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  • जब एक अभिनेता बना 165 किरदारों की पूरी दुनिया, फिल्म के एक सीन में बहाई गई 12.5 लाख लीटर चॉकलेट

    जब एक अभिनेता बना 165 किरदारों की पूरी दुनिया, फिल्म के एक सीन में बहाई गई 12.5 लाख लीटर चॉकलेट


    नई दिल्ली । हॉलीवुड फिल्मों में शानदार विजुअल इफेक्ट्स और अनोखे प्रयोग अक्सर दर्शकों को हैरान कर देते हैं लेकिन साल 2005 में रिलीज हुई चार्ली एंड द चॉकलेट फैक्ट्री ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसे आज भी बेहद खास माना जाता है। आमतौर पर किसी अभिनेता के डबल रोल या ट्रिपल रोल की चर्चा होती है जबकि कई फिल्मों में दस तक किरदार निभाने के उदाहरण भी मिलते हैं। लेकिन इस फिल्म में अभिनेता दीप रॉय ने अकेले 165 अलग अलग किरदार निभाकर ऐसा इतिहास रच दिया जिसे दोहराना बेहद मुश्किल माना जाता है।

    दीप रॉय ने फिल्म में ऊम्पा लूम्पा नाम के छोटे कद वाले किरदार निभाए थे। फिल्म की कहानी में इन पात्रों की बड़ी भूमिका थी और निर्देशक टिम बर्टन चाहते थे कि सभी किरदार एक जैसे दिखाई दें लेकिन उनकी बॉडी लैंग्वेज और व्यवहार अलग अलग हो। एक जैसे दिखने वाले इतने कलाकार मिलना लगभग असंभव था इसलिए यह जिम्मेदारी दीप रॉय ने अपने कंधों पर उठाई।

    यह काम सुनने में जितना आसान लगता है वास्तव में उससे कहीं ज्यादा कठिन था। हर सीन के लिए दीप रॉय को अलग अलग एक्सप्रेशन अलग चाल अलग डांस स्टेप और अलग अभिनय करना पड़ता था। एक ही फ्रेम में कई ऊम्पा लूम्पा दिखाने के लिए उन्हें बार बार शूट किया गया और बाद में आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स की मदद से सभी शॉट्स को जोड़कर एक दृश्य तैयार किया गया। यही वजह है कि दर्शकों को ऐसा महसूस होता है जैसे दर्जनों कलाकार एक साथ स्क्रीन पर मौजूद हों जबकि वास्तव में हर किरदार दीप रॉय ने ही निभाया था।

    फिल्म का सबसे चर्चित दृश्य विशाल चॉकलेट नदी का था जिसने रिलीज के समय दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी थीं। इस दृश्य को वास्तविक और आकर्षक बनाने के लिए मेकर्स ने लगभग 12.5 लाख लीटर चॉकलेट मिश्रण का इस्तेमाल किया। यह सीन बच्चों और बड़ों दोनों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ और फिल्म की सबसे यादगार झलकियों में शामिल हो गया। सेट डिजाइन और विजुअल इफेक्ट्स के कारण यह दृश्य आज भी हॉलीवुड के बेहतरीन सिनेमाई प्रयोगों में गिना जाता है।

    चार्ली एंड द चॉकलेट फैक्ट्री बच्चों के लिए मनोरंजक फैंटेसी फिल्म जरूर है लेकिन इसकी कहानी में मेहनत ईमानदारी लालच और अच्छे व्यवहार जैसे कई सामाजिक संदेश भी छिपे हुए हैं। यही कारण है कि यह फिल्म सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं रही बल्कि हर उम्र के दर्शकों ने इसे पसंद किया। शानदार अभिनय आकर्षक सेट और बेहतरीन तकनीक ने इसे एक क्लासिक फिल्म का दर्जा दिलाया।

    दीप रॉय की मेहनत और समर्पण इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई। एक ही कलाकार द्वारा 165 किरदार निभाना केवल अभिनय की चुनौती नहीं बल्कि धैर्य तकनीकी समझ और लंबे समय तक लगातार काम करने का भी उदाहरण था। यही वजह है कि उनका यह रिकॉर्ड आज भी फिल्म जगत में अनोखा माना जाता है और चार्ली एंड द चॉकलेट फैक्ट्री को हॉलीवुड की सबसे यादगार फिल्मों में गिना जाता है।

  • महंगे प्रोडक्ट नहीं रोज की सही स्किन केयर दिलाएगी नैचुरल ग्लो जानिए त्वचा को स्वस्थ रखने के जरूरी नियम

    महंगे प्रोडक्ट नहीं रोज की सही स्किन केयर दिलाएगी नैचुरल ग्लो जानिए त्वचा को स्वस्थ रखने के जरूरी नियम


