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  • गोविंदा-कोमल रानी विवाद में आया नया मोड़, दिव्या खोसला ने सिंदूर और धार्मिक स्थल को लेकर रखी बात

    गोविंदा-कोमल रानी विवाद में आया नया मोड़, दिव्या खोसला ने सिंदूर और धार्मिक स्थल को लेकर रखी बात


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की निजी जिंदगी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब अभिनेत्री दिव्या खोसला की प्रतिक्रिया सामने आई है। दिव्या ने गोविंदा के साथ सार्वजनिक रूप से नजर आईं कोमल रानी स्वर्णकार को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं। मामला उस समय और चर्चा में आ गया जब दोनों को लालबागचा राजा के दर्शन करते हुए साथ देखा गया। दिव्या ने खासतौर पर कोमल रानी की मांग में नजर आ रहे सिंदूर को लेकर सवाल किया और धार्मिक स्थल पर इस तरह नजर आने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

    दिव्या खोसला ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपनी निजी जिंदगी में क्या करता है यह उसकी व्यक्तिगत पसंद हो सकती है लेकिन समाज में कुछ सीमाएं बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने लालबागचा राजा में गोविंदा के साथ कोमल रानी के नजर आने का जिक्र करते हुए कहा कि धार्मिक जगह पर उनकी मांग में सिंदूर दिखाई देने से मीडिया में दोनों को लेकर चर्चाओं को और हवा मिली।

    दिव्या ने अपनी पोस्ट में कोमल रानी से यह भी सवाल किया कि क्या वह सिंदूर के महत्व को समझती हैं। उन्होंने सिंदूर को हिंदू विवाहित महिलाओं से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रतीक के तौर पर पेश किया। दिव्या का कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़ी चीजों को निजी विवादों या किसी कथित एजेंडे का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसे लोगों पर भी सवाल उठाए जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम का समर्थन किया है।

    यह पूरा विवाद गोविंदा और कोमल रानी स्वर्णकार के कथित रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सामने आया है। कोमल रानी का नाम पिछले कुछ समय से अभिनेता गोविंदा के साथ जोड़ा जा रहा है। हालांकि गोविंदा इन अटकलों के बीच कोमल के साथ किसी रोमांटिक रिश्ते की बात से इनकार कर चुके हैं। उन्होंने ऐसी चर्चाओं को अपनी छवि खराब करने की कोशिश बताया है।

    वहीं गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा की ओर से भी अपने वैवाहिक जीवन को लेकर भावुक बयान सामने आ चुके हैं। इसी वजह से अभिनेता की निजी जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चाएं तेज हैं। लालबागचा राजा में गोविंदा और कोमल रानी को एक साथ देखे जाने के बाद इन चर्चाओं को फिर से जोर मिला।

    दिव्या खोसला पहले भी इस मामले में सुनीता आहूजा का समर्थन कर चुकी हैं। उन्होंने सुनीता के पक्ष में बोलते हुए कहा था कि उन्होंने परिवार के लिए काफी कुछ किया और बच्चों की परवरिश में अहम भूमिका निभाई। दिव्या ने यह भी कहा था कि किसी की निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाने से बचना चाहिए।

    अब दिव्या की नई पोस्ट में सिंदूर और धार्मिक स्थल का जिक्र आने के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। हालांकि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और आरोपों के बीच गोविंदा और कोमल रानी के रिश्ते को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार गोविंदा ने रोमांटिक रिश्ते की अटकलों से इनकार किया है। फिलहाल दिव्या की टिप्पणी ने इस पूरे विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ओवरथ्रो से लेकर रन आउट तक…. ICC ने किया कई नियमों में बदलाव

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ओवरथ्रो से लेकर रन आउट तक…. ICC ने किया कई नियमों में बदलाव


    नई दिल्ली।
    इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (International Cricket Council- ICC) ने इंटरनेशनल क्रिकेट (International Cricket) में 1 अक्टूबर (गुरुवार) 2026 से कई नए प्लेइंग कंडीशन्स (New playing conditions) लागू किए गए हैं. हालांकि, जो सीरीज पहले से चल रही हैं, उनमें पुराने नियम ही लागू रहेंगे।


    1. बल्लेबाज ने समय गंवाया तो 5 रन की पेनल्टी

    अगर बल्लेबाज निर्धारित समय के अंदर अगली गेंद खेलने के लिए तैयार नहीं होता है, तो
    – पहली गलती पर चेतावनी
    – दूसरी गलती पर अंतिम चेतावनी
    – तीसरी और उसके बाद हर गलती पर गेंदबाजी करने वाली टीम को 5 पेनल्टी रन


    2. दिन के टेस्ट में पिंक बॉल का ट्रायल

    अब आपसी सहमति से दिन में खेले जाने वाले टेस्ट मैचों में पिंक बॉल का इस्तेमाल ट्रायल के तौर पर किया जा सकता है. इसका उद्देश्य खराब रोशनी के कारण खेल रुकने की संभावना को कम करना है.

