Blog

  • California Child Marriage Ban: नाबालिगों की शादी पर पूरी तरह लगा ब्रेक 1 जनवरी 2027 से बदल जाएगा कैलिफोर्निया का कानून

    California Child Marriage Ban: नाबालिगों की शादी पर पूरी तरह लगा ब्रेक 1 जनवरी 2027 से बदल जाएगा कैलिफोर्निया का कानून


    नई दिल्ली। कैलिफोर्निया में बाल विवाह को लेकर बड़ा कानूनी बदलाव किया गया है। राज्य में अब 18 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति की शादी पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। गवर्नर गेविन न्यूसम ने 30 सितंबर 2026 को असेंबली बिल 1267 पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दे दिया। यह नया कानून 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होगा। इसके बाद शादी या डोमेस्टिक पार्टनरशिप के लिए दोनों पक्षों की उम्र कम से कम 18 साल होना जरूरी होगा और इस नियम में किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।

    इस कानून के लागू होने के बाद कैलिफोर्निया उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां नाबालिगों की शादी पर बिना किसी अपवाद के रोक है। बिल को सांता क्रूज की असेंबली सदस्य गेल पेलरिन ने पेश किया था। बाल विवाह के खिलाफ काम करने वाली संस्था अनचेन्ड एट लास्ट और कैलिफोर्निया कमीशन ऑन द स्टेटस ऑफ वुमन एंड गर्ल्स ने भी इसका समर्थन किया। कानून पर हस्ताक्षर के दौरान मॉडल और बाल विवाह से बची कोर्टनी स्टोडेन भी मौजूद थीं।

    स्टोडेन का अनुभव भी इस कानून की चर्चा का अहम हिस्सा रहा है। उनकी शादी 16 साल की उम्र में अभिनेता डग हचिंसन से हुई थी जो उस समय उनसे काफी बड़े थे। उनके माता-पिता ने इस शादी की अनुमति दी थी। बाद में स्टोडेन ने इस रिश्ते को गलत और शोषणकारी बताया। कानून बनने के बाद उन्होंने बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों का आभार जताया और कहा कि देश के अन्य राज्यों में भी बच्चों की सुरक्षा के लिए ऐसे प्रयास जारी रहने चाहिए।

    नए कानून से पहले कैलिफोर्निया में नाबालिगों की शादी कुछ परिस्थितियों में संभव थी। माता-पिता की मंजूरी और सुपीरियर कोर्ट के जज के आदेश के बाद कम उम्र में शादी की अनुमति मिल सकती थी। कैलिफोर्निया उन तीन राज्यों में शामिल था जहां विवाह के लिए स्पष्ट न्यूनतम उम्र निर्धारित नहीं थी। अन्य दो राज्य न्यू मैक्सिको और मिसिसिपी बताए गए हैं। बाल विवाह के विरोध में काम करने वाले संगठनों का तर्क रहा है कि नाबालिगों के लिए विवाह की स्वतंत्र और पूरी सहमति का सवाल जटिल होता है।

    कैलिफोर्निया में इस बदलाव की कोशिश पहले भी हो चुकी है। करीब एक दशक पहले भी बाल विवाह पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया गया था लेकिन उस समय प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। 2018 के बाद अमेरिका में बाल विवाह के खिलाफ अभियान तेज हुआ। गवर्नर कार्यालय के अनुसार कैलिफोर्निया से पहले 17 राज्यों में बिना किसी अपवाद के बाल विवाह पर रोक लागू थी। अब कैलिफोर्निया 18वां राज्य बन जाएगा जबकि अमेरिका के 32 राज्यों में अभी भी कुछ शर्तों के तहत नाबालिगों की शादी कानूनी हो सकती है।

    आंकड़ों के मुताबिक 2000 से 2021 के बीच कैलिफोर्निया में करीब 35 हजार ऐसी शादियां दर्ज हुईं जिनमें कम से कम एक पक्ष नाबालिग था। बाल विवाह विरोधी संगठनों के अनुसार इसी अवधि में पूरे अमेरिका में करीब 3 लाख 14 हजार नाबालिगों की कानूनी शादी हुई। इन आंकड़ों को लेकर अलग-अलग संस्थाओं के अध्ययन और कानूनी परिभाषाओं में अंतर हो सकता है। नए कानून के बाद कैलिफोर्निया में 18 साल से कम उम्र के लोगों के विवाह को लेकर कानूनी स्थिति पहले की तुलना में पूरी तरह बदल जाएगी।

  • Shani Vakri 2026, पूरे अक्टूबर शनि की उल्टी चाल का असर, इन 3 राशियों की बढ़ सकती है टेंशन

    Shani Vakri 2026, पूरे अक्टूबर शनि की उल्टी चाल का असर, इन 3 राशियों की बढ़ सकती है टेंशन


    नई दिल्ली। Shani Vakri 2026: वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि की चाल में होने वाला परिवर्तन सभी राशियों के जीवन को किसी न किसी रूप में प्रभावित कर सकता है। साल 2026 में शनि 26 जुलाई को वक्री हुए हैं और 11 दिसंबर को मार्गी होंगे। ऐसे में अक्टूबर का पूरा महीना शनि की वक्री अवस्था के प्रभाव में रहेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दौरान कुछ राशियों को धन से जुड़े मामलों से लेकर करियर और पारिवारिक जीवन तक अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

