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  • इंदौर में निगम ड्राइवर ने जहर पीने से पहले बनाया VIDEO बोला पैसों के लिए चार लोग कर रहे परेशान अस्पताल में भर्ती

    इंदौर में निगम ड्राइवर ने जहर पीने से पहले बनाया VIDEO बोला पैसों के लिए चार लोग कर रहे परेशान अस्पताल में भर्ती



    इंदौर । इंदौर में नगर निगम के एक ड्राइवर ने शनिवार को जहर पीकर जान देने की कोशिश की। घटना से पहले उसने एक वीडियो बनाया जिसमें उसने उधारी और ब्याज के पैसों को लेकर चार लोगों पर परेशान करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। जहर पीने के बाद हालत बिगड़ने पर परिजन धर्मेंद्र धारू को एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उनका इलाज चल रहा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संयोगितागंज पुलिस ने वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।

    धर्मेंद्र धारू पिछले करीब 10 साल से इंदौर नगर निगम में ड्राइवर के रूप में काम कर रहे हैं। जहर पीने से पहले बनाए गए वीडियो में उन्होंने पैसों की मांग किए जाने और लगातार परेशान किए जाने की बात कही है। वीडियो में धर्मेंद्र ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की ओर से उनसे उधारी और ब्याज की रकम को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो दिनों से उन्हें गाड़ी नहीं दी जा रही थी और उन्हें गाड़ी से हटा दिया गया था।

    धर्मेंद्र ने अपने वीडियो में चार लोगों के नाम भी लिए हैं। उन्होंने दुर्गेश शुक्ला योगेश राठौर सहायक सीएस भंवर धावरे और बंटी नाम के व्यक्ति को जिम्मेदार बताया है। बंटी के बारे में उन्होंने कहा कि वह साहब का ड्राइवर है। वीडियो में धर्मेंद्र ने दावा किया कि इन लोगों की ओर से पैसों की मांग की जा रही थी और इसी दबाव के चलते वह यह कदम उठा रहे हैं।

    वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी में मामला उधारी और ब्याज की रकम से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि धर्मेंद्र की ओर से लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पैसों के लेनदेन की वास्तविक स्थिति क्या थी और निगम में गाड़ी नहीं दिए जाने का इस पूरे विवाद से क्या संबंध था। इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी।

    जहर पीने के बाद धर्मेंद्र की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें तत्काल एमवाय अस्पताल पहुंचाया जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया है।

    संयोगितागंज पुलिस वायरल वीडियो की जांच कर रही है। पुलिस धर्मेंद्र के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद घटना से जुड़े तथ्यों को और स्पष्ट करेगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पैसों के विवाद की वास्तविक स्थिति क्या थी और वीडियो में जिन चार लोगों पर आरोप लगाए गए हैं उनकी इस मामले में क्या भूमिका है। पुलिस वीडियो के साथ अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयान भी देखेगी।

    फिलहाल धर्मेंद्र का अस्पताल में इलाज जारी है और पुलिस जांच आगे बढ़ रही है। इस मामले में धर्मेंद्र के बयान और जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

  • ग्वालियर में ट्रैफिक पर सख्ती, 315 चालान कटे, फर्जी नंबर प्लेट और मॉडिफाइड साइलेंसर पर कार्रवाई

    ग्वालियर में ट्रैफिक पर सख्ती, 315 चालान कटे, फर्जी नंबर प्लेट और मॉडिफाइड साइलेंसर पर कार्रवाई


    ग्वालियर । ग्वालियर में शुक्रवार रात पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ दो घंटे का विशेष चेकिंग अभियान चलाया। शहर के अलग अलग इलाकों में एक साथ हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 315 वाहनों के चालान काटे और करीब 1 लाख 45 हजार रुपए का जुर्माना वसूला। लगातार नियम तोड़ने वाले 61 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने के लिए यातायात पुलिस ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय यानी आरटीओ को पत्र भेजने की तैयारी की है। चेकिंग के दौरान कुछ वाहन चालकों ने कार्रवाई से बचने के लिए पूर्व विधायक और पुलिसकर्मियों से सिफारिश भी लगवाई लेकिन अधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रखी।

    अभियान के दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बुलेट भी पुलिस की नजर में आई। एक युवक को जब पुलिस ने रोका तो उसने कार्रवाई से बचने के लिए पूर्व विधायक को फोन किया। इसके बावजूद पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि यातायात नियम तोड़ने पर निर्धारित कार्रवाई होगी और जुर्माना भरना पड़ेगा। कुछ अन्य वाहन चालकों ने अपने पुलिसकर्मी रिश्तेदारों के जरिए भी सिफारिश कराने का प्रयास किया लेकिन चेकिंग टीम ने किसी तरह की रियायत नहीं दी।