    हालांकि, पिंक बॉल के इस्तेमाल का फैसला टेस्ट शुरू होने से पहले करना होगा. मैच शुरू होने के बाद रेड बॉल से पिंक बॉल या पिंक बॉल से रेड बॉल में बदलाव नहीं किया जा सकता.


    3. महिला क्रिकेट की गेंद के आकार और वजन के नियम सख्त

    महिला और जूनियर क्रिकेट में गेंद के आकार और वजन को लेकर नए नियम बनाए गए हैं. अब पुरुष, महिला और जूनियर क्रिकेट के लिए तीन अलग-अलग आकार और वजन निर्धारित किए गए हैं.


    4. ओवरथ्रो की परिभाषा स्पष्ट

    अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ओवरथ्रो कब माना जाएगा. अगर कोई फील्डर गेंद को स्टंप की दिशा में फेंकता है ताकि रन रोका जा सके या रन आउट किया जा सके, तो यह ओवरथ्रो माना जाएगा. लेकिन केवल गेंद को रोकने या दूसरे फील्डर को पास करने की कोशिश में हुई मिस्फील्ड को ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा.


    5. गेंद कब स्थिर मानी जाएगी?

    अब अंपायर को यह तय करने में ज्यादा अधिकार होगा कि गेंद आखिरकार स्थिर हो गई है या नहीं. गेंद का बॉलर या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं होगा. यह नियम खासकर करीबी मुकाबलों में महत्वपूर्ण हो सकता है, जैसे मैच की आखिरी गेंद पर.


    6. रन आउट और स्टंपिंग में फील्डर का पूरा कंट्रोल जरूरी

    अगर फील्डर गेंद को पकड़कर स्टंप गिराता है, तो उसके पास गेंद पर पूरा नियंत्रण होना जरूरी होगा. सिर्फ हाथ से गेंद को छूना और उसी दौरान स्टंप गिर जाना पर्याप्त नहीं माना जाएगा.


    कब से लागू होंगे नए नियम?
    ये बदलाव 1 अक्टूबर 2026 या उसके बाद शुरू होने वाली इंटरनेशनल सीरीज में लागू होंगे. जो सीरीज 1 अक्टूबर से पहले शुरू हो चुकी हैं, वे पुराने प्लेइंग कंडीशन्स के तहत जारी रहेंगी. नए नियमों का फोकस खास तौर पर खेल की गति बढ़ाने, समय बर्बाद रोकने, गेंद के आकार और वजन को स्पष्ट करने और फील्डिंग से जुड़े नियमों में भ्रम दूर करने पर है.

  • कैंसर के महंगे इलाज पर लगेगी लगाम…, जांच से लेकर दवाओं तक के लिए तैयार हो रहा नया मानक रोडमैप

    कैंसर के महंगे इलाज पर लगेगी लगाम…, जांच से लेकर दवाओं तक के लिए तैयार हो रहा नया मानक रोडमैप


    नई दिल्ली।
    देश में कैंसर (Cancer) के महंगे इलाज (Expensive Medical Treatments) और जीवनरक्षक दवाओं (Life-saving Medicines) की भारी कीमतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की सख्त टिप्पणियों और संसद की स्थायी समिति के मंथन के बाद केंद्र सरकार ने इस दिशा में निर्णायक कदम उठाने की तैयारी कर ली है। केंद्र सरकार अब कैंसर की प्राथमिक जांच, आधुनिक तकनीक और दवाओं के सटीक इस्तेमाल के लिए एक व्यापक व मानक रोडमैप तैयार कर रही है।

    इस नीति का मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि किस कैंसर में कौन-सी जांच, थेरेपी और दवा सबसे प्रभावी व जरूरी है, ताकि मरीजों को गैर-जरूरी महंगे जांच से बचाया जा सके। स्वास्थ्य मंत्रालय प्रस्तावित रोडमैप के तहत कैंसर के हर चरण के लिए मानक उपचार प्रोटोकॉल को नए सिरे से अपडेट कर रहा है। देखा गया है कि सटीक दिशानिर्देश के अभाव में मरीजों को ऐसी महंगी दवाएं या जांच लिख दी जाती हैं, जिनका प्रभाव सीमित होता है।