    कर्क राशि के जातकों के लिए अक्टूबर का महीना करियर और निजी रिश्तों के लिहाज से उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। इस दौरान अचानक कोई आर्थिक अवसर सामने आए तो उस पर तुरंत निर्णय लेने के बजाय अच्छी तरह सोच-विचार करना जरूरी होगा। जल्दबाजी में लिया गया फैसला बाद में परेशानी का कारण बन सकता है। परिवार या दोस्तों के साथ किसी छोटी बात को लेकर गलतफहमी या नाराजगी पैदा होने की संभावना भी बताई गई है। ऐसे में बातचीत के दौरान गुस्से पर नियंत्रण रखना और सामने वाले की बात समझने का प्रयास करना आपके लिए बेहतर रहेगा। आत्मविश्वास बनाए रखना भी इस अवधि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    सिंह राशि वालों के लिए अक्टूबर में स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बड़े निवेश या किसी महत्वपूर्ण वित्तीय फैसले में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। बिना पूरी जानकारी के पैसा लगाने से परेशानी हो सकती है। पारिवारिक जीवन में भी किसी मुद्दे को लेकर मतभेद की स्थिति बन सकती है। ऐसे समय में बहस को बढ़ाने के बजाय धैर्य और नरमी से बात करना उपयोगी रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर छोटी-मोटी बाधाओं या अतिरिक्त जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि निरंतर प्रयास और संयम के साथ इन परिस्थितियों से निपटने की सलाह दी जाती है।

    मकर राशि के जातकों के लिए शनि की वक्री चाल को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि शनि मकर राशि के स्वामी हैं। इस अवधि में धन से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता रखने की जरूरत बताई गई है। पुराने कर्ज उधारी या निवेश से संबंधित मामलों में कोई भी फैसला सोच-समझकर लेना चाहिए। अनावश्यक खर्च बढ़ने से मासिक बजट प्रभावित हो सकता है इसलिए खर्चों पर नियंत्रण रखना फायदेमंद रहेगा। कार्यक्षेत्र में मेहनत करने के बावजूद परिणाम मिलने में देरी हो सकती है। ऐसे में निराश होने के बजाय अपने प्रयास जारी रखना जरूरी होगा।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए शनिवार और मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने की सलाह दी जाती है। शनिवार के दिन काले वस्त्र तिल का तेल काली उड़द और जौ का दान करना भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों की सेवा करने और नियमित रूप से शनिदेव के मंत्र या शनि स्तोत्र का पाठ करने की परंपरा भी बताई गई है। हालांकि ज्योतिषीय उपाय धार्मिक मान्यताओं पर आधारित होते हैं और इन्हें उसी रूप में देखा जाना चाहिए।

  • चेहरे की खूबसूरती के लिए अलसी का नुस्खा, घर पर बनाएं जेल और फेस पैक, जानें आसान तरीका

    चेहरे की खूबसूरती के लिए अलसी का नुस्खा, घर पर बनाएं जेल और फेस पैक, जानें आसान तरीका


    नई दिल्ली। अलसी को आमतौर पर सेहत के लिए फायदेमंद बीज माना जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए भी किया जाता है। अलसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा को नमी देने और उसे मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। बदलते मौसम में जब त्वचा रूखी और बेजान नजर आने लगती है तब अलसी से तैयार घरेलू स्किन केयर उपाय को आजमाया जा सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।

    अलसी से स्किन केयर करने का सबसे आसान तरीका इसका जेल तैयार करना है। इसके लिए एक से दो चम्मच अलसी के बीज लें और इन्हें एक कप पानी में डालकर धीमी आंच पर कुछ मिनट तक उबालें। जब पानी थोड़ा गाढ़ा होकर जेल जैसा दिखाई देने लगे तो गैस बंद कर दें। मिश्रण को ठंडा होने के बाद छान लें। तैयार अलसी जेल को साफ चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाया जा सकता है। इसे कुछ समय के लिए त्वचा पर रहने दें और फिर सामान्य पानी से चेहरा धो लें।

    अलसी जेल त्वचा को नमी देने में मदद कर सकता है और ड्राई स्किन वाले लोगों के लिए यह घरेलू विकल्प उपयोगी हो सकता है। यदि त्वचा बहुत ज्यादा रूखी है तो अलसी जेल में थोड़ी मात्रा में एलोवेरा जेल मिलाकर भी लगाया जा सकता है। एलोवेरा त्वचा को ठंडक देने के लिए जाना जाता है और दोनों का मिश्रण त्वचा को हाइड्रेटेड महसूस कराने में मदद कर सकता है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी नए मिश्रण का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए।

    अलसी से फेस पैक बनाने के लिए अलसी के बीजों को हल्का पीसकर पाउडर तैयार किया जा सकता है। इसमें दही या एलोवेरा जेल की थोड़ी मात्रा मिलाकर पेस्ट बनाया जा सकता है। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ें और सूखने के बाद बिना ज्यादा रगड़े पानी से साफ कर लें। फेस पैक हटाते समय त्वचा को जोर से स्क्रब करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे जलन या लालिमा हो सकती है।