    तानसेन तिराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध मोटरसाइकिल मिली। एएसआई सुदेश भिलावी और आरक्षक राजवीर ने बाइक को रोककर प्राथमिक जांच की तो उसके चोरी की होने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब बाइक से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारी का सत्यापन कर रही है। कानूनी कार्रवाई के लिए मोटरसाइकिल को पड़ाव थाना भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद चेकिंग अभियान में केवल यातायात उल्लंघन ही नहीं बल्कि संदिग्ध वाहनों की जांच पर भी पुलिस का फोकस सामने आया।

    यातायात पुलिस ने एक ऐसी कार को भी पकड़ा जिसके चारों शीशों पर काली फिल्म लगी हुई थी। जांच के दौरान कार की आगे की नंबर प्लेट गायब मिली जबकि पीछे की नंबर प्लेट पर जानबूझकर टेप चिपकाया गया था। पुलिस ने कार को जब्त कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी। इसके अलावा तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बुलेट मोटरसाइकिलों पर भी कार्रवाई की गई।

    पुलिस के मुताबिक बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध नंबर प्लेट वाले वाहनों की जांच केवल यातायात नियमों के पालन तक सीमित नहीं है बल्कि अपराध की रोकथाम के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। चोरी और लूट जैसी घटनाओं में अपराधी पहचान छिपाने के लिए बिना नंबर प्लेट या बदली हुई नंबर प्लेट वाले वाहनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे वाहनों की जांच से पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और चोरी के वाहनों को ट्रेस करने में मदद मिलती है।

    वहीं कार के शीशों पर काली फिल्म के इस्तेमाल को लेकर भी पुलिस ने सख्ती दिखाई। ऐसे वाहनों में अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई नहीं देतीं जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं। पुलिस का कहना है कि नियमों के अनुरूप वाहन चलाने से सड़क सुरक्षा बेहतर होती है और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखना भी आसान होता है।

    ग्वालियर पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि आगे भी इस तरह के चेकिंग अभियान जारी रह सकते हैं और बार बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • पूर्व नेता का नया भेष देख पुलिस भी हैरान, भंते बनकर मठ में रहा, विदेश यात्रा के बाद गिरफ्तारी

    पूर्व नेता का नया भेष देख पुलिस भी हैरान, भंते बनकर मठ में रहा, विदेश यात्रा के बाद गिरफ्तारी


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश में सामने आए फर्जी पासपोर्ट कांड की जांच के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ को एक और अहम सुराग मिला है। शुक्रवार रात एसटीएफ ने भिंड निवासी राहुल प्रकाश उर्फ नृत्या भंते को रायसेन से पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। राहुल प्रकाश बहुजन संघर्ष दल का पूर्व प्रदेश महासचिव बताया जा रहा है। आरोप है कि उसने अपनी पहचान छिपाकर भोपाल के गोविंदपुरा स्थित एक बौद्ध मठ में भंते के रूप में रहते हुए नए पते के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था। इसी पासपोर्ट से उसके थाईलैंड और म्यांमार जाने की बात जांच में सामने आई है। हालांकि फिलहाल एसटीएफ की ओर से राहुल प्रकाश की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    पूछताछ से जुड़ी जानकारी के मुताबिक राहुल प्रकाश मूल रूप से भिंड जिले के एक गांव का रहने वाला है। वह दलित समाज की राजनीति में सक्रिय था और बहुजन संघर्ष दल से जुड़कर प्रदेश स्तर पर संगठन में जिम्मेदारी संभाल चुका है। बताया जा रहा है कि वह भविष्य में चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहा था। इसी दौरान करीब साढ़े तीन साल पहले उसने अपनी पहचान छिपाकर भोपाल के एक बौद्ध विहार में भंते के रूप में रहना शुरू किया।

    जांच के अनुसार वर्ष 2025 की शुरुआत में राहुल प्रकाश ने नए पते का इस्तेमाल करते हुए पासपोर्ट बनवाया। आरोप है कि पासपोर्ट के लिए दिए गए पते और पहचान से जुड़ी जानकारी में गड़बड़ी की गई थी। पासपोर्ट बनने के बाद उसने विदेश यात्रा भी की। एसटीएफ को उसके इसी पासपोर्ट से थाईलैंड और म्यांमार जाने के संबंध में जानकारी मिली है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि उसने नेता से भंते बनने का फैसला क्यों किया और पासपोर्ट तैयार कराने में उसकी मदद किसने की।