    नई दिल्ली। खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा केवल महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स से नहीं बल्कि सही और नियमित स्किन केयर रूटीन से मिलती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में धूल मिट्टी प्रदूषण तेज धूप और तनाव का सबसे ज्यादा असर हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। यदि रोजाना कुछ आसान आदतों को अपनाया जाए तो त्वचा लंबे समय तक साफ चमकदार और जवां बनी रह सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित स्किन केयर केवल सुंदरता ही नहीं बल्कि त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है।

    दिन की शुरुआत चेहरे की अच्छी सफाई से करें। सुबह उठने के बाद अपने स्किन टाइप के अनुसार हल्के फेसवॉश से चेहरा धोएं ताकि रातभर जमा अतिरिक्त तेल और गंदगी साफ हो जाए। इसके बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं जिससे त्वचा में नमी बनी रहे। यदि आप घर से बाहर निकल रहे हैं तो सनस्क्रीन लगाना बिल्कुल न भूलें। तेज धूप की अल्ट्रावायलेट किरणें समय से पहले झुर्रियां दाग धब्बे और टैनिंग का कारण बन सकती हैं।

    दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी स्वस्थ त्वचा के लिए जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर त्वचा बेजान और रूखी दिखाई देने लगती है। रोजाना पर्याप्त पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और त्वचा प्राकृतिक रूप से चमकदार बनी रहती है। इसके साथ ही मौसमी फल हरी सब्जियां सूखे मेवे और विटामिन सी से भरपूर आहार त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं।

    रात की स्किन केयर भी उतनी ही जरूरी होती है। सोने से पहले चेहरा अच्छी तरह साफ करें ताकि दिनभर की धूल मिट्टी मेकअप और प्रदूषण त्वचा से हट जाए। इसके बाद नाइट क्रीम या हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं जिससे त्वचा रातभर रिपेयर हो सके। यदि त्वचा पर मुंहासे या पिगमेंटेशन जैसी समस्या है तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह से ही कोई उपचार अपनाएं।

    सप्ताह में एक या दो बार चेहरे को हल्के स्क्रब से एक्सफोलिएट करना भी फायदेमंद माना जाता है। इससे त्वचा की मृत कोशिकाएं हटती हैं और नई कोशिकाओं का निर्माण बेहतर होता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा स्क्रब करने से त्वचा को नुकसान भी हो सकता है इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    तनाव और नींद की कमी भी त्वचा की चमक को प्रभावित करती है। रोजाना सात से आठ घंटे की अच्छी नींद लेने से त्वचा को आराम मिलता है और चेहरे पर प्राकृतिक निखार दिखाई देता है। योग ध्यान और हल्की एक्सरसाइज करने से रक्त संचार बेहतर होता है जिससे त्वचा स्वस्थ रहती है।

    धूम्रपान और अत्यधिक जंक फूड का सेवन त्वचा को समय से पहले बूढ़ा बना सकता है। इसलिए संतुलित जीवनशैली अपनाना भी स्किन केयर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। याद रखें कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी नए प्रोडक्ट का उपयोग करने से पहले उसकी गुणवत्ता और अपनी त्वचा की जरूरत को समझना जरूरी है।

    यदि रोजाना कुछ मिनट अपनी त्वचा की देखभाल के लिए निकाले जाएं तो बिना महंगे उपचार के भी लंबे समय तक स्वस्थ मुलायम और चमकदार त्वचा पाई जा सकती है। नियमित स्किन केयर और संतुलित खानपान ही प्राकृतिक सुंदरता का सबसे बड़ा राज माना जाता है।

  • जब महिलाओं की कहानियों ने रचा इतिहास, इन 6 फिल्मों ने कमाई के मामले में बनाए नए रिकॉर्ड

    जब महिलाओं की कहानियों ने रचा इतिहास, इन 6 फिल्मों ने कमाई के मामले में बनाए नए रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा में लंबे समय तक यह धारणा रही कि बड़ी कमाई सिर्फ हीरो केंद्रित फिल्में ही कर सकती हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षों में महिला केंद्रित फिल्मों ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। दमदार कहानी मजबूत अभिनय और भावनात्मक जुड़ाव के दम पर कई ऐसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की जिनकी पूरी कहानी महिला किरदारों के इर्दगिर्द घूमती है। इन फिल्मों ने न केवल दर्शकों का दिल जीता बल्कि कमाई के मामले में भी नए रिकॉर्ड बनाए।

    इस सूची में सबसे ऊपर साल 2017 में रिलीज हुई सीक्रेट सुपरस्टार का नाम आता है। आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म की कहानी एक ऐसी किशोरी की है जो गायिका बनने का सपना देखती है लेकिन पारिवारिक बंदिशों के कारण अपनी पहचान छिपाकर सोशल मीडिया के जरिए दुनिया तक पहुंचती है। बेहद सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में करीब 966 करोड़ रुपये का कारोबार कर सभी को चौंका दिया और महिला केंद्रित फिल्मों की सबसे बड़ी सफलताओं में शामिल हो गई।