    अलसी का इस्तेमाल स्किन केयर में करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। सबसे पहले तैयार जेल या फेस पैक को लगाने से पहले हाथ या कान के पीछे थोड़ी मात्रा लगाकर पैच टेस्ट करें। यदि खुजली जलन लालिमा या किसी तरह की एलर्जी दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें। चेहरे पर खुले घाव या गंभीर त्वचा समस्या होने पर घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

    इसके साथ ही केवल किसी एक घरेलू उपाय पर निर्भर रहने के बजाय रोजाना त्वचा की बुनियादी देखभाल करना जरूरी है। चेहरे को साफ रखना पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अलसी से बना जेल या फेस पैक त्वचा को नमी देने में मदद कर सकता है लेकिन इससे किसी गंभीर त्वचा समस्या का इलाज होने का दावा नहीं किया जाना चाहिए।

    इस तरह अलसी को अपनी स्किन केयर रूटीन में एक सरल घरेलू विकल्प के रूप में शामिल किया जा सकता है। सही तरीके से और अपनी त्वचा के अनुसार इसका इस्तेमाल करने पर त्वचा को मुलायम और हाइड्रेटेड महसूस कराने में मदद मिल सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि त्वचा पर कुछ भी नया लगाने से पहले उसकी संवेदनशीलता को ध्यान में रखा जाए।

  • भोपाल IAS मर्डर केस में बड़ा खुलासा, बैग और झोला लेकर निकला आरोपी, दिल्ली रूट की ट्रेन में सवार होकर हुआ गायब

    भोपाल IAS मर्डर केस में बड़ा खुलासा, बैग और झोला लेकर निकला आरोपी, दिल्ली रूट की ट्रेन में सवार होकर हुआ गायब


    भोपाल । भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर स्थित उनके घर में हुई इस वारदात के बाद से केयरटेकर वरुण कुमार फरार है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उसके भागने का संभावित रास्ता पता लगाया है। आरोपी की तलाश में मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश दिल्ली और पंजाब में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं। खबर के मुताबिक इस अभियान में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को लगाया गया है।

    पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार 30 सितंबर की रात करीब 12:30 बजे से सुबह 2 बजे के बीच राकेश अग्रवाल की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई। वारदात के समय वह अपने कमरे में सो रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद घर की रसोई में गैस सिलेंडर का पाइप निकाल दिया गया था और आग लगाने की कोशिश की गई थी। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि ऐसा किस उद्देश्य से किया गया।

    घटना का पता सुबह करीब 4:40 बजे चला जब राकेश अग्रवाल की पत्नी निशी अग्रवाल की नींद खुली। उनका कमरा बाहर से बंद था। घर के कर्मचारी अमर की मदद से दरवाजा खुलवाया गया। इसके बाद राकेश अग्रवाल की हत्या की जानकारी सामने आई और पुलिस को सूचना दी गई।

    जांच में आरोपी के भागने का घटनाक्रम भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार वरुण रात करीब 2:40 बजे घर से निकला था। घटनास्थल से लगभग 200 मीटर दूर लगे सीसीटीवी कैमरों में वह पीठ पर बैग और हाथ में झोला लेकर जाता दिखाई दिया। इसके बाद वह करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर भदभदा चौराहे पहुंचा जहां से उसने ऑटोरिक्शा लिया।

    बताया जा रहा है कि ऑटो पॉलीटेक्निक चौराहे और कमला पार्क की ओर से भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचा। स्टेशन से कुछ दूरी पहले उतरने के बाद आरोपी पैदल ही भोपाल जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 से होते हुए प्लेटफॉर्म नंबर 2 तक पहुंचा। पुलिस के अनुसार वह रात करीब 3:30 बजे दिल्ली रूट की ट्रेन में सवार होकर रवाना हुआ। अब झांसी ग्वालियर और आगरा रूट के विभिन्न स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सके।

    इस मामले में केयरटेकर की नियुक्ति करने वाली एजेंसी भी जांच के दायरे में है। जानकारी के मुताबिक वरुण को बाग सेवनिया के विश्वकर्मा नगर स्थित वर्मा होम हेल्थ केयर के माध्यम से नौकरी पर रखा गया था। पुलिस यह पता लगा रही है कि नियुक्ति से पहले उसका अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया था या नहीं। नियमों की अनदेखी मिलने पर एजेंसी संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। आरोपी का पटियाला एसपी कार्यालय से 1 मई 2025 को जारी चरित्र प्रमाण पत्र भी सामने आया है। इस संबंध में पंजाब पुलिस से उसके पुराने रिकॉर्ड की जानकारी मांगी गई है।

    पुलिस हत्या के पीछे की वजह जानने के लिए लूट और आर्थिक लेन-देन समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी घर से नकदी या कीमती सामान लेकर फरार हुआ हो सकता है। इसके अलावा राकेश अग्रवाल के कुछ लोगों के साथ हुए आर्थिक लेन-देन की जानकारी भी जांच का हिस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 11 महीने पहले एक पूर्व परिचित के खिलाफ एक करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी को लेकर शिकायत किए जाने का पहलू भी सामने आया है। पुलिस इन घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध की जांच कर रही है। फिलहाल हत्या का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। आरोपी की गिरफ्तारी और आगे की जांच के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