    एसटीएफ इस पूरे मामले में कथित फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। राहुल प्रकाश से उसके फर्जी पते पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया विदेश यात्राओं और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। खासतौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह किसी ऐसे नेटवर्क के संपर्क में था जो दूसरे लोगों के लिए भी इसी तरह फर्जी दस्तावेज तैयार कराता था।

    जांच में अब तक मध्य प्रदेश के सात जिलों में 75 से अधिक फर्जी पासपोर्ट सामने आने की जानकारी दी गई है। इन पासपोर्ट के जरिए 100 से ज्यादा विदेश यात्राओं के सबूत मिलने की बात कही जा रही है। इसके अलावा गुजरात और महाराष्ट्र में भी इसी तरह के फर्जी पासपोर्ट तैयार किए जाने के संकेत जांच एजेंसी को मिले हैं। एसटीएफ को इस मामले में आठ भंतों की तलाश होने की जानकारी भी सामने आई है।

    अब राहुल प्रकाश से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि फर्जी पासपोर्ट तैयार कराने में कौन लोग शामिल थे और इन दस्तावेजों का इस्तेमाल विदेश यात्रा के लिए किस तरह किया गया। जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है।

  • राशन कार्ड में नाम जुड़वाने गई महिला, सरकारी रिकॉर्ड में निकली मृत, पति लगा रहा दफ्तरों के चक्कर

    राशन कार्ड में नाम जुड़वाने गई महिला, सरकारी रिकॉर्ड में निकली मृत, पति लगा रहा दफ्तरों के चक्कर


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले की बैराड़ तहसील के जरियाकला गांव में सरकारी रिकॉर्ड से जुड़ी एक ऐसी गलती सामने आई है जिसने एक परिवार की परेशानी बढ़ा दी है। यहां जीवित महिला शुक्रवती जाटव को पंचायत के रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया। मामला तब सामने आया जब उसके पति भारत जाटव ने पत्नी का नाम अपने परिवार के राशन कार्ड में जुड़वाने की प्रक्रिया शुरू की। दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में शुक्रवती को मृत घोषित किया जा चुका है। इसके बाद पति पत्नी अपनी पहचान और दस्तावेजों को दुरुस्त कराने के लिए अलग अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।

    भारत जाटव जरियाकला गांव के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि करीब पांच साल पहले उनकी शादी दुल्हारा गांव की रहने वाली शुक्रवती जाटव से हुई थी। शादी के बाद कुछ समय तक शुक्रवती का नाम मायके के राशन कार्ड में दर्ज रहा और इसी आधार पर उन्हें खाद्यान्न मिलता रहा। शादी के बाद जब भारत ने पत्नी का नाम अपने परिवार के राशन कार्ड में शामिल कराने की प्रक्रिया शुरू की तो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी ने पूरे परिवार को हैरान कर दिया।

    दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि शुक्रवती का नाम रिकॉर्ड में मृत व्यक्ति के तौर पर दर्ज है। भारत के मुताबिक समग्र आईडी और खाद्यान्न पर्ची को जोड़ने की प्रक्रिया के दौरान उनकी पत्नी का नाम रिकॉर्ड से हटाया गया था। इसी प्रक्रिया में गलती से उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया। इसके बाद समग्र आईडी और आधार से संबंधित रिकॉर्ड में भी दिक्कत सामने आने लगी।

    भारत का कहना है कि पत्नी पूरी तरह जीवित है और उसके साथ रह रही है लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने के कारण राशन कार्ड में उसका नाम नहीं जुड़ पा रहा है। परिवार को सरकारी योजनाओं और दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या ठीक कराने के लिए भारत बैराड़ तहसील जनपद पंचायत और थाने तक के चक्कर लगा चुके हैं। इसके बावजूद वह स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं।

    इस मामले में दुल्हारा पंचायत के सचिव मलखान सिंह बघेल ने रिकॉर्ड में हुई गलती को स्वीकार किया है। उनका कहना है कि समग्र आईडी और खाद्यान्न पर्ची को जोड़ने के अभियान के दौरान गांव से बाहर रहने वाले लोगों मृत व्यक्तियों और शादी के बाद दूसरे स्थान पर चली गई महिलाओं के नाम हटाए जा रहे थे। इसी प्रक्रिया में शुक्रवती का नाम हटाते समय गलती से उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया।

    सचिव के मुताबिक करीब एक महीने पहले इस गलती की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद शुक्रवती की आईडी रिकवर कर ली गई है। अब जरियाकला पंचायत में उनके पति के परिवार के राशन कार्ड में नाम जोड़ने की प्रक्रिया बाकी है। परिवार को उम्मीद है कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी दस्तावेजों में हुई गलती पूरी तरह ठीक हो जाएगी और शुक्रवती को राशन कार्ड समेत अन्य जरूरी सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