    नई व्यवस्था में तथ्य आधारित इलाज को अनिवार्य बनाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज की प्रक्रिया पारदर्शी, तर्कसंगत और मरीज की जेब के अनुकूल हो। कुल मिलाकर दवा, तकनीक या मशीनों को तैयार करने में होने वाले खर्च और आम लोगों तक उसके पहुंचने की कीमत की समीक्षा होगी।


    हर जिले में विशेष जांच केंद्र

    सरकार की योजना में कैंसर की जांच को गांवों तक ले जाने पर जोर है। इसके तहत जिला स्तर पर प्राथमिक स्क्रीनिंग तकनीकों का विस्तार किया जाएगा, जिससे शुरुआती चरण में ही बीमारी की पहचान कर इलाज के कुल खर्च को कम किया जा सके। इसके लिए हर जिले के सरकारी अस्पताल में कैंसर की जांच के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए जाएंगे। स्तन, मुंह और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की जांच के लिए एआई आधारित तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। जांच रिपोर्ट तैयार करने में एआई आधारित टेली-पैथोलॉजी और डिजिटल पैथोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाने की भी योजना है।


    जांच व इलाज की लागत का आकलन

    हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट इन इंडिया (एचटीएआईएन) के जरिये अलग-अलग जांच और इलाज की लागत-प्रभाविता का आकलन किया जाएगा। हाल ही में स्वास्थ्य संबंधी संसद की स्थायी समिति के सामने भी इस पर चर्चा हुई थी। कैंसर की दवाओं का भी इसी आधार पर आकलन होगा। देखा जाएगा कि कौन-सी दवा किस तरह के कैंसर में ज्यादा उपयोगी है।

  • MP: HC का बड़ा फैसला….कहा- OBC क्रीमी लेयर में शामिल होने का आधार सिर्फ वेतन नहीं

    MP: HC का बड़ा फैसला….कहा- OBC क्रीमी लेयर में शामिल होने का आधार सिर्फ वेतन नहीं


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में हाईकोर्ट (High Court) की ग्वालियर बेंच (Gwalior Bench) ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) क्रीमी लेयर (Creamy layer) को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को OBC क्रीमी लेयर में शामिल करने के लिए सिर्फ वेतन से होने वाली आय को आधार नहीं बनाया जा सकता। क्रीमी लेयर निर्धारित करते समय माता-पिता का पद, उनकी सेवा की प्रकृति, सेवा काल और सामाजिक परिस्थितियों समेत अन्य प्रासंगिक पहलुओं पर भी विचार करना होगा।

    यह मामला सिविल जज की बेटी रागिनी राठौर की याचिका से जुड़ा है। रागिनी ने OBC प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। स्थानीय सक्षम अधिकारियों ने उनके आवेदन को निरस्त कर दिया था। आवेदन खारिज करने के पीछे उनके पिता की करीब 16 लाख रुपए सालाना आय को आधार बनाया गया था। अधिकारियों की ओर से OBC क्रीमी लेयर के लिए निर्धारित 8 लाख रुपए की आय सीमा का हवाला दिया गया था। इसके बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।


    कोर्ट बोला- तय करते वक्त यह देखना जरूरी

    मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि क्रीमी लेयर तय करने के लिए आय का आकलन करते समय यह देखना जरूरी है कि आय किस स्रोत से प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही माता-पिता का पद, सेवा की स्थिति और अन्य परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण हैं। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का भी हवाला दिया, जिनमें केवल वेतन के आधार पर क्रीमी लेयर निर्धारित करने को लेकर आपत्ति जताई गई थी।

    ‘छह सप्ताह के भीतर दोबारा विचार करें’
    फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित सक्षम अधिकारी को निर्देश दिया है कि रागिनी राठौर के OBC प्रमाणपत्र के आवेदन पर छह सप्ताह के भीतर दोबारा विचार किया जाए। अधिकारी को सभी प्रासंगिक पहलुओं की जांच करने के बाद स्पष्ट और कारणयुक्त आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।


    ‘क्रीमी लेयर की मौजूदा आय सीमा में कोई बदलाव नहीं’

    इस फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि हाईकोर्ट के आदेश से OBC आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था या क्रीमी लेयर की आय सीमा में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कोर्ट ने किसी नई आय सीमा को लागू नहीं किया है, बल्कि क्रीमी लेयर के निर्धारण की प्रक्रिया में सभी जरूरी पहलुओं को ध्यान में रखने की बात कही है।

    फैसले के बाद अब OBC प्रमाणपत्र और क्रीमी लेयर से जुड़े मामलों में केवल आय का आंकड़ा देखने के बजाय संबंधित व्यक्ति की सामाजिक और सेवा संबंधी परिस्थितियों पर भी विचार करना होगा।