    दूसरे स्थान पर स्त्री 2 है जिसने साल 2024 में रिलीज होकर बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार प्रदर्शन किया। हॉरर कॉमेडी शैली की इस फिल्म में श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। महिला शक्ति और मनोरंजन के अनोखे मिश्रण वाली इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 874 करोड़ रुपये का कारोबार किया और साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में जगह बनाई।

    संजय लीला भंसाली की भव्य फिल्म पद्मावत भी इस सूची में शामिल है। रानी पद्मावती के साहस और सम्मान की कहानी पर आधारित इस फिल्म में दीपिका पादुकोण ने मुख्य भूमिका निभाई थी। शानदार विजुअल्स और दमदार अभिनय से सजी इस फिल्म ने वैश्विक स्तर पर लगभग 572 करोड़ रुपये की कमाई की और दर्शकों का भरपूर प्यार हासिल किया।

    विवादों के बावजूद द केरल स्टोरी ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। फिल्म की कहानी और विषय को लेकर खूब बहस हुई लेकिन दर्शकों की दिलचस्पी ने इसे बड़ी सफलता दिलाई। इस फिल्म ने दुनिया भर में करीब 303 करोड़ रुपये का कारोबार किया और कम बजट की सबसे सफल फिल्मों में अपना नाम दर्ज कराया।

    कंगना रनौत और आर माधवन की तनु वेड्स मनु रिटर्न्स ने भी महिला केंद्रित फिल्मों की सफलता को नई ऊंचाई दी। कंगना ने फिल्म में दोहरी भूमिका निभाकर दर्शकों और समीक्षकों दोनों की तारीफ बटोरी। रोमांस और कॉमेडी से भरपूर इस फिल्म ने वैश्विक स्तर पर 252 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की और सुपरहिट साबित हुई।

    आलिया भट्ट अभिनीत गंगूबाई काठियावाड़ी भी इस सूची की अहम फिल्म है। एक साधारण लड़की से प्रभावशाली महिला बनने की कहानी को संजय लीला भंसाली ने बड़े पर्दे पर शानदार अंदाज में पेश किया। आलिया के अभिनय को खूब सराहा गया और फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 211.5 करोड़ रुपये का कारोबार किया।

    इन फिल्मों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि दर्शक अब केवल बड़े सितारों या एक्शन पर आधारित फिल्मों तक सीमित नहीं हैं। मजबूत कहानी दमदार महिला किरदार और प्रभावशाली अभिनय वाली फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बना सकती हैं। यही वजह है कि बॉलीवुड में महिला केंद्रित फिल्मों का दायरा लगातार बढ़ रहा है और आने वाले समय में भी ऐसी कई कहानियां बड़े पर्दे पर देखने को मिल सकती हैं।

  • भाई सोहेल का हौसला बढ़ाते हुए छलका सलमान का दर्द, जेल के संघर्ष और कठिन जिंदगी का किया खुलासा

    भाई सोहेल का हौसला बढ़ाते हुए छलका सलमान का दर्द, जेल के संघर्ष और कठिन जिंदगी का किया खुलासा


    नई दिल्ली । रियलिटी शो अलायंस के नए एपिसोड में सलमान खान ने बतौर मेहमान पहुंचकर अपने भाई सोहेल खान का हौसला बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर में से एक यानी जेल में बिताए दिनों को याद किया। सलमान ने बताया कि मुश्किल परिस्थितियों ने उन्हें जिंदगी की असली सीख दी और संघर्ष के समय इंसान को मजबूत बने रहना चाहिए। उनकी बातें सुनकर शो में मौजूद सभी कंटेस्टेंट भावुक हो गए।

    शो के प्रोमो में दिखाई देता है कि सोहेल खान सलमान से कहते हैं कि वह घर के माहौल में घबरा गए थे। इसके जवाब में सलमान ने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई साल पहले जब वह जेल गए थे तब वहां की परिस्थितियां बेहद कठिन थीं। उन्होंने बताया कि छोटे से परिसर में 50 से 70 लोग एक साथ रहते थे और सभी के लिए सिर्फ एक ही बाथरूम था। भारतीय शैली के शौचालय की स्थिति बेहद खराब रहती थी और साफ सफाई की भी भारी कमी थी। सलमान ने कहा कि उन दिनों की याद आज भी उनके जेहन में ताजा है और वही अनुभव उन्हें हर कठिन परिस्थिति में संयम बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