  • MP के श्रमिकों के लिए बड़ा अपडेट, रोजाना 6 रुपए बढ़ा वेतन, मार्च 2027 तक फायदा

    MP के श्रमिकों के लिए बड़ा अपडेट, रोजाना 6 रुपए बढ़ा वेतन, मार्च 2027 तक फायदा


    भोपाल । मध्य प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले करीब 50 लाख श्रमिकों के लिए नई वेतन दरें लागू कर दी गई हैं। श्रम विभाग के आदेश के मुताबिक एक अक्टूबर 2026 से श्रमिकों को परिवर्तनशील महंगाई भत्ते के रूप में रोजाना 6 रुपए की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। नई न्यूनतम वेतन दरें 27 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी। इस फैसले का लाभ प्रदेश के सरकारी विभागों में काम करने वाले करीब 10 लाख और निजी क्षेत्र तथा उद्योगों से जुड़े करीब 40 लाख श्रमिकों को मिलने की बात कही गई है।

    श्रम विभाग ने महंगाई सूचकांक के आधार पर न्यूनतम वेतन दरों में संशोधन किया है। श्रमायुक्त शीतला पटले की ओर से जारी आदेश में अलग अलग नियोजन में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दैनिक श्रम के आधार पर नई दरें तय की गई हैं। सामान्य नियोजन की 67 श्रेणियों में आने वाले श्रमिकों का वेतन 26 कार्य दिवस के आधार पर निर्धारित किया गया है। इसके तहत अकुशल श्रमिक को 12575 रुपए प्रतिमाह अर्द्धकुशल श्रमिक को 13571 रुपए कुशल श्रमिक को 15294 रुपए और उच्च कुशल श्रमिक को 16919 रुपए मासिक न्यूनतम वेतन मिलेगा।

    इस बदलाव में परिवर्तनशील महंगाई भत्ता भी शामिल है। इसका उद्देश्य महंगाई के असर के बीच श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में समय समय पर बदलाव करना है। अलग अलग श्रेणियों और काम के आधार पर दैनिक वेतन दरें निर्धारित की गई हैं। इससे उद्योगों सरकारी विभागों और अन्य नियोजनों में न्यूनतम वेतन के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के भुगतान में बदलाव होगा।

    मुद्रणालय यानी प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी नई दरें निर्धारित की गई हैं। लिपिकीय वर्ग में अकुशल श्रमिक के लिए 484 रुपए प्रतिदिन जबकि अलग अलग श्रेणियों में 522 रुपए से लेकर 651 रुपए प्रतिदिन तक की दरें तय की गई हैं। अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए श्रेणी के हिसाब से 522 रुपए और 588 रुपए प्रतिदिन की दर लागू होगी। उच्च कुशल श्रमिकों के लिए भी अलग अलग श्रेणी के अनुसार भुगतान तय किया गया है।

    कृषि और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी संशोधित न्यूनतम वेतन व्यवस्था लागू होगी। अगरबत्ती बनाने वाले श्रमिकों के लिए भी अलग दरें निर्धारित की गई हैं। अगरबत्ती रोलिंग में एक हजार अगरबत्ती तैयार करने पर कुल 74.75 रुपए और सुगंधित स्टिक के लिए कुल 75 रुपए की दर निर्धारित की गई है।

    मध्य प्रदेश में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में यह इस साल का दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव है। इससे पहले 1 अप्रैल 2026 से नई न्यूनतम वेतन दरें लागू की गई थीं। उस समय परिवर्तनशील महंगाई भत्ते के कारण श्रमिकों के वेतन में औसतन 9 रुपए प्रतिदिन यानी करीब 234 रुपए मासिक की बढ़ोतरी हुई थी। उस वृद्धि का लाभ भी सरकारी विभागों के करीब 10 लाख और निजी क्षेत्र तथा उद्योगों में काम करने वाले लगभग 40 लाख श्रमिकों को मिला था। अब अक्टूबर से लागू नई दरों के बाद श्रमिकों के भुगतान में एक बार फिर संशोधन किया गया है।