  • मोहम्मद दीपक की गिरफ्तारी से बढ़ी हलचल, साड़ी दुकान पर विवाद के बाद कोतवाली में पुलिस का पहरा

    मोहम्मद दीपक की गिरफ्तारी से बढ़ी हलचल, साड़ी दुकान पर विवाद के बाद कोतवाली में पुलिस का पहरा


    नई दिल्ली। उत्तराखंड के कोटद्वार में मोहम्मद दीपक नाम से चर्चित दीपक कुमार एक बार फिर विवाद को लेकर चर्चा में हैं। फेसबुक पर किए गए कमेंट से शुरू हुआ विवाद गंगा दत्त जोशी मार्ग स्थित एक साड़ी की दुकान तक पहुंच गया। व्यापारी की शिकायत के बाद पुलिस ने दीपक कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। घटना के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोटद्वार कोतवाली में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

    रिपोर्टों के मुताबिक पूरा विवाद मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण से जुड़े घटनाक्रम पर सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट और उस पर आए कमेंट से शुरू हुआ। दीपक कुमार ने इस मामले से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद गंगादत्त जोशी मार्ग स्थित राधिका गारमेंट्स के संचालक संजीव टांक की ओर से उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी गई। व्यापारी का आरोप है कि इसी कमेंट को लेकर दीपक कुमार नाराज हुए और गुरुवार सुबह उनकी दुकान पर पहुंचे।

    व्यापारी ने पुलिस को दी शिकायत में दीपक कुमार पर अभद्रता और गाली गलौज करने के साथ धमकी देने के आरोप लगाए। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक व्यापारी ने हाथापाई का भी आरोप लगाया है। दूसरी ओर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर दीपक कुमार को हिरासत में लिया। उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस कार्रवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।

    दीपक की गिरफ्तारी की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी और भाजपा संगठन से जुड़े लोग कोटद्वार कोतवाली पहुंचे। वहां नारेबाजी की स्थिति बनने के बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया। माहौल को नियंत्रित रखने के लिए कोटद्वार में पुलिस की ओर से फ्लैग मार्च भी किया गया। पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

    दीपक कुमार इससे पहले जनवरी 2026 में एक वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आए थे। रिपोर्टों के अनुसार 26 जनवरी को कोटद्वार में एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार से जुड़े विवाद के दौरान दीपक उनके समर्थन में सामने आए थे। इसी दौरान नाम पूछे जाने पर उन्होंने खुद को मोहम्मद दीपक बताया था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वह इसी नाम से चर्चा में आ गए। बाद में इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों में दीपक की पहचान दीपक कुमार कश्यप के रूप में बताई गई है और उन्हें कोटद्वार में जिम संचालक बताया गया था।

    जनवरी की घटना के बाद विवाद कानूनी और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा में रहा। अब अक्टूबर में सामने आए नए मामले ने दीपक कुमार को फिर सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल पुलिस व्यापारी की शिकायत और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की बात पुलिस रिपोर्ट में कही गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

  • Pitru Paksha 2026: अचानक सपने में दिखे पितर और मांगने लगे पानी या भोजन तो क्या है इसका मतलब जानिए धार्मिक मान्यता

    Pitru Paksha 2026: अचानक सपने में दिखे पितर और मांगने लगे पानी या भोजन तो क्या है इसका मतलब जानिए धार्मिक मान्यता


    नई दिल्ली। पितृ पक्ष को हिंदू धर्म में पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का विशेष समय माना जाता है। इस दौरान लोग अपने पितरों की आत्मिक शांति के लिए श्राद्ध तर्पण और पिंडदान जैसे कर्म करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों का स्मरण करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसी वजह से इस अवधि में आने वाले सपनों को लेकर भी लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं। स्वप्न शास्त्र में पूर्वजों से जुड़े सपनों के अलग अलग अर्थ बताए गए हैं। हालांकि इन अर्थों को धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

    अगर पितृ पक्ष के दौरान सपने में कोई पूर्वज मुस्कुराते हुए दिखाई दें तो धार्मिक मान्यता में इसे शुभ संकेत माना जाता है। कहा जाता है कि पूर्वजों का प्रसन्न अवस्था में दिखाई देना उनके आशीर्वाद और संतुष्टि का प्रतीक हो सकता है। ऐसी मान्यता है कि इससे व्यक्ति को अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और परिवार के बुजुर्गों के आशीर्वाद का भाव मिलता है।