    सलमान ने अपने भाई से कहा कि किसी भी मुश्किल समय में घबराने के बजाय धैर्य रखना सबसे जरूरी होता है। उन्होंने समझाया कि जीवन में आने वाली परेशानियां हमेशा नहीं रहतीं बल्कि इंसान को पहले से ज्यादा मजबूत बनाकर आगे बढ़ना सिखाती हैं। उनकी बातों से साफ झलक रहा था कि वह सोहेल को मानसिक रूप से मजबूत रहने का संदेश देना चाहते थे।

    प्रोमो में सलमान खान ने घर के अन्य प्रतियोगियों से भी खुलकर बातचीत की। उन्होंने बाली और वंशज के साथ हल्के फुल्के अंदाज में बातचीत कर माहौल को खुशनुमा बनाया। एक मौके पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में उम्र को लेकर टिप्पणी की जिससे घर के सदस्य हंस पड़े। वहीं मिनी माथुर से बातचीत के दौरान उन्होंने उनके पति और फिल्म निर्देशक कबीर खान का भी जिक्र किया। सलमान ने मुस्कुराते हुए कहा कि अब उन्हें समझ में आया कि कबीर खान उनसे क्यों डरते हैं। इस मजाकिया बातचीत पर सभी प्रतियोगी ठहाके लगाते नजर आए।

    शो के दौरान सलमान ने सोहेल खान की निजी जिंदगी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सोहेल हमेशा परिवार की जिम्मेदारियां निभाने की कोशिश करते रहे हैं और उन्होंने रिश्तों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। सलमान की यह बात सुनकर माहौल कुछ देर के लिए भावुक हो गया। उन्होंने संकेत दिया कि किसी भी रिश्ते में प्रयास और ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण होती है।

    अलायंस के इस एपिसोड का प्रोमो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी सलमान खान की खूब चर्चा हो रही है। कई लोगों ने उनके संघर्ष के दिनों को याद करने की ईमानदारी की सराहना की है तो कई दर्शकों ने भाई के प्रति उनके समर्थन और भावनात्मक अंदाज की तारीफ की। सलमान का मानना है कि कठिन अनुभव इंसान को टूटने नहीं बल्कि और अधिक मजबूत बनने का मौका देते हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपने जीवन के सबसे मुश्किल दौर को याद करते हुए सोहेल और बाकी प्रतियोगियों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी।

  • Gen-Z से संवाद बढ़ाएगा RSS, 100 से ज्यादा शहरों के युवाओं से बात करेंगे मोहन भागवत

    Gen-Z से संवाद बढ़ाएगा RSS, 100 से ज्यादा शहरों के युवाओं से बात करेंगे मोहन भागवत


    नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने देश की नई पीढ़ी, खासकर Gen-Z और Gen Alpha से संवाद बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत 6 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के 100 से अधिक शहरों के हजारों विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 2,000 से अधिक छात्रों के शामिल होने की संभावना है।

    यह संवाद ‘इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइटेड नेशन्स’ (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ पर आयोजित वार्षिक चैंपियनशिप कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर होगा। कार्यक्रम का आयोजन मुंबई के अंबानी सेंटर में किया जाएगा, जबकि विभिन्न शहरों के छात्र ऑनलाइन माध्यम से इसमें जुड़ेंगे।

    युवाओं से जुड़ने पर रहेगा जोर
    आरएसएस के अनुसार, वर्ष 2011 में स्थापित IIMUN का संचालन युवा स्वयं करते हैं और संगठन का दावा है कि अब तक इससे 7.5 करोड़ से अधिक युवा जुड़ चुके हैं। सम्मेलन का उद्देश्य नई पीढ़ी के विचारों, आकांक्षाओं और चुनौतियों पर खुला संवाद स्थापित करना है।

    Gen-Z और Gen Alpha पर विशेष फोकस
    कार्यक्रम में मुख्य रूप से दो पीढ़ियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। Gen-Z में 1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा शामिल हैं, जबकि Gen Alpha में 2010 से 2024 के बीच जन्मे बच्चों को माना जाता है।

    संवाद को बताया था बदलाव का माध्यम
    हाल के दिनों में मोहन भागवत ने कहा था कि समाज और समय के साथ बदलाव स्वाभाविक है तथा युवाओं से निरंतर संवाद के जरिए ही चुनौतियों का बेहतर समाधान निकाला जा सकता है। उनके अनुसार, अनुभव सबसे बड़ा शिक्षक होता है और नई पीढ़ी के विचारों को समझना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा था कि बच्चों और युवाओं के मन की बात सुनकर ही उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित किया जा सकता है। यह कार्यक्रम युवाओं के साथ विचार-विमर्श और सामाजिक विषयों पर संवाद की इसी पहल का हिस्सा माना जा रहा है।

  • बुमराह की गैरमौजूदगी में तेज गेंदबाजी की नई परीक्षा, श्रीलंका दौरे पर किस पर दांव लगाएगा भारत?