  • 6 हजार व्यवसायिक शिक्षकों को राहत, नई कंपनियां नहीं हटा सकेंगी पुराने कर्मचारी

    6 हजार व्यवसायिक शिक्षकों को राहत, नई कंपनियां नहीं हटा सकेंगी पुराने कर्मचारी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा से जुड़े करीब 6 हजार आउटसोर्स व्यवसायिक शिक्षकों के लिए सरकार की ओर से महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अलग अलग ट्रेड में काम कर रहीं 13 कंपनियों का एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भले ही नई कंपनियों को जिम्मेदारी दी जाए लेकिन पहले से स्कूलों में काम कर रहे व्यवसायिक प्रशिक्षकों को सेवा में रखना होगा। नई कंपनियां इन कर्मचारियों को अपनी ओर से हटाने की कार्रवाई नहीं कर सकेंगी। विभाग के इस आदेश के बाद लंबे समय से नौकरी की असुरक्षा का सामना कर रहे व्यवसायिक शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    समग्र शिक्षा की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक व्यवसायिक शिक्षा के अलग अलग ट्रेड में काम कर रहीं 13 कंपनियों का अनुबंध समाप्त किया गया है। इसके बावजूद स्कूलों में सेवाएं दे रहे व्यवसायिक प्रशिक्षक यथावत काम करते रहेंगे। प्रदेश में व्यवसायिक शिक्षा के क्षेत्र में 50 से अधिक कंपनियां काम कर रही हैं और इनके माध्यम से आउटसोर्स प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जाती हैं। लंबे समय से कुछ प्रशिक्षकों की ओर से कंपनियों पर नियुक्ति और जॉइनिंग के नाम पर पैसे मांगने सहित कई तरह की परेशानियों के आरोप लगाए जाते रहे हैं।

    इसी तरह की समस्याओं को लेकर करीब दो महीने पहले व्यवसायिक शिक्षकों ने भोपाल में दो दिवसीय आंदोलन किया था। पहले दिन अंबेडकर पार्क में धरना दिया गया जबकि दूसरे दिन डीपीआई का घेराव किया गया। आंदोलन के बाद अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में शिक्षकों ने नौकरी की सुरक्षा सहित कई मांगें रखीं। अब विभाग की ओर से जारी आदेश को उसी प्रक्रिया में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

    लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश के अनुसार जिन कंपनियों का एग्रीमेंट समाप्त किया गया है उनमें अलग अलग ट्रेड की कंपनियां शामिल हैं। इनमें एग्रीकल्चर ट्रेड से जुड़ी आकाश एग्री सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और वालेअर फैबटेक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर ट्रेड में एसेंसिव एडुकेयर लिमिटेड टाइम्स सेंटर फॉर लर्निंग लिमिटेड अल्टीमेट एनर्जी जबकि अपैरल ट्रेड में ब्राइट फ्यूचर डॉट कॉम स्किल प्राइवेट लिमिटेड का नाम है। हेल्थकेयर ट्रेड में डीसीआई मल्टी स्किल्स प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध खत्म किया गया है।

    आईटी और आईटीईएस ट्रेड में एवरग्रीन एजुकेशन ट्रस्ट जीके एजुकेशनल ट्रस्ट आईसीए एजुस्किल्स प्राइवेट लिमिटेड इंडस एजुट्रेन प्राइवेट लिमिटेड और एलएनजे इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स एंड टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। ब्यूटी एंड वेलनेस ट्रेड में वीएलसीसी हेल्थकेयर का एग्रीमेंट खत्म किया गया है। हालांकि इंडस एजुट्रेन के कुछ अन्य ट्रेड से जुड़े एग्रीमेंट समाप्त नहीं किए गए हैं।

    विभाग के फैसले के बाद जहां नौकरी की सुरक्षा को लेकर राहत मिली है वहीं व्यवसायिक शिक्षकों के सामने लंबित वेतन का मुद्दा अभी भी बना हुआ है। नवीन व्यवसायिक शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश परमार ने सवाल उठाया है कि जिन कंपनियों का अनुबंध समाप्त हुआ है उनके कर्मचारियों की लंबित सैलरी का भुगतान कौन करेगा। कई प्रशिक्षकों के चार से पांच महीने तक का वेतन लंबित होने की बात भी सामने आई है। स्कूल बदलने की स्थिति में पुराने बकाया वेतन के भुगतान की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। संगठनों का कहना है कि वे इस मामले में विभाग से पत्राचार करेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।

  • भोपाल में अमित शाह का दिनभर कार्यक्रम, 101 करोड़ की गौशाला सहायता और 255 करोड़ के डेयरी प्लांट से लेकर IISER तक कई बड़े आयोजन

    भोपाल में अमित शाह का दिनभर कार्यक्रम, 101 करोड़ की गौशाला सहायता और 255 करोड़ के डेयरी प्लांट से लेकर IISER तक कई बड़े आयोजन


    भोपाल । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे हैं जहां उनका दिन कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ है। शाह भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के 11 जिलों से करीब 35 हजार गोपालक और किसान पहुंचे हैं। कार्यक्रम के दौरान गोशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपए की राशि देने की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही उज्जैन में तैयार किए जा रहे 255 करोड़ रुपए के डेयरी प्लांट का वर्चुअली भूमिपूजन भी किया जाएगा।