  • शुक्रवार व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियां जानिए मां लक्ष्मी की पूजा से जुड़ी पूरी विधि और जरूरी नियम

    शुक्रवार व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियां जानिए मां लक्ष्मी की पूजा से जुड़ी पूरी विधि और जरूरी नियम


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शुक्रशुक्रवार व्रत की सही विधि जानिए मां लक्ष्मी की पूजा में कौन सी सामग्री रखें कैसे करें पूजा और किन नियमों का पालन करने से घर में सुख समृद्धि की कामना की जाती है
    वार का दिन मां लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि शुक्रवार के दिन विधि विधान से व्रत रखने और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख समृद्धि और आर्थिक स्थिरता के लिए शुभ फल की कामना की जाती है। कई लोग शुक्रवार का व्रत परिवार की खुशहाली और मनोकामना पूर्ति के लिए रखते हैं। यदि आप भी शुक्रवार का व्रत करने जा रहे हैं तो पूजा से जुड़े नियमों और विधि का पालन श्रद्धा के साथ करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

    शुक्रवार व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। पूजा के स्थान पर मां लक्ष्मी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद दीपक जलाकर पूजा का संकल्प लें। व्रत रखने वाले व्यक्ति को पूरे दिन मन को शांत और सकारात्मक रखने का प्रयास करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं बल्कि संयम और श्रद्धा से जुड़ा होता है।

    मां लक्ष्मी की पूजा के लिए पूजा स्थल पर लाल या गुलाबी रंग का कपड़ा बिछाया जा सकता है। माता को फूल अर्पित करें और फल तथा मिठाई का भोग लगाएं। घर में उपलब्ध सामग्री के अनुसार पूजा की जा सकती है। इसके बाद मां लक्ष्मी की आरती करें और अपनी मनोकामना के लिए माता से प्रार्थना करें। कुछ लोग शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की पूजा भी करते हैं क्योंकि धार्मिक परंपरा में दोनों का संबंध समृद्धि और संरक्षण से जोड़ा जाता है।

    शुक्रवार के व्रत में दिनभर अपनी क्षमता के अनुसार उपवास रखा जा सकता है। जो लोग निराहार व्रत नहीं रख सकते वे फलाहार कर सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर अपनी शारीरिक स्थिति को प्राथमिकता देना जरूरी है। शाम के समय दोबारा पूजा करके मां लक्ष्मी की आरती करें और प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रत का पारण किया जा सकता है। अलग अलग परिवारों और परंपराओं में व्रत खोलने का तरीका अलग हो सकता है इसलिए अपनी कुल परंपरा का पालन करना उचित माना जाता है।

    शुक्रवार के दिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में साफ सफाई बनाए रखना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान माता लक्ष्मी का ध्यान करते हुए सकारात्मक विचार रखें। किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार भोजन या आवश्यक वस्तु का दान करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार दान और सेवा से मन में संतोष की भावना बढ़ती है।

    व्रत के दौरान क्रोध विवाद और नकारात्मक विचारों से बचने का प्रयास करना चाहिए। किसी का अपमान करना या जानबूझकर किसी को दुख पहुंचाना उचित नहीं माना जाता। पूजा में दिखावे के बजाय श्रद्धा को अधिक महत्व दिया जाता है। घर के सभी सदस्यों के साथ प्रेम और सद्भाव बनाए रखना भी इस दिन की धार्मिक भावना का हिस्सा माना जाता है।

    शुक्रवार व्रत करने से पहले अपनी पारिवारिक परंपरा और पूजा पद्धति को समझना अच्छा रहता है। यदि आप लंबे समय तक शुक्रवार का व्रत करने का संकल्प लेते हैं तो शुरुआत में किसी जानकार पंडित या धार्मिक गुरु से विधि और संकल्प की जानकारी लेना उपयोगी हो सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूजा श्रद्धा और स्वच्छ मन से की जाए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए साफ मन और अच्छे कर्मों को विशेष महत्व दिया जाता है।

  • रुपया पर बढ़ा दबाव, एक्सपर्ट की चेतावनी- 97 टूटा तो 99 तक जा सकता है, महंगाई का भी खतरा

    रुपया पर बढ़ा दबाव, एक्सपर्ट की चेतावनी- 97 टूटा तो 99 तक जा सकता है, महंगाई का भी खतरा


    नई दिल्ली। ग्लोबल तनाव और बढ़ते आयात बिल के बीच भारतीय रुपया लगातार दबाव में कारोबार कर रहा है और 96 के स्तर तक कमजोर हो चुका है। कोटक सिक्योरिटीज के करेंसी, कमोडिटी और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक, रुपया जल्द 97 के स्तर तक जा सकता है और यदि यह स्तर टूटता है तो 99 तक गिरने की स्थिति बन सकती है। इससे बाजार पर दबाव बढ़ने के साथ महंगाई का जोखिम भी बढ़ सकता है।