    बुमराह की गैरमौजूदगी में तेज गेंदबाजी की नई परीक्षा, श्रीलंका दौरे पर किस पर दांव लगाएगा भारत?


    नई दिल्ली । भारत के श्रीलंका दौरे से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह चोट के कारण दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। बाएं घुटने में लगातार बनी परेशानी और अंतिम फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाने के कारण चयनकर्ताओं ने उन्हें आराम देने का फैसला किया है। उनकी जगह जम्मू कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।

    बुमराह की गैरमौजूदगी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का पूरा संतुलन बदल दिया है। पिछले कुछ वर्षों में नई गेंद से बुमराह और मोहम्मद सिराज की जोड़ी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही है। अब टीम प्रबंधन को श्रीलंका की परिस्थितियों के अनुसार नई रणनीति तैयार करनी होगी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सिराज के साथ नई गेंद कौन संभालेगा।

    सबसे मजबूत दावेदार के रूप में प्रसिध कृष्णा का नाम सामने आ रहा है। उनकी अतिरिक्त उछाल और लंबी कद-काठी श्रीलंका की पिचों पर उपयोगी साबित हो सकती है। यदि टीम तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरती है तो आकिब नबी को भी डेब्यू का मौका मिल सकता है। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन और इंडिया ए के लिए प्रभावी गेंदबाजी ने उन्हें राष्ट्रीय टीम तक पहुंचाया है।

    हालांकि आकिब नबी का अंतरराष्ट्रीय अनुभव नहीं है लेकिन चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताकर साफ संकेत दिया है कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को अवसर दिया जाएगा। जम्मू कश्मीर से आने वाले आकिब नबी घरेलू क्रिकेट में पिछले दो सत्रों में 100 से अधिक विकेट लेकर चर्चा में आए थे और इंडिया ए के लिए भी प्रभावशाली प्रदर्शन कर चुके हैं।

    श्रीलंका की पिचें आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं लेकिन नई गेंद से शुरुआती विकेट निकालना हमेशा अहम रहता है। ऐसे में मोहम्मद सिराज पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। उन्हें न सिर्फ आक्रमण की अगुवाई करनी होगी बल्कि युवा गेंदबाजों का मार्गदर्शन भी करना पड़ेगा। भारतीय टीम चाहे दो तेज गेंदबाजों के साथ खेले या तीन के साथ लेकिन सिराज की भूमिका निर्णायक रहने वाली है।

    टीम प्रबंधन के सामने एक और चुनौती गेंदबाजों के कार्यभार को संतुलित रखने की होगी। आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को देखते हुए बुमराह पर किसी तरह का जोखिम नहीं लिया गया है। यही वजह है कि मेडिकल टीम और चयन समिति ने उन्हें पूरी तरह फिट होने तक आराम देने का फैसला किया है ताकि वह भविष्य की महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं में पूरी क्षमता के साथ वापसी कर सकें।

    अब सभी की नजर भारत की अंतिम प्लेइंग इलेवन पर रहेगी। क्या टीम अनुभव पर भरोसा करेगी या फिर युवा आकिब नबी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिलेगा यह मैच से पहले साफ होगा। इतना तय है कि बुमराह की अनुपस्थिति ने भारतीय टीम को प्लान बी पर काम करने के लिए मजबूर कर दिया है और श्रीलंका दौरा युवा तेज गेंदबाजों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मंच बन सकता है।

  • जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला, सुशांत दिवगीकर ने शुरू किया जेंडर ट्रांजिशन, साझा किया भावुक सफर

    जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला, सुशांत दिवगीकर ने शुरू किया जेंडर ट्रांजिशन, साझा किया भावुक सफर


    नई दिल्ली । बिग बॉस फेम सिंगर परफॉर्मर और एलजीबीटीक्यूआईए प्लस समुदाय की प्रमुख आवाज सुशांत दिवगीकर ने अपनी जिंदगी के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने मेडिकल जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और पिछले पांच महीनों से हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी यानी एचआरटी ले रही हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब वह अपनी नई पहचान के साथ रानी सुशांत दिवगीकर के नाम से जानी जाएंगी। उनके इस फैसले की सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा हो रही है और कई लोगों ने उनकी ईमानदारी और साहस की सराहना की है।

    सुशांत ने बताया कि यह फैसला उन्होंने किसी जल्दबाजी में नहीं लिया बल्कि लंबे समय तक विशेषज्ञ डॉक्टरों और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद ही इस प्रक्रिया की शुरुआत की। उनका कहना है कि जेंडर ट्रांजिशन जीवन का बेहद महत्वपूर्ण और स्थायी निर्णय होता है इसलिए उन्होंने हर मेडिकल और मानसिक पहलू को समझने के बाद ही आगे कदम बढ़ाया। सभी आवश्यक जांच और विशेषज्ञों की अनुमति मिलने के बाद उन्होंने हार्मोन थेरेपी शुरू की और अब तक पांच महीने का सफर पूरा कर चुकी हैं।