    अमित शाह ने अपने दौरे की शुरुआत भेल दशहरा मैदान में मध्य प्रदेश पुलिस की प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ की। इस प्रदर्शनी में नए आपराधिक कानूनों से जुड़े प्रावधानों और पुलिस व्यवस्था से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला डीजीपी कैलाश मकवाना और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    गोपालक सम्मेलन को लेकर प्रदेश के अलग अलग जिलों से किसान और पशुपालक भोपाल पहुंचे हैं। कई किसान बसों के जरिए कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। सम्मेलन में महिलाओं और युवा किसानों की भी भागीदारी देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि सरकार की योजनाओं से उन्हें पशुपालन के क्षेत्र में मदद मिली है और कई परिवारों ने गाय और भैंस पालन को आय का माध्यम बनाया है।

    कार्यक्रम में किसानों की अपनी मांगें भी सामने आई हैं। सीहोर से पहुंचे किसानों ने सोयाबीन की खराब फसल को लेकर मुआवजे की मांग उठाई। वहीं बरसिया क्षेत्र से आए एक किसान ने छोटे किसानों को खाद मिलने में हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया। किसान का कहना था कि बड़े किसानों के लिए खाद के स्लॉट आसानी से मिल जाते हैं जबकि छोटे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे साफ है कि सम्मेलन में सरकारी योजनाओं के साथ किसानों की जमीनी समस्याओं पर भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सम्मेलन में दूध उत्पादन को लेकर सरकार की योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश में 50 लाख लीटर दूध के कलेक्शन तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। सांची के माध्यम से दूध को बाजार तक पहुंचाने की बात भी कही गई। सरकार की ओर से इस पहल को पशुपालकों की आय और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने से जोड़कर देखा जा रहा है।

    अमित शाह के भोपाल दौरे में पुलिस व्यवस्था भी प्रमुख विषय है। वे केंद्र और राज्य के पुलिस अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे की बैठक करेंगे। इसके अलावा भौंरी में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान यानी IISER के अत्रि परिसर का शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी प्रस्तावित है।

    शाह के दौरे को देखते हुए भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। एमपी नगर सहित कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है और यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सड़क किनारे खड़े वाहनों और रेहड़ी खोमचों को भी हटाया गया है। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने वाले किसानों की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।

    इस तरह अमित शाह का भोपाल दौरा गोपालक सम्मेलन पुलिस व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े कई कार्यक्रमों से जुड़ा है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि सम्मेलन के दौरान पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को लेकर सरकार की ओर से आगे कौन से ऐलान किए जाते हैं।

  • शनिवार को भूलकर भी घर में न करें ये काम वास्तु के इन नियमों का ध्यान रखेंगे तो बनी रहेगी सुख शांति

    शनिवार को भूलकर भी घर में न करें ये काम वास्तु के इन नियमों का ध्यान रखेंगे तो बनी रहेगी सुख शांति


    नई दिल्ली। शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। इस दिन शनि देव की पूजा करने के साथ घर के वास्तु से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखने की भी मान्यता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मौजूद ऊर्जा का सीधा संबंध परिवार के वातावरण से माना जाता है। ऐसे में शनिवार को कुछ छोटे और आसान उपाय अपनाकर घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है। इन उपायों का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ घर की साफ सफाई और व्यवस्थित वातावरण को बढ़ावा देना भी है।

    शनिवार के दिन सबसे पहले घर की साफ सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। घर में लंबे समय से बेकार पड़ी वस्तुओं को इकट्ठा करके रखने से अव्यवस्था बढ़ती है। वास्तु मान्यताओं में भी टूटे फूटे और अनुपयोगी सामान को घर में जमा करके रखना उचित नहीं माना जाता। इसलिए शनिवार को घर के कोनों और विशेष रूप से मुख्य द्वार के आसपास अच्छी तरह सफाई करना शुभ माना जाता है।

    मुख्य द्वार को घर की ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। शनिवार को मुख्य दरवाजे की सफाई करके वहां पर्याप्त रोशनी रखने की कोशिश करनी चाहिए। दरवाजे के आसपास कूड़ा या बेकार सामान नहीं रखना चाहिए। मान्यता है कि साफ और व्यवस्थित प्रवेश द्वार घर के वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने में मदद करता है।

    शनिवार के दिन सरसों के तेल का दीपक जलाने की धार्मिक परंपरा भी प्रचलित है। कई लोग शनि देव की पूजा के दौरान तेल का दीपक जलाते हैं। कुछ परंपराओं में घर के बाहर या पूजा स्थान पर दीपक जलाने की मान्यता है। दीपक जलाते समय मन को शांत रखते हुए शनि देव का स्मरण किया जा सकता है। यह उपाय धार्मिक आस्था से जुड़ा है इसलिए इसे श्रद्धा के साथ करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