    बनर्जी के अनुसार, रुपये पर एक साथ कई मोर्चों से दबाव बना हुआ है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ी है, आयात महंगा हुआ है और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड भी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। इन सभी कारकों का असर रुपये की चाल पर दिखाई दे रहा है। हालांकि, उनका कहना है कि भारत की आर्थिक स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियां रुपये के लिए चुनौती पैदा कर रही हैं।

    विदेशी निवेशकों ने 6.1 अरब डॉलर के शेयर बेचे

    रुपये की कमजोरी के पीछे विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी एक बड़ा कारण बताई जा रही है। इस महीने अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से करीब 6.1 अरब डॉलर निकाल चुके हैं।

    अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक, पिछले दो महीनों में भारतीय बाजार में आया करीब 90% विदेशी निवेश अब वापस निकल चुका है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है और विदेशी मुद्रा बाजार में इसकी कमजोरी दिखाई दे रही है।

    FCNR(B) से आया पैसा, लेकिन तुरंत नहीं मिला फायदा

    रुपये को सहारा देने के लिए FCNR(B) के जरिए भी विदेशी मुद्रा आई है, लेकिन इसका तत्काल फायदा रुपये को नहीं मिला। बनर्जी के मुताबिक, इस माध्यम से आया बड़ा हिस्सा सीधे बाजार में जाने के बजाय भारतीय रिजर्व बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार में पहुंचा है।

    ऐसे में यदि रुपये पर दबाव आगे भी बढ़ता है तो रिजर्व बैंक के बाजार में हस्तक्षेप करने की संभावना बन सकती है। इसका उद्देश्य रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना हो सकता है।

    97 के बाद 99 का स्तर अहम

    एक्सपर्ट के मुताबिक, रुपये की मौजूदा स्थिति को देखते हुए 97 का स्तर महत्वपूर्ण है। अगर रुपया इस स्तर के नीचे जाता है तो कमजोरी और बढ़ सकती है और 99 का स्तर भी देखने को मिल सकता है।

    बनर्जी का मानना है कि ऐसे स्तर पर पहुंचने के बाद बाजार में गिरावट का दबाव और ज्यादा हावी हो सकता है। रुपये की लगातार कमजोरी का असर आयात लागत और घरेलू महंगाई पर भी पड़ सकता है।

    कच्चे तेल ने बढ़ाया आयात बिल

    कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी रुपये के लिए चुनौती बनी हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है और डॉलर की मांग पर दबाव आता है।

    बनर्जी के अनुसार, केवल Brent फ्यूचर्स की कीमत ही नहीं, बल्कि स्पॉट क्रूड, फ्रेट और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी भी रुपये पर दबाव डाल रही है। डीजल और एविएशन फ्यूल की ऊंची कीमतें भी आयात लागत को प्रभावित कर रही हैं।

    RBI की नजर महंगाई पर, रेट बढ़ने की संभावना

    अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक इस बार रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि, उनका कहना है कि RBI का फैसला केवल वैश्विक सेंटिमेंट या अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति को देखकर नहीं होगा, बल्कि घरेलू महंगाई के दबाव को ध्यान में रखकर रेट हाइक की जा सकती है।

    फिलहाल रुपये की दिशा पर विदेशी पूंजी का प्रवाह, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक तनाव जैसे कारक नजर बनाए हुए हैं। यदि इन मोर्चों पर दबाव बना रहता है तो रुपये की कमजोरी आगे भी जारी रहने की संभावना पर बाजार की नजर रहेगी।

  • SpaceX का कमाल: NASA के 4 अंतरिक्ष यात्री रिकॉर्ड 8 घंटे में पहुंचे ISS, जेसिका के हाथों में थी दल की कमान

    SpaceX का कमाल: NASA के 4 अंतरिक्ष यात्री रिकॉर्ड 8 घंटे में पहुंचे ISS, जेसिका के हाथों में थी दल की कमान


    वॉशिंगटन। नासा के चार अंतरिक्ष यात्रियों ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचने में करीब आठ घंटे का समय लिया। यह किसी अमेरिकी मिशन के लिए ISS तक पहुंचने का अब तक का सबसे कम समय बताया गया है। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल से पहुंचे इस दल की कमान नासा की अंतरिक्ष यात्री जेसिका वॉटकिन्स के हाथों में है। दल में कनाडा का एक अंतरिक्ष यात्री भी शामिल है।

    स्पेसएक्स ने नासा के इस दल को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना किया था। मिशन के प्रक्षेपण में करीब तीन सप्ताह की देरी हुई थी, क्योंकि ड्रैगन कैप्सूल की ईंधन प्रणाली में रिसाव को ठीक किया जा रहा था। गुरुवार सुबह घने बादलों के कारण काउंटडाउन पर भी मौसम का असर पड़ने की आशंका थी, लेकिन बाद में आसमान साफ होने के बाद सुरक्षित प्रक्षेपण किया गया।

    छह महीने ISS में रहेंगे अंतरिक्ष यात्री

    चारों अंतरिक्ष यात्रियों का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर प्रवास करीब छह महीने का होगा। हालांकि, पृथ्वी से ISS तक पहुंचने में उन्हें केवल आठ घंटे लगे, जो किसी अमेरिकी मिशन के लिए सबसे तेज यात्रा है।

