानदार नेतृत्व और हर परिस्थिति में मैच जिताने की क्षमता ने उन्हें इस दौर के सबसे सफल टी20 बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर रहेगी कि बटलर इस रिकॉर्ड को आने वाले वर्षों में कितनी ऊंचाई तक पहुंचाते हैं।

  • सुजल सिंह का दमदार प्रदर्शन भी नहीं बचा सका टीम को, सार्थक रंजन ने दिलाई नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स को जीत

    सुजल सिंह का दमदार प्रदर्शन भी नहीं बचा सका टीम को, सार्थक रंजन ने दिलाई नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स को जीत


    नई दिल्ली। दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 के 11वें मुकाबले में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए ईस्ट दिल्ली राइडर्स को 6 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में दमदार जीत हासिल की। इस मुकाबले में ईस्ट दिल्ली के बल्लेबाज सुजल सिंह ने नाबाद 82 रन की बेहतरीन पारी खेलकर अपनी टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया लेकिन नॉर्थ दिल्ली के कप्तान सार्थक रंजन की विस्फोटक बल्लेबाजी ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। सार्थक ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया और अपनी टीम को आसान जीत दिला दी।

    171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम ने शुरुआती ओवरों में ही दो अहम विकेट गंवा दिए। वैभव कांडपाल केवल 5 रन बनाकर आउट हो गए जबकि अर्नव बग्गा भी 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। 39 रन के स्कोर पर दो विकेट गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि मुकाबला ईस्ट दिल्ली की पकड़ में जा सकता है लेकिन इसके बाद कप्तान सार्थक रंजन और यश भाटिया ने पारी को शानदार तरीके से संभाल लिया।

    दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए केवल 61 गेंदों में 113 रन की विस्फोटक साझेदारी कर मैच पूरी तरह नॉर्थ दिल्ली के पक्ष में कर दिया। कप्तान सार्थक रंजन ने अपनी कप्तानी पारी में केवल 50 गेंदों का सामना करते हुए 95 रन बनाए। उनकी इस धमाकेदार पारी में 7 चौके और 8 लंबे छक्के शामिल रहे। वह शतक से केवल 5 रन दूर रह गए लेकिन तब तक टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचा चुके थे। दूसरी ओर यश भाटिया ने भी शानदार जिम्मेदारी निभाई और 34 गेंदों में नाबाद 53 रन बनाकर अंत तक क्रीज पर डटे रहे। नॉर्थ दिल्ली ने लक्ष्य को केवल 16 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया और बड़ी जीत अपने नाम कर ली।

    इससे पहले टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए ईस्ट दिल्ली राइडर्स ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 171 रन बनाए। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शुरुआती बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। अर्पित राणा 18 रन बनाकर आउट हुए जबकि ध्रुव कौशिक ने 14 रन बनाए। कप्तान मयंक रावत भी केवल 16 रन ही जोड़ सके। काव्या गुप्ता 2 रन पर आउट हो गए जबकि सूर्यांश रैना ने 16 रन का योगदान दिया।

    एक छोर पर लगातार विकेट गिरने के बावजूद सुजल सिंह ने शानदार धैर्य और आक्रामकता का परिचय दिया। उन्होंने 50 गेंदों में नाबाद 82 रन बनाए और अपनी टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया। अपनी पारी के दौरान उन्होंने 6 चौके और 4 छक्के लगाए तथा अंत तक आउट नहीं हुए। हालांकि उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका जिसके कारण टीम 171 रन तक ही पहुंच पाई।

    गेंदबाजी में नॉर्थ दिल्ली की ओर से मयंक डागर सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने किफायती गेंदबाजी करते हुए 16 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए। अन्य गेंदबाजों ने भी नियमित अंतराल पर विकेट लेकर ईस्ट दिल्ली को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया।

    इस जीत के साथ नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने डीपीएल 2026 में अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी है। कप्तान सार्थक रंजन की विस्फोटक बल्लेबाजी और टीम के संतुलित प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि नॉर्थ दिल्ली इस सीजन खिताब की मजबूत दावेदार टीमों में शामिल है।