    इसके विपरीत यदि सपने में पूर्वज रोते हुए या दुखी दिखाई दें तो इसे धार्मिक मान्यताओं में चिंता का संकेत माना जाता है। ऐसी स्थिति को पितरों की ओर से ध्यान आकर्षित करने वाला संकेत बताया जाता है। मान्यता के अनुसार परिवार को अपने पूर्वजों का स्मरण करना चाहिए और उनकी शांति के लिए श्राद्ध तर्पण तथा दान जैसे धार्मिक कर्म करने चाहिए।

    कई लोगों को सपने में अपने पूर्वज भोजन या पानी मांगते हुए भी दिखाई देते हैं। स्वप्न शास्त्र से जुड़ी मान्यताओं में इसे महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। ऐसी स्थिति में पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों के नाम से तर्पण करने और अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन या दान देने की परंपरा बताई जाती है। ब्राह्मण भोजन कराने की परंपरा का भी उल्लेख धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं में मिलता है।

    कभी कभी सपने में व्यक्ति अपने किसी दिवंगत परिजन के साथ बातचीत करता हुआ दिखाई देता है। स्वप्न शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार ऐसे सपने किसी आने वाली उलझन या जीवन में चल रही चिंता से जोड़कर देखे जाते हैं। हालांकि ऐसे सपने आने पर डरने की जरूरत नहीं मानी जाती। धार्मिक दृष्टि से इस समय पितरों का स्मरण करना और उनके निमित्त दान तर्पण जैसे कर्म करना शुभ माना जाता है।

    पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों से जुड़े सपनों को लेकर लोगों की आस्था काफी गहरी होती है। किसी को अपने दिवंगत माता पिता दिखाई देते हैं तो किसी को दादा दादी या परिवार के दूसरे बुजुर्ग सपने में नजर आते हैं। इन सपनों का वास्तविक कारण व्यक्ति की यादें भावनाएं और मानसिक स्थिति भी हो सकती है। इसलिए इन्हें निश्चित भविष्यवाणी के तौर पर नहीं लेना चाहिए।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृ पक्ष का मूल उद्देश्य अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करना और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना है। ऐसे में सपने में पूर्वज दिखाई दें तो घबराने के बजाय अपनी परंपरा और आस्था के अनुसार उनका स्मरण करना तर्पण करना तथा जरूरतमंदों की सहायता करना एक सकारात्मक भाव माना जाता है।

  • सऊदी अरब पर हूतियों के हमले जारी…. मक्का के बाद अब मदीना में पावर स्टेशन पर अटैक…

    सऊदी अरब पर हूतियों के हमले जारी…. मक्का के बाद अब मदीना में पावर स्टेशन पर अटैक…


    दुबई।
    मुसलमानों (Muslims) के सबसे पवित्र स्थलों में से एक मक्का (Mecca) पर हमले के बाद अब सऊदी अरब (Saudi Arabia) के मदीना (Medina) पर हमले की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यमन के हूती विद्रोहियों ने मदीना (Medina) पर एक बड़ा हमला किया है। सऊदी की सैन्य गठबंधन ने बताया है कि हमला मदीना स्थित ताइबा पावर डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन (Taiba Power Distribution Station) पर हुआ और हूती विद्रोहियों ने इसे ड्रोन के जरिए निशाना बनाया। अहम बात यह है कि यह पावर स्टेशन सीधे तौर पर ‘मस्जिद-ए-नबवी’ मस्जिद को बिजली की आपूर्ति करता है।

    सऊदी सेना के एक प्रवक्ता ने सोशल मीडिया एक्स पर हमले का आरोप लगाया है। पर उन्होंने बताया कि यह हमला बीते मंगलवार को हुआ। ड्रोन हमले में एक ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, पावर नेटवर्क को तुरंत बहाल कर दिया गया और इसलिए बिजली सेवा पर ज्यादा असर नहीं पड़ा।


    दोनों पवित्र मस्जिदों पर हमले की कोशिश

    सऊदी की गठबंधन ने हूती विद्रोहियों के इस कदम की कड़ी निंदा की है। प्रवक्ता अल-मल्की ने कहा कि यह हमला दोनों पवित्र मस्जिदों को निशाना बनाने की कोशिशों का हिस्सा है। गौरतलब है कि इससे पहले बीते महीने हुती विद्रोहियों द्वारा मक्का को भी निशाना बनाने की खबरें सामने आई थीं। कथित तौर पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के मक्का को निशाना बनाने की कोशिश की और ड्रोन हमले किए। इसके बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया था। भारत समेत कई देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की थी।


    बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की खबर

    मदीना हमले के अलावा, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के अन्य हिस्सों पर भी ताबड़तोड़ हमले किए हैं। बीते गुरुवार को सऊदी की एयर डिफेंस सिस्टम ने लाल सागर तट के पास खमिस मुशैत और जाज़ान में दो बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया। सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक खमिस मुशैत में मिसाइल और ड्रोन के मलबे गिरने के कारण कई इमारतों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है।


    आतंक मचा रहे हूती

    हूती विद्रोहियों के इन बढ़ते हमलों ने क्षेत्र में तनाव भड़का दिया है। समूह ने यमन में लाल सागर की तटरेखा और रणनीतिक रूप से बेहद अहम बाब अल-मंडेब स्ट्रेट के द्वीपों पर लगभग नियंत्रण कर लिया है। हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका और ईरान युद्ध की वजह से होर्मुज पहले से ही ठप पड़ा है। ऐसे में वैश्विक तेल आपूर्ति दबाव में है। अब बाब अल-मंडेब पर हमलों से मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

  • दुबई से लंदन के लिए उड़ा विमान… मिला इमरजेंसी अलर्ट, रास्ता बदलकर भेजा फ्रैंकफर्ट

    दुबई से लंदन के लिए उड़ा विमान… मिला इमरजेंसी अलर्ट, रास्ता बदलकर भेजा फ्रैंकफर्ट


    दुबई।
    दुबई (Dubai) से तेल अवीव (Tel Aviv) जाने वाली फ्लाइट में हुई घटना को लेकर दुनिया भर में चर्चा जारी है। इसी बीच दुबई से लंदन (London) के लिए उड़ान भरने वाली एक फ्लाइट ने भी हवा में ही इमरजेंसी अलर्ट (Emergency Alert) जारी किया। इसके बाद उसका रास्ता बदलकर उसे फ्रैंकफर्ट भेज दिया गया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक एमिरेट्स की फ्लाइल नंबर EK31 (UAE4PY) दुबई से 11.25 सुबह रवाना हुई थी। उसने शुरुआत में इमरजेंसी अलर्ट भेजा। इसके बाद फ्रैंकफर्ट के पास नीचे उतरना शुरू किया। एयरलाइंस की तरफ से बताया गया कि यह इमरजेंसी अलर्ट फ्लाइट में मौजूद एक यात्री की मेडीकल कंडीशन को देखते हुए दिया गया था।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में यह विमान फ्रैंकफर्ट में ही मौजूद है। यहां से यह हीथ्रो एयरपोर्ट के लिए रवाना होगा।


    पायलट ने भेजा था स्क्वॉक कोड 7700

    रिपोर्ट्स के मुताबिक इमिरेट्स फ्लाइट ने स्क्वॉक कोड 770 का इस्तेमाल किया था। यह एक इंटरनेशनल यूनिवर्सल ट्रांसपोंडर सिग्नल है, जिसका इस्तेमाल पायलट अपनी इमरजेंसी की स्थिति को बताने के लिए करते हैं। इससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के रडार पर तुरंत विमान की पहचान हो जाती है। इसके बाद कंट्रोलर्स को बिना किसी रेडियो कॉल के असामान्य स्थिति के बारे में जानकारी मिल जाती है। इसके बाद फ्लाइट को प्राथमिकता वाला रूट, आस-पास के ट्रैफिक से क्लीयरेंस और सबसे पास की सही लैंडिंग साइट तक तेजी से पहुँचने के लिए निर्देश मिलते हैं।

  • मानसून की विदाई के बाद भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी… आज इन राज्यों में अलर्ट

    मानसून की विदाई के बाद भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी… आज इन राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    मानसून (Monsoon) की विदाई कई राज्यों में हो गई है. लेकिन बारिश का सिलसिला है कि अभी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज (Weather Conditions) बिगड़ सकता है. बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के आसपास सक्रिय हुए मौसमी हलचल का असर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों के साथ उत्तर भारत में भी देखने को मिलेगा। बंगाल की खाड़ी में एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव हो गया है। इसलिए 2 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में मौसम अचानक करवट ले सकता है।

    मौसम विभाग (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास बनी मौसमी हलचल का असर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक दिखाई देने की संभावना है. मौसम विभाग ने दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है. कुछ इलाकों में तेज हवाओं के झोंके 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का दौर परेशान कर सकता है. उत्तराखंड में तेज हवा के साथ भारी बारिश की चेतावनी है. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी कई इलाकों में मौसम बिगड़ने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी मौसमी गतिविधियां बनी रहेंगी. अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है. असम से लेकर त्रिपुरा तक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. दक्षिण भारत में केरल और माहे से लेकर तमिलनाडु और लक्षद्वीप तक तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी के आसपास की सक्रियता का असर पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल सकता है. उत्तरपूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. उत्तरी तटीय तमिलनाडु और आसपास भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है. ऐसे में 2 अक्टूबर को कई राज्यों में लोगों को बारिश के साथ तेज हवा और बिजली से भी सतर्क रहना होगा।