    घर में काले तिल और सरसों के तेल जैसी वस्तुओं को लेकर भी शनिवार के दिन कई धार्मिक मान्यताएं हैं। जरूरतमंद व्यक्ति को इन वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा शनिवार को किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना भी सेवा का अच्छा माध्यम हो सकता है। धार्मिक मान्यताओं में दान और सेवा को विशेष महत्व दिया गया है।

    वास्तु से जुड़े उपायों के साथ शनिवार को घर के वातावरण में अनुशासन और सकारात्मकता बनाए रखना भी जरूरी माना जाता है। घर में बेवजह विवाद करने से बचना चाहिए और परिवार के सदस्यों के साथ शांतिपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। घर में खराब बिजली के उपकरण या टूटे सामान लंबे समय तक पड़े हों तो उन्हें ठीक करवाना या हटाना बेहतर होता है।

    शनिवार को कुछ लोग पीपल के पेड़ की पूजा भी करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाया जाता है। हालांकि ऐसा करते समय स्थानीय नियमों और सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। किसी भी धार्मिक उपाय को अंधविश्वास के बजाय अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार करना उचित है।

    कुल मिलाकर शनिवार को वास्तु के नाम पर बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं है। घर की साफ सफाई मुख्य द्वार को व्यवस्थित रखना बेकार सामान हटाना जरूरतमंदों की मदद करना और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना जैसे छोटे कदम रोजमर्रा की जिंदगी में भी उपयोगी हो सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किए जाने वाले इन उपायों को श्रद्धा के साथ अपनाया जा सकता है और साथ ही घर को स्वच्छ व्यवस्थित और शांत रखने पर ध्यान दिया जा सकता है।

  • शनि दोष और परेशानियों से राहत के लिए करें शनिवार का व्रत जानिए शनि देव की पूजा में किन बातों का रखें ध्यान

    शनि दोष और परेशानियों से राहत के लिए करें शनिवार का व्रत जानिए शनि देव की पूजा में किन बातों का रखें ध्यान


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। यही वजह है कि जीवन में लगातार परेशानियां आने आर्थिक स्थिति कमजोर होने कामकाज में रुकावट बनने या शनि से संबंधित दोष की स्थिति में कई लोग शनिवार का व्रत रखते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और नियम के साथ शनि देव की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की राह बनती है।

    शनिवार का व्रत रखने के लिए सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना शुभ माना जाता है। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर घर के पूजा स्थान की सफाई करनी चाहिए। पूजा स्थल पर शनि देव की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करके उनके सामने दीपक जलाया जा सकता है। शनि देव की पूजा में सरसों के तेल का दीपक विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिवार को शनि देव को काला तिल काला वस्त्र सरसों का तेल और उड़द दाल जैसी वस्तुएं अर्पित की जाती हैं।

    पूजा के दौरान सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद शनि देव का ध्यान करते हुए उनकी पूजा करनी चाहिए। भक्त शनि देव के मंत्र का जाप कर सकते हैं। शनि देव का बीज मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः माना जाता है। अपनी श्रद्धा के अनुसार इस मंत्र का जाप किया जा सकता है। इसके अलावा शनि चालीसा का पाठ और शनि देव की आरती भी की जाती है।

    शनिवार के व्रत में भोजन को लेकर अलग अलग धार्मिक परंपराएं देखने को मिलती हैं। कुछ लोग पूरे दिन निराहार रहते हैं जबकि कुछ लोग फलाहार करते हैं। व्रत रखने वाले व्यक्ति को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही उपवास करना चाहिए। दिनभर भगवान का स्मरण और सकारात्मक विचार बनाए रखना भी व्रत की भावना का हिस्सा माना जाता है।

    शनिवार के दिन जरूरतमंद व्यक्ति को दान देना भी शुभ माना जाता है। काला तिल काली उड़द सरसों का तेल कंबल या काले वस्त्र का दान धार्मिक मान्यताओं में महत्वपूर्ण बताया गया है। इसके अलावा गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना भी पुण्यदायी माना जाता है। कई परंपराओं में शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने की भी मान्यता है।

    व्रत के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। किसी व्यक्ति के प्रति गलत भावना रखना झूठ बोलना क्रोध करना या किसी को नुकसान पहुंचाना धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं माना जाता। शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है इसलिए शनिवार के व्रत में अच्छे कर्म और संयम को विशेष महत्व दिया जाता है।