    अपने नए नाम के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके माता पिता ने प्यार से उनका नाम सुशांत रखा था इसलिए वह हमेशा उनकी पहचान का हिस्सा रहेगा। वहीं रानी नाम उन्हें वर्षों से उनके चाहने वालों ने स्नेह और सम्मान के साथ दिया है। यही कारण है कि उन्होंने दोनों नामों को साथ रखते हुए आगे की जिंदगी रानी सुशांत दिवगीकर के रूप में जीने का निर्णय लिया है।

    उन्होंने यह भी बताया कि वह वर्ष 2023 में ही ट्रांजिशन शुरू करना चाहती थीं लेकिन उस समय फिल्म की शूटिंग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें अपना फैसला टालना पड़ा। एक फिल्म में पुरुष किरदार निभाने की आवश्यकता थी और साथ ही उनकी लिवर रिपोर्ट सामान्य नहीं थी। इसके अलावा एनीमिया और आयरन की कमी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं ने भी उन्हें कुछ समय तक इंतजार करने के लिए मजबूर किया।

    सुशांत का कहना है कि उनका सफर अभी पूरा नहीं हुआ है और उन्हें उम्मीद है कि वर्ष 2027 तक उनका ट्रांजिशन पूरी तरह पूरा हो जाएगा। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा उपहार बताया और कहा कि अपने जन्मदिन पर खुद को इससे बेहतर कोई तोहफा नहीं दे सकती थीं। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपनी पहचान के साथ सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार है और इसी विश्वास ने उन्हें यह साहसिक कदम उठाने की ताकत दी।

    आवाज में बदलाव को लेकर भी उन्होंने कई भ्रांतियों को दूर किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरुष से महिला बनने की प्रक्रिया में केवल एस्ट्रोजन लेने से आवाज नहीं बदलती जबकि महिला से पुरुष बनने की स्थिति में टेस्टोस्टेरोन के कारण आवाज में बदलाव आता है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनकी गायकी और आवाज पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

    अपने अनुभव साझा करते हुए सुशांत ने उन लोगों के लिए भी संदेश दिया जो जेंडर ट्रांजिशन के बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा निर्णय केवल अपनी खुशी और अपनी पहचान के लिए लेना चाहिए किसी और की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए नहीं। उनका मानना है कि जिंदगी अपनी शर्तों पर जीने का नाम है और अपनी सच्ची पहचान को स्वीकार करने में कभी देर नहीं होती। उनके इस खुले और सकारात्मक संदेश को एलजीबीटीक्यूआईए प्लस समुदाय के साथ साथ समाज के कई वर्गों से भी समर्थन मिल रहा है।

  • मंगलवार के खास वास्तु उपाय बदल सकते हैं आपकी किस्मत जानिए धन सफलता और शांति पाने के आसान नियम

    मंगलवार के खास वास्तु उपाय बदल सकते हैं आपकी किस्मत जानिए धन सफलता और शांति पाने के आसान नियम


    नई दिल्ली। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन किए गए शुभ कार्य और सही वास्तु उपाय जीवन में साहस आत्मविश्वास समृद्धि और सफलता का मार्ग खोलते हैं। वहीं वास्तु नियमों की अनदेखी करने से मानसिक तनाव आर्थिक परेशानी और पारिवारिक विवाद जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए मंगलवार को कुछ विशेष नियमों का पालन करना बेहद शुभ माना गया है।

    सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद घर के मंदिर की साफ सफाई करें और भगवान हनुमान की पूजा करें। पूजा के समय लाल फूल सिंदूर चमेली का तेल और गुड़ चने का भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। हनुमान चालीसा सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आत्मबल बढ़ता है। इस दिन घर में दीपक जलाने से सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार मंगलवार को घर के दक्षिण दिशा वाले भाग को विशेष रूप से साफ रखना चाहिए क्योंकि यह दिशा मंगल ग्रह से जुड़ी मानी जाती है। इस दिशा में गंदगी या कबाड़ जमा रहने से आर्थिक और पारिवारिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। यदि संभव हो तो दक्षिण दिशा में लाल रंग का कोई शुभ प्रतीक या हनुमान जी का चित्र स्थापित करें जिससे ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है।

    मंगलवार को लोहे की धारदार वस्तुएं अनावश्यक रूप से खरीदने से बचना चाहिए। साथ ही इस दिन किसी से विवाद करना अपशब्द बोलना या क्रोध करना भी अशुभ माना जाता है। यदि घर में लंबे समय से तनाव का माहौल है तो मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और परिवार की सुख शांति की प्रार्थना करें।

    आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए मंगलवार को जरूरतमंदों को लाल मसूर की दाल गुड़ या लाल वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है। बंदरों को गुड़ चना खिलाना और गाय को रोटी देना भी पुण्यदायी माना गया है। ऐसा करने से मंगल दोष कम होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होने लगती हैं।

    यदि घर में बार बार बीमारी या नकारात्मकता महसूस होती है तो मंगलवार को समुद्री नमक मिले पानी से घर की सफाई करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और घर में सकारात्मक वातावरण बनता है। इसके साथ ही मुख्य द्वार और पूजा स्थान को हमेशा स्वच्छ रखना चाहिए क्योंकि यही स्थान शुभ ऊर्जा के प्रवेश का माध्यम माना जाता है।

    मंगलवार को कर्ज लेने या अनावश्यक खर्च करने से बचना चाहिए। इस दिन नया कार्य शुरू करने से पहले भगवान हनुमान का स्मरण करना शुभ माना जाता है। जो लोग नौकरी या व्यापार में उन्नति चाहते हैं वे मंगलवार को हनुमान जी के चरणों में सिंदूर अर्पित कर सफलता की प्रार्थना करें। मान्यता है कि ऐसा करने से कार्यों में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं और भाग्य का साथ मिलने लगता है।

    धार्मिक आस्था और वास्तु नियमों का संतुलित पालन व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास सुख समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। मंगलवार के इन सरल उपायों को अपनाकर न केवल घर का वातावरण बेहतर बनाया जा सकता है बल्कि भगवान हनुमान की कृपा से जीवन की अनेक बाधाओं को भी दूर किया जा सकता है।

  • रश्मिका मंदाना को एक्शन सीन पड़ा भारी, गंभीर चोट के बाद मुश्किल हुआ चलना-फिरना

    रश्मिका मंदाना को एक्शन सीन पड़ा भारी, गंभीर चोट के बाद मुश्किल हुआ चलना-फिरना


    नई दिल्ली । साउथ और बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री रश्मिका मंदाना इन दिनों गंभीर चोट के कारण आराम करने को मजबूर हैं। अपनी आगामी एक्शन फिल्म मायसा की शूटिंग के दौरान उन्हें ऐसी चोट लगी जिसने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी तक प्रभावित कर दी। लंबे समय तक सोशल मीडिया से दूर रहने के बाद रश्मिका ने खुद अपनी हेल्थ अपडेट साझा करते हुए बताया कि इस हादसे के बाद उनके लिए सामान्य रूप से चलना फिरना भी आसान नहीं रह गया है। अभिनेत्री ने कहा कि यह उनके करियर की सबसे कठिन और दर्दनाक चोटों में से एक है।

    रश्मिका ने बताया कि फिल्म के डांस और एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान उनकी दाहिनी हिप का एक टेंडन अपनी जगह से अलग हो गया। हिप के दोनों तरफ चार चार टेंडन होते हैं जो शरीर के इस हिस्से को पैरों से जोड़ते हैं। इनमें से एक टेंडन के अलग हो जाने के कारण उन्हें पैर उठाने और सामान्य तरीके से चलने में परेशानी हो रही है। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें पूरी तरह आराम करने के लिए कहा गया है ताकि टेंडन दोबारा सही तरीके से जुड़ सके।

    अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में स्वीकार किया कि शुरुआत में वह अपनी चोट के बारे में किसी को बताना नहीं चाहती थीं लेकिन अब जब यह बात सामने आ ही गई है तो उन्होंने अपने प्रशंसकों को पूरी स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने लिखा कि यह पिछले कुछ समय में उनकी तीसरी बड़ी चोट है और अब उन्हें महसूस हो रहा है कि लगातार काम के दबाव में उन्होंने अपने शरीर को जरूरत से ज्यादा थका दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब वह अपने शरीर का पहले से ज्यादा ध्यान रखेंगी।

    रश्मिका ने यह भी कहा कि भगवान ने शायद उन्हें जबरदस्ती आराम करने का मौका दिया है क्योंकि वह खुद कभी काम से ब्रेक लेने के बारे में सोचती ही नहीं थीं। हालांकि दर्द जरूर है लेकिन वह मानसिक रूप से मजबूत हैं और जल्द स्वस्थ होकर वापसी करने का पूरा प्रयास कर रही हैं। उन्होंने अपने प्रशंसकों को भरोसा दिलाया कि वह सकारात्मक सोच के साथ रिकवरी पर ध्यान दे रही हैं।