    यूपी में 2 अक्टूबर को बारिश के साथ तेज आंधी बढ़ाएगी परेशानी

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 2 अक्टूबर को मौसम खराब रहने की संभावना है. मेरठ, आगरा, मथुरा, गाजियाबाद, बहराइच, गोंडा, कानपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, उन्नाव, कन्नौज, सीतापुर, फर्रुखाबाद, बरेली, एटा, फिरोजाबाद, कासगंज, मैनपुरी, रामपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और देवरिया में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है.


    बिहार में 2 अक्टूबर को बारिश और आंधी का दोहरा अलर्ट

    बिहार के कई हिस्सों में 2 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ तेज आंधी की चेतावनी है. पटना, गया, जहानाबाद, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, भागलपुर, मुंगेर और कटिहार में मौसम खराब रह सकता है. यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. सीमांचल के जिलों में बिजली चमकने और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा. पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।


    झारखंड में 2 अक्टूबर को 50 KM की आंधी के साथ बरसेंगे बादल

    झारखंड में 2 और 3 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहने वाला है. गुमला, गढ़वा, सिमडेगा, रांची, धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, हजारीबाग, पलामू और जमशेदपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. रांची में 2 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश और तेज हवा के कारण स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित हो सकता है.


    पश्चिम बंगाल में 2 अक्टूबर को भी बढ़ेगी गरज-चमक वाली बारिश

    पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के आसपास भी मौसमी गतिविधियां बनी रहने की संभावना है. बंगाल की खाड़ी के आसपास सक्रिय मौसमी प्रणाली का असर पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल सकता है. अगले करीब 12 घंटे तक इसके प्रभाव में मौसम में हलचल बनी रहने का अनुमान है. राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. पूर्वी भारत के आसपास बिजली गिरने की गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं।


    राजस्थान में 2 अक्टूबर को कई जिलों में आंधी के साथ बारिश

    राजस्थान में भी 2 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा. भीलवाड़ा, टोंक, सवाई माधोपुर, बारां, कोटा, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, जयपुर, अजमेर और उदयपुर में बारिश और आंधी की चेतावनी है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. जयपुर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. तेज हवा के साथ बारिश होने पर तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है. कई इलाकों में अचानक मौसम बदलने की स्थिति बन सकती है।


    मध्य प्रदेश में 2 अक्टूबर को बारिश के साथ चलेंगे तेज हवा के झोंके

    मध्य प्रदेश के कई जिलों में 2 अक्टूबर को बारिश और आंधी की संभावना है. देवास, होशंगाबाद, भोपाल, इंदौर, खंडवा, गुना, मुरैना, अशोकनगर, नीमच, उमरिया, छिंदवाड़ा, कटनी और पन्ना में मौसम सक्रिय रह सकता है. यहां करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलने का अनुमान है. भोपाल में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. बारिश के दौरान गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।


    पंजाब में 2 अक्टूबर को बारिश और तेज हवा से बदलेगा मौसम

    पंजाब में 2 अक्टूबर को कई जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है. पठानकोट, बरनाला, चंडीगढ़, जालंधर, अमृतसर, पटियाला, गुरदासपुर और लुधियाना में मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवा की चेतावनी दी है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बारिश के साथ तेज झोंके चलने से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

    हरियाणा में भी मानसून की विदाई के बीच मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा. आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों से आने वाली मौसमी गतिविधियों का असर देखने को मिल सकता है. बारिश और तेज हवा के दौरान स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है. ऐसे में वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी होगी. खासकर तेज हवा के दौरान खुले इलाकों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।


    हिमाचल में 2 अक्टूबर को बारिश के साथ तेज हवाओं का असर

    हिमाचल प्रदेश में भी 2 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहने वाला है. सोलन, बिलासपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. मनाली में अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ ठंड बढ़ सकती है. पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वालों को मौसम में अचानक बदलाव को ध्यान में रखना होगा।


    जम्मू-कश्मीर में भी 2 अक्टूबर को बारिश और आंधी का अलर्ट

    जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में 2 अक्टूबर को बारिश और तेज हवा की संभावना है. राजौरी, अनंतनाग, बारामूला, पुंछ, रामबन, कठुआ, डोडा और सांबा में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. श्रीनगर में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।