    यह स्पेसएक्स के साथ-साथ नासा समेत अमेरिकी अंतरिक्ष अभियानों के लिए भी उल्लेखनीय उपलब्धि है। अंतरिक्ष यात्रियों के प्रक्षेपण के समय अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की कक्षीय स्थिति अनुकूल होने के कारण इतनी कम अवधि में वहां पहुंचना संभव हुआ।

    जेसिका वॉटकिन्स ने रचा इतिहास

    केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से देर सुबह हुए प्रक्षेपण के साथ जेसिका वॉटकिन्स ने एक और उपलब्धि अपने नाम की। वह पृथ्वी की कक्षा में किसी अंतरिक्ष दल का नेतृत्व करने वाली पहली अश्वेत महिला बन गईं।

    भूविज्ञानी जेसिका वॉटकिन्स करीब एक दशक पहले नासा के मंगल मिशन क्यूरियोसिटी रोवर के साथ भी काम कर चुकी हैं। वर्ष 2022 में लंबे अंतरिक्ष प्रवास के बाद वह दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंची हैं। प्रक्षेपण के बाद वॉटकिन्स ने रेडियो संदेश में कहा, “इस शानदार सफर के लिए धन्यवाद।”

    तीन सदस्य पहली बार अंतरिक्ष में

    मिशन के बाकी तीन सदस्य पहली बार अंतरिक्ष यात्रा कर रहे हैं। इनमें नासा के ल्यूक डेलानी शामिल हैं, जो पहले अमेरिकी मरीन में सेवा दे चुके हैं। कनाडा के जोशुआ कुट्रिक रॉयल कैनेडियन एयर फोर्स में कर्नल हैं, जबकि रूस के सर्गेई टेटेर्यातनिकोव पहले पनडुब्बी में सेवा दे चुके हैं।

    यह दल उन चार अंतरिक्ष यात्रियों की जगह लेगा, जो फरवरी से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहकर वैज्ञानिक और अन्य प्रयोग कर रहे हैं।

    स्पेसएक्स का नासा के लिए 13वां क्रू मिशन

    यह नासा के लिए स्पेसएक्स की ओर से भेजा गया 13वां चालक दल मिशन है। हालांकि, वर्ष 2020 की परीक्षण उड़ान को इस संख्या में शामिल नहीं किया गया है। चारों अंतरिक्ष यात्रियों के इस दल को ‘क्रू-13’ नाम दिया गया है।

    स्पेसएक्स और नासा की साझेदारी के तहत नियमित रूप से अंतरिक्ष यात्रियों को ISS तक पहुंचाया जा रहा है। इस मिशन में कम समय में स्टेशन तक पहुंचना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

    अंतरिक्ष में रहते पिता बनने वाले चौथे कनाडाई पुरुष

    कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जोशुआ कुट्रिक के लिए यह मिशन व्यक्तिगत तौर पर भी खास है। वह पृथ्वी की कक्षा में रहते हुए पिता बनने वाले चौथे पुरुष अंतरिक्ष यात्री होंगे।

    कुट्रिक की पत्नी हीदर नवंबर के अंत में अपने तीसरे बच्चे को जन्म देने वाली हैं। कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा है कि बच्चे के जन्म के समय पूरे परिवार को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

    इस तरह ‘क्रू-13’ का मिशन वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के साथ एक खास व्यक्तिगत घटना का भी गवाह बनने जा रहा है। छह महीने के प्रवास के दौरान दल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर विभिन्न प्रयोगों और गतिविधियों में हिस्सा लेगा।

  • MP में 10 अक्टूबर तक मानसून की विदाई, 3 दिन तेज धूप, फिर पूर्वी हिस्से में बारिश के आसार

    MP में 10 अक्टूबर तक मानसून की विदाई, 3 दिन तेज धूप, फिर पूर्वी हिस्से में बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 10 अक्टूबर तक पूरी होने की संभावना है। इससे पहले अगले तीन दिन प्रदेशभर में तेज धूप रहेगी, जबकि 5 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से के पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, अक्टूबर में दिन के तापमान में बढ़ोतरी के साथ रात में ठंडक का दौर रहेगा।

    मध्य प्रदेश में मानसून का आधिकारिक पीरियड 30 सितंबर को खत्म हो चुका है, लेकिन अभी तक किसी भी जिले से मानसून की विदाई नहीं हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की वापसी रेखा फिलहाल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है। मध्य प्रदेश में यह ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है।

    ग्वालियर-चंबल और उज्जैन से होगी शुरुआत

    मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, मानसून की वापसी मध्य प्रदेश में सबसे पहले ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग से शुरू हो सकती है। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से मानसून विदा होगा।

    मानसून की वापसी की शुरुआत शुक्रवार-शनिवार से होने की संभावना है और पूरी प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक पूरी हो सकती है। यानी प्रदेश में मानसून की विदाई का दौर अगले कुछ दिनों में शुरू होने वाला है।