    व्रत का पारण पूजा और अपनी परंपरा के अनुसार किया जाता है। सूर्यास्त के बाद या पूजा पूर्ण होने पर सात्विक भोजन ग्रहण किया जा सकता है। हालांकि व्रत और पूजा की विधि अलग अलग क्षेत्रों और परिवारों में अलग हो सकती है। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा और धार्मिक गुरु की सलाह को प्राथमिकता देना उचित है। शनि व्रत का मुख्य उद्देश्य केवल किसी समस्या से मुक्ति पाना नहीं बल्कि संयम सेवा और अच्छे कर्मों के प्रति अपनी आस्था को मजबूत करना भी माना जाता है।

  • दृश्यम 3 की कमाई ने बदला रिलीज का प्लान उड़ता तीर अब 9 नहीं 23 अक्टूबर को होगी रिलीज

    दृश्यम 3 की कमाई ने बदला रिलीज का प्लान उड़ता तीर अब 9 नहीं 23 अक्टूबर को होगी रिलीज


    नई दिल्ली। अजय देवगन की फिल्म दृश्यम 3 ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर ऐसा असर दिखाया है कि दूसरी फिल्मों की रिलीज रणनीति तक बदलती नजर आ रही है। 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में पहुंची दृश्यम 3 ने अपने पहले ही दिन जबरदस्त कमाई करते हुए दर्शकों के बीच अपनी मजबूत पकड़ का संकेत दे दिया है। फिल्म के इसी शानदार प्रदर्शन के बीच आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की आने वाली फिल्म उड़ता तीर की रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई है। पहले यह फिल्म 9 अक्टूबर को रिलीज होने वाली थी लेकिन अब इसे 23 अक्टूबर तक टाल दिया गया है।

    दृश्यम 3 की ओपनिंग ने बॉक्स ऑफिस पर नया माहौल तैयार कर दिया है। सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने भारत में पहले दिन 66.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया जबकि इंडिया ग्रॉस कमाई 80.10 करोड़ रुपये रही। विदेशों में करीब 15 करोड़ रुपये की कमाई के साथ फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 95.10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस शानदार शुरुआत के बाद फिल्म की चर्चा लगातार तेज है और सिनेमाघरों में दर्शकों की दिलचस्पी भी देखने को मिल रही है।

    इसी माहौल के बीच उड़ता तीर के मेकर्स ने फिल्म को कुछ समय आगे खिसकाने का फैसला किया है। टीम की ओर से बताया गया है कि फिल्म के ट्रेलर और प्रमोशन को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। ऐसे में मेकर्स चाहते हैं कि फिल्म को थिएटर्स में पर्याप्त स्क्रीन और दर्शकों तक पहुंचने का बेहतर मौका मिले। कई फिल्मों के आसपास रिलीज होने के कारण 9 अक्टूबर का समय काफी व्यस्त माना जा रहा था। ऐसे में उड़ता तीर को 23 अक्टूबर को रिलीज करने का फैसला लिया गया है।

    हालांकि फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ने की चर्चा के बीच दृश्यम 3 की कमाई को भी एक महत्वपूर्ण वजह माना जा रहा है। दृश्यम 3 की जबरदस्त शुरुआत के कारण सिनेमाघरों में इसके शो और दर्शकों की मांग पर नजर बनी हुई है। ऐसे माहौल में नई फिल्म के लिए पर्याप्त स्क्रीन हासिल करना चुनौती बन सकता है। यही वजह है कि उड़ता तीर की टीम ने रिलीज को आगे बढ़ाकर एक अलग रिलीज विंडो चुनने का फैसला किया है।

    उड़ता तीर में आयुष्मान खुराना एक अलग तरह के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में वह एक पाकिस्तानी जासूस की भूमिका निभा रहे हैं जिसकी याददाश्त चली जाती है। कहानी में कॉमेडी के साथ स्पाई एंगल भी देखने को मिलेगा। सारा अली खान भी फिल्म का अहम हिस्सा हैं। फिल्म का निर्देशन आकाश ए कौशिक ने किया है और यह उनके निर्देशन में पहली फिल्म बताई जा रही है।

    उड़ता तीर की रिलीज इससे पहले भी बदली जा चुकी है। अब 23 अक्टूबर की नई तारीख के साथ मेकर्स को उम्मीद है कि फिल्म को सिनेमाघरों में बेहतर जगह मिल सकेगी और दर्शकों तक ज्यादा प्रभावी तरीके से पहुंचा जा सकेगा। वहीं दृश्यम 3 की शानदार शुरुआत के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इसका बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन कितना आगे जाता है और 23 अक्टूबर को रिलीज होने वाली उड़ता तीर दर्शकों के बीच कैसी शुरुआत करती है।