    पूर्वोत्तर में 2 अक्टूबर को भारी बारिश का साया

    पूर्वोत्तर भारत में भी 2 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहेगा. अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है. उत्तरपूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसी वजह से इस क्षेत्र में बादलों की गतिविधि बढ़ सकती है।


    दक्षिण भारत में 2 अक्टूबर को 50 KM की रफ्तार से चल सकती है हवा

    दक्षिण भारत के तटीय और द्वीपीय इलाकों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है. केरल और माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चल सकते हैं. उत्तरी तटीय तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसके असर से बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. तमिलनाडु और आसपास के तटीय क्षेत्रों में अचानक तेज हवा और बारिश की स्थिति बन सकती है।

  • नन्ही पोती के आने से सिद्धू परिवार में खुशी, आर्या नाम का मतलब जानकर आप भी कहेंगे बेहद खास

    नन्ही पोती के आने से सिद्धू परिवार में खुशी, आर्या नाम का मतलब जानकर आप भी कहेंगे बेहद खास


    नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर और राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू के परिवार में इन दिनों खुशियों का माहौल है। सिद्धू दादा बन गए हैं। उनके बेटे करण सिद्धू और बहू इनायत ने 1 अक्टूबर 2026 को एक नन्ही बेटी का स्वागत किया है। परिवार ने अपनी लाडली का नाम आर्या सिद्धू रखा है। नवरात्र के मौके से पहले घर आई इस नन्ही परी के आगमन की खुशी सिद्धू ने सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रशंसकों के साथ साझा की है।

    नवजोत सिंह सिद्धू ने इंस्टाग्राम पर एक खूबसूरत पोस्टर शेयर करके पोती के जन्म की जानकारी दी। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने परिवार में आई नई सदस्य का स्वागत किया और उसका नाम भी बताया। बेटी के जन्म के बाद करण और इनायत की जिंदगी में नया अध्याय शुरू हुआ है। वहीं दादा बनने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू की खुशी भी इस पोस्ट में साफ नजर आई।

    परिवार ने अपनी बेटी के लिए आर्या नाम चुना है। यह नाम छोटा होने के साथ ही भारतीय संस्कृति और संस्कृत परंपरा से जुड़ा हुआ माना जाता है। आर्या नाम संस्कृत के आर्य शब्द से लिया गया है। इसके अर्थ में श्रेष्ठ महान कुलीन आदरणीय और सम्मानित जैसे भाव शामिल माने जाते हैं। यही वजह है कि यह नाम लंबे समय से भारतीय परंपरा में विशेष महत्व रखता है।

    आर्या शब्द का इस्तेमाल ऐसी महिला के संदर्भ में भी किया जाता रहा है जो अपने गुणों और व्यवहार से सम्मान पाने योग्य हो। ऐसे में बच्ची के लिए यह नाम गरिमा और अच्छे संस्कारों से जुड़ा हुआ माना जाता है। नाम का अर्थ इसे और खास बनाता है क्योंकि इसमें सम्मान और श्रेष्ठता जैसे सकारात्मक भाव जुड़े हुए हैं।

    आर्या नाम को धार्मिक परंपराओं में देवी दुर्गा और माता पार्वती से भी जोड़ा जाता है। शक्ति और गरिमा के प्रतीक के रूप में इस नाम को देखा जाता है। इसी वजह से नन्ही बच्ची के लिए आर्या नाम का चुनाव धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी खास माना जा रहा है। नवरात्र से पहले परिवार में बेटी का आगमन और उसका देवी से जुड़ा नाम इस खबर को और दिलचस्प बना देता है।

    आज के समय में माता पिता बच्चों के लिए ऐसे नाम तलाशते हैं जो आधुनिक सुनाई दें लेकिन अपनी जड़ों और संस्कृति से भी जुड़े रहें। आर्या नाम में दोनों खूबियां नजर आती हैं। यह नाम बोलने में आसान है और छोटा होने के साथ इसका अर्थ भी प्रभावशाली है। इसमें सम्मान गरिमा शक्ति और श्रेष्ठता जैसे भाव जुड़े हुए हैं।

    नवजोत सिंह सिद्धू के परिवार के लिए यह पल बेहद खास है। बेटे करण और बहू इनायत के माता पिता बनने के साथ सिद्धू के परिवार में एक नई पीढ़ी का स्वागत हुआ है। सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के बाद परिवार को शुभकामनाएं मिलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। नन्ही आर्या के जन्म ने सिद्धू परिवार की खुशियों को और बढ़ा दिया है।