    अक्टूबर में दिन गर्म, रात में ठंडक

    अक्टूबर मध्य प्रदेश में मौसम के बदलाव का महीना माना जाता है। इस दौरान मानसून की विदाई के साथ आसमान धीरे-धीरे साफ होने लगता है। इसका असर तापमान पर भी दिखाई देता है। दिन में धूप तेज होने से गर्मी का अहसास बढ़ता है, जबकि रात में तापमान गिरने से ठंडक महसूस होने लगती है।

    मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भी अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। अक्टूबर के पहले दिन ही प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा रहेगा दिन का तापमान

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है।

    5 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में हल्की बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने और धूप खिलने की संभावना है।

    इस बार 35.8 इंच बारिश रिकॉर्ड

    मध्य प्रदेश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच की तुलना में करीब 1.5 इंच कम है। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

    क्षेत्रवार आंकड़ों में पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में बारिश कम

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक रही है। हालांकि, इसी क्षेत्र के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे भी रहा।

    बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी MP में 9 से 51% तक कम बारिश

    पश्चिमी हिस्से के कई जिले इस बार बारिश की कमी से प्रभावित रहे। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। इसके बावजूद प्रदेश के कई जिलों में बारिश का कोटा पूरा हुआ है।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है।

    अब मानसून की वापसी के साथ प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। अगले कुछ दिनों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी और रात में ठंडक का असर बढ़ सकता है, जबकि पूर्वी हिस्से में कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिलेगी।

  • आज का राशिफल 2 अक्टूबर, बदलेंगे ग्रहों के तेवर, चमक सकती है इन राशियों की किस्मत

    आज का राशिफल 2 अक्टूबर, बदलेंगे ग्रहों के तेवर, चमक सकती है इन राशियों की किस्मत


    नई दिल्ली। 2 अक्टूबर 2026 का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीद और महत्वपूर्ण अवसर लेकर आ सकता है। ग्रहों की स्थिति का असर नौकरी कारोबार धन परिवार और प्रेम संबंधों पर देखने को मिल सकता है। कुछ राशि वालों को लंबे समय से अटके काम पूरे होने की खुशी मिल सकती है तो कुछ लोगों को आज अपने खर्च और फैसलों पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में मेहनत करने वालों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। परिवार के सहयोग से कई परेशानियां आसान हो सकती हैं। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रह सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है जिसे आप सफलतापूर्वक पूरा करने का प्रयास करेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। परिवार में किसी सदस्य की उपलब्धि से खुशी मिल सकती है। किसी पुराने मित्र से बातचीत मन को अच्छा महसूस करा सकती है।

    वृषभ राशि के जातकों को आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी। अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा। नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है लेकिन आपकी मेहनत की सराहना भी हो सकती है। कारोबार करने वालों को किसी नए अवसर की जानकारी मिल सकती है। परिवार में शांति बनाए रखने के लिए छोटी बातों को नजरअंदाज करना बेहतर होगा।

    मिथुन राशि के लिए आज का दिन संपर्क और संवाद के लिहाज से अच्छा रह सकता है। आपकी किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। कार्यक्षेत्र में कोई नई योजना शुरू करने का मौका मिल सकता है। कारोबार में लाभ के संकेत हैं। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी लेकिन किसी भी बात को लेकर गलतफहमी पैदा न होने दें।

    कर्क राशि वालों के लिए परिवार का सहयोग आज महत्वपूर्ण रहेगा। घर में किसी शुभ समाचार से वातावरण खुशनुमा हो सकता है। नौकरी में पुराने काम पूरे होने से राहत मिलेगी। धन संबंधी मामलों में स्थिति सामान्य रह सकती है। किसी करीबी की सलाह भविष्य से जुड़े निर्णय में उपयोगी साबित हो सकती है।

    सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता सामने आएगी और कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबारियों को अच्छा अवसर मिल सकता है। हालांकि अपनी योजनाओं को हर व्यक्ति के साथ साझा करने से बचें। परिवार में किसी सदस्य के साथ मतभेद हो तो बातचीत से समाधान निकालें।

    कन्या राशि वालों के लिए आज मेहनत और अनुशासन का दिन रहेगा। कार्यों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए बनाई गई योजना पर काम शुरू कर सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। अपनी दिनचर्या को संतुलित रखना आपके लिए लाभकारी रहेगा।

    तुला राशि के लिए आज का दिन संतुलन और समझदारी से आगे बढ़ने का है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में पुराने संपर्क से लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में रिश्ते मजबूत होंगे। किसी बड़े खर्च से पहले अपनी आर्थिक स्थिति जरूर जांच लें।

    वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी राय को महत्व मिल सकता है। किसी पुराने विवाद को बातचीत से समाप्त करने का मौका मिलेगा। धन संबंधी मामलों में जल्दबाजी से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक राहत मिलेगी।

    धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। लंबे समय से रुका कोई काम आगे बढ़ सकता है। यात्रा से जुड़ी योजना बन सकती है। नौकरी में नई संभावना सामने आ सकती है। कारोबार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण फैसले में अनुभवी व्यक्ति की सलाह उपयोगी रहेगी।