    आराम के इन दिनों में रश्मिका अपना समय किताबें पढ़ने और पजल्स सुलझाने में बिता रही हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उनकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि कहीं बिना वर्कआउट के उनका वजन न बढ़ जाए। उन्होंने बताया कि वह रोजाना व्यायाम और दौड़ लगाकर खुद को फिट रखती थीं लेकिन अब कुछ समय तक यह सब संभव नहीं होगा। ऐसे में उन्हें सबसे ज्यादा डर इस बात का है कि मीठा खाने की उनकी आदत और बढ़ सकती है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो रश्मिका हाल ही में फिल्म कॉकटेल 2 में नजर आई थीं। अब उनके प्रशंसक उनकी आगामी फिल्म रणबाली का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जिसमें वह विजय देवरकोंडा के साथ दिखाई देंगी। शादी के बाद दोनों पहली बार किसी फिल्म में साथ नजर आएंगे जिससे दर्शकों में इस फिल्म को लेकर उत्साह और भी बढ़ गया है। फिलहाल रश्मिका का पूरा ध्यान अपनी सेहत पर है और उनके चाहने वाले जल्द स्वस्थ होकर पर्दे पर वापसी की दुआ कर रहे हैं।

  • रणबीर, साई पल्लवी और यश की कास्टिंग पर फिर उठे सवाल, 'रामायण' को लेकर सोशल मीडिया दो धड़ों में बंटा

    रणबीर, साई पल्लवी और यश की कास्टिंग पर फिर उठे सवाल, 'रामायण' को लेकर सोशल मीडिया दो धड़ों में बंटा


    नई दिल्ली । नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण अपनी घोषणा के बाद से लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म के भव्य विजुअल्स, स्टारकास्ट और बड़े बजट की चर्चा जहां हर ओर हो रही है वहीं दूसरी तरफ इसके मुख्य कलाकारों रणबीर कपूर साई पल्लवी और यश से जुड़े पुराने विवाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। फिल्म में रणबीर भगवान राम साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में इन कलाकारों की कास्टिंग को लेकर समर्थकों और आलोचकों के बीच अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।

    रणबीर कपूर को भगवान राम के किरदार में चुने जाने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनकी पिछली फिल्मों और सार्वजनिक बयानों को लेकर हुई। खासतौर पर फिल्म एनिमल में निभाए गए हिंसक और ग्रे शेड वाले किरदार के कारण कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि क्या इस तरह की छवि वाले अभिनेता को भगवान राम के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। हालांकि बड़ी संख्या में दर्शकों का मानना है कि किसी अभिनेता का मूल्यांकन उसके अभिनय के आधार पर होना चाहिए न कि उसके पुराने किरदारों के आधार पर।

    रणबीर पहले भी अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ चुके हैं जब उन्होंने पत्नी आलिया भट्ट की प्रेग्नेंसी के दौरान मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की थी। इस बयान की सोशल मीडिया पर आलोचना हुई थी जिसके बाद अभिनेता ने सफाई देते हुए कहा था कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। इसके अलावा सात्विक जीवनशैली अपनाने और खानपान को लेकर भी उनके बारे में कई तरह के दावे और चर्चाएं सोशल मीडिया पर वायरल होती रही हैं लेकिन इन दावों की अलग-अलग व्याख्या सामने आई।

    फिल्म में माता सीता की भूमिका निभा रहीं साई पल्लवी भी पहले अपने एक इंटरव्यू के बयान को लेकर विवादों में आ चुकी हैं। उन्होंने हिंसा के विभिन्न मामलों का जिक्र करते हुए कहा था कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति या जीव के साथ हिंसा गलत है। उनके इस बयान की अलग-अलग तरह से व्याख्या की गई। कुछ लोगों ने इसे गलत तरीके से पेश किया जबकि कई लोगों ने उनके बयान का समर्थन भी किया। अब रामायण में उनकी कास्टिंग को लेकर भी लुक, भाषा और स्क्रीन प्रेजेंस पर बहस जारी है हालांकि उनके अभिनय की तारीफ करने वालों की भी बड़ी संख्या है।

    रावण की भूमिका निभा रहे कन्नड़ सुपरस्टार यश भी समय-समय पर विवादों में रहे हैं। उनके परिवार का नाम कभी कथित जमीन विवाद से जुड़ी खबरों में सामने आया था हालांकि यह कोई बड़ा आपराधिक मामला नहीं बना। इसके अलावा उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में कहा था कि वह ऐसी फिल्में करना पसंद करते हैं जिन्हें परिवार के साथ बैठकर देखा जा सके और वह अंतरंग दृश्यों से बचना चाहते हैं। बाद में उनकी फिल्मों में कुछ इंटीमेट सीन्स सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ गई।

    रामायण की घोषणा के बाद एक ओर फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है तो दूसरी ओर कलाकारों से जुड़े पुराने विवाद भी चर्चा में बने हुए हैं। हालांकि फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि किसी भी अभिनेता की असली परीक्षा पर्दे पर उसके प्रदर्शन से होती है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रणबीर कपूर साई पल्लवी और यश अपने दमदार अभिनय से दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं और क्या उनकी परफॉर्मेंस इन सभी बहसों को पीछे छोड़ पाएगी।