    मकर राशि वालों के लिए जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। मेहनत अधिक करनी पड़ेगी लेकिन उसका परिणाम भी मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में सोच समझकर कदम उठाएं। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। अपने लक्ष्य को लेकर धैर्य बनाए रखें।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए आज नए विचार और अवसर लेकर आ सकता है। आपकी रचनात्मक सोच कार्यक्षेत्र में पहचान दिला सकती है। धन लाभ का कोई अवसर मिल सकता है। पुराने मित्र या परिचित से मुलाकात हो सकती है। रिश्तों में खुलकर बातचीत करना फायदेमंद रहेगा।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन भावनात्मक रूप से खास रह सकता है। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा और पुरानी परेशानी से राहत मिलने के संकेत हैं। नौकरी और कारोबार में परिस्थितियां धीरे धीरे बेहतर हो सकती हैं। आर्थिक फैसले लेते समय जल्दबाजी न करें। आज सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना आपके लिए लाभकारी रहेगा।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के जीवन में अलग अलग प्रकार के संकेत दे सकती है। इसलिए आज के दिन अपने कर्म और प्रयासों पर ध्यान देना सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। यह राशिफल पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है।

  • हाई-प्रोटीन चीला नाश्ते में करें शामिल, पनीर, सोया और दाल से बने ये विकल्प लंबे समय तक पेट भरा रखने में मददगार

    हाई-प्रोटीन चीला नाश्ते में करें शामिल, पनीर, सोया और दाल से बने ये विकल्प लंबे समय तक पेट भरा रखने में मददगार

    नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2026। सुबह के नाश्ते में ऐसा भोजन लेना बेहतर विकल्प हो सकता है जो स्वादिष्ट होने के साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करे। प्रोटीन से भरपूर चीला इस लिहाज से एक आसान विकल्प हो सकता है। दाल, बेसन, पनीर और सोया जैसी सामग्री से तैयार किए जाने वाले चीले कम तेल में बनाए जा सकते हैं। नाश्ते में प्रोटीन शामिल करने से लंबे समय तक पेट भरा महसूस हो सकता है और बार-बार कुछ खाने की इच्छा कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वजन कम करने या वजन मैनेज करने के लिए केवल एक भोजन पर निर्भर रहने के बजाय पूरे दिन की डाइट, कैलोरी और शारीरिक गतिविधि भी महत्वपूर्ण होती है।

    पनीर और सोया से तैयार किया जाने वाला चीला नाश्ते में प्रोटीन बढ़ाने का एक विकल्प है। इसे बनाने के लिए सोया चंक्स को उबालकर पीस लें और उसमें पनीर, बेसन, प्याज, शिमला मिर्च और पसंद के मसाले मिलाएं। तैयार मिश्रण को तवे पर छोटे चीले के रूप में डालकर सेंक सकते हैं। पनीर और सोया के मिश्रण से तैयार यह चीला स्वाद के साथ नाश्ते को अधिक भरपेट बनाने का विकल्प हो सकता है। इसे तैयार करते समय तेल की मात्रा को जरूरत के अनुसार सीमित रखा जा सकता है।

    पनीर वाला मूंग दाल चीला भी नाश्ते में शामिल किया जा सकता है। इसके लिए मूंग दाल का चीला तैयार करने के बाद उसमें पनीर की स्टफिंग की जा सकती है। पनीर को कद्दूकस करके उसमें प्याज, टमाटर, धनिया और हल्के मसाले मिलाएं। इसके बाद तैयार मिश्रण को चीले के अंदर भरकर कुछ देर तवे पर सेंक लें। मूंग दाल और पनीर का यह संयोजन नाश्ते में प्रोटीन बढ़ाने का आसान तरीका हो सकता है। वहीं, बेसन से बनने वाला चीला भी सुबह के समय जल्दी तैयार किया जा सकता है। बेसन में प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया और पसंद के मसाले मिलाकर बैटर तैयार करें और इसे तवे पर सेंक लें। इसे दही के साथ लिया जा सकता है।

    मिक्स दाल चीला भी नाश्ते का एक विकल्प है। इसमें केवल एक दाल का इस्तेमाल करने के बजाय मूंग, मसूर या दूसरी दालों को मिलाकर बैटर तैयार किया जा सकता है। इस बैटर में बारीक कटी गाजर, पालक, शिमला मिर्च और प्याज जैसी सब्जियां मिलाई जा सकती हैं। इससे चीले में सब्जियों की मात्रा बढ़ाने के साथ स्वाद में भी बदलाव किया जा सकता है। इस तरह अलग-अलग दालों और सब्जियों को मिलाकर नाश्ते में विविधता लाई जा सकती है। अपनी पसंद के अनुसार इसमें हल्के मसाले भी शामिल किए जा सकते हैं।

    चीला बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। अगर लक्ष्य वजन मैनेज करना है तो इसे बहुत ज्यादा तेल या घी में पकाने से बचना चाहिए। बैटर में सब्जियां शामिल की जा सकती हैं और चीले के साथ दही या हरी चटनी ली जा सकती है। केवल चीला खाने के बजाय पूरे दिन की डाइट में प्रोटीन, फाइबर, सब्जियों और अन्य जरूरी पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। इस तरह पनीर, सोया, दाल और बेसन से बने अलग-अलग चीले नाश्ते में स्वाद और प्रोटीन दोनों शामिल करने का आसान विकल्प हो सकते